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रेस दौरान एक ट्रैक्टर बेकाबू होकर भीड़ पर चढ़ गया, कई लोगों को रौंदा, 5 लोग घायल

चंडीगढ़ पंजाब के फगवाड़ा में ट्रैक्टर रेस दौरान एक ट्रैक्टर बेकाबू होकर लोगों की भीड़ पर चढ़ गया।  इस हादसे में करीब 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया है और तीन ट्रैक्टरों को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के कुछ दिल दहला देने वाले वीडियो भी सामने आए हैं। वहीं, इसी साल पंजाब में  ट्रैक्टर से स्टंट करने के दौरान एक युवक की मौत हो गई थी जिसके बाद पंजाब सरकार ने इस पर रोक लगा दी थी। लोगों में भगदड़ मची फगवाड़ा के गांव डोमेली में अवैध रूप से ट्रैक्टर की रेस चल रही थी। ट्रैक्टर चालक तरह-तरह के स्टंट कर रहे थे। जब इस ट्रैक्टर रेस में दो ट्रैक्टर रेस लगा रहे थे तो पीछे से आ रहा एक ट्रैक्टर अचानक से बेकाबू हो गया और वो साइड में खड़े होकर ट्रैक्टर रेस देख रहे लोगों में घुस गया। हादसा होते ही वहां पर मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। हादसे में घायल लोगों को तुरंत उपचार के लिए फगवाड़ा सहित आसपास के अस्पतालों में भर्ती करवाया गया। ट्रैक्टर पर स्टंट करने पर सरकार ने लगा रखी है रोक हादसे की सूचना मिलते ही डीएसपी जसप्रीत सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि जब पुलिस मौके पर पहुंची तो काफी संख्या में लोग वहां से भाग चुके थे। अवैध रूप से ट्रैक्टर रेस करवाने के मामले में पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया है। ट्रैक्टर चला रहा व्यक्ति भी घटना में जख़्मी हुआ है। डीएसपी ने कहा कि सरकार ने ट्रैक्टर पर स्टंट करने पर रोक लगा रखी है। तीन ट्रैक्टर कब्जे में लिए गए हैं। पुलिस मामले में एफआईआर दर्ज करने जा रही है। रेस करवाने वाले कमेटी मेंबरों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।  प्रशासन की नाक तले कैसे हुआ मौत का खेल हादसे के बाद फगवाड़ा प्रशासन पर भी कई तरह के सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं कि आखिरकार जिन खतरनाक मौत के खेलों पर पाबंदी लगी हुई है ऐसे खेल मेले के आयोज़न की परमिशन किसके द्वारा और क्यों दी गई। अगर प्रशासन ने इसकी परमिशन नहीं दी तो प्रशासन की नाक तले इतना खतरनाक आयोजन कैसे हो गया। ट्रैक्टर रेस के दौरान जब यह हादसा हुआ उस दौरान वहां पर मौजूद कुछ लोग अपने मोबाइल फोन में इसकी वीडियो बना रहे थे। उन्होंने यह वीडियो तुरंत ही अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट की तो वीडियो वायरल हो गए।  

आज फादर्स डे: मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने पिता से मांगे 500 रुपए

Ajit Pawar came into action after 29 councilors went to Sharad camp, called a meeting of Pune party leaders

उज्जैन मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में एक भावुक क्षण देखने को मिला जब राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने पिता के पास पहुंचे और उनसे पांच सौ रुपए मांगे। दुनिया में आज फादर्स डे मनाया जा रहा है। इस मौके पर हर कोई अपने पिता को अपने तरीके से याद कर रहा है और उनका सम्मान करने में लगा है। इस मौके पर उज्जैन में भी एक भावुक करने वाला नजारा देखने को मिला। मोहन यादव अपने पिता मूलचंद यादव के पास पहुंचे और उनसे बात की। इतना ही नहीं, उनसे 500 रुपए भी मांग लिए। मुख्यमंत्री ने जब अपने पिता से पैसे मांगे तो उन्होंने जेब में रखी 500 रुपए की गड्डी निकाल कर उनके हाथ में थमा दी। इसमें से मुख्यमंत्री ने एक नोट निकला और बाकी अपने पिता को लौटा दिए। इस मौके पर पिता ने मुख्यमंत्री को ट्रैक्टर सुधरवाने का बिल भी थमा दिया। सीएम यादव और पिता मूलचंद के बीच हो रहे संवाद का वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ यादव ने फादर्स डे की बधाई देते हुए कहा कि कुटुंब और परिवार परंपरा दुनिया के लिए अद्वितीय है। यह भारत की देन है। हमारे ऋषि मुनियों ने रिसर्च कर विद्या के बलबूते पर अपनी संस्कृति को बढ़ाया है।  

बीमार पिता की इच्छा के मुताबिक ICU में बीमार पिता के सामने बेटियों ने किया निकाह, डॉक्टर-नर्स बने बाराती

नई दिल्ली राजधानी में अनोखी शादी हुई। फादर्स डे की पूर्व संध्या पर आईसीयू में भर्ती बीमार पिता की आ्खों के सामने दो बेटियों का निकाह कराया गया। पिता अपने जीते जी बेटियों के हाथ में मेंहदी लगी देखना चाहता था। बीमार पिता की इच्छा के मुताबिक एरा मेडिकल कॉलेज का आईसीयू दो सगी बहनों की शादी का गवाह बना। आईसीयू में भर्ती गंभीर मरीजों की ख्वाहिश पर उसकी दो बेटियों का निकाह आईसीयू में ही पढ़ा गया। माला पहने दूल्हे आईसीयू में निकाह की रस्म पूरी करते नजर आए। डाक्टर नर्स बाराती की भूमिका में नजर आए। दुबग्गा स्थित एरा मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में सैयद जुनैद इकबाल (51) गुजरे 15 दिनों से भर्ती हैं। संक्रमण की वजह से उन्हें सांस लेने में दिक्कत है। इससे पहले चार बार तबीयत बिगड़ने पर अलग-अलग दिनों में भर्ती कराया गया है। भाई डॉ. तारिक साबरी ने बताया कि सैयद जुनैद इकबाल उन्नाव के मुसंडी शरीफ मजार के सज्जादा नशीन हैं। इनकी दो बेटिया हैं। पहली तन्वीला व दरख्शां। दोनों का निकाह पहले से तय था। 22 जून को मुंबई में निकाह व रिसेप्शन मुकर्रर था। अप्रैल में भाई की तबीयत खराब हो गई। 15 दिन पहले एरा के आईसीयू में भर्ती कराया गया। इलाज के बावजूद तबीयत में सुधार नहीं हुआ। लिहाजा पिता ने अपने सामने बेटियों की शादी की ख्वाहिश जाहिर की। पिता चलने-फिरने में लाचार हैं। इसके लिए एरा मेडिकल कॉलेज प्रशासन से अनुमति मांगी। एरा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए आईसीयू में निकाह की अनुमति दी। लिहाजा अस्पताल प्रशासन ने आईसीयू में पिता के सामने दूल्हे और मौलवी को बुलाकर दोनों बेटियों का निकाह कराया। 13 को तन्वीला का निकाह हुआ। 14 जून को दरख्शां का निकाह पढ़ाया गया।  

गंगा दशहरा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई

नई दिल्ली गंगा दशहरा के अवसर पर आज प्रयागराज, वाराणसी, हरिद्वार, गढ़मुक्तेश्वर सहित विभिन्न गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। बड़ी संख्या में लोग रविवार तड़के ही स्नान के लिए घाटों पर पहुंचे। गंगा दशहरा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। विभिन्न गंगा घाटों पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी। लोग सवेरे से ही स्नान के लिए घाटों पर पहुंचे जिसका सिलसिला देर सुबह तक जारी रहा। गंगा दशहरा के मौके पर वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या और हरिद्वार के गंगा घाटों पर भारी भीड़ जुटी। गंगा दशहरा को देखते हुए उत्तर प्रदेश में विशेष प्रबंध किए गए। पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने गंगा दशहरा पर स्नान के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के निर्देश दिए। उन्होंने सभी पुलिस कमिश्नर, आईजी, डीआईजी और जिले के कप्तानों को शनिवार को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किया कर ज्येष्ठ गंगा दशहरा स्नान पर्व को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए सभी प्रबंध करने को कहा। हर साल ज्येष्ठ शुक्ल दशमी तिथि को गंगा दशहरा का त्योहार मनाया जाता है। सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार, अपने पूर्वजों के उद्धार के लिए भागीरथ इसी दिन गंगा को धरती पर लेकर आए थे। तभी से गंगा दशहरा पर मां गंगा की पूजा और इसमें आस्था की डुबकी लगाने की परंपरा चली आ रही है। गंगा दशहरा पर गंगा में स्नान कर दान-पुण्य करना अत्यधिक शुभ माना जाता है।  

जल के लिए जान पर बन आई, द्वारका जिले में पानी के लिए जबरदस्त मारपीट हुई, तीन लोग घायल

Revenue matters should be resolved with seriousness and within the time limit: Chief Minister Dr. Yadav

नई दिल्ली दिल्ली में जल की समस्या अब जान की दुश्मन बनती जा रही है। द्वारका जिले में पानी के लिए जबरदस्त मारपीट हुई है। इस मारपीट में तीन लोग घायल हो गए हैं। दिल्ली पुलिस ने इस बात की जानकारी दी और यह भी साफ किया है कि इस मारपीट में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है। दिल्ली पुलिस की तरफ से जानकारी दी गई है कि द्वारका जिला इलाके में एक सार्वजनिक नल से पानी भरने के लिए मारपीट हुई है। इस मारपीट में तीन लोग जख्मी हो गए हैं और इन्हें इंदिरा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया है कि मारपीट को लेकर दो पीसीआर कॉल आए थे। इस मारपीट में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं हैं। मारपीट को लेकर दो पक्षों की शिकायत के बाद 2 केस दर्ज किए गए हैं। दिल्ली पुलिस की तरफ से जानकारी दी गई है कि दोनों पक्षों के बयान की जांच-पड़ताल की जा रही है। भीषण गर्मी के बीच दिल्ली में जल की बड़ी समस्या बनी हुई है। जल के मुद्दे पर जमकर राजनीतिक बयानबाजी भी हो रही है। आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली की जल मंत्री ने आरोप लगाया है कि साजिश के तहत दिल्ली की पाइपलाइन को लीक कर दिया गया ताकि लोगों को पानी ना मिल सके। उन्होंने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से आग्रह किया है कि दिल्ली में पानी की पाइपलाइन की सुरक्षा बढ़ाई जाए। दिल्ली के एक और मंत्री सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर यह पाइपलाइन कौन तोड़ रहा है? इसकी जांच होनी चाहिए। इधर पानी की समस्या से परेशान लोगों ने छतरपुर स्थित दिल्ली जल बोर्ड के कार्यालय में तोड़फोड़ भी की है। बीजेपी के नेता रमेशा बिधूड़ी ने दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह एक भ्रष्ट सरकार है। वो भ्रष्टाचार के आरोपों से खुद को बचाने के लिए नैरेटिव बदलना चाहते हैं। दिल्ली जल बोर्ड में कोई ऑडिट नहीं हुआ है। दिल्ली जल बोर्ड 70,000 करोड़ रुपये के नुकसान में है। यह एक भ्रष्ट सरकार है। छतरपुर में DJB के दफ्तर में हुई तोड़फोड़ पर बिधूड़ी ने कहा, ‘यह स्वभाविक है। जब लोग गुस्से में होते हैं तब वो कुछ भी कर सकते हैं। मै उन वर्करों का शुक्रिया अदा करता हूं जिन्होंने इन लोगों को नियंत्रित किया।’ बीजेपी के सांसद मनोज तिवारी, ‘हर साल पानी की किल्लत होती है। आतिशी किसको धोखा दे रहे हैं? आतिशी को व्हाइट पेपर लाना चाहिए और यह बताना चाहिए कि पिछले 10 सालों में कौन से पाइप बदले गए हैं। ये लोग आलसी हैं। उनके पास ना कोई नीति है और ना कोई इच्छाशक्ति वो सिर्फ खजाने को लूटना चाहते हैं। मैं आतिशी से कहना चाहता हूं कि झूठ बोलने की भी हद होती है। दिल्ली के लोग उन्हें सजा देंगे। दिल्ली ऐसे लोगों को नहीं चाहती है जो बहाना बनाते हों। दिल्ली के लोग समस्या को खत्म करना चाहते हैं।’  

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में हाल में हुए आतंकवादी हमलों के मद्देनज सुरक्षा हालात की समीक्षा की

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में हाल में हुए आतंकवादी हमलों के मद्देनजर रविवार को क्षेत्र के सुरक्षा हालात की समीक्षा की। सूत्रों ने यह जानकारी दी। शाह ने 29 जून से शुरू होने जा रही वार्षिक अमरनाथ तीर्थयात्रा की तैयारियों की भी समीक्षा की। सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्री को जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई और आने वाले दिनों में सुरक्षाबल वहां आतंकवाद रोधी अभियान तेज कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों के खिलाफ अभियान प्रधानमंत्री के निर्देशानुसार चलाया जाएगा। शाह ने यहां नॉर्थ ब्लॉक में उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इससे तीन दिन पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी इसी मुद्दे पर एक बैठक की थी जिसमें उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिया था। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे, अगले सेना प्रमुख के तौर पर नामित लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, गुप्तचर ब्यूरो के निदेशक तपन डेका, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक अनीश दयाल सिंह, बीएसएफ के महानिदेशक नितिन अग्रवाल, जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक आर आर स्वैन और अन्य शीर्ष सुरक्षा अधिकारी शामिल हुए। सूत्रों ने बताया कि पिछले शुक्रवार को हुई एक बैठक में शाह को जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति, अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर सुरक्षाबलों की तैनाती, घुसपैठ की कोशिशों, आतंकवाद रोधी अभियानों की स्थिति और केंद्र शासित प्रदेश में सक्रिय आतंकवादियों के बारे में जानकारी दी गई थी। आतंकवादियों ने पिछले चार दिनों में जम्मू-कश्मीर के रियासी, कठुआ और डोडा जिलों में चार स्थानों पर हमले किए, जिनमें नौ तीर्थयात्रियों और सीआरपीएफ के एक जवान की मौत हो गई तथा सात सुरक्षाकर्मी और कई अन्य घायल हो गए। कठुआ जिले में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में दो संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादी भी मारे गए और उनके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ। आतंकवादियों ने नौ जून को तीर्थयात्रियों की एक बस पर उस समय गोलीबारी की जब यह शिव खोरी मंदिर से कटरा की ओर जा रही थी। इस बस में उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के श्रद्धालु सवार थे। गोलीबारी के बाद बस गहरी खाई में गिर गई थी जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई थी और 41 अन्य घायल हो गए थे। आतंकवादियों ने 11 जून को भद्रवाह में राष्ट्रीय राइफल्स और पुलिस की संयुक्त चौकी पर गोलीबारी की थी। आतंकवादियों ने 12 जून को डोडा जिले के गंडोह क्षेत्र में एक तलाशी दल पर हमला किया था जिसमें एक पुलिसकर्मी सहित सात सुरक्षाकर्मी घायल हो गए थे। इन हमलों के मद्देनजर प्रधानमंत्री मोदी ने 13 जून को गृह मंत्री के साथ सुरक्षा बलों की तैनाती तथा आतंकवाद रोधी अभियानों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल से भी वार्ता की थी और केंद्र शासित प्रदेश की स्थिति के बारे में जानकारी ली थी। ये घटनाएं दक्षिण कश्मीर हिमालय में अमरनाथ गुफा मंदिर की वार्षिक तीर्थयात्रा से पहले हुई हैं। यह यात्रा 29 जून से शुरू होने वाली है और 19 अगस्त तक जारी रहेगी। अमरनाथ के लिए तीर्थयात्री जम्मू कश्मीर में दो मार्गों-बालटाल और पहलगाम से यात्रा करते हैं। सूत्रों ने बताया कि पिछले साल 4.28 लाख से अधिक लोगों ने गुफा मंदिर की यात्रा की और इस बार यह आंकड़ा पांच लाख तक जा सकता है। सभी तीर्थयात्रियों को आरएफआईडी कार्ड दिए जाने की संभावना है ताकि उनकी वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सके और सभी को पांच लाख रुपये का बीमा कवर दिया जाएगा। तीर्थयात्रियों को ले जाने वाले प्रत्येक जानवर के लिए 50,000 रुपये का बीमा कवर भी होगा।  

देश का कोयला आयात अप्रैल, 2024 में 13.2 प्रतिशत बढ़कर 2.61 करोड़ टन पर पहुंच गया

The state became a den of deaths of tiger

नई दिल्ली देश का कोयला आयात अप्रैल, 2024 में 13.2 प्रतिशत बढ़कर 2.61 करोड़ टन पर पहुंच गया है। गर्मियों की शुरुआत के साथ खरीदारों द्वारा नए सौदे करने से कोयला आयात बढ़ा है। बी2बी ई-कॉमर्स कंपनी एमजंक्शन सर्विसेज लिमिटेड द्वारा जुटाए गए आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। एक साल पहले समान महीने में कोयला आयात 2.30 करोड़ टन रहा था। आयात में यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जबकि कोयला और खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा है कि भारत को जीवाश्म ईंधन का घरेलू उत्पादन बढ़ाना चाहिए और आयात में कमी लानी चाहिए। आंकड़ों से पता चलता है कि अप्रैल में प्रमुख और गैर-प्रमुख बंदरगाहों के माध्यम से भारत का कोयला और कोक आयात एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में 13.2 प्रतिशत बढ़ा है। अप्रैल में कुल आयात में गैर-कोकिंग कोयले का आयात 1.74 करोड़ टन रहा। एक साल पहले समान महीने में यह आंकड़ा 1.51 करोड़ टन था। वहीं कोकिंग कोयले का आयात 47.7 लाख टन से बढ़कर 49.7 लाख टन पर पहुंच गया। एमजंक्शन के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विनय वर्मा ने कहा, ‘‘मात्रा के लिहाज से आयात बढ़ा है… आगे चलकर, मानसून से पहले भंडारण करने की वजह से बिजली और गैर-विनियमित दोनों क्षेत्रों से मांग जारी रह सकती है।’’ अप्रैल में कोयला आयात मार्च की तुलना में भी 8.93 प्रतिशत अधिक रहा है। मार्च में कोयला आयात 2.39 करोड़ टन से कुछ अधिक रहा था। समुद्री मार्ग से ढुलाई की कीमतों में नरमी से बीते वित्त वर्ष 2023-24 में देश का कोयला आयात 7.7 प्रतिशत बढ़कर 26.82 करोड़ टन रहा था। 2022-23 में यह आंकड़ा 24.90 करोड़ टन था।  

बीती रात सुखाड गांव के समीप गांजा तस्करी कतरे दो आरोपितों को गिरफ्तार कर 45 किलो ग्राम गांजा जप्त किया

शहडोल जिले के देवलोंद थाना पुलिस ने बीती रात सुखाड गांव के समीप गांजा तस्करी कतरे दो आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके पास से 45 किलो ग्राम गांजा जप्त किया। जबकि इस कारोबार का सरगना फरार हो गया । जिसकी तलाश में पुलिस सरगर्मी के साथ जुटी हुई है। मादक पदार्थ गांजा की धर पकड़ पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक के निर्देशन पर की गई है। देवलोद थाना प्रभारी ने बताया कि रीवा जिला के मनगंवा निवासी महफूज खान पिता अफजल खान वार्ड नं. 3 और रौनक हुसैन पिता बासिर हुसैन निवासी मनगंवा कार क्रमांक एमपी 17 सी.सी. 6894 में 45 किलो 630 ग्राम गांजा लेकर रीवां की ओर जा रहे थे। शनिवार व रविवार की आधी रात को मिली सूचना के आधार पर देवलोंद पुलिस ने कार को रुकवाया और तलाशी ली तो कार से गांजा बरामद हुआ। आनन-फानन में पुलिस ने दोनों आरोपितो को हिरासत में ले लिया। उनसे पूछताछ की तो दोनो ने कबूल किया की उन्होंने पकड़े गये गांजा को ग्राम करौदिया निवासी गांजा के शातिर तस्कर रामसजीवन पटेल के घर से खरीदा है और गांजा लेकर वे रीवा की ओर जा रहे थे। दोंनो आरोपितों के बयान के आधार पर देवलोंद थाना की पुलिस ने सरगना के घर दविश देने पहुंची तो वह फरार हो गया था। बहरहाल इस मामले में देवलोंद थाना की पुलिस तीनो आरोपितों के खिलाफ नारकोटिक्स अधीनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। उधर शातिर सरगना रामसजीवन पटेल की पुलिस सरगर्मी के साथ तलाश में जुटी हुई है। सवा नौ लाख का मशरूका जब्त पहले भी वह गांजा के अवैध व्यापार में कई बार पकड़ा जा चुका है। इसके बाद भी उसकी हरकत में कोई सुधार नहीं हुआ है। कुल मिलाकर मादक पदार्थों की धरपकड़ वाले पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक द्वारा छेड़े गये अभियान को लगातार सफलता मिल रही है।

आज ही खरीदें Pen Projector: जानें बेहतरीन डील्स और ऑफर्स

पेन प्रोजेक्टर एक छोटा, पोर्टेबल डिवाइस होता है जो आपके स्मार्टफोन या टैबलेट से जुड़कर किसी भी सतह पर छवि या वीडियो प्रोजेक्ट कर सकता है. यह एक पेन की तरह दिखता है और इसमें एक छोटा प्रोजेक्टर होता है जो प्रकाश को सतह पर प्रोजेक्ट करता है. पेन प्रोजेक्टर के उपयोग प्रेजेंटेशन देना: आप अपने स्मार्टफोन या टैबलेट पर PowerPoint प्रेजेंटेशन या PDF फाइलों को पेन प्रोजेक्टर से किसी भी सतह पर प्रोजेक्ट कर सकते हैं. शिक्षण: शिक्षक छात्रों को अवधारणाओं को समझाने के लिए पेन प्रोजेक्टर का उपयोग कर सकते हैं. मनोरंजन: आप अपने स्मार्टफोन या टैबलेट पर फिल्में, वीडियो गेम, या तस्वीरें पेन प्रोजेक्टर से किसी भी सतह पर प्रोजेक्ट कर सकते हैं. कला और डिजाइन: कलाकार और डिजाइनर अपने काम को प्रोजेक्ट करने और उस पर काम करने के लिए पेन प्रोजेक्टर का उपयोग कर सकते हैं. पेन प्रोजेक्टर कैसे काम करता है: पेन प्रोजेक्टर में एक छोटा प्रोजेक्टर होता है जो प्रकाश को सतह पर प्रोजेक्ट करता है. प्रोजेक्टर एक LED लाइट और एक लेंस का उपयोग करके छवि बनाता है. पेन प्रोजेक्टर आपके स्मार्टफोन या टैबलेट से ब्लूटूथ या वाई-फाई के माध्यम से जुड़ता है. आप अपने स्मार्टफोन या टैबलेट पर एक ऐप का उपयोग करके पेन प्रोजेक्टर को नियंत्रित कर सकते हैं. पेन प्रोजेक्टर के प्रकार: एलसीडी पेन प्रोजेक्टर: ये पेन प्रोजेक्टर सस्ते होते हैं और अच्छी गुणवत्ता वाली छवियां प्रदान करते हैं. डीएलपी पेन प्रोजेक्टर: ये पेन प्रोजेक्टर अधिक महंगे होते हैं, लेकिन वे बेहतर छवि गुणवत्ता और चमक प्रदान करते हैं. पेन प्रोजेक्टर खरीदते समय ध्यान रखने योग्य बातें: छवि गुणवत्ता: प्रोजेक्टर की छवि गुणवत्ता महत्वपूर्ण है. सुनिश्चित करें कि आप एक ऐसा प्रोजेक्टर चुनते हैं जो अच्छी गुणवत्ता वाली छवियां प्रदान करता है. चमक: प्रोजेक्टर की चमक भी महत्वपूर्ण है. यदि आप इसे उज्ज्वल वातावरण में उपयोग करने की योजना बना रहे हैं, तो आपको एक उच्च चमक वाला प्रोजेक्टर चुनना चाहिए. रिजॉल्यूशन: प्रोजेक्टर का रिजॉल्यूशन भी महत्वपूर्ण है. उच्च रिजॉल्यूशन वाले प्रोजेक्टर बेहतर छवि गुणवत्ता प्रदान करते हैं. कनेक्टिविटी: प्रोजेक्टर की कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण है. सुनिश्चित करें कि आप एक ऐसा प्रोजेक्टर चुनते हैं जो आपके स्मार्टफोन या टैबलेट से जुड़ने के लिए आपके द्वारा उपयोग किए जाने वाले कनेक्शन विधियों का समर्थन करता है. बैटरी जीवन: प्रोजेक्टर की बैटरी जीवन महत्वपूर्ण है। यदि आप इसे पोर्टेबल रूप से उपयोग करने की योजना बना रहे हैं, तो आपको एक लंबी बैटरी जीवन वाला प्रोजेक्टर चुनना चाहिए. पेन प्रोजेक्टर एक बहुमुखी उपकरण है जिसका उपयोग विभिन्न प्रकार के उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है. यदि आप एक पोर्टेबल प्रोजेक्टर की तलाश कर रहे हैं जो आपको कहीं भी प्रोजेक्ट करने की अनुमति देता है, तो पेन प्रोजेक्टर एक अच्छा विकल्प है.

बछड़े का सिर मंदिर में फेंकने के दो और आरोपित नौशाद व शहारूख के भी घरों को भी बुलडोजर चलाकर ध्वस्त किया

Battle of Chaudhary in Uttar Pradesh: Yogi or Maurya

रतलाम/जावरा रतलाम जिले के जावरा नगर में स्थित जागनाथ मंदिर परिसर में बछड़े का कटा सिर फेंकने के मामले में पुलिस द्वारा बारिकी से जांच की जा रही है। वहीं रविवार दोपहर भारी पुलिस दल की उपस्थिति में दो और आरोपितों नौशाद व शहारूख के भी घरों को भी बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। दो दिन पहले दो अन्य आरोपितों सलमान व शाकिर के घरों पर भी बुलडोजर चलाए गए थे। अब तक चार आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनएसए की कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा जा चुका है। उल्लेखनीय है कि 13 व 14 जून की दरमियानी रात दो से तीन बजे के बीच अज्ञात व्यक्तियों द्वारा मंदिर परिसर में गोवंश का अवशेष फेंका गया था। खबर फैलने पर शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में लोग व हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मंदिर पर पहुंचे थे। घटना को लेकर लोगो में रोष फैल गया था तथा जावरा नगर बंद करा दिया था। इस दौरान पथराव की घटना भी हुई थी तथा तनाव की स्थित बन गई थी। पुलिस ने मोर्चा संभाल कर आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तीतर-बितर किया था। डीआइजी मनोजकुमार सिंह, एएसपी राकेश खाका, कलेक्टर राजेश बाथम आदि ने जावरा पहुंचकर घटना की जानकारी लेने के साथ ही भारी पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित किया था। मामलें में जावरा शहर थाने पर प्रकरण दर्ज कर पुलिस ने जांच के दौरान सीसीटीवी कैमरों व तकनीकी सहायता से आरोपितों का पता लगाकर आरोपित 24 वर्षीय सलमान मेव पुत्र मोहम्मद मेव निवासी मेवातीपुरा जावरा व 19 वर्षीय शाकिर कुरैशी पुत्र शाहिद कुरैशी निवासी जेल रोड जावरा को गिरफ्तार किया था। उसी दिन उनके अवैध निर्माण तोड़ दिए गए थे। वहीं पूछताछ के बाद देर रात 40 वर्षीय नौशाद कुरैशी पुत्र उर्फ भूरे खां कुरैशी निवासी जूना कबाड़ा जावरा व 25 वर्षीय शाहरुख पुत्र अब्दुल सत्तार निवासी अरब साहब कालोनी जावरा को भी गिफ्तार किया गया था। चारों के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई के पुलिस ने कलेक्टर को प्रतिवेदन भेजा था। कलेक्टर ने तीनों को तीन-तीन माह के लिए एनएसए के तहत जेल भेजने के आदेश दिए थे। इसके बाद शनिवार को चारों को उज्जैन की भेरूगढ़ जेल भेज दिया गया वहीं हिंदू संगठनों ने शनिवार रात आठ बजे बैठक आयोजित कर आरोपितों का जावरा नगर में जुलूस नहीं निकलने तथा बाद में पकड़े गए आरोपित नौशाद व शाहरूख के मकान नहीं तोड़ने पर नाराजी जताई थी।रविवार दोपहर जिला व पुलिस प्रशासन के अधिकारी दल के साथ बुलडोजर लेकर पहले नौशाद के घर पहुंचे। आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया, इसके बाद उसका मकान ध्वस्त किया गया। वहां से दल शाहरूख के घर के बाहर पहुंचा तथा आसपास के लोगों को हटाकर उसके घर भी बुलडोजर चला दिया। जावरा में शांति, पुलिस बल तैनात जावरा में शांति व्यवस्था बनी हुई है। कानून व शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जगह-जगह पुलिस बल तैनात है। पुलिस अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए है। वहीं लोगों का कहना है कि घटना के पीछे कोई बड़ा षडयंत्र है। असल षडयंत्रकारी जो भी हो, उनका पता लगाकर उन्हें भी उजागर किया जाए। पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ में पता चला कि आरोपित शाहरुख ने सलमान व शाकिर को गोवंश का सिर फेंकने के लिए 1500 रुपये दिए गए थे। शाहरुख को किसने रुपये दिए, इसकी भी जांच होना चाहिए। पुलिस आरोपितों के बैंक खातों व उनके अन्य किन लोगों से संबंध है, इसकी भी जांच कर रही है। एटीएस भी जांच में जुटी है।साथ ही आरोपित के घर लगे सीसीटीवी कैमरे का पुलिस ने डीवीआर भी जब्त किया है। उसकी जांच कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उसके घर कौन लोग आते-जाते थे।

मोदी 3.0 में संबंध मजबूत करने अमेरिकी NSA से कल मिलेंगे अजीत डोभाल

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरी बार पदभार ग्रहण करने के बाद भारत-अमेरिका के संबंधों को और मजबूती मिलने की संभावना है। शुक्रवार को नई दिल्ली में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता होने वाली है। इस बैठक में भारत सरकार के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और अमेरिकी एनएसए जेक सुलिवन शामिल होंगे। 17 और 18 जून को होने वाली बैठक में दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर चर्चा होने वाली है। मोदी सरकार के शीर्ष सरकारी अधिकारियों के अनुसार, आईसीईटी की मुख्य बैठक कल होगी। इस बैठक में 31 जनवरी 2023 को वाशिंगटन में हुई बैठक में लिए गए फैसलों की समीक्षा की जाएगी। जिन मुद्दों पर चर्चा होगी उनमें तेजस मार्क II लड़ाकू विमानों के लिए जीई-414 जेट इंजन की प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण का मुद्दा भी शामिल है। पन्नू के बहाने भारत-यूएस संबंध खराब करने की कोशिश कई पश्चिमी देश और चीनी मीडिया अमेरिका स्थित प्रतिबंधित खालिस्तानी आतंकवादी जीएस पन्नू की कथित हत्या के प्रयास में भारत की भूमिका का आरोप लगाकर दोनों देशों के संबंधों को बेपटरी करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन बीते दिनों जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान इटली में जिस अंदाज में मिले उससे उनके मंसूबों पर पानी फिर गया। इससे पहले 13 जून को जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए पीएम मोदी के अपुलिया पहुंचने से पहले पश्चिमी देशों की मीडिया ने एनएसए सुलिवन से सवाल किया कि क्या राष्ट्रपति जो बाइडेन पन्नू मुद्दे के कारण पीएम मोदी से मिलने से कतरा रहे हैं।  आपको बता दें कि पीएम मोदी और राष्ट्रपति बाइडेन इंडो-पैसिफिक में चीन विस्तारवादी नीति का मुकाबला करने के लिए एक जैसा रुख रखते हैं। प्रीडेटर ड्रोन की बिक्री पर डील भारत के साथ 31 एमक्यू 9बी सशस्त्र प्रीडेटर ड्रोन की बिक्री पर बातचीत करने के लिए एक अमेरिकी टीम पहले से ही भारत में है। इसके अलावा फ्रांस की एक टीम भी इन दिनों भारत में है जो आईएनएस विक्रांत के लिए 26 राफेल-मैरीटाइम लड़ाकू विमान की डील पर बातचीत को अंतिम रूप दे रही है। इसके अलावा, एनएसए अजीत डोभाल फ्रांस के साथ भारत के सैन्य संबंधों को गहरा करने के लिए फ्रांसीसी एनएसए इमैनुएल बोने के साथ बैठक के लिए 20-21 जून को पेरिस की यात्रा पर होंगे। आईसीईटी बैठक के दौरान एनएसए डोभाल और सुलिवन जेट इंजन के बीच लोइटरिंग गोला-बारूद और अन्य प्रणालियों के संयुक्त विकास और उत्पादन के को लेकर दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग बढ़ाने को लेकर बात करेंगे।

टी20 वर्ल्ड कप के बीच स्टार ऑलराउंडर गेंदबाज डेविड वीजे ने अंतर्राष्ट्रीय करियर से संन्यास की घोषणा

नॉर्थ साउंड टी20 वर्ल्ड कप के बीच स्टार ऑलराउंडर गेंदबाज डेविड वीजे ने अंतर्राष्ट्रीय करियर से संन्यास की घोषणा कर दी है। दो देशों की टीमों के लिए खेल चुके वीजे ने अपना आखिरी मुकाबला इंग्लैंड के खिलाफ शनिवार को खेला, जिसमें उनकी टीम नामीबिया को हार का सामना करना पड़ा। वीजे ने इस मैच में 12 गेंदों में 27 रन बनाए। डेविड वीजे ने साउथ अफ्रीका के लिए अपने इंटरनेशनल करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने साल 2015 में सेंचुरियन में अपना वनडे डेब्यू किया। इसके बाद वे नामीबिया चले गए और यहां भी शानदार करियर बिताया।  वीजे ने कुल 69 अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। इसमें 15 वनडे मैचों में 25.38 की औसत से 330 रन और 54 टी20 में 24.0 की औसत और 127.86 के स्ट्राइक रेट से 624 रन बनाए हैं।  वहीं दूसरी तरफ गेंदबाजी में तेज गेंदबाजी ने 15 वनडे पारियों में 15 विकेट और 54 टी20 पारियों में 59 विकेट चटकाए हैं। आईपीएल में आरसीबी और केकेआर के लिए किया प्रदर्शन आईपीएल में डेविड वीजे रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेल चुके हैं। आरसीबी के दौर में उन्होंने विराट कोहली के सात भी काफई अच्छा समय बिताया। वीजे ने 18 आईपीएल मैचों में 11 पारियों में 29.6 की औसत से 148 रन बनाए हैं। जबकि, गेदंबाजी में 15 पारियों में 16 विकेट चटकाए हैं।  

कथित बेटी की सच्चाई छिपाने पर फिर मुश्किल में पाकिस्तानी पूर्व पीएम इमरान

इस्लामाबाद. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कथित बेटी के नाम को छिपाने के आरोप में खान को अयोग्य ठहराने वाली मांग को लेकर याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पूर्व पीएम के खिलाफ 2018 के चुनाव में नामांकन के दौरान गलत जानकारी देने के आरोप में उनका नामांकन रद्द करने की मांग को लेकर इस्लामाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया था। अब याचिकाकर्ता ने शीर्ष अदालत का रुख अपना है। बता दें, पूर्व पीएम इमरान खान के खिलाफ मोहम्मद साजिद नामक याचिकाकर्ता ने याचिका दायर की थी। याचिका में लगाए गए ये आरोप याचिका में कहा गया कि 71 वर्षीय इमरान खान ने 2018 के चुनाव के दौरान अपने नामांकन में अपनी कथित बेटी टायरिन के बारे में जानकारी नहीं दी थी। इमरान खान की पार्टी ने 2018 के चुनाव में जीत दर्ज की थी और उसके बाद इमरान खान ने अगस्त 2018 से लेकर अप्रैल 2022 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रूप में काम किया था। याचिकाकर्ता का आरोप है कि इमरान खान ने अपने नामांकन में गलत जानकारी दी। इमरान ने अपने हलफनामे में सिर्फ अपने दो बेटों का जिक्र किया, लेकिन तीसरी संतान टायरिन का जिक्र नहीं किया। हाईकोर्ट से मिली थी राहत दरअसल, सुप्रीम कोर्ट से पहले याचिकाकर्ता ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, यहां से उसे निराशा हाथ लगी। इस मामले पर सुनवाई कर रही इस्लामाबाद हाईकोर्ट की तीन जजों की पीठ को हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस आमेर फारुख ने भंग कर दिया था। बाद में नई पीठ ने याचिका पर सुनवाई कर उसे खारिज कर दिया था। न्यायमूर्ति तारिक महमूद जहांगीरी ने पिछले साल दिए गए दो न्यायाधीशों की राय पढ़ी और फैसला सुनाया कि मामला पहले ही खारिज किया जा चुका है। याचिकाकर्ता मोहम्मद साजिद ने अपने वकील साद मुमताज हाशमी के माध्यम से शनिवार को सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दलील दी कि इस्लामाबाद हाईकोर्ट की पीठ ने तीन में से दो न्यायाधीशों की सहमति वाली राय को अदालती फैसला मानने में गलती की है। उसका कहना है कि खान ने मियांवाली निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए नामांकन पत्र दाखिल करते समय अपनी बेटी के बारे में नहीं बताया था। केवल अपनी पत्नी बुशरा बीबी और विदेश में रहने वाले दो बेटों कासिम खान और सुलेमान खान के बारे में जानकारी दी थी। इमरान खान पर 2022 में हुए हमले के मामले में तीन दोषी करार इमरान खान पर साल 2022 में जानलेवा हमला हुआ था। उस मामले में पाकिस्तान की आतंक रोधी अदालत ने मंगलवार को तीन लोगों को दोषी ठहराया है। इमरान खान पर 2022 में लाहौर प्रांत में एक विरोध रैली के दौरान हमला हुआ था। इस हमले में इमरान खान के पैर में कथित तौर पर तीन गोलियां लगीं थी। दोषी ठहराए गए लोगों की पहचान नावीद मेहर, वकास और तैयब के रूप में हुई है। नावीद मेहर को मुख्य दोषी बताया गया है और मेहर ने ही इमरान खान पर गोलियां चलाईं थी। वहीं वकास और तैयब ने मेहर को हथियार मुहैया कराया था। उस हमले में पीटीआई के कार्यकर्ता की मौत हो गई थी और इमरान खान समेत 14 अन्य लोग घायल हुए थे। मेहर को मौके पर ही पीटीआई समर्थकों ने पकड़ लिया था। मंगलवार को गुंजरावाला स्थित आतंक-रोधी अदालत ने तीनों को दोषी ठहराया। कोर्ट 25 मई को इस मामले में सजा सुनाएगा। इमरान खान ने इस हमले का आरोप आईएसआई के मेजर जनरल फैसल नसीर, शहबाज शरीफ और तत्कालीन आंतरिक मामलों के मंत्री राणा सनाउल्लाह पर लगाया था। इमरान खान ने मेजरल जनरल फैसल नसीर पर केन्या में पाकिस्तानी पत्रकार अरशद शरीफ की हत्या का भी आरोप लगाया था।

सार्वजनिक उपक्रम चयन बोर्ड पीईएसबी को एचपीसीएल के प्रमुख पद के लिए कोई उपयुक्त उम्मीदवार नहीं मिला

नई दिल्ली सार्वजनिक उपक्रम चयन बोर्ड (पीईएसबी) को हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (एचपीसीएल) के प्रमुख पद के लिए कोई उपयुक्त उम्मीदवार नहीं मिला है। पीईएसबी ने हाल में एचपीसीएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) पद के लिए साक्षात्कार लिया था, लेकिन उसे सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनी के प्रमुख के पद के लिए इनमें से कोई उम्मीदवार उपयुक्त नहीं लगा। तीन साल में यह तीसरा मौका है जबकि जब बोर्ड को किसी सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनी के प्रमुख के पद के लिए कोई उपयुक्त उम्मीदवार नहीं मिला है। पीईएसबी सार्वजनिक उपक्रमों में शीर्ष पदों के लिए उपयुक्त उम्मीदवार की खोज करता है। पीईएसबी ने 14 जून को इस पद के लिए कुल आठ उम्मीवारों का साक्षात्कार लिया था। जिन लोगों का साक्षात्कार लिया गया उनमें एचपीसीएल निदेशक मंडल के एक सदस्य के अलावा इंद्रप्रस्थ गैस लि. (आईजीएल) के प्रबंध निदेशक भी शामिल थे। लेकिन पीईएसबी को इनमें से कोई उम्मीदवार इस पद के उपयुक्त नहीं लगा। पीईएसबी पैनल ने एक अधिसूचना में कहा, ‘‘बोर्ड ने एचपीसीएल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) के पद के लिए किसी भी उम्मीदवार की सिफारिश नहीं की और पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय को खोज-सह-चयन समिति (एससीएससी) सहित चयन के लिए आगे की कार्रवाई का उचित तरीका चुनने की सलाह दी।’’ एचपीसीएल के प्रमुख का पद एक सितंबर, 2024 को खाली हो जाएगा। उस समय कंपनी के मौजूदा चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक पुष्प कुमार जोशी 60 वर्ष की सेवानिवृत्ति आयु पूरी करने पर सेवानिवृत्त हो जाएंगे। पीईएसबी को इससे पहले इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) और ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) में शीर्ष पद के लिए कोई उपयुक्त व्यक्ति नहीं मिला था। इसके चलते आईओसी के प्रमुख का कार्यकाल सेवानिवृत्ति की उम्र पूरी होने के बाद एक साल बढ़ाया गया। वहीं ओएनजीसी का प्रभार एक सेवानिवृत्त कार्यकारी को सौंपा गया। पीईएसबी ने तीन जून, 2021 को भारत की सबसे बड़े तेल एवं गैस उत्पादक ओएनजीसी के प्रमुख के पद के लिए दो सेवारत भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों सहित नौ उम्मीदवारों का साक्षात्कार लिया। लेकिन इसमें न तो वरिष्ठ नौकरशाह अविनाश जोशी और नीरज वर्मा और न ही मेंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल) में निदेशक-वित्त पोमिला जसपाल और ओएनजीसी के प्रौद्योगिकी और फील्ड सेवाओं के निदेशक ओम प्रकाश सिंह को इस पद के उपयुक्त पाया गया। इसके बाद मंत्रालय ने एक खोज-सह-चयन पैनल का गठन किया और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) से 60 वर्ष की उम्र के बाद सेवानिवृत्त हुए अरुण सिंह को ओएनजीसी का प्रमुख नियुक्त किया गया। उन्हें तीन साल का कार्यकाल दिया गया था, जो दिसंबर, 2025 में समाप्त होगा। आईओसी के मामले में पीईएसबी ने श्रीकांत माधव वैद्य का स्थान लेने के लिए किसी के नाम की सिफारिश नहीं की। वैद्य को 2023 में सेवानिवृत्त होना था। पीईएसबी ने इस पद के लिए कुल 10 उम्मीदवारों का साक्षात्कार लिया था। कोई उपयुक्त उम्मीदवार नहीं मिलने के बाद एक ‘अनूठा’ कदम उठाते हुए सेवानिवृत्ति की तारीख के बाद एक साल के लिए अनुबंध के आधार पर वैद्य को पुन: कंपनी का प्रमुख नियुक्त कर दिया गया। चार अगस्त, 2023 को जारी किए गए आधिकारिक आदेश के अनुसार, वैद्य की नियुक्ति एक सितंबर, 2023 से 31 अगस्त, 2024 तक प्रभावी है।  

यूपी में जातियां छिटकीं और दलितों के भटकने से हारे प्रत्याशी : भाजपा

Shubhendu Adhikari said, stop Sabka Saath-Sabka Vikas, now whoever is with us…

नई दिल्ली/लखनऊ. भाजपा में हार पर मंथन शुरू हो गया है। किसी ने कहा कि कई जातियां छिटकने से हार गए। कोई बोला संगठन निष्क्रिय रहा। किसी ने कार्यकर्ताओं की उदासीनता की बात की तो किसी ने हार का ठीकरा भितरघातियों पर फोड़ा। टिकटों का जल्दी घोषित होना भी कुछ लोगों ने चुनाव की हवा बिगड़ने का कारण बताया। ऐसी तमाम बातें भाजपा के अवध क्षेत्र की सीटों से हारे प्रत्याशियों ने कहीं। पार्टी द्वारा क्षेत्रवार की जा रही समीक्षा के क्रम में गुरुवार को उन्हें प्रदेश कार्यालय पर बुलाया गया था। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने अवध क्षेत्र के जीते और हारे प्रत्याशियों से अलग-अलग बात की। केंद्र में तीसरी बार मोदी सरकार की ताजपोशी के बाद अब यूपी में हार के कारणों की समीक्षा का सिलसिला शुरू हो गया है। पार्टी ने दो स्तर पर समीक्षा का सिलसिला शुरू किया है। एक ओर सभी प्रत्याशियों से क्षेत्रवार चर्चा कर उनकी हार के कारण पूछे जा रहे हैं। साथ ही सुधार के लिए उनके सुझाव भी लिए जा रहे हैं। इसकी शुरुआत गुरुवार को अवध क्षेत्र से हुई। अवध में शामिल 16 लोकसभा सीटों में से लखनऊ के सांसद व रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और गोंडा के सांसद व केंद्रीय राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह और बाराबंकी की प्रत्याशी को छोड़ बाकी सभी पहुंचे। दूसरी ओर हार के जमीनी कारणों का पता लगाने के लिए एक 80 लोगों की टॉस्क फोर्स भी बनाई गई है। पार्टी सूत्रों की मानें तो कौशल किशोर, साक्षी महाराज, रेखा वर्मा, अजय मिश्रा टेनी, दिनेश प्रताप सिंह, लल्लू सिंह, राजेश वर्मा और रितेश पांडेय ने अलग-अलग चर्चा में अपनी हार के कारण बताए। सभी ने संविधान बदलने और आरक्षण खतरे में होने के विपक्षी दांव के चलते नुकसान होने की बात कही। अयोध्या के प्रत्याशी लल्लू सिंह ने पार्टी के कई लोगों पर सहयोग न करने का आरोप लगाया। कौशल किशोर, साक्षी महाराज, रेखा वर्मा, दिनेश प्रताप सिंह द्वारा भी कुछ ऐसे ही आरोप लगाए जाने की खबर है। प्रत्याशियों ने यह भी कहा कि जल्दी टिकट घोषित होने के कारण भी माहौल बिगाड़ने वालों को ज्यादा मौका मिला। वहीं चुनाव जीतने वाले हरदोई और मिश्रिख के सांसदों ने प्रदेश नेतृत्व का आभार जताया। शुक्रवार को कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के प्रत्याशियों संग हार के कारणों पर चर्चा होनी है। आज होगी टास्क फोर्स की बैठक यूपी में चुनावी नतीजे भाजपा की अपेक्षा के प्रतिकूल रहे। अब पार्टी ने एक 80 सदस्यों वाली टास्क फोर्स बनाई है। यह टॉस्क फोर्स 15 जून से तय लोकसभा क्षेत्रों में जाएगी। एक टीम में दो सदस्य होंगे। हर टीम को दो-दो लोकसभा क्षेत्र दिए गए हैं। हर लोकसभा क्षेत्र में टीम 3 से 4 दिन रहेगी। शुक्रवार को दोपहर 12 बजे से पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में इस टास्क फोर्स की बैठक होगी। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह मौजूद रहेंगे। टास्क फोर्स के सदस्यों को वे बिंदु बताए जाएंगे, जिन पर उन्हें अपनी रिपोर्ट तैयार करनी है। इनमें संगठन की स्थिति, सामाजिक समीकरण कैसे गड़बड़ाए, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का असर, प्रत्याशी की स्थिति सहित अन्य बिंदु शामिल हैं। इन टीमों में प्रदेश और क्षेत्र के पदाधिकारियों के साथ ही कुछ जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है।

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