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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बरसात में स्वच्छ पेयजल के लिए पुख्ता व्यवस्था के निर्देश दिए

सुशासन और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठकों का दौर जारी, पीएचई के कार्यों की हुई समीक्षा   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बरसात में स्वच्छ पेयजल के लिए पुख्ता व्यवस्था के निर्देश दिए भू-जल में समस्या वाले गांवों में पेयजल के लिए 71 मल्टी-विलेज योजनाओं का काम प्रारंभ जल जीवन मिशन के तहत गांवों में जलापूर्ति व्यवस्था के सुचारू संचालन-संधारण के लिए जल्द बनेगी नीति मुख्यमंत्री ने पेयजल संबंधी शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए पीएचई विभाग के टोल-फ्री नम्बर का व्यापक प्रचार-प्रसार करने कहा जल जीवन मिशन के तहत राज्य के 39.14 लाख घरों में पहुंच रहा है नल का पानी, लक्ष्य का 78 प्रतिशत काम पूर्ण रायपुर  सुशासन, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और विभागों के काम में कसावट लाने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की समीक्षा बैठकों का दौर जारी है। वे आज लगातार तीसरे दिन अलग-अलग विभागों की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मुख्य सचिव अमिताभ जैन तथा मुख्यमंत्री सचिवालय, जल जीवन मिशन और विभागीय अधिकारियों के साथ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में बरसात के दिनों में प्रदेश में स्वच्छ पेयजल के लिए पुख्ता व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल संबंधी शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए पीएचई विभाग के टोल-फ्री नम्बर 1800-233-0008 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने निवास कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में जन कल्याणकारी योजनाओं के मैदानी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाते हुए राज्य के हर घर में पाइपलाइन के जरिए शुद्ध पेयजल पहुंचाने का शत-प्रतिशत लक्ष्य जल्द हासिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए शुद्ध पेयजल के लिए जलापूर्ति व्यवस्था के आवश्यक रखरखाव और मरम्मत का कार्य पूर्ण करने को कहा। मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत गांवों में नियुक्त किए जाने वाले नल जल मित्रों का प्रशिक्षण कौशल विकास केंद्रों के माध्यम से यथाशीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग में तकनीकी अमला बढ़ाने के लिए नई भर्तियों के प्रस्ताव भी शीघ्र भेजने को कहा। मुख्यमंत्री साय ने खारे पानी, भू-जल में भारी तत्वों की मौजूदगी और जल स्तर के ज्यादा नीचे चले जाने की समस्या से जूझ रहे गांवों के लिए जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्मित किए जा रहे 71 मल्टी-विलेज योजनाओं का काम तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए, जिससे उन गांवों में यथाशीघ्र साफ पेयजल पहुंच सके। कुल 4527 करोड़ रुपए की लागत से राज्य के 18 जिलों में ये मल्टी-विलेज योजनाएं प्रारंभ की जा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से 3234 गांवों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। इससे दस लाख से अधिक घरों में पाइपलाइन के जरिए स्वच्छ व सुरक्षित पेयजल पहुंचेगा। उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव ने समीक्षा बैठक में जल जीवन मिशन के तहत गांवों में पेयजल व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए संचालन-संधारण नीति जल्द तैयार करने की जरूरत बताई। उन्होंने जलस्रोतों को रिचार्ज करने मनरेगा के माध्यम से आवश्यक संरचनाओं के निर्माण पर जोर दिया। साव ने ऐसे गांवों में जहां पेयजल आपूर्ति के लिए भू-जल स्रोत नहीं मिल रहे हैं, उन गांवों के लिए नई मल्टी-विलेज योजनाएं राज्य मद से स्वीकृत करने का आग्रह मुख्यमंत्री से किया। उन्होंने सुझाव दिया कि इसके लिए सीएसआर या डीएमएफ फंड से राशि की व्यवस्था की जा सकती है। उन्होंने तेजी से नए नलकूपों के खनन के लिए विभाग में नई ड्रिलिंग मशीनें खरीदने की जरूरत भी बताई। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक ने बैठक में बताया कि प्रदेश में अब तक 39 लाख 14 हजार से अधिक घरों में पाइपलाइन के जरिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाया जा चुका है। जल जीवन मिशन के तहत अब तक 78 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य को हासिल किया जा चुका है। राज्य के 3356 गांवों में शत-प्रतिशत, 5093 गांवों में 90 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तथा 3153 गांवों में 80 प्रतिशत से 90 प्रतिशत घरों में नल का पानी पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि गांवों में पंचायतों के द्वारा जलापूर्ति व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए नल जल मित्र की नियुक्ति की जाएगी। भारत सरकार द्वारा इसके लिए प्रदेश के 33 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कौशल विकास केंद्रों के माध्यम से ग्राम पंचायतों द्वारा चयनित नल जल मित्रों का प्रशिक्षण शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. धीरेन्द्र तिवारी, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, और डॉ. बसवराजु एस., क्रेडा के सीईओ राजेश सिंह राणा, जल जीवन मिशन के एमडी सुनील जैन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता एम.एल. अग्रवाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

पन्नू की हत्या की साजिश के आरोपी निखिल गुप्ता का प्रत्यर्पण

नई दिल्ली अमेरिका में खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने के आरोपी निखिल गुप्ता को चेक गणराज्य ने प्रत्यर्पित कर दिया है। फेडरल ब्यूरो ऑफ प्रिजन की वेबसाइट के मुताबिक गुप्ता को अमेरिका भेज दिया गया है। अमेरिकी प्रशासन की रिक्वेस्ट के पिछले साल जून में निखिल गुप्ता को अरेस्ट कर लिया गया था। आरोप है कि वह खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह बन्नू की हत्या की साजिश रचने में शामिल था। सोमवार को निखिल गुप्ता को न्यूयॉर्क के फेडरल कोर्ट में पेश किया जा सकता है। फिलहाल उन्हें ब्रुकलिन के मेट्रोपोलिटन डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। बता दें कि पन्नू अमेरिका में रहकर भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल रहता है। वह अकसर हिंदुओं को धमकी देता नजर आता रहता है। अमेरिकी संघीय अभियोजन ने कहा था कि गुप्ता ने भारतीय अधिकारियों के साथ मिलकर पन्नू की हत्या की साजिश रची थी। इसके बाद गुप्ता को प्राग में गिरफ्तार कर लिया गया था। चेक गणराज्य में निखिल गुप्ता ने प्रत्यर्पण के खिलाफ याचिका फाइल की थी जिसे खारिज कर दिया गया था। वहीं अमेरिकी  सरकार का कहना है कि गुप्ता ने पन्नू की हत्या के लिए हिटमैन हायर करने की कोशिश की थी। बता दें कि पन्नू के पास अमेरिका और कनाडा की दोहरी नागरिकता है। भारत ने उसे यूएपीए के तहत आतंकवादी घोषित किया है। बता दें कि 23 नवंबर 2023 को ही प्राग के हाई कोर्ट ने निखिल गुप्ता के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी। इस फैसले के खिलाफ गुप्ता ने संवैधानिक अदालत में याचिका फाइल की थी। हालांकि इस याचिका को भी खारिज कर दिया गया। कोर्ट ने कहा कि अमेरिका द्वारा उपलब्ध कराए गए सबूतों और दस्तावेजों की समीक्षा करने के बाद यह फैसला सुनाया गया है। आरोप है कि गुप्ता ने हिटमैन को नकद 80 लाख रुपये देने का वादा किया था। आरोपों में यह भी कहा गया कि गुप्ता को एक भारतीय अधिकारी से निर्देश मिल रहे थे। हालांकि किसी अधिकारी का नाम नहीं लिया गया था।  

अरविंद अकेला कल्लू और ऋचा दीक्षित की भोजपुरी फिल्म ‘कलयुगी ब्रह्मचारी 2’ का ट्रेलर रिलीज

मुंबई, भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार अरविंद अकेला कल्लू और अभिनेत्री ऋचा दीक्षित की भोजपुरी फिल्म ‘कलयुगी ब्रह्मचारी 2’ का ट्रेलर वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी के ऑफिसियल यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया है। अनिल कुमार उपाध्याय निर्मित-निर्देशित कलयुगी ब्रह्मचारी 2 के ट्रेलर में अरविंद अकेला कल्लू और ऋचा दीक्षित के बीच मजेदार और रोमांचक केमेस्ट्री देखने को मिल रही है।इस फिल्म के ट्रेलर को लेकर अरविंद अकेला कल्लू बहुत ही एक्साइटेड हैं। उन्होंने कहा कि फ़िल्म भोजपुरी फिल्म ‘कलयुगी ब्रह्मचारी 2’ बहुत ही फुल इंटरटेनिंग है, इसका ट्रेलर कमर्शियल और मजेदार है। इस फ़िल्म में अनिल उपाध्याय जी के साथ काम करके बहुत मजा आया है। मेरी और ऋचा जी की जोड़ी शानदार होने वाली है, जो हर किसी को बहुत पसंद आएगी। इस फ़िल्म में मेरी भूमिका काफी अलग हटकर है। मेरी गुजारिश है कि जब भी यह फ़िल्म सिनेमाघरों में रिलीज होगी तो आप सभी अपने नजदीकी सिनेमाघरों में जरूर जाइएगा। यह फ़िल्म फुल टू धमाल मचाने वाली है। ‘कलयुगी ब्रह्मचारी 2’ को काशवी आर्ट्स बैनर के तले निर्मित किया गया है। फ़िल्म के प्रस्तुतकर्ता श्री राम कृष्ण उपाध्याय, श्रीमती कलावती उपाध्याय हैं। इस फिल्म में अरविंद अकेला कल्लू, ऋचा दीक्षित, मनोज टाइगर, सुकेश मिश्रा, राम मणि त्रिपाठी, निशा तिवारी और अन्य हैं।इस फ़िल्म की कहानी संजय राय ने लिखा है। डीओपी आर आर प्रिंस हैं। संगीतकार साजन बी मिश्रा, गीतकार शेखर मधुर, आशुतोष तिवारी हैं। कोरियोग्राफर राम देवन, एक्शन मास्टर दिनेश यादव, आर्ट डायरेक्टर अमरनाथ गुप्ता, एडीटर हरिहर सिंह, काट्यूम डिजाइनर कविता सुनीता हैं। बैकग्राउण्ड म्यूजिज वैभव – राजू, विजुअल प्रमोशन अरुण डी यादव का है।  

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल प्री बजट बैठकों से पहले मिले प्रधानमंत्री मोदी से

जयपुर. राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को अचानक दिल्ली बुला लिया गया है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने के लिए सीएम दिल्ली पहुंच चुके हैं। इसे देखते हुए प्रदेश में प्रस्तावित प्री बजट मीटिंग्स निरस्त कर दी गई हैं। इधर सीएम को अचानक दिल्ली बुलाए जाने के इस घटनाक्रम को लेकर राजस्थान में सियासी अटकलें भी तेज होने लगी हैं। सूत्रों का कहना है कि यह सिर्फ औपचारिक मुलाकात भर है लेकिन बीजेपी के सूत्र इस मुलाकात को सामान्य नहीं मान रहे। राजस्थान के कैबिनेट मंत्री किरोड़ीलाल मीणा पिछले कुछ दिनों से भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर दिल्ली चिट्ठी भी लिख रहे हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री राजस्थान में भाजपा की हार को लेकर बीते दो दिनों में हुई बैठक की रिपोर्ट भी प्रधानमंत्री को सौंप सकते हैं। रिपोर्ट में राजस्थान की 11 लोकसभा सीट पर हार के कारणों का जिक्र किया गया है।

चारधाम यात्रा में आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में कुछ कमी आई

Akhilesh Yadav's warning to SP leaders: No entry of BJP leaders, do not advocate for them

देहरादून  चारधाम यात्रा में आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में अब कुछ कमी आई है। इसकी वजह से अब प्रशासन ने पंजीकरण से पहले की टोकन व्यवस्था को खत्म कर दिया है। ट्रांजिट कैंप में अब तीर्थयात्रियों का दबाव भी कम हो गया है। प्रतिदिन लगभग 2700 तीर्थयात्री पंजीकरण के लिए पहुंच रहे हैं। इनका पंजीकरण करवा कर सीधे यात्रा के लिए भेजा जा रहा है। उत्तराखंड में 10 मई से चारधाम यात्रा शुरू हुई थी। 10 मई को केदारनाथ धाम, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे, जबकि बद्रीनाथ धाम के कपाट 12 मई को खोले गए। कई गुना अधिक यात्री आने से हुई थी अव्‍यवस्‍था धामों के कपाट खोलने के बाद से ही उत्तराखंड में तीर्थयात्रियों का सैलाब उमड़ रहा है। भारी संख्या में तीर्थयात्री चारों धाम के साथ ही पंच केदार और दूसरे पर्यटक स्थलों तक जा रहे हैं। मई माह से अब तक उम्मीद से कई गुना अधिक यात्रियों के आने के चलते कई बार व्यवस्थाएं धड़ाम भी हुईं लेकिन पुलिस प्रशासन ने व्यवस्थाओं को किसी तरह से पटरी पर बना कर रखा। पहले थी स्‍लॉट की व्‍यवस्‍था यात्रा प्रशासन की ओर से 1 जून से 1,500 तीर्थ यात्रियों के पंजीकरण का स्लॉट बनाया गया था। कुछ दिन बाद 2,000 का स्लॉट जारी किया गया फिर 3,000 किया गया। लेकिन बाद में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में चार हजार का स्लॉट जारी करने की घोषणा कर दी। हालांकि बाद में इस बाध्यता भी खत्म कर दिया गया था। अब रज‍िस्‍ट्रेशन के लिए मारामारी नहीं पिछले तीन दिनों से ट्रांजिट कैंप में लगभग 2,600 से 2,700 तीर्थयात्री काउंटर पर पंजीकरण कराने के लिए पहुंच रहे हैं। ट्रांजिट कैंप परिसर में अब पंजीकरण के लिए मारामारी भी नहीं हो रही है। कम तीर्थ यात्रियों के आने से यात्रा प्रशासन ने अब पंजीकरण से पहले टोकन देने की व्यवस्था खत्म कर दी है। अब तीर्थयात्री सीधे काउंटर पर आकर पंजीकरण करवाकर चारधाम की यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। चारधाम यात्रा प्रशासन के ओएसडी नरेंद्र क्वीरियाल के अनुसार चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण से पहले की टोकन व्यवस्था को खत्म किया गया है। प्रतिदिन औसतन 2,600 से 2,700 तीर्थयात्री पंजीकरण करवाकर सीधे चारधाम की यात्रा पर जा रहे हैं।

मुंबई में बकरीद पर शर्मनाक करतूत, कुर्बानी के बकरे पर लिखा ‘राम’ नाम

मुंबई आज, 17 जून को ईद-अल-अज़हा है. यानी ‘क़ुरबानी’ की ईद, जिसे आम ज़ुबान में बकरीद (Bakrid) कहते हैं. इस मौक़े के लिए नवी मुंबई का एक व्यक्ति बकरे लाया था. पर जिन बकरों को ज़िबाह करना था, उनमें से एक की पीठ पर ‘राम’ लिखा हुआ था. इसकी तस्वीरें सामने आईं, तो हिंदू संगठनों ने उस व्यक्ति के ख़िलाफ़ केस दर्ज कराया. अब पुलिस ने आरोपी व्यक्ति को पकड़ लिया है और उसकी गोश्त की दुकान को सील कर दिया है. हिंदुवादी संगठन बजरंग दल ने मुंबई के CBD बेलापुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दी थी. शिकायत के मुताबिक़, बकरे पर राम लिखकर आरोपी ने हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया है और इससे हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं. पुलिस को जांच में पता चला कि ‘क़ुरबानी’ के लिए दुकान पर 22 बकरे लाए गए थे. उन्हीं में से एक बकरे पर राम लिखा हुआ था. फिर पुलिस ने दुकान मालिक सहित कुल तीन लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज कर लिया. मोहम्मद शफ़ी शेख़, साजिद शफ़ी शेख़ और कुय्याम. इनपर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा- 295(ए) और धारा-34 के तहत और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. पिछले साल भी बकरीद पर मुंबई में बवाल हुआ था. तब मुंबई के मीरा रोड इलाक़े में एक आदमी ‘क़ुरबानी’ के लिए दो बकरे लेकर आया था. ये बात सोसायटी में रहने वालों को हज़म नहीं हुई. उन्होंने विरोध किया. ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए और हनुमान चालीसा का पाठ किया. उनका कहना था कि नियम के मुताबिक़ किसी भी पशु को परिसर के अंदर नहीं लाया जा सकता. उन्होंने मांग की कि जिन बकरों को क़ुर्बानी के लिए लाया गया है, उन्हें बाहर किया जाए. लाइसेंस रद्द करने की भी तैयारी! पुलिस के मुताबिक,’कुर्बानी के लिए दुकान पर 22 बकरे लाए गए थे, लेकिन उनमें से एक बकरे पर धार्मिक नाम लिखा हुआ था.’ शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों की पहचान करते हुए मोहम्मद शफी शेख, साजिद शफी शेख और कुय्याम के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने दुकान का लाइसेंस रद्द करने के लिए नगर निगम और अन्य अधिकारियों के सामने भी मामला उठाया है. भावनाएं आहत करने का आरोप बता दें कि पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर बकरे की फोटो तेजी से वायरल हो रही थी. इस बकरे की पीठ पर अंग्रेजी में राम (RAM) लिखा हुआ था. फोटो को शेयर करते हुए हिंदू संगठन लगातार बकरे पर यह लिखने वाले के खिलाफ एक्शन की मांग कर रहे थे. हिंदू संगठनों का दावा था कि इससे उनकी भावनाएं आहत हुई हैं. इसे देखते हुए ही पुलिस ने अब तीन आरोपियों के खिलाफ एक्शन लिया है.

आज मिल गया सफ़ेद बालो का इलाज , जाने

हर कोई चाहता है कि वो सुंदर और जवां दिखे, इसके लिए बालों की डार्कनेस जरूरी है, लेकिन आजकल 20 से 25 की उम्र ही सिर पर सफेद बाल आने लगते हैं, आमतौर पर इसके पीछे हमारी अजीबोगरीब लाइफस्टाइल और अनहेल्दी फूड हैबिट्स जिम्मेदार होती है. ऐसे में कई युवाओं को शर्मिंदगी और लो कॉन्फिडेंस का सामना करना पड़ता है, हालांकि अब आपको ऐसी ट्रिक बताने जा रहे हैं जिससे सिर के बाल इतने डार्क हो जाएंगे।  चायपत्ती की मदद से पाएं डार्क हेयर सफेद बालों को काला करने के लिए चाय की पत्तियां आपके काफी काम आ सकती है. भारत में पानी के बाद सबसे ज्यादा पिया जाने वाला पेय पदार्थ चाय ही, क्यों न इसकी मदद से बालों को डार्क किया जाए. ये काम बेहद आसान है और इस नुस्खे को घर बैठे बैठे अपनाया जा सकता है.   चायपत्ती क्यों है फायदेमंद चाय की पत्तियों में वो सारे पोषक तत्व पाए जाते हैं जिनकी मदद से आप बालों की सेहत बेहतर कर सकते हैं. इनमें नाइट्रोजन 4 फीसदी, पोटेशियम 0.25 फीसदी और फास्फोरस 0.24 फीसदी पाया जाता है. दरअसल चाय की पत्तियों में नेचुरल ब्लैक कलर होता है जिसकी मदद से बालों की सफेदी से छुटकारा पाना आसान हो जाता है. आइए जानते हैं कि इसे जुल्फों में कैसे लगाते हैं. बालों में चायपत्ती कैसे लगाएं? -बालों में चायपत्ती को डायरेक्ट नहीं लगाया जाता बल्कि इसके पानी का इस्तेमाल किया जाता है. -इसके लिए आप एक बर्तन को गैस स्टोव पर रखें और इसे उबाल लें -अब इसे में 4 से 5 चम्मच चाय की पत्ती डालें और 5 मिनट तक फिर उबालें -अगर आप चाहते हैं कि इसका असर और ज्यादा हो तो 1 कप कॉफी भी मिक्स कर लें -अब मिक्सचर को इतना उबालें कि पानी पहले से आधा रह जाए. -अब गैस बंद कर दें और इसे ठंडा होने के लिए छोड़ दें -अब इस चाय के पानी से बाल को धोएं, इस दौरान शैम्पू न लगाएं

एक्‍स ने भारत में 2 लाख से ज्‍यादा अकाउंट किए बैन, जानिए क्‍यों उठाया यह कदम

Telangana CM Reddy extends helping hand

मुंबई टेस्ला के सीईओ ने एलन मस्क के EVM को हैक किए जाने वाले दावे पर भारत में अभी विवाद थमा नहीं था कि अब एक्स को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. एक्स ने करीब दो लाख भारतीय अकाउंट को बैन कर दिया है. एक्स ने 26 अप्रैल से 25 मई के बीच भारत में 2,29,925 अकाउंट पर प्रतिबंध लगाया है, जिनमें से अधिकतर अकाउंट बाल यौन शोषण और गैर-सहमति वाली नग्नता को बढ़ावा देने से जुड़े थे. दो लाख से अधिक अकाउंट्स पर लगाया प्रतिबंध एलन मस्क के नेतृत्व वाले माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म एक्स ने आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले 967 अकाउंट भी हटा दिए हैं. अगर कुल अकाउंट्स की बात की जाए तो एक्स ने 2 लाख 30 हजार 892 खातों पर प्रतिबंध लगाया है. एक्स ने नए आईटी नियम, 2021 के अनुपालन में अपनी मासिक रिपोर्ट में बताया कि उसे शिकायत निवारण तंत्र के माध्यम से उसी समय सीमा में भारत में उपयोगकर्ताओं से 17,580 शिकायतें मिली हैं. इसके अलावा कंपनी ने 76 शिकायतों का निपटारा किया, जिनमें खाते को निलंबन के विरुद्ध अपील की गई थी. एक्स ने बयान में क्या कहा? एक्स ने एक बयान में कहा, “हमने स्थिति की बारीकियों की समीक्षा करने के बाद इनमें से जीरों खातों के निलंबन को रद्द कर दिया है. शेष रिपोर्ट किए गए खाते निलंबित रहेंगे. इस रिपोर्टिंग अवधि के दौरान हमें खातों से संबंधित सामान्य प्रश्नों से संबंधित 31 अनुरोध प्राप्त हुए थे.” एक्स को मिली अलग-अलग कैटेगरी में शिकायत एक्स के मुताबिक, भारत से सबसे अधिक शिकायतें प्रतिबंध उल्लंघन (6,881) के बारे में थीं. इसके बाद घृणित आचरण (3,763), संवेदनशील वयस्क सामग्री (3,205) और दुर्व्यवहार/उत्पीड़न (2,815) के बारे में शिकायतें मिली थीं. 26 मार्च से 25 अप्रैल के बीच एक्स ने देश में 1,84,241 खातों पर प्रतिबंध लगाया है. माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ने अपने प्लेटफॉर्म पर आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले 1,303 अकाउंट भी हटा दिए हैं.

एसीसी चिल्हाटी साइट पर अदाणी फाउंडेशन ने सस्टेनेबल संबंधी अपने प्रयासों के माध्यम से ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाया

Allegation of discrimination in the budget… Opposition ruckus inside and outside the Parliament

बिलासपुर •    बिलासपुर, छत्तीसगढ़ के बोहरडीह गांव में 1,200 निवासियों और 70 एकड़ कृषि भूमि के लिए बारहमासी जल आपूर्ति सक्षम करने के लिए 7 उथले तालाबों को गहरा किया गया और आपस में जोड़ा गया। •    बिलासपुर के 16 गांवों के ग्रामीण समुदायों को समय पर और प्रभावी चिकित्सा देखभाल के लिए मोबाइल स्वास्थ्य इकाई (एमएचयू) शुरू की गई, जिससे 7,400 से अधिक निवासियों को अपने घरों पर ही मिला फायदा। •    ई-सेवाओं का लाभ उठाना आसान बनाने के लिए लोहरसी गांव में कॉमन सर्विस सेंटर स्थापित किया गया, जिसने लगभग 1,000 परिवारों को 1.1 करोड़ रुपए की सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ उठाने में सहायता की। •    बोहारडीह गांव के 64 किसानों को सौर ऊर्जा से चलने वाली लिफ्ट सिंचाई प्रणाली प्रदान की गई, जिसके परिणामस्वरूप पहले एक के बजाय साल में 3 फसलों की सिंचाई हो रही है। •    गोडाडीह गांव में 25 स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की 60 महिलाओं को आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए मशरूम की खेती और गैर-कृषि व्यवसाय उपक्रमों के लिए ट्रेनिंग दी गई। •    लोहरसी गांव में मवेशियों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए 1,378 गायों की पहचान की गई, जिनमें से 59 मवेशियों ने एसएसएस कृत्रिम गर्भाधान कराया, जिसके परिणामस्वरूप 7 मादा बछड़ों का जन्म हुआ। छत्तीसगढ़ – विविध कारोबार वाले अदाणी पोर्टफोलियो की सीमेंट और निर्माण सामग्री कंपनी एसीसी लिमिटेड ने अपने संयंत्रों के नजदीकी इलाकों में रहने वाले ग्रामीण समुदायों के लिए स्थायी आजीविका को सक्षम करने की दिशा में प्रतिबद्धता के साथ कदम उठाए हैं। एसीसी ने अदाणी फाउंडेशन के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में अपनी एसीसी चिल्हाटी साइट के पास कई गांवों में प्रभावशाली कॉर्पाेरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहलों की एक श्रृंखला शुरू की है। इन कदमों के जरिये आत्मनिर्भरता और स्थायी आजीविका को बढ़ावा देने और ग्रामीण समुदायों के लिए जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने का प्रयास पूरी जिम्मेदारी के साथ किया जा रहा है। सीएसआर टीमों ने ‘सप्त सरोवर’ परियोजना के तहत बोहारडीह गांव में सात छोटे तालाबों को जोड़ा है, जिससे दैनिक जरूरतों के लिए वर्षा जल संचयन में वृद्धि हुई है। इस तरह 1,200 निवासियों और 70 एकड़ कृषि भूमि को लाभ हुआ है। एसीसी और अदाणी फाउंडेशन ने बोहारडीह में 64 किसानों के लिए सौर ऊर्जा चालित लिफ्ट सिंचाई प्रणाली भी शुरू की है। अपने 54 एकड़ खेत के लिए पानी की नियमित सप्लाई मिलने से ये किसान परिवार एक के बजाय साल में तीन फसलों की खेती करने के लिए सक्षम हो गए हैं, जिससे स्वाभाविक तौर पर उनकी पैदावार और आय में वृद्धि हुई है। लोहरसी गांव में, डिजिटल पहुंच को बढ़ाने के लिए एक कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) स्थापित किया गया है, जिससे अब तक लगभग 1,000 परिवारों को कुल मिलाकर 1.1 करोड़ रुपए की सरकारी ई-सेवाओं का लाभ मिला है। इसमें यहां के वाशिंदों को एबीएचए स्वास्थ्य योजना से जोड़ना भी शामिल है, जिससे करीब 50 लाख रुपए का लाभ हुआ है। इस सफलता को देखते हुए यहां अब दो और सीएससी खुलने वाले हैं। घर-घर स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए, एसीसी और अदाणी फाउंडेशन ने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 16 गांवों को कवर करने के लिए एक मोबाइल स्वास्थ्य इकाई (एमएचयू) प्रदान की है। इस पहल से अब तक 7,400 से अधिक निवासियों को लाभ हुआ है, पांच गांवों में अतिरिक्त नेत्र जांच शिविर आयोजित किए गए हैं, जिसमें 972 रोगियों को मुफ्त नेत्र देखभाल प्रदान की गई है और 168 स्कूली बच्चों की आंखों के फ्लू की जांच की गई है। सीएसआर टीमों ने गोडाडीह गांव में 25 स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की 60 महिलाओं को प्रशिक्षित किया है। ये ऐसी महिलाएं हैं, जो मशरूम की खेती और झाड़ू बनाने, मोमबत्ती बनाने, अगरबत्ती बनाने और चूड़ी बनाने जैसे गैर-कृषि व्यवसाय उपक्रमों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। इन पहलों का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के बीच आत्मनिर्भरता और वित्तीय स्वतंत्रता को बढ़ावा देना है। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के बीच लीडरशिप का कौशल विकसित करने के लिहाज से नियमित तौर पर बैठकों का आयोजन भी किया जाता है। लोहरसी गांव में आर्थिक विकास में तेजी लाने और यहां मवेशियों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सीएसआर टीमों ने एकीकृत पशुधन विकास परियोजना (आईएलडीपी) शुरू की है। इस परियोजना के तहत 1,378 गायों की पहचान की गई है, जिनमें से 59 को सेक्स सॉर्टेड सीमेन (एसएसएस) कृत्रिम गर्भाधान से गुज़ारा गया, जिसके परिणामस्वरूप सात मादा बछड़ों का जन्म हुआ। यह पहल मौसमी और बारहमासी चारे की खेती के लिहाज से भी फायदेमंद है, जिससे मक्का, जई और संकर नेपियर घास के साथ 51 किसानों को लाभ मिलता है। । एसीसी लिमिटेड और अदाणी फाउंडेशन की ये व्यापक पहल छत्तीसगढ़ में सतत विकास, सामुदायिक सशक्तिकरण और ग्रामीण परिवर्तन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को उजागर करती है। ठोस प्रयासों और अभिनव समाधानों के माध्यम से, वे अपने द्वारा सेवा प्रदान किए जाने वाले ग्रामीण समुदायों के लिए एक उज्जवल, आत्मनिर्भर भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।

चिड़िया को सोने का पिंजरा नहीं, उसे उड़ने के लिए खुला आसमान चाहिए ##प्रलेस की युवा काव्य गोष्ठी सम्पन्न

बिलासपुर  प्रगतिशील लेखक संघ की स्थानीय इकाई ने युवा रचनाशीलता पर केंद्रित एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया। उक्त गोष्ठी में शम्मी कुजूर, श्रुति सोनी और उपासना ने अपनी कविताओं का पाठ किया।इन कविताओं में अपने समय तथा परिवेश की स्थितियां, घटनाओं को बहुत ही प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। युवा रचनाकारों की कविताओं में जीवन के विभिन्न पहलुओं को रेखांकित करने का रचनात्मक प्रयास दिखाई दिया। शम्मी कुजूर ने अपनी कविता में प्रकृति, मानवीय संबंध एवं भावनाओं का बहुत ही भावनात्मक चित्रण किया है। पेड़ कविता में कहा गया ‘चिड़िया को सोने का पिंजरा नहीं चाहिए उसे उड़ने के लिए खुला आसमान चाहिए’।  वहीं ‘मां कविता में मां के अपनत्व व पीड़ा को व्यक्त करते कहा कि ” सिल रही है मां घावों को, जैसे सिलती है फटे कपड़ों को’।  युवा कवि श्रुति सोनी ने प्रकृति पर केंद्रित मेरे गीत, परदा, पेड़, विरह  रचनाओं का पाठ किया।   नवोदित कवि उपासना ने ‘घर का आंगन’ व ‘बेटियों का संसार’  शीर्षक कविता का पाठ किया। इस अवसर पर युवा कवि निहाल सोनी ने सम सामयिक विषय पर अपनी धारदार कविता का पाठ किया।        पठित रचनाओं पर  रफ़ीक खान,मुश्ताक मकवाना,डॉ. अशोक शिरोडे तथा अन्य लोगों ने अपने विचार रखे। तथा नवोदित रचनाकारों का उत्साह वर्धन किया। इस कार्यक्रम में लखन सिंह, गौरव मंगरुलकर, श्रीमती मीना सोनी, पंकज सोनी, ओमप्रकाश भट्ट, जितेंद्र पांडेय, शिवानी सोनी, अभिषेक सोनी, ज़ीशान खोकर, आलम खान, लड्डू आदि की उपस्थिति महत्वपूर्ण रही। गोष्ठी का संचालन स्थानीय इकाई के सचिव डॉ. अशोक शिरोडे ने किया।

UP में भाजपा की टास्क फोर्स तलाश रही हार के कारण, अब तक मिलीं ये 3 वजहें

लखनऊ लोकसभा चुनाव में भाजपा को उत्तर प्रदेश में करारा झटका लगा है। 2019 में उसे जहां 62 सीटें मिली थीं, वहीं 2024 के आम चुनाव में 33 पर संतोष करना पड़ा है। भाजपा उत्तर प्रदेश जैसे राज्य से 29 सीटें कम मिलने की पूरे देश में चर्चा है। अब पार्टी भी इस पर मंथन में जुटी है और पूरा फीडबैक लेने के बाद कुछ ऐक्शन हो सकता है। अब तक पार्टी नेतृत्व को प्रत्याशियों और स्थानीय नेताओं से जो फीडबैक मिला है, उसके मुताबिक सांसदों को राज्य के कर्मचारियों से सहयोग न मिलना। पार्टी कार्यकर्ताओं का ही खिलाफ हो जाना और संविधान बदलने का गलत नैरेटिव जनता के बीच चल जाना नुकसान पहुंचा गया। यही नहीं भाजपा का राज्य नेतृत्व एक विस्तृत रिपोर्ट भी तैयार कर रहा है। इस रिपोर्ट को इस सप्ताह के अंत तक हाईकमान को सौंपा जाएगा। अब तक मिली जानकारी के अनुसार भाजपा ने यूपी में हार के कारणों की विस्तृत पड़ताल के लिए एक टास्क फोर्स का भी गठन किया है। इस टास्क फोर्स को सूबे की 78 सीटों की समीक्षा का काम सौंपा गया है। सिर्फ पीएम नरेंद्र मोदी की सीट वाराणसी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की सीट लखनऊ की यह टास्क फोर्स समीक्षा नहीं करेगी। इसके अलावा सूबे की बाकी सभी 78 सीटों की समीक्षा की जाएगी। भाजपा को सबसे ज्यादा हैरानी अमेठी, फैजाबाद (अयोध्या वाली सीट), बलिया और सुल्तानपुर जैसी सीटों पर हार से है। इन सीटों को भाजपा के लिए मजबूत माना जाता था। अमेठी में स्मृति इरानी की कांग्रेस के एक आम कार्यकर्ता से हार ने पूरे नैरेटिव को चोट पहुंचाई है। इसके अलावा अयोध्या की हार भी कान खड़े करने वाली है। सुल्तनापुर में मेनका गांधी ही चुनाव हार गईं, जो लगातार जीतती रही हैं। फिर अयोध्या की जीत ने तो पूरे नैरेटिव को ही चोट पहुंचाई है। भाजपा को उस सीट पर हारना पड़ गया, जहां ऐतिहासिक राम मंदिर बना है। 500 सालों के इतिहास का चक्र जिस अयोध्या में घूमा, वहां ऐसी हार ने भाजपा को हैरान कर दिया है। आरएसएस से भी मांग रहे फीडबैक, नैरेटिव को ही पहुंची चोट अब पार्टी पूरे नैरेटिव को कैसे सेट करे और अपनी हार को कैसे पचाया जाए। इसकी तैयारी में जुटी है। सूत्रों का कहना है कि भाजपा को आरएसएस और उसके आनुषांगिक संगठनों से भी फीडबैक मिलेगा। संघ के लोगों से भी कहा गया है कि वे समीक्षा करके बताएं कि हार के क्या कारण रहे। अब तक कई उम्मीदवारों ने भाजपा की स्टेट लीडरशिप को रिपोर्ट सौंप दी है, जिसमें बताया है कि हमारी हार के क्या कारण रहे हैं। इनमें एक बड़ा कारण यह है कि सरकारी कर्मचारियों ने सांसदों का सहयोग नहीं किया है। वहीं पार्टी के ही कार्यकर्ताओं का बड़ा वर्ग खिलाफ चला गया। वहीं जाति के आधार पर ठाकुरों की रैलियों ने भी पश्चिम से पूर्व तक भाजपा को नुकसान पहुंचाया।  

रक्षा मंत्रालय 2025 के बाद 371 रक्षा सामग्री की स्वदेशी खरीद को अनिवार्य बना सकता

Varnwal changed the order of Consotiya in the forest land issue of Jhinna mine of Katni.

नई दिल्ली रक्षा मंत्रालय दिसंबर 2025 के बाद तकरीबन 371 रक्षा सामग्री की स्वदेशी खरीद को अनिवार्य बना सकता है। इन सामग्रियों का निर्माण देश में किया जा रहा है तथा कोशिश यह हो रही है कि उपरोक्त तिथि के बाद इनके आयात को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया जाए। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, देश में रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता लाने के लिए दिसंबर 2025 से पहले इन 371 रक्षा सामानों को देश में ही बनाने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय डीआरडीओ, रक्षा उत्पादन विभाग और उद्योग जगत से परामर्श के बाद लिया गया। दरअसल, ये सभी सामान अभी विदेशों से आयात होकर आ रहे थे। जबकि उद्योग जगत और सार्वजनिक रक्षा उपक्रम इनका देश में निर्माण करने में सक्षम थे। इनमें गोला, बारूद, विभिन्न प्रकार की बंदूकें, राइफलें, राडार, मानव रहित विमान, रक्षा प्लेटफार्म, वायुसान, जंगी पोत, पनडुब्बियां आदि शामिल हैं। दूसरे चरण में दिसंबर 2026 के बाद 66 और रक्षा सामग्री के आयात को प्रतिबंधित किया जाएगा। इसी प्रकार दिसंबर 2027 तक 29, 2028 तक 25, 2030 तक 14 और 2032 तक चार और रक्षा सामग्री का देश में ही निर्माण होगा तथा उनका विदेश से आयात बंद हो जाएगा। देश में बनीं इन रक्षा सामग्रियों के परीक्षण में सफल रहने के बाद सेनाओं पर इनकी खरीद की बाध्यता होगी। मौजूदा समय में सेनाएं वैश्विक निविदा के जरिये रक्षा साजो सामान की खरीद करती हैं तथा उसमें देश की कंपनियां भी आवेदन कर सकती हैं। भविष्य में ग्लोबल टेंडर की जरूरत नहीं होगी। बल्कि टेंडर सिर्फ देशी कंपनियों के लिए ही निकाले जाएंगे। सूत्रों ने कहा कि सूची में शामिल कई रक्षा सामान देश में बनने भी शुरू हो चुके हैं। लेकिन उनका इस्तेमाल सेनाओं में नहीं हो रहा है। इससे एक नुकसान यह हो रहा है कि उनका निर्यात नहीं हो पा रहा है। कई देश रक्षा सामान की खरीद में यह देखते हैं कि जिस देश से वह खरीद रहे हैं, उस देश की सेना में उनका इस्तेमाल हो रहा है या नहीं। इसलिए जहां स्वदेशी खरीद से विदेशी मुद्रा की बचत होगी, वहीं विदेशों को निर्यात में भी बढ़ोत्तरी होगी। विदेशों से रक्षा सामग्री की खरीद (2022-22) : 40839 करोड़ विदेशों को रक्षा सामग्री का निर्यात (2023-24) : 21083 करोड़ निर्यात लक्ष्य (2028-29 : 50000 करोड़ रुपये स्वदेशी खरीद के लिए बजट: 70 फीसदी (कुल खरीद का)  

शिकागो यूनिवर्सिटी के मुस्लिम छात्र ने अमेरिका को कैंसर कहा,मचा बबाल

Massive fire in textile shop in Tikamgarh of the state, two people trapped inside

शिकागो शिकागो के इलिनोइस विश्वविद्यालय के एक मुस्लिम छात्र ने अमेरिका, अमेरिकी सरकार और लोकतंत्र को कैंसर कह दिया। इसके बाद छात्र को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। कथित तौर पर छात्र ने यह बातें 3 मई, 2024 को दिए गए भाषण के दौरान कही थी। हालांकि वीडियो अब सामने आया है और खूब वायरल हो रहा है। न्यूज आउटलेट MEMRI के मुताबिक छात्र का नाम मोहम्मद नुसैरत है। नुसैरत की लिंक्डइन प्रोफ़ाइल के मुताबिक वह इलियोनिस विश्वविद्यालय में बैचलर ऑफ़ साइंस – बीएस, डेटा साइंस के साथ कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रहा है। उसने विश्वविद्यालय के मुस्लिम स्टूडेंट एसोसिएशन के एक कार्यक्रम में दिए गए भाषण में कहा कि, “अमेरिका कैंसर है। अमेरिका, अमेरिकी सरकार, धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र, पूंजीवाद, ये ऐसे कैंसर हैं जिन्होंने अपनी बीमारी पूरी दुनिया में फैलाई है। उसने आगे कहा” अब मुसलमान इस कैंसर से थक चुके हैं। वे अमेरिकी सरकार से थक चुके हैं। वे लोकतंत्र से थक चुके हैं। वे जीवन का एक नया तरीका देखना चाहते हैं। और मुसलमानों के रूप में, हमें यह समझना होगा कि हमारे पास जीवन का वह नया तरीका है।” उसने आगे कहा, “इस्लाम एक न्यायपूर्ण धर्म है जिसे समाज पर लागू किया जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर वायरल हुए नुसैरत के भाषण की काफी आलोचना हुई। वीडियो पर एक यूजर ने कमेंट किया, “तो चले जाओ। हम अमेरिका में किसी ऐसे व्यक्ति को नहीं चाहते जो हमारे देश से नफरत करता हो। चले जाओ और कभी वापस मत आना।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “उनकी स्क्लोरशिप और वीजा को तुरंत रद्द कर दिया जाना चाहिए।” जबकि दूसरे यूजर ने टिप्पणी की कि अमेरिका से थके हुए लोगों को अमेरिका में नहीं रहना चाहिए।  

नोनी के पत्तों का रस कई बीमारियों के ल‍िए फायदेमंद

    हाल के वर्षों में नोनी के सेहत से जुड़े फायदों और एंटीऑक्सीडेंट गुणों की तरफ सभी का ध्यान खींचा है। हालांक‍ि, ज्यादातर नोनी के पेड़ को इसकी आकर्षक पत्तियों के लिए उगाया जाता है। नोनी के पत्तों का साग झारखंड, बिहार, बंगाल और उड़ीसा में खूब खाया जाता है। नोनी के पत्तों में फ्लेवोनॉइड, प्रोटीन, सैपोनिन और टैनिन होते हैं। ये विटामिन-ए, विटामिन-बी, विटामिन-सी, विटामिन-डी और विटामिन-ई से भरपूर होते हैं। ज‍िसके चलते नोनी के पत्तों का रस एंटी-बैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटी-ऑक्सीडेंट और सूजन को कम करने में फायदेमंद होते हैं और डायजेशन बेहतर करने में भी मददगार है। तो आइए जानते हैं क‍ि नोनी के पत्तों का रस क‍िन बीमार‍ियों या सेहत से जुड़ी समस्याओं में उपयोगी है। नोनी के पत्तियों का रस याददाश्त में कमी की समस्याओं को ठीक करने में कारगर है। कमजोर याददाश्त के मरीजों पर किए गए र‍िसर्च स्टडी के मुताब‍िक, नोनी की पत्तियों के रस के सेवन से द‍िमाग में ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है और मेमोरी फंक्शंस को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।नोनी की पत्तियों का रस शरीर में शुगर लेवल को कम करने में मदद करता है जिससे घाव जल्द भरने में मदद म‍िलती है। नोनी के पत्तों का रस रोजाना पीने से लीवर को कई समस्याओं से बचाया जा सकता है। नोनी के पत्तों का रस लीवर पर हेपाटो-प्रोटेक्टिव इफेक्ट्स डालता है जो कि क्रोनिक एक्सोजेनस केमिकल्स से सुरक्षित रखते हुए लिवर डैमेज जैसी बड़ी बीमारियों से बचाता है। नोनी की पत्त‍ियों का रस धूप के चलते होने वाली लालिमा और सूजन को कम करता है। स्टडी से पता चलता है क‍ि इसके पत्ते त्वचा पर सीधे इस्तेमाल के ल‍िए सुरक्षित हैं और त्वचा के लिए अल्ट्रावॉयलेट क‍िरणों से होने वाले नुकसान को कम करने में फायदेमंद हो सकते हैं। स्टडीज के मुताब‍िक, नोनी के पत्तों का रस एंथ्राक्विनोन से भरपूर होता है, जो स्क‍िन में झुर्रियां बनने से रोकता है। इसके एंटी-बैक्टीरियल, सूजन कम करने वाले गुण सेलुलर स्तर पर काम करते हैं और मुंहासे, जलन, स्क‍िन में होने वाली एलर्जी र‍िएक्शन को ठीक करने में उपयोगी होते हैं। र‍िसर्च में सामने आया है क‍ि नोनी के पत्तियों में एंटीऑक्सीडेंट तत्वों की मौजूदगी इसे इम्यून‍िटी बूस्टर बनाती है। इसके पत्तियों को कच्चा चबाकर खाने से, साग बनाकर खाने से या रस पीने से बॉडी की टी और बी सेल्स की एक्टिव‍िटीज बढ़ती है, जिससे शरीर में संक्रमण से लड़ने वाली श्वेत रक्त कोशिकाएं 50% ज्यादा बेहतर काम करती है। वैज्ञान‍िक जांच में नोनी के पत्तियों के रस में एनाल्जेसिक लक्षणों के बारे में बताया गया है जो दर्द और संवेदनशीलता को कम करने में मदद करता है, जिससे गठिया की समस्या में राहत म‍िलती है। स्टडीज से यह भी बात पता चलती है क‍ि नोनी रस के औषधीय गुण बाजार में म‍िलने वाली कुछ मशहूर एनाल्जेसिक दवाओं के बराबर है। हाई ब्लड प्रैशर द‍िल की बीमार‍ियों का सबसे बड़ा कारण है। नोनी के पत्तों में रुटिन की उच्च मात्रा होती हैं जो क‍ि आमतौर पर चाय और सेब में पाया जाने वाला एक फ्लेवोनोइड है। इसके अलावा इसमें स्कोपोलेटिन होता है। ये दोनों ब्लड प्रैशर कम करने में हेल्पफुल है। डायब‍िटिक लोगों को नोनी के पत्तियों का साग बनाकर खाने से बहुत फायदा हो सकता है। टाइप-2 डायब‍िटीज के खतरे को कम करने में नोनी की पत्तियां बहुत असरदार है। इसके पत्तियों का साग या रस का सेवन शरीर में ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन, सीरम ट्राइग्लिसराइड्स और लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा, यह इंसुलिन सेंसेव‍िटी को बढ़ाने में मदद करता है।

केरल कांग्रेस ने जी7 में पोप – मोदी की मुलाकात का मजाक उड़ाया

नई दिल्ली केरल कांग्रेस ने पोप फ्रांसिस और पीएम नरेंद्र मोदी की मुलाकात पर तंज कसा था। जब कांग्रेस को यह मजाक भारी पड़ गया तो उसने पोप से माफी मांगी है। इस मामले में भाजपा ने कांग्रेस के कमेंट पर आपत्ति जताई थी और फटकार लगाई थी। मामला यूं है कि जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए इटली पहुंचे पीएम मोदी ने पोप फ्रांसिस से मुलाकात की थी। मुलाकात की तस्वीर को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए कांग्रेस ने तंज कसा था- आखिरकार पोप को भगवान से मिलने का मौका मिल ही गया। हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार करते हुए पीएम मोदी ने एक इंटरव्यू में कहा था- मुझे विश्वास है कि मुझे भगवान ने भेजा है। इसे लेकर कांग्रेस ने यह टिप्पणी की थी। कांग्रेस ने फिर एक पोस्ट में माफी मांगी है और कहा है कि किसी धर्म का तिरस्कार करना उसकी परंपरा नहीं है। लगातार तीसरी बार देश की बागडोर संभालने के बाद पीएम मोदी ने पहली विदेश यात्रा के लिए इटली का दौरा किया था। यहां जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए पीएम मोदी इटली पीएम मेलोनी के आमंत्रण पर पहुंचे थे। यहां उन्होंने दुनियाभर के राष्ट्रप्रमुखों से मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी की पोप फ्रांसिस संग भी मुलाकात की तस्वीर सामने आई। इस तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए केरल कांग्रेस ने तंज कसा था। केरल कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पोप फ्रांसिस का वीडियो शेयर करते हुए लिखा था, “आखिरकार पोप की भगवान से मुलाकात हो गई।” कांग्रेस की इस पोस्ट पर भाजपा नेताओं ने आपत्ति जताई और कांग्रेस पार्टी को फटकार लगाई। भाजपा नेता अमित मालवीय ने कांग्रेस की पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि हिंदुओं का मज़ाक उड़ाने और उनकी आस्था का उपहास करने के बाद कांग्रेस में इस्लामवादी-मार्क्सवादी गठजोड़ अब ईसाइयों का अपमान करने पर उतर आया है। यह तब है, जब सबसे लंबे समय तक कांग्रेस अध्यक्ष रहीं सोनिया गांधी खुद कैथोलिक हैं। उसे माफ़ी मांगनी चाहिए। कांग्रेस को फटकार लगाने वालों में सिर्फ मालवीय ही नहीं, के सुंदरन, हाल ही में कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए अनिल एंटनी और केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन जैसे नेता भी थे। कुरियन ने कहा कि ययह शर्मनाक है कि कांग्रेस इस स्तर तक गिर गई है। चौतरफा घिरने और आलोचना झेलने के बाद केरल कांग्रेस की तरफ से माफीनामा भी आया। कांग्रेस ने मांगी माफी कांग्रेस पार्टी की केरल इकाई ने अगले पोस्ट में लिखा, “इस देश की पूरी जनता जानती है कि किसी भी धर्म, धार्मिक पुजारियों और मूर्तियों का अपमान और तिरस्कार करना भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की परंपरा नहीं है। कांग्रेस एक ऐसा आंदोलन है जो सभी धर्मों और आस्थाओं को एकजुट करता है और मैत्रीपूर्ण माहौल में लोगों को आगे बढ़ाता है। कोई भी कांग्रेस कार्यकर्ता पोप का अपमान करने के बारे में दूर-दूर तक नहीं सोचेगा, जिन्हें दुनिया भर के ईसाइयों के भगवान के समान मानते हैं। हालांकि, कांग्रेस को नरेंद्र मोदी का मज़ाक उड़ाने में कोई गुरेज नहीं है, जो यह कहते हैं कि वह भगवान हैं। देशवासी नरेंद्र मोदी के बेशर्म राजनीतिक खेल को पोप के अपमान के रूप में चित्रित करने की कोशिश करने वालों को समझेंगे। यदि मोदी और उनके साथियों को ईसाई समुदाय के प्रति सच्चा प्रेम है तो मणिपुर में जलाए गए चर्च पर वे चुप क्यों रहे? पहले उन्हें ईसाई समुदाय से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। यदि इस पोस्ट से ईसाइयों को कोई दुख हुआ हो तो हम क्षमा मांगते हैं।”  

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