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छत्तीसगढ़ में कोरोना वॉरियर्स की पहचान पक्की, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की सत्यापित सूची

जगदलपुर छत्तीसगढ़ में शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और कोरोना काल के संकट मोचकों को उनके समर्पण का समुचित अवसर देने की दिशा में राज्य सरकार ने एक निर्णायक कदम उठाया है। इस महत्वपूर्ण फैसले के तहत उन हजारों अभ्यर्थियों के अनुभव प्रमाण पत्रों की सत्यापित सूची सार्वजनिक कर दी गई है, जिन्होंने महामारी के कठिन दौर में छह माह से अधिक का समय अस्पतालों में निरंतर सेवा देते हुए व्यतीत किया था। संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा जारी इस ताजा अपडेट के बाद अब भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ अपने अगले चरण में प्रवेश कर चुकी है। विभागीय जानकारी के अनुसार संभाग स्तरीय समितियों द्वारा 30 जनवरी से 8 फरवरी के बीच किए गए गहन भौतिक सत्यापन के परिणामों को आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया जा रहा है। इस सूची के सार्वजनिक होते ही अब अभ्यर्थियों के लिए दावा-आपत्ति की खिड़की खुल गई है, जिसके तहत वे 16 फरवरी तक अपने संबंधित संभाग के संयुक्त संचालक कार्यालय में जाकर अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थी उसी क्षेत्र में अपना पक्ष रखें जहाँ से उनका अनुभव प्रमाण पत्र संबद्ध है, ताकि प्रक्रिया में किसी प्रकार की त्रुटि की गुंजाइश न रहे। यह प्रक्रिया आगामी 19 मार्च को अपने अंतिम मुकाम तक पहुँचेगी। संशोधित समय-सारणी के मुताबिक, 20 फरवरी तक प्राप्त आपत्तियों का त्वरित निराकरण किया जाएगा, जिसके पश्चात 3 मार्च को पहली मेरिट सूची का प्रकाशन होगा। इस चरण में भी अभ्यर्थियों को पुनर्विचार का मौका देने के बाद, आगामी 19 मार्च 2026 को आधिकारिक रूप से अंतिम चयन सूची वेबसाइट https://www.cghealth.nic.in/public/#/ पर साझा कर दी जाएगी। 

280 जोड़े, एक मंच और इतिहास रचा गया: बस्तर के सिटी ग्राउंड में सामूहिक विवाह से छत्तीसगढ़ ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

जगदलपुर बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर का प्रतिष्ठित सिटी ग्राउंड मंगलवार 10 फरवरी को एक ऐतिहासिक और भव्य नजारे का गवाह बना, जहां मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 280 जोड़ों ने एक ही मंडप के नीचे अपने नव-दाम्पत्य जीवन की सामूहिक शुरुआत की। जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित इस गरिमामय समारोह ने उस वक्त और भी गौरव हासिल कर लिया, जब पूरे प्रदेश में एक साथ 6,412 जोड़ों का विवाह संपन्न कराकर छत्तीसगढ़ का नाम गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। इसी कड़ी में जगदलपुर का यह आयोजन अपनी पारंपरिक भव्यता और सांस्कृतिक छटा के कारण आकर्षण का केंद्र रहा। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना समारोह का आगाज एक भव्य बारात के साथ हुआ, जिसमें 280 वरों के साथ उनकी माताएं हाथों में कलश और दीप लेकर परंपरा अनुसार चल रही थीं। बस्तर की पारंपरिक बाजा मोहरी की सुमधुर स्वर लहरियों के बीच निकली इस बारात ने पूरे शहर को उल्लास से भर दिया। विवाह मंडप में हरिद्रालेपन, सप्तपदी और जयमाला जैसी रस्में पूरी श्रद्धा के साथ संपन्न हुईं और हवन से उठने वाले सुगंधित द्रव्यों ने समूचे वातावरण को महका दिया। नव-वधुओं ने वरों के साथ एकसूत्र में बंधकर नए जीवन का संकल्प लिया, जिससे सिटी ग्राउंड का माहौल अत्यंत भावुक और उत्साहजनक हो गया। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर नव विवाहित जोड़ों को अपना आशीर्वाद प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में योजना की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह योजना गरीब माता-पिता के लिए एक बहुत बड़ा सहारा है। उन्होंने पुरानी यादों को साझा करते हुए बताया कि पूर्व में निर्धन परिवारों को बेटियों के सम्मानजनक विवाह के लिए अपनी संपत्ति तक गिरवी रखनी पड़ती थी, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन ने 2005 में इस जिम्मेदारी को उठाया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि वर्ष 2005 में मात्र 5 हजार रुपये की सहायता राशि से शुरू हुई यह योजना आज 50 हजार रुपये तक पहुँच चुकी है, जो गरीब परिवारों के सशक्तिकरण का प्रतीक है। कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि और विशिष्ट अतिथि इस पुनीत कार्य के साक्षी बने, जिनमें महापौर श्री संजय पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, नगर निगम सभापति श्री खेमसिंह देवांगन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री बलदेव मंडावी और जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री पदलाम नाग शामिल थे। इन सभी ने नव-दंपत्तियों को सुखमय दाम्पत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर सुश्री नंदिनी साहू, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री मनोज सिन्हा सहित अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों की सक्रिय मौजूदगी में यह विशाल आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

बिहान योजना की सफलता कहानी: पंचबाई बनीं आत्मनिर्भर व्यवसायी, मासिक आय ₹2.5–3 लाख

रायपुर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी क्रम में  मुंगेली जिले के विकासखण्ड लोरमी के ग्राम खपरीडीह निवासी पंचबाई साहू ने बिहान योजना से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में सफलता प्राप्त की है। बिहान योजना से जुड़कर उन्होंने अपनी तकदीर बदली है, अब वे सफल व्यसायी बन चुकी है।  स्व-सहायता समूह से जुड़ने से पूर्व पंचबाई साहू की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर थी। परिवार की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए उन्हें साहूकारों से ऊँचे ब्याज दर पर ऋण लेना पड़ता था। आर्थिक निर्भरता के कारण न केवल परिवार की बुनियादी ज़रूरतें अधूरी रह जाती थीं, बल्कि आत्मसम्मान भी प्रभावित होता था। पंच बाई ने बताया कि बिहान योजना के अंतर्गत माँ सरस्वती महिला स्व-सहायता समूह के माध्यम से उन्हें वित्तीय साक्षरता, सामूहिक सहयोग और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला। उन्होंने व्यवसाय के लिए रिवॉल्विंग फंड से 15 हजार रूपए, बैंक ऋण 01 लाख 50 हजार रूपए और 60 हजार रूपए सीआईएफ राशि प्राप्त हुई। साथ ही समूह के स्तर पर उन्हें 30 हजार रूपए का अतिरिक्त सहयोग भी मिला।  प्राप्त राशि से उन्होंने फर्नीचर दुकान की शुरुआत की। परिश्रम, सही योजना और समूह के सहयोग से उनका व्यवसाय निरंतर आगे बढ़ता गया। आज उनकी मासिक आय लगभग 2.5 लाख रूपए से 03 लाख रूपए तक पहुँच चुकी है। इससे उनके बच्चों की शिक्षा बेहतर होने के साथ-साथ जीवन स्तर में सुधार आया है। पंचवाई साहू आज केवल स्वयं सफल नहीं हैं, बल्कि ग्राम की अन्य महिलाओं को भी समूह से जुड़ने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

वक्फ संशोधन कानून के तहत एमपी की 1,178 संपत्तियां बाहर, सरकार ने 24,696 वक्फ दावे किए खारिज

भोपाल  वक्फ संपत्तियों के रख-रखाव और उनके जनहित में उपयोग के लिए केंद्र सरकार की ओर से लाए गए वक्फ संशोधन कानून के परिणाम सामने आने लगे हैं। वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया के बीच सरकार ने अब तक 24,696 वक्फ दावे खारिज (अस्वीकार) कर दिए हैं। यानी इन दावों में शामिल संपत्तियों को फिलहाल वक्फ संपत्तियां नहीं माना गया है। अस्वीकार होने वाले मामलों में सबसे अधिक 4,802 दावे राजस्थान में हैं। तेलंगाना 4,458 खारिज मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है। मध्यप्रदेश में 1,178 दावे निरस्त किए गए हैं। संशोधित कानून में वक्फ संपत्तियों के अनिवार्य पंजीकरण के प्रावधान को सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद केंद्र ने जून में ‘उम्मीद’ पोर्टल शुरू कर वक्फ संपत्तियों का डिजिटल पंजीकरण अनिवार्य किया था। देश में 8,72,802 वक्फ अचल संपत्तियां दर्ज हैं। इनमें से 5,82,541 का विवरण अपलोड किया जा चुका है। 1. डीड या घोषणा का अभाव यदि किसी संपत्तियों को वक्फ घोषित करने का विधिवत दस्तावेज उपलब्ध नहीं है या रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है। 2. राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज न होना राज्य के भू-राजस्व अभिलेख (खसरा, खतौनी, जमाबंदी आदि) में संपत्ति वक्फ के नाम दर्ज नहीं हो, या निजी/सरकारी भूमि के रूप में दर्ज हो  3. स्वामित्व विवाद यदि संपत्ति पर निजी व्यक्ति का दावा हो, कोर्ट में मामला लंबित हो, सरकारी भूमि के रूप में दर्ज होने पर 4. डुप्लीकेट या ओवरलैप एंट्री एक ही संपत्ति को दो बार दर्ज या सीमांकन स्पष्ट न होना 5. अधूरी जानकारी पोर्टल पर दस्तावेज अधूरे, नक्शा या सर्वे विवरण न हो, क्षेत्रफल में विसंगति क्यों जरूरी है यह प्रक्रिया? अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, वक्फ संपत्तियों का डिजिटलीकरण पारदर्शिता बढ़ाने, फर्जी दावों पर रोक लगाने और वक्फ संपतियों के बेहतर प्रबंधन के उद्देश्य से किया जा रहा है।

एपस्टीन की पार्टी में मस्क और जकरबर्ग की उपस्थिति का खुलासा, वायरल हुई तस्वीर

वाशिंगटन  जेफरी एपस्टीन मामले में हर दिन कोई ना कोई नया खुलासा हो रहा है. एक नई फोटो सामने आई है, जिसमें जेफरी एपस्टीन की लैविश डिनर पार्टी में एलॉन मस्क और मार्क जकरबर्ग नजर आए हैं. ये तस्वीर उस वक्त की है, जब जेफरी एपस्टीन यौन अपराध में दोषी साबित हो चुका था. यानी मस्क और मार्क ये जानते हुए पार्टी में शामिल हुए थे कि जेफरी किस तरह के काम में शामिल था. एपस्टीन ने बाद में दावा किया था कि इस पार्टी में LinkedIn को-फाउंडर रीड हॉफमैन और PayPal को-फाउंडर पीटर थिएल भी शामिल हुए थे. एक अन्य मेल में इस पार्टी को ‘वाइल्ड’ बताया गया था.  सामने आई तस्वीर में मस्क और जकरबर्ग एक साथ टेबल पर बैठे दिख रहे हैं. टेस्ला और SpaceX के CEO एलॉन मस्क कैमरा पर्सन की ओर देख रहे हैं, जो संभवतः एपस्टीन ने ही क्लिक की हो. वहीं तस्वीर में जकरबर्ग भी हैं, जो थोड़े सीरियस दिख रहे हैं.  मस्क ने क्या किया था दावा? जेफरी ने ये तस्वीर खुद को ही 3 अगस्त 2015 को भेजी थी. इस तस्वीर के आने के बाद इसलिए भी हंगामा मचा है क्योंकि मस्क ने दावा किया था कि वो कभी-भी जेफरी एपस्टीन की पार्टियों का हिस्सा नहीं रहे हैं. इतना ही नहीं मस्क ने जेफरी के साथ क्राइम करने वालों पर भी मुकदमा चलाने की बात कही थी.  मस्क ने इस बारे में 31 जनवरी को ट्वीट किया था. एपस्टीन की पार्टियों में सिर्फ एलॉन मस्क या मार्क जकरबर्ग नहीं बल्कि कई दूसरे बड़े चेहरे भी दिख चुके हैं. यहां तक की माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स भी इन पार्टियों का हिस्सा थे और उन्होंने शादी से बाहर भी लड़कियों से संबंध बनाया था. बिल गेट्स का नाम भी आया है सामने एपस्टीन फाइल्स की मानें तो बिल गेट्स रूसी लड़कियों से मिले थे. इसमें STD का जिक्र भी मिलता है. एक नोट में लिखा है कि एपस्टीन ने गेट्स के लिए दवाओं का इंतजाम किया था, जिससे उन्हें संबंध बनाने के बाद होने किसी बीमारी का सामना ना करना पड़े.  गेट्स के अलावा गूगल के को-फाउंडर सर्गेई ब्रिन का नाम भी एपस्टीन फाइल्स में सामने आया है. डॉक्यूमेंट्स की मानें तो ब्रिन ने एपस्टीन के प्राइवेट आईलैंड का दौरा किया था, जहां उन्होंने घिसलेन मैक्सवेल से मुलाकात की थी. 2003 में भेजे एक ईमेल में मैक्सवेल ने डिनर को सामान्य और आरामदायक बताया था.

डॉ. यादव ने विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष स्व. शुक्ल की जयंती पर अर्पित की श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष स्व. शुक्ल की जयंती पर किया नमन मध्यप्रदेश विधानसभा भवन में की पुष्पांजलि अर्पित विधानसभा अध्यक्ष  तोमर ने भी किया स्मरण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष  नरेंद्र सिंह तोमर ने मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष स्व. राजेंद्र प्रसाद शुक्ल की जयंती पर विधानसभा परिसर में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। विधायक  रामेश्वर शर्मा, पूर्व मंत्री  पी.सी. शर्मा, पूर्व विधायक  सुदर्शन गुप्ता और विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष स्व. शुक्ल के परिजन ने भी चित्र पर पुष्पांजलि की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 10 फरवरी 1930 को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में जन्मे  राजेंद्र प्रसाद शुक्ल, वर्ष 1985 से 1990 तक मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष रहे। उन्होंने छत्तीसगढ़ क्षेत्र में पदयात्राओं के माध्यम से जन जागरण का कार्य किया। लोकप्रिय जन नेता रहे  शुक्ल राज्य सरकार में विधि-विधायी एवं सामान्य प्रशासन मंत्री भी रहे। छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के बाद, उन्होंने 14 दिसंबर 2000 से 19 दिसंबर 2003 तक छत्तीसगढ़ के प्रथम विधानसभा अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। स्व. राजेंद्र प्रसाद शुक्ल ने ‘असंसदीय अभिव्यक्तियां’ नामक पुस्तक की संकल्पना की, जो विधायी कामकाज पर एक महत्वपूर्ण संदर्भ है। उन्होंने संसदीय मामलों सहित कई पुस्तक लिखीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष रहे व्यक्तित्वों की जयंती और पुण्यतिथि पर मध्यप्रदेश विधानसभा भवन में उन्हें स्मरण करने की परंपरा स्थापित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष  तोमर की सराहना करते हुए उनका आभार माना।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया: बजट प्रस्तावों में सभी वर्गों और क्षेत्रों के कल्याण पर केंद्रित

बजब प्रस्तावों में सभी क्षेत्रों और वर्गों के विकास तथा कल्याण का रखा गया है ध्यान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री के समक्ष वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों का हुआ प्रेजेंटेशन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों में सभी क्षेत्रों और वर्गों के विकास तथा कल्याण का ध्यान रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बजट प्रस्तावों को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में बेहतर बताते हुए उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा के दृष्टिकोण तथा प्रस्ताव तैयार करने में विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा किए गए परिश्रम की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों का प्रेजेंटेशन दिया गया। मंत्रालय में हुई बैठक में उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय)  नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव (वित्त)  मनीष रस्तोगी तथा वित्त विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्रि-परिषद के समक्ष भी आज ही बजट प्रस्तावों का प्रेजेंटेशन हुआ। मंत्रि-परिषद द्वारा अनुमोदित बजट 18 फरवरी को उप मुख्यंमत्री  देवड़ा द्वारा विधान सभा में प्रस्तुत किया जायेगा।  

RBC 6-4 के तहत 08 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत

महासमुंद  कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत प्राकृतिक आपदा से मृत्यु होने पर 2 मृतकों के निकटतम वारिसान के लिए चार लाख रुपए के मान से कुल 08 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है। इनमें पानी में डूबने से मृत्यु होने पर बागबाहरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम मुनगासेर के मृतक मनीष बरिहा की माता नर्मदा बरिहा के लिए एवं आकाशीय बिजली गिरने से मृत्यु होने पर पिथौरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम कोल्दा के मृतक सदानंद चक्रधारी की पत्नी गायत्री चक्रधारी के लिए चार-चार लाख रुपए आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।

स्कूल में दवा खाते ही बच्चों की तबीयत बिगड़ी, जिलेभर की एंबुलेंस मौके पर

फर्रुखाबाद फर्रुखाबाद जिले में मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के गांव राठौर मोहिद्दीनपुर के एक स्कूल में मंगलवार दोपहर में दवा खाने के बाद कुछ ही देर में 100 से अधिक बच्चे बीमार हो गए। उल्टी-दस्त पेट में दर्द की शिकायत के बाद पहुंचे अभिभावकों ने इसकी शिकायत शिक्षकों से की। इसके बाद मौके पर जिले भर की एंबुलेंस बुला ली गईं। बच्चों को कमालगंज सीएचसी भेजा जा रहा है। कई परिजन अपने बच्चों को निजी अस्पताल लेकर चले गए हैं। गांव में अफरा तफरी का माहौल है। शिक्षा विभाग और पुलिस को सूचना दी गई हैं। अधिकारी मौके पर रवाना हो रहे हैं। दोपहर ढाई बजे जिले की सभी एंबुलेंस को मौके पर रवाना होने के निर्देश दिए गए हैं।  

शर्लिन चोपड़ा का जन्मदिन: मिस आंध्र से ‘प्लेबॉय’ तक, ऐसा रहा उनका सफर

मुंबई   हिंदी सिनेमा में जहां सशक्त मुख्य भूमिकाओं के लिए अभिनेत्रियों की अहमियत बनी रही है, वहीं कुछ बोल्ड अभिनेत्रियों और मॉडलों ने भी अपनी अलग पहचान बनाई है। इन कलाकारों ने पारंपरिक अभिनय से इतर अपनी बेबाक छवि और बोल्ड प्रजेंटेशन के जरिए दर्शकों के बीच खास जगह बनाई। इसी कड़ी में नाम आता है शर्लिन चोपड़ा का, जो 11 फरवरी को अपना 38वां जन्मदिन मना रही हैं। आज भी वह ओटीटी मंचों पर सक्रिय हैं और अपने बोल्ड दृश्यों के कारण चर्चा में रहती हैं।  मीडिया में भी उनकी मौजूदगी लगातार बनी रहती है, जिससे वह सुर्खियों में रहती हैं। कम ही लोग जानते हैं कि शर्लिन चोपड़ा को असली पहचान फिल्मों के जरिए नहीं, बल्कि मैग्जीन जगत से मिली। एक प्रतिष्ठित मैग्जीन में उनकी बोल्ड फोटोज ने उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई, जिसके बाद वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी चर्चा का विषय बनीं। यही पहचान आगे चलकर उनके करियर की दिशा तय करने में भी अहम साबित हुई। हैदराबाद में जन्मी शर्लिन को मॉडल बनने का शौक बचपन से था और यही वजह रही कि मात्र 15 साल की उम्र में अभिनेत्री ने मिस आंध्र का खिताब जीता था। मॉडलिंग के बाद अभिनेत्री फिल्मों में काम करने के लिए कई ऑडिशन दिए और साल 2002 में उन्हें तमिल फिल्म वेंडी मब्बू’ में काम किया था, जो एरोटिक फिल्म थी। उसी साल, उन्होंने एक तमिल फिल्म ‘यूनिवर्सिटी’ और एक अंग्रेजी फिल्म ‘बीपर’ में भी अभिनय किया। तीनों फिल्में पर्दे पर रिलीज हुई लेकिन बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में अपना बजट भी नहीं निकाल पाई। बॉलीवुड में शर्लिन ने एंट्री 2005 में आई फिल्म ‘टाइम पास’ से की थी। जिसके बाद ‘दोस्ती: फ्रेंड्स फॉरएवर’, जवानी दीवानी: ए यूथफुल जॉयराइड’, ‘नॉटी बॉय’,’गेम’,’रकीब’, ‘रेड स्वस्तिक’,और ‘दिल बोले हड़िप्पा! जैसी फिल्मों में काम किया। शर्लिन की फिल्में कब आईं और कब चली गईं, किसी को पता नहीं चला, लेकिन साल 2012 में ग्लोबल लेवल पर शर्लिन के नाम की सुनामी आ गई। अभिनेत्री शर्लिन चोपड़ा उस समय सुर्खियों में आईं, जब वह प्लेबॉय मैग्जीन के लिए बिना कपड़ों के फोटो शूट कराने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। हालांकि, इस मामले में विवाद तब खड़ा हुआ, जब प्लेबॉय मैग्जीन ने यह कहकर इनकार किया कि उनकी शर्लिन के साथ किसी तरह की प्रत्यक्ष मुलाकात हुई थी। इसके बावजूद बाद में अभिनेत्री का डिजिटल फोटो शूट जारी किया गया। डिजिटल फोटो शूट के सामने आते ही व्यापक चर्चा शुरू हो गई और रातो-रात शर्लिन देशभर के अखबारों और टीवी चैनलों की सुर्खियां बन गईं। इस घटनाक्रम ने मनोरंजन जगत में खासा हलचल पैदा की। मैग्जीन के अलावा शर्लिन चोपड़ा ने रियलिटी शो बिग बॉस-3 में भी हिस्सा लिया था। शो के दौरान उनके पहनावे और बयानों को लेकर भी खूब चर्चा हुई। उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह कहा था कि वह अभिनेता अमिताभ बच्चन की बड़ी प्रशंसक हैं और भविष्य में ऐसे ही लंबे कद और मजबूत कद-काठी वाले जीवनसाथी से विवाह करना चाहेंगी। शर्लिन चोपड़ा अपने बेबाक बयानों और बोल्ड अंदाज के कारण आज भी अक्सर खबरों में बनी रहती हैं और मनोरंजन जगत में चर्चा का विषय रहती हैं।

योजनाओं की प्रगति में तेजी लाएं: कलेक्टर विनय कुमार लंगेह

महासमुंद  कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज सुबह 10ः30 बजे से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक आयोजित कर जिले में संचालित शासकीय योजनाओं, कार्यक्रमों एवं आगामी आयोजनों की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, रवि कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), विभागीय जिलाधिकारी, जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ तथा वीसी के माध्यम से ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने सिरपुर महोत्सव 2026 के सफल आयोजन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने आयोजन के दौरान सौंपे गए दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करने एवं विभिन्न व्यवस्थाओं में सराहनीय सहयोग देने के लिए सभी को बधाई दी। कलेक्टर लंगेह ने राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत दवा सेवन करते हुए अभियान का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर बैठक में मौजूद जिला अधिकारियों ने भी दवा का सेवन किया। कलेक्टर ने कहा कि जिले में 10 से 25 फरवरी तक स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा सामूहिक दवा सेवन कराया जाना है। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया कि डीईसी एवं एल्बेंडाजोल दवा का वितरण एवं सेवन निर्धारित समय-सारणी एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाए तथा दवा सेवन स्वास्थ्य कर्मियों की निगरानी में कराया जाए। कलेक्टर लंगेह ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग करें और स्वयं तथा अपने परिवार के सभी पात्र सदस्यों को दवा अवश्य सेवन कराएं, ताकि जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सके। बैठक में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जिले में जारी धान उठाव की समीक्षा करते हुए डीईओ के विरुद्ध लंबित धान उठाव की स्थिति पर ध्यान देते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन उपार्जन केंद्रों में डीईओ के विरुद्ध धान का उठाव लंबित है, वहाँ प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र उठाव सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्टॉक का भौतिक सत्यापन करने तथा धान खरीदी पूर्णतः प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि धान उठाव के लिए 15 फरवरी तक डीईओ जारी करें एवं उठाव सुनिश्चित करें। स्टॉक के भौतिक सत्यापन में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए। बैठक में आधार बेस्ड उपस्थिति प्रणाली को अनिवार्य करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी-कर्मचारी प्रतिदिन सुबह 10 बजे कार्यालय में उपस्थित रहें। उपस्थिति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ई-ऑफिस प्रणाली को लेकर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी फाइलों का मूवमेंट ई-फाइल के माध्यम से ही किया जाए, यह अनिवार्य है। इससे कार्यों में पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित होगी। उन्होंने मुख्य सचिव द्वारा किए गए समीक्षा के अनुरूप विभिन्न विभागों के व्यापक समीक्षा की और शासन से प्राप्त निर्देशानुसार क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए गए। प्रमुख रूप से स्वास्थ्य, महिला बाल विकास, जिला पंचायत, कृषि, शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों के कार्यक्रम अनुसार समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं को ध्यान में रखते हुए जिले को विकास क्रम में अग्रणी बनाए रखना है। इसके अतिरिक्त बैठक में अन्य शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनहित के कार्यों में तेजी, गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, तथा समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करना सभी विभागों की जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने पीएम जनमन, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जन चौपाल, समय-सीमा पत्रक और राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

टी20 विश्व कप में नीदरलैंड की शानदार जीत, बास डे लीडे रहे मैच के हीरो

नई दिल्ली   अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में टी20 विश्व कप 2026 का ग्रुप ए का मुकाबला नामीबिया और नीदरलैंड के बीच मंगलवार को खेला गया। बास डे लीडे के बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर नीदरलैंड ने नामीबिया को 2 ओवर पहले ही 7 विकेट से हरा दिया। नीदरलैंड को जीत के लिए 157 रन का लक्ष्य मिला। टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और मैक्स ओ दाउद के रूप में पहला झटका 16 के स्कोर पर लगा। वह 7 रन बनाकर आउट हुए। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरे बास डे लीडे ने बेहतरीन बल्लेबाजी की और 48 गेंद पर 4 छक्कों और 5 चौकों सहित नाबाद 72 रन की पारी खेल टीम को 12 गेंद पहले 7 विकेट से जीत दिला दी। डे लीडे ने दूसरे विकेट के लिए माइकल लेविट 28, के साथ 30 और तीसरे विकेट के लिए कोलिन एकरमैन 32 के साथ 68 रन की अहम साझेदारी की। इसके अलावा लीडे ने कप्तान स्कॉट एडवर्ड्स नाबाद 18 के साथ 43 रन की साझेदारी की। नीदरलैंड ने 18 ओवर में 3 विकेट पर 159 रन बनाकर मैच जीता। विजयी चौका बास डे लीडे के बल्ले से निकला। टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी नामीबिया ने 8 विकेट पर 156 रन बनाए थे। निकोल लोफ्टी-ईटन ने सबसे ज्यादा 42 रन की पारी खेली थी। 38 गेंदों की पारी में उन्होंने 2 छक्के और 1 चौका लगाया था। इसके अलावा जान फ्राइलिंक ने 30 और जेजे स्मिट ने 22 रन की पारी खेली। कप्तान गेरहर्ड इरासमस ने 9 गेंद पर 18 रन बनाए थे। नीदरलैंड के लिए बास डे लीडे और लोगान वान बीक ने 2-2, जबकि आर्यन दत्त और फ्रेड क्लासेन ने 1-1 विकेट लिए थे। बास डे लीडे को उनकी बेहतरीन बल्लेबाजी और गेंदबाजी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। 

आधार बायोमेट्रिक अपडेट अभियान: 352 विद्यालयों में लगाए जाएंगे कैंप, 21,406 छात्रों को लाभ

महासमुंद जिले में यूडाईस 2025-26 के अंतर्गत आधार से संबंधित बायोमेट्रिक अपडेट की प्रक्रिया को तेज करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 06 फरवरी 2026 की स्थिति में जिले में कुल 30,587 विद्यार्थियों का बायोमेट्रिक अपडेट लंबित है, जिसे शीघ्र पूर्ण किया जाना है। इस हेतु विद्यालयों में विशेष बायोमेट्रिक अपडेट शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से यूआईडीएआई से डाटा अपडेट कर उसकी प्रविष्टि यूडाईस पोर्टल पर की जाएगी। अभियान के अंतर्गत ई.डी.एम. चिप्स से समन्वय कर 20 से अधिक लंबित बायोमेट्रिक वाले 352 विद्यालयों का चयन किया गया है, जिसमें लगभग 21,406 विद्यार्थियों का अपडेट किया जाना है। जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा रेखराज शर्मा द्वारा सभी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड स्त्रोत केंद्र समन्वयकों को निर्देशित करते हुए अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए विद्यालयों को पालकों एवं विद्यार्थियों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं शिविर में उपस्थित होकर अपना बायोमेट्रिक अपडेट करवा सकें। इस कार्य के सफल संचालन के लिए विकासखंड स्तर पर बीआरसी एवं संकुल स्तर पर संकुल समन्वयकों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। पूरे अभियान की प्रतिदिन मॉनिटरिंग जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद द्वारा किया जाएगा। प्रथम चरण में 5 से 7 वर्ष एवं 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों के बायोमेट्रिक अपडेट पर फोकस करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। यूआईडीएआई द्वारा बायोमेट्रिक अपडेट की जानकारी यूडाईस पोर्टल पर अपडेट करने की सुविधा भी उपलब्ध करा दी गई है। साथ ही यूआईडीएआई के निर्देशानुसार 7 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट एक वर्ष के लिए निःशुल्क किया गया है, जबकि 5 से 7 वर्ष एवं 17 वर्ष के बच्चों के लिए यह सुविधा पहले से ही निःशुल्क है। आधार ऑपरेटरों को प्रतिदिन शिविर की जानकारी निर्धारित प्रारूप में संधारित करने तथा शिविर स्थल पर आवश्यक दस्तावेज सूची, शुल्क सूची एवं अन्य निर्देश प्रदर्शित करने कहा गया हैं। 

विजय सिंह गौड़ ने जल-जंगल-जमीन और बुनियादी अधिकारों के लिए सदन से सड़क तक किया संघर्ष: सीएम योगी

प्रदेश ने खोए जमीन से जुड़े और जनजातीय समाज के नेता: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने विधानसभा के दिवंगत सदस्यों के प्रति अर्पित की श्रद्धांजलि सीएम बोले- प्रो. श्याम बिहारी लाल ने शिक्षण अनुभव को जनसेवा से जोड़कर लोकतंत्र को दी मजबूती विजय सिंह गौड़ ने जल-जंगल-जमीन और बुनियादी अधिकारों के लिए सदन से सड़क तक किया संघर्ष: सीएम योगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को दिवंगत विधायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने शोक जताते हुए सदन में कहा कि वर्तमान विधानसभा के सदस्य प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल का निधन 2 जनवरी 2026 को 60 वर्ष की आयु में हो गया। वह दूसरी बार विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे और फरीदपुर (बरेली) से भारतीय जनता पार्टी के विधायक थे। प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल मिलनसार और जमीन से जुड़े जनप्रतिनिधि थे। शिक्षा जगत से उनका गहरा जुड़ाव रहा। वह इतिहास संकलन समिति, बरेली के अध्यक्ष तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली की कार्यसमिति के सदस्य भी रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में बुनियादी विकास कार्यों को गति दी और पिछड़े, वंचित व गरीब वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर काम किया। शिक्षा जगत से जुड़े विद्वान जब जनप्रतिनिधि बनते हैं तो वह लोकतांत्रिक परंपराओं को सशक्त करते हैं। उनके निधन से प्रदेश और भारतीय जनता पार्टी को अपूर्णनीय क्षति हुई है। मुख्यमंत्री ने वर्तमान विधानसभा के वरिष्ठ सदस्य विजय सिंह गौड़ के निधन पर भी शोक व्यक्त किया। उन्होंने सदन को बताया कि समाजवादी पार्टी से विधायक विजय सिंह का निधन 8 जनवरी 2026 को 71 वर्ष की आयु में हो गया था। वह आठवीं बार विधानसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे। वर्ष 1980 से उनका राजनीतिक सफर शुरू हुआ था। उन्होंने सर्वप्रथम वर्ष 1980, फिर 1985, 1989, 1991, 1993, 1996, 2002 में चुनाव जीता था। वर्ष 2024 के उप चुनाव में वह दुद्धी विधानसभा से निर्वाचित हुए थे। वह जनजातीय समाज की सशक्त आवाज के रूप में जाने जाते थे। सीएम योगी ने कहा कि विजय सिंह गौड़ ने जल, जंगल, जमीन के अधिकारों के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों को सदैव प्राथमिकता दी। उनके निधन से न केवल जनजातीय समाज, बल्कि पूरे प्रदेश ने संघर्षशील समाजसेवी और अनुभवी राजनेता को खो दिया है। मुख्यमंत्री ने दोनों दिवंगत सदस्यों के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए ईश्वर से शोकाकुल परिजनों को संबल देने की प्रार्थना की।

दूषित पानी से इंदौर में मौतों का सिलसिला, बच्ची और बुजुर्ग की मौत के बाद संख्या 35

इंदौर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला जारी है। मंगलवार को बस्ती में दो लोगों की मौत हो गई। इनमें दो साल की बच्ची रिया भी शामिल है। इसके अलावा 75 वर्षीय शालिग्राम ठाकुर की भी जान चली गई। उन्हें सात दिन पहले उल्टी दस्त की शिकायत के चलते निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था।   परिजनों का कहना है कि उन्हें लकवे की शिकायत थी, अन्य कोई बीमारी नहीं थी। उधर दो वर्षीय रिया प्रजापति को भी दिसंबर में उल्टी दस्त की शिकायत के चलते भर्ती किया गया था। बाद में उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। परिजनों का कहना है कि बीमार होने के कारण रिया काफी कमजोर हो गई थी और उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। 15 दिन पहले रिया को चाचा नेहरू अस्पताल में एडमिट कराया गया था। उसे लीवर की शिकायत थी।  बच्ची ने इलाज के दौरान तोड़ा दम परिजनों के मुताबिक, बच्ची की तबीयत बिगड़ने पर चाचा नेहरू अस्पताल में दाखिल किया गया था। वहां इलाज में फायदा नहीं होने पर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में दाखिल किया गया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इधर, 75 वर्षीय शालिग्राम के परिजनों ने बताया कि दो जनवरी को उल्टी-दस्त के कारण शैल्बी अस्पताल में रेफर किया गया था। वहां से उन्हें बॉम्बे हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया। इसके बाद वह वेंटिलेटर पर ही थे। करीब 12 दिन पहले उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था। फिलहाल दोनों मौतों को मौत की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने डायरिया की वजह से नहीं की है। डॉक्टरों का कहना है कि दोनों को दूसरी बीमारियां भी थीं। बता दें कि अब तक 35 मौतें दूषित पानी के कारण हो चुकी हैं। कोर्ट ने अफसरों ने 16 लोगों की मौत डायरिया की वजह मानी है। आयोग ने जांच शुरू की इंदौर भागीरथपुरा में दूषित जल से 35 मौतें और सैकड़ों लोगों के बीमार होने के मामले में उच्च न्यायालय द्वारा गठित आयोग की जांच शुरू हो गई है। आयोग के समक्ष रहवासी या अन्य व्यक्ति शिकायत और आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। उच्च न्यायालय ने भागीरथपुरा क्षेत्र में पेयजल प्रदूषण तथा उससे जनस्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों पर पड़े प्रभाव की जांच के लिए न्यायमूर्ति सुशील कुमार गुप्ता पूर्व न्यायाधीश उच्च न्यायालय की अध्यक्षता में जांच आयोग का गठन किया है। आयोग द्वारा जल प्रदूषण के कारणों, प्रशासनिक लापरवाही, जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई, जनहानि, चिकित्सकीय प्रभाव तथा सुधारात्मक उपायों की जांच की जाएगी। आयोग ने इसे लेकर सार्वजनिक सूचना जारी की है। इसके तहत भागीरथपुरा एवं आसपास के क्षेत्रों के सभी प्रभावित नागरिक, परिजन, जनप्रतिनिधि, चिकित्सक, अस्पताल, सामाजिक संगठन, ठेकेदार, शासकीय अधिकारी अथवा कोई भी व्यक्ति, जिनके पास प्रकरण से संबंधित जानकारी, दस्तावेज या साक्ष्य उपलब्ध हों, वह आयोग के सामने पेश कर सकता है। साथ ही पेयजल प्रदूषण से संबंधित शिकायतें या आवेदन, चिकित्सकीय अभिलेख, अस्पताल में भर्ती होने की पर्चियां, डिस्चार्ज समरी, मृत्यु प्रमाण पत्र, जल पाइप लाइन में रिसाव, सीवरेज मिश्रण या क्षति से संबंधित फोटो/वीडियो, जल आपूर्ति से संबंधित टेंडर दस्तावेज, कार्य आदेश, निरीक्षण रिपोर्ट या कोई अन्य सामग्री भी आयोग के कार्यालय स्कीम नंबर 140 आरसीएम 10, प्रथम मंजिल आनंद वन स्थित आयोग के कार्यालय में 28 फरवरी तक प्रस्तुत कर सकते हैं। बच्ची के लिवर में तकलीफ बताई गई थी 15 दिन पहले रिया को चाचा नेहरू अस्पताल में एडमिट किया गया था। यहां उसके लिवर में तकलीफ बताई गई थी। इसके बाद उसे सुपर स्पेशियालिटी हॉस्पिटल में एडमिट किया गया, जहां करीब 5 दिन बाद उसकी मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि दूषित पानी के कारण ही तबीयत बिगड़ी। उसका असर लिवर तक हुआ। गुइलेन बैरे सिंड्रोम से जूझ रही महिला 57 वर्षीय एक महिला गंभीर जीबीएस (गुइलेन बैरे सिंड्रोम) से जूझ रही हैं। हालांकि इस मरीज को जीबीएस होने का स्वास्थ्य विभाग खंडन कर चुका है, लेकिन परिजन का कहना है कि इसी बीमारी के कारण उन्हें HDU (High Dependency Unit) में एडमिट किया गया है। दरअसल, दूषित पानी के कारण इस महिला की हालत 28 दिसंबर को बिगड़ी थी। पहले उसे एक प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। इसके बाद 2 जनवरी को दूसरे बड़े हॉस्पिटल में रेफर किया गया। इस तरह करीब डेढ़ माह से इलाज चल रहा है। इस बीच हालत गंभीर होने पर 20 दिन से ज्यादा समय तक वह आईसीयू, वेंटिलेटर पर भी एडमिट रही। परिजन के मुताबिक, अभी ठीक होने में समय लगेगा। जीबीएस गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी जीबीएस एक दुर्लभ और गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी है। इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अपनी ही स्वस्थ तंत्रिकाओं पर हमला करने लगती है। इसका एक कारण गंदे पानी में पनपने वाला कैम्पीलोबैक्टर जेजुनी बैक्टीरिया भी है। बीमारी के तहत हाथ-पैरों में झुनझुनी और सुन्नपन होता है। यह गैस्ट्रोएंटेराइटिस (पेट का इंफेक्शन) देखने में आता है। इसमें मरीज को ठीक होने में समय लगता है। इसमें 70% मरीज स्वस्थ हो पाते हैं। इसमें मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। मरीज सांस तक नहीं ले पाता है और वेंटिलेटर पर भी रखना पड़ता है। ये क्या…12 किमी दूर जाकर करें शिकायत जिस भागीरथपुरा में दूषित जल से हुई मौतों व बीमारी के मामले में जांच होनी है, उसका ऑफिस भागीरथपुरा से करीब 12 किलोमीटर दूर खोला गया है। प्रशासन द्वारा ऑफिस के लिए जगह उपलब्ध कराने की बात सामने आई है। पीडितों को शिकायत करने के लिए लंबी दूरी तय करनी होगी। भागीरथपुरा से स्कीम 140 तक का लंबा सफर चर्चा का विषय है। HC के आदेश पर बना आयोग कर रहा जांच मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर इस मामले की जांच के लिए एक आयोग बनाया गया है। इस आयोग के अध्यक्ष एमपी हाईकोर्ट के रिटायर्ट जज सुशील कुमार गुप्ता हैं। आयोग किन पॉइंट्स पर जांच कर रहा?     पीने का पानी कैसे और क्यों प्रदूषित हुआ?     इसमें किस स्तर पर प्रशासन की लापरवाही हुई?     कौन-कौन लोग इसके जिम्मेदार हैं और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हो सकती है?     लोगों की सेहत पर इसका क्या असर पड़ा?     कितनी जनहानि हुई?     भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए क्या सुधार जरूरी हैं? इस मामले को लेकर आयोग ने सार्वजनिक सूचना भी … Read more

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