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कुछ ही दिनों में महाराष्ट्र में गठजोड़ को लेकर कयास तेज, महाराष्ट्र भाजपा की आज मंथन बैठक

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी को एनडीए का नेता चुने जाने के दौरान दिल्ली आए एकनाथ शिंदे ने कहा था कि भाजपा के साथ हमारा ‘फेविकोल वाला जोड़’ है। उनकी इस टिप्पणी को गठबंधन की मजबूती के तौर पर देखा जा रहा था, लेकिन कुछ ही दिनों में महाराष्ट्र में गठजोड़ को लेकर कयास तेज हैं। महाराष्ट्र भाजपा की आज मंथन बैठक है। इसमें जिला स्तर के नेताओं समेत प्रदेश की पूरी टीम को बुलाया गया है। डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस, प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले और मुंबई अध्यक्ष आशीष शेलार भी रहेंगे। यही नहीं इन नेताओं की ओर से कार्यकर्ताओं को संबोधित भी किया जा सकता है। इस मीटिंग के बीच गठबंधन में एनसीपी और एकनाथ शिंदे सेना की टेंशन बढ़ गई है। इसकी वजह एक दावा है, जिसमें कहा जा रहा है कि भाजपा एक सर्वे करा रही है। इस सर्वे के बाद यह फैसला लिया जाएगा कि क्या भाजपा को विधानसभा चुनाव में अकेले उतरना चाहिए। हाल ही में आरएसएस से जुड़ी पत्रिका ऑर्गनाइजर में छपे एक लेख में अजित पवार को साथ लाने पर सवाल भी उठाए गए थे। कहा गया था कि जब विधानसभा में एकनाथ शिंदे सेना और भाजपा के पास अपने दम पर बहुमत था तो फिर अजित पवार को लेने की क्या जरूरत थी। लेख में साफ कहा गया कि एनडीए को अजित पवार के चलते नुकसान उठाना पड़ा है। अजित पवार की टेंशन इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि एक तरफ संघ ने उनकी आलोचना की है तो वहीं दूसरी तरफ भाजपा के नेताओं ने उसे खारिज भी नहीं किया है। इसके चलते अजित पवार की टेंशन और बढ़ गई है। IANS न्यूज एजेंसी ने तो अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि भाजपा अकेले उतरने का फैसला कर सकती है। इसके लिए भाजपा एक आंतरिक सर्वे करा रही है। इससे यह पता लगाने की कोशिश होगी कि अकेले चलने पर भाजपा को क्या नुकसान और फायदे हो सकते हैं। बता दें कि भाजपा को महाराष्ट्र में महज 9 सीटें ही मिली हैं, जबकि 2019 में वह 23 पर जीती थी। इस बार 28 सीटें लड़ने के बाद भी 9 सीटें ही जीतना चिंता की बात है। अजित पवार के अलावा एकनाथ शिंदे सेना भी परेशान एकनाथ शिंदे गुट ने 7 लोकसभा सीटें जीती हैं और उसका स्ट्राइक रेट भी भाजपा से बेहतर रहा है। फिर भी एकनाथ शिंदे के लिए परेशानी वाली बात यह है कि उनकी सीटें उद्धव सेना के मुकाबले कम हैं। हालात ऐसे हैं कि एकनाथ शिंदे के कई विधायक उद्धव ठाकरे गुट के संपर्क में बताए जा रहे हैं। इसके अलावा अजित पवार के भी करीब एक दर्जन विधायक शरद पवार के साथ जाने के मूड में हैं।  

सुप्रीम कोर्ट में यूटर्न लेते हुए हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा-हमारे पास अतिरिक्त जल है और दिल्ली के लिए छोड़ने को तैयार हैं

Special conversation with Jabalpur SP

शिमला कभी हां और कभी ना, दिल्ली के लिए यमुना में अतिरिक्त पानी छोड़ने पर हिमाचल प्रदेश का रुख बार-बार बदल रहा है। सुप्रीम कोर्ट में यूटर्न लेते हुए अतिरिक्त पानी होने से इनकार कर चुके हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि उनके पास अतिरिक्त जल है और दिल्ली के लिए छोड़ने को तैयार हैं। सुक्खू ने शुक्रवार को कहा कि हिमाचल प्रदेश के पास अतिरिक्त पानी मौजूद है और दिल्ली को वह देने को तैयार हैं, दिल्ली को हरियाणा से बात करनी चाहिए। पत्रकारों से बातचीत में सीएम ने कहा, ‘हिमाचल प्रदेश के पास जितना भी पानी है, अपने राज्य की जरूरत छोड़कर, हम सारा पानी चाहे दिल्ली हो या कोई अन्य राज्य को देने को तैयार हैं। पानी रोकने का कोई औचित्य नहीं बनता है। पानी हरियाणा से होकर दिल्ली पहुंचेगा। हरियाणा सरकार से दिल्ली को सहमति बनानी है।’ यह पूछे जाने पर कि क्या हिमाचल के पास अतिरिक्त पानी है? सुक्खू ने कहा- बिल्कुल है। एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट में किया था इनकार हिमाचल प्रदेश ने गुरुवार को अपने पिछले बयान से पलटते हुए सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उसके पास अतिरिक्त पानी नहीं है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने पिछला बयान वापस लेते हुए कहा कि उसके पास 136 क्यूसेक अतिरिक्त पानी नहीं है। हिमाचल प्रदेश के महाधिवक्ता ने कहा कि सरप्लस जल की उपलब्धता के बारे में दिया गया पूर्व बयान सही नहीं था और उन्होंने इसे वापस लेने के लिए पीठ से अनुमति मांगी, लेकिन कोर्ट  इस बात को लेकर नाराज दिखा। बेंच ने गुस्से में कहा, ‘यह बहुत गंभीर और संवेदनशील मामला है। आप अपने बयान के नतीजों को नहीं समझते। आपने इसके परिणामों को समझे बिना ही ऐसा आकस्मिक बयान दे दिया। अगर यह इतना महत्वपूर्ण मामला नहीं होता, तो हम आपको अवमानना ​​का दोषी ठहराने के वास्ते इसे लंबित रखते।’ पहले कहा था पानी देने को तैयार शीर्ष अदालत ने हिमाचल प्रदेश सरकार को सात जून को राष्ट्रीय राजधानी में 137 क्यूसेक अधिशेष जल छोड़ने का निर्देश दिया था। हिमाचल प्रदेश सरकार ने कहा था कि दिल्ली के लिए उनके पास 137 क्यूसेक सरप्लस पानी है।    

बांग्लादेश को सुपर-8 के करीब लाते ही सामने आया शाकिब का घमंड बोले – कौन सहवाग?

 नई दिल्‍ली बांग्‍लादेश के स्‍टार ऑलराउंडर शाकिब अल हसन ने गुरुवार को नीदरलैंड्स के खिलाफ फॉर्म में वापसी की। बाएं हाथ के बल्‍लेबाज ने 46 गेंदों में 9 चौके की मदद से नाबाद 64 रन की पारी खेली। शाकिब ने अपने टी20 इंटरनेशनल करियर का 13वां अर्धशतक जमाया। टी20 वर्ल्‍ड कप में शाकिब ने 8 साल बाद अर्धशतक जड़ा। फॉर्म में लौटते ही शाकिब अल हसन ने अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया। उन्‍होंने सबसे पहले भारतीय टीम के पूर्व विस्‍फोटक बल्‍लेबाज वीरेंद्र सहवाग पर निशाना साधा, जिन्‍होंने शाकिब की टीम में जगह पर सवाल खड़े किए थे। सहवाग ने कहा था कि शाकिब को काफी पहले ही टी20 प्रारूप से संन्‍यास ले लेना चाहिए था। वीरू ने यह भी कहा कि शाकिब के फटाफट प्रारूप में आंकड़ें बाद में शर्मनाक कहलाएंगे। वीरेंद्र सहवाग का बयान वीरू ने क्रिकबज से बातचीत में कहा, ”पिछले वर्ल्‍ड कप में मुझे लगा कि शाकिब को टी20 प्रारूप में नहीं चुना जाना चाहिए। उनके संन्‍यास का समय बहुत पहले आ गया था। आप इतने सीनियर खिलाड़ी हैं। आप टीम के कप्‍तान रह चुके हैं। आपको अपने पिछले कुछ आंकड़ों को देखकर शर्मिंदा होना चाहिए। आपको आगे आकर घोषणा करनी चाहिए कि अब बहुत हुआ, मैं इस प्रारूप से संन्‍यास ले रहा हूं।” शाकिब ने किया पलटवार हालांकि, शाकिब अल हसन ने नीदरलैंड्स के खिलाफ मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में वीरेंद्र सहवाग पर तगड़ा पलटवार किया। जब शाकिब से पूछा गया कि सहवाग के बयान पर क्‍या प्रतिक्रिया देंगे तो 37 के ऑलराउंडर ने जवाब में कहा, ”कौन हैं सहवाग”? शाकिब के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। गौरतलब है कि सहवाग ने शाकिब के खराब फॉर्म के कारण टीम में उनकी जगह पर सवाल उठाए थे और कहा था कि उन्हें संन्यास ले लेना चाहिए था। भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज ने बांग्लादेश के ऑलराउंडर पर बल्ले से पर्याप्त जिम्मेदारी नहीं लेने का भी आरोप लगाया। 37 वर्षीय अनुभवी खिलाड़ी ने लंबे समय तक खराब फॉर्म के बाद आखिरकार डच के खिलाफ शानदार नाबाद 64 (46 बॉल) रन बनाकर फॉर्म हासिल किया। अर्धशतक के बाद शाकिब ने कहा कि एक खिलाड़ी का काम किसी सवाल का जवाब देना नहीं है, बल्कि हर संभव तरीके से अपनी टीम में योगदान देना है। जब उनसे सवाल पूछा गया तो उन्होंने सबसे पहले पूछा- कौन? फिर उन्होंने कहा- एक खिलाड़ी कभी किसी सवाल का जवाब देने नहीं आता। एक खिलाड़ी का काम टीम के लिए बल्लेबाजी करना है अगर वह बल्लेबाज है और टीम में योगदान देता है। अगर वह गेंदबाज है, तो उसका काम अच्छी गेंदबाजी करना है। विकेट किस्मत पर निर्भर करता है। अगर वह फील्डर है, तो उसे हर रन बचाना चाहिए और जितने हो सके उतने कैच लेने चाहिए। शाकिब ने अपने आलोचकों के बारे में बात करते हुए कहा- किसी के पास जवाब देने के लिए कुछ नहीं है। मुझे लगता है कि मौजूदा खिलाड़ी के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वह अपनी टीम में कितना योगदान दे सकता है। जब वह योगदान नहीं दे सकता, तो स्वाभाविक रूप से चर्चा होगी और मुझे नहीं लगता कि यह कोई बुरी बात है। बांग्लादेश के पूर्व कप्तान ने कहा कि वह अपने पूरे करियर में अपने प्रदर्शन को लेकर कभी चिंतित नहीं रहे और हमेशा टीम के लिए योगदान देने पर ध्यान केंद्रित किया है।

सरकार और NTA को नोटिस दे मांगा जवाब- नीट-परीक्षा ‘पेपर लीक’ की सीबीआई जांच की मांग, अर्जी सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई

नई दिल्ली नीट-यूजी परीक्षा में ‘पेपर लीक’ के आरोपों की सीबीआई जांच की मांग वाली अर्जी सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई। शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को इसके समेत 7 अर्जियों पर सुनवाई करते हुए एनटीए और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इसके साथ ही अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 8 जुलाई तय कर दी है। कुल 7 अर्जियों में से एक में कहा गया था कि पेपर लीक के आरोप की सीबीआई से जांच करानी चाहिए। इस पर अदालत ने एनटीए और केंद्र को नोटिस जारी किया है। यही नहीं अदालत ने कहा कि हम इन अर्जियों पर भी अन्य लंबित याचिकाओं के साथ ही 8 जुलाई को सुनवाई करेंगे। बता दें कि पहले ही इस मामले में कई अर्जियां कोर्ट में हैं। इन पर ही सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत में सरकार ने गुरुवार को बताया था कि नीट परीक्षा में 1563 छात्रों को ग्रेस मार्क्स मिले थे, जिन्हें रद्द किया जा रहा है। अब इन छात्रों के लिए 23 जून को फिर से परीक्षा की जाएगी। जो भी छात्र उसमें हिस्सा लेना चाहते हैं, वह बैठ सकते हैं। इसके अलावा जो छात्र दोबारा परीक्षा में नहीं बैठेंगे, उनकी मेरिट बिना ग्रेस मार्क्स के साथ ही बनेगी। परीक्षा देने वालों की मेरिट नए रिजल्ट के साथ तैयार की जाएगी। दोबारा होने वाली परीक्षा का परिणाम 30 जून को आएगा। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने अलग-अलग हाई कोर्ट्स में दाखिल अर्जियों को ट्रांसफर करने की मांग पर भी नोटिस जारी किया है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की अवकाशकालीन पीठ ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के वकील की इस दलील का संज्ञान लिया कि विभिन्न उच्च न्यायालयों में अनेक याचिकाएं लंबित हैं। इनमें ‘राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक’ (नीट-यूजी), 2024 को प्रश्नपत्र लीक होने और अन्य गड़बड़ियों के आरोपों में निरस्त करने की मांग की गई है। पीठ ने नोटिस जारी करने का आदेश देते हुए कहा कि आठ जुलाई को इस पर सुनवाई होगी। इस बीच एनटीए ने कहा कि वह मामलों को उच्च न्यायालयों से उच्चतम न्यायालय में हस्तांतरित करने के अनुरोध वाली तीन अन्य याचिकाओं को वापस लेना चाहती है। वे पांच मई को परीक्षा के दौरान समय बर्बाद होने के आधार पर 1,563 उम्मीदवारों को कृपांक दिए जाने से संबंधित हैं। एनटीए के वकील ने कहा कि मुद्दे का निपटारा हो गया है और वह 1,563 अभ्यर्थियों को दिए गए कृपांक को निरस्त करने के 13 जून के शीर्ष अदालत के आदेश के बारे में उच्च न्यायालय को सूचित कर देंगे।  

कनाडा के खिलाफ सबकी नजरे विराट कोहली पर

लॉडरहिल (अमेरिका) भारत टी20 विश्व कप के अपने अंतिम ग्रुप ए मैच में शनिवार को यहां जब कनाडा से भिड़ेगा तो स्टार बल्लेबाज विराट कोहली के पिछले कुछ मैचों में कम स्कोर उसके लिए चिंता की बात होंगे। टीम को साथ ही उम्मीद होगी कि मुकाबले में बारिश का खलल नहीं पड़ेगा क्योंकि फ्लोरिडा के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। तीन मैच में तीन जीत के साथ भारत पहले ही सुपर आठ चरण में जगह बना चुका है जिसके सभी मुकाबले वेस्टइंडीज में होंगे। आईपीएल में रॉयल चैंलेंजर्स बेंगलुरू की ओर से 150 से अधिक के स्ट्राइक रेट से 700 से अधिक रन बनाने के बाद कोहली टी20 विश्व कप में आए थे लेकिन शुरुआती मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहे। वह अब अब तीन मैच में 1.66 के औसत से पांच ही रन बना पाए हैं जिसमें अमेरिका के खिलाफ ‘गोल्डन डक’ (पहली गेंद पर खाता खोले बिना आउट होना) भी शामिल है। उम्मीद है कि वह एक बार फिर आईसीसी प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करेंगे जो 13 साल बाद भारत के लिए एक और आईसीसी खिताब जीतने का उनका संभवत: आखिरी मौका है। भारतीय टीम न्यूयॉर्क से 1850 किमी की यात्रा करके फ्लोरिडा पहुंची है और उम्मीद है कि शहर बदलने के साथ कोहली को भाग्य भी बदलेगा। ब्रोवार्ड काउंटी स्टेडियम की पिच से गेंदबाजों को शायद न्यूयॉर्क जितनी मदद नहीं मिले जहां की पिच पर असमान उछाल था और धीमा आउटफील्ड के कारण क्रिकेट से अधिक मैदान और पिच की चर्चा हो रही थी। कोहली के ऊपर से हालांकि इस तथ्य से दबाव कुछ कम होगा कि उनके खराब प्रदर्शन का असर टीम के प्रदर्शन पर नहीं पड़ा है। कप्तान रोहित शर्मा के साथ पारी का आगाज कर रहे कोहली के जल्दी आउट होने से हालांकि टीम को अच्छी शुरुआत नहीं मिल रही और बाद में आने वाले बल्लेबाजों पर दबाव बन रहा है। ऋषभ पंत और सूर्यकुमार यादव जैसे बल्लेबाज हालांकि कोहली के खराब प्रदर्शन की भरपाई करने में काफी हद तक सफल रहे हैं। पंत ने आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ क्रमश: 36 और 42 रन की पारियां खेलकर इन दोनों मैच में भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। सूर्यकुमार यादव ने टूर्नामेंट में खराब शुरुआत से उबरते हुए अमेरिका के खिलाफ महत्वपूर्ण अर्धशतक जड़ा। शिवम दुबे ने भी सह मेजबान के खिलाफ 35 गेंद में 31 रन बनाए जिससे संजू सैमसन और यशस्वी जायसवाल पर उन्हें एक बार फिर तरजीह मिलने की उम्मीद है। अगर भारत जायसवाल को मौका देता है तो वह पारी का आगाज करेंगे और ऐसे में कोहली को अपने तीसरे नंबर पर लौटना होगा। भारतीय बल्लेबाजों को भले ही न्यूयॉर्क की ‘ड्रॉप इन पिचों’ (दूसरी जगह तैयार करके लाई गई पिचें) पर जूझना पड़ा हो लेकिन इन विकेटों पर उसके गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। जसप्रीत बुमराह (पांच विकेट), हार्दिक पंड्या (सात विकेट) और अर्शदीप सिंह (सात विकेट) की तिकड़ी ने विरोधी बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया। पंड्या और अर्शदीप का प्रदर्शन टीम प्रबंधन के लिए राहत भरा है क्योंकि ये दोनों आईपीएल में नाकाम रहे थे। टीम को हालांकि मोहम्मद सिराज (एक विकेट) और रविंद्र जडेजा (एक भी विकेट नहीं) से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। भारतीय टीम कनाडा के खिलाफ कुलदीप यादव या युजवेंद्र चहल या फिर दोनों को मौका देने के बारे में सोच सकती है। ऐसी स्थिति में भारत को जडेजा और अक्षर पटेल को ब्रेक देना पड़ सकता है। अक्षर ने गेंद और बल्ले दोनों से अच्छा प्रदर्शन किया है। इससे गेंदबाजी इकाई को कैरेबिया की पिचों के लिए तैयारी का मौका मिलेगा जहां की पिचों से स्पिनरों को अधिक मदद मिलने की उम्मीद है। दूसरी तरफ कनाडा ने आयरलैंड के खिलाफ 12 रन की जीत के साथ अपनी क्षमता दिखाई है। सलामी बल्लेबाज आरोन जॉनसन जैसे खिलाड़ी विरोधी टीम को हैरान करने में सक्षम हैं। हालांकि कनाडा के बल्लेबाजों के लिए भारत की मजबूत टीम को हराना आसान नही होगा। मैच में हालांकि बारिश का खलल पड़ने की आशंका है। लॉडरहिल मियामी से लगभग 50 किमी दूर है जो उष्णकटिबंधीय तूफान के कारण आई बाढ़ से जूझ रहा है। यह टूर्नामेंट के आयोजकों के लिए चिंता की स्थिति है जो अमेरिकी बाजार में क्रिकेट के लिए जगह बनाने की उम्मीद कर रहे हैं। टीम इस प्रकार हैं: भारत: रोहित शर्मा (कप्तान), हार्दिक पंड्या, यशस्वी जायसवाल, विराट कोहली, सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत, संजू सैमसन, शिवम दुबे, रविंद्र जडेजा, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज। कनाडा: साद बिन जफर (कप्तान), आरोन जॉनसन, डाइलन हेलिगर, दिलप्रीत बाजवा, ऋषिव जोशी, जेरेमी गॉर्डन, जुनैद सिद्दीकी, कलीम सना, कंवरपाल तथगुर, नवनीत धालीवाल, निकोलस किरटन, परगट सिंह, रविंद्रपाल सिंह, रेयानखान पठान और श्रेयस मोव्वा (विकेट कीपर)। समय: मैच भारतीय समयानुसार रात आठ बजे शुरू होगा।  

उज्जैन में पकड़ा गया क्रिकेट सट्टेबाजी का बड़ा खेल, मिला करोड़ों कैश, पुलिस ने रातभर गिनी फिर मशीन मंगवानी पड़ी

उज्जैन उज्जैन में क्रिकेट सट्टेबाजी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस ने छापेमारी करके 9 लोगों को हिरासत में लिया है। हालांकि, मुख्य आरोपी पीयूष चोपड़ा फरार हो गया है। मौके पर 7 देशों की करंसी समेत करोड़ों रुपए के नोट बरामद किए गए हैं। कैश की गिनती के लिए मशीन मंगवानी पड़ी। पुलिस मुख्य आरोपी की तलाश में जुटी है। वह देश छोड़कर ना भाग सके इसके लिए लुकआउट सर्कुलर जारी कराने की बात कही गई है।    उज्जैन के एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि सूचना मिली थी कि पीयूष चोपड़ा बड़े स्तर पर सट्टेबाजी का गिरोह चला रहा है। पुख्ता सूचना जुटाने के बाद गुरुवार रात से उज्जैन में 2-3 जगहों पर दबिश दी गई। प्रदीप शर्मा के अनुसार थाना खारा कुआ क्षेत्र अंतर्गत मुसद्दीपुरा और थाना नीलगंगा अंतर्गत कॉलोनी में कार्रवाई की गई। इस दौरान 9 लोगों को हिरासत में लिया गया है। मौके से करोड़ों रुपए कैश भी बरामद किए गए। गिनती के बाद 14.58 करोड़ भारतीय करंसी मिली। विदेशी नोटों की गिनती अभी नहीं हो पाई है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 41 मोबाइल फोन, 19 लेपटॉप, 05 मैक-मिनी, 01 आईपैड, देसी-विदेशी सिमकार्ड, पेन ड्राइव, मेमेरी कार्ड, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड आदि भी जब्त किए हैं। आरोपियों के पास नोट गिनने की मशीन भी बरामद की गई। फरार आरोपी पीयूष के मुसद्दीपुरा स्थित आवास पर नोटों को 11 बैगों में भरकर रखा गया था। अमेरिका, कनाडा, संयुक्त अरब अमीरात, नेपाल समेत 7 देशों की करंसी बरामद की गई है। पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी पीयूष बिल्डर का काम भी करता है। वह परिवार के साथ लाटविया देश भागने की फिराक में था, जिसके लिए लुकआउट सर्कुलर जारी कराया जा रहा है। पुलिस ने ईडी और इनकम टैक्स को भी भारी मात्रा में कैश बरामदगी की सूचना दी है।

कुवैत नहीं जाने देने के मंत्री के आरोप पर सियासी बवाल, एयरपोर्ट पर करती रही इंतजार, केंद्र ने कर दिया इनकार

केरल केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने दावा किया है और गंभीर आरोप लगाए हैं कि केंद्र सरकार ने उन्हें कुवैत जाने की इजाजत नहीं दी, जबकि वह कुवैत अग्निकांड में मारे गए लोगों के परिजनों और हादसे में घायल हुए लोगों को मदद पहुंचाने के लिए वहां जाना चाहती थीं। विपक्षी कांग्रेस भी इस मामले में कूद पड़ी है। केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य की स्वास्थ्य मंत्री को कुवैत जाने की अनुमति नहीं दी गई। केरल में विपक्षी कांग्रेस ने खाड़ी देश में आग की दुखद घटना से प्रभावित मलयाली लोगों के लिए राहत प्रयासों में समन्वय करने के वास्ते राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज को कुवैत जाने की अनुमति देने से इनकार करने के केंद्र के फैसले की शुक्रवार को आलोचना की है।  सतीशन ने कहा ‘‘राज्य सरकार का एक प्रतिनिधि राहत प्रयासों के बेहतर समन्वय में मदद करता। राज्य का प्रतिनिधि भी केंद्र सरकार को राहत प्रयासों में मदद करने में सक्षम होता। केंद्र सरकार को राज्य की स्वास्थ्य मंत्री को तुरंत मंजूरी दे देनी चाहिए थी। केंद्र की ओर से यह गलत संदेश था।’’ इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री  वीणा जॉर्ज ने गुरुवार की रात कहा, ”हमने केंद्र सरकार से कुवैत जाकर त्रासदी से प्रभावित अपने लोगों के साथ खड़े होने और वहां गतिविधियों में समन्वय करने की अनुमति मांगी थी जो नहीं दी गई।’’ राज्य सरकार ने घायलों के इलाज और जान गंवाने वालों के पार्थिव शरीर वापस लाने सहित राहत कार्यों में मदद के लिए वीणा जॉर्ज को कुवैत भेजने का फैसला किया था। बताया जाता है कि वीणा जॉर्ज विदेश मंत्रालय से अनुमति मिलने की उम्मीद में हवाई अड्डे पर घंटों इंतजार करती रहीं। अधिकारियों ने बताया कि दक्षिणी कुवैत के मंगाफ क्षेत्र में सात मंजिला इमारत के रसोईघर में भीषण आग लगने से 49 विदेशी मजदूरों की मौत हुई थी और 50 अन्य घायल हुए थे। इनमें से 42 भारतीय थे और शेष पाकिस्तान, फिलिपीन, मिस्र और नेपाल के नागरिक थे। उन्होंने बताया कि इमारत में 195 प्रवासी मजदूर रहते थे। अधिकारियों ने बताया कि आग की घटना में मारे गए 31 भारतीयों में से केरल के 23, तमिलनाडु के सात और कर्नाटक का एक व्यक्ति शामिल है। बता दें कि कुवैत में एक बहुमंजिली इमारत में आग से मारे गए 45 भारतीयों के शवों को लेकर भारतीय वायु सेना का एक विमान आज सुबह कोच्चि पहुंचा।  

यूपी के स्कूलों में बढ़ाई गर्मी की छुट्टियां, बेसिक शिक्षा विभाग जुटा रहा जानकारी

लखनऊ  गर्मी को देखते हुए परिषदीय स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों की छुट्टियां बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। अभी 18 जून से परिषदीय स्कूल खुल रहे हैं। ऐसे में बेसिक शिक्षा विभाग ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ाने पर विचार कर रहा है। मौसम के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि पहले एक हफ्ते छुट्टियां आगे बढ़ाई जाएंगी। फिर स्थिति का आकलन करते हुए इन्हें और आगे बढ़ाया जाएगा। गर्मी के कारण विद्यालयों में विद्यार्थी बीमार न हो जाएं इसे लेकर विभाग चिंतित है। कुछ जिलों में जिलाधिकारी अपने स्तर पर छुट्टियां आगे बढ़ा चुके हैं। ऐसे मे सभी जिलों में अवकाश बढ़ाने को लेकर एकरूपता रहे इस पर भी ध्यान दिया जा रहा है। शिक्षक संगठनों की ओर से भी छुट्टियां बढ़ाए जाने की मांग की गई है। पिछले वर्ष परिषदीय स्कूल 30 जून तक बंद थे। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार भी छुट्टियां बढ़ाई जाएंगी।

महंगाई का एक और झटका, अमूल-मदर डेयरी के बाद अब पराग ने बढ़ाए दूध के दाम

 नई दिल्ली महंगाई का असर अब दूध पर भी दिखने लगा है. पहले अमूल, फिर मदर डेयरी अब पराग के दूध महंगे हो गए हैं. पराग के दोनों एक लीटर वाले वैरायटी पैक में दो-दो रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिसके चलते अब पराग टोंड मिल्क 54 रुपये की बजाय 56 रुपये के हो गए हैं. बढ़ी हुई कीमतें शुक्रवार की शाम से लागू हो जाएंगी. कंपनी ने बताया कि पराग गोल्ड 1 लीटर की कीमत 66 रुपये से बढ़कर 68 रुपये हो गई है. पराग डेयरी के जीएम विकास बालियान ने कहा कि पराग के बाजारों में मिलने वाले दोनों 1 लीटर वाले पैक के दाम बढ़ा दिए गए हैं. साथ ही आधा लीटर वाले पैकों में एक-एक रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिसके चलते पराग गोल्ड आधा लीटर का दाम 33 रुपये से बढ़कर 34 रुपये हो गया है. नई दरें आज शाम से लागू वहीं आधा लीटर पराग स्टैंडर्ड अब 30 की बजाय 31 रुपये हो गया है. इसके अलावा टोंड मिल्क आधा लीटर 27 की जगह 28 रुपये का हो गया है. पराग डेयरी जनरल मैनेजर ने बताया कि बीते 2 जून को अमूल समेत अन्य दूध बनाने वाली कंपनियों ने दाम बढ़ा दिए थे. भारी गर्मी की वजह से दूध का उत्पादन भी कम हो रहा है. पराग हर दिन करीब 33 हजार लीटर दूध की आपूर्ति कर रहा है. वहीं दूध की लागत में भी बढ़ोतरी हुई है, जिस वजह से दूध के दामों में इजाफा किया है. इसी महीने अमूल ने भी बढ़ाए थे दूध के दाम बता दें, इसी महीने सबसे पहले अमूल दूध की कीमतों (Amul Milk Price) में इजाफा किया गया,फिर अगले दिन मदर डेयरी ने भी अपना दूध महंगा (Mother Dairy Milk) कर दिया. दोनों ही कंपनियों ने अपने दूध की कीमत में 2 रुपये प्रति लीटर (Rs 2 per Litre) की बढ़ोतरी की है. बता दें, इससे पहले अप्रैल 2023 में भी अमूल (Amul) ने गुजरात में अपनी दूध की कीमतों में बढ़ोतरी की थी. गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ (GCMMF) ने पूरे राज्य में अमूल दूध की कीमतों में दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी. Amul की ओर से कीमतों में हालिया इजाफे के संबंध में कहा गया है कि दूध के उत्पादन और ऑपरेशन कॉस्ट में बढ़ोतरी होने की वजह से दाम बढ़ाए गए हैं.  

CG विधानसभा मानसून सत्र की तारीख हुई तय, 22 जुलाई से होगी शुरुआत…

Congratulations… Tejashwi taunts Nitish on 5 bridges collapse in 9 days

रायपुर  छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र की तारीख सामने आ गई है. विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बताया कि संसदीय कार्य मंत्री के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मानसून सत्र के लिए तारीख तय की है. इसकी शुरुआत 22 जुलाई से होगी, और 31 जुलाई को सत्र का समापन होगा.  विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने मीडिया में एक सवाल के जवाब में बताया कि अगले महीने 22 जुलाई से विधानसभा का मानसून सत्र होगा। यह मानसून सत्र 10 दिनों का होगा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह से पूछे गए सवाल को लेकर उन्होंने कहा कि विधानसभा का मानसून सत्र 22 जुलाई से है। इसे लेकर संसदीय कार्यमंत्री ने प्रस्ताव भेजा था, मुख्यमंत्री ने मानसून सत्र को अपने स्वीकृति दे दी है। 22 जुलाई से 31 जुलाई तक मानसून सत्र चलेगा। आपको बता दें कि 5 फरवरी से विधानसभा का बजट सत्र शुरू हुआ था। इस बार बजट सत्र काफी लंबा चला था। अब जुलाई में शुरू होने वाला मानसून सत्र भी काफी लंबा चलेगा। ये सत्र काफी महत्वपूर्ण होने वाला है, जिसमें संशोधन विधेयक भी पास कराये जायेंगे।

चंद्रबाबू नायडू की दर्शन के बाद शपथ, कहा- हिंदू धर्म की रक्षा करेंगे, तिरुपति मंदिर की होगी शुद्धि

A group of Shiva devotees left for Amarnath darshan, will pray for the prosperity of the area.

नई दिल्ली आंध्र प्रदेश के नए सीएम चंद्रबाबू नायडू तिरुपति मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे। परिवार समेत भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन के बाद चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि हम मंदिर का शुद्धिकरण करेंगे और जो गलत चीजें शुरू हुई हैं, उन्हें दूर किया जाएगा। नायाडू ने कहा कि हम हिंदू आस्था की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि तिरुमला तिरुपति देवस्थानम के ट्रस्ट में काफी गड़बड़ियां हैं। इन्हें दूर किया जाएगा। उनका इशारा जगन मोहन रेड्डी सरकार के दौर में हुए बदलावों की ओर था। उन्होंने कहा कि मैं तिरुमला में करप्शन को खत्म करने और हिंदू आस्था की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हूं। इस दौरान नायडू ने सीधे तौर पर पूर्व की जगनमोहन रेड्डी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तिरुपति तिरुमला देवस्थानम में जगनमोहन सरकार ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। अब हम उसे दूर करेंगे। उन्होंने कहा कि हम राज्य में सफाई अभियान की शुरुआत तिरुमला से करेंगे। उन्होंने कहा, ‘तिरुमला में कुछ और नहीं सिर्फ गोविंदा का नाम ही गूंजेगा। पवित्र तिरुमला को खराब करना सही नहीं है। आप जब तिरुपति आते हैं तो यहां बैकुंठ जैसा महसूस होना चाहिए। यहां ओम नमो वेंकटेशाय के अलावा कोई और नारा नहीं गूंजना चाहिए।’ रेड्डा सरकार पर बरसते हुए नायडू ने कहा कि बीते 5 सालों में यहां की व्यवस्था बहुत खराब हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने तो इस मंदिर को बाजार के हवाले कर दिया था। उन्होंने कहा कि यहां प्रसाद अच्छी क्वॉलिटी का होना चाहिए। रेट नहीं बढ़ना चाहिए। इसके अलावा दर्शन के लिए ब्लैक मार्केट में टिकट की बिक्री होना भी गलत है। उन्होंने कहा कि आस्था के इस सच्चे केंद्र को जगनमोहन सरकार ने गांजा, शराब और नॉन-वेज खाने का केंद्र बना दिया था। बता दें कि तिरुमला को लेकर एक विवाद बीते साल भी हुआ था, जब जगन सरकार ने तिरुपति से वाईएसआर कांग्रेस के विधायक करुणाकर रेड्डी को ट्रस्ट का अध्यक्ष बना दिया था। इसे लेकर टीडीपी ने निशाना साधा था। उसका कहना था कि करुणाकर को अध्यक्ष बनाना गलत है क्योंकि उनका हिंदू धर्म से ताल्लुक ही नहीं है और वह ईसाई मत को मानते हैं। टीडीपी के सचिव बुची राम प्रसाद ने कहा था, ‘उनका तो हिंदुत्व में कोई यकीन ही नहीं है। उनके ईसाई कनेक्शंस के बारे में कोई नहीं जानता।’  

EPFO के करोडो सब्सक्राइबर्स नहीं उठा पाएंगे इस सुविधा फायदा

नई दिल्ली  प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों के लिए जरूरी खबर है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने कोविड-19 एडवांस फैसिलिटी को तत्काल प्रभाव से बंद करने की घोषणा की है। कोरोना महामारी की पहली लहर के दौरान ईपीएफ सदस्यों को नॉन-रिफंडेबल एडवां की सुविधा दी गई थी। इसके बाद महामारी की दूसरी लहर के मद्देनजर 31 मई, 2021 से एक और एडवांस की अनुमति भी दी गई थी। ईपीएफओ ने 12 जून, 2024 को जारी एक सर्कुलर में इस सुविधा को बंद करने की घोषणा की है। उसका कहना है कि अब कोविड-19 महामारी नहीं रह गई है, इसलिए तत्काल प्रभाव से एडवांस फैसिलिटी को बंद करने का निर्णय लिया है। यह फैसला छूट प्राप्त ट्रस्टों पर भी लागू होगा। निजी क्षेत्र में काम करने वाले वर्कर्स की बेसिक सैलरी पर 12% की कटौती ईपीएफ अकाउंट के लिए की जाती है। साथ ही कंपनी भी इतना ही पैसा कर्मचारी के पीएफ खाते में जमा करती है। ईपीएफ खातों से पैसे निकालने का प्रावधान पहली बार मार्च 2020 में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (PMGKY) के तहत घोषित किया गया था। जून 2021 में श्रम मंत्रालय ने घोषणा की कि ईपीएफ सदस्य अपने ईपीएफ अकाउंट्स से दूसरा नॉन-रिफंडेबल एडवांस प्राप्त कर सकते हैं। इससे पहले ईपीएफ सदस्यों के लिए केवल वन-टाइम एडवांस की सुविधा थी। ईपीएफओ अपने सदस्यों को तीन महीने के मूल वेतन और महंगाई भत्ते या ईपीएफ खाते में उपलब्ध राशि का 75%, जो भी कम हो, नॉन-रिफंडेबल विड्रॉल की अनुमति देता है। हालांकि, सदस्य कम राशि के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। मकान, विवाह और शिक्षा से संबंधित एडवांस क्लेम के लिए EPFO ने ऑटो-मोड सेटलमेंट लागू किया है। कोविड एडवांस फैसिलिटी कोविड एडवांस के रूप में ईपीएफ सब्सक्राइबर तीन महीने के मूल वेतन और महंगाई भत्ते के बराबर या अकाउंट में शेष राशि का 75 प्रतिशत तक, जो भी कम हो, नॉन-रिफंडेबल विड्रॉल कर सकते थे। इसके लिए सदस्य या एम्प्लॉयर को कोई प्रमाण पत्र या दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं थी। यदि कोई कर्मचारी, उसके माता-पिता, जीवनसाथी या बच्चे कोविड के कारण बीमार हो जाते तो सदस्य को पैसा निकालने की सुविधा थी। इस प्रकार की ईपीएफ निकासी में कोई लॉक-इन अवधि या न्यूनतम सेवा आवश्यकता नहीं थी। आंकड़ों के मुताबिक कुल 2.2 करोड़ सब्सक्राइबर्स ने कोरोना एडवांस सुविधा का लाभ उठाया जो ईपीएफओ के कुल सदस्यों की संख्या का एक तिहाई से ज्यादा है। यह सुविधा 2020-21 में शुरू हुई थी और तीन साल तक रही। इस दौरान पीएफ सब्सक्राइबर्स ने कोरोना एडवांस के रूप में 48,075.75 करोड़ रुपये निकाले। ईपीएफओ की ड्राफ्ट एन्युअल रिपोर्ट 2022-23 में यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक ईपीएफओ ने 2020-21 में 17,106.17 करोड़ रुपये वितरित किए जिससे 69.2 लाख सब्सक्राइबर्स को फायदा हुआ। साल 2021-22 में 91.6 लाख सब्सक्राइबर्स ने इस सुविधा का लाभ उठाया और 19,126.29 लाख करोड़ रुपये निकाले।

समाजवादी पार्टी को यूपी विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष का पद वापस मिला

While discussing NEET paper, Rahul Gandhi's mic was switched off again in Parliament

लखनऊ समाजवादी पार्टी के लिए फिलहाल यूपी में ‘अच्छे दिन’ चल रहे हैं। लोकसभा चुनाव में सबसे बड़ी जीत हासिल करने के बाद अब उसे एक और कुर्सी मिलने जा रही है। दो साल पहले विधान परिषद में जो उसने नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी गंवाई थी, जुलाई में होने वाले विधानमंडल सत्र में उसे वह वापस मिल जाएगी। क्योंकि, सदस्य संख्या के कोरम को उसने पूरा कर लिया है। अब दोनों सदनों में ही उसके पास नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी होगी। वहीं, कांग्रेस के बाद बसपा भी आधिकारिक तौर पर परिषद में शून्य हो चुकी है। 6 जुलाई 2022 के पहले विधान परिषद में सपा ने लाल बहादुर यादव को पार्टी ने नेता प्रतिपक्ष बनाया था। 6 जुलाई को परिषद के 12 सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो गया। इनका चुनाव विधायक करते हैं। विधानसभा में सदस्य संख्या के आधार पर सपा के 3 ही सदस्य ही चुनकर आ पाए। इससे उसके पास 9 ही सदस्य रह गए। नेता प्रतिपक्ष के लिए 10% सदस्य होने आवश्यक हैं। सपा से नेता प्रतिपक्ष का दर्जा छीन लिया गया। वहीं, स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी सपा के एमएलसी पद से इस्तीफा दे दिया था। परिषद के 13 सदस्यों का कार्यकाल मई के पहले हफ्ते में खत्म हो गया था। इसमें सपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल भी शामिल थे। ऐसे में सपा के 7 सदस्य ही रह गए थे। मार्च में 13 सीटों पर हुए चुनाव में सपा को 3 सीटें मिली हैं। शुक्रवार को शपथ ग्रहण के बाद सपा की सदस्य संख्या अब 10 हो गई है। पार्टी जल्द ही नेता प्रतिपक्ष के लिए नाम का चयन कर सभापति के पास भेजेगी। भाजपा के पास अब 78 सदस्य, सुभासपा भी पहली बार उच्च सदन में मई में हुए चुनाव में NDA के खाते में परिषद की 10 सीटें आई थीं। इसमें 7 भाजपा, 1 अपना दल (एस), 1 रालोद और 1 सुभासपा को मिली थी। विधान परिषद में भाजपा के अभी 71 सदस्य हैं। शुक्रवार को 7 और सदस्यों के शपथ लेने के बाद यह संख्या बढ़कर 78 हो जाएगी। वहीं, 6 साल बाद विधान परिषद में फिर रालोद की वापसी होगी। 5 मई 2018 को उसके एकमात्र सदस्य चौधरी मुश्ताक अहमद का कार्यकाल खत्म हो गया था। इसके बाद रालोद के पास परिषद में पहुंचने लायक सदस्य संख्या ही नहीं रही। इस बार भाजपा के सहयोग से पार्टी की फिर उच्च सदन में वापसी हुई है। वहीं, ओम प्रकाश राजभर की पार्टी सुभासपा की भी परिषद में एंट्री हो गई है। बिच्छेलाल राजभर सुभासपा की अगुआई करेंगे। जबकि, यह पहली बार होगा कि यूपी में राजनीति करने वाली दो राष्ट्रीय पार्टियों कांग्रेस व बसपा का कोई प्रतिनिधि परिषद में नहीं होगा। कांग्रेस जुलाई 2022 में जीरो हो गई थी और बसपा 4 मई के बाद शून्य हो चुकी है। दो सीटें अब भी खाली विधान परिषद में दो सीटें अब भी खाली हैं। इसमें एक सीट तो हाल में ही पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद के पीलीभीत से सांसद चुने जाने के बाद खाली हुई है। वह नामित कोटे में एमएलसी थे। इस पर सरकार की संस्तुति पर राज्यपाल सदस्य मनोनीत करते हैं। इसलिए, यह सीट फिर से भाजपा के खाते में जानी तय है। वहीं, स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफा दिए जाने के चलते भी एक सीट खाली है, जिस पर उपचुनाव होना है। उनका कार्यकाल जुलाई 2028 तक था। इसलिए, बची अवधि के लिए नया चेहरा चुना जाएगा। सदस्य संख्या के आधार पर उपचुनाव में यह सीट भी सत्ता पक्ष के खाते में ही जाएगी।  

बढ़ती उम्र का हवाला देते हुए दिग्गज फुटबॉलर ने कहा कि अब वो समय नहीं रहा कि वह हर टूर्नामेंट में खेल सकें : मेसी

नई दिल्ली अर्जेंटीना के विश्वकप विजेता फुटबॉलर लियोनल मेसी क्या अगले ओलंपिक में खेलते दिखाई देंगे? इस सवाल का जवाब मिल गया है। खुद मेसी ने स्पष्ट किया है कि वह इस ओलंपिक में नहीं खेलेंगे। बढ़ती उम्र का हवाला देते हुए दिग्गज फुटबॉलर ने कहा कि अब वो समय नहीं रहा कि वह हर टूर्नामेंट में खेल सकें। उन्होंने कहा कि अपने वर्कलोड को बहुत सावधानी के साथ मैनेज करने की जरूरत है। आठ बार बैलन डि ओर विजेता फिलहाल कोपा अमेरिका टूर्नामेंट के लिए तैयारियों में जुटे हुए हैं। अर्जेंटीनी टीम कोपा अमेरिका विजेता है और इस बार उसकी नजरें फिर से टूर्नामेंट में जीतने पर होंगी। कोपा अमेरिका टूर्नामेंट यूएस में 20 जून से 14 जुलाई तक खेला जाएगा। अब वो उम्र नहीं रही लियोनेल मेसी 2008 के बीजिंग ओलंपिक्स में अर्जेंटीना के लिए गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। उस वक्त उनके साथ अंडर 23 के कोच जेवियर मैस्केरानो उनके साथी थे। अब जेवियर ने मेसी को खासतौर पर ओलंपिक के लिए टीम से जुड़ने का न्यौता भेजा था। असल में ओलंपिक के लिए टीमों को तीन ओवरएज खिलाड़ियों को अपने साथ रखने की इजाजत है। इसको देखते हुए जेवियर ने मेसी के सामने यह बात रखी थी। ईएसपीएन से बातीचत में में मेसी ने कहा कि मैंने मैस्केरानो से इसे बारे में बात की है। सच्चाई यह है कि हम दोनों की हालात को समझते हैं। उन्होंने कहा कि अभी तो ओलंपिक के बारे में सोचना भी कठिन है। हम कोपा अमेरिका में हैं। कम से दो से तीन महीने क्लब से दूर रहना होगा। फिर अब वो उम्र भी नहीं रही, कि मैं हर टूर्नामेंट में खेलता नजर आऊं। कहा-मैं खुशनसीब हूं मेसी ने आगे कहा कि मैं बहुत खुशनसीब हूं कि मुझे ओलंपिक्स में खेलने का मौका मिला है। यहां पर मैंने मैस्केरानो के साथ मिलकर जीत भी हासिल की है। ओलंपिक्स और अंडर 20 की यादें बेहद खास हैं। मेसी अमेरिका में अपनी राष्ट्रीय टीम के साथ कोपा अमेरिका की तैयारी कर रहे हैं। अर्जेंटीना इस टूर्नामेंट का पिछला चैंपियन है। मेसी की अगुवाई में अर्जेंटीना ने 2022 में कतर में विश्व कप जीता था। बार्सिलोना के पूर्व स्टार मेसी का इंटर मियामी के साथ अनुबंध 2025 के सत्र के समापन तक है। उन्होंने कहा कि यूरोप से यहां आने का फैसला मुश्किल था। विश्व चैंपियन बनने से बहुत मदद मिली, और चीजों को अलग तरह से देखने का मौका भी मिला। लेकिन मैं इस बारे में नहीं सोचता। मैं खेल का आनंद लेने का प्रयास करता हूं।  

टी20 विश्वकप में न्यूजीलैंड टीम ग्रुप स्टेज से बाहर, 1987 के बाद पहली बार हुआ ऐसा

नई दिल्ली  टी20 विश्वकप में न्यूजीलैंड की टीम ग्रुप स्टेज से बाहर हो गई है। लंबे अरसे बाद ऐसा हुआ है जब कीवी टीम को इस शर्मनाक स्थिति का सामना करना पड़ा। इससे पहले साल 1987 में न्यूजीलैंड की टीम को जल्दी बाहर होना पड़ा था। तब से अब तक यह पहली बार हुआ है जब न्यूजीलैंड की टीम किसी विश्वकप में ग्रुप स्टेज से ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है। न्यूजीलैंड की टीम ग्रुप सी में और पांच टीमों में सबसे फिसड्डी साबित हुई है। वह अपने दोनों शुरुआती मुकाबले हार चुकी है। इस तरह न्यूजीलैंड की उम्मीदों का करारा झटका लगा है। वर्ल्ड कप में अच्छा रहा है प्रदर्शन पिछले कुछ अरसे से आईसीसी इवेंट्स में न्यूजीलैंड की टीम का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। खासतौर पर विश्वकप में कीवी टीम की परफॉर्मेंस में निरंतरता रही है। वह पिछले तीन वनडे विश्व कप और तीन टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचा था। लेकिन इस साल न्यूजीलैंड की किस्मत पहले ही मैच से रूठ गई। अफगानिस्तान के खिलाफ पहले मैच में न्यूजीलैंड के बल्लेबाज नहीं चल पाए। उसकी पूरी टीम 15.2 ओवर में 75 रन पर आउट हो गई जिससे उसे 84 रन से हार का सामना करना पड़ा। इससे उसका नेट रन रेट भी गड़बड़ा गया। एक से बढ़कर एक शानदार फील्डर्स से भरी न्यूजीलैंड की टीम ने इस मैच में कैचेज भी खूब टपकाए। उलटा पड़ा विलियमसन का दांव पहले मैच में हार के बाद न्यूजीलैंड का अगला मुकाबला मेजबान वेस्टइंडीज से था। टूर्नामेंट में बने रहने के लिए कीवी टीम को यह मैच जीतना जरूरी था। लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ तेज गेंदबाजों का जल्दी इस्तेमाल करने का केन विलियमसन का दांव उनकी टीम के लिए उलटा पड़ गया। मैच के 18वें ओवर तक ट्रेंट बोल्ट (चार ओवर में 16 रन पर तीन विकेट) और लॉकी फर्ग्यूसन (चार ओवर में 27 रन पर दो विकेट) के ओवर खत्म हो गए और विलियमसन को आखिरी दो ओवरों के लिए मध्यम तेज गेंदबाज डेरिल मिचेल और बाएं हाथ के स्पिनर मिचेल सैंटनर पर निर्भर रहना पड़ा। वेस्टइंडीज के बल्लेबाज शेरफेन रदरफोर्ड ने इसका फायदा उठाते हुए 39 गेंदों में नाबाद 68 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने आखिरी दो ओवर मे चार छक्कों सहित 37 रन बनाए। मैच के नतीजे पर पड़ा असर इससे टी20 वर्ल्ड मैच के नतीजे पर भी काफी फर्क पड़ा, क्योंकि वेस्टइंडीज ने नौ विकेट पर 112 रन से नौ विकेट पर 149 रन बनाए और फिर कीवी टीम को नौ विकेट पर 136 रन पर रोक दिया। विलियमसन ने मैच के बाद इसको लेकर अफसोस भी जताया। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि मिचेल और सैंटनर ने जो भी ओवर फेंके, उस पर रन बनने वाले थे। आपको इस तरह की चीजों से निपटना होता है। उन्होंने आगे कहा कि मुझे लगता है कि टी20 क्रिकेट में आजकल जो टीमें काफी गहराई तक बल्लेबाजी कर रही हैं…आप हमेशा बिल्ली और चूहे का खेल खेलने की कोशिश कर रहे हैं।  

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