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देश में बड़ी संख्या में शीर्ष प्रबंधन अधिकारी माल एवं सेवा कर के बारे में सकारात्मक धारणा रखते हैं : सर्वे

नई दिल्ली  देश में बड़ी संख्या में शीर्ष प्रबंधन स्तर के अधिकारी (सी-सूट) माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के बारे में सकारात्मक धारणा रखते हैं। डेलॉयट के एक सर्वे में यह तथ्य सामने आया है। इनमें से कई अधिकारियों ने जीएसटी 2.0 के तहत कर दरों को तर्कसंगत बनाने और विवाद निपटान के लिए एक प्रभावी प्रणाली की वकालत की है।  डेलॉयट जीएसटी@7 सर्वेक्षण में ऑनलाइन माध्यम से सी-सूट और सी-1 स्तर के अधिकारियों को शामिल किया गया। ये अधिकारी विभिन्न उद्योग क्षेत्रों से जुड़े हैं। इसमें उन चीजों का उल्लेख किया गया है जो जीएसटी के प्रति बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। सर्वेक्षण में शामिल 84 प्रतिशत अधिकारियों ने 2024 में जीएसटी को लेकर सकारात्मक राय जताई। 2023 में यह संख्या 72 प्रतिशत और 2022 में 59 प्रतिशत थी। ई-चालान सहित कर अनुपालन के स्वचालन को शीर्ष प्रदर्शन वाला क्षेत्र करार दिया गया है। सर्वेक्षण में हितधारकों के बीच लगातार परामर्श, स्पष्टीकरण परिपत्र/निर्देशों को नीति निर्माण के लिए सकारात्मक कदम माना गया। सर्वेक्षण में उन क्षेत्रों पर जिक्र है जहां अधिक सुधारों की जरूरत है। इनमें कर दरों को तर्कसंगत बनाना, एक प्रभावी विवाद समाधान प्रक्रिया लाना, क्रेडिट अंकुशों को हटाना, आमने-सामने हुए बिना (फेसलेस) कर आकलन की प्रक्रिया को अपनाना, निर्यात नियमों को उदार करना और अनुपालन रेटिंग प्रणाली लागू करना शामिल है। जीएसटी को एक जुलाई, 2017 को लागू किया गया था। इसमें 17 स्थानीय कर और शुल्क समाहित हुए थे। जीएसटी के सात साल पूरे होने के मौके पर डेलॉयट इंडिया ने यह सर्वेक्षण भारतीय कंपनियों की इसपर राय जानने के लिए किया है। सर्वेक्षण में शामिल 88 प्रतिशत सी-सूट अधिकारियों (शीर्ष प्रबंधन के अधिकारी) ने उन क्षेत्रों का जिक्र किया जो चुनौती बने हुए हैं। इनमें ऑडिट और आकलन शामिल है। इन अधिकारियों ने सरलीकरण, प्रौद्योगिकी एकीकरण और क्षमता निर्माण को जारी रखने की वकालत की है।      

अगले महीने से एयर इंडिया घरेलू मार्गों पर प्रीमियम इकनॉमी श्रेणी शुरू करने जा रही

Ram Madhav's return: New equations for BJP in Jammu and Kashmir elections

मुंबई,  एयर इंडिया अगले महीने से चुनिंदा घरेलू मार्गों पर प्रीमियम इकनॉमी श्रेणी शुरू करने जा रही है। यह श्रेणी उपलब्ध कराने वाली एयर इंडिया दूसरी भारतीय एयरलाइन कंपनी होगी। अभी तक सिर्फ विस्तारा ही घरेलू मार्गों पर प्रीमियम इकनॉमी यात्रा श्रेणी उपलब्ध कराती है। टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन ने  कहा कि उसने दो नए ए320 नियो विमानों को तीन श्रेणियों में बांटा है। इनमें बिजनेस श्रेणी में आठ और प्रीमियम इकनॉमी में पैर रखने के लिए अतिरिक्त जगह के साथ 24 सीटें हैं। इसमें 132 इकनॉमी श्रेणी की सीटें भी होंगी। यह पहली बार है जब एयरलाइन ने अपने छोटे आकार के विमान में प्रीमियम इकनॉमी केबिन पेश किया है। एयर इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने कहा, ‘‘छोटे आकार के बेड़े में तीन श्रेणियों की पेशकश यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम है।’’ नैरो-बॉडी विमान में ये सुविधाएं इनमें बिजनेस श्रेणी में आठ और प्रीमियम इकोनॉमी में पैर रखने के लिए अतिरिक्त जगह के साथ 24 सीटें हैं. इसमें 132 इकनॉमी श्रेणी की सीटें भी होंगी ये पहली बार है जब एयरलाइन ने अपने नैरो-बॉडी विमान में प्रीमियम इकोनॉमी केबिन पेश किया है. एयर इंडिया के CEO ने क्या कहा एयरलाइन के मुताबिक, दिल्ली-बेंगलुरु-दिल्ली और दिल्ली-चंडीगढ़-दिल्ली दो चुनिंदा मार्ग हैं जिन पर एयरलाइन प्रीमियम इकोनॉमी सीटों की पेशकश करेगी. एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और मैनेजिंग डायरेक्टर कैंपबेल विल्सन ने कहा कि,  एयर इंडिया के नैरो-बॉडी बेड़े में तीन श्रेणी के केबिन की शुरूआत और इंटरनल मरम्मत की शुरुआत उड़ान अनुभव को बढ़ाने की यात्रा में महत्वपूर्ण कदम हैं. नैरो-बॉडी बेड़े का लेटेस्ट अपग्रेड, जो घरेलू और शॉर्ट-हॉल अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर संचालित होता है, अब A350 बेड़े और नए B777s और अन्य सभी वाइड-बॉडी विमानों पर उपलब्ध अच्छे वाइड-बॉडी अनुभव को पूरा करता है क्योंकि उन्हें फिर से फिट किया जाता है. मिलेंगी ये सुविधाएं नए बिजनेस केबिन में 7 इंच गहरी रिक्लाइन के साथ 40 इंच की एर्गोनोमिक सीटें, एक अडजस्टेबल आर्मरेस्ट, फुटरेस्ट और बैकरेस्ट, एक बटन के धक्का पर तैनात एक ट्रे टेबल जिसमें एक PED होल्डर शामिल है और विस्तार योग्य और कई चार्जिंग पोर्ट हैं. रिफर्बिश के लिए 400 मिलियन डॉलर का निवेश इस महीने की शुरुआत में, विल्सन ने कहा था कि एयर इंडिया 100 से अधिक विमानों को रेट्रोफिटिंग करेगा, जिसमें 40 वाइड-बॉडी विमान भी शामिल होंगे. इसके अलावा, एयरलाइन ने दिसंबर 2022 में ऐलान किया था कि वे अपने बोइंग 777 और बोइंग 787 वाइड-बॉडी विमान बेड़े के रिफर्बिश के लिए 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश करेंगे.

भारत 2050 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा- गौतम अदाणी

 मुंबई  अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी नेक कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में कहा कि भारतीय होने का इससे अच्छा समय नहीं हो सकता। अगले एक दशक में भारत अपनी जीडीपी में हर 12 से 18 महीने में एक ट्रिलियन डॉलर जोड़ेगा। इसकी मदद से 2050 तक भारत 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा। क्रिसिल रेटिंग्स के ‘एनुअल इन्फ्रास्ट्रक्चर सबमिट’ में गौतम अदाणी ने कहा कि भारत को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में 58 वर्ष का समय लगा। अगला एक ट्रिलियन डॉलर जोड़ने में 12 वर्ष लगे और अगले पांच वर्ष में भारत तीन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन गया। संबोधन में अदाणी ग्रुप के चेयरमैन ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था जिस हिसाब से बढ़ रही है और सरकार द्वारा लगातार आर्थिक और सामाजिक सुधार किए जा रहे हैं, मुझे लगता है कि अगले एक दशक में भारत अपनी जीडीपी में हर 12 से 18 महीने में एक ट्रिलियन डॉलर जोड़ना शुरू कर देगा। इस तरह हम 2050 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएंगे। आगे उन्होंने कहा कि 2050 तक भारतीय शेयर बाजार का पूंजीकरण बढ़कर 40 ट्रिलियन डॉलर को पार कर जाएगा। इसका मतलब है कि भारत अगले 26 वर्षों में करीब 36 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट कैप अपने शेयर बाजार में जोड़ेगा। बता दें, मौजूदा समय में भारत का बाजार पूंजीकरण 5 ट्रिलियन डॉलर का है। अदाणी ने आगे कहा कि और किसी भी अन्य देश के भारत जितना बढ़ने की संभावना नहीं है। ऐसे में भारतीय होने का ये सबसे अच्छा समय है। भारत की इन्फ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री पर उन्होंने कहा कि देश के इन्फ्रास्ट्रक्चर में अभूतपूर्व बदलाव हो रहे हैं और जिस तरह का पूंजीगत व्यय किया जा रहा है, कभी नहीं देखा गया है। इसने भारत के कई दशकों के विकास की नींव रख दी है।  

मनमोहन सिंह के मुरीद हुए अडानी, इस फैसले को बताया इकोनॉमी के लिए टर्निंग प्वाइंट

Under the guidance of Chief Minister Dr. Mohan Yadav, the background is ready

नई दिल्ली अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि साल 1991 में घोषित आर्थिक उदारीकरण नीति ने भारत की इंफ्रा सेक्टर की नींव रखी और बाद में यह तरक्की की राह पर आगे बढ़ता चला गया। बता दें कि साल 1991 में मनमोहन सिंह देश के वित्त मंत्री थे। वहीं, साल 2004 से 2014 तक वह देश के प्रधानमंत्री रहे। क्या कहा गौतम अडानी ने मुंबई में क्रिसिल के एक कार्यक्रम के दौरान गौतम अडानी ने एयरक्राफ्ट के उदाहरण से इकोनॉमी ग्रोथ के बारे में बताया। उन्होंने कहा- साल 1991 से 2014 के बीच की अवधि नींव रखने और रनवे के निर्माण की थी तो साल 2014 से 2024 तक की अवधि एयरक्राफ्ट के उड़ान भरने की रही। वित्त मंत्री मनमोहन सिंह की नीति की तारीफ बतौर वित्त मंत्री मनमोहन सिंह द्वारा घोषित उदारीकरण नीति में बदलाव की प्रशंसा करते हुए गौतम अडानी ने कहा-1991 में तत्कालीन वित्त मंत्री की आर्थिक उदारीकरण नीति की वजह से देश की इकोनॉमी को नई दिशा मिली। लाइसेंस राज के टूटने का मतलब था कि सरकार ने अधिकांश क्षेत्रों के लिए औद्योगिक लाइसेंसिंग को खत्म कर दिया। इसने व्यवसायों को निवेश करने, कीमतें निर्धारित करने या क्षमता निर्माण करने के लिए सरकारी अनुमति प्राप्त करने की अधिकांश जरूरतों को समाप्त कर दिया। अडानी ने कहा कि पिछले दशक में भारत ने इंफ्रा स्ट्रक्चर के क्षेत्र में अहम प्रगति देखी है। 100 अरब डॉलर निवेश का प्लान गौतम अडानी ने बताया कि अडानी समूह एनर्जी से जुड़े प्रोजेक्ट्स और मैन्युफैक्चरिंग कैपिसिटी में 100 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश करेगा। अडानी ने कहा- अगले दशक में हम ऊर्जा बदलाव के क्षेत्र में 100 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करेंगे। अपनी इंटीग्रेटेड रिन्यूएबल एनर्जी वैल्यू सीरीज का विस्तार करेंगे। हमारी वैल्यू सीरीज में पहले से प्रत्येक प्रमुख कलपुर्जें की मैन्युफैक्चरिंग शामिल है। उन्होंने बताया कि हम पहले से ही कच्छ जिले (गुजरात में) के खावड़ा में दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क बना रहे हैं। केवल इस एकल स्थान से 30 गीगावाट बिजली पैदा होगी, जिससे हमारी कुल रिन्यूएबल एनर्जी कैपिसिटी 2030 तक 50 गीगावाट पर पहुंच जाएगी।

एक बार फिर शेयर बाजार ने नया रिकॉर्ड, सेंसेक्स पहली बार 77,300 अंक के पार हुआ बंद

नई दिल्ली सप्ताह के तीसरे दिन बुधवार को एक बार फिर शेयर बाजार ने नया रिकॉर्ड बनाया। उतार-चढ़ाव के कारोबार में सेंसेक्स 77851.63 अंक के ऑल टाइम हाई को टच किया। वहीं, ट्रेडिंग के अंत में सेंसेक्स 36.45 अंक चढ़कर 77,337.59 के नए उच्च स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी की बात करें तो यह 41.90 अंक गिरकर 23,516 अंक पर ठहरा। बीएसई सेंसेक्स के 30 शेयरों की बात करें तो एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक बैंक, इंडसइंड बैंक और एसबीआई में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा आईटी सेक्टर के इंफोसिस, विप्रो, टेक महिंद्रा और एचसीएल जैसे शेयर भी हरे निशान पर बंद हुए। नुकसान वाले शेयरों में टाइटन, एलएंडटी, मारुति, एयरटेल, एनटीपीसी और रिलायंस शामिल हैं। शेयर मार्केट रिकॉर्ड ऊंचाई से फिसलकर अब लाल निशान पर आ गया है। सेंसेक्स 77581 के लेवल पर पहुंचने के बाद दिन के निचले स्तर 76954 के लेवल पर आ गया। निफ्टी भी 121 अंकों की गिरावट के साथ 23436 पर ट्रेड कर रहा है। आज यह 23630 के लेवल पर पहुंचने के बाद एक समय 23412 पर आ गया था। शेयर मार्केट का रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन जारी है। आज सेंसेक्स पहली बार 73500 और निफ्टी 23600 के पार खुला है। बीएसई का 30 स्टॉक्स वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स आज यानी बुधवार को 242 अंकों की उछाल के साथ 77543 के ऑल टाइम हाई से दिन के कारोबार की शुरुआत की। जबकि, निफ्टी भी इतिहास रचते हुए 71 अंकों की बढ़त के साथ 23629 के लेवल पर खुला। मोदी सरकार 3.0 में शेयर मार्केट लगातार रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बना रहा है। सेंसेक्स पहली बार 77000 के पार बंद हुआ और मंगलवार को यह ऑल टाइम हाई 77366 के लेवल को छूकर 77301 पर बंद हुआ। आज ग्लोबल संकेत एक और इतिहास रचने का इशारा कर रहे हैं। क्योंकि, एशियाई बाजारों में तेजी रही, जबकि अमेरिकी शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स नैस्डैक व एसएंडपी 500 रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए। कल निफ्टी भी पहली बार 32557.90 पर बंद होने में कामयाब रहा।

भारत नेस्ले के इंस्टैंट नूडल्स व सूप ब्रांड मैगी के लिए वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ा बाजार बन गया

नई दिल्ली  भारत नेस्ले के इंस्टैंट नूडल्स व सूप ब्रांड मैगी के लिए वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ा बाजार बन गया है, जबकि चॉकलेट वेफर ब्रांड किटकैट के लिए यह दूसरा सबसे बड़ा बाजार है। नेस्ले इंडिया की ताजा वार्षिक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। इसके अलावा, उच्च दोहरे अंक की वृद्धि के साथ भारतीय बाजार नेस्ले के लिए सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक बन गया है। नेस्ले इंडिया की 2023-24 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘व्यापकता, प्रीमियमीकरण और नवाचार, अनुशासित संसाधन आवंटन के साथ मिलकर कारोबार को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण रहे हैं।’’ नेस्ले मैगी ब्रांड के तहत लोकप्रिय इंस्टेंट नूडल्स और तैयार व्यंजन आदि बेचती है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने वित्त वर्ष 2023-24 में मैगी की छह अरब से अधिक सर्विंग्स बेचीं, जिससे ‘‘भारत दुनियाभर में मैगी के लिए सबसे बड़ा नेस्ले बाजार बन गया।’’ नेस्ले मैगी ब्रांड के तहत अपनी बिक्री का विस्तार कर रही है और उसने 10 रुपये की किफायती कीमत पर ओट्स नूडल, कोरियन नूडल्स और अलग-अलग मसाले वाली मैगी व नूडल्स पेश किए हैं। नेस्ले इंडिया ने कहा कि उसने किटकैट की 4,20 करोड़ ‘फिंगर्स’ बेचीं। नए उत्पादों को पेश करने, वितरण नेटवर्क के विस्तार और अभिनव ब्रांड से वृद्धि को बढ़ावा मिला। कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक सुरेश नारायणन ने रिपोर्ट में शेयरधारकों से कहा, ‘‘इसे और मजबूत करते हुए आपकी कंपनी 2020 और 2025 के बीच नई क्षमताओं को विकसित करने और मौजूदा क्षमताओं का विस्तार करने के लिए करीब 7,500 करोड़ रुपये का निवेश करने के लिए तैयार है, जिसमें निरंतर वृद्धि और नवोन्मेषण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।’’ नेस्ले इंडिया ने 31 मार्च, 2024 तक के पिछले 15 माह में 24,275.5 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की है।    

यूएस और यूके से भारतीय जेनेरिक दवाइयों की मजबूत मांग

नई दिल्ली  भारतीय फार्मा इंडस्ट्री के निर्यात की वृद्धि दर मई में दोहरे अंक में पहुंच गई है। इसकी वजह यूएस और यूके से जेनेरिक दवाइयों की मजबूत मांग का होना है। मई 2024 में भारत का फार्मा निर्यात 10.45 प्रतिशत बढ़कर 2.30 अरब डॉलर हो गया है, जो कि पिछले वित्त वर्ष समान अवधि में 2.08 अरब डॉलर था। फार्मास्यूटिकल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया के डायरेक्टर जनरल, रवि उदय भास्कर ने कहा कि फिलहाल ये सकारात्मक रूप से बढ़ रहा है और हमें उम्मीद है कि वृद्धि दर 10 प्रतिशत से नीचे नहीं आएगी। वॉल्यूम के हिसाब से भारत मौजूदा समय में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा फार्मास्यूटिकल्स उत्पादक देश है। फार्मेक्सिल के मुताबिक, भारतीय फार्मास्यूटिकल्स एक्सपोर्ट्स के लिए अमेरिका सबसे बड़ा बाजार है। वित्त वर्ष 2023-24 में भारत के फार्मास्यूटिकल्स एक्सपोर्ट में अमेरिका की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत थी। भास्कर की ओर से कहा गया कि लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों जैसे डायबिटीज, बीपी और डिप्रेशन के इलाज के लिए दवाओं के बढ़ते उपयोग से भारत की सस्ती कीमत वाली दवाओं की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इंडिया रेटिंग्स और रिसर्च की ओर से रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिका में दवाइयों की कमी के कारण 2024-25 में भारतीय फार्मा कंपनियों की आय में बढ़त जारी रहेगी। भारत जेनेरिक दवाइयों का हब है। डॉ रेड्डीज, सिप्ला और सनफार्मा जैसी फार्मा कंपनियां इन दवाइयों की मैन्युफैक्चरिंग करती हैं और इनके पास अमेरिका और यूरोप में अच्छा मार्केट शेयर है। यूटा ड्रग इनफार्मेशन सर्विस के डेटा का हवाला देते हुए इंडिया रेटिंग ने अपने नोट में कहा था कि अमेरिका में दवाइयों की कमी दशक के उच्च स्तर पर पहुंच गई है। नोट में एयूएसएफडीए के डेटा के हवाले कहा गया कि अप्रैल में 233 दवाइयों की कमी थी। इसकी वजह उन दवाइयों का उत्पादन बंद होना, विकल्प मिलने में देरी और मांग अधिक होना था।

आयकर विभाग ने टैक्सपेयर्स को रिफंड प्राप्त करने के लिए अपने बैंक अकाउंट को सत्यापित करने की सलाह दी

नई दिल्ली  आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने वाले करदाताओं के लिए रिफंड प्राप्त करने के लिए बैंक खाते का सत्यापन आवश्यक है। ऐसे में आयकर विभाग ने टैक्सपेयर्स को रिफंड प्राप्त करने के लिए अपने बैंक अकाउंट को सत्यापित करने की सलाह दी है। इनकम टैक्स विभाग ने  ‘एक्स’ पोस्ट पर एक बयान में करदाताओं को रिफंड प्राप्त करने के लिए बैंक खाते को सत्यापित करने हेतु एक अनुस्मारक भी जारी की है। विभाग ने कहा कि जिन करदाताओं के पास कोई वैध बैंक अकाउंट नहीं है, उन्हें ई-मेल और एसएमएस के माध्यम से सूचित भी किया गया है। आयकर विभाग ने करदाताओं से कहा कि कृपया ध्यान दें! ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपने बैंक खाते की सत्यापन स्थिति की जांच https:ncometax.gov.in/iec/foportal/ पर जाकर करें। कृपया सुचारु रिफंड पाने के लिए ई-फाइलिंग पोर्टल पर बैंक खाते की सत्यापन स्थिति की जांच करें! आयकर विभाग ने बैंक अकाउंट की सत्यापन के लिए स्टेप-बाई-स्टेप बताया है, जो इस प्रकार हैं- मौजूदा बैंक खाते को अपडेट करने के लिए- -सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइटhttps:ncometax.gov.in/iec/foportal/ पर जाएं -अपने खाते में लॉगिन करें -इसके बाद प्रोफाइल पर जाएं -बैंक खाता चुनें -पुनर्वैधीकरण पर क्लिक करें -बैंक खाता विवरण जैसे खाता संख्या, IFSC, खाता प्रकार आदि अपडेट करें। -अंत में Validate पर क्लिक करें। नया बैंक खाता जोड़ने के लिए- -सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट https:ncometax.gov.in/iec/foportal/पर जाएं -अपने खाते में लॉगिन करें -इसके बाद प्रोफाइल पर जाएं -माई बैंक अकाउंट पर क्लिक करें -इसके बाद बैंक खाता जोड़ें पर क्लिक करें -अंत में Validate पर क्लिक करें।  

मेगा प्रॉपर्टी सेल की तैयारी में सरकारी कंपनी एलआईसी, सात अरब डॉलर जुटाने की योजना

नई दिल्ली  देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी (LIC) कई शहरों में अपनी प्रॉपर्टी बेचकर 50 से 60 हजार करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी जल्दी ही कई शहरों में अपने प्लॉट और कमर्शियल प्रॉपर्टी बेच सकती है। इसकी शुरुआत मुंबई से हो सकती है। डिफेंस और रेलवे के बाद देश में सबसे ज्यादा जमीन एलआईसी के पास है। उसके पास कई शहरों में प्राइम लोकेशन पर प्लॉट और कमर्शियल बिल्डिंग्स हैं। इनमें दिल्ली के कनॉट प्लेस में जीवन भारती बिल्डिंग, कोलकाता के चितरंजन एवेन्यू में एलआईसी बिल्डिंग और मुंबई स्थित बिल्डिंग्स शामिल हैं। उत्तराखंड के मशहूर हिल स्टेशन मसूरी के मॉल रोड पर स्थित एसबीआई बिल्डिंग भी एलआईसी की है। एलआईसी देश का सबसे बड़ी संस्थागत निवेशक भी है। उसकी एसेट्स 51 ट्रिलियन रुपये से अधिक है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि एलआईसी एक प्लान पर काम कर रही है। कंपनी में आंतरिक स्तर पर कई विकल्पों पर बात चल रही है। इसमें वैल्यूएशन एक्सरसाइज अहम है। रियल एस्टेट एसेट्स को मॉनिटाइज करने का सबसे बेहतर तरीका क्या होगा, उस पर अभी विचार-विमर्श चल रहा है। एसेट सेल की फॉर्मल प्रोसेस के लिए नए सिरे से कंपनी की बिल्डिंग्स का वैल्यूएशन किया जा सकता है। अंतिम वैल्यूएशन के मुताबिक एलआईसी के रियल एस्टेट एसेट्स की कीमत 50,000 से 60,000 करोड़ रुपये थी। लेकिन वास्तविक वैल्यू इससे करीब पांच गुना हो सकती है। इस बारे में एलआईसी, डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) और डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज को भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं आया। सरकारी कंपनियों के एसेट डाइवेस्टमेंट के लिए DIPAM की मंजूरी जरूरी है। क्यों आई यह नौबत फाइनेंशियल ईयर 2024 में एलआईसी का नेट प्रॉफिट 40,676 करोड़ रुपये रहा जो पिछले वित्त वर्ष में 36,397 करोड़ रुपये था। सूत्रों का कहना है कि अगर कंपनी प्रॉपर्टी बेचती है तो उसका मुनाफा बढ़ सकता है। बिक्री के बाद नए मालिक को एलआईसी की प्रॉपर्टी को रिडेवलप करने, नए सिरे से डिजाइन करने और इस्तेमाल करने की अनुमति दी जा सकती है। एलआईसी अपने रियल एस्टेट एसेट्स को होल्ड करने और उनके मॉनीटाइजेशन को मैनेज करने के लिए एक नई कंपनी बना सकती है। कंपनी के पास देश के कई शहरों में प्राइम लोकेशंस पर बिल्डिंग्स हैं। लेकिन इन्हें बेचने के लिए एलआईसी एक्ट में कुछ संशोधन करने होंगे। ऐसा नहीं है कि पहली बार एलआईसी के रियल एस्टेट को बेचने की कोशिश हो रही है। पहले भी ऐसा प्रयास किया जा चुका है लेकिन कानूनी विवादों के कारण यह योजना आगे नहीं बढ़ पाई। एलआईसी की कई इमारतें कानूनी पचड़ों में फंसी हैं। एलआईसी ऐसे वक्त में रियल एसेट मॉनीटाइजेशन की कोशिश में लगी है जब उसे देश में अपना मार्केट शेयर बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2024 में कंपनी की टोटल प्रीमियम इनकम महज 0.22 फीसदी बढ़कर 4.75 ट्रिलियन रुपये रही। उसे निजी कंपनियों से कड़ी टक्कर मिल रही है।  

क्या आप जानते है देश के किस इलाके में सबसे ज्यादा सजती हैं महिलाएं? कॉस्मेटिक्स की बिक्री ने खोल दिया बड़ा राज

नई दिल्ली कॉस्मेटिक्स का देश में बड़ा कारोबार है। इसमें हर साल इजाफा देखने को मिल रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पूरे देश में सबसे ज्यादा कॉस्मेटिक्स की बिक्री किस शहर में होती है। आपको जानकर हैरानी होगी कि देश में सबसे ज्यादा कॉस्मेटिक्स की खरीदारी पूर्वी भारत में होती है। हाल ही में देश की सबसे पुरानी डिपार्टमेंटल स्टोर चेन, शॉपर्स स्टॉप ने कोलकाता में अपना सबसे बड़ा ब्यूटी स्टोर खोला है। कई शहरों में पहले से ही स्टोर होने के बावजूद शॉपर्स स्टॉप ने कोलकाता को चुना है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह कोलकाता में कॉस्मेटिक्स की सबसे ज्यादा बिक्री होना है। लिपस्टिक, नेल पॉलिश और आईलाइनर जैसी चीज़ों को मिलाकर पिछले साल यहां 18.6 करोड़ से भी ज्यादा बिक्री हुई है। हमारे सहयोगी इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कोलकाता में कॉस्मेटिक्स खूब खरीदा जाता है। ग्लोबल कंज्यूमर रिसर्च फर्म कांतार ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में कहा कि पिछले साल भारत के टॉप 10 शहरों में लिपस्टिक, नेल पॉलिश और आईलाइनर सहित 186 मिलियन से अधिक सौंदर्य प्रसाधनों की बिक्री हुई है। खूब होती है खरीदारी रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्वी भारत में भारत में बिकने वाले सभी सौंदर्य प्रसाधनों का एक तिहाई से अधिक हिस्सा बिकता है, जबकि देश के एक चौथाई से भी कम घरों में पूर्वी भारत की हिस्सेदारी है। जानकारों के मुताबिक, कोलकाता में ब्यूटी प्रोडक्ट्स को लेकर जागरूकता ज्यादा है। पूर्वी भारत के लोग फैशन और खूबसूरती के मामले में काफी जागरूक रहते हैं। यही वजह है कि वहां ब्यूटी स्टोर्स का अच्छा बिजनेस होता है। इस वजह से होती है सबसे ज्यादा बिक्री पूर्वी भारत में महिलाएं सबसे ज्यादा मेकअप करती हैं। यहां हर तरह के शेड्स, खासकर गहरे रंगों की भी, काफी डिमांड रहती है। रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरे सामानों के मामले में जहां दक्षिण भारत के लोग ज्यादा खर्च करते हैं, वहीं कॉस्मेटिक्स में पूर्वी भारत सबसे आगे है। यहां हर महिला ज्यादा मेकअप प्रोडक्ट्स खरीदती है और उन्हें ज्यादा बार इस्तेमाल भी करती हैं। इसका नतीजा ये होता है कि कॉस्मेटिक कंपनियां पूर्वी भारत को काफी अहम बाजार मानती हैं और अपने सबसे बड़े स्टोर भी यहीं खोल रही हैं। सबसे ज्यादा बिकते हैं ये प्रोडक्ट्स रिपोर्ट के मुताबिक, ब्यूटी प्रोडक्ट्स में सबसे ज्यादा बिक्री होठों से जुड़े उत्पादों की होती है। इसकी सालाना 65 मिलियन यूनिट बिकती हैं, जिससे करीब 1,700 करोड़ रुपये की इनकम होती है। वास्तव में, चेहरे और होंठों के लिए बने ब्यूटी प्रोक्ट्स मिलकर करीब 2,900 करोड़ रुपये या उद्योग के मूल्य का लगभग 70% कमाते हैं। वहीं सालाना 47 मिलियन नेल कॉस्मेटिक्स खरीदे जाते हैं। इनकी अपेक्षाकृत सस्ती कीमत का मतलब है कि वे लगभग 350 करोड़ रुपये कमाते हैं। 34 मिलियन यूनिट्स की बिक्री के साथ आंखों के उत्पाद देश में सबसे छोटे कलर कॉस्मेटिक सेगमेंट हैं।  

53 हजार करोड़ का रिफंड भी जारी, डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में भारी उछाल, सरकार का भरा खजाना

नई दिल्ली सरकार की तिजोरी लगातार बढ़ते टैक्स कलेक्शन से भर रही है। मौजूदा वित्त वर्ष यानी 2024-25 की बात करें, तो अब तक नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन (Net Direct Tax Collection) 21 फीसदी बढ़कर 4.62 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने मंगलवार को बताया कि यह इजाफा एडवांस टैक्स कलेक्शन बढ़ने की वजह से हुआ है। एडवांस टैक्स को 15 जून तक भरना था। इसकी पहली किस्त में टैक्स कलेक्शन 27.34 प्रतिशत बढ़कर 1.48 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसमें 1.14 लाख करोड़ रुपये का कॉर्पोरेशन (सीआईटी) और 34,470 करोड़ रुपये का पर्सनल इनकम टैक्स (पीआईटी) शामिल है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक बयान में कहा कि 4,62,664 करोड़ रुपये (17 जून, 2024 तक) के नेट डायरेक्ट कलेक्शन में 1,80,949 करोड़ रुपये का सीआईटी और 2,81,013 करोड़ रुपये का पीआईटी (सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स सहित) शामिल है। वित्त वर्ष 2024-25 में 17 जून तक 53,322 करोड़ रुपये का रिफंड भी जारी किया गया है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान जारी किए गए रिफंड से 34 प्रतिशत अधिक है। अप्रैल-जून 2017 के दौरान प्रत्यक्ष करों का सकल संग्रह (रिफंड समायोजन से पहले) 5.16 लाख करोड़ रुपये रहा। वहीं, पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 4.23 लाख करोड़ रुपये था, जो 22.19 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

शेयर बाजार हर दिन नया इतिहास बना रहा, पहली बार 77000 अंक के पार बंद हुआ सेंसेक्स, निफ्टी ने भी रचा इतिहास

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नई दिल्ली शेयर बाजार हर दिन नया इतिहास बना रहा है। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन मंगलवार को सेंसेक्स 308 अंक या 0.40% बढ़कर 77,301.14 अंक पर बंद हुआ। यह पहली बार है जब सेंसेक्स 77000 अंक के पार बंद हुआ है। ट्रेडिंग के दौरान सेंसेक्स 77366.77 अंक के स्तर तक पहुंच गया था। यह बीएसई सेंसेक्स का नया ऑल टाइम हाई है। निफ्टी की बात करें तो 92.30 अंक बढ़कर 23,557.90 अंक पर बंद हुआ। ट्रेडिंग के दौरान निफ्टी 23,579.05 अंक के स्तर पर पहुंच गया। किस शेयर का क्या हाल बीएसई सेंसेक्स के 30 शेयरों की बात करें तो पावरग्रिड और विप्रो के शेयरों में 3 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखी गई। टाइटन, आईसीआईसीआई बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर 1 फीसदी से ज्यादा बढ़ गए। एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस, एसबीआई, जेएसडब्ल्यू स्टील के शेयर भी ग्रीन जोन में बंद हुए। मारुति के शेयर 2 फीसदी, टाटा स्टील के शेयर 1 फीसदी ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है। बकरीद की छुट्टी के बाद आज शेयर मार्केट ने रिकॉर्डतोड़ शुरुआत की। सेंसेक्स आज एक और नया इतिहास रचते हुए नई ऊंचाई पर खुला। बीएसई सेंसेक्स अपना 13 जून का ऑल टाइम हाई का रिकॉर्ड तोड़ते हुए 242 अंकों की उछाल के साथ 77235 के लेवल से शुरुआत की। निफ्टी भी 105 अंकों की छलांग के साथ 23570 के लेवल पर खुला। आज शेयर मार्केट की शुरुआत अच्छी होने की उम्मीद है। सेंसेक्स और निफ्टी 50, मंगलवार को बढ़त के साथ खुल सकते हैं। क्योंकि, आज यानी मंगलवार को एशियाई बाजारों में तेजी रही, जबकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बढ़ावा मिलने से टेक शेयरों में बढ़त के कारण अमेरिकी शेयर बाजार में सोमवार को रिकॉर्ड तेजी देखी गई। दूसरी ओर गिफ्ट निफ्टी शुक्रवार के बंद से लगभग 130 अंकों का प्रीमियम लेकर 23,590 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो भारतीय शेयर बाजार सूचकांकों के लिए मजबूत शुरुआत का संकेत है। बता दें शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजारों के बेंचमार्क सूचकांकों में तेजी रही, जिसमें निफ्टी 50 सत्र के दौरान रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। सेंसेक्स 181.87 अंक या 0.24 फीसद बढ़कर 76,992.77 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 66.70 अंक या 0.29 फीसद बढ़कर 23,465.60 पर बंद हुआ। ईद उल-अजहा 2024 के अवसर पर सोमवार, 17 जून को भारतीय शेयर बाजार बंद रहा। एशियन मार्केट का हाल जापान के निक्केई 225 में 0.84 फीसद ​​की बढ़त रही, जबकि टॉपिक्स में 0.64 फीसद की। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 0.9 फीसद की तेजी आई। हांगकांग हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने बेहतर शुरुआत का संकेत दिया। वॉल स्ट्रीट का हाल सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार में उछाल आया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर उत्साह के बीच प्रौद्योगिकी शेयरों में तेजी के कारण एसएंडपी 500 और नैस्डैक ने रिकॉर्ड ऊंचाई पर समापन किया। डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 188.94 अंक या 0.49 फीसद बढ़कर 38,778.10 पर बंद हुआ, जबकि एसएंडपी 500 41.63 अंक या 0.77 फीसद बढ़कर 5,473.23 पर पहुंच गया। नैस्डैक कंपोजिट 168.14 अंक या 0.95 फीसद बढ़कर 17,857.02 पर बंद हुआ।

Elon Musk फिर बने दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति, नेटवर्थ में आए जोरदार उछाल

मुंबई दुनिया के टॉप-10 अरबपतियों (Top-10 Billionaires) की लिस्ट में एक बार फिर बड़ा फेरबदल हुआ है और टेस्ला व स्पेसएक्स जैसी कंपनियों के मालिक एलन मस्क (Elon Musk) ने अपने बादशाहत फिर से वापस पा ली है. जी हां, एलन मस्क एक बार फिर दुनिया के सबसे अमीर इंसान बन गए हैं और उन्होंने अमेजन के जेफ बेजोस (Jeff Bezos) को पीछे छोड़ते हुए World Richest Person की कुर्सी पर फिर कब्जा जमा लिया है. एक दिन में इतनी बढ़ी नेटवर्थ Elon Musk की नेटवर्थ में बीते 24 घंटों में जोरदार उछाल आया है और एक झटके में उनकी संपत्ति (Elon Musk Net Worth) 6.74 अरब डॉलर बढ़ गई है. ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स (Bloomberg Billionaires Index) के मुताबिक, इस ताजा इजाफे के चलते उनकी नेटवर्थ अब 210 अरब डॉलर हो गई है और वे दुनिया के नंबर एक अमीर बन गए हैं. मस्क ने अपना खोया हुआ ताज अमेजन के जेफ बेजोस को पछाड़ते हुए पाया है, जिनकी नेटवर्थ (Jeff Bezos Net Worth) 207 अरब डॉलर है. 200 अरब डॉलर क्लब में टॉप-3 अमीर    ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया के टॉप-10 अमीरों की लिस्ट में शीर्ष तीन अरबपति 200 अरब डॉलर क्लब में शामिल हैं. एलन मस्क 210 अरब डॉलर, तो जेफ बेजोस 207 अरब डॉलर की संपत्ति के मालिक हैं. वहीं 200 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ फ्रांसीसी अरबपति बर्नार्ड अर्नाल्ट ( Bernard Arnault) तीसरे सबसे अमीर इंसान हैं. जुकरबर्ग की नेटवर्थ में बढ़ोतरी जारी अमीरों की इस लिस्ट में फेसबुक के मार्क जुकरबर्ग का दबदबा भी लगातार बढ़ रहा है और उनकी संपत्ति में तेज इजाफा देखने को मिल रहा है. फिलहाल, Mark Zukerberg 180 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ चौथे सबसे अमीर व्यक्ति हैं. इसके बाद लैरी पेज 158 अरब डॉलर नेटवर्थ के साथ पांचवें पायदान पर, जबकि माइक्रोसॉफ्ट के बिल गेट्स (Bill Gates) 157 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ छठे नंबर पर मौजूद हैं. Top-10 में शामिल हैं ये अरबपति दुनिया के सबसे रईस लोगों की लिस्ट में शामिल अन्य अरबपतियों की बात करें, तो सातवें पायदान पर 154 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ स्टीव बाल्मर का नाम आता है. वहीं दुनिया के आठवें सबसे अमीर इंसान 153 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ लैरी एलिसन हैं. सर्गेई ब्रिन 148 अरब डॉलर की नेटवर्थ लेकर नौंवे सबसे अमीर व्यक्ति हैं और लिस्ट में दसवें पायदान पर दिग्गज निवेशक वॉरेन बफे (Warren Buffett) का नाम शामिल है, उनकी नेटवर्थ 135 अरब डॉलर है. अडानी-अंबानी इस पायदान पर काबिज अब बात करें इस लिस्ट में शामिल भारतीय अरबपतियों की, तो एशिया के सबसे अमीर इंसान (Asia’s Richest) रिलायंस चेयरमैन मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) 13वें सबसे अमीर इंसान बने हुए हैं. उनकी नेटवर्थ 113 अरब डॉलर है और इस साल 2024 में अब तक उन्होंने अपनी संपत्ति में 16.2 अरब डॉलर जोड़े हैं. अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी (Gautam Adani) 107 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ 14वें पायदान पर काबिज हैं. कमाई के मामले में अडानी ने भी तमाम दिग्गजों को पीछे छोड़ा है और इस साल अब तक उनकी नेटवर्थ 22.3 अरब डॉलर बढ़ी है.  

बजट से पहले 77000 पार शेयर बाजार… इस 5 शेयरों में तूफानी तेजी

मुंबई भारतीय शेयर बाजार आज यानी 18 जून को खुलते ही नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है. मजबूत वैश्विक संकेतों के चलते शेयर बाजार  में चौतरफा खरीदारी देखी जा रही है. जिसके चलते शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स (BSE Sensex) 200 अंकों से अधिक की बढ़त के साथ 77,327 के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. वहीं,निफ्टी (Nifty50) भी पहली बार 23,500 के स्तर को पार कर 23,574 के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया. सुबह 9:43 बजे सेंसक्स 280.77 अंक(0.36%) की तेजी के साथ 77,273.55 के लेवल पर और निफ्टी 86.05 अंक (0.37%)की बढ़त के साथ 23,551.65 के लेवल पर कारोबार कर रहा था. निफ्टी के टॉप गेनर्स शेयरों में अदाणी एंटरप्राइजेज,अदाणी पोर्ट्स, एमएंडएम, विप्रो, और ओएनजीसी शामिल रहे, जबकि मारुति सुजुकी, टीसीएस, डिविस लैब्स, डॉ रेड्डीज लैब्स और एचडीएफसी लाइफ टॉप लूजर्स रहे. सेक्टोरल आधार पर बात करें तो ज्यादातर सेक्टरल इंडेक्स हरे निशान में खुले हैं. निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर को छोड़कर आईटी, पीएसयू, ऑटो, एफएमसीजी,सहित बाकी सभी सेक्टरल इंडेक्स आज बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं. नए हाई लेवल पर पहुंचा सेंसेक्स-निफ्टी बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 76,992.77 के लेवल पर क्लोज हुआ था. वहीं मंगलवार को इसने 77,235 के स्तर पर ओपन होकर कारोबार शुरू किया और कुछ ही मिनटों में 77,326.80 का हाई लेवल छू लिया. सेंसेक्स की तरह ही NSE Nifty भी रॉकेट की तरह भागा और 100 अंक से ज्यादा उछलकर 23,573.85 का नया ऑल टाइम हाई लेवल छू लिया. इससे पहले शुक्रवार को ये एनएसई इंडेक्स 23,465 के लेवल पर क्लोज हुआ था. हालांकि, ऑल टाइम हाई लेवल छूने के बाद इसकी रफ्तार मामूली धीमी जरूर पड़ी, लेकिन फिर भी सुबह 9.50 बजे तक सेंसेक्स 321 अंक या 0.42 फीसदी की उछाल के साथ 77,312.90 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था. वहीं इस दौरान BSE के 30 में से 25 शेयर हरे निशान पर थे, जबकि पांच शेयरों में गिरावट थी.

भारतीय बैंकों के मुनाफे में पिछले 10 वर्षों में 4 गुना का इजाफा हुआ

 नई दिल्ली भारतीय बैंकों के मुनाफे में पिछले 10 वर्षों में 4 गुना का इजाफा हुआ है। इसके साथ ही खराब लोन की संख्या में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। ये जानकारी इन्वेस्टमेंट ग्रुप सीएलएसए की रिपोर्ट में दी गई है।रिपोर्ट में बताया गया कि पिछले एक दशक में भारतीय बैंक की बैलेंस शीट काफी मजबूत हुई है और मुनाफा चार गुना तक बढ़ गया है। रिपोर्ट में कहा गया कि नॉन-परफॉर्मिंग लोन (नेट एनपीएल), जो पहले भारतीय बैंकिंग सेक्टर पर एक बड़ा बोझ था, यह बीते एक दशक में काफी नीचे चला गया है। इससे एसेट्स क्वालिटी में काफी सुधार हुआ है और बैंकों की कैपिटल पॉजिशन भी काफी अच्छी हो गई है। डिपॉजिट वृद्धि दर लोन वृद्धि दर जितनी ही होनी चाहिए। यह वित्त वर्ष 2012-22 के दौरान पिछले दो वर्षों में यह औसतन 10 प्रतिशत से बढ़कर 15 प्रतिशत हो गई है। रिपोर्ट में कहा गया कि बीते पांच वर्षों में सरकारी बैंकों ने निजी बैंकों की अपेक्षा काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। हालांकि, पिछले एक दशक में चालू खाते के मामलों में निजी बैंकों ने सरकारी बैंकों को पछाड़ दिया है और गैर-जमा उधार में भी कमी आई है। सीएलएसए रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पिछले दो वर्षों में सभी सब-सेगमेंट और संभवतः कॉरपोरेट बॉन्ड प्रतिस्थापन से कुछ बदलावों के कारण सेक्टर में लोन वृद्धि दर अपने दशकीय औसत 10 प्रतिशत से बढ़कर 15 प्रतिशत हो गई है। लंबे समय से लोन वृद्धि दर और डिपॉजिट वृद्धि दर में तालमेल बना रहा है। पिछले 5 से 7 वर्षों में कॉरपोरेट क्रेडिट की क्वालिटी में सुधार हुआ है। बैंकिंग सेक्टर को ₹3 लाख करोड़ का मुनाफा वित्त वर्ष 2023-24 में देश के बैंकिंग क्षेत्र ने ₹3 लाख करोड़ से अधिक का मुनाफा कमाया है। इस दौरान निजी और सरकारी, दोनों ही बैंकों का मुनाफा बढ़ा है। वित्त वर्ष 2023 में देश के बैंकिंग क्षेत्र के मुनाफे 39% की वृद्धि देखी गई है। पीएम मोदी ने बैंकिंग क्षेत्र की इस उपलब्धि को सराहा है।  एक रिपोर्ट के अनुसार, देश के सरकारी क्षेत्र के बैंक ने वित्त वर्ष 2023-24 में ₹1.4 लाख करोड़ का मुनाफा कमा चुके है। यह वित्त वर्ष 2022-23 से 34% अधिक है। इन बैंकों ने 2022-23 के दौरान ₹1.04 लाख करोड़ का मुनाफ़ा कमाया था। ऐसा दूसरी बार हो रहा है, जब सभी सरकारी बैंक का मुनाफा ₹1 लाख करोड़ के पार गया हो। सरकारी बैकों के अलावा निजी क्षेत्र के बैंकों को भी खूब मुनाफा हुआ है। रिपोर्ट बताती है कि 2023-24 में देश के निजी बैंकों को ₹1.7 लाख करोड़ का मुनाफा हुआ। इनके मुनाफे में सरकारी बैंकों से अधिक वृद्धि हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इनका मुनाफा ₹1.2 लाख करोड़ था। मुनाफे की इन खबरों के बीच सबसे बड़ी उपलब्धि सरकारी बैकों के हिस्से में ही है। सरकारी बैंकों ने भारी घाटे से ₹1 लाख करोड़ से अधिक के मुनाफे का सफ़र तय किया है। पिछले समय से तुलना की जाए तो सरकारी बैंक लगातार घाटे में जा रहे थे और उन्हें अपना कामकाज चलाने के लिए हर साल केंद्र सकरार मदद करती थी। अब यह मामला पूरी तरह बदल चुका है। सरकारी बैकों ने वित्त वर्ष 2017-18 में ₹85,000 करोड़ से अधिक का घाटा झेला था। इसके बाद शुरू हुई प्रक्रिया के कारण बैकों को अब मुनाफा होने लगा है। मोदी सरकार में बैंकों के बुरे कर्जों को निपटाने, नए कर्जे सोच समझ कर देने और बैंकों के एकीकरण के कारण यह मुनाफा हुआ है। दूसरी तरफ निजी क्षेत्र के बैंक भी आगे बढ़ रहे हैं। देश में बढती आर्थिक गतिविधि और लगातार बढ़ते उद्योग धन्धों के कारण निजी क्षेत्र के बैंकों का कारोबार बढ़ रहा है। ऐसे में उनके कर्ज पोर्टफोलियो भी बढ़ रहे हैं, बिना सरकारी दबाव के कारण वह अब कर्जदारों की जाँच करके लोन दे रहे हैं। इससे उनका भी लाभ बढ़ा है।

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