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यूपी : गैंगरेप के बाद काटी थी जीभ, दलित लड़की की हालत नाजुक, वेंटिलेटर पर

अलीगढ़। यूपी के हाथरस जिले में हैवानियत का शिकार दलित लड़की जिंदगी और मौत से जूझ रही है। हैवानों ने गैंगरेप के बाद उसकी जीभ भी काट दी थी। उसके बाद वह एक हफ्ते से ज्यादा बेहोश रही थी। आरोप है कि 19 साल की दलित लड़की के साथ गांव के ही चार दबंग युवकों ने गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया था। इस मामले में पुलिस का रवैया कठघरे में है। सवाल उठने के बाद तीन आरोपियों को आनन-फानन में गिरफ्तार किया जा चुका है। मेडिकल परीक्षण में पता चला कि युवकों ने गैंगरेप के बाद पीड़िता की रीढ़ की हड्डी को तोड़ डाला था। पुलिस ने छेड़खानी के आरोप में इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी। 21 सितंबर को किशोरी के होश में आने के बाद की गई डॉक्टरी परीक्षण के दौरान मेडिकल रिपोर्ट में गैंगरेप की पुष्टि हुई। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। पीड़िता ने होश में आने पर यह भी बताया था कि आरोपियों ने उसकी जीभ काट दी थी, जिससे वह लोगों को घटना के बारे में ना बता सके। अब तक तीन आरोपी गिरफ्तार हाथरस पुलिस ने तीन आरोपियों को अब तक गिरफ्तार किया है। पीड़िता पिछले 13 दिनों से जिंदगी और मौत के बीच अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज में जूझ रही है। हालत बिगड़ने पर उसे आईसीयू में शिफ्ट करते हुए वेंटिलेटर पर रखा गया है। लगातार पीड़िता की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। 14 सितंबर को रेप का आरोप हाथरस के थाना चंदपा इलाके के गांव में 14 सितंबर को चार दबंग युवकों ने 19 साल की दलित लड़की के साथ बाजरे के खेत में गैंगरेप किया था। इस मामले में पुलिस ने लापरवाही भरा रवैया अपनाया। रेप की धाराओं में केस ना दर्ज करते हुए छेड़खानी के आरोप में एक युवक को हिरासत में लिया। इसके बाद उसके खिलाफ धारा 307 (हत्या की कोशिश) में मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के 9 दिन बीत जाने के बाद पीड़िता होश में आई तो अपने साथ हुई आपबीती अपने परिजनों को बताई। जब पीड़िता का डॉक्टरी परीक्षण हुआ तो इसमें गैंगरेप की पुष्टि होने के बाद हाथरस पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। गांव में ठाकुरों की दबंगई: परिजन पीड़िता के परिजनों ने बातचीत के दौरान बताया कि थाना चंदपा इलाके के इस गांव की जनसंख्या 450 के करीब है। इसमें 150 ठाकुर समाज के लोग और 150 के करीब ब्राह्मण समाज के लोग हैं। वहीं 150 के करीब अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोग हैं। परिजनों का कहना है कि गांव के अंदर ठाकुरों की दबंगई है। चारा काटते वक्त खेत में गैंगरेप 14 सितंबर को सोमवार सुबह साढ़े दस बजे दलित लड़की अपने मां और भाई के साथ पशुओं को चारा लेने के लिए खेतों पर घास लेने के लिए गई थी। उसी दौरान लड़की का भाई घास काटने के बाद चारा लेकर खेतों से घर चला गया था। इसके बाद पीड़िता की मां कुछ दूरी पर जाकर घास काटने लगी। उसी दौरान पीड़िता को अकेला पाकर गांव के रहने वाले चार युवक बाजरे के खेत में खींचकर ले गए। जिला अस्पताल से अलीगढ़ हुई थी रेफर गैंगरेप की घटना को अंजाम देते वक्त चिल्लाने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंची मां को देखने के बाद आरोपी युवक फरार हो गए थे। पीड़िता की हालत नाजुक होने पर इलाज के लिए उसे परिजन जिला अस्पताल ले गए थे। डॉक्टरों ने पीड़िता की गंभीर हालत देखते हुए अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। पीड़िता के हाथ-पैर काम नहीं कर रहे: डॉक्टर जेएन मेडिकल के डॉक्टरों का कहना है कि पीड़िता के दोनों हाथ और दोनों पैरों ने काम करना बंद कर दिया है। अब दलित लड़की की हालत बेहद ही नाजुक बनी हुई है। जेएन मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में वेंटिलेटर पर वह जिंदगी की जंग लड़ रही है।

कोरोना : राहत … अब एक्टिव केस कम हो रहे, 14 दिन पहले 9.73 लाख थे, अब 9.61 लाख

नई दिल्ली. देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़े अब कुछ राहत दे रहे हैं। बीते आठ में से सात दिनों में नए संक्रमितों से ठीक होने वालों की संख्या ज्यादा रही है। शुक्रवार को भी 85 हजार 465 संक्रमितों की पहचान हुई, जबकि 93 हजार 166 ठीक हो गए। इससे एक्टिव केस लगातार कम हो रहे हैं। 14 दिन पहले 12 सितंबर को 9.73 लाख एक्टिव केस थे, जबकि 25 सितंबर को यह 9.61 लाख हो गए। देश में अब तक 59 लाख 1 हजार 571 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें 48 लाख 46 हजार 168 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 93 हजार 410 मरीजों की मौत हो चुकी है। ओडिशा देश का 8वां राज्य हो गया है, जहां संक्रमितों की संख्या 2 लाख से अधिक हो चुकी है। शुक्रवार को यहां 4208 नए केस मिले। इसी के साथ संक्रमितों की संख्या 2 लाख 1 हजार 96 हो गई है। महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, उत्तरप्रदेश, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में संक्रमितों की संख्या 2 लाख से ज्यादा हो चुकी है। गुरुवार को रिकॉर्ड 14 लाख 92 हजार 409 लोगों की जांच हुई। कोरोना टेस्टिंग का यह आंकड़ा एक दिन में सबसे ज्यादा है। इसके पहले 19 सितंबर को 12 लाख लोगों की जांच हुई थी। 6.89 करोड़ जांच हो चुकी हैं। अब हर 10 लाख की आबादी में मरीजों के मिलने की संख्या बढ़ गई है। अब इतनी आबादी में 4210 लोग संक्रमित मिल रहे हैं। 20 सितंबर तक 4200 मरीज मिल रहे थे। इतनी ही आबादी में मरने वालों की संख्या भी 67 हो गई है। पीजीआई चंडीगढ़ में शुक्रवार से ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की कोरोना वैक्सीन कोवीशील्ड का ट्रायल शुरू हो गया है। यहां वैक्सीन का डोज लेने के लिए 400 वॉलंटियर्स ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

राजस्थान : 40 घंटे से हाईवे पर कब्जा, होटलों में लूटपाट, 30 वाहन फूंके, 700 पर केस

राजस्थान के डूंगरपुर में टीचर भर्ती में अनारक्षित पदों को आरक्षित करने की मांग को लेकर लगातार तीसरे दिन भी हिंसक प्रदर्शन जारी है। 40 घंटे से जयपुर. उदयपुर-अहमदाबाद हाईवे के 10 किमी इलाके में तनाव बना हुआ है। उपद्रवी हाईवे और आसपास की पहाड़ियों पर डटे हैं। शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने एक बार फिर हाईवे पर बनी होटलों और दुकानों में तोड़फोड़-लूटपाट की। 30 वाहनों में आग लगा दी। अब तक 700 लोगों पर केस दर्ज किया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कुछ लोग बाइक पर आए थे, आंखों के सामने हमारी दुकान लूटकर ले गए। साथ ही वहां बने एक स्कूल में भी तोड़फोड़ की गई। एक्शन मोड में पुलिस एक्शन में आई पुलिस उपद्रवियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर रही है। 700 लोगों को नामजद भी किया गया है। प्रदर्शन के दौरान 7 कंटेनरों समेत 30 वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। जयपुर ग्रामीण एसपी शंकर दत्त शर्मा को स्पेशल ड्यूटी पर लगाया गया है। रात 2 बजे तक पथराव, जलते रहे टायर डूंगरपुर सीमा के मोथली मोड़ पर भारी संख्या में पुलिसबल तैनात है। खेरवाड़ा से उदयपुर रोड पर ढाई किमी दूर टोल प्लाजा से सटे हाईवे पर देर रात तक पहाड़ियों से वाहनों पर पथराव हुआ। पत्थर राहगीरों को भी लगे। टायर भी जलाए गए। क्या चाहते हैं प्रदर्शनकारी? प्रदर्शन करने वाले शिक्षक भर्ती के अनारक्षित 1167 पदों को एसटी वर्ग से भरने की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर कांकरी डूंगरी पहाड़ी पर 17 दिन से प्रदर्शन चल रहा था। शुक्रवार को उदयपुर-अहमदाबाद हाईवे पर प्रदर्शन अराजकता की हदें पार कर गया। प्रदर्शनकारियों ने हाईवे के 10 किमी तक के इलाके को कब्जे में ले लिया। पिछले 40 घंटे के अंदर करोड़ों की संपत्ति फूंक डाली। मकानों में भी तोड़फोड़-लूटपाट की गई। गुस्सा क्यों भड़का? कैंडिडेट 7 सितंबर से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने बातचीत कर उन्हें समझाया कि यहां पर पड़ाव न डालें। फिर भी प्रदर्शन जारी रहा। बिछीवाड़ा पुलिस ने कोविड महामारी के नियम तोड़ने और गैर जमानती धारा में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए थे। इसको लेकर कैंडिडेट का गुरुवार से गुस्सा भड़क उठा।

कार की MP : लाइट से हेलीकॉप्टर लैंडिंग, सीएम शिवराज, सिंधिया और नरोत्तम थे सवार

मुरैना: सीएम शिवराज सिंह चौहान के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के दौरान लापरवाही की खबर सामने आई है। दरसअल अंधेरा होने चलते के हेलीपेड पर खड़े कार की लाइट से हेलीकॉप्टर की लैंडिंग कराई गई है। बताया जा रहा है कि इस दौरान हेलीकॉप्टर सीएम शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया और गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा मौजूद थे। बता दें कि प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर रानीतिक दलों के नेता लगातार चुनावी क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कुर्सी पर कब्जा बरकार रखने के लिए सीएम शिवराज सिंह चौहान भी ऐड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं, वे भी लगातार ग्वालियर चंबल अंचल का दौरा कर रहे हैं।

MP : किसान कर्ज माफी पर फंसी शिवराज सरकार, विधानसभा में पेश जवाब से मुश्किल

भोपाल. मध्य प्रदेश विधान सभा में रिपोर्ट पेश कर खुद शिवराज सरकार इस मामले में फंस गयी है.रिपोर्ट कह रही है कि कमलनाथ सरकार ने अपने चुनावी वादे के मुताबिक 51 ज़िलों में किसानों का कर्ज माफ किया. विधानसभा में रिपोर्ट पेश करने वाले प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल अब कह रहे हैं कि सरकार इस मसले पर श्वेत पत्र लाएगी. कमलनाथ सरकार में किसान कर्ज माफी को लेकर प्रदेश की मौजूदा सियासत पूरी तरीके से गर्म है. विधानसभा में कमलनाथ सरकार के किसान कर्ज माफी का कबूलनामा पेश करने के बाद भी प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल के तेवर नरम नहीं पड़े हैं. वो अब भी कांग्रेस पर हमलावर हैं. कमल पटेल अब कह रहे हैं कि विधानसभा में जो आंकड़े पेश किए गए थे, वो सही हैं. कलेक्टरों ने कर्ज माफी के पोर्टल से आंकड़े डाले थे. लेकिन हकीकत में किसानों की कर्ज माफी हुई ही नहीं. कृषि मंत्री कमल पटेल अपने बचाव में कई तर्क दे रहे हैं. वो कह रहे हैं कि झाबुआ जिले में उपचुनाव के कारण कर्ज माफी की गई. लेकिन बाकी जिलों में किसी किसान का कर्जा माफ नहीं हुआ. पिछली सरकार ने किसान कर्ज माफी के नाम पर सिर्फ 6 हजार 420 करोड़ की राशि का प्रावधान किया था. उनका आरोप है कि कांग्रेस किसान कर्ज माफी के मुद्दे पर प्रदेश की जनता को गुमराह कर रही है. कांग्रेस को आइना दिखाने के लिए उनकी सरकार श्वेत पत्र जारी करेगी. वो अब उल्टा कांग्रेस नेताओं पर कर्ज माफी के नाम पर किसानों के साथ धोखाधड़ी का आरोप लगा रहे हैं. पटेल यहां तक कह गए कि राहुल गांधी और कमलनाथ को 24 घंटे के अंदर माफी मांगनी चाहिए. अगर वो माफी नहीं मांगेंगे तो उनके खिलाफ 420 का मामला दर्ज किया जाएगा. कांग्रेस ने कृषि मंत्री कमल पटेल पर जवाबी हमला बोला है. कांग्रेस प्रवक्ता अभय दुबे ने कहा विधानसभा और आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि कांग्रेस की कमलनाथ सरकार में किसानों का कर्जा माफ हुआ है.प्रदेश में 27 लाख किसानों का 15 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्जा माफ हुआ है.

MP : बीमार मां को लेकर बच्चे 3 अस्पतालों में 2 दिन भटके; चौथे दिन बेड मिला, मौत

भोपाल। कोरोनाकाल में इंसानियत भी मरती जा रही है। प्राइवेट अस्पताल हों या सरकारी, सभी जगह बेपरवाह सिस्टम अब लोगों को मार रहा है। भोपाल के कोलार की 43 साल की संतोष रजक इसी बेपरवाही का शिकार हो गईं। वे दो दिन अस्पतालों में आईसीयू बेड के लिए भटकीं। जैसे-तैसे बेड मिला तो ठीक से इलाज नहीं हो पाया। अंत में उन्होंने गुरुवार को दम तोड़ दिया। बंसल में एक रात के इलाज का 41 हजार रु. बिल भरा 12 सितंबर की शाम करीब 6 बजे मां को सांस लेने में परेशानी हुई तो हर्ष उन्हें सिद्धांता अस्पताल ले गया। यहां हार्ट अटैक के लक्षण बताए तो हम रात 10 बजे बंसल अस्पताल ले गए। यहां कोरोना का सैंपल लिया गया तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। यहां कोविड आईसीयू बेड नहीं हैं, इसलिए अगले दिन दोपहर तीन बजे हमें एंबुलेंस से जेके अस्पताल भेज दिया गया। बंसल में एक रात के इलाज का हमने 41 हजार रु. बिल भरा। जेके में भी आईसीयू बेड खाली नहीं थे, तो उन्होंने भर्ती नहीं किया। जेके से हमें हमीदिया भेजा, तो वहां रात 9 बजे तक हम बेड का इंतजार करते रहे, लेकिन बेड खाली नहीं होने का कहकर हमें लौटा दिया। फिर हमने पीपुल्स अस्पताल में फोन लगाया तो पता चला, वहां आईसीयू बेड खाली हैं। हम रात 10:20 बजे पीपुल्स हॉस्पिटल पहुंचे। यहां मरीज को भर्ती करने के पहले पांच दिन के 50 हजार रु. जमा करा गए। यहां इलाज महंगा पड़ता, इसलिए 14 की सुबह हमने कलेक्टर अविनाश लवानिया को आवेदन किया। उनके दखल के बाद मां को 14 सितंबर को दोपहर में जेपी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया। लेकिन, यहां भी इलाज के नाम पर खानापूर्ति हुई। मां की डेथ हुई, तब भी किसी ने हाथ नहीं लगाया यहां रात में अक्सर ऑक्सीजन की सप्लाई बंद हो जाती है, कोई सुनता नहीं है। ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म होने पर मरीज के परिजन दूसरे वार्ड से खुद ही लाते हैं। 10 दिन इलाज के बाद जब गुरुवार को मां की डेथ हुई, तब भी किसी ने हाथ नहीं लगाया। हमें आईसीयू में बुलाकर पीपीई किट थमा दी और कहा- खुद पहन लो और अपनी मां को पहना दो। मेरे भाई और परिजनों ने पीपीई किट पहनकर मां को पैकिंग बैग में रखा, फिर उन्हें एंबुलेंस से विश्राम घाट लेकर गए।  

IPL 2020 : क्यों मिली चेन्नै को दिल्ली से हार, 5 सवाल कर रहे धोनी को परेशान

दुबई। चेन्नै सुपर किंग्स को इंडियन प्रीमियर लीग 2020 में लगातार दूसरे मैच में हार का सामना करना पड़ा है। दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 44 रन से हरा दिया। दिल्ली ने पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर 3 विकेट पर 175 का स्कोर बनाया। मैच की पहली पारी के बाद बढ़त चेन्नै को लग रही थी लेकिन उसके बल्लेबाज लगातार दबाव में आते गए और आखिर में टीम 7 विकेट पर सिर्फ 131 रन ही बना सकी। अभी हालांकि आईपीएल 2020 का शुरुआती चरण है लेकिन तीन बार की चैंपियन टीम की कुछ खामियां सामने नजर आने लगी हैं। टीम के सामने कुछ सवाल हैं जिनका जवाब उन्हें जल्दी ही तलाशना होगा। ओपनर्स का लचर प्रदर्शन धोनी ने मैच के बाद प्रजेंटेशन में कहा कि टीम को पारी की शुरुआत में दम दिखाने की जरूरत है। शेन वॉटसन और मुरली विजय की जोड़ी ने 4.2 ओवरों में सिर्फ 23 रन जोड़े। दोनों ही बल्लेबाज विकेट पर गेंद की रफ्तार के साथ तालमेल नहीं बैठा पाए। उनकी टाइमिंग नहीं बैठ रही थी। न तो दोनों बल्लेबाज बड़े शॉट खेल पा रहे थे और न ही आसानी से छोर ही बदल रहे थे। टीम की निर्भरता फाफ डु प्लेसिस पर बहुत ज्यादा हो गई है और उसे इस बारे में सोचना होगा। पावरप्ले में जहां दिल्ली ने 36 रन बनाए वहीं चेन्नै ने उन्हीं शुरुआती छह ओवरों में 34 रन के स्कोर पर दो विकेट खो दिए थे। स्पिनर्स को नहीं भुना पाए चेन्नै और दिल्ली के स्पिनर्स को देखें तो लगता है कि उन्होंने सबसे ज्यादा अंतर डाला। दिल्ली के दोनों स्पिनर्स अक्षर पटेल और अमित मिश्रा ने कसी हुई गेंदबाजी की और चेन्नै के बल्लेबाजों पर लगाम लगाए रखी। उन्होंने चेन्नै के बल्लेबाजों को हिट करने के लिए लेंथ और लाइन नहीं दी। पटेल ने चार ओवरों में 18 और मिश्रा ने 23 रन दिए। धोनी जो एक ट्रिक मिस कर गए कि बीच के ओवरों में जहां रुतुराज गायकवाड़ को बल्लेबाजी करने भेजा था उसके स्थान पर वह किसी बाएं हाथ के बल्लेबाज को भेज सकते थे। बाएं हाथ के स्पिनर पटेल और लेग स्पिनर मिश्रा के खिलाफ बाएं हाथ का बल्लेबाज अधिक प्रभावी साबित हो सकता था। धोनी के पास सैम करन और रविंद्र जडेजा जैसे बल्लेबाज थे। अंत के लिए बहुत ज्यादा छोड़ना चेन्नै को आखिरी 5 ओवर में करीब 80 रन चाहिए थे। चेन्नै की टीम कई बार ऐसा कमाल कर चुकी है और शायद दिल्ली का टीम प्रबंधन इस बात को अच्छी तरह जानता था कि धोनी इसे दोहरा सकते हैं। ऐसे में उन्होंने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में शुमार कगिसो रबाडा को बचाकर रखा। रबाडा ने धोनी को पहले भी परेशान किया है और इस मैच में उन्होंने दिखाया कि उनकी बोलिंग पर रन बनाने आसान नहीं हैं। वह सटीक लाइन और लेंथ के साथ रफ्तार का कॉम्बिनेशन लेकर उतरते हैं जो उन्हें काफी घातक बना देता है। धोनी का बल्लेबाजी क्रम में नीचे आना धोनी लगातार सातवें स्थान पर बल्लेबाजी करने आ रहे हैं। हालांकि उनका कहना है कि वह अभी एक्सपेरीमेंट कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने काफी समय से बल्लेबाजी नहीं की है। इन्हीं सब कारणों के चलते वह नीचे आ रहे हैं। पर धोनी जैसे बल्लेबाज के लिए इतना नीचे बैटिंग करना ठीक नहीं हैं। किसी भी लड़ाई को पीछे से लड़कर नहीं जीता जा सकता। धोनी ने कहा भी मिडल ऑर्डर में दम कम है तो ऐसे में उन्हें चाहिए कि खुद ऊपर आएं और जिम्मेदारी लें। रनों का पीछा करते हुए खास तौर पर चेन्नै को ऐसे खिलाड़ियों की दरकार है जो रनगति को बनाए रख सकें। पहले गेंदबाजी चुनना चेन्नै सुपर किंग्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। हालांकि धोनी का तर्क था कि बाद में ओस पड़ती है और ऐसे में बल्लेबाजी आसान हो जाती है। गेंद बल्ले पर अच्छी तरह आती है। इसके अलावा सामने वाली टीम के स्पिनर्स के लिए गेंद को ग्रिप करना भी मुश्किल होता है। लेकिन दोनों मौकों पर यह दांव काम करता नजर नहीं आया। दिल्ली के स्पिनर्स ने न सिर्फ सटीक गेंदबाजी की बल्कि इतनी ओस भी नहीं पड़ी जो चेन्नै के बल्लेबाजों को मदद करे। बाकी उनकी टीम ने शुरुआत में ही इतना दबाव ले लिया कि रन बनाने उन्हें मुश्किल नजर आने लगे। इसके अलावा अगर आप अभी तक हुए सात मैचों को देखें तो सिर्फ पहले मैच (मुंबई इंडियंस बनाम चेन्नै सुपर किंग्स) को छोड़ दें तो बाकी सभी मैचों में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को ही जीत मिली है। यूएई में पिचें धीमी हैं और एक पारी के बाद उन पर स्ट्रोक खेलना और ज्यादा मुश्किल हो जाता है। ऐसे में अभी तक के हालात से पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ही फायदे में नजर आ रही है।

सीएम शिवराज कर रहे दनादन घोषणाएं, भारत सरकार का बजट भी कम पड़ जायेगा

भोपाल। मध्य प्रदेश में उपचुनाव के माहौल में घोषणाओं और आरोप-प्रत्यारोपों का सिलसिला भी तेज हो गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जहां राज्य के अलग-अलग हिस्सों में विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और भूमिपूजन कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस इन्हें चुनावी घोषणाएं बता कर खारिज कर रही है। शुक्रवार को पूर्व सीएम कमलनाथ ने तंज कसा कि शिवराज जितनी घोषणाएं कर रहे हैं, उन्हें पूरा करने के लिए भारत सरकार का केंद्रीय बजट भी कम पड़ जाएगा। कमलनाथ ने एक बयान जारी कर कहा कि शुक्रवार को भी शिवराज प्रदेश के सागर, गुना व साँची के दौरे पर थे। वे पिटी हुई पिक्चर से झूठ का ट्रेलर दिखाते रहे, लेकिन जनता इनकी झूठ की पूरी पिक्चर पहले ही देख चुकी है। इसीलिये जनता ने उन्हें घर बैठाया था। अपने भाषणों में वे इतना झूठ बोल रहे हैं और इतनी झूठी घोषणाएं कर रहे हैं कि झूठ भी शर्मा रहा है। शिवराज की यदि रोज की करोड़ों रुपये की घोषणाओं का हिसाब लगाया जाए तो भारत सरकार का बजट भी कम पड़ जाए। कमलनाथ ने बताया कि किसान हर दौरे में अपनी खराब फसलें दिखाकर मुख्यमंत्री को आइना दिखा रहे हैं। इसका मुआवजा उन्हें आज तक नहीं मिला, जबकि शिवराज ने बड़े-बड़े दावे किए थे। प्रदेश की स्थिति यह है कि कर्मचारियों का डीए, एरियर, वेतनवृद्धि से लेकर सब कुछ आर्थिक संकट का हवाला देकर रोका जा चुका है। आज किसान राहत की मांग कर रहा है, युवा रोज़गार मांग रहा है, भोपाल में रोज हर वर्ग अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहा है, लेकिन आर्थिक संकट का हवाला देकर उन्हें अनसुना किया जा रहा है। दूसरी ओर, शिवराज रोज करोड़ों रुपए की झूठी घोषणाएं कर रहे हैं। कमलनाथ ने कहा है कि बीजेपी के लोग ही शिवराज को घोषणावीर बताते हैं। प्रदेश की जनता रोज उनकी झूठी घोषणाओं को देख रही है। एक तरफ वे अपने भाषणों में बार-बार कह रहे हैं कि प्रदेश का खजाना खाली है तो दूसरी तरफ करोड़ों रुपए की झूठी घोषणाए सिर्फ़ जनता को चुनाव में गुमराह करने के लिए कर रहे हैं। जनता समझती है कि ये सब चुनावी घोषणाएं है जो कभी पूरी नहीं होंगी। जनता उनकी 15 वर्ष की आज तक पूरी नहीं हुई हज़ारों झूठी घोषणाओं की हक़ीक़त भी जानती है। कमलनाथ ने अपनी सरकार का बचाव करते हुए यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार ने किसानों का कर्जा माफ किया। इसे खुद बीजेपी सरकार ने विधानसभा में लिखित रूप में स्वीकार किया, लेकिन इसको लेकर आज भी शिवराज- सिंधिया की जोड़ी झूठ परोस रही है। हमने कभी संबल योजना बंद नहीं की, उल्टा हमने शिवराज सरकार से ज्यादा हितग्राहियों को लाभ दिया। हमने कन्या विवाह योजना की बढ़ी हुई राशि हितग्राहियों को प्रदान की। अतिवृष्टि व बाढ़ में किसानों को तत्काल मुआवजा प्रदान किया। मैंने शिवराज की तरह बाढ़ पर्यटन नहीं किया और खराब फसलों को हाथ में लेकर खेतों में फोटो नहीं खिंचाये। मैंने तो किसानों को वास्तविक मुआवजा व सहायता प्रदान कर राहत प्रदान की लेकिन शिवराज और उनके साथ सिंधिया इन योजनाओं को लेकर झूठ परोस रहे हैं।

शिवराज -सिंधिया की जोड़ी सागर में, वहां जय कमलनाथ तो यहां जय श्रीराम

सागर। सुरखी विधानसभा के जैसीनगर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान , सिंधिया के साथ पहुंचे। यहां दोनों की जोड़ी ने सिंधिया-समर्थक और प्रदेश शासन में परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को जिताने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी। शिवराज ने कई विकास योजनाओं का ऐलान किया तो सिंधिया ने कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की पोल खोली। खास बात यह रही कि सिंधिया ने भी राम के नाम पर वोट मांगे। आगामी उपचुनावों की चर्चा करते हुए सिंधिया ने कहा, वहां जय कमलनाथ है तो यहां जय श्रीराम। हालांकि, कोरोना का कहर झेल रहे सागर जिले की जैसीनगर में जनता को अपने नेताओं का घंटों इन्तज़ार करना पड़ा। प्रोटोकॉल के मुताबिक दो से ढाई बजे के बीच पहुंचने की सूचना के चलते लोग इंतज़ार करते रहे। वहीं मुख्यमंत्री करीब पौने चार बजे सभा स्थल पर पहुंचे। सभा में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कम दिखा, लेकिन शिवराज सिंह चौहान ने जमकर घोषणाएं ज़रूर की। इससे पहले तीन बार सुरखी विधानसभा क्षेत्र में उनका कार्यक्रम बारिश के चलते रद्द हो चुका था। मुख्यमंत्री ने पानी, बिजली, नगर पंचायत, सड़कों के निर्माण और कॉलेज खोलने की घोषणाएं की। शिवराज ने लोगों से कहा कि कमलनाथ सरकार में आपने पैसों का रोना देखा है लेकिन बीजेपी सरकार कर्ज लेकर भी जनता की जरूरतों को पूरा करेगी। उन्होंने कहा- कहीं से भी लाऊंगा चाहे, उधार लूंगा लेकिन किसानों को परेशानी नहीं होने दूंगा। सिंधिया ने अपने संबोधन में लोगों से कहा कि 2018 में भी मैं गोविंद सिंह राजपूत की जीत के लिए आपके पास आया था। आपने इन्हें जिताया और ये मंत्री भी बने, लेकिन जो सरकार बनी, उसने विकास की जगह भ्रष्टाचार की नई लकीर खींच दी। परिवहन मंत्री को गोविंद संबोधित करते हुए सिंधिया ने लोगों से उन्हें फिर से जिताने की अपील की। सिंधिया ने मंच पर मौजूद सीएम शिवराज की जमकर तारीफ की तो पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को जमकर कोसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सीएम हमेशा खजाना खाली होने का रोना रोते थे, लेकिन शिवराज सिंह चौहान ने गरीबों और किसानों के लिए खजाना खोल दिया है। कमलनाथ की सरकार पर अपने वादे पूरे नहीं करने का आरोप भी उन्होंने लगाया।

MP : सिंधिया बोले – भ्रष्टाचार ने तबाह कर दिया, प्रियंका के रोड शो से फर्क नहीं

अशोकनगर। बीजेपी सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दावा किया है कि मध्य प्रदेश में होने वाले उपचुनावों में बीजेपी सभी सीटें जीतेगी और कांग्रेस के लिए प्रियंका गांधी के प्रचार करने से भी इस पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। बता दें कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी जल्द ही दतिया जिले में पीतांबरा पीठ के दर्शन करने के लिए जाने वाली हैं। इस दौरान वे स्थानीय नेताओं से मिलने के अलावा रोड शो का भी कार्यक्रम है। एमपी में अशोकनगर जिले के राजपुर पहुंचे सिंधिया ने कहा कि यदि प्रियंका गांधी मध्य प्रदेश विधानसभा की 28 सीटों के लिए होने वाले आगामी उपचुनाव में अपनी पार्टी के प्रत्याशियों के लिए ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में चुनाव प्रचार करतीं हैं, तो भी बीजेपी को जीतने में कोई कठिनाई नहीं होगी। सिंधिया ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘ये मेरा मध्य प्रदेश एवं मेरा ग्वालियर-चंबल संभाग सबका स्वागत करता है।’ उनसे मध्य प्रदेश विधानसभा के आगामी उपचुनाव में, विशेष रूप से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में प्रियंका गांधी द्वारा चुनाव प्रचार करने की संभावनाओं पर सवाल पूछा गया था। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र सिंधिया का गढ़ कहलाता है और प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में से 16 सीटें इसी इलाके में आती हैं। सिंधिया ने कहा कि सभी 28 सीटों पर बीजेपी का परचम लहराएगा और आगे आने वाले वर्षों में हम प्रदेश को विकास के रास्ते पर ले जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कमलनाथ के नेतृत्व वाली 15 महीने की पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत सरकार ने भ्रष्टाचार कर प्रदेश को तबाह कर दिया था, लेकिन अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान फिर से प्रदेश को विकास के मार्ग पर ले जाएंगे।

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