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मुख्यमंत्री साय का 11 जुलाई को अपरिहार्य कारणों से नहीं होगा जनदर्शन

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हर सप्ताह गुरुवार को होने वाला जनदर्शन इस गुरूवार 11 जुलाई को अपरिहार्य कारणों से नहीं होगा। गौरतलब की है प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने लोगों की समस्या सुनने के लिए प्रत्येक गुरुवार को जनदर्शन लगाते है, और लोगों की समस्या सुनते है,साथ ही मौके पर ही त्वरित निराकरण के लिए संबधित अधिकारियों को निर्देश भी देते हैं।इस गुरुवार को होने वाला जनदर्शन कार्यक्रम को अपरिहार्य कारणों से स्थगित की गई है।  

ईडी ने यूट्यूबर और बिग बॉस विजेता एल्विश को मनी लॉड्रिंग पर पूछताछ के लिए किया तलब

मुंबई   यूट्यूबर ​एल्विश यादव अब मनी लॉंड्रिंग में फंस गए हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एल्विश द्वारा आयोजित पार्टियों में नशे के लिए सांप के जहर के संदिग्ध इस्तेमाल से जुड़े मामले में मनी लॉड्रिंग पर पूछताछ के लिए तलब किया है। एल्विश को 23 जुलाई को बुलाया गया है। आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय एजेंसी ने मई में मामला दर्ज किया था और उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) जिले में पुलिस द्वारा एल्विश यादव और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज एक प्राथमिकी और आरोप पत्र का संज्ञान लेने के बाद धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत आरोप लगाए थे। सूत्रों ने बताया कि एल्विश यादव को इस सप्ताह ईडी के लखनऊ कार्यालय के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया था लेकिन उन्होंने अपनी विदेश यात्रा और पेशेवर प्रतिबद्धताओं के कारण मोहलत मांगी थी। सूत्रों ने बताया कि अब उन्हें 23 जुलाई को ईडी के जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि हरियाणा के गायक राहुल यादव उर्फ ​​राहुल फाजिलपुरिया से इस सप्ताह ईडी ने पूछताछ की थी। राहुल के एल्विश यादव से कथित तौर पर संबंध हैं। उन्हें फिर से पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। एल्विश यादव को नोएडा पुलिस ने 17 मार्च को गिरफ्तार किया था। यादव पर आरोप है कि उसके द्वारा आयोजित पार्टियों में नशे के लिए सांप के जहर का इस्तेमाल किया जाता था।  

मोहन सरकार राज्य के सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में छात्रों के लिए समान यूनिफॉर्म कोड लागू करने की तैयारी में

भोपाल मध्य प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार राज्य के सभी सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में छात्रों के लिए समान यूनिफॉर्म या ड्रेस कोड लागू करने की तैयारी कर रही है. राज्य के सभी सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों को अपने छात्रों के लिए एक समान ड्रेस कोड लागू करने का निर्देश दिया है. राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने मंगलवार को कहा कि ड्रेस कोड लागू होने के बाद अन्य किसी भी तरह की ड्रेस पर प्रतिबंध रहेगा. पिछले साल कर्नाटक समते कई राज्यों में ‘हिजाब विवाद’ पर विवाद के बाद एमपी सरकार ने यह फैसला लिया है. ‘हिजाब विवाद’ के बाद एक ड्रेस कोड लागू करने का फैसला इस कदम के पीछे के तर्क को समझाते हुए, एक अधिकारी ने आरोप लगाया कि “बुर्का, हिजाब और साड़ी” जैसे कपड़े छात्रों के बीच “मतभेद” पैदा करते हैं. मध्य प्रदेश में, केवल 50% कॉलेजों में ड्रेस कोड है. बुर्का, हिजाब और साड़ी जैसे कपड़े छात्रों के बीच मतभेद पैदा कर रहे थे, इसलिए मुख्यमंत्री मोहन यादव और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने सभी कॉलेजों में ड्रेस कोड लागू करने का फैसला किया.” समाज के सभी वर्ग के लिए एक ड्रेस कोड राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि नया यूनिफॉर्म कोड इस महीने के अंत में शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से लागू होगा. उन्होंने कहा, “हमने राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की है. सभी बातों को ध्यान में रखते हुए हम एक आदर्श ड्रेस कोड लागू करेंगे. किसी वर्ग को आपत्ति नहीं होगी. हम समाज के सभी वर्ग के साथ कॉलेज में सकारात्मक को समझाते हुए और ड्रेस कोड के महत्व को बताते हुए हम ड्रेस कोड का उपयोग करेंगे. सकारात्मक परिणाम आएगा. कॉलेज में कोई बाहर से न आए इसे देखते हुए ड्रेस कोड बना रहे हैं.” छात्रों के बीच कोई भेदभाव नहीं होगा परमार का कहना है कि कॉलेज के छात्रों के बीच एकरूपता लाने की कोशिश कर रहे हैं. ड्रेस कोड के माध्यम से, वे अनुशासन सीखेंगे और समान व्यवहार प्राप्त करेंगे. क्योंकि वे एक जैसी ड्रेस पहनेंगे, इसलिए सभी छात्र एक जैसे दिखेंगे और छात्रों के बीच कोई भेदभाव नहीं होगा. विपक्ष ने साधा निशाना वहीं विपक्ष ने कहा कि सरकार का ध्यान राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर होना चाहिए. कांग्रेस प्रवक्ता कुणाल चौधरी ने कहा, “बीजेपी सरकार ने कर्नाटक से कुछ नहीं सीखा है, जहां उन्होंने विधानसभा चुनाव से पहले हिजाब पर प्रतिबंध को एक बड़ा मुद्दा बनाया और चुनाव हार गए. अब, वे ड्रेस कोड जैसे मुद्दे लाकर छात्रों को शिक्षा और रोजगार की मांग से भटका रहे हैं.” मध्य प्रदेश में कांग्रेस सासंद आरिफ मसूद का कहना है कि कर्नाटक में भी हिजाब विवाद बेवजह था. सरकार हिजाब और बुर्खा को लेकर छींटाकशी करना चाहती है. इसे मध्यप्रदेश में पसंद नहीं किया जाएगा. लड़कियां अगर हिजाब पहन रही हैं तो इसमें बुराई क्या है. प्रतिबंध नहीं होना चाहिए, लड़की चुने कि हिजाब पहनना है या नहीं. कॉलेज तय करेंगे अपना ड्रेस कोड एक अन्य सरकारी अधिकारी ने राज्य के सभी कॉलेजों को जारी किए गए सरकारी आदेश का हवाला देते हुए कहा, “हमने यह तय करने का काम अलग-अलग कॉलेजों पर छोड़ दिया है कि वे अपने छात्रों के लिए किस तरह की यूनिफॉर्म चाहते हैं. हमारे आदेश में यह साफ है कि ड्रेस में एकरूपता होनी चाहिए.” हिजाब विवाद क्या है? कर्नाटक में तत्कालीन बीजेपी सरकार ने कक्षाओं में हिजाब पहनने वाली छात्राओं की एंट्री पर प्रतिबंध लगाने के बाद एक राजनीतिक विवाद शुरू हो गया था और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था. 1 जनवरी 2022 को कर्नाटक के उडुपी में 6 मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनने के कारण कॉलेज में क्लास रूम में बैठने से रोक दिया गया था. कॉलेज मैनेजमेंट ने नई यूनिफॉर्म पॉलिसी को इसकी वजह बताया था. इसके बाद इन लड़कियों ने कर्नाटक हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी. लड़कियों का तर्क था कि हिजाब पहनने की इजाजत न देना संविधान के अनुच्छेद 14 और 25 के तहत उनके मौलिक अधिकार का हनन है. कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सहित तीन जजों की फुल बेंच ने यह फैसला दिया था कि कर्नाटक के स्कूल-कॉलेजों में हिजाब पहनने की इजाजत नहीं मिलेगी. इस फैसले के खिलाफ ही सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई थीं. अक्टूबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट में 2 जजों की बेंच ने बंटा हुआ फैसला सुनाया था. दोनों जजों की राय अलग होने के बाद मामले को बड़ी बेंच के पास भेज दिया गया था. तब से तीन जजों की बेंच का गठन नहीं किया गया है.  

दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर हुए 75 साल के, करियर में ये काम एक बार किया

नई दिल्ली अपने जमाने में दुनिया के कुछ सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों का सामना करने वाले दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर बुधवार को अपना 75वां जन्मदिन मना रहे हैं। आज के युवा क्रिकेट प्रेमियों के लिए गावस्कर जैसे दिग्गज की महानता को सही मायने में समझना बहुत मुश्किल है क्योंकि वे इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) जैसी ताबड़तोड़ लीग को देखते हुए बड़े हुए हैं। पूर्व क्रिकेटर से कमेंटेटर बने महान खिलाड़ी गावस्कर की छवि उनके दिमाग में इतनी विशाल नहीं है। दुनिया के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों में से कुछ का सामना करने वाले गावस्कर के लिए समकालीन खिलाड़ियों की नजरों में उनकी महानता जस की तस है जो दाएं हाथ के इस महान खिलाड़ी की महानता को बयां करते थकते नहीं। पूर्व भारतीय बल्लेबाज चंदू बोर्डे ने कहा, ”गावस्कर ने मेरे संन्यास के दो साल बाद अपना पदार्पण किया था। लेकिन (दिवंगत) अजीत वाडेकर ने मुंबई के इस प्रतिभाशाली लड़के के बारे में बताया था जो भारत के लिए काफी रन बना सकता था। क्या उन्होंने काफी रन नहीं बनाए?” ‘उससे बेहतर स्टांस नहीं देखा’ तो गावस्कर ने 1971 में अपनी पहली ही सीरीज में वेस्टइंडज के उन खतरनाक गेंदबाजों का सामना किस तरह किया? इस पर बोर्डे ने कहा, ”यह उनकी एकाग्रता और मजबूत तकनीक थी। मैंने उससे बेहतर स्टांस नहीं देखा और वह गेंद को इतनी बारीकी से देखता था। निश्चित रूप से वह ज्यादातर शॉट्स खेल सकता था लेकिन उसने इनका समझदारी से इस्तेमाल किया। वह बहुत ही व्यावहारिक बल्लेबाज था, वह जानता था कि कब क्या करना है।” गावस्कर ने उस सीरीज में 774 रन बनाए थे जिससे भारत वेस्टइंडीज पर 1-0 से फतह हासिल कर सका। इस पहलू पर काफी कम चर्चा गावस्कर की एंडी रॉबर्ट्स, माइकल होल्डिंग, मैलकम मार्शल और इमरान खान जैसे तेज गेंदबाजों के खिलाफ महारत सभी को याद है, लेकिन उनकी बल्लेबाजी के एक चर्चित पहलू पर काफी कम चर्चा होती है, वो उनका स्पिनरों के खिलाफ बल्लेबाजी करना है। गावस्कर ने एक बार कहा था कि उन्हें सबसे ज्यादा इंग्लैंड के डेरेक अंडरवुड का सामना करने में मुश्किल हुई थी। उन्होंने अपनी पीढ़ी के चतुर स्पिनरों पाकिस्तान के अब्दुर कादिर और तौसीफ अहमद तथा इंग्लैंड के जॉन एम्बुरे का डटकर सामना किया था। ‘सन्नी का ‘फुटवर्क’ शानदार था’ पूर्व भारतीय बल्लेबाज मोहिंदर अमरनाथ ने याद करते हुए कहा, ”सन्नी का ‘फुटवर्क’ शानदार था और वह स्पिन के खिलाफ हल्के हाथ से बल्लेबाजी करता था। वह गेंद को बहुत ध्यान से देखा करता था जिससे वह स्पिनरों को देर से खेलता था और कभी भी उनके खिलाफ असहज हालत में नहीं पहुंचा।” लेकिन कभी कभार वह आक्रामक बल्लेबाजी भी करते थे। उन्होंने मार्शल के खिलाफ छक्का जड़कर तब महानतम क्रिकेटर सर डोनाल्ड ब्रैडमैन के 29 टेस्ट शतक के विश्व रिकार्ड की बराबरी की थी। करियर में ये काम एक बार किया बल्कि गावस्कर ने 1987 विश्व कप के दौरान न्यूजीलैंड के खिलाफ जो वनडे में अपना एकमात्र शतक 103 रन जड़ा था जो 88 गेंद में बना था। मुंबई के पूर्व बल्लेबाज मिलिंद रेगे ने कहा, ”शायद उस समय की जरूरत ने गावस्कर को भारत के लिए खेलते हुए रक्षात्मक होने पर मजबूर किया। लेकिन वह हमेशा आक्रामक बल्लेबाजी कर सकते थे और उन्होंने अकसर घरेलू सर्किट में ऐसा किया था। वह इतनी ही सहजता से ‘पुल’ और ‘हुक’ कर सकते थे।” ‘कमेंट्री बॉक्स’ में भी गावस्कर की यह बहुमुखी प्रतिभा देखी जा सकती है जिसमें वह हास्य का तड़का लगाते रहते हैं।  

स्कूल कैलेंडर में रामलला का प्राण-प्रतिष्ठा उत्सव शामिल, राजस्थान की भजनलाल सरकार का बड़ा फैसला

जयपुर. राजस्थान सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अयोध्या में जिस दिन रामलला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी, उसे स्कूल कैलेंडर में त्योहार के तौर पर शामिल किया गया है। इसकी सूचना शिक्षा विभाग ने दी है। राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अयोध्या में जिस दिन रामलला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी, उसे स्कूल कैलेंडर में त्योहार के तौर पर शामिल किया गया है। इसकी सूचना स्कूल शिक्षा विभाग ने दी है। अभिभावकों के लिए जारी किए गए इस कैलेंडर में उन विषयों की रूपरेखा दी गई है, जिन पर उन्हें छात्रों के साथ चर्चा करके उनकी ग्रोथ (विकास) पर नजर रखनी चाहिए। इसमें पूरे साल के दौरान महीनेवार त्योहारों की भी जानकारी दी गई है। स्कूल कैलेंडर में 22 जनवरी (रामलला प्राण प्रतिष्ठा का दिन) को त्योहार के रूप में चिह्नित किया गया है, लेकिन कैलेंडर में यह नहीं बताया गया है कि स्कूल इस दिन को कैसे मनाएंगे या छात्रों से किस तरह की गतिविधियों में हिस्सा लेने की उम्मीद की जाती है। जबकि कैलेंडर, अन्य त्योहारों या महत्वपूर्ण दिनों को कैसे मनाया जाए, इसके बारे में सामान्य निर्देश देता है। वर्तमान एकेडमिक इयर को कवर करते हुए, पंचांग में त्योहारों, राष्ट्रीय छुट्टियों और महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय दिवसों की लिस्ट दी गई है। राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिवालर ने कहा, ‘प्रतिष्ठा दिवस को कैलेंडर में शामिल किया गया है क्योंकि यह एक ऐतिहासिक दिन है। हम इस बात पर विशेषज्ञों से सलाह ले रहे हैं कि स्कूलों में इस दिन को कैसे मनाया जा सकता है। 22 जनवरी को कोई छुट्टी नहीं होगी और इसे सभी कक्षाओं के छात्र मनाएंगे।’

टी20 खिलाड़यों की रैंकिंग जारी: ऋुतराज गायकवाड़ तगड़ी छलांग लगाकर टॉप-10 में पहुंचे, ‘शतकवीर’ अभिषेक की हुई धमाकेदार एंट्री

नई दिल्ली इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने बुधवार को टी20 खिलाड़यों की रैंकिंग जारी की है। बल्लेबाजों की सूची में ऋतुराज गायकवाड़ 13 स्थान की छलांग लगाकर टॉप-10 में पहुंच गए हैं। वह 662 रेटिंग अंकों के साथ सातवें स्थान पर हैं। उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में 77 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने 47 गेंदों का सामना करन के बाद 11 चौके और एक छक्का मारा था। ‘शतकवीर’ अभिषेक शर्मा ने रैंकिंग में धमाकेदार एंट्री की है। वह 75वें पायदान पर आ गए हैं। इंटरनेशनल डेब्यू मैच में शून्य पर पवेलियन लौटने वाले अभिषेक ने इंडिया वर्सेस जिम्बाब्वे दूसरे टी20 में तूफानी शतक ठोका था। उन्होंने 47 गेंदों में 7 चौकों और 8 छक्कों की मदद से 100 रन बनाए। वह सबसे कम पारियों में टी20 इंटरनेशनल शतक लगाने वाले भारतीय हैं। उन्होंने ऋतुराज के संग दूसरे विकेट के लिए 137 रन की यादगार साझेदारी की थी। रिंकू सिंह को भी फायदा हुआ है। वह चार ऊपर चढ़कर 39वें पर पहुंच गए हैं। उन्होंने 22 गेंदों में 48 रन बनाए थे, जिसमें दो चौके और पांच छक्के शामिल हैं। जिम्बाब्वे के ब्रायन बेनेट ने दो आक्रामक कैमियो की बदौलत 25 स्थान की छलांग लगाई। वह 96वें स्थान पर हैं। ऑस्ट्रेलिया के ट्रेविस हेड (844 अंक) शीर्ष पर काबिज हैं। भारत के स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव (821 अंक) दूसरे नंबर पर हैं। टॉप-10 में भारत के दो बल्लेबाज हैं। गेंदबाजी रैंकिंग के शीर्ष-10 स्थानों में कुछ बदलाव हुए हैं। ऑस्ट्रेलिया के एडम जम्पा (7वें), अफगानिस्तान के फजलहक फारूकी (8वें) और श्रीलंका महेश थीक्षाना (10वें) को लाभ मिला है। अक्षर पटेल और कुलदीप यादव को जिम्बाब्वे सीरीज में आराम दिया गया है, जिसके चलते उन्हें नुकसान झेलना पड़ा। जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले दो मैचों में छह विकेट लेने वाले रवि बिश्नोई आठ स्थान ऊपर 14वें पर पहुंच गए हैं। इंग्लैंड के आदिल रशीद टॉप पर कायम हैं। भारत के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या से एक हफ्ते में बादशाहत छिन गई है। टी20 वर्ल्ड कप 2024 में शानदार प्रदर्शन के बाद नंबर वन टी20 ऑलराउंडर बने हार्दिक अब दूसरे पायदान पर खिसक गए हैं। उनके खाते में 213 अंक हैं। श्रीलंका के वानिंदु हसरंगा शीर्ष पर पहुंच गए हैं, जिनके 222 अंक हैं। भारत के वॉशिंगटन सुंदर ने पहले मैच में 27 रन की तेज पारी और दो मैचों में तीन विकेट लेने के बाद शीर्ष 50 में जगह बनाई है।  

भोपाल में 40 की प्याज और 80 के टमाटर, बिगड़ा रसोई का बजट

भोपाल  मध्य प्रदेश के भोपाल में हाल ही में 80 से 100 रुपये प्रति किलो बिकने वाले टमाटर के भाव में हल्की सी नरमी आई है. आज बुधवार को थोक मंडी में टमाटर के दाम 60 रुपये प्रति किलो रहे, हालांकि बाकी सब्जियों के भाव में उछाल देखा गया है. सब्जी के थोक व्यापारियों के मुताबिक बारिश के चलते आने वाले दिनों में सब्जियों के दाम में और ज्यादा उछाल आएगा. बारिश के दिनों में हरी सब्जियां महंगी हो जाती हैं. सब्जियों के दाम बढ़ने की वजह अधिक बारिश के कारण सब्जियों का सड़ना-गलना होता है. इसकी वजह से सब्जी मंडी तक सब्जियां पर्याप्त मात्रा में नहीं आ पातीं और दाम में इजाफा हो जाता है. सब्जियों के दाम में सबसे पहले टमाटर के भाव बढ़े थे.   20 से 25 दिन पहले टमाटर 30 से 40 रुपये प्रति किलो बिक रहे थे. इसके बाद अचानक थोक भाव 80 से 100 किलो तक पहुंच गए थे, लेकिन आज टमाटर के दाम में कमी देखी गई. राजधानी भोपाल की करोंद मंडी में बुधवार को टमाटर के थोक भाव 60 रुपये प्रति किलो रहे. बाकी सब्जियों के भाव में उछाल टमाटर के दाम भले ही कुछ घट गए हो, लेकिन बाकी सब्जियों के दाम में उछाल देखा गया. बुधवार को प्याज 40 से 60 रुपये प्रति किलो के बीच रहा, जबकि हरा धनिया 200 रुपये, भिंडी-करेला 50 रुपये, मेथी 80 रुपये किलो, आलू 35 से 40 रुपये किलो और मिर्च 100 रुपये प्रति किलो के भाव बिकी. बरसात शुरू होते ही अब सब्जियों के दाम भी बढ़ने लगे हैं. इसकी शुरूआत टमाटर से हुई. 20 से 25 दिन पहले तक 30 से 40 रुपये किलो बिकने वाला टमाटर पहले 80 रुपये प्रतिकिलो हुआ, इसके बाद अब 100 रुपये तक पहुंच गया है. इसी तरह प्याज 40 से 50 रुपये किलो, हरा धनिया 200 रुपये किलो, भिंडी-करेला 50 रुपये किलो, मेथी 80 रुपये किलो, आलू 30 से 40 रुपये किलो और मिर्ची 100 रुपये किलो हो गई है. इसके अलावा गोबी, पत्ता गोबी सहित अन्य सब्जियों के भाव भी बढ़ गए हैं. सब्जी मंडी के व्यापारियों का कहना है कि पहले बारिश और फिर धूप की वजह से टमाटर की फसल प्रभावित हुई. वहीं अब झमाझम बारिश हो रही है, जिसकी वजह से भाव बढ़ रहे हैं. सब्जी कारोबारियों का कहना है कि अगस्त में नई फसल आने के बाद ही टमाटर के दामों में राहत मिलेगी. व्यापारियों ने क्या कहा? सब्जी व्यापारियों के अनुसार टमाटर के दाम में फिलहाल अभी और भी तेजी आएगी. सब्जी के थोक कारोबारियों के अनुसार 20 से 25 दिन पहले टमाटर की 25 किलो वाली क्रेट के दाम 400 से 500 रुपये तक हो गए थे, लेकिन अब वही क्रेट 1000 से 1200 रुपये प्रति क्रेट हो गए हैं. सब्जी के थोक व्यापारियों के अनुसार करोंद सब्जी मंडी में अलीराजपुर, मंदसौर के अलावा सीहोर, रायसेन सहित आसपास के जिलों में टमाटर आता थे. एक महीने पहले तक औसतम 3 से 4 टन भार क्षमता वाली रोजाना 25 से 30 गाड़ियां आती थीं, जबकि 12 टन भार क्षमता वाली भी करीब 10 गाड़ियां आती थी, लेकिन अब 8 से 10 छोटी और 5 से 6 बड़ी गाड़ियां ही आ रही हैं, जिसकी वजह से टमाटर के दामों में उछाल आया है. सब्जी व्यापारियों के अनुसार बारिश के दिनों में टमाटर सहित अन्य हरी सब्जियों के दामों में और भी उछाल आएगा. बारिश के दौरान भाव में कमी की उम्मीद नहीं करोंद सब्जी मंडी के थोक व्यापारी शेख माजिद मे बताया कि बारिश भर सब्जियों के दाम में कमी आने की उम्मीद नहीं है. सब्जी मंडी तक पर्याप्त मात्रा में किसान सब्जी नहीं ला पा रहे हैं, जिसकी वजह से दाम में उछाल आ रहा है. अन्य व्यापारियों ने बताया कि खेतों में कीचड़ हो जाने और बारिश में सब्जियों के सड़ने और गलने की वजह से फसल खराब हो जाती है. इसकी वजह से सब्जी मंडी तक सब्जी नहीं आती और भाव में बढ़ोतरी होती है.

कमांडर करण सक्सेना में गुरमीत चौधरी ने खुद किये स्टंट, पिता से ली ट्रेनिंग

मुंबई, बॉलीवुड के जानेमाने अभिनेता गुरमीत चौधरी ने डिज़्नी+ हॉटस्टाेर के एक्शकन से भरपूर सीरीज कमांडर करण सक्से,ना में अपने सारे स्टंट खुद किये।कमांडर करण सक्सेेना सीरीज में गुरमीत चौधरी, इकबाल खान और हृता दुर्गुले की मुख्य भूमिका है। इस सीरीज में एक निडर रॉ एजेंट की कहानी दिखाई गई है। वह एक खतरनाक राजनीतिक रहस्य को सुलझाने में जुटा है और राष्ट्र को बचाने के लिए अपनी जान की बाजी लगाता है। जतिन वागले द्वारा निर्देशित और कीलाइट प्रोडक्शान्सप द्वार‍ा निर्मित कमांडर करण सक्से ना की कहानी एक ऐसे किरदार पर आधारित है, जिसकी रचना जाने-माने राइटर अमित खान ने की है। यह सीरीज 08 जुलाई 2024 को रिलीज हुयी है। गुरमीत चौधरी ने कमांडर करण सक्सेना में कमांडर करण सक्सेना की टाइटल भूमिका निभायी है। गुरमीत ने इस सीरीज के लिये सारे स्टंट खुद किये। गुरमीत चौधरी ने बताया, मेरे पिता सीताराम चौधरी फौज में थे।मेरे पिता चाहते थे कि मैं भी सोल्जर बनूं।जब मुझे ‘कमांडर करण सक्सेना’ में काम करने का अवसर मिला, तो मेरे पिता बहुत खुश हुए। पापा हमेशा चाहते थे कि मैं फौज में जाउं। जब मैंने कमांडर करण सक्सेना में काम किया तो यह पापा के लिये प्राउड वाली फीलिंग थी। उन्होंने मुझे सिखाया, गन का होल्ड कैसे किया जाता है।फौज औ रॉ दोनों अलग डिपार्टमेंट है, लेकिन दोनों देश की सेवा करते हैं। कमांडर जैसी सीरीज कर यदि मैं देश की सेवा कर सकता हूं तो यह मेरे लिये गौरव की बात है।मैंने कमांडर करण सक्सेना के लिये सारे एक्शन सीक्वेंस खुद किये। आम तौर पर एक्शन डायरेक्टर या डायरेक्टर इस बात से परहेज करते हैं कि कलाकार खुद स्टंट करे।क्योंकि उन्हें डर लगता है कि कलाकार को कहीं चोट नहीं लग जाये। मैं सारे एक्शन सीक्वेंस खुद हीं करना चाहता था।एक्शन डायरेक्टर और डायरेक्टर ने मुझे इसमें काफी मोटिवेट किया। हर एपिसोड में दर्शकों को अलग-अलग एक्शन सीक्वेंस देखने को मिलेगा। गुरमीत चौधरी ने बताया, बतौर अभिनेता मैं अपने आप को लकी मानता हूं कि मुझे अलग-अलग तरह के किरदार को निभाने का अवसर मिला है।मैं इस बात को लेकर बहुत खुश हूं कि मैने कमांडर करण सक्सेना के जरिये डिज़्नी+ हॉटस्टार से ओटीटी डेब्यू किया है। डिज़्नी+ हॉटस्टार अपने आप में बहुत बड़ा प्लेटफार्म है, और इसके बहुत सारे दर्शक हैं। किसी भी कलाकार का ड्रीम होता है कि दर्शक आपके काम को देखें।मैं डिज्नी हॉट स्टार का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मुझे काम करने का अवसर दिया। कमांडर करण सक्सेना में काम करने का अनुभव शानदार रहा।जतिन सर जानेमाने निर्देशक हैं। जतिन सर ने काफी अच्छी सीरीज और फिल्में बनायी है।मैं उनका फैन रहा हूं।जतिन सर की तैयारी काफी स्ट्रांग थी।एक एक कलाकार के रूप में बहुत जरूरी होता है कि निर्देशक जो बोले उसी तरह उसे पर्दे पर रखे। सीरीज के डायरेक्टर और प्रोडयूसर ने मुझपर विलीव किया,मैं इसके लिये बेहद खुश हूं। गुरमीत चौधरी ने बताया, हृता दुर्गुले मराठी इंडस्ट्री की काफी जानीमानी कलाकार है। वह काफी फेमस और हार्ड वर्किग है। उन्होंने कमांडर करण सक्सेना से हिंदी में डेब्यू किया है। हृता ने कमाल का स्टंट और एक्शन किया है। उन्होंने काफी मेहनत की है, जो आपको पर्दे पर नजर आयेगी। सेट पर कलाकार के साथ टयूनिंग महत्वपूर्ण होती है, तब आपकी परफार्मेस निकलकर आती है।इकबाल खान को बहुत पहले से जानता हूं, लेकिन उनके साथ पहली बार काम किया है।उन्होंने पहली बार विलेन का किरदार निभाया है। हमसभी को उम्मीद है कि दर्शको को कमांडर करण सक्सेना बेहद पसंद आने वाली है।

सरकारी स्‍कूलों में पढ़ाई को लेकर श‍िक्षक गंभीर नहीं, 5 वीं और 8 वीं का परीक्षा परिणाम शून्य, 54 स्कूलों को नोटिस

ग्वालियर  सरकारी स्कूलों में बेहतर पढ़ाई हो इसको लेकर सरकार दिल खोलकर खर्च कर रही है। इसके बाद भी ग्वालियर के 54 स्कूल ऐसे हैं जहां पर एक भी विद्यार्थी इस बार पास नहीं हो सका। वह भी तब जब स्कूलों काे हाईटेक करने से लेकर शिक्षकों को हर तीन माह में किसी न किसी तरह से प्रशिक्षित कर बेहतर परीक्षा परिणाम लाने की जिम्मेदारी दी जाती है। इसके बाद भी लाखों रुपये वेतन उठाने वाले शिक्षक परिणाम के नाम पर शून्य देते हैं। इससे साफ है कि ना तो इन स्कूलों की ढंग से मॉनिटरिंग की गई और न ही स्कूलों में पहुंचने वाले विद्यार्थियों को ठीक से पाया जाता है। जिसका नतीजा सामने हैं। अब इन स्कूलों के खराब परीक्षा परिणाम को लेकर डीपीसी द्वारा सभी संस्था प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। इसका जवाब अगले सात दिन में मांगा गया है। यदि जवाब संतुष्टिपूर्ण नहीं रहा तो आगे एक्शन लिया जाएगा। इन स्कूलों के परीक्षा परिणाम खराब होने का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शहर व ग्रामीण के स्कूलों में तैनात शिक्षक पढ़ाने तक नहीं जाते। गजब की बात यह है कि एक से लेकर 5 तक के विद्यार्थियों को एक ही कक्षा में बैठाकर,एक ही शिक्षक द्वारा सभी विषय पढ़ाए जाते हैं, क्योंकि बाकी के शिक्षक स्कूल पहुंचते ही नहीं है। ऐसे में विद्यार्थी क्या सीखेगा और एक शिक्षक सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों को क्या पढ़ाएगा इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है इस अव्यवस्था का नईदुनिया द्वारा खुलासा किया गया इसके बाद भी जिम्मेदार शिक्षा विभाग के अफसर इन स्कूलों में झांकने तक नहीं पहुंचे। इससे साफ है कि नोटिस देना एक औपचारिकता भर है और कुछ नहीं । असल में शहर और ग्रामीण मिलाकर 46 प्राइमरी स्कूल ऐसे हैं जिनमें कक्षा पांचवीं का एक भी विद्यार्थी पास नहीं हुआ। इसी तरह से 8 मिडिल स्कूल ऐसे है जिनमें एक भी कक्षा 8 वीं का विद्यार्थी पास नहीं हुआ। जिसको लेकर ग्वालियर की रैंकिंग प्रदेश में कम रही और कक्षा पांच व आठ वीं का परीक्षा परिणाम में फैल होने वाले बच्चों का ग्राफ बढ़ गया।

हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को बताया जवाबदेह, छत्तीसगढ़-बिलासपुर में हाइटेन्शन तारों से आ रहा करेंट

बिलासपुर. बिलासपुर के रतनपुर क्षेत्र के गांवों के खेतों में करंट आने के मामले में मंगलवार को हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि किसी भी कंपनी को सिर्फ लाइसेंस देकर आप जवाबदेही से बच नहीं सकते। कोर्ट ने शासन को शपथपत्र में जवाब देने के निर्देश देते हुए बुधवार 10 जुलाई को अगली सुनवाई निर्धारित की है। हाईटेंशन बिजली तार के कारण कई गांवों में ग्रामीणों और मवेशियों की जान को खतरा है। भयभीत ग्रामीणों ने हजारों एकड़ में इसके चलते खेती बंद कर दी है। प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने जनहित याचिका के तौर पर इसकी सुनवाई शुरू की है। सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश ने हाईटेंशन तार बिछाने वाली सरकारी कंपनी पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन, यहां इस काम को पूरा करने वाली जबलपुर ट्रांसपोर्टेशन कंपनी से इन जगहों पर इंजीनियरों को भेजकर पूरी जांच कराने का निर्देश दिया था। इसकी रिपोर्ट व्यक्तिगत शपथपत्र पर कोर्ट में प्रस्तुत करने का भी आदेश कोर्ट ने दिया था। मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायाधीश रविन्द्र अग्रवाल की डीबी में केंद्र शासन की ओर से कहा गया कि, हमने पावर ग्रिड को सिर्फ लाइसेंस दिया है। उन्होंने अगर कहा होता तो हम इस जगह पर पहले सर्वे कराकर जांच रिपोर्ट जारी करते। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि, आप सिर्फ लाइसेंस देकर जवाबदेही से बच नहीं हो सकते। साथ ही कहा कि जानकारी दें कि हाईटेंशन विद्युत लाइन होने के चलते रतनपुर क्षेत्र के लगभग आठ गांवों के खेतों में हाईटेंशन तार के नीचे और टॉवरों के आसपास करंट के झटके महसूस किए जा रहे हैं। बचने के लिए लोग रबड़ के बूट, जूते पहन रहे हैं, इसके बावजूद हर रोज ग्रामीणों को करंट लग रहा है। मवेशियों और बच्चों को इससे ज्यादा खतरा है। इस समस्या से कछार, लोफंदी, भरारी, अमतरा, मोहतराई, लछनपुर, नवगंवा, मदनपुर अधिक प्रभावित हैं। इन गांवों में 20 से अधिक टावर होने की वजह से जमीन में करंट दौड़ रहा है। यहां के किसानों का मुख्य व्यवसाय सब्जी की खेती है। हाईटेंशन लाइन के कारण बार-बार करंट लगता है। यही वजह है कि अधिकांश किसानों ने टॉवर वाली जमीन पर खेती करना छोड़ दिया है।

भारत और ऑस्ट्रिया का साझा घोषणापत्र हुआ जारी, दोनों देशों में राजनयिक और सांस्कृतिक संबंध

वियना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत किया गया।अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ऑस्ट्रिया के चांसलर कार्ल नेहमर के साथ बातचीत करेंगे और विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की 1983 के बाद पहली ऑस्ट्रिया यात्रा है.मोदी से पहले इंदिरा गांधी ने 1983 में प्रधानमंत्री के रूप में ऑस्ट्रिया गई थीं.इसके बाद ऑस्ट्रिया के चांसलर फ्रेड सिनोवाट्ज 1984 में भारत आए थे.पीएम मोदी की यात्रा के दौरान दोनों देश संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे.पीएम मोदी का ऑस्ट्रिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वान डेर बेलेन और चांसलर कार्ल नेहमर से बातचीत का कार्यक्रम है. भारत और ऑस्ट्रिया के सांस्कृतिक संबंध भारत और ऑस्ट्रिया के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक समृद्ध इतिहास है.वियना विश्वविद्यालय में संस्कृत की पढ़ाई 1845 में ही शुरू हो गई थी.वहीं रवींद्रनाथ टैगोर ने 1920 के दशक में वियना की यात्रा की थी. उनकी इस यात्रा ने दोनों देशों में सांस्कृतिक और बौद्धिक संबंधों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.ऑस्ट्रिया यूरोपीय संघ का सदस्य तो है, लेकिन नैटो का हिस्सा नहीं है. उसकी तटस्थता की यह नीति द्विपक्षीय संबंधों में एक दिलचस्प आयाम जोड़ती है. भारत ने 1953 में ऑस्ट्रिया की सोवियत संघ के साथ समझौता वार्ता कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. इसी के बाद 1955 में ऑस्ट्रिया को आजादी मिली थी.भारत और ऑस्ट्रिया में राजनयिक संबंध 10 नवंबर 1949 को स्थापित हुए थे.इस तरह 2024 में दोनों देश राजनयिक संबंधों की 75वीं सालगिरह मना रहे हैं. भारत-ऑस्ट्रिया के राजनयिक संबंध भारत और ऑस्ट्रिया में राजनयिक संपर्क का एक लंबा इतिहास रहा है. भारत-ऑस्ट्रिया ने 1983 में संयुक्त आर्थिक आयोग की स्थापना की थी. इस आयोग ने इस्पात, निर्माण प्रौद्योगिकी, रेलवे और धातुकर्म जैसे क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग और संयुक्त उद्यम स्थापित करने में सहयोग किया है.भारत ऑस्ट्रिया को इलेक्ट्रॉनिक सामान, कपड़ा, जूते और मशीनरी जैसे चीजों का निर्यात करता है. वहीं ऑस्ट्रिया मशीनरी, रेलवे पार्ट्स और स्टील का आयात भारत से करता है.दोनों देशों के बीच 2023 में 2.93 अरब अमेरिकी डॉलर का व्यापार हुआ था.दोनों देशों ने फरवरी 2024 में भारत-ऑस्ट्रिया स्टार्टअप ब्रिज की शुरुआत की थी. यह पहल दोनों देशों के बीच नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए की गई थी. भारत ने 2013 में पीएसएलवी-सी20 के जरिए ऑस्ट्रिया के पहले दो उपग्रहों TUGSAT-1/BRITE और UniBRITE का प्रक्षेपण किया था.यह दोनों देशों का अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग के नए अध्याय की शुरुआत थी. ऑस्ट्रिया में 30 हजार से अधिक भारतीय रहते हैं.ये भारतीय वहां की स्वास्थ्य सेवाओं में काम करते हैं या व्यापार करते हैं या वहां पढ़ने गए हैं.  इनमें से अधिकांश पंजाब और केरल के रहने वाले हैं. ये भारतीय दोनों देशों में सास्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में बड़ी भूमिका निभाते हैं. भारतीय नेताओं का ऑस्ट्रिया दौरा पीएम मोदी की यात्रा से पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दिसंबर 2022 में ऑस्ट्रिया की यात्रा की थी. उनकी यह यात्रा प्रधानमंत्री की यात्रा की तैयारियों के सिलसिले में थी. अपनी यात्रा में जयशंकर ने ऑस्ट्रिया के प्रमुख नेताओं से बात की थी. उनकी यात्रा के दौरान पांच समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए थे.नवंबर 1999 में तत्कालीन राष्ट्रपति केआर नारायणन ने ऑस्ट्रिया की यात्रा की थी. वहीं तत्कालीन ऑस्ट्रियाई राष्ट्रपति हेंज फिशर ने फरवरी 2005 में भारत की यात्रा पर आए थे. तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील अक्टूबर, 2011 में चार दिन की यात्रा पर ऑस्ट्रिया गई थीं.पीएम नरेंद्र मोदी पहली बार ऑस्ट्रिया जा रहे हैं, लेकिन वह वहां जाने से पहले ऑस्ट्रिया के नेताओं से मुलाकातें कर चुके हैं. पीएम मोदी अपने पहले कार्यकाल में जून, 2017 में इंटरनेशनल इकोनामिक फोरम में हिस्सा लेने के लिए सेंट पीटर्सबर्ग गए थे.वहां उन्होंने तत्कालीन ऑस्ट्रियाई चांसलर क्रिश्चियन केर्न के साथ द्विपक्षीय बैठक की थी. अपने दूसरे कार्यकाल में पीएम मोदी अक्टूबर, 2021 में स्काटलैंड के ग्लासगो में आयोजित संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP-26) में भाग लेने गए थे.इससे इतर उन्होंने तत्कालीन ऑस्ट्रियाई चांसलर अलेक्जेंडर शालेनबर्ग से मुलाकात की थी.पीएम मोदी ने 26 मई, 2020 को ऑस्ट्रिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वान डेर बेलेन से टेलीफोन पर बातचीत की थी.ऑस्ट्रिया यात्रा से पहले पीएम मोदी ने लोकतंत्र, स्वतंत्रता और कानून के शासन के साझा मूल्यों पर प्रकाश डाला था, जो भारत- ऑस्ट्रिया के बीच संबंधों को रेखांकित करते हैं. उन्होंने कहा,”मैं हमारे देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने पर हमारी चर्चा को लेकर उत्सुक हूं.” राष्ट्रीय गीत के साथ हुआ पीएम मोदी का स्वागत एयरपोर्ट से निकलने के बाद पीएम मोदी सीधे ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना के होटल रिट्ज कार्लटन पहुंचे, जहां प्रवासी भारतीयों ने उनका अभिवादन किया। साथ ही ऑस्ट्रियाई कलाकारों ने प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत में वंदे मातरम भी गाया। पोस्ट की मोदी के संग सेल्फी ऑस्ट्रिया चांसलर कार्ल नेहमर ने भी पीएम मोदी से मुलाकात की। उन्होंने पीएम मोदी के साथ सेल्फी पोस्ट करते हुए कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वियना में आपका स्वागत है। ऑस्ट्रिया में आपका स्वागत करना खुशी और सम्मान की बात है। ऑस्ट्रिया और भारत मित्र और साझेदार हैं। मैं आपकी यात्रा के दौरान हमारी राजनीतिक और आर्थिक चर्चाओं की प्रतीक्षा कर रहा हूं!’ पीएम मोदी से पहली बार मिले नेहमर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मेजबानी ऑस्ट्रियाई चांसलर कार्ल नेहमर ने की। यह दोनों नेताओं के बीच पहली मुलाकात है। द्विपक्षीय साझेदारी के संबंध में चर्चा होगी।’’ एक तस्वीर में मोदी नेहमर को गले लगाते नजर आ रहे हैं, जबकि दूसरी तस्वीर में ऑस्ट्रियाई चांसलर प्रधानमंत्री के साथ सेल्फी लेते नजर आ रहे हैं। नेहमर ने भी मोदी के साथ की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की और कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, वियना में आपका स्वागत है! ऑस्ट्रिया में आपका स्वागत करना हमारे लिए खुशी और सम्मान की बात है। ऑस्ट्रिया और भारत मित्र और साझेदार हैं। आपकी यात्रा के दौरान राजनीतिक और आर्थिक चर्चाओं को लेकर उत्सुक हूं।’’ प्रधानमंत्री ने ‘‘गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए’’ ऑस्ट्रियाई चांसलर का आभार व्यक्त किया और कहा कि वह ‘‘कल हमारे बीच होने वाली वार्ताओं को लेकर उत्सुक हैं। हमारे देश पूरी दुनिया की भलाई के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे।’’ मोदी ने ‘एक्स’ पर एक अन्य पोस्ट में … Read more

छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी; 8 लाख रु की इनामी महिला नक्सली ढेर, 4 माओवादी गिरफ्तार

कांकेर छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर तैनात सुरक्षाबलों को  दोहरी सफलता मिली। एक तरफ उन्होंने 8 लाख रुपए की इनामी नक्सली को मार गिराया, तो वहीं दूसरी तरफ 4 नक्सलियों को गिरफ्तार भी कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि नक्सल प्रभावित कांकेर जिले में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में आठ लाख रुपए की इनामी महिला नक्सली को मार गिराया। कांकेर जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) इंदिरा कल्याण एलेसेला ने बताया कि छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत बिनागुंडा गांव के करीब जंगल में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में महिला नक्सली रीता मड़ियाम (30) को मार गिराया। एलेसेला ने बताया कि छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में जिला रिजर्व गार्ड (DRG), बस्तर फाइटर्स और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के संयुक्त दल को गश्त के लिए रवाना किया गया था तथा दल जब बीनागुंडा गांव के जंगल में था तब नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि इसके बाद सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की और कुछ देर तक दोनों ओर से गोलीबारी के बाद नक्सली वहां से फरार हो गए। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बलों ने जब घटनास्थल की तलाशी ली तब वहां एक महिला नक्सली का शव, एक .303 की राइफल, एक .315 बोर की राइफल और भारी मात्रा में हथियार तथा नक्सली सामान बरामद किया। एलेसेला ने बताया कि महिला नक्सली की पहचान PLGA मिलिट्री कंपनी नंबर पांच की सदस्य रीता मड़ियाम के रूप में हुई है और उसके सिर पर 8 लाख रुपए का इनाम घोषित था। उधर सुकमा जिले में पुलिस को मंगलवार को चार नक्सलियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली। बताया जा रहा है कि DRG और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम एरिया डॉमिनेशन ऑपरेशन पर निकली थी। उसी समय इन नक्सलियों को पकड़ने में सफलता मिली हैं। गिरफ्तार सभी नक्सली चिंतलनार थाना क्षेत्र के निवासी हैं। बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि इस वर्ष अब तक नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों ने बस्तर क्षेत्र में 137 नक्सलियों को मार गिराया है तथा इस दौरान 498 चरमपंथी गिरफ्तार किए गए हैं और 461 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। नक्सलियों ने शुरू की थी गोलीबारी एलेसेला ने बताया कि छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), बस्तर फाइटर्स और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के संयुक्त दल को गश्त के लिए रवाना किया गया था। दल जब बीनागुंडा गांव के जंगल में था तब नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी शुरू कर दी। सर्चिंग को दौरान मिली लाश उन्होंने बताया कि इसके बाद सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की और कुछ देर तक दोनों ओर से गोलीबारी के बाद नक्सली वहां से फरार हो गए। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बलों ने जब घटनास्थल की तलाशी ली तब वहां एक महिला नक्सली का शव बरामद हुआ। हथियार भी बरामद एलेसेला ने बताया कि महिला नक्सली की पहचान पीएलजीए मिलिट्री कंपनी नंबर पांच की सदस्य रीता मड़ियाम के रूप में हुई है और उसके सिर पर आठ लाख रुपये का इनाम था। महिला नक्सली के पास एक .303 की राइफल, एक .315 बोर की राइफल और भारी मात्रा में हथियार तथा नक्सली सामान बरामद किया। अब तक 137 का एनकाउंटर बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि इस वर्ष अब तक नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों ने बस्तर क्षेत्र में 137 नक्सलियों को मार गिराया है तथा इस दौरान 498 चरमपंथी गिरफ्तार किए गए हैं और 461 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।

भोजपुरी फिल्म बेटी हो तो ऐसी में नजर आयेंगी गुंजन पंत

  मुंबई, भोजपुरी सिनेमा की जानीमानी अभिनेत्री गुंजन पंत, फिल्म बेटी हो तो ऐसी में काम करती नजर आयेंगी गुंजन पंत फ़िल्म बेटी हो तो ऐसी को लेकर बेहद उत्साहित हैं। गुंजन पंता ने कहा, बेटी हो तो ऐसी को बेटियों को भी खासकर के देखना चाहिए। इस फ़िल्म में बेटियों को सशक्त भारत की तस्वीर बनते हुए भी दिखाया गया है तो दूसरी ओर यह भी दिखाया गया है कि समाज मे बेटियों का शिक्षित होना भी कितना आवश्यक है। बिना शिक्षा के कोई भी समाज समृद्ध नहीं हो सकता। क्योंकि समृद्धि की राह में अशिक्षा बहुत बड़ी बाधक के रूप में कार्य करता है । गुंजन पंत ने बताया कि आजकल वह जो भी फिल्में कर रही हैं उन हर फिल्मों में उनकी भूमिका अलग-अलग परिदृश्य के ऊपर, अलग अलग शेड्स लिए हुए समाज के अंदर की सच्चाई को दिखाने में सहायक सिद्ध हो रही है। महिला सशक्तिकरण पर आधारित फ़िल्म बेटी हो तो ऐसी फिल्म की शूटिंग बीते दिनों उत्तरप्रदेश के जौनपुर में पूरी हो चुकी है और अभी इस फ़िल्म के पोस्ट प्रोडक्शन का काम मुम्बई में चल रहा है। इस फ़िल्म में अपनी भूमिका को लेकर बात करते हुए गुंजन पंत ने कहा कि फ़िल्म में मां बाप की पांच बेटियों में , पांच बहनों में सबसे बड़ी बहन का किरदार निभा रही हैं, जिसके ऊपर कई प्रकार की जिम्मेवारियों का बोझ है। यह फ़िल्म आने वाले समय मे बताने के लिए जानी जाएगी कि लड़कियां किसी भी मायने में किसी भी पुरुष से कमतर नहीं हैं। बी4यू भोजपुरी के बैनर तले बनी फिल्म बेटी हो तो ऐसी के निर्माता संदीप सिंह एवं नीलाभ तिवारी हैं। फ़िल्म का लेखनसत्येंद्र सिंह ने किया है,वहीं निर्देशक संजीव बोहरपी और डीओपी हैं विजय मंडल हैं। फ़िल्म बेटी हो तो ऐसी के संगीत निर्देशक ओम झा हैं, वहीं नृत्य निर्देशन कानू मुखर्जी और सोनू प्रीतम ने किया है। फ़िल्म बेटी हो तो ऐसी में गुंजन पंत, श्रुति राव, डिम्पल सिंह, शिल्पी राघवानी, प्रियांशु सिंह, प्रेम दुबे, कंचन मिश्रा, गोपाल चौहान, रूपा सिंह, निशा सिंह, प्रशांत सिंह, पंकज मेहता ,आशीष यादव सहित अन्य कलाकार हैं।  

मेदवेदेव के खिलाफ हार के साथ सिनर विंबलडन से बाहर

लंदन, शीर्ष वरीय यानिक सिनर को दानिल मेदवेदेव ने पांच सेट तक चले कड़े मुकाबले में हराकर मंगलवार को यहां विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट के पुरुष एकल के सेमीफाइनल में जगह बनाई। मेदवेदेव ने पहला सेट गंवाने के बाद वापसी करते हुए सिनर को 6-7 (7), 6-4, 7-6 (4), 2-6, 6-3 से हराया। सिनर के इस मुकाबले के दौरान अपने ट्रेनर से उपचार लेना पड़ा और वह तीसरे सेट में कोर्ट से चले गए थे। यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि सिनर को क्या हुआ था। लॉकर रूम में जाने से पहले उनकी हृदय गति की जांच भी की गई। इटली का यह 22 वर्षीय खिलाड़ी लगभग 10 मिनट बाद वापस लौटा और फिर से खेलना शुरू किया।  

दुल्हन के परिवार को धमकी मिली कि बारात आई ताे दूल्हा नहीं बचेगा, फिर पुलिस ने संभला मोर्चा

मुरैना  शहर में हुई एक शादी के माहौल में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने खुद को दुल्हन का प्रेमी बताते हुए धमकी दे डाली, कि बारात आई तो दूल्हा जिंदा नहीं बचेगा। इसके बाद हुआ यह, कि पुलिस सुरक्षा के बीच पूरी शादी हुई। यह हैरत अंगेज घटनाक्रम सोमवार-मंगलवार की रात का है। मिली जानकारी के अनुसार दत्तपुरा क्षेत्र की एक युवती की शादी कैलारस के युवक से होने वाली थी। शादी का समारोह माधौपुरा की पुलिया के पास स्थित एक आलीशान मैरिज गार्डन में था। रात 10 बजे के करीब बारात आनी थी, इसी दौरान दुल्हन व उसके परिवार को धमकी मिली कि बारात आई ताे दूल्हा नहीं बचेगा। धमकी देने वाले ने खुद काे दुल्हन का प्रेमी बताया। दुल्हन के डरे-सहमे परिवार ने तत्काल सूचना कोतवाली थाने में दी। इसके बाद पुलिस के छह जवान दूल्हे व दुल्हन की सुरक्षा के लिए तैनात किए गए। घोड़ी पर बैठकर जब दूल्हे की बारात निकली तब पुलिसकर्मी दूल्हे के पास ही तैनात रहे। थाने में शिकायत दर्ज नहीं, मनचले की तलाश शुरू जब मंडप में फेरे और शादी के बाद विदाई हुई तब भी पुलिसकर्मी दूल्हा-दुल्हन की सुरक्षा में तैनात रहे। शादी में किसी भी तरह का व्यवधान पैदा नहीं हुआ। दुल्हन के स्वजन ने इस संबंध में थाने में किसी तरह की शिकायत दर्ज नहीं करवाई है, लेकिन पुलिस धमकी देने वाले मनचले की तलाश में जुट गई है।

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