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कलियुग के 10,000 वर्षों के बाद क्या होगा? ब्रह्मवैवर्त पुराण की भविष्यवाणियां

कलियुग को लेकर पुराणों में काफी वर्णन किया गया है। बाकी युगों की तुलना में कलियुग की आयु सबसे कम होगी। ब्रह्मवैवर्त पुराण में बताया गया है कि जब कलयुग के 10 हजार वर्ष बीत जाएंगे तो बहुत ही विचित्र तरह की घटनाएं घटेंगी। ब्रह्मवैवर्त पुराण में कलयुग को लेकर जिस तरह की भविष्यवाणियां की गई हैं उसे जानकर आप हैरान हो जाएंगे। ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, कलियुग को लगभग 5 हजार वर्ष बीत चुके हैं। जैसे जैसे कलियुग आगे बढ़ेगा और 10 हजार वर्ष बीत जाएंगे। संसार में जिस तरह की घटनाएं घटेंगे वह आपको स्तंभ कर सकती हैं। आइए जानते हैं कलियुग के 10 हजार वर्ष बाद क्या होने वाला है। कलियुग में विलुप्त हो जाएंगे गंगा, सरस्वती और तुलसी ब्रह्मवैवर्त पुराण में कलियुग को लेकर बहुत ही चौकाने वाली बाते बताई गई हैं। पुराण में बताया गया है कि जब कलियुग के 5 हजार वर्ष बीत जाएंगे। तो सबसे पहले गंगा, तुलसी और सरस्वती धरती से विलुप्त होने लगेंगी। ये तीनों बैकुंठ धाम में चले जाएंगी। जब ये तीनों देवियां धरती से वापस जाएंगे तो उनके साथ वृंदावन और काशी को छोड़कर बाकी सारे तीर्थ भी इनके साथ वापस बैकुंठ चले जाएंगे। कलियुग में भगवान जगन्नाथ धरती से चले जाएंगे इसी के साथ जब कलियुग का 10 हजार वर्ष बीतेंगे तो शालिग्राम, श्री हरि की मूर्ति, पुरुषोत्तम भगवान जगन्नाथ धरती को छोड़कर अपने धाम को पधार जाएंगे। इसी के साथ लोग पूजा पाठ करना बंद कर देंगे। लोग उपवास करना बंद कर देंगे और ग्राम देवी देवता का पूजन बंद कर देंगे। कलियुग में लोग करेंगे मांस मंदिरा का अधिक सेवन कलियुग के 10 हजार वर्ष बीत जाने के बाद लोग मांस मदिरा का अधिक सेवन करने लगेंगे। लोग झूठ का सहारा लेंगे। पुरुष और स्त्री एक दूसरे को धोखा देने लगेंगे। कलियुग में अपने परिवार के बैर रखेंगे लोग कलियुग जैसे जैसे अपने चरम पर पहुंचेगा लोग अपने परिवार के लोगों से अपरिचित व्यक्तियों की तरह व्यवहार करने लगेंगे। भाई भाई से बात नहीं करेगा। बहन भाई से कोई संबंध नहीं रखेगी। संबंधों में मधुरता खत्म होती जाएगी। सगे रिश्ते भी एक दूसरे का साथ नहीं देंगे। कलियुग में कम होगी अनाज की पैदावार कलियुग के 10 हजार वर्ष के बाद जमीन में अनाज की पैदावार नहीं होगी। लोग बुरे शब्दों का प्रयोग करेंगे। लोगों के व्यवहार में मिठास नहीं रहेगी।

घर बैठे लाखों रुपये कमाने का झांसा देकर 50 लाख रुपये से अधिक की ठगी, मामला दर्ज

नोएडा  साइबर अपराधियों ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाली एक महिला को घर बैठे शेयर बाजार और आईपीओ में निवेश करके लाखों रुपये कमाने का झांसा देकर उसके साथ कथित तौर पर 50 लाख रुपये से अधिक की ठगी की। घटना की रिपोर्ट साइबर अपराध थाने में दर्ज कराई गई है। सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर अपराध) विवेक रंजन राय के अनुसार पुलिस को दी गई शिकायत में एकता चैतन्य ने बताया कि कुछ समय पहले उन्होंने फेसबुक पर शेयर बाजार का एक विज्ञापन देखा था। शिकायत के अनुसार जब उन्होंने इस पर क्लिक किया तो उन्हें एक व्हॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया गया जिसमें घर बैठे डिजिटल मार्केटिंग और ऑनलाइन ट्रेडिंग करके लाखों रुपये कमाने की बात कही गई थी। महिला ने बताया कि ग्रुप में प्रतिदिन शेयर बाजार, आईपीओ को लेकर जानकारी दी जाती थी और इस दौरान कथित आरोपियों ने उनसे व्यक्तिगत बात करना शुरू कर दिया। शिकायत के अनुसार उन्हें कथित रूप से कई कंपनियों के शेयर में लाखों रुपये निवेश करने का झांसा दिया गया और उन्होंने कुल 50 लाख 9 हजार रुपये निवेश कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वह अपने मुनाफे की रकम वापस लेने लगीं तो जालसाजों ने उनके ट्रेडिंग खाते को बंद कर दिया और फिर कारोबार नहीं करने दिया। घर बैठे कमाई का झांसा देकर 20.54 लाख रुपये की ठगी  घर बैठे काम करके लाखों रुपये कमाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने एक व्यक्ति से कथित रूप से 20,54,464 रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित ने मामले की शिकायत साइबर अपराध थाने में की है। सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर अपराध) विवेक रंजन राय ने बताया कि शिकायत में ग्रेटर नोएडा निवासी संदीप कुमार ने बताया कि बीते दिनों उनके मोबाइल पर एक संदेश आया जिसमें घर बैठे काम कर लाखों रुपये प्रतिमाह कमाने की बात कही गई। शिकायत के अनुसार उन्हें ‘गूगल मैप’ पर होटलों की रेटिंग कर पैसे कमाने की बात कही गई और शुरुआत में इस काम के लिए पैसे भी दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद बड़ा निवेश कर अधिक कमाने का झांसा दिया गया और उन्होंने 50 हजार रुपये की रकम निवेश की। शिकायत में दावा किया गया है कि जब पीड़ित ने लाभ समेत अपनी रकम निकालनी चाही तो आरोपियों ने पांच लाख रुपये और निवेश करने के बाद ही पैसे वापस मिलने की बात कही। पीड़ित ने आरोप लगाया कि इसके बाद ठगों ने कई बार में उनसे 20 लाख 54 हजार 464 रुपये जमा करा लिए। उन्होंने आरोपियों पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। अधिकारी ने बताया कि इस मामले में पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात जालसाजों के खिलाफ धोखाधड़ी और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।    

अग्निकांड में मारे गए 46 भारतीयों के परिजनों को 15-15 हजार डॉलर का मुआवजा देगी- कुवैत सरकार

दुबई/कुवैत सिटी  कुवैत की सरकार दक्षिण अहमदी गवर्नरेट में पिछले दिनों हुए अग्निकांड में मारे गए 46 भारतीयों समेत सभी 50 लोगों के परिजनों को 15-15 हजार डॉलर का मुआवजा देगी। एक खबर में यह दावा किया गया। कुवैत के अधिकारियों के अनुसार मंगाफ इलाके में 12 जून को सात मंजिला इमारत में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी। इमारत में 196 प्रवासी श्रमिक रह रहे थे जिनमें अधिकतर भारतीय थे। ‘अरब टाइम्स’ अखबार में प्रकाशित खबर के अनुसार कुवैत के अमीर, शेख मेशाल अल-अहमद अल-जबर अल-सबाह के आदेश पर मृतकों के परिजन को 15-15 हजार डॉलर (12.5 लाख रुपये) की राशि मुआवजे के तौर पर दी जाएगी। सरकारी सूत्रों के हवाले से अखबार ने लिखा कि संबंधित दूतावासों को यह राशि पहुंचाई जाएगी। अग्निकांड में फिलीपीन के तीन नागरिक भी मारे गए थे और एक मृतक की पहचान नहीं हुई है। खबर में कहा गया है कि संबंधित दूतावास मृतकों के परिजनों तक राशि पहुंचाने का काम करेंगे। भारत सरकार ने भयावह अग्निकांड में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की थी। केरल सरकार ने पिछले सप्ताह कहा था कि वह इस हादसे में जान गंवाने वाले अपने राज्य के लोगों के परिवारों को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद देगी। 46 भारतीयों की हुई थी मौत कुवैत के मंगाफ शहर में लगी भीषण आग में 46 भारतीयों की मौत हो गई थी। मंगाफ क्षेत्र में सात मंजिला इमारत के रसोईघर में भीषण आग लगने से 50 विदेशी मजदूरों की मौत हुई थी और 50 अन्य घायल हुए थे। इनमें से ज्यादातर भारतीय थे और बाकी पाकिस्तान, फिलिपीन, मिस्र और नेपाल के नागरिक थे। हादसे में मारे गए 46 भारतीयों के शवों को लेकर 14 जून को भारतीय वायुसेना का विमान कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा थाअग्निकांड में जान गंवाने वाले भारतीयों में से 31 लोग दक्षिणी राज्यों से थे और उनके शवों को विमान से कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लाया गया था। रसोई घर में लगी थी आग कुवैत के दक्षिणी अहमदी गवर्नरेट के मंगाफ क्षेत्र में स्थित सात मंजिला इमारत की रसोई में बुधवार को आग लग गई थी। इमारत में 195 प्रवासी मजदूर रह रहे थे। इस घटना के बाद इस तरह के भवन मालिकों और कंपनी मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठने लगी है, जो लागत कम करने के लिए कानून का उल्लंघन करते हुए बड़ी संख्या में विदेशी मजदूरों के अत्यंत असुरक्षित परिस्थितियों में रहने का बंदोबस्त करते हैं।    

ग्रीक स्वामित्व वाले बल्क कैरियर “ट्यूटर” हमले के बाद लाल सागर में डूबा

अदन  कुछ दिन पहले यमन के हाउती समूह के हमले का शिकार हुआ एक व्यापारिक जहाज लाल सागर में डूब गया है।यह जानकारी अंतरराष्ट्रीय शिपिंग आपात स्थितियों से निपटने के लिए ब्रिटिश नौसेना की इकाई यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने दी है। यमन सरकार के तटरक्षक अधिकारियों ने हमलों के तुरंत बाद चीन की न्यूज एजेंसी शिन्हुआ को बताया कि ग्रीक स्वामित्व वाले बल्क कैरियर “ट्यूटर” को 12 जून को यमन के बंदरगाह शहर होदेइदाह से लगभग 66 समुद्री मील दक्षिण-पश्चिम में दो बार निशाना बनाया गया था। हाउती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरिया ने दावा किया कि समूह ने जहाज को “एक मानवरहित नाव, कई ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों” से निशाना बनाया, जिससे गंभीर क्षति हुई और जहाज “डूबने के खतरे में” पड़ गया। उन्होंने मालवाहक जहाज के मालिक पर इजरायली बंदरगाहों में प्रवेश करने पर हाउती प्रतिबंध का उल्लंघन करने का आरोप लगाकर हमले को उचित ठहराया। तटरक्षक अधिकारियों ने कहा कि एक मानवरहित नाव के पिछले हिस्से में विस्फोट हुआ, जिससे जहाज के पतवार में बड़ा रिसाव हो गया। एक अधिकारी ने बताया कि पहले हमले के तुरंत बाद जहाज ने संकट की सूचना दी थी। अधिकारियों ने बताया कि खोज प्रयासों के बावजूद, 21 बहुराष्ट्रीय चालक दल के सदस्यों में से एक लापता सदस्य का पता नहीं चल पाया है। घटना के बाद, यूकेएमटीओ ने 15 जून को कहा कि जहाज के चालक दल को सैन्य अधिकारियों द्वारा निकाल लिया गया है, और जहाज को पानी में छोड़ दिया गया है। उल्लेखनीय है कि पिछले नवंबर से हाउती लाल सागर और बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य में सैन्य अभियान चला रहे हैं, और उन जहाजों को निशाना बना रहे हैं, जिनके बारे में उनका दावा है कि वे इज़राइल से जुड़े हैं या इज़रायल जा रहे हैं। हाउती के हमलों के जवाब में अमेरिका और ब्रिटेन ने जनवरी में एक सैन्य अभियान शुरू किया, जिसमें समूह को रोकने के लिए यमन के भीतर हाउती के ठिकानों पर मिसाइल हमले किए गए। इसके बाद जवाबी कार्रवाई में हाउती समूह ने अपने लक्ष्य के दायरे का विस्तार करते हुए अमेरिकी और ब्रिटिश वाणिज्यिक और सैन्य जहाजों को भी शामिल कर लिया।  

आषाढ़ में कब रहेगी गुप्त नवरात्रि, जाने महत्व और पूजा विधि

Youth Congress's ruckus, came out to surround the Chief Minister's residence

नवरात्रि पर्व शक्ति उपासना का पर्व है । ब्रह्मांड में विद्यमान प्रकृति वह शक्ति है जो जीवन की गतिविधियों में अपना योगदान देती है। आषाढ़ माह में मनाया जाने वाला यह गुप्त नवरात्रि पर्व सौभाग्य और मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद लेकर आता है। इस वर्ष आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 6 जुलाई 2024 दिन शनिवार से प्रारंभ हो रही है। गुप्त नवरात्रि के दिन दुर्गा सप्तशती का पाठ करना चाहिए और मां दुर्गा के सभी स्वरूपों का स्मरण करना चाहिए। नवरात्रि के दिन सुबह जल्दी उठकर मां का स्मरण करना चाहिए और उनके सामने तेल का दीपक प्रज्ज्वलित करके उनकी पूजा शुरू करनी चाहिए। साल में कितनी बार मनाई जाती है नवरात्रि? नवरात्रि का त्योहार मां दुर्गा को समर्पित है। इस दौरान शक्ति के विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है। शक्ति की पूजा में कई नियमों का पालन किया जाता है।  साल में चार बार नवरात्रि मनाई जाती है, जिनमें से दो बार बहुत ही विस्तार से मनाई जाती है। पहली चैत्र माह में  मनाई जाने वाली चैत्रीय नवरात्रि और दूसरी आश्विन माह में मनाई जाने वाली शारदीय नवरात्रि।  दूसरी दो नवरात्रि होती है जो गुप्त रूप से मनाई जाती हैं। यह नवरात्तंरी तन्त्रत्र सिद्धि प्राप्त करने के लिए सामान्य जन से अलग रह रहे लोग करते हैं। यह गुप्त नवरात्रि माघ माह और आषाढ़ माह में मनाई जाती है। मान्यता है कि  इस गुप्त नवरात्रि में मां की आराधना करने से दस महाविद्याओं की सिद्धियां प्राप्त होती हैं।   कब से शुरू होगी गुप्त नवरात्रि इस बार आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 6 जुलाई, शनिवार से शुरू होगी, जो 15 जुलाई, सोमवार तक रहेगी। यानी इस बार ये गुप्त नवरात्रि 9 नहीं बल्कि 10 दिनों की होगा, ऐसा चतुर्थी तिथि की वृद्धि होने के कारण होगा। गुप्त नवरात्रि के में होती है महाविद्या की पूजा की गुप्त नवरात्रि एक चरण-दर-चरण प्रक्रिया है जिसमें शक्ति के सभी रंग प्रकट होते हैं। देवी काली, देवी तारा, देवी ललिता, देवी मां भुवनेश्वरी, देवी त्रिपुर भैरवी, देवी चिन्नमस्तिका, देवी मां धूमावती, देवी बगलामुक्की, देवी मातंगी और देवी कमला इस शक्ति पूजा में प्रकट होंगी। इन सभी शक्तियों की पूजा मुख्य रूप से तांत्रिक साधना में की जाती है। गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की पूजा को बहुत महत्व दिया जाता है। यह शक्ति के दस रूप हैं। प्रत्येक रूप अपने आप में पूर्ण है। इसमें ब्रह्मांड की कार्यप्रणाली और उसके भीतर छिपे रहस्य शामिल हैं। महाविद्या सभी जीवित प्राणियों का पालन करती है। इन दस महाविद्याओं को तांत्रिक साधना में बहुत शक्तिशाली माना गया है। कैसे करें कलश स्थापना     आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि पर देवी की पूजा करने के लिए सूर्योदय से पहले उठना चाहिए।     स्नान आदि करके शुभ मुहूर्त का ध्यान रखते हुए पवित्र स्थान पर देवी की मूर्ति या चित्र को एक चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाकर रखें     गंगा जल छिड़क कर स्थान को पवित्र करें।     देवी की विधि-विधान से पूजा प्रारंभ करने से पहले मिट्टी के पात्र में जौ के बीज बो दें     इसके उपरान्त माता की पूजा के लिए कलश स्थापित करें।     अखंड ज्योति का दिया जलाकर दुर्गा सप्तशती का पाठ और उनके मंत्रों का पूरी श्रद्धा के साथ जप करें ।   आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2024 की तिथियां     6 जुलाई, शनिवार- इस दिन से आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुरूआत होगी। पहले दिन देवी शैलपुत्री की पूजा जाएगी।     7 जुलाई, रविवार- ये आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का दूसरा दिन रहेगा। इस दिन देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाएगी।     8 जुलाई, सोमवार- आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि के तीसरे दिन देवी चंद्रघंटा की पूजा की जाती है।     9 जुलाई, मंगलवार- ये गुप्त नवरात्रि की चतुर्थी तिथि रहेगी। इस दिन देवी कूष्मांडा का विधान है।     10 जुलाई, बुधवार- इस दिन भी गुप्त नवरात्रि की चतुर्थी तिथि रहेगी। इस तरह 2 दिन चतुर्थी तिथि होने से ये नवरात्रि 10 दिनों की मानी जाएगी।     11 जुलाई, गुरुवार- गुप्त नवरात्रि की पंचमी तिथि पर देवी स्कंदमाता की पूजा की जाती है।     12 जुलाई, शुक्रवार- इस दिन गुप्त नवरात्रि की षष्ठी तिथि रहेगी। इस तिथि पर देवी कात्ययानी की पूजा की जाती है।     13 जुलाई, शनिवार- आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि की सप्तमी तिथि पर देवी कालरात्रि की पूजा का विधान है।     14 जुलाई, रविवार- इस दिन आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि की अष्टमी तिथि रहेगी। इस दिन देवी महागौरी की पूजा की जाएगी।     15 जुलाई, सोमवार- ये गुप्त नवरात्रि की अंतिम दिन रहेगा। इस दिन देवी सिद्धिदात्री की पूजा मुख्य रूप से की जाती है।  

भारतीय टीम अफगानिस्तान के खिलाफ आज टी20 विश्व कप के सुपर आठ चरण के पहले मुकाबले में उतरेगी

ब्रिजटाउन (बारबडोस) भारतीय टीम अफगानिस्तान के खिलाफ आज टी20 विश्व कप के सुपर आठ चरण के पहले मुकाबले में उतरेगी तो नजरें काफी समय से खामोश पड़े विराट कोहली के बल्ले पर होगी जबकि बायें हाथ के स्पिनर कुलदीप यादव भी अंतिम एकादश में जगह बनाने को बेताब होंगे। भारतीय टीम संयोजन को लेकर काफी चर्चा हो रही है। भारत ग्रुप चरण की टीम में कोई बदलाव नहीं करेगा या किसी विशेषज्ञ तेज गेंदबाज की जगह पिछले एक साल से अधिक समय से अपने सर्वश्रेष्ठ स्पिनर को टीम में जगह देगा। टूर्नामेंट की शुरूआत में कप्तान रोहित शर्मा ने चार हरफनमौलाओं (हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल और रविंद्र जडेजा) को अंतिम एकादश में रखने पर जोर दिया था। न्यूयॉर्क में गेंदबाजों की मददगार पिच पर यह रणनीति भारत के लिये कारगर भी साबित हुई। इससे आठवें नंबर तक बल्लेबाजी को गहराई मिलती है और कप्तान इस संयोजन में छेड़छाड़ नहीं करना चाहेंगे। कुलदीप को टीम में लाने के लिये मोहम्मद सिराज या अर्शदीप सिंह को बाहर रखना होगा। ऐसा होने पर सिराज को बाहर रहना पड़ सकता है। भारतीय टीम के दो अभ्यास सत्रों को देखें तो पिच से स्पिनरों को मदद मिलने के कारण कुलदीप का दावा पुख्ता होता है। केनसिंग्टन ओवल के आसपास ठंडी हवाओं से पावरप्ले में तेज गेंदबाजों को स्विंग मिलना चाहिये। भारतीय प्रशंसकों की नजरें कोहली पर लगी होंगी जो अभी तक इस टूर्नामेंट में दोहरे अंक तक नहीं पहुंचे हैं। न्यूयॉर्क में वह अपनी चिर परिचित शैली से कामयाब नहीं रहे लेकिन वेस्टइंडीज में उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। बीच के और डैथ ओवरों में छक्के लगाने के लिये टीम में शामिल किये गए दुबे अभी तक अपनी रंगत में एक ही बार दिखे हैं। अमेरिका की पिचों पर वह खुलकर नहीं खेल सके लेकिन अब वह बड़े शॉट खेलना चाहेंगे। भारत के स्टार टी20 बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव ने अमेरिका के खिलाफ अपने अंदाज के विपरीत खेलकर रन बनाये। वहीं गेंदबाजी में कमाल कर रहे हार्दिक पंड्या भी रन नहीं बना सके हैं। गेंदबाजी में अर्शदीप के प्रदर्शन में मैच दर मैच निखार आया है और वह जसप्रीत बुमराह का बखूबी साथ दे रहे हैं। स्पिनरों की मददगार पिच पर अक्षर और जडेजा भी उपयोगी साबित होंगे। दूसरी ओर अफगानिस्तान टीम ग्रुप चरण के आखिरी मैच में वेस्टइंडीज से हारकर यहां पहुंची है। पहले तीन मैचों में निर्णायक साबित हुए उसके गेंदबाजों को वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने उन्नीस साबित कर दिया। कप्तान राशिद खान की उम्मीदें बायें हाथ के तेज गेंदबाज फजलहक फारूकी पर टिकी होंगी जो अब तक टूर्नामेंट में सर्वाधिक 12 विकेट ले चुके हैं। बल्लेबाजों में फॉर्म में चल रहे रहमानुल्लाह गुरबाह और इब्राहिम जदरान से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। टीमें : भारत: रोहित शर्मा (कप्तान), हार्दिक पांड्या, यशस्वी जायसवाल, विराट कोहली, सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत, संजू सैमसन, शिवम दुबे, रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज अफगानिस्तान: राशिद खान (कप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज, इब्राहिम जदरान, अजमतुल्लाह उमरजई, नजीबुल्लाह जदरान, मोहम्मद इशाक, मोहम्मद नबी, गुलबदीन नैब, करीम जनत, नांग्याल खारोटी, मुजीब उर रहमान, नूर अहमद, नवीन-उल-हक, फजलहक फारूकी, फरीद अहमद मलिक मैच का समय : रात आठ बजे से।  

MPPSC राज्य सेवा परीक्षा के जरिये भर्ती के घटते पदों को लेकर बेरोजगार युवाओं ने नाराजगी जताई

Meeting of state officials of National Sarpanch Association: Consideration of progress of demands and upcoming strategy.

इंदौर मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) की आयोजित राज्य सेवा परीक्षा के जरिये होने वाली भर्ती के घटते पदों को लेकर बेरोजगार युवाओं ने नाराजगी जताई है। युवाओं की मांग है कि सूबे में बड़ी तादाद में खाली पड़े प्रशासनिक ओहदों के मद्देनजर इस भर्ती के पदों की तादाद को बढ़ाकर कम से कम 500 किया जाना चाहिए जो पिछले पांच सालों में सबसे बड़ी गिरावट के साथ इस बार महज 110 पर सिमट गई है। अधिकारियों ने बताया कि 2019 की राज्य सेवा परीक्षा 571 पदों, 2020 की राज्य सेवा परीक्षा 260 पदों, 2021 की राज्य सेवा परीक्षा 290 पदों, 2022 की राज्य सेवा परीक्षा 457 पदों और 2023 की राज्य सेवा परीक्षा 229 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित की गई थी। उन्होंने बताया कि 2024 की राज्य सेवा परीक्षा कुल 110 पदों पर भर्ती के वास्ते आयोजित है जिसके तहत 23 जून को होने वाली प्रारंभिक परीक्षा में 1.83 लाख उम्मीदवार शामिल होंगे। इनमें उप जिलाधिकारी (डिप्टी कलेक्टर) के 15 पद और पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के 22 पद शामिल हैं। इंदौर का भोलाराम उस्ताद मार्ग क्षेत्र सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों का बड़ा केंद्र है जहां कई कोचिंग संस्थान और छात्रावास संचालित होते हैं। इस क्षेत्र में आकाशदीप (30) अपने परिवार से दूर रहकर पिछले छह साल से राज्य सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कड़े मुकाबले वाली राज्य सेवा परीक्षा के जरिये होने वाली भर्ती के लिए महज 110 पद बेहद नाकाफी हैं। इसमें कम से कम 500 पद तो होने ही चाहिए थे।’’ राज्य सेवा परीक्षा के उम्मीदवारों के अगुवा आकाश पाठक ने कहा, ‘‘हमारी मांग पर एमपीपीएससी ने हमें लोकसभा चुनाव से पहले भरोसा दिलाया था कि वह राज्य सरकार के अलग-अलग विभागों को पत्र लिखकर सिविल सेवा परीक्षा के तहत भर्ती के पदों की तादाद बढ़ाने की कोशिश करेगा, लेकिन यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारी मांग अब तक पूरी नहीं की गई है।’ पाठक ने दावा किया कि राज्य में दो से तीन लाख सरकारी पद खाली पड़े हैं जिनमें डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी के उच्च प्रशासनिक पद भी शामिल हैं। एमपीपीएससी के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (ओएसडी) रवींद्र पंचभाई ने कहा,‘‘सरकारी विभाग हमसे जितने पदों पर भर्ती के लिए कहते हैं, हम उतने पदों के लिए राज्य सेवा परीक्षा का विज्ञापन जारी करते हैं।’’ उन्होंने हालांकि कहा कि विज्ञापन जारी होने के बाद भी अगर सरकारी विभाग एमपीपीएससी से कुछ और पदों पर भर्ती की मांग करते हैं, तो राज्य सेवा परीक्षा के प्रारंभिक दौर का परिणाम आने से पहले तक इन अतिरिक्त पदों को नियमों के मुताबिक भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जा सकता है। राज्य सेवा परीक्षा के जरिये होने वाली भर्ती में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण के मसले के कारण लम्बे समय से बड़ा कानूनी पेंच फंसा हुआ है। नतीजतन जितने पदों के इश्तेहार के साथ राज्य सेवा परीक्षा आयोजित की जाती है, उतने पदों पर भर्तियां नहीं हो पा रही हैं। राज्य सेवा परीक्षा के उम्मीदवारों के अगुवा आकाश पाठक ने कहा, ‘‘सरकारी नौकरियों में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने का मुकदमा मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में लम्बित होने का हवाला देते हुए एमपीपीएससी कुल विज्ञापित पदों में से केवल 87 प्रतिशत ओहदों पर भर्ती कर रहा है और बाकी 13 प्रतिशत पदों पर नियुक्तियां अटकी हुई हैं।’’ प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के प्रवक्ता मृणाल पंत ने प्रदेश की भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा, ‘सूबे में राजपत्रित अधिकारियों के हजारों पद खाली पड़े हैं। ऐसे में केवल 110 पदों के लिए राज्य सेवा परीक्षा आयोजित करना उन बेरोजगार नौजवानों के साथ धोखाधड़ी है जो पिछले कई सालों से इसकी तैयारी में जुटे हैं।’  

अफगानिस्तान अब सुपर-8 के लिए तैयार, भारत को तककरदेने बनाया खास प्लान

ग्रॉस आइलेट (सेंट लूसिया)  टी20 विश्व कप 2024 के आखिरी लीग मैच में वेस्टइंडीज के हाथों 104 रनों की शर्मनाक हार झेलने के बाद अफगानिस्तान अब सुपर-8 की तैयारी में लग गया है। टीम के कोच जोनाथन ट्रॉट ने कहा कि उनकी टीम को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे टी20 विश्व कप के सुपर आठ के अपने मुकाबले में भारत के खिलाफ दो ओवर में 60 रन नहीं लुटाएं जैसा उन्होंने यहां वेस्टइंडीज के खिलाफ अंतिम ग्रुप मैच में किया था। अफगानिस्तान को वेस्टइंडीज के खिलाफ 104 रन की करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। टीम ने चौथे ओवर में 36 रन लुटाए जबकि 18वें ओवर में 24 रन बने। वेस्टइंडीज ने निकोलस पूरन की 53 गेंद पर 98 रन की पारी की मदद से 20 ओवर में पांच विकेट पर 218 रन बनाए। इसके बाद विंडीज के गेंदबाजों ने कमाल करते हुए अफगान पठानों की लंका लगा दी थी। मैच से मिली सीख के बारे में पूछे जाने पर ट्रॉट ने कहा, ‘अगर हम किसी ओवर की अच्छी शुरुआत नहीं करते हैं, तो उस ओवर को जल्द समाप्त करना होगा। आज हमने दो ओवर में 60 रन दिए और इससे मैच का रुख काफी हद तक बदल गया।’ उन्होंने कहा, ‘यह खेल का हिस्सा है और हां, बल्लेबाजी से मैं निराश हूं कि हम लक्ष्य के थोड़ा और करीब नहीं पहुंच पाए।’ वेस्टइंडीज से सीखकर करेंगे भारत पर अटैक एक और पहलू जिसे टीम को बेहतर ढंग से समझने की आवश्यकता होगी वह है हवा की दिशा में शॉट खेलना जिससे कि यह सुनिश्चित हो सके कि बड़े शॉट बाउंड्री के बाहर गिरें। ट्रॉट ने कहा, ‘मुझे लगता है कि हमने देखा कि वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों ने हवा का अच्छा उपयोग किया। मेरा मतलब है, हवा लंबी, अधिक लंबी सीमा रेखा की ओर थी लेकिन फिर भी शॉट आसानी से इसके पार गए। मुझे लगता है कि शायद हम थोड़ी बेहतर गेंदबाजी कर सकते थे और उन्हें दूसरी तरफ हिट करने के लिए मजबूर कर सकते थे।’ अफगानिस्तान को इसलिए भारत की बी टीम कहते हैंउल्लेखनीय है कि अफगानिस्तान को भारत की बी टीम कहा जाता है। दरअसल, अफगानिस्तान लंबे समय तक भारत में अफगानिस्तान अपना होम ग्राउंड बनाकर खेलता रहा। नोएडा और देहरादून में उसके खिलाड़ियों ने क्रिकेट का ककहरा सीखा तो भारतीय कोचों से तराशा। यही नहीं, आईपीएल में बीसीसीआई ने उसके प्लेयर्स को खेलने का मौका दिया और उनके बोर्ड को भी आगे बढ़ने में मदद की।

देहरा विधानसभा से पार्टी प्रत्याशी के रूप में सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर का नाम

शिमला कांग्रेस नेता और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वह नहीं चाहते थे कि उनकी पत्नी चुनाव लड़ें, लेकिन पार्टी आलाकमान के जोर देने पर वह मना नहीं कर सके और उन्हें देहरा विधानसभा उपचुनाव में पार्टी उम्मीदवार बनाया गया है। कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल द्वारा  जारी उम्मीदवारों की सूची में देहरा विधानसभा से पार्टी प्रत्याशी के रूप में सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर का नाम है। उन्हें देहरा विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे दो बार के निर्दलीय विधायक होशियार सिंह के खिलाफ मैदान में उतारा गया है। सुक्खू ने मंगलवार देर रात संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं नहीं चाहता था कि मेरी पत्नी चुनाव लड़ें लेकिन कांग्रेस आलाकमान को मना नहीं कर सका।’’ उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने लोकसभा चुनाव के दौरान भी उनसे कहा था कि कमलेश को चुनाव लड़ना चाहिए ‘‘लेकिन मैं नहीं चाह रहा था’’। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इस बार फिर से आलाकमान ने जोर दिया तो मैं मना नहीं कर सका।’’ उन्होंने कहा कि पार्टी के सर्वेक्षण में उनकी पत्नी उम्मीदवार की दौड़ में सबसे आगे थीं लेकिन वह तब भी नहीं चाहते थे कि उन्हें चुनाव लड़ाया जाए क्योंकि उनका मानना है कि परिवार से एक ही व्यक्ति को राजनीति में होना चाहिए। सुक्खू ने कहा, ‘‘लेकिन राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए हमें देहरा विधानसभा सीट से एक मजबूत उम्मीदवार की जरूरत है। मेरी पत्नी देहरा की रहने वाली हैं। उनके परिवार के लोग वहां रहते हैं और वहां के पंचायत प्रतिनिधि भी चाहते थे कि वह चुनाव लड़ें।’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैंने पहले कहा था कि ‘देहरा मेरा है’। अब मेरी पत्नी अगले साढ़े तीन साल देहरा में मेरी प्रतिनिधि होंगी और इलाके का विकास सुनिश्चित करेंगी।’’  

भारत में एक जून से मानसून अवधि की शुरुआत से 20 प्रतिशत कम बारिश हुई

नई दिल्ली भारत में एक जून से मानसून अवधि की शुरुआत के बाद से 20 प्रतिशत कम बारिश हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। मौसम विभाग ने बताया कि अगले तीन से चार दिनों में महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी, बिहार और झारखंड के कुछ हिस्सों में मानसून आने की स्थिति बन रही हैं। मौसम विभाग ने बताया कि भारत में एक से 18 जून के बीच 64.5 मिमी बारिश हुई, जो लंबी अवधि के 80.6 मिमी के औसत (एलपीए) से 20 प्रतिशत कम है। मौसम विभाग ने बताया कि एक जून से अब तक उत्तर-पश्चिम भारत में 10.2 मिमी बारिश (सामान्य से 70 प्रतिशत कम), मध्य भारत में 50.5 मिमी (सामान्य से 31 प्रतिशत कम), दक्षिण प्रायद्वीप में 106.6 मिमी (सामान्य से 16 प्रतिशत अधिक) तथा पूर्व एवं उत्तर-पूर्व भारत में 146.7 मिमी (सामान्य से 15 प्रतिशत कम) बारिश हुई। दक्षिण-पश्चिम मानसून 19 मई को निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में पहुंच गया था। इसके बाद 26 मई को चक्रवात रेमल के साथ ही मानसून दक्षिण के अधिकांश हिस्सों और बंगाल की खाड़ी के मध्य के कुछ हिस्सों तक पहुंचा था। केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में सामान्य से क्रमशः दो और छह दिन पहले 30 मई को मानसून ने दस्तक दे दी थी। केरल, कर्नाटक, गोवा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के सभी हिस्सों, दक्षिणी महाराष्ट्र के अधिकतर क्षेत्रों, दक्षिणी छत्तीसगढ़, दक्षिणी ओडिशा के कुछ भागों, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के अधिकतर हिस्सों, सिक्किम और सभी पूर्वोत्तर राज्यों के अधिकांश हिस्सों में 12 जून तक मानसून दस्तक दे चुका था। आईएमडी ने कहा, ‘‘उपरोक्त क्षेत्रों तक पहुंचने के बाद मानसून आगे नहीं बढ़ा…।’’ आईएमडी ने बताया कि देश के 11 मौसम उप-प्रभागों में एक से 18 जून के बीच सामान्य से लेकर बहुत अधिक बारिश हुई है, जबकि 25 उप-प्रभागों में बहुत कम बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, देश भर में जून में औसत बारिश सामान्य से कम होने की संभावना है।  

अगले महीने से एयर इंडिया घरेलू मार्गों पर प्रीमियम इकनॉमी श्रेणी शुरू करने जा रही

Ram Madhav's return: New equations for BJP in Jammu and Kashmir elections

मुंबई,  एयर इंडिया अगले महीने से चुनिंदा घरेलू मार्गों पर प्रीमियम इकनॉमी श्रेणी शुरू करने जा रही है। यह श्रेणी उपलब्ध कराने वाली एयर इंडिया दूसरी भारतीय एयरलाइन कंपनी होगी। अभी तक सिर्फ विस्तारा ही घरेलू मार्गों पर प्रीमियम इकनॉमी यात्रा श्रेणी उपलब्ध कराती है। टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन ने  कहा कि उसने दो नए ए320 नियो विमानों को तीन श्रेणियों में बांटा है। इनमें बिजनेस श्रेणी में आठ और प्रीमियम इकनॉमी में पैर रखने के लिए अतिरिक्त जगह के साथ 24 सीटें हैं। इसमें 132 इकनॉमी श्रेणी की सीटें भी होंगी। यह पहली बार है जब एयरलाइन ने अपने छोटे आकार के विमान में प्रीमियम इकनॉमी केबिन पेश किया है। एयर इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने कहा, ‘‘छोटे आकार के बेड़े में तीन श्रेणियों की पेशकश यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम है।’’ नैरो-बॉडी विमान में ये सुविधाएं इनमें बिजनेस श्रेणी में आठ और प्रीमियम इकोनॉमी में पैर रखने के लिए अतिरिक्त जगह के साथ 24 सीटें हैं. इसमें 132 इकनॉमी श्रेणी की सीटें भी होंगी ये पहली बार है जब एयरलाइन ने अपने नैरो-बॉडी विमान में प्रीमियम इकोनॉमी केबिन पेश किया है. एयर इंडिया के CEO ने क्या कहा एयरलाइन के मुताबिक, दिल्ली-बेंगलुरु-दिल्ली और दिल्ली-चंडीगढ़-दिल्ली दो चुनिंदा मार्ग हैं जिन पर एयरलाइन प्रीमियम इकोनॉमी सीटों की पेशकश करेगी. एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और मैनेजिंग डायरेक्टर कैंपबेल विल्सन ने कहा कि,  एयर इंडिया के नैरो-बॉडी बेड़े में तीन श्रेणी के केबिन की शुरूआत और इंटरनल मरम्मत की शुरुआत उड़ान अनुभव को बढ़ाने की यात्रा में महत्वपूर्ण कदम हैं. नैरो-बॉडी बेड़े का लेटेस्ट अपग्रेड, जो घरेलू और शॉर्ट-हॉल अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर संचालित होता है, अब A350 बेड़े और नए B777s और अन्य सभी वाइड-बॉडी विमानों पर उपलब्ध अच्छे वाइड-बॉडी अनुभव को पूरा करता है क्योंकि उन्हें फिर से फिट किया जाता है. मिलेंगी ये सुविधाएं नए बिजनेस केबिन में 7 इंच गहरी रिक्लाइन के साथ 40 इंच की एर्गोनोमिक सीटें, एक अडजस्टेबल आर्मरेस्ट, फुटरेस्ट और बैकरेस्ट, एक बटन के धक्का पर तैनात एक ट्रे टेबल जिसमें एक PED होल्डर शामिल है और विस्तार योग्य और कई चार्जिंग पोर्ट हैं. रिफर्बिश के लिए 400 मिलियन डॉलर का निवेश इस महीने की शुरुआत में, विल्सन ने कहा था कि एयर इंडिया 100 से अधिक विमानों को रेट्रोफिटिंग करेगा, जिसमें 40 वाइड-बॉडी विमान भी शामिल होंगे. इसके अलावा, एयरलाइन ने दिसंबर 2022 में ऐलान किया था कि वे अपने बोइंग 777 और बोइंग 787 वाइड-बॉडी विमान बेड़े के रिफर्बिश के लिए 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश करेंगे.

गुरुवार 20 जून 2024 का राशिफल

मेष राशि- इस समय आपको अपने इमोशनल होने की आदतों में बदलाव करना होगा। अपनी भावनाओं को एक -दूसरे तक पहुंचाने के लिए आपको अपनी आदतों में कुछ बदलाव करना होगा। जिससे आपके रिश्तों में काफी गहराई आ सके। पास्ट में मिले इमोशनल ट्रामा को स्वीकार ककर आगे बढ़ने की कोशिश करें इससे आप पूरी तरह से खुलकर जीने में मदद कर सकता है।  वृष राशि- आपके पास इरोजेनस जोन तक पहुंचने की शक्ति है जो आपके साथी को घुटनों पर ला सकती है। यहां न सिर्फ आकर्षक होना जरूरी है। इस समय यह महसूस करना है कि आपके पास अपनी इच्छाओं को जाहिर करने की क्षमता है और आप उन्हें पाने के बिल्कुल योग्य हैं।  प्यार में अपना विश्वास रखो, अच्छी चीजें होंगी। मिथुन राशि- महत्वाकांक्षी मानसिकता आज किसी रिश्ते में खटास पैदा कर सकती है।  आप जानते हैं कि अडिग रहने से आपके लक्ष्य को पूरा करने की संभावना में सुधार हो सकता है। लेकिन आपको यह तय करना चाहिए कि आपका साथी भी स्थिति को उसी तरह समझता है जैसे आप। अपने साथी को लक्ष्य को अपना मददगार बनाने के लिए आपको कोई न कोई रणनीतिक तरीका अपनाना पड़ेगा।  कर्क राशि- आज का दिन अपने जीवनसाथी के प्रति अपनी सच्ची भावनाओं को व्यक्त करने के लिए शायद सबसे अच्छा दिन नहीं है। आप अक्सर एक ठंडा, अलग रुख अपनाते हैं, आप अभी खुद को इसके विपरीत महसूस कर रहे हैं, यह अंदर यह सबूत पाने को लेकर निराशा है कि आपका साथी असल में आपको महत्व देता है। ऐसा नहीं है कि आप आमतौर पर किसी रिश्ते में चीजों को कैसे संभालते हैं इसलिए यह वास्तव में आपके लिए परेशान करने वाला है। सिंह राशि- आपके रिश्ते में कुछ चिंताएं पैदा हो सकती हैं, जिन पर आज आपको अपने साथी के साथ चर्चा करने की जरूरत है।  आप और आपका साथी अचानक उन संभावित एरिया पर चर्चा करने की  जरूरत के बारे में अवेयर हो जाते हैं जिनमें आप भविष्य के संघर्ष से बचने के लिए एक दूसरे से बताने से रोक रहे हैं।  यदि आप अभी शुरुआत करते हैं तो यह सब काम करेगा। कन्या राशि- खुद को एक डेट पर लेकर जाएं। अकेले रहना उतना ही फायदेमंद हो सकता है जितना कि प्रेमी के साथ रहना।  एक साथी की हर वक्त न रहना दुनिया को देखने का एक नया अनुभव देगा जो आपको लिए एक नई और अच्छी दुनिया होगा। यदि आप दूसरों के साथ अच्छी स्तर की बातचीत करना चाहते हैं तो पहले खुद का विकास करना आपके लिए बहुत जरूरी है। जितना अधिक समय आप खुद को बेहतर बनाने में लगाते हैं, उतनी ज्यादा संभावना है कि आपको एक अच्छा साथी मिल जाए। तुला राशि- रोमांटिक रिश्तों में आपका विश्वास बढ़ सकता है। बस वहआप हो। आप दूसरे लोगों से झूठी स्वीकृति पाना बंद कर सकते हैं और उनके साथ गहरे स्तर पर जुड़ना सीख सकते हैं। अब आपके पास क्लियर पिक्चर है कि आप अपने पार्टनर से क्या चाहते हैं।  वृश्चिक राशि- इस समय आपका पूरा ध्यान इस ओर है कि आपका साथी सहज है। हालांकि, आपके प्रयासों के लिए आपको पर्सनल तौर पर अवार्ड भी मिल रहे हैं। अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अधिक प्रभावी तरीके विकसित करना या एक साथ आकर एक टीम के रूप में काम करना हो सकता है। यह जानना कि आपको क्या चाहिए, आपको सही परिवर्तन की दिशा में ले जा सकता है।  धनु राशि-  रोमांटिक रिश्तों को लेकर पॉजिटिव नजरिए अचानक हुई एक मुलाकात के जरिए आपके जीवन में प्रवेश कर सकता है। इस समय अपनी बेवफाई की परेशानियों से राहत पाना संभव है।  रोमांस के साथ, यह कुछ चीजों के लिए कुछ हद तक लचीलेपन को बनाए रखने का समय है। यदि आप और आपका साथी दोनों रिश्ते में कुछ बदलाव करना चाहते हैं, तो किसी भी समस्या पर सहयोग करना स्वाभाविक रूप से आ सकता है। मकर राशि- रिश्तों के प्रति आपका जो दायित्व है आप उसके साथ आगे बढ़ेंगे। इस समय इन बातों पर ध्यान दें कि आपके अनुसार पार्टनरशिप के अंदर क्या- क्या आता है। आपके रिश्ते को मजबूत करने के लिए क्या चीजें जरूरी है इस पर फोकस करने से आपके रिश्तों में सुधार और बदलाव हो सकता है। यदि प्रेजेंट समय में आप अपने साथी से उतना जुड़ा हुआ महसूस नहीं कर रहे तो अपने रिश्ते का फिर से मूल्यांकन करें।  कुंभ राशि-  मधुर और उदासीन क्या है, इसके बारे में आपका विचार किसी और के विचारों के जैसा नहीं हो सकता है क्योंकि रोमांस एक पर्सनल अनुभव है। आपनी बात किसी अन्य व्यक्ति के साथ करना फायदेमंद है क्योंकि इससे आपके बीच अपनेपन की भावना पैदा हो सकती है। ऐसा पॉसिबल है की आप दोनों इस बात से अनजान हो कि आप किसी भी चीज को लेकर एक जैसा नहीं सोचते। लेकिन इस बारे में बात करने के आपको एक दूसरे के साथ लंबी बातचीत करनी होगी। जिससे आप दोनों अपने विचार खुलकर रख पाए।   मीन राशि- नए रिश्ते में प्रवेश करते समय, यह सोचना अजीब हो सकता है कि क्या आपको तुरंत पारिवारिक रहस्य का खुलासा करना चाहिए या ऐसा करने के लिए इंतजार करना चाहिए। संभव है कि  आप यह बता कर अधिक सहज महसूस करेंगे कि आप अभी कौन हैं।

सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने जताई चिंता, अब 607 पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे

Foundation ceremony of Lions International Amla Sarthak concluded.

भोपाल मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों के 1,200 से ज्यादा पद खाली हैं. इसे लेकर सीएम डॉक्टर मोहन यादव की सरकार बेहद चिंतित है, क्योंकि इसका सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है. ऐसे में अब सरकार ने विशेषज्ञ डॉक्टरों के खाली पदों को भरने को लेकर कवायद शुरू कर दी है. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की कैबिनेट ने तय किया है कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में खाली पड़े 1,214 डॉक्टरों के पद में से आधे यानी 607 पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे. जबकि बाकी पदों को प्रमोशन से भरा जाएगा. इसके अलावा 46 हजार 491 पैरा मेडिकल के साथ तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पद भी नियमित/संविदा/ आउटसोर्स  से भरे जाएंगे. सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ये फैसला लिया गया. नगरीय विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि नए स्वास्थ्य मानकों के अनुसार स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए थे. उसी के अनुसार डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के पद भरने की मंजूरी दी गई. इनमें से 18 हजार 653 पदों के लिए 343.29 करोड़ को मंजूरी दी गई है. बचे हुए 27 हजार 838 पद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से भरे जाएंगे. हाई कोर्ट ने जताई चिंता कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों के 1214 पद खाली हैं, जो प्रमोशन से भरे जाने हैं, लेकिन इसके लिए योग्य उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं. इनमें एनेस्थीसिया, महिला रोग, शिशु रोग, रेडियोलाजिस्ट, मेडिकल, अस्थि और सर्जरी एक्सपर्ट शामिल हैं. इस वजह से तय किया गया है कि विशेषज्ञ डॉक्टरों के आधे पद सीधी भर्ती से भरे जाएं. बता दें सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट भी चिंता जता चुका है. सरकार ने कोर्ट में दाखिल हलफनामे में स्वीकार किया था कि डॉक्टरों की कमी है. हालांकि, उसने इस कमी को दूर करने का वादा भी हाई कोर्ट से किया था.

हज के लिए मक्का पहुचे हैं लाखों मुसलमान, अब तक 550 हाजियों की गई जान

Shri Krishna Janmotsav was celebrated with great pomp in Motherland School.

रियाद  दुनियाभर से हज करने के लिए सऊदी अरब गए मुसलमानों के लिए इस साल तेज गर्मी बड़ी चुनौती बनी है। गर्मी के चलते सऊदी अरब के मक्का में हज के लिए पहुंचे 550 यात्रियों की मौत अब तक हो चुकी है। वहीं हजारों की संख्या में हाजियों को गर्मी की वजह से हुई बीमारियों का सामना करना पड़ा है। सऊदी अरब में पड़ रही भीषण गर्मी ने तमाम इंतजाम के बावजूद पिछले साल भी 240 हज यात्रियों की जान ली थी। इस साल ये संख्या और ज्यादा हो गई है, इस वर्ष हुई मौतों में 323 नागरिक मिस्र और 60 जॉर्डन के हैं। इसके अलावा ईरान, इंडोनेशिया और सेनेगल के तीर्थयात्रियों की भी मौतें हुई हैं। सऊदी में जिस तरह से तापमान में वृद्धि हो रही, उसे देखते हुए ये कहा जा रहा है कि आने वाले वर्षों में हज यात्रा बहुत मुश्किल साबित हो सकती है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी स्टेट टीवी ने बताया है कि सोमवार को मक्का में ग्रैंड मस्जिद की शेड में तापमान 51.8 डिग्री सेल्सियस (125.2 फारेनहाइट) दर्ज किया गया। भीषण गर्मी में हाजियों को खुद को स्वस्थ रखना चुनौती बन रहा है। ये चुनौती आने वाले वर्षों में और ज्यादा बढ़ सकती है। जर्नल ऑफ ट्रैवल एंड मेडिसिन के 2024 की एक रिसर्च के अनुसार गर्मी से निपटने की जो रणनीति दुनियाभर में बन रही हैं, बढ़ता वैश्विक तापमान उन रणनीतियों से आगे निकल सकता है। इसका सीधा असर सऊदी जैसे गर्म देश पर होगा। हाजियों पर गर्मी के चलते बढ़ेगा संकट जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स के 2019 के एक अध्ययन में कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन के कारण शुष्क सऊदी अरब में तापमान बढ़ने से हज करने वाले तीर्थयात्रियों को अत्यधिक खतरे का सामना करना पड़ेगा। इस साल जिस तरह से अत्यधिक गर्मी के कारण मौते हुईं हैं और सऊदी अस्पतालों में भीड़ बढ़ी है। उसे देखते हुए ये दावा भी कुछ एक्सपर्ट कर रहे हैं कि कम से कम बुजुर्गों के लिए आने वाले वर्षों में हज करना असंभव की तरह हो जाएगा। हज का इस्लाम धर्म में काफी महत्व है और हर साल लाखों मुसलमान धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए मक्का जाते हैं। इस साल गर्मी ने तीर्थयात्रियों के लिए मुश्किल बढ़ा दी है। 50 को छू रहा पारा खासतौर से बुजुर्गों के लिए मुश्किल पैदा कर रहा है। सऊदी अफसरों ने सभी हाजियों को छाते इस्तेमाल करने की सलाह दी है। इसके अलावा उन्हें लगातार पानी पीने और धूप से बचने के लिए कहा जा रहा है। इस सबके बावजूद बड़ी संख्या में हाजी हज की रस्मों के दौरान बीमार पड़ रहे हैं। हज के रास्ते पर इस साल साल लगातार एंबुलेंस का जमावड़ा देखा जा रहा है और अस्पतालों में इमरजेंसी जैसी स्थिति है। अवैध यात्रियों पर संकट ज्यादा गर्मी के चलते हुई मौतों में बड़ी संख्या अपंजीकृत तीर्थयात्रियों की है। आधिकारिक और महंगी हज वीजा प्रक्रियाओं को नजरअंदाज कर आने वाले यात्रियों को वातानुकूलित सुविधाओं तक पहुंच नहीं मिल पाती, ये उनके लिए मुश्किल बनती है। मिस्र के एक राजनयिक ने कहा कि अपंजीकृत तीर्थयात्रियों ने मिस्र में मरने वालों की संख्या में काफी वृद्धि की है। एक अधिकारी ने कहा कि अनियमित तीर्थयात्रियों के कारण शिविरों में अराजकता फैल गई, जिससे सेवा चरमरा गई।” कई लोग भोजन, पानी या एयर कंडीशनिंग के बिना रह गए, जिससे गर्मी से संबंधित मौतें हुईं।

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