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शेयरों में भारी गिरावट के कारण HDFC Bank का मार्केट कैप 53,000 करोड़ रुपये कम हो गए

मुंबई पिछले कुछ दिनों की तेजी के बाद आज शेयर बाजार में तगड़ी गिरावट देखी जा रही है. निफ्टी जहां 100 अंकों से ज्‍यादा टूट गया था तो वहीं Sensex में 400 अंक से ज्‍यादा की गिरावट देखी गई थी. वहीं बैंक निफ्टी में सबसे ज्‍यादा 1.42 फीसदी की कमी आई है. इस बीच, HDFC बैंक के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा नुकसान कराया है. 53000 करोड़ रुपये का नुकसान! शुक्रवार को बाजार खुलते के कुछ देर बाद ही HDFC बैंक के शेयर 4 फीसदी से ज्‍यादा टूट गए. शेयरों में भारी गिरावट के कारण HDFC Bank का मार्केट कैप 53,000 करोड़ रुपये कम हो गए. यानी कि HDFC बैंक के निवेशकों का वैल्‍यूवेशन 53000 करोड़ रुपये कम हुआ है. अभी प्राइवेट सेक्‍टर के बड़े बैंक का मार्केट कैप 13.13 लाख करोड़ रुपये है. खबर लिखे जाने तक HDFC बैंक के शेयर 4.16 फीसदी गिरकर 1655 रुपये पर कारोबार कर रहे थे. HDFC बैंक के शेयर में इतनी बड़ी गिरावट क्‍यों? देश के सबसे बड़े बैंक के शेयरों में तगड़ी गिरावट कर्जदाता द्वारा लोन और एडवांस, डिपॉजिट ग्रोथ पर जून तिमाही के कारोबारी अपडेट देने के बाद आया है. जून तिमाही के नतीजों से पहले बैंक ने अपडेट जारी किया है, जिसके मुताबिक HDFC बैंक के लिए लोन डिस्‍ट्रीब्‍यूशन और डिपॉजिट ग्रोथ आमतौर पर कम रहे हैं. नोमुरा इंडिया ने अपने नोट अपडेट में कहा है कि पिछले तीन वर्षों में बैंक के लोन और डिपॉजिट में 1 से 3 प्रतिशत की ग्रोथ रही है. बैंक लोन डिस्‍ट्रीब्‍यूशन में कमी वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही के अपडेट के बाद, एचडीएफसी बैंक का शेयर बीएसई पर 4.19 प्रतिशत गिरकर 1,654.25 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गए थे.  HDFC बैंक ने प्रो-फॉर्मा आधार पर अपने ग्रॉस मैनेजमेंट एसेट (AUM) में 11 प्रतिशत की साल-दर-साल या फ्लैट ग्रोथ रखी है. लोन बिक्री के बाद, ग्रॉस डेट में 0.8 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि साल-दर-साल ग्रोथ 10.8 प्रतिशत की रही है. HDFC बैंक के शेयर पर आया टारगेट नोमुरा इंडिया ने शेयर पर 1,660 रुपये का टारगेट प्राइस सुझाया है और कहा “एचडीएफसी बैंक की ऋण और जमा वृद्धि (प्रो-फॉर्मा आधार पर) हमारे वित्त वर्ष 25 एफ अनुमानों से कम है, जो कि क्रमशः 12 प्रतिशत और 17 प्रतिशत है. एचडीएफसीबी की बैलेंस शीट में सुधार हो रहा है, लेकिन हमारा मानना ​​है कि यह प्रक्रिया धीरे-धीरे होगी.

भारत से बाहर कई देशों में यूपीआई से भुगतान करने की सुविधा, अब दुबई भी हुआ शामिल

नई दिल्ली  संयुक्त अरब अमीरात (United Arab Amirate) और खाड़ी के अन्य देशों में ढेरों भारतीय रहते हैं। इसके साथ ही इन देशों में काफी भारतीय पर्यटक भी जाते हैं। अब इन पर्यटकों को वहां पेमेंट करने में काफी आसानी होगी। दरअसल, अब आसानी से मध्य पूर्व के देश संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में यूपीआई (QR-based Unified Payments Interface (UPI)से भुगतान किया जा सकेगा। इसके लिए नेशनल पेमेंट्स कारपोरेशन ऑफ इंडिया (National Payments Corporation of India) के इंटरनेशनल आर्म एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NPCI International Payments Ltd (NIPL) ने मिडिल ईस्ट और अफ्रीका की बड़ी डिजिटल कॉमर्स कंपनी नेटवर्क इंटरनेशनल (Network International) के साथ साझेदारी की है। कैसे होगा पेमेंट एनपीसीआई इंटरनेशनल के सीईओ रितेश शुक्ला का कहना है कि अब यूएई में अब भारतीय यात्री या एनआरआई पॉइंट ऑफ सेल मशीन के माध्यम से क्यूआर कोड के जरिए यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) भुगतान कर पाएंगे। उनका कहना है कि यूएई के मर्चेंट्स के बीच यूपीआई पेमेंट की बढ़ती हुई स्वीकार्यता केवल भारतीय यात्रियों के लिए ही नहीं सुविधाजनक होगा, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इनोवेटिव डिजिटल पेमेंट सॉल्यूशन को भी प्रमोट करेगा। लाखों भारतीय पहुंचते हैं वहां खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) में भारतीय यात्रियों का आंकड़ा 98 लाख पहुंचने का अनुमान है। इस साल अकेले यूएई में 53 लाख के करीब भारतीयों के पहुंचने की संभावना है। भारत सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और एनपीसीआई इंटरनेशनल मिलकर यूपीआई को वैश्विक मंच पर बढ़ावा देने के लिए काम कर रहे हैं। अब वहां यूपीआई पेमेंट सिस्टम काम करने से भारतीयों को और आसानी होगी। भारत से बाहर कई देशों में चलता है यूपीआई फिलहाल भारत के बाहर नेपाल, श्रीलंका, मॉरीशस, यूएई, सिंगापुर, फ्रांस और भूटान में यूपीआई से भुगतान किया जा सकता है। यूपीआई से डिजिटल भुगतान आसान होने के कारण इसके जरिए होने वाले लेनदेन की संख्या में साल दर साल इजाफा हो रहा है। अरबों ट्रांजेक्शन हो रहे हैं एनपीसीआई के डेटा के मुताबिक, यूपीआई प्लेटफॉर्म पर जून में लेनदेन की संख्या 13.9 अरब थी। इसमें सालाना आधार पर 49 प्रतिशत का इजाफा देखा गया है। इस दौरान यूपीआई से औसत लेनदेन की संख्या प्रतिदिन 463 मिलियन रही और प्रतिदिन औसत 66,903 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। यूपीआई के लेनदेन में बढ़त की वजह रुपे क्रेडिट कार्ड को यूपीआई से जोड़ना और यूपीआई को विदेशों में भी लॉन्च करना है।

देशभर में जोमैटो ने अपनी हाइपरलोकल प्रोडक्ट डिलीवरी सर्विस ‘एक्सट्रीम’ को निलंबित किया

नई दिल्ली ऑनलाइन फूड डिलीवर करने वाली कंपनी जोमैटो ने अपनी हाइपरलोकल प्रोडक्ट डिलीवरी सर्विस ‘एक्सट्रीम’ (Xtreme) को निलंबित कर दिया है। कंपनी ने Xtreme ऐप को गूगल प्ले स्टोर से भी हटा दिया है। बता दें कि पिछले साल अक्टूबर महीने में जोमैटो ने यह सर्विस शुरू की थी। Xtreme को लगभग उन सभी 750-800 शहरों में लॉन्च किया गया जहां जोमैटो फूड डिलीवरी प्रोवाइड करती है। इसने शैडोफैक्स, पोर्टर, लोडशेयर द्वारा प्रोवाइड की जाने वाली सर्विसेज की तर्ज पर छोटे इंट्रासिटी पैकेज देने के लिए छोटे और बड़े दोनों व्यापारियों को टारगेट किया। हालांकि, अब एक साल के भीतर यह सर्विस बंद हो रही है। हालांकि, जोमैटो की ओर से इस पर आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। कंपनी ने कहा- यह प्रयोग था खबर के मुताबिक कंपनी एक अधिकारी ने कहा, “यह एक प्रयोग था और किसी भी दिशा में जा सकता था। बता दें कि Xtreme लॉजिस्टिक्स सर्विस है जो व्यापारियों को पार्सल भेजने और प्राप्त करने की अनुमति देती थी। यह सर्विस केवल इंट्रासिटी पैकेज के लिए थी, जिसका अधिकतम वजन 10 किलोग्राम तय था। पैकेज की शुरुआती कीमत ₹35 थी। सुस्त पड़ा था डंजो का कारोबार जोमैटो का हाइपरलोकल डिलीवरी में प्रवेश ऐसे समय में हुआ जब इस सेक्टर की दिग्गज कंपनी डंजो का कारोबार मंदी से गुजर रहा था। बता दें कि डंजो रिलायंस रिटेल समर्थित कंपनी है। डंजो के संचालन में मंदी के कारण सॉफ्टबैंक समर्थित ओला ने हाइपरलोकल डिलीवरी सेगमेंट में प्रवेश किया। जोमैटो द्वारा एक्सट्रीम लॉन्च करने से कुछ समय पहले ओला पार्सल पिक-अप और ड्रॉप सेवा बेंगलुरु में लॉन्च की गई थी। जोमैटो के शेयर का हाल इस बीच, जोमैटो ने अपनी इंटरसिटी फूड डिलीवरी पेशकश ‘लीजेंड्स’ को एक बार फिर लॉन्च किया है। वहीं, जोमैटो के शेयर की बात करें तो यह 207.30 रुपये पर था। यह पिछले कारोबारी दिन से 0.41% टूटकर बंद हुआ है।

भारतीय शेयर मार्केट के दोनों बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी ऑल टाइम हाई पर ट्रेड

मुंबई  भारतीय शेयर मार्केट के दोनों बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी ऑल टाइम हाई पर ट्रेड कर रहे हैं। सेंसेक्स 80374 के नए शिखर को छू चुका है। निफ्टी भी 24000 के पार चला गया है। एनएसई पर 2418 स्टॉक ट्रेड कर रहे हैं, जिनमें 1592 हरे निशान पर हैं। 762 में गिरावट है। 110 स्टॉक्स में अपर सर्किट लगा है और 23 में लोअर।  शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स पर एचडीएफसी बैंक टॉप लूजर है। इसमें करीब डेढ़ पर्सेंट की गिरावट है। टॉप गेनर्स में टाटा मोटर्स करीब दो फीसद ऊपर 994.65 रुपये, आईसीआईसीआई बैंक 1.52 फीसद ऊपर 1219.55 रुपये, इन्फोसिस 1.27 फीसद की बढ़त के साथ 1648.25 रुपये पर पहुंच गया है। टीसीएस और एचसीएल टेक में भी एक फीसद से अधिक की बढ़त है।  शेयर मार्केट में रिकॉर्डतोड़ रैली जारी है। आज गुरुवार 4 जुलाई को पहली बार सेंसेक्स 80321 के नए ऑल टाइम पर खुला। निफ्टी भी इतिहास रचते हुए 24369 के रिकॉर्ड ऊंचाई पर खुला। सेंसेक्स आज 334 अंक ऊपर और निफ्टी 83 अंकों की बढ़त के साथ खुला। घरेलू शेयर मार्केट आज भी बम-बम बोल सकता है। क्योंकि, ग्लोबल संकेत कुछ ऐसा ही इशारा कर रहे हैं। एशियाई बाजारों में तेजी रही, जबकि अमेरिकी शेयर बाजार हरे निशान में बंद हुए। गिफ्ट निफ्टी 24,460 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद से लगभग 95 अंकों का प्रीमियम था। यह सेंसेक्स-निफ्टी के लिए अच्छे संकेत हैं। आज सेंसेक्स के लिए प्रमुख संकेत इस प्रकार हैं एशियाई बाजार: लाइव मिंट के मुताबिक गुरुवार को जापान के टॉपिक्स के ऑल टाइम हाई लेवल को पार करने के साथ एशियाई बाजारों में तेजी रही। टॉपिक्स में 0.56% की उछाल आई, जबकि निक्केई 225 में 0.55% की। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 0.98% की तेजी आई, जबकि कोस्डैक में 0.75% की वृद्धि हुई।

AI ने भारत में पहले से ही गतिशील उद्यमशीलता परिवेश को और गति दी- नारायणन

नई दिल्ली  ओपनएआई के उपाध्यक्ष श्रीनिवास नारायणन ने कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) ने भारत में पहले से ही गतिशील उद्यमशीलता परिवेश को और गति दी है। उन्होंने कहा कि कृषि, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में एआई के अत्यधिक इस्तेमाल के कई उदारहण मौजूद हैं। नारायणन ने ‘ग्लोबल इंडिया एआई समिट’ को संबोधित करते हुए भारत के एआई मिशन की सराहना की और इसे न केवल ‘ग्लोबल साउथ’ बल्कि पूरे विश्व के लिए एक ‘‘ बेहतरीन मिसाल’’ करार दिया। उन्होंने कहा कि ओपनएआई ‘इंडिया एआई मिशन’ की अनुप्रयोग विकास पहल का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारतीय डेवलपर इसके मॉडल पर काम कर सकें और व्यापक स्तर पर समाज को इसका लाभ मिले। उन्होंने कहा, ‘‘हम वास्तव में मंत्रालय (आईटी मंत्रालय) के साथ बातचीत जारी रखना चाहते हैं। यह आकलन करना चाहते हैं कि हम कहां सबसे अधिक योगदान दे सकते हैं।’’ भारत में एआई के अत्यधिक इस्तेमाल का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कृषि में नए युग की प्रौद्योगिकी ग्रामीण समुदायों में किसानों को अधिक सहायता प्रदान करना संभव बना रही है। शिक्षा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर व्यक्ति-विशेष शिक्षा की पेशकश एक ‘‘बड़ा अवसर’’ है। उन्होंने कहा, ‘‘इसका सबसे बड़ा उदाहरण ‘इंडिया एआई मिशन’ ही है। यह न केवल ‘ग्लोबल साउथ’ में, बल्कि दुनिया भर में एक बेहतरीन मिसाल पेश करता है कि जनरेटिव एआई में ‘एंड-टू-एंड’ सार्वजनिक निवेश क्या हो सकता है।’’ ‘ग्लोबल साउथ’ से तात्पर्य उन देशों से है जिन्हें अक्सर विकासशील, कम विकसित या अल्पविकसित कहा जाता है, जो मुख्य रूप से अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका में स्थित हैं।      

मई 2024 में रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश सालाना आधार पर 67 प्रतिशत बढ़कर 2.5 अरब डॉलर हो गया

नई दिल्ली  भारत में प्राइवेट इक्विटी (पीई) और वेंचर कैपिटल (वीसी) की ओर से किया जाने वाला निवेश मई में सालाना आधार पर 54 प्रतिशत बढ़कर 6.9 अरब डॉलर हो गया। ईवाई-आईवीसीए की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि मई 2024 में रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश सालाना आधार पर 67 प्रतिशत बढ़कर 2.5 अरब डॉलर हो गया है, जो कि मई 2023 में 1.5 अरब डॉलर था। यह अप्रैल 2024 के मुकाबले 183 प्रतिशत अधिक है।  मई 2024 में कुल डील की संख्या सालाना आधार पर 45 प्रतिशत से बढ़कर 100 हो गई है, जो कि मई 2023 में 69 थी। शुद्ध रूप से पीई/वीसी का निवेश मई 2024 में 47 प्रतिशत बढ़कर 4.4 अरब डॉलर हो गया है, जो कि मई 2023 में 3 अरब डॉलर पर था। मई 2024 में पीई/वीसी निवेशकों की ओर से ग्रोथ इन्वेस्टमेंट डील की गई है। इसका आकार 2.5 अरब डॉलर का था, जो कि कुल निवेश का 36 प्रतिशत है। इसके बाद बायआउट इन्वेस्टमेंट्स की डील की गई और इसका आकार 2.3 अरब डॉलर था। रिपोर्ट के मुताबिक, मई 2024 में 2.5 अरब डॉलर के निवेश के साथ रियल एस्टेट सेक्टर टॉप पर था। इसके बाद फाइनेंसियल सर्विसेज को 1.6 अरब डॉलर का निवेश मिला है। रिपोर्ट में आगे कहा गया कि पीई/वीसी ने मई 2024 में 23 डील में 2.5 अरब डॉलर का एग्जिट लिया है। इसमें सालाना आधार पर 21 प्रतिशत की बढ़त हुई है। मई 2024 में 5 डील में सेकेंडरी एग्जिट हुआ है, जो कि एक अरब डॉलर पर था। इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पीई का फेवरेट रहा है। पिछले पांच वर्षों में पीई/वीसी का 17 प्रतिशत निवेश इसी सेक्टर में हुआ है। वैल्यू के हिसाब से पीई/वीसी ने सबसे ज्यादा निवेश रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में किया है, इसके बाद रोड और हाईवे का नंबर है।  

भारत सेवा पीएमआई कारोबारी गतिविधि सूचकांक जून में बढ़कर 60.5 हो गया

नई दिल्ली  नए ठेकों में मजबूत वृद्धि और अंतरराष्ट्रीय बिक्री में अभूतपूर्व विस्तार के बीच भारत के सेवा क्षेत्र की वृद्धि जून में तेजी से बढ़ी। मई में यह पांच महीने के निचले स्तर पर थी। एक मासिक सर्वेक्षण में यह जानकारी दी गई है। मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया भारत सेवा पीएमआई कारोबारी गतिविधि सूचकांक जून में बढ़कर 60.5 हो गया जो मई 60.2 था। यह बढ़ोतरी उत्पादन में तेज विस्तार की ओर इशारा करती है। खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) की भाषा में 50 से ऊपर अंक का मतलब गतिविधियों में विस्तार से और 50 से कम अंक का आशय संकुचन से होता है। एचएसबीसी के मुख्य अर्थशास्त्री (भारत) प्रांजुल भंडारी ने कहा, ‘‘भारत के सेवा क्षेत्र की गतिविधियां जून में तेज हुईं। सूचकांक 0.3 पीपीटी (प्रतिशत बिंदु) बढ़कर 60.5 हो गया। इसकी मुख्य वजह घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए ठेकों में वृद्धि रही। इसने सेवा कंपनियों को अगस्त 2022 के बाद से सबसे तेज गति से अपने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।’’ मजबूत मांग और नए कारोबार की बढ़ती आमद को वृद्धि के प्रमुख निर्धारकों के रूप में उद्धृत किया गया। जून में भारतीय सेवा प्रदाताओं को मिलने वाले नए ठेके में वृद्धि जारी रही, जिससे विस्तार का मौजूदा क्रम करीब तीन वर्षों तक बढ़ गया। अंतरराष्ट्रीय ठेकों में भी रिकॉर्ड वृद्धि हुई। विदेशों में एशिया, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, लैटिन अमेरिका, पश्चिम एशिया और अमेरिका से नए अवसर मिलने का भी हवाला दिया गया। इस बीच, एचएसबीसी इंडिया कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स जून में 60.9 रहा जो मई में 60.5 था। भंडारी ने कहा, ‘‘जून में समग्र पीएमआई में भी तेजी आई, जिसमें अधिक नए ठेकों का मिलना प्रमुख वजह रही। सेवा कंपनियों की तुलना में विनिर्माण कंपनियों ने विस्तार में अधिक योगदान दिया।’’ सर्वेक्षण में कहा गया कि निजी क्षेत्र में रोजगार में तीव्र वृद्धि हुई है। यह वृद्धि दिसंबर 2005 के बाद से सबसे तेज में से एक है। एचएसबीसी इंडिया भारत सेवा पीएमआई को एसएंडपी ग्लोबल ने करीब 400 कंपनियों के एक समूह में क्रय प्रबंधकों को भेजे गए सवालों के जवाबों के आधार पर तैयार किया है।  

रेकिट केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के ‘स्‍टॉप डायरिया कैंपेन’ के साथ जुड़कर अभियान चलाया जाएगा

नई दिल्ली स्वास्थ्य एवं व्यक्तिगत स्वच्छता उत्पाद बनाने वाली अग्रणी कंपनी रेकिट ने माताओं और पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए एक स्व देखभाव अभियान शुरु किया है। कंपनी ने  यहां बताया कि यह विशेष अभियान केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के ‘स्‍टॉप डायरिया कैंपेन’ के साथ जुड़कर चलाया जाएगा। पिछले सप्ताह केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने इस राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य डायरिया के कारण होने वाली बच्चों की मृत्यु को शून्य करना है। माताओं और पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए स्व देखभान अभियान की दो महीने की अवधि के दौरान, अग्रिम कर्मचारी का क्षमता निर्माण, स्वच्छता, नुक्कड़ नाटक, रैलियों, पोस्टर और प्रचार सामग्री से जागरूकता पैदा करने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा कई राज्यों में जिला स्तर पर संवाद केंद्र स्थापित किये जाएगें। इस अभियान में भारतीय बाल चिकित्सा अकादमी, भारतीय चिकित्सा संघ, गैर सरकारी संगठन और सरकारी संगठनों के सदस्यों के माध्यम से ओआरएस और जिंक को बढ़ावा देने और सफाई सुविधाओं को मजबूत बनाने पर बल दिया जाएगा। इसमें माताओं के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की योजना पर सामुदायिक स्तर की बैठकें आयोजित की जाएंगी और डायरिया किट भी वितरित की जाएंगी। देश के कई राज्यों में, बचपन में होने वाली डायरिया संबंधी बीमारियां पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मौत का प्रमुख कारण बनी हुई हैं। देश में पांच साल से कम उम्र के बच्चों की कुल मौतों में डायरिया की हिस्सेदारी 5.8 प्रतिशत है।  

भारतीय क्रेडिट कार्ड से इन दिनों खूब खर्च कर रहे, CC ट्रांजेक्शन 18.31 लाख करोड़ रुपये पहुंचा

नई दिल्ली इस समय लोग खुल कर खर्च (Spending) कर रहे हैं। पास में पैसे नहीं हैं तो कोई बात नहीं। क्रेडिट कार्ड (Bank Credit Card) है ना। समय पर क्रेडिट कार्ड का बिल नहीं चुका पाए तो ईएमआई (Credit Card EMI) बंधवा लिए। लेकिन शौक या आवश्यकता तो पूरी होगी ही। तभी तो पिछले तीन साल में क्रेडिट कार्ड का खर्च तीन गुना बढ़ कर 18 लाख रुपये से भी ऊपर चला गया है। तीन साल में तीन गुना देश में क्रेडिट कार्ड का उपयोग (Credit Card USE) कितनी तेजी से बढ़ रहा है, इसका अंदाजा रिजर्व बैंक के आंकड़ों (RBI Data) से ही मिलता है। इस आंकड़ों के मुताबिक पिछले तीन वर्षों के दौरान क्रेडिट कार्ड ट्रांजेक्शन तीन गुना बढ़ गया है। यह मार्च 2024 को समाप्त वर्ष के दौरान 18.31 लाख करोड़ रुपये हो गया। यह तीन साल पहले, मार्च 2021 में, 6.30 लाख करोड़ रुपये था। उल्लेखनीय है कि अर्थव्यवस्था कोविड महामारी से उत्पन्न समस्याओं से बाहर आ गई है। इस समय उपभोक्ताओं के विश्वास में लगातार वृद्धि हो रही है।   किस तरीके से बढ़ रहा है खर्च भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2021 को समाप्त वर्ष के दौरान क्रेडिट कार्ड लेनदेन का मूल्य 6.30 लाख करोड़ रुपये था। यह मार्च 2022 में बढ़कर 9.71 लाख करोड़ रुपये और मार्च 2023 तक 14.32 लाख करोड़ रुपये हो गया। अब यह 18 लाख करोड़ रुपये के पार चला गया है। इस समय कार्ड यूजर्स का मासिक खर्च 1.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। इस साल मार्च महीने में यह 164,459 करोड़ रुपये रहा जबकि मार्च 2021 में यह 72,319 करोड़ रुपये था। क्रेडिट कार्ड की बढ़ रही है संख्या आरबीआई के आंकड़ों से पता चलता है कि बैंकों द्वारा जारी किए गए क्रेडिट कार्ड की संख्या भी मार्च 2024 तक तेजी से बढ़कर 10.18 करोड़ हो गई है। एक साल पहले यानी मार्च 2023 में यह संख्या 8.53 करोड़ और मार्च 2022 में 7.36 करोड़ और मार्च 2021 में 6.20 करोड़ थी। बकाया में भी हो रही है बढ़ोतरी जिस तरह से लोग क्रेडिट कार्ड से खर्च खूब कर रहे हैं, उसी तरह उनका बकाया भी बढ़ रहा है। मई 2024 तक क्रेडिट कार्ड का बकाया 2,67,979 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि 2022 में यह 1,61,512 करोड़ रुपये था। कार्ड बकाया बैंकों द्वारा दी गई ब्याज-मुक्त अवधि के बाद ग्राहकों से मिलने वाली राशि है। क्रेडिट कार्ड में निजी बैंकों का दबदबा देश के बैंकिंग सेक्टर को देखें तो सबसे आगे स्टेट बैंक है जो कि सरकारी बैंक है। लेकिन क्रेडिट कार्ड सेगमेंट में निजी बैंकों का दबदबा है। एचडीएफसी बैंक 2.11 करोड़ क्रेडिट कार्ड के साथ शीर्ष कार्ड जारीकर्ता है।भारतीय स्टेट बैंक का नंबर इसके बाद ही है। इस बैंक ने अब तक 1.91 करोड़ कार्ड जारी किए हैं। इसके बाद आईसीआईसीआई बैंक 1.7 करोड़ कार्ड और एक्सिस बैंक के 1.43 करोड़ कार्ड हैं। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, एचडीएफसी बैंक ने मई 2024 के महीने में 16,251 करोड़ रुपये के पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) ट्रांजेक्शन और 25,155 करोड़ रुपये के ई-कॉमर्स कार्ड यूज की सूचना दी है। फेस्टिवल ऑफर भी खूब आ रहे हैं बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि जिस चीज ने ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड सेगमेंट की ओर आकर्षित किया है, वह अधिक खर्च पर पुरस्कार, ऋण ऑफर और एयरपोर्ट लाउंज लाभ, फेस्टिवल ऑफर जैसे प्रोत्साहन हैं। हालांकि उन्हें क्रेडिट कार्ड का अतिशय उपयोग करने से पहले कई बार सोचना चाहिए। ”उनका कहना है कस्टमर्स यह समझना चाहिए कि यदि वे ब्याज-मुक्त अवधि से अधिक समय तक कार्ड का बकाया रखते हैं, तो उन्हें कुछ मामलों में 42 प्रतिशत तक की ब्याज दर का भुगतान करना पड़ता है। यह उन्हें कर्ज के जाल में फंसा देगा।”

शेयर बाजार ने भरी उड़ान, सेंसेक्स पहली बार 80000 पर पहुंचा

Attack on police who went to catch illegal liquor, policemen including SHO injured

मुंबई शेयर बाजार (Share Market) में बुधवार को जोरदार तेजी के बीच जहां सेंसेक्स (Sensex) ने जहां पहली बार 80,000 का आंकड़ा पार कर लिया, तो इस बीच बैंकिंग शेयरों में भी ताबड़तोड़ उछाल देखने को मिला. इन स्टॉक्स को लीड HDFC Bank Share ने किया, जिसकमें तेज बढ़त के बाद बाकी बैंकिंग स्टॉक्स भी चढ़ने लगे. खासकर ICICI बैंक और Axis बैंक के शेयर भी बाजार को सपोर्ट करते हुए दिखाई दिए. HDFC Bank का शेयर 3 फीसदी की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था. बैंक निफ्टी 53000 के पार निकला Stock Market में तेजी के बीच बीएसई और एनएसई दोनों इंडेक्स ने ओपनिंग के साथ रॉकेट की रफ्तार भागना शुरू कर दिया था. इस बीच बाजार को पूरा सपोर्ट देते हुए बैंक निफ्टी (Bank Nifty) ने 53,000 अंक के रिकॉर्ड स्तर को पार कर लिया, जबकि सेंसेक्स ऐतिहासिक 80 हजार के ऊपर कारोबार कर रहा है. निफ्टी की अगर बात करें, तो Nifty-50 ने भी नए ऑल टाइम हाई लेवल को छूआ और पहली बार 24,307.25 के स्तर पर पहुंचकर ट्रेड कर रहा था. बाजार खुलते ही रॉकेट बना HDFC बैंक का शेयर HDFC Bank Share सुबह 9.15 बजे मार्केट ओपन होने के साथ 1791 रुपये पर खुला और कुछ ही देर में 1794 रुपये का नया हाई लेवल छू लिया. खबर लिखे जाने तक सुबह 10.40 बजे पर एचडीएफसी बैंक का शेयर 3.40 फीसदी चढ़कर 1789.35 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. शेयर में आए इस उछाल के चलते बैंक का मार्केट कैप भी बढ़कर 13.44 लाख करोड़ रुपये हो गया है. इन बैंकिंग स्टॉक्स ने भी पकड़ी रफ्तार एचडीएफसी बैंक के साथ ही ICICI Bank Share करीब 2 फीसदी की तेजी लेकर 1215.85 रुपये स्तर छू लिया, वहीं Axis Bank Share भी 2.21 फीसदी उछलकर 1281 रुपये पर कारोबार कर रहा था. अन्य बैंकिंग स्टॉक्स की बात करें, तो प्राइवेट सेक्टर के Kotak Bank Share 1.50 फीसदी बढ़कर 1799.90 रुपये पर ट्रेड कर रहा था और देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक SBI का शेयर लगभग 1 फीसदी चढ़कर ट्रेड कर रहा था. HDFC Bank शेयर में क्यों आई तेजी? देश में प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंक HDFC Bank के शेयर में आई इस जबरदस्त तेजी के पीछे के कारणों का जिक्र करें, तो अगस्त में एमएससीआई के अधिक निवेश की उम्मीद के बीच एचडीएफसी बैंक के शेयर में यह तेजी आई. ब्रोकरेज फर्म जेफरीज और यूबीएस ने एचडीएफसी बैंक के शेयरों पर Buy रेटिंग बनाए रखी है. जेफरीज के मुताबिक, मई में विदेशी शेयरधारिता में 54.8 फीसदी की गिरावट एमएससीआई की समीक्षा में मदद करेगी. कल दिए थे संकेत, आज कर दिया कमाल बुधवार को शेयर बाजार में कारोबार शुरू होते ही बीएसकई का सेंसेक्स 481.44 अंक या 0.61 प्रतिशत बढ़कर 79,922.89 पर ओपन हुआ था. वहीं कुछ ही मिनटों के कारोबार में ये 572 अंक की उछाल के साथ 80000 के पार निकल गया और 80,039.22 के लेवल को टच कर लिया. गौरतलब है कि बीते कारोबारी दिन मंगलवार को भले ही Sensex सुस्ती के साथ क्लोज हुआ था, निफ्टी 18.10 अंक या 0.07% गिरकर 24,123.85 पर बंद हुआ था, जबकि सेंसेक्स 34.73 अंक या 0.04% गिरकर 79,441.46 पर बंद हुआ. लेकिन प्री-ओपन में इसने 80,129 का लेवल छूकर पहले ही संकेत दे दिए थे. बीते कारोबारी दिन मंगलवार को Nifty-50 भी नए शिखर पर पहुंचा Sensex की तरह ही एनएसई का निफ्टी भी 167 अंकों की छलांग के साथ 24291 पर खुला और कुछ ही देर में 24,292 के स्तर पर पहुंच गया. मार्केट खुलने पर करीब 2095 शेयरों में तेजी आई, 694 शेयरों में गिरावट आई और 100 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ. निफ्टी पर एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी लाइफ, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज और टाटा कंज्यूमर प्रमुख लाभ में रहे. HDFC Bank Share में ताबड़तोड़ तेजी BSE के 30 शेयरों में से 21 हरे निशान पर कारोबार कर रहे हैं. इस बीच Sensex को 80000 के पार निकालने में बुधवार को सबसे बड़ा योगदान बैंकिंग स्टॉक्स का रहा, जिनमें जोरदार तेजी देखने को मिली है. बैंकिंग शेयरों के कमाल के चलते ही बैंक निफ्टी (Bank Nifty) ने 53000 अंक के रिकॉर्ड स्तर को पार कर गया है. HDFC Bank Share जहां 2.97% चढ़कर 1781.60 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था, तो वहीं ICICI Bank Share करीब 2 फीसदी की तेजी लेकर 1215 रुपये पर था. इसके अलावा Axis Bank Share भी 2 फीसदी उछलकर 1277.95 रुपये, जबकि Kotak Bank Share 1.50 फीसदी बढ़कर 1799.90 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. टीसीएस-इंफोसिस के शेयर टूटे शेयर बाजार में आज बैंकिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और कैपिटल गुड्स के शेयर बीएसई पर क्रमशः 851 अंक, 261 अंक और 380 अंक की बढ़त के साथ सबसे ज्यादा लाभ में रहे. दूसरी ओर, आईटी शेयर सबसे ज्यादा नुकसान में रहे, बीएसई आईटी इंडेक्स 102 अंक गिरकर 37,939 पर आ गया. इस बीच टीसीएस, इंफोसिस, सन फार्मा, टेक महिंद्रा और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में गिरावट देखने को मिली है.

Warren Buffett का खुलासा, Bill Gates के पास McDonald’s का एक स्पेशल कार्ड है, जिसकी वजह से उन्हें फ्री खाना मिलता है

मुंबई सोचिए अगर आप McDonalds में जाएं और वहां जमकर खाएं और उसके बदले आपको एक रुपया भी खर्च ना करना पड़े, तो कैसा होगा? इस तरह के सपने भारत समेत दुनियाभर के कई लोग देखते होंगे. मगर क्या आपको पता है कि Microsoft के को-फाउंडर Bill Gates एक ऐसे शख्स हैं, जिन्हें ये सुविधा मिलती है. दरअसल, Bill Gates दुनिया के किसी भी McDonalds में जाकर मुफ्त खा सकते हैं. यह जानकारी जाने-माने बिजनेस मैन और इनवेस्टर्स Warren Buffett ने खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि उनके और Bill Gates के पास McDonald’s का एक स्पेशल कार्ड है, जिसकी वजह से उन्हें फ्री खाना मिलता है.   Warren Buffett ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया है कि उनके पास एक खास कार्ड है. इसी तरह का स्पेशल कार्ड Bill Gates के पास भी है, लेकिन उनकी लिमिट ज्यादा है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं. स्पेशल कार्ड के बारे में Warren Buffett ने बताया Warren Buffett ने बताया का उनका स्पेशल कार्ड अमेरिका के Omaha शहर तक सीमित है. इसमें वह किसी भी McDonald’s में जाकर मुफ्त ऑर्डर कर सकते हैं और उसका आनंद उठा सकते हैं. यह सर्विस उन्हें लाइफ टाइम के लिए फ्री दी गई है. Bill Gates के पास भी ये स्पेशल कार्ड Warren Buffett ने ऐसे ही बातों-बातों में खुलासा किया कि इस तरह का कार्ड Bill Gates के पास भी है. लेकिन वह दुनिया के किसी भी कोने में जाकर McDonald’s के फूड को मुफ्त में खा सकते हैं. Warren Buffett के कार्ड की लिमिट उन्होंने आगे बताया कि इस तरह की सुविधा कुछ ही लोगों को मिलती है, Warren Buffett ने बताया कि उनके लिए Omaha की लिमिट की काफी है, क्योंकि वे इस शहर को छोड़कर कहीं नहीं जाने वाले हैं. और भी कई स्पेशल कार्ड मौजूद Warren Buffett के पास और भी स्पेशल कार्ड हैं, जिसकी मदद से Johnny Rockets में फ्री की सर्विस मिलती है. Johnny Rockets अपने डिनर के लिए फेमस है. इसमें वे अपने साथ तीन गेस्ट को भी लेकर जा सकते हैं और वहां की सर्विस का मुफ्त फायदा उठा सकते हैं.    

स्मार्टफोन, रेफ्रिजरेटर, वियरेबल्स और टू-व्हीलर बनाने वाली कंपनियों को आजकल सांस लेने की फुर्सत नहीं , जाने क्या है कारण

मुंबई  स्मार्टफोन, रेफ्रिजरेटर, वियरेबल्स और टू-व्हीलर बनाने वाली कंपनियों को आजकल सांस लेने की फुर्सत नहीं है। उनका कहना है कि वे आगामी त्योहारी सीजन के लिए पिछले साल की तुलना में 20% तक अधिक इन्वेंट्री का उत्पादन कर रही हैं। उन्हें अच्छे मानसून और महंगाई में स्थिरता के कारण इस फेस्टिव सीजन मांग में सुधार की उम्मीद है। फेस्टिव सीजन के दौरान देश में सबसे ज्यादा खरीदारी होती है। ज्यादातर कंपनियों ने कहा कि वे इस महीने से 100% उत्पादन शुरू करने जा रही हैं। सितंबर में ओणम के लिए उत्पादन पहले ही शुरू हो चुका है। मौसम विभाग ने जून-सितंबर में सामान्य से अधिक मॉनसून रहने का अनुमान लगाया है। गोदरेज अप्लायंसेज के बिजनेस हेड कमल नंदी ने कहा कि ग्रामीण भारत में पेंट-अप डिमांड है, जो मॉनसून से और बढ़ जाएगी। वहां के लोगों ने पिछले पांच साल में बहुत कुछ नहीं खरीदा है जबकि शहरों में प्रीमियमाइजेशन का चलन मजबूत बना हुआ है। इंडस्ट्री को उम्मीद है कि इस साल त्योहारी सीजन में बिक्री कोविड के बाद से सबसे अच्छी होगी। इलेक्ट्रॉनिक्स और दोपहिया वाहनों में कम से कम एंट्री लेवल पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। इस दिवाली स्मार्टफोन की बिक्री 2021 के बराबर पहुंचने की उम्मीद है जब लॉकडाउन के कारण बढ़ी मांग से रिकॉर्ड बिक्री हुई थी। मॉनसून की चाल मॉनसून के सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। इससे कृषि उत्पादन और ग्रामीण आय में सुधार की उम्मीदें बढ़ गई हैं। दोपहिया वाहन निर्माताओं का कहना है कि अगर त्योहारी मांग उम्मीद के मुताबिक रही तो उद्योग वित्त वर्ष 2019 के 21 मिलियन यूनिट के रेकॉर्ड को पार कर सकता है। लेकिन हाई बेस के कारण जून तिमाही में कारों की बिक्री की ग्रोथ धीमी रही। लेकिन त्योहारी सीजन के दौरान इसमें तेजी की उम्मीद है। उद्योग का अनुमान है कि अप्रैल-जून की तुलना में सितंबर तिमाही में कारों, सेडान और यूटिलिटी गाड़ियों का उत्पादन 10% तक बढ़ने की संभावना है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाने वाली कंपनियां पहले से ही 100% क्षमता पर संयंत्र चला रहे हैं। इस उद्योग को इस साल वॉल्यूम में 14-18% साल-दर-साल वृद्धि की उम्मीद है। त्योहारी सीजन सितंबर में ओणम से शुरू होता है और अक्टूबर-नवंबर में नवरात्रि से लेकर दिवाली तक चलता है। देश में अधिकांश बिक्री इसी दौरान होती है। कई कैटगरी में इस दौरान सालाना बिक्री का 30-35% हिस्सा होता है। पिछली कुछ तिमाहियों में एपेरल, स्मार्टफोन, टेलीविजन और कारों की बिक्री की रफ्तार धीमी रही है।  

UPI से लेन-देन करने वालों की संख्या में मामूली गिरावट, जून में 1,389 करोड़ यूपीआई ट्रांजैक्शन

मुंबई UPI Transactions: यूनीफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए ट्रांजेक्शन में जोरदार इजाफा हुआ है। जून 2024 में यूपीआई से ट्रांजेक्शन का आंकड़ा 13.89 बिलियन तक पहुंच गया। साल दर साल आधार पर (YoY) पर इसमें 49 फीसदी की बंपर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने जारी आंकड़े में इस बात की जानकारी दी है। जून में लेन-देन का वौल्यूम 20.07 लाख करोड़ रुपये रहा, जो मई में 20.45 लाख करोड़ रुपये से 1.9 फीसदी कम है। साल-दर-साल आधार पर, लेन-देन के वौल्यूम में 36 प्रतिशत की वृद्धि हुई। एवरेज ट्रांजेक्शन रोजाना का एवरेज ट्रांजेक्शन राशि 66,903 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जबकि जून में औसत रोजाना का लेन-देन की संख्य 463 मिलियन थी। जून में, तत्काल भुगतान सेवा (आईएमपीएस) लेन-देन की मात्रा मई में 558 मिलियन की तुलना में 7 प्रतिशत घटकर 517 मिलियन रह गई। अप्रैल 2016 में UPI के शुरू होने के बाद मई 2024 में वॉल्यूम और वैल्यू दोनों के मामले में ट्रांजैक्शन सबसे ज्यादा हुए थे। आधार-इनेबल्ड पेमेंट आधार-इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के जरिए भी लेनदेन में बढ़ोतरी देखी गई। मार्च 2024 के बाद ट्रांजेक्शन का वौल्यूम एक बार फिर से 100 मिलियन तक पहुंच गया। हालांकि, FASTag की मात्रा में थोड़ी गिरावट आई क्योंकि औसत दैनिक लेन-देन पिछले महीने के 11.21 मिलियन की तुलना में घटकर 11.15 मिलियन रह गया। जून में इसका वैल्यू पिछले महीने के 191 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर 193 करोड़ रुपये प्रतिदिन हो गया। नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने सोमवार को लेन-देन के आंकड़े जारी करते हुए बताया कि जून महीने में 1,389 करोड़ यूपीआई ट्रांजैक्शन हुए हैं। इसके जरिए 20.07 लाख करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर हुई है। पिछले साल जून, 2023 में 934 करोड़ ट्रांजैक्शन के जरिए 14.75 लाख करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर हुई। इस तरह पिछले साल की तुलना में ऑनलाइन लेन-देन की संख्या 49 फीसदी ज्यादा है, जबकि ट्रांसफर की जाने वाली राशि में 36 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, मई की तुलना में वॉल्यूम में एक फीसदी और वैल्यू में फीसदी फीसदी की गिरावट आई है। मई, 2024 में यूपीआई के जरिए 1,404 करोड़ ट्रांजैक्शन हुआ, जबकि इसके जरिए 20.45 लाख करोड़ की राशि ट्रांसफर की गई थी। अप्रैल, 2016 में यूपीआई के शुरू होने के बाद से मई 2024 में वॉल्यूम और वैल्यू दोनों के मामले में ट्रांजैक्शन सबसे ज्यादा हुए थे।।

अब लाखों यूजर्स को पहले की तरह सस्ते प्लान्स से रीचार्ज करने पर अनलिमिटेड 5G डाटा का फायदा नहीं: जियो

नई दिल्ली टेलिकॉम मार्केट में कल यानी कि 3 जुलाई, 2024 को हलचल देखने को मिलेगी क्योंकि इस दिन से ढेरों प्रीपेड और पोस्टपेड प्लान महंगे हो रहे हैं। सबसे बड़े यूजरबेस वाले टेलिकॉम ऑपरेटर रिलायंस जियो ने भी अपने प्लान्स की कीमत बढ़ा दी है और एयरटेल ने भी ऐसा ही किया है। हालांकि, जियो के 5G डाटा से जुड़े ऐलान के चलते यूजर्स सिर पर हाथ रखकर बैठ गए हैं। रिलायंस जियो ने घोषणा की है कि अब लाखों यूजर्स को पहले की तरह सस्ते प्लान्स से रीचार्ज करने पर अनलिमिटेड 5G डाटा का फायदा नहीं दिया जाएगा। कंपनी पहले जिन 5 सस्ते प्रीपेड प्लान्स के साथ अनलिमिटेड 5G डाटा ऑफर कर रही थी, उनसे रीचार्ज करने पर अब लिमिटेड डेली डाटा मिलेगा और यह डाटा 4G स्पीड ऑफर करेगा। आइए कल से होने वाले बदलाव के बारे में बताएं। कंपनी ने घोषणा की है कि जो प्रीपेड प्लान्स 1.5GB डेली डाटा ऑफर करते हैं, अब उनके साथ अनलिमिटेड 5G का मजा नहीं मिलेगा। अब तक 239 रुपये और इससे ज्यादा कीमत वाले प्लान्स से रीचार्ज करने वाले एलिजिबल सब्सक्राइबर्स को अनलिमिटेड 5G डाटा मिल रहा था। कंपनी ने बताया है कि अब डेली 2GB या इससे ज्यादा डाटा वाले प्लान्स के साथ ही अनलिमिटेड 5G का मजा मिलेगा। सामने आई जानकारी के मुताबिक, जिन जियो प्लान्स के साथ अब अनलिमिटेड 5G का मजा नहीं मिलेगा, उनकी लिस्ट में 239 रुपये कीमत से लेकर कुछ एनुअल प्लान्स तक शामिल हो सकते हैं। याद होगा कि जियो ने 5G रोलआउट के बाद वेलकम ऑफर के साथ यूजर्स को अनलिमिटेड डाटा देना शुरू किया था। आज आपके पास है रीचार्ज का आखिरी मौका अगर आप सस्ते में अनलिमिटेड 5G डाटा का मजा नहीं गंवाना चाहते और इसके लिए ज्यादा नहीं खर्च करना तो आखिरी मौका आज मिल रहा है। जो यूजर्स पहले से लंबी वैलिडिटी वाला रीचार्ज कर लेते हैं, उन्हें आगे भी इसका बेनिफिट मिलता रहेगा। यानी कि अगर आप अनलिमिटेड 5G डाटा ऑफर करने वाले किसी भी प्लान से आज रीचार्ज करते हैं तो बाद में उसके महंगे होने या फिर उनके बेनिफिट्स में बदलाव होने से आपको कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

अडाणी समूह ऊर्जा बदलाव परियोजनाओं में 100 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगा- अडाणी

Fire breaks out in ICU of Trauma Center, one dead due to suffocation, condition of 7 critical

ऊर्जा बदलाव में 100 अरब डॉलर का निवेश करेगा अडाणी समूह : गौतम अडाणी अडाणी समूह ऊर्जा बदलाव परियोजनाओं में 100 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगा- अडाणी ऊर्जा बदलाव सूचकांक में भारत 63वें स्थान पर, स्वीडन सबसे आगे : डब्ल्यूईएफ नई दिल्ली  अडाणी समूह ऊर्जा बदलाव परियोजनाओं और विनिर्माण क्षमता में 100 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश करेगा। समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी ने यह जानकारी दी। समूह का मकसद हरित ऊर्जा उत्पादन के लिए जरूरी सभी प्रमुख कलपुर्जों का विनिर्माण करना है। सूर्य की रोशनी से बिजली का उत्पादन करने के लिए सौर पार्क और पवन फार्म बनाने के अलावा समूह हरित हाइड्रोजन, पवन ऊर्जा टर्बाइन और सौर पैनल बनाने के लिए इलेक्ट्रोलाइजर विनिर्माण सुविधाएं स्थापित कर रहा है। हरित हाइड्रोजन को स्वच्छ ऊर्जा द्वारा संचालित इलेक्ट्रोलाइजर की मदद से पानी से हाइड्रोजन को विभाजित करके बनाया जाता है। इसे उद्योग के साथ-साथ परिवहन क्षेत्र को कॉर्बन-मुक्त करने के लिए एक संभावित उपाय के रूप में देखा जा रहा है। क्रिसिल द्वारा आयोजित ‘‘बुनियादी ढांचा-भारत के भविष्य के लिए उत्प्रेरक’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अडाणी ने कहा कि ऊर्जा बदलाव और डिजिटल बुनियादी ढांचा अरबों डॉलर के अवसर हैं जो भारत को स्थानीय और वैश्विक स्तर पर बदल देंगे। उन्होंने कहा, ‘‘अगले दशक में हम ऊर्जा बदलाव के क्षेत्र में 100 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करेंगे और अपनी एकीकृत नवीकरणीय ऊर्जा मूल्य श्रृंखला का और विस्तार करेंगे। हमारी मूल्य श्रृंखला में पहले से प्रत्येक प्रमुख कलपुर्जें का विनिर्माण शामिल है। कोयले-से-बंदरगाह क्षेत्र में कार्यरत समूह ‘दुनिया का सबसे कम महंगे हरित इलेक्ट्रॉन’ का उत्पादन करना चाहता है जो कई क्षेत्रों के लिए ‘फीडस्टॉक’ का काम करेगा। अडाणी ने कहा, ‘‘और ऐसा करने के लिए हम पहले से ही कच्छ जिले (गुजरात में) के खावड़ा में दुनिया का सबसे बड़ा एकल-स्थल नवीकरणीय ऊर्जा पार्क बना रहे हैं। केवल इस एकल स्थान से 30 गीगावाट बिजली पैदा होगी, जिससे हमारी कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 2030 तक 50 गीगावाट पर पहुंच जाएगी।’’ अडाणी ने कहा कि ऊर्जा बदलाव का क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य को हमेशा के लिए मौलिक रूप से बदल देगा। उन्होंने कहा कि 2023 में वैश्विक ऊर्जा बदलाव बाजार का मूल्य लगभग 3,000 अरब डॉलर था, जिसके बढ़कर 2030 तक 6,000 अरब डॉलर पर पहुंचने का अनुमान है। उसके बाद 2050 तक यह हर 10 साल में दोगुना हो जाएगा। ऊर्जा बदलाव सूचकांक में भारत 63वें स्थान पर, स्वीडन सबसे आगे : डब्ल्यूईएफ  विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) द्वारा जारी वैश्विक ऊर्जा बदलाव सूचकांक में भारत दुनिया में 63वें स्थान पर है। डब्ल्यूईएफ ने कहा है कि भारत ने ऊर्जा समानता, सुरक्षा और स्थिरता के मामले में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। इस सूचकांक में यूरोपीय देशों का दबदबा है। स्वीडन सूचकांक में शीर्ष पर है। इसके बाद डेनमार्क, फिनलैंड, स्विटजरलैंड और फ्रांस शीर्ष पांच देशों में शामिल हैं। चीन का स्थान 20वां है। डब्ल्यूईएफ ने कहा कि भारत और कुछ अन्य विकासशील देशों मसलन चीन तथा ब्राजील द्वारा दिखाया गया सुधार महत्वपूर्ण है, क्योंकि 83 प्रतिशत देश तीन ऊर्जा प्रणाली प्रदर्शन आयाम – सुरक्षा, समानता और स्थिरता – में से कम-से-कम एक में पिछले साल की तुलना में पिछड़ गए हैं। भारत द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों का उल्लेख करते हुए डब्ल्यूईएफ ने कहा कि देश ऐसे नतीजे देने में अग्रणी रहा है जिन्हें अन्य स्थानों पर दोहराया जा सकता है। इसमें कहा गया है कि सरकारें जागरूकता पैदा करने और नीतिगत हस्तक्षेप पर भी विचार कर सकती हैं। इसमें ऊर्जा-दक्ष निर्मित बुनियादी ढांचे के लिए दिशानिर्देश और रेट्रोफिटिंग के लिए प्रोत्साहन शामिल है। इसमें कहा गया, ‘‘विकासशील दुनिया के पास नियमों को फिर से लिखने और ऊर्जा मांग को सफलतापूर्वक बदलने का रास्ता दिखाने का अवसर है।’ चीन और भारत की भूमिका पर डब्ल्यूईएफ ने कहा कि वैश्विक आबादी की लगभग एक-तिहाई के साथ ये दोनों देश आगे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। डब्ल्यूईएफ ने कहा कि दोनों ही देशों ने नवीकरणनीय ऊर्जा उत्पादन, ऊर्जा पहुंच में सुधार और ऊर्जा सुरक्षा के मामले में प्रगति की है। इसके अलावा ये देश हरित प्रौद्योगिकी विनिर्माण के लिए भी मजबूत स्थिति में हैं।  

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