https://youtu.be/i9-fJSFKtI4
Day: September 25, 2020
महिला को भगाने से नाराज प्रेमी के घर पर की फायरिंग, बड़े भाई की हत्या, 6 लोग घायल
– हथियारों से लैस होकर आए हमलावरों ने की अंधाधुंध फायरिंग, ग्रामीण एकजुट हुए तो भागे – प्रेमी की भाभी, बहनोई और चचेरा भाई गंभीर हालत में ग्वालियर रैफर, खुद प्रेमी भी घायल ग्वालियर। शादीशुदा महिला घर से भागकर सुरवाया थाना क्षेत्र के गांगुली गांव में अपने प्रेमी के संग रहने लगी। इससे नाराज उसके ससुराल और मायके पक्ष के लोग गुरुवार की दोपहर हथियार लेकर गांव में पहुंचे और प्रेमी व उसके परिवार पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। फायरिंग में प्रेमी युवक के बड़े भाई की मौत हो गई जबकि प्रेमी युवक सहित छह लोग घायल हो गए। गंभीर हालत में तीन घायलों को जिला अस्पताल से ग्वालियर रैफर किया गया है। वहीं फायरिंग के बाद आरोपी फरार हो गए। जानकारी के मुताबिक सेवाराम (30) पुत्र पंजाबसिंह गुर्जर निवासी ग्राम गांगुली गुरुवार की दोपहर 12.30 से 1 बजे के बीच अपने परिवार के संग घर पर बैठा था। अचानक 20-22 लोग गाड़ियों से आए और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। बंदूकें चलने की आवाज से गांव में दहशत फैल गई। गांव के लोगों ने हिम्मत जुटाई तो आरोपी गाड़ियों से भाग निकले। गोलीबारी में सेवाराम गुर्जर के बड़े भाई राजमहेंद्र (34) की मौत हो गई। वहीं गोलियां लगने से उसकी भाभी मंजेश गुर्जर (30) पत्नी केशव गुर्जर, बहनोई मनीराम (32) पुत्र सीताराम गुर्जर और चचेरा भाई राजवीर (30) पुत्र कप्तान गुर्जर गंभीर रूप से घायल हो गए। फायरिंग में सेवाराम के पैर में भी छर्रे लगे हैं और चचेरा भाई अनूप (25) पुत्र कप्तान गुर्जर और भतीजा बलराम (16) पुत्र नंदकिशोर गुर्जर भी घायल है। सूचना पर सुरवाया थाना पुलिस गांगुली गांव पहुंची और घायलों काे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। गंभीर हालत के चलते मंजेश गुर्जर, मनीराम गुर्जर और राजवीर गुर्जर को ग्वालियर रैफर किया गया है। सबसे ज्यादा गंभीर हालत राजवीर की बताई जा रही है। सेवाराम ने अचानक हुए इस हमले के पीछे की वजह अपना प्रेम प्रसंग बताया है। वह हमलावरों में से सिर्फ अपनी प्रेमिका के भाई भरत गुर्जर का नाम बता पाया। ससुराल वाले मारपीट करते थे, मायके में रह रही थी वर्षा बताया जा रहा है कि छिरारी के खुटैला निवासी वर्षा गुर्जर की शादी चार साल पहले नयाखेड़ा गांव में हुई थी लेकिन ससुराल में मारपीट से परेशान होकर वर्षा अपने मायके खुटैला में आकर रहने लगी थी। सेवाराम डंपर चलाता था और अविवाहित था। सेवाराम का खुटैला में वर्षा के घर आना जाना रहता था। यहीं से दोनों की पहचान हुई और एक-दूसरे से प्रेम हो गया। मोबाइल पर दोनों की बातचीत होने लगी थी। वर्षा भागकर गांगुली गांव आई और सेवाराम के संग रहने लगी छिरारी पंचायत के मजरा खुटैला की रहने वाली वर्षा गुर्जर (25) पुत्री बहादुर गुर्जर तीन सप्ताह पहले सिलागनर पहुंची और यहां से भागकर गांगुली गांव आ गई। सेवाराम गुर्जर ने बताया कि वर्षा गुर्जर उसकी पहले से परिचित थी। दोनों में प्रेम हो गया और इसी कारण वह पत्नी बनकर उसके संग रहने लगी। इधर मायके वालों ने अमोला थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी थी। पुलिस ने बरामद किया तो वर्षा ने बयान दिया कि वह अपने प्रेमी सेवाराम के संग रहना चाहती है। इस पर गुस्साए मायके पक्ष और ससुराल पक्ष के लोगों ने एकराय होकर गुरुवार को गांगुली गांव आकर हमला कर दिया। वर्षा को उठाकर ले जाना चाहते थे, लेकिन गांव वालों ने खदेड़ दिया ससुराल और मायके पक्ष के लोग सेवाराम सहित उसके परिवार की हत्या कर वर्षा को उठाकर ले जाने के लिए आए थे। जैसे ही फायरिंग हुई, गांव के लोग इकट्ठा होकर बचाने के लिए दौड़े। यह देखकर फायरिंग के बाद हमलावर भाग निकले। गांव वाले नहीं आते तो आरोपी सभी की हत्या कर वर्षा को भी उठाकर ले जाते। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सुरवाया के साथ-साथ अमोला, करैरा और भौंती थाना पुलिस को जंगल में सर्चिंग के लिए उतार दिया गया है। आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है प्रेम प्रसंग के चलते युवती गांगुली गांव में प्रेमी के यहां रहने लगी थी। गुरुवार को उसके ससुराल व मायके वाले गाड़ियाें से आए और सेवाराम सहित उसके परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया जिसमें सेवाराम के भाई की मौत हो गई और परिवार के दूसरे लोग घायल हैं। घटना के बाद आरोपी फरार हो गए हैं, गिरफ्तारी के लिए आसपास के थानों की पुलिस सर्चिंग में उतार दी है।
MP : चावल, यूरिया घोटाला के साथ फसल बीमा पर बीजेपी बैकफुट पर, कांग्रेस हमलावर
भोपाल. उपचुनाव में कांग्रेस ने शिवराज सरकार को घोटालों को लेकर घेरने की रणनीति बनाई है। क्योंकि प्रदेश में गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार की एजेंसियां सरकार को अलर्ट कर रही हैं. उप चुनाव सिर पर हैं ऐसे में विपक्ष इसे बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है. मध्य प्रदेश में बीते दिनों केंद्र सरकार ने बालाघाट-मंडला में हुए चावल घोटाले पर प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर जांच के निर्देश दिए थे. केंद्रीय एजेंसी ने माना था कि प्रदेश में बालाघाट और मंडला में पोल्ट्री ग्रेड का चावल गरीबों को बांटा गया है. इसके बाद राज्य सरकार ने हरकत में आते हुए तत्काल पूरे मामले में एक्शन लेना शुरू किया. यूरिया घोटाला को लेकर केंद्र सरकार ने यूरिया घोटाले को लेकर भी प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर आगाह किया. केंद्र सरकार ने यूरिया घोटाले में बड़े पैमाने पर कालाबाजारी की जानकारी भी राज्य सरकार को दी. प्रदेश में सहकारी समितियों ने किसानों को यूरिया देने के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा किया. इसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार ने राज्य को दी. केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के पोर्टल में मध्य प्रदेश के 6511 गांव के नाम दर्ज नहीं हैं. इस पर भी केंद्र ने हाल ही में प्रदेश के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर जानकारी दी.इसके बाद सीएजी की रिपोर्ट में भोपाल और इंदौर में दूषित पानी सप्लाई और लोगों के स्वाद के साथ खिलवाड़ करने की रिपोर्ट दी गई. प्रदेश में हो रही गड़बड़ी पर केंद्रीय एजेंसियों के पत्रों पर सियासत छिड़ गई है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में बीजेपी सरकार के सत्ता में आने के बाद गड़बड़ियां हो रही हैं और प्रशासनिक अफसरों पर सरकार का कंट्रोल नहीं है. बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों पर जवाबी हमला बोला है. बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा कांग्रेस ने तय कर लिया है कि मीठा-मीठा गप गप, कड़वा कड़वा थू थू. यानी कि केंद्रीय एजेंसियां जिसकी तारीफ करती हैं उसको लेकर विपक्ष बात नहीं करता है और जिसमें केंद्रीय एजेंसियां प्रदेश सरकार की गड़बड़ी की रिपोर्ट भेजती है,वहां कांग्रेस सियासत करने लगती है. केंद्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट पर प्रदेश में तत्काल कार्रवाई होती है.
MP : कृषि मंत्री के ज़िले में 3 किसानों ने जहर पीया, फसल का भुगतान नहीं
हरदा . हरदा जिले के चौकड़ी गांव में तीन किसानों ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या की कोशिश की. हरदा प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल का ज़िला है.तीनों किसानों ने चौकड़ी समिति में समर्थन मूल्य पर चना बेचा था. परिवार का कहना है इसका भुगतान नहीं किया गया. अब तीनों का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है. जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बतायी जा रही है. किसानों के परिवार ने बताया फसल का भुगतान नहीं होने से सब परेशान थे. अधिकारियों से गुहार लगायी पर कुछ नहीं हुआ. पुलिस ने बताया कि पुलिस मौजूदगी में एक किसान ने कीटनाशक पिया उसके बाद दो किसान और आए. सहकारी विभाग का कहना है चौकड़ी समिति में चना खरीदी में फर्जीवाड़ा हुआ था.जिसकी जांच चल रही है. 31 किसानों का भुगतान रुका हुआ है. लेकिन उनमें इन किसानों का नाम शामिल है या नहीं रिकॉर्ड देखकर बता पाएंगे. भुगतान बकाया कीटनाशक पीने वाले तीनों किसान सूरज निवासी नीमगांव,संदीप निवासी धनगांव और परमानंद निवासी सारंगपुर ने चौकड़ी सहकारी समिति में समर्थन मूल्य पर चना बेचा था. लेकिन पांच महीने बाद भी इन्हें फसल का पैसा नहीं दिया गया. इन किसानों ने तीन दिन पहले ही आवेदन देकर प्रशासन को चेतावनी दी थी. लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर इन लोगों ने आत्मघाती कदम उठा लिया. जब किसान यह कदम उठा रहे थे उस समय पुलिस भी मौजूद थी लेकिन वो मूकदर्शक बनी रही. परिवार का कहना है सहकारी विभाग ने भुगतान रोका है. कई बार आवेदन दिए लेकिन आज तक भुगतान को लेकर कोई प्रयास नहीं हुए. 31 पात्र किसानों का भुगतान बाकी सहकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चौकड़ी समिति समर्थन मूल्य की चना खरीदी में फर्जीवाड़ा हुआ था. समिति में 33 हजार 339 क्विंटल चने की खरीदी के बिल बनाये गए थे. जांच में 28 हजार 156 क्विंटल स्टॉक मिला था. लगभग ढाई करोड़ रूपये के 5200 क्विंटल की फर्जी खरीदी समिति में हुई थी. इसमें अपात्र 71 किसानों के 145 फर्जी बिल बने थे. सहकारिता विभाग ने 2804 क्विंटल चने की सूची जिनमे गलत बिल बने थे खाद्य विभाग को डिलीट करने के लिए दी थी. इसी सूची में सूरज विश्नोई का नाम था. 1170 क्विंटल चने के फर्जी बिलों का 54 लाख रूपये का भुगतान 38 फर्जी किसानों को हो गया था. जिसकी वसूली की जा रही है. जांच के बाद अब पात्र 31 किसानों का भुगतान बाकी है.
CM शिवराज की सभा में सिंधिया के खिलाफ जबर्दस्त नारेबाजी, स्वयंसेवकों ने किया हंगामा
भोपाल. मध्य प्रदेश में 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ सभाएं कर रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया को जगह-जगह विरोध का सामना करना पड़ रहा है. आज अशोक नगर की सभा में सिंधिया के खिलाफ RSS स्वयंसेवकों ने हंगामा किया. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया अशोक नगर, मुंगावली और डबरा के दौरे पर गए. चौहान और सिंधिया अशोक नगर के राजपुर की सभा में पहुंचे. इसी दौरान मुख्यमंत्री की सभा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघके कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर दिया. ये लोग संघ प्रचारक चेतन भार्गव पर पिछले दिनों हुई FIR का विरोध कर रहे थे. सभा में इन लोगों ने संघ प्रचारक के खिलाफ FIR वापस लेने की मांग की और जमकर नारेबाजी की. पुलिस ने इन कार्यकर्ताओं को खदेड़ दिया. हालांकि इस दौरान दोनों पक्षों के बीच काफी धक्का-मुक्की भी हुई. वहीं, अशोक नगर में सिंधिया का विरोध भी देखने मिला. यहां बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जमा हुए और गद्दार सिंधिया वापस जाओ के नारे लगाए. बाद में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया
नहीं रहे बॉलीवुड के मशहूर गायक बालासुब्रमण्यम
मुंबई. 74 साल के सिंगर एसपी बालासुब्रमण्यम का शुक्रवार सुबह निधन हो गया। वे कोरोनावायरस संक्रमण से जूझ रहे थे। 5 अगस्त को हॉस्पिटल में एडमिट हुए बालू की हालत 48 घंटों से बेहद नाजुक बनी हुई थी और वे लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थे। कोरोना संक्रमण के कारण दोपहर एक बजे एसपी के फेफड़ों ने काम करना बंद कर दिया था। एसपी का पार्थिव शरीर देर शाम 6 बजे उनके घर पहुंचा। बालू का अंतिम संस्कार शनिवार को रेड हिल्स तमाराईपक्कम स्थित उनके फार्महाउस पर किया जाएगा। एसपी के परिवार में उनके बेटे चरण, पत्नी सावित्री, बहन शैलजा और बेटी पल्लवी हैं, जो एसपी की हालत बिगड़ने पर सुबह से ही हॉस्पिटल में थीं। पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित बालासुब्रमण्यम ने 6 भाषाओं में 40 हजार से ज्यादा गाने गाए। बॉलीवुड में कमल हासन, संजय दत्त और सलमान खान की रोमांटिक फिल्मों के सबसे लोकप्रिय गाने एसपी ने ही गाए हैं। इनमें सागर, एक-दूजे के लिए, साजन, मैंने प्यार किया और हम आपके हैं कौन सबसे ऊपर है। आखिरी बार 5 अगस्त को फैन्स को मैसेज दिया था एसपी इंस्टाग्राम पर 5 अगस्त को आखिरी बार फैन्स से रूबरू हुए थे। एक वीडियो पोस्ट कर उन्होंने कहा था, “दो-तीन दिनों से मुझे थोड़ी परेशानी हो रही थी। सर्दी और बुखार भी था। मैं इसे आसानी से नहीं लेना चाहता था। जब जांच करवाने के लिए अस्पताल गया तो डॉक्टरों ने कहा कि यह कोरोना का हल्का मामला है। उन्होंने मुझे घर पर रहने और दवा लेने के लिए कहा। लेकिन, मैं ऐसा नहीं करना चाहता था क्योंकि मेरा परिवार बहुत चिंतित है। मैं अस्पताल में भर्ती हो गया। दो दिनों में मैं ठीक हो जाऊंगा। मैं यहां आराम करने के लिए आया हूं, इसलिए आप सभी का कॉल नहीं रिसीव कर सकता। मेरी चिंता के लिए धन्यवाद।”
आचार संहिता से घबराई तो ताबड़तोड़ ट्रांसफर और घोषणाएं
भोपाल। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा था कि मध्य प्रदेश की सरकार ने उप चुनाव टालने के लिए प्रस्ताव भेजा है परंतु चुनाव स्थगित नहीं किए जा सकते इसलिए बिहार विधानसभा चुनाव के साथ मध्य प्रदेश के विधानसभा उपचुनाव कराए जाएंगे। इसके बाद जैसे ही आज चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस की सूचना आई, आचार संहिता से घबराई शिवराज सिंह सरकार ने ताबड़तोड़ ट्रांसफर और घोषणा कर डाली। इधर चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा का चुनाव कार्यक्रम घोषित किया परंतु मध्यप्रदेश के लिए 29 सितंबर 2020 की तारीख सुनिश्चित कर दी। मध्य प्रदेश के पुलिस मुख्यालय ने राज्य पुलिस सेवा के 90 अधिकारियों की ट्रांसफर लिस्ट आनन-फानन में जारी कर दी। इस लिस्ट में 19 एडिशनल एसपी और शेष एसडीओपी एवं डीएसपी रैंक के अधिकारी हैं। मजेदार बात यह है कि हड़बड़ाहट में गड़बड़ी भी हो गई। बैरसिया से नीतू ठाकुर का ट्रांसफर कर दिया, जिनका सालभर पहले तबादला हो चुका है। मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया सेल के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि मध्य प्रदेश की सौदे से बनी सरकार अपने अस्तित्व को बचाने के लिए कैसे-कैसे हथकंडे अपना रही है। इसका प्रमाण है सरकार की तबादला सूची। जैसे ही सरकार को यह पता चला कि चुनाव आयोग प्रेस ब्रीफिंग करने वाला है और किसी भी क्षण उपचुनाव घोषणा हो सकती है उसके ठीक 10 मिनट पहले लगभग पुलिस अधिकारियों के तबादले कर दिए गए हैं।
CM शिवराज सिंह को सूखी रोटी, ठंडी सब्जी और घटिया दाल खिलाई, खाद्य अधिकारी सस्पेंड
इंदौर। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सूखी रोटी, ठंडी सब्जी और घटिया दाल खिलाने वाले खाद्य अधिकारी मनीष स्वामी को सस्पेंड कर दिया गया है। इंदौर से रात 9 बजे रवाना हुए मुख्यमंत्री के लिए शाम 6 बजे ही खाना पैक करवा दिया गया था। करीब 4 घंटे बाद जब उन्होंने खाने का पैकेट खोला तो सीधे इंदौर कलेक्टर पर बरस पड़े। सीएम शिवराज सिंह चौहान इंदौर में कई विकास योजनाओं के शुभारंभ के लिए आए थे। उस दिन उन्हें शाम 6 बजे इंदौर पहुंचना था लेकिन रात को 8 बजे पहुंचे। लगातार कार्यक्रमों की वजह से उन्हें खाना खाने का मौका नहीं मिला। इसके साथ ही मौसम खराब होने की वजह से सीएम सड़क मार्ग से भोपाल लौटना था। उन्होंने खाना पैक करवा कर अपनी गाड़ी में रखवाने के निर्देश दिए थे। खाद्य अधिकारी ने शाम 6 बजे ही खाना पैक करवा दिया। सीएम रात 9 बजे इंदौर से निकले और पैक किया हुआ खाना ठंडा हो गया और रोटियां कड़ी हो गई थीं। इस पर सीएम नाराज हो गए। उन्होंने इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह से नाराजगी व्यक्ति की। प्रोटोकॉल का उल्लंघन होने के कारण खाद्य निरीक्षक मनीष स्वामी को निलंबित कर दिया गया है। मनीष स्वामी इंदौर में 10 साल से जमे हुए थे। कलेक्टर मनीष सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि प्रोटोकॉल के तहत जिस गुणवत्ता वाला खाना होना चाहिए था, उसमें चूक हुई है। इसलिए मनीष स्वामी पर कार्रवाई की गई है।
MP : BHOPAL में संक्रमित बैंककर्मी का शव लेकर भटकती रही बेटी, PPE किट भी नहीं
भोपाल। भोपाल के जेपी हॉस्पिटल 1250 में कोरोना संक्रमित एक महिला की मौत के बाद उनकी बेटी ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि अपने चाचा के साथ वह मां का शव लेकर भटकती रही। पहले तो इलाज में देरी की गई। ऑक्सीजन सप्लाई सही से नहीं हुई। अस्पताल प्रबंधन ने कोई जवाब नहीं दिया राजधानी भोपाल निवासी प्रियंका ने बताया कि वह अस्पताल से कलेक्टर और मंत्री के दरवाजे तक खटखटा आई, लेकिन मदद नहीं मिली। मौत के बाद भी उसकी मां को सुकून नहीं मिला और उन्हें यूं ही छोड़ दिया गया। परिजनों ने ही रात में शव को मोर्चरी में रखा। 43 साल की मां संतोष भोपाल कोऑपरेटिव सेंट्रल बैंक कोटरा सुल्तानाबाद ब्रांच में कार्यरत थीं। पिता की 8 साल पहले मौत के बाद मां को अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। वह 14 सितंबर को कोरोना पॉजिटिव हुई थीं। दो प्राइवेट अस्पतालों में उनसे 50-50 हजार महज 18 घंटे के अंदर ले लिए गए, लेकिन इलाज अच्छे से नहीं किया गया। मजबूर होकर मैं अपनी मां को एंबुलेंस में बिठाकर करीब 13 घंटे तक शहर में इधर से उधर घूमती रही, लेकिन कहीं भी उनकी मां को भर्ती नहीं किया गया। उन्होंने कलेक्टर से गुहार लगाई, तब जाकर जेपी अस्पताल में मां को भर्ती किया गया, लेकिन भर्ती करने के अलावा उनका किसी तरह का इलाज नहीं किया गया। मैं दिन भर अस्पताल के बाहर रहती थी। जरूरत पड़ने पर आईसीयू में जाकर मां की मदद करती थी। खाना-पीना भी उनकी तरफ से ही दिया जाता था। प्रियंका ने आरोप लगाया कि गुरुवार रात मां की मौत हो गई उसके बाद डॉक्टरों ने कहा कि अब तुम शव को ले जाओ। उन्होंने ना तो मां को पीपीई किट पहनाई और ना ही वार्डबॉय तक दिया। प्रियंका ने बताया कि इलाज में लापरवाही को देखते हुए वह मंत्री विश्वास सारंग से भी मिलने गई थी। उन्होंने आश्वासन दिया था कि वह दिखाते हैं, लेकिन उसके बाद भी कुछ नहीं हुआ। मां को काफी तकलीफ हो रही थी। शाम 4:00 बजे मां से मिली थीं। उस दौरान वे ठीक लग रही थीं। उन्होंने बताया कि बीच-बीच में ऑक्सीजन नहीं मिलती है। प्रियंका ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन उनसे ही ऑक्सीजन के सिलेंडर भी यहां से वहां रखवाया गया।
ग्वालियर में दंपति के साथ वहशीपन के 5 आरोपियों में से एक रईसजादा गिरफ्तार
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में गोविंदपुरी में दंपती के साथ हैवानियत करने वाले कार सवार सिरफिरे बदमाशों में से पुलिस ने एक को थाटीपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित ने पुलिस पूछताछ में कबूल किया है वही कार चला रहा था और उसी ने महिला के पति के सिर पर बोतल फोड़ी थी। अब पुलिस बदमाश के साथ रदात में शामिल अन्य आरोपितों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। सितंबर को जब सोशल मीडिया पर महिला के साथ सड़क पर बदसलूकी का वीडियो वायरल हुआ तब इस मामले ने तूल पकड़ा। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और 24 घंटे में एक आरोपित को हिरासत में ले लिया गया है। मंगलवार की सुबह पुलिस ने आरोपित विक्की सिंह उम्र 21 साल निवासी थाटीपुर को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट कार भी आरोपित के घर से बरामद हो गई है। आरोपित ने पुलिस पूछताछ में बताया कि कार में 5 लोग सवार थे और वह खुद गाड़ी चला रहा था। दंपती पर कमेंट किया तो पति ने उसका जवाब दिया, जिससे वह और उसके दोस्त भड़क गए। आरोपित ने यह भी कबूल किया कि उसी ने बीयर की बोतल महिला के पति के सिर पर फोड़ी थी और आंख को सिगरेट से जलाया था। पुलिस अन्य आरोपितों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने अब तक अधिकारिक रूप से इसका खुलासा नहीं किया है।
शिवराज बोले- कमलनाथ नालायक थे, अपनी जोड़ी को शिव-ज्योति एक्सप्रेस का नाम दिया
भोपाल. शिवपुरी जिले में पहली बार प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया एक साथ मंच पर दिखे। मुंगावली विधानसभा क्षेत्र में पिपरई और अशोकनगर विधानसभा क्षेत्र के राजपुर गांव में दोनों नेताओं ने अपनी इस जोड़ी तो शिव-ज्योति एक्सप्रेस का नाम दिया। करोड़ों रुपए के विकास कार्यो का लोकार्पण व शिलान्यास करने के बाद दोनों की नेताओं ने कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ व दिग्विजय सिंह पर जुबानी हमले किए। मुख्यमंत्री चौहान ने अशोकनगर को स्मार्ट सिटी बनाने का ऐलान किया। अगले साल अशोकनगर में कृषि महाविद्यालय खोलने का आश्वासन भी दिया। राजपुर में सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कमलनाथ जैसे मुख्यमंत्री का आचार डालेंगे क्या, जो अपने विधायकों की नहीं सुन रहे थे। इसलिए महाराज ने सरकार को सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा ग्वालियर में कमलनाथ ने बोला- शिवराज सिंह नालायक है, जबकि फसल बीमा का पैसा खाने वाले, कर्जामाफी की वादाखिलाफी, कई योजनाओं को बंद करने वाले कमलनाथ ही नालायक थे। मुख्यमंत्री चौहान ने पूर्व कांग्रेस सरकार से मिले खाली खजाने पर कहा कांग्रेस की नीति, नीयत और नेता ठीक नहीं हैं, इसलिए लक्ष्मीजी उनसे रूठीं थीं। मैं रोने वाला मुख्यमंत्री नहीं हूं, इसलिए खुलेआम बोल रहा हूं प्रदेश की खराब हालत को सुधारने कर्जा लूंगा और जब स्थिति सुधर जाएगी तो वापस कर दूंगा। मेरी जनता के साथ वादाखिलाफी करने वाले कमलनाथ और दिग्विजय सिंह गद्दार : राज्यसभा सांसद बनने के बाद पहली बार जिले में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा दिग्विजय सिंह और कमलनाथजी बोल रहे हैं कि जजपाल सिंह गद्दार है, ज्योतिरादित्य गद्दार है, लेकिन मैं कहता हूं कि जो नेता और जो सरकार मेरी जनता के साथ वादा खिलाफी और गद्दारी करेगी, उसके खिलाफ सिंधिया परिवार काम रखेगा। सिंधिया ने कहा कांग्रेस सरकार ने जनता के साथ वादाखिलाफी की तो प्रदेश की जनता के मान-सम्मान और विकास के लिए ज्योतिरादित्य ढाल बन गया। मोती-माधव एक्सप्रेस की तरह चलेगी शिव-ज्योति एक्सप्रेस मंच से दोनों की नेताओं ने अपनी इस नई जोड़ी को शिव-ज्योति एक्सप्रेस का नाम दिया। सिंधिया ने कहा कि जिस तरह 1980 में मोतीलाल वोरा जी और उनके पिताजी की जोड़ी को मोती-माधव एक्सप्रेस नाम दिया था, इसी तरह प्रदेश के विकास और प्रगति के लिए शिव-ज्योति एक्सप्रेस चलेगी। इस एक्सप्रेस के साथ चलने पर हर घर में खुशहाली आएगी।