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MP : सीधे जनता चुनेगी मेयर और नगर पालिका अध्यक्ष

भोपाल। मध्यप्रदेश में अब सीधे जनता ही मेयर और नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव करेगी। शिवराज कैबिनेट ने एक साल पहले कमलनाथ सरकार के वक्त लिए गए फैसले को पलट दिया है। कमलनाथ चाहते थे कि पार्षद मिलकर मेयर या पालिका अध्यक्ष चुनें। इसके पीछे तर्क दिया था कि यही लोकतांत्रिक तरीका है। देश के प्रधानमंत्री और प्रदेशों में मुख्यमंत्री भी विधायक-सांसद मिलकर चुनते हैं। शिवराज सरकार चाहती है कि जनता ही चुने, इससे विकास तेजी से होता है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में भोपाल-इंदौर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण आपसी समझौते के आधार पर करने का फैसला भी लिया गया। टोल से 160 करोड़ का रेवेन्यू मिलने की उम्मीद कोरोना महामारी के चलते सरकार के खाली खजाने को भरने के लिए 13 स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स वसूला जाएगा। PWD के इस प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। इन सड़कों से जो टैक्स मिलेगा, उसे हाईवे के मेंटेनेंस में इस्तेमाल किया जाएगा। इससे सरकार को करीब 160 करोड़ रुपए रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा शिवपुरी झील के संरक्षण के लिए 19.55 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।

इंदौर कलेक्टर ने मीटिंग में डांटा, कहा- यूजलेस तो रोने लगे सीएमएचओ

इंदौर। कलेक्टोरेट में मंगलवार दोपहर को उस समय रुटीन मीटिंग में लोग असहज हो गए, जब प्रसूति सहायता सहित अन्य कामों में पेंडेंसी को लेकर कलेक्टर मनीष सिंह ने सीएमएचओ डॉ. प्रवीण जड़िया को मीटिंग में ही फटकार लगा दी। कलेक्टर ने उन्हें यूजलेस सीएमएचओ तक कह दिया। इसके बाद मीटिंग से बाहर आए जड़िया को सीने में दर्द हुआ और वे बाहर चेयर पर बैठ गए। इस दौरान उनके आंखों से आंसू भी छलक उठे। अन्य साथी उन्हें पकड़कर बाहर ले आए और यहां से निजी अस्पताल में जांच करवाने पहुंचे। जांच के बाद वे पांच दिन के अवकाश पर चले गए हैं। कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि रुटीन रिव्यू मीटिंग थी। जिला स्वास्थ्य अधिकारी का एक्टिव रहना जरूरी है। सीएमएचओ के अंडर में प्रसूति सहायता के कई प्रकरण हैं। कोविड मैनेजमेंट की बहुत सी चीजें हैं। इसके अलावा भी अन्य कई जिम्मेदारियां हैं। ऐसे में जिला अधिकारी गलती करेगा, तो उन्हें डांटना जरूरी है, तभी जनता को रिलीफ मिलेगा। आम जनता के प्रति सभी को अपना दायित्व समझना होगा। वे व्यक्ति अच्छे हैं, लेकिन जिस मेहनत से हम चाहते हैं, वे उस मेहनत से काम नहीं कर पाते। इसका कारण मुझे समझ नहीं आया है। कलेक्टर के अनुसार प्रसूति सहायता मिलने वाली राशि के साथ ही जननी सुरक्षा में लगी गाड़ियों की भी दो से ढाई हजार पेंडेंसी है। इसे लेकर ही उनसे जानकारी मांगी गई थी। वहीं, मामले में सीएमएचओ प्रवीण जड़िया ने कहा कि डांटने से यदि बीमार होने लगे, तो कैसे चलेगा। रुटीन मीटिंग थी। मीटिंग के बाद चेस्ट में पेन हो रहा था, इसीलिए निजी अस्पताल में रुटीन चेकअप के लिए गया था। यहां ईको सहित कुछ जांच करवाई है। सबकुछ ठीक है। उन्होंने बताया कि तबीयत ठीक नहीं लगने से वे पांच दिन के अवकाश पर जा रहे हैं।

MP : घर बुलाकर की थी हत्या, हाथ-पैर बांध लाश को पेटी में किया पैक, ठिकाने लगाने से पहले खुली पोल

जबलपुर। तीन दिसंबर से लापता खालसा कॉलेज रजिस्ट्रार गौरव गुप्ता (40) की हत्या उसके ही सहकर्मी के घर से पुलिस ने सोमवार देर रात बरामद किया। आरोपी ने गौरव गुप्ता के गर्दन पर चाकू से वार कर हत्या की थी। इसके बाद रस्सी से हाथ-पैर बांध कर शव को नए पेटी (टीन का बॉक्स) भर दिया था। शव को ठिकाने लगाने से पहले उसकी पोल खुल गई। देर रात गोरखपुर थाने से 300 मीटर दूरी पर स्थित द्वारका अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर ए-3 में उसकी लाश मिली। लाश सड़ चुकी थी। मंगलवार को पीएम के बाद पुलिस ने शव को परिजनों के सुपुर्द किया। वहीं आरोपी की निशानदेही पर मृतक का मोबाइल जब्त करने के बाद कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। ये थी घटना तीन दिसंबर की सुबह 9.30 बजे पंचशील नगर निवासी गौरव गुप्ता स्कूटी एमपी 20 एसक्यू 9674 से कॉलेज निकले थे, लेकिन कॉलेज नहीं पहुंचे। उनका मोबाइल भी बंद बता रहा था। दोपहर में प्रिंसिपल ने सुपरवाइजर को पता लगाने घर भेजा, तब परिजनों को इसकी खबर लगी। वे भी तलाश करते रहे। रात 8.20 बजे छोटे भाई आशीष गुप्ता ने बड़े भाई की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। तब से पुलिस तलाश कर रही थी। पांचवें दिन गौरव की लाश उसके ही कॉलेज में जूनियर सहकर्मी चंदन सिंह के किराए वाले फ्लैट में मिली। ऐसे आया चंदन संदेह में गौरव के बारे में पूछताछ करने चार दिसंबर को गोरखपुर पुलिस खालसा कॉलेज पहुंची। वहां चंदन सिंह से पुलिस ने पूछताछ की। उसे पांच दिसंबर को बयान दर्ज कराने थाने बुलाया। गोकलपुर रांझी निवासी चंदन सिंह थाने नहीं गया। उसने मोबाइल भी बंद कर लिया। कॉलेज भी वह नहीं गया। पांच दिसंबर की रात वह मदनमहल स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती हो गया। वहां उसने बताया कि पत्नी से विवाद के चलते फिनायल पी ली है। छह दिसंबर को पुलिस को इसकी खबर लगी। खून लगे कंबल से कातिल के गिरेबान तक सोमवार को गौरव की स्कूटी हाऊबाग स्टेशन के पीछे झाड़ी में मिली। स्कूटी की डिक्की में टिफिन मिला। थोड़ी दूरी पर बैग, एक पन्नी में जूते, मफलर, खून लगा कंबल आदि पड़ा था। बैग से 17 हजार रुपए, आईकार्ड, फीस रसीद, चेकबुक, अलमारी की चाबी, मास्क आदि जब्त किए। अस्पताल में भर्ती संदेही चंदन की पत्नी को पुलिस ने कंबल दिखाया। उसके पहचान करते ही पुलिस को अहम ब्रेक-थू मिला। पुलिस की टीम चंदन के गोकलपुर घर पहुंची। वहां उसका हत्या की वारदात के समय पहना गया शर्ट मिला। शर्ट को धो दिया था, लेकिन उसके बाजू में खून का निशान रह गया था। पुलिस ने उसे जब्त कर लिया। मां, भाई को पुलिस उठा लाई। इसे बाद चंदन टूट गया। हत्या की ये बताई वजह 32 वर्षीय चंदन सिंह भी गौरव के साथ खालसा कॉलेज में एकाउंट सेक्शन में है। चार महीने पहले उसने रैकवार सरनेम की बीई कर चुकी युवती से लव मैरिज की थी। चंदन के मुताबिक इंटरकास्ट मैरिज को लेकर उसके परिवार में भी दिक्कत थी। इसी कारण उसने फ्लैट लिया था। उसकी पत्नी गर्भवती है। वह पत्नी के साथ इसी फ्लैट में शिफ्ट होने वाला था। गौरव ज्योतिष का भी जानकार था। चंदन ने पूर्व में उसे फ्लैट दिखाया था। चंदन ने पुलिस को बताया कि गौरव इंटरकास्ट मैरिज को लेकर उसे और उसकी पत्नी को लेकर कई बार गंभीर टिप्पणी करता रहता था। सीनियर होने के चलते कॉलेज में भी डांटता था। इसी खुन्नस में उसने सबक सिखाने की योजना बनाई। मैसेज कर बुलाया था तीन दिसंबर को चंदन ने गौरव को मैसेज कर फ्लैट देखने के लिए बुलाया था। गौरव के आते ही उसने दरवाजा बंद कर लिया। अंदर वाले कमरे में ले जाकर दो-तीन थप्पड़ मारे और जोर से धक्का देकर गिरा दिया। गौरव भारी पड़ा। इस पर उसने चाकू से तीन वार किया। दो इधर-उधर लगा और तीसरा सीधे गर्दन को आर-पार कर गया। शव को कमरे में छोड़कर वह 15 मिनट में कॉलेज पहुंच गया। जिससे किसी को संदेह न हो। तीन की रात वह रांझी चला गया। ट्रॉली बैग में शव नहीं आया तो खरीद लाया पेटी चंदन चार दिसंबर को सुबह फ्लैट पर पहुंचा। कमरे में बिखरे खून को धोकर कंबल से साफ किया। गौरव गुप्ता के शव को रस्सी से हाथ-पैर व सिर को गठरी की तरह बांध दिया। रांझी से वह ट्राली बैग लेकर आया था। पर गौरव का शव उसमें नहीं समाया। इसके बाद रद्दी चौकी से एक पेटी खरीद कर लाया और शव को उसके अंदर डालकर पॉलीथिन से पैक कर दिया। चार को कॉलेज में पुलिस पूछताछ करने पहुंची तो घबरा गया। आत्महत्या करने पहुंच गया था भेड़ाघाट पांच दिसंबर को उसने मोबाइल बंद कर लिया। गोरखपुर थाने भी नहीं गया। शाम को गौरव की स्कूटी और खून से सना कंबल, उसके जूते, मफलर, हेलमेट ले जाकर हाऊबाग स्टेशन के पीछे झाड़ी में रख आया। हत्या के बाद से ही वह तनाव में था। गोरखपुर की एक दुकान से फिनाइल पी, लेकिन दो घूंट के बाद फेंक दिया। वहां से भेड़ाघाट व लम्हेटाघाट आत्महत्या करने के इरादे से पहुंचा। फिर गर्भवती पत्नी का ख्याल आते ही लौट आया और मदनमहल स्थित निजी अस्पताल में भर्ती हो गया। नाली में फेंक दिया था मोबाइल गौरव गुप्ता का मोबाइल उसने बंद करके महानद्दा के पास अंग्रेजी शराब के बाजू वाली गली के नाली में फेंक दिया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने मंगलवार दोपहर को मोबाइल जब्त किया। वहीं अस्पताल परिसर में पार्क उसकी बाइक भी जब्त किया। फ्लैट से हत्या में प्रयुक्त चाकू, उसका जैकेट आदि जब्त किया। पुलिस ने पेटी व ट्राली बैग भी जब्त किया है। प्रकरण में 302, 201 भादवि का प्रकरण दर्ज करते हुए मंगलवार को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

Destinasi Wisata Alam yang Menawarkan Relaksasi dan Kedamaian Jiwa

Wisata alam telah lama dikenal sebagai sarana yang efektif untuk melepaskan diri dari hiruk-pikuk kehidupan sehari-hari. Di tengah padatnya aktivitas modern, menjelajahi destinasi wisata alam dapat menjadi jalan untuk menemukan kedamaian jiwa dan relaksasi yang sejati. Keindahan alam yang masih terjaga, udara segar, dan suasana yang tenang memberikan efek menenangkan bagi pikiran dan tubuh. Setiap langkah di jalur pegunungan, setiap hembusan angin di tepi danau, dan setiap debur ombak di pantai menuntun kita untuk kembali pada ketenangan alami yang sering kali terlupakan. Destinasi wisata alam yang menawarkan relaksasi biasanya memiliki beberapa karakteristik khas. Pertama, lokasi yang jauh dari keramaian kota, sehingga suara bising kendaraan dan aktivitas perkotaan tidak mengganggu. Kedua, pemandangan yang memukau dan menenangkan, seperti hutan hijau, danau yang jernih, sungai yang mengalir tenang, atau hamparan pantai berpasir putih. Ketiga, fasilitas pendukung yang sederhana namun nyaman, seperti gazebo, jalur trekking, atau area piknik, yang memungkinkan pengunjung menikmati alam dengan cara yang alami tanpa tekanan teknologi. Mengunjungi destinasi seperti ini tidak hanya memberikan pengalaman estetika, tetapi juga dampak kesehatan yang nyata. Aktivitas di alam terbuka dapat meningkatkan kualitas tidur, menurunkan tingkat stres, dan menstimulasi produksi hormon endorfin yang membuat kita merasa lebih bahagia. Jalan santai di hutan atau mendengarkan suara alam di tepi danau memungkinkan tubuh dan pikiran untuk menenangkan diri, membebaskan diri dari tekanan pekerjaan, dan mengembalikan energi yang hilang. Selain manfaat kesehatan, wisata alam juga memberikan kesempatan untuk belajar dan menghargai ekosistem. Kita dapat mengamati flora dan fauna, memahami keseimbangan alam, serta menumbuhkan rasa tanggung jawab untuk menjaga lingkungan. Banyak pengelola destinasi wisata yang kini mengintegrasikan program edukasi lingkungan dalam kunjungan wisata, sehingga pengunjung tidak hanya mendapatkan relaksasi, tetapi juga wawasan tentang pentingnya konservasi alam. Untuk masyarakat lokal, keberadaan destinasi wisata alam ini juga membuka peluang ekonomi yang berkelanjutan. UMKM lokal dan koperasi sering menjadi bagian penting dari ekosistem wisata, menyediakan layanan seperti homestay, makanan khas, pemandu lokal, hingga souvenir. Memanfaatkan produk dan layanan lokal melalui platform seperti umkmkoperasi.com atau mencari informasi melalui umkmkoperasi dapat membantu wisatawan mendukung ekonomi masyarakat setempat sekaligus mendapatkan pengalaman yang autentik dan personal. Berbagai destinasi wisata alam di Indonesia sangat beragam, mulai dari pegunungan seperti Dieng, Bromo, atau Raja Ampat, hingga kawasan hutan tropis dan danau menakjubkan seperti Danau Toba atau Situ Patenggang. Setiap tempat memiliki keunikan tersendiri yang dapat membantu pengunjung menenangkan pikiran, merenungkan hidup, dan menikmati momen kesederhanaan yang jarang didapat di kota. Aktivitas seperti meditasi di tepi danau, yoga di atas bukit, atau sekadar duduk menikmati pemandangan matahari terbenam dapat menjadi ritual relaksasi yang sangat efektif. Dengan memilih destinasi wisata alam yang tepat, pengunjung tidak hanya mendapatkan keindahan visual, tetapi juga kedamaian batin yang sulit ditemukan di kehidupan sehari-hari. Menggabungkan pengalaman wisata dengan dukungan terhadap UMKM lokal melalui umkmkoperasi.com memastikan bahwa perjalanan Anda memberi manfaat ganda: bagi diri sendiri dan masyarakat sekitar. Wisata alam yang mendamaikan jiwa menjadi media untuk menyegarkan pikiran, menenangkan hati, dan menghargai kehidupan dalam harmoni dengan alam. Jika Anda ingin, saya bisa membuat versi konten ini dengan tambahan subjudul dan paragraf yang lebih menekankan pada rekomendasi destinasi spesifik serta tips relaksasi, sehingga lebih SEO friendly untuk umkmkoperasi.com. Apakah saya buatkan versi itu juga?

PM मोदी 10 दिसंबर को नए संसद भवन का भूमि पूजन करेंगे, लोकसभा स्पीकर ने न्योता दिया

नई दिल्ली . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 दिसंबर को दोपहर एक बजे दिल्ली में संसद भवन की नई बिल्डिंग का भूमि पूजन करेंगे। लोकसभा स्पीकर ओम प्रकाश बिड़ला ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने PM मोदी से उनके घर मुलाकात की और इसके लिए न्योता दिया। इसी सिलसिले में ओम बिड़ला ने पिछले सप्ताह अधिकारियों के साथ नई बिल्डिंग की साइट का जायजा भी लिया था। ओम बिड़ला ने कहा कि 2022 में देश की आजादी के 75 साल पूरे होने पर हम नए संसद भवन में दोनों सदनों के सेशन की शुरुआत करेंगे। उन्होंने बताया कि नए भवन में लोकसभा सांसदों के लिए लगभग 888 और राज्यसभा सांसदों के लिए 326 से ज्यादा सीटें होंगी। पार्लियामेंट हॉल में कुल 1,224 सदस्य एक साथ बैठ सकेंगे। विरोध में विपक्ष, लेकिन सरकार अडिग जब देश में कोरोना फैला है, ऐसे वक्त नया संसद भवन बनाने पर विपक्ष ने सरकार की आलोचना की थी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और NCP की सांसद सुप्रिया सुले ने नया भवन बनाने की टाइमिंग और खर्च पर सवाल उठाया था। उनका कहना था कि इस समय नई बिल्डिंग बनाने के बजाय सरकार को कोरोना से लड़ने पर ध्यान देना चाहिए। इस साल की शुरुआत में सरकार ने नया संसद भवन बनाने के अपने फैसले को सही ठहराया था। टाटा को मिली जिम्मेदारी अधिकारियों ने सितंबर में बताया था कि नए भवन को त्रिकोण के आकार में डिजाइन किया गया है। इसे मौजूदा परिसर के पास ही बनाया जाएगा। इस पर 861.90 करोड़ रुपये की लागत आएगी। बिल्डिंग का काम एक साल में पूरा होने की उम्मीद है। इसे बनाने का जिम्मा टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को मिला है। देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने इसके लिए 865 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। वहीं, सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (CPWD) की ओर से 940 करोड़ रुपये लागत बताई गई थी। आखिर में बाजी टाटा के हाथ लगी। अभी बना संसद भवन अंग्रेजों के राज में बना था। इसे एडविन लुटियंस और हर्बर्ट बेकर ने डिजाइन किया था। उन्होंने नई दिल्ली का कंस्ट्रक्शन और प्लानिंग भी की थी। गोल आकार में बना संसद भवन भारत की सबसे बेहतरीन इमारतों में शुमार है। इसके सामने महात्मा गांधी की प्रतिमा बनी है। ​​​ सरकार ने बनाया सेंट्रल विस्टा का मास्टर प्लान सरकार ने राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट के बीच नई इमारतें बनाने के लिए सेंट्रल विस्टा का मास्टर प्लान तैयार किया है। इसी इलाके में सेंट्रल सेक्रेटेरिएट के लिए 10 बिल्डिंग बनाई जाएंगी। राष्ट्रपति भवन, मौजूदा संसद भवन, इंडिया गेट और राष्ट्रीय अभिलेखागार की इमारत को वैसा ही रखा जाएगा। सेंट्रल विस्टा के मास्टर प्लान के मुताबिक, पुराने संसद भवन के सामने गांधीजी की प्रतिमा के पीछे नया तिकोना संसद भवन बनेगा। इसमें लोकसभा और राज्यसभा के लिए एक-एक इमारत होगी, लेकिन सेंट्रल हॉल नहीं बनेगा। यह इमारत 13 एकड़ जमीन पर तैयार होगी।

सात साल बाद जेल से बाहर आया आसाराम का बेटा नारायण साईं 14 दिन की फरलो

सूरत। यौन शोषण मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा आसाराम का बेटा नारायण साईं शनिवार को करीब 7 साल बाद जेल से बाहर आया। सूरत की लाजपोर जेल से बाहर आते ही पुलिस उसे लेकर अहमदाबाद के लिए रवाना हो गई। गुजरात हाईकोर्ट ने मां की तबीयत ठीक न होने की वजह से नारायण साईं की 14 दिन की फरलो मंजूर की है। 14 दिन की जमानत की गुहार लगाई थी नारायण साईं ने भी अपने माता-पिता से मिलने के लिए 14 दिन की जमानत की गुहार लगाई थी। इन दिनों नारायण की मां की तबीयत खराब है और हार्टअटैक के चलते उनका दिल भी मात्र 40 फीसदी ही काम कर रहा है। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने साईं की याचिका मंजूर की है। क्या है पूरा मामला 2013 में सूरत के आश्रम की दो साधिकाओं ने साईं के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत दर्ज करवाई थी। साधिकाओं का आरोप था कि 2002 से 2004 के बीच नारायण साईं ने परिवार को मारने की धमकी देकर उनका शोषण किया था। इसके बाद वो फरार हो गया था, जिसे करीब एक महीने बाद पंजाब-दिल्ली बॉर्डर से अरेस्ट किया गया था। इसी मामले में नारायण साईं को आजीवन कैद की सजा सुनाई गई है। पैरोल और फरलो में अंतर पैरोल में कैदी को जेल से बाहर जाने के लिए एक संतोषजनक कारण बताना होता है। प्रशासन, कैदी की अर्जी को मानने के लिए बाध्य नहीं है। प्रशासन कैदी को एक समय विशेष के लिए जेल से रिहा करने से पहले समाज पर इसके असर को भी ध्यान में रखता है। पैरोल एक तरह की अनुमति लेने जैसी है। इसे खारिज भी किया जा सकता है। फरलो एक डच शब्द है। इसके तहत कैदी को अपनी सामाजिक या व्यक्तिगत जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए कुछ समय के लिए रिहा किया जाता है। इसे कैदी के सुधार से जोड़कर भी देखा जाता है। तकनीकी तौर पर फरलो कैदी का मूलभूत अधिकार माना जाता है।

पति ने सोशल डिस्टेंसिंग बनाई तो पत्नी कोर्ट पहुंची, पति ने टेस्ट कराके पुरुषत्व का सबूत दिया

भोपाल। भोपाल में अलग तरह का मामला सामने आया है। लॉ ट्रिब्यूनल (विधिक प्राधिकरण) में एक ऐसा मामला पहुंचा है, जिसमें पति को कोरोना फोबिया की वजह से पत्नी से सोशल डिस्टेंसिंग बनाना महंगा पड़ गया। इस डिस्टेंसिंग की वजह से नई-नवेली पत्नी रूठकर मायके चली गई। उसने 5 महीने बाद प्राधिकरण में भरण-पोषण का आवेदन दिया। मामले में काउंसलिंग की तो पता चला कि कोरोना के डर से पति ने दांम्पत्य दायित्वों को नहीं निभाया। इस पर पत्नी ने आरोप लगा दिया कि उसका पति दांम्पत्य संबंध निभाने लायक ही नहीं है। पत्नी को मनाने के लिए पति को मेडिकल टेस्ट कराके पुरुषत्व का प्रमाण देना पड़ा। मामले में समझौता होने के बाद शुक्रवार को महिला पति के साथ ससुराल चली गई । दोनों की शादी 29 जून को हुई थी। प्राधिकरण में महिला ने 2 दिसंबर को आवेदन दिया था। उसने आरोप लगाए थे कि ससुराल वाले उसे परेशान करते हैं। उसकी शादी को 5 महीने ही हुए हैं। पत्नी के पास नहीं आता था पति पत्नी ने बताया कि शादी के बाद ससुराल वालों ने प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। पति फोन पर तो अच्छी बातें करते थे, लेकिन पास नहीं आते थे। इसको लेकर दोनों के बीच विवाद होना शुरू हो गया। महिला का कहना था कि जिससे उसने जीवनभर का रिश्ता जोड़ा, वही दूरी बना रहा था। उसने यह बात अपने परिजन को बताई। मायके वालों ने पति से बात करना चाही, लेकिन उसने सही तरीके से उत्तर नहीं दिया। ससुराल वालों की प्रताड़ना और पति की बेरुखी को देखते हुए वह मायके आ गई और दो महीने यहीं रही। महिला का कहना है कि उसका पूरा जीवन पड़ा है, लिहाजा भरण-पोषण का खर्चा दिया जाए। पति फिट निकला, पत्नी मान गई मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राधिकरण ने मेडिकल कराने की सलाह ही। पति ने प्राधिकरण के सामने मेडिकल रिपोर्ट रखी, जिसमें वह फिट था। मेडिकल रिपोर्ट को देखने के बाद पाया कि महिला ने पति पर झूठा आरोप लगाया था। महिला और उसके परिजन की काउंसलिंग की गई। उसके बाद महिला अपने पति के साथ ससुराल जाने को तैयार हो गई। काउंसलर ने हिदायत दी कि वह आगे से किसी प्रकार के झूठे आरोप नहीं लगाए। वहीं दोनों को कोरोना टेस्ट कराके समस्या के निदान की सलाह दी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव संदीप शर्मा ने बताया कि महिला ने पति पर झूठे आरोप लगाए थे कि वह दांम्पत्य संबंध निभाने योग्य नहीं है। काउंसलिंग के दौरान खुलासा हुआ कि पति को कोरोना फोबिया था, जिसकी वजह से वह पत्नी से भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहा था। कोरोना होने के डर से नहीं जाता था पत्नी के पास काउंसलिंग के दौरान पति ने खुलासा किया कि शादी के बाद ही पत्नी के परिवार वाले पॉजिटिव हो गए। उसको लगता था कि हार्ड इम्युनिटी की वजह से उसे या पत्नी में कोरोना के लक्षण नहीं दिखाई दिए। उसका मानना था कि जब आसपास वाले पॉजिटिव थे, तो हो सकता है कि उसे और पत्नी को भी कोरोना हो। इसकी वजह से वह संबंधों को निभाने से झिझकता था।

स्पा सेंटर में देह व्यापार : रिसेप्शनिस्ट की जॉब पर पहुंची युवती को कस्टमर के पास भेजा

भोपाल। भोपाल में स्पा सेंटर के नाम पर सेक्स रैकेट संचालित होने का खुलासा हुआ है। सेंटर की संचालिका रिसेप्शनिस्ट के जॉब पर रखने के बहाने लड़कियों को इस धंधे में धकेल देती थी। इसका पता तब चला, जब एक युवती ने कस्टमर को खुश करने से मना कर दिया। युवती ने हंगामा करते हुए दोस्तों को बुला दिया। हंगामा बढ़ता देख संचालिका और कस्टमर युवती के हाथ-पैर जोड़ने लगे। माफी मांगने के कारण मामला शांत हो गया, लेकिन बाद में युवती ने माता-पिता के कहने पर देर रात कोलार थाने में संचालिका और कस्टमर के खिलाफ छेड़छाड़ समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज करा दी। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। कोलार पुलिस के अनुसार अरेरा कॉलोनी ई-6 में रहने वाली 19 वर्षीय युवती ने बताया कि उसे जॉब की जरूरत थी। उसकी एक दोस्त ने उसे कोलार स्थित ईडन स्पा सेंटर की संचालिका का नंबर दिया था। उसने कहा था कि वह रिसेप्शनिस्ट की जॉब है। संचालिका मुस्कान से उसकी फोन पर बात हुई। उसे जॉब मिल गई। उसके बाद वह कल यानी शुक्रवार को पहले दिन जॉब पर गई थी। शाम करीब 6:30 बजे मुस्कान ने उससे कहा, कस्टमर आया हुआ है। वह कमरे में जाकर टॉवेल आदि रख दें। युवती कमरे में टॉवेल रखने गई, तो कस्टमर मदन त्रिपाठी ने अंदर से कुंडी लगा दी और छेड़छाड़ करने लगा। युवती ने विरोध करते हुए मदन को धक्का दिया और कुंडी खोलकर बाहर आ गई। उसने अपने दोस्तों को फोन लगाकर बुला लिया, जिसके बाद स्पा सेंटर में हंगामा हुआ। मामले का खुलासा होने के बाद मुस्कान और मदन युवती के सामने गिड़गिड़ाने लगे, जिसके बाद सुलह हो गई। माता-पिता के कहने पर एफआईआर हुई काफी हंगामे के बाद युवती घर आ गई। उसने माता-पिता को घटना के बारे में बताया। इसके बाद माता-पिता ने उसे एफआईआर कराने की सलाह दी। देर रात कोलार थाने पहुंचे युवती ने मदन और मुस्कान के खिलाफ देह व्यापार और छेड़छाड़ समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। कोलार में 4 दिन के अंदर दूसरे स्पा सेंटर पर कार्रवाई कोलार में स्पा सेंटर के नाम पर चल रहे सेक्स रैकेट का यह दूसरा मामला है। इससे 4 दिन पहले क्राइम ब्रांच पुलिस ने लंडर स्पा सेंटर पर दबिश देते हुए 3 युवतियों समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। इसमें लड़कियां नेपाल तक से लाई गई थी। यह 8 हजार रुपए महीने पर रखी जाती थी और फिर इनसे कस्टमर को खुश करने के लिए लगा दिया जाता था।

Ind vs Aus 1st T20I: भारत ने जीता पहला मुकाबला, ऑस्ट्रेलिया को 11 रन से दी पटखनी

नई दिल्ली। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का पहला मुकाबला कैनबरा के मैदान पर खेला गया। इस मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान आरोन फिंच ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला किया। विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने 20 ओवर में केेएल राहुल के अर्धशतक और जडेजा की तेज 44 रन की पारी के दम पर 7 विकेट खोकर 161 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 162 रन का टारगेट मिला था, लेकिन ये टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर 150 रन ही बना पाई और उसे 11 रन से हार मिली। इस हार के बाद ऑस्ट्रेलिया की टीम तीन मैचों की टी20 सीरीज में 0-1 से पिछड़ गई है। ऑस्ट्रेलिया की पारी भारत के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत काफी अच्छी रही और उन्होंने शॉर्ट के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 56 रन की साझेदारी की। फिंच का विकेट 35 रन पर चहल ने लिया जिन्हें जडेजा की जगह मैच में शामिल किया गया। स्मिथ को भी चहल ने 12 रन पर कैच आउट करवा दिया। ग्लेन मैक्सवेल को नटराजन ने दो रन पर आउट कर दिया। टी नटराजन ने शॉर्ट को 34 रन पर हार्दिक पांड्या के हाथों कैच आउट करवा दिया। मैथ्यू वेड 7 रन बनाकर चहल का शिकार बने तो वहीं हेनरिक्स 30 रन बनाकर दीपक चाहर की गेंद पर आउट हो गए। स्टार्क एक रन बनाकर आउट हुए जबकि स्वैपसन 12 रन बनाकर नाबाद रहे। भारत की तरफ से चहल व नटराजन ने तीन-तीन जबकि दीपक चाहर ने एक विकेट लिए। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को खराब शुरुआत मिली। 6 गेंदों में एक रन बनाकर शिखर धवन क्लीन बोल्ड हो गए। उनको मिचेल स्टार्क ने पवेलियन भेजा। इसके बाद केएल राहुल और कप्तान विराट कोहली के बीच एक साझेदारी हुई, लेकिन कोहली 9 गेंदों में 9 रन बनाकर मिचेल स्वेप्सन के शिकार बने। तीसरा विकेट संजू सैमसन के तौर पर गिरा जो 15 गेंदों में 23 रन बनाकर हेनरिक्स की गेंद पर स्वेप्सन के हाथों कैच आउट हुए। भारत के लिए केएल राहुल ने अर्धशतक जड़ा। उन्होंने 37 गेंदों में 5 चौके और 1 छक्का अपनी पारी के दौरान जड़ा। भारत को चौथा झटका मनीष पांडे के रूप में लगा जो 8 गेंदों में 2 रन बनाकर एडम जैम्पा की गेंद पर जोश हेजलवुड के हाथों कैच आउट हुए। केएल राहुल के रूप में भारत को पांचवां झटका लगा जो 40 गेंदों में 51 रन बनाकर हेनरिक्स की गेंद पर एबॉट के हाथों कैच आउट हुए। हार्दिक पांड्या 15 गेंदों में 16 रन बनाकर हेनरिक्स की गेंद पर स्मिथ के हाथों कैच आउट हुए। वाशिंगटन सुंदर 7 रन बनाकर आउट हुए। जडेजा ने नाबाद 44 रन की पारी खेली। टी नटराजन का डेब्यू 2 दिसंबर को वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले टी नटराजन को 4 दिसंबर को टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भी डेब्यू करने का मौका मिला । वनडे मैच से पहले आइपीएल में यॉर्कर किंग बने टी नटराजन को प्रदर्शन के आधार पर ही टीम में जगह मिली। जसप्रीत बुमराह को टेस्ट सीरीज से पहले आराम दिया गया।

हैदराबाद नगर निगम चुनावों में बीजेपी ने टीआरएस व ओवैसी को दी मात

हैदराबाद। हाईप्रोफाइल हैदराबाद नगर निगम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने 47 सीटों पर जीत दर्ज करके AIMIM के गढ़ में औवैसी को मात दी है। वहीं, सत्तारूढ़ पार्टी टीआरएस शीर्ष पर बनी हुई। इन चुनाव परिणामों में कांग्रेस का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है। तेंलगाना प्रदेश अध्यक्ष ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। नगर निगम चुनाव के ताजा परिणामों के अनुसार एआइएमआइएम ने 43 सीटों पर जीत दर्ज की है और भाजपा ने 49 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं, टीआरएस 56 सीटों पर जीत दर्ज करके एक सीट पर बढ़त बनाए हुए है। शुरुआत में किसी ने यह कल्‍पना नहीं की थी कि भाजपा यहां इतना अच्‍छा परफॉर्म कर पाएगी। यहां तक कि एग्जिट पोल में भी टीआरएस को ही बढ़त दिखाई गई थी। लेकिन भाजपा को कहीं न कहीं कोई उम्‍मीद नजर आ रही थी, इसलिए पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। भारतीय जनता पार्टी की ओर से अमित शाह समेत कई बड़े नेताओं को प्रचार में उतरा था। भले ही यह चुनाव नगर निगम का हो लेकिन जितने जोश के साथ भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव प्रचार किया है, उसके बाद मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है। भाजपा ने चुनाव प्रचार के लिए हाईप्रोफाइल नेताओं को मैदान में उतारा। गृह मंत्री अमित शाह, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा के अलावा केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, प्रकाश जावड़ेकर, तेजस्वी सूर्या और देवेंद्र फडणवीस जैसे हाईप्रोफाइल नेताओं ने भी चुनाव प्रचार किया। पार्टी ने इन चुनावों के लिेए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। 35 फीसद हुआ था मतदान इस बार ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम चुनाव में मतपत्रों का उपयोग किया गया था। वहीं, कोरोना महामारी के कारण इस बार सिर्फ 35 फीसद ही मतदान हुआ। इन चुनावों में कुल 74 लाख से अधिक मतदाता हैं, जिनमें 38,89,637 पुरुष वोटर और 35,76,941 महिला वोटर शामिल हैं। गौरतलब है कि इस बार चुनाव में, सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस), भारतीय जनता पार्टी और असदुद्दीन ओवैसी की एआइएमआइएम पार्टी मैदान में हैं। हैदराबाद में भारतीय जनता पार्टी के नेता जीएचएमसी चुनावों में पार्टी के अच्छे प्रदर्शन से खुश होकर एक दूसरे का हाथ थामकर और विक्ट्री साइन बनाते हुए जीत का जश्न मनाया।

रजनीकांत 31 दिसंबर को पार्टी का ऐलान करेंगे, तमिल राजनीति में छठे बड़े फिल्मी सितारे की एंट्री

चेन्नई. दक्षिण के सुपर स्टार रजनीकांत (69) ने राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान किया है। एक्टर ने 2021 का विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान भी किया। रजनीकांत ने गुरुवार को कहा कि पार्टी के बारे में औपचारिक घोषणा 31 दिसंबर को की जाएगी। उन्होंने कहा कि हम कड़ी मेहनत करेंगे और जीतेंगे। रजनीकांत पिछले कई महीनों से राजनीति में सक्रिय हैं, लेकिन पहली बार उन्होंने सियासी पारी को लेकर अपने पत्ते खोले हैं। पार्टी बनाने और विधानसभा चुनाव में उतरने के ऐलान के बाद तमिलनाडु की राजनीति में एक और एक्टर की एंट्री होगी। इससे पहले वहां फिल्मी कलाकार राजनीति में कामयाबी हासिल करते रहे हैं। सालभर पहले कमल हासन से गठबंधन की बात कही थी रजनीकांत ने पिछले साल एक्टर कमल हासन के साथ गठबंधन करने की बात कही थी। तब रजनीकांत ने कहा था कि राज्य की जनता के हितों को देखते हुए यदि कमल हासन के साथ गठबंधन करने की स्थिति बनती है, तो वे जरूर एक-दूसरे के साथ आएंगे।

शिवराज सरकार पब्लिक को झटका देने को तैयार, मध्य प्रदेश में जल्द महंगी होगी बिजली

जबलपुर. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उपभोक्ता अगर यह सोच रहे हैं कि प्रदेश में उन्हें सस्ती बिजली मिल सकती है तो प्रदेश के उपभोक्ताओं की यह उम्मीद ना उम्मीद में तब्दील होने वाली है. क्योंकि मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर (Pradyuman Singh Tomar) ने साफ शब्दों में कह दिया है कि प्रदेश का खर्च चलाने के लिए बिजली के दाम बढ़ना जरूरी है. जबलपुर पहुंचे मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बिजली कंपनियों के मुख्यालय शक्तिभवन में ट्रांसमिशन कंपनी, पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी तथा जेनरेशन कंपनी के कार्यों की समीक्षा की. समीक्षा के बाद मंत्री तोमर ने पत्रकारों से चर्चा की. इस पर उन्होंने साफ कह दिया कि निश्चित तौर पर मध्य प्रदेश का खर्च चलाने के लिए आय की जरूरत है और मध्य प्रदेश का एक बहुत बड़ा आय स्रोत बिजली है. लिहाजा बिजली के दाम बढ़ना जरूरी है. इसके साथ ही प्रद्युम्न सिंह तोमर ने साफ कहा कि विद्युत नियामक आयोग जो तय करेगा उसे हम जरूर मानेंगे. यानी यह साफ है कि आने वाले दिनों में अगर बिजली के दाम बढ़ते हैं तो इसमें सरकार का पूरी तरह से समर्थन रहेगा.

मसाज पार्लर का सच:भोपाल के स्पा सेंटर में मिली सेक्स वर्कर नेपाल से लाई जाती थीं; पेमेंट 8 हजार

भोपाल। कोलार इलाके में लंदन इवनिंग स्पा सेंटर में पकड़ी गई सेक्स वर्कर नेपाल तक से लाई गई थीं। उन्हें 8 हजार रुपए महीने पर रखा गया था, जबकि वह ग्राहकों से पेमेंट से कई गुना ज्यादा टिप में ले लेते थीं। स्पा सेंटर में नेपाल के अलावा देश के कई हिस्सों जैसे नागपुर से भी लड़कियां बुलाई जाती थी। सेक्स रैकेट में पकड़ी गई लड़कियों ने पुलिस पूछताछ में इसका खुलासा किया है। क्राइम ब्रांच की टीम को कई लड़कियों और ग्राहकों के नंबर मिले हैं। पुलिस अब उन सभी नंबरों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने मौके से दो ग्राहक भी पकड़े थे। एक हजार रुपए में होती थी इंट्री क्राइम ब्रांच भोपाल के एएसपी गोपाल सिंह धाकड़ ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि एक हजार रुपए में तो सिर्फ इंट्री होती थी। इसके बाद ग्राहक की डिमांड के अनुसार कीमत तय होती थी। इसमें लड़कियां भोपाल से लेकर दूसरों शहरों और विदेशी के मॉडल मिलते थे। हालांकि उम्र, शहर और देश के अनुसार मसाज की कीमत तय होती थी। समय पहले से ही तय रहता था। मिनट के अनुसार चार्ज किया जाता था। पुलिस आरोपियों के पास मिले नंबरों की पड़ताल कर रही है। सोशल मीडिया पर हो रहा था संचालित बीडीए कॉलोनी सलैया में रहने वाले मुख्य आरोपी और स्पा सेंटर के मैनेजर अनिल वर्मा सोशल मीडिया के माध्यम से ग्राहकों और लड़कियों के संपर्क में रहता था। वह ग्राहक की डिमांड के अनुसार ही लड़कियों से संपर्क करता था। ग्राहक को पहले से ही चार्ज आदि के बारे में बता दिया जाता था। सोशल मीडिया पर भेजे गए फोटो का चयन होने के बाद सौदा तय हो जाता था।

बैठक में किसानों ने ठुकराया सरकार का खाना, धरनास्थल सिंधु बॉर्डर से पैक होकर आया लंच

नई दिल्ली। दिल्ली के विज्ञान भवन में सरकार और किसान नेताओं की बैठक जारी है. कृषि कानूनों पर सरकार और किसान नेताओं की चौथे दौर की बातचीत को 3 घंटे से ज्यादा का समय हो गया. इस मैराथन बैठक के दौरान लंच ब्रेक भी हुआ. इस दौरान किसान नेताओं ने सरकार की खातिरदारी मंजूर नहीं की और अपना खाना मंगाकर खाया. किसान नेताओं के लिए खाना सिंधु बॉर्डर से सफेद रंग की एंबुलेंस में पैक होकर आया था. सिंधु बॉर्डर पर लगे लंगर से किसान नेताओं के लिए खाना पहुंचा. किसान नेताओं ने पहले ही मन बना लिया था कि सरकार का खाना स्वीकार नहीं करेंगे. आपको बता दें कि केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ किसान पिछले 8 दिनों से दिल्ली बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं. किसान कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. वहीं, सरकार किसानों को समझाने में जुटी है. सरकार का कहना है कि कृषि कानून किसानों के पक्ष में है. आज की बैठक में किसान नेताओं की तरफ से कविता तालुकदार अकेली महिला हैं. कविता एक सोशल एक्टिविस्ट हैं और इस आंदोलन की सेंट्रल कोऑर्डिनेशन कमिटी की मेंबर भी हैं. इस चर्चा में किसान नेताओं का प्रतिनिधित्व करते हुए कविता ने जबरदस्त दलीलें दी हैं. बैठक में कविता के सवालों ने कृषि मंत्रालय के पदाधिकारियों के पसीने छुड़ा दिए. कविता ऑल इंडिया किसान संयुक्त समिति की भी सदस्य हैं. सरकार के जवाब के बाद किसान नेताओं ने पूछा कि सरकार आखिर क्यों गोल-गोल चक्रों में घूम रही है. सरकार और किसानों नेताओं की बातचीत दोपहर 12 बजे शुरू हुई. किसानों की ओर से MSP पर अपनी मांग रखी गई. किसानों ने अपनी ओर से दस पन्नों का खाका पकड़ाया. संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से कुल दस पन्नों का खाका सरकार को सौंपा गया. एंबुलेंस से आया किसानों के लिए खाना किसानों की ओर से कृषि सचिव को खाका सौंपा गया, जिसमें 5 मुख्य बिंदु हैं. APMC एक्ट में 17 प्वाइंट पर असहमति है, एसेंशियल कमोडिटी एक्ट में 8 प्वाइंट पर असहमति है. इसके अलावा कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग में 12 प्वाइंट पर असहमति है.

कोरोना वैक्सीन पर बड़ी खुशखबरी, एम्स डायरेक्टर बोले- अगले महीने तक भारत को मिल जाएगा टीका

देश में कोरोना की दूसरी लहर थमती नजर आ रही है. पिछले 24 घंटे में कोरोना के करीब 35 हजार नए मामले सामने आए हैं. कोरोना की थमती रफ्तार पर दिल्ली एम्स के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने खुशी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि हम कोरोना ग्राफ देख रहे हैं और अगर नियमों का पालन करते रहे तो यह गिरावट जारी रहेगी. डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि आने वाले तीन महीने काफी महत्वपूर्ण हैं. अगर हम सावधानी बरतना जारी रखते हैं तो कोरोना महामारी के खतरे को टाल सकते हैं. कोरोना वैक्सीन पर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि भारत में जो टीके बनाए जा रहे हैं, वह अंतिम चरण के ट्रायल में है. डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने उम्मीद जताई कि इस महीने के अंत तक या अगले महीने की शुरुआत तक हमें कोरोना वैक्सीन के इमरजेंसी वैक्सीनाइजेशन की इजाजत मिल जाए. हमें वैक्सीन डिस्ट्रीब्यूशन को लेकर सख्त कदम उठाने की जरूरत है, जिससे जनता को वैक्सीन देना शुरू किया जा सके. डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहना है कि कोरोना वैक्सीन को लेकर अच्छा डेटा उपलब्ध है कि टीके बहुत सुरक्षित हैं. वैक्सीन की सुरक्षा और प्रभावकारिता से कोई समझौता नहीं किया गया है. 70,000-80,000 स्वयंसेवकों ने टीका लगवाया, कोई महत्वपूर्ण गंभीर प्रतिकूल प्रभाव नहीं देखा गया. डेटा से पता चलता है कि अल्पावधि में टीका सुरक्षित है. डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि जब हम बड़ी संख्या में लोगों को टीका लगाते हैं, तो उनमें से कुछ को कोई न कोई बीमारी हो सकती है, जो टीके से संबंधित नहीं हो सकती है.

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