भारत ने 47 रन से जीता पहला सुपर 8 मैचः बुमराह-अर्शदीप को 3-3 विकेट
India won the first Super 8 match by 47 runs: Bumrah and Arshdeep took 3-3 wickets
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भोपाल कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा अब नए विवाद में घिर गए हैं। राधारानी का विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ था कि उनका एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसके बाद संतों में आक्रोश है। पंडित प्रदीप मिश्रा ने गोस्वामी तुलसीदास को गंवार कहा है। हालांकि इस वीडियो की पुष्टि नहीं करते है। वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया आने लगी है। इसे लेकर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। पंडित प्रदीप मिश्रा ने क्या कहा दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पंडित प्रदीप मिश्रा कह रहे हैं कि हमें कुछ नहीं आता है, हम तो तुलसीदास जैसे गंवार हैं। केवल शिव का नाम ले लेते हैं और आपके सामने बैठ जाते हैं। हमको तो ये भी नहीं मालूम है, हमें कुछ नहीं आता है। 12 सेकंड का यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि ये वीडियो कब का है और कहां का है, यह साफ नहीं हो पाया है। पूरे प्रकरण पर पंडित प्रदीप मिश्रा की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। संतों में आक्रोश वीडियो वायरल होने के बाद प्रदीप मिश्रा को लेकर संतों में आक्रोश है। देश भर के संतों ने इसे लेकर नाराजगी व्यक्त की है। टीवी चैनल पर एक संत कार्ष्णि नागेंद्र ने कहा कि सनातन धर्म को लेकर बहुत अनर्गल प्रलाप चल रहे हैं। यह कतई उचित नहीं है। व्यास पीठ सनातन धर्म की सर्वोच्च पीठ है, वहां से ऐसी बातें शोभा नहीं देती है। तुलसीदास जी महाराज परमज्ञानी हुए। वह महाविद्वान नहीं थे। ऐसे महापुरुषों को गंवार कहना अनुचित है। इसके साथ ही एक टीवी चैनल से बात करते हुए त्रिशुला बाबा ने कहा कि तुलसीदास को गंवार कहना अनुचित है। नाम शंकर का लेते हो और जहर उगलते हो। सनातन को स्थापित करने वालों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करते हो। त्रिशुला बाबा ने कहा कि सनातन धर्म के खिलाफ बोलने वाले कथावाचक प्रदीप मिश्रा का बहिष्कार करो। उनके पैर के बराबर भी नहीं वहीं, एक संत ने और कहा कि खुद की तुलना गोस्वामी तुलसीदास से करने वाले पंडित प्रदीप मिश्रा उनके पैर के धुल के कण के बराबर नहीं हैं। तुलसीदास से तुलना पर इनको शर्म आनी चाहिए। प्रेमानंद महाराज भी लगा चुके हैं लताड़ गौरतलब है कि तुलसीदास से पंडित प्रदीप मिश्रा राधारानी पर भी टिप्पणी कर चुके हैं। राधारानी विवाद को लेकर वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज जी ने भी प्रदीप मिश्रा को काफी लताड़ लगाई थी। इसके बाद उन्होंने माफी मांगी थी। बाद में एमपी सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दोनों के बीच सुलह कराई थी।
लखनऊ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूजीसी-नेट परीक्षा रद्द करने को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा और अभी तक कई परीक्षाओं में हुई धांधली का मुद्दा उठाते हुए कोर्ट द्वारा सख्ती से जांच कराए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ये हमारे देश के लिए मानव संसाधन के खिलाफ साजिश भी हो सकती है। उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि … और अब गड़बड़ी की ख़बर के बाद UGC- NET की परीक्षा भी रद्द कर दी गयी है। भाजपा के राज में पेपर माफ़िया एक के बाद एक, हर एग्ज़ाम में धांधली कर रहा है। ये देश के ख़िलाफ़ किसी की बड़ी साज़िश भी हो सकती है। – पुलिस भर्ती की परीक्षा का पेपर लीक होगा तो क़ानून-व्यवस्था नहीं सुधरेगी। जिससे देश-प्रदेश में अशांति और अस्थिरता बनी रहेगी। – नीट की परीक्षा में घपला होगा तो ईमानदार लोग डॉक्टर नहीं बन पाएंगे और देश के लोगों के इलाज के लिए भविष्य में डॉक्टरों की कमी और बढ़ जाएगी और बेईमान लोग, जनता के जीवन के लिए खतरा बन जाएंगे। – यूजीसी- नेट परीक्षा न होने से पहले से शिक्षकों की जो कमी चली आ रही है उसमें और भी ज्यादा इजाफा होगा। शिक्षकों की कमी से देश के मानसिक विकास में बाधा उत्पन्न होगी, जो कालांतर में देश के लिए बेहद घातक साबित होगी। इन सबसे प्रशासन के साथ-साथ स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था चौपट हो जाएगी। ये हमारे देश के शासन-प्रशासन व देश के मानव संसाधन के विरूद्ध कोई बहुत बड़ा षड्यंत्र भी हो सकता है जिसके दूरगामी नकारात्मक परिणाम निकलेंगे। इसीलिए कोर्ट की निगरानी में इसकी कठोर जांच हो और दोषियों को कठोरतम सजा दी जाए और कोई भी अपराधी छोड़ा न जाए, फिर वो चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो या फिर उसके सिर पर सत्ता का हाथ ही क्यों न हो। लोग कह रहे हैं जो भ्रष्ट लोग कोरोना के वैक्सीन में चुनावी चंदे के नाम पर पीछे से करोड़ों रूपये खा सकते हैं, वो भला परीक्षा-प्रणाली को क्या छोड़ेंगे।
लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने सारस के संरक्षण के लिए पहल की, जिसके सुखद परिणाम दिखाई देने लगे हैं। इसी क्रम में प्रदेश में बृहस्पतिवार से राज्य पक्षी सारस की गणना की जाएगी। वर्ष में दो बार (ग्रीष्मकालीन-शीतकालीन) गणना होती है। वर्ष 2024 के लिए बृहस्पतिवार से दो दिन तक सारस गणना होगी। यह गणना सुबह-शाम दो बार की जाएगी। गणना में वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ ही विद्यार्थियों व प्रकृति प्रेमियों का भी सहयोग लिया जाएगा। वर्ष 2023 में हुई गणना में उत्तर प्रदेश में 19,522 सारस पाए गए थे। प्रभागीय वनाधिकारी अपने-अपने प्रभाग में पाये गये सारस की संख्या व फोटो पहली जुलाई तक मुख्य वन संरक्षक, ईको विकास, लखनऊ को उपलब्ध कराएंगे। सरकार के एक प्रवक्ता के अनुसार, 20 व 21 जून 2024 को ग्रीष्मकालीन सारस गणना की जाएगी। इसके लिए प्रत्येक प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों के समन्वयक होंगे। वन रक्षक गणना टीम का लीडर होगा। इनके कार्य क्षेत्र में कई वेटलैंड होने पर एक से अधिक टीम गठित की जाए। इसके लिए जनसामान्य को भी जागरूक किया जाएगा। गणना में स्कूल, कॉलेज के बच्चों, प्रकृति प्रेमियों व एनजीओ भी सारस गणना में प्रतिभाग कर सकते हैं। इन्हें प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। वर्ष 2024 में प्रत्येक गणना स्थल पर सुबह छह से आठ और शाम चार से छह बजे तक गणना होगी। दोनों में जो भी संख्या अधिकतम होगी, उसे ही वास्तविक माना जाएगा। प्रत्येक गणना स्थल की जीपीएस रीडिंग भी होगी। वहीं साल दर साल सारस की संख्या में भी काफी बढ़ोतरी हुई। कोरोनावायरस वैश्विक महामारी के बाद प्रदेश में 2021 में 17,329 सारस पाए गए। 2022 में यह बढ़कर 19,188 हो गए। 2023 में यह संख्या बढ़कर 19,522 हो गई।
हैदराबाद तेलंगाना से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पुलिसकर्मी ने महिला सहकर्मी को हवस का शिकार बना लिया। खबर है कि आरोपी ने बंदूक की नोक पर वारदात को अंजाम दिया है। आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ केस दर्ज हो गया और गिरफ्तार के बाद जांच जारी है। पीड़िता ने शीर्ष अधिकारियों के सामने शिकायत दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, तेलंगाना पुलिस में सब इंस्पेक्टर भवानी सेन को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसपर महिला कॉन्स्टेबल के साथ बंदूक की नोक पर कथित तौर पर बलात्कार के आरोप लगे हैं। घटना 16 जून की है। आरोपी ने कथित वारदात को जयशंकर भूपलपल्ली जिले के एक गेस्ट रूम में अंजाम दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, कालसेवाराम पुलिस स्टेशन में काम करने वाली महिला कॉन्स्टेबल ने शिकायत दर्ज कराई थी। उनका कहना है कि एसआई सेन ने रेप करने से पहले सर्विस रिवॉल्वर दिखाकर धमकी दी थी। इतना ही नहीं घटना के बारे में किसी को कुछ बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और आरोप सच पाए गए। इसके बाद आरोपी एसआई के खिलाफ कार्रवाई की गई। खबर है कि IG एवी रंगनाथ ने सेन को स्थाई रूप से पुलिस सेवा से बाहर करने के लिए आदेश भी जारी कर दिए हैं। साथ ही उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता यानी IPC की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज हुए हैं।
अजमेर. सब्जी मंडी में मांस के टुकड़े फेंके जाने से राजस्थान के अजमेर जिले में बवाल मचा है। मांस फेंके जाने का वीडियो वायरल होने के बाद गुस्साए लोगों ने बाजार बंद करा दिया। पुलिस ने लाठीचार्ज करते हुए लोगों को खदेड़ा। मामला किशनगढ़ सब्जी मंडी का है, जहां सब्जी की एक दुकान के सामने स्कूटी सवार एक शख्स द्वारा कुछ फेंके जाने का वीडियो वायरल हुआ। बताया गया कि स्कूटी सवार शख्स ने मांस के टुकड़े फेंके। वीडियो वायरल होते ही भारी हंगामा शुरू हो गया। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और विरोध-प्रदर्शन करते हुए दुकानें बंद कराने लगे। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची और विरोध-प्रदर्शन कर रहे लोगों को पहले समझाने का प्रयास किया। लेकिन आक्रोशित लोग अनियंत्रित होकर पथराव करने लगे। पथराव के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। घटना के बाद किशनगढ़ में स्थिति नियंत्रण में लेकिन तनावपूर्ण बताई जा रही है। विवाद की शुरुआत बुधवार दोपहर बाद वायरल हुई एक वीडियो से हुई, जिसमें एक स्कूटी सवार शख्स सब्जी मंडी में एक दुकान के सामने मांस फेंकते नजर आया। इस बात की खबर लगते ही कई हिंदूवादी संगठन के लोग सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन करते हुए बाजार बंद कराने लगे। असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई की मांग घटना के बाद पिछले तीन घंटे से सब्जी मंडी में हिंदूवादी संगठनों का विरोध-प्रदर्शन चलता रहा। भीड़ ने बाजार बंद करा दिया है। लोग मांस फेंकने वाले असामाजिक तत्व पर कार्रवाई की मांग करते रहे।स्थिति को देखते हुए उपखंड अधिकारी अर्चना चौधरी, एडिशनल एसपी दीपक कुमार, सीओ सिटी महिपाल सिंह सहित कई थानों की पुलिस मौके पर लोगों को समझा रही है। जानकारी के अनुसार, पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया है। मामले की छानबीन की जा रही है। पुलिस ने लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि अब स्थिति नियंत्रण में है। सभी लोग अपना रोजमर्रा का काम करें।
लखनऊ राशन कार्डधारक अगर मुफ्त राशन पाना चाहते हैं तो ये आपके लिए काम की खबर हो सकती है। राशनकार्ड धारकों की ई-केवाईसी 21 जून से शुरू होगी। इस अभियान के दौरान राशनकार्ड में दर्ज सभी सदस्यों (यूनिटों) की ई-केवाईसी की जाएगी। ई-केवाईसी करने की जिम्मेदारी कोटेदारों को सौंपी गई है। 21 जून से ई-केवाईसी अभियान शुरू होगा। डीएसओ विजय प्रताप सिंह ने बताया कि इस दौरान राशन का वितरण 25 जून तक जारी रहेगा। अंत्योदय और पात्र गृहस्थी के सभी राशनकार्ड में दर्ज प्रत्येक सदस्य की ई-केवाईसी होगी। इसके लिए कोटेदारों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। ई-केवाईसी से मृतकों के नाम हटाने और अपात्र कार्डधारकों की छंटनी करने में आसानी होगी। इसके साथ ही कार्ड में दर्ज सभी सदस्यों का सत्यापन भी हो जाएगा। खाद्य एवं रसद आपूर्ति विभाग की ओर की जारी किए गए निर्देश में कहा गया है कि सभी राशनकार्ड धारकों को ई-केवाईसी कराना जरूरी है। अगर ई-केवाईसी नहीं कराई तो राशन कार्ड से नाम हटा दिया जाएगा। इसके साथ ही राशन भी नहीं मिलेगा। राशन कार्ड में जितने भी सदस्य होंगे, सभी की ई-केवाईसी होगी।
समस्तीपुर. असम की रहने वाली एक युवती को समस्तीपुर के कल्याणपुर के रहने वाले मोहम्मद शहादत से इंस्टाग्राम पर प्यार हो गया। करीब 1 वर्ष पूर्व असम से भाग कर वह दिल्ली पहुंची ।दोनों लीव इन रिलेशन में रहने लगे। इस दौरान युवती गर्भवती हो गई। जब उसने शादी के लिए दबाव बनाया तो युवक यह कहकर समस्तीपुर चला आया कि गांव में चलकर शादी करेंगे। लेकिन ट्रेन जैसे ही समस्तीपुर पहुंची कि युवक उसका मोबाइल और पैसा लेकर स्टेशन पर ही छोड़कर फरार हो गया। अब युवती समस्तीपुर के वरीय पुलिस पदाधिकारी के पास पहुंचकर न्याय की गुहार लगा रही है। इंस्टाग्राम पर फंसाया फिर दिल्ली में लिव इन रिलेशन में रखा असम की रहने वाली युवती को करीब 2 साल पहले इंस्टाग्राम पर समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के लदौरा गांव के रहने वाले मोहम्मद मस्जिद के पुत्र मोहम्मद शहादत से दोस्ती हुई। फिर दोनों की लंबी-लंबी बातचीत होने लगी। दोस्ती प्यार में बदल गई। अब दोनों एक साथ जीने और मरने की भी कसमें खाने लगे। पीड़िता का कहना है कि शहादत ने बताया कि उसके भाई और भाभी दिल्ली में रहते हैं, वह भी दिल्ली में है इसलिए तुम दिल्ली चली आओ। यही पर शादी कर अपना घर बसाएंगे। उसने यह भी बताया कि शहादत के भाई का कारोबार दिल्ली में है। शहादत के कहने पर पीड़िता करीब एक वर्ष पूर्व दिल्ली पहुंची और शहादत के साथ लीव इन रिलेशन में रहने लगी, जिसमें उसका भाई साहिल और उसकी भाभी भी सहयोग करने लगी। शादी के दबाव में चकमा देकर भागा फिर जान से मारने की दी धमकी पीड़िता ने बताया कि इस दौरान वह गर्भवती हो गई। उसने दो बार अपना चेक भी कराया। इसके बाद वह लगातार शहादत पर शादी के लिए दबाव बनाने लगी। लगातार मिल रहे दबाव के बाद शहादत ने कहा कि वह शादी अपने गांव में करेगा। 12 जून को वह दिल्ली से समस्तीपुर के लिए चला। 13 जून को समस्तीपुर स्टेशन पर ट्रेन जब रुकी तो शहादत उसका मोबाइल और पैसा लेकर फरार हो गया। बाद में जब उसने दूसरे नंबर से शहादत के मोबाइल पर फोन किया तो शहादत ने बताया कि यहां से चली जाओ नहीं तो अब तुम्हारी हत्या कर देंगे। इस दौरान वह कल्याणपुर भी गई। फिर कहीं से कोई मदद नहीं मिलने के बाद बुधवार को वह एसपी के पास पहुंची। हालांकि एसपी से उसकी मुलाकात नहीं हुई, लेकिन डीएसपी ने इस मामले में महिला थाना को उचित कार्रवाई करने का आदेश दे दिया है। महिला थानाध्यक्ष ने शुरू की कार्रवाई मुख्यालय डीएसपी के आदेश के बाद पीड़ित युवती महिला थाना पहुंचकर आवेदन दिया। आवेदन मिलने के बाद महिला थाना की पुलिस इस मामले में सक्रिय हो गई है। महिला थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपी को थाना बुलवाया जायेगा और अगर वह नहीं आता है तब उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जाएगी।
जयपुर. राजस्थान में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता खत्म होने के बाद सरकार में नियुक्तियों का दौर शुरू होने जा रहा है। संवैधानिक दर्जे वाले आयोगों में सबसे पहले नियुक्तियां होनी हैं। मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के लिए सरकार ने पत्रावली राज्यपाल को भेज दी है। राजस्थान में मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति जल्द होने वाली है। इसके लिए सरकार ने राज्यपाल को पत्रावली भी भेज दी है। इसमें राज्यपाल के अनुमोदन के बाद मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की अध्यक्षता में चार नामों के पैनल पर चर्चा कर राज्यपाल को प्रस्ताव भेजा गया था। वहीं, मुख्य सचूना आयुक्त और सूचना आयुक्त को लेकर भी इस बैठक में चर्चा की गई थी, लेकिन अब अगले सप्ताह फिर इसे लेकर बैठक होनी है। इसके बाद मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त के पदों पर भी सरकार नियुक्ति कर देगी। सूचना आयुक्तों के चयन के लिए जो कमेटी बनाई गई है, उसमें सीएम भजनलाल शर्मा, संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली शामिल हैं। हाईकोर्ट सीजे स्तर की होती है आयोग में नियुक्ति आयोग के अध्यक्ष पद पर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को ही नियुक्त किया जा सकता है और इसी प्रकार, आयोग सचिव राज्य सरकार के सचिव स्तर के अधिकारी से कम स्तर का अधिकारी नहीं हो सकता। आयोग की अपनी एक अन्वेषण एजेंसी है, जिसका नेतृत्व ऐसे पुलिस अधिकारी जो महानिरीक्षक पुलिस के पद से कम स्तर का न हो, उसके द्वारा किया जाता है।
लखनऊ बिजली चोरों पर नकेल लगाने के लिए अब बिजली विभाग के अभियंता विजिलेंस के साथ सुबह पांच बजे से सात बजे के बीच मार्निंग रेड डाल रहे हैं और रात में 12 बजे के बाद बिजली चोरों को जगाकर पकड़ रहे हैं। इसी क्रम में डालीबाग में विजिलेंस और अभियंताओं की टीम में छापा मारा। छापे के दौरान साकेत पल्ली, नरही में नरेश पाल नाम के व्यक्ति के यहां मीटर बाईपास मिला। मार्निंग रेड के दौरान टीम ने पाया कि पुलिस चौकी डालीबाग के नजदीक स्थित झोपड़पट्टी में चोरी की बिजली से पंखे, टेबल फैन चल रहे हैं। टीम ने कई मीटर तार जब्त करने के साथ ही सवा आठ किलोवाट की बिजली चोरी पकड़ी। करीब तीन दर्जन से अधिक झोपड़ियों में चोरी की बिजली इस्तेमाल हो रही थी। डालीबाग के गैनडीयर अपार्टमेंट में फैजान खान के फ्लैट नंबर 206 में बिजली चोरी पकड़ी गई। मीटर बाईपास करके करीब साढ़े पांच किलोवाट की बिजली चोरी हो रही थी। अपट्रान के कुबड़े बाबा मंदिर, नूरबेग, बीबीगंज सआदतगंज, नजफ रोड, गढ़ी पीर खान, फाजिल नगर, रहमानिया मस्जिद सआदतगंज में छापा मारा गया। यहां संयुक्त टीमों ने सभी उपभोक्ताओं के यहां बिजली चोरी पायी। वहीं पिपरसंड में चोरी की बिजली तीन मकान बन रहे थे। यहां सेस प्रथम के अधिशासी अभियंता दुर्गेश यादव ने छापा मारकर पांच किलोवाट की बिजली चोरी पकड़ी। बिजली चोरी से पड़ोसी का मकान बनवा रहे थे पाल अपने घर में चोरी करने के साथ ही पड़ोसी का मकान भी चोरी की बिजली से बनवा रहे थे। एसपी विजिलेंस अंकिता के निर्देश पर कार्रवाई की गई। करीब पौने तीन किलोवाट बिजली चोरी मिली। वहीं अपट्रान में कार्रवाई के दौरान 13 किलोवाट की बिजली चोरी मिली।
बलरामपुर. छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में सड़क हादसे में सशस्त्र बल (सीएएफ) के दो सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई है। ये लोग जिस गाड़ी से यात्रा कर रहे थे, उसके पलट जाने से दो सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई जबकि एक साथी घायल हो गए हैं। हादसे में पिकअप वाहन का सिविल चालक भी घायल हो गया है। घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। घटना बुधवार देर रात की है। सड़क हादसे में सशस्त्र बल (सीएएफ) के दो सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई है। ये लोग जिस गाड़ी से यात्रा कर रहे थे, उसके पलट जाने से दो सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई जबकि एक साथी घायल हो गए हैं। हादसे में पिकअप वाहन का सिविल चालक भी घायल हो गया है। घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। घटना बुधवार देर रात की है। दर्दनाक हादसे में 3 लोगों की मौत बुधवार को भी छत्तीसगढ़ में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई और 2 लोग बुरी तरह घायल हो गए। दरअसल, छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में सड़क हादसा हुआ। बिलासपुर-शिवरीनारायण मेन रोड पर मेहंदी गांव के समीप एक तेज रफ्तार बस ने 5 लोगों को बेरहमी से कुचल दिया। हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई। वहीं 2 लोग बुरी तरह घायल हो गए। घटना के बाद घायलों को इलाज के लिए बिलासपुर के अस्पताल में भेजा गया। वहीं घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए भीड़ ने बस में जमकर तोड़फोड़ की। इस दर्दनाक हादसे के बाद लोगों ने बिलासपुर-शिवरीनारायण रोड पर चक्काजाम कर दिया। मामले की सूचना मिलते ही मौके पर राजस्व और पुलिस प्रशासन की टीम पहुंची और गुस्साए ग्रामिणों को समझाने का प्रयास किया।
भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमएसपी में वृद्धि के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार माना और किसानों को बधाई व शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विपणन सत्र 2024-25 के लिए सभी आवश्यक खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि को मंजूरी देने से किसानों को बड़ी आर्थिक मदद मिलेगी और उनके जीवन का एक नया अध्याय आरंभ होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की यह पहल जनकल्याण की भावना से किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली सिद्ध होगी। एमएसपी में इस वृद्धि से प्रधानमंत्री की अन्नदाताओं को दी गई पहली गारंटी पूर्ण होगी और देश की अर्थव्यवस्था पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा विपणन सत्र 2024-25 के लिए सभी आवश्यक खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि को मंजूरी देने से किसानों को बड़ी आर्थिक मदद मिलेगी और उनके जीवन का एक नया अध्याय आरंभ होगा। प्रधानमंत्री मोदी की यह पहल जनकल्याण की भावना से किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली सिद्ध होगी। एमएसपी में इस वृद्धि से प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अन्नदाताओं को दी गई पहली गारंटी पूर्ण होगी और देश की अर्थव्यवस्था पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमएसपी में वृद्धि के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार माना और किसानों को बधाई व शुभकामनाएं दी। सुनिश्चित होगा उपज का लाभकारी मूल्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 14 प्रकार की फसलों के मूल्यों में वृद्धि की गई है। समर्थन मूल्य पर की गई यह वृद्धि सिद्ध करती है कि प्रधानमंत्री मोदी जो कहते हैं वो करके दिखाते हैं। धान का समर्थन मूल्य 2 हजार 300 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है, इसमें 117 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है। अब कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य 7 हजार 521 रुपये होगा, यह पिछली दर से 501 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है। इसी प्रकार उत्पादकों को उनके उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ज्वार, बाजरा, रागी, मक्का, तुअर, मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी, तिल, रामतिल आदि के न्यूनतम मूल्य में वृद्धि की गई है। तिल की दर में हुई 632 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की मंशा किसानों की आय बढ़ाना है, उन्होंने हाल ही में किसान सम्मान निधि जारी कर किसानों की मदद की है। समर्थन मूल्य पर की गई वृद्धि से हाईब्रि़ड ज्वार अब 3 हजार 371 रुपये, मालदंडी ज्वार 3 हजार 421 रुपये प्रति क्विंटल और बाजरा 2 हजार 625 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर खरीदा जाएगा। रागी 4 हजार 290 रुपये प्रति क्विंटल खरीदने के लिए दरों में 444 रुपये की वृद्धि की गई है। मक्का अब 2 हजार 225 रुपये प्रति क्विंटल खरीदी जाएगी। सोयाबीन में 292 रुपये की वृद्धि की गई है, अब यह 4 हजार 892 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर खरीदा जाएगा। तिल की दर में 632 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है, अब यह 9 हजार 267 रुपये प्रति क्विंटल की दर से लिया जाएगा।
नागपुर किसानों की आत्महत्या मामले में महाराष्ट्र टॉप पर रहता है। पिछले कुछ वर्षों में कपास उत्पादक यवतमाल जिले को महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या की राजधानी के रूप में जाना जाता रहा है। अब यहां का सीन बदल रहा है। यवतमाल की जगहग इन दिनों पड़ोसी अमरावती जिले में किसानों की आत्महत्या की संख्या बढ़ रही है। आंकड़े देखें तो डरा देने वाले हैं। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा किसानों ने आत्महत्या अमरावती में ही की है। यवतमाल की सीमा से लगा अमरावती कपास और सोयाबीन का उत्पादक क्षेत्र है। इतना ही नहीं प्रसिद्ध नागपुर संतरे की खेती भी यहीं होती है। इस साल मई तक अमरावती में 143 किसानों ने आत्महत्या की है। यह भी आंकड़े महाराष्ट्र सरकार के हैं। सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि पांच महीनों में 152 दिनों में लगभग हर दिन एक किसान ने आत्महत्या की है। दूसरे नंबर पर यवतमाल महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या के मामले में दूसरे नंबर पर यवतमाल है। हालांकि दोनों जिलों में किसानों की आंत्महत्या के आंकड़ों में बहुत ज्यादा अंतर नहीं है। मई 2024 तक 132 आत्महत्याएं दर्ज की गई हैं। जून के आंकड़े अभी संकलित किए जाने बाकी हैं। डरा देंगे आंकड़े अमरावती ने 2021 से आत्महत्या के मामले में यवतमाल को पीछे छोड़ दिया है। 2021 में यवतमानल में 370 किसानों ने आत्महत्या की थी। 2022 में 349 और 2023 में 323 किसानों ने आत्महत्या की। यवतमाल में 2021 से 2023 तक यह संख्या क्रमशः 290, 291 और 302 रही। क्यों आत्महत्या कर रहे महाराष्ट्र के किसान? कृषि कार्यकर्ता और किसानों पर महाराष्ट्र सरकार की टास्क फोर्स वसंतराव नाइक शेतकरी स्वावलंबन मिशन के पूर्व अध्यक्ष किशोर तिवारी ने इस पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि अमरावती में स्थिति विशेष रूप से कठिन है। किसानों ने सोयाबीन की खेती की और उपज में उल्लेखनीय गिरावट देखी। पिछले साल दरें गिरकर 4,000 रुपये प्रति क्विंटल हो गईं। पर्याप्त बैंकिंग ऋण की कमी के कारण, कई लोग छोटी वित्त कंपनियों या साहूकारों पर निर्भर हैं, और उन्हें कठोर वसूली का सामना करना पड़ता है। महाराष्ट्र के 6 जिलों पर खास नजर 2001 से राज्य सरकार विदर्भ के छह जिलों अमरावती, अकोला, यवतमाल, वाशिम, बुलढाणा और वर्धा में किसानों की आत्महत्याओं का डेटा रख रही है। दो दशकों में इन जिलों में 22,000 से ज़्यादा आत्महत्याएं हुई हैं। किसानों की आत्महत्याओं का इस तरह विभाजन आत्महत्याओं को उन किसानों के बीच विभाजित किया जाता है जो राज्य सरकार से 1 लाख रुपये के मुआवजे के पात्र हैं और जो नहीं हैं। एक जिला स्तरीय समिति यह जांच करती है कि आत्महत्या कृषि संकट या अन्य कारणों से हुई है या नहीं। मुआवजे के पात्र होने के लिए, पीड़ित को ऋण, वसूली दबाव, फसल की विफलता और खेती से संबंधित अन्य संकटों का सामना करना पड़ा होगा। अमरावती में मई तक दर्ज 143 आत्महत्याओं में से 33 में कृषि संकट का मामला दर्ज है। 10 मामले खारिज कर दिए गए हैं और 100 में जांच जारी है। यवतमाल में मई तक दर्ज 132 आत्महत्याओं में से 34 में कृषि संकट को आधिकारिक कारण बताया गया है। 66 मामलों में जांच जारी है और जिला प्रशासन ने 32 को खारिज कर दिया है।
मेरठ मेरठ लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा नुकसान होने के बाद भाजपा मंथन में जुटी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हर जिले में बैठक के दौरान गुटबाजी सामने आ रही है। ऐसा भाजपा में पहली बार देखने को मिल रहा है। शायद यही वजह है कि पार्टी को लोकसभा चुनाव में इतना नुकसान हुआ है। पार्टी में इस तरह की गुटबाजी पर हाईकमान बेहद नाराज है। ऐसे में हर लोकसभा वार समीक्षा कर मंडल स्तर तक के कार्यकर्ताओं से अलग-अलग बात की जा रही है। इसमें पार्टी में भितरघात के साथ-साथ खराब रवैये वाले अधिकारियों के बारे में भी फीडबैक जुटाकर हाईकमान के सामने रखा जाएगा। पार्टी संगठन में बड़ा फेरबदल करने के मूड में है। इसके साथ ही जनता से दूरी बनाने वाले अफसरों पर भी गाज गिरनी तय मानी जा रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 14 लोकसभा सीटों में से भाजपा और रालोद ने सात सीटों पर जीत हासिल की है। इस बार भाजपा दो जीती हुईं सीटों पर चुनाव हार गई। कैराना से प्रदीप चौधरी को हार का सामना करना पड़ा। मुजफ्फरनगर से पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान चुनाव हार गए। मेरठ में रामायण धारावाहिक में श्रीराम का किरदार निभाने वाले वाले अरुण गोविल को प्रत्याशी बनाए जाने के बावजूद भाजपा को इसका जो माइलेज मिलना चाहिए था, वह नहीं मिल पाया। जीत का अंतर बेहद कम रहा। मुजफ्फरनगर में संजीव बालियान और सरधना के पूर्व विधायक संगीत सोम के बीच बयानबाजी सारे नेताओं के संज्ञान में है। बागपत लोकसभा की बात करें तो मंगलवार को समीक्षा बैठक में फरीदपुर के विधायक श्याम बिहारी, लोकसभा संयोजक जितेंद्र सतवई और लोकसभा प्रभारी के सामने ही गुटबाजी सामने आ गई। पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष सुदेश चौहान ने कह दिया कि सपा के प्रत्याशी को तीन लाख से ज्यादा वोट कैसे मिल गए, इस पर मंथन करें। भाजपा के एक बड़े नेता ने जिस तरह से भितरघात किया, उसकी रिपोर्ट भी दी गई। मेरठ में गोरखपुर के क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय और सहारनपुर से विधायक राजीव गुंबर ने समीक्षा की। समीक्षा में सभी 16 मंडल के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महामंत्री से पहले नेताओं ने अलग बात की। पदाधिकारियों ने कहा कि चुनाव में उनको कोई तवज्जो नहीं दी गई। उनके फोन तक रिसीव नहीं किए गए। बड़े पदाधिकारियों ने अवहेलना की। इसके बाद जनप्रतिनिधियों के साथ बातचीत की गई। चुनाव में जीत के कम अंतर पर आपसी सामंजस्य नहीं होने के आरोप लगे। कई जनप्रतिनिधियों ने कई अधिकारियों के नाम लेकर कहा कि इस तरह के खराब रवैये वाले अधिकारी होंगे तो जनता कैसे नाराज नहीं होगी। मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट पर पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान की हार की समीक्षा केे लिए गोरखपुर क्षेत्र के पूर्व अध्यक्ष एमएलसी धर्मेंद्र सिंह ने बैठक की। इसमें भाजपा की गुटबाजी सामने आई। इसमें आधे पदाधिकारी पहुंचे ही नहीं। जनप्रतिनिधियों से दूरी रखने वाले अधिकारियों की भी बन रही रिपोर्ट चुनाव में हार और कम जीत के अंतर के पीछे सारे कारणों की रिपोर्ट तैयार हो रही है। प्रत्याशी चयन को लेकर भी कई जगह कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाए। गाजियाबाद में प्रत्याशी को लेकर कार्यकर्ताओं में सबसे ज्यादा मतभेद दिख रहे हैं। कैराना में भी ऐसा ही है। चुनाव में अपने नेताओं की गुटबाजी के अलावा सबसे ज्यादा शिकायत जनप्रतिनिधियों के खराब रवैये वाले अधिकारियों के बारे में की है। बताया गया है कि वे बात नहीं सुनते हैं तो लोगों के काम कैसे कराएं। जब काम ही नहीं होंगे तो लोगों में नाराजगी बढ़ेगी ही। कई विभागों में जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है, ऐसे में जनता में नाराजगी है। संघ की रिपोर्ट रहेगी अहम सभी लोकसभा सीट पर संघ के पदाधिकारियों की रिपोर्ट भी बेहद अहम मानी जा रही है। कार्यकर्ताओं के साथ संघ की रिपोर्ट भी हाईकमान को जल्द सौंपी जाएगी। जिसके बाद पार्टी बड़ा फेरबदल कर सकती है।
मनीला दूसरे देशों की जमीन पर बुरी नजर रखने वाले चीन ने दक्षिणी चीन सागर में गलवान जैसी घटना दोहराई है। चीनी सैनिकों पर अपने पड़ोसी राष्ट्र फिलीपीन की नौसेना पर चाकू और कुल्हाड़ी लेकर हमला करने और जमकर लूटपाट करने का आरोप है। फिलीपीन सेना ने चीनी सैनिकों की इस करतूत के वीडियो भी सोशल मीडिया पर जारी किए हैं। फिलीपीन अधिकारियों ने चीन को लताड़ लगाते हुए इसे समुद्री लूट करार दिया। वीडियो में चीनी सैनिकों की लूटपाट देखी जा सकती है। वे फिलीपीन सैनिकों पर चाकू और कुल्हाड़ी से हमला कर रहे हैं। बुधवार को फिलीपीन के सैन्य प्रमुख ने मांग की कि चीन विवादित तटवर्ती क्षेत्र में चीनी तटरक्षक द्वारा जब्त किए गए हथियार और उपकरण लौटाए तथा हमले में हुए नुकसान की भरपाई करे। उन्होंने इस हमले की तुलना दक्षिण चीन सागर में समुद्री लूट की घटना से की। फिलीपीन के अधिकारियों के अनुसार, सोमवार को आठ से अधिक मोटरबोट पर सवार चीनी तटरक्षक कर्मियों ने फिलीपीन की नौसेना की दो नौकाओं को बार-बार टक्कर मारी और उन पर चढ़ गए। चीनी सैनिक चाकू और कुल्हाड़ी लेकर टूट पड़े, लूटपाट की फिलीपीन अधिकारियों के मुताबिक, चीनी तटरक्षक कर्मियों ने फिलीपीन नौसेना कर्मियों को दक्षिण चीन सागर में अपनी नावों से रोक दिया। इन क्षेत्रों पर चीन अपना दावा करता आया है। चीनी सैनिकों ने पहले फिलीपीनो सैनिकों की नावों को टक्कर मारी और फिर वे हथियार लहराते हुए उनकी नावों में कूद गए। वीडियो में देखा जा सकता है कि चीनी कर्मियों ने नौकाओं को जब्त कर लिया और फिलीपीन सैनिकों पर हमला किया। चीनी सैनिक उनकी सेना के कई उपकरणों, आठ एम4 राइफलें भी अपने साथ लूटकर ले गए। फिलीपीन सैनिकों में मच गया हाहाकार फिलीपीन सशस्त्र बलों के प्रमुख जनरल रोमियो ब्रॉनर जूनियर ने बाद में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘चीन की सेना ने जो किया जो भुलाया नहीं जा सकता। यह दक्षिण चीन सागर में एक प्रकार की लूट थी। इस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए थी। हम चीन से अपने हथियार वापस करने की मांग करते हैं।’’ उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने चाकुओं से हमारे जहाजों पर हमला बोल दिया। हथोड़े से जहाजों को नुकसान पहुंचा। हमले में कई फिलिपिनो नौसेना कर्मी घायल हो गए। एक का लड़ाई में दाहिना अंगूठा कट गया। फिलीपीन सेना द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो में चीनी सैनिक फिलीपीनी नौसेना कर्मियों और उनके जहाजों पर चाकू से दो फिलीपीन नौसेना नौकाओं को घेरते हुए देखा जा सकता है। दोनों ओर से सैनिक एक-दूसरे पर चिल्लाते हैं। सायरन बजते हुए सुनाई दे रहे हैं। चीनी कर्मी फिलिपीन नौकाओं को तोड़ने की कोशिश करते हैं।