LATEST NEWS

अगले महीने से भारत में भी वैक्सीन लगने लगेगी

नई दिल्ली । सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (SII) दिसंबर के अंत तक अपनी वैक्सीन कोवीशील्ड के अंतिम फेज के क्लिनिकल ट्रायल्स के डेटा को रेगुलेटर को सौंप देगी। अगर डेटा संतोषजनक रहता है तो कोवीशील्ड को जनवरी के पहले हफ्ते में इमरजेंसी अप्रूवल मिल सकता है। यानी जनवरी से वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू हो सकती है। इस वैक्सीन को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और ब्रिटिश फर्म एस्ट्राजेनेका ने मिलकर डेवलप किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, SII अगले दस दिन में अंतिम डेटा रेगुलेटर को सौंप देगा। दरअसल, पिछले हफ्ते ही ड्रग रेगुलेटर सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) की सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी (SEC) की मीटिंग हुई। इसमें कोवीशील्ड के साथ ही भारत बायोटेक की कोवैक्सिन और फाइजर की वैक्सीन के डेटा पर चर्चा हुई। इन तीनों वैक्सीन के लिए इमरजेंसी अप्रूवल मांगा गया है। कमेटी ने तीनों ही वैक्सीन कैंडिडेट्स के इमरजेंसी अप्रूवल के आवेदन पर कुछ सवाल उठाए और कंपनियों से जवाब मांगे थे। फाइजर, सीरम और भारत बायोटेक ने मांगा इमरजेंसी अप्रूवल; कुछ ही हफ्तों में मिलेगी वैक्सीन कमेटी ने SII से कहा था कि भारत में चल रहे फेज-2/3 क्लिनिकल ट्रायल्स का सेफ्टी डेटा अपडेट किया जाए। साथ ही, UK और भारत में हुए क्लिनिकल ट्रायल्स का इम्युनोजेनेसिटी डेटा पेश किया जाए। इसके अलावा ब्रिटेन में ड्रग रेगुलेटर के इमरजेंसी अप्रूवल पर फैसले के बारे में भी पूछताछ की गई थी। फाइजर ने कमेटी से कुछ समय मांगा था। वहीं, भारत बायोटेक के कोवैक्सिन के फेज-3 ट्रायल्स के डेटा के लिए अभी इंतजार करना पड़ सकता है। भारत की टॉप वैक्सीन साइंटिस्ट और वेल्लोर के क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर डॉ. गगनदीप कांग के मुताबिक, पिछले साल ही भारत के नए क्लिनिकल ट्रायल्स के नियम बने हैं। इसमें रेगुलेटर को आपात परिस्थितियों में बिना ट्रायल के भी दवा या वैक्सीन को इमरजेंसी यूज के लिए मंजूरी देने का अधिकार दिया है। डॉ. कांग के मुताबिक, इमरजेंसी यूज की परमिशन देने के बाद भी मॉनिटरिंग क्लिनिकल ट्रायल्स जैसी ही होती है। हर पेशेंट के डिटेल्स जरूरी होते हैं। उन पर नजर रखी जाती है। जिस कंपनी को अपने प्रोडक्ट के लिए कहीं और लाइसेंस मिला है, उसे प्री-क्लिनिकल और क्लिनिकल ट्रायल्स का पूरा डेटा रेगुलेटर को सबमिट करना होता है। जब कंपनी इमरजेंसी रिस्ट्रिक्टेड यूज की परमिशन मांगती है, तो रेगुलेटर के स्तर पर दो स्टेज में वह प्रोसेस होती है। सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी उस एप्लिकेशन पर विचार करती है। उसके अप्रूवल के बाद मामला अपेक्स कमेटी के पास जाता है। इस कमेटी में स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़े विभागों के सचिव भी होते हैं।

MP : पूर्व केंद्रीय मंत्री सरताजसिंह फिर भाजपा के साथ

भोपाल। पूर्व केंद्रीय मंत्री सरताजसिंह फिर भाजपा के साथ हो गए हैं। दो दिन पहले उनकी मुलाकात बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा से हुई थी। सिंह भोपाल के दशहरा मैदान में आयोजित बीजेपी के किसान सम्मेलन में पहुंचे। पिछले दिनों राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया भोपाल प्रवास पर आए थे, तब सरताज सिंह ने उनसे सीएम हाउस में मुलाकात की थी। वे मध्यप्रदेश में सत्ता पलट के बाद ही स्पष्ट रूप से यह संकेत दे चुके थे और ज्योतिरादित्य सिंधिया की वकालत करने में भी कभी पीछे नहीं रहे। यह जानते हुए भी कि वे कांग्रेस में थे। सरताजसिंह मध्यप्रदेश के उपचुनाव खत्म होने का ही इंतजार कर रहे थे, यह बात उनके समर्थक भी बता चुके हैं। 2018 के चुनाव में अपनी परंपरागत सीट सिवनी मालवा से टिकट नहीं मिलने से वे भाजपा को छोड़कर कांग्रेस में चले गए थे। यहां कांग्रेस ने उन्हें पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और होशंगाबाद विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा के सामने होशंगाबाद से लड़ाया था। हालांकि भाजपा में भारी भितरघात और गुटबाजी के बावजूद कांग्रेस प्रत्याशी सरताजसिंह यह चुनाव हार गए थे। इससे पहले भी अनौपचारिक चर्चा में सरताजसिंह चुनाव के मद्देनजर ‘वेट एन वॉच’ की बात मान चुके हैं लेकिन यह कहकर बात को पलटते रहे हैं कि जो भी होगा, पता चल जाएगा। उम्र के आधार पर कटा था टिकट भाजपा सरकार में मंत्री रह चुके सरताजसिंह का टिकट 2018 के चुनाव में अधिक उम्र बताकर काटा गया था। इससे नाराज होकर कांग्रेस में चले गए लेकिन विधानसभा चुनाव हारने के बाद कभी होशंगाबाद सहित प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस के सक्रिय नहीं दिखाई दिए। नौ महीने पहले ही दे दिए थे संकेत मध्यप्रदेश सरकार को लेकर तख्ता पलट को लेकर सरताज सिंह ने नौ महीने पहले कहा था कि ज्याेतिरादित्य सिंधिया का भाजपा में जाने वाला कदम सही है। वे उनके साथ हैं। तभी से उनके भाजपा में लौटने की अटकलें थीं लेकिन कमलनाथ का सत्ता में वापसी का आत्मविश्वास देखकर उन्होंने तत्काल कांग्रेस छोड़ने का फैसला टाल दिया था। वे सिंधिया से मिलना चाहते थे लेकिन टलता रहा। अब विधानसभा में पूर्ण बहुमत में आने के बाद उन्होंने यह फैसला किया। केंद्र और राज्य सरकार में मंत्री रह चुके हैं सरताज सरताज सिंह भाजपा से 5 बार सांसद, 2 बार विधायक रह चुके हैं। वे केंद्र में एक बार स्वास्थ्य मंत्री तथा प्रदेश में वन व लोक निर्माण मंत्री रह चुके हैं। होशंगाबाद संसदीय क्षेत्र से 1989 से 1996 तक की अवधि में तीन लोकसभा चुनावों में कांग्रेस प्रत्याशी रामेश्वर नीखरा को लगातार हराया। 1998 में लोक सभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अर्जुन सिंह को हराया। 1999 में लोक सभा चुनाव नहीं लड़ा। 2004 में पुन: लोक सभा चुनाव में विजयी रहे। 2008 में होशंगाबाद जिले के सिवनी मालवा विधान सभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और कांग्रेस प्रत्याशी एवं तत्कालीन विधान सभा उपाध्यक्ष हजारी लाल रघुवंशी को हराया। 2018 में वे सीतासरन शर्मा से हार गए।

MP : बोले शिवराज, किसान की ताकत बनेगा नया कानून, आर्थिक मजबूती मिलेगी

भोपाल। केंद्र सरकार का नया कृषि बिल न केवल किसान की ताकत बनेगा, बल्कि वह किसान को आर्थिक रूप से मजबूती भी देगा। जो भ्रम फैलाया जा रहा है कि मंडियां बंद हो जाएंगी, ऐसा भी नहीं होगा। किसान चाहें तो वह मंडियों से बाहर अनाज बेच सकेंगे। कृषि बिल को लेकर कांग्रेस व विरोधी लोग ढोंग कर रहे हैं। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को भोपाल में कही। इस मौके पर उन्होंने 50 सिंचाई परियोजनाओं का वर्चुअल लोकार्पण किया। सीएम ने कहा कि यह तो शुरुआत है। भाजपा जब सत्ता में आई थी, तब 7-8 लाख हेक्टेयर में सिंचाई होती थी, जिसे 40 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाया। अब लक्ष्य 65 लाख हेक्टेयर का है। सीएम ने यह भी जोड़ा कि अगले साल 30 हजार करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण होगा। कृषि बिल को लेकर उन्होंने कहा कि मप्र में किसान (सशक्तिकरण और संरक्षण) अनुबंध मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा अधिनियम 2020 का प्रभावी क्रियान्वयन हो रहा है। मंडी के अलावा फसल को बेचने के वैकल्पिक उपायों का लाभ किसानों को मिलेगा। भगवान के बाद मेरे लिए किसान है। प्रधानमंत्री मोदी भी किसानों की आय दो गुनी करना चाहते हैं। सिंचाई के बारे में सीएम ने बताया कि मप्र में 27 बड़ी, 47 मध्यम और 287 लघु सिंचाई परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। इनकी लागत 60 हजार 737 करोड़ है। इन सभी की सिंचाई क्षमता 24 लाख हैक्टेयर होगी। इस लक्ष्य को पूरा करने का काम शुरू हो चुका है। आज लोकार्पित 50 योजनाओं की लागत 384.35 करोड़ है। कंपनियां भी खरीदी से मना नहीं कर पाएंगी मुख्यमंत्री ने बताया कि निजी कंपनी से फसल खरीदी का पूर्व अनुबंध होने के बाद वह इससे पलट नहीं सकती। फिर चाहे बाजार भाव कम भी क्यों न हों। होशंगाबाद में एक राइस मिल के मामले में प्रशासन ने किसानों के पक्ष में ही निर्णय दिया है। मुख्यमंत्री ने इस दौरान किसानों से बात भी की। भोपाल-उज्जैन में किसान सम्मेलन आज कृषि कानूनों के बारे में किसानों को बताने के लिए भाजपा मंगलवार से किसान सम्मेलन कर रही है। भोपाल के भेल दशहरा मैदान में सुबह 11 बजे भोपाल व नर्मदापुरम संभाग का कार्यक्रम होगा। इसे मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा संबोधित करेंगे। दोपहर 2 बजे उज्जैन में यह कार्यक्रम होगा। 16 दिसंबर को बचे हुए पांच संभागों में किसान सम्मेलन होगा।

मध्यप्रदेश श्रम अधिवक्ता संघ की कार्यकारिणी गठित

भोपाल। श्रम न्यायालय व औद्योगिकी न्यायालय संघ मध्यप्रदेश की कार्यकारिणी गठित का गठन मंगलवार को इंदौर में किया गया। इसमें सर्वसम्मति से अधिवक्ता गिरीश एस पटवर्धन को अध्यक्ष व अधिवक्ता गोपाल कृष्ण छिब्बर को उपाध्यक्ष चुना गया। अन्य पदाधिकारियों का भी चयन निर्विरोध चयन किया गया। अधिवक्ता रविंद्र सिंह गौड़ व सुनील गुप्ता को संरक्षक चुना गया। अधिवक्ता आनंद अधिकारी को सचिव, अधिवक्ता सुधीर शाह को सहसचिव, अधिवक्ता बीएल नागर और कीर्ति पटवर्धन को संगठन महामंत्री चुना गया। आठ अधिवक्ताओं को संघ का प्रवक्ता नियुक्त किया गया है।

गोरखपुर की मां-बेटी ने एक साथ एक ही मंडप में की शादी

गोरखपुर। वैसे तो यह साल हमारे लिए निराशा लेकर आया लेकिन इसी बीच कई यादगार पल भी सामने आए। ऐसा ही पल यूपी के गोरखपुर में दिखाई दिया। यहां के पिपरौली ब्लॉक में 53 साल की एक मां और उनकी 27 साल की बेटी का विवाह एक ही मंडप में हुआ। एक सामूहिक विवाह आयोजन के दौरान यह नजारा देखने को मिला। इसमें 63 और कपल भी शादी के बंधन में बंधे। 53 साल की इस महिला का नाम बेली देवी है। इनके पति हरिहर 25 साल पहले नहीं रहे। बेली देवी ने हरिहर के छोटे भाई जगदीश से शादी की जिसकी उम्र 55 साल है। बेली देवी ने बताया जगदीश एक किसान है। उसने शादी नहीं की। मेरे दो बेटे और दो बेटियों की शादी पहले ही हो चुकी है। मेरी सबसे छोटी बेटी की जब शादी तय हुई तो मैंने भी बच्चों की इजाजत लेकर मेरे देवर से शादी कर ली। इस शादी से मेरे सभी बच्चे बहुत खुश हैं। वहीं उनकी बेटी इंदु की शादी 29 साल के राहुल से हुई। इंदु के अनुसार, मेरी मां की शादी से हम बहन-भाईयों को कोई दिक्कत नहीं है। मेरी मां और अंकल दोनों ही हम सबकी देखभाल करते हैं। मुझे उन दोनों को एक साथ देखकर बहुत खुशी हो रही है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live