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MP News: जहां पढ़ चुकीं सलमान खान-मुकेश अंबानी जैसी हस्तियां, ग्वालियर के उस स्कूल में 21 को पहुंचेंगे PM मोदी

  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर मध्यप्रदेश के दौरे पर रहेंगे। इस बार वे 21 अक्टूबर को ग्वालियर आ रहे हैं। वे यहां के सिंधिया स्कूल के 125वें स्थापना दिवस के कार्यक्रम में पहुंचेंगे। सिंधिया स्कूल की स्थापना 125 साल पहले सन 1897 में हुई थी। संतोष सिंह तोमर, ग्वालियर बता दें कि यह सिंधिया परिवार की तरफ से पहला मौका है, जब उनके कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ रहे हैं। सिंधिया स्कूल प्रबंधन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया है। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सिंधिया की राजशाही जयविलास पैलेस का भ्रमण कर चुके हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि पीएम मोदी के कार्यक्रम की जानकारी मिल गई है जिसको लेकर तैयारी चल रही है। सिंधिया स्कूल देशभर में प्रसिद्ध है और इस स्कूल में सलमान खान, मुकेश अंबानी सहित तमाम बड़ी हस्तियां पढ़ चुकी हैं। गौरतलब है कि ग्वालियर में सिंधिया स्कूल अपना 125वां स्थापना दिवस मनाने जा रहा है। इस कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया गया है। इसको लेकर स्कूल में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। यह दो दिवसीय कार्यक्रम होगा। करीब डेढ़ घंटे तक रहेंगे। समारोह ठीक शाम 5 बजे से शुरू होगा और उसी समय पीएम मोदी सिंधिया स्कूल पहुंचेंगे। इस स्थापना दिवस पर मीत ब्रदर्स अपनी प्रस्तुति देंगे। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हो सकते हैं। उनके साथ केंद्रीय मंत्री सिंधिया सहित कई केंद्रीय मंत्री मौजूद रहकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। इससे पहले सिंधिया परिवार ने राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को महल में आमंत्रण किया और उसके बाद उन्हें शाही भोज कराया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 21 अक्टूबर को ग्वालियर में होने वाले दौरे को लेकर सिंधिया ने कहा है कि हमारा सौभाग्य है कि सिंधिया स्कूल की वर्षगांठ के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना कीमती समय निकालकर यहां आ रहे हैं।

सुसाइड नोट लिख शिप्रा में छलांग लगाने वाले गेल के सीनियर इंजीनियर की लाश मिली

Indore Crime News: सुसाइड नोट में उन्होंने डिप्टी जनरल मैनेजर (डीजीएम) पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। आदित्य शर्मा इंदौर। सोमवार से लापता गैस अथारिटी आफ इंडिया लि. (गेल) के सीनियर इंजीनियर विनोद कुमार का शव मंगलवार सुबह शिप्र नदी में मिल गया है। औद्योगिक थाना टीआई शशिकांत चौरसिया ने बताया कि शव नदी में तलाशी के दौरान करीब 100 मीटर दूरी पर मिल गया। शव का पोस्टमार्टम कर मर्ग कायम किया गया है। उल्लेखनीय है कि गुलाब कालोनी स्कीम-94 निवासी विनोद कुमार शर्मा सोमवार से लापता थे। उनकी कार शिप्रा नदी किनारे मिली थी। कार में सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें उन्होंने डिप्टी जनरल मैनेजर (डीजीएम) पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। इसके बाद से पुलिस व गोताखोर नदी में सर्चिंग में जुटे हैं। 52 वर्षीय विनोद रामप्रसाद शर्मा के पास देवास व इंदौर का काम था। सोमवार दोपहर वे बगैर बताए कार (एमपी 09 डब्ल्यूजी 6003) से घर से रवाना हुए थे। घर न लौटने पर स्वजन ने तलाश शुरू की। पत्नी कीर्ति ने लसूड़िया थाना में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन निकाली तो औद्योगिक नगर देवास थाना क्षेत्र में मिली। सीसीटीवी फुटेज निकाले तो दोपहर करीब सवा दो बजे कार टोलनाका से जाते हुए नजर आई।

Shardiya Navratri: नवरात्रि के बाद कलश में रखे नारियल से करें ये 3 काम, मां दुर्गा होंगी प्रसन्न, मनोकामनाएं कर देंगी पूरी

Kalash Nariyal Upay: शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा के महापर्व के 4 दिन हो गए हैं. इस साल शारदीय नवरात्रि 15 अक्टूबर 2023 से शुरू होकर 23 अक्टूबर 2023 को समाप्त होंगी. नवरात्रि में पूरे 9 दिन पूजा-पाठ के साथ व्रत रखा जाता है. दरअसल, नवरात्रि एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ है ‘9 रातें’. इन 9 रातों और 10 दिनों के दौरान भक्त शक्ति की देवी मां जगदंबा के नौ रूपों की पूजा करते हैं. नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना या घटस्थापना के साथ इसकी शुरुआत होती है. इस दौरान एक नारियल रखकर कलश स्थापना या घटस्थापना होती है. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि नवरात्रि के बाद इस नारियल का क्या होता है. हालांकि, इस तरह के सवाल कई लोगों के मन में होते हैं. ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, जिस श्रद्धापूर्वक कलश स्थापना होती है, ठीक उसी तरह इसे हटाना भी जरूरी होता है. यदि आप गलत तरीके से नारियल को हटाते हैं या नारियल का प्रयोग करते हैं तो इससे इसका अपमान होता है और आपको नवरात्रि में किए गए पूजा-व्रत का फल नहीं मिलता है. आइए उन्नाव के ज्योतिषाचार्य पं. ऋषिकांत मिश्र शास्त्री से जानते हैं कि नवरात्रि के बाद कलश में रखे नारियल का क्या करना चाहिए? पूजा स्थल पर रखें: नवरात्रि में स्थापित किए गए नारियल की अनदेखी नहीं करनी चाहिए. क्योंकि, कई लोग नवरात्रि समाप्त होने पर नारियल गलत तरह से हटाते या प्रयोग कर लेते हैं. ऐसा करने से उन्हें 9 दिन की पूजा का फल नहीं मिल पाता. बता दें कि, कलश पर रखे नारियल में माता रानी की विशेष कृपा होती है. ऐसे में नवरात्रि के बाद इस नारियल को लाल रंग के कपड़े में लपेटकर पूजा स्थल पर रखें. ऐसा करने से मां प्रसन्न होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं. प्रसाद के रूप में खाएं: नवरात्रि में स्थापित कलश के ऊपर रखे नारियल को 9 दिन बाद विधि-विधान से हटाना चाहिए. इसके बाद इसको आप नदी या बहते पानी में प्रवाहित कर सकते हैं. या फिर बेहतर होगा कि आप इसको प्रसाद के रूप में कन्याओं को बांटें और स्वयं भी खाएं. ऐसा करने से आप मां से सुख-समृद्धि पा सकते हैं. चावल भी प्रवाहित करें: हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के बाद पूजा की सामग्री को जल में प्रवाहित करना सबसे उत्तम माना जाता है. चाहें वह नारियल हो या फिर कलश के नीचे रखे चावल. नवरात्रि के बाद सभी को जल में प्रवाहित जरूर करना चाहिए. दरअसल, ऐसा करने से कोई दोष नहीं लगता और पूजा का संपूर्ण फल प्राप्त होता है. एजेंसी इनपुट

दशहरा, दिवाली और छठ पर घर जाने की टेंशन हुई खत्म, रेलवे ने शुरू की 34 स्पेशल ट्रेनें

Festival Special Trains: उत्तर रेलवे ने त्योहार के समय अपने घर जाने वाले यात्रियों की भीड़ के मद्देनजर बुधवार से 34 विशेष ट्रेन शुरू की हैं. ये विशेष ट्रेन 18 अक्टूबर से 11 दिसंबर के बीच 377 फेरे लगाएंगी. एजेंसी , नई दिल्ली उत्तर रेलवे ने त्योहार के समय अपने घर जाने वाले यात्रियों की भीड़ के मद्देनजर बुधवार से 34 विशेष ट्रेन शुरू की हैं. ये विशेष ट्रेन 18 अक्टूबर से 11 दिसंबर के बीच 377 फेरे लगाएंगी. इनमें से 351 फेरे देश के पूर्वी हिस्से की ओर तथा 26 फेरे उत्तरी क्षेत्र की ओर लगाने वाली विशेष ट्रेन होंगी.उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक शोभन चौधरी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इन 34 ट्रेन के अलावा, मौजूदा 69 ट्रेन में अतिरिक्त कोच जोड़े जाएंगे. कुल मिलाकर, उत्तर रेलवे त्योहारी मौसम के दौरान यात्रियों की आवाजाही में वृद्धि को देखते हुए 5.5 लाख अतिरिक्त सीट उपलब्ध कराएगा.’’ ये विशेष ट्रेन देश भर के प्रमुख गंतव्यों जैसे दिल्ली, नई दिल्ली, आनंद विहार, पटना, छपरा, जोगबनी, सहरसा, जयनगर, कटिहार, गुवाहाटी, दरभंगा, गोरखपुर, वाराणसी, बरौनी, रक्सौल, मुजफ्फरपुर, गया, लखनऊ, कोलकाता, श्री माता वैष्णो देवी कटरा, अमृतसर, सहारनपुर और अंबाला को जोड़ेंगी. उत्तर रेलवे ने संभावित यात्रियों को उसके सोशल मीडिया हैंडल और पूछताछ कार्यालयों से विशेष ट्रेन का विवरण प्राप्त करने की सलाह दी है. चौधरी के मुताबिक, इस दौरान बढ़ी मांग के चलते अतिरिक्त व्यवस्था की गई है.चौधरी ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि अतिरिक्त व्यवस्थाएं बढ़ी हुई मांग को पूरा करेंगी. हम स्थिति पर नजर रखेंगे और अगर हमें लगता है कि और अधिक विशेष ट्रेन की जरूरत है, तो हम निश्चित रूप से उस पर भी विचार करेंगे. फिलहाल, मुझे लगता है कि यह पर्याप्त है.’’ चौधरी ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि अतिरिक्त व्यवस्थाएं बढ़ी हुई मांग को पूरा करेंगी. हम स्थिति पर नजर रखेंगे और अगर हमें लगता है कि और अधिक विशेष ट्रेन की जरूरत है, तो हम निश्चित रूप से उस पर भी विचार करेंगे. फिलहाल, मुझे लगता है कि यह पर्याप्त है.’’उन्होंने कहा, ‘‘विशेष ट्रेन के परिचालन के अलावा हमने बुकिंग काउंटर पर लंबी कतारों से बचने के लिए विशेष टिकट खिड़कियां खोलने और सभी मौजूदा खिड़कियों को चालू करने का फैसला किया है.’’ इन विशेष ट्रेन के समय पर यात्रा पूरा करने के बारे में सवालों पर चौधरी ने कहा कि वे (रेलकर्मी) यथासंभव आगमन और प्रस्थान के निर्धारित समय का पालन करेंगे और अन्य महत्वपूर्ण ट्रेन के कारण देरी नहीं होगी.चौधरी ने कहा, ‘‘ये अतिरिक्त ट्रेन हमारे लिए अन्य ट्रेन की तरह ही महत्वपूर्ण हैं और मैं विशेष ट्रेन से यात्रा करने की योजना बना रहे सभी यात्रियों को आश्वस्त करूंगा कि वे समय सारिणी का पालन करेंगी.’’उन्होंने कहा कि यात्रियों की भीड़ से निपटने के लिए भी व्यवस्था की जाएगी. वहीं, उत्तर रेलवे ने बुधवार को त्योहारी सीजन के दौरान यात्रा करने वाले लोगों को भीड़भाड़ और भगदड़ जैसी घटनाओं से बचने के लिए अपनी ट्रेनों के प्रस्थान से 15 से 20 मिनट पहले स्टेशनों पर पहुंचने की सलाह दी. उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक शोभन चौधरी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि यदि लोग जल्दी आते हैं तो उनके इंतजार के लिए विशेष ठहरने वाले क्षेत्र निर्धारित किए जाएंगे और इससे सीमित स्थान वाले प्लेटफार्मों पर दबाव घटाने में मदद मिलेगी.चौधरी ने कहा कि उत्तर रेलवे ने भीड़ प्रबंधन और कतारों के नियंत्रण की व्यवस्था की है. उन्होंने कहा कि हम स्टेशनों पर भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों का मार्गदर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात करेंगे.

मिजोरम विस चुनाव : भाजपा ने 23 उम्मीदवारों की सूची जारी की, पार्टी चुनाव बाद गठबंधन के लिए तैयार

भाजपा की प्रदेश इकाई के मीडिया संयोजक जॉनी लालथनपुइया ने बताया कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि क्या पार्टी इस पूर्वोत्तर राज्य में सभी 40 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी. संतोष सिंह तोमर की रिपोर्ट आइजोल: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सात नवंबर को होने वाले मिजोरम विधानसभा चुनाव के लिए निवर्तमान अध्यक्ष और सत्तारूढ़ एमएनएफ से हाल में पार्टी में शामिल होने वाले कई अन्य नेताओं समेत 23 उम्मीदवारों के नामों की बुधवार को घोषणा की. भाजपा ने ज्यादातर नए चेहरे उतारा है जबकि इनमें से चार प्रत्याशी महिला है. नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 20 अक्टूबर है. मतदाताओं द्वारा खंडित जनादेश दिए जाने का अनुमान जताते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वनलालमुआका ने कहा कि पार्टी कांग्रेस को छोड़कर किसी भी अन्य दल के साथ चुनाव के बाद गठबंधन करने से नहीं हिचकिचाएगी. भाजपा की प्रदेश इकाई के मीडिया संयोजक जॉनी लालथनपुइया ने बताया कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि क्या पार्टी इस पूर्वोत्तर राज्य में सभी 40 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी. उन्होंने कहा कि दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व बृहस्पतिवार को एक और सूची जारी कर सकता है.भाजपा ने 2018 के चुनाव में 39 सीटों पर चुनाव लड़ा और एक सीट पर जीत हासिल कर पहली बार राज्य विधानसभा में अपना खाता खोला था. पार्टी के इकलौते विधायक डॉ. बीडी चकमा इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे क्योंकि उन्होंने सक्रिय राजनीति से संन्यास की घोषणा कर दी है. एक सप्ताह पहले सत्तारूढ़ मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले विधानसभा अध्यक्ष लालरिनलियाना सैलो मामित सीट से चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने 2018 के विधानसभा चुनाव में चालफिल्ह सीट से जीत हासिल की थी लेकिन इस बार सत्तारूढ़ पार्टी ने उन्हें टिकट देने से इनकार कर दिया. भाजपा ने पूर्व आबकारी मंत्री डॉ. के बेछुआ को सियाहा से उम्मीदवार बनाया है.गत विधानसभा चुनावों में एमएनएफ के टिकट पर सियाहा से चुनाव लड़ने वाले बेछुआ ने इस महीने की शुरुआत में विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था और भाजपा में शामिल हो गए थे. उन्हें ‘‘पार्टी विरोधी गतिविधियों” के लिए जनवरी में एमएनएफ से निष्कासित कर दिया गया था. चकमा स्वायत्त जिला परिषद के पूर्व मुख्य कार्यकारी सदस्य दुर्ज्या धान चकमा को भी भाजपा ने चकमा बहुल तुइचाव्ंग निर्वाचन क्षेत्र से खड़ा किया है. उन्होंने हाल में एमएनएफ छोड़ दी थी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वनलालमुआका को डम्पा निर्वाचन क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया गया है जबकि पार्टी प्रवक्ता एफ लालरेमसांगी आइजोल साउथ-1 सीट से चुनाव लड़ेंगे. उम्मीदवारों की घोषणा के बाद वनलालमुआका ने कहा कि भाजपा शायद राज्य में अपने दम पर सरकार नहीं बना पाए, लेकिन यह सरकार का हिस्सा होगी. उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा की भागीदारी के बिना कोई सरकार नहीं बन सकती.” लगातार दूसरी बार सत्ता में लौटने की उम्मीद कर रही एमएनएफ ने सभी 40 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. मुख्य विपक्षी दल जोराम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) ने भी सभी प्रत्याशियों के नाम जारी कर दिए हैं. मिजोरम विधानसभा चुनाव के लिए मतदान सात नवंबर को होगा और मतगणना तीन दिसंबर को होगी.

सैय्यद जाफर को कांग्रेस ने दी बड़ी जिम्मेदारी, बनाए गए महामंत्री

संतोष सिंह तोमर, भोपाल। मध्यप्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस संगठन में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस नेता सैय्यद जाफर को मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी का महामंत्री मनोनीत किया है। इसे लेकर नियुक्ति आदेश भी जारी कर दिया गया है। कौन है सैय्यद जाफर माना जाता है की पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबी है ।अपनी विशिष्ठ छवि और भाषा शैली के साथ कहीं बार वे सत्तारूढ़ दल पर कमियों को गिनाने से भी नही चूकते हैं।। माना जाता है कि बेदाग छवि के सैय्यद जाफर को हर कांग्रेस कार्यकर्ता पसंद करता है छिंदवाड़ा से आने वाले जाफर कांग्रेस को दिशाशक्ति और पूर्ण सशक्तिकरण देने में काबिल माने जाते है साथ ही वो शोषित वंचित समाज से लेकर सवर्ण समाज और अल्पसंख्यक समाज में खासे लोकप्रिय नेता है । सैय्यद जाफर के लोकप्रिय बनने की कहानी यूं तो सैय्यद जाफर एक जाना पहचाना नाम है पर उनका परिवार सदैव समाजसेवा में लगा रहता है अपनी विशिष्टता के कारण वो हमेशा समाजसेवा और मानव उत्थान के कार्यों से जुड़े रहते है वो जीतने लोकप्रिय है उतना ही उनका काम भी बोलता है कांग्रेस के निस्वार्थ कार्यकर्ता के रूप में … बहरहाल आने वाले विधानसभा चुनाव के कारण मध्य प्रदेश के पदाधिकारी के रूप में उनके महामंत्री के कार्यकाल को कांग्रेस याद रखेगी या पार्टी के दलबदलु कार्यकर्ताओं की तरह भूल जायेगी ।।

सिवनी के केवलारी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा नेताओं ने अपने ही विधायक के विरुद्ध खोला मोर्चा।

भोपाल से संतोष सिंह तोमर की रिपोर्ट

केवलारी से भाजपा के विधायक हैं राकेश पाल सिंह ।।

भ्रष्टाचार और कार्यकर्ताओं की अनदेखी के लगे आरोप

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश के सिवनी जिले की केवलारी विधानसभा से बड़ी खबर निकल कर सामने आई है। केवलारी विधानसभा के लिये अभी तक भारतीय जनता पार्टी ने किसी को भी चुनाव प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। लेकिन प्रत्याशी के नाम की घोषणा होने के पहले ही पार्टी के नेताओं के बगावती तेवर सामने आने लगे हैं। राजनीतिक हलकों में इस बात की चर्चा जरूर जोर पकड़ रही है कि भाजपा यहां से पार्टी के वर्तमान विधायक राकेश पाल सिंह पर ही भरोसा जताते हुए उन्हें फिर एक बार उम्मीदवार घोषित कर सकती है। गुप्त सूत्रों से जो जानकारी मिल रही है उसके अनुसार भी भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति में चुनाव प्रत्याशी के रूप में राकेश पाल सिंह के नाम पर सहमति बन चुकी है और अगली प्रत्याशी सूची में उनके नाम की घोषणा हो सकती है। भाजपा की अगली सूची जारी होने के पहले भाजपा के कई नेताओं ने राकेश पाल सिंह के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के केवलारी क्षेत्र से बजरंग दल और भारतीय जनता पार्टी में जिला पदाधिकारी रहे शिवराज सिंह बघेल, भाजपा नेता चंद्रभूषण बिसेन (सरपंच एवं जनपद उपाध्यक्ष सरपंच संघ केवलारी) और भाजपा के सिवनी जिलाउपाध्यक्ष ने तो बाकायदा वीडियो जारी करते हुए भाजपा विधायक राकेश पाल सिंह पर भ्रष्टाचार, संघठन विरोधी कार्य करने और कार्यकर्ताओं की अनदेखी करने सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इन सभी नेताओं का कहना है कि यदि भारतीय जनता पार्टी ने इस बार भी वर्तमान विधायक राकेश पाल सिंह को टिकट दिया तो निश्चित ही हम निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरेंगे। इन नेताओं के बयानों से जहां पार्टी विधायक राकेश पाल के लिए मुसीबत खड़ी होती दिखाई दे रही है, वहीं लगातार टिकट कटने से नाराज अपने ही नेताओं के विरोध के चलते मुश्किलों का सामना कर रही भारतीय जनता पार्टी की मुश्किलें और भी बढ़ती नजर आ रही है। अब देखना यह है कि पार्टी हाईकमान यहां विरोध को कैसे खत्म करेगा। क्या पार्टी वर्तमान विधायक राकेश पाल सिंह का टिकट काटकर किसी और को प्रत्याशी बनाएगी या स्थानीय नेताओं के विरोध को अनदेखा कर राकेश पाल सिंह को ही फिर से मैदान में उतारेगी ?

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महापौर के ओएसडी ने निगम कमिश्‍नर की कार पर किया जादू-टोना, कटा नींबू फेंका, अफसर का तबादला

अधिकारियों ने बताया कि सिटी मिशन प्रबंधक के पद पर कार्यरत निखिल कुल्मी पर आरोप है कि उन्होंने सोमवार को गीता भवन क्षेत्र में सरकारी कार्यालय के परिसर में निगम आयुक्त हर्षिका सिंह की कार के आगे कटा नींबू फेंका। अधिकारियों के मुताबिक यह घटना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।उन्होंने बताया कि निगम के एक सुरक्षा कर्मी और पांच कार चालकों की ओर से संयोगितागंज पुलिस थाने में इस घटना की शिकायत दर्ज कराते हुए कुल्मी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गुजारिश की गई है। अधिकारियों ने बताया कि निगम आयुक्त ने कुल्मी का तबादला इस निकाय के नियंत्रण कक्ष में कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक तबादला आदेश में आयुक्त ने नियंत्रण कक्ष के प्रभारी को यह निर्देश भी दिया है कि वह कुल्मी के काम पर ‘‘नियमित निगरानी’’ रखे।कुल्मी, राज्य में 17 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनावों की आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले तक महापौर पुष्यमित्र भार्गव के ‘ओएसडी’ के रूप में काम कर रहे थे। भार्गव ने कहा,‘‘मुझे कुल्मी के खिलाफ शिकायत की जानकारी मिली है। संबंधित घटनाक्रम पहली नजर में निंदनीय है। इसके तमाम तथ्यों की जांच करके नियमानुसार कदम उठाए जाने चाहिए। इंदौर से आदित्य शर्मा की रिपोर्ट

‘निर्दलीय के रूप में नामांकन करूंगा दाखिल’, टिकट कटने के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस विधायक का दावा

ब्यूरो रिपोर्ट कांकेर। सत्तारूढ़ कांग्रेस ने रविवार को जारी 30 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची में नाग सहित आठ मौजूदा विधायकों को टिकट देने से इनकार कर दिया। इन्हीं आठ विधायकों में से एक अनूप नाग भी हैं छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने अब तक अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए टिकट नहीं दिया है। टिकट न मिलने पर अनूप नाग ने बुधवार को कहा कि वह अपने अंतागढ़ निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय के रूप में अपना नामांकन दाखिल करेंगे। नामांकन फॉर्म खरीदने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए नाग ने कहा, “मैंने एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में नामांकन फॉर्म खरीदा है और इसे नामांकन दाखिल करने के आखिरी दिन 20 अक्टूबर को जमा करूंगा।”विधायक ने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के लोग भी निराश हैं कि उन्हें टिकट नहीं दिया गया। उन्होंने कहा, “पिछले पांच वर्षों से, यहां तक कि COVID-19 महामारी के दौरान भी, मैंने क्षेत्र में काम किया। इसके बावजूद ऐसा फैसला लिया गया. मुझे उम्मीद थी कि पार्टी से लोगों की सेवा करने का एक और मौका मिलेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ।” अनूप नाग ने 2018 के चुनाव में अंतागढ़ से की थी जीत हासिल नाग ने 2018 के चुनाव में भाजपा के विक्रम उसेंडी के खिलाफ 13,414 वोटों के अंतर से अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित सीट अंतागढ़ से जीत हासिल की थी। कांग्रेस ने इस बार इस सीट से रूप सिंह पोटाई को मैदान में उतारा है, जबकि भाजपा ने राज्य के पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद उसेंडी को फिर से उम्मीदवार बनाया है। राज्य पुलिस से सेवानिवृत्त होने के बाद राजनीति में शामिल हुए नाग ने पोटाई पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, “आश्चर्य की बात है कि जो व्यक्ति भाजपा का सक्रिय सदस्य था और पिछले चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल हुआ था, उसे पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है।” विधायक अनूप नाग ने लगाया कांग्रेस पर आरोप विधायक अनूप नाग ने कहा, “राजस्थान में कांग्रेस के ‘संकल्प शिविर’ में कहा गया था कि जो लोग दूसरे संगठन छोड़कर पार्टी में शामिल हुए हैं, उन्हें टिकट नहीं दिया जाएगा। हालांकि, अंतागढ़ में इसका पालन नहीं किया गया है।”

कांग्रेस की दूसरी लिस्ट में दिखा टीएस सिंहदेव का दबदबा! विरोध में शामिल नेताओं का कटा टिकट

image : TS SINGHDEO ( Deputy c.m. ) ब्यूरो रिपोर्ट ( रायपुर ) छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की दूसरी लिस्ट में 53 प्रत्याशियों की सूची में नौ विधायकों और एक पूर्व मंत्री का टिकट काटा गया है. सरगुजा संभाग में उप-मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव का विरोध करने वाले रामानुजगंज से बृहस्पत सिंह का टिकट कट गया है. वहीं मनेन्द्रगढ़ विधायक डॉ विनय जायसवाल का भी टिकट काट कर उपमुख्यमंत्री के बेहद करीबी रमेश सिंह को प्रत्यासी बनाया गया है. खबरों की माने तो विनय जायसवाल भी उप-मुख्यमंत्री के खिलाफत करने में पीछे नहीं हटते थे. इसके अलावा बैकुंठपुर विधानसभा से वर्तमान विधायक अम्बिका सिंहदेव की सीट को अभी होल्ड किया गया है, जो कि कांग्रेस की आज जारी हुई दूसरी सूची में उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के दबदबे के तौर पर देखा जा रहा है. मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले की दो सीटों पर नाम की घोषणा मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले की दो विधानसभा सीटों पर कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर की है. विधानसभा क्रमांक 1 भरतपुर सोनहत (आरक्षित) से दोबारा वर्तमान विधायक गुलाब सिंह कमरो को कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बनाया है. इस सीट पर वर्तमान विधायक का नाम तय माना जा रहा है. भाजपा ने यहां से केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह को मैदान में उतारा है. वहीं गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने श्याम सिंह मरकाम को अपना उम्मीदवार बनाया है. श्याम सिंह मरकाम गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के फाउंडर स्व हीरा सिंह मरकाम के पुत्र हैं. वर्ष 2018 में भी मरकाम ने भरतपुर सोनहत विधानसभा सीट से अपनी किस्मत आजमाई थी, तब वे तीसरे नंबर पर थे. उन्होंने लगभग 27 हजार वोट प्राप्त किए थे।. एक बार फिर उनके मैदान में उतरने से इस सीट पर बेहद रोचक मुकाबले की संभावना जताई जा रही है. बात विधानसभा क्रमांक मनेन्द्रगढ़ विधानसभा (सामान्य सीट) की करें तो यहां से कांग्रेस ने रमेश सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है. पेशे से वकील रमेश सिंह पुराने कांग्रेसी हैं. वहीं भाजपा ने पूर्व विधायक श्याम बिहारी जायसवाल को अपना उम्मीदवार बनाया है. मामला यहां बेहद कड़ा होने की उम्मीद है. मनेन्द्रगढ़ से रमेश सिंह को मिला टिकट मनेन्द्रगढ़ विधानसभा सामान्य सीट है और इसमे नगर निगम चिरमिरी के साथ खड़गवां तहसील आती है. अक्सर ऐसा होता है कि भाजपा और कांग्रेस अपना उम्मीदवार खड़गवां या चिरमिरी से उतारा करती है. कारण यह है कि ज्यादा वोटर चिरमिरी नगर निगम के साथ खड़गवां में आते हैं. दूसरी ओर कांग्रेस सरकार ने कोरिया से अलग कर नया जिला बनाया है, जिसका नाम मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर दिया है और जिले का मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ को बनाया है. अब मनेन्द्रगढ़ से रमेश सिंह को उम्मीदवार बनाया है. देखना होगा कि मनेन्द्रगढ़ के उम्मीदवार को चिरमिरी और खड़गवां किस तरह से चुनाव में डालते है, जबकि भाजपा ने अपना उम्मीदवार खड़गवां से बनाया है. निर्दलीय लड़े थे चुनाव रमेश सिंह वर्ष 2008 के चुनाव में कांग्रेस और एनसीपी के साथ सीटों को लेकर समझौता हुआ था. मनेन्द्रगढ़ सीट एनसीपी के खाते में गई थी. एनसीपी ने पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रामानुज अग्रवाल को अपना उम्मीदवार बनाया. भाजपा ने दीपक पटेल को और कांग्रेस के दिग्गज नेता रमेश सिंह ने कांग्रेस छोड़ निर्दलीय चुनाव लड़ा. उन्हें 5295 मत मिले, भाजपा के दीपक पटेल को 30912 और एनसीपी के रामानुज अग्रवाल को 16630 मत प्राप्त हुए. भाजपा के दीपक पटेल 42 फीसदी मत पाकर विजयी हुए थे.

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने जारी की दूसरी लिस्ट, 53 उम्मीदवारों को दिया टिकट

pic Source : Twitter ब्यूरो रिपोर्ट, सहारा समाचार. छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी कर दी है. दूसरी लिस्ट में 53 उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है. राज्य में दो चरणों में विधानसभा चुनाव होने हैं. 90 विधानसभा सीटों वाले छत्तीसगढ़ में पहले चरण की वोटिंग 7 नवंबर और दूसरे चरण की वोटिंग 17 नवंबर को होगी. नतीजे दिसंबर महीने की 3 तारीख को घोषित किए जाएंगे. किस सीट से किसे मिला टिकट? भरतपुर-सोनहत-एसटी- गुलाब सिंह कमरो । मनेन्द्रगढ़-रमेश सिंह । प्रेमनगर- खेलसाय सिंह भटगांव-पारस नाथ । राजवाड़ेप्रतापपुर – एसटी – राजकुमारी मरावी । रामानुजगंज-एसटी-अजय तिर्की । सामरी – एसटी – विजय पैकरा । लुण्ड्रा-एसटी-प्रीतम राम । जशपुर-एसटी-विनय कुमार भगत कुनकुरी – एसटी- यू. डी. मिंज । पत्थलगांव-एसटी- रामपुकार सिंह । लैलुंगा – एसटी – विद्यावती सिदार । रायगढ़- प्रकाश शक्रजीत नायक । सारंगढ़ – अनुसूचित जाति – उत्तरी जांगड़े । धरमजयगढ़ – एसटी – लालजीत सिंह राठिया । रामपुर-एसटी-फूल सिंह राठिया। कटघोरा-पुरुषोत्तम कंवर । पाली तानाखार – एसटी – दुलेश्वरी सिदार । मरवाही – एसटी – के.के. ध्रुव ।। कोटा-अटल श्रीवास्तव । लोरमी- थानेश्वर साहू । मुंगेली-अजा-संजीत बनर्जी । तखतपुर-रश्मि आशीष सिंह । बिल्हा- सियाराम कौशिक । बिलासपुर- शैलेश पांडे । बेलतरा-विजय केसरवानी । मस्तूरी-अजा-दिलीप लहरिया । अकलतरा-राघवेन्द्र सिंह । जांजगीर-चांपा-व्यास । कश्यपचंद्रपुर- राम कुमार यादव । जैजैपुर- बालेश्वर साहू पामगढ़ एससी- शेषराज हरबंस । बसना- देवेन्द्र बहादुर सिंह खल्लारी- द्वारिकाधीश यादव । बिलाईगढ़ एससी- कविता प्राण लहरे । बलौदाबाजार- शैलेश त्रिवेदी । भाटापारा- इंद्र कुमार साव । धरसींवा- छाया वर्मा रायपुर ग्रामीण-पंकज शर्मा । रायपुर शहर पश्चिम- विकास उपाध्याय । रायपुर शहर दक्षिण-महंत राम सुन्दर दास । अभनपुर- धनेन्द्र साहू । राजिम-अमितेश शुक्ल । बिंद्रानावरगढ़ एसटी- जनक लाल ध्रुव । कुरुद- तारिणी चंद्राकर । संजरी बालोद-संगीता सिन्हा । गुंडरदेही-कुंवर सिंह निषाद । दुर्ग शहर- अरुण वोरा । भिलाई नगर-देवेन्द्र यादव । वैशाली नगर-मुकेश चंद्राकर । अहिवारा एससी- निर्मल कोसरे । बेमेतरा- आशीष कुमार छाबड़ा । जगदलपुर-जितिन जयसवाल ।

MP Election 2023: मध्य प्रदेश कांग्रेस की उम्मीदवारों की सूची तैयार, कभी भी आ सकती है लिस्ट

प्रतीकात्मक तस्वीर (Source:Google) विशेष संवाददाता,भोपाल MP Congress Candidate List 2023: मध्य प्रदेश के मतदाता भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के सभी उम्मीदवारों की सूची जानना चाह रहे हैं लेकिन राजनीतिक दल अभी मंथन में जुड़े हुए हैं. इसी बीच कांग्रेस ने प्रत्याशियों की सूची जारी करने का फैसला ले लिया है. मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता केके मिश्रा ने बताया कि सूची बुधवार (18 अक्टूबर) रात या गुरुवार (19 अक्टूबर) को शत प्रतिशत आने की पूरी संभावना है. मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में इस बार राजनीतिक दलों के साथ-साथ उम्मीदवारों को लेकर भी काफी मंथन किया गया है. ऐसा माना जा रहा है कि अच्छे उम्मीदवार पार्टी को कम मेहनत के साथ अधिक मतों से जीत दिला सकते हैं. इसके अलावा जिले के जातिगत समीकरण को भी ध्यान में रखकर प्रत्याशियों की सूची जारी की जा रही है 136 प्रत्याशियों के नाम स्पष्ट कर दिए हैं अभी तक कांग्रेस ने 144 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है जबकि भारतीय जनता पार्टी ने अपनी कर सूची में 136 प्रत्याशियों के नाम स्पष्ट कर दिए हैं. मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता केके मिश्रा ने बताया कि कांग्रेस की सूची तैयार हो गई है. अब केवल हाईकमान की मुहर लगना बाकी है. कांग्रेस की सूची बुधवार रात या गुरुवार को आने की पूरी संभावना है. प्रत्याशियों की सूची देखकर छूट जाएंगे पसीने मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता केके मिश्रा ने बताया कि इस बार कांग्रेस पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतर रही है. जब कांग्रेस के प्रत्याशियों की सूची जारी होगी तो राजनीतिक दलों में खलबली मच जाएगी. इस बार कांग्रेस ने काफी मंथन के बाद 4000 दावेदारों में से 230 दावेदारों को सिलेक्ट किया है. उन्होंने दावा किया की कमलनाथ के नेतृत्व में इस बार कांग्रेस की सरकार फिर बनने जा रही है. गुटबाजी के कारण कांग्रेस की सूची अटकी- बीजेपी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विधायक पारस जैन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सूची गुटबाजी के कारण अटकी हुई है. कांग्रेस में कई गुट हावी है. अभी जहां पर सूची जारी हुई है, वहां पर भी पुतला दहन और विरोध चल रहा है. भारतीय जनता पार्टी साल 2023 के विधानसभा चुनाव में फिर सरकार बनाने जा रही है.

सोहेल से प्रेम विवाह करने घर से भागी थी गीता, फेरे लेने से पहले बजरंग दल ने पकड़ा, फिर..

PIC. धनबाद में बजरंग दल द्वारा पकड़ा गया प्रेमी जोड़ा ब्यूरो रिपोर्ट धनबाद. झारखंड की कोल नगरी धनबाद से लव जेहाद जैसा मामला सामने आया है, जहां हिंदू युवती जमशेदपुर से भागकर शादी करने अपने प्रेमी सोहेल के साथ धनबाद रजिस्ट्री ऑफिस पहुंची थी लेकिन शादी नहीं हो सकी. शादी से पहले ही दफ्तर में मौजूद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने प्रेमी जोड़े को पकड़ लिया और मुस्लिम युवक सोहेल की जमकर धुनाई कर दी. इसके बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दोनों को धनबाद महिला थाना के हवाले कर दिया.दरअसल धनबाद भूली ईस्ट बसुरिया के रहने वाले सोहेल खान नाम के युवक का जमशेदपुर की रहने वाली युवती गीता (काल्पनिक नाम) से प्रेम प्रसंग कई महीनों से चल रहा था. बुधवार को धनबाद रजिस्ट्री ऑफिस में दोनों शादी करने वाले थे इसी दौरान जमशेदपुर बजरंग दल के द्वारा सूचना दिए जाने के बाद धनबाद बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने दोनों प्रेमी जोड़ों को रजिस्ट्री ऑफिस के पास पकड़ और युवक की पिटाई कर दी. इसके बाद दोनों को महिला थाने के हवाले कर दिया.

देवास में कलेक्टर ऋषव गुप्ता और एसपी सम्पत उपाध्याय है तो चुनाव निर्विघ्न, निष्पक्ष होना ही है

pic. IAS rishav Gupta and IPS SAMPAT UPADHYAY पंडित प्रदीप मोदी (साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार) यह देवास का सौभाग्य है कि इस समय यहां कलेक्टर के रूप में ऋषव गुप्ता एवं एसपी के रूप में सम्पत उपाध्याय जैसे अधिकारी पदस्थ है, जो सज्जन है,सरल है, संवेदनशील है और नियमों के अनुसार चलने वाले हैं। ये अधिकारी सत्ता का जायज दबाव तो झेल जाएंगे, लेकिन नाजायज दबाव झेलना, इनके बस की बात नहीं, क्योंकि ये नियमानुसार चलनेवाले है, नियमों को जानने वाले हैं, इनकी निष्ठा अपने कर्तव्य के प्रति है,पद के प्रति है,किसी नेता विशेष के प्रति नहीं, इसलिए कहा जा सकता है देवास जिले में निष्पक्ष और निर्विघ्न चुनाव संपन्न होना ही है। इन दोनों अधिकारियों के होते हुए चुनाव में कोई विघ्न आए, चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो, ऐसा संभव ही नहीं और यह विश्वास जनता के मन में इनकी ईमानदार प्रशासनिक कर्तव्यनिष्ठता को देखकर उपजा है। देवास में सत्तारूढ़ पार्टी के नेता प्रशासनिक मशीनरी का अपने निजी स्वार्थ हेतु उपयोग करने के लिए बदनाम रहे हैं और यह पूर्व कलेक्टर चंद्रमौली शुक्ला एवं एसपी शिवदयाल सिंह के कार्यकाल में देवास की जनता ने बहुत ज्यादा देखा है। इन दोनों पूर्व अधिकारियों को देवास की जनता ने कलेक्टर एसपी के रूप में कम और सत्तारूढ़ पार्टी के विधायकों के निजी सचिव के रूप में ज्यादा देखा था, ये देवास के लिए प्रशासनिक अंधेरा साबित हुए थे, इन्होंने जनता के लिए नहीं, अपितु चुनिंदा नेताओं के लिए प्रशासन को चलाया था। दोनों पूर्व अधिकारियों के जाने के बाद देवास ने कलेक्टर के रूप में ऋषव गुप्ता को और एसपी के रूप में सम्पत उपाध्याय को पाया है। मुझे चाटुकारिता करना नहीं आता, सच को सच कह देना बेहतर जानता हूं, जनता की भावनाओं को ज्यों का त्यों अभिव्यक्त कर देना बेहतर जानता हूं,उसी के तहत लिख रहा हूं कि देवास की जनता ने कलेक्टर ऋषव गुप्ता को और एसपी सम्पत उपाध्याय को प्रशासनिक काली रात के बाद निकले प्रकाशवान दिन के रूप में देखा है। प्रशासनिक अहंकार से परे कलेक्टर एसपी ने अपने व्यवहार से जनता को आकर्षित किया है, इनके पास आम आदमी सहजता से जा सकता है, अपनी बात कह सकता है। चंद्रमौली शुक्ला के समय कलेक्टर कार्यालय में छुटभैय्ए नेता और चापलूस किस्म के लोगों का आना-जाना लगा रहता था, जो ऋषव गुप्ता के कार्यकाल में कम देखने को मिला है,इसी तरह पूर्व एसपी शिवदयाल सिंह डीएसपी पर अवलंबित होकर रह गए थे, लेकिन देवास की जनता ने एसपी सम्पत उपाध्याय को स्वविवेक से काम करते देखा है। आम जनता के बीच दोनों अधिकारियों ने विश्वास कमाया है और उसी विश्वास के आधार पर जनता के बीच कहा जा रहा है कि कलेक्टर ऋषव गुप्ता तथा एसपी सम्पत उपाध्याय है तो चुनाव निर्विघ्न, निष्पक्ष होना ही है।

दिव्यांग अखिलेश बने आर्म रेसलिंग के चेम्पियन।

Pic.Source : आर्म रेसलिंग वेलफेयर एसोसिएशन ।। संतोष सिंह तोमरग्वालियर l आर्म रेसलिंग वेलफेयर एसोसिएशन ग्वालियर के तत्वावधान में लक्ष्मीबाई कॉलोनी स्थित सामुदायिक भवन में कैप्टन हरविलास मेमोरियल आर्म रैसलिंग चैंपियनशिप का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में प्रदेशभर के 150 से अधिक आर्म रेसलरों (पंजा पहलवानों) ने चैंपियनशिप का खिताब पाने के लिए अपना दम दिखाया। दिव्यांग अखिलेश सिंह ने चैंपियनशिप का खिताब हासिल किया।चैंपियनशिप प्रतियोगिता दिव्यांग महिला एवं पुरुष वर्ग के लिए थी, जिसमें विभिन्न आयु वर्ग के पंजा पहलवानों ने भाग लेकर खिताबी मुकाबले में जमकर जोर आजमाइश की।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत डीआईजी हरि सिंह यादव थे। अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. केशव पाण्डेय ने की। संस्था के नवनिर्वाचित सचिव डॉ. आदित्य सिंह भदौरिया ने चैंपियनशिन के बारे में जानकारी देकर प्रतिभागियों को उत्साहवर्धन किया।अतिथियों ने विजयी प्रतियोगियों को पुरस्कार एवं उपहार भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन विश्व चैंपियन मनीष कुमार ने किया।इन्होंने जीते खिताबचैंपियन ऑफ चैंपियन का खिताब दिव्यांग पुरुष वर्ग में अखिलेश सिंह एवं महिला वर्ग में श्वेता राजावत ने हासिल किया। जूनियर वर्ग में आयुष कौशल चैंपियन बने। चैंपियनों को एसोसिएशन की ओर से बेहतर हैल्थ बनाने के लिए प्रोटीन सप्लीमेंट भी प्रदान किए गए।

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