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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का दावा है कि एनडीए सरकार ज्यादा दिन नहीं चलेगी और ये कभी भी गिर सकती है

बंगलूरू कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का दावा है कि एनडीए सरकार ज्यादा दिन नहीं चलेगी और ये कभी भी गिर सकती है। खरगे ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को अपने सहयोगियों को एकजुट रखने में काफी परेशानी हो रही है। खरगे बोले-कभी भी गिर सकती है ये सरकार बंगलूरू में मीडिया से बात करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि ‘एनडीए सरकार गलती से बनी। मोदी जी के पास जनादेश नहीं है, यह अल्पमत की सरकार है। यह सरकार कभी भी गिर सकती है। उन्होंने कहा, ‘हम चाहते हैं कि यह जारी रहे, यह देश के लिए अच्छा हो, हमें देश को मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।’ उल्लेखनीय है कि 543 सदस्यों वाली लोकसभा में बहुमत का आंकड़ा 272 है, लेकिन भाजपा बहुमत के आंकड़े से काफी पीछे रही और 240 सीटों पर ही जीत दर्ज कर सकी। ऐसे में सरकार बनाने के लिए भाजपा एनडीए गठबंधन के सहयोगियों पर निर्भर है। जिनमें 16 सीटें जीतने वाली तेदेपा, 12 सीटें जीतने वाली जदयू और एकनाथ शिंदे की शिवसेना (7) और लोजपा (5) प्रमुख हैं। खरगे के बयान पर एनडीए का पलटवार खरगे के बयान पर जदयू ने पलटवार किया है और उनसे पूछा कि जब कांग्रेस ने गठबंधन की सरकार बनाई थी, तब उनके प्रधानमंत्री का स्कोर कार्ड क्या थे? बता दें कि साल 1991 के लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस ने भी इतनी ही सीटें जीतीं थी, जितनी भाजपा ने 2024 में जीती हैं। बिना किसी स्पष्ट बहुमत के कांग्रेस ने पीवी नरसिम्हा राव के नेतृत्व में अल्पमत की सरकार बनाई थी। हालांकि पीवी नरसिम्हा राव ने छोटी पार्टियों को तोड़कर अपनी अल्पमत की सरकार को दो साल में ही बहुमत की सरकार बना लिया था।  

कैंसर के खिलाफ यह सब्जियां आपको करेगी मदद

कैंसर (Cancer) एक एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है। कैंसर के कई प्रकार हैं और सभी अलग-अलग तरीके से शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं। कैंसर अचानक होने वाली बीमारी नहीं है। यह शरीर में धीरे-धीरे बढ़ने वाला रोग है। बेशक मौजूदा समय में कैंसर के लिए कई दवाएं और मेडिकल उपचार हैं लेकिन इससे बचने का सबसे बढ़िया तरीका लक्षणों को समय पर पहचान लेना और सही निदान ही है, जिससे बेहतर इलाज में मदद मिल सकती है। कैंसर से बचने के उपाय क्या हैं? शरीर में कैंसर की कोशिकाएं धीरे-धीरे बढ़ती हैं इसलिए समय रहते इन्हें खत्म करना जरूरी है। आप क्या खाते-पीते हैं, इससे तय होता है कि आपको कैंसर का कितना जोखिम हो सकता है। कैंसर से बचाव के लिए वैसे तो समय पर लक्षणों की पहचान, समय-समय जांच, एक्टिव लाइफस्टाइल और हेल्दी डाइट जरूरी है लेकिन रोजाना खाई जाने वाली कुछ सब्जियों में भी कैंसर की रोकथाम वाले गुण होते हैं। चलिए जानते हैं किन सब्जियों के सेवन से आपको कैंसर से बचने में मदद मिल सकती है। कैंसर से बचने के लिए क्या खाएं-बीन्स बीन्स में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है और कई अध्ययनों में (Ref) पाया गया है कि फाइबर से भरपूर चीजों के सेवन से कोलोरेक्टल कैंसर से बचने में मदद मिल सकती है। एक अध्ययन में यह भी बताया गया है कि सूखे बीन्स का सेवन करने से ट्यूमर बनने का जोखिम कम होता है। चूहों पर किये गए एक अध्ययन में पाया गया कि उन्हें ब्लैक बीन्स खिलाने से उनमें कैंसर कोशिकाओं के विकास को 75% तक थम गया था। गाजर में कैंसर से लड़ने की ताकत कई अध्ययनों में पाया गया है कि गाजर खाने से कि तरह के कैंसर का खतरा कम हो सकता है। एक अध्ययन में शोधकर्ताओं (Ref) ने पाया कि गाजर खाने से पेट के कैंसर का खतरा 26% तक कम हो सकता है। इतना ही नहीं, इससे प्रोस्टेट कैंसर के विकास को 18% कम हो सकता है। कैंसर से कैसे बचें-लहसुन खाएं लहसुन में एलिसिन नामक एक सक्रिय घटक होता है। यह एक ऐसा तत्व है, जिसमें कैंसर कोशिकाओं को मारने की क्षमता होती है। नियमित रूप से लहसुन के सेवन से पेट के कैंसर का जोखिम कम होता है। एक अन्य अध्ययन से पता चला है कि लहसुन खाने से प्रोस्टेट कैंसर का खतरा भी कम हो सकता है। लहसुन और गहरे रंग वाली सब्जियां कोलोरेक्टल ट्यूमर के विकास को कम कर सकती हैं। गोभी परिवार की सब्जियां गोभी परिवार की सब्जियों को क्रूसिफेरस सब्जियां काया जाता है। इनमें ब्रोकोली, फूलगोभी और केल जैसी सब्जियां आती हैं जोकि विटामिन सी, विटामिन के और मैंगनीज जैसे जरूरी पोषक तत्वों से भरी होती हैं। इन सब्जियों में सल्फोराफेन भी होता है जिससे एंटीकैंसर के रूप में जाना जाता है। यह कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है। इतना ही नहीं, इस तत्व में कैंसर के ट्यूमर को रोकने की भी क्षमता होती है। टमाटर टमाटर सिर्फ खाने का स्वाद नहीं बढ़ाता बल्कि इसमें कैंसर से लड़ने वाले गुण भी होते हैं। टमाटर में लाइकोपीन होता है जोकि एक एंटीऑक्सिडेंट फाइटोकेमिकल है, जो हार्ट डिजीज को रोकने में मदद करता है। यह विटामिन ए, सी और ई का एक बढ़िया स्रोत है, जो कैंसर का कारण बनने वाली फ्री रैडिकल का दुश्मन है। पत्तेदार सब्जियां पालक और लेट्यूस जैसी पत्तेदार हरी सब्जियां एंटीऑक्सिडेंट बीटा-कैरोटीन और ल्यूटिन का बढ़िया स्रोत हैं। यह सभी पोषक तत्व कोलार्ड ग्रीन्स, सरसों का साग और केल में भी पाए जाते हैं। अमेरिकन इंस्टीट्यूट फॉर कैंसर रिसर्च के अनुसार, कुछ लैब स्टडी में पाया गया है कि इन तत्वों में कैंसर से लड़ने और कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकने की क्षमता होती है। mdanderson.org की एक रिपोर्ट के अनुसार (Ref), ब्रुसेल्स स्प्राउट्स और हरी मटर में भी एंटी कैंसर गुण होते हैं।

तीन नए कानूनों को लेकर जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से कानून मंत्रालय देश भर में सम्मेलन का आयोजित कर रहा

नई दिल्ली तीन नए कानूनों को लेकर जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से कानून मंत्रालय देश भर में सम्मेलन का आयोजित कर रहा है। ‘आपराधिक न्याय प्रणाली के प्रशासन में भारत के प्रगतिशील पथ’ की श्रृंखला में कानून एवं न्याय मंत्रालय का तीसरा सम्मेलन रविवार को कोलकाता में आयोजित किया जाएगा। कानून एवं न्याय मंत्रालय के मुताबिक 25 दिसंबर, 2023 को राष्ट्रपति द्वारा भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय सुरक्षा अधिनियम, 2023 को मंजूरी दी गई थी। इसकी अधिसूचना भी जारी हो गई है। ये नए आपराधिक कानून 1 जुलाई, 2024 से प्रभावी होंगे। ऐसे में इन तीनों कानूनों के बारे में स्पष्टता और जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से नई दिल्ली और गुवाहाटी में दो प्रमुख सम्मेलन आयोजित किए जा चुके हैं। इसी क्रम में तीसरा सम्मेलन कोलकाता के आईटीसी रॉयल बंगाल, हाल्डेन एवेन्यू में आयोजित किया जा रहा है। कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति टी.एस. शिवगणनम उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि होंगे। सम्मेलन को भारत सरकार के कानून एवं न्याय मंत्रालय के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल भी संबोधित करेंगे। सम्मेलन में पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार राज्यों के न्यायाधीशों और विभिन्न उच्च न्यायालयों, जिला और निचली अदालतों के पूर्व न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं, शिक्षाविदों, पुलिस अधिकारियों जैसी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। सम्मेलन में लोक अभियोजक, जिला प्रशासन, राष्ट्रीय कानून विश्वविद्यालयों और अन्य कानून कॉलेजों के कानून के छात्र भी भाग लेंगे। सम्मेलन का उद्देश्य सार्थक बातचीत, विचार-विमर्श और प्रश्नोत्तर सत्रों के माध्यम से तीन नए आपराधिक कानूनों की मुख्य विशेषताओं को सामने लाना है। दो सत्रों में आयोजित इस सम्मेलन के पहले सत्र में भारतीय न्याय संहिता, 2023 (बीएनएस) के कार्यान्वयन का आंकलन करने के लिए तुलनात्मक दृष्टिकोण अपनाने पर केंद्रित चर्चा होगी। दूसरे तकनीकी सत्र में भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 (बीएसए) के मुख्य पहलुओं पर चर्चा की जाएगी यानी साक्ष्य, अपराध पर निर्णय लेने में आधारशिला। चर्चाएं दस्तावेज़ों और सबूत के विस्तृत दायरे पर केंद्रित होंगी, जो व्यापक परिभाषाओं की शुरूआत से सुगम होंगे।  

पुणे के बाद अब नागपुर में तेज गति से चला नाबालिग से पांच लोगों को कुचला

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नागपुर. महाराष्ट्र में ‘हिट एंड रन’ का सिलसिला जारी है। पुणे पोर्श कांड को लोग अभी भूल भी नहीं पाए कि एक और वैसा ही मामला सामने आ गया। अब नागपुर में हाई स्पीड कार की वजह से सड़क दुर्घटना का मामला आया है। नंदनवन पुलिस स्टेशन अंतर्गत वेंकटेशनगर चौक में केडीके कॉलेज के पास एक नाबालिग कार चला रहा था। अचानक काले रंग की स्कोडा नियंत्रण से बाहर हो गई। अनियंत्रित कार ने पहले सड़क किनारे खड़े कुछ दोपहिया वाहनों को टक्कर मारी और फिर फल-सब्जी विक्रेताओं और कुछ राहगीरों की भीड़ में घुस गई। बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई कार आखिरकार सड़क किनारे एक पेड़ से टकराने के बाद रुकी। सड़क पर कोहराम मचा इससे सड़क पर कोहराम मच गया। फल और सब्जी विक्रेताओं सहित पांच लोग जख्मी हो गए। दो की हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं कई वाहन बर्बाद हो गए। गुस्साई भीड़ ने नाबालिक को कार से बाहर खींच कर सड़क पर गिरा लिया। बेकाबू भीड़ ने बुरी तरह से मारा, जिससे वह मरने तक की कगार पर पहुंच गया। किशोर ने अपनी मदद के लिए लोगों से गुहार लगाई। बाद में कुछ लोगों ने आरोपी नाबालिग को भीड़ से बचाया और फिर उसे पुलिस के हवाले कर दिया। यह दिल दहला देने वाली घटना शनिवार दोपहर करीब एक बजे की है। घायलों की पहचान महेंद्र अग्रवाल, वंदना अग्रवाल, सब्जी विक्रेता बसंती गोंड, गोलू साहू और कार्तिक के रूप में हुई है। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है।

चीनी छोड़ने के नुकसान: क्या आप जानते हैं इससे होने वाले संभावित हानियाँ?

भारत में डायबिटीज के मरीजों की संख्या इतनी ज्यादा है कि इस बीमारी को लेकर डर पैदा होना लाजमी है. मधुमेह के रोगियों को चीनी और मीठी चीजें कम खाने की सलाह दी जाती है. जो लोग इस रोग से बचना चाहते हैं वो चीनी से दूरी बनाना शुरू कर देते हैं, लेकिन शक्कर को पूरी तरह छोड़ना सही नहीं है, इससे सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है. आइए जानते हैं कि ऐसा कदम उठाने के क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं. शुगर कितने तरह की होती है? शुगर के दो प्रकार के होते हैं, एक नेचुरल और दूसरा प्रोसेस्ड. प्राकृतिक शुगर हमें आम, अनानास, लीची, नारियल जैसे फलों से मिलती है, लेकिन प्रोसेस्ड शुगर गन्ने और चुकंदर से तैयार की जाती है. चीनी को कंट्रोल में रहकर खाना सही फैसला है लेकिन इसे पूरी तरह छोड़ देना सही नहीं माना जाता है. प्रोसेस और नेचुरल शुगर में फर्क गन्ने और मीठे चुकंदर से प्रोसेस की जाने वाली सुक्रोज में कैलोरी काफी ज्यादा होती है, हालांकि इसमें कोई न्यूट्रिशनल वैल्यू नहीं होती, लेकिन नेचुरल शुगर में विटामिंस और मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. मीठी चीजों का स्वाद हम सभी को आकर्षित करता है, इसलिए इसे पूरी तरह छोड़ देना आसान फैसला नहीं है, लेकिन अगर डेली डाइट से इसे हटा देंगे तो आपको नुकसान भी उठाना पड़ सकता है. चीनी छोड़ने के नुकसान कई रिसर्च में ये बात सामने आई है कि जो लोग अचानक चीनी खाना छोड़ देते हैं उनके शरीर में वैसा ही असर होता है जो नशे की लत छोड़ने पर नजर आता है. इससे आप जल्दी थक जाएंगे, हमेशा सिर दर्द का अहसास होगा जो चिड़चिड़ेपन की वजह बन जाएगा. नेचुरल शुगर का सेवन करते रहें चीनी छोड़ने का असर आपके शरीर पर धीर-धीरे होगा. चूंकि ये एनर्जी का सोर्स है इसलिए इससे दूरी बनाने पर थकान होना लाजमी है. चीनी छोड़ने पर शरीर से एक्ट्रा इंसुलिन घटने लगता है. भले ही आप प्रोसेस्ड शुगर खाना बंद कर दें, लेकिन मीठे फल का सेवन जारी रखें, जिससे आपको नेचुरल शुगर मिलेगी और शरीर में ऊर्जा बरकरार रहेगी.

अल्जाइमर का खतरा: जानें नई रिसर्च के चौंकाने वाले दावे

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अक्सर बचपन में नाक में उंगली डालने की आदत को बुरी आदत माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये सिर्फ शिष्टाचार की बात नहीं हो सकती? हाल ही में हुए एक शोध से ये संकेत मिले हैं कि नाक में उंगली डालने की आदत से अल्जाइमर रोग का खतरा बढ़ सकता है. ग्रिफिथ यूनिवर्सिटी (ऑस्ट्रेलिया) के शोधकर्ताओं ने चूहों पर किए गए अध्ययन में पाया है कि एक सामान्य बैक्टीरिया, क्लैमीडिया न्यूमोनिया (Chlamydia pneumoniae), नाक के रास्ते दिमाग तक पहुंच सकता है. ये बैक्टीरिया सूंघने की नस (Olfactory Nerve) के जरिए दिमाग में प्रवेश करता है और वहां अल्जाइमर रोग से जुड़े लक्षण पैदा कर सकता है. अध्ययन में पाया गया कि जब चूहों को क्लैमीडिया न्यूमोनिया से संक्रमित किया गया, तो उनके दिमाग में एमिलॉयड बीटा (Amyloid Beta) नामक प्रोटीन का जमाव देखने को मिला. एमिलॉयड बीटा का जमाव अल्जाइमर रोग का एक मुख्य लक्षण माना जाता है. इतना ही नहीं, शोधकर्ताओं ने ये भी पाया कि नाक के अंदरूनी हिस्से (Nasal Epithelium) में चोट लगने से ये बैक्टीरिया और तेजी से सूंघने की नस और दिमाग तक पहुंच सकता है हालांकि ये शोध अभी शुरुआती स्टेड में है और इसे सिर्फ चूहों पर ही किया गया है. मानव शरीर पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है, ये अभी स्पष्ट नहीं है. लेकिन ये अध्ययन इस बात की ओर इशारा करता है कि नाक की सेहत और अल्जाइमर रोग के बीच एक संभावित लिंक हो सकता है. इस शोध के नतीजों के बारे में ग्रिफिथ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जेम्स सूटर का कहना है कि हमारे अध्ययन से पता चलता है कि नाक की सेहत अल्जाइमर रोग के विकास में भूमिका निभा सकता है. नाक के अस्तर को हेल्दी रखना और नाक के बालों को न खोदना संभवतः अल्जाइमर के खतरे को कम करने में मददगार हो सकता है. अल्जाइमर रोग एक न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारी है, जो धीरे-धीरे दिमाग के सेल्स को नष्ट कर देती है. इस रोग के कारण याददाश्त कमजोर होने लगता है, सोचने-समझने की क्षमता घटती जाती है और व्यक्ति रोजाना के कामों को करने में भी असमर्थ हो जाता है. फिलहाल अल्जाइमर का कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन माना जाता है कि लाइफस्टाइल में बदलाव और हेल्दी आदतों को अपनाकर इसके खतरे को कम किया जा सकता है. इस नए शोध के बाद भविष्य में हो सकता है कि अल्जाइमर के खतरे को कम करने के लिए नाक की सेहत पर भी ध्यान दिया जाए. हालांकि, अभी और शोध की जरूरत है ताकि ये स्पष्ट हो सके कि नाक में उंगली डालने की आदत और अल्जाइमर के बीच वाकई में कोई सीधा संबंध है या नहीं.

फेज चार में जनकपुरी-आरके आश्रम मेट्रो लाइन के लिए होना है 28.36 मीटर ऊंचे कॉरिडोर का निर्माण, रविवार व सोमवार के मेट्रो में बदलाब

नई दिल्ली फेज चार में निर्माणाधीन 29.26 किलोमीटर लंबी जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम मेट्रो लाइन के लिए हैदरपुर बादली मोड़ के पास 490 मीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण होना है। इसके मद्देनजर मौजूदा येलो लाइन (समयपुर बादली-मिलेनियम सिटी सेंटर गुरुग्राम) पर रविवार व सोमवार दो दिन के लिए पहली व आखिरी मेट्रो के परिचालन के समय में बदलाव किया गया है। क्योंकि येलो लाइन के हैदरपुर बादली मेट्रो स्टेशन के पास निर्माणाधीन फेज चार का कॉरिडोर येलो लाइन के ऊपर से गुजरेगा। जहां दिल्ली मेट्रो का सबसे ऊंचा कॉरिडोर होगा। इसके निर्माण कार्य के कारण येलो लाइन पर मेट्रो का परिचालन थोड़ा प्रभावित होगा। रात में हुआ करेगा निर्माण इस कॉरिडोर का निर्माण येलो लाइन पर समयपुर बादली व जहांगीरपुरी के बीच मेट्रो का परिचालन बंद होने के बाद रात में होगा। ताकि यात्रियों को आवागमन में ज्यादा परेशानी न हो। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) का कहना है कि येलो लाइन पर रविवार को समयपुर बादली से मिलेनियम सिटी सेंटर गुरुग्राम जाने के लिए आखिरी मेट्रो रात 11 बजे की जगह रात 10:45 बजे ही उपलब्ध होगी।   आखिरी मेट्रो साढ़े नौ बजे मिलेगी वहीं, मिलेनियम सिटी सेंटर गुरुग्राम से समयपुर बादली के लिए आखिरी मेट्रो रात 11 बजे की जगह रात 9:30 बजे ही उपलब्ध होगी। सोमवार को समयपुर बादली से मिलेनियम सिटी सेंटर गुरुग्राम के लिए पहली मेट्रो एक घंटे की देरी से सुबह सात बजे उपलब्ध होगी। सामान्य तौर पर सुबह छह बजे मेट्रो का परिचालन शुरू हो जाता है। डीएमआरसी के अनुसार जहांगीरपुरी से मिलेनियम सिटी सेंटर गुरुग्राम के बीच परिचालन सामान्य रहेगा। बेहद महत्वपूर्ण कॉरिडोर डीएमआरसी का कहना है कि येलो लाइन से सटा फेज चार का यह कॉरिडोर बेहद महत्वपूर्ण है। इस कॉरिडोर की ऊंचाई 28.36 मीटर होगी। यह दिल्ली मेट्रो का सबसे ऊंचा कॉरिडोर होगा। इस कॉरिडोर के निर्माण को पूरा करने के लिए आने वाले सप्ताहांत में भी येलो लाइन पर समयपुर बादली से जहांगीरपुरी के बीच मेट्रो परिचालन के समय में बदलाव होगा।

यूपी में अतिक्रमण हटाने गई टीम का घेराव, गुस्साए लोगों ने जान से मारने तक की दी धमकी, ‘अगर अब इधर आए तो…’

मुरादाबाद चंद्रनगर में नाले पर अतिक्रमण हटाने गई नगर निगम की टीम का घेराव कर लिया। धक्का मुक्की की गई और गालीगलौज की। नगर निगम की टीम को ललकारा कि अगर अब इधर आए तो गोली मार दूंगा। गोली मारने की धमकी का वीडियो भी वायरल हो रहा है। अतिक्रमण हटाने के विरोध में महिलाएं भी सड़क पर उतर आईं। चंद्र नगर में लोगों ने नाले पर अवैध रूप से दीवार बनाकर घरों के अंदर कर लिया। शौचालय तक बना लिया गया। अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार के नेतृत्व में टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। नाले से लगभग अतिक्रमण हट चुका था। तभी लोग बुलडोजर व नगर निगम की ट्रैक्टर ट्राली के सामने आकर खड़े होकर गाली गलौज करने लगे। प्रवर्तन दल की टीम ने हलका बल प्रयोग किया। लेकिन, वह टच से मच नहीं हुए। लोगों का विरोध था कि उन्होंने पार्षद कमला वर्मा के घर के सामने का अतिक्रमण पूरी तरह नहीं हटाया। वह अड़े गए कि पूरी तरह उनका अतिक्रमण हटाओ। लोगों ने पार्षद पर उनके रैंप, दीवार तुड़वाने के आरोप लगाए। नगर निगम की टीम ने अवैध निर्माण पर लगाए थे निशान चंद्र नगर में नाले पर अतिक्रमण हटाने को लाल निशान नगर निगम की ओर से लगाए गए थे और उद्घोषणा भी की गई थी। इसके बाद भी लोगों ने स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाया। इस नाले का निर्माण कार्य होना है। जो अतिक्रमण की वजह से अभी तक शुरू नहीं हो पाया था। सहायक अभियंता विरेंद्र पाल सिंह के साथ अभद्रता की। शनिवार को नगर निगम की टीम में अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार, सहायक अभियंता वीरेंद्र पाल सिंह, प्रवर्तन दल के प्रभारी एसके शाही,सूबेदार राकेश सिंह, हैदर अली समेत दस लोगों की टीम का घेराव किया गया तो प्रवर्तन दल की टीम को भी हलका बल प्रयोग करते हुए बुलडोजर के सामने से लोगों को हटाया। बुलडोजर के सामने से हटने के बाद ट्रैक्टर के सामने खड़े हो गए। यहां से भी लोगों को हटाया और ट्रैक्टर को रवाना किया। शासन के निर्देश पर शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान एक महीने से चल रहा है।

बंगाल में चुनाव बाद हिंसा पर समिति जल्द ही घटनाओं की पूरी रिपोर्ट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंपेगी

कोलकाता लोकसभा चुनाव के बाद हो रही हिंसा का जायजा लेने के लिए भाजपा की केंद्रीय टीम बंगाल आ रही है। यह समिति जल्द ही बंगाल का दौरा कर हिंसा की घटनाओं की पूरी रिपोर्ट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंपेगी। सांसद व त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब के नेतृत्व में शनिवार को पार्टी के चार सांसदों की समिति गठित की गई है। बिप्लब कुमार देब को समिति का संयोजक बनाया गया है। इस चार सदस्यीय समिति में सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, राज्यसभा सदस्य एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी बृजलाल और सांसद कविता पाटीदार को शामिल किया गया है। समिति के गठन के साथ ही भाजपा ने बंगाल में चुनाव बाद हो रही हिंसा के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा। यहां सत्ता का हस्तांतरण शांतिपूर्ण ढंग से हुआ- बीजेपी भाजपा ने कहा कि भारत के 28 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों में हाल ही में लोकसभा चुनाव संपन्न हुए हैं। लोकसभा के साथ-साथ तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव भी हुए और सत्ता का हस्तांतरण शांतिपूर्ण ढंग से हुआ, लेकिन बंगाल को छोड़कर कहीं भी राजनीतिक हिंसा की कोई घटना नहीं हुई है। बंगाल ही एकमात्र ऐसा राज्य जहां चुनाव के बाद हुई हिंसा बंगाल ही एकमात्र ऐसा राज्य है जो चुनाव के बाद हिंसा की चपेट में है, जैसा कि वहां 2021 के विधानसभा चुनाव के भी बाद देखा था। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने भी इसे गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय बलों की तैनाती 21 जून तक बढ़ा दी है और मामले को आगे की समीक्षा के लिए 18 जून को सूचीबद्ध किया है।

नीट पेपर लीक मामले में बिहार, गुजरात और हरियाणा की घटनाएं विश्वसनीयता पर खड़े कर रही सवाल

नई दिल्ली NEET UG row 2024: पहली घटना- बिहार के पटना और नालंदा जिले में पांच मई को नीट पेपर लीक (NEET-UG Paper Leak) की घटना सामने आई। स्थानीय पुलिस ने इसमें कुछ लोगों को गिरफ्तारी की। साथ ही नीट पेपर के कुछ अधजला हिस्सा भी बरामद किए, जिसमें करीब 74 सवाल दिख रहे हैं। पुलिस ने एनटीए (NTA) से मूल प्रश्नपत्र मुहैया कराने को कहा, ताकि जांचा जा सके कि जो प्रश्न पत्र उन्हें मिला है वह सही या नहीं। अब तक एनटीए (NTA) ने उन्हें यह मुहैया नहीं कराया है। दूसरी घटना- गुजरात के गोधरा में एक केंद्र पर पैसा लेकर छात्रों को नीट परीक्षा (NEET-UG Exam 2024) में पास कराने की घटना सामने आई है। हालांकि, स्थानीय प्रशासन को परीक्षा से ठीक पहले ही इसकी जानकारी लग जाती है और छापेमारी कर वह इनमें शामिल कोचिंग संचालक, स्कूल के प्रिंसिपल आदि को लोगों को पकड़ता है। उनके पास से दो करोड़ से अधिक के चेक और सात लाख रुपए कैश पकड़ा जाता है। जांच में जो सामने आया है, कि स्थानीय कोचिंग संचालक ने प्रिंसिपल के साथ कुछ बच्चों को पास कराने का ठेका लिया था। एनटीए ने उस प्रिंसिपल को स्थानीय स्तर पर परीक्षा का कोआर्डीनेटर बनाया था। इनमें एनटीए का पर्यवेक्षक भी शामिल था। सवाल यह है कि गोधरा में तो स्थानीय प्रशासन ने पकड़ लिया। लेकिन क्या गारंटी है कि दूसरी जगहों पर ऐसा नहीं हुआ होगा। तीसरी घटना- हरियाणा में झज्जर के परीक्षा केंद्र में नीट परीक्षा के दौरान गलत पेपर खुलने और परीक्षा के दौरान छात्रों के समय के नुकसान की जानकारी एनटीए की ओर से दी जा रही है। इस दौरान छात्रों को इसकी भरपाई में ग्रेस मा‌र्क्स दिए जाते है। छात्रों के विरोध के बाद में उसे वापस भी ले लिया जाता है। वहीं, झज्जर के इस स्कूल की प्रिंसिपल अंशु यादव का कहना है कि उनके परीक्षा केंद्र पर किसी भी छात्र का एक मिनट का समय बर्बाद नहीं हुआ। ऐसे में इस केंद्र के छात्रों को फिर ग्रेस मा‌र्क्स देने का कहानी कैसे गढ़ी गई। खासबात यह है कि इसी केंद्र के छह छात्र ग्रेस मा‌र्क्स पाने के बाद टापर की सूची में आ गए थे। जिसके बाद विवाद और बढ़ा। मेडिकल में दाखिले से जुड़ी परीक्षा नीट -यूजी (नेशनल एलिजबिलिटी कम एंट्रेस टेस्ट-अंडर ग्रेजुएट) में गड़बड़ी का मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के सामने है। जो इसे आठ जुलाई को सुनेगा। लेकिन नीट परीक्षा से जुडी यह तीनों घटनाओं ने एनटीए पर सवाल खड़ा कर दिया है और एनटीए की चुप्पी से यह बढ़ता जा रहा है। वैसे भी अब तक बिहार के पटना व नालंदा, गुजरात के गोधरा और हरियाणा के झज्जर से जिन तरह की घटनाएं सामने आयी है, वह एनटीए पर आंख मूंद कर भरोसा करने वालों के लिए आंखे खोलने वाली है। खासकर गोधरा में जिस तरह से कोचिंग संचालक ने स्कूल प्रिंसिपल के साथ मिलकर छात्रों को पास कराने की योजना बनाई थी। उनसे पैसे लिए थे। जो बरामद भी हुए थे। यह वही स्कूल प्रिंसिपल था जिसे एनटीए ने अपना परीक्षा कोआर्डिनेटर बना रखा था। उसके पास ही परीक्षा को ठीक ढंग से संचालित करने की जिम्मेदारी थी। यही नहीं जांच में अब तक जो सामने आया है, उसके तहत इनमें एनटीए का पर्यवेक्षक भी शामिल है। शुक्रवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान से मिलने उनके दफ्तर पहुंचे छात्रों और अभिभावकों ने उनसे सवाल किया कि जब गोधरा(गुजरात) में ऐसी घटना हो सकती है तो दूसरे शहरों में क्यों नहीं। एनटीए के पास कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है। गोधरा में योजना के तहत पैसा लेकर छात्रों से कहा गया था उन्हें जो सही सवाल आए वह उसके जवाब ओएमआर सीट में अंकित कर दें, बाकी सवालों की जगह छोड़ दें। हम बाद में उसे भर देंगे। छात्रों ने केंद्रीय मंत्री के सामने इसी तरह से बिहार और हरियाणा का भी मुद्दा प्रमुखता से रखा। साथ ही इन सारी गडबड़ी की जानकारी भी दी। सूत्रों की मानें तो इन गड़बडि़यों से जुड़ी जानकारी समझने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री भी सख्त हुए हैं और एनटीए को जवाबदेह बनाने की बात कही है। सूत्रों का दावा तो यह भी है कि एनटीए को पांच जून को ही कई राज्यों से पेपर लीक होने की जानकारी अलग-अलग एजेंसियों के जरिए मिल गई थी, लेकिन वह सभी को खारिज करती रही। एनटीए फिलहाल जेईई, नीट, यूजीसी नेट, सीयूईटी, क्लैट जैसी दर्जनों परीक्षाएं कराता है और इसके जरिए लगभग दो करोड़ बच्चे परीक्षा देते हैं। ऐसी स्थिति में एनटीए को अपनी योग्यता के साथ साथ पारदर्शिता साबित करनी ही होगी।

आईटी के छात्रों ने बनाया आयुर्मिंत्रम एआई चैट बॉट, बताएगा एलर्जी एवं शरीर की प्रवृति

Why is there lack of employment in the country despite urbanization and economic development?

जयपुर  श्री गोविन्दराम सेकसरिया प्रौद्योगिकी व विज्ञान संस्थान (एसजीएसआईटीएस) के विद्यार्थी एक एआई पर आधारित ऐसा ऐप डेवलप कर रहे हैं, जो मरीजों के लिए कारगर साबित होगा। डिपार्टमेंट ऑफ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी के प्रो. ललित पुरोहित ने बताया कि एसजीएसआईटीएस डायरेक्टर प्रो. राकेश के नेतृत्व में विभाग के स्टूडेंट्स ‘एआई चैट बॉट’ नाम का ऐप बना रहे हैं। यह ऐप डॉक्टर की तरह मरीजों से प्रश्न पूछेगा और बीमारी के अनुसार सलाह भी देगा कि प्रिकॉशन कब लेना है, डाइट प्लान क्या रहेगा। कौन सी बीमारी है, किस डॉक्टर को दिखाना है। क्षेत्र के मुताबिक मिलेगी डॉक्टर की जानकारी प्रो. पुरोहित के मुताबिक एआई चैट बॉट एरिया वाइज व बीमारी के हिसाब से डॉक्टर की जानकारी देगा। इस ऐप में सरकारी व निजी अस्पतालों को जोड़ा जाएगा। किस जगह कितने में फीस लगती है, अस्पताल कितनी दूरी में हैं, डॉक्टर से मिलने का समय, मरीज का एज ग्रुप, पुरानी बीमारी कौन-कौन सी रही, कौन सी बीमारी का इलाज चल रहा है। सारी जानकारी इस ऐप में मिलेगी। डिपार्टमेंट के 8 विद्यार्थी कर रहे काम प्रो. सुनीता वर्मा ने बताया कि डिपार्टमेंट ऑफ़ इनफाॅर्मेशन टेक्नोलॉजी के 8 विद्यार्थी दिन में इस सॉफ्टवेयर को बनाने में काम कर रहे हैं। बाकी समय वह अपनी कक्षा में देते हैं। आने वाले 6 महीने में यह ऐप तैयार हो जाएगा। इसमें मरीज को सारी जानकारी चुटकियों में मिलेगी। एसजीएसआईटीएस संभवत: प्रदेश का पहला सरकारी कॉलेज है, जहां इस तरह का ऐप तैयार किया जा रहा है। ट्रिपलआईटी के छात्र हर्ष जैन, मोहित खैरनार, सत्यम सागर, अक्षिता अग्रवाल, ओजस कुशवाहा और रजत कुमावत ने इस चैटबॉट को तैयार किया है। छात्रों ने बताया कि जल्द ही इस स्टार्टअप के पंजीकरण की प्रकिया शुरू की जाएगी। पंजीयन में बाद लोग इस ऐप को अपने मोबाइल में डाउनलोड कर सकेंगे। -एक करोड़ सालाना कमाई का अनुमान छात्रों को स्टार्टअप शुरू करने के लिए सरकार से एक लाख की राशि प्राप्त हुई है। इस चैटबॉट से भविष्य में आयुर्वेद दवाओं की डिमांड बढ़ेगी। इससे सालाना एक करोड़ की कमाई का अनुमान लगाया जा रहा है। -मिलेगा श्रेष्ठ उपचार इस स्टार्टअप से देश के करोड़ों लोगों जो आयुर्वेद पर विश्वास करते हैं उन्हें एक श्रेष्ठ चिकित्सा पद्धति से उपचार मिलेगा और एक स्वदेशी उद्योग की स्थापना होगी जिससे हमारी इकोनॉमी भी सुदृढ़ होगी और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं भी प्राप्त होगी। दो माह में मिले 28 आइडिया ई सेल के प्रभारी अजय श्रीवास्सव ने बताया कि छात्र-छात्राओं से स्टार्टअप के लिए आइडिया मांगे गए थे, दो माह लगभग 28 आइडिया छात्र-छात्राओं ने आइडिया सबमिट किए थे। इसमें से ऑल इंडिया लेवल पर 3 आइडिया का चयन हुआ है। तीनों स्टार्टअप को शुरू करने के लिए सरकार की अनुमति भी मिल गई है। इसमें आयुर्मिंत्रम एआई चैट बॉट भी शामिल है।

चीन यात्रा से पहले PM मोदी से मिलेंगी शेख हसीना, 21 और 22 जून को भारत की यात्रा पर नई दिल्ली आने की संभावना

Forest gives clean chit in case of IFS officers trapped in Rs 7 crore scam

नई दिल्ली बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के 21 और 22 जून, 2024 को भारत की आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली आने की संभावना है। यह इस महीने उनकी दूसरी भारत यात्रा है। 09 जून, 2024 को पीएम नरेन्द्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए वह भारत यात्रा पर आई थी और इस दौरान उनकी पीएम मोदी से संक्षिप्त बातचीत भी हुई थी। लेकिन अब अगले हफ्ते जब वह भारत में होंगी जो दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों के सारे आयामों पर विस्तार से बातचीत होगी। शेख हसीना की यात्रा क्यों महत्वपूर्ण? हसीना की इस यात्रा का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है कि वह अगले महीने (जुलाई) में बीजिंग की यात्रा पर जा रही हैं। चीन की तरफ से यह कहा गया है कि बांग्लादेश पीएम की आगामी यात्रा के दौरान बड़ी घोषणाएं की जाएंगी। ऐसे में जानकार मान रहे हैं कि पीएम हसीना भारत और चीन के रिश्तों की संवेदनशीलता को देखते हुए नई दिल्ली आ रही हैं ताकि उनकी बीजिंग यात्रा को लेकर कोई गलतफहमी नहीं बने। पीएम मोदी के शपथ ग्रहण में हुई थी शामिल जनवरी, 2024 आम चुनाव में विजयी होने के बाद पीएम हसीना ने अभी तक किसी देश की आधिकारिक यात्रा नहीं की है। चीन यात्रा को लेकर उनका फैसला पहले ही चुका था। सूत्रों का कहना है कि बांग्लादेश की तरफ से ही यह प्रस्ताव आया था की हसीना बीजिंग यात्रा से पहले नई दिल्ली की आधिकारिक यात्रा करना चाहती हैं। यह भारत सरकार के साथ हसीना के बेहद घनिष्ठ संबंधों को देखते हुए लिया गया फैसला है। भारत और बांग्लादेश के रिश्ते कैसे? मोदी और हसीना के नेतृत्व में भारत और बांग्लादेश के रिश्ते पिछले दस वर्षों में काफी मजबूत हुए हैं। बांग्लादेश आम चुनाव से पहले जब अमेरिका की तरफ से हसीना सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश हो रही थी तब भारत ने परोक्ष तौर पर उनकी मदद की। इस दौरान भारत की मदद से बांग्लादेश में कई कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर काम हुआ है। दोनों देशों के बीच सैन्य संबंधों को प्रगाढ़ बनाया गया है। पुूर्वोत्तर भारत के राज्यों को बांग्लादेश से जोड़ने की रणनीति लगातार काम कर रही है। भारत यात्रा की खास अहमियत हसीना सरकार ने ढांचागत परियोजनाओं में चीन की मदद जरूर ली है लेकिन चीन के प्रभाव को हावी नहीं होने दिया है। इन हालात में हसीना की भावी भारत यात्रा की खास अहमियत है। सूत्रों का कहना है कि चीन ने यह संकेत दिया है कि वह बांग्लादेश की तीस्ता नदी की सफाई के लिए भारी-भरकम राशि की मदद देने को तैयार है। यह मुद्दा भारत के लिए संवेदनशील है क्योंकि चीन की कंपनियों को ठेका मिलने का यह मतलब होगा कि उसे तीस्ता नदी से संबंधित सारा डाटा भी हासिल हो जाएगा। बांग्लादेश को भारत देगा ये प्रस्ताव माना जा रहा है कि भारत की तरफ से भी चीन जैसा ही प्रस्ताव बांग्लादेश को दिया जा सकता है। दूसरी तरफ, भारत और बांग्लादेश के बीच तीस्ता जल बंटवारे को लेकर समझौता होने के बावजूद, इसे भारत सरकार की तरफ से अंतिम मंजूरी नहीं दी जा सकी है। पीएम मोदी और पीएम हसीना के बीच पिछले चार आधिकारिक वार्ताओं में इसका जिक्र किया गया है। बताया जाता है कि पश्चिम बंगाल सरकार की आपत्ति की वजह से भारत सरकार इस पर फैसला नहीं कर पा रही है। ऐसे में बांग्लादेश की पीएम एक बार फिर तीस्ता जल बंटवारे संधि को लागू करने का आग्रह पीएम मोदी से कर सकती हैं।

यूपी के इस जिले में सख्ती शुरू, बाइक पर पीछे बैठने वाले को भी पहनना होगा हेलमेट, 1062 वाहनों के किए चालान

कानपुर बाइक चलाते समय हेलमेट नहीं लगाने पर पुलिस अभी तक चालान काटती थी, लेकिन अब पीछे बैठा व्यक्ति भी अगर हेलमेट नहीं लगाता है तो उसका भी चालान काटा जा रहा है। पुलिस आयुक्त अखिल कुमार के निर्देश पर यातायात पुलिस ने चार दिवसीय विशेष अभियान चलाया। इस दौरान जिले के सभी थाना क्षेत्रों में 11,754 वाहन चालकों के चालान काटे गए। डीसीपी यातायात आरती सिंह ने बताया कि बीते चार दिनों में विशेष रूप से पीछे बैठकर हेलमेट नहीं लगाने पर वाहन चालकों के चालान काटे गए हैं। बाइक और स्कूटी चालक के साथ ही पीछे बैठा व्यक्ति अगर हेलमेट नहीं लगाए है तो एक हजार रुपये का चालान कटेगा। दोनों लोगों को हेलमेट पहनना अनिवार्य डीसीपी ने कहा कि आगे भी इस तरह के विशेष अभियान चलाए जाएगा। बाइक में बैठे दोनों लोगों को हेलमेट पहनना अनिवार्य है। यातायात पुलिस के साथ ही चौराहे पर लगे कैमरों के माध्यम से भी चालान काटे जा रहे हैं। यातायात विभाग ने बीते चार दिनों में माल वाहनों में सवारी बिठाना, रांग साइड, नो पार्किंग, गलत नंबर प्लेट के अलावा बाइक के पीछे बैठकर हेलमेट नहीं लगाने पर 1062 वाहन चालकों के चालान किए। इस अभियान के पहले दिन 1810, दूसरे दिन 3066, तीसरे दिन 3284 और चौथे दिन 3594 वाहनों के चालान काटे गए।

आज गंगा दशहरा पर सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग: इन राशियों की खुलेगी किस्मत

वृषभ दैनिक राशिफल नौकरी के कई नए अवसर मिलेंगे जो आपको करियर में आगे बढ़ने में मदद करेंगे. किसी प्रभावशाली व्यक्ति का सहयोग मिलेगा. आप मानसिक शांति महसूस करेंगे. दिन शुभ है. सिंह दैनिक राशिफल समय बेहतर रहेगा. अटका हुआ पैसा मिलेगा. व्‍यवसाय में लाभ होगा. नौकरी से जुड़ी कोई अच्छी खबर आएगी. आपकी तरक्‍की हो सकती है. किसी विवाद का हल आपके पक्ष में होगा. कन्या दैनिक राशिफल आज आप खुश और सकारात्‍मक रहेंगे. तरक्‍की के लिए प्रयास करेंगे, जिसका भविष्‍य में लाभ मिलेगा. शिक्षा के लिए समय अच्‍छा है, पढ़ाई पर ध्‍यान दें. निजी जीवन में आनंद रहेगा. मकर दैनिक राशिफल धन लाभ होगा. आपको अपने लक्ष्‍यों को पूरा करने में मदद मिलेगी. आपकी सामाजिक स्थिति बेहतर होगी. कोई महत्‍वपूर्ण टाईअप या डील फाइनल हो सकती है. मीन दैनिक राशिफल नुकसान भी अब लाभ में बदल दिया जाएगा. आपको बिजनेस अच्‍छा चलेगा. आपकी नए स्‍त्रोतों से आय होगी. लव बर्ड्स शादी करने का फैसला ले सकते हैं. विरोधी परास्‍त होंगे

कांग्रेस नेता राहुल गांधी दोनों जगह से जीत कर लोकसभा पहुंचे, अब उन्हें फैसला करना है वायनाड या रायबरेली?

Will Rahul Gandhi become the new face of farmer strategy? Such is the preparation to bring private bill on MSP

नई दिल्ली कांग्रेस नेता राहुल गांधी सोमवार को फैसला कर लेंगे कि वो वायनाड रखेंगे या रायबरेली। वो दोनों जगह से जीत कर लोकसभा पहुंचे हैं। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि राहुल गांधी सोमवार को अपने फैसले की जानकारी देंगे। राहुल गांधी ने दोनों सीटों पर भारी मतों से जीत दर्ज की है। राहुल गांधी फिलहाल वायनाड से लोकसभा सदस्य थे। लोकसभा चुनाव 2024 में इसी सीट से चुनाव लड़ कर वो फिर जीत गए। राहुल गांधी रायबरेली सीट से भी चुनावी मैदान में उतरे और जीत हासिल की। इस सीट को गांधी परिवार की पारंपरिक सीट माना जाता है। आखिरी बार इस सीट का प्रतिनिधित्व उनकी मां सोनिया गांधी ने किया था। सोनिया गांधी ने इस सीट से चुनाव नहीं लड़ा, वह राज्यसभा सदस्य बन गई हैं। राहुल गांधी बुधवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं का आभार जताने के लिए पहुंचे थे। यहां पर उन्होंने कहा था कि वह दुविधा में हैं कि कौन सी सीट रखें और कौन सी सीट छोड़ दें। उन्होंने कहा कि वह जो भी फैसला लेंगे, उससे सभी खुश होंगे। इस बयान के बाद अटकलें तेज हो गईं कि उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा को यहां से चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है। कलपेट्टा में एक जनसभा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और कन्नूर से लोकसभा सदस्य के. सुधाकरन ने बुधवार को कहा था, “राहुल गांधी पार्टी के हित में वायनाड सीट खाली करेंगे।” हालांकि, कांग्रेस विधायक और पूर्व राज्य मंत्री एपी अनिल कुमार ने कहा कि सभी लोग चाहते हैं कि राहुल गांधी वायनाड सीट बरकरार रखें।

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