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छत्तीसगढ़-जगदलपुर सांसद महेश कश्यप के स्वागत में उमड़े लाखों कार्यकर्ता

जगदलपुर. सांसद निर्वाचित होने के बाद पहली बार बस्तर लौट रहे महेश कश्यप का भाजपा और विश्व हिंदू परिषद सहित हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह भव्य स्वागत किया। बुधवार को नवनिर्वाचित सांसद महेश कश्यप दिल्ली से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह से वापस बस्तर लौट रहे थे। इस दौरान कांकेर से लेकर जगदलपुर तक भाजपा कार्यकर्ताओं सहित अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। रायपुर से बस्तर आने के दौरान चारामा से सांसद महेश कश्यप के स्वागत का सिलसिला शुरू हो गया। चारामा में स्वागत के बाद नवनिर्वाचित सांसद महेश कश्यप कांकेर पहुंचे। वहां भी भाजपा कार्यकर्ताओं और हिंदू संगठनों ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद महेश कश्यप कोंडागांव पहुंचे। जहां विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने उन्हें लड्डुओं से तौलकर शुभकामनाएं दीं। कोंडागांव के बाद सांसद महेश कश्यप भानपुरी पहुंचे, जहां बीजेपी भानपुरी मंडल के कार्यकर्ताओं ने उनके स्वागत में जमकर आतिशबाजी करते हुए नारेबाजी की और पुष्प वर्षा के साथ उनका स्वागत किया। बस्तर के भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए सांसद पर पुष्प वर्षा की और उनका स्वागत किया। वहीं बोरपदर में बकावंड मंडल के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने सांसद महेश कश्यप का स्वागत किया और आमागुड़ा में भाजपा नगर मंडल सहित युवा मोर्चा जगदलपुर और अन्य हिंदू संगठनों ने महेश कश्यप का शानदार स्वागत किया। इसके बाद सांसद महेश कश्यप का विशाल काफिला रैली की शक्ल में नगर के प्रमुख चौक चौराहों से होते हुए भाजपा कार्यालय पहुंचा। जहां सांसद महेश कश्यप ने भाजपा कार्यकर्ताओं से लोकसभा क्षेत्र की जनता और भाजपा के वरिष्ठजनों सहित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा के एक छोटे से कार्यकर्ता को संसद तक पहुंचाने का मार्ग दिया है, यह केवल भाजपा में ही संभव है।

गांव पहुंचा शहीद कबीरदास उइके का पार्थिव शरीर, हुआ अंतिम संस्कार, सीआरपीएफ जवानों ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर

छिंदवाड़ा जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले में शहीद हुए जवान कबीर दास उईके की पार्थिव देह आज छिंदवाड़ा लाई गई। पैतृक गांव पुलपुलडोह में उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सीआरपीएफ जवानों ने सलामी दी। कबीर की अंतिम यात्रा के दर्शन करने के लिए लोग घरों से निकले। शहीद की पार्थिव देह पहले हवाई मार्ग से गुरुवार सुबह नागपुर लाई गई। यहां से सड़क मार्ग से पुलपुलडोह (मरजातपुर) लाई लाई गई। अंतिम संस्कार के समय सीआरपीएफ के आईजी सुखबीर सिंह सोढी और डीआईजी नीतू सिंह भी मौजूद रहीं। वही, छिंदवाड़ा कलेक्टर शीलेंद्र सिंह और एसपी मनीष खत्री भी मौजूद थे। मंगलवार रात 8 बजे जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के हीरानगर स्थित सैदा सुखल गांव में आतंकी हमला हुआ था। सीआरपीएफ के कॉन्स्टेबल कबीर दास गोली लगने से घायल हो गए थे। बुधवार सुबह इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली थी। शहीद की अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब पहले शहीद का पार्थिव शरीर हवाई मार्ग के जरिए नागपुर लाया गया। इसके बाद यहां से सड़क मार्ग से पैतृक गांव पुलपुलडोह लाया गया। शहीद कबीर दास उईके की अंतिम विदाई में जनसैलाब उमड़ पड़ा। बड़ी संख्या में लोगों ने शहीद के पार्थिव शरीर पर फूल बरसा कर श्रद्धांजलि अर्पित की। चौरई के पूर्व विधायक पंडित रमेश दुबे ने भी श्रद्धा सुमन अर्पित किए। वहीं, मध्य प्रदेश की पीएचई मंत्री संपतिया उइके शहीद के घर पहुंचीं। अंतिम संस्कार के समय CRPF के IG सुखबीर सिंह सोढी और DIG नीतू सिंह, छिंदवाडा कलेक्टर शीलेंद्र सिंह, SP मनीष खत्री मौजूद रहे।मंगलवार (11 जून) रात 8 बजे कठुआ के हीरानगर स्थित सैदा सुखल गांव में हुए आतंकी हमले में CRPF के कॉन्स्टेबल कबीर दास उईके गोली लगने से घायल हो गए थे। जिसके बाद बुधवार (12 जून) सुबह इलाज के दौरान कबीर का निधन हो गया। 2011 में जॉइन की थी सीआरपीएफ छिंदवाड़ा की बिछुआ तहसील के पुलपुलडोह के रहने वाले 35 साल के कबीर दास उईके ने 2011 में सीआरपीएफ जॉइन की थी। साल 2021 में उनकी शादी हुई थी। परिवार में मां इंदरवति उईके, पत्नी ममता उईके और छोटा भाई है। पिता का निधन हो चुका है और दो बहनों की शादी हो चुकी है। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार को पैतृक गांव पुलपुलडोह में होगा। विशेष वाहन से शव नागपुर से गांव लाया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, 8 दिन पहले ही 20 दिन की छुट्‌टी के बाद वे ड्यूटी पर लौटे थे। उनकी पोस्टिंग भोपाल में होने वाली थी। परिवार से मिलने पहुंचे सांसद-महापौर छिंदवाड़ा सांसद विवेक बंटी साहू और महापौर विक्रम अहाके शहीद के घर पहुंचे। परिवार को ढांढस बंधाया। कठुआ और डोडो में आतंकी हमले जम्मू-कश्मीर के डोडा और कठुआ जिले में आतंकवादी विरोधी अभियानों में सेना के पांच जवान और राज्य पुलिस का एक विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) घायल हो गए, जबकि एक अलग मुठभेड़ में घायल हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का एक जवान शहीद हो गया। पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि चत्तरगला इलाके या डोडा जिले में मंगलवार देर रात आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच गोलीबारी हुई। उन्होंने कहा, रात करीब पौने दो बजे सेना और पुलिस डोडा जिले के भद्रवाह के चत्तरगला इलाके में आतंकवादियों से मुठभेड़ हो गई। गोलीबारी में सेना के पांच जवान और एक एसपीओ गोली लगने से घायल हो गए, उन्हें तुरंत बाहर निकाला गया और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस बीच कठुआ जिले के कूटा मोड़ पर सैदा सुखल गांव में चल रहे एक अन्य अभियान में सीआरपीएफ के जवान को गोली लग गई और बुधवार सुबह उसकी मौत हो गई। शहीद सीआरपीएफ कर्मियों की पहचान कांस्टेबल जी डी कबीर दास के रूप में की गई। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, हीरानगर के सोहल गांव के 45 वर्षीय नागरिक ओंकार को भी आतंकवादियों द्वारा गोली चलाने से बाएं हाथ में चोट लग गई। उसे सरकारी मेडिकल कॉलेज, कठुआ में भर्ती कराया गया। फिलहाल एक आतंकवादी को मारा गया है जबकि दूसरे आतंकवादी को पकड़ने के लिए क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तलाशी की जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार आतंकवादियों की संख्या दो थी। 9 जून को बस पर की थी फायरिंग इससे पहले, रविवार 9 जून की शाम सवा 6 बजे रियासी में आतंकियों ने श्रद्धालुओं को लेकर वैष्णोदेवी जा रही बस पर हमला कर दिया था। इसमें 10 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 41 लोग घायल हो गए थे। बस शिव खोड़ी से कटरा जा रही थी। उसी दौरान कंदा इलाके में बस के मोड़ पर आते ही आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। हमले में ड्राइवर घायल हो गया और बस अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। बस के खाई में गिरने से पहले आतंकियों ने 25 से 30 गोलियां चलाई थीं। आतंकी हमले में गंभीर रूप से हो गए थे घायल दरअसल मंगलवार को हुए एक आंतकी ‘हमले’ में सीआरपीएफ कांस्टेबल कबीरदास उइघे गंभीर रूप से घायल हो गए थे. जिसके बाद बुधवार की सुबह उनके शहीद होने की खबर सामने आई थी. शहीद सीआरपीएफ जवान उइघे मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के रहने वाले थे.   करीब 8 दिन पहले आए थे छिंदवाड़ा जम्मू कश्मीर में आतंकवादी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवान कबीरदास उइके की मां ने एनडीटीवी को बताया कि शहीद उइघे करीब 8 दिन पहले ही छिंदवाड़ा आए थे और जल्द ही उनका ट्रांसफर भोपाल होने वाला था. बता दें, कठुआ जिले में एक मुठभेड़ में 1 आतंकी भी मारा गया और उसके पास से भारी गोला-बारूद बरामद किया गया.  

साय सरकार के छः माह: छत्तीसगढ़ में उम्मीदों की नई रोशनी फैलाने में सफल

एल.डी.मानिकपुरी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी रायपुर लोकतंत्र में जहां जनता अपने नेतृत्व को वायदे पूरे करने के लिए पांच साल का जनादेश प्रदान करती है। ऐसे में किसी प्रदेश के मुखिया से महज छह माह के समय में इन वायदों को पूरा करने की आशा आमतौर पर बेमानी होती है। लेकिन मन में जज्बा, कुछ करने की लालसा, संवेदनशील प्रयास और समन्वित रणनीति के तहत कार्य किया जाए तो छह माह में भी इतिहास गढ़ा जा सकता है। महज़ छह माह में किसी भी सरकार के कामकाज का मूल्यांकन नहीं किया जा सकता इसके बावजूद विष्णु देव साय सरकार जिस तेजी के साथ काम को आगे बढ़ा रही है, निश्चित ही यह एक मिसाल है।     मुख्यमंत्री साय ने विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए अधिकांश वायदों को पूरा करने के लिए जरा भी वक्त जाया नहीं किया। इसे कुछ इस तरह से समझा जा सकता है।  शपथ ग्रहण 13 दिसम्बर 2023 के बाद 15 अप्रैल 2024 यानी 4 माह 02 दिन। 16 मार्च 2024 से 6 जून 2024 यानी 2 माह 21 दिन लोकसभा निर्वाचन की वजह से आदर्श आचार संहिता पूरे प्रदेश में प्रभावशील रही। ऐसे में विष्णु देव सरकार को मुख्यमंत्री बने छह माह जरूर हो चुके हैं लेकिन निर्णय, योजनाओं का क्रियान्वयन, भावी रणनीति को मूर्तरूप देने के लिए उन्हें 4 माह का ही समय मिला है।     मुख्यमंत्री साय ने इन सब के बावजूद अपने सटीक निर्णयों से प्रदेश में एक अलग छाप छोड़ने में सफल हुए हैं। जब हम आधी आबादी की बात करते हैं तब उनकी स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वावलम्बन और सशक्तीकरण के लिए ठोस व दूरगामी रणनीति बनानी पड़ती है। प्रदेश के 70 लाख विवाहित महिलाओं के जीवन में एक नई उम्मीद की किरण महतारी वन्दन योजना से मिली है। ईब से इंद्रावती तक यानी प्रदेश के चारों तरफ विवाहित महिलाओं को हर माह एक हजार रूपए दिए जा रहे हैं और इस तरह चार किश्ते दी जा चुकी हैं। राज्य सरकार द्वारा विवाहित माताओं-बहनों के खाते में राशि देने के पीछे आर्थिक सशक्तीकरण करना, उनके आर्थिक हालात को बेहतर करना प्रमुख उद्देश्य है।       दावे और वादे के पक्के मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के लाखों किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदने की गारंटी को पूरा करते हुए 32 हजार करोड़ रुपए के समर्थन मूल्य की राशि का भुगतान किसानों के खाते में किया गया, वहीं 24 लाख 75 हजार किसानों को कृषक उन्नति योजना के तहत अंतर की राशि 13 हजार 320 करोड़ रुपए अन्तरित की गई। खरीफ सीजन में रिकॉर्ड 145 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई। इसके अलावा किसानों को दो साल के धान के बकाया बोनस राशि 3 हजार 716 करोड़ रुपए देने जैसे साहसिक निर्णय लिए है।     मुख्यमंत्री साय संवेदनशील सरकार और किसानों के सरकार के रूप में महज छह माह में ही पहचान बनाने में सफल हुए। आदिवासियों की पीड़ा, संघर्ष, सम्मान और जरूरत को उनसे बेहतर कौन समझ पाएगा! सरकार बनाते ही तेन्दूपत्ता प्रति मानक बोरा 5 हजार 500 रूपए की गई, जिससे 12 लाख 50 हजार से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को लाभ मिल रहा है। कौन नहीं चाहता कि घर के बुजुर्ग तीर्थ यात्रा करें लेकिन आर्थिक अभाव, सुरक्षा और मार्गदर्शन आड़े आते हैं। ऐसे में विष्णु सरकार की मानवीय पहल यानी रामलला मंदिर दर्शन योजना से मन की मुराद पूरी हो रही है।     कोई न सोए भूखे पेट, इस तरह के विचार को अपनी कार्य योजना में शामिल करें तो वह निश्चित ही मानवीय संवेदना ही है प्रदेश के 68 लाख़ से अधिक गरीब परिवारों को पांच वर्षों तक मुफ्त अनाज देने जैसे निर्णय साबित कर रहे हैं कि सरकार गरीबों के कल्याण को प्राथमिकता दे रही है। खुद का घर, पक्का मकान यह सब सुनने में एक गरीब परिवार के लिए दिन में देखने वाले स्वप्न की तरह होता है। लेकिन इस सपने को सच करने के लिए, 18 लाख प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण की दिशा में प्रदेश जोरशोर से आगे बढ़ चुका है। ऐसे में गरीब के सिर में पक्का छत होना यानी सशक्त परिवार और खुशहाल समाज का प्रतीक बनेगा।     सरकार में आते ही युवाओं की तकलीफ को समझा और पीएससी परीक्षा घोटाले को लेकर युवाओं के गुस्से और हताशा को समझते हुए मुख्यमंत्री साय ने सीबीआई जांच की अनुशंसा की। शासकीय भर्ती आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट देने से युवाओं के मन में खुशियां देखने को मिली है। जिस बस्तर अंचल की पहचान सुंदर प्राकृतिक परिवेश और अकूत संसाधनों से है तथा यहां के भोलेभाले आदिवासियों की कला संस्कृति ने देश और दुनिया को अपनी ओर खींचा है। इस स्वर्ग को दूषित करने का काम कुछ माओवादी आतंकवादी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री साय के अडिग निर्णय, बेहतर रणनीति का ही परिणाम है कि महज छह माह में 129 माओवादियों को सुरक्षा बलों के जवानों ने ढेर किया है, 488 गिरफ्तार हुए हैं 431 आत्मसमर्पण किया और इस तरह बस्तर की उम्मीद की नई रौशनी देखने को मिलने लगी है।

आज और कल पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड के गंगा के मैदानी इलाकों में लू चलने की संभावना

नई दिल्ली भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में अगले 3 दिनों के दौरान महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बताया है। मौसम एजेंसी ने अनुमान लगाया है कि पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम समेत 12 राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। साथ ही उत्तर भारत के कई राज्यों में गर्मी का प्रकोप जारी रहने की बात भी कही है। आईएमडी ने उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के लि रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान में भी लू की चेतावनी जारी की गई है। आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक, 13-17 जून के दौरान उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू से लेकर भीषण लू चलने की संभावना है। 13 और 14 तारीख को पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड के गंगा के मैदानी इलाकों में लू चलने की संभावना है। अगले 5 दिनों के दौरान उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली के कुछ इलाकों में लू चलने की संभावना है। अगले दो दिनों तक उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश, उत्तर-पश्चिम राजस्थान, उत्तर-पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और ओडिशा में लू चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया कि अगले 5 दिनों के दौरान मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ में 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी और हल्की बारिश होगी। आईएमडी के मुताबिक 1 जून को सीजन शुरू होने के बाद से भारत में सामान्य से एक प्रतिशत कम बारिश हुई है। इन राज्यों में बारिश के आसार आईएमडी के मुताबिक, अगले पांच दिनों के दौरान मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, केरल, कर्नाटक और तेलंगाना में गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ हल्की से भारी बारिश होने की संभावना है। 13-16 जून के दौरान नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। इन राज्यों में चलेगी लू मौसम अधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और ओडिशा जैसे उत्तरी और पूर्वी राज्यों में चार-पांच दिनों तक हीटवेव जारी रहने की संभावना है। नाम न छापने की शर्त पर अधिकारी ने बताया कि मौसम मॉडल गर्मी से जल्द राहत का संकेत नहीं दे रहे हैं। मॉनसून में देरी का असर मैदानी इलाकों के तापमान पर पड़ेगा। मॉनसून आगमन में देरी मौसम विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए दावा किया है कि पश्चिमी क्षेत्रों में समय से पहले मॉनसून के पहुंचने के बाद उसकी गति कमजोर पड़ गई है। मुंबई में मॉनसून तय समय से करीब दो दिन पहले पहुंच गया, लेकिन मध्य और उत्तरी राज्यों में इसके आगमन में देरी हो सकती है। उत्तरी राज्यों में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और 46 डिग्री सेल्सियस (108 डिग्री फारेनहाइट से 115 डिग्री फारेनहाइट ) के बीच है। जो सामान्य से लगभग 3 डिग्री सेल्सियस से 5 डिग्री सेल्सियस (5 डिग्री फारेनहाइट और 9 डिग्री फारेनहाइट) अधिक है।

माइग्रेन और ब्रेन ट्यूमर के लक्षणों में अंतर: पहचानने के लिए जानें मुख्य संकेत

माइग्रेन और ब्रेन ट्यूमर दोनों ही सिरदर्द के गंभीर कारण हो सकते हैं। ये दोनों सिर की एक ऐसी बीमारी है, जिसके कुछ लक्षण एक जैसे नजर आते हैं। जिसके कारण लोगों को समझना मुश्किल हो जाता है कि उन्हें किस कारण सिर में दर्द है। नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ हेल्थ के अनुसार माइग्रेन एक प्रकार का न्यूरोलॉजिकल विकार है जो गंभीर सिरदर्द का कारण बनता है। इसके होने के कई कारण हो सकते हैं। लेकिन जेनेटिक और तनाव जैसे कारण, इसके होने के कारणों में ज्यादा देखा जाता है। वहीं ब्रेन ट्यूमर मस्तिष्क में असामान्य कोशिकाओं के वृद्धि होने से होता है। यह वृद्धि मस्तिष्क की संरचना और कार्यों को प्रभावित कर सकती है। ब्रेन ट्यूमर के दौरान होने वाली दिक्कतें बढ़ती जाती है।यहां पर कुछ प्रमुख अंतर बताए गए हैं जिनसे आप माइग्रेन और ब्रेन ट्यूमर के लक्षणों में अंतर कर सकते हैं। सिरदर्द माइग्रेन का दर्द कुछ घंटों से लेकर 72 घंटे तक रह सकता है। इसमें अधिकतर मरीजों को सिर के एक तरफ दर्द होता है। कुछ लोगों को दोनों तरफ भी हो सकता है। लेकिन ब्रेन ट्यूमर के कारण होने वाला सिरदर्द अक्सर सुबह अधिक गंभीर होता है और समय के साथ बढ़ता है। मतली और उल्टी माइग्रेन के दौरान अक्सर मतली और उल्टी की समस्या होती है। लेकिन ब्रेन ट्यूमर के मरीजों में मतली की समस्या ज्यादा नहीं देखी जाती है ​ संतुलन में दिक्कत माइग्रेन के दौरान तेज रोशनी और तेज आवाजों से मरीज को परेशानी हो सकती है। लेकिन ब्रेन ट्यूमर में हाथ-पैरों में कमजोरी, शरीर के संतुलन में परेशानी, बोलने में कठिनाई या सुनने की समस्या हो सकती है। दृष्टि संबंधी समस्याएं माइग्रेन अटैक से पहले या उसके दौरान आँखों के सामने चमकती हुई लाइट्स या धुंधला दिखने जैसी दृष्टि संबंधी समस्याएं हो सकती है और ऐसा कुछ देर के लिए होता है। लेकिन ब्रेन ट्यूमर में दृष्टि में धुंधलापन, डबल विजन बढ़ते समय के साथ आंखों की रोशनी कम हो सकती है। कमजोरी माइग्रेन में सिर दर्द और मतली के कारण मरीज को कुछ समय के लिए कमजोरी महसूस हो सकती है। फिर वो समय के साथ ठीक हो जाता है। लेकिन ब्रेन ट्यूमर में बढ़ते दिन के साथ कमजोरी भी बढ़ती जाती है।

छत्तीसगढ़-बालोद पुलिस मांग रही झूठे केस में फंसाकर रिश्वत: एसपी से लगाई गुहार

बालोद. बालोद के गुण्डरदेही विधानसभा के ग्राम बेलौदी में रहने वाले पति और पत्नी ने सनौद थाने में पदस्थ एएसआई की एसपी से शिकायत की है। आरोप है कि पहले पत्नी को बरगलाकर पति के खिलाफ झूठी शिकायत सनौद थाने में दर्ज करवाई, फिर शिकायत वापस लेने के नाम पर वहां पदस्थ एएसआई ने पति और पत्नी से पैसे की मांग की। जानकारी के मुताबिक, शासकीय प्राथमिक शाला मुंदेरा में पदस्थ प्रधान पाठक मिथलेश साहू और उसी स्कूल में शिक्षिका के रूप में पदस्थ तोरण साहू दोनों एक दूसरे से प्रेम करते थे। दोनों ने बीते वर्ष 2 जुलाई को अंगार मोती में शादी की और न्यायालय में भी विवाह किया। तब से दोनों एक दूसरे के साथ रहते थे। पत्नी से कराई पति की झूठी शिकायत शिक्षिका तोरण साहू ने बताया कि वह 28 व 29 मई को अपने सामान और दस्तावेज को लाने के लिए अपने मायके बेलोदी गई हुई थी। लेकिन उनके घरवालों ने उन्हें सामान नहीं दिया और चार दिन बाद सनौद थाना ले गये। जहां उनके पति मिथलेश साहू के खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी कर पैसे मांगने और बहलाने फुसलाने का आरोप लगाते हुए झूठी शिकायत कराई गई। दबाव में आकर उन्होंने अपने पति के खिलाफ शिकायत की। पुलिस वाले तोरण के पति मिथलेश को जबरदस्ती घर से उठाकर थाने ले गये और मारपीट की और उनसे व उनकी पत्नी से एक-एक लाख रूपये शिकायत वापस लेने के नाम पर एएसआई ने मांगे। पति-पत्नी ने एसपी को आवेदन सौंपकर उनके साथ हुई घटना को बताया और आरोपी एएसआई नंदकुमार साहू के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जायेगी शिकायत मिली है। एसडीओपी को जांच के लिए सौंप दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जायेगी। – सूरजन राम भगत, एसपी, बालोद

छह माह में साय सरकार ने किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए बहुत कम समय में ऐतिहासिक फैसले लिए

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन के ट्रैक पर छत्तीसगढ़ ने फिर से विकास की रफ्तार पकड़ ली है। बीते छह माह पर नजर डाले तो साय सरकार ने किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए बहुत कम समय में ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए वर्ष 2047 तक विकसित-छत्तीसगढ़ का निर्माण के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विजन डाक्यूमेंट तैयार करने का काम भी शुरू कर दिया गया है।     विधानसभा चुनाव के दौरान छत्तीसगढ़ के लोगों को गारंटी दी थी कि छत्तीसगढ़ में लोगों के जीवन में खुशहाली और समृद्धि के लिए सुशासन की स्थापना की जाएगी। इसे ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक अलग सुशासन और अभिसरण विभाग का गठन किया है। यह विभाग कल्याणकारी नीतियों के सफल क्रियान्वयन, उपलब्ध संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग और जन समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए काम कर रहा है। सभी विभागों को सुशासन के लिए अधिक से अधिक आईटी का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की निगरानी और समीक्षा के लिए पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन 25 दिसंबर 2023, सुशासन दिवस पर अटल मॉनिटरिंग पोर्टल का शुभारंभ किया गया है।     साय सरकार ने आवासहीन और जरूरतमंद 18 लाख परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति, 13 लाख से अधिक किसानों को धान की बोनस राशि, 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी, महतारी वंदन योजना में 70 लाख से अधिक गरीब परिवारों की महिलाओं को हर माह एक-एक हजार रूपए देने जैसे अनेक निर्णयों पर क्रियान्वयन किया है। राज्य के माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में माओवाद उन्मूलन के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नियद नेल्लानार योजना शुरू की गई है। महतारी वंदन योजना, कृषक उन्नति योजना, रामलला दर्शन योजना, उद्यम क्रांति योजना जैसी कई अभिनव योजनाओं की शुरूआत हुई है। लोकतंत्र सेनानियों (मीसा बंदियों) की सम्मान निधि फिर से शुरू कर दी गई है।     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 13 जून से सभी विभागों में प्रशासनिक कसावट लाने के लिए समीक्षा बैठक लेने का सिलसिला शुरू कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि जन कल्याणकारी कार्यक्रम का क्रियान्वयन, पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता रखें। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से कहा है कि आम नागरिकों की दिक्कतें दूर करने के लिए संवेदनशील होकर कार्य करें। लोकसभा निर्वाचन के बाद अब शासन की योजनाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार लगातार तेजी से काम कर रही है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना जैसी अनेक योजनाओं के क्रियान्वयन पर तैयारी शुरू कर दी गई है। राजस्व प्रशासन को भी मजबूत किया जा रहा है। भूमि संबंधी विवादों और दिक्कतों को दूर करने के लिए भू-नक्शों की जियो रिफरेसिंग पर भी रणनीति तैयार कर ली गई है। 18 लाख आवास स्वीकृत-     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरकार बनने के दूसरे ही दिन कैबिनेट की बैठक आयोजित कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की गारंटी के अनुरूप 18 लाख 12 हजार 743 जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने स्वीकृति दे दी। इसके लिए 12 हजार 168 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। 13 लाख किसानों को धान का बोनस-     मोदी जी ने प्रदेश के किसानों को गारंटी दी थी कि सरकार बनने पर राज्य के किसानों को 2 साल का बकाया धान बोनस देंगे। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस, सुशासन दिवस पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 13 लाख किसानों के बैंक खातों में 3716 करोड़ रुपए का बकाया धान बोनस अंतरित कर इस गारंटी को भी पूरा किया है। 3100 रूपए में धान की खरीदी-     साय सरकार ने 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदने की गारंटी को पूरा करते हुए 32 हजार करोड़ रुपए के समर्थन मूल्य की राशि का तत्काल भुगतान किसानों को किया और फिर 12 जनवरी को 24 लाख 75 हजार किसानों को कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत अंतर की राशि 13 हजार 320 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की है। इस साल खरीफ सीजन में राज्य में 145 लाख मीटिरक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी हुई है। 70 लाख महिलाओं का वंदन –     महतारी वंदन योजना के अंतर्गत महिलाओं के बैंक खातों में राशि अंतरण का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की वर्चुअल उपस्थिति में 10 मार्च 2024 को हुआ। इस योजना के अंतर्गत राज्य की पात्र महिलाओं को प्रति माह एक-एक हजार रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। योजना का लाभ 70 लाख से अधिक महिलाओं को मिल रहा है। अब तक इस योजना की चार माह की राशि जारी की जा चुकी है। पिछली सरकार ने महिला स्व सहायता समूहों से रेडी टू ईट का काम छीन लिया था। छत्तीसगढ़ सरकार ने अब फिर से उन्हें यह काम सौंप दिया है। रामलला दर्शन योजना-     छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्या में विराजमान रामलला के दर्शन हेतु निःशुल्क आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राज्य में रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना संचालित की जा रही है। शासकीय व्यय में अब तक हजारों दर्शनार्थी रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या भेजे जा चुके हैं।   तेन्दूपत्ता संग्रहण दर अब 5500 रूपए-     राज्य में तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 4000 रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर अब 5500 रुपए प्रति मानक बोरा कर दी गई है। चालू तेंदूपत्ता सीजन से ही 12 लाख 50 हजार तेंदूपत्ता संग्राहकों को योजना का लाभ मिल रहा है। संग्राहकों के लिए राज्य सरकार द्वारा चरण पादुका योजना भी शुरू की जाएगी, साथ ही उन्हें बोनस का लाभ भी दिया जाएगा।   भर्ती में युवाओं को पांच वर्ष की छूट-     युवाओं की बेहतरी के लिए राज्य सरकार ने अहम निर्णय लेते हुए पुलिस विभाग सहित विभिन्न शासकीय भर्तियों में युवाओं को निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में 05 वर्ष की छूट का निर्णय लिया है। अभ्यर्थियों को 31 दिसंबर 2028 तक आयु सीमा में 05 वर्ष छूट का लाभ मिलेगा। यूपीएससी की तर्ज पर … Read more

रेलवे ने कथा सुनने वाले श्रद्धालुओं के लिए खंडवा और सनावद के बीच मेमू ट्रेन के फेरे बढ़ाए

खंडवा ओंकारेश्वर के करीब थापना गांव में कथावाचक प्रदीप मिश्रा द्वारा शिव पुराण कथा चल रही है। इसके लिए खंडवा क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आना-जाना कर रहे हैं। श्रद्धालुओं को सुविधा हो इसके लिए खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने सेंट्रल रेलवे के जीएम आरके यादव और भुसावल डीआरएम इति पांडे को पत्र भेजकर 15 जून तक मेमू ट्रेन को नियमित चलाने की मांग की थी तथा इसके समय में परिवर्तन की मांग भी की थी, इसे रेलवे ने स्वीकृति दे दी है। पूर्व रेल समिति सदस्य सुनील जैन और मनोज सोनी ने बताया कि कथा के समय को देखते हुए सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे ने स्वीकृति देकर इस ट्रेन के 13, 14 और 15 जून को दो फेरे परिचालन का निर्णय लिया है। 16 जून से पूर्व निर्धारित समय से संचालित रहेगी। पहला फेरा – खंडवा से सुबह नौ बजे रवाना होकर 10:30 बजे सनावद पहुंचेगी। – सनावद से वापसी दोपहर एक बजे निकलकर खंडवा 14:30 बजे आएगी। दूसरा फेरा – खंडवा से दोपहर तीन बजे निकलकर सनावद 4:30 बजे पहुंचेगी। – वापसी में सनावद से शाम पांच बजे निकलकर 06:30 बजे खंडवा आएगी। ओंकारेश्वर में लग रहा जाम कथा स्थल के अलावा ओंकारेश्वर-ममलेश्वर मंदिर में भी सुबह-शाम दर्शनार्थियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। बुधवार को 70 हजार से अधिक श्रद्धालु ओंकारेश्व पहुंचे। मोरटक्का से ओंकारेश्वर तक मुख्य मार्ग से वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित होने से सनावद-ओंकारेश्वर मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ने से बार-बार जाम लग रहा है।

कटनी-बीना सेक्शन के मालखेड़ी स्टेशन पर रेल ट्रैक का अधोसरंचना कार्य शुरू

कटनी कटनी-बीना सेक्शन के मालखेड़ी स्टेशन पर रेल ट्रैक का अधोसरंचना कार्य शुरू हो गया है। ऐसे में कटनी से गुजरने वाली करीब 1 दर्जन यात्री गाड़ियों को निरस्त किया गया। साथ ही कुछ यात्री ट्रेनों का रूट बदल दिया गया है। पश्चिम मध्य रेल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक डॉ. मधुर वर्मा ने बताया कि जबलपुर मंडल से चलने और कटनी से गुजरने वाली कई ट्रेनों को निरस्त और मार्ग परिवर्तित किया गया है।  गाड़ी संख्या 01885 बीना-दमोह एक्सप्रेस दिनांक 12.06.2024 से 10.07.2024 तक 29 ट्रिप के लिए, गाड़ी संख्या 01886 दमोह-बीना एक्सप्रेस दिनांक 13.06.2024 से 11.07.2024 तक 29 ट्रिप के लिए, गाड़ी संख्या 06603 बीना- कटनी मुड़वारा मेमू दिनांक 16.06.2024 से 10.07.2024 तक 25 ट्रिप के लिए, गाड़ी संख्या 06604 कटनी मुड़वारा- बीना मेमू दिनांक 16.06.2024 से 10.07.2024 तक 25 ट्रिप के लिए, गाड़ी संख्या 11272 भोपाल-इटारसी विंध्याचल एक्सप्रेस दिनांक 16.06.2024 से 10.07.2024 तक 25 ट्रिप के लिए,  गाड़ी संख्या 11271 इटारसी-भोपाल विंध्याचल एक्सप्रेस दिनांक 16.06.2024 से 10.07.2024 तक 25 ट्रिप के लिए, गाड़ी संख्या 22161 भोपाल-दमोह राज्य रानी एक्सप्रेस दिनांक 25.06.2024 से 10.07.2024 को 16 ट्रिप के लिए,  गाड़ी संख्या 22162 दमोह-भोपाल राज्य रानी एक्सप्रेस दिनांक 26.06.2024 से 11.07.2024 को 16 ट्रिप के लिए, गाड़ी संख्या 11703 रीवा- डॉ अंबेडकर नगर एक्सप्रेस (त्रिसप्ताहिक) दिनांक 18.06.2024 से 09.07.2024 को 10 ट्रिप के लिए, गाड़ी संख्या 11704 डॉ अंबेडकर नगर-रीवा एक्सप्रेस (त्रिसप्ताहिक) दिनांक 19.06.2024 से 10.07.2024 को 10 ट्रिप के अप एंड डाउन की ट्रेनों को निरस्त किया गया है। इसके अलावा 8 ट्रेने ऐसी हैं जो बीना सेक्शन में चल रहे अधोसरंचना कार्य के चलते परिवर्तित मार्ग कटनी से जबलपुर और सतना होकर पाने गंतव्य तक पहुंचेगी। इसमें गाड़ी संख्या 12121 जबलपुर-निज़ामुद्दीन मध्यप्रदेश संपर्क क्रांति एक्सप्रेस जो दिनांक 5 से 7 जुलाई को जबलपुर मंडल में अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया जबलपुर- कटनी-सतना-वीरांगना लक्ष्मी बाई स्टेशन से होकर गंतव्य को जाएगी। इसी तरह दिनांक 6 औश्र 8 जुलाई को  अपने परिवर्तित मार्ग वाया वापस होगी। वही गाड़ी संख्या 11449 जबलपुर-श्री माता वैष्णोदेवी कटरा एक्सप्रेस दिनांक 9 जुलाई को परिवर्तित मार्ग वाया जबलपुर-कटनी- सतना- होकर गंतव्य को जाएगी। ट्रेन नंबर 11466 जबलपुर-सोमनाथ एक्सप्रेस भी दिनांक 24 जून से 8 जुलाई तक 05 ट्रिप के लिए अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया जबलपुर-इटारसी-भोपाल से होकर गंतव्य जाकर लौटेगी। और 12185 रानी कमलापति-रीवा एक्सप्रेस जो दिनांक 28 जून से 10 जुलाई तक 13 ट्रिप के लिए अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया कटनी-जबलपुर-इटारसी से होकर गंतव्य को जाने के साथ दिनांक 25 जून से 10 जुलाई 2024 तक 16 ट्रिप के लिए इसी रूट से वापस आने की जानकारी अधिकारी द्वारा साझा की गई है।

RPSC के अभ्यार्थियों ने दस्तावेज सत्यापन में निजी विवि की लगाईं फर्जी डिग्रियां

जयपुर. राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) व राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) की भर्ती परीक्षाओं में अभ्यार्थियों के दस्तावेज सत्यापन में बड़ी संख्या में निजी विश्वविद्यालय की फर्जी डिग्री के मामले सामने आने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जारी नए दिशा निर्देशों में कहा गया है कि निजी विश्वविद्यालय अपने अधिनियमों के प्रावधानों व संबंधित विनियमन निकायों के नियमों, परिनियमों, मापदण्डों की पूरी पालना के प्रति गंभीर नहीं हैं। कुछ निजी विश्वविद्यालय कूटरचित तरीके से फर्जी डिग्री देने, बैंक डेट में डिग्री देने, बिना पढ़ाई के डिग्री देने, बिना अनुमति के पाठ्यक्रम संचालित करने, सिंगल सिटिंग में डिग्री प्रदान करने, वर्ष पर्यन्त प्रवेश देने, बिना एंट्री परीक्षा की वैधता का सत्यापन किए पाठ्यक्रमों में प्रवेश देने, लेटरल एण्ट्री के नाम पर डिग्री देने, शोध में यूजीसी रेगुलेशन की पालना न कर बड़ी संख्या में शोध उपाधियां प्रदान करने, अनियमित तरीके से संख्या में खेल प्रमाण पत्र प्रदान करने आदि गतिविधियों में लिप्त हैं। इस बारे में सचिव, आरपीएससी ने भी राज्य सरकार को पत्र लिखा हैं। कॉलेज शिक्षा विभाग को फर्जी डिग्री रोकने की कवायद के लिए आरपीएससी ने भी सुझाव दिए है। जिसमें कहा गया है कि निजी विश्वविद्यालयों की फीस ऑनलाइन ही ली जाए। प्राइवेट विवि को इन नियमों की करनी होगी पालना निजी विश्वविद्यालय यूनिटरी हैं, इसलिए कैम्पस के बाहर इनकी कोई ब्रांच नहीं हो सकती। बिना राज्य सरकार, यूजीसी व होस्ट स्टेट/कंट्री की अनुमति के अपने कैंपस के अलावा राजस्थान प्रदेश या बाहर देश/विदेशों में ऑफ कैंपस सेंटर,स्टडी सेंटर चलाने का अधिकार नहीं है। डिस्टेंस मोड पर पहले से अनुमति प्राप्त कोर्स ही चल सकते हैं। इसकी सूचना विभाग को भी भेजनी होगी। निजी विश्वविद्यालयों में पाठ्यक्रमों में प्रवेश केवल मेरिट के आधार पर ही दिए जा सकते हैं। व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यकमों में प्रवेश केवल प्रवेश परीक्षा के माध्यम से ही दिए जा सकते हैं। जिन व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रमों यथा शिक्षण प्रशिक्षण पाठ्यक्रम, बीपीएड., एमपीएड, डीएलएड, कृषि शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, प्रौद्योगिकी शिक्षा इत्यादि से संबंधित पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए राज्य या केंद्र की एजेंसियां प्रतिवर्ष प्रवेश परीक्षा का आयोजन कर प्रवेश देती हैं। इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश इन एजेंसियों के द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा के माध्यम से छात्र आवंटित करवाकर ही दिए जा सकेंगें। निजी विश्वविद्यालयों को कोर्स- पाठ्यक्रम की अनुमति स्वीकृत सीटों की संख्या और आदेश अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक करने होंगे। निजी विश्वविद्यालय प्रवेश में राज्य सरकार की आरक्षण नीति की पालना करनी होगी। विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों को सभी फीस ऑनलाइन विवि के बैंक खाते में ही प्राप्त करें। ऑफलाइन आवेदन शुल्क अवैध श्रेणी में माना जाएगा। निजी विश्वविद्यालय प्रतिवर्ष 31 अगस्त या पाठ्यक्रमों से संबंधित विनियमन निकायों, राज्य सरकार द्वारा प्रवेश हेतु निर्धारित अंतिम तिथि, इनमें से जो भी बाद में हो, के पश्चात किसी भी प्रकार से प्रवेश नहीं देंगे। प्रवेश के साथ ही विद्यार्थियों को एनरोलमेंट नंबर आवंटित करने होंगे। विश्वविद्यालय अंकतालिका व डिग्रियों को जारी करने के दिन ही उन्हें डिजी लॉकर पर भी अपलोड करेंगे और भ्रामक विज्ञापन जारी नहीं किए जाएंगे। विज्ञापन में यह भी बताना होगा कि कोई ऑफ कैंपस संचालित नहीं है। यूजीसी ने एफिल पाठयक्रम को बंद कर दिया है। इसमें प्रवेश बंद करना होगा। पीएचडी में प्रवेश से पहले सभी यूजीसीनियमों की पालना करनी होगी। पार्ट टाइम एक्जेक्ट फैकल्टी को शोध निदेशक नियुक्त नहीं करें। इन रेगुलेशन की पालना के अभाव में जारी शोध उपाधियां अवैध मानी जायेंगी। विश्वविद्यालय प्रतिवर्ष 30 जून से पूर्व दीक्षान्त समारोह आयोजित करेंगे और बांटी गई और डिग्रियों की विस्तृत पाठ्यक्रमवार रिपोर्ट अनिवार्य रूप से अपनी वेबसाटइ पर शो करेंगे और राज्य सरकार को भी भेजेंगे।

छत्तीसगढ़-कोरबा में दूसरी के चक्कर में पत्नी-बेटे-बेटी पर कुल्हाड़ी से किए वार

कोरबा. कोरबा के करतला में एक शख्स ने अपनी पत्नी, बेटे और बेटी पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। कुल्हाड़ी के वार से मां, बेटी और बेटा गंभीर रुप से घायल हो गए हैं। जिन्हें करतला के सामुदायिक स्वास्य केंद्र में उपचार देने के बाद कोरबा के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी दो शादियां कर रखी हैं, जिसकी वजह से उसका पहली पत्नी से अक्सर विवाद होता रहता था। आरोपी शरद दास महंत की पहली पत्नी टीका बाई है। जिससे उसकी बेटी टिंकी (22) और बेटा पवन दास (25) है। वहीं दूसरी पत्नी के चक्कर में शरद का पहली पत्नी से अक्सर विवाद होता था, जिसका मामला कोर्ट में विचाराधीन है। पहली पत्नी का आरोप है कि पति उसे घर खर्च नहीं देता, जिसके कारण उसका जीना दुश्वार हो गया है। इस मामले को लेकर कोर्ट ने भी आरोपी को फटकार लगाई है। बस इसी बात को लेकर शरद का पत्नी से विवाद हुआ और हिंसक घटना घट गई। आरोपी है कि शरद लॉकडाउन के समय अपनी पहली पत्नी, बेटी-बेटे को छोड़कर किसी दूसरी महिला के साथ रहने लगा था। वह जब भी बीच-बीच में घर आता था तो अक्सर मारपीट करता था। जिसके बाद इसकी शिकायत पुलिस में की। घायल महिला ने बताया कि जब भी उसका पति जब से दूसरी पत्नी के साथ रहने लगा है तब से कुछ भी खर्चा नहीं देता। किसी तरह वह अपनी बेटी और बेटे का भरण-पोषण करते आ रही है। दोनों को पढ़ा-लिखा रही है। मामला कोर्ट में चल भी रहा है, दो दिन पहले कोरबा कोर्ट में पेशी हुई थी। जहां कोर्ट ने शरद को खर्चा देने के लिए कहा। इसी बात से वह नाराज था। घायल महिला ने बताया कि जब वह अपनी बेटी और बेटे के साथ किसी काम से जा रही थी तो इसी दौरान शरद ने उनपर हमला कर दिया। किसी तरह उन्होंने अपनी जान बचाई, लोगों ने उसे पकड़ा। नहीं तो उनकी जान जा सकती थी। इस घटना के बाद आरोपी ने खुद को करतला पुलिस के हवाले किया और घटना की जानकारी दी। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

ओडिशा : सत्ता में आते ही सीएम माझी ने पूरा किया वादा, जगन्नाथ मंदिर के चारों द्वार खुले

भुवनेश्वर ओडिशा के पुरी में श्री जगन्नाथ मंदिर के सभी चारों द्वार को गुरुवार को एक बार फिर से खोल दिया गया है. इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने जगन्नाथ मंदिर में पूजा अर्चना की. इस दौरान बालासोर से सांसद प्रतापचंद्र सारंगी और अन्य मंत्री भी मौजूद रहे. राज्य की नवनिर्वाचित बीजेपी सरकार ने बुधवार को पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर के सभी चार द्वारों को फिर से खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. सरकार ने मंदिर से जुड़े अहम मुद्दों की देखभाल के लिए 500 करोड़ रुपये के विशेष कोष का भी ऐलान किया गया था. एजेंसी के मुताबिक ओडिशा के मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने कहा कि चुनाव के दौरान हमने कहा था कि हम सभी 4 द्वार फिर से खोलेंगे. मंदिर के सभी चार द्वार आज खुलने जा रहे हैं. मंत्रिपरिषद के सभी सदस्य यहां मौजूद हैं, सीएम भी मौजूद हैं. विकास परियोजनाओं के लिए 500 करोड़ रुपये के कॉर्पस फंड की भी घोषणा की गई है. हमने कल शपथ ली और हम आज द्वार खोल रहे हैं. प्रस्ताव को मंजूरी देने के बाद मोहन चरण माझी ने मीडिया से कहा, “राज्य सरकार ने गुरुवार सुबह सभी मंत्रियों की मौजूदगी में पुरी जगन्नाथ मंदिर के सभी चार द्वार फिर से खोलने का फैसला किया है. श्रद्धालु सभी चार द्वारों से मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे.” ‘श्रद्धालुओं को हो रही थी परेशानी…’ मांझी ने आगे कहा कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को द्वार बंद होने के की वजह से परेशानी हो रही थी और हाल ही में लिए गए फैसले से उनकी यात्रा आसान हो जाएगी. गौरतलब है कि बीजेपी ने अपने विधानसभा चुनाव घोषणापत्र में भी जगन्नाथ मंदिर के सभी द्वार खोलने का वादा किया था. कोविड-19 महामारी के बाद से ही बीजेडी की पिछली सरकार ने मंदिर के चारों द्वार बंद रखे थे. श्रद्धालु केवल एक द्वार से ही प्रवेश कर सकते थे और सभी द्वार खोलने की मांग की जा रही थी. इससे पहले बुधवार को, चार बार के विधायक और क्योंझर जिले के आदिवासी नेता मोहन चरण माझी ने भुवनेश्वर में एक समारोह में ओडिशा के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कई केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री शामिल हुए. एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी मंत्री बुधवार रात को पुरी के लिए रवाना होंगे और तीर्थ नगरी में रुकेंगे ताकि बृहस्पतिवार सुबह जब चारों द्वार खोले जाएं तो वे वहां मौजूद रह सकें. माझी ने कहा कि राज्य सरकार धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाकर 3100 रुपये प्रति क्विंटल करने के लिए भी कदम उठाएगी और संबंधित विभाग को इस संबंध में कदम उठाने को कहा गया है. उन्होंने कहा कि धान के लिए एमएसपी बढ़ाकर 3100 रुपये प्रति क्विंटल करने के प्रस्ताव पर अमल के लिए बहुत जल्द एक समिति गठित की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा, “यह काम सरकार के पहले 100 दिन के भीतर पूरा कर लिया जाएगा.” नई सरकार 100 दिन के अंदर सुभद्रा योजना लागू करेगी, जिसके तहत महिलाओं को 50,000 रुपये का नकद ‘वाउचर’ मिलेगा. मुख्यमंत्री ने कहा, “विभागों को सुभद्रा योजना के कार्यान्वयन के लिए दिशानिर्देश और रूपरेखा तैयार करने को कहा गया है.”

MP में तेजी से आ रहा मानसून, आज 35 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में इन दिनों कई जिलों में भारी बारिश तो कहीं जिलों में लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है. देश के कई हिस्सों को कवर कर चुका मानसून अब मध्य प्रदेश में 3-4 दिन की देरी से पहुंचेगा. इसके पीछे बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में सिस्टम कमजोर होने की वजह मानी जा रही है. मौसम विभाग की माने तो 19 तारीख तक प्रदेश में मानसून की दस्तक हो सकती है, तो वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग की तरफ से कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने इन जिलों में किया बारिश का अलर्ट जारी मौसम विभाग की माने तो बालाघाट, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, और सिवनी के लिए मौसम विभाग की तरफ से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. तो वहीं दूसरी तरफ राजधानी भापोल, इंदौर, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुरकलां, शिवपुरी, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सीहोर, देवास, शाजापुर, राजगढ़, आगर-मालवा, उज्जैन और रतलाम के लिए आंधी और गरज चमक के साथ यलो अलर्ट जारी किया गया है. कई जिलों में भीषण गर्मी का दौर जारी प्रदेश भर में इन दिनों मौसम के दो मिजाज देखने मिल रहे हैं. कई जिलों में बारिश के बाद गर्मी से राहत देखी गई है, तो कई जिलों में अभी भी भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है. बीते दिन खजुराहो प्रदेश का सबसे गर्म जगह रही यहां 45.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है. विजावर- 45.3, निवाड़ी-45.0, ग्वालियर-44.6, नौगांव-44.6, सिंगरौली-44.4, रीवा-44.2, सतना-44.1, सीधी- 43.8, दमोह-43.5 तापमान दर्ज किया गया है.

महाकाल की शरण में केंद्रीय राज्यमंत्री पासवान बाबा, चांदी द्वार से दर्शन कर किया जलाभिषेक

उज्जैन केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री बनने के बाद कमलेश पासवान आज विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। उन्होंने उन्होंने चांदी द्वार से बाबा महाकाल का पूजन अर्चन और जलाभिषेक कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। केंद्रीय मंत्री श्री पासवान को बाबा महाकाल का पूजन अर्चन करवाने वाले महाकाल मंदिर के पुजारी पंडित महेश गुरु ने बताया कि आज सुबह भोग आरती के बाद केंद्रीय मंत्री पासवान बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने पहुंचे थे।  उन्होंने चांदी द्वार से बाबा महाकाल के दर्शन कर पूजन और अभिषेक किया। जिसके बाद वे नंदी हॉल में बैठकर बाबा महाकाल की भक्ति में लीन दिखाई दिए। उन्होंने नंदी हॉल में कुछ मंत्रों का जाप किया और उसके बाद महाकाल मंदिर परिसर में स्थित अन्य मंदिरों के भी दर्शन किए।

विद्युत वितरण कंपनी ने बिजली चोरी करने वालों से 26 करोड़ रुपये की वसूली की

भोपाल मध्य प्रदेश  (Madhya Pradesh) में इन दिनों बिजली चोरों की शामत आई हुई है. दरअसल, प्रदेश की मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (Central Region Electricity Distribution Company) ने बिजली चोरी रोकने के लिए अभियान चला रखा है. इस मुहिम के तहत अब तक बिजली चोरी करने वालों से 26 करोड़ रुपये की राशि वसूली गई है.   अब तक वसूले गए 15 करोड़ रुपये आधिकारिक सूचना के मुताबिक, कंपनी ने अपने कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग अंतर्गत आने वाले 16 जिलों में बिजली चोरी की रोकथाम की दिशा में चालू वर्ष में कारगर कदम उठाए गए हैं. कंपनी की कार्यक्षेत्र में 21,850 परिसरों की जांच की गई. इस दौरान कनेक्शन में अनियमितता पाए जाने पर 29 करोड़ की बिलिंग कर 15 करोड़ की राशि वसूल कर ली गई है. बिजली चोरी के 12,324 प्रकरण पकड़े गए इसी प्रकार विद्युत अधिनियम 2003 की धारा-135 के अंतर्गत सीधे बिजली चोरी के 12,324 प्रकरण पकड़े गए हैं, जिनमें 23 करोड़ से अधिक की बिलिंग कर 11 करोड़ की राशि वसूल की गई है. इसी प्रकार कंपनी के जांच दलों द्वारा 52 करोड़ से अधिक की बिलिंग की गई है. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सतर्कता विभाग ने अपने बिलिंग डाटा का विश्लेषण कर 5,379 बिजली चोरी वाले संदेहास्पद प्रकरण विजिलेंस टीम को सौंपे हैं. इनमें अनियमितता पाए जाने पर 50 लाख रुपये से अधिक की बिलिंग कर अब तक करीब 6 लाख की वसूली कर ली गई है. बिजली चोरी पारितोषिक योजना के अंतर्गत कंपनी कार्यक्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों से 241 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें भिंड, मुरैना, बैतूल एवं ग्वालियर से सर्वाधिक हैं. अब तक इन शिकायतों पर कार्रवाई करके 12 लाख रुपये के बिल जारी किए गए हैं.

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