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मध्य प्रदेश से बड़ी खबर, कोरोना से एक दिन में 42 लोगों की मौत

भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित प्रदेश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। मध्य प्रदेश में अब तक के सर्वाधिक 2607 मरीज एक ही दिन में मिले है। वहीं पहली बार 24 घंटे के दौरान 42 मरीजों की मौत हुई है। इस तरह मध्य प्रदेश में अब तक एक लाख 3 हजार 65 मरीज कोरोना के शिकार हो चुके हैं। वहीं 1943 संक्रमित मरीजों की मौत हो गई है। प्रदेश में अब तक 79158 मरीज स्‍वस्‍थ होकर घर रवाना हो गए हैं। वहीं 21964 मरीजों का अब भी कोविड केयर अस्‍पताल में इलाज चल रहा है। राजधानी में सर्वाधिक, एक दिन में मिले 307 पॉजिटिव मरीज कोरोना का संक्रमण बेकाबू हो गया है। शहर में हर दिन 200 से ज्‍यादा मरीज मिले रहे थे लेकिन शनिवार को पॉजिटिव मरीजों का आंकडा 300 के पार हो गया। पहली बार एक ही दिन में 307 पॉजिटिव मरीज मिले है। इसके चलते शहर में कोरोना अलर्ट जारी किया गया है। वहीं एक ही दिन में पांच कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हुई है। इधर, पॉजिटिव पाए गए लोगों में सीएम हाउस से एक व्यक्ति कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्‍ठ अधिकारी भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए है, हालांकि इनकी सेवाएं केंद्र शासन को दे दी गई है लेकिन वे फिलहाल भोपाल में ही है। इधर, एक अन्‍य युवा आईपीएस अधिकारी भी कोरोना पॉजिटिव आया है। विधानसभा से एक व्‍यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अब तक विधानसभा से करीब एक दर्जन कर्मचारियों की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आ चुकी है। अस्‍पतालों की बात की जाए तो शनिवार को जवाहर लाल नेहरू कैंसर अस्‍पताल में एक, एम्‍स में एक, जीएमसी में तीन, जेपी में दो और चिरायु में एक व्‍यक्ति कोरोना संक्रमित पाया गया है। इस तरह शहर में अब कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्‍या बढकर 14909 हो गई है। वहीं अब तक 354 कोरोना मरीजों की जान जा चुकी है। कोविड केयर अस्‍पतालों से 12575 मरीज स्‍वस्‍थ होकर अब तक घर रवाना हो चुके है। इस तरह 1980 मरीज ऐसे है जिनका उपचार अब भी अस्‍पताल में चल रहा है। पुलिस और सेना के जवानों में बढ़ रहा है संक्रमण संक्रमित पाए गए लोगों में 25 वीं बटालियन से 7 जवानों की रिपोर्ट कोरोना पॉजीटिव आई है। वहीं ईमई सेंटर में भी चार जवान कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। पुलिस रेडियो कॉलोनी से तीन लोग पॉजिटिव आए हैं। वहीं शाहजहांनाबाद थाने से एक पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव आया है। इधर, सेंट्रल जेल में 6 कैदी कोरोना संक्रमित पाए गए है। पॉश क्षेत्र में भी तेजी से फैला कोरोना का संक्रमण शनिवार को पॉजिटिव मिले लोगों में अरेरा कालोनी से 12 लोग कोरोना संक्रमित निकले हैं। वहीं साउथ टीटीनगर से 6 लोगों की कोरोना की रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। प्रोफेसर कॉलोनी से 2 लोग संक्रमित मिले हैं। चार ईमली में चार लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। कंसाना कोठी केरवा रोड में दो लोग कोरोना संक्रमित निकले हैं। इधर, रेलवे कॉलोनी हबीबगंज से 2 लोग संक्रमित पाए गए। वहीं इब्राहिमगंज से 3 लोग और बरखेड़ी गांव से 4 लोग कोरोना संक्रमित मिले।

बॉलीवुड में #MeToo: अनुराग कश्यप पर एक्ट्रेस पायल घोष ने लगाए यौन शोषण के आरोप

मुंबई . बॉलीवुड में जारी बहस में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने वाले फिल्ममेकर अनुराग कश्यप पर एक्ट्रेस पायल घोष ने यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं। एक्ट्रेस ने एक तेलुगू न्यूज चैनल को दिए एक इंटरव्यू के दौरान ये बड़ा खुलासा किया था। अब उन्होंने खुद सोशल मीडिया के जरिए अपनी आपबीती सुनाते हुए पीएम नरेंद्र मोदी से मदद मांगी है। पायल घोष में ट्विटर पर अपना इंटरव्यू शेयर करते हुए लिखा, ‘उन्होंने काफी बुरी तरह खुद को मुझ पर फोर्स किया और बेहद बुरी तरह से। पीएमओ इंडिया, नरेंद्र मोदी जी प्लीज एक्शन लीजिए और देश को इस क्रिएटिव इंसान के पीछे छिपा हुआ राक्षस दिखाइए। मैं जानती हूं कि इससे मुझे नुकसान हो सकता है और मेरे सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। प्लीज मदद करें’। जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाना चाहते थे अनुराग कश्यपः पायल तेलुगू न्यूज चैनल एबीएम को दिए इंटरव्यू में एक्ट्रेस ने बताया कि उनके साथ ये घटना 2014 या 2015 में हुई थी मगर उस समय वो डर के चुप रहीं। एक्ट्रेस ने बताया कि वो काम के सिलसिले में अनुराग से मिलने गई थीं जहां फिल्ममेकर अकेले कमरे में ले जाकर उनके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश कर रहे थे। जब पायल ने उन्हें रोकना चाहा और कहा कि वो मेंटली इसके लिए तैयार नहीं है तो अनुराग का कहना था कि उनके साथ काम कर चुकीं सभी एक्ट्रेस महज एक फोन कॉल की दूरी पर हैं। इसके बावजूद जब एक्ट्रेस ने मना किया तो वो अनुराग ने उनसे जबरदस्ती करने की कोशिश की। बाद में दोस्तों के समझाने पर एक्ट्रेस ने इसकी शिकायत नहीं की थी। कौन है पायल घोष ? पायल घोष बांग्ला मूल की एक्ट्रेस हैं और ज्यादातर कन्नड़ फिल्मों में काम करती हैं। बॉलीवुड में पायल ने ऋषि कपूर और परेश रावल अभिनीत 2017 की कॉमेडी फिल्म, पटेल की पंजाबी शादी से डेब्यू किया था। एक्ट्रेस फिलहाल हिंदी फिल्म कोई जाने ना का हिस्सा हैं। फिल्मों के अलावा पायल स्टार प्लस के पॉपुलर शो साथ निभाना साथिया का भी हिस्सा रह चुकी हैं। एक्ट्रेस ने इस शो में साल 2016 में राधिका का किरदार निभाया था। कंगना भी आई पायल के सपोर्ट में अनुराग कश्यप के साथ बीते दो दिन से ट्विटर पर भिड़ रहीं कंगना रनोट भी पायल के सपोर्ट में उतर आई हैं। उन्होंने पायल के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा है कि, हर आवाज मायने रखती है। इसके साथ ही कंगना #MeToo और #ArrestAnuragKashyap हैशटेग भी शेयर किए हैं।

दूसरे दिन संक्रमितों से ज्यादा ठीक होने वालों की संख्या बढ़ी; देश में 53.98 लाख केस

नई दिल्ली. देश में कोरोना मरीजों की संख्या 53 लाख 98 हजार 230 हो गई है। पिछले 24 घंटे के अंदर रिकॉर्ड 12 लाख से ज्यादा लोगों की जांच हुई। एक दिन में टेस्टिंग का ये सबसे ज्यादा आंकड़ा है। इन 12 लाख लोगों में 7.66% यानी 92 हजार 574 नए मरीज बढ़े। अब तक 42 लाख 99 हजार 724 लोग ठीक हो चुके हैं। शनिवार को 94 हजार 384 मरीजों को ठीक होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। अच्छी बात है कि यह लगातार दूसरा दिन था जब देश में संक्रमितों से ज्यादा ठीक होने वालों की संख्या बढ़ी। इसी के साथ भारत अब मरीजों के ठीक होने के मामले में पहले नंबर पर हो गया है। यहां अब तक अन्य देशों की तुलना में सबसे ज्यादा मरीज ठीक हुए हैं। अमेरिका अब दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। (भारत में 100 संक्रमितों में से 79 रिकवर, पूरी खबर पढ़ें) मरने वालों का आंकड़ा 86 हजार के पार शनिवार को देश में 1,149 संक्रमितों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसी के साथ मरने वालों की संख्या अब 86 हजार 774 हो गई है। अभी 10 लाख 10 हजार 975 मरीज ऐसे हैं जिनका इलाज चल रहा है। ये मरीज घर में रहकर या फिर अस्पताल में अपना इलाज करा रहे हैं। इनमें करीब 9 हजार मरीजों की हालत गंभीर है। कल से कोरोना वैक्सीन का आखिरी ट्रायल शुरू होगा कोरोना के लिए बनाए जा रहे ऑक्सफोर्ड वैक्सीन का आखिरी और फेज-3 ट्रायल सोमवार से पुणे में शुरू हो जाएगा। इसके लिए 150 से 200 वालंटियर्स डोज लेने के लिए तैयार हैं।

MP : गोदामों में रखा 7610 क्विंटल चावल जानवरों वाला निकला, 43 हजार क्विंटल बंट चुका

शिवपुरी . जानवराें का चावल शिवपुरी में भी इंसानाें काे बांटा गया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत शिवपुरी जिले में कटनी और रीवा से दो रैक में 51 हजार क्विंटल चावल इसी साल जुलाई महीने में आया था। घटिया चावल शिवपुरी में भी बांटे जाने की शिकायत के बाद भारतीय खाद्य निगम के गुणवत्ता निरीक्षकों ने 29 और 30 अगस्त काे चावल के सैंपल लिए थे। सैंपल में चावल मापदंड पर खराब निकला है। दाे रैक में आए 51 हजार क्विंटल में से 43 हजार 390 क्विंटल चावल गरीबाें काे बांटा जा चुका है। अब गाेदामाें में सिर्फ 7610 क्विंटल चावल बचा है। कोरोना काल में बांटने के लिए भेजे खराब चावल का मामला प्रदेश स्तर पर गरमाने के बाद शिवपुरी में भी जांच शुरू हुई। मंडला और बालाघाट में जो खराब चावल बांटा गया, वही चावल शिवपुरी जिले में भी बांटने लिए रैक भेजी थी। इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय खाद्य निगम के गुणवत्ता निरीक्षकों ने 29 और 30 अगस्त को जिले के विभिन्न गोदामों में रखे चावल की गुणवत्ता जांच के लिए सैंपल लिए। सैंपलों की विश्लेषण रिपोर्ट से पता चला कि चावल निर्धारित मापदंड अनुसार नहीं है। इसलिए एमपी स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन लिमिटेड जिला शिवपुरी ने आदेश जारी कर गोदामों में रखे संबंधित चावल के वितरण पर रोक लगा दी है। घटिया चावल की कालाबाजारी होती है फिर वही वापस वितरण के लिए आ जाता है पीडीएस सूत्रों की मानें तो इस चावल की कालाबाजारी होती है और यही चावल वापस वितरित होने के लिए आ जाता है। वहीं 17 जुलाई को पिछोर में एसडीएम ने व्यापारी के गोदाम से 230 क्विंटल चावल जब्त किया था। चावल घटिया होने पर स्वयं व्यापारी निर्मल गुप्ता ने कहा था कि गरीबों को कंट्रोल पर सरकार जो चावल भेज रही है, उसे गधे भी नहीं खाएंगे। लेकिन जिले के अधिकारी गंभीरता नहीं हुए। मामले की बड़े स्तर पर शिकायत के बाद कार्रवाई हो सकी है। दोनों रैक में आया खराब चावल, गुणवत्ता जांच के लिए केंद्र प्रभारी जिम्मेदार शिवपुरी जिले में चावल की दोनों रैक आईं। उनमें खराब चावल भेजा गया। उक्त चावल की गुणवत्ता जांचने की जिम्मेदारी मप्र स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन के संबंधित केंद्र प्रभारी की रहती है। अब उक्त मामले में तत्कालीन जिला प्रबंधक और संबंधित केंद्र प्रभारी कार्रवाई की जद में आ गए हैं। उचित मूल्य दुकानाें से खराब चावल बंटने के मामले में जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी से लेकर ब्लॉकों में पदस्थ खाद्य निरीक्षक भी जिम्मेदार हैं। नमूने में पोल्ट्री ग्रेड का चावल, इससे पहले जिले में और भी खराब चावल बंटा प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई शिकायत के बाद केंद्रीय उपभोक्ता मंत्रालय नींद से जागा। भारतीय खाद्य निगम के गुणवत्ता निरीक्षक शिवपुरी आए और सात स्टेक के सैंपल लिए और जांच मेंं यह चावल मापदंड अनुसार नहीं निकला। सातों स्टैक में कुल 7610 क्विंटल चावल है। सभी नमूने पोल्ट्री ग्रेड के बताए जा रहे हैं। लेकिन पीडीएस के काम में लगे सूत्रों की मानें तो इससे पहले जिले में और भी ज्यादा खराब चावल गरीबों को बांटा जा चुका है।

कमलनाथ ने शिवराज को नालायक कहा.. शिवराज का जवाब- लायक कौन, जनता तय करेगी

भोपाल. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के बीच उपचुनाव से पहले तल्ख बयानबाजी शुरू हो गई है। शनिवार को ग्वालियर में कमलनाथ ने शिवराज को नालायक तक कह डाला। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कमलनाथ को आरोपों की कीचड़ ही अच्छी लग रही है तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है। कौन लायक है, कौन नालायक, यह तो जनता तय करती है। अब कमलनाथ खुद इस पर विचार करें। 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के पहले मध्य प्रदेश में सियासी घमासान बढ़ता जा रहा है। इसके पहले शुक्रवार को कमलनाथ ने भोपाल में कहा था- मुझे शर्म आती है, जब मैं दिल्ली जाता हूं और लोग पूछते हैं कि आपके प्रदेश की छवि बिकाऊ वाली बन गई। इस पर शिवराज ने जवाब देते हुए कहा था- ऐसा कहना प्रदेश की 8 करोड़ जनता का अपमान है। कमलनाथ को जनता से माफी मांगनी चाहिए। ग्वालियर दौरे पर थे कमलनाथ कमलनाथ ग्वालियर के दो दिन के दौरे पर पहुंचे थे। आखिरी दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कमलनाथ ने कहा- मैंने अपने कार्यकाल में 26 लाख किसानों के कर्ज माफ किए। अब शिवराज इतने नालायक तो हैं नहीं कि वह समझ न सकें कि ये कैसे किया गया है। हमने दो लाख तक के सभी किसानों के कर्ज माफ करके मदद की। जबकि, शिवराज के 15 साल के कार्यकाल में किसानों को आत्महत्या तक पर मजबूर होना पड़ा। शिवराज का पलटवार कमलनाथ के बयान पर शिवराज ने कहा- जो सभी को एक भाव से देखे, गरीबों का सम्मान करे, किसान के कल्याण की योजना बनाए, वो लायक है या नालायक, यह फैसला जनता को करना है। 15 महीने कमलनाथ की सरकार थी। उन्होंने क्या किया? यह बड़ी लायकी की बात थी कि वल्लभ भवन को दलालों के अड्डा बना दिया। पूरे प्रदेश के विकास को ठप कर दिया? आपको जवाब देना पड़ेगा कि 10 दिन में 2 लाख तक का कर्ज आपने क्यों माफ नहीं किया। कर्ज माफी के झूठे सर्टिफिकेट पकड़ाकर आपने सहकारी बैंकों तक को पूरा पैसा नहीं दिया। क्या यह बैंकों के साथ धोखा नहीं है? आपको जवाब देना पड़ेगा कि किसान सम्मान निधि का पैसा जो प्रधानमंत्री सीधे किसानों को देते हैं आपने उसे क्यों अटकाया? शराब माफिया कौन, रेत माफिया कौन, क्या यह बयान आपको याद नहीं हैं। क्या यह भी भूल गए कमलनाथ कि ग्वालियर-चंबल संभाग से एक मंत्री जो आज नदी बचाने का नाटक कर रहे थे। वो जनता से कह रहे थे कि हमें माफ कर दो, हम रेत का अवैध खनन नहीं रोक पाए। क्या किसानों से झूठ बोलना, बेरोजगारों से छल करना, बेटियों को ठगना लायकी है? कमलनाथ कौन सी लायकी और नालायकी की बात कर रहे हैं? ‘कितने भोले हैं आप कमलनाथ, क्या ये जनता मान लेगी?’ मुझे कोई नालायक कहे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता, मैं तो वैसे भी जनता का सेवक हूं। 15 महीनों में 5 मिनट के लिए भी आप ग्वालियर नहीं गए। आज आप कह दो कि मैंने तो किसी और के भरोसे छोड़ दिया था या लायकी है, वह भी तब जब चुनाव में उनका उपयोग करना था। मुख्यमंत्री जब भारत के संविधान की शपथ लेता है तब समान भाव की शपथ लेता है, लेकिन अब आप कह रहे हो कि मैंने तो ग्वालियर छोड़ दिया था। कितने भोले हैं कमलनाथ आप, क्या जनता इस भोलेपन को मान लेगी? ‘चंबल एक्सप्रेसवे को ठंडे बस्ते में क्यों डाला?’ लायक पूर्व मुख्यमंत्री जी बताएं कि जरारोग्य अस्पताल के निर्माण को आपने क्यों रोका? जरारोग्य अस्पताल को बाईपास सर्जरी के पैसे क्यों नहीं दिए गए? आप को बताना पड़ेगा कि ग्वालियर और चंबल से जो हमारी पानी लाने की योजना थी उसे क्यों रोका? चंबल एक्सप्रेस वे के निर्माण को आपने ठंडे बस्ते में क्यों डाला? आपके पास ग्वालियर संभाग और चंबल संभाग के जनप्रतिनिधियों के लिए 1 मिनट का टाइम क्यों नहीं था?

सोयाबीन लगाई ही नहीं उसका भी बीमा मिला, 50 किसानों को मिली 4 और 8 रुपए की राशि

खरगोन. सरकार ने जोर शोर से समारोह कर किसानों को बीमा क्लेम की राशि का वितरण किया है लेकिन हकीकत में जब बीमा राशि किसानों के खातों में आई तो किसानों की आंखों से आंसू आ गए। बीमा क्लेम में हुई लापरवाही के कारण किसानों के खातों में 4, 8, 16 व 32 रुपए की राशि डाली गई। जिसे लेकर किसानों में आक्रोश है। खरीफ सीजन 2019 में अतिवृष्टि से खराब हुई फसलों की राशि सरकार ने किसानों के खातों में तो डाली लेकिन नागझिरी के 50 से अधिक किसानों के खातों में अतिवृष्टि के सर्वे के दौरान हुई लापरवाही से बीमा क्लेम की राशि मात्र 4, 8, 16, 23, 29 व 39 रुपए आई है। वहीं कई किसानों ने बताया हमने सोयाबीन की तो फसल ही नहीं लगाई फिर भी हमारे नाम के आगे सोयाबीन का क्लेम देना बताया गया है। इससे साफ जाहिर होता है कि सर्वे में कितनी लापरवाही हुई है। केस 1 : दो बीघा साेयाबीन की फसल हुई नष्ट, राशि मिली 23 रु. किसान जितेश धारवाल ने बताया मेरा नागझिरी स्थित 27 बीघा खेत है। जिसमें मैंने 2 बीघा में सोयाबीन व 25 बीघा में कपास की फसल लगाई थी। दो बीघा में सोयाबीन की फसल लगाई थी। जिसका बीमा क्लेम मुझे 23 रुपए मिला है। मक्का फसल के नाम पर 6224 रुपए इफ्को टोकियो बीमा कंपनी के द्वारा खाते में राशि आई। जबकि मैंने मक्का की फसल लगाई ही नहीं है। 25 बीघा में कपास की फसल लगाई थी जिसमें 4 से 5 लाख का खर्च हुआ था। जिसकी बीमा क्लेम राशि 13344 रुपए लिस्ट में दिखाए है। केस 2 : कपास व पपीता के स्थान पर सोयाबीन का मिला क्लेम करही के किसान प्रेमचंद पाटीदार ने बताया मेरा खेत नागझिरी में हैं। मैंने कभी भी सोयाबीन की फसल नहीं लगाई थी। मैं सिर्फ कपास व पपीता की फसल ही लगाता हूं। मुझे एक किसान से पता लगा कि मुझे सोयाबीन के बीमा क्लेम की राशि मिली है। वह भी मात्र 8 रुपए। इस पर आक्रोशित किसान ने कहा 8 रुपए मेरी ओर से सरकारी खजाने में जमा किए जाएंगे। किसान दिनेश यादव ने बताया 7 बीद्या में सोयाबीन की फसल खराब हुई थी। जिसके मुझे करीब 937 रुपए आए है जबकि 40 हजार का खर्च ही लगा था। अब इतनी कम राशि में नुकसान कैसे पूरा होगा। केस 3 : हजारों रुपए जमा कराते हैं, भीख में मिले सिर्फ 8 रुपए किसान ललित मालवीया ने बताया साढे सात बीद्या की सोयाबीन की फसल को नुकसान हुआ था। बीमा कंपनी ने मुझे भीख के तौर पर मात्र 8 रुपए दिए है जबकि बीमा कंपनी हर साल किसानों से हजारों की राशि प्रीमियम के रुप में जमा कराती है। फसलों का नुकसान होने पर हर साल हमें कुछ रुपए की भीख दे देते हैं। इसी प्रकार धरमचंद मालवीया को सोयाबीन नुकसानी के 29 रुपए, चिंताराम यादव को 4 रुपए बीमा क्लेम के मिले है। और इधर, बारिश से खराब हो रही फसल पिपलिया बुजुर्ग ग्राम में शनिवार शाम को हुई बारिश से किसान चिंतित है। मौसम के मिजाज को देखते हुए अगले दो तीन दिनों तक मौसम साफ नहीं होगा। बारिश ने किसानों की आशाओं पर फिर से एक बार पानी फेर दिया है। कपास और सोयाबीन की फसल पूरी तरह से नष्ट हो रही है। किसान दादू दरबार, जगदीश मुकाती व महेंद्र सिन्हा ने कहा पिछली बार अतिवृष्टि के कारण फसले बर्बाद हो गई। इस वर्ष अच्छी फसल की उम्मीद थी लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण फसल खराब हो रही है। कीटनाशक व्यवसायी निलेश जैन व खेमराज जैन ने कहा किसानों की कमजोर स्थिति का असर उनके व्यापार पर भी पड़ेगा।  

कल से स्कूल खुलेंगे, रेगुलर क्लास नहीं लगेगी, दो घंटे के लिए स्कूल जा पाएंगे छात्र

भोपाल . 9वीं से 12वीं तक के ज्यादातर सरकारी व प्राइवेट स्कूल सोमवार से खुल जाएंगे। लेकिन रेगुलर क्लासेस नहीं लगेंगी। स्कूलाें में सिर्फ दाे घंटे का डाउट क्लीयिरिंग सेशन हाेगा। इसमें छात्र पढ़ाई में आ रही कठिनाइयाें का हल जानने के लिए स्कूल पहुंच सकेंगे। लेकिन इसके लिए भी अभिभावकाें की लिखित सहमति अनिवार्य हाेगी। शिक्षकाें से यह मार्गदर्शन लेने के बाद बच्चे इस सेशन की अवधि के अलावा स्कूल में नहीं रुक सकेंगे। केंद्र व राज्य सरकार द्वारा स्कूलाें के बारे एसओपी जारी करने के बाद से ही ज्यादातर निजी स्कूल प्रबंधनों ने तैयारी शुरू कर दी थी। प्राइवेट स्कूलाें के संगठन एसोसिएशन ऑफ अन-एडेड प्राइवेट स्कूल्स से जुड़े 33 स्कूलाें ने बच्चाें के अभिभावकाें काे ऑनलाइन फार्म भेजकर उनसे फीडबैक मांगा था कि बच्चाें काे ऐसे सेशन के लिए स्कूल भेजना चाहते हैं या नहीं। एसाे. के उपाध्यक्ष विनीराज माेदी ने बताया कि सिर्फ 55 फीसदी अभिभावकाें ने इसके लिए हामी भरी है। 24 फीसदी पालकाें ने बच्चाें काे भेजने से साफ मना कर दिया। बाकी ने अभी काेई रिस्पांस नहीं दिया। माेदी ने बताया कि कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियाें के 18201 पालकाें के फॉर्म अब तक मिल चुके हैं। कलेक्टर अविनाश लवानिया ने बताया कि बच्चे अभिभावकों की लिखित सहमति लेकर ही पढ़ाई में आ रही कठिनाइयों का हल जानने पहुंच सकेंगे। ताे स्कूल भेजने में क्या दिक्कत- साेसायटी फार प्राइवेट स्कूल्स के प्रदेशाध्यक्ष डाॅ आशीष चटर्जी ने बताया कि 50 फीसदी पालकाें का यह तर्क है कि जब हमारे बच्चे मार्केट, शाॅपिंग माॅल्स जैसे अन्य सार्वजनिक स्थानाें पर जा सकते हैं ताे उन्हें स्कूल भेजने में काेई दिक्कत नहीं है। 50% ही शिक्षक रहेंगे मौजूद – 9वीं से 12 वीं तक के स्कूलों में भी 50 फीसदी शिक्षकों को ही बुलाया जाएगा। ये शिक्षक ही पढ़ाई के दौराना आ रही समस्याओं का निराकरण करेंगे। ये सेशन सुबह 9 से 11 या दोपहर 12 से 2 बजे तक चल सकते हैं।

भाजपा नेता की धमकी के बाद सीएसपी का ट्रांसफर, थाना प्रभारी से धक्का-मुक्की

उज्जैन . मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के उज्जैन आगमन के दौरान हेलीपेड पर शुक्रवार सुबह भाजपा नेताओं से विवाद के बाद 24 घंटे में सीएसपी ऋतु केवरे का ग्वालियर तबादला कर दिया गया है। मप्र शासन के गृह विभाग ने शनिवार शाम सीएसपी केवरे का तबादला आदेश जारी किया। उन्हें तत्काल प्रभाव से आईजी कार्यालय ग्वालियर भेजा है। दो साल के दौरान भाजपा व कांग्रेस नेता वीआईपी की अगवानी के दौरान हुए विवाद के बाद तीन एएसपी का भी तबादला करवा चुके है। शनिवार को तबादला आदेश के बाद सीएसपी केवरे ने कहा कि भाजपा नेता संक्रमित पार्षद की पत्नी को सीएम से मिलाने हेलीपेड के अंदर ले जा रहे थे। वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर उन्हें रोका तो विवाद किया, मुझे अपशब्द कहे व ट्रांसफर की धमकी दी थी। सीएसपी ने कहा कि नेता सिर्फ तबादला ही करवा सकते है लेकिन कहीं भी भिजवा दे, मैं नौकरी तो दमखम से ही करूंगी। मैं तो इसी दमदारी से ही नौकरी करूंगी..धन्यवाद उज्जैन-सीएसपी हेलीपेड पर भाजपा नेताओं के अपशब्दों का शिकार हुई नानाखेड़ा सीएसपी केवरे ने कहा कि फिलहाल तबादला आदेश मुझे नहीं मिला है लेकिन अगर नेताओं ने ग्वालियर तबादला करवा दिया तो कोई फर्क नहीं पड़ता। ड्यूटी यहां भी कर रही थी और ड्यूटी वहां भी इसी दमखम से करूंगी। मेरे काम पर इस तबादले का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उज्जैन में अच्छा-बुरा सारे अनुभव मिले, धन्यवाद उज्जैन। सांसद ने एएसपी को धमकाया था-तवज्जो नहीं दे रहे हो पुलिस अधिकारियों से वीआईपी ड्यूटी के दौरान विवाद करना भाजपा नेताओं का ही शगल नहीं है बल्कि यही स्थिति कांग्रेस की भी है। इससे पूर्व कांग्रेस की प्रदेश में सरकार रही तो यहां के कांग्रेस नेता व जनप्रतिनिधि भी विवाद करने में पीछे नहीं रहे। इसी का नतीजा का है कि वीआईपी के आगमन के दौरान नेताओ को रोकने-टोकने पर दो साल में उज्जैन से यह चौथे पुलिस अधिकारी का तबादला हुआ है। दिसंबर 2018 में शिवराजसिंह महाकाल दर्शन करने आए थे तब हेलीपेड पर एएसपी अभिषेक दीवान से सांसद चिंतामणि मालवीय व अन्य भाजपा नेता भिड़ गए थे। दीवान से यह तक बोले थे कि हमारी सरकार जाने वाली है इसलिए तवज्जो नहीं दे रहो हो। इस घटना के बाद भी एएसपी दीवान का भोपाल एआईजी रेडियो में तबादला करवा दिया था।

MP : प्रीमियम भरा 1 हजार 50 रुपये, किसान को फसल बीमा के नाम पर मिली 1 रुपये की राशि

बैतूल. बैतूल में बीमा राशि के नाम पर किसानों के साथ जो कुछ हुआ है, वह उनके लिए किसी सदमे से कम नहीं है. जिले के हजारों किसानों के खातों में 100 या 50 रुपये से भी कम बीमा राशि आई है. हद तो तब हो गई जब गोधना गांव के एक किसान के खाते में बीमा राशि केवल 1 रुपये आई. किसान इसे धोखा मान रहे हैं और वे सरकार को ये राशि वापस करने की तैयारी में हैं. वे उग्र प्रदर्शन शुरू कर चुके हैं. हास्यास्पद बीमा राशि प्रदेश सरकार ने बड़े जोर-शोर से सूबे के 22 लाख से ज्यादा किसानों को फसल बीमा की राशि दी. लेकिन इसमें हास्यास्पद बात यह रही कि कुछ किसानों के हिस्से महज 1 रुपये की राशि आई. बैतूल के गोधना गांव के रहनेवाले किसान पूरनलाल का नाम ऐसे ही किसानों में एक है. उन्होंने 1 हजार 50 रुपये बीमा प्रीमियम अदा किया था, लेकिन उन्हें इनके हिस्से बीमा राशि केवल 1 रुपये आई. बीमा राशि की जानकारी मिलते ही पूरनलाल सदमे की स्थिति में आ गए. पूरनलाल बताते हैं कि ढाई हेक्टेयर के रकबे में लगभग एक लाख की फसल खराब हुई थी, लेकिन जब उन्हें केवल एक रुपये बीमा राशि मिली तो अब ये समझ नहीं आ रहा है कि इस राशि पर हंसे या रोएं. वह लिस्ट जिसमें किसान को एक रुपये की राशि बतौर फसल बीमा मिली,वह लिस्ट जिसमें किसान को एक रुपये की राशि बतौर फसल बीमा मिली. सरकार को वापस देंगे बीमा कम्पनी से मिले 1 रुपये पूरनलाल की तरह ऐसे हजारों किसान हैं, जिनके खातों में बीमा की राशि 100 रुपये या 50 रुपये से भी कम आई है. किसान इस भद्दे मजाक से दुखी हैं और आक्रोशित भी. गोधना गांव के ही किसान पवन के मुताबिक ये एक-दो रुपये बीमा राशि उन्हें देकर अपमानित किया गया है, इस राशि को वो सम्मान के साथ सरकार को लौटा देंगे. कृषि विभाग ने पल्ला झाड़ा, बीमा कम्पनी से करेंगे पूछताछ फसलों के नुकसान के एवज में मिली बीमा राशि को लेकर कृषि विभाग के पास भी सही जानकारी उपलब्ध नहीं है. कृषि अधिकारियों के मुताबिक बीमा कम्पनी द्वारा नुकसान का आकलन करने का अपना तरीका है. लेकिन जिन किसानों के खातों में 200 रुपये से कम राशि आई है, उनकी लिस्ट दोबारा बीमा कम्पनी को भेजी जा रही है. हालांकि किसानों के खातों में एक रुपये डालने जैसा मजाक क्यों हुआ – इसे लेकर जरूर बीमा कम्पनी से पूछताछ होगी. कुल 64 हजार 893 किसानों को मिली फसल बीमा की राशि बैतूल जिले में कुल 64 हजार 893 किसानों को फसल बीमा की राशि दी गई है. जिसके लिए 81 करोड़ 71 लाख की राशि जारी की गई थी. लेकिन अधिकतर किसान बीमा की राशि को लेकर आक्रोशित हैं, जिससे ये तो जाहिर हो रहा है कि राजस्व अमले, बीमा कम्पनी या फिर किसी तीसरे की लापरवाही से ही किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है.

सरकारी अस्पताल में मिला नवजात का शव, फ्रीजर में रखकर भूला स्टाफ

इंदौर. मध्य प्रदेश के इंदौर के महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय अस्पताल के मुर्दाघर में हाल ही में एक लावारिस शव के स्ट्रैचर में ही सड़ जाने और कंकाल बन जाने का मामला सामने आया था. जिसकी तस्वीरें भी सोशल मीडिया में वायरल हुई थीं. ऐसे में जहां एक तरफ मामले की जांच भी पूरी नहीं हो पायी वहीं गुरुवार को एक अज्ञात बच्चे का शव मुर्दाघर में एक बक्से में बंद मिलने से हड़कंप मच गया है. बताया जा रहा है कि यहां बीते पांच दिन से एक बच्चे का शव मर्चुरी रूम के फ्रीजर में रखा था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नवजात बच्चे की मौत 5 दिन पहले यानी कि 12 सितंबर हो चुकी थी. ऐसे में पांच दिन से शव उसी हालत में फ्रीजर में पड़ा रहा. ऐसे में माना जा रहा है कि अस्पताल प्रशासन बच्चे का शव फ्रीजर में रखकर भूल गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि बच्चे को 11 सितंबर को किसी ने अलीराजपुर में छोड़ दिया था. जिसे एक सोशल वर्कर उठाकर अस्पताल में भर्ती कर गया. उन्होंने बताया कि उसी दिन इस बच्चे की मौत भी हो गयी थी जिसे सीएमओ को भी बताया गया था. लावारिस शव के सड़ जाने पर आयोग ने मांगी रिपोर्ट वहीं स्ट्रैचर पर शव के सड़ जाने और कंकाल बन जाने के मामले में एक अधिकारी ने बताया कि मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार जैन ने महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवायएच) के मुर्दाघर में स्ट्रैचर पर रखे गये लावारिस शव के सड़ जाने को लेकर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और इस सरकारी अस्पताल के अधीक्षक से चार हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है. ‘लापरवाही के चलते लावारिस शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका’ अधिकारी ने बताया कि आयोग ने मीडिया की खबरों पर इस घटना का संज्ञान लिया है. खबरों में कहा गया है कि सरकारी अस्पताल के कर्मचारियों की कथित लापरवाही के चलते लावारिस शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका जिससे यह मुर्दाघर में स्ट्रैचर पर पड़े-पड़े सड़ गया और कंकाल बन गया. प्रबंधन ने दिये जांच के आदेश इस बीच, सोशल मीडिया के जरिये मामले का खुलासा होने पर सकते में आये एमवायएच प्रबंधन ने जांच के आदेश दिये हैं. अस्पताल के अधीक्षक प्रमेंद्र ठाकुर ने बताया, “हमने लावारिस शव सड़ने के मामले की जांच के लिये समिति बनायी है. जांच में एमवायएच का जो भी कर्मचारी दोषी पाया जायेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी.”

अवैध खनन से अकूत साम्राज्य बनाने वाले पूर्व MLC इकबाल की संपत्तियां जब्त करेगा ईडी

लखनऊ . खनन के कारोबार से अकूत संपत्ति बनाने वाले बसपा के पूर्व एमएलसी मो. इकबाल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उनके विरुद्ध मनी लांड्रिंग के आरोपों की जांच कर रहा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जल्द ही उनकी कई संपत्तियां जब्त कर सकता है। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार ईडी को इकबाल की दो हजार करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों का पता चला है। अवैध खनन के आरोपों से घिरे रहे इकबाल की सहारनपुर जिले में यूनिवर्सिटी भी है, जो लगभग 700 एकड़ में फैली है। इसी तरह इकबाल के होटल भी हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर नामी-बेनामी संपत्तियों का भी पता चला है। सपा सरकार में इकबाल की गिनती बेहद प्रभावशाली लोगों में होती थी। वह तत्कालीन खनन मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के भी बेहद करीब थे। बसपा शासनकाल में हुए बहुचर्चित एनआरएचएम और खनन घोटाले के अलावा चीनी मिलों की बिक्री में हुए घोटाले में भी इकबाल का नाम आया था। माना जाता है कि इकबाल ने अपनी काली कमाई विश्वविद्यालय के निर्माण और होटल के कारोबार में लगाई। सीबीआई के बाद उन पर ईडी ने भी शिकंजा कसा। गहन जांच में आय से अधिक संपत्ति का मामला पाए जाने के बाद अब संपत्तियों को अटैच करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

फर्जी कंपनी बनाकर लोगों से की 60 करोड़ की ठगी, एसटीएफ ने किया गिरफ्तार

लखनऊ . उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अलास्का रियल स्टेट प्राइवेट लिमिटेड, अलास्का कमोडिटीज व अलास्का इंटरप्राइजेज के माध्यम से 60% प्रतिवर्ष लाभ यानी प्रतिमाह 5% का लाभांश देने का प्रलोभन देकर सैकड़ों लोगों से लगभग 60 करोड़ रूपये इनवेस्ट कराकर, हड़पने वाले गिरोह के सरगना अभियुक्त हरिओम यादव को लखनऊ से एसटीएफ की टीम ने गिरफ्तार किया है. पिछले काफी समय से मल्टी लेवल मार्केटिंग के माध्यम से जनता से करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले इस गिरोह की सूचना एसटीएफ को प्राप्त हो रही थी. जिसके चलते एसटीएफ की एक टीम को कार्रवाई हेतु पीछे लगाया गया था. जानकारी के मुताबिक एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किया गया हरिओम यादव अलास्का रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड का एमडी है. उसकी कंपनी अलास्का कमोडिटीज और अलास्का इंटरप्राइजेज के जरिए लगभग 600 लोगों से 60 करोड़ रुपए हड़प लिए गए थे. जिसके कारण अभी हाल ही में लखनऊ के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में मुकदमा पंजीकृत किया गया था. मुकदमा पंजीकृत करने के बाद गोसाईगंज पुलिस को इस कंपनी में काम करने वाले सभी लोगों की तलाश थी और 9 लोगों की गिरफ्तारियां भी की गई थी. लेकिन मुख्य आरोपी हरिओम यादव फरार हो गया था. शनिवार को मुखबिर की सूचना पर एसटीएफ की टीम द्वारा इसे धर दबोचा गया है. दरअसल राजधानी लखनऊ में फर्जी रियल एस्टेट कंपनी खोलकर लोगों से 59 करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाभोड़ करते हुए कंपनी से जुड़े 9 लोगों को बीते 15 तारीख को गिरफ्तार किया गया था. वहीं मुख्य आरोपी हरिओम यादव पुलिस की गिरफ्त से दूर था. अलास्का रियल स्टेट के नाम से बनाई गई कंपनी के एजेंट्स लोगों को गुमराह कर पैसे ऐंठ लिया करते थे. 15 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस ने कहा था कि तकरीबन साढ़े पांच सौ लोग इस कंपनी में पैसा इंवेस्ट किए हुए थे जो कुल 59 करोड़ रुपए के आसपास का इंवेस्टमेंट है. प्रेस वार्ता के दौरान डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस साउथ, रईस अख्तर ने बताया था कि इन लोगों का नेटवर्क उत्तर प्रदेश के कई जिलों के अलावा गुजरात के सूरत तक फैला हुआ है. ये लोग गुजरात के सूरत में भी लोगों को गुमराह करके पैसा इंनेस्ट करवाकर गबन कर लिया करते थे और वहीँ देश के बाहर दुबई में भी ये लोग पैसा इंवेस्ट किए थे और वहां के लोगों को भी इंवेस्टमेंट करवा कर उनको गुमराह करके पैसा हड़प लेते थे. पुलिस के मुताबिक कंपनी के एजेंट लोगों से कहते थे कि इनकी रियल स्टेट की कंपनी काफी बड़ी है जो ट्रेडिंग करती है. एजेंट लोगों को बताते थे कि कंपनी का मालिक हरिओम यादव, एशिया के टॉप 20 ट्रेडर्स में एक है. इनको प्रतिमाह 20 प्रतिशत लाभ मिलता है. उसी लाभ के चलते वह आप सभी को अलास्का रियल स्टेट कंपनी में इंवेस्ट करने पर 5% देते हैं. शुरुआत के 2-3 महीने कंपनी ने लोगों को 5% प्रॉफिट पर रुपए भी दिए, जिसके कारण कई लोगों ने झांसे में आकर करोड़ों रुपए इस कंपनी में लगा दिए थे. जिसके कुछ महीने बाद ये लोग कंपनी बंद करके फरार हो गए थे.

इस गणेश मंदिर को माना जाता है चमत्कारी, उल्टा स्वास्तिक से पूरी होती हैं इच्छाएं

इंदौर . मध्य प्रदेश के इंदौर में स्थित खजराना गणेश मंदिर के चमत्कार की कहानी दूर दूर तक फैली है. भक्तों की आस्था का ये वो पावन स्थान है जहां चप्पे-चप्पे पर भगवान के चमत्कार मौजूद हैं. संतान की कामना, धन की ख्वाहिश, नौकरी की जरूरत से लेकर विद्या और बुद्धि तक का वरदान भक्तों को इस मंदिर में आकर मिलता है. इस चमत्कारी मंदिर के बारे में कहा जाता है कि इस मंदिर में स्वयंभू गणपति अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं. बस भक्तों को यहां आकर उल्टा स्वास्तिक बनाना होता है. खजराना मंदिर में भगवान गणेशजी के मंदिर के पीछे दीवार यानी गणेशजी की पीठ पर लोग उल्टा स्वस्तिक चिह्न बनाते हैं और मन्नत पूरी होने के बाद दोबारा आकर सीधा स्वस्तिक बनाते हैं. कहते हैं ये चलन यहां पर कई सालों से चला आ रहा है. माना जाता है कि इस मंदिर में उल्टा स्वस्तिक बनाने से हर मुराद पूरी हो जाती है. एक अन्य मान्यता है कि मंदिर की तीन परिक्रमा लगाते हुए धागा बांधने से भी इच्छापूर्ति होती है. मंदिर का इतिहास खजराना गणेश मंदिर का निर्माण 1735 में तत्कालीन होल्कर वंश की शासक अहिल्याबाई होल्कर ने करवाया था. कहा जाता है कि खजराना गणेश मंदिर के निर्माण के लिए गणेश भगवान ने एक पंडित को स्वप्न दिया था. स्वप्न आया कि यहां पर भगवान गणेश की मूर्ति जमीन में दबी हुई है, उसे वहां से निकालो. इस सपने के बारे में पंडित ने सभी को बताया. रानी अहिल्या बाई होलकर ने स्वप्न के अनुसार उस जगह खुदाई करवाई और खुदाई में ठीक वैसी ही भगवान गणेश की प्रतिमा प्राप्त हुई, जिसके बाद यहां मंदिर निर्माण करवाया गया. गणपति जी का यह मंदिर देश के सबसे धनी गणेश मंदिरों में से एक माना जाता है. श्रद्धालू अपनी मनोकामना पूरी होने के बाद यहां आकर दिल खोलकर चढ़ावा चढ़ाते हैं. यूं तो रोजाना पूरे विधि विधान से इस मंदिर में पूजा की जाती है मगर बुधवार के दिन गणपति जी को विशेष तौर पर लड्डूओं का प्रसाद चढ़ाया जाता है. इस दिन यहां विशेष पूजा और आरती आयोजित की जाती है.

जल्द आएंगे WhatsApp के ये पांच फीचर्स, अपडेट करते रहें अपना ऐप

नई दिल्ली . अगर आप लगातार मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप का इस्तेमाल अपने जीवन में कर रहे हैं तो आप उसमें आने वाले हर फीचर पर अपनी पैनी नजर बनाए रखते होंगे. व्हाट्सएप लगातार अपने यूजर्स के एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए नए-नए फीचर्स लेकर आता रहता है. मैसेजिंग ऐप पहले नए फीचर्स की टेस्टिंग बीटा वर्जन में करने के बाद सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध कराता है. व्हाट्सएप मोबाइल ऐप के अलावा डेस्कटॉप वर्जन के लिए भी नए अपडेट्स लेकर आ रहा है. आने वाले कुछ दिनों में आपको व्हाट्सएप को ये पांच फीचर्स मिल सकते हैं. कॉलिंग के लिए नया बटन व्हॉट्सऐप वेब’ की ओर से जारी तस्वीरों से पता चलता है कि ऑडियो और वीडियो कॉल के बटन ‘सर्च’ आइकन के बगल में मिलेंगे। यूजर इनका इस्तेमाल फोन मिलाने और उठाने के लिए कर सकेगा। इसके अलावा व्हॉट्सऐप अपने अटैचमेंट आइकन के डिजाइन में भी बदलाव ला रहा है। वह कैमरा और गैलरी आइकन को लाल व बैंगनी रंग को मिलाकर ज्यादा आकर्षक लुक देने की कोशिशों में जुटे है। यही नहीं, ‘सर्च’ और ‘न्यू चैट’ का विकल्प भी अब ब्लैक एंड व्हाइट नजर नहीं आएगा। कंपनी उन्हें रंगीन लुक में ढालने का मन बना चुकी है। नए ऐनिमेटिड स्टिकर पैक WABetaInfo के अनुसार व्हॉट्सऐप के लेटेस्ट बीटा ऐंड्रॉयड वर्ज़न 2.20.200.6 में नया स्टिकर पैक आया है। इस पैक को ऐप में दी गई डिफॉल्ट स्टिकर लिस्ट में ऐड किया जाएगा। नए स्टिकर पैक का नाम Usagyuuun है और Quan Inc नाम की एक कंपनी ने इसे बनाया है। असल में ये एक ऐनिमेटेड स्टिकर पैक है। इससे पहले भी बीटा ऐप में ऐनिमेटेड स्टिकर पैक फीचर देखा गया था। स्टिकर में सफेद रंग के कुछ के कार्टून होंगे जो joy, anxiety, sadness, love, जैसी भावनाओं को जाहिर करेंगे, अपनी फीलिंग्स को जाहिर करने का एक बेहतर और क्रिएटिव तरीका होगा। फिंगरप्रिंट के जरिए व्हाट्सएप वेब अभी जब आप डेस्कटॉप पर व्हाट्सएप खोलते हैं तो क्यूआर कोर्ड के जरिए व्हाट्सएप ये सुनिश्चित करता है कि डेस्कटॉप पर भी आप ही मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब ये प्रक्रिया फिंगरप्रिंट के जरिए पूरी की जा सकेगी। हालांकि अभी भी आपके पास वह स्मार्टफोन होना जरूरी है जिसमें व्हाट्सएप चालू हो। जैसे ही ये नया फीचर सभी यूजर्स के लिए आ जाएगा उसके बाद क्यूआर कोड की जरूरत नहीं होगी और फिंगरप्रिंट के जरिए ही व्हाट्सएप वेब का इस्तेमाल किया जा सकेगा। कैटलॉग शॉटकट WABetaInfo ने एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें कहा गया है कि कंपनी बिजनस चैटिंग को आसान करने के लिए एक शॉर्टकट लाने जा रही है। बताया जा रहा है कि ये फीचर अभी डिवेलप किया जा रहा है और इसके बन जाने के बाद कॉल बटन के साइड में एक शॉर्टकट ऐड हो जाएगा। अभी इस फीचर से जुड़ी ज्यादा जानकारी का इंतजार है उसी के बाद पूरी जानकारी सामने आ पाएगी। डूडल ऐसा बताया गया है कि अपने वॉलपेपर को बेहतर करने के लिए कंपनी इस फीचर पर काम कर रही है इसी क्रम में कंपनी डूडल को अपने वॉलपेपर में जोड़ने की सुविधा लेकर आ रही है।

नाक बहने, छींक आने का मतलब कोरोना नहीं, जानें किस आयु में दिखाई देते हैं कौन लक्षण

नई दिल्ली . बच्चे को नाक बहने, बार-बार छींक आने या सीने में जकड़न की शिकायत हो तो घबराएं नहीं। जरूरी नहीं कि ये लक्षण आपके जिगर के टुकड़े के कोरोना संक्रमण की जद में आने का संकेत हों। मुमकिन है कि वह साधारण सर्दी-जुकाम या फ्लू से जूझ रहा हो। किंग्स कॉलेज लंदन के शीर्ष संक्रामक रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर टिम स्पेक्टर ने ‘कोविड सिम्पटम स्टडी ऐप’ से प्राप्त आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर यह दावा किया है। स्पेक्टर ने अभिभावकों से अपील की है कि वे सर्दी-जुकाम से परेशान होकर बच्चे को कोरोना जांच के लिए अस्पताल लेकर न दौड़ें। इससे न सिर्फ टेस्टिंग की प्रक्रिया में शामिल स्वास्थ्यकर्मियों पर काम का दबाव बढ़ रहा है, बल्कि संक्रमितों की समय रहते पहचान कर वायरस के प्रसार पर लगाम लगाने की कोशिशें भी प्रभावित हो रही हैं। एक अनुमान के मुताबिक ब्रिटेन में कोरोना जांच करवाने वाले कुल संदिग्धों में 25 फीसदी ऐसे हैं, जिन्हें टेस्टिंग की जरूरत ही नहीं थी। मामूली सर्दी-जुकाम होने पर भी उन्होंने मन की तसल्ली के लिए कोरोना जांच करवाई। हर आयुवर्ग में अलग लक्षण -स्पेक्टर ने बताया कि सार्स-कोव-2 वायरस से संक्रमित अलग-अलग उम्र के मरीजों में अलग-अलग लक्षण उभर सकते हैं। 18 साल से कम और 65 वर्ष से अधिक उम्र के मरीजों में बुखार, खांसी और सूंघने-स्वाद चखने की क्षमता कमजोर पड़ जाए, यह जरूरी नहीं जबकि इन तीनों ही लक्षणों को व्यक्ति के कोरोना पीड़ित होने की मुख्य निशानी करार दिया जाता है। ऐसे में नाक बहने या छींक आने मात्र पर कोरोना जांच के लिए दौड़ने का कोई फायदा नहीं है। यह समय और संसाधनों की बर्बादी भर है। 52% बच्चों को बुखार-जुकाम नहीं -‘कोविड सिम्पटम स्टडी ऐप’ से मिले आंकड़ों पर नजर डालें तो ब्रिटेन में 18 साल से कम उम्र के 52 फीसदी संक्रमितों में सर्दी-जुकाम, बुखार और सूंघने की शक्ति कमजोर पड़ने जैसे लक्षण नहीं पनपे। वहीं, 33 प्रतिशत बच्चों में तो ऐप में दर्ज 20 में से एक भी लक्षण नहीं दर्ज किए गए। इसका मतलब यह है कि वे ‘एसिम्टोमैटिक’ थे। उनकी पहचान संक्रमित के संपर्क में आने के बाद हुई जांच के चलते की जा सकी। ‘कोविड सिम्पटम स्टडी ऐप’ पर ढाई लाख बच्चों का डाटा दर्ज है। इनमें 198 में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है। 90% स्वैब जांच के नतीजे नेगेटिव -ब्रिटिश सरकार की ओर से जारी आंकड़ों पर गौर करें तो देश में रोजाना दो लाख से अधिक संदिग्धों के स्वैब नमूने इकट्ठे किए जा रहे हैं। इससे जांच प्रक्रिया में जुटे स्वास्थ्यकर्मियों का काम धीमा पड़ रहा है और रिपोर्ट में देरी की शिकायत लगातार बढ़ती जा रही है। खास बात यह है कि लगभग 90 फीसदी मामलों में स्वैब जांच की रिपोर्ट नेगेटिव आती है। यानी लोग जल्दबाजी में कोरोना जांच करवा रहे हैं। इससे जो वास्तविक रूप में संक्रमित हैं, उन लोगों की पहचान में देरी हो रही है और कोरोना की रोकथाम में मुश्किल आ रही है। बच्चों में सबसे आम लक्षण- -55% बच्चों को थकान, सुस्ती की शिकायत होती है -54% में सिरदर्द और चक्कर जैसे लक्षण उभरते हैं -49% तेज बुखार और बदनदर्द का सामना करते हैं -38% के गले में खराश होती है, 35% की भूख मिट जाती है व्यस्कों में संक्रमण की निशानी -87% वयस्कों में थकान, सुस्ती की समस्या पनपती है -72% को सिरदर्द और चक्कर की शिकायत सताती है -60% की सूंघने, स्वाद महसूस करने की क्षमता खो जाती है -54% लगातार खांसी तो 49% गले में खराश की समस्या से परेशान रहते हैं

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