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जातिगत जनगणना पर राहुल गांधी ने बताया RSS का प्लान

Rahul Gandhi told RSS's plan on caste census

Rahul Gandhi told RSS’s plan on caste census हरियाणा के असंध में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने किसानों और युवाओं के मुद्दों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पूछा कि हरियाणा के युवा अमेरिका क्यों जा रहे हैं? जातिगत जनगणना को लेकर बीजेपी को घेरा कांग्रेस नेत राहुल गांधी ने अपने भाषण में जातिजग जनगणा पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा, “इलेक्शन कमीशन में बीजेपी के लोग, ईडी और सीबीआई जैसी संस्थाओं में बीजेपी के लोग. यहां आपको गरीब और दूसरी जाति के लोग नहीं मिलेंगे. इसलिए हम जातिगत जनगणना की मांग कर रहे हैं.” कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, “बीजेपी वाले संविधान पर हमला कर रहे हैं. हिंदुस्तान में किसकी कितनी आबादी है, हम उसे चेक करने के लिए कहते हैं. आरएसएस कहती है कि जाति जनगणना करना चाहिए, लेकिन अंदर से मना कर देती है. गरीब पिछड़ा आपको कहीं बड़े पोस्ट पर नहीं मिलेगा.” ‘अमेरिका जाने के लिए जमीन बेचे’ कांग्रेस सांसद ने कहा, “जब मैं अमेरिका गया था, तो मैंने देखा कि एक कमरे में 15-20 लोग सो रहे थे. एक युवा ने मुझे बताया कि उनमें से कई ने अमेरिका आने के लिए 30-50 लाख रुपये का कर्ज लिया या अपनी जमीन बेची. जब मैंने उन्हें बताया कि वे उसी पैसे से हरियाणा में बिजनेस शुरू कर सकते हैं, तो उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसा करना संभव नहीं है.” लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, “जब मैं करनाल गया, तो मैंने एक बच्चे को कंप्यूटर पर चिल्लाते हुए अपने पिता से वीडियो कॉल के दौरान (अमेरिका से) वापस आने के लिए कहते देखा…हरियाणा सरकार ने राज्य और उसके युवाओं को खत्म कर दिया है.” रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “ये लड़ाई हरियाणा नहीं, हिंदुस्तान को बचाने की है. देश की सारी संस्थाओं को आरएसएस के हवाले कर दिया गया है, जिस पर पूरा कंट्रोल नागपुर का है. उसमें हिंदुस्तान के 90 फीसदी लोगों के लिए कोई जगह नहीं है.”

मैहर के मां शारदा मंदिर में इस वर्ष नवरात्रि के लिए नई व्‍यवस्‍था

New arrangements for Navratri this year in Maa Sharda Temple of Maihar

New arrangements for Navratri this year in Maa Sharda Temple of Maihar मैहर ! 3 अक्टूबर से शुरू होने वाले नवरात्रि मेले के दौरान भक्तों को मातारानी के दर्शन के लिए वीआईपी व्यवस्था नहीं मिल सकेगी। नवरात्र मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मां शारदा मंदिर के गर्भगृह के अंदर से वीआईपी दर्शन की व्यवस्था पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। वीआईपी सुविधा की मांग न करें मां शारदा देवी मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार एसडीएम और प्रशासक मां शारदा देवी मंदिर प्रबंध समिति ने इस संबंध में सार्वजनिक सूचना जारी की है। इस दौरान प्रशासक ने बुद्धिजीवियों और गणमान्य नागरिकों से भी अनुरोध किया है कि वे मां शारदा देवी के दर्शन और व्यवस्था के लिए वीआईपी सुविधा की मांग न करें। मांस-मछली की बिक्री पर पाबंदी एक अन्य आदेश में नवरात्रि मेले के मद्देनजर एसडीएम मैहर विकास सिंह ने दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत 3 अक्टूबर से 12 अक्टूबर की मध्यरात्रि तक संपूर्ण नगर पालिका क्षेत्र में मांस, मछली और अंडे की खरीद-बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश का उल्लंघन भारतीय दण्ड विधान की धारा 188 के तहत दण्डनीय होगा। बता दें कि मध्य प्रदेश शासन पर्यटन विभाग द्वारा घोषित धार्मिक नगरी मैहर में देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु मां शारदा देवी के दर्शन के लिए आते हैं।

MP NEWS: शिप्रा नदी को लेकर को मोहन यादव सरकार का बड़ा प्लान, बनेंगे 6 डैम

MP NEWS: Mohan Yadav government's big plan regarding Shipra river, 6 dams will be built

MP NEWS: Mohan Yadav government’s big plan regarding Shipra river, 6 dams will be built भोपाल ! प्रदेश में सिंचाई के साधन को समृद्ध बनाने के लिए बड़ी योजना बनाई गई है. उज्जैन और इंदौर के लिए बड़ी सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी गई है. इस पर 36 करोड़ 64 लाख रुपये खर्च होंगे. सांवरा खेड़ी, सिलर खेड़ी परियोजना का काम भी शुरू होगा. कान्ह नदी को शिप्रा नदी से डायवर्ट करने का काम जारी है. इस पर 651 करोड़ रुपये खर्च होंगे. नए डैम बनने से जल संग्रहण की क्षमता बढ़ेगी. मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार ने शिप्रा नदी को प्रवाहमान करने और सिंचाई के साधन को समृद्ध बनाने के लिए यह प्लान बनाया है. जल संसाधन विभाग के माध्यम से उज्जैन और इंदौर के लिए बड़ी सिंचाई परियोजना को हरी झंडी मिल गई है. जल संग्रहण की क्षमता भी बढ़ जाएगी अब जल संसाधन विभाग के माध्यम से सांवरा खेड़ी, सिलर खेड़ी परियोजना का कार्य भी शुरू होने वाला है. इस पर सरकार 614 करोड़ रुपये की राशि खर्च कर रही है, जिससे सिलार खेड़ी जलाशय की ऊंचाई बढ़ जाएगी. इससे जल संग्रहण की क्षमता भी बढ़ जाएगी. इस परियोजना से उज्जैन जिले के 65 गांव को 18000 हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचाई की सुविधा मिलेगी. सरकार ने 5 डैम और भी स्वीकृत किए हैं, जिस पर सरकार 36 करोड़ से ज्यादा की राशि खर्च कर रही है. कान्ह डायवर्सन का काम जारी इंदौर से आने वाली कान्ह नदी को शिप्रा नदी से डायवर्ट करने का कार्य अभी भी जारी है. सरकारी परियोजना पर 651 करोड़ रुपये की राशि खर्च कर रही है. अब नए पांच डैम बन जाने के बाद जल संग्रहण की क्षमता और भी बढ़ जाएगी. उज्जैन-इंदौर में यहां बनेंगे स्टॉप डैम योजना के अनुसार, उज्जैन जिले के पंथ पिपलाई, जमालपुर, गोठड़ा, रामवासा, पिपलिया राघो में डैम बनाए जाएंगे. इसके अलावा इंदौर के पिपलिया, दर्जी करीधिया, कुदाना, कायस्थ खेड़ी, सहाड़ा में स्टॉप डैम बनेंगे.

एमपी में बवाल : फायरिंग और पथराव में एक की मौत, भारी पुलिस बल तैनात

Chaos in MP: One dead in firing and stone pelting, heavy police force deployed

Chaos in MP: One dead in firing and stone pelting, heavy police force deployed शाजापुर ! मक्सी में दो पक्षों के बीच मामूली विवाद ने तूल पकड़ लिया, जिसके चलते फायरिंग और पथराव की घटना हुई. इस घटना में एक युवक की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को चोट आई है. इस घटना के बाद प्रशासन ने मक्सी में धारा 163 लगा दिया है. मृतक युवक की पहचान अमजद के रुप में हुई है. इस विवाद में कुछ लोगों को गंभीर चोट आई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है. इस घटना के बाद पुलिस विभाग के आला अधिकारियों ने मोर्चा संभाल लिया है. क्या है मामला?शाजापुर एसपी यशपाल सिंह सिसोदिया ने बताया कि सोमवार (23 सितंबर) को समीर नाम के युवक का विवाद हुआ था. इसके बाद बुधवार रात 8 बजे फिर मक्सी के एक मोहल्ले में विवाद हो गया. इस दौरान दो पक्षों के लोग आपस में भिड़ गए. इस घटना में फायरिंग की भी सूचना मिली थी. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पथराव और फायरिंग की घटना में अमजद नाम के युवक की मौत हो गई है, जबकि आधा दर्जन लोग घायल हो गए हैं. घायलों को इलाज के लिए शाजापुर जिला अस्पताल भेजा गया. जहां से गंभीर घायलों को इंदौर रेफर किया गया है. पुलिस ने संभाला मोर्चाइस घटना के बाद उज्जैन आईजी संतोष कुमार सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. उज्जैन सहित आसपास के जिलों में पुलिस बल बुलवाया गया है. मक्सी में पुलिस अधिकारियों ने मोर्चा संभाल लिया है. आईजी ने बताया अगर घटना के संबंध में कोई भी विवाद उत्पन्न करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. मामूली बात पर हुआ था विवादपुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार को मक्सी में रहने वाला समीर नाम का युवक राजनीतिक दल के सदस्यता अभियान कार्यक्रम से लौट रहा था. इसके बाद उसका विवाद हो गया. विवाद के चलते एक ही समुदाय के दो पक्ष आपस में भिड़ गए. इसकी शिकायत पुलिस थाना मक्सी में दर्ज कराई गई है. पुलिस ने इस विवाद में एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया है. बताया जाता है कि दूसरा पक्ष भी एफआईआर दर्ज कराना चाहता था, जिसे लेकर पुलिस जांच कर रही थी. इसी बीच दो समुदाय के बीच भिड़ंत का मामला सामने आया है. घटना में 8 लोग घायलपुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवाई फायरिंग भी की. प्रत्यक्षदर्शों के मुताबिक, पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंच गया था, लेकिन पथराव और मारपीट की घटना में अधिक लोगों के शामिल होने की वजह से पुलिस को कंट्रोल करने में थोड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. इस वारदात में रेहान, अरबाज, अल्ताफ, जुनैद खान सहित आठ लोगों को चोट आई है. मक्सी में धारा 163 लागूशाजापुर के मक्सी में दो पक्षों के बीच विवाद के बाद पुलिस और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है. जिला प्रशासन ने मक्सी में धारा 163 लगा दिया. प्रतिबंधात्मक आदेश जारी के बाद इस क्षेत्र में भीड़ जमा होने पर रोक रहेगी. एसडीएम शाजापुर के जरिये जारी प्रतिबंधात्मक आदेश के बाद सोशल मीडिया के भड़काऊ मैसेज पर भी नजर रहेगी.

किसान आंदोलन, कृषि कानून; क्या बीजेपी के लिए मुश्किलें बढ़ा रहीं कंगना रनौत ?

Farmers movement, agricultural law; Is Kangana Ranaut creating problems for BJP?

Farmers movement, agricultural law; Is Kangana Ranaut creating problems for BJP? भोपाल ( कमलेश )। हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद कंगना रनौत के बयान बीजेपी के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं। कुछ ही समय में कंगना ने ऐसे दो बयान दिए हैं, जिससे बीजेपी ने तुरंत किनारा कर लिया। साथ ही यह भी साफ कर दिया कि वह बीजेपी की ओर से बयान देने के लिए अधिकृत नहीं हैं। पहले किसान आंदोलन और फिर अब तीनों कृषि कानूनों को लेकर कंगना ने जो कहा है, उससे पार्टी के अंदर भी उनके खिलाफ सुर उठने लगे हैं। कृषि कानूनों को लेकर कंगना रनौत ने पहले कहा कि मुझे पता है कि विवाद होगा, लेकिन मुझे लगता है कि निरस्त किए गए तीन कृषि कानूनों को वापस लाया जाना चाहिए। किसानों को भी इसकी मांग करनी चाहिए। हालांकि, विवाद बढ़ने पर कंगना ने खेत जताते हुए अपने शब्दों को वापस ले लिया। कंगना के बयान से बीजेपी को हरियाणा विधानसभा चुनाव में नुकसान होने की संभावना जताई जा रही थी। कंगना के बयान से हरियाणा में हो सकता था नुकसान हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए पांच अक्टूबर को सभी 90 सीटों पर वोटिंग है, जिसके नतीजे आठ अक्टूबर को आएंगे। राज्य में पिछले एक दशक से बीजेपी की सरकार होने से पार्टी को पहले से ही एंटी इनकमबेंसी का सामना करना पड़ रहा है। अग्निवीर, किसान संबंधी मुद्दे, बेरोजगारी आदि को लेकर राज्य की जनता में बीजेपी सरकार के खिलाफ कई बार नाराजगी भी देखी गई है। वहीं, टिकट कटने की वजह से बीजेपी कई नेताओं की बगावत भी झेल रही। ऐसे में चुनावी एक्सपर्ट्स मानते हैं कि कंगना के तीनों कृषि कानूनों को वापस लाने की मांग करने वाला बयान हरियाणा में बीजेपी को और नुकसान पहुंचा सकता था। यही देखते हुए बीजेपी ने कंगना के बयान का खंडन करते हुए कहा कि यह उनका निजी बयान है। कुछ साल पहले दिल्ली की सीमाओं पर हुए किसान आंदोलन के समय पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा के भी बड़ी संख्या में किसान आंदोलन के लिए लंबे समय तक बैठे थे। इसके बाद पीएम मोदी ने कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया था। कांग्रेस ने मारा मौके पर चौका जैसे ही कृषि कानूनों पर कंगना रनौत ने बयान दिया, कांग्रेस ने मौके पर चौका मारते हुए उसे हरियाणा चुनाव में भुनाने की तैयारी शुरू कर दी। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने विभिन्न रैलियों में कंगना के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि वह इन कृषि कानूनों को फिर से वापस नहीं आने देंगे। दीपेंद्र हुड्डा ने रैली में कहा, “750 किसानों ने अपनी शहादत देकर MSP और मंडी प्रणाली को भाजपा की तानशाही सरकार से बचाया है। काले कृषि कानून वापस लाने के मंसूबे रखने वाले तमाम भाजपा सांसदों को हमारी चुनौती है कि हरियाणा में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद देश में ऐसी कोई ताकत नहीं जो ये कानून वापस लागू कर सके।” कांग्रेस के ओर से मुद्दा उठाए जाने के बीच बीजेपी ने भी कंगना के बयान से अपने आप को अलग किया। बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा, “बीजेपी सांसद कंगना रनौत का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह बयान उन 3 कृषि कानूनों से संबंधित है, जिन्हें पहले बीजेपी सरकार ने रद्द कर दिया था। इस प्रकार, मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह बयान कंगना रनौत के व्यक्तिगत विचारों को दर्शाता है और किसी भी तरह से 3 कृषि कानूनों से संबंधित बयान में बीजेपी के विचारों को नहीं दर्शाता। मुझे यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि कंगना रनौत को बीजेपी द्वारा 3 कृषि कानूनों के विषय पर बोलने के लिए अधिकृत नहीं किया गया है।”

पं. दीनदयाल जी का दर्शन मानवता की भलाई का मार्ग दिखाता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

The philosophy of Pt. Deendayal ji shows the path for the betterment of humanity: Chief Minister Dr. Yadav

The philosophy of Pt. Deendayal ji shows the path for the betterment of humanity: Chief Minister Dr. Yadav भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने शरीर, मन, बुद्धि, आत्मा से मानवता का भला करने का दर्शन दिया। उनका मानना था कि देश की जड़ों से जुड़कर हम कार्य करें और अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक का भला करें। शांति के अग्रदूत के रूप में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पं. दीनदयाल उपाध्याय की सोच को क्रियान्वित करते हुए विकास और जनकल्याण के कार्य पूरे देश में जारी है। उनके विचारों को घर-घर तक पहुंचाने के लिए संपूर्ण प्रदेश में अभियान जारी है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा लगाए गए जनसंघ के पौधे का विस्तार विचार के रूप में देश ही नहीं दुनिया के विभिन्न भागों तक हुआ है। जन-कल्याण की कई योजनाओं के क्रियान्वयन में राज्य सरकार देश में अग्रणी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के उपलक्ष में लाल घाटी स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को धरातल पर उतारने के लक्ष्य को समर्पित : सांसद शर्मा सांसद वी.डी. शर्मा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों के आधार पर ही विश्व के सबसे बड़े संगठन ने अपना विस्तार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को धरातल पर उतारने के पुनीत कर्तव्य को समर्पित हैं। उनकी जयंती पर प्रत्येक वार्ड, मोहल्ले और गांव-गांव में उनके विचारों पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। अधिक से अधिक लोगों को उनके विचार से जोड़ा जा रहा है। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त-घुमन्तु और अर्द्ध-घुमन्तु कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, महापौर श्रीमती मालती राय, स्थानीय सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, विधायक भगवानदास सबनानी तथा अन्य जन प्रतिनिधि उपस्थित थे।

अवैध शराब पकड़ने गई पुलिस पर हमला, थानेदार समेत पुलिसकर्मी घायल

Attack on police who went to catch illegal liquor, policemen including SHO injured

Attack on police who went to catch illegal liquor, policemen including SHO injured रीवा: मऊगंज जिले के शाहपुर पुलिस पर हमला हुआ है। पुलिस की टीम ने अवैध शराब की सूचना पर कार्रवाई करने गई थी। इस दौरान लोगों ने हमला कर दिया। पुलिस की टीम पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। बराव गांव में हुए हमले में कई पुलिसकर्मियों को चोट लगी है। इन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस पर शराब माफियाओं ने किया हमला बताया जा रहा है कि इन इलाकों में कई शराब माफियाओं की सक्रियता है। यह बेखौफ होकर कारोबार कर रहे हैं। ताजा मामला मऊगंज जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र का है, जहां पर पुलिस को अवैध शराब बनाए जाने की सूचना मुखबिर से मिली थी। इसे पकड़ने के लिए पुलिस बराव गांव के साकेत बस्ती पहुंची थी। जहां पर पुलिस को देखते ही शराब बनाने वालों ने हमला कर दिया। थाना प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मी घायल वहीं, ग्रामीण भी इकट्ठा हो गए और पुलिस पर हमला बोल दिया। इस हमले में थाना प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। सभी घायलों को मऊगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों ने छिपकर अपनी जान भी बचाई। घटना के बाद कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि घटना के दौरान कई पुलिसकर्मियों के मोबाइल भी आरोपी ले गए। घटना की जानकारी लगते ही मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल भी अस्पताल पहुंचे। साथ ही पुलिसकर्मियों से उनका हालचाल जाना। फिलहाल सभी घायल पुलिसकर्मियों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है। वहीं, पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।

मध्य प्रदेश : हजारों फार्मासिस्टों की पोस्ट खाली फिर भी स्वास्थ्य विभाग कर रहा है अनदेखी ?

Madhya Pradesh: Posts of thousands of pharmacists are vacant yet the health department is ignoring it?

Madhya Pradesh: Posts of thousands of pharmacists are vacant yet the health department is ignoring it? भोपाल ( कमलेश )। मप्र में स्वास्थ्य विभाग के प्रशासकीय 10267 केंद्र संचालित हैं। यहां अभी तक फार्मासिस्टों की भर्ती नहीं हो सकी है, जबकि इन स्वास्थ केंद्रों में 126 प्रकार की दवाओं का वितरण और संधारण किया जाता है। वर्तमान में इन उप स्वास्थ्य केंद्रों में गैर-फार्मासिस्टों की मदद ली जा रही है, जो फार्मेसी एक्ट का उल्लंघन है। बता दें कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 के तहत देशभर के उपस्वास्थ्य केंद्रों में आयुष, नर्सिंग के साथ फार्मासिस्ट भी कम्युनिटी हेल्थ आफिसर पद के लिए योग्य हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मप्र द्वारा फार्मासिस्टों को नजरअंदाज किया जा रहा है।दरअसल, देश में संचालित चिकित्सा प्रणाली मुख्यतः एलोपैथी पर आधारित है, जिसके तहत एमबीबीएस व एमएस/एमडी डिग्रीधारी चिकित्सक इस पद्धति से उपचार करते हैं। एलोपैथी पद्धति में एमबीबीएस, एमएस डिग्रीधारी चिकित्सक के बाद फार्मासिस्ट ही मरीजों एवं बीमारियों से संबंधित जानकारी के सबसे नजदीक हैं।फार्मासिस्ट अपने बी फार्मेसी एवं एम फार्मेसी कोर्स के दौरान इसका अध्ययन भी करते हैं। बी फार्मेसी चार वर्षीय पाठ्यक्रम में थ्योरी एवं प्रैक्टिकल मिलाकर कुल 75 विषयों के तहत एलोपैथी पद्धति विशेषतः बीमारी एवं उसके उपचार से संबंधित अध्ययन किया जाता है, बावजूद इसके फार्मासिस्टों को कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर के पद के लिए योग्य नहीं समझा जा रहा।काउंसिल बना दलालों का अड्डाफार्मासिस्टों ने बताया है कि मप्र फार्मेसी काउंसिल में निरंतर अनियमितताएं पाई जा रही हैं। इसमें खासतौर पर पंजीकृत फार्मासिस्टों के रिनुअल, नए पंजीयन, एनओसी और पंजीयन के लिए प्रोफाइल क्रिएशन में समस्या होती है, जिससे हजारों फार्मासिस्ट परेशान होते हैं।फार्मासिस्टों का आरोप है कि काउंसिल में बिना लेने-देन कोई काम नहीं होता है, यह दलालों का अड्डा है। काउंसिल परिसर में दलाल सक्रिय हैं। जो फार्मासिस्ट रिश्वत नहीं देते हैं, उनके काम रोक दिए जाते हैं। जनता के साथ खिलवाड़स्वास्थ्य विभाग के 10267 उप स्वास्थ्य केंद्रों में फार्मासिस्ट के पद को स्वीकृत नहीं किया गया है। जिसके चलते दवाओं का वितरण, संधारण आदि कार्य गैर फार्मासिस्ट से कराया जा रहा है। इससे प्रदेश की जनता के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। – राजन नायर, प्रदेश संयोजक, स्टेट फार्मासिस्ट एसोसिएशन, मप्र

कृषि मंत्री के गृह जिले में खाद के लिए लाइन में खड़े किसान, रातभर जागकर भी खाली हाथ

Farmers standing in line for fertilizer in Agriculture Minister's home district, empty handed even after staying awake all night

Farmers standing in line for fertilizer in Agriculture Minister’s home district, empty handed even after staying awake all night मुरैना ! अधिकारी भले ही खाद पर्याप्त होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन किसानों की लंबी लाइन इस बात की गवाह है कि सिस्टम में चूक है। मुरैना में किसान पिछले पांच दिन से केन्द्र पर चक्कर लगा रहे हैं फिर भी किसानों को आसानी से खाद नहीं मिल पा रहा है। बता दें कि प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री एंदल सिंह कंषाना मुरैना जिले के ही हैं। इन दिनों किसान सरसों की बोनी की तैयारी में जुटा है। उसके लिए डीएपी की आवश्यकता पड़ रहा है। शहर के कृषि मंडी के वितरण केन्द्र पर जिले भर के किसान बड़ी संख्या में पहुंचते हैं यहां किसान पहुंचे तो उनको बिना टोकन के खाद दिया, लेकिन कुछ समय काउंटर खुला फिर बंद कर दिया। हालत यह है कि किसान एक किलोमीटर लंबी लाइन लगाकर खाद लेने के लिए खड़े हैं लेकिन फिर भी उन्हें खाद नहीं मिल पा रहा है। सोमवार की रात से ही किसान आ गए और उन्हें टोकन बांट दिया, लेकिन रातभर लाइन में खड़े होकर भी उन्हें खाद नही मिल सका। वहीं मंगलवार सुबह पांच बजे से किसान इस उम्मीद से लाइन में लग गया कि उसे खाद मिल जाएगी, लेकिन बुधवार सुबह भी कोई टोकन बांटने कर्मचारी केन्द्र पर नहीं पहुंचा और तेज धूप में किसान लाइन में लगे रहे। तीन दिन से किसान सुबह से तेज धूम में लाइन में लगे हैं, और शाम होते-होते उन्हें खाद नहीं मिल पाती है वापस घर लौट जाते हैं। वितरण केन्द्र पर अव्यवस्था कैसे फैल रही है। किसानों का कहना है कि पानी व खाना खाने भी नहीं जा सके। अगर लाइन से हटते हैं तो फिर खाद से रह जाएंगे इसलिए रात से लाइन में लगे हैं। वह कृषि मंडी वितरण केन्द्र पर लगातार आ रहा है। टोकन भी मिला तो सुबह से शाम हो गई, तब खाद मिल सका है, वह भी पर्याप्त नहीं हैं। खाद वितरण केन्द्र पर कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंच रहा है। एक दो कर्मचारी सुबह पहुंचते हैं, वह टोकन बांटकर चले जाते हैं। अगर यहां जिम्मेदार अधिकारी मौजूद रहेगा तो व्यवस्था ठीक से बन सकती है। वहीं वितरण केन्द्र पर न पानी और न छाया की कोई व्यवस्था है। किसान तपती धूप में घंटों खड़े होकर इंतजार करता है, तब भी कोई निश्चित नहीं है। उसको खाद मिल ही जाएगा। सुबह पांच बजे से लाइन में लगे किसान संतोष का कहना है कि हमको डीएपी चाहिए और यहां दो कट्टा डीएपी के साथ दो कट्टा यूरिया दे रहे हैं जो फसल के लिए काफी कम है। वहीं किसान रघुनाथ का कहना है कि वह मंगलवार को सुबह दस बजे आकर लाइन में लगे। शाम पांच बजे काउंटर के नजदीक पहुंचे, दस- पंन्द्रह लोग रहे गए, तब तक काउंटर बंद कर दिया। आज सुबह तीन बजे के आकर लाइन में लगे हैं। घर का सब काम छोड़कर छोटे-छोटे बच्चों को घर छोड़कर सुबह से लाइन में लगे हैं चार दिन से चक्कर काट रहे हैं फिर खाद नहीं मिली है।

गजब मध्य प्रदेश : आपस में भिड़े अध्यापक, महिला शिक्षक और मास्साब में चली चप्पलें ?

Amazing Madhya Pradesh: Teachers, female teachers clashed with

Amazing Madhya Pradesh: Teachers, female teachers clashed with each other and the mass of the students used slippers and licked them. ग्वालियर ! जिले में सरकारी स्कूल में टीचर और लेडी टीचर के बीच जमकर चप्पलें चलीं। एक-दूसरे को चांटे मारे। टीचर ने लेडी टीचर को धक्का मारा। वह सीढ़ियों से गिरने से बच गईं। लेडी टीचर का आरोप है कि वॉशरूम जाते समय उनका वीडियो बनाते हैं। लेडी टीचर ने शिकायत की है जिला शिक्षा अधिकारी अजय कटियार का कहना है कि वीडियो के आधार पर दोनों टीचर्स के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मामला अडूपुरा स्थित मिडिल स्कूल का है। यहां एक ही परिसर में प्राइमरी और मिडिल स्कूल संचालित है। इसमें विद्या रतूड़ी प्राइमरी स्कूल में टीचर हैं, जबकि शिशुपाल सिंह जादौन मिडिल स्कूल में पढ़ाते हैं। दोनों के बीच किसी बात को लेकर पिछले कई दिन से विवाद चल रहा है। दरअसल पेरेंट्स को पता चला था कि स्कूल में टीचर्स लेट आते हैं। इसी सिलसिले में एक बच्चे के पेरेंट्स स्कूल आए थे। आते ही स्कूल में टीचर्स की मौजूदगी देखने के लिए उन्होंने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इसी दौरान प्राइमरी स्कूल की टीचर विद्या रतूड़ी क्लास के अंदर गईं। वहां मौजूद शाला प्रभारी राजीव गौतम को लगा कि विद्या रतूड़ी ने पेरेंट्स को बुलाया है। इसी बात को लेकर अन्य शिक्षक शिशुपाल जादौन भी नाराज हो गए। उन्होंने गैलरी से लेडी टीचर को धक्का दे दिया। वे गिरते-गिरते बचीं। विरोध करने पर चप्पल से पीटने लगे और चांटे भी मारे…मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव भी किया। इसके बाद विद्या रतूड़ी ने भी सैंडल उतार कर शिशुपाल को मारना शुरू कर दिया। गिरेबां पकड़कर चांटे भी मारे। वहां मौजूद अभिभावक ने इसका वीडियो बनाते हुए सोशल मीडिया पर लाइव चला दिया। लेडी टीचर विद्या रतूड़ी का कहना है मुझे स्कूल में परेशान किया जा रहा है। हमें कुछ छात्रों ने बताया है कि जब हम वॉशरूम में जाते हैं, तो बाहर से पुरुष टीचर वीडियो बनाते हैं। स्कूल आने में देर हो जाए, तो नाराजगी जताते हैं। छोटी-छोटी बातों पर बच्चों के सामने अपमान करते हैं। लगातार कुछ मैडम को टारगेट किया जा रहा है। वहीं सिरोल थाना प्रभारी आलोक सिंह भदौरिया का कहना है कि दोनों पक्षों ने शिकायत की है। पुरुष टीचर ने आरोप लगाया है कि महिला टीचर लेट आती हैं। मामला शिक्षा विभाग का था। दोनों पक्ष पहले संकुल केन्द्र पर भी शिकायत कर चुके हैं। आगे की जांच के लिए शिक्षा विभाग को सौंप दिया है।

जिलों में तेज बारिश का अलर्ट , भीगेगा आधा प्रदेश, कैसा रहेगा आज का मौसम

Alert of heavy rain in the districts, half the state will get wet, how will be the weather today

Alert of heavy rain in the districts, half the state will get wet, how will be the weather today भोपाल ! मध्य प्रदेश में एक बार फिर से बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को आधे प्रदेश 31 जिलों बारिश होने की संभावना है। वहीं बाकी जिलों में मौसम साफ रहेगा। राजधानी भोपाल में सुबह से धूप छांव चल रहा है। लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) के असर से अगले 3 दिन प्रदेश में तेज बारिश का दौर बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को इंदौर, उज्जैन-जबलपुर समेत प्रदेश के 31 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है। दक्षिणी हिस्से के बैतूल, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, धार, सिवनी और पांढुर्णा में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में बारिश का अलर्टमौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में बारिश का अलर्ट जारी किया है। जिसके अनुसार सीहोर, खंडवा, झाबुआ, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, छिंदवाड़ा, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश हो सकती है। वहीं, राजगढ़, नर्मदापुरम, हरदा, शाजापुर, आगर-मालवा, रीवा, अनूपपुर, शहडोल, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, सागर जिलों में तेज पानी गिर सकता है। बाकी जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश होने का अनुमान है। जानकारी के लिए बता दें कि सितंबर में चौथी बार स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हुआ है जिससे कई जिलों में बारिश देखने को मिल रही है। बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया एक्टिवमौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बताया कि प्रदेश में अगले दो तीन दिन तक ऐसे ही मौसम बना रहेगा उसके बाद बारिश का दौर कम होगा। उन्होंने बताया कि बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) एक्टिव हो गया है। वहीं, दो-तीन सिस्टम और एक्टिव हो रहे हैं। इस वजह से प्रदेश के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में बारिश का दौर चलेगा। एमपी में मानसून दौर जून से सितंबर के बीच रहता है, लेकिन पिछले कुछ सालों में मानसून की विदाई अक्टूबर में हो रही है। ऐसे में अनुमान है कि इस बार भी मानसून अक्टूबर में ही विदा होगा।

राष्ट्रीय सरपंच संघ : 02 अक्टूबर 2024 को मध्यप्रदेश के प्रत्येक सरपंच महामहिम राष्ट्रपति को लिखेंगे पत्र : राजवीर सिंह तोमर

National Sarpanch Sangh: On 02 October 2024

National Sarpanch Sangh: On 02 October 2024, every Sarpanch of Madhya Pradesh will write a letter to His Excellency the President  भोपाल। मध्यप्रदेश के समस्त सरपंच त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के निर्वाचित प्रतिनिधि अपने अधिकारों को लेकर भोपाल में आयोजित पूर्व आन्दोलन 23 जुलाई 2024 को आन्दोलन किया गया था। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 15 दिवस का आश्वासन दिया था। आज दिनांक तक मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सरपंचों की जनहित मांगों पर कोई आदेश निराकरण नहीं किया गया। 02 अक्टूबर 2024 को मध्यप्रदेश के प्रत्येक ग्राम पंचायतों के सरपंचों द्वारा ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति महोदय भारत सरकार के नाम देना है। जिसमें रजिस्ट्रर्ड पोस्ट के माध्यम से ग्राम पंचायत सचिव द्वारा डाक के माध्यम से भेजा जाएगा। जिसकी रसीद सचिव से प्राप्त करें। उसकी कॉपी वाटस अप पर क्षेत्रीय जिला अध्यक्ष एवं जिला प्रभारी राष्ट्रीय सरपंच संघ पदाधिकारियों को भेजें। ज्ञापन की कॉपी पर ग्राम पंचायत सचिव की सील एवं हस्ताक्षर सहित प्राप्ति लें। महामहिम राष्ट्रपति महोदय का ज्ञापन का प्रारूप आपको भेजा जा रहा है इसके साथ ही माननीय प्रधानमंत्री, नेताप्रतिपक्ष लोकसभा, नेतासदन राज्यसभा, राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं नेताप्रतिपक्ष मध्यप्रदेश को प्रतिलिपि अवश्य भेजें। समस्त मांगों का त्वरित निराकरण नहीं होता है जो दिनांक 18.10.2024 को गांव के मुख्य मार्गों पर ग्रामवासियों के साथ दोपहर 12:00 से 2:00 तक शांतिपूर्ण धरना एवं चक्काजाम करना है एवं पूर्ववत् में दिया गया ज्ञापन का पुनः स्मरणपत्र दिया जाए। इसके बाद भी यदि समस्या का निराकरण नहीं होता है तो राष्ट्रीय सरपंच संघ आगे की रणनिति तय करेगा।

ब्रेकिंग न्यूज़: मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर तबादले, जानें क्या है सरकार की रणनीति

Breaking News: Large scale transfers in Madhya Pradesh Police Department

Breaking News: Large scale transfers in Madhya Pradesh Police Department, know what is the government’s strategy भोपाल । मध्य प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादले किए हैं। कुल 15 वरिष्ठ और सहायक पुलिस अधिकारियों का तबादला विभिन्न जिलों और पदों पर किया गया है। यह तबादले तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं और भोपाल, इंदौर, जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों सहित राज्य के कई हिस्सों में पुलिस प्रशासन को पुनर्गठित करने की प्रक्रिया का हिस्सा हैं। तबादले का विवरण: तबादले में शामिल प्रमुख अधिकारियों में निम्नलिखित नाम शामिल हैं: क्या है सरकार की रणनीति? यह तबादले सिर्फ एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं हैं, बल्कि इसके पीछे सरकार की एक स्पष्ट रणनीति भी नजर आती है। राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और बेहतर प्रशासनिक कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। संभावित कारण: 1. कानून-व्यवस्था में सुधार: जिन जिलों में आपराधिक गतिविधियाँ ज्यादा हैं, वहाँ अधिक सक्षम और कुशल अधिकारियों की नियुक्ति करके उन क्षेत्रों में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। 2. प्रशासनिक दक्षता में सुधार: अनुभवी और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों को विभिन्न जिलों और प्रमुख पदों पर स्थानांतरित कर बेहतर प्रशासनिक नियंत्रण सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे नागरिक सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा। 3. लोकायुक्त और विशेष पुलिस बल की मजबूती: लोकायुक्त और विशेष पुलिस इकाइयों में भी तबादले किए गए हैं, जो राज्य सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी नीति को सुदृढ़ करने के प्रयास का संकेत देते हैं। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किए गए ये तबादले राज्य में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक दक्षता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किए गए हैं। सरकार इस प्रकार की रणनीतिक फेरबदल के माध्यम से अपने प्रमुख क्षेत्रों में सुरक्षा और प्रशासन को सशक्त करने का प्रयास कर रही है।

मोहन कैबिनेट के फैसले : विधायकों के नए आवास बनेंगे, सोयाबीन उपार्जन नीति मंजूर, जानें

Mohan Cabinet's decisions: New residences for MLAs will be built

Mohan Cabinet’s decisions: New residences for MLAs will be built, soybean procurement policy approved, know भोपाल ! प्रदेश की मोहन सरकार की कैबिनेट मीटिंग मंगलवार को मंत्रालय में संपन्न हो गई है। मीटिंग के दौरान कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी है। बैठक में लिए गए फैसलों के संबंध में एमपी के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने जानकारी देते हुए बताया कि अक्टूबर महीने में रीवा में निवेश आएगा। आज सोयाबीन उपार्जन की नीति को मंजूरी दी गई है। विधायकों के आवास के लिए 169.13 करोड़ रुपए स्वीकृति मिल गई है। मंत्रियों के बाद विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष भी अपना इनकम टैक्स खुद ही जमा करेंगे। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के अनुसार, सागर के बाद अब अगली रीजनल इनवेस्टर्स समिट रीवा, नर्मदापुरम और शहडोल में आयोजित होगी। अगली समिट के संबंध में जानकारी देते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा- आगामी रीजनल इन्वेस्टर्स समिट 27 सितंबर को सागर में रखी गई है। सोयाबीन उपार्जन की नीति को मंजूरीउन्होंने आगे बताया कि आज सोयाबीन उपार्जन की नीति को मंजूरी दे दी गई है। सरकार ने इसका समर्थन मूल्य 4892 रुपए तय किया है। वहीं, 25 सितंबर से 20 अक्टूबर तक किसानों का पंजीयन होगा। और 25 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक खरीदी होगी। 1400 उपार्जन केंद्र बनाए जाएंगे। एमपी वेयरहाउसिंग से इसके भंडारण सुनिश्चित किया जाएगा। मार्कफेड के द्वारा इसका उपार्जन किया जाएगा। पहली बार प्रदेश में सोयाबीन का उपार्जन होगा। भारत सरकार ने 13.68 मीट्रिक टन उपार्जन की स्वीकृति दे दी है।डिप्टी सीएम के अनुसार, विधायकों के आवास के लिए 169.13 करोड़ रुपए स्वीकृति दी है। पुराने पारिवारिक खंड क्रमांक 1 और शॉपिंग सेंटर को हटाकर 3 बीचके के 204 आवास रहेंगे। 5 ब्लॉक बनाए जाएंगे। पहले चरण में दो ब्लॉक तोड़कर निर्माण होगा। 2615 वर्ग फीट के आवास होंगे। पीडब्ल्यूडी इसका निर्माण करेगा। पहले पेड़ काटकर नई जगह बनाने का प्रस्ताव था। हरियाली उजाड़ने का विरोध हुआ था, जिसके बाद अब जगह बदली जाएगी। ये फैसले लिए गए

डंकी के चलते युवा क्यों हो रहे हैं पराए देशों में मजबूर, राहुल गांधी ने X पर किया पोस्ट

Why are youth being forced to go to foreign countries because of dinky, Rahul Gandhi posted on X

Why are youth being forced to go to foreign countries because of dinky, Rahul Gandhi posted on X कांग्रेस नेता राहुल गांधी हाल ही में अमेरिका यात्रा से लौटे हैं। जिसके बाद वह पिछले दिनों हरियाणा में करनाल के घोघड़ीपुर गांव में पहुंचे थे, यहां उन्होंने अमेरिका में रहने वाले अमित के परिजनों से मुलाकात की। जोकि, वहां सड़क हादसे में घायल हो गया था। अब राहुल गांधी ने हरियाणा सरकार पर तंज कसते हुए एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा कि बड़ी संख्या में युवा बेहतर रोजगार और अवसरों की तलाश में विदेशों की ओर रुख कर रहे हैं। भाजपा सरकार के 10 वर्षों के शासन में रोजगार के अवसरों की कमी के चलते यह स्थिति और गंभीर हो गई है। बेरोजगारी की इस बीमारी ने लाखों परिवारों को अपनों से दूर कर दिया है, जिससे न सिर्फ युवा बल्कि उनके परिजन भी पीड़ित हैं। पिछले एक दशक में भाजपा सरकार ने युवाओं से रोजगार के अवसर छीनकर उनके साथ गहरा अन्याय किया है। टूटी उम्मीदों और हारे मन से मजबूर होकर ये युवा यातनाओं की यात्रा करने को विवश हो रहे हैं। हालांकि, यह स्पष्ट है कि अगर इन्हें अपने देश में, अपनों के बीच जीविका कमाने का पर्याप्त अवसर मिलता, तो ये कभी अपना वतन छोड़ने को तैयार न होते। कांग्रेस ने संकल्प लिया है कि सरकार बनने के बाद एक ऐसी व्यवस्था तैयार की जाएगी जिससे हरियाणा के युवाओं को विदेश जाने की मजबूरी नहीं होगी। हम राज्य में रोजगार के अवसरों को बढ़ाकर इस समस्या का समाधान करेंगे, ताकि कोई भी युवा अपने सपनों के लिए अपनों से दूर न हो।

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