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कर्नाटक हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न मामले में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी

बेंगलूरू कर्नाटक हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न मामले में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने उनको राहत देते हुए कहा कि वह राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री हैं। वह कोई आदतन अपराधी नहीं है, जो देश छोड़कर भाग जाएगा। वह टॉम, डिक या हैरी नहीं हैं। कोर्ट ने येदियुरप्पा को निर्देश दिया है कि वह सीआईडी के सामने 17 जून को पेश हो जाएं। दरअसल, सीआईडी की टीम मामले में येदियुरप्पा से पूछताछ करना चाहती थी। उन्होंने सीआईडी के समन का जवाब देते हुए कहा कि वह इस समय दिल्ली में हैं, इसलिए उनको समय दिया जाए। सीआईडी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट जाकर येदियुरप्पा के खिलाफ गैर जमानती वारंट की मांग की। बेंगलुरु की एक कोर्ट ने उनकी मांग को स्वीकार करते हुए वारंट जारी कर दिया था। येदियुरप्पा ने चुप रहने को कहा था- पीड़िता की मां नाबालिग लड़की की मां ने एफआईआर में शिकायत की कि येदियुरप्पा की तरफ से कथित तौर उससे चुप रहने को कहा गया था। उसने लड़की के आरोपों पर जब येदियुरप्पा से पूछा तो उन्होंने कहा कि वह लड़की के आरोपों की जांच कर रहे थे कि सच में रेप हुआ है या नहीं। उन्होंने अपनी हरकत की बाद में माफी मांग ली थी। उन्होंने किसी को भी कुछ भी ना बताने को कहा था। यह है मामला येदियुरप्पा के खिलाफ 17 वर्षीय नाबालिग की लड़की ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। उसकी शिकायत पर उनके खिलाफ पोस्को एक्ट का मामला दर्ज हुआ है। लड़की की मां के अनुसार 2 फरवरी 2024 को वह येदियुरप्पा के डॉलर्स कॉलोनी स्थित उनके घर पर बेटी के साथ गई थी। इस दौरान उन्होंने बेटी के साथ छेड़छाड़ की थी। येदियुरप्पा के ऑफिस ने इस दौरान नाबालिग लड़की की मां के खिलाफ दस्तावेज जारी किए, जिसमें उसने अलग-अलग लोगों पर 53 केस किए हैं।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में महिलाओं को मिलेगा 50 प्रतिशत आरक्षण

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण एवं उनके सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने संकल्प-पत्र में किए गए एक और महत्वपूर्ण वादे को पूरा किया है। शर्मा ने तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में महिलाओं के लिए आरक्षण की सीमा 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने के लिए राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। मुख्यमंत्री के इस संवेदनशील निर्णय से राज्य में महिलाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे और वे आत्मनिर्भर होकर और सशक्त बन सकेंगी।

संघ नेताओं के आ रहे बयानों के बीच संघ की समन्वय समिति की केरल में अगस्त-सितंबर में होगी बैठक

नई दिल्ली लोकसभा चुनाव के नतीजों को लेकर संघ नेताओं के आ रहे बयानों के बीच संघ की समन्वय समिति की बैठक को लेकर बड़ी खबर आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की एक बड़ी बैठक केरल में होने जा रही है। बताया जा रहा है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भाजपा राष्ट्रीय संगठन महासचिव बैठक में शामिल होकर लोकसभा चुनाव को लेकर पार्टी के पक्ष को रख सकते हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय समन्वय समिति की बैठक केरल में अगस्त-सितंबर में होने जा रही है। आरएसएस की महत्वपूर्ण बैठक केरल में 31 अगस्त को शुरू होगी और इसका समापन 2 सितंबर को होगा। संघ की तीन दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक में आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत और संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले सहित संघ से जुड़े 36 के लगभग विभिन्न संगठनों के मुखिया एवं संगठन महासचिव सहित संघ के अन्य महत्वपूर्ण नेता शामिल होंगे। संघ से जुड़े विभिन्न संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्ष या राष्ट्रीय संगठन महासचिव बैठक में शामिल होकर अपने-अपने संगठन के कामकाज और उपलब्धियों की जानकारी देंगे। संघ की इस बैठक के दौरान जो भी उस समय भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय संगठन महासचिव होंगे, वो बैठक में शामिल होकर भाजपा के कामकाज और उपलब्धियों की जानकारी देंगे। यह भी तय माना जा रहा है कि भाजपा लोकसभा चुनाव में अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाने के कारणों की जानकारी भी बैठक में देगी। बैठक में वर्तमान राष्ट्रीय और सामाजिक परिदृश्य के साथ ही संघ के कामकाज और संघ से जुड़े विभिन्न संगठनों के बीच समन्वय को और ज्यादा मजबूत करने के तौर-तरीकों पर भी चर्चा हो सकती है। भविष्य की रणनीति, संगठन के विस्तार और संघ के कामकाज को लेकर भी बैठक में चर्चा हो सकती है। संघ नेताओं की लगातार बयानबाजी और भाजपा के साथ आरएसएस के रिश्तों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच संघ की आगामी बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

‘कल्याणकारी गतिविधियां’ करने के लिए गुरमीत राम रहीम ने मांंगी 21 दिन की फरलो

चंडीगढ़ विवादास्पद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने जेल से बाहर ‘कल्याणकारी गतिविधियां’ करने के लिए शुक्रवार को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से 21 दिन की फरलो मांगी है। उसने दलील दी है कि संस्था के धार्मिक प्रमुख होने के नाते हर दो साल में एक बार जून में सेवादार श्रद्धांजलि भंडारा का आयोजन किया जाता है, ताकि उन नियमित स्वयंसेवकों को श्रद्धांजलि दी जा सके, जिन्होंने अपना जीवन सामाजिक कार्यों को दिया है, और दुर्घटनाओं या गंभीर बीमारियों में अपनी जान गंवा दी है। राम रहीम ने दलील दी, डेरा सच्चा सौदा द्वारा बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, नशा मुक्ति और गरीब लड़कियों की शादी आदि जैसे कई कल्याणकारी कार्य किए जाने हैं, जिसके लिए आवेदक द्वारा प्रेरणा अभियान चलाने की आवश्यकता है। उन्होंने हरियाणा गुड कंडक्ट प्रिजनर (टेम्पररी रिलीज) एक्ट 2022 के तहत कानून के अनुसार फरलो के लिए आवेदन पर विचार करने और निर्णय लेने के कहा है। 29 फरवरी को हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह अदालत की अनुमति के बिना डेरा प्रमुख की पैरोल की अर्जी पर विचार न करे। अदालत का यह निर्देश शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) द्वारा दायर एक याचिका के बाद आया, जिसमें बलात्कार और हत्या के मामलों में दोषी होने के बावजूद हरियाणा सरकार द्वारा राम रहीम को बार-बार पैरोल या फरलो पर रिहा करने पर आपत्ति जताई गई थी।

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से पीएम मोदी ने की मुलाकात, दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को किया ‘नमस्ते’

Why do you get addicted to alcohol, this thing makes you a drunkard

अपुलिया इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी (Giorgia Meloni) ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने एक दूसरे को ‘नमस्ते’ भी किया। मालूम हो कि जॉर्जिया मेलोनी के निमंत्रण पर पीएम मोदी इटली गए हैं। भारत को आउटरीच देश के रूप में जी7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया गया है। तीसरी बार लगातार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद पीएम मोदी की यह पहली विदेश यात्रा है। वैश्विक नेताओं से मिल रहे पीएम मोदी मालूम हो कि इटली के अपुलिया में 50वें जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी लगातार वैश्विक नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। इससे पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने इस दौरान रक्षा, परमाणु, अंतरिक्ष, शिक्षा सहित कई प्रमुख वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। ऋषि सुनक से भी हुई बातचीत इसके अलावा पीएम मोदी ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक से भी मुलाकात की। उन्होंने एनडीए सरकार के तीसरे कार्यकाल में भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश सेमीकंडक्टर, प्रौद्योगिकी और व्यापार जैसे क्षेत्रों में संबंधों को और मजबूत कर सकते हैं। वहीं, पीएम मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelenskyy) से भी मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने यूक्रेनी राष्ट्रपति के साथ हुई बैठक को सकारात्मक बताया और कहा कि भारत यूक्रेन के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए उत्सुक है। वहीं, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि दोनों शीर्ष नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और यूक्रेन की स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

सुनक से पीएम मोदी की हुई मुलाकात, दोनों नेताओं ने भारत-ब्रिटेन के बीच रणनीतिक साझेदारी होगी और मजबूत

इटली इटली के अपुलिया में जी-7 शिखर सम्मेलन से अलग पीएम नरेंद्र मोदी और ऋषि सुनक ने द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने भारत-ब्रिटेन के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। साथ ही सेमीकंडक्टर, प्रौद्योगिकी और व्यापार जैसे क्षेत्रों में भारत और ब्रिटेन के संबंधों को और बढ़ाने और रक्षा क्षेत्र में भी साझेदारी को मजबूत करने पर दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई। पीएम मोदी ने बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, इटली में ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक से मिलकर खुशी हुई। मैंने एनडीए सरकार के तीसरे कार्यकाल में भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। व्यापार एवं आर्थिक सहयोग, उच्च प्रौद्योगिकी क्षेत्रों तथा लोगों के बीच संपर्क गहरा करने की काफी गुंजाइश है। इसके साथ ही दोनों देशों के रक्षा संबंधों को भी मजबूत करने के बारे में बात की। पीएमओ ने कहा कि दोनों नेताओं ने रक्षा क्षेत्र में औद्योगिक सहयोग बढ़ाने, व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा देने और कई अन्य मुद्दों पर भी बात की। दोनों नेताओं ने 2030 के रोडमैप के कार्यान्वयन और जारी एफटीए वार्ता में हुई प्रगति पर भी चर्चा की और नियमित उच्च स्तरीय राजनीतिक परामर्श, रक्षा और सुरक्षा, व्यापार और आर्थिक सहयोग, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी क्षेत्रों सहित व्यापक रणनीतिक साझेदारी के सभी क्षेत्रों में प्रगति पर खुशी व्यक्त की। दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते की बातचीत में हुई प्रगति पर भी दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने संतोष व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने आपसी हित के क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मामलों पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिटेन के लोगों को भी शुभकामनाएं दी क्योंकि वे अगले महीने आम चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। एक संक्षिप्त बयान में, यूके पीएम ऑफिस की तरफ से कहा गया कि सुनक ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक चुनाव में तीसरा कार्यकाल हासिल करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी। सुनक के कार्यालय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें खुशी है कि भारत इस सप्ताह के अंत में यूक्रेन शांति शिखर सम्मेलन में उच्च स्तरीय प्रतिनिधियों को भेजेगा। यूके के पीएम ने पिछले हफ्ते पीएम मोदी को फोन किया था, उन्हें उनकी चुनावी जीत पर बधाई दी थी और तीसरे कार्यकाल के लिए उनकी सफलता की कामना की थी। सुनक ने फोन कॉल के बाद एक्स पर लिखा था, ब्रिटेन और भारत के बीच सबसे गहरी दोस्ती है और यह दोस्ती आगे भी बढ़ती रहेगी। अपनी बातचीत के दौरान, दोनों नेताओं ने भारत-ब्रिटेन संबंधों की ताकत पर भी विचार किया और इस बात पर सहमति व्यक्त की कि यह भविष्य में भी बढ़ता रहेगा। पिछले महीने, सुनक ने ‘आर्थिक महाशक्ति’ के रूप में भारत के उभरने की सराहना करते हुए कहा था कि भारत, इंडोनेशिया और नाइजीरिया जैसी नई और तेजी से बढ़ती आर्थिक महाशक्तियां वैश्विक अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण रूप से नया आकार दे रही हैं। सुनक और पीएम मोदी की पिछली मुलाकात गत वर्ष सितंबर में नई दिल्ली में जी-20 शिखर सम्मेलन में हुई थी।

गौतम अदाणी ने कहा- तंजानिया के साथ बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में करेंगे दीर्घकालिक समझौता

Hemant Soren will again become the Chief Minister of Jharkhand

नई दिल्ली अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने शुक्रवार को कहा कि अदाणी समूह अफ्रीका के सबसे महत्वपूर्ण देशों में से एक तंजानिया के साथ बंदरगाहों, नवीकरणीय ऊर्जा और हवाई अड्डों सहित अन्य उद्योगों में दीर्घकालिक समझौता करने को उत्सुक है। गौतम अदाणी ने तंजानिया की राष्ट्रपति सामिया सुलुहू हसन से मुलाकात की और कहा कि अफ्रीका के भविष्य के बारे में उनसे सुनना रोमांचक था। अदाणी समूह के चेयरमैन ने एक्स पर पोस्ट किया, “संयुक्त गणराज्य तंजानिया की करिश्माई राष्ट्रपति महामहिम सामिया सुलुहू से मिलना सम्मान की बात थी। उन्होंने कहा कि अफ्रीका के भविष्य के बारे में उनकी गहरी अंतर्दृष्टि सुनना और अफ्रीका के सबसे आशाजनक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देशों में से एक के साथ दीर्घकालिक समझौतेे की संभावनाओं पर चर्चा करना रोमांचक था। गौतम अदाणी ने आगे कहा कि वे अदाणी समूह द्वारा विभिन्न बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में अपनी विशेषज्ञता का लाभ उठाने के बारे में उत्साहित हैं, इसमें बंदरगाह, नवीकरणीय ऊर्जा, हवाई अड्डे, ट्रांसमिशन, वितरण और रेल शामिल हैं, ताकि तंजानिया में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचेे के निर्माण में मदद मिल सके। पिछले महीने, अदाणी इंटरनेशनल पोर्ट्स होल्डिंग्स ने पूर्वी अफ्रीकी देश में दार एस सलाम बंदरगाह पर कंटेनर टर्मिनल 2 (सीटी2) के संचालन व देखरेख के लिए तंजानिया पोर्ट्स अथॉरिटी के साथ 30 साल का समझौता किया। अदाणी इंटरनेशनल पोर्ट्स होल्डिंग्स अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। एपीएसईजेड के प्रबंध निदेशक करण अदाणी ने कहा कि अदाणी समूह ने तंजानिया पोर्ट्स अथॉरिटी के साथ 30 साल का समझौता किया है, ताकि पूर्वी अफ्रीकी देश में दार एस सलाम बंदरगाह पर कंटेनर टर्मिनल 2 (सीटी2) का संचालन और प्रबंधन किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह कदम एपीएसईजेड की 2030 तक वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े बंदरगाह संचालकों में से एक बनने की महत्वाकांक्षा के अनुरूप है। दार एस सलाम बंदरगाह एक प्रवेश द्वार बंदरगाह है, जो सड़क और रेलवे के नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।

अल्मोड़ा: जंगल की आग में जलने से चार वन कर्मियों की मौत पर प्रियंका गांधी ने जताया दुख, राज्य सरकारों से की अपील

First crime registered in Sarni police station under Indian Judicial Code against SDO Forest Vijay Maurya

उत्तराखंड कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के वनक्षेत्र में लगी आग की चपेट में आने से चार वनकर्मियों की मौत पर दुख जताते हुए शुक्रवार को कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को आग लगने की घटनाओं के रोकने के उपाय करने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हिमालय को बचाने के लिए सबके सहयोग से व्यापक स्तर पर कारगर प्रयास किए जाने की भी जरूरत है। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में सिविल सोयम वन प्रभाग के तहत बिनसर वन्यजीव विहार में आग की चपेट में आने से चार वनकर्मियों की मृत्यु हो गयी और चार अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘अल्मोड़ा (उत्तराखंड) में जंगल की आग बुझाने गए चार कर्मचारियों की मृत्यु और कई अन्य के घायल होने का समाचार अत्यंत दुखद है। सभी के लिए ईश्वर से प्रार्थना करती हूं। मैं पीड़ित परिवारों को मुआवजा और हर संभव स्तर पर सहायता का आग्रह राज्य सरकार से करती हूं।” उन्होंने कहा, ‘‘पिछले कई महीने से उत्तराखंड के जंगल लगातार जल रहे हैं। सैकड़ों हेक्टेयर जंगल तबाह हो चुके हैं। हिमाचल प्रदेश में भी जंगलों में जगह-जगह आग लगने की सूचनाएं हैं। एक अध्ययन के मुताबिक, हिमालय क्षेत्र के जंगलों में आग लगने की घटनाओं में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। जलवायु परिवर्तन का सबसे अधिक असर हमारे हिमालय और पर्वतीय पर्यावरण पर हुआ है।” प्रियंका गांधी ने कहा, ‘‘मेरी केंद्र और राज्य सरकारों से अपील है कि आग लगने की घटनाओं के रोकने के उपाय हों और हिमालय को बचाने के लिए सबके सहयोग से व्यापक स्तर पर कारगर प्रयास किए जाएं।”  

कांग्रेस ने कहा- NEET घोटाला दूसरा व्यापम, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस पर मूकदर्शक बने नहीं रह सकते

नई दिल्ली कांग्रेस ने चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश से जुड़ी परीक्षा ‘नीट-स्नातक’ में कथित धांधली को लेकर शुक्रवार को इसे ‘व्यापम 2.0′ करार दिया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस पर मूकदर्शक बने नहीं रह सकते। मुख्य विपक्षी दल ने कहा कि इस मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में फोरेंसिक जांच होनी चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक बयान में आरोप लगाया कि मोदी सरकार और शिक्षा मंत्री व एनटीए ने नीट घोटाले की लीपापोती चालू कर दी है। पेपर लीक नहीं हुआ तो गिरफ़्तारियां क्यों हुई? उन्होंने सवाल किया, ‘‘अगर नीट में पेपर लीक नहीं हुआ तो बिहार में 13 आरोपियों को पेपर लीक के चलते गिरफ़्तार क्यों किया गया? क्या रैकेट में शामिल शिक्षा माफिया व संगठित गिरोह को पेपर के बदले 30-50 लाख रुपये तक के भुगतान का पटना पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने पर्दाफ़ाश नहीं किया? गुजरात के गोधरा में नीट-स्नातक में धोखाधड़ी करने वाले रैकेट का भंडाफोड़ नहीं हुआ है? ” उन्होंने यह सवाल भी किया, ‘‘अगर मोदी सरकार के मुताबिक़ नीट में कोई पेपर लीक नहीं हुआ तो ये गिरफ़्तारियां क्यों हुई? इससे क्या निष्कर्ष निकला? क्या मोदी सरकार देश की जनता की आंखों में पहले धूल झोंक रही थी या अब?” सरकार ने 24 लाख युवाओं के अरमानों का गला घोंटा खरगे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने 24 लाख युवाओं के अरमानों का गला घोंटा है। उन्होंने दावा किया, ‘‘इन एक लाख सीटों (एमबीबीएस की) में से क़रीब 55,000 सरकारी कॉलेजों की सीट हैं जहां एससी, एसटी, ओबीसी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों के लिए सीटें आरक्षित होती हैं। मोदी सरकार ने एनटीए का दुरुपयोग कर स्कोर और रैंक की ज़ोरदार धांधली की है जिससे आरक्षित सीटों का कटऑफ भी बढ़ गया है।” ‘नीट घोटाला’ ‘व्यापम 2.0′ है- पवन खेड़ा कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि ‘नीट घोटाला’ ‘व्यापम 2.0′ है जिस पर मोदी सरकार लीपापोती करना चाहती है। उन्होंने कहा, ‘‘मोदी सरकार को नीट घोटाले में उच्चतम न्यायालय न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र फोरेंसिक जांच का आदेश देना चाहिए।” खेड़ा ने कहा कि कुछ भी गड़बड़ नहीं होने संबंधी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बयान ‘शर्मनाक’ और छात्रों के घावों नमक छिड़कने की तरह है। उन्होंने कहा, ‘‘क्या यह सच नहीं है कि इस साल 67 टॉपर थे जिन्हें 720 पूर्णांक मिले? 2023 में यह संख्या सिर्फ दो थी। 2022 में कोई भी अभ्यर्थी पूरे अंक हासिल नहीं कर सका। 2021 में सिर्फ तीन उम्मीदवार ही यह स्कोर हासिल कर सके।” प्रधानमंत्री हमेशा की तरह चुप क्यों हैं- कांग्रेस उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी हमेशा मूकदर्शक नहीं रह सकते। जब 24 लाख युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है, तो वे चुप क्यों हैं? खेड़ा का कहना था, ‘‘अगर मोदी सरकार का दावा है कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी है, तो उसे पिछले साल और इस साल 580 से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों का पूरा परिणाम एनटीए द्वारा सार्वजनिक किया जाना चाहिए। 580 से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों के केंद्रों को भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि पता चल सके कि कितने छात्र अपने स्थान से दूर नीट परीक्षा देने आए थे।” उन्होंने कहा, ‘‘लाखों युवा छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए केवल उच्चतम न्यायालय की निगरानी में फोरेंसिक जांच ही एक समाधान है। मोदी सरकार को खुद को देश के प्रति जवाबदेह बनाना चाहिए।”  

संजय सिंह की अपील-एक बच्चे का जीवन बचाने हेतु 17 करोड़ रुपए का इंजेक्शन खरीदने में योगदान दें

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने स्पाइनल मस्कुलर अट्रोफी (एसएमए) नामक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित एक बच्चे के इलाज हेतु लोगों से 17 करोड़ रुपए का इंजेक्शन खरीदने के लिए चंदा देने की अपील की है। संजय सिंह ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि यदि एसएमए से पीड़ित 16 महीने के बच्चे को दो साल का होने तक इंजेक्शन नहीं लगाया गया तो उसका जीवन गंभीर रूप से खतरे में पड़ जाएगा।   देखभाल के लिए मां ने छोड़ दी नौकरी उन्होंने कहा, ‘‘यह इंजेक्शन बहुत महंगा है और इसकी कीमत 17.50 करोड़ रुपए है। अगर वेहांत जैन को दो साल की उम्र तक यह इंजेक्शन नहीं मिला तो उसे गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। वेहांत के पिता पेशे से इंजीनियर और मां चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, लेकिन बच्चे की देखभाल के लिए मां ने अपनी नौकरी छोड़ दी है।” आप नेता ने देश और दिल्ली के लोगों से इस बच्चे की जान बचाने की अपील की। Vehant Jain को SMA टाइप 2 की बीमारी है। अगर इस बच्चे को 2 साल की उम्र तक इंजेक्शन नहीं लगा तो बच्चे का जीवन संकट में आ सकता है। हम सब की मानवीय ज़िम्मेदारी बनती है कि बच्चे की मदद की जाए। इस बीमारी में 17 करोड़ रुपए का इंजेक्शन लगता है।   इंजेक्शन की कीमत 17.50 करोड़ रुपए उन्होंने कहा, ‘‘सौ रुपए से लेकर एक लाख रुपए तक का कोई भी चंदा स्वागत योग्य है। अपनी क्षमता के अनुसार, कृपया योगदान करें। मैं आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं, भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और अन्य संगठनों से अपील करता हूं कि वे आगे आएं। मैं इस बच्चे के लिए एक लाख रुपए का योगदान दे रहा हूं।” स्पाइनल मस्कुलर अट्रोफी एक दुर्लभ बीमारी है, जो मस्तिष्क से मांसपेशियों तक विद्युत संकेतों को ले जाने वाली तंत्रिका कोशिकाओं को नष्ट कर देती है। एसएमए से पीड़ित दो वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए एक ज़ोल्गेन्स्मा इंजेक्शन की कीमत लगभग 17.50 करोड़ रुपए है।

दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, ध्वस्त होगा प्राचीन शिव मंदिर: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को यमुना के डूब क्षेत्र के पास गीता कॉलोनी स्थित प्राचीन शिव मंदिर को गिराने के आदेश को बरकरार रखा। जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की अवकाशकालीन पीठ ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। पीठ ने कहा, ‘‘प्राचीन मंदिर के निर्माण की शुरुआत का प्रमाण कहां है? प्राचीन मंदिर पत्थरों से बनाए जाते थे, न कि सीमेंट से और उस पर रंग-रोगन भी नहीं किया जाता था।” हाईकोर्ट ने 29 मई को कहा था कि भगवान शिव को किसी के संरक्षण की आवश्यकता नहीं है और इसने यमुना नदी के किनारे अनधिकृत तरीके से बनाए गए मंदिर को हटाने से संबंधित याचिका में उन्हें (भगवान शिव को) पक्षकार बनाने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट ने गीता कॉलोनी में डूब क्षेत्र के पास स्थित प्राचीन शिव मंदिर को गिराने के आदेश को खारिज करते हुए कहा था कि अगर यमुना नदी के किनारे और डूब क्षेत्र से सभी अतिक्रमण और अनधिकृत निर्माण हटा दिए जाएं तो भगवान शिव अधिक खुश होंगे। याचिकाकर्ता ‘‘प्राचीन शिव मंदिर एवं अखाड़ा समिति” ने दावा किया था कि मंदिर आध्यात्मिक गतिविधियों का केंद्र है और यहां नियमित रूप से 300 से 400 श्रद्धालु आते हैं। याचिका में दावा किया गया था कि मंदिर की संपत्ति की पारदर्शिता, जवाबदेही और जिम्मेदार प्रबंधन को बनाए रखने के लिए 2018 में सोसाइटी का पंजीकरण किया गया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि विवादित भूमि व्यापक सार्वजनिक हित के लिए है और समिति (याचिकाकर्ता) इस पर कब्जा करने और इसका उपयोग जारी रखने के लिए किसी निहित अधिकार का दावा नहीं कर सकती है। अदालत ने कहा था कि यह जमीन शहरी विकास मंत्रालय द्वारा अनुमोदित जोन-‘ओ’ के लिए क्षेत्रीय विकास योजना के अंतर्गत आती है। हाईकोर्ट ने कहा था कि समिति भूमि पर अपने स्वामित्व, अधिकार या हित से संबंधित कोई भी दस्तावेज दिखाने में बुरी तरह विफल रही है और इस बात का कोई सबूत नहीं है कि मंदिर का कोई ऐतिहासिक महत्व है।  

नीट मामला: छात्रों को परीक्षा में फिर से बैठने या बगैर ग्रेस मा‌र्क्स के अपने मूल अंक को स्वीकार करने का विकल्प दिया गया : धर्मेंद्र प्रधान

Finance Minister presents budget amid opposition walkout, government will spend Rs 3.65 lakh crore

नई दिल्ली मेडिकल में दाखिले से जुड़ी परीक्षा नीट-यूजी में बढ़े रजिस्ट्रेशन और स्कोर पर उठ रहे सवालों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का कहना है कि यह बढ़ोत्तरी परीक्षा से जुड़े सुधारों के चलते आया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा का आयोजन 13 भारतीय भाषाओं में कराने, मेडिकल की पढ़ाई हिंदी माध्यम में भी कराने, परीक्षा के पाठ्यक्रम को छोटा रखने व राज्यों के शिक्षा बोर्ड के साथ प्रश्नों को लेकर तालमेल स्थापित करना इसकी बड़ी वजह है। प्रधान ने जल्द ही इसके आंकड़े भी जारी की बात कही। केंद्रीय मंत्री प्रधान ने कहा कि इस परीक्षा के लिए देश भर के 24 लाख बच्चों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिसमें से 23 लाख बच्चों ने परीक्षा दी। यह परीक्षा 4750 केंद्रों पर आयोजित की थी। इनमें 14 परीक्षा केंद्र देश के बाहर भी थे। इनमें से छह परीक्षा केंद्रों पर गलत पेपर बंटने से छात्रों को कम समय मिलने का मामला था, जिन्हें इस नुकसान की भरपाई के लिए कमेटी के सुझाव पर ग्रेस मा‌र्क्स दिए गए थे, लेकिन उस पर उठे सवालों के बाद ग्रेस मा‌र्क्स देने का फैसला अब वापस ले लिया गया है। कोर्ट के निर्देशों का पालन करेंगे प्रधान ने कहा कि ऐसे छात्रों को परीक्षा में फिर से बैठने या बगैर ग्रेस मा‌र्क्स के अपने मूल अंक को स्वीकार करने का विकल्प दिया गया है। ऐसे में यह विवाद अब खत्म हो गया है। दूसरा विषय एक-दो परीक्षा केंद्रों पर पेपर लीक होने का है। जिसका विषय सुप्रीम कोर्ट के सामने है। कोर्ट जो भी निर्देश देगा, वह उसका पालन करेंगे। गड़बड़ी करने वालों को बख्शेंगे नहीं प्रधान ने एक सवाल के जवाब में कहा कि वह परीक्षा को फुलप्रूफ बनाने की दिशा में काम कर रहे है। इस परीक्षा में अब तक जिस तरह की गड़बड़ी की बात सामने आयी है, वह इसकी जांच करा रहे है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्हें कतई छोड़ेंगे नहीं। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की जवाबदेही तय करने की भी बात कहीं और कहा कि चाहे गलत पेपर खुलने का मामला हो या दूसरी कोई भी गड़बडी, जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में परीक्षा केंद्रों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। कांग्रेस की ओर से नीट-यूजी मामले को संसद में उठाने के सवाल पर प्रधान ने कहा कि वह इस मामले में जिस तरह से भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे है। उसका जवाब उन्हें संसद में देंगे। प्रदर्शनकारी छात्रों से की मुलाकात नीट-यूजी में गड़बड़ी को लेकर छात्रों के देश भर में चल रहे प्रदर्शन के बीच छात्रों और अभिभावकों के एक वर्ग ने शुक्रवार को शास्त्री भवन पहुंचकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की। प्रधान ने इस दौरान इनकी बातों को ध्यान सुना। साथ ही उन्हें आश्वासन दिया कि उनके साथ किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी। इस दौरान छात्रों ने उनके सामने भी पूरी परीक्षा को फिर से कराने की मांग दोहरायी।

बकरीद से पहले अहमदिया समुदाय के तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है, अकसर उनके खिलाफ हिंसा की घटनाएं होती हैं

इस्लामाबाद पाकिस्तान में बकरीद से पहले अहमदिया समुदाय के तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। यह घटना पंजाब सूबे के चकवाल जिले की है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि इन लोगों को बकरीद के मौके पर कुर्बानी देने से रोका जा सके। पाकिस्तान में अहमदिया समुदाय के लोगों को मुसलमान नहीं माना जाता और अकसर उनके खिलाफ हिंसा की घटनाएं होती हैं। हिंदू, सिख और ईसाइयों की तरह ही उन्हें भी अकसर उत्पीड़न का शिकार होना पड़ता है। चकवाल में जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है, उन्हें तीन महीने तक नजरबंद रखा जाएगा। चकवाल के डिप्टी कमिश्नर कुरातुल आइन मलिक ने तीन लोगों को हिरासत में लेने के लिए अलग-अलग आदेश जारी किया। इन लोगों को 10 जून को अरेस्ट किया गया है। पुलिस ने इन लोगों को पकड़ा और झेलम जेल में भेज दिया गया है। ये तीनों ही लोग डुलमियाल गांव के रहने वाले हैं। इसी गांव में 2016 में अहमदिया समुदाय के लोगों पर हमला बोला गया था। इस हिंसा में 2 लोगों की मौत हो गई थी। इस हमले के चलते पूरे पंजाब सूबे में ही तनाव की स्थिति पैदा हो गई थई। अंत में अहमदिया समुदाय की एक मस्जिद को सील कर दिया गया था, जिसका निर्माण 19वीं सदी में हुआ था। स्थानीय प्रशासन ने इस मस्जिद को सील किया था और अब तक उसे लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है। डिप्टी कमिश्नर ने अपने आदेश में कहा कि हमें जिला पुलिस से रिपोर्ट मिली थी कि इन तीन लोगों के चलते कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है। ऐसे में व्यवस्था बनाए रखने के लिए इनकी हिरासत का आदेश दिया गया है। इन लोगों को इसलिए हिरासत किया गया है ताकि सांप्रदायिक हिंसा की स्थिति को टाला जा सके। गौरतलब है कि पाकिस्तान में अहमदिया समुदाय के लोग अकसर हिंसा के शिकार होते रहते हैं। दरअसल मुसलमानों के सुन्नी समुदाय को मानने वाले एक बड़े वर्ग का मानना है कि अहमदिया समुदाय के लोग मुसलमान नहीं होते और इन्हें बकरीद या फिर ईद मनाने का हक नहीं है।  

वंदे भारत को लेकर आ गई गुड न्यूज, अब जल्द ही वाराणसी-हावड़ा के बीच शुरू होगी , जाने डिटेल

Mohan government's first budget today, Deputy Chief Minister Deora will present

नई दिल्ली देश की सबसे लोकप्रिय ट्रेन वंदे भारत के हजारों लोग दीवाने हैं। वंदे भारत को लेकर लोगों की इच्छा है कि यह ट्रेन उनके भी शहर से गुजरे ताकी उन्हें भी वंदे भारत की यात्रा सुलभ हो सके। रेलवे द्वारा वंदे भारत एक्सप्रेस को अलग-अलग रूटों पर चलाने की तैयारी की जा रही है। रेलवे जल्द ही लंबी दूरी की वंदे भारत में स्लीपर क्लास की व्यवस्था करने जा रहा है, जिसके लिए तैयारियां चल रही हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो लोकप्रिय रूट वाराणसी-हावड़ा के बीच वंदे भारत को चलाने के लिए प्लान तैयार किया जा चुका है। इस रूट पर वंदे भारत ट्रेन के ऐलान की जल्द उम्मीद है। इन रूटों पर सफल है वंदे भारत वाराणसी से चलने वाली पहली वंदे भारत पहले से ही यात्रियों के बीच काफी लोकप्रिय है। 100-130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हाई-स्पीड ट्रेन नई दिल्ली से वाराणसी के बीच की दूरी तय करती है। वहीं रेल मंत्रालय के ‘मिशन रफ्तार’ के तहत बंगाल में नई सेमी-हाई स्पीड ट्रेनों को लाने का प्लान तैयार किया था। इस मिशन के तहत हावड़ा-पुरी, हावड़ा-पटना और हावड़ा-रांची रूटों को शामिल किया गया था। अब इन रूटों पर वंदे भारत ट्रेन सफलता पूर्वक चल रहीं हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो हावड़ा-वाराणसी खंड पर वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की व्यवस्था का भी अध्ययन किया जा रहा है। वंदे भारत की 160 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति से इन रूटों पर चल पाए इसके लिए विचार चल रहा है। इस रूट पर वंदे भारत चलाने को लेकर लेकर बीते साल जुलाई में रेलवे अधिकारियों ने कहा, “हमें ट्रैक के दोनों किनारों पर बाड़ लगाने के लिए राज्य सरकार के सहयोग की आवश्यकता है।” अधिकारियों ने कहा कि जब तक पूरे ट्रैक से अतिक्रमण नहीं हटाया जाता, ट्रेन 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से नहीं चल सकती। हालिया रिपोर्ट की मानें तो 2023 में वाराणसी-हावड़ा वंदे भारत ट्रेन का प्रस्ताव तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। मार्ग का सर्वेक्षण पूरा होने और रेल मंत्रालय को रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद, वाराणसी-हावड़ा वंदे भारत सेवाओं की शुरुआत की घोषणा जल्द ही होने की उम्मीद है।  

हम तत्काल युद्ध विराम को तैयार, हालांकि, उन्होंने इसके लिए यूक्रेन के सामने दो शर्तें रखी

रूस रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने करीब ढाई साल से चल रहे युक्रेन युद्ध को तत्काल प्रभाव से रोकने और युद्ध विराम का ऐलान करने का वादा किया है। हालांकि, उन्होंने इसके लिए यूक्रेन के सामने दो शर्तें रखी हैं। शुक्रवार को पुतिन ने कहा कि अगर कीव चार कब्जे वाले यूक्रेनी क्षेत्रों से अपने सैनिकों को वापस बुला ले और उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (NATO) में शामिल होने की योजना छोड़ दे तो हम यूक्रेन में तत्काल ‘युद्ध विराम’ का वादा करते हैं और यूक्रेन संग वार्ता शुरू कर देंगे। समाचार एजेंसी एसोसिएट प्रेस (AP) ने यह खबर दी है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने मॉस्को में विदेश मंत्रालय की एक बैठक को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। उनका यह बयान तब आया है, जब इटली में G-7 की अहम बैठक हो रही है। 71 वर्षीय पुतिन स्विट्जरलैंड में आयोजित उस शिखर सम्मेलन की पूर्व संध्या पर बोल रहे थे, जहां 90 से अधिक देश और संगठन यूक्रेन में शांति की दिशा में संभावित मार्ग पर चर्चा करने वाले हैं। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मेदी ने शुक्रवार को इटली के अपुलिया क्षेत्र में जी7 शिखर सम्मेलन से इतर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से बातचीत की है। ऐसा समझा जाता है कि जेलेंस्की ने मोदी को रूस-यूक्रेन संघर्ष के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी। मोदी ने पिछले साल मई में भी हिरोशिमा में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन से इतर जेलेंस्की से मुलाकात की थी। भारत यह कहता रहा है कि यूक्रेन में जारी संघर्ष को बातचीत और कूटनीति के जरिये सुलझाया जाना चाहिए। दुनिया के सात प्रमुख औद्योगिक देशों के समूह (जी7) ने शुक्रवार को दक्षिणी इतालवी क्षेत्र अपुलिया में तीन दिवसीय शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन प्रवासन के साथ ही हिंद-प्रशांत और आर्थिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा की। सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कृत्रिम मेधा (एआई), ऊर्जा, अफ्रीका और भूमध्यसागरीय क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने वाले एक सत्र को संबोधित करेंगे। तीसरे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा पर मोदी इटली पहुंचे जहां भारतीय राजदूत वाणी राव ने उनका स्वागत किया। वह जी7 की पारंपरिक “फोटो” से पहले विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।  

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