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सर्जरी के बाद हर्षित राणा का पहला बयान, T20 WC मिस करने पर बोले– अब लक्ष्य सिर्फ फिट होकर लौटना

नई दिल्ली भारतीय टीम के तेज गेंदबाज हर्षित राणा का उस वक्त टी20 वर्ल्ड कप 2026 खेलने का का सपना टूट गया, जब वह साउथ अफ्रीका के खिलाफ अभ्यास मैच में चोटिल हो गए थे। हर्षित ने अभ्यास मैच में केवल एक ओवर डाला और उसके बाद घुटने की चोट के कारण मैदान से बाहर जाना पड़ा। उन्होंने अब अहम इंजरी अपडेट दिया है। उन्होंने सर्जरी कराई है, जो सफल रही। वह सर्जरी के बाद जल्द से जल्द क्रिकेट के मैदान पर लौटना चाहते हैं। हर्षित ने सोमवार को इंस्टाग्राम पर तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, ”सर्जरी सही तरह हो गई है। अब मेरा ध्यान रिकवरी और फिर से उस चीज को करने पर है जो मुझे पसंद है।” गेंदबाज की पोस्ट पर फैंस और शुभचिंतकों के जमकर रिएक्शन आ रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट किया, ”जल्दी ठीक हो जाओ भाई।” दूसरे ने लिखा, ”तुम्हारी जल्दी ठीक होने की कामना करता हूं।” अन्य ने कहा, ”मैदान पर देखने का बेसब्री से इंतजार है।” हर्षित ने नवंबर 2024 में इंटरनेशनल डेब्यू किया। उन्होंने अब तक दो टेस्ट, 14 वनडे और 9 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। हर्षित के बाहर होने पर पेसर मोहम्मद सिराज की 18 महीने बाद भारतीय टी20 टीम में वापसी हुई। सिराज टी20 वर्ल्ड कप के लिए शुरुआत में भारत की योजनाओं का हिस्सा नहीं थे। उन्होंने टूर्नामेंट में पहले मैच ही प्रभावी गेंदबाजी की। सिराज ने अमेरिका के खिलाफ 4 ओवर में 29 रन देकर तीन विकेट चटकाए। सिराज ने शनिवार को मैच के बाद कहा कि उन्हें नहीं लगा था कि तुरंत प्लेइंग इलेवन में जगह मिलेगी लेकिन रणजी ट्रॉफी में हैदराबाद की कप्तानी के अनुभव से मदद मिली। उन्होंने कहा, ”सबसे पहले तो मुझे नहीं पता था कि मैं खेलूंगा। मुझे बुलाए जाने पर खुशी हुई लेकिन मुझे सुबह पता चला कि मैं खेल रहा हूं इसलिए मैं थोड़ा और उत्साहित था क्योंकि मैं शुक्रवार को ही आया था।”

उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के प्रथम दिन दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया संबोधित

लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के प्रथम दिन दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का अभिभाषण प्रदेश की बदली हुई पहचान का स्पष्ट घोषणापत्र बनकर सामने आया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने बीते वर्षों में ‘बॉटलनेक स्टेट’ की छवि से बाहर निकलकर ‘ब्रेकथ्रू स्टेट’ के रूप में सुशासन, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, आर्थिक सशक्तिकरण, कृषि विस्तार, महिला सशक्तिकरण, अवसंरचना विकास और व्यापक जनकल्याण के क्षेत्रों में ठोस उपलब्धियां हासिल की हैं। राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की नीतिगत दृढ़ता, प्रशासनिक दक्षता और विकसित उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ते आत्मविश्वासपूर्ण कदमों का तथ्यात्मक और संवैधानिक प्रस्तुतीकरण रहा। यूपी बना देश के लिए मॉडल राज्य राज्यपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति आज देशभर में एक प्रभावी मानक के रूप में उभर रही है। सरकार की कठोरता और संवेदनशीलता के संतुलित दृष्टिकोण ने संगठित अपराध और माफिया तंत्र पर निर्णायक नियंत्रण स्थापित किया है। आधुनिक तकनीक के व्यापक उपयोग, पुलिस बल के सुदृढ़ीकरण, त्वरित एवं प्रभावी न्याय व्यवस्था तथा पारदर्शी प्रशासनिक प्रणालियों के माध्यम से प्रदेश में भयमुक्त और विश्वासपूर्ण वातावरण तैयार हुआ है। यही सुरक्षित परिवेश उत्तर प्रदेश को उद्योग, व्यापार, स्टार्टअप, निवेश और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के लिए देश के सर्वाधिक आकर्षक और भरोसेमंद राज्यों में स्थापित कर रहा है। जीरो टॉलरेंस, सख्त कार्रवाई राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति ने ठोस और निर्णायक परिणाम दिए हैं। संगठित अपराध के विरुद्ध कार्रवाई में अब तक 35 माफिया व 94 सह-अपराधी दोषसिद्ध, 2 अपराधियों को मृत्युदंड, जबकि 267 अपराधी मुठभेड़ में ढेर किए गए हैं। 977 अभियुक्तों को एनएसए के तहत निरुद्ध किया गया है और माफिया तत्वों से ₹4,137 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की जा चुकी है। त्वरित पुलिसिंग के लिए यूपी-112 का रिस्पॉन्स टाइम 25 मिनट 42 सेकंड से घटकर 6 मिनट 51 सेकंड किया गया है। साइबर अपराधों से निपटने हेतु प्रदेश के सभी 75 जिलों में साइबर क्राइम थाने कार्यरत हैं, जबकि एटीएस ने 148 आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। 146 रोहिंग्या बांग्लादेशी, पाकिस्तानी व अन्य अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। भ्रष्टाचार पर सख्त प्रहार करते हुए भ्रष्टाचार निवारण संगठन द्वारा 999 सफल ट्रैप ऑपरेशन किए गए हैं। मजबूत हुए संस्थान राज्यपाल ने कहा कि सुरक्षा तंत्र की संस्थागत मजबूती की दिशा में 2017 के बाद 8 नई विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं और 6 अन्य निर्माणाधीन हैं। इसी अवधि में 2.19 लाख से अधिक पुलिस भर्तियां, 1.58 लाख कर्मियों को प्रोन्नति तथा 83,122 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। पुलिस बल के सुदृढ़ीकरण हेतु बजट में लगभग 150 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। 41,424 होमगार्ड पदों पर नामांकन, 6 नए जिला कारागारों सहित इटावा केंद्रीय कारागार का निर्माण, और 1,010 बंदियों की समयपूर्व रिहाई कारागार सुधारों की दिशा में अहम कदम हैं। न्याय व्यवस्था को सुलभ और प्रभावी बनाने के लिए 10 जिलों में एकीकृत न्यायालय परिसरों को स्वीकृति, प्रयागराज में डॉ. राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की स्थापना, 81 फास्ट ट्रैक न्यायालयों का स्थायीकरण, लोक अदालतों में 3.60 करोड़ मामलों का निस्तारण, तथा 2,609 विधिक साक्षरता शिविरों का आयोजन किया गया है, जिससे प्रदेश में त्वरित, पारदर्शी और जन-संवेदनशील न्याय व्यवस्था को नई मजबूती मिली है। तेज कनेक्टिविटी, तेज विकास राज्यपाल ने अवसंरचना विकास के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में संपर्क, परिवहन और लॉजिस्टिक्स को नई दिशा दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 168 विकासखंड मुख्यालयों को डबल-लेन सड़कों से जोड़ा जा चुका है, जबकि 1,410 किलोमीटर लंबाई की 161 सड़कों का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है। राज्य सरकार ने वर्ष 2025–26 तक 46,600 किलोमीटर सड़कों के सुदृढ़ीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया है, वहीं अब तक लगभग 28,000 किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण पूरा हो चुका है। अंतर्राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से जुड़े प्रमुख मार्गों को न्यूनतम फोर-लेन कनेक्टिविटी प्रदान करने का कार्य तेजी से प्रगति पर है, जिससे व्यापार, परिवहन, पर्यटन और औद्योगिक निवेश को व्यापक गति मिल रही है। उत्पादन, उत्पादकता और कृषि अर्थव्यवस्था तीनों मोर्चों पर तेजी से आगे बढ़ रहा है उत्तर प्रदेश: राज्यपाल विधानमंडल के संयुक्त अधिवेशन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने अभिभाषण में उत्तर प्रदेश के विकास की व्यापक और तथ्यपरक तस्वीर प्रस्तुत की। उन्होंने ऊर्जा आपूर्ति से लेकर कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था, गन्ना किसानों के भुगतान, पशुपालन, पर्यावरण संरक्षण, खनन सुधार, सार्वजनिक परिवहन, सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, शहरी आवास और श्रमिक कल्याण तक सरकार की नीतियों और उनके ठोस परिणामों को क्रमबद्ध रूप से प्रस्तुत किया।  रोशनी, भरोसा और राहत राज्यपाल ने ऊर्जा क्षेत्र में हुए व्यापक सुधारों को रेखांकित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन दर्ज किया गया है। वर्तमान में नगरीय मुख्यालयों को 24 घंटे, तहसील मुख्यालयों को 21 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों को 19 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। ‘इंटेंसिव डिस्ट्रीब्यूशन स्कीम’ के अंतर्गत अब तक 59.83 लाख स्मार्ट/इलेक्ट्रिक मीटर स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 37.45 लाख पुराने मीटरों का प्री-पेड में प्रतिस्थापन किया गया है। राज्यपाल ने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले 6 वर्षों में बिजली दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई, जिससे उपभोक्ताओं को स्थायी राहत मिली है और ऊर्जा क्षेत्र में भरोसे का वातावरण मजबूत हुआ है। अन्नदाता की ताकत, प्रदेश की प्रगति राज्यपाल ने कृषि क्षेत्र में हुई ऐतिहासिक प्रगति का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आज उत्पादन, उत्पादकता और कृषि अर्थव्यवस्था तीनों मोर्चों पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2016–17 में 557.46 लाख मीट्रिक टन रहा खाद्यान्न उत्पादन 2023–24 में बढ़कर 670.80 लाख मीट्रिक टन हो गया, और 2024–25 में यह 737.40 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचा। कृषि क्षेत्र के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में भी उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया है, जो 2016–17 में ₹2.96 लाख करोड़ से बढ़कर वर्तमान में ₹6.95 लाख करोड़ हो गया है। यह 135 प्रतिशत वृद्धि के साथ लगभग 18 प्रतिशत वार्षिक विकास दर को दर्शाता है। बागवानी बना ग्रामीण समृद्धि का मजबूत आधार बागवानी क्षेत्र में भी प्रदेश ने नई ऊंचाइयां छुई हैं। खेती का क्षेत्रफल 21.40 लाख हेक्टेयर … Read more

नींद में बुझ गई जिंदगी: मच्छरों से परेशान कंडक्टर ने जलाई अगरबत्ती, बस में लगी आग

नई दिल्ली दिल्ली के विकासपुरी में एक प्राइवेट बस में आग लगने की वजह से 25 वर्षीय हेल्पर की मौत हो गई। पुलिस को संदेह है कि आग लगने की वजह अगरबत्ती है। पुलिस ने सोमवार को बताया कि मृतक का नाम सुनील है वह रात में बस में ही सोता था। इस दौरान मच्छरों को भगाने के लिए अगरबत्ती जलाता था। पुलिस के मुताबिक मामले में अभी जांच जारी है लेकिन शुरुआती जांच में आग की वजह अगरबत्ती को माना जा रहा है। पुलिस का मानना है कि आग अगरबत्ती से लगी और धीरे-धीरे पूरी बस को अपने चपेट में ले लिया। आग इतनी तेज थी कि सुनील को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिल सका। आग इतनी तेज थी कि सुनील को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिल सका। पूरी बस जल चुकी थी सुनील के जले हुए शव को दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे पोस्टमार्टम के लिए रखा गया है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि बस में लगी आग इतनी भयंकर थी कि जब तक दमकलकर्मी वहां पहुंचे पूरी बस जल चुकी थी। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और सुनील के शव को बाहर निकाला गया। मौके पर पहुंचे दमकलकर्मी प्रिया अपार्टमेंट्स में रहने वाले विजय ने बताया, ‘रविवार रात करीब 12:30 बजे हमने देखा कि बस में आग लग गई है। मैंने दमकलकर्मियों को फोन कर दिया था। जब दमकलकर्मी रात 12:45 बजे पहुंचे, तो उन्होंने खिड़कियां तोड़ दीं। तब तक पूरी बस आग की लपटों में घिर चुकी थी। हमें बताया गया कि बस के अंदर सो रहा व्यक्ति सफाईकर्मी था और इसके बाद बस के ड्राइवरों को भी बुलाया गया। बस का रजिस्ट्रेशन नंबर हरियाणा का आपको बता दें कि बस का मालिक विजय कुमार (46) है और बस का रजिस्ट्रेशन नंबर हरियाणा का था। फिलहाल मामले में पुलिस ये पता लगाने में लगी है कि अगरबत्ती ही आग लगने की असल वजह थी या फिर कोई तकनीकी खराबी के चलते ऐसा हुआ।

किसान सुरेश कुमार नाग बने ‘भुइयां के भगवान’, सम्मान से नवाज़े गए

रायपुर. किसान सुरेश कुमार नाग को मिला ‘भुइयां के भगवान’ सम्मान छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के ग्राम कासौली (विकासखंड दंतेवाड़ा) के प्रगतिशील किसान  सुरेश कुमार नाग को आईबीसी 24 द्वारा प्रदान किए जाने वाले प्रतिष्ठित ‘भुइयां के भगवान’ सम्मान से नवाजा गया है। 06 फरवरी 2026 को आयोजित कार्यक्रम में राज्य के उपमुख्यमंत्री  अरुण साव ने उन्हें प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान राशि प्रदान कर सम्मानित किया। यह उपलब्धि दंतेवाड़ा जिले के किसानों के लिए गर्व का विषय है। खेतों में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग पूरी तरह बंद सुरेश कुमार नाग लंबे समय से जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने रासायनिक खेती के दुष्परिणामों को समझते हुए अपने खेतों में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग पूरी तरह बंद कर दिया और जीवामृत, घन-जीवामृत तथा नीमास्त्र और ब्रह्मास्त्र जैसे जैविक उपायों को अपनाया। इसके अच्छे परिणाम मिलने के बाद उन्होंने अपने अनुभव अन्य किसानों के साथ साझा किए, जिससे आसपास के कई किसान भी प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित हुए। जैविक खेती को बढ़ावा देने चलाए जा रहे प्रयास नाग 100 से अधिक परंपरागत धान की किस्मों के संरक्षण का कार्य भी कर रहे हैं। इसके साथ ही  विधि से रागी और कोसरा की खेती जैसे नवाचारों को अपनाकर जिले में प्राकृतिक खेती को नई दिशा दी है। जिला प्रशासन और कृषि विभाग द्वारा जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे प्रयासों को  नाग जैसे किसानों ने जमीन पर सफल बनाया है। उनकी इस उपलब्धि पर किसानों, कृषि विशेषज्ञों और अधिकारियों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। पर्यावरण संरक्षण और मिट्टी की उर्वरता बचाने का महत्वपूर्ण कार्य उपमुख्यमंत्री  अरुण साव ने कहा कि सुरेश कुमार नाग जैसे किसान समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं, जो खेती के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और मिट्टी की उर्वरता बचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। सम्मान प्राप्त करने के बाद  नाग ने कहा कि यह पुरस्कार उन सभी किसानों को समर्पित है, जो प्राकृतिक खेती अपनाकर धरती और आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित बनाने का प्रयास कर रहे हैं। युवाओं में खेती के प्रति सकारात्मक सोच सुरेश कुमार नाग को मिला यह सम्मान दंतेवाड़ा जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है और इससे युवाओं में खेती के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होने की उम्मीद है।

नशे के कारोबार पर बड़ा वार: 3 ऑपरेशन में गांजा तस्करी का पूरा जाल टूटा, 11 गिरफ्तारी

महासमुंद जिले में एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स (ANTF) ने गांजा तस्करी के खिलाफ रिकॉर्ड कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर तीन अलग-अलग मामलों में बड़ी सफलता हासिल की है। महज 6 घंटे के अंदर एंड-टू-एंड ऑपरेशन के तहत थोक विक्रेता से लेकर खरीदार तक पूरे नेटवर्क को पकड़ लिया गया। इस संयुक्त कार्रवाई में थाना सिंघोड़ा, कोमाखान और बागबाहरा क्षेत्र से कुल 132.5 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया। साथ ही 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गांजा तस्करी में प्रयुक्त 6 चार पहिया वाहन (अनुमानित कीमत 55 लाख रुपए) भी जब्त किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में मध्यप्रदेश के 5, महाराष्ट्र के 4 और ओडिशा के 2 आरोपी शामिल हैं। इस कार्रवाई में रायपुर, राजनांदगांव और महाराष्ट्र के भंडारा जिले की पुलिस के साथ बेहतर समन्वय देखने को मिला। पूरे ऑपरेशन में साइबर थाना के डाटा एनालिटिक्स और इंटेलिजेंस डेस्क की भूमिका अहम रही। वर्ष 2026 में अब तक की बड़ी उपलब्धि पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक 34 प्रकरणों में 2285 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया है, जिसकी कीमत करीब 11 करोड़ 42 लाख 74 हजार रुपए है। 35 वाहन (कीमत 1 करोड़ 20 लाख रुपए) जब्त किए जा चुके हैं। इन मामलों में 93 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 69 आरोपी अन्य राज्यों से हैं। थाना सिंघोड़ा मामला 09 फरवरी 2026 को ओडिशा के सोनपुर से गांजा तस्करी की सूचना पर नेशनल हाईवे-53 पर नाकेबंदी की गई। इस दौरान स्विफ्ट डिजायर और टाटा इंडिका कार से 52.5 किलो गांजा बरामद किया गया। जब्ती विवरण गांजा: 52.5 किलो, 2 कार (कीमत लगभग 10 लाख रुपए), 4 मोबाइल फोन, 10 हजार रुपए नकद गिरफ्तार आरोपी अमित राय – जबलपुर (म.प्र.), राजकुमार केंवट – जबलपुर (म.प्र.), प्रकाश शर्मा – जबलपुर (म.प्र.)। तीनों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20(b) के तहत मामला दर्ज किया गया है। एक आरोपी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। थाना कोमाखान मामला नाकेबंदी के दौरान बोलेरो वाहन (OD-08-P-0321) से 40 किलो गांजा बरामद किया गया। इस केस में परिवहनकर्ता, पायलट वाहन, फॉलो वाहन और गांजा मंगाने वाले सहित कुल 6 आरोपी गिरफ्तार किए गए। आरोपियों से गांजा 40 किलो (कीमत 20 लाख रुपए), 3 कार और 1 बोलेरो (कुल कीमत लगभग 50 लाख रुपए) जब्त किए गए। मामले में धारा 20(b)(2)(c), 29 NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। थाना बागबाहरा मामला वाहन चेकिंग के दौरान हुंडई वेरना कार (MP07AG8311) से 40 किलो गांजा बरामद किया गया। गिरफ्तार आरोपी सुमित श्रीवास्तव – मुरैना (म.प्र.) रीना भदौरिया उर्फ रीना तोमर – मुरैना (म.प्र.) आरोपियों से जब्ती गांजा: 40 किलो, हुंडई वेरना कार (कीमत लगभग 15 लाख रुपए)

मोर गांव मोर पानी अभियान से संवरे 45 परिवार, आजीविका और जल उपलब्धता में सुधार

रायपुर. जल संरक्षण की पहल से पांच एकड़ से अधिक भूमि में लहलहाई खेती मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी पहल मोर गांव मोर पानी अभियान आज गांवों में जल आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत एमसीबी जिले के मनेन्द्रगढ़ जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम मुख्तियारपारा में वर्षों से उपेक्षित एक अनुपयोगी स्टापडेम को नया जीवन मिला है। बहते पानी को सहेजने की इस सामूहिक कोशिश ने न सिर्फ जल संकट दूर किया बल्कि खेती, पशुपालन और ग्रामीण जीवन को नई दिशा दे दी। जब जर्जर स्टापडेम बना समस्या ग्राम मुख्तियार पारा में कई वर्ष पूर्व एक स्थानीय नाले पर निर्मित स्टापडेम समय के साथ जर्जर हो चुका था। गाद जमाव के कारण इसकी जल धारण क्षमता लगभग समाप्त हो गई थी। सर्दियों के बाद नाले का प्रवाह कम होते ही ग्रामीणों को दैनिक उपयोग तक के लिए पानी नहीं मिल पाता था। खेतों की सिंचाई तो दूर, पशुओं के लिए भी जल का संकट बना रहता था। ग्राम सभा से निकली समाधान की राह गत वित्तीय वर्ष में आयोजित ग्राम सभा में मोर गांव मोर पानी अभियान पर चर्चा हुई। ग्रामीणों ने एकजुट होकर खराब पड़े स्टापडेम के पुनरुद्धार का प्रस्ताव रखा। सामुदायिक जलभराव क्षेत्र निर्माण एवं भूमि सुधार कार्य को सर्वसम्मति से स्वीकृति मिली। महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत लगभग 4.95 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई और ग्राम पंचायत मुख्तियार पारा को निर्माण एजेंसी बनाया गया। तकनीकी निगरानी में यह कार्य समय-सीमा के भीतर सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ। जल से समृद्ध हुआ गांव का भविष्य सिल्ट हटने और भूमि सुधार कार्य के बाद स्टापडेम में जल का ठहराव पहले की तुलना में कहीं अधिक हो गया है। इसका सीधा लाभ ग्राम सलका और सिरौली के लगभग 45 परिवारों को मिल रहा है। आज यहां घरेलू उपयोग, पशुपालन और निस्तार के लिए भरपूर जल उपलब्ध है। आसपास के जलस्तर में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इस जलसंचय के कारण 8 से 10 परिवारों ने रबी फसल के साथ-साथ सब्जी उत्पादन भी शुरू कर दिया है और पांच एकड़ से अधिक कृषि भूमि सिंचित हो चुकी है। यह कहानी बताती है कि जब सरकार की योजना, ग्राम सभा की सहभागिता और श्रमशक्ति एक साथ आती है, तो अनुपयोगी संरचनाएं भी समृद्धि का आधार बन जाती हैं। मोर गांव मोर पानी अभियान के तहत किया गया यह कार्य ग्रामीण आत्मनिर्भरता, जल संरक्षण और टिकाऊ विकास की एक प्रेरणादायी सफलता की कहानी बनकर उभरा है।

अविश्वास प्रस्ताव की चेतावनी: विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला पर लगाए गंभीर आरोप

नई दिल्ली विपक्ष के सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का निर्णय लिया है। उनका आरोप है कि स्पीकर ने सदन की कार्यवाही में पक्षपाती रवैया अपनाया है और विपक्ष की आवाज़ को दबाया है। इस पर कांग्रेस नेताओं ने जमकर प्रतिक्रिया दी है और इसे संसद की परंपरा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताया है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “स्पीकर साहब का खुद निरादर किया गया है। स्पीकर साहब पर दबाव है कि उनको खुद बयान देना पड़ रहा है जो सही नहीं है। सवाल ही नहीं उठता कि पीएम पर कोई हमला करे। सरकार द्वारा उन पर दबाव डाला गया है इसलिए उन्होंने ये कहा है क्योंकि उस दिन पीएम मोदी की हिम्मत नहीं हुई सदन में आने की। इसलिए स्पीकर सफाई दे रहे हैं, ये गलत बात है।” कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा, “लोकसभा अध्यक्ष एक संवैधानिक पद है, यह सत्ताधारी पार्टी का नहीं है। जिस तरह से विपक्ष के नेता की आवाज को भेदभाव के साथ दबाया जा रहा है, वह बहुत चिंताजनक है। यह संसद है, सेंसर बोर्ड नहीं।” उनका इशारा लोकसभा में विपक्षी नेताओं की आवाज को दबाने की ओर था, जो उनके अनुसार लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने कहा कि यह मामला अब सिर्फ लोकसभा और राज्यसभा का नहीं, बल्कि सदन की परंपरा और उसकी गरिमा का है। उन्होंने यह सवाल उठाया, “क्या कभी आपने सुना है कि संसद में प्रधानमंत्री महिला सांसदों से डरते हैं? यह शर्मनाक नहीं है?” उन्होंने आरोप लगाया कि स्पीकर को इस बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए और इसी कारण विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लाने पर मजबूर है। कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी इस मुद्दे पर अपनी चिंता जाहिर की और कहा, “स्पीकर को सभी पार्टियों को साथ लेकर चलना चाहिए, लेकिन ओम बिरला ने भाजपा की पार्टी लाइन अपनाई है, जो उन्हें नहीं करना चाहिए था।” उनका मानना है कि स्पीकर को सदन की परंपरा का पालन करना चाहिए। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने अविश्वास प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “जब आएगा तो हम आपको बताएंगे।” कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, “हम बजट पर बोलने आए थे, लेकिन अब लग रहा है कि सरकार और स्पीकर संसद की कार्यवाही में कोई दिलचस्पी नहीं रखते।” कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने भी विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा, “संसद बहस और प्रक्रिया का पालन करने के लिए है। विपक्ष को देश से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए जगह देनी चाहिए। यह अविश्वास प्रस्ताव उसी का हिस्सा है।”

पूजा के दौरान हादसा: मुरैना के मंदिर में छत गिरने से 3 मासूम बच्चियों की मौत

मुरैना पूजा और प्रसाद वितरण के समय मंदिर की छत भरभरा कर गिर पड़ी। पत्थर की पटियों से बनी छत के नीचे दबने से तीन बालिकाओं की मौत हो गई, जबकि चार घायल हो गए हैं। सोमवार की दोपहर यह हादसा कैलारस थाना क्षेत्र के अहरौली गांव में हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार अहरौली गांव में चामड़ माता का मंदिर है। यह मंदिर एक कमरे जैसा बना है, जिसकी छत पटियों से बनी है। कन्याभोज के लिए जमा हुए थे बच्चे सोमवार की दोपहर एक परिवार पूजा करने आया था, पूजा के बाद कन्याभोज व प्रसाद वितरण होना था। कन्या भोज व प्रसाद के लिए गांव के बच्चे बुलाए गए, जिनमें से अधिकांश मंदिर के अंदर ही थे, उसी समय एक पटिया चटकी और उसके बाद पूरी छत भरभरा कर गिर पड़ी। हादसे में 11 साल की वैष्णवी पुत्री जीतू सिकरवार, सात वर्षीय छाया पुत्री अशोक गोस्वामी और करिश्मा पुत्री अशोक गोस्वामी उम्र नौ साल की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में चार बच्चे घायल हादसे में योगेंद्र सिंह की तीन बेटियां 12 साल की गुंजन, आठ साल की परी और छह साल की विद्या निवासी अहरौली सहित एक अन्य बच्चा घायल हो गया है। घायलों को कैलारस अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद गांव में मातम छा गया है और पीड़ित परिवारों का बुरा हाल है। राहत और बचाव कार्य जारी घटना की जानकारी मिलते ही एएसपी व अन्य अधिकारी घटना स्थल पर रवाना हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर मलबे को हटाने और स्थिति का जायजा लेने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता घायलों को समुचित उपचार दिलाने और घटना के कारणों की विस्तृत जांच करने की है।  

महाराष्ट्र में BJP की चुनावी लहर, जिला परिषद में जीत से विपक्ष को करारा झटका

मुंबई महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनावों में बड़ी जीत हासिल करने के बाद भाजपा ने एक बार फिर से परचम लहराया है। भाजपा को जिला परिषद चुनावों में 145 सीटों पर बढ़त मिली है। इसके अलावा एकनाथ शिंदे की शिवसेना 85 और अजित पवार की एनसीपी 80 सीटों पर आगे है। राज्य में कुल 731 जिला परिषद और 1462 पंचायत समिति के लिए रविवार को मतदान हुआ था। इसमें करीब 2 करोड़ वोटर शामिल हुए थे। पहले ये चुनाव 5 फरवरी को ही होने वाले थे, लेकिन डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के चलते इन्हें टाल दिया गया था और फिर 8 फरवरी को ही मतदान हुआ और आज नतीजे आ रहे हैं। अब तक मिली जानकारी के अनुसार भाजपा को सांगली, सतारा और पनवेल जैसे इलाकों में बढ़त मिली है। वहीं अजित पवार के गढ़ बारामती में एनसीपी काफी आगे है। माना जा रहा है कि एनसीपी को अजित पवार के निधन के चलते सहानुभूति लहर का फायदा मिला होगा। अजित पवार को पुणे और मराठवाड़ा क्षेत्र के बड़े नेताओं में गिना जाता था। उनकी इस इलाके में अच्छी पकड़ रही है। ऐसे में उनकी निधन के चलते सहानुभूति की लहर पैदा होने की बात भी की जा रही है। जिला परिषद की कुल 731 सीटों के चुनाव में भाजपा सबसे आगे है। उसके सहयोगी शिवसेना और एनसीपी दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं। वहीं विधानसभा चुनाव के बाद से ही निराशा झेल रहे विपक्ष को एक बार फिर झटका लगा है। यहां कांग्रेस को 30 सीटें ही मिली हैं। वहीं उद्धव ठाकरे की शिवसेना 21 सीटों पर ही बढ़त हासिल कर पाई है। पुणे, सोलापुर जैसे जिलों में एनसीपी ने बाजी मारी है। सोलापुर और पुणे में एनसीपी आगे, सहानुभूति की दिखी लहर सोलापुर में एनसीपी अब तक 24 सीटों पर आगे है। इसके अलावा पुणे में भी उसे बढ़त हासिल हुई है। सोलापुर में कांग्रेस का अब तक खाता भी नहीं खुल पाया है। अब सतारा की बात करें तो भाजपा को यहां 32 सीटों पर बढ़त है। इसके अलावा एनसीपी को 17 और शिवसेना को 10 सीटों पर बढ़त हासिल है।  

Moodys ने भारत की ताकत को किया स्वीकार, कहा- ‘भारत बना रहेगा नंबर-1’

Moodys ने भारत की GDP पर कहा- ‘भारत रुकने वाला नहीं, बने रहेगा नंबर-1’ Moodys की रिपोर्ट: भारत की GDP में होगा लगातार उछाल, विदेशी एजेंसी ने माना लोहा Moodys ने भारत की ताकत को किया स्वीकार, कहा- ‘भारत बना रहेगा नंबर-1’     नई दिल्ली भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) में दम है और ये दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ती हुई अर्थव्यवस्थाओं में टॉप पर बना रहेगा. इंडियन इकोनॉमी को लेकर ये गुड न्यूज विदेशी रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody’s Ratings) ने दी है. एजेंसी ने अनुमान जाहिर करते हुए कहा है कि वित्त वर्ष 2027 में भारत की जीडीपी ग्रोथ (India’s GDP Growth) जी-20 में शामिल सभी देशों में सबसे तेज रहेगी.  इस रफ्तार से भागेगी इंडियन इकोनॉमी भारतीय अर्थव्यवस्था के अगले वित्तीय वर्ष में मजबूत ग्रोथ के ट्रैक पर बने रहने की उम्मीद है. मूडीज ने अनुमान लगाते हुए कहा है कि FY27 देश की रियल जीडीपी ग्रोथ रेट 6.4% रहेगी और इकोनॉमी की इस रफ्तार के साथ भारत G-20 Nations में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन जाएगा. Moody’s ने इसके पीछे वजह बताते हुए कहा है कि भारत की आर्थिक ग्रोथ को स्थिर घरेलू डिमांड, बेहतर इन्वेस्टमेंट एक्टिविटीज और स्थिर व्यापक आर्थिक परिस्थितियों से समर्थन मिलेगा, जो कि कारोबारी विश्वास बढ़ने और कंपनियों को कर्ज व निवेश के लिए प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है. GST Reform का जारी रहेगा असर  मूडीज की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की ग्रोथ में संरचनात्मक सुधारों की अहम भूमिका रह सकती है. खासतौर पर जीएसटी रिफॉर्म और इनकम टैक्स में कटौती जैसे उपायों से घरेलू उपभोग को समर्थन मिलने की संभावना है. इसके साथ ही मॉनेटरी पॉलिसी से फाइनेंशियल हेल्थ भी दुरुस्त बनी रहेगी.  RBI ने भी बढ़ाया है ग्रोथ अनुमान भारतीय रिज़र्व बैंक ने भी हाल ही में भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ को लेकर पॉजिटिव रुख अपनाया है. अपनी नई मौद्रिक नीति समिति की समीक्षा रिपोर्ट में RBI ने FY2026-27 के लिए अपने प्रारंभिक ग्रोथ अनुमान को बढ़ा दिया है. केंद्रीय बैंक ने अब पहली तिमाही में रियल जीडीपी में 6.9% और Q2 में 7.0% की ग्रोथ का अनुमान जाहिर किया है. ये इससे पहले के क्रमश: 6.7% और 6.8% से ज्यादा है. रिजर्व बैंक ने भी इसके पीछे उपभोग और निवेश में निरंतर मजबूती को वजह बताया है. भारतीय कंपनियों की बैलेंस शीट फिट मूडीज के मुताबिक, मजबूत इकोनॉमी के चलते अगले 12 से 18 महीनों में वित्तीय स्थितियां स्थिर रहने की उम्मीद है. भारतीय कंपनियों की बैलेंस शीट मजबूत मानी जा रही है और यह माहौल बैंकों को बढ़ती लोन डिमांड के बावजूद अपनी इनकम के माध्यम से पर्याप्त पूंजी भंडार बनाए रखने का मौका देता है. भारत-US ट्रेड डील के फायदे रेटिंग एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में आगे कहा कि भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) के बाद निर्यात से जुड़े सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों यानी MSMEs के लिए ऑपरेशनल स्थितियों में धीरे-धीरे सुधार हो सकता है. इस समझौते से इस क्षेत्र में तनाव का जोखिम कम होने की उम्मीद है. हालांकि, जमा राशि के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ने से कम लागत वाले लो-कॉस्ट फंडिंग सोर्सों का विस्तार करने की कोशिश में लगे बैंकों के लिए चुनौतियां पैदा हो सकती हैं.  

अर्जुन कुच्छल ने जीती ओवरऑल ग्रॉस विनर रोलिंग ट्रॉफी

जयपुर रामबाग गोल्फ क्लब में आयोजित श्री पी. एम. रुंगटा मेमोरियल गोल्फ कप 2026 में अर्जुन कुच्छल ने ओवरऑल ग्रॉस विनर रोलिंग ट्रॉफी अपने नाम की। एक दिवसीय इस गोल्फ टूर्नामेंट में करीब 143 गोल्फर्स ने हिस्सा लिया। टूर्नामेंट का समापन भव्य पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ, जिसमें विभिन्न श्रेणियों और हैंडीकैप कैटेगरी के विजेताओं एवं उपविजेताओं को सम्मानित किया गया। इस टूर्नामेंट में बिज़नेस पर्सनालिटी, उद्योग जगत, न्यायपालिका, सेना और रेलवे सहित विविध पृष्ठभूमि के गोल्फर्स ने भाग लिया। प्रतियोगिता स्टेबलफोर्ड – सिंगल पियोरिया फॉर्मेट में खेली गई। इस मौके पर कपिल देव, मदन लाल, गगन खोड़ा और अमृत माथुर सहित सेलिब्रिटी गोल्फर्स भी मौजूद रहे। हैंडीकैप श्रेणियों में उपविजेता के रूप में 0–9 कैटेगरी में दीप करन सिंह, 10–18 कैटेगरी में योगेंद्र सिंह, तथा 19–24 कैटेगरी में योगेंद्र गोटेवाल रहे। हैंडीकैप श्रेणियों में विजेताओं में 0–9 कैटेगरी में हिमांशु सिंह, 10–18 कैटेगरी में देवेंद्र राजावत, तथा 19–24 कैटेगरी में अंकुर ठाकुर शामिल रहे। वेटरन गोल्फर अवॉर्ड डॉ. बसंत खेतान ने जीता, जबकि लेडी गोल्फर का खिताब विम्मी भाटिया ने अपने नाम किया। इस अवसर पर कपिल देव ने कहा, “गोल्फ के प्रति इतना उत्साह और सभी प्रतिभागियों में खेल भावना देखकर सचमुच प्रेरणा मिलती है। श्री पी. एम. रुंगटा मेमोरियल गोल्फ कप जैसे आयोजन न केवल खेल को बढ़ावा देते हैं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों को एक मंच पर भी लाते हैं। मैं सभी विजेताओं को बधाई देता हूं और आने वाले वर्षों में इस टूर्नामेंट को और आगे बढ़ते देखने के लिए उत्साहित हूं।” श्री पी. एम. रुंगटा फाउंडेशन के ट्रस्टी गौरव रुंगटा ने कहा कि यह टूर्नामेंट खेल भावना को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ गोल्फ के प्रति बढ़ते जुनून और रुचि को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि गोल्फ केवल खेल नहीं, बल्कि अनुशासन, धैर्य और रणनीतिक सोच विकसित करने का माध्यम है। उन्होंने इस खेल को अधिक लोकप्रिय बनाने और नए खिलाड़ियों को इससे जोड़ने के उद्देश्य पर जोर दिया। उन्होंने घोषणा की कि यह टूर्नामेंट हर वर्ष आयोजित किया जाएगा तथा फाउंडेशन उभरते युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और विकास के अवसर उपलब्ध कराकर सहयोग करेगा। उल्लेखनीय है कि श्री पी. एम. रुंगटा फाउंडेशन की स्थापना वर्ष 2013 में स्व. पी. एम. रुंगटा की स्मृति में की गई थी। फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल विकास के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। यह संस्कृत कॉलेजों के संचालन, आदिवासी स्कूलों के सहयोग, मिड-डे मील कार्यक्रमों और नेत्र-चिकित्सा शिविरों के आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान देता है। साथ ही फाउंडेशन युवा उभरती प्रतिभाओं को प्रायोजन के माध्यम से भी समर्थन प्रदान करता है।

छत्तीसगढ़ में होगा विकास का नया दौर: 5 मेडिकल हब और रायपुर एयरपोर्ट बनेगा कृषि कार्गो पोर्ट

रायपुर  एक दिवसीय दौरे पर  छत्तीसगढ़ पहुंचे केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि केंद्रीय बजट में छत्तीसगढ़ के विकास के लिए खजाना खोल दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पांच मेडिकल हब बनेंगे और रायपुर एयरपोर्ट को कृषि कार्गो पोर्ट के तौर पर विकसित किया जाएगा। केंद्रीय ऊर्जा, आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने सिविल लाइन स्थित न्यू सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता को संबोधित किया। उन्होंने केंद्रीय बजट को देश के अगले 25 वर्षों का फाइनेंशियल विजन बताया। सरकार के 11 वर्षों के विकास कार्यों का लेखा-जोखा साझा करते हुए उन्होंने कहा कि यह बजट आर्थिक मजबूती, इंफ्रास्ट्रक्चर और गरीब व मध्यम वर्ग के सशक्तीकरण पर केंद्रित है। प्रदेश को मिली बड़ी सौगात केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बजट में छत्तीसगढ़ को कुल 50,427 करोड़ रुपये मिले हैं। इसमें राज्य सरकार को सीधे 9,704 करोड़ रुपये और रेलवे विकास के लिए 7,770 करोड़ रुपये शामिल हैं। रेल नेटवर्क विस्तार के तहत ब्रॉडगेज और रायपुर-दुर्ग सहित कई जिलों में आधुनिक रेलवे स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा 34 हजार करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं की घोषणा की गई है। कृषि, स्वास्थ्य और पर्यावरण पर फोकस रायपुर एयरपोर्ट को कृषि कार्गो पोर्ट के रूप में विकसित किए जाने से किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। अमृत सरोवर योजना के तहत मछली पालन को बढ़ावा दिया जाएगा। कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए कार्बन कैप्चर स्टोरेज हेतु 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रदेश में एक लाख स्वास्थ्यकर्मी और 1.5 लाख परिचारक तैयार किए जाएंगे। साथ ही पांच मेडिकल हब स्थापित किए जाएंगे। शिक्षा क्षेत्र में देशभर में पांच यूनिवर्सिटी हब विकसित किए जाएंगे। केंद्र की अन्य योजनाएं बजट में 67 हजार करोड़ रुपये मुद्रा लोन के लिए, दो करोड़ आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दो करोड़ 80 लाख आवासों की स्वीकृति और स्वच्छ भारत मिशन की राशि दोगुनी की गई है। शहरी स्ट्रीट वेंडर्स के लिए 25 हजार करोड़ रुपये का भी प्रावधान किया गया है। कोयले के ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम और कार्गो कोस्टल ट्रांसपोर्टेशन पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इस अवसर पर केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, अखिलेश सोनी सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से वन अग्नि रोकथाम के लिए जनजागरूकता अभियान

रायपुर. नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से वन अग्नि रोकथाम के लिए जनजागरूकता अभियान वन अग्नि (दावानल) जंगलों के लिए एक गंभीर समस्या है। आग लगने से केवल सूखी पत्तियाँ ही नहीं जलतीं, बल्कि बीज, छोटे पौधे, झाड़ियाँ, घास और मिट्टी में मौजूद पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्व भी नष्ट हो जाते हैं। इससे जंगलों का प्राकृतिक पुनरुत्पादन प्रभावित होता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से पत्तियों और सूखी लकड़ियों के सड़ने-गलने से बनने वाले फंगस और बैक्टीरिया मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं, जो आग लगने पर नष्ट हो जाते हैं। वन अग्नि से मिट्टी की ऊपरी परत कठोर हो जाती है, जिससे वर्षा का पानी जमीन में नहीं समा पाता और जल स्तर में कमी आती है। औषधीय पौधों के नष्ट होने से वनांचल में रहने वाले लोगों की आजीविका भी प्रभावित होती है। आग के कारण वन्यजीवों का आवास नष्ट होता है, वे भटक जाते हैं और मानव-वन्यप्राणी संघर्ष की स्थिति बन सकती है। साथ ही पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है और जैव विविधता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इन दुष्प्रभावों को ध्यान में रखते हुए वनमंडल अधिकारी, खैरागढ़ द्वारा वन अग्नि की रोकथाम एवं प्रबंधन के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। वन क्षेत्रों में फायर लाइन की कटाई-सफाई, फायर वाचर्स की नियुक्ति तथा आग की सूचना मिलते ही तत्काल नियंत्रण की व्यवस्था हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी की जा रही है। बेहतर प्रबंधन के लिए वनमंडल कार्यालय खैरागढ़ में फॉरेस्ट फायर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। वन अग्नि की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर +91-9301321797 पर देने की अपील आम नागरिकों से की गई है।  इसके साथ ही महुआ वृक्षों की ब्लेजिंग कर कंट्रोल बर्निंग, गाँवों में मुनादी, दीवार लेखन, पोस्टर चस्पा करना, स्कूलों में वाद-विवाद, निबंध, चित्रकला एवं रंगोली प्रतियोगिताएँ तथा सरपंच एवं संयुक्त वन प्रबंधन समिति अध्यक्षों को पोस्टकार्ड के माध्यम से अपील जैसी नवाचारी पहल भी की जा रही है। जनजागरूकता के तहत  03 फरवरी 2026 से खैरागढ़, छुईखदान, गंडई एवं साल्हेवारा परिक्षेत्र के 36 गाँवों में नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अंचल के प्रसिद्ध कलाकारों की टीम ‘झंकार कला मंच’ पैलीमेटा द्वारा अग्नि सुरक्षा पर आधारित झांकी और प्रस्तुतियों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। 07 फरवरी 2026 को छुईखदान परिक्षेत्र के ग्राम कानीमेरा, हाटबंजा एवं बुढ़ानभाठ में आयोजित कार्यक्रमों में प्रत्येक गाँव से लगभग 200 से 250 ग्रामीणों की सहभागिता रही। झंकार कला मंच के संचालक  प्रकाश वैष्णव ने बताया कि कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को वन अग्नि से होने वाले नुकसान की जानकारी दी जा रही है तथा आग से बचाव और समय पर सूचना देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कार्यक्रमों में वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा भी ग्रामीणों से वन अग्नि रोकथाम में सहयोग करने की अपील की जा रही है। संयुक्त वन प्रबंधन समितियों की बैठकों में भी अग्नि सुरक्षा विषय पर विशेष चर्चा की जा रही है, ताकि जनसहभागिता से वन संरक्षण को और मजबूत बनाया जा सके।

राजस्थान बोर्ड अपडेट: 9वीं–11वीं की नई परीक्षा तारीख घोषित

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए कक्षा 9वीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षाओं की तिथियों में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी ताजा आदेशों के अनुसार, अब ये परीक्षाएं पहले से निर्धारित समय से पहले आयोजित की जाएंगी। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 को समय पर 1 अप्रैल 2026 से शुरू करना है। नया परीक्षा शेड्यूल रिवाइज्ड शेड्यूल के मुताबिक, राजस्थान बोर्ड की कक्षा 9वीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षाएं अब 7 मार्च से 19 मार्च 2026 के बीच आयोजित की जाएंगी। इससे पहले ये परीक्षाएं 10 मार्च से प्रस्तावित थीं। कक्षा 9वीं: परीक्षा 7 मार्च से शुरू होकर 17 मार्च 2026 तक चलेगी। कक्षा 11वीं: परीक्षा 7 मार्च से 19 मार्च 2026 तक आयोजित की जाएगी। रिजल्ट की घोषणा बोर्ड ने न केवल परीक्षा की तारीखें बदली हैं, बल्कि परिणाम घोषित करने की गति में भी तेजी लाने का निर्देश दिया है। कक्षा 9वीं और 11वीं के परिणाम 25 मार्च 2026 को जारी कर दिए जाएंगे। यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि छात्रों को अगली कक्षा में प्रवेश और नई किताबों की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके। ऑटोमैटिक प्रमोशन पॉलिसी खत्म: 5वीं और 8वीं के लिए नए नियम परीक्षा तिथियों में बदलाव के साथ ही राजस्थान शिक्षा विभाग ने एक और बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। अब राज्य में कक्षा 5वीं और 8वीं के छात्रों के लिए ‘ऑटोमैटिक प्रमोशन’ (नॉन-डिटेंशन पॉलिसी) को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। अनिवार्य पासिंग मार्क्स: अब इन कक्षाओं के छात्रों को अगली कक्षा में प्रमोट होने के लिए न्यूनतम पासिंग मार्क्स लाने होंगे। इम्प्रूवमेंट का मौका: यदि कोई छात्र असफल होता है, तो उसे 45 दिनों के भीतर ‘इम्प्रूवमेंट एग्जाम’ देने का एक अवसर दिया जाएगा। यदि वह इसमें भी पास नहीं होता, तो उसे उसी कक्षा में रुकना होगा। अभिभावकों और छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे टाइम टेबल के लिए बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर नियमित रूप से नजर रखें या अपने संबंधित स्कूलों से संपर्क करें।  

एशियन राइफल/पिस्टल चैंपियनशिप: शूट-ऑफ में गोल्ड से चूकीं मनु भाकर, ईशा ने जीता ब्रॉन्ज

नई दिल्ली एशियन राइफल/पिस्टल चैंपियनशिप में सोमवार को 25 मीटर विमेंस पिस्टल का रोमांचक फाइनल खेला गया, जिसमें मनु भाकर को वियतनाम की थुय ट्रांग गुयेन से हार का सामना करना पड़ा। इसी के साथ मनु ने गोल्ड मेडल जीतने का मौका भी गंवा दिया। डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में यह फाइनल दो शूट-ऑफ के बाद तय हुआ। फाइनल में, ईशा सिंह ने पहली सीरीज में परफेक्ट पांच शॉट लगाए, जबकि मनु और थुय ट्रांग ने चार-चार शॉट लगाए। कड़े मुकाबले वाले फाइनल में हर सीरीज के बाद तीनों निशानेबाज मेडल की पोजीशन बदल रहे थे। भारतीय निशानेबाज वियतनामी निशानेबाज पर दबाव बना रहे थे, लेकिन छठी सीरीज में परफेक्ट पांच शॉट लगाकर उन्होंने दो अंकों की बढ़त बना ली। मनु और ईशा ने गुयेन की सातवीं सीरीज में एक शॉट का फायदा उठाकर अंतर कम किया। ईशा आठवीं सीरीज के अंत में 30 अंकों के साथ आगे चल रही थीं। वह नौवीं सीरीज में अपने सभी शॉट चूक गईं, जिसके चलते उन्हें ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा। आखिरी सीरीज में, मनु ने तीन शॉट लगाए, जबकि गुयेन ने दो शॉट लगाए और फाइनल 35 शॉट पर खत्म हुआ, जिससे मुकाबला शूट-ऑफ में चला गया। पहले शूट-ऑफ में, दोनों निशानेबाजों ने दो-दो शॉट लगाए, और अगले शूट-ऑफ में मनु तीन शॉट चूक गईं और गोल्ड मेडल से चूक गईं। फाइनल में तीसरी भारतीय, रिदम सांगवान चौथे स्थान पर रहीं। दूसरी ओर, ईशा सिंह ने चैंपियनशिप में अपना दूसरा व्यक्तिगत मेडल जीता, उन्होंने ब्रॉन्ज पर निशाना साधा। नाम्या कपूर ने जूनियर कैटेगरी में एक और कड़े शूट-ऑफ में गोल्ड मेडल जीता, जबकि अंजलि भागवत ने इसी इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। इसी के साथ भारत के कुल मेडल की संख्या 60 हो गई है, जिसमें 37 गोल्ड, 13 सिल्वर और 10 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। जूनियर फाइनल में, नाम्या कपूर ने शूट-ऑफ में गोल्ड मेडल जीता। वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल जीतने वाली सबसे युवा भारतीय निशानेबाज ने 29 शॉट लगाए, जो इंडोनेशिया की रिहादतुल अस्यिफा के बराबर थे। युवा निशानेबाज ने शूट-ऑफ में अपना संयम बनाए रखा, उन्होंने तीन शॉट लगाए जबकि अस्यिफा अपने सभी शॉट चूक गईं। अंजलि भागवत ने 24 के स्कोर के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। टॉप स्थान पर रहकर फाइनल के लिए क्वालीफाई करने वालीं पारिशा गुप्ता 14 के स्कोर के साथ पांचवें स्थान पर रहीं। भारतीय टीमों ने सीनियर और जूनियर दोनों कैटेगरी में गोल्ड मेडल भी हासिल किया।

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