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पांच साल में विकसित बनेगा बस्तर

रायपुर. बस्तर पंडुम के विजेताओं को किया गया सम्मानित केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह ने कहा कि बस्तर भारत की संस्कृति का आभूषण है। बस्तर पण्डुम के माध्यम से यहां की संस्कृति और गौरवशाली परंपरा को छत्तीसगढ़ सरकार ने नए प्राण देने का काम किया। बस्तर पंडुम 2026 के सभी विजेताओं को केंद्रीय गृहमंत्री  शाह और मुख्यमंत्री  साय ने  सम्मानित किया। केंद्रीय गृहमंत्री ने बताया कि इसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले लोक कलाकारों को राजधानी दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित किया जाएगा, जहां उन्हें अपनी कला का प्रदर्शन करने और सहभोज करने का अवसर भी मिलेगा। केंद्रीय गृहमंत्री  शाह ने जनजातीय कला एवं संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन तथा जनजातीय प्रकृति व परंपरा का उत्सव बस्तर पण्डुम के तीन दिवसीय संभाग स्तरीय आयोजन के समापन अवसर पर आज जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर संभाग के 07 जिले के 32 जनपद पंचायतों और 1885 ग्राम पंचायतों के 53 हजार से अधिक लोक कलाकारों ने 12 विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इन्हीं लोक संस्कृति को आगे बढ़ाने का कार्य बस्तर पण्डुम 2026 के माध्यम से राज्य की सरकार द्वारा किया जा रहा है।   आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक विरासतों को पुनर्जीवित करने धरती आबा योजना        शाह ने कहा कि बस्तर जैसी संस्कृति विश्व के किसी देश में नहीं है और इसे प्रभु  राम के समय से संजोकर यहां के लोगों ने अक्षुण्ण बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने देश के 700 से अधिक जनजातियों की आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक विरासतों को पुनर्जीवित करने धरती आबा योजना और पीएम जनमन योजना जैसी अनेक योजनाएं लागू की।  शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हमारी लड़ाई किसी से नहीं बल्कि यहां की भोली-भाली आदिवासी जनता को सुरक्षा देना है। माओवाद उन्मूलन की समय सीमा अभी भी वही है। जवानों के अदम्य साहस और बहादुरी से 31 मार्च 2026 तक हो माओवाद को घुटने टेकने पड़ेंगे। उन्होंने प्रदेश में संचालित की जा रही नक्सल पुनर्वास नीति की सराहना करते हुए कहा कि पुनर्वास केंद्रों में उन्हें रोजगारमूलक और सृजनात्मक गतिविधियों से भी जोड़ा जा रहा है।  40 गांवों के स्कूलों में गोलियों की आवाज की जगह स्कूल की घंटियां सुनाई देती है केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के तहत प्रदेश सरकार लगातार माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में रोडमैप तैयार कर सड़क, पुल पुलिया, मोबाईल टॉवर स्थापित करने के साथ-साथ राशन वितरण, शुद्ध पेयजल, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड बना रही है। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग के माओवाद प्रभावित गांवों में लाल आतंक के चलते विकास से कोसों दूर थे, वहां के 40 गांवों में स्कूल फिर से खोले गए। अब वहां गोलियों की आवाज की जगह स्कूल की घंटियां सुनाई देती हैं।   दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिले में 02 लाख 75 हजार एकड़ जिले में सिंचाई के लिए 220 मेगावॉट बिजली उत्पादन का कार्य शीघ्र प्रारंभ    शाह ने मंच से जानकारी दी कि बस्तर जिले में 118 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किया जाएगा तथा पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिले में 02 लाख 75 हजार एकड़ में सिंचाई के लिए 220 मेगावॉट बिजली उत्पादन का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। वहीं दूरस्थ अंचलों को मुख्यालयों से जोड़ने के लिए रेल परियोजनाओं और नदी जोड़ो परियोजना को विस्तार दिया जाएगा। बस्तर पंडुम एक आयोजन बस नहीं है, यह बस्तर की पहचान का उत्सव- मुख्यमंत्री  साय मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने बस्तर पंडुम के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि माता दंतेश्वरी से ही बस्तर की पहचान है। बस्तर पंडुम एक आयोजन बस नहीं है, बल्कि यह बस्तर की पहचान का उत्सव है। उन्होंने छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर के प्रति गृह मंत्री  अमित शाह के स्नेह और लगाव के लिए आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली बार भी  शाह की मौजूदगी ने बस्तरवासियों का हौसला बढ़ाया था और आज फिर उनकी उपस्थिति ने कलाकारों और यहां के लोगों में नई ऊर्जा भर रही है। समृद्ध संस्कृति को देश- दुनिया के सामने लाने बस्तर पंडुम का आयोजन        साय ने कहा कि बस्तर की समृद्ध संस्कृति को देश- दुनिया के सामने लाने बस्तर पंडुम में भाग लेने वाले सभी कलाकारों, प्रतिभागियों को बधाईयां। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष 47 हजार कलाकारों ने बस्तर पंडुम में भाग लिया और इस वर्ष 54 हजार से अधिक कलाकारों ने इसमें हिस्सा लिया है और बस्तर की संस्कृति, खान-पान, वेशभूषा, स्थानीय साहित्य, लोकनृत्य, गीत, शिल्प, बस्तरिया पेय, औषधि चित्रकला, वाद्ययंत्र, नाटक की विद्या सहित 12 विद्याओं का प्रदर्शन कलाकारों के द्वारा किया गया। बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर की समृद्ध संस्कृति को देश-दुनिया के समक्ष प्रदर्शित करने और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का काम किया गया। बस्तर के विकास की चर्चा देश भर में मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बस्तर अब संभावनाओं की भूमि बन चुकी है। यह नए भारत का नया बस्तर है। प्रधानमंत्री जी के प्रयासों से बस्तर के विकास की चर्चा देश भर में हो रही है। उन्होंने कहा कि पहले बस्तर की चर्चा देश भर में माओवादी के नाम से होती थी, किन्तु अब बस्तर की संस्कृति, पर्यटन और समृद्ध विरासत की चर्चा होने लगी है। बस्तर तरक्की की एक नई सुबह देखने को मिल रही है मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बस्तर की सुंदर धरती लंबे समय तक नक्सलवाद की पीड़ा से गुजरी है। गौर, माड़िया, मुरिया, भतरा, धुरवा, गोंड जैसे विभिन्न नृत्य की लय धीमी पड़ गई थी, मांदर की थाप खामोश हो गई थी, लेकिन आज बस्तर बदल रहा है। यहां तरक्की की एक नई सुबह देखने को मिल रही है।   साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है और मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से खत्म करेंगे।  आत्म समर्पण नीति के तहत सम्मान के साथ पुनर्वास मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों ने घने जंगलों में, विपरीत परिस्थितियों में, अपनी जान की परवाह किए बिना नक्सलवाद पर कड़ा प्रहार कर रहे हैं। नियद नेल्ला … Read more

इशिता दत्ता ने 60 दिन में 15 किलो वजन घटाया: ‘दृश्यम’ एक्ट्रेस ने खुद शेयर किया वजन घटाने का राज

 मुंबई  फिल्म दृश्यम में अजय देवगन की बड़ी बेटी का रोल निभाकर फेम पाने वाली एक्ट्रेस इशिता दत्ता अपने वेट लॉस को लेकर चर्चा में बनी हुई हैं. दो बच्चों की मां इशिता ने हाल ही में बताया है कि कैसे दूसरी डिलीवरी के बाद उन्होंने 2 महीने में 15 किलो वजन कम  किया था. अक्सर ही प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं का वजन तेजी से बढ़ने लगता है, जिसे कम करना सबसे मुश्किल होता है. डिलीवरी के बाद भी वजन घटने की बजाय स्पीड से बढ़ता है,लेकिन इशिता का महज 2 महीने में ही काफी घट गया था. आखिर इसके पीछे की क्या वजह थी, अब एक्ट्रेस ने खुद खुलासा किया है.  प्रेग्नेंसी के दौरान क्या मुश्किलें आईं? इशिता ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर की है, जिसमें उन्होंने बताया कि उनकी प्रेग्नेंसी के पहले दो ट्राइमेस्टर बहुत अच्छे रहे, जिसमें वो घूमीं, काम किया, अच्छा खाना खाया और सब कुछ नॉर्मल था. लेकिन छठे महीने में उन्हें प्रीमैच्योर डिलीवरी का खतरा हो गया, जिसके कारण डॉक्टरों ने उन्हें पूरा बेड रेस्ट की सलाह दे दी थी.  प्रेग्नेंसी में पता चली नई बीमारी इशिता ने बताया कि प्रेंग्नेंसी के दौरान उनको एक दिन तेज पेट में दर्द हुआ था, कई बार हॉस्पिटल तक जाना पड़ा. तब टेस्ट में मालूम चला कि उनको गॉलब्लैडर स्टोन यानी पित्त की पथरी हो गई है. अब उनके लिए मुश्किल यह थी कि वो प्रेग्नेंट थी और ऐसे में ना तो उनका ऑपरेशन हो सकता था और ना ही वो कोई पेन किलर खा सकती थीं.  उसके बाद उनके लिए प्रेग्नेंसी उनके लिए बहुत दर्दभरी रही, उनको असहनीय दर्द होता था. फिर आठवें महीने में ही उन्होंने अपनी बेटी को जन्म दिया. हालांकि यहां भी उनकी मुश्किलें कम नहीं हुई, क्योंकि डॉक्टर ने साफ कहा कि डिलीवरी के बाद एकदम से सर्जरी नहीं कर सकते हैं. वह ब्रेस्टफीडिंग कर रही थीं और शरीर को रिकवर होने में समय लग रहा था, इसलिए लगभग 40 दिन बाद गॉलब्लैडर का ऑपरेशन हुआ.  वेट लॉस की पीछे का असली सच इशिता ने बताया कि ऑपरेशन के बाद भी धीरे-धीरे ही उनकी रिकवरी हुई और इस दौरान उनको सख्त डाइट फॉलो करनी पड़ी. इसलिए उनका वजन किसी डाइट प्लान या एक्सरसाइज से नहीं, बल्कि बीमारी, सर्जरी, बैलेंस डाइट और लंबे समय की रिकवरी की वजह से कम हुआ. यह कोई  मैजिक या शॉर्टकट नहीं है.       

उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र शुरू, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने पहले दिन किया संबोधन

राज्यपाल अभिभाषण-Copy 2 उत्पादन, उत्पादकता और कृषि अर्थव्यवस्था तीनों मोर्चों पर तेजी से आगे बढ़ रहा है उत्तर प्रदेश: राज्यपाल लखनऊ विधानमंडल के संयुक्त अधिवेशन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने अभिभाषण में उत्तर प्रदेश के विकास की व्यापक और तथ्यपरक तस्वीर प्रस्तुत की। उन्होंने ऊर्जा आपूर्ति से लेकर कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था, गन्ना किसानों के भुगतान, पशुपालन, पर्यावरण संरक्षण, खनन सुधार, सार्वजनिक परिवहन, सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, शहरी आवास और श्रमिक कल्याण तक सरकार की नीतियों और उनके ठोस परिणामों को क्रमबद्ध रूप से प्रस्तुत किया।  रोशनी, भरोसा और राहत राज्यपाल ने ऊर्जा क्षेत्र में हुए व्यापक सुधारों को रेखांकित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन दर्ज किया गया है। वर्तमान में नगरीय मुख्यालयों को 24 घंटे, तहसील मुख्यालयों को 21 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों को 19 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। ‘इंटेंसिव डिस्ट्रीब्यूशन स्कीम’ के अंतर्गत अब तक 59.83 लाख स्मार्ट/इलेक्ट्रिक मीटर स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 37.45 लाख पुराने मीटरों का प्री-पेड में प्रतिस्थापन किया गया है। राज्यपाल ने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले नौ वर्षों में बिजली दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई, जिससे उपभोक्ताओं को स्थायी राहत मिली है और ऊर्जा क्षेत्र में भरोसे का वातावरण मजबूत हुआ है। अन्नदाता की ताकत, प्रदेश की प्रगति राज्यपाल ने कृषि क्षेत्र में हुई ऐतिहासिक प्रगति का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आज उत्पादन, उत्पादकता और कृषि अर्थव्यवस्था तीनों मोर्चों पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2016–17 में 557.46 लाख मीट्रिक टन रहा खाद्यान्न उत्पादन 2023–24 में बढ़कर 670.80 लाख मीट्रिक टन हो गया, और 2024–25 में यह 737.40 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचा। कृषि क्षेत्र के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में भी उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया है, जो 2016–17 में ₹2.96 लाख करोड़ से बढ़कर वर्तमान में ₹6.95 लाख करोड़ हो गया है। यह 135 प्रतिशत वृद्धि के साथ लगभग 18 प्रतिशत वार्षिक विकास दर को दर्शाता है। बागवानी बना ग्रामीण समृद्धि का मजबूत आधार बागवानी क्षेत्र में भी प्रदेश ने नई ऊंचाइयां छुई हैं। खेती का क्षेत्रफल 21.40 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 26 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जबकि उत्पादन 3.80 करोड़ मीट्रिक टन से बढ़कर 6 करोड़ मीट्रिक टन हो गया है। बागवानी उत्पादों के निर्यात में ₹400 करोड़ से बढ़कर ₹1,700 करोड़ तक की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इन उपलब्धियों का सीधा लाभ किसानों को मिला है, जिससे फलों और सब्जियों से किसानों की आय ₹41,000 करोड़ से बढ़कर ₹1,25,000 करोड़ तक पहुंच गई है। गन्ना किसानों को रिकॉर्ड भुगतान, चीनी उद्योग को नई मजबूती राज्यपाल ने चीनी उद्योग और गन्ना किसानों को लेकर सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश ने गन्ना मूल्य भुगतान के क्षेत्र में अभूतपूर्व कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 के बाद से अब तक किसानों को ₹3,04,321 करोड़ से अधिक का भुगतान किया गया है, जो 1995 से 2017 के बीच हुए कुल भुगतान ₹2,13,519 करोड़ से ₹90,802 करोड़ अधिक है। राज्यपाल ने बताया कि 2017 के बाद पिपराइच, मुंडेरवा और रामाला में तीन नई चीनी मिलों की स्थापना से प्रदेश की पेराई क्षमता में प्रतिदिन 1.25 लाख क्विंटल की वृद्धि हुई है। किसानों के हित में गन्ना मूल्य में ₹30 प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है, वहीं गन्ना उत्पादकता 72.38 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर से बढ़कर लगभग 84 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर तक पहुंच गई है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 59.75 करोड़ पौध किसानों तक पहुंचाई गईं तथा ₹76.88 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। इन समन्वित प्रयासों का परिणाम है कि चीनी उद्योग और गन्ना क्षेत्र से जुड़े 10 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। गो-कल्याण ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दी नई मजबूती राज्यपाल ने पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में गो-कल्याण को केवल संरक्षण नहीं, बल्कि स्थायी आजीविका के सशक्त माध्यम के रूप में विकसित किया गया है। प्रदेश के 7,497 गो-आश्रय स्थलों में 12,38,547 निराश्रित गोवंश की देखभाल की जा रही है। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना और पोषण मिशन के अंतर्गत 1,81,418 गोवंश गो-पालकों को सुपुर्द किए गए हैं, जिससे 1,13,631 परिवारों को स्थायी आजीविका प्राप्त हुई है। गो-पालन को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए प्रति पशु प्रतिदिन ₹50 की दर से सहायता राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जा रही है, जिसके अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025–26 में अब तक ₹1,484 करोड़ से अधिक का भुगतान किया गया है। इन समन्वित प्रयासों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ठोस आधार मिला है और पशुपालन आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रभावी साधन बनकर उभरा है। जनभागीदारी से मजबूत हुआ पर्यावरण संरक्षण राज्यपाल ने वनों और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में प्रदेश की उल्लेखनीय उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए बताया कि वर्ष 2017 के बाद से अब तक 242.13 करोड़ पौधों का रोपण किया जा चुका है, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश का वनावरण बढ़कर 9.96 प्रतिशत तक पहुंच गया है। पर्यावरण संरक्षण को केवल सरकारी अभियान न मानकर सामाजिक जनभागीदारी से जोड़ने की रणनीति ने उत्तर प्रदेश को इस क्षेत्र में एक प्रभावी और अनुकरणीय मॉडल के रूप में स्थापित किया है। पौधरोपण, संरक्षण और संवर्धन के समन्वित प्रयासों से प्रदेश ने सतत विकास और पर्यावरणीय संतुलन की दिशा में ठोस प्रगति की है। पारदर्शी खनन से बढ़ा राजस्व राज्यपाल ने खनन क्षेत्र में किए गए व्यापक सुधारों का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2017 के बाद से अब तक प्रदेश को ₹28,920 करोड़ का खनन राजस्व प्राप्त हुआ है, जबकि 2012–17 की अवधि में यह मात्र ₹7,712 करोड़ था। तकनीक-सक्षम निगरानी, ई-टेंडरिंग और पारदर्शी नीलामी व्यवस्था के चलते न केवल राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, बल्कि अवैध खनन पर भी प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित हुआ है। -सार्वजनिक परिवहन को नई गति* उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए राज्यपाल ने बताया कि निगम की 13,621 बसों ने 103.37 करोड़ किलोमीटर का संचालन किया, जिससे 37.10 करोड़ यात्रियों को सुरक्षित और सुलभ परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। इस कुशल प्रबंधन के परिणामस्वरूप निगम ने ₹3,810.63 करोड़ का राजस्व अर्जित किया, जो … Read more

जैद मसूद बने मिस्टर भोपाल संभाग 2026

भोपाल गत दिवस मानस भवन भोपाल में भोपाल संभाग 2026 प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें भोपाल संभाग के लगभग 200 खिलाड़ियों ने सहभागिता की इस प्रतियोगिता में फिटनेस 365 जिम के जेद मसूद ने चैंपियन का चैंपियन का खिताब अपने नाम किया बेस्ट पोजर का खिताब फिटनेस हेडक्वार्टर के सिकंदर खान के नाम रहा बेस्ट इंप्रूव जकी अली एवं मोस्ट मस्कुलर उदय सिंह चौहान बॉडी ग्रो हेल्थ केयर विदिशा के नाम रहा। सभी टाइटल होल्डर खिलाड़ियों को नगद पुरस्कार भी दिया गया। प्रतियोगिता के निर्णायक आशीष टॉक,माज कुरैशी , गोविंद गौरव, सीमा वर्मा एवं शराफत खान रहे प्रतियोगिता में मेंस फिजिक चैंपियनशिप का भी आयोजन किया गया जिसमें लगभग 60 खिलाड़ियों ने भाग लिया एवं इस टाइटल  को जैद अली फिटनेस 365 जिम ने अपने नाम किया। प्रतियोगिता के अन्य विजेता इस प्रकार रहे 55 किलो वर्ग में मूवीस कुरैशी फिटनेस हैडक्वाटर प्रथम असलम कुरैशी फिटनेस फॉरएवर द्वितीय निलेश कैलाश चौधरी अलेक्स जिम तीसरे स्थान, 60 किलो वर्ग में विशाल तोमर हंड्रेड क्रंचेज भोपाल प्रथम अभिषेक बंगाली मसाला फैक्ट्री जिम एवं आजाद खान टाइगर फिटनेस तीसरे स्थान पर रहे 65 किलो में उदय सिंह चौहान बॉडी ग्रो हेल्थ केयर विदिशा प्रथम मेघ श्याम धुरी इन शॉप फिटनेस क्लब द्वितीय एवं राकेश लोधी रूटिंग फिटनेस तीसरे स्थान पर रहे 70 किलो में मोहित चौरसिया फिटनेस हैडक्वाटर प्रथम अंकित परस्ते फ्लैश फिटनेस द्वितीय एवं सागर अठवाले शिवाय द फिटनेस क्लब तीसरे स्थान पर रहे 75 किलो कैटेगरी में जकी अली फिटनेस 365 प्रथम असीम फिटनेस हेडक्वार्टर द्वितीय एवं अरशद खान भारत जिम तीसरे स्थान पर रहे 80 किलो में जेद मसूद फिटनेस 365 प्रथम सलमान डी मार्क फिटनेस द्वितीय एवं मोहम्मद नईम टाइगर फिटनेस तृतीय स्थान पर रहे 85 किलो वर्ग में सिकंदर खान फिटनेस हेडक्वार्टर प्रथम संजय सिंह विआईपी फिटनेस द्वितीय एवं मोहम्मद अबरार फिटनेस 365 तीसरे स्थान पर रहे प्लस 85 कैटेगरी में दीपेंद्र गौर से फिटनेस प्रथम माधव इंगले एब्सलूट जिम द्वितीय एवं युसूफ अली स्मार्ट न्यू बॉडी शेप जिम तृतीय स्थान पर रहे।  सभी विजेता खिलाड़ियों को भोपाल जिला संगठन के प्रेसिडेंट राजेंद्र राहूरिकर, आजम खान,इसरार मलिक, गीत धीर, अभय सिंह चौहान शकील खान, अतुल व्यास जी द्वारा पुरस्कृत किया गया।

भारतीय टेनिस का नया सितारा दक्षिणेश्वर सुरेश, डेविस कप में ऐतिहासिक जीत से टीम को दिलाई सफलता

 बेंगलुरु भारतीय टेनिस के उभरते सितारे दक्षिणेश्वर सुरेश ने डेविस कप में ऐसा कमाल कर दिया, जिसकी चर्चा अब हर तरफ हो रही है. बेंगलुरु में आयोजित नीदरलैंड्स के खिलाफ वर्ल्ड ग्रुप-I मुकाबले में इस 25 वर्षीय खिलाड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 3-2 से जीत दिलाई. नीदरलैंड्स के खिलाफ ये जीत ऐतिहासिक रही क्योंकि डच टीम की वर्ल्ड रैंकिंग 6 है, जबकि भारत 33वें नंबर पर है, इस जीत के बाद सुरेश मौजूदा भारतीय टेनिस के सबसे बड़े हीरो बनकर उभरे हैं. शुरुआत में दक्षिणेश्वर सुरेश को इस मुकाबले का मुख्य चेहरा नहीं माना जा रहा था, लेकिन रविवार तक आते-आते उन्होंने पूरी कहानी बदल दी. ‘डीके’ के नाम से मशहूर सुरेश ने अपने खेले तीनों मुकाबले जीते. उन्होंने दोनों सिंगल्स मैच तो अपने नाम किए ही, साथ ही युकी भांबरी के साथ डबल्स मुकाबला भी जीता. उनके इस प्रदर्शन ने भारत को डेविस कप के क्वालिफायर राउंड-2 में पहुंचा दिया. यह नए डेविस कप फॉर्मेट में टीम की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. सीरीज का सबसे अहम पल निर्णायक पांचवें मुकाबले में आया, जहां दक्षिणेश्वर सुरेश ने गाय डी ओडेन को 6-4, 7-6(4) से हराकर भारत की जीत पक्की की. आखिरी शॉट के बाद वे कोर्ट पर ही लेट गए और फिर साथियों ने उन्हें घेरकर जश्न मनाया. दक्षिणेश्वर सुरेश कौन हैं? तमिलनाडु के मदुरै से आने वाले 6 फीट 5 इंच लंबे दक्षिणेश्वर सुरेश आधुनिक पावर-बेसलाइनर खिलाड़ी हैं. उनका खेल तेज सर्विस, दमदार फोरहैंड और बेसलाइन से रैलियों पर नियंत्रण बनाने पर आधारित है. पारंपरिक भारतीय ‘वॉली’ स्टाइल से अलग उनका आक्रामक अंदाज उन्हें खास बनाता है. उनका टेनिस सफर अमेरिकी कॉलेज सिस्टम से होकर गुजरा. उन्होंने जॉर्जिया ग्विनेट कॉलेज में कई एनएआईए खिताब जीते और बाद में वेक फॉरेस्ट यूनिवर्सिटी में एनसीएए डिवीजन-I टेनिस खेलते हुए ऑल-अमेरिकन सम्मान हासिल किया. कॉलेज टेनिस के कठिन माहौल ने उनके मानसिक संतुलन और फिटनेस को मजबूत बनाया, जिसका फायदा डेविस कप में साफ नजर आया. 2025 के आखिर और 2026 की शुरुआत दक्षिणेश्वर सुरेश के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई. बेंगलुरु ओपन में उन्होंने कई बड़े उलटफेर किए और ऊंची रैंकिंग वाले खिलाड़ियों को हराया. जनवरी 2026 में उनकी रैंकिंग दुनिया में 460 के आसपास पहुंच गई. उनके शानदार प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें 2025 में ITD मेल प्लेयर ऑफ द ईयर भी चुना गया. अब नीदरलैंड्स के खिलाफ डेविस कप में तीन मैच जीतकर उन्होंने खुद को भारतीय टेनिस के नए स्टार के रूप में स्थापित कर दिया है. भारत की इस जीत ने टीम के आत्मविश्वास को और बढ़ाया है और फैन्स को एक नया नाम मिल गया है, जिस पर आने वाले वर्षों में सबकी नजर रहने वाली है.  

बेहद सम्मानजनक पल: कैबिनेट मंत्री ने रिपोर्टर के पैर छूकर किया सम्मान, वीडियो हुआ वायरल

नरसिंहपुर  नरसिंहपुर जिले के बम्होरी में एक अस्पताल के उद्घाटन के दौरान मंच पर एक अद्भुत नजारा देखने को मिला. यहां नन्ही रिपोर्टर छवि विश्वकर्मा ने पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल का इंटरव्यू लिया. छवि के बेबाक अंदाज में पूछे गए सवालों ने मंत्री जी को यह कहने पर मजबूर कर दिया कि लगता है नर्मदा जी का असर आप पर भी है, इसीलिए आप इतना अच्छा प्रश्न पूछ पा रही हैं.  रिपोर्टर छवि ने जब संगम की ऊर्जा पर सवाल किया, तो मंत्री पटेल ने समझाया कि जहां संगम होता है, वहां जीवन की संभावना होती है और उद्गम पर अपूर्व ऊर्जा. चाहे पहाड़ों का संगम हो या नदियों का या फिर चाहे स्त्री-पुरुष का हो, वहां जीवन की संभावना रहती है, इसलिए संगम पर लोग स्नान करने जाते हैं, लेकिन उनको कारण पता नहीं होता. हर गृहस्थ को जीवन चाहिए. जीवन में खुशियां चाहिए, इसलिए वो तीर्थों पर जाता है जहां संगम होते हैं.   छवि ने जब नर्मदा परिक्रमा के दौरान एक भील द्वारा आटा दान करने वाली कहानी पूछी, तो मंत्री हैरान रह गए. उन्होंने चौंकते हुए नन्हीं छवि से पूछा कि आपको किसने बताया? इस पर बालिका ने कहा कि दीदी और पिताजी ने.   इसके बाद जवाब में मंत्री ने कहा, ”उस नशे में धुत भील ने अपनी आधी खुराक दान कर दी थी, जो दुनिया का सबसे बड़ा दान है. वहीं उनके गुरु ने सिखाया कि खुद आधा खाने से बेहतर है किसी दूसरे को पूरी रोटी मिल जाए…” जब छवि ने पूछा कि आप किस रूप में ज्यादा खुश हैं, तो प्रहलाद पटेल ने मुस्कुराते हुए कहा, “रेवा (नर्मदा) दोधारी तलवार है, यह जोग (योग) भी देती है और भोग भी. मैं दोनों के तालमेल में खुश हूं.”  देखें VIDEO:-  छवि विश्वकर्मा के सवाल पूछने के स्टाइल और उनके आत्मविश्वास की रील सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है. खुद कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल भी इस नन्ही प्रतिभा के कायल हो गए और उन्होंने अपने ऑफिशियल फेसबुक पेज पर इस पूरे इंटरव्यू को पोस्ट किया है. यही नहीं, इंटरव्यू खत्म होने के बाद मंत्री ने नन्ही रिपोर्टर को चरण छूकर प्रणाम किया. मोहन सरकार के मंत्री प्रहलाद पटेल ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ”आयुर्वेद औषधालय के लोकार्पण पर एक 12 वर्ष की बेटी छाया विश्वकर्मा ने मेरा इंटरव्यू लिया. उनके प्रश्नों ने मुझे, उनके चरणों में झुका दिया. मैंने विनोदवश पूछा कि आप किस चैनल से हैं? तो उन्होंने कहा- मेरा ही चैनल है. मुझे आपका इंटरव्यू लेना है.” 

विशाखापत्तनम-रायपुर भारतमाला घोटाला: 43 करोड़ की अनियमितता, EOW बाकी खसरा की जांच से क्यों कतरा रही?

रायपुर विशाखापत्तनम-रायपुर भारतमाला इकोनामिक कारिडोर में अभनपुर के आसपास के जिन छह गांवों की जमीन के अधिग्रहण में मुआवजा घोटाले की शिकायत हुई है, उनमें सभी खसरों की जांच नहीं हो पाई है। जबकि 12 खसरों की जांच में ही 43 करोड़ रुपये की गड़बड़ी सामने आ चुकी है। चार वर्ष पूर्व सबसे पहले लगभग 53 खसरों की एक साथ शिकायत की गई थी। पिछले कुछ महीनों में 16 खसरा नंबरों की और शिकायत हुई है। अब गड़बड़ी वाले खसरों की संख्या बढ़कर 69 हो गई है। 12 खसरों की जांच में ही बड़े-बड़े नाम घोटाले में लिप्त पाए गए हैं। अब शेष 63 खसरों में खेल करने वाले अफसरों की भूमिका जांच के घेरे में है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) के अधिकारियों का कहना है कि जांच का दायरा बढ़ाते हुए जल्द ही अन्य खसरों की जांच शुरू की जाएगी। जांच की कछुआ चाल और सिस्टम पर सवाल जुलाई 2022 में पहली बार शिकायत होने के बाद शासन ने जांच के आदेश तो दिए, लेकिन कार्रवाई की गति बेहद संदिग्ध रही। 14 माह की लंबी जांच के बाद भी नतीजा ‘ढाक के तीन पात’ ही रहा। स्थिति यह है कि ग्राम झांकी में 16 संदिग्ध खसरों में से 12 सरकारी भूमि के हैं, जिनका मुआवजा निजी बताकर उठा लिया गया। इसी तरह ग्राम नायक बांधा में 31 खसरों की शिकायत हुई, लेकिन जांच केवल छह की हुई। यहां जमीन को 247 टुकड़ों में बांटने की शिकायत है, जबकि ग्राम टोकरो के आठ संदिग्ध खसरों में से केवल एक की जांच हो सकी है। अब ईडी की चौखट पर पहुंचा मामला लगातार शिकायतों के बावजूद जब स्थानीय प्रशासन और राजस्व अधिकारियों ने ठोस कार्रवाई नहीं की, तो अब मामले की शिकायत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में की गई है। रिकार्ड बताते हैं कि 38 किलोमीटर के दायरे में आने वाली जमीनों को करीब 561 भागों में बांटा गया है, ताकि मुआवजे की राशि को कई गुना बढ़ाया जा सके। इसमें सरकारी जमीन को निजी दिखाकर हड़पने का आरोप है। दुर्ग-अभनपुर बायपास : 1,196 खसरों पर खामोशी सिर्फ मुख्य कारिडोर ही नहीं, बल्कि दुर्ग-अभनपुर बायपास में भी भारी अनियमितता की बू आ रही है। यहां 18 गांवों के 1,196 खसरे प्रभावित हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत खसरों में गड़बड़ी की शिकायतें हैं। ग्राम भेलवाडीह में 174, झांकी में 114 और पचेड़ा में 102 खसरे में मुआवजे का खेल हुआ है, लेकिन यहां अभी तक जांच शुरू नहीं हो पाई है। सात आरोपित गिरफ्तार रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनामिक कारिडोर (भारतमाला परियोजना) जमीन अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में अब तक सात मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अप्रैल 2025 में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने सबसे पहले चार आरोपितों को गिरफ्तार किया था। इनमें मुख्य जमीन दलाल हरमीत सिंह खनूजा, उमा तिवारी और उनके पति केदार तिवारी शामिल थे। इसके बाद अक्टूबर 2025 में टीम ने घोटाले में शामिल तीन पटवारियों को गिरफ्तार किया। इनके नाम दिनेश पटेल (नायकबांधा), लेखराम देवांगन (टोकरो) और बसंती घृतलहरे (भेलवाडीह) हैं। ईओडब्ल्यू ने अपनी 7,500 पन्नों की चार्जशीट में कुल 10 लोगों को आरोपित बनाया है, जिनमें से कई राजस्व अधिकारी अब भी फरार बताए जा रहे हैं।

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर बागेश्वर धाम में होगा सामूहिक विवाह, अधिकारियों ने लिया कार्यक्रम स्थल का जायजा

छतरपुर  बागेश्वर धाम में होने जा रहे  पर सामूहिक विवाह स्थल का कलेक्टर- एसपी सहित अधिकारियों ने किया निरीक्षण। व्यवस्थाओं का लिया जायजा। इस दौरान बागेश्वर महाराज पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के साथ भी हुई अधिकारियों की बैठक, विधायक अरविंद पटेरिया भी रहे मौजूद। खजुराहो के बागेश्वर धाम में 300 जोड़ों की शादी की तैयारियां जोरों पर हैं। समारोह 12 से 15 फरवरी तक तीन दिनों तक चलेगा। हर दिन अलग-अलग रस्में होंगी। आने वाले मेहमानों की खातिरदारी भी की जाएगी। दहेज में सभी जोड़ों को 90 लाख की FD, सोने-चांदी समेत गृहस्थी का सामान दी जयेगा।  बागेश्वर धाम में सातवीं बार आयोजन हो रहा है। इस बार 13 राज्यों से 1500 से अधिक आवेदन मिले। 60 जिलों की 600 सदस्यीय टीम ने एक महीने तक सर्वे किया। 300 जोड़ों को शादी के लिए बुलाया गया। इसमें एक जोड़ा नेपाल का भी है। 30,000 रुपये की जॉइंट एफडी बाबा बागेश्वर ने सभी ससुराल वालों को सलाह दी कि वे अपनी बहुओं को अपनी बेटियों जैसा मानें और यह पक्का करें कि किसी भी तरह की कोई शिकायत न हो. उन्होंने कुछ समधियों को बुलाया, उनके साथ मज़ाक किया और उनके चेहरों पर गुलाल लगाया. उन्होंने ऐलान किया कि इस बार दूल्हा और दुल्हन के नाम पर 30,000 रुपये की जॉइंट फिक्स्ड डिपॉज़िट खोली जाएगी. यह फिक्स्ड डिपॉज़िट पांच साल से पहले नहीं तोड़ी जा सकती. उन्होंने बताया कि शादियों के लिए चयन प्रक्रिया अत्यंत पारदर्शी रही. सर्वे टीम ने 500 से ज़्यादा लड़कियों में से 300  लड़कियों को चुना, जिसमें उन लड़कियों को प्राथमिकता दी गई जो बहुत गरीब, अनाथ या बेसहारा थीं. धीरेंद्र शास्त्री बोले– ये अब बालाजी की बेटियां आयोजन को लेकर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि “ये अब बालाजी की बेटियां हो गई हैं। इनका विवाह धूमधाम से किया जाएगा। देशभर के संत, महात्मा, राजपीठ, व्यास पीठ के लोगों के सानिध्य में बेटियां विवाह बंधन में बंधेंगी। उन्होंने बताया कि सर्वे टीम ने 600 से अधिक अति निर्धन, अनाथ, मातृहीन और पितृहीन बेटियों का चयन किया था। इनमें से वर्तमान संसाधनों को देखते हुए 300 बेटियों को विवाह के लिए चुना है। उन्होंने कहा कि पात्र बेटियों की संख्या अधिक थी, लेकिन बागेश्वर धाम की वर्तमान सामर्थ्य के अनुसार ही चयन किया गया है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री के ऑफिस में इन दिनों खासी हलचल है। कर्मचारी देर रात तक काम में व्यस्त हैं। सभी की टेबल पर शादी के निमंत्रण कार्ड का ढेर है। ये निमंत्रण पत्र VVIP मेहमानों को भेजे जाने हैं। बीच-बीच में इसकी जिम्मेदारी संभाल रहे कमल अवस्थी कार्ड उठाकर चेक कर ले रहे हैं। वो इसलिए कि नाम और पता सही है या नहीं। उसे वे अपने आईपैड में दर्ज लिस्ट से भी मिलान कर रहे हैं। कोशिश है कि कहीं कोई गलती न हो जाए। दूसरी तरफ भंडार में दूल्हा-दुल्हन को दिए जाने वाले उपहार के ढेर लगे हैं। सेवादार सावधानी से पैकेट बना रहे हैं। कमल अवस्थी कहते हैं कि सभी अरेंजमेंट पूरे हो गए हैं। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कुछ दिन पहले ही हर जोड़े को बुलाकर उन्हें कपड़े और बाकी सामान दे दिया है। सभी को 13 फरवरी की सुबह 8 बजे बुलाया है। लगन मंडप तैयार किए जा रहे हैं। भोजन पंडाल अलग-अलग होंगे। तैयारियां तो पूरी हैं, फिर भी बहुत काम बाकी है। उस दिन पूरे बागेश्वर धाम को सजाया जाएगा। कमल अवस्थी ने नेपाल की रहने वाली अस्मिता सुनार से फोन पर हमारी बात कराई। अस्मिता भी नेपाल के युवक ये यहां सात फेरे लेने वाली हैं। इसके अलावा, मध्यप्रदेश की दो लड़कियाें से भी बात की।

रणजी में उलटफेर का तूफान, जम्मू-कश्मीर ने MP को रौंदा; आकिब बना जीत का हीरो

इंदौर तेज गेंदबाज आकिब नबी के करियर के सर्वश्रेष्ठ 12 विकेट से जम्मू-कश्मीर ने रणजी ट्रॉफी क्वार्टर फाइनल मैच के चौथे दिन सोमवार को इंदौर में मध्य प्रदेश को 56 रन से हराकर पहली बार सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की। पहली पारी में सात विकेट चटकाने वाले 29 साल के नबी ने दूसरी पारी में पांच विकेट झटके जिससे जीत के लिए 291 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही 2021-22 की चैंपियन मध्य प्रदेश की टीम 234 रन पर आउट हो गई। जम्मू-कश्मीर के सामने सेमीफाइनल में बंगाल और आंध्र के बीच खेले जा रहे क्वार्टर फाइनल से आगे बढ़ने वाली टीम की चुनौती होगी। दूसरे सेमीफाइनल में उत्तराखंड की टक्कर कर्नाटक से हागी। आकिब ने बीते दिन 23 रन देकर तीन विकेट लिए थे जिससे मध्य प्रदेश का स्कोर दूसरी पारी में पांच विकेट पर 84 रन था। आकिब ने मैच के चौथे दिन रामवीर गुर्जर (11) और फिर मध्य प्रदेश की आखिरी उम्मीद सारांश जैन (81 गेंद में 64 रन) को आउट कर मैच में दूसरी बार पांच विकेट झटकने का कारनामा पूरा किया। आर्यन पांडे (22) आउट होने वाले आखिरी बल्लेबाज रहे। इससे पहले दिन की शुरुआत में टीम ने अभी 20 रन ही जोड़े थे कि अनुभवी वेंकटेश अय्यर (17) सुनील कुमार की गेंद को विकेटकीपर के हाथों में खेल गए। सारांश ने इसके बाद शुभम शर्मा (32) और रामवीर के साथ अहम साझेदारियां कर जम्मू-कश्मीर के जीत के इंतजार को बढ़ाया। वामहस्त स्पिनर आबिद मुश्ताक ने 49 रन देकर तीन विकेट चटकाए। आकिब प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। वहीं, केएल राहुल के 24वें प्रथम श्रेणी शतक की बदौलत कर्नाटक ने सोमवार को 42 बार के चैंपियन मुंबई को चार विकेट से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। राहुल ने 182 गेंद में 14 चौकों और एक छक्के से 130 रन की पारी खेली जिससे कर्नाटक ने 325 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए छह विकेट पर 325 रन बनाकर जीत दर्ज की।

भारत के अमेरिकी तेल आयात पर पीयूष गोयल का बयान:

 नई दिल्ली    भारत और अमेरिका में लंबे समय से अटकी ट्रेड डील (India-US Trade Deal) पर बात बन चुकी है और इसे लेकर फ्रेमवर्क भी जारी कर दिया गया है. इसके तहत भारत अमेरिका से तेल का आयात भी करेगा. इसके बाद ये सवाल उठने लगे थे कि क्या ट्रेड डील में ऐसी बाध्यता शामिल की गई है, जिसके चलते देश को US Crude Oil खरीदना होगा. इसे लेकर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal On US Oil Import) ने बड़ा बयान दिया है और ऐसी किसी भी बात से साफ इनकार करते हुए अमेरिकी तेल की खरीदारी को पूरी तरह से रणनीतिक फैसला करार दिया है. US Oil खरीद पर पर बड़ा बयान भारत-US के बीच व्यापार समझौते को लेकर Piyush Goyal ने कहा कि अमेरिका से ऊर्जा खरीदने से भारत को तेल के सीमित सप्लायर्स पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी. साथ ही उन्होंने दोहराया कि इसकी वास्तविक खरीदारी बायर्स और सप्लायर्स कंपनियों द्वारा स्वतंत्र रूप से ही की जाती है. गोयल ने जोर देते हुए कहा कि ये निर्णय वाणिज्यिक विचारों से प्रेरित हैं और भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) द्वारा निर्धारित नहीं हैं यानी इस समझौते में ऐसी कोई बाध्यता नहीं रखी गई है. गोयल बोले- ‘ये भारत के हित में…’ एएनआई को दिए एक इंटरव्यू के दौरान केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील का ढांचा यह अनिवार्य नहीं करता कि कौन क्या और कहां से खरीदेगा?, बल्कि यह सिर्फ व्यापार और अच्छी पहुंच के लिए एक आसान रास्ता मुहैया कराता है. Piyush Goyal  के मुताबिक, अमेरिका से कच्चा तेल (Crude Oil), एलएनजी (LNG) और एलपीजी (LPG) खरीदना भारत के अपने रणनीतिक हित में है, क्योंकि देश अपने ऊर्जा स्रोतों में लगातार विविधता ला रहा है.    US के साथ ट्रेड डील के ये फायदे इंटरव्यू के दौरान पीयूष गोयल ने कहा कि Trade Deal के तहक आज जब हमें हाई टैरिफ से काफी कम 18% Tariff मिला है, तो हमें अन्य विकासशील देशों पर वरीयता भी मिली है, जो आमतौर पर हमारे प्रतिस्पर्धी हैं. उन्होंने कहा कि ये डील तमाम सेक्टर्स को व्यापक मौके मुहैया कराएगा. इसके साथ ही हमारे युवाओं, बहनों, महिलाओं के लिए भी अपार अवसर मिलेंगे और साथ ही हमारे किसानों और मछुआरों के लिए भी ये अच्छा है.  वाणिज्य मंत्री ने कहा कि हमारे MSMEs तेज रफ्तार से बढ़ेंगे और वे अमेरिका को आवश्यक कई सामग्रियों के आपूर्तिकर्ता बनेंगे. ये समझौता हमारे कपड़ा क्षेत्र, हमारा जूता और चमड़ा क्षेत्र, हमारा खिलौना क्षेत्र, हैंडक्राफ्ट सेक्टर, ऑटो कंपोनेंट्स, फर्नीचर समेत अन्य के लिए असीमित संभावनाओं से भरा हुआ है, जैसा कि अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर (Sergio Gor) ने भी कहा है.  दवाओं से डायमंड तक पर हटेगा टैरिफ! गौरतलब है कि अंतरिम व्यापार समझौते के तहत अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह आने वाले समय में चुनिंदा भारतीय निर्यातों पर Reciprocal Tariff हटा देगा, जिसमें जेनेरिक दवाएं, जेम्स एंड ज्वेलरी, डायमंड और विमान के पुर्जे शामिल हैं. इसके साथ ही भारत से कुछ विमानों और विमान के पुर्जों पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े शुल्क भी हटाए जाएंगे. इस डील के तहत भारत भी अगले पांच वर्षों में 500 अरब डॉलर वैल्यू के अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान के पुर्जे, कीमती धातुएं, आईटी प्रोडक्ट्स और कोकिंग कोयला खरीदेगा. 

IRCTC की नई सर्विस: अब ट्रेन में सीट छोड़कर नहीं जाना होगा, मिलेगा खाना सीधी सीट पर

  नई दिल्ली भारतीय रेलवे यात्रियों के लिए अच्छी खबर है. इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) ने ‘ई-पैंट्री’ सर्विस शुरू की है. जिसके जरिए अब यात्री 25 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में ऑनलाइन खाना और पानी पहले से बुक कर सकते हैं. खाना सीधे उनकी सीट पर पहुंचा दिया जाएगा. यह सर्विस उन ट्रेनों के लिए है, जहां टिकट में खाना शामिल नहीं होता. बता दें कि IRCTC भारतीय रेलवे का हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म विभाग है, यह कैटरिंग, टूरिज्म और ऑनलाइन टिकट बुकिंग का काम देखता है. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, ई-पैंट्री सेवा यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और तकनीक से यात्रा को बेहतर बनाने का हिस्सा है. ई-पैंट्री सर्विस कैसे काम करती है? ई-पैंट्री सर्विस IRCTC की टिकट बुकिंग वेबसाइट और ऐप से जुड़ी हुई है. जिन यात्रियों का टिकट कन्फर्म, RAC या आंशिक कन्फर्म है, वे टिकट बुक करते समय या बाद में “बुक टिकट हिस्ट्री” सेक्शन में जाकर स्टैंडर्ड मील और रेल नीर (पैकेज्ड पानी) पहले से ऑर्डर कर सकते हैं. ऑर्डर करने के बाद यात्री को SMS या ईमेल से कन्फर्मेशन मैसेज और मील वेरिफिकेशन कोड (MVC) मिलता है. यात्रा के दिन ट्रेन में वेंडर को MVC दिखाना होता है, फिर खाना सीट पर डिलीवर कर दिया जाता है. इन ट्रेनों में शुरू ई-पैंट्री सर्विस ई-पैंट्री सर्विस विवेक एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 22503/04) पर आजमाई गई थी, जो भारत की सबसे लंबी दूरी वाली ट्रेनों में से एक है. अच्छे रिस्पॉन्स के बाद अब इसे 25 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में शुरू कर दिया गया है. आइए जानते हैं किन प्रमुख ट्रेनों में ई-पैंट्री सर्विस शुरू की गई है.       स्वतंत्र सेनानी एक्सप्रेस     स्वर्णजयंती एक्सप्रेस     कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस     मंगला द्वीप एक्सप्रेस     कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस     पुष्पक एक्सप्रेस     पश्चिम एक्सप्रेस     नेत्रावती एक्सप्रेस     ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस     पूर्वा एक्सप्रेस     लिच्छवी एक्सप्रेस     आजाद हिंद एक्सप्रेस     मालवा एक्सप्रेस     अहमदाबाद-बरौनी एक्सप्रेस     पुरुषोत्तम एक्सप्रेस और अन्य कई ट्रेनें.  

SIR पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: ममता बनर्जी को झटका, चीफ जस्टिस बोले—हर राज्य जिम्मेदारी निभाए

नई दिल्ली देश के कई राज्यों में चल रहे SIR के खिलाफ देश की शीर्ष अदालत में वकील बनकर पहुंचीं ममता बनर्जी को करारा झटका लगा है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने साफ कर दिया है कि SIR की प्रक्रिया में किसी तरह की रोक लगाने की मंजूरी नहीं दी जा सकती। इसमें कोई बाधा भी पैदा करने की परमिशन अदालत नहीं देगी। चीफ जस्टिस ने कहा कि सभी राज्यों को इस बात को समझ लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जो कुछ भी स्पष्टता चाहिए, वह सुप्रीम कोर्ट की ओर से दी जाएगी।

मध्य प्रदेश: खरगोन में हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग रैकेट का भंडाफोड़, 5 गिरफ्तार

खरगोन खरगोन जिले में हनीट्रैप और ब्लैकमेल रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है. पुलिस ने इस मामले में रविवार को पांच लोगों को गिरफ्तार किया. ये आरोपी कथित तौर पर पिछले एक साल में लगभग 40 लोगों से लाखों रुपये बटोर चुके थे. न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पुलिस ने जिन 5 लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें से तीन महिलाएं हैं. एक अधिकारी ने बताया कि एक व्यक्ति ने हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने उससे 2.5 लाख रुपये ऐंठे हैं. शिकायतकर्ता की शिकायत पर सनावद पुलिस स्टेशन ने एक्शन लिया. थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव की अगुवाई में जांच शुरू की गई और आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा गया. लोगों की आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड करता था गिरोह सब-डिविजनल पुलिस अधिकारी अर्चना रावत ने इस गैंग की स्ट्रैटेजी का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि गिरोह की महिलाएं बातचीत के जरिए लोगों को फुसलाती थीं और उन्हें मिलने के लिए बुलाती थीं. तभी गिरोह के दूसरे सदस्य चोरी-छुपे इस मुलाकात की आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर लेते थे.  ब्लैकमेलिंग के जरिए वसूलते थे पैसे रावत ने बताया कि आरोपी इन वीडियो को वायरल करने की धमकी या उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देते थे और लोगों से लाखों रुपये वसूल करते थे. उन्होंने बताया कि पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है.

शरद पवार अस्पताल में भर्ती, तबीयत में आई खराबी

 पुणे एनसीपी (एसपी) के अध्यक्ष शरद पवार की तबीयत सोमवार को अचानक बिगड़ गई है. शरद पवार को बारामती से पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक ले जाया जा रहा है. शरद पवार के कार्यालय ने जानकारी दी है कि उन्हें बुखार और खांसी की शिकायत है. सोमवार को बारामती तालुका के काठेवाड़ी में दिवंगत नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की तेरहवीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है. शरद पवार और उनके परिवार के अन्य सदस्यों को इस समारोह में शामिल होना था, लेकिन शरद पवार की आज सुबह से ही तबीयत खराब हो गयी. इसकी वजह से वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए. प्राप्त जानकारी के अनुसार शरद पवार को सुबह से ही खांसी, बुखार और जुकाम था, इसलिए डॉक्टरों की एक टीम सुबह ही बारामती के गोविंदबाग स्थित उनके आवास पर पहुंच गई थी. डॉक्टरों ने शरद पवार की नियमित जांच की. इसके बाद, डॉक्टरों की एक टीम दोपहर में शरद पवार की दोबारा जांच करने गई. पुणे के रूबी अस्पताल में किया जाएगा भर्ती शरद पवार को पुणे के रूबी अस्पताल में भर्ती कराने का फैसला किया गया है. कुछ मिनट पहले शरद पवार पुणे के लिए रवाना हुए. उनकी बेटी और सांसद सुप्रिया सुले भी उनके साथ हैं. शरद पवार के काफिले में एक एम्बुलेंस भी है. शरद पवार जल्द ही पुणे पहुंचेंगे. इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा. उनका आगे का इलाज पुणे के रूबी अस्पताल में होगा. परिवार के करीबी सूत्रों ने बताया कि शरद पवार को लगातार खांसी और कफ की दिक्कत हो रही है, जिससे उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है. उन्होंने प्रोटेक्टिव मास्क पहना हुआ था और मेडिकल सपोर्ट स्टैंडबाय पर था. पिछले कुछ दिनों से पवार की तबीयत ठीक नहीं माना जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से शरद पवार की सेहत ठीक नहीं रही है. बीमारी की वजह से वह पिछले दो-तीन महीनों से ज्यादातर सार्वजनिक कार्यक्रम से दूर रहे थे, लेकिन अपने भतीजे और अजीत पवार की अचानक मौत के बाद उन्होंने पार्टी वर्कर्स और आम लोगों से मिलना फिर से शुरू कर दिया. पिछले हफ्ते, उन्होंने लगातार तीन दिन कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में बिताए, जहां अजीत पवार रहते थे, जहां पार्टी लीडर्स और शुभचिंतक शोक जताने के लिए इकट्ठा हुए थे. माना जा रहा है कि पिछले आठ दिनों से बारामती में लगातार आने वालों की वजह से वह थक गए थे. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब राज्य भर में डिस्ट्रिक्ट काउंसिल और पंचायत चुनाव के नतीजे घोषित होने के साथ पॉलिटिकल एक्टिविटी बढ़ गई है.

किसानों के पक्ष में शिवराज का बयान, भारतीय मसालों के लिए नया व्यापारिक अवसर होगा तैयार

भोपाल  भारत-अमरीका ट्रेड डील पर डेयरी और कृषि उत्पादों को लेकर कई दिन से तरह-तरह की चर्चाएं चल रही थीं। इसी बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में प्रेसवार्ता कर खेती-किसानी से जुड़े मामले पर बात रखी। कहा कि यह समझौता किसानों को पूरी तरह से सुरक्षित रखता है। भारतीय किसानों के कई कृषि उत्पादों को अमरीका में शून्य शुल्क पर निर्यात किया जाएगा, लेकिन अमरीकी किसानों के कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में यह छूट नहीं मिली है। भारत के कृषि और डेयरी के हित पूरी तरह से सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा, अमरीका ने कृषि क्षेत्र के कई उत्पादों पर टैरिफ में बड़ी कटौती की है। जो टैरिफ पहले 50 प्रतिशत तक था, उसे घटाकर शून्य कर दिया है। विदेशी कृषि उत्पादों को देना होगा टैरिफ शिवराज ने कहा कि हमारे मसालों को अमरीका में भी नया और बड़ा बाजार मिलेगा। भारत पहले से ही मसालों के वैश्विक बाजार में मजबूत स्थिति रखता है। दुनिया के करीब 200 स्थानों पर भारत मसाले और मसालों के उत्पाद निर्यात करता है। इस समझौते से मसालों और अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात में तेजी आएगी।  अगर विदेशी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में आते हैं तो उन्हें टैरिफ देना होगा। हमारे किसानों को पूरी छूट प्राप्त है। यही इस डील की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा, मसाले, चाय, कॉफी, नारियल, नारियल तेल, सुपारी, काजू, वनस्पति वैक्स, एवोकाडो, केला, अमरूद, आम, कीवी, पपीता, अनानास, मशरूम और कुछ अनाज में टैरिफ शून्य रहेगा। अमरीका के लिए नहीं खोले द्वार शिवराज ने कहा कि ऐसा कोई भी उत्पाद समझौते में शामिल नहीं है, जिससे हमारे किसानों को नुकसान हो। सभी संवेदनशील वस्तुओं को समझौते से बाहर रखा गया है। सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, मोटे अनाज, पोल्ट्री, डेयरी, केला, स्ट्रॉबेरी, चेरी, खट्टे फल, हरी मटर, काबुली चना, मूंग, तिलहन, इथेनॉल और तंबाकू जैसे उत्पादों पर किसी भी तरह की टैरिफ छूट नहीं दी गई है। प्रमुख अनाज, प्रमुख फल और डेयरी उत्पादों के लिए अमरीका के लिए द्वार नहीं खोला गया है।

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