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दैनिक राशिफल: 9 फरवरी 2026 को 12 राशियों की किस्मत में क्या है खास?

मेष राशि: 9 फरवरी 2026 के दिन अपनी क्षमता साबित करने के लिए ऑफिस में नए काम हाथ में लें। पैसों से जुड़ी कोई समस्या नहीं आएगी। आपको अच्छी न्यूज मिल सकती है। आज आप स्वस्थ भी हैं। कुछ महिलाओं को संपत्ति भी विरासत में मिलेगी। वृषभ राशि: ऑफिस के काम पर ध्यान केंद्रित करें। अनुशासन और रोमांस के जरिए प्रेम जीवन को रोमांचक बनाए रखें। आज पेशेवर जीवन को उत्पादक बनाए रखें। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। मिथुन राशि: आज ऑफिस की गॉसिप से बचें। आपका प्रेम जीवन खुशनुमा रहेगा और आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। आज का दिन समझदारी भरे निवेश के लिए भी अच्छा साबित हो सकता है। कर्क राशि: 9 फरवरी 2026 के दिन प्यार से साथ रहें। लव के मामले में अहंकार को दूर रखें। भविष्य के लिए प्लान करें। पेशेवर जोखिम उठाने की इच्छा भी दिखाएं। धन और स्वास्थ्य दोनों अच्छी स्थिति में रहेंगे। सिंह राशि: 9 फरवरी 2026 के दिन करियर में छोटी-मोटी दिक्कतें आ सकती हैं। सुबह के समय किसी स्पेशल व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। ऑफिस और पर्सनल जीवन में संतुलन बनाए रखें। आप दान भी कर सकते हैं। कन्या राशि: आज समृद्धि बनी रहेगी। स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। रोमांटिक मामलों को लगन से निपटाएं। आधिकारिक समस्याओं को मजबूती से सुलझाएं। आपको आर्थिक खर्चों में कटौती करनी चाहिए। तुला राशि: आज रिश्ते में सुखद पलों की तलाश करें। लव लाइफ को अगले लेवल पर ले जाने पर विचार करें। अहंकार को दफ्तर की जिंदगी से दूर रखें। आज आप हेल्दी महसूस करेंगे। वृश्चिक राशि: रोमांस से जुड़े मुद्दों का सोल्यूशन निकालें। प्रोफेशनल चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन आप उनका सोल्यूशन निकाल लेंगे। जब तक आपका स्वास्थ्य अच्छा है, धन का प्रबंधन समझदारी से करें। धनु राशि: 9 फरवरी 2026 के दिन सुरक्षित वित्तीय निवेश को प्राथमिकता दें। टीम मीटिंग में समझदारी से काम लें। कॉन्फिडेंस से नए विचारों को आगे बढ़ा सकते हैं। आज कई स्रोतों से धन प्राप्ति होगी। मकर राशि: स्टूडेंट्स को भी परीक्षाओं में सफलता पाने के लिए कोशिश करनी चाहिए। लव लाइफ में बेहतरीन पल देखने को मिलेंगे। प्रोफेशनल मुद्दों को सुलझाएं। आर्थिक निवेश पर विचार करें, जो सुरक्षित हों। कुंभ राशि: आपकी हेल्थ अच्छी रहेगी। कुछ रिलेशनशिप में खटास भरे पल भी आ सकते हैं। रिश्तों की समस्याओं के समाधान के लिए आज का दिन चुनें। बेहतर विकास के लिए पेशेवर अवसरों का लाभ उठाएं। मीन राशि: धन मिलने पर सुरक्षित वित्तीय फैसले लें। निजी और पेशेवर जीवन, दोनों में समझदार और संवेदनशील रहें। कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या नहीं होगी और आर्थिक समृद्धि भी आपके पक्ष में रहेगी।  

प्रियंका चतुर्वेदी की तीखी टिप्पणी: भारत-अमेरिका समझौता देशहित के खिलाफ?

नई दिल्ली शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने इस समझौते को ‘असमान और अन्यायपूर्ण’ बताते हुए कहा कि यह कोई बराबरी का करार नहीं, बल्कि अमेरिका की ओर से दिया गया एक आदेश है, जिसे भारत ने स्वीकार कर लिया है। प्रियंका चतुर्वेदी का आरोप है कि केंद्र सरकार ने कुछ दबावों में आकर और राष्ट्रीय हितों की कीमत पर इस समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद यह बात कह चुके हैं कि भारत द्वारा रूस से तेल न खरीदने का आश्वासन दिए जाने के बाद ही 25 प्रतिशत डिजिटल टैरिफ वापस लिया गया। अगर भारत सीधे या परोक्ष रूप से रूस से तेल खरीदने की कोशिश करता है, तो यह टैरिफ फिर से लागू किया जा सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह समझौता भारत की स्वतंत्र विदेश और व्यापार नीति के अनुरूप है। प्रियंका चतुर्वेदी ने आगे कहा कि किसी भी देश की नीतियों पर भरोसा दशकों की विश्वसनीयता से बनता है। भारत की साख पिछले 70 वर्षों और उससे भी पहले से बनी है। भारत ने कभी किसी दूसरे देश पर हमला नहीं किया, बल्कि जब भी आक्रामकता झेली, उसका उचित जवाब दिया। उन्होंने कोविड-19 महामारी का जिक्र करते हुए कहा कि जब पूरी दुनिया संकट में थी, तब भारत ने खासतौर पर ग्लोबल साउथ के देशों को वैक्सीन भेजकर अपनी नीति की विश्वसनीयता दिखाई। संयुक्त राष्ट्र, विश्व व्यापार संगठन जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की नीति हमेशा मुक्त, समान और भरोसेमंद व्यापार की रही है। इसके साथ ही प्रियंका चतुर्वेदी ने दिल्ली में गड्ढे में गिरकर एक बाइक सवार की मौत के मामले पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जनता सरकार से बुनियादी सुविधाओं की उम्मीद करती है, अच्छी और सुरक्षित सड़कें, साफ-सुथरा बुनियादी ढांचा। लेकिन सरकारें सड़क सुरक्षा के मूल नियमों का पालन नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने याद दिलाया कि हाल ही में नोएडा में भी गड्ढे में गिरने से एक व्यक्ति की मौत हुई थी और अब दिल्ली में ऐसा ही दर्दनाक हादसा सामने आया है। दोनों ही जगह भाजपा की सरकार है। उन्होंने सवाल उठाया कि इन मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा और कब सरकारें जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देंगी।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर मनोज झा का जोर: संसद की भूमिका अहम

नई दिल्ली राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने भारत-अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने टैरिफ को 2.9 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया था और अब 50 फीसदी से घटाकर टैरिफ को 18 प्रतिशत पर लाया गया है, जबकि इस बात पर भारत में सरकार जश्न मना रही है। मनोज झा ने कहा कि असल में यह सामूहिक चिंता का विषय होना चाहिए। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में मनोज झा ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट के सामूहिक दायित्व को खत्म किया जा चुका है। सवाल विदेश मंत्री से पूछा जाता है तो वह वाणिज्य मंत्री का नाम लेते हैं और वाणिज्य मंत्री इस सवाल को विदेश मंत्री की तरफ बढ़ा देते हैं। राजद सांसद ने कहा कि व्यापार समझौते पर सरकार को संसद को विश्वास में लेना चाहिए और बिंदुवार एक सूची जारी करनी चाहिए, क्योंकि आशंकाओं को सरकार निर्मूल साबित नहीं कर पाई है। रुपए की गिरती कीमत पर भी मनोज झा ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि आज कैबिनेट के दो मंत्रियों की उम्र को मिला लें, तब भी रुपया उससे नीचा जा चुका है। संघ प्रमुख मोहन भागवत की टिप्पणी पर राजद सांसद ने कहा कि आजकल ऐसे लोग भी इतिहास और इतिहास के संदर्भों पर बयान देते हैं, जिन्होंने व्हाट्सअप के जरिए ही अपना भविष्य और वर्तमान देखा है। उन्होंने कहा, “जब हिंदू की बात होती है तो मोहन भागवत को बताना चाहिए कि सीवर में उतरकर जहरीली गैस से मरने वाला कौन है। क्या वह हिंदू नहीं है? वह व्यक्ति क्यों आपकी चिंताओं में शुमार नहीं है? अगर वह व्यक्ति आपकी चिंताओं में शुमार नहीं है तो स्पष्ट है कि आपने विसंगतियों से मुंह मोड़ लिया है।” इसी बीच, मनोज झा ने पूर्णिया से निर्दलीय सांसद और कांग्रेस नेता पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस गिरफ्तारी की टाइमिंग को लेकर सवाल उठाया। राजद नेता ने कहा कि मुकदमा लगभग 35 साल पुराना है। उसमें इतनी क्या जल्दी थी कि जब नीट छात्रा की मृत्यु पर बिहार की जनता आक्रोशित है और उस बीच गिरफ्तारी होती है? मनोज झा ने कहा कि इस प्रकरण में टाइमिंग ही महत्वपूर्ण हो चुकी है। क्या यह चुप कराने की कोशिश है?

व्यापारिक रिश्तों में पारदर्शिता: चिराग पासवान ने भारत-अमेरिका समझौते के बिंदु जल्द स्पष्ट करने का वादा किया

पटना भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भरोसा जताया कि सरकार जल्द ही इस समझौते के सभी बिंदुओं को स्पष्ट कर देगी। वहीं जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कांग्रेस पर विवाद खड़ा करने का आरोप लगाया। आईएएनएस से बातचीत में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि कॉमर्स मिनिस्टर ने पहले ही बता दिया है कि जल्द ही सभी बिंदुओं को स्पष्ट कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब भी कोई समझौता होता है तो साझा बयान जारी किए जाते हैं। उन्हें लगता है कि जल्द ही इस संबंध में विस्तृत जानकारी दे दी जाएगी। वहीं, जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी और न्यूक्लियर डील हुई थी, देश की संप्रभुता और जानकारी साझा करने को लेकर कांग्रेस सवालों के घेरे में आई थी, तब उन्हें अमेरिका के साथ हुई डील अच्छी लगी थी। आज की डील में उन्हें कमियां नजर आ रही हैं। संसद का सत्र चल रहा है, उन्हें अपनी बात रखनी चाहिए; सरकार जवाब देगी। पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर आ रहे नेताओं के बयानों पर उन्होंने कहा कि पप्पू यादव सांसद हैं और वे फरार थे। उनके खिलाफ कुर्की के आदेश जारी हुए हैं। यह न्यायपालिका की अवहेलना है। न्यायपालिका ने उन्हें फरार घोषित किया, उनके खिलाफ वारंट जारी किया और कुर्की का आदेश दिया; ऐसे में वे कैसे कह सकते हैं कि नीट की छात्रा के विवाद के चलते उनके खिलाफ कार्रवाई हुई है। यह तो न्यायपालिका की प्रक्रिया का अपमान है। नीरज कुमार ने कहा कि न्यायपालिका में जमानत याचिका दाखिल करते समय यही लिखा जाना चाहिए कि नीट मामले के चलते ही गिरफ्तारी हुई है। प्रशांत किशोर को लेकर उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति का शटर अब गिर चुका है। अब कोई उन्हें राज्य में रणनीतिकार बनाने के लिए तैयार नहीं है। पीएम और सीएम बनाने की बातें करते थे, लेकिन एक एमएलए भी नहीं बनवा पाए। स्वाभाविक है कि वे दर-दर भटकेंगे, लेकिन जनता से समर्थन नहीं मिलेगा। तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर अभी राजनीति से संन्यास नहीं लेंगे।

भुगतान और कारोबार में तेजी, फोनपे ने IPO से पहले नए मंच की योजना बनाई

नई दिल्ली वॉलमार्ट समर्थित फिनटेक दिग्गज फोनपे अप्रैल में अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की तैयारी कर रही है। कंपनी की योजना भारत के डिजिटल भुगतान बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के साथ-साथ वित्तीय सेवाओं और नए उपभोक्ता मंचों के क्षेत्र में विस्तार करने की है। कंपनी ने अपने मसौदा दस्तावेजों (डीआरएचपी) में उल्लेख किया है कि डिजिटल भुगतान ही उसकी प्रगति का प्रमुख स्रोत बना रहेगा। इसके विस्तार के लिए कंपनी अपने उपभोक्ता आधार, संभावित बाजार और मंच के कार्यक्षेत्र को व्यापक बनाने हेतु पूंजी लगाने की योजना बना रही है। उद्योग के अनुमानों का हवाला देते हुए कंपनी ने कहा कि भारत में डिजिटल उपभोक्ता भुगतान का कुल संभावित बाजार वित्त वर्ष 2025 में 301 लाख करोड़ रुपये था, जिसके वित्त वर्ष 2030 तक बढ़कर 602-681 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। सूत्रों के अनुसार, फोनपे ने अप्रैल में अपना आईपीओ लाने का लक्ष्य रखा है। यह पूरी तरह से बिक्री पेशकश (ओएफएस) होगा, जिसके तहत वॉलमार्ट, माइक्रोसॉफ्ट और टाइगर ग्लोबल जैसी निवेशक कंपनियां अपने 5.06 करोड़ शेयरों की बिक्री करेंगी। इस प्रक्रिया में नए शेयरों का कोई ताजा निर्गम शामिल नहीं होगा। कंपनी को जनवरी में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से आईपीओ के लिए मंजूरी मिल गई थी। फोनपे अपने वित्तीय सेवा वितरण व्यवसाय, जैसे ऋण और बीमा का भी विस्तार कर रही है। राजस्व के स्रोतों में विविधता लाने के लिए कंपनी अपने धन प्रबंधन मंच ‘शेयर.मार्केट’ और स्वदेशी ऐप स्टोर ‘इंडस ऐपस्टोर’ जैसे नए मंचों पर भी पूंजी निवेश कर रही है।  

एमपी के कई हिस्सों में मौसम ने मारी करवट, 48 घंटे में भारी बारिश की संभावना

भोपाल   मध्य प्रदेश में जैसे-जैसे कोहरा छट रहा है ठंड के तीखे तेवर नजर आने लगे हैं। यानी आसमान साफ होते ही उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने एक बार फिर न्यूनतम तापमान तेजी से नीचे गिराया है। आलम ये है कि, प्रदेश के कुछ हिस्सों में तो कोहरा है, लेकिन जहां कोहरा नहीं, वो इलाका ठंड की चपेट में है। सबसे सर्द रात उमरिया और रीवा जिले में दर्ज हुई। यहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं, मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटों तक मौसम शुष्क रहने और उसके बाद मावठी बारिश के आसार जताए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के उमरिया, रीवा सबसे ठंडे रहे। यहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री दर्ज हुआ। इसके बाद खजुराहो में भी खासा ठंड रही। यहां न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में पारा 11 डिग्री के आसपास रहा, जबकि जबलपुर में ये 10.8 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के पहाड़ी पर्यटन स्थल पचमढ़ी में भी पारा 9.4 डिग्री तक गिर गया है। इन जिलों में 10 डिग्री से कम तापमान, उज्जैन सबसे ज्यादा प्रदेश के कई जिलों में पारा 10 डिग्री के नीचे दर्ज हुआ। इनमें खजुराहो 7.4 डिग्री, मंडला 7.9 डिग्री, नौगांव 8.8 डिग्री और सतना 8.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं राजगढ़, शिवपुरी, पचमढ़ी, दमोह और मलाजखंड में भी तापमान 9 से 10 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। उज्जैन में रात का पारा सबसे अधिक 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।   कई जिलों में कोहरे का असर रविवार सुबह प्रदेश के करीब 10 जिलों में मध्यम कोहरा छाया रहा। इनमें भोपाल, उज्जैन, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, मंडला और सतना में कोहरे की वजह से दृश्यता कम रही। हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटों में कोहरा छंटने की संभावना है, लेकिन सुबह और रात के समय सिहरन बनी रहेगी।   10 फरवरी से फिर ‘मावठा’ गिरने के आसार मौसम विभाग की मानें तो हिमालयी क्षेत्र में 8 फरवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इस सिस्टम का असर 10 फरवरी तक एमपी में दिखाई देने लगेगा। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में मावठा वाली बारिश हो सकती है। हालांकि, आज और कल बारिश या ओलावृष्टि की संभावना कम है, लेकिन 10 फरवरी के बाद मौसम बदल सकता है।

हैंडपंपों में लगने वाली भीड़ से मिला छुटकारा, सामाजिक सुरक्षा भी बढ़ी

सिर्फ आधार कार्ड दिया और कनैक्शन हो गया, सार्वजनिक नल भी लगे लखनऊ, बुंदेलखंड के लोगों के लिए यह किसी सपने से कम नहीं कि आज उन्हें उनके घर में ही पानी मिल रहा है। इस क्षेत्र में पानी की किल्लत से भुखमरी और गरीबी की जाने कितनी कहानियां हैं। सिर पर घड़ा रखकर दूरदराज से पानी लाती एक महिला की तस्वीर ही यहां के जिलों की पहचान बन गई थी। सालों साल तक यहां की महिलाओं ने पानी का संकट भुगता है। दूरदराज के कुंओं तक जाकर पानी खींचने के साथ ही हैंडपंप पर पानी के लिए लाइनें लगाई हैं। लेकिन अब यह सब अतीत की बातें हैं। अब सड़कों पर दूर से ही दिखनेवाली पानी की टंकियां उम्मीदों की जलधारा हैं। बात महोबा की करें तो यहां के लोगों ने पानी की किल्लत से लंबे समय तक दुर्दिन भरे दिन देखे हैं। कभी यहां वाटर ट्रेन से पानी पहुंचाने की नौबत आ गई थी। लोग घड़ा भर पानी के लिए जाने कहां-कहां तक भटकते थे। अब यहां दूर से ही दिखाई देने वाले वाटर टैंक नई कहानी कहते हैं। इस जिले में जल जीवन मिशन के तहत पांच परियोजनाओं के सहारे एक लाख 12 हजार से अधिक घरों को पाइपलाइन की कनेक्टिविटी दी जा चुकी है। हालांकि इसके लिए 1131 किलोमीटर सड़कों को क्षतिग्रस्त किया गया। क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के दौरान लोगों को थोड़ी परेशानी का सामना अवश्य करना पड़ा। महोबा के अरशद कहते हैं कि कोई योजना शुरू होने पर थोड़ी-बहुत परेशानी तो होती ही है। लेकिन, अब हर घर नल यहां के लिए एक बहुत बड़ी उम्मीद है। चित्रकूट में सिलौटा ग्राम मुस्तकिल समूह योजना की बात करें तो इससे जुड़े विकास खंड पहाड़ी, रामनगर और मानिकपुर में सवा लाख लोगों के लिए पानी की समस्या खत्म हो गई है। मानिकपुर के उन लोगों का दर्द महसूस कीजिए जो कभी लगभग एक किमी दूर से पानी लाया करते थे।…और इस समस्या की वजह से वहां लोग अपनी बेटियां ब्याहने को आसानी से तैयार नहीं होते थे। उनके लिए यह पानी जिंदगी है, बच्चों का भविष्य है। योजना के तहत पूरे क्षेत्र में 576 किमी की पाइप लाइन बिछाई जानी है, जिसमें 572 किमी बिछा दी गई है। 17 ओवरहेड टैंक हैं जहां वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से रोज पानी लाया जा रहा। यमुना नदी से पानी लाकर इस प्लांट में संशोधित करके टैंकों में चढ़ाकर लोगों के घरों तक पहुंचाया जा रहा। बरहट की ग्राम प्रधान श्रीमती रज्जन देवी इस योजना का चर्चा करते हुए भावुक हो जाती हैं। कहती हैं कि हम योगी-मोदी सरकार के कृतज्ञ हैं कि उन्होंने हमारे बच्चों को बीमारियों से बचाने का इंतजाम कर दिया। हमारे बच्चे अब नहो-धोकर स्कूल जाते हैं। उनमें स्वच्छता का भाव स्वतः ही आने लगा है। चित्रकूट में सिलौटा के साथ ही रैपुरा, चांदी बांगर ग्राम समूह पेयजल योजनाएं चल रही हैं और यह सारी योजनाएं उम्मीद की वह धारा हैं जिसके बारे में लोगों ने सोचा तक नहीं था। रैपुरा ग्राम समूह पेयजल योजना के तहत 19570 परिवारों को नल से पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इन सभी घरों में नल लग गए हैं और 60 राजस्व ग्रामों में जलापूर्ति शुरू कर दी गई है। योजना के तहत आच्छादित मदना गांव के निवासी चुनबाद यादव बताते हैं कि हमारी बड़ी समस्या दूर हुई है। अपने लिए पानी का इंतजाम मुश्किल था, जानवरों की तो बात ही दूर। अब हमें परेशान नहीं होना पड़ रहा। लोगों के लिए यह सिर्फ एक नल की बात हो सकती है लेकिन बुंदेलखंड के लिए यह वरदान है। यह वस्तुतः उस संकल्प की सिद्धि है, जिसे मोदी-योगी सरकार ने साधना के रूप में लिया। झांसी के बडा गांव, चिरगांव और बंगरा में अंतिम छोर के गांव तक जल जीवन मिशन की पाइप लाइन बिछ गई है। झासी जिले के बंगरा विकासखंड में स्थित गैरहा ग्राम पंचायत के 65 साल के कामता प्रसाद भावुक हो गए। बोले कि यह दिन देखने के लिए आंखें तरस गईं थीं। जिला मुख्यालय से दूर बसे इस गांव की विवाहिता शगुन बताती हैं कि उन्हें पहले गांव से आधा किमी दूर पानी लेना जाना पड़ता था और बारिश के समय बड़ी मुश्किल होती थी। झांसी जिले के बंगरा ब्लाक की ग्राम पंचायत पचवारा में बहू बन कर जब रागिनी आईं तो उन्हें सरकारी हैंड पंप से पानी ले जाना पडता था। अब वे टोंटी खोलते हुए दिखाती हैं कि देखिये कितना साफ पानी है। गरीब परिवार की बहू खुश है कि मजदूरी करने वाले उनके पति मुकेश कुमार को एक पैसा तक नहीं देना पड़ा और नल का कनेक्शन हो गया। ग्राम पंचायत प्रधान अखिलेश रावत बताते हैं कि उनके गांव में एक हजार कनेक्शन हुए हैं। दलित बाहुल्य गांव में योगी सरकार में बनाए गए आरोग्य मंदिर में भी जल जीवन मिशन के तहत नल लगा है, जहां मरीजों, तीमारदारों के लिए स्वच्छ जल उपलब्ध है। सरकारी स्कूलों में भी बच्चे स्वच्छ पानी पी रहे हैं। जल जीवन मिशन के अधिशाषी अभियंता रणविजय सिंह बताते हैं कि इस स्कीम के तहत 42 गांव आच्छादित हैं और इन गांवों में 11 हजार 437 कनेक्शन हुए हैं। बांदा का नाम आते ही सूखा, पानी की कमी और प्यास आदि शब्द अपने आप दिमाग में कौंधने लगते थे। अब यहां अमलीकौर पेयजल परियोजना और खटान पेयजल परियोजना से 544 गावों में पानी पहुंचा है। 82266 घरों में कनेक्शन किए जा चुके हैं। बड़ोखर खुर्द ब्लाक के बांधा पुरवा गांव के रहने वाले परदेशी ने बताया कि पहले हमें पानी के लिए पहले परेशान होना पड़ता था। वहीं अब हमको हमारे घरों में ही स्वच्छ पानी मिल रहा है। जल निगम के अधिशासी अभियंता विमल कुमार वर्मा ने बताया कि पाइपलाइन डालने के लिए जिन सड़कों को खोदा गया था। उनको भी ठीक कर दिया गया है। हमीरपुर में भी दो पेयजल परियोजनाएं चल रही हैं जहां 322 में से 320 गांवों में घरों तक नल से पानी पहुंचाया जा रहा है। यहां के लोगों की जिंदगी में यह योजना बहुत महत्वपूर्ण होने जा रही है।

शादी हुई सिर्फ 1 रुपये में, लेकिन पिता की शर्त पर लौटाए करोड़ों के तोहफे

भिंड मध्यप्रदेश के भिंड में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां शादी का मंडप सजा चुका था, मेहमान मौजूद थे और रस्में चल रही थीं। तभी एक वाक्या हुआ, जिसने पूरी शादी का माहौल बदल दिया। अनोज पाठक जो भिंड की एक मार्केटिंग सोसायटी में असिस्टेंट मैनेजर हैं। उन्होंने शादी में मिले दहेज के 51 लाख रूपये लौटा दिए। पाठक परिवार के इस कदम ने स्पष्ट कर दिया कि शादी किसी लेन-देन नहीं बल्कि दो परिवारों और संस्कारों का मेल है। अनोज पाठक ने दहेज के 51 लाख रूपये ठुकराकर केवल 1 रूपये और एक नारियल स्वीकार किया। दहेज लौटाया तो हैरानी में पड़ा परिवार शादी के दौरान जब लड़के पक्ष ने लड़की पक्ष को दहेज की राशि लौटाई तो वह हैरानी में पड़ गए। उन्हें लगा कि कहीं किसी बात पर लड़की वाले बिफर तो नहीं गए, लेकिन अनोज पाठक और उनकी मनोरमा पाठक ने लड़की वालों को बताया कि यह फैसला नाराजगी में नहीं, बल्कि समाज को नई दिशा देने के लिए लिया है। दहेज के कारण परिवारों योग्य रिश्ते नहीं मिलते दादा सुरेश पाठक ने कहा कि आज भी दहेज के कारण मध्यमवर्गीय और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को अच्छे रिश्ते नहीं मिल पाते हैं। इसको देखते हुए हमने फैसला लिया है कि हम अपने इंजीनियर पोते की शादी जानबूझकर मध्यवर्गीय परिवार में बिना दहेज के की है। हमारे समाज में जब तक बहू को घर में बेटी की तरह सम्मान नहीं मिलेगा। तब तक समाज आगे नहीं बढ़ेगा।   दूल्हा है इंजीनियर दूल्हा आकर्ष पाठक छत्तीसगढ़ इंजीनियर है। उसके पिता अनोज पाठक मार्केटिंग सोसायटी में असिस्टेंट मैनेजर हैं। पिता का कहना था कि ये कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था। ये सालों पुराना संकल्प था। लड़के के पिता बोले- बेटी बोझ नहीं लड़के के पिता अनोज पाठक ने बताया कि बेटियां कोई बोझ नहीं है और विवाह कोई लेन-देन का सौदा नहीं है। दूल्हे के पिता ने मेरे दो बेटे हैं। मैं चाहता था कि अपने बेटों की शादी में बहू के रूप में बेटी लेकर आऊंगा। अक्सर मध्यमवर्गीय परिवार संकोच में रहते हैं कि शादी में अगर ज्यादा दहेज नहीं देंगे। तो अच्छे घर में बेटियों की शादी नहीं होगी।

गौरव गोगोई का तंज: CM हिमंत की प्रेस कॉन्फ्रेंस बनी झूठी दलीलों की हकीकत

नई दिल्ली असम की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा रविवार को लोकसभा सांसद गौरव गोगोई पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद अब कांग्रेस नेता ने तीखा पलटवार किया है। मुख्यमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस को गोगोई ने सदी की सबसे फ्लॉप प्रेस कॉन्फ्रेंस करार दिया। मुख्यमंत्री की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस की कड़ी आलोचना की। उन्होंने लिखा कि उन्हें दिल्ली और असम के उन पत्रकारों पर दया आती है, जिन्हें सदी की सबसे फ्लॉप प्रेस कॉन्फ्रेंस झेलनी पड़ी। बता दें कि प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सीएम सरमा ने कहा कि पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख और एलिजाबेथ गोगोई, जो लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई की पत्नी हैं, से जुड़े आरोप बहुत गंभीर प्रकृति के हैं और इन्हें मामूली मुद्दा नहीं माना जाना चाहिए। एक मौजूदा सांसद की संलिप्तता ने इस मुद्दे को एक सामान्य जांच के दायरे से ऊपर उठा दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये आरोप गंभीर हैं। जब एक मौजूदा सांसद, जो संसद में कांग्रेस पार्टी के उप नेता भी हैं, किसी भी तरह से पाकिस्तान से जुड़े होते हैं, तो मामला अपने आप ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए गोगोई ने लिखा, “मुझे दिल्ली और असम के उन पत्रकारों पर दया आती है जिन्हें सदी की सबसे फ्लॉप प्रेस कॉन्फ्रेंस झेलनी पड़ी। यह एक सी-ग्रेड सिनेमा से भी बदतर था। तथाकथित राजनीतिक रूप से चतुर मुख्यमंत्री ने सबसे बेवकूफी भरे और फर्जी मुद्दे उठाए। यह सुपर फ्लॉप हमारी जोमोय परिवर्तन यात्रा के बिल्कुल उलट है, जो मुख्यमंत्री और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा कब्जाई गई 12 हजार बीघा जमीन का खुलासा करने में हिट रही है।” सीएम सरमा ने आगे बताया कि इस मामले की शुरू में असम पुलिस द्वारा गठित एक विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जांच की थी। एसआईटी की फाइंडिंग्स के आधार पर, आगे की जांच के लिए सीआईडी पुलिस स्टेशन में एक औपचारिक मामला दर्ज किया गया। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस मामले में एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी, जिसके बाद मामला असम कैबिनेट के सामने रखा गया। विचार-विमर्श के बाद, कैबिनेट ने निष्कर्ष निकाला कि आरोपों के दायरे, संवेदनशीलता और व्यापक प्रभावों के लिए एक केंद्रीय एजेंसी द्वारा जांच की आवश्यकता है।

करदाताओं की राय आमंत्रित, आयकर विभाग ने नए प्रपत्रों और नियमों पर मांगा फीडबैक

नई दिल्ली आयकर विभाग ने रविवार को कहा कि उसने एक अप्रैल से प्रभावी होने वाले नए आयकर कानून, 2025 के तहत कर नियमों और प्रपत्रों के मसौदे पर हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। विभाग ने एक बयान में जानकारी दी कि व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ‘प्रस्तावित आयकर नियम, 2026’ और संबंधित फॉर्म को अंतिम अधिसूचना से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने परामर्श प्रक्रिया के तहत हितधारकों से चार श्रेणियों में सुझाव मांगे हैं। इनमें भाषा का सरलीकरण, मुकदमों में कमी, अनुपालन बोझ को कम करना और अप्रासंगिक या पुराने हो चुके नियमों व प्रपत्रों की पहचान करना शामिल है। विभाग ने कहा, ‘हितधारकों को इन मसौदों का अध्ययन कर सुझाव देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। अंतिम अधिसूचना से पूर्व इन सभी सुझावों को संकलित कर उन पर समीक्षा के लिए विचार किया जाएगा।’ सुझाव देने की सुविधा के लिए ‘ई-फाइलिंग’ पोर्टल पर एक लिंक जारी किया गया है, जो चार फरवरी, 2026 से सक्रिय है। हितधारक अपने नाम और मोबाइल नंबर के माध्यम से ओटीपी आधारित सत्यापन के बाद अपने सुझाव साझा कर सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुझाव देते समय संबंधित नियम, उप-नियम या प्रपत्र संख्या का स्पष्ट उल्लेख किया जाना चाहिए। छह दशक पुराने आयकर अधिनियम, 1961 के स्थान पर अब नया आयकर अधिनियम, 2025 आगामी एक अप्रैल से लागू होगा। वर्तमान आयकर नियम, 1962 में 511 नियम और 399 फॉर्म हैं, जबकि प्रस्तावित नए नियमों में इनकी संख्या घटाकर क्रमशः 333 नियम और 190 फॉर्म कर दी गई है।  

बड़ा हादसा टला: खुले मैदान में गिरा ट्रेनिंग विमान, पहले ही कूद गए पायलट और यात्री

बंगलूरू कर्नाटक के विजयपुरा जिले के बालेश्वर तालुक के मंगलुरु गांव में रविवार दोपहर एक प्राइवेट मिनी विमान खुले मैदान में क्रैश हो गया। हादसे में पायलट समेत दोनों यात्री बाल-बाल बच गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रेड बर्ड कंपनी का यह दो-सीटर ट्रेनिंग विमान था। क्रैश से ठीक पहले दोनों यात्री विमान से बाहर निकलने में सफल रहे। टक्कर के बाद विमान तीन हिस्सों में टूट गया। हादसे में दोनों को चोटें आई हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

आबकारी भवन अग्निकांड: ऑडिट रूम में लगी भीषण आग, जांच से पहले फाइलें स्वाहा

रायपुर राजधानी रायपुर के लाभांडी स्थित आबकारी भवन में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात भीषण आग लग गई। आग भवन की तीसरी मंजिल पर स्थित छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के कार्यालय में लगी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आग ऑडिट रूम में लगी है। जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह से ही विभाग का महत्वपूर्ण ऑडिट शुरू होना था, लेकिन उससे पहले ही आधी रात को लगी इस आग में ऑडिट से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण फाइलें और दस्तावेज जलकर स्वाहा हो गए। घटना की सूचना मिलते ही दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।   पुलिस और एफएसएल की टीम कर रही जांच फिलहाल आग लगने का कारण अज्ञात बताया जा रहा है, लेकिन ऑडिट से ठीक पहले फाइलों का जलना कई संदेहों को जन्म दे रहा है। मामला तेलीबांधा थाना इलाके का है। पुलिस और एफएसएल की टीम घटना की जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह महज एक दुर्घटना है या किसी साजिश के तहत फाइलों को नष्ट किया गया है।

7500 गोशालाएं बनेंगी कैटल फूड सिक्योरिटी हब

हर गोशाला से जुड़ेंगे 50-100 किसान, संरक्षण केंद्र के साथ गोशालाओं को हरा चारा उत्पादन का बेहतर स्रोत बनाएगी योगी सरकार गोशालाओं में बड़े पैमाने पर लगाए जाएंगे सहजन के पौधे व नेपियर घास, किसानों की आमदनी व ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती लखनऊ, प्रदेश की गोशालाओं को अब केवल गोवंश संरक्षण तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें कैटल फूड सिक्योरिटी हब के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। योगी सरकार की इस दूरदर्शी पहल के तहत प्रदेश की 7500 गोशालाओं और उनके आसपास के क्षेत्र को हरा चारा उत्पादन का सशक्त केंद्र बनाया जाएगा, जिससे गोवंश संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आमदनी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। संरक्षण से उत्पादन की ओर गोशालाएं उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि “मिशन फॉडर” के नाम से शुरू हो रहे इस प्रदेशव्यापी अभियान का उद्देश्य गोशालाओं को आत्मनिर्भर इकाइयों के रूप में विकसित करना है। इसके तहत हर गोशाला को 50 से 100 किसानों के नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, ताकि चारा उत्पादन, विपणन और उचित मूल्य की व्यवस्थित श्रृंखला तैयार हो सके। इससे किसान भी आत्मनिर्भर बनेंगे और गोशालाओं को सतत रूप से पौष्टिक हरा चारा उपलब्ध होगा। मोरिंगा-नेपियर से बदलेगी तस्वीर मिशन फॉडर के अंतर्गत गोशालाओं की उपलब्ध भूमि का अधिकतम उपयोग करते हुए मोरिंगा (सहजन) और नेपियर घास का बड़े पैमाने पर रोपण कराया जाएगा। इसमें गन्ना घास, सुबबूल, ढैंचा और मौसमी चारे जैसे लोबिया, मक्का, ज्वार, बाजरा, बरसीम आदि को भी शामिल किया गया है। उत्तर प्रदेश की जलवायु में लगभग 50 प्रकार के पशु चारे सहज रूप से उगाए जा सकते हैं, जिनमें एकदलीय और बहुदलीय दोनों प्रकार के चारे शामिल हैं। यही विविधता इस मिशन की सबसे बड़ी ताकत बनेगी। दीर्घकालिक समाधान, कम लागत मोरिंगा पौधे लगभग 12–15 वर्षों और नेपियर घास 7–8 वर्षों तक लगातार हरा चारा उपलब्ध कराने में सक्षम हैं। मोरिंगा न केवल उच्च प्रोटीन और खनिज तत्वों से भरपूर है, बल्कि गोशालाओं में प्राकृतिक छाया और जैविक फेंसिंग का भी काम करेगा। वहीं नेपियर घास अपनी उच्च उत्पादन क्षमता और नियमित कटिंग के कारण सतत चारा स्रोत के रूप में महत्वपूर्ण है। हर गोवंश को पर्याप्त हरा चारा योजना के अनुसार गोशालाओं में संरक्षित प्रत्येक गोवंश को पर्याप्त हरा चारा प्रतिदिन उपलब्ध कराया जाएगा। हरा चारा पोषण की दृष्टि से सूखे चारे की तुलना में अधिक लाभकारी है। इससे गोवंश के स्वास्थ्य तथा दुग्ध उत्पादन में उल्लेखनीय सुधार होगा। साथ ही चारा उत्पादन में आत्मनिर्भरता से बाहरी निर्भरता घटेगी और गोशालाओं की संचालन लागत में कमी आएगी। हरित आवरण बढ़ेगा, भूमि की उर्वरता सुधरेगी श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में तैयार इस समग्र कार्ययोजना के केंद्र में गोवंश संरक्षण, पोषण सुरक्षा, प्राकृतिक खेती, पर्यावरण संतुलन और ग्रामीण-शहरी सहभागिता को रखा गया है। मिशन फॉडर के माध्यम से न केवल गोशालाओं का दीर्घकालिक संचालन मजबूत होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर हरित आवरण बढ़ेगा और भूमि की उर्वरता सुधरेगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी योजना प्रदेश सरकार के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करेगा। यह पहल आत्मनिर्भर गोशाला, प्राकृतिक खेती और सशक्त ग्रामीण अर्थव्यवस्था के उस विजन को जमीन पर उतारने की दिशा में निर्णायक कदम मानी जा रही है, जिसकी नींव योगी सरकार ने रखी है।

बसपा में नई रणनीति की तैयारी? मायावती ने अहम पद किए समाप्त

लखनऊ विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पार्टी संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए बूथ और सेक्टर स्तर तक संगठन को नए सिरे से खड़ा करने का फैसला लिया है। इसके तहत संगठन में 50 प्रतिशत युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। पार्टी प्रमुख ने दो-दो जिला प्रभारियों की व्यवस्था को समाप्त कर दिया है और उन्हें विधानसभा प्रभारी बनाया गया है। अब विधानसभा अध्यक्ष, महासचिव और प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में बूथ और सेक्टर गठन की जिम्मेदारी संभालेंगे। 15 हजार नए बूथों पर संगठन का गठन अभी नहीं हुआ निर्वाचन आयोग द्वारा प्रति बूथ मतदाताओं की संख्या 1500 से घटाकर 1200 किए जाने के बाद प्रदेश में बूथों की संख्या 1.62 लाख से बढ़कर 1.77 लाख हो गई है। इसके चलते पहले से गठित बूथ और सेक्टर स्तर के संगठन प्रभावी नहीं रह गए हैं। लगभग 15 हजार नए बूथों पर संगठन का गठन अभी नहीं हुआ है।   एक सेक्टर में औसतन 10 बूथ होते हैं पार्टी के अनुसार एक सेक्टर में औसतन 10 बूथ होते हैं, ऐसे में पूरे प्रदेश में नए सिरे से संगठन खड़ा करने में लगभग तीन माह का समय लग सकता है। जिलाध्यक्षों और मंडल प्रभारियों को इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। कांशीराम और आंबेडकर जयंती धूमधाम से मनाने के निर्देश बसपा प्रमुख ने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि पार्टी संस्थापक कांशीराम की जयंती 15 मार्च को लखनऊ और नोएडा में भव्य रूप से मनाई जाए। वहीं 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती भी पूरे उत्साह के साथ मनाने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि 12 मंडलों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता लखनऊ में, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के छह मंडलों के कार्यकर्ता नोएडा स्थित स्मारक पर पहुंचेंगे। संगठन मजबूत करने के लिए जिलों में उतरेंगे शीर्ष नेता एसआईआर और बूथ-सेक्टर गठन का कार्य पूरा होने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद, राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र, प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल, विधायक उमा शंकर सिंह और मंडल स्तरीय मुस्लिम भाईचारा प्रभारियों द्वारा जिलों का दौरा किया जाएगा। सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे बैठक में मायावती ने कहा कि अगले वर्ष सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2007 में बसपा ने अकेले दम पर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी। हालांकि इसके बाद पार्टी का जनाधार कमजोर हुआ है और वर्तमान में विधानसभा में बसपा का केवल एक विधायक है। पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी का खाता भी नहीं खुल सका था।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की शहडोल सिंचाई काम्प्लेक्स की घोषणा

2300 करोड़ रुपए की योजना से 50 हजार हैक्टेयर सिंचाई का बढ़ेगा रकबा और लाभान्वित होंगे 122 गांव जैतपुर बनेगी नगर पंचायत शहडोल को गीता भवन, मेडिकल कॉलेज में सीट वृद्धि और नए महाविद्यालय की मिली सौगात मिनी ओलंपिक मापदंड पर आधारित स्विमिंग पूल का शहडोल के धनपुरी में हुआ शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वॉटर पार्क लोकार्पण कार्यक्रम को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सच्चा वादा-पक्का काम ही राज्य सरकार की पहचान है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय भाई-बहनों के सर्वांगीण विकास में जुटी है। जनजातीय भाई-बहनों का राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को माता शबरी जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि निष्कपट भक्ति, समर्पण और साधना की सर्वोच्च प्रतीक शबरी मैया ने सारा जीवन रघुवर की प्रतीक्षा की। प्रेम में समर्पित इस प्रतीक्षा का फल केवल माता शबरी को ही नहीं मिला बल्कि स्वयं भगवान राम को भी मिला। मनुष्य से मनुष्य का प्रेम ही सनातन संस्कृति की विशेषता है। भगवान श्रीराम और माता शबरी का प्रेम बताता है कि हमारे समाज में जातिवाद के लिए कोई स्थान नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शहडोल जिले के धनपुरी में नगर पालिका द्वारा 20 करोड़ रुपए की लागत से बनाए गए वॉटर पार्क के लोकार्पण अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का साफा तथा गजमाला पहनाकर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गीता भवन निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि इसके बन जाने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को लाइब्रेरी और कोचिंग जैसी शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन में सुविधा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहडोल सिंचाई काम्पलेक्स निर्माण की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत सोन नदी पर 4 माइक्रो सिंचाई परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। लगभग 2300 करोड़ रुपए की इस योजना से 50 हजार हैक्टेयर सिंचाई का रकबा बढ़ेगा, जिससे 122 गांव को लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जैतपुर को नगर पंचायत बनाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहडोल मेडिकल कॉलेज में सीट वृद्धि के संबंध में विभाग से प्रस्ताव प्राप्त होने पर सीट वृद्धि की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहडोल जिले में 160 करोड रुपए लागत से 45 किलोमीटर सड़क निर्माण तथा जैतपुर महाविद्यालय में कला और विज्ञान संकाय के भवन निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवीन महाविद्यालय आरंभ करने की भी घोषणा की। उन्होंने 3 किलोमीटर लंबे मॉडल रोड निर्माण पर भी सहमति प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माता बहनों के कल्याण के लिए पूरी सरकार समर्पित है इसीलिए लाड़ली बहना योजना सहित महिला सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं बनाई गई हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लखपति दीदी योजना, लखपति ड्रोन दीदी योजना, रजिस्ट्री में माता-बहनों को 2 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। लोकसभा-विधानसभा में भी बहनों को आरक्षण मिलने वाला है। आने वाला समय माता-बहनों का है, हमारी संस्कृति बहनों के आधार पर ही पुष्पित पल्लवित होती रही है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत का सम्मान लगातार बढ़ रहा है। भारत वैश्विक मंच पर प्रमुख आर्थिक शक्ति बन कर उभर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरीका से हुए समझौते में किसानों के हितों को सबसे ऊपर रखा है। केंद्र हो या राज्य सरकार युवा,गरीब, किसान और महिलाओं का कल्याण सर्वोपरि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि हो या उद्योग सभी क्षेत्रों में लगातार प्रगति कर रहा है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा 44 लाख हैक्टेयर हुआ है। युवाओं को भी बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेती को लाभप्रद बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से ही वर्ष-2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। किसानों को बिजली में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 30 लाख सोलर पम्प उपलब्ध कराए जाएंगे। दुग्ध उत्पादन, दलहन उत्पादन के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। इन सब गतिविधियों से परिवारों के पोषण की स्थिति में भी सुधार होगा। सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ.यादव के नेतृत्व में देश-प्रदेश में विकास की गंगा बह रही है। इसी का परिणाम है कि धनपुरी को मिनी ओलंपिक के मापदंड पर आधारित स्विमिंग पूल की सौगात मिली है। विधायक जय सिंह मरावी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा क्षेत्र को दी जा रही सौगात के लिए उनका आभार माना। मरावी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को क्षेत्र में आवश्यक विकास कार्यों और जन अपेक्षाओं से अवगत कराया। नगर पालिका धनपुरी की अध्यक्ष श्रीमती रविंदर कौर छाबड़ा ने स्वागत भाषण दिया तथा नगर पालिका द्वारा निर्मित वॉटर पार्क और अन्य संचालित गतिविधियों के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर नगरीय निकाय तथा पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीयजन उपस्थित थे।  

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