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नए रंग-रूप में 24 थाने, न्याय सेवा सदन बनाकर बालाघाट पुलिस ने गिनीज बुक में नाम दर्ज कराने की योजना

बालाघाट पुलिस और जनता के बीच सकारात्मक संबंधों को मजबूती देने की दिशा में बालाघाट पुलिस ने अनूठी पहल की है। ये पहल बदलाव की है, जिसमें बालाघाट के सभी 24 पुलिस थानों को नए रंग-स्वरूप में परिवर्तित किया गया है। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा का कहना है कि इस पहल का यही उद्देश्य है कि चाहे वह महिला हो, युवती हो या अन्य कोई भी व्यक्ति, वह बिना डरे थाने में जाकर अपनी शिकायत कर सके। पुलिस स्टाफ उसके साथ अच्छा व्यवहार करे, थाने सुंदर और व्यवस्थित हों। फाइलों, दस्तावेजों और रिकॉर्ड का बेहतर संधारण और डिजिटलाइजेशन हो। आइएसओ प्रमाणित किया गया जिले के सभी 24 थानों, छह एसडीओपी कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय तथा पुलिस लाइन बालाघाट को आइएसओ प्रमाणित किया गया है। 32 पुलिस संस्थानों को मुख्यमंत्री ने प्रदान किए प्रमाण पत्र खास बात है कि सभी थाने उन्नयन, सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण हैं। ये अंतरराष्ट्रीय मापदंड पर तैयार किए गए हैं, जिन्हें सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आइएसओ प्रमाण पत्र भी प्रदान किए। जिले के सभी थानों और एसडीओपी कार्यालयों को महज चार महीने में नए स्वरूप में तैयार किया गया है। पहले अव्यवस्था का आलम रहता था इन संस्थानों में पहले अव्यवस्था का आलम रहता था। फाइलें धूल खाती थीं। कंप्यूटर कक्ष, मुंशी कक्ष, थाना प्रभारी कक्ष, विवेचक कक्ष, मालखाना आदि में फाइल सहित अन्य सामग्री अव्यवस्थित ढंग से रखी होती थीं, लेकिन अब इन्हें व्यवस्थित किया गया है। हर कक्ष की रंगाई-पोताई के साथ फाइलों के संधारण के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए भेजा प्रस्ताव बालाघाट पुलिस ने एक-साथ 32 पुलिस संस्थानों के आइएसओ प्रमाणीकरण की उपलब्धि को अंतरराष्ट्रीय पटल पर दर्ज कराने के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए प्रस्ताव भेजा है। बालाघाट पुलिस ने थानों के उन्नयन के लिए पांच बिंदुओं पर काम किया है। इन्हीं बिंदुओं पर आइएसओ प्रमाणीकरण हुआ है। थानों में इन पांच बिंदुओं पर किया काम 1. सैनेटाइजेशन: थाना परिसर में गंदगी को दूर किया गया। गार्डन तैयार कर परिसर में सुंदर और स्वच्छ बनाया गया। पुलिस ने सिर्फ थानों की अस्वच्छता को दूर नहीं किया बल्कि अव्यवस्थित दस्तावेज, फाइल, पुराने रिकार्ड को व्यवस्थित किया गया। 2. डिजिटाइजेशन: पुलिस ने सभी दस्तावेजों, फाइलों को फिजिकल सुरक्षित रखने के साथ इन्हें डिजिटल रूप में भी सुरक्षित किया है। ताकि कोई दस्तावेज भौतिक रूप से गुम भी हो, तो वह डिजिटल प्लेटफार्म में उपलब्ध हो और कार्रवाई में बाधा न आए। 3. आधारभूत संरचना: फरियादी के थाने पहुंचने पर उसे रिस्पेशन डेस्क उपलब्ध कराई गई है। फरियादी के लिए डे आफिसर को तैनात किया गया है। क्योंकि हर बार थाना प्रभारी थाने में हो ये संभव नहीं होता। डे आफिसर उस शिकायत पर निश्चित समय पर कार्रवाई करेगा। 4. समीक्षा बैठक कक्ष: थाना परिसर में रोज की कार्रवाइयों की समीक्षा के लिए पृथक कक्ष तैयार किया गया है। इस कक्ष में थाना प्रभारी अपने सभी विवेचकों के साथ बैठक लेंगे। जनता के साथ शांति समिति जैसी बैठकें भी कर सकेंगे। एसपी बैठक की निगरानी करेंगे। 5. साइबर सारथी: बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए पुलिस ने प्रत्येक थाने में साइबर सारथी के रूप में सात पुलिसकर्मियों का स्टाफ होगा, जिन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये स्टाफ फंड फ्रिजिंग करेगा और लोगों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करेगा।  

कीमती धातुओं में हलचल: सोना महंगा, चांदी अब भी ₹1.60 लाख नीचे — देखें लेटेस्ट रेट

नई दिल्ली  सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rates) में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है. इस साल बीते 29 जनवरी को लाइफ टाइम हाई छूने के बाद अचानक दोनों कीमती धातुएं क्रैश (Gold-Silver Price Crash) हो गई थीं, लेकिन बुधवार को इनमें एक बार फिर से तेज उछाल देखने को मिला है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सिल्वर प्राइस खुलने के साथ ही झटके में 8200 रुपये से ज्यादा चढ़ गया, तो सोना भी महंगा हुआ है. हालांकि, अगर गोल्ड-सिल्वर हाई रेट्स से तुलना करें, तो चांदी अभी भी 1.60 लाख रुपये प्रति किलो से ज्यादा सस्ती (Silver Cheaper From High) मिल रही है.  चांदी की ये लेटेस्ट कीमत सबसे पहले बात करते हैं, सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को एमसीएक्स पर चांदी के ओपनिंग कारोबार के बारे में, तो 5 मार्च की एक्सपायरी वाला MCX Silver Price अपने पिछले कारोबारी बंद 2,52,548 रुपये की तुलना में ओपन होते ही एक झटके में 2,60,838 रुपये के लेवल पर जा पहुंचा. इस हिसाब से कैलकुलेट करें, तो 1 Kg Silver 8,290 रुपये मंहगी हो गई है.  हाई से अभी भी इतनी सस्ती चांदी भले ही चांदी की कीमत में बुधवार को तेज उछाल देखने को मिला है, लेकिन ये अपने लाइफ टाइम हाई लेवल से अभी भी करीब 1.60 लाख रुपये के आसपास सस्ती मिल रही है. दरअसल, बीते 29 जनवरी को चांदी ने तूफानी रफ्तार से भागते हुए पहली बार 4 लाख का स्तर पार किया था और 4,20,048 रुपये के हाई पर पहुंच गई थी. लेकिन ये स्तर छूने के बाद से ही Silver Crash होने का सिलसिला शुरु हो गया. फिलहाल, हाई से गिरावट देखें, तो चांदी 1,59,210 रुपये प्रति किलो सस्ती है.  Gold Rate का आज का हाल  चांदी के बाद बताते हैं बुधवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाले सोने के वायदा भाव के बारे में, तो MCX पर सोना ओपनिंग के साथ ही 1633 रुपये उछल गया. बीते कारोबारी दिन मंगलवार को 10 Gram 24 Karat Gold Rate 1,56,803 रुपये पर क्लोज हुआ था और ये खुलने के साथ ही उछलकर 1,58,436 रुपये पर पहुंच गया.  हाई लेवल से इतना सस्ता सोना चांदी की तरह ही सोने की कीमतों में ताजा उछाल के बावजूद ये कीमती धातु अपने लाइफ टाइम हाई लेवल से सस्ती बनी हुई है. जी हां, बीते 29 जनवरी को जहां Silver Price 4 लाख रुपये के पार निकला था, तो इसके कदम से कदम मिलाकर चलते हुए Gold Rate भी 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था. इस हाई से अभी भी वायदा सोना 34,660 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता बना हुआ है.

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई (इटावा) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक संपन्न

यूपी आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के समीप बनाएगा ट्रॉमा सेंटर मुख्यमंत्री का निर्णय: 250 शैय्या वाले लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर की होगी स्थापना, आपात स्थितियों में मिलेगा त्वरित उपचार मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई (इटावा) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक संपन्न विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर रूरल हेल्थ’ के गठन के निर्देश एलोपैथी एवं आयुष के समन्वय से इंटीग्रेटिव मेडिसिन यूनिट की स्थापना का निर्णय स्वास्थ्य जागरूकता के लिए कम्युनिटी ब्रॉडकास्ट सर्विस शुरू होगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई (इटावा) के अंतर्गत 250 शैय्या वाले लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर की स्थापना की आवश्यकता पर बल दिया है। यह ट्रॉमा सेंटर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के समीप स्थापित किया जाएगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं सहित अन्य आपात परिस्थितियों में घायलों को त्वरित एवं उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। मंगलवार को बतौर कुलाधिपति विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की दूसरी बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेस-वे विश्वविद्यालय परिसर से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जिसके कारण दुर्घटना पीड़ितों के उपचार में बहुमूल्य समय नष्ट होता है। प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर का संचालन विश्वविद्यालय द्वारा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर रूरल हेल्थ’ की स्थापना के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए, जिसमें टेली-ओपीडी, वर्चुअल ओपीडी, डिजिटल डेटा एकीकरण तथा मोबाइल आउटरीच जैसी सेवाएं शामिल हों। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान को नई दिशा देने से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय को पश्चिमी एवं मध्य उत्तर प्रदेश के लिए उच्चस्तरीय चिकित्सा, शिक्षण एवं शोध के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि उपचार, शिक्षण और अनुसंधान के प्रत्येक क्षेत्र में गुणवत्ता, संवेदनशीलता तथा समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र में नवाचारों को प्राथमिकता देने पर बल देते हुए कहा कि देश के अग्रणी चिकित्सा एवं शैक्षणिक संस्थानों की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों (बेस्ट प्रैक्टिसेज) का अध्ययन कर उन्हें विश्वविद्यालय की व्यवस्था में समाहित किया जाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय से समाज की उच्च अपेक्षाएं जुड़ी हुई हैं, जिनकी पूर्ति के लिए हब-एंड-स्पोक मॉडल को प्रभावी रूप से लागू किया जाए, ताकि सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में समग्र सुधार हो सके। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय में इंटीग्रेटिव मेडिसिन यूनिट की स्थापना की जाएगी। इस इकाई के माध्यम से एलोपैथी एवं आयुष पद्धतियों के समन्वय से रोगी-केन्द्रित उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अंतर्गत आयुष विभाग के सहयोग से इंटीग्रेटिव ओपीडी, विशेष क्लीनिक, योग एवं वेलनेस इकाई स्थापित की जाएंगी। स्वास्थ्य जागरूकता एवं जनसंपर्क को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय समाज के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करे। इस क्रम में विश्वविद्यालय में कम्युनिटी ब्रॉडकास्ट सर्विस की स्थापना का निर्णय लिया गया, जिसके माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता, रोग-निवारण, सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से संबंधित प्रमाणिक जानकारी तथा शैक्षणिक सामग्री का प्रसारण किया जाएगा।

रिश्तों की बहाली बनी घोटाले की कहानी: तंत्र-मंत्र के चक्कर में पत्नी और तांत्रिक फरार

 इंदौर मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां बाणगंगा थाना क्षेत्र में रहने वाली एक महिला अचानक सोने-चांदी के जेवर और नगदी रकम लेकर घर से लापता हो गई. महिला के अचानक गायब होने से परिवार में हड़कंप मच गया, जिसके बाद परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस जांच में सामने आया कि महिला एक तांत्रिक के साथ फरार हुई थी, जिसे बाद में भोपाल से बरामद कर लिया गया. मामले की जानकारी देते हुए एसीपी रुबीना मिजबानी ने बताया कि महिला के लापता होने के बाद पुलिस ने गंभीरता से जांच शुरू की. सबसे पहले महिला के पति और परिवार के अन्य सदस्यों के बयान दर्ज किए गए. जांच के दौरान यह बात सामने आई कि पति और परिवार के बयानों में कई बिंदुओं पर अंतर था. इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर महिला की लोकेशन ट्रेस की. तकनीकी जांच में महिला की अंतिम लोकेशन भोपाल में पाई गई, जिसके बाद इंदौर पुलिस की टीम ने भोपाल जाकर महिला को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया. महिला के पास से कुछ सोने-चांदी के जेवर भी बरामद किए गए हैं. फिलहाल महिला को इंदौर लाकर पूछताछ की जा रही है. पुलिस पूछताछ में महिला ने बताया कि वह अपने पति से लंबे समय से परेशान थी. इसी दौरान उसकी पहचान राकेश जाटव नामक युवक से हुई, जो तांत्रिक क्रिया और पूजा-पाठ करवाने का काम करता था. महिला ने बताया कि घरेलू परेशानियों को लेकर राकेश द्वारा पूजा-पाठ के दौरान दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और धीरे-धीरे नजदीकियां हो गईं. घरेलू तनाव से परेशान होकर महिला ने राकेश के साथ जाने का फैसला किया. पुलिस सूत्रों के अनुसार, महिला के साथ फरार हुआ युवक राकेश जाटव तांत्रिक क्रियाओं के नाम पर लोगों को प्रभावित करता था. इस पहलू को भी जांच में शामिल किया गया है कि कहीं महिला को बहला-फुसलाकर या मानसिक रूप से प्रभावित कर तो नहीं ले जाया गया. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है. महिला के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और बरामद जेवरों व नगदी को लेकर भी पूछताछ की जा रही है. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी.

भोपाल बीजेपी कार्यकारिणी घोषित, लेकिन विवाद के चलते सोशल मीडिया से हटाई गई लिस्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भाजपा की नई जिला कार्यकारिणी का गठन विवादों की भेंट चढ़ गया है। शहर अध्यक्ष रविंद्र यती द्वारा मंगलवार को घोषित की गई टीम के खिलाफ पार्टी के भीतर ही जबरदस्त नाराजगी और विरोध के स्वर उठने लगे। मामला इतना बढ़ा कि कुछ ही घंटों के भीतर इस नई कार्यकारिणी को होल्ड पर रखना पड़ा। कार्यकारिणी पर क्यों मचा बवाल? विरोध का सबसे बड़ा कारण जिला महामंत्री के पद पर सचिन दास बब्बा की नियुक्ति को माना जा रहा है। पार्टी के पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सचिन दास 2013 में भाजपा के आधिकारिक प्रत्याशी सुरेंद्र नाथ सिंह के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ चुके हैं। इतना ही नहीं, उन पर भाजपा प्रदेश कार्यालय में तोड़फोड़ करने जैसे गंभीर आरोप भी हैं। ऐसे व्यक्ति को महत्वपूर्ण पद दिए जाने से निष्ठावान कार्यकर्ताओं में गहरा रोष फैल गया। बीजेपी की ये कार्यकारिणी हुई होल्ड ये बनाए गए थे उपाध्यक्ष: राजकुमार विश्वकर्मा, अश्विनी राय, राकेश कुकरेजा, अशोक वाणी, राजू अनेजा, भाषित दीक्षित, विभा गरुण, शिखा मोनू गोहल, ये बने महामंत्री : मनोज राठौर, योगेश परमार, सचिन दास बब्बा मंत्री: अमन यादव, योगेश वासवानी, सुनील यादव, सुषमा बावीसा, लक्ष्मी ठाकुर, पार्थ पाटीदार, प्रतीक्षा ब्रह्मभट्ट कोषाध्यक्ष: राघवेन्द्र द्विवेदी सह कोषाध्यक्ष: संतोष जाट कार्यालय मंत्री: योगेन्द्र मुखरैया सह कार्यालय मंत्री: अमित कुमार सिंह, सुमित पांडे आईटी प्रभारी: विश्वविजय सिंह आईटी सह प्रभारी: रवि यादव, शरद पंडित, शेखर श्रीवास्तव सोशल मीडिया प्रभारी: जगदीश विश्वकर्मा सोशल मीडिया सह प्रभारी: हेतराम, चंद्रभान यादव, आरती बोराना कार्यालय प्रभारी: शैलेन्द्र निगम मन की बात प्रभारी: सुनील निगम, सह प्रभारी: चंद्रशेखर तिवारी(राधे महाराज), राजेश खटीक, अनुपम जैन इन वजहों से हुआ विरोध तो होल्ड हुई सूची बीजेपी ऑफिस में तोड़फोड़ करने वाले को महामंत्री बनाया बीजेपी की जिला कार्यकारिणी में सचिन दास बब्बा को जिला महामंत्री बनाया गया था। लिस्ट जारी होने के बाद संगठन में भोपाल के कई नेताओं ने इस बात की शिकायत की कि सचिन दास प्रदेश कार्यालय में तोड़फोड़ में शामिल थे। 2013 में उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी सुरेन्द्र नाथ सिंह के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ा था। पार्षदों का क्लब बनी जिला कार्यकारिणी बीजेपी की जिला कार्यकारिणी में पांच पार्षद पदाधिकारी बनाए गए थे। इनमें वार्ड 70 के पार्षद अशोक वाणी, वार्ड 32 के पार्षद प्रतिनिधि राजू अनेजा, वार्ड 45 के पार्षद प्रतिनिधि मोनू गोहल, वार्ड 50 की पार्षद सुषमा बावीसा और वार्ड 13 के पार्षद मनोज राठौर जिला पदाधिकारी बनाए गए हैं। जिला और प्रदेश अध्यक्ष ने पोस्ट डिलीट की भोपाल की जिला कार्यकारिणी घोषित होने की लिस्ट बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, भोपाल के शहर अध्यक्ष रविन्द्र यती और बीजेपी मध्य प्रदेश के ऑफिशियल पेज पर पोस्ट की गई लेकिन, कुछ ही समय बाद सबने पोस्ट डिलीट कर दी। पार्षदों का क्लब बनी टीम संगठन के भीतर इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि नई कार्यकारिणी में पार्षदों और उनके प्रतिनिधियों का दबदबा रहा। वार्ड 70 के पार्षद अशोक वाणी, वार्ड 32 के पार्षद प्रतिनिधि राजू अनेजा, वार्ड 45 के पार्षद प्रतिनिधि मोनू गोहल, वार्ड 50 की पार्षद सुषमा बावीसा और वार्ड 13 के पार्षद मनोज राठौर को टीम में जगह दी गई। कार्यकर्ताओं का तर्क है कि इससे संगठन ‘पार्षदों का क्लब’ बनकर रह गया और जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी हुई। हटाए गए सोशल मीडिया पोस्ट विवाद इतना गहराया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, शहर अध्यक्ष रविंद्र यती और भाजपा मध्य प्रदेश के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज से सूची वाले पोस्ट आनन-फानन में डिलीट कर दिए गए। फिलहाल पूरी सूची को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। गौरतलब है कि रविंद्र यती की नियुक्ति के एक साल बाद यह सूची जारी हुई थी, जिसमें राजकुमार विश्वकर्मा और अश्विनी राय जैसे नेताओं को उपाध्यक्ष और योगेश परमार को महामंत्री बनाया गया था। महाशिवरात्रि तक के लिए होल्ड हुई है लिस्ट जिला कार्यकारिणी होल्ड होने को लेकर भोपाल के शहर अध्यक्ष रविन्द्र यती ने भास्कर से कहा- अभी महाशिवरात्रि तक के लिए लिस्ट होल्ड की गई है।

हेरोइन की बड़ी खेप पकड़ी गई: एयरपोर्ट पर साबुन के बॉक्स से निकली 6.8 करोड़ की ड्रग्स

 अहमदाबाद अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक बार फिर नशीले पदार्थों की तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है. एयर इंटेलिजेंस यूनिट और कस्टम्स विभाग की संयुक्त टीम ने एक यात्री के पास से 6.8 किलोग्राम संदिग्ध हेरोइन बरामद की, जिसकी अनुमानित कीमत 6.8 करोड़ रुपये है. कस्टम अधिकारी ने बताया, ये हेरोइन कुदरती और हर्बल साबुन के पैकेट्स में चालाकी से छिपाई गई थी. आरोपी यात्री कुतुब सिहाबुद्दीन अब्बास अली जो चेन्नई का निवासी है, कुआलालंपुर से एयर एशिया की फ्लाइट AK91 से अहमदाबाद पहुंचा था. अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट के इंटरनेशनल टर्मिनल पर उतरने के बाद यात्रियों की प्रोफाइलिंग के दौरान कुतुब ग्रीन चैनल से गुजर रहा था. उसकी हरकतों पर शक होने के कारण कस्टम्स टीम ने उसे रोका. अधिकारियों ने उसे डोर मेटल डिटेक्टर से गुजरने को कहा और पूछताछ की, लेकिन कुतुब ने कोई प्रतिबंधित सामान होने से इनकार कर दिया. हालांकि, जब उसका बैग एक्स-रे स्कैन किया गया तो प्रतिबंधित सामान होने की आशंका बढ़ गई. बैग की गहन जांच में 29 पैकेट मिले जो बाहर से कुदरती और हर्बल साबुन के लग रहे थे. इन पैकेट्स को काटकर जांचने पर अंदर नशीला पदार्थ छिपा हुआ पाया गया. इसके अलावा आरोपी के पास से सिल्वर फॉयल और कार्बन पेपर में लपेटे हुए तीन सफेद कवर भी मिले, जिनमें ड्रग्स का जत्था छिपाया गया था.जिसका सैंपल एफएसएल को भेजा गया है. अधिकारियों ने बताया कि कड़ी पूछताछ के दौरान कुतुब सिहाबुद्दीन ने कबूल किया कि ये पार्सल उसे उसके दोस्त पानीर ने दिया था. उसे इस पार्सल को पहुंचाने के बदले एक बड़ी रकम देने का वादा किया गया था. पुलिस और कस्टम विभाग अब इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क की चेन खंगालने में जुटी है. आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ कर ये पता लगाया जा रहा है कि ये नशे की खेप भारत में किसे सप्लाई की जानी थी.र्ट पर साबुन के बॉक्स से निकली 6.8 करोड़ की हेरोइन, यात्री गिरफ्तार

उदित नारायण विवाद: पहली पत्नी बोली—‘मेरे साथ की गई जघन्य साजिश, न्याय की तलाश जारी’

सुपौल  मशहूर पार्श्व गायक उदित नारायण झा एक बड़े विवाद में फिर से घिर गए हैं. उनकी पहली पत्नी रंजना नारायण झा ने सुपौल महिला थाना में उनके, उनके दो भाइयों और दूसरी पत्नी के खिलाफ आपराधिक आरोपों सहित एक गंभीर शिकायत दर्ज कराई है. रंजना ने आरोप लगाया कि उनका गर्भाशय आपराधिक साज़िश के तहत इलाज के बहाने बिना जानकारी निकलवा दिया गया और उन्होंने धोखा, उत्पीड़न और वादाखिलाफी जैसे आरोप भी लगाए हैं. रंजना अब बीमारी और आर्थिक तंगी के बीच न्याय की उम्मीद लेकर थाने का दरवाजा खटखटा रही हैं. 1984 की शादी, फिर दूरी उदित नारायण की पहली पत्नी रंजना झा के अनुसार, उनकी शादी 7 दिसंबर 1984 को पारंपरिक रीति रिवाज से उदित नारायण से हुई थी. शादी के कुछ समय बाद उदित अपने करियर के लिए मुंबई चले गए. रंजना का कहना है कि इसके बाद उनके वैवाहिक जीवन में दूरी बढ़ती गई. उन्हें बाद में मीडिया के जरिए पता चला कि उदित ने दूसरी शादी कर ली है. जब उन्होंने इस बारे में सवाल किया तो उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिला. इलाज के नाम पर बड़ा आरोप रंजना झा ने अपने आवेदन में सबसे गंभीर आरोप 1996 की एक घटना को लेकर लगाया है. उनका कहना है कि उन्हें इलाज के लिए दिल्ली के एक बड़े अस्पताल ले जाया गया. वहां उनके अनुसार बिना उनकी स्पष्ट सहमति के उनका गर्भाशय निकाल दिया गया. उन्हें इस बात की जानकारी बहुत बाद में दूसरे इलाज के दौरान हुई. रंजना इसे एक सुनियोजित साजिश बताती हैं और कहती हैं कि इस घटना ने उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से तोड़ दिया. रिश्तों में तनाव और अलगाव रंजना झा का कहना है कि बाद के वर्षों में जब वह मुंबई गईं तो उन्हें पति के घर में सम्मानजनक स्थान नहीं मिला. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें घर में प्रवेश तक नहीं करने दिया गया. इसके बाद वह नेपाल स्थित ससुराल पहुंचीं, लेकिन वहां भी उन्हें सहारा नहीं मिला. थक हारकर वह अपने मायके में रहने को मजबूर हो गईं. बीमारी और आर्थिक तंगी का दर्द रंजना झा अब 61 वर्ष की हो चुकी हैं और अब उम्र के इस पड़ाव पर आकर वह स्वास्थ्य समस्याओं और आर्थिक तंगी से जूझ रही हैं. उनका कहना है कि लगातार आश्वासन के बावजूद उन्हें ठोस सहायता नहीं मिली. इसी कारण उन्होंने एक बार फिर महिला थाना में आवेदन दिया है. उनका कहना है कि वह किसी बदले की भावना से नहीं, बल्कि अपने सम्मान और अधिकार के लिए लड़ रही हैं. सुपौल पुलिस मामले की जांच करेगी! सुपौल महिला थाना में दिए गए आवेदन के बाद अब पुलिस जांच की प्रक्रिया शुरू करेगी. आरोप गंभीर हैं और कानूनी रूप से हर पहलू की जांच जरूरी होगी. दूसरी ओर, उदित नारायण या उनके परिवार की ओर से इस नए आरोप पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है. बहरहाल, इस आरोप की सच्चाई की जांच अब पुलिस प्रक्रिया के तहत होगी. फिलहाल यह एक पक्ष का दावा है और कानूनी रूप से इसकी पुष्टि होना बाकी है. भरोसा, अधिकार और सम्मान जैसे सवाल बता दें कि यह विवाद नया नहीं है. पहले भी परिवार न्यायालय और महिला आयोग में मामला पहुंच चुका है. रंजना का दावा है कि एक समय पर उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया गया था और समझौते की बात हुई थी, लेकिन व्यवहार में उन्हें वह सम्मान और सहयोग नहीं मिला जिसकी वह अपेक्षा करती थीं. दरअसल, यह मामला केवल एक सेलिब्रिटी विवाद नहीं है, बल्कि एक ऐसे रिश्ते की कहानी है जिसमें भरोसा, अधिकार और सम्मान जैसे सवाल खड़े हो गए हैं.

भोपाल-इंदौर और 13 अन्य शहरों में गर्मी का असर, रात में तापमान गिरकर 10°C से भी नीचे

भोपाल  मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम ने दो अलग-अलग रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। दोपहर में धूप तेज हो रही है और तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच रहा है, वहीं रात और सुबह के समय सर्दी अब भी महसूस की जा रही है। मंगलवार को भोपाल और इंदौर सहित 15 शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार दर्ज किया गया, जबकि रात के समय 11 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा।मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल देश में दो सिस्टम सक्रिय हैं, लेकिन वे कमजोर स्थिति में हैं, इसलिए प्रदेश में बारिश की संभावना कम है। हालांकि 13 और 16 फरवरी को पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हो सकता है, जिसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ सकता है। इससे दिन और रात के तापमान में 3 से 4 डिग्री तक गिरावट आने की संभावना जताई गई है।  मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल देश में दो सिस्टम सक्रिय हैं, लेकिन वे कमजोर स्थिति में हैं, इसलिए प्रदेश में बारिश की संभावना कम है। हालांकि 13 और 16 फरवरी को पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हो सकता है, जिसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ सकता है। इससे दिन और रात के तापमान में 3 से 4 डिग्री तक गिरावट आने की संभावना जताई गई है। मंगलवार को नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, सागर, दमोह, खजुराहो, टीकमगढ़, बैतूल, गुना, धार, खंडवा, खरगोन, रायसेन, रतलाम और मंडला सहित कई शहरों में पारा 30 डिग्री से ऊपर पहुंचा।वहीं रात के तापमान की बात करें तो शहडोल जिले के कल्याणपुर में सबसे ज्यादा ठंड दर्ज की गई, जहां पारा 4.5 डिग्री तक लुढ़क गया। कटनी के करौंदी में 5.9 डिग्री, अमरकंटक में 7.8 डिग्री, खजुराहो में 8.2 डिग्री, पचमढ़ी और उमरिया में 8.4 डिग्री, रीवा में 8.5 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री, मंडला में 9.1 डिग्री, दतिया में 9.5 डिग्री और नौगांव में 9.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। दिन में नर्मदापुरम सबसे गर्म, कल्याणपुर की रात ठंडी मंगलवार को भोपाल, इंदौर, दमोह, खजुराहो, मंडला, सागर, टीकमगढ़, बैतूल, गुना, धार, खंडवा, खरगोन, रायसेन, रतलाम समेत 15 शहरों में पारा 30 डिग्री से ज्यादा रहा। नर्मदापुरम में तापमान सबसे ज्यादा 33 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, सोमवार-मंगलवार की रात में शहडोल के कल्याणपुर की रात सबसे ठंडी रही। यहां न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री पहुंच गया। कटनी के करौंदी में 5.9 डिग्री, अनूपपुर के अमरकंटक में 7.8 डिग्री, खजुराहो में 8.2 डिग्री, पचमढ़ी-उमरिया में 8.4 डिग्री, रीवा में 8.5 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री, मंडला में 9.1 डिग्री, दतिया में 9.5 डिग्री और नौगांव में 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बर्फ पिघलने के बाद बढ़ेगी सर्दी मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में एक साइक्लोनिक सर्ककुलेशन एवं वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव है। वहीं, पहाड़ों में बर्फबारी और बारिश होने का अनुमान है। इस वजह से प्रदेश में अगले 2 दिन तक तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्से में मंगलवार को दिन में तेज धूप खिली रही। इससे अधिकतम तापमान में बढ़ा हुआ रहा। हालांकि, रात व अलसुबह ठंड का असर बरकरार रहेगा। पारे में जरूर बढ़ोतरी होगी। इसलिए बदलेगा मौसम मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, सिस्टम गुजरने और बर्फ पिघलने के बाद मौसम में फिर से बदलाव देखने को मिलेगा। 13, 14 और 15 फरवरी को तापमान में गिरावट होगी और ठंड का असर बढ़ जाएगी। उत्तर से ठंडी हवाओं का असर भी देखने को मिलेगा। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम     12 फरवरी- अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। दिन में तेज धूप खिली रहेगी।     13 फरवरी- तापमान में 3 से 4 डिग्री तक की बढ़ोतरी होगी। रात और अलसुबह ही ठंड का असर रहेगा। MP के पांच बड़े शहरों में फरवरी का मौसम… भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, दिन गर्म भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, जबकि दिन गर्म। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 4 साल दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया था। रात में 7 साल पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 25 डिग्री के पार है। विशेषज्ञों के मुताबिक 13, 14 और 15 फरवरी के दौरान तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। दिन और रात दोनों के पारे में 3 से 4 डिग्री तक कमी आ सकती है। इससे एक बार फिर ठंड का असर बढ़ेगा, खासकर सुबह और देर रात के समय सर्दी ज्यादा महसूस होगी। फिलहाल प्रदेश में मौसम का यह ‘मिक्स पैटर्न’ लोगों को हैरान कर रहा है दोपहर में गर्मी और रात में सर्दी, यानी एक ही दिन में दो मौसम का एहसास। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी और बारिश का असर आने वाले दिनों में प्रदेश पर पड़ेगा। फिलहाल अगले दो दिन तक दिन का तापमान बढ़ा हुआ रह सकता है, क्योंकि धूप तेज बनी हुई है। लेकिन जैसे ही सिस्टम आगे बढ़ेगा और बर्फ पिघलेगी, उत्तर दिशा से ठंडी हवाएं चलने लगेंगी, जिससे मौसम में फिर बदलाव आएगा। 

सूर्या की बढ़ी मुश्किलें! पाकिस्तान के खिलाफ मैच में नहीं खेल पाएंगे अभिषेक ? जानिए कौन ले सकता है उनकी जगह

  नई दिल्ली टीम इंडिया के ओपनर अभिषेक शर्मा को पेट में इन्फेक्शन के कारण सोमवार को दिल्ली के एक फोर्टिस अस्तपताल में भर्ती कराया गया है. कल (मंगलवार)  रात तक वह हॉस्पिटल में थे, उनकी हेल्थ कंडीशन पर आगे के अपडेट का इंतजार किया जा रहा है. ऐसे में बड़ा सवाल है कि अगर वो पूरी तरह 12 फरवरी संग नामीब‍िया उनकी जगह कौन लेगा.  आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच टीम इंडिया को पहला बड़ा झटका तब लगा, जब हर्षित राणा घुटने की गंभीर चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए. जांच के बाद पता चला कि हर्षित के दाएं घुटने में लेटरल मेनिस्कस इंजरी हुई है. मेडिकल टीम ने उन्हें तुरंत सर्जरी कराने की सलाह दी, जिसके बाद उन्होंने ऑपरेशन करवाया. अब अभ‍िषेक के अस्पताल में भर्ती होने से टीम इंड‍िया संकट में है.  अब सवाल है कि अगर अभ‍िषेक 12 फरवरी को नहीं खेलते हैं तो उनकी जगह कौन टीम में लेगा? वहीं भारत को पाकिस्तान से भी 15 फरवरी को  कोलंबो में मैच खेलना है. अगर अभ‍िषेक उस मुकाबले से हटते हैं तो उनकी जगह कौन आएगा.  इसका सीधा जवाब है- संजू सैमसन. क्योंकि वह हाल फ‍िलहाल में टीम इंड‍िया के लिए वही ओपन‍िंग कर रहे थे. ईशान किशन के न्यूजीलैंड सीरीज में फॉर्म के बाद उनको बेंच पर बैठना पड़ा. अभ‍िषेक की गैरमौजूदगी में वो ओपन‍िंग करते हुए दिखेंगे.  अभ‍िषेक शर्मा को क्या हुआ अभिषेक शर्मा पेट के संक्रमण के कारण दिल्ली के फोर्टि‍स अस्पताल में भर्ती हैं, जिससे गुरुवार को नामीबिया के खिलाफ होने वाले मुकाबले में उनकी उपलब्धता पर सवाल खड़े हो गए हैं. अभिषेक पिछले दो दिनों से अस्पताल में हैं और उनकी स्थिति जानने के लिए कई मेडिकल टेस्ट किए जा रहे हैं. PTI को एक BCCI सूत्र ने बताया- अभिषेक को स्टमक इन्फेक्शन के कारण दिल्ली के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है. समस्या की सही वजह जानने के लिए जांच चल रही है. आज डिस्चार्ज होगा या नहीं, यह अभी साफ नहीं है. फिलहाल नामीबिया मैच खेलना मुश्किल लग रहा है. अभिषेक ने मुंबई में USA के खिलाफ टूर्नामेंट के पहले मैच में खाता भी नहीं खोला था और शून्य पर आउट हो गए थे. इसके बाद वह मैदान पर नहीं उतरे और फील्डिंग के दौरान संजू सैमसन ने उनकी जगह संभाली थी.भारतीय टीम के लिए फिलहाल नामीबिया मुकाबले से ज्यादा अहम 15 फरवरी को कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में पाकिस्तान के खिलाफ होने वाला हाई-वोल्टेज मैच माना जा रहा है. वहां की पिच और परिस्थितियां अलग होंगी, ऐसे में टीम मैनेजमेंट अभिषेक को पूरी तरह फिट देखना चाहता है.   मेडिकल विशेषज्ञों के मुताबिक स्टमक इन्फेक्शन का असर खिलाड़ी की स्टैमिना और एंड्योरेंस पर पड़ता है. ऐसे में यह देखना अहम होगा कि क्या अभिषेक शुक्रवार को यात्रा कर पाएंगे, शनिवार को अभ्यास कर सकेंगे और रविवार को मैदान में उतरने की स्थिति में होंगे. इस बीच संजू सैमसन ने मंगलवार को नेट्स में लंबा अभ्यास किया और बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक के साथ काफी समय बिताया. इसे इस संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि टीम मैनेजमेंट विकल्प तैयार रख रहा है. हालांकि भारतीय टीम को उम्मीद है कि 25 वर्षीय बल्लेबाज पाकिस्तान मैच तक फिट होकर टीम से जुड़ जाएंगे. गंभीर के यह ड‍िनर में गए थे अभ‍िषेक दिलचस्प बात यह भी रही कि अभिषेक रविवार को हेड कोच गौतम गंभीर के घर आयोजित टीम डिनर में शामिल हुए थे, लेकिन बाकी खिलाड़ियों से पहले ही वापस लौट गए थे, जो उनकी तबीयत ठीक न होने का संकेत था. अब सभी की नजर उनकी मेडिकल रिपोर्ट और रिकवरी टाइमलाइन पर टिकी है. 12 फरवरी को दिल्ली में है भारत का नामीब‍िया से मैच  ध्यान रहे भारत को 12 फरवरी को नामीबिया के खिलाफ अपना लीग मुकाबला दिल्ली में खेलना है. मुंबई में USA के खिलाफ मैच खेलने वाले अभिषेक पेट से जुड़ी बीमारी से जूझ रहे हैं और मंगलवार के ट्रेनिंग सेशन में हिस्सा नहीं ले सके थे. इस बारे में भारत के सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने भी बात की थी. रयान ने कहा था- अभिषेक को अभी भी पेट से जुड़ी कुछ दिक्कत है. हमें उम्मीद है कि वह मैच तक उपलब्ध हो जाएंगे. मंगलवार शाम फ्लडलाइट्स में हुए अभ्यास में ईशान किशन सबसे पहले बल्लेबाजी के लिए उतरे, जबकि संजू सैमसन उनके साथ पेस बॉलिंग नेट में नजर आए. दोनों ने हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अर्शदीप सिंह और एक लंबे बाएं हाथ के नेट गेंदबाज का सामना किया, जिसे नामीबिया के तेज गेंदबाज रूबेन ट्रम्पेलमैन जैसी एंगल तैयार करने के लिए इस्तेमाल किया गया. दूसरे नेट में तिलक वर्मा और सूर्यकुमार यादव ने साथ बल्लेबाजी की, जिससे भारत के संभावित टॉप-4 संयोजन का संकेत मिला. पिछले कुछ हफ्ते संजू सैमसन के लिए उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं. मुंबई में विश्व कप के पहले मैच में वह ओपनिंग स्थान गंवा चुके हैं. खराब फॉर्म और ईशान किशन की शानदार लय के चलते उन्हें फिलहाल बेंच पर बैठना पड़ा. टेन डोशेट ने कहा टीम  मैनेजमेंट ने संजू को पूरा सपोर्ट किया, लेकिन जब ईशान जैसे खिलाड़ी न्यूज़ीलैंड सीरीज में शानदार प्रदर्शन करते हैं, तो पहले मैच का चयन साफ हो जाता है. वैसे नेट्स में सैमसन ने करीब 30 मिनट बल्लेबाजी की.  बुमराह हुए फ‍िट, क्या नामीब‍िया के ख‍िलाफ खेलेंगे?  इस बीच जसप्रीत बुमराह की फिटनेस को लेकर राहत की खबर मिली. टेन डोशेट ने मंगलवार को बताया- बुमराह 10 दिन से गेंदबाजी से दूर थे, लेकिन अब काफी बेहतर महसूस कर रहे हैं. अभ्यास के दौरान बुमराह ने सूर्यकुमार और तिलक को लगभग 25 मिनट गेंदबाजी की और पूरी तरह फिट दिखे. इसके बाद बल्लेबाजी क्रम में रिंकू सिंह, शिवम दुबे और हार्दिक पंड्या ने नेट्स संभाले. अब सबकी नजरें अभिषेक शर्मा की फिटनेस अपडेट और अंतिम प्लेइंग इलेवन पर टिकी हैं, जिसका फैसला मैच से ठीक पहले ही होगा. अगर अभ‍िषेक शर्मा फ‍िट नहीं हो पाते हैं तो उनकी जगह  संजू सैमसन ओपन‍िंग करते हुए नजर आएंगे. 

साथी ने ही बदल दिया समीकरण: शिवसेना UBT के सपोर्ट से भाजपा की जीत, कांग्रेस देखती रह गई

मुंबई  गुटबाजी से जूझ रही कांग्रेस को उस समय बड़ी शर्मिंदगी झेलनी पड़ी, जब उसकी सहयोगी शिवसेना (UBT) और सत्तारूढ़ भाजपा के बीच अचानक हुए गठबंधन से चंद्रपुर नगर निगम में भाजपा का महापौर चुन लिया गया। यह तब हुआ, जब कांग्रेस इस पद पर दावा करने की स्थिति में थी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की संगीता खांडेकर ने कांग्रेस उम्मीदवार वैशाली महादुले को एक वोट से हराकर महापौर चुनाव जीत लिया। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) ने भाजपा को समर्थन दिया। शिवसेना (UBT) के पार्षद प्रशांत दानव उपमहापौर चुने गए। सबसे बड़ी पार्टी बनी थी कांग्रेस इस घटनाक्रम ने विपक्षी एकता और महा विकास आघाडी (MVA) की व्यवहार्यता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि शिवसेना (UBT) MVA और विपक्षी दलों के ‘INDIA’ गठबंधन दोनों में कांग्रेस की एक प्रमुख सहयोगी है। चंद्रपुर उन कुछ नगर निकायों में से एक है जहां कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और महापौर का पद हासिल करने की स्थिति में थी। हालांकि, विजय वडेट्टीवार और प्रतिभा धनोरकर के नेतृत्व वाले गुटों के बीच गहरे आंतरिक मतभेदों ने भाजपा को अपना महापौर बनाने का अवसर प्रदान कर दिया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि वह विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के बाद इस घटनाक्रम पर चर्चा करेंगे। कांग्रेस ने इन दलों को घेरा तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल ने पार्षदों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया और इस झटके के लिए शिवसेना (UBT), AIMIM और वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) को जिम्मेदार ठहराया। कांग्रेस नेता ने पत्रकारों से कहा, ‘चंद्रपुर महापौर चुनाव में भाजपा को 32 वोट और कांग्रेस को 31 वोट मिले। शिवसेना (UBT), MVA और विपक्षी दलों के ‘INDIA’ गठबंधन की सहयोगी है। उम्मीद थी कि शिवसेना (UBT) अपने छह पार्षदों के साथ कांग्रेस को समर्थन देगी लेकिन पार्टी ने भाजपा का साथ देना चुना। इस घटनाक्रम का राज्य पर असर पड़ेगा।’ महापौर पद के लिए मची थी होड़ यहां 66 सदस्यीय नगर निकाय में कांग्रेस 27 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी जबकि भाजपा 23 सीट के साथ दूसरे स्थान पर रही जिससे दोनों दलों के बीच प्रतिष्ठित महापौर और उप महापौर पदों को पाने की होड़ मच गई। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) ने छह सीट जीतीं, भारतीय शेतकरी कामगार पक्ष (जनविकास सेना) को तीन, वीबीए को दो और एआईएमआईएम, बसपा और शिवसेना को एक-एक सीट मिली। दो निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी चुनाव जीता। पंद्रह जनवरी को हुए चुनाव में खंडित जनादेश के बाद चंद्रपुर नगर निकाय में गठबंधन को लेकर सोमवार तक कोई स्पष्टता नहीं थी। शिवसेना यूबीटी थी भाजपा के विरोध में महापौर चुनाव से पहले, शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने उद्धव ठाकरे के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा था कि पार्टी विपक्ष में बैठना पसंद करेगी और भाजपा का कभी समर्थन नहीं करेगी। हालांकि, परिणाम आने के बाद, शिवसेना (UBT) के नेता अंबादास दानवे ने कहा कि यह घटनाक्रम पार्टी नेतृत्व की मंजूरी के बिना हुआ प्रतीत होता है। पार्टी के स्थानीय नेताओं ने अलग-अलग स्पष्टीकरण दिया। चंद्रपुर जिला शिवसेना (UBT) के अध्यक्ष संदीप गिरहे ने बताया कि स्थानीय नेताओं ने महापौर पद के लिए कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार से मुलाकात की थी, लेकिन कांग्रेस ने पांच साल के लिए यह पद देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, ”इसके बाद शिवसेना (UBT) ने ‘विकास के हित में’ भाजपा से बातचीत शुरू की।” गिरहे ने कहा कि वह शिवसेना (UBT) के नेता वरुण सरदेसाई के संपर्क में रहे और नेतृत्व ने स्थानीय इकाइयों को संगठनात्मक एकता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। उप महापौर दानव ने पुष्टि की कि भाजपा और शिवसेना (UBT) के बीच हुई चर्चा के परिणामस्वरूप एक समझौता हुआ जिसके तहत भाजपा को महापौर का पद और शिवसेना (UBT) को उपमहापौर का पद मिला। भाजपा ने क्या कहा भाजपा के महापौर चुनाव पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के समर्थन के कारण भाजपा को बढ़त मिली, जबकि प्रकाश आंबेडकर के नेतृत्व वाली वंचित बहुजन आघाडी (VBA) मतदान के दौरान अनुपस्थित रही। सपकाल ने कहा, ”वंचित बहुजन आघाडी के साथ हमने नगर निकाय चुनावों में वास्तविक गठबंधन किया और अगर उसने कांग्रेस का समर्थन किया होता तो हमारा उम्मीदवार जीत जाता। पार्षदों की खरीद-फरोख्त हुई।” चंद्रपुर कांग्रेस में गुटबाजी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पार्टी के पार्षद एकजुट हैं और उन्होंने चंद्रपुर में कांग्रेस नेताओं के बीच मतभेदों को सुलझा लिया है। उन्होंने कहा, ”शिवसेना (UBT), एआईएमआईएम और वीबीए की वजह से ही भाजपा अपना महापौर बना सकी।” शिवसेना (UBT) पर निशाना साधते हुए, शिवसेना मंत्री संजय शिरसाट ने कहा कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी के पार्षदों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वे अब कांग्रेस और राकांपा के साथ गठबंधन नहीं करना चाहते।

पवार परिवार में शादी की शहनाई: शरद पवार की नातिन रेवती नागपुर की बहू बनेंगी

 नागपुर एनसीपी (शरद पवार) की नेता और सांसद सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले जल्द ही शादी के बंधन में बंधने वाली हैं. रेवती की शादी नागपुर के प्रतिष्ठित बिजनेसमैन के बेटे सारंग लखानी से तय हुई है. इस खबर की पुष्टि परिवार के सदस्यों और करीबी दोस्तों की ओर से सोशल मीडिया पर शेयर किए गए बधाई संदेशों से हुई है. लोकसभा सांसद के बेटे विजय सुले ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर बधाई मैसेज पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने बहन रेवती और सारंग की एक फोटो शेयर की, जिसके साथ कैप्शन था, “बधाई हो बहन और जीजाजी,” साथ में दिल और अंगूठी वाले इमोजी भी थे. कांग्रेस लीडर सुशील कुमार शिंदे की बेटी स्मृति शिंदे ने भी सोशल मीडिया पर ऐसा ही मैसेज और फोटो शेयर किया. रेवती सुले ने मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज से इकोनॉमिक्स में बैचलर किया और बाद में लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री हासिल की. वहीं, सारंग लखानी अभी विश्वराज ग्रुप में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं, जो उनके पिता की फर्म है. सारंग ने यूनाइटेड स्टेट्स के कोलंबिया बिजनेस स्कूल से मैनेजमेंट की पढ़ाई की है. साथ ही सारंग लखानी एक कुशल बैडमिंटन खिलाड़ी भी रह चुके हैं.  खुशी की इस खबर के बीच परिवार के वरिष्ठ सदस्य और दिग्गज नेता शरद पवार के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता बनी हुई है. उन्हें सीने में संक्रमण के चलते सोमवार को पुणे के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उम्मीद की जा रही है कि वे जल्द स्वस्थ होकर पोती के विवाह समारोहों में शामिल होंगे.

अब स्क्रीन पर जांची जाएंगी 12वीं की कॉपियां, CBSE ने लागू किया नया मूल्यांकन सिस्टम

नई दिल्ली केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अपनी परीक्षा मूल्यांकन प्रोसेस में बड़ा बदलाव करने जा रहा है. साल 2026 से CBSE कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियां ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम के जरिए चेक की जाएगी. इसका साफ मतलब यह है कि अब कॉपियों की जांच डिजिटल तरीके से कंप्यूटर स्क्रीन से होगी. हालांकि, बोर्ड ने साफ किया है कि कक्षा 10वीं की कॉपियां अभी भी पुराने तरीके से यानी कि फिजिकल मोड में ही चेक की जाएगी. डिजिटल माध्यम से जब कॉपियों का मूल्यांकन होगा तो, इससे गलतियां कम होंगी, जांच तेज होगी और शिक्षक अपने स्कूल से ही कॉपियां चेक कर सकेंगे.  बता दें कि हर साल CBSE 26 देशों में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन करता है. इनमें लगभग 46 लाख छात्र शामिल होते हैं. ऐसे में इतने बड़े लेवल पर कॉपियों की जांच करना आसान नहीं होता है. इसे तेज, आसान और पारदर्शी बनाने के लिए ही ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) लागू किया जाएगा.  इतने से शुरू होगी परीक्षा  जारी किए गए नोटिफिकेशन में इस साल CBSE की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होंगी. कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं 11 मार्च को खत्म हो जाएगी. हालांकि, कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 10 अप्रैल तक चलेगी. ऐसे में डिजिटल तरह से कॉपियों की जांच एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है.  क्या है ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम? ऑन-स्क्रीन मार्किंग एक डिजिटल मूल्यांकन प्रोसेस है. इसमें छात्रों की कॉपियों को स्कैन कर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जाएगा. इसके बाद शिक्षक कंप्यूटर या लैपटॉप पर लॉगिन करके सीधे स्क्रीन पर ही आंसर को पढ़ेंगे और नंबर देंगे. इस तरीके से कॉपियों को एक जगह से दूसरी जगह भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी और समय भी बचेगा. सीबीएसई की ओर से जारी सर्कुलर में बताया कि यह सिस्टम मैन्युअल जांच में होने वाली आम गलतियों और देरी को कम करने में भी मदद करेगी.  किस तरह काम करेगा ये सिस्टम? सीबीएसई ने जारी किए अपने सर्कुलर में ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के फायदे भी बताए हैं. उन्होंने बता कि:-     इस सिस्टम से कॉपियां ले जाने और हाथ से तालमेल करने की जरूरत कम हो जाएगी.      शिक्षक अपने स्कूल में रहकर ही कॉपियां चेक कर सकेंगे, उन्हें जांच केंद्रों पर जाने की जरूरत नहीं होगी.       कॉपियों की जांच पहले से ज्यादा तेज होगी.     रिजल्ट के बाद नंबरों की दोबारा जांच (पोस्ट-रिजल्ट वेरिफिकेशन) की जरूरत कम हो जाएगी.       कुल अंक जोड़ने में होने वाली गलतियां खत्म होगी.     समय और लागत दोनों की बचत होगी.     विदेशों में मौजूद सीबीएसई से जुड़े स्कूल भी आसानी से मूल्यांकन प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे.      बोर्ड के अनुसार, यह डिजिटल तरीका पर्यावरण के लिए भी बेहतर है, क्योंकि इसमें कागज और ट्रांसपोर्ट का यूज कम होगा.      ज्यादा शिक्षक एक साथ इस प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगे.  स्कूलों को दी गाइडलाइन  ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम को सही तरह से लागू करने के लिए सीबीएसई ने स्कूलों को कुछ जरूरी डिजिटल सुविधाएं तैयार रखने को कहा है. जारी हुए सर्कुलर में कहा गया है कि-      कंप्यूटर लैब जिसमें पब्लिक स्टैटिक आईपी उपलब्ध हो.      ऐसे कंप्यूटर या लैपटॉप होना चाहिए जिनमें Windows OS 8 या उससे ऊपर लेवल का वर्जन हो और कम से कम 4GB रैम और 1GB खाली स्पेस हो.      अपडेटेड इंटरनेट ब्राउजर जैसे Chrome, Edge या Firefox.      Adobe Reader सॉफ्टवेयर भी मौजूद हो.     कम से कम 2 Mbps की स्थिर इंटरनेट स्पीड होनी चाहिए.   

कालाबाजारी का नया रूप: राजश्री गुटखा में तय मूल्य से अधिक वसूली, बाजार में बढ़ी चिंता

राजश्री गुटखा की कालाबाजारी चरम पर, तय दाम से अधिक वसूली से उपभोक्ता और छोटे दुकानदार परेशान रायपुर  जिले में राजश्री गुटखा के अवैध मुनाफे और कालाबाजारी का खेल खुलेआम चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, रायपुर के कुछ बड़े व्यापारी और एजेंसी मालिक शासन के नियमों को ताक पर रखकर निर्धारित मूल्य से कहीं अधिक दामों पर गुटखा बेच रहे हैं। इस अवैध वसूली के पीछे जीएसटी में 40% वृद्धि का हवाला दिया जा रहा है, जिसकी आड़ में एजेंसी मालिक दुकानदारों से मोटी रकम वसूल रहे हैं। प्रशासनिक निगरानी के अभाव में फल-फूल रहे इस काले कारोबार से आम उपभोक्ताओं में भारी रोष है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खाद्य विभाग की निष्क्रियता के चलते कालाबाजारी करने वालों के हौसले बुलंद हैं। जनता ने कलेक्टर और संबंधित विभाग से मांग की है कि इस सिंडिकेट की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को हो रही इस लूट पर अंकुश लग सके। एक स्थानीय दुकानदार ने बताया, “हमें निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर गुटखा खरीदना पड़ रहा है, जिससे हमारा मुनाफा कम हो रहा है। अगर हम निर्धारित मूल्य पर गुटखा बेचते हैं तो एजेंसी मालिक हमें गुटखा देना बंद कर देते हैं।” एक उपभोक्ता ने बताया, “मैंने हाल ही में एक गुटखा पैकेट खरीदा था, जिसकी कीमत 5 रुपये होनी चाहिए थी, लेकिन मुझसे 7 रुपये लिए गए। जब मैंने दुकानदार से इसकी शिकायत की तो उन्होंने बताया कि एजेंसी मालिक ने उन्हें ऐसा करने का निर्देश दिया है।”

कनाडा का टंबलर रिज बना खौफ का मंजर — स्कूल में गोलीबारी, शूटर सहित 9 मृत, 25 घायल

टंबलर रिज कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया (BC) प्रांत के टंबलर रिज शहर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. मंगलवार को एक माध्यमिक स्कूल और एक रिहायशी घर में गोलीबारी हुई, जिसमें हमलावर समेत कुल 7 लोगों की मौत हो गई. वहीं, इस फायरिंग में 25 लोग घायल भी हो गए.  रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) के मुताबिक, दोपहर लगभग 1:20 बजे ‘टंबलर रिज सेकेंडरी स्कूल’ में एक सक्रिय शूटर के होने की रिपोर्ट मिली. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इलाके में ‘पुलिस इनिशिएटेड पब्लिक अलर्ट’ (PIPA) जारी किया और स्कूल को चारों ओर से घेर लिया. स्कूल में दाखिल होने पर पुलिस अधिकारियों को 7 लोगों के शव मिले. पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक संदिग्ध के मारे जाने की आशंका है, लेकिन अभी इस बात की जांच की जा रही है कि क्या कोई दूसरा हमलावर भी इस घटना में शामिल है.  स्कूल और घर से 9 शव बरामद जांच में स्कूल से जुड़ी इस घटना के तार एक स्थानीय निवास से भी जुड़ा पाए गए. वहां तलाशी के दौरान पुलिस को दो और लोगों के शव बरामद हुए. स्थिति को काबू में देख पुलिस ने शाम 5:45 बजे पब्लिक अलर्ट वापस ले लिया था और अब आगे की जांच जारी है. पुलिस हमलावर के मकसद पता लगाने की कोशिश कर रही है. लोगों को घरों में रहने की सलाह इस मामले की गंभीरता को देखते हुए ‘BC RCMP मेजर क्राइम’ विभाग ने जांच की कमान संभाल ली है. इलाके में इमरजेंसी रिस्पांस टीम और फ्रंटलाइन अधिकारियों के साथ-साथ विक्टिम सर्विसेज को भी तैनात किया गया है, ताकि प्रभावित परिवारों को मानसिक और सामाजिक सहायता प्रदान की जा सके. कस्बे की करीब 2400 की आबादी को घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि पड़ोसी इलाकों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है. बंद किए गए सेकेंडरी और एलिमेंट्री स्कूल सुरक्षा के मद्देनजर टंबलर रिज के सेकेंडरी और एलिमेंट्री दोनों स्कूलों को फिलहाल बंद कर दिया गया है. स्थानीय विधायक लैरी न्यूफेल्ड ने जानकारी दी है कि समुदाय की मदद के लिए बड़ी संख्या में पुलिस (RCMP) और एम्बुलेंस की टीमें तैनात की गई हैं. उन्होंने सुरक्षा कारणों से फिलहाल ज्यादा जानकारी साझा करने से मना किया है, ताकि चल रहे ऑपरेशन में कोई परेशानी न आए. 

सियासी तूफान! अजित पवार की मौत पर रोहित पवार के आरोपों ने प्रफुल्ल पटेल को भी घेरा

मुंबई  महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे में डिप्टी सीएम रहे अजित पवार की मौत को लेकर अब सवाल उठने शुरू हो गए हैं. शरद पवार गुट के विधायक और अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने मंगलवार को मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई ऐसे सवाल उठाए, जिससे माहौल गरमा गया है. उनके सनसनीखेज आरोपों के घेरे में एनसीपी (अजित गुट) के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल आ गए. अब सबकी नजरें ब्लैक बॉक्स रिपोर्ट और आधिकारिक जांच पर हैं. फिलहाल, रोहित पवार आज दिल्ली पहुंचेंगे और दोपहर 12 बजे वे प्रेस क्लब में विस्तृत जानकारी देंगे.  रोहित का कहना है कि मेरे मन में सवाल उठ रहे हैं और मैंने अपने काका को खोया है. महाराष्ट्र ने एक नेता खोया है. जब तक हमारी शंकाओं का समाधान नहीं होगा, हम यह मुद्दा उठाते रहेंगे. VSR कंपनी और मेंटेनेंस पर सवाल रोहित पवार ने सबसे पहले विमान की मालिक कंपनी VSR पर सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि क्या विमान का रूटीन मेंटेनेंस हुआ था? टेक लॉग कहां है? एयरवर्दी रिपोर्ट क्यों सार्वजनिक नहीं की गई? क्या क्रैश से पहले ट्रांसपोंडर जानबूझकर बंद किया गया? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 2023 में VSR के एक अन्य विमान हादसे की फाइनल रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं हुई. उनका दावा है कि DGCA पर दबाव हो सकता है और जांच पूरी पारदर्शिता से नहीं हो रही. ARROW कंपनी और फ्लाइट बुकिंग पर शक रोहित ने कहा कि पहले अजित पवार सड़क मार्ग से बारामती जाने वाले थे और उनके काफिले की तैयारी हो चुकी थी. फिर आखिरी समय में विमान से जाने का फैसला क्यों हुआ? फ्लाइट बुकिंग देर रात क्यों की गई? उन्होंने ARROW कंपनी की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि बुकिंग और हैंडलिंग की पूरी जांच होनी चाहिए. किसके दबाव में प्लान बदला गया? पायलट पर सीधे सवाल उठाए रोहित पवार ने पायलट कैप्टन सुमित कपूर के रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि कपूर को पहले शराब सेवन के मामले में सस्पेंड किया गया था. उन्होंने पूछा कि लैंडिंग के समय पायलट चुप क्यों थे? रनवे 29 की अनुमति मिलने के बाद रनवे 11 क्यों मांगा गया, जबकि वो ज्यादा चुनौतीपूर्ण था? उन्होंने यह भी कहा कि को-पायलट शांभवी पाठक का लियरजेट पर अनुभव ज्यादा था. ऐसे में अंतिम निर्णय किस आधार पर लिए गए? विजिबिलिटी और ट्रांसपोंडर का रहस्य रोहित ने DGCA रिपोर्ट और केंद्रीय रिपोर्ट के बीच समय में अंतर का मुद्दा उठाया. उनका दावा है कि आखिरी एक मिनट का ट्रांसपोंडर डेटा उपलब्ध नहीं है. उन्होंने पूछा कि क्या इसे जानबूझकर बंद किया गया? उन्होंने ब्लैक बॉक्स की पूरी रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने की मांग की और कहा कि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों जैसे NTSB और UK की AAIB को भी जांच में शामिल किया जाए. रोहित ने और क्या दावे किए? रोहित पवार ने सवाल उठाया कि क्या यह सिर्फ हादसा था या इसके पीछे कोई साजिश हो सकती है? उन्होंने एक किताब का हवाला देते हुए कहा, जो इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद पर आधारित है. उसमें एक लाइन लिखी है- ‘कभी-कभी सबसे प्रभावी तरीका ड्राइवर को खत्म करना होता है.’ इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि कुछ घटनाओं को सिर्फ संयोग मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. उन्होंने बताया कि 27 जनवरी को अजित पवार का कार्यक्रम बदला गया था. उनके बंगले के बाहर बारामती जाने के लिए काफिला तैयार था. सड़क मार्ग से यात्रा की तैयारी हो चुकी थी. लेकिन एक वरिष्ठ नेता उनसे मिलने आने वाले थे, जो देर से पहुंचे. इस वजह से वे सड़क मार्ग से नहीं जा सके और फ्लाइट बुक करनी पड़ी. रोहित का दावा है कि फ्लाइट यात्रा की योजना पहले से बन रही थी, भले ही अंतिम निर्णय बाद में लिया गया हो. रोहित ने यह भी कहा कि अजित पवार को विदर्भ से जुड़ी एक फाइल पर हस्ताक्षर करने थे. वह मंत्रालय (मंत्रालय भवन) में मौजूद थे और फाइल साइन करने के कारण उन्हें देर हो गई. इसी वजह से बारामती रवाना होने में देरी हुई. उन्होंने सवाल उठाया कि विमान का निर्धारित समय सुबह 7 बजे था, लेकिन उड़ान 8:10 बजे भरी गई. टेक-ऑफ में देरी क्यों हुई? इसके लिए कौन जिम्मेदार था? रोहित ने यह भी याद दिलाया कि एक बार पहले जब विजिबिलिटी कम थी, तब अजित पवार ने दो इंजन वाले हेलीकॉप्टर उपलब्ध होने के बावजूद हवाई यात्रा टाल दी थी और सड़क मार्ग से यात्रा की थी. ऐसे में इस बार कम विजिबिलिटी के बावजूद उड़ान क्यों भरी गई? उन्होंने दावा किया कि एक ईमेल के मुताबिक कैप्टन साहिल मदान और कैप्टन यश को इस फ्लाइट के लिए तैनात किया जाना था, लेकिन आखिरी समय में यह बदलाव कर दिया गया. रोहित ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर सुमित कपूर के नाम से जो एक वायरल फोटो साझा की गई, वो दरअसल साहिल मदान की थी. इस पर उनकी पत्नी ने भी टिप्पणी की थी. सुबह 7:02 बजे एक अधिकारी ने संदेश भेजा था कि सभी क्रू पहुंच चुके हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि जिन पायलटों को पहले असाइन किया गया था, वे वहां क्यों नहीं थे? क्या वे वास्तव में ट्रैफिक में फंसे थे? क्या DGCA के पास उनका कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) है? क्या वे एयरपोर्ट के पास रहते थे या दूर? इन तमाम बिंदुओं को आधार बनाकर रोहित पवार ने कहा कि इन सभी पहलुओं की निष्पक्ष और विस्तृत जांच होनी चाहिए. प्रफुल्ल पटेल का नाम क्यों चर्चा में आया? प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रोहित पवार ने लियरजेट विमानों के मेंटेनेंस से जुड़े मुद्दे पर प्रफुल्ल पटेल की ओर इशारा किया. उन्होंने कहा कि देश में विमानों की MRO (Maintenance, Repair and Overhaul) सेवाएं देने वाली सिर्फ दो कंपनियां हैं. एक दिल्ली में स्थित है और दूसरी मुंबई में. रोहित के अनुसार, मुंबई स्थित कंपनी का स्वामित्व प्रफुल्ल पटेल से जुड़ा बताया जाता है. इसके साथ ही रोहित पवार ने यह भी कहा कि VSR कंपनी ने अपनी अलग इन-हाउस मेंटेनेंस यूनिट शुरू कर रखी है, जहां विमान की देखभाल और तकनीकी कार्य किए जाते हैं. रोहित ने पूछा कि क्या मेंटेनेंस में कोई चूक हुई? रोहित ने … Read more

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