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MP : सभा में सीएम शिवराज सिंह के सामने रोने लगे भाजपा प्रत्याशी गोविन्द सिंह राजपूत

सागर। सुरखी से भाजपा प्रत्याशी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ग्राम सीहोरा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने भाषण देते समय मंच से रो दिए। उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते चुनाव 6 महीने के बाद हो रहे हैं, इसलिए आज मैंने अपना इस्तीफा राज्यपाल को भेज दिया है। मगर मुझे कोई दुख नहीं है, क्योंकि मुझे मालूम है की जनता जिताने वाली यहां बैठी है और मंत्री बनाने वाले यहां बैठे हैं ( मुख्यमंत्री की ओर इशारा करते हुए)। जब से मैं भाजपा में आया हूं मैंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से नम्रता, लोगों से मिलने-जुलने का ढंग सीखा है। भाजपा में आकर मैंने दल ही नहीं दिल भी बदला है। चार बार के मुख्यमंत्री होने के बाद भी उनकी सहजता, जनता से दोनों हाथ जोड़कर घुटनों के बल प्रणाम करने का जब फोटो देखा तो मेरी आंख में आंसू आ गए (आंसू पूछते हुए)। मैं जनता को दोनों हाथ जोड़कर प्रणाम करता हूं। जाने-अनजाने में गोविंद सिंह से कोई गलती हुई हो क्षमा करें। (दूसरी बार आंसू पोंछे) गोविंद सिंह ने कहा कि मैं विकास ही नहीं लोगों के व्यक्तिगत काम भी उनके पास जाकर कराऊंगा। यह वचन मैं आपको देता हूं (तीसरी बार आंसू पोछे)। उन्होंने कहा कि मेरी आंखों में आंसू दुख नहीं खुशी के हैं। मुझे ऐसे आदमी के साथ काम करने का अवसर मिला है जिसके पास विकास की सोच है। कांग्रेस की सरकार में मैं सुरखी के लिए 15 माह में 5 पैसे भी नहीं ला सका और शिवराज सिंह चौहान ने 500 करोड़ रुपए के कार्य न सिर्फ स्वीकृत किए बल्कि कई काम भूमिपूजन होने के बाद शुरू भी हो गए हैं।

कोरोना को आमंत्रण : सीएम शिवराज की चुनावी जनसभा में मंच पर ही सोशल डिस्टेंसिंग उडीं धज्जियां

छतरपुर। बड़ामलहरा विधानसभा उप चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चुनावी सभा की। क्षेत्र की जनता से पार्टी प्रत्याशी प्रद्युम्न सिंह को जिताने के लिए समर्थन मांगते हुए उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर जमकर प्रहार किए। उन्होंने कमलनाथ को सेठ की उपमा देते हुए गरीबों के नाम का सबकुछ खा जाने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का हैलीकॉप्टर निर्धारित समय से एक घंटे देर से दोपहर 1 बजे बड़ामलहरा से 8 किलाेमीटर दूर टोल प्लाजा के पास बने हैलीपैड पर उतरा। यहां से कार में सवार होकर मुख्यमंत्री अपने काफिले के साथ सभा स्थल पहुंचे। यहां स्वागत की औपचारिकता के बाद उन्होंने अपना भाषण शुरू किया। उन्होंने अपने 30 मिनट के भाषण में कांग्रेस पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को जमकर कोसा। भाषण समाप्त होने पर 1 बजकर 53 मिनट पर वह कार में सवार होकर हैलीपैड के लिए रवाना हो गए। कार्यकर्ता तो दूर नेता भी मास्क पहने बगैर मंच पर चढ़ गए सीएम के कार्यक्रम में हजारों की संख्या में उनके समर्थक और आम लोग पहुंचे। लेकिन इस कार्यक्रम में शासन प्रशासन की कोरोना गाइड लाइन और हेल्थ एडवाइजरी का कहीं भी पालन होते नहीं दिखा। भीड़ में मौजूद लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान ही नहीं रखा। वहीं अधिकांश चेहरे बिना मास्क के नजर आए। कार्यक्रम के दौरान ऐसा प्रतीत हुआ मानो कभी कोरोना हमारे क्षेत्र में आया ही नहीं। मंच पर बैठे कई नेताओं के चेहरों पर भी मास्क नजर नहीं आया। यह नेता रहे मंचासीन: इस मौके पर भाजपा प्रत्याशी प्रद्युम्न सिंह लोधी के अलावा प्रदेश के मंत्री गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री और विधानसभा प्रभारी हरिशंकर खटीक, खरगापुर विधायक राहुल लोधी, पूर्व मंत्री ललिता यादव, पूर्व विधायक रेखा यादव, मंचासीन रहे।

MP : कांग्रेस की चुनावी जनसभा में सोशल न डिस्टेंसिंग और न चेहरे पर मास्क

सागर। राहतगढ़ में बुधवार को कांग्रेस की आम सभा हुई। सभा में पूर्व मंत्री जीतू पटवारी और युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक कुणाल चौधरी शामिल हुए। मंच पर एक बार फिर पूरी कांग्रेस मजमा लगाए रही। सोशल डिस्टेंसिंग नहीं थी,चेहरे से मास्क भी गायब थे। सभा में कांग्रेस प्रत्याशी पारुल साहू ही नहीं पहुंचीं। उनका कहना है कि मतदान की तारीख नजदीक हैं। ऐसे में मतदाताओं के बीच पहुंचना ही मेरा लक्ष्य है। उधर, ग्वालियर हाईकोर्ट ने कोरोना गाइडलाइन को लेकर हो रहे उल्लंघन लेकर नाराजगी जाहिर की है। इसमें कोर्ट ने कहा है कि सभा कराने वाले राजनीतिक दलों व प्रत्याशी को शपथ पत्र देकर बताना होगा कि सभा शुरू होने के पहले लोगों को मास्क देने व सैनिटाइज कराने की जवाबदेही उसी की होगी। सुरखी को दगा देकर भाजपा में चले गए: जीतू सभा में पूर्व मंत्री पटवारी ने कहा कि जिस व्यक्ति और परिवार को 40 साल तक कांग्रेस पार्टी ने मजबूत बनाया। वहीं व्यक्ति कांग्रेस पार्टी और सुरखी की जनता को दगा देकर भाजपा के साथ खड़ा हो गया। भाजपा की चालों से हम नहीं डरेंगे: कुणाल युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुणाल चौधरी ने कहा कि बिजली के बिलों की दर 1 रुपए यूनिट करना, कन्यादान राशि को बढ़कर 51000 करना क्या गुनाह है। भाजपा की चालों से न तो डरेगी और न पीछे हटेगी। अपना गुनाह खुद ही दिखने लगा: लखन पूर्व मंत्री और सुरखी विधानसभा चुनाव के प्रभारी लखन घनघोरिया ने कहा कि सुरखी क्षेत्र की जनता को धोखा देकर उनका वोट बेचने वालों की कलई खुलकर सामने आ गई है। उनको अपना गुनाह खुद ही दिखने लगा है।

चुनावी रैलियों में भीड़, हाईकोर्ट नाराज, कमलनाथ व नरेंद्र सिंह तोमर पर होगी एफआईआर

भोपाल. चुनावी रैलियों में मास्क-सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों की अनदेखी और भीड़ पर अदालत और चुनाव आयोग, दोनों ने सख्ती दिखाई है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बेलगाम रैलियों के मद्देनजर कांग्रेस नेता कमलनाथ और भाजपा नेता व केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने ऐसी रैलियों पर सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा- संविधान ने उम्मीदवार और मतदाता दोनों को अधिकार दिए हैं। उम्मीदवार को चुनाव प्रचार का अधिकार है, तो लोगों को जीने और स्वस्थ रहने का हक है। उम्मीदवार के अधिकार से बड़ा लोगों के स्वस्थ रहने का अधिकार है। चुनाव आयोग ने जारी की सभी पार्टियों को एडवायजरी ऐसी रैलियों पर इलेक्शन कमीशन (EC) भी नाराज है। इलेक्शन कमीशन ने कहा है कि रैलियों में मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों का पालन ना किए जाने का मसला हमने गंभीरता से लिया है। ये हमारी गाइडलाइन का उल्लंघन है। ऐसा करने वालों पर एक्शन लिया जाए। EC ने सभी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों को एडवायजरी जारी की है। यह पार्टियों के अध्यक्ष और महासचिवों को भेजी गई है। इसमें कहा गया है कि रैलियों के दौरान उल्लंघन करने वाले प्रत्याशियों और आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए चुनाव अधिकारी और प्रशासन कदम उठाएं। EC ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान सतर्कता और सावधानी बरती जाए। रैलियों के दौरान भीड़ को नियंत्रित किया जाए।

महाराष्ट्र भाजपा को झटका : उपेक्षा से नाराज एकनाथ खडसे का इस्तीफा, NCP में शामिल होंगे

मुंबई. महाराष्ट्र में भाजपा के बड़े नेता एकनाथ खडसे ने बुधवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने इसे मंजूर कर लिया है। खडसे शुक्रवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ज्वाइन करेंगे। उनके साथ बहु रक्षा और कुछ समर्थक भी NCP ज्वाइन कर सकते हैं। चर्चा ये भी है कि खडसे को उद्धव सरकार में NCP कोटे से कृषि मंत्री बनाया जा सकता है। इस मामले पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि भाजपा को यह सोचने की जरूरत है कि उनके नेता आखिर पार्टी क्यों छोड़ रहे हैं। ये वे नेता हैं, जिन्होंने भाजपा के लिए तब काम किया, जब पार्टी सत्ता में नहीं थी। पहले हमने उन्हें (एनडीए) छोड़ा, फिर अकाली दल ने उनका साथ छोड़ा, लेकिन अब उनके अपने लोग ही पार्टी छोड़ रहे हैं। भाजपा को सोचना चाहिए कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? खडसे ने कहा- भाजपा से नाराज नहीं, नाराजगी एक व्यक्ति से है खडसे ने अपने इस्तीफे में तो पार्टी छोड़ने का कारण निजी बताया है। पर जब मीडिया ने उनसे सवाल किया तो बोले- मेरी इच्छी नहीं थी पार्टी छोड़ने की, लेकिन एक व्यक्ति की वजह से छोड़ना पड़ रहा है। इसकी शिकायत मैंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से की, लेकिन वहां भी सुनवाई नहीं हुई, इसलिए मैंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया। खडसे बोले- पिछले 4 साल में पार्टी में बदनामी सहनी पड़ी। मैं भाजपा पर नाराज नहीं हूं, एक व्यक्ति पर हूं। जो मुझ पर आरोप लगा, उस पर जांच हुई और उसमें कुछ मिला नहीं। बाकी नेताओं पर आरोप लगा, उनको क्लीन चिट दी जाती है, लेकिन मुझे नहीं। नाराजगी देवेंद्र फडणवीस से है। मेरे पीछे जनता है और मैंने अपना इस्तीफा दिया और एनसीपी में शामिल हो जाऊंगा। 40 साल मैंने पार्टी को दिए हैं। जब मुझ पर आरोप लगा, उस वक्त मैंने खुद सीएम से कहा था कि मुझ पर आरोप लगा रहे हो। इसके बाद मैंने जांच करवाई, लेकिन कुछ नहीं निकला।” खडसे पर लगे थे भ्रष्टाचार के आरोप, उसके बाद मंत्री पद छोड़ना पड़ा खडसे फडणवीस सरकार में राजस्व मंत्री थे। साल 2016 में उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। इसके बाद उनसे इस्तीफा देने को कहा गया था। खडसे को मंत्री पद छोड़ना पड़ा था। मंत्री पद जाने और विधानसभा चुनाव में टिकट ना दिए जाने से भी खडसे नाराज थे। खडसे के पिछले कई दिनों से भाजपा छोड़ने की चर्चा चल रही थी। फडणवीस से जब इस पर सवाल पूछा गया था तो उन्होंने कहा था कि इस तरह के मुहूर्त के बारे में हर रोज ही बात होती है। शरद पवार ने किया था खडसे का समर्थन NCP चीफ शरद पवार ने सोमवार को एकनाथ खडसे की तारीफ की थी। पवार ने कहा था- खडसे हाल ही में नेता प्रतिपक्ष रहे हैं और उन्होंने राज्य में भाजपा को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई है। अगर किसी के योगदान और कड़ी मेहनत पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, तो वह परेशान होगा ही। खडसे को ऐसी पार्टी में शामिल होने के बारे सोचना चाहिए, जो उनके काम की सराहना करती है।​​​​​​

MP : कर्ज से परेशान एक और किसान ने की आत्महत्या

सागर। बीते दस दिनों में रहली विधानसभा में कर्ज से परेशान किसान द्वारा आत्महत्या करने का तीसरा मामला सामने आया है। रहली के पटना बुजुर्ग गांव में एक किसान ने कर्ज से परेशान होकर खेत में पेड़ पर रस्सी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। किसान कर्ज से परेशान था, किसान को साहूकार लगातार परेशान कर रहे थे और साथ ही किसान बेटियों के शादी के लिए भी चिंतित था। लेकिन फसल खराब होने से किसान निराश हो गया और अपनी जान दे दी। किसानों द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही है, ऐसे ही एक किसान ने कर्ज से परेशान होकर खेत में जाकर आत्महत्या कर ली, किसान का शव खेत में पेड़ से लटका हुआ मिला। बीते दस दिनों में रहली विधानसभा में कर्ज से परेशान किसान द्वारा आत्महत्या करने की यह तीसरा मामला सामने आया है, रहली के पटना बुजुर्ग गांव में एक किसान सुखदेव कुर्मी ने कर्ज से परेशान होकर खेत में पेड़ पर रस्सी के फंदे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवार वालों के मुताबिक किसान कर्ज से परेशान था, किसान को साहूकार लगातार परेशान कर रहे थे और साथ ही किसान बेटियों के शादी के लिए भी चिंतित था लेकिन फसल खराब होने से किसान निराश हो गया और अपनी जान दे दी, इस पूरे मामले में एसडीएम रहली का कहना है तहसीलदार को जांच के निर्देशित दिए है । – 12 अक्टूबर को गढ़ाकाेटा थाना क्षेत्र के बाबूपुरा गांव के किसान 61 वर्षीय भाेला पिता मानीसंग लोधी कर्ज के चलते खेत में लगे पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। किसान की सोयाबीन की फसल कम निकली थी तथा उस पर 2 लाख रुपए का कर्ज था। – 15 अक्टूबर काे गाैरझामर थाना क्षेत्र के नीम घाटी के जंगल में 50 वर्षीय लाेकमन पिता कड़ाेरी विश्वकर्मा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उस पर भी कर्ज था। – 16 अक्टूबर को गढ़ाकाेटा के कुमेरिया निवासी 35 वर्षीय जगदीश कुर्मी का शव नयाखेड़ा चनौआ तालाब के पास जंगल में पेड़ से फांसी के फंदे पर लटका मिला था। किसान दस दिन से लापता था। कर्ज के कारण वह मानसिक तनाव में था।

मंत्री व बीजेपी प्रत्याशी के खिलाफ एफआईआर दर्ज, कोंग्रेस प्रत्याशी की पत्नी को रखैल कहा था

भोपाल। कांग्रेस नेता की पत्नी पर अभद्र टिप्पणी को लेकर मध्य प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री और अनूपपुर विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी प्रत्याशी बिसाहू लाल साहू के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. बिहासू लाल साहू के खिलाफ कोतवाली अनूपपुर में आपराधिक मामला दर्ज किया गया है. कांग्रेस प्रत्याशी विश्वनाथ सिंह कुंजाम की पत्नी राजवती सिंह कुंजाम की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया गया है. बिसाहू लाल ने सोमवार को मीडिया से बात करते हुए विश्वनाथ सिंह कुंजाम की पत्नी के लिए अमर्यादित शब्द कहे थे. मंगलवार को कांग्रेस प्रत्याशी विश्वनाथ की पत्नी के साथ सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने अनूपपुर कोतवाली का घेराव किया और आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की. असल में, अनूपपुर से बीजेपी उम्मीदवार बिसाहू लाल साहू का एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें वह कह रहे हैं कि विश्वनाथ सिंह ने चुनावी फॉर्म में अपनी पहली पत्नी का ब्योरा नहीं दिया है और दूसरी औरत का ब्योरा दिया है. इस दौरान बिसाहू लाल साहू अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर देते हैं. इस पर कांग्रेस नेता विश्वनाथ सिंह ने कहा था कि चुनाव में अपनी हार को देखते हुए बिसाहू लाल साहू ऐसे टिप्पणियां कर रहे हैं. मैंने अपनी पत्नी से 15 साल पहले शादी की थी और हमारे दो बच्चे हैं. मैं उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करूंगा. इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बीजेपी नेता इमरती देवी को आइटम कहा था, जिस पर राजनीतिक बवाल मच गया था.

Jio-क्वॉलकॉम ने की 5G की सफल टेस्टिंग, 1Gbps की स्पीड

मुंबई . रिलायंस जियो और US-बेस्ड क्वॉलकॉम, दोनों कंपनियां मिलकर भारत में होमग्रोन टेक्नोलॉजी बेस्ड 5G मोबाइल इंटरनेट को तेजी से उपलब्ध कराएंगी. इससे भारत को उन देशों की एक्सक्लूसिव क्लब में शामिल होने का मौका मिलेगा, जो यूजर्स को सुपरफास्ट 1 Gbps की स्पीड उपलब्ध कराती हैं. जियो ने क्वॉलकॉम के साथ मिलकर अपनी 5G टेक्नोलॉजी की सक्सेसफुल टेस्टिंग की है. ये घोषणा अमेरिका के सैन डियागो में हुए एक वर्चुअल इवेंट में की गई है. क्वॉलकॉम 5G समिट के दौरान रिलायंस जियो के प्रेसिडेंट मैथ्यू ओमेन ने कहा कि क्वॉलकॉम और जियो मिलकर 5G टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं, ताकी इसकी लॉन्चिंग जल्द भारत में की जा सके. ये साझेदारी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की प्रतिबद्धता पर आधारित है. उन्होंने जुलाई में घोषणा की थी कि जियो मेड-इन-इंडिया 5G टेक्नोलॉजी डेवलप कर रहा है. दोनों कंपनियों ने ये भी जानकारी दी है कि उन्होंने एक क्वॉलकॉम प्लेटफॉर्म की मदद से जियो की 5G सॉल्यूशन पर 1 Gbps की स्पीड भी प्राप्त की है. इसका मतलब ये है कि इससे 1GB फाइल साइज वाली किसी मूवी को महज एक सेकेंड में डाउनलोड किया जा सकेगा. इस साझेदारी में जियो की अमेरिकी सब्सिडियरी कंपनी रेडिसिस कॉर्पोरेशन भी शामिल है. जियो की 5G टेक्नोलॉजी पूरी तरह से स्वदेशी होगी. इसके लिए जियो ने होमग्रोन 5G RAN (रेडियो ऐक्सेस नेटवर्क) तैयार किया है जो अल्ट्रा हाई स्पीड आउटपुट देने के लिए परफेक्ट है. इसकी टेस्टिंग अमेरिका में कर ली गई है. स्वदेशी नेटवर्क होने से भारत को इक्विपमेंट्स के लिए चीनी कंपनियों जैसे Huawei और ZTE पर निर्भर होने की जरूरत नहीं पड़ेगी. ऐसे में नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पर किसी संभावित सुरक्षा संबंधी खतरे को भी टाला जा सकेगा.

‘आइटम’ वाले बयान पर राहुल बोले- भाषा अच्छी नहीं लगी, कमलनाथ बोले- माफी नहीं मांगेंगे

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिवराज कैबिनेट की महिला मंत्री पर विवादित बयान दिया था। इसी पर राहुल ने मंगलवार को प्रतिक्रिया दी है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के आइटम वाले बयान पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने करीब 45 घंटे बाद मंगलवार को तीखी प्रतिक्रिया दी। राहुल ने कहा कि कमलनाथ भले ही मेरी पार्टी के हैं, वे चाहे जो भी हों, लेकिन जिस भाषा का उन्होंने इस्तेमाल किया है, मैं निजी तौर पर उसे पसंद नहीं करता। कमलनाथ ने माफी मांगने से इनकार किया कमलनाथ से जब राहुल के बयान पर जवाब मांगा गया तो उन्होंने कहा- वो राहुलजी की राय है, उनको जो समझाया गया कि किस संदर्भ में मैंने कहा था। मैंने तो साफ कर दिया कि किस संदर्भ में मैंने कहा था, इसमें और कहने की आवश्यकता नहीं है। मैं क्यों माफी मांगूंगा, मैंने तो कह दिया कि मेरा लक्ष्य किसी का अपमान करना नहीं था। अगर कोई अपमानित महसूस करता है, तो मुझे खेद है और ये कल मैंने कह दिया। शिवराज सिंह जनता के बीच जाएं और माफी मांगें। मैंने तो खेद जाहिर कर दिया है। कमलनाथ ने रविवार को डबरा में एक चुनावी सभा के दौरान शिवराज कैबिनेट की मंत्री इमरती देवी को आइटम कहा था। नाथ के इस बयान पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई नेताओं ने मौन धरना दिया था। कमलनाथ और इमरती देवी में हुई थी बयानबाजी कमलनाथ के बयान पर विवाद बढ़ा तो उन्होंने सफाई दी कि आइटम अपमानजनक शब्द नहीं है। विधायक का नाम नहीं याद आ रहा था, इसलिए ऐसा बोल दिया। उधर, इमरती देवी ने जवाब में कहा- वो (कमलनाथ) बंगाल का आदमी है, वो महिला का सम्मान क्या जाने। कुर्सी जाने से पागल हो गए हैं। महिला आयोग ने कहा- ऐसे बयानों से व्यक्ति का चरित्र पता चलता है राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा है कि कमलनाथ माफी मांगने की बजाय बेतुकी सफाई दे रहे हैं। यह उनके लिए शर्मनाक है। ऐसे बयानों से व्यक्ति के चरित्र का पता चलता है। उनकी पार्टी को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। शिवराज के मंत्री ने भी दिया था विवादित बयान सोमवार को शिवराज के मंत्री बिसाहूलाल सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी की पत्नी के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। बिसाहूलाल सिंह ने अनूपपुर से कांग्रेस प्रत्याशी विश्वनाथ सिंह कुंजाम की पत्नी को रखैल बताया था। विश्वनाथ सिंह ने चुनाव आयोग में दिए हलफनामे में पहली पत्नी का नहीं, बल्कि अपनी दूसरी पत्नी राजवती का जिक्र किया था। पहली पत्नी की मौत के बाद विश्वनाथ सिंह ने राजवती से ही शादी की थी।

MP : मंत्री बोलीं – सारे आतंकवादी मदरसों में पले, कश्मीर को आतंक की फैक्ट्री बना दिया

भोपाल.   प्रदेश की संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने शिक्षा के संबंध में पूछे गए सवाल पर विवादित बयान दे डाला। उन्होंने कहा- सारे आतंकवादी मदरसों में पले-बढ़े और जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद की फैक्ट्री बना डाला। पर्यटन और संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने कहा- सभी बच्चों को समान शिक्षा दी जानी चाहिए। धर्म आधारित शिक्षा कट्टरता फैला रही है। नफरत फैला रही है। ऐसे मदरसे जो हमें राष्ट्रवाद और समाज की मुख्यधारा से नहीं जोड़ सकते, हमें उन्हें ही सही शिक्षा से जोड़ना चाहिए और समाज को सबकी प्रगति के लिए आगे लेकर जाना चाहिए। उषा ठाकुर ने कहा- असम ने मदरसे बंद करके दिखा दिया है कि राष्ट्रवाद में बाधा डालने वाली चीजें राष्ट्रहित में बंद होनी चाहिए। मदरसों को मिलने वाली सरकारी मदद बंद होनी चाहिए। अगर कोई निजी तौर पर अपने धार्मिक संस्कार किसी को देना चाहता है तो संविधान उसे इसकी इजाजत देता है। संस्कृति मंत्री ने कमलनाथ पर भी बयान दिया उषा ठाकुर ने कहा- कमलनाथ ने कहा था कि मदरसे के इमाम को 5 हजार, मुअज्जिन को 4500 रुपए महीने सैलरी देंगे। वक्फ बोर्ड आर्थिक दृष्टि से दुनिया का सबसे बड़ा संगठन है। यहां कोई व्यवस्था करनी है तो उन्हीं के माध्यम से की जा सकती है। सरकार का इस पर अतिरिक्त खर्च दूसरे वर्गों का हक छीनने वाली बात है। कांग्रेस से पूछा जाना चाहिए कि क्या निजी स्वार्थ के लिए वो धर्म, प्रथा-व्यवस्थाएं सबकुछ बलिदान कर देंगे। उन्होंने कहा- पाकिस्तान में 14% हिंदू था, ये अब एक फीसदी हो गया। ऐसे यातना सहने वालों को नागरिकता दी जाती है तो कांग्रेस को तकलीफ होती है, ऐसे राष्ट्रद्रोही चेहरे बेनकाब होने चाहिए।  

MP : मंत्री सिलावट और राजपूत कल इस्तीफा देंगे

इंदौर। मध्य प्रदेश की सत्ता का भविष्य तय करने वाली 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं। लेकिन ऐसा पहली बार है, जब 14 मंत्री उपचुनाव लड़ रहे हैं। नियमों के अनुसार, मंत्री तुलसीराम सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत का कार्यकाल 20 अक्टूबर यानी मंगलवार को समाप्त हो रहा है। ऐसे में कल से ये दोनों बगैर मंत्री पद के चुनावी मैदान में होंगे। सांवेर से भाजपा प्रत्याशी सिलावट और सुरखी से राजपूत के इस्तीफे के साथ ही उनकी सभी सुविधाएं छिन जाएंगी। ऐसे में वे अब कांग्रेस प्रत्याशियों जैसे सामान्य उम्मीदवार होंगे। दरअसल, सिलावट और राजपूत ने कांग्रेस और विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद 21 अप्रैल को भाजपा की सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली थी। सिलावट सांवेर से हैं चुनाव मैदान में नियमों के अनुसार, कोई भी ऐसा व्यक्ति 6 माह से ज्यादा समय मंत्री नहीं रह सकता है, जो विधानसभा का सदस्य न हो। ऐसे में 21 अक्टूबर को दोनों मंत्रियों की यह समय-सीमा समाप्त हो जाएगी। इस समय-सीमा में उपचुनाव की प्रक्रिया भी पूरी नहीं होगी। गोविंद सिंह राजपूत सागर जिले की सुरखी और तुलसी सिलावट इंदौर जिले की सांवेर से अपनी परंपरागत सीटों से उप चुनाव लड़ रहे हैं। 10 मार्च को 22 विधायकों ने दिया था इस्तीफा सिंधिया के समर्थन में 10 मार्च को 22 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था, जिसके कारण कमलनाथ सरकार गिर गई थी और चौथी बार शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। शिवराज ने 28 दिन बाद 21 अप्रैल को मंत्रिमंडल का गठन किया था, इसमें सिंधिया खेमे के तुलसीराम सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत को कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ दिलाई गई थी। शिवराज सरकार के इन 14 मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर कांग्रेस के 25 पूर्व विधायकों के इस्तीफे से सरकार अल्पमत में आ गई थी और कमलनाथ सरकार गिर गई। बाद में ये सभी भाजपा में शामिल हो गए, तब इनमें से भाजपा ने 14 को मंत्री पद से नवाजा। इन उप चुनावों में इन बगैर विधायकी के मंत्री बने मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। 14 मंत्रियों में इमरती देवी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसोदिया, गोविंद सिंह राजपूत, तुलसी सिलावट, प्रभुराम चौधरी, हरदीप सिंह डंग, राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, बिसाहूलाल सिंह, एदल सिंह कंसाना, बृजेंद्र सिंह यादव, सुरेश धाकड़, ओपीएस भदौरिया और गिर्राज दंडोतिया शामिल हैं।  

उज्जैन में 8 साल के बच्चे की हत्या के बाद फरार किराएदार की लाश पेड़ पर लटकी मिली

उज्जैन। उज्जैन में मंगलवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई। साेमवार शाम से लापता 8 साल के बच्चे की लाश पुलिस को उसी के किराएदार के रूम से मिली। बच्चे के शरीर पर जलाने और चाकू से गाेदने के निशान मिले हैं। बच्चे की हत्या के मामले में फरार किराएदार की लाश भी पुलिस को दोपहर में बड़नगर में एक पेड़ पर लटकी मिली। पुलिस पता लगा रही है कि आखिर उसने बच्चे को इतनी बेहरमी से क्यों मारा और फिर खुद भी फंदे से लटक गया। पुलिस ने बताया कि उज्जैन के शांति नगर निवासी कंचन मुकेश प्रजापति के चार बच्चे हैं। दूसरे नंबर का 8 साल का मासूम कान्हा सोमवार रात को आंगन में अन्य बच्चों के साथ गरबा खेल रहा था। परिजन अपने काम में व्यस्त हो गए। कुछ देर बाद जब कान्हां दिखाई नहीं दिया तो घर वालों ने आस-पड़ोस में पूछताछ की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। इतना ही नहीं मुकेश का किराएदार और उसका खास दोस्त सुनील भी कान्हा को उसके साथ तलाशने में लगा रहा। काफी खोजबीन के बाद जब कान्हा नहीं मिला तो परिजनों ने नीलगंगा थाने पहुंच गुमशुदगी दर्ज करवाई। सूचना के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों से पूछताछ कर खोजबीन शुरू की। पुलिस ने पास स्थिति कुएं में भी बच्चे को तलाशने की कोशिश की। एनडीआरएफ की टीम को बुला कर पानी में भी उसे तलाशा गया। इसके बाद पुलिस ने एक बार फिर से सुबह जब कान्हा को तलाशा तो करीब 11 बजे किराएदार सुनील के घर में ही गद्दे में लिपटा कान्हा लहूलुहान मिला। सुनील को तलाशा गया तो वह फरार हो चुका था। पुलिस को कान्हा के पेट पर लोहे की रॉड से दागने के निशान और कुछ घाव भी मिले। पुलिस ने आरोपी सुनील को गिरफ्तार करने के तत्काल टीमों को गठन किया और उन्हें जानकारी अनुसार उसे तलाशने के लिए रवाना किया। मामले की जानकारी लगते ही आईजी राकेश गुप्ता, नवागत एसपी सत्येंद्र शुक्ला, एडिशनल एसपी अमरिंदर सिंह सहित तमाम अन्य आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने जानकारी ली। उज्जैन आईजी राकेश गुप्ता ने बताया कि रात में भी पुलिस ने बच्चे को तलाशने की कोशिश की थी। सूचना के बाद खाचरोद के रहने वाले किराएदार सुनील को खोजने एक टीम उसके गांव पहुंची। जब तक पुलिस सुनील तक पहुंच पाती, वह फांसी के फंदे पर लटक चुका था। उसकी लाश पुलिस को ग्राम अंबोदिया में एक पेड़ पर लटकी मिली। फिलहाल पुलिस ने मासूम बच्चे की लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि आखिर आरोपी सुनील ने मासूम बच्चे को इतनी बेदर्दी से क्यों मारा था।

MP : पोलिटिकल एंड इलेक्शन ट्रायल … उपचुनाव में पूरी ताकत झोंक रहे हैं नेता पुत्र

भोपाल। मध्य प्रदेश में हो रहे उपचुनाव में प्रदेश के नेता पुत्रों की एंट्री है। अभी तक ये नेता पुत्र अपने परिजन के लिए प्रचार करते थे। अब वे पार्टी के प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार कर रहे हैं। कहा जा सकता है कि ये सब चुनाव लड़ने, लड़ाने की ट्रेनिंग ले रहे हैं। खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया के 38 साल के बेटे अक्षय भंसाली ने पहली बार पोहरी में हुई नुक्कड़ सभा में शामिल हुए। इससे पहले वो सिर्फ शिवपुरी में अपनी मां के लिए प्रचार करते देखे गए थे। 27 साल के कार्तिकेय चौहान सीएम शिवराजसिंह चौहान के पुत्र हैं। कार्तिकेय पोहरी में प्रचार करते नजर आए। 2018 में भी कार्तिकेय के चुनाव लड़न की चर्चा सामने आई थी। लेकिन बाद में कार्तिकेय ने इसे सिरे से खारिज कर दिया था। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के पुत्र देवेंद्र तोमर की उम्र अभी 32 साल है। वो अपने भाई प्रबल तोमर के साथ चुनावी सभा लेते नजर आ रहे हैं। दोनों भाई ग्वालियर पूर्व, दिमनी, और अंबाह विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं। पिछले चुनावों में भी दोनों नजर आए थे। लेकिन इस बार सक्रियता अधिक नजर आ रही है। पूर्व मंत्री डॉक्टर गोविंद सिंह के बेटे डॉक्टर अमित सिंह उपचुनाव में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। डॉक्टर अमित गोहद, भांडेर और मेहगांव सीट पर सक्रिय हैं। वो इन सीटों पर जनसंपर्क के साथ नुक्कड़ सभाओं में शामिल हो रहे हैं। नेता पुत्रों की इस सक्रियता का कांग्रेस पार्टी ने स्वागत किया है… पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा है कि सबका स्वागत है। नेता पुत्रों के प्रचार में दिलचस्प बात ये है कि उनके दौरों में जातिगण गणित का पार्टियों ने पूरा ख्याल रखा है। इन युवाओं को उन्हीं सीटों पर भेजा जा रहा है, जहां उनकी जाति का वजूद है। पोहरी में धाकड़ समाज का अच्छा खांसा वोट बैंक है। बीजेपी ने वहां कार्तिकेय चौहान को भेजा है। आगामी जनसंपर्क भी ऐसे ही क्षेत्रों में तय किया जा रहा है। ग्वालियर पूर्व, दिमनी और अंबाह सीट क्षत्रिय बाहुल है तो… बीजेपी ने यहां देवेंद्र तोमर और प्रबल तोमर को भेजा है। दूसरी सीटों भी इनके दौरे तय किए जा रहे हैं। इसी क्षेत्र से लगी सीट गोहद, भांडेर और मेहगांव भी क्षत्रिय बाहुल क्षेत्र हैं।कांग्रेस ने यहां डॉ. अमित सिंह की डयूटी तय की है। डॉ. गोविंद सिंह अगला विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर चुके हैं।

MP : उपचुनाव में अपने ही गढ़ में गायब हुए सिंधिया, बीजेपी ने पोस्टर से हटाया चेहरा

ग्वालियर। मध्य प्रदेश में 28 सीटों पर उपचुनाव को लेकर सियासत गरमाई हुई है. सभी पार्टियां चुनाव जीतने के लिए पोस्टर्स लगवा रही है, साथ ही चुनावी रैलियां भी आयोजित कर रही हैं. लेकिन ग्वालियर-चंबल के पोस्टर बॉय ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी के पोस्टर से ही गायब हो गए हैं. उनके गढ़ के ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी के तीन पोस्टर्स लगे है, जो उन्होंने ग्वालियर पूर्व से बीजेपी प्रत्याशी मुन्ना लाल गोयल के समर्थन में लगवाए है. तीन में से दो पोस्टर्स पर प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की फोटो लगी है, लेकिन सिंधिया की नहीं लगी है. तो वहीं एक पोस्टर ऐसा भी है, जिसमें मुन्ना लाल गोयल की फोटो लगाकर उनके लिए वोट मांगे जा रहे हैं. इस पोस्टर में चार बीजेपी नेताओं की फोटो है, जिनमें CM शिवराज, ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्र मंत्री नरेंद्र तोमर और वीडी शर्मा दिखाई दे रहे हैं.

MP: सीएम शिवराज ने सरकारी कर्मचारियों को दी त्योहारों पर सौगात, एरियर का ऐलान

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने आने वाले त्योहारों के मद्देनजर सरकारी कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का बकाया एरियर देना का फैसला किया है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सरकारी कर्मचारियों को मंगलवार को सातवें वेतन आयोग के एरियर की तीसरी किश्त देने का ऐलान किया. शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया, मेरे कर्मचारी भाई-बहनों, आपको बहुत-बहुत धन्यवाद कि आपने कोविड-19 की चुनौती से लड़ने में हरसंभव सहयोग दिया. अर्थव्यवस्था कठिन दौर से गुजर रही थी और इसलिए सातवें वेतन आयोग के एरियर की तीसरी किश्त हम नहीं दे पाए थे; लेकिन अब हमने इसे देने का फैसला किया है. हमने यह भी तय किया है कि जिन कर्मचारियों का वेतन 40 हजार रुपए मासिक से कम है, उनको अब 10 हजार रुपये त्योहार एडवांस दिया जायेगा। यह त्योहार एडवांस आप 31 मार्च तक कभी भी ले सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हमने यह भी तय किया है कि जिन कर्मचारियों का वेतन 40 हजार रुपये मासिक से कम है, उनको अब 10 हजार रुपये त्योहार एडवांस दिया जायेगा. यह त्योहार एडवांस आप 31 मार्च तक कभी भी ले सकते हैं. मैंने पहले ही कहा था अस्थाई रूप से एरियर और इंक्रीमेंट रोके गए हैं, लेकिन इसकी एक-एक पाई सभी कर्मचारी भाई-बहनों की दी जायेगी.’

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