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DK शिवकुमार बोले- लोकसभा रिजल्ट के अनुसार कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी

बेंगलुरु लोकसभा चुनाव में कर्नाटक कांग्रेस को जितनी अपेक्षा थी उससे खराब प्रदर्शन रहा। पार्टी ने 20 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा था लेकिन महज 9 सीटों से ही कांग्रेस को संतोष करना पड़ा। कर्नाटक विधानसभा में प्रचंड जीत का कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में कोई फायदा नहीं मिला। अब सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर पांच गारंटियों के पुनर्मूल्यांकन की मांग करने वाली आवाजें तेज हो गई हैं क्योंकि कांग्रेस इन कार्यक्रमों पर सालाना 52,000 करोड़ रुपये खर्च करने का वादा करने के बाद भी लोकसभा चुनावों में दूसरे स्थान पर रही। गारंटी के वादे के साथ पार्टी पिछले साल विधानसभा चुनावों में सत्ता में आई थी, जिसके तहत एक के बाद एक कार्यक्रम शुरू किए गए। योजनाओं में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, महीने में 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की आपूर्ति और परिवार की प्रत्येक महिला मुखिया को हर महीने 2000 रुपये देने का वादा शामिल है। पार्टी ने कर्नाटक में शुरू किए गए मॉडल को अन्य राज्य विधानसभा चुनावों के साथ-साथ हाल के लोकसभा चुनावों में भी दोहराया। लोकसभा चुनावों से पहले कांग्रेस विधायक एचसी बालकृष्ण (मगदी) ने सबसे पहले ‘मुफ्त की रेवड़ियों’ को लेकर विचार का सुझाव दिया था। हमारे नेताओं को अपने गांव में ही वोट नहीं मिले कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश के नतीजों पर शिवकुमार ने कहा, “हमें 14-15 सीटें जीतने का भरोसा था, लेकिन हम इन आंकड़ों को हासिल करने में विफल रहे। हमें लोगों के फैसले को स्वीकार करना होगा। पार्टी के नेताओं को अपने ही गांव-कस्बों से वोट नहीं मिले, यह चिंता की बात है।” हार के लिए कौन जिम्मेदार हार के लिए विधायकों को जिम्मेदार ठहराने वाले कुछ मंत्रियों की टिप्पणियों पर शिवकुमार ने कहा, “किसी ने भी मुझसे इसकी शिकायत नहीं की है। आरोप-प्रत्यारोप का कोई मतलब नहीं है। जो नेता निर्वाचन क्षेत्रों के प्रभारी हैं, उन्हें पार्टी कार्यकर्ताओं से बात करनी चाहिए, कारणों की जांच करनी चाहिए।” उन्होंने विधायक बसवराज शिवगंगा के एक बयान का जिक्र करते हुए सलाह दी कि विधायकों को अनावश्यक रूप से सार्वजनिक रूप से बयान जारी नहीं करना चाहिए। उन्हें पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर समस्या पर चर्चा करनी चाहिए। 20 का था लक्ष्य, मिलीं 9 सीटें एचसी बालकृष्ण ने कहा था कि अगर पार्टी चुनाव में खराब प्रदर्शन करती है तो पार्टी शासन को गारंटी योजनाओं को वापस लेने पर विचार करना चाहिए। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष डीके शिवकुमार को राज्य की 28 सीटों में से 15 से 20 सीटें जीतने का भरोसा था, लेकिन पार्टी को 9 सीटें ही मिलीं। एम लक्ष्मण ने भी की समीक्षा की मांग मुख्यमंत्री के गृह जिले मैसूर से कांग्रेस के टिकट एम लक्ष्मण चुनाव हार गए थे। उन्होंने भी योजनाओं की समीक्षा की मांग की है। उनका तर्क है कि लोकसभा चुनावों में लोगों के जनादेश से पता चलता है कि वे योजनाओं को जारी रखने के खिलाफ हैं। कांग्रेस के बागलकोट जिले के जेटी पाटिल (बिलगी) ने भी समीक्षा की मांग की है। कांग्रेस विधायकों के एक वर्ग का मानना है कि गारंटी योजनाएं अन्य विकास कार्यक्रमों की कीमत पर आई हैं और इनसे वोट भी नहीं मिले हैं।

प्रधानमंत्री बनने के बाद 18 जून को काशी आएंगे पीएम मोदी, किसान सम्मेलन को करेंगे संबोधित

 वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 जून को वाराणसी आएंगे। इस दिन वो किसान सम्मेलन को संबोधित करेंगे। भाजपा काशी क्षेत्र के अध्यक्ष दिलीप पटेल ने कहा कि केंद्र में तीसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में एनडीए सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री मोदी का यह पहला वाराणसी दौरा होगा। काशी क्षेत्र के भाजपा मीडिया प्रभारी नवरतन राठी ने कहा कि अभी तय नहीं है कि ये कार्यक्रम वाराणसी में कहां आयोजित होगा। किसान सम्मेलन के लिए भाजपा जगह की तलाश कर रही है। कार्यक्रम रोहनिया या सेवापुरी विधानसभा क्षेत्र में आयोजित किया जा सकता है। प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर तैयारियों पर चर्चा के लिए गुलाब बाग स्थित पार्टी कार्यालय में वाराणसी भाजपा पदाधिकारियों की एक बैठक हुई। पटेल ने कहा कि किसान सम्मेलन को संबोधित करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी बाबा काशी विश्वनाथ की पूजा-अर्चना करेंगे और दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ही किसान सम्मान निधि की राशि जारी की है। राष्ट्रपति भवन में रविवार शाम पद एवं गोपनीयता की शपथ लेने वाले पीएम मोदी ने सोमवार सुबह करीब 9.3 करोड़ पात्र किसानों के लिए 20 हजार करोड़ रुपये की राशि जारी करने से संबंधित फाइल पर हस्ताक्षर किये। किसान सम्मान निधि के तहत हर किसान को साल में तीन बार दो-दो हजार रुपये की किस्त दी जाती है। केंद्र सरकार ने योजना की 16वीं किस्त चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले 28 फरवरी को जारी की थी।

भारतीयों की सुरक्षा सबसे पहले, पाकिस्तान को भारत की शर्त पर ही मिलेगा दोस्ती का हाथ

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के तीन बार प्रधानमंत्री रहे नवाज शरीफ ने पीएम मोदी को तीसरी बार शपथ लेने पर बधाई तो भारतीय प्रधानमंत्री ने पाकिस्तानी नेता को साफ कर दिया कि भारत के लिए अपने नागरिकों की सुरक्षा सबसे पहले है। वैसे तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी पीएम मोदी को बधाई संदेश भेजा था, लेकिन उनके बड़े भाई नवाज शरीफ के संदेश में गर्माहट ज्यादा थी। पीएमएल-एन मुखिया नवाज शरीफ ने एक्स पर लिखा, ‘तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर मोदी जी को मेरी हार्दिक बधाई। हाल के चुनावों में आपकी पार्टी की सफलता आपके नेतृत्व में लोगों के विश्वास को दिखाती है।’ इसके साथ ही उन्होंने भारत से दोस्ती की पहल भी की। शरीफ ने आगे लिखा, ‘आइए हम नफरत की जगह उम्मीद को लाएं और इस अवसर का लाभ उठाते हुए दक्षिण एशिया के दो अरब लोगों का भविष्य संवारें।’ पीएम मोदी ने नवाज शरीफ के संदेश की तारीफ की तो भारत का रुख भी साफ कर दिया। पीएम मोदी ने लिखा, ‘भारत के लोग हमेशा शांति और सुरक्षा तथा प्रगतिशील विचारों के पक्षधर रहे हैं। हमारे लोगों की भलाई और सुरक्षा को आगे बढ़ाना हमेशा हमारी प्राथमिकता होना चाहिए।’ पीएम मोदी ने दिया साफ संदेश पीएम मोदी का संदेश साफ बताता है कि मोदी 3.0 में भी भारत का रुख यही रहने वाला है कि पाकिस्तान को अगर भारत से दोस्ती करनी है तो उसे पहले आतंकवाद और आतंकवादियों को पालना बंद करना होगा। भारत ने पहले भी कहा है कि पाकिस्तान से बात तब ही हो सकती है जब यह भरोसा दिलाए कि वह भारत के खिलाफ अपने जहरीले मंसूबों को रोकना चाहता है। विश्लेषकों का मानना है कि मोदी ने अपने संदेश ने पाकिस्तान के साथ संबंधों को सामान्य बनाने के लिए सीमा पार से आतंकवाद को समाप्त करने की शर्त को लेकर प्रतिबद्धता जाहिर की है। नवाज शरीफ ने मानी थी पाकिस्तान की गलती नवाज शरीफ भारत के साथ दोस्ताना संबंधों के पक्षधर रहे हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने भारत के साथ दोस्ती की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। नवाज शरीफ के दूसरे कार्यकाल के दौरान ही भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी बस से लाहौर गए थे, जहां दोनों पक्षों ने लंबित मुद्दों को बातचीत से हल करने पर सहमति जताई थी लेकिन इसके कुछ महीनों बाद ही पाकिस्तान ने धोखा देते हुए कारगिल में घुसपैठ की जिसने पूरी प्रक्रिया को पटरी से उतार दिया।

‘शांति के पथ से लड़खड़ा रहा मणिपुर ‘, मोहन भागवत बोले

 नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने सोमवार को संघर्षग्रस्त पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर की स्थिति पर चिंता जताई। मणिपुर पिछले साल तीन मई से बड़े पैमाने पर अशांति से प्रभावित है। मोहन भागवत ने नागपुर में आरएसएस प्रशिक्षुओं (ट्रेनी) के एक समूह को संबोधित करते हुए कहा, “मणिपुर एक साल से शांति का इंतजार कर रहा है। हिंसा को रोकना होगा और इसे प्राथमिकता देनी होगी।” मणिपुर हिंसा पर मोहन भागवत की टिप्पणी लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के छह दिन बाद आई है। उन्होंने देश में हाल के चुनावों के दौरान गलत बयानबाजी के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकी के दुरुपयोग पर भी अपनी नाराजगी व्यक्त की। मोहन भागवत ने विपक्ष का नाम लिए बगैर संविधान में बदलाव और पिछड़ी जाति के समुदायों के लिए आरक्षण खत्म करने के विपक्ष के आरोपों का जिक्र किया। उन्होंने आगे कहा, “हमने कई क्षेत्रों में प्रगति की है जैसे- अर्थव्यवस्था, रक्षा, खेल, संस्कृति, प्रौद्योगिकी आदि। इसका मतलब यह नहीं है कि हमने सभी चुनौतियों पर काबू पा लिया है। चुनावी अभियान के दौरान ‘शालीनता और मर्यादा’ का अभाव था, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।” उन्होंने उम्मीद जताई की कि संसद में सौहार्दपूर्ण माहौल रहेगा। कम्पटीशन की संभावना है, लेकिन इसे युद्ध में नहीं बदलना चाहिए। आरएसएस प्रमुख ने यह भी कहा कि चुनाव आम सहमति बनाने की एक प्रक्रिया है। मोहन भागवत ने कहा कि संसद के दो पक्ष हैं, इसलिए किसी भी सवाल के दोनों पहलुओं पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने बीते दस सालों में सरकार की भूमिका की भी सराहना की। साथ ही कहा कि भारत ने आर्थिक मोर्चे, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और शिक्षा के क्षेत्र में सफलता हासिल की है। भारत ने हर चुनौती को स्वीकार किया है और कठिनाइयों पर विजय प्राप्त की है। अब चुनाव खत्म हो चुके हैं, इसलिए ध्यान देश के सामने मौजूदा चुनौतियों की तरफ होना चाहिए और उन पर विचार-विमर्श किया जाना चाहिए। आरएसएस प्रमुख ने देश के लोगों से पारिवारिक मूल्यों को बनाए रखने का आह्वान किया।

खालिस्तानी अमृतपाल को जेल से बाहर लाने के लिए विदेशी पैरवी! कमला हैरिस से मिला अमेरिकी सिख वकील

 नई दिल्ली जेल में बंद खालिस्तान समर्थक नेता अमृतपाल सिंह एक तरफ लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बन गए हैं. वहीं, उन्हें जेल से रिहा करने के लिए अमेरिका में मुहिम शुरू हो गई है. अमेरिकी सिख वकील जसप्रीत सिंह ने उपराष्ट्रपति कमला हैरिस से मुलाकात कर भारत की जेल में बंद अमृतपाल सिंह को रिहा कराने के लिए हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है. जसप्रीत का कहना है कि उन्होंने इस मामले का गहन अध्ययन किया है और उनका मानना है कि अमृतपाल की गिरफ्तारी गलत है. अमृतपाल सिंह की रिहाई के लिए जसप्रीत सिंह की अमेरिकी सांसदों पर दबाव बनाने की योजना है. जसप्रीत ने यूट्यूब वीडियो में कहा कि मैं बीते दो से तीन महीनों में कमला हैरिस से दो बार मिला हूं. मैंने उनसे इमिग्रेशन के मुद्दे पर बात की थी. मैंने उनसे बात की थी. उन्होंने मुझे अपने ऑफिस आने का समय दिया था. मैं उनसे 11 जून को मिलूंगा. बता दें पंजाब की खडूर साहिब लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव जीत चुके अमृतपाल फिलहाल असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं. डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल सिंह ने लगभग दो लाख वोटों से कांग्रेस के कुलबीर सिंह को हरा दिया था. जसप्रीत ने कहा कि अमृतपाल की प्रचंड जीत हुई है और उनकी गिरफ्तारी मानवाधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े करती है. वारिस पंजाब दे प्रमुख अमृतपाल सिंह को अप्रैल 2023 में पंजाब के मोगा में सरेंडर करने के बाद गिरफ्तार कर लिया गाय था. वह इससे एक महीने से फरार था. पंजाब पुलिस ने उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत मामला दर्ज किया था. बता दें कि कमला हैरिस भारतीय मूल की अमेरिकी नेता हैं. कमला हैरिस सहित कई सांसदों से मिल चुके हैं जसप्रीत जसप्रीत सिंह का कहना है कि वह नेवादा के सीनेटर जैकलिन शेरिल रोजन और एरिजोना के सांसद रूबेन गैलेगो सहित कई अमेरिकी सीनेटर्स से इस मामले पर मुलाकात कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि मैंने इस मामले पर 20 से अधिक अमेरिकी नेताओं से बात की है और वे इस पर सहमत हो गए हैं कि इस मामले को संज्ञान में लाया जाना चाहिए. अमेरिका मानव मूल्यों को महत्व देता है, फिर चाहे वह घरेलू हो या अंतर्राष्ट्रीय. उन्होंने कहा कि न्याय का एक सिद्धांत है कि सजा, अपराध के समान होनी चाहिए. हमने मानवाधिकार के एंगल से इस मामले को अमेरिकी सरकार के समक्ष उठाया है.  

सिंगापुर के पीएम ने दी बधाई ‘PM मोदी उल्लेखनीय परिवर्तनों के नेतृत्वकर्ता हैं’

संयुक्त राष्ट्र,  संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीसरे कार्यकाल की शुरुआत पर बधाई दी और वह उनके साथ काम करने के लिए उत्सुक हैं। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा, “भारत की जनता और सरकार को इस बड़े पैमाने पर चुनाव आयोजित करने के लिए बधाई, जो दुनिया में कहीं और नहीं देखा गया है। देश भर में लगभग 1.1 करोड़ मतदान कर्मचारियों द्वारा संचालित लगभग 10 लाख पोलिंग स्टेशनों पर करीब 64.2 करोड़ नागरिकों ने वोट डाला था। सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वॉन्ग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत में उल्लेखनीय परिवर्तनों का नेतृत्वकर्ता बनाया है। सिंगापुर के विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी एक पत्र में पीएम वॉन्ग लिखते हैं, मुझे पूरा भरोसा है कि पीएम मोदी आपके नेतृत्व में भारत तेजी से समृद्ध और विकसित होगा। उन्होंने भारत-सिंगापुर के बहुआयामी एवं मधुर संबंधों का जिक्र करते हुए लिखा, अगले वर्ष हमारे राजनयिक संबंधों की 60वीं वर्षगांठ है। हम इस मौके पर साझेदारी को बढ़ाने डिजिटलीकरण, कौशल विकास और स्वास्थ्य सेवा जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग को विस्तार देंगे। वॉन्ग पिछले महीने ही सिंगापुर के प्रधानमंत्री बने हैं। उन्हें ली सीन लूंग से सत्ता मिली है, जिन्हें नरेंद्र मोदी के करीबी मित्रों में एक माना जाता है। और मजबूत होगी भारत-द. अफ्रीका के बीच साझेदारी : रामाफोसा दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी को ऐतिहासिक तीसरे कार्यकाल के लिए बधाई। मोदी भारत के लोगों के प्रति उनके समर्पण के लिए भी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने भारत की जनता को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए भी बधाई दी। साथ ही कहा, भारत-दक्षिण अफ्रीका एक रणनीतिक साझेदार हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में इस साझेदारी के और मजबूत होने की उम्मीद है। भारत से हुए समझौतों की समीक्षा कर रही मालदीव की संसद मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जु जब भारत में पीएम मोदी के शपथ समारोह में शामिल हो रहे थे, उसी दौरान मालदीव की संसद ने 2018 से 2023 के बीच दोनों देशों में हुए चार समझौतों की जांच शुरू कर दी। इनमें 2018-2023 के बीच हाइड्रोग्राफी संधि, उत्तरी थिलाफाल्हू में सैन्य डॉकयार्ड संधि, डोर्नियर विमान व हेलिकॉप्टर संधि की जांच शुरू की है।   सियासी, आर्थिक स्थिरता का संदेश है मोदी-3.0 कार्यकाल : यूएसआईबीसी भारत-अमेरिकी व्यापार परिषद (यूएसआईबीसी) ने कहा है कि नरेंद्र मोदी का लगातार तीसरी बार ऐतिहासिक कार्यकाल भू-रणनीतिक अनिश्चितता के बीच राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता का एक मजबूत संदेश दे रहा है। परिषद के अध्यक्ष अतुल केशप ने कहा, मोदी का यह कार्यकाल इसलिए भी अहम है क्योंकि विश्व स्तर पर कट्टरपंथ के बीच भारतीय वोटरों ने विकास का समर्थन किया है। यह समर्थन भारत को समृद्धि और तकनीकी नवाचार के आधार के साथ अमेरिका का अहम भागीदार भी बना रहा है।

रिकॉर्ड : साउथ अफ्रीका चौथी बार T20 वर्ल्ड कप में 5 या इससे कम रनों के अंतर से मुकाबला जीतने में सफल हुई

न्यूयॉर्क साउथ अफ्रीका की टीम ने न्यूयॉर्क के नसाउ काउंटी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप 2024 के एक ग्रुप स्टेज के मैच में बांग्लादेश को हरा दिया। हार-जीत का अंतर इतना कम था कि साउथ अफ्रीका ने अपने एक विश्व रिकॉर्ड को और भी ज्यादा मजबूत कर लिया। साउथ अफ्रीका ने महज 4 रन के अंतर से बांग्लादेश को हराया। यहां तक कि ये मैच लो स्कोरिंग था, क्योंकि साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए महज 113 रन बनाए थे और बांग्लादेश की टीम 20 ओवर खेलकर 109 रन ही बना पाई थी। आखिरी ओवर काफी रोमांचक रहा था। वहीं, साउथ अफ्रीका ने इस जीत के साथ अपना विश्व रिकॉर्ड भी मजबूत किया। साउथ अफ्रीका की टीम ने सबसे कम रनों के अंतर से एक या दो बार नहीं, बल्कि चार बार टी20 वर्ल्ड कप का मैच जीता है। पांच या इससे कम रनों के अंतर से कोई अन्य टीम टी20 विश्व कप में 2 से ज्यादा मुकाबले नहीं जीती है, लेकिन साउथ अफ्रीका ने चौथी बार चार या इससे कम रनों के अंतर से मैच जीता है और नया कीर्तिमान स्थापित किया है। हालांकि, तीन बार टीम ने 2014 तक ही 5 रन से कम के अंतर से मुकाबले जीत लिए थे और 10 साल बाद ऐसा हुआ है।    साउथ अफ्रीका की टीम ने 2009 के टी20 विश्व कप में लॉर्ड्स में न्यूजीलैंड को एक रन से हराया था। इसके बाद बांग्लादेश के चटग्राम में 2 रन से 2014 में न्यूजीलैंड को ही मात दी थी। वहीं, इंग्लैंड के खिलाफ उसी साल के टी20 विश्व कप में साउथ अफ्रीका ने 3 रन से जीत दर्ज की थी। अब 10 साल बाद 2024 में बांग्लादेश के खिलाफ साउथ अफ्रीका ने ऐसा किया है। ये साउथ अफ्रीका की बांग्लादेश के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 9वीं जीत है। साउथ अफ्रीका ने इस मामले में पाकिस्तान की बराबरी कर ली है, लेकिन टीम न्यूजीलैंड से पीछे है।  

मलावी के उपराष्ट्रपति को ले जा रहा विमान लापता, तलाश जारी

 लिलोंग्वे,  मलावी के उप-राष्ट्रपति साउलोस चिलिमा और नौ अन्य लोगों को ले जा रहा विमान लापता हो गया है। राष्ट्रपति कार्यालय के एक बयान में ये जानकारी दी गयी है। बीबीसी ने बताया कि मलावी रक्षा बल का विमान सोमवार सुबह राजधानी लिलोंग्वे से रवाना होने के बाद “रडार से गायब हो गया”। विमान से संपर्क न होने के बाद राष्ट्रपति ने खोज और बचाव अभियान का आदेश दिया। बीबीसी ने बताया कि विमान को स्थानीय समयानुसार सुबह 10 बजे के बाद देश के उत्तर में स्थित मज़ूज़ू अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरना था। उपराष्ट्रपति के मौत की आशंका विमान से संपर्क न हो पाने की स्थिति में राष्ट्रपति ने खोज एवं बचाव अभियान का आदेश दिया. टीम विमान को ट्रैक करने की कोशिश कर रही है, लेकिन अभी तक उसका सटीक लोकेशन नहीं पता चल सका है. इस हादसे के बाद मलावी के राष्ट्रपति लाजरस चकवेरा ने अपनी बहामास यात्रा को रद्द कर दी है. अफ्रीकन जर्नलिस्ट होपवेल ने बताया कि उनको सरकार के सूत्रों से पता चला है कि अब कम ही उम्मीद है कि उपराष्ट्रपति जीवित बचे हों. साथ ही इस बात की पुष्टि हुई हैं कि विमान में उनकी पत्नी मैरी सवार नहीं थी. एक विदेश यात्रा के बाद वह वापस लौटे थे और थकान में थे. घटना की जानकारी के बाद मलावी के राष्ट्रपति लाज़रस चकवेरा ने बहामास की अपनी यात्रा रद्द कर दी। राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा, “पूरी स्तिथि साफ़ होने के बाद ही घटनाक्रम के बारे में जनता को जानकारी दी जाएगी।” बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार विमान के लापता होने का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। मलावी के सूचना मंत्री मूसा कुंकुयू ने बीबीसी को बताया कि विमान को खोजने के प्रयास जारी हैं। कुंकुयू ने कहा: “जिस हवाई अड्डे पर उन्हें उतरना था वो मज़ुज़ू के उत्तरी भाग में है।” बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, चिलिमा को 2022 में भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन पर सरकारी अनुबंध देने के बदले में पैसे लेने का आरोप था। हालांकि पिछले महीने अदालत ने सबूत के अभाव में आरोपों को खारिज कर दिया।

महिला टीचर ने ‘हिजाब’ विवाद में अपने पद से दे दिया इस्तीफा, वजह जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे

कोलकाता कोलकाता में एक प्राइवेट लॉ कॉलेज में हिजाब पहने जाने से रोकने पर एक महिला टीचर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और क्लास लेना भी बंद कर दिया. यह कॉलेज कलकत्ता यूनिवर्सिटी से संबद्ध है. न्यूज एजेंसी के मुताबिक जैसे ही यह मामला सामने आया कॉलेज में हंगामा मच गया. इसके बाद कॉलेज अधिकारियों ने दावा किया मिस कम्यूनिकेशन की वजह से ऐसा हुआ था. कॉलेज की तरफ से कहा गया है कि अपना इस्तीफा वापस लेने के बाद महिला टीचर 11 जून से वापस क्लास लेने लगेंगी. बता दें कि पिछले तीन सालों से एलजेडी लॉ कॉलेज में शिक्षिका रहीं संजीदा कादर ने हिजाब पहनने से रोके जाने पर 5 जून को इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने कहा था कि कॉलेज अधिकारियों ने उन्हें 31 मई के बाद कॉलेज में हिजाब न पहनने का निर्देश दिया था. उन्होंने कहा, ‘कॉलेज गवर्निंग बॉडी के आदेश से मेरे मूल्यों और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है.’ संजीदा कादर मार्च-अप्रैल से कार्यस्थल पर हेडस्कार्फ़ पहन रही थीं और पिछले सप्ताह उनके हिजाब पहनने की वजह से यह विवाद हुआ था. हालांकि, उनके इस्तीफे के सार्वजनिक होने के बाद, कॉलेज के अधिकारियों ने उनसे संपर्क किया और जोर देकर कहा कि यह केवल मिस कम्यूनिकेशन था, उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें काम के घंटों के दौरान अपने सिर को कपड़े से ढकने से कभी मना नहीं किया गया था. इस पर संजीदा कादर ने कहा, ‘मुझे सोमवार को कॉलेज ऑफिस से एक ईमेल मिला, मैं अपने अगले कदम के बारे में सोचूंगी और फिर फैसला करूंगी, लेकिन मैं मंगलवार को कॉलेज नहीं जा रही हूं.’ वहीं उन्होंने कॉलेज की तरफ से मिले ईमेल को लेकर कहा, सभी संकाय सदस्यों के लिए ड्रेस कोड के अनुसार, समय-समय पर उसकी समीक्षा और मूल्यांकन किया जाता है, वो (महिला शिक्षक) क्लास लेते समय अपना सिर ढकने के लिए दुपट्टे या स्कार्फ का उपयोग करने के लिए स्वतंत्र थीं. कॉलेज गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष गोपाल दास ने बताया, ‘कोई निर्देश या निषेध नहीं था, और कॉलेज के अधिकारी प्रत्येक हितधारक की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हैं. वह मंगलवार से क्लास फिर से शुरू करेंगी. कोई गलतफहमी नहीं है.  

केंद्रीय करों में बिहार को मिली 14 हजार 56 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी

नईदिल्ली केंद्र में लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के नेतृत्व सरकार बनी है और सोमवार को कैबिनेट गठन हुआ और सभी को उनके मंत्रिमंडल बांट दिए गए. फाइनेंस मिनिस्ट्री की जिम्मेदारी एक बार फिर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) को दी गई है. विभागों के बंटवारे के तुरंत बाद वित्त मंत्रालय ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्यों को 1,39,750 करोड़ रुपये का टैक्स डिवोल्यूशन (Tax Devolution) जारी करने को हरी झंडी दिखाई. इसके तहत सबसे ज्यादा पैसा उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) को दिया गया है. बिहार को भी मिली मोटी रकम जहां केंद्र सरकार की तरफ से किए गए इस आवंटन में सबसे ऊपर योगी आदित्यनाथ की सरकार वाले उत्तर प्रदेश को किया गया है, केंद्र की ओर से UP को 25,069.88 करोड़ रुपये दिए हैं. तो वहीं गठबंधन के मजबूत सहयोगी नीतीश कुमार के नेतृत्व वाला बिहार दूसरे नंबर पर है. वित्त मंत्रालय ने Bihar के लिए 14,056.12 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए हैं. इस लिस्ट में सबसे ज्यादा पैसा पाने वाला तीसरा राज्य मध्यप्रदेश (MP) है और इसके लिए 10,970.44 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं. राज्यों की ग्रोथ में किया जाएगा खर्च गौरतलब है कि अंतरिम बजट 2024-25 में राज्यों को कर हस्तांतरण के लिए 12,19,783 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. राज्यों को टैक्स डिवोल्यूशन जारी करते हुए वित्त मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि जून 2024 के लिए डिवोल्यूशन राशि की नियमित रिलीज के अलावा एक अतिरिक्त इंस्टॉलमेंट जारी होगी. इसे राज्य सरकारें विकास और पूंजीगत खर्च में तेजी लाने के लिए इस्तेमाल कर सकेंगी. इस हिसाब से देखें तो अतिरिक्त इंस्टॉलमेंट के साथ सोमवार 10 जून को राज्यों को हस्तांतरित कुल राशि (वित्त वर्ष 2024-25 के लिए) 2,79,500 करोड़ रुपये है. इन राज्यों को भी मिला खूब पैसा अन्य राज्यों को मिले पैसों की बात करें, तो वित्त मंत्रालय की ओर से पश्चिम बंगाल को 10513.46 करोड़ रुपये, महाराष्ट्र को 8828.08 करोड़ रुपये, राजस्थान को 8421.38 करोड़ रुपये, ओडिशा को 6327.92 करोड़ रुपये, तमिलनाडु को 5700.44 करोड़ रुपये, आंध्र प्रदेश को 5655.72 करोड़ रुपये और गुजरात को 4860.56 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं. देश के 28 राज्यों को जारी की गई इस राशि में शामिल झारखंड को 4621.58 करोड़ रुपये, कर्नाटक को 5096.72 करोड़ रुपये, पंजाब को 2525.32 करोड़ रुपये, हिमाचल प्रदेश को 1159.92 करोडड रुपये, केरल को 2690.20 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं. इसके अलावा मणिपुर और मेघालय को क्रमश: 1000.60 और 1071.90 करोड़ रुपये मिले हैं.  

Modi Cabinet 2024 तीसरे कार्यकाल में छह पूर्व CM बने केंद्रीय मंत्री, देखें किसे मिला कौन सा विभाग

नई दिल्ली पीएम मोदी सरकार 3.0 में सोमवार को मंत्रालय का बंटवारा हो चुका है। इससे पहले नरेंद्र मोदी ने रविवार को तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पीएम मोदी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। पीएम मोदी ने शपथ ग्रहण करने के साथ देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की बराबरी कर ली, जो इससे पहले लगातार तीन बार देश के पीएम रह चुके हैं। नरेंद्र मोदी के बाद दूसरे नंबर पर राजनाथ सिंह और तीसरे नंबर पर अमित शाह ने केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में नितिन गडकरी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान, निर्मला सीतारमण, एस. जयशंकर ने केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण किया। वह करनाल लोकसभा सीट से जीतकर पहली बार संसद पहुंचे हैं। मोदी सरकार 3.0 में मोदी के साथ 71 मंत्रियों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली। इसमें 30 कैबिनेट मंत्री, 5 स्वतंत्र प्रभार और 36 राज्यमंत्री शामिल हैं। हम आपको इन सभी मंत्रियों की पूरी लिस्ट बता रहे हैं। पांच पूर्व मुख्यमंत्री बीजेपी से हैं, एक जेडीएस और HAM के नेता हैं इनमें से पांच पूर्व मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी से हैं, जबकि कुमारस्वामी जनता दल (सेक्युलर) और जीतन राम मांझी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) से हैं। सभी छह मुख्यमंत्रियों ने रविवार को राष्ट्रपति भवन में शपथ ग्रहण किया। सोमवार को इनके विभागों का बंटवारा कर दिया गया। बिहार के जीतन राम मांझी पहली बार केंद्रीय मंत्री बनाए गये हैं राजनाथ सिंह के पास रक्षा मंत्रालय है। वह मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में गृहमंत्री थे। दूसरे कार्यकाल में उन्हें रक्षा मंत्री बनाया गया। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में उन्हें फिर रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। शिवराज सिंह चौहान को कृषि मंत्रालय एवं किसान ग्रामीण विकास मंत्रालय दिया गया है। जीतन राम मांझी को लघु, कुटीर एवं मध्यम उपक्रम (MSME) मंत्रालय सौंपा गया है। मनोहर लाल खट्टर ऊर्जा मंत्रालय और शहरी विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। सर्बानंद सोनोवाल को पोर्ट और शिपिंग का पुराना मंत्रालय दिया गया है। एचडी कुमारस्वामी को उद्योग मंत्रालय एवं स्किल डेवलपमेंट मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। 1. मोदी सरकार 3.0 के कैबिनेट मंत्रियों के नाम और मंत्रालयों की लिस्ट क्रम संख्या कैबिनेट मंत्री मंत्रालय 1. राजनाथ सिंह रक्षा 2. अमित शाह गृह 3. नितिन गडकरी सड़क परिवहन और राजमार्ग 4. जेपी नड्डा स्वास्थ्य 5. शिवराज सिंह चौहान ग्रामीण विकास मंत्रालय और कृषि एवं किसान कल्याण 6. निर्मला सीतारमण वित्त 7. एस जयशंकर विदेश 8. मनोहर लाल खट्टर ऊर्जा और शहरी विकास 9. एचडी कुमारस्वामी स्टील और भारी उद्योग 10. पीयूष गोयल कॉमर्स और इंडस्ट्रीज 11. धर्मेंद्र प्रधान मानव संसाधन विकास 12. जीतन राम मांझी सूक्ष्म लघु एवं मझोले उद्योग 13. राजीव रंजन सिंह पंचायती राज, मछलीपालन, पशुपालन और डेयरी 14. सर्वानंद सोनोवाल पोत, जहाजरानी और जलमार्ग 15. डॉ. वीरेंद्र कुमार सामाजिक न्याय और आधिकारिता 16. राम मोहन नायडू नागरिक उड्डयन मंत्रालय 17. प्रह्लाद जोशी उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं जनवितरण 18. जुएल ओरावं आदिवासी मामले 19. गिरिराज सिंह कपड़ा मंत्रालय 20. अश्विनी वैष्णव सूचना और प्रसारण मंत्रालय, रेल मंत्री 21. ज्योतिरादित्य सिंधिया संचार, पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास 22. भूपेंद्र यादव पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन 23. गजेंद्र सिंह शेखावत पर्यटन 24. अन्नापूर्णा देवी महिला एवं बाल कल्याण 25. किरेन रिजिजू संसदीय कार्य, अल्पसंख्यक मामले 26. हरदीप सिंह पुरी पेट्रोलियम और नेचुरल गैस 27. मनसुख मांडविया श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, युवा मामले और खेल मंत्रालय 28. जी.किशन रेड्डी कोयला और खान मंत्रालय 29. चिराग पासवान खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय 30. सीआर पाटिल जल शक्ति 2. मोदी सरकार 3.0 के स्वतंत्र प्रभार मंत्रियों के नाम और मंत्रालयों की लिस्ट क्रम संख्या राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मंत्रालय 1. राव इंद्रजीत सिंह सांख्यिकी और प्रोग्राम इंप्लीमेंटेशन 2. जितेंद्र सिंह विज्ञान और प्रोद्योगिकी, पीएमओ, कार्मिक, जनशिकायत और पेंशन, एटॉमिक एनर्जी, स्पेस 3. अर्जुन राम मेघवाल कानून और न्याय, संसदीय कार्य 4. प्रतापराव गणपतराव जाधव आयुष, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण 5. जयंत चौधरी कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री 3. मोदी सरकार 3.0 के राज्य मंत्रियों के नाम और मंत्रालयों की लिस्ट क्रम संख्या राज्य मंत्री मंत्रालय 1. जितिन प्रसाद वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में राज्य मंत्री 2. श्रीपद नाइक ऊर्जा, न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी 3. पंकज चौधरी वित्त 4. किशन पाल गुर्जर सहकारिता 5. रामदास अठावले सामाजिक न्याय औरआधिकारिता 6. राम नाथ ठाकुर कृषि और किसान कल्याण 7. नित्यानंद राय गृह 8. अनुप्रिया पटेल स्वास्थ एवं परिवार कल्याण, केमिकल और फर्टिलाइजर 9. वी सोमन्ना जल शक्ति, रेलवे 10. डॉ. चंद्रशेखर पेम्मसानी ग्रामीण विकास, संचार 11. एसपी सिंह बघेल मछलीपालन, पशुपालन और डेयरी, पंचायती राज 12. शोभा करलंदाजे छोटे एवं मझोले उद्योग, श्रम एवं रोजगार 13. कीर्ति वर्धन सिंह पर्यावरण,वन एवं जलवायु परिवर्तन 14. बीएल वर्मा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं जनवितरण, सामाजिक न्याय और आधिकारिता 15. शांतनु ठाकुर पोत, जहाजरानी और जलमार्ग 16. सुरेश गोपी पेट्रोलियम और नेचुरल गैस, पर्यावरण 17. एल मुरुगन सूचना और प्रसारण, संसदीय कार्य 18. अजट टम्टा सड़क परिवार राज्य मंत्री 19. बंदी संजय कुमार गृह 20. कमलेश पासवान ग्रामीण विकास 21. भागीरथ चौधरी कृषि और किसान कल्याण 22. सतीश चंद्र दुबे कोयला और खान 23. संजय सेठ रक्षा 24. रवनीत सिंह बिट्टू खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, रेलवे 25. दुर्गा दास उईके आदिवासी मामले 26. रक्षा खड़से खेल एवं युवा मामले 27. सुकांता मजूमदार शिक्षा, पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास 28. सावित्री ठाकुर महिला एवं बाल कल्याण 29. तोखन साहू आवास और शहरी मामले 30. राजभूषण चौधरी जल शक्ति 31. बीएल वर्मा भारी उद्योग, स्टील 32. हर्ष मल्होत्रा कंपनी मामले, सड़क परिवहन और राजमार्ग 33. एनजे बम्भानिया उपभोक्ता मामले, खाद्य और जनवितरण 34. मुरलीधर मोहोल सहकारिता, नागरिक उड्डयन 35. जॉर्ज कुरियन अल्पसंख्यक मामले, मछली पालन, पशुपालन और डेयरी 36. पी. मार्गरिटा विदेश, कपड़ा

घर में रखें ये यंत्र और बदलें अपनी किस्मत: सफलता के लिए अचूक उपाय

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य यंत्र को सभी नव ग्रहों से उच्चतम सूर्य ग्रह से जोड़ कर देखा गया है. इसमें सूर्य ग्रह की लगभग सभी विशेषताएं पाई जाती है. यही वजह है कि सूर्य यंत्र को घर में रखने से ना केवल बिजनेस में बल्कि नौकरी में तरक्की देखने को मिलती है. आइए विस्तार में जानें कि सूर्य यंत्र व्यक्ति के जिंदगी में कैसा प्रभाव डाल सकती है! सूर्य यंत्र के फायदे सूर्य ग्रहों के राजा माने जाते हैं. यदि यह किसी व्यक्ति की कुंडली में मजबूत हो तो उस व्यक्ति को जीवन में तरक्की हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता. उस व्यक्ति को अपने जीवन में भाग्य का भरपूर साथ मिलने लगता है. सूर्य की मजबूत स्थिति व्यक्ति को जीवन में धनवान तो बनाती ही है साथ ही समाज में उसका मान और सम्मान भी बढ़ता है. सूर्य यंत्र के फायदे वहीं वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि किसी व्यक्ति के भाग्य को प्रबल बनाना है तो उसे अपने घर या कारोबार वाली जगह पर सूर्य यंत्र रखना चाहिए, जो कि उसके जिदंगी में काफी सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, आइए जाने कैसे!? क्या है सूर्य यंत्र वास्तु शास्त्र के अनुसार सूर्य यंत्र के दर्शन मात्र से ही इसका लाभ मिलना निश्चित हैं. सूर्य यंत्र को घर में इसलिए स्थापित करते हैं ताकि सूर्य ग्रह की शुभता विशेष रूप से हासिल हो सके. यदि कुंडली में सूर्य की अशुभ स्थिति हो तो इसी सूर्य यंत्र की पूजा कर इसे ठीक किया जा सकता है. भाग्य को मजबूत करता है सूर्य यंत्र यदि व्यक्ति को अपने भाग्य को प्रबल बनाना है तो उसे सूर्य यंत्र का इस्तेमाल करना चाहिए. यदि मेहनत के बाद भी व्यक्ति के काम नहीं बन पाते हैं तो उसे घर में सूर्य यंत्र को स्थापित कर पूजा करनी चाहिए जिसके बाद उसे भाग्य का साथ मिलने लगेगा. जॉब में होगी तरक्की यदि मेहनत के बावजूद नौकरी में तरक्की हासिल नहीं हो पा रही है तो अपने दफ्तर की टेबल पर जहां काम करते हैं वहां पर सूर्य यंत्र रखें. प्रतिदिन इसकी ऑफिस पहुंचते ही पूजा करें और फिर तरक्की आपके कदम चूमने लगेंगी. कारोबार में मिलेगा मुनाफा यदि कोई व्यक्ति नया बिजनेस शुरू करने की सोच रहा है तो उसे ऑफिस में वर्क प्लेस पर सूर्य यंत्र स्थापित कर काम शुरू करने से पहले प्रतिदिन उसकी पूजा करनी चाहिए. इससे बिजनेस में मुनाफा होना निश्चित हैं.

एलन भोपाल के जेईई (एडवांस्ड) परीक्षाफल की विजय यात्रा

भोपाल एलन भोपाल ने देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग परीक्षा जी (एडवांस्ड) में श्रेष्ठता सिद्ध की है। एलन भोपाल के सेंटर हेड हृषिकेश शर्मा ने बताया कि एलन भोपाल क्लासरूम के छात्र आदित्यराज AIR 412 हासिल कर भोपाल सिटी टॉपर बने हैं। एलन के बच्चों के उत्कृष्ट नतीजों को एलन भोपाल ने आज विजय जुलूस के रूप में सेलिब्रेट किया। ये विजय यात्रा एलन भोपाल के नव निर्मित परिसर से प्रारंभ हुई। सबसे पहले सभी क्वालिफाइड बच्चों का हार्दिक स्वागत किया गया। उसके बाद हर्ष और उल्लास के साथ सभी बच्चे, माता-पिता, एलन फैकल्टी और स्टाफ प्रसन्न मुद्रा में नृत्य और शोरगुल करते हुए न्यू कैंपस से एमपी नगर कैंपस तक गए। बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था। एलन भोपाल आईआईटीजी और नीट जैसी परीक्षा की तैयारी करने वाले बच्चों को सही मार्गदर्शन और हर संभव सहायता के लिए सदैव कटिबद्ध है और पूरी तरह सक्षम भी। एलन भोपाल प्रति वर्ष आईआईटी और नीट जैसी परीक्षाओं में सफलता के नए मानक गढ़ता रहेगा।

जेनसोल इंजीनियरिंग के निदेशक मंडल₨ ने कुलजीत सिंह पोपली को कंपनी का स्वतंत्र निदेशक किया नियुक्त

नई दिल्ली कर्ज में डूबी जयप्रकाश एसोसिएट्स के निलंबित निदेशक मंडल ने एनसीएलटी के पिछले सप्ताह के आदेश को अपीलीय न्यायाधिकरण एनसीएलएटी में चुनौती दी है। एनसीएलटी ने कंपनी के खिलाफ दिवाला कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया था। यह याचिका राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय अधिकरण(एनसीएलएटी) की अवकाश पीठ के समक्ष सूचीबद्ध की गई, जिसने एनसीएलटी के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया। एनसीएलएटी की इलाहाबाद पीठ ने तीन जून को आईसीआईसीआई बैंक द्वारा दायर की गई दिवालियापन याचिका को स्वीकार कर लिया। उसने कंपनी के निदेशक मंडल को निलंबित करने के बाद भुवन मदान को जेएएल का अंतरिम समाधान पेशेवर भी नियुक्त किया। सितंबर 2018 में आईसीआईसीआई बैंक ने आईबीसी की धारा 7 के तहत जेएएल के खिलाफ दिवालियापन याचिका दायर की थी। एनसीएलटी ने जेएएल की इस दलील को खारिज कर दिया कि उसे नकदी की कमी का सामना करना पड़ा और वह कर्ज चुकाने में चूक गई, जिसका मुख्य कारण सरकारी मंजूरी में देरी, यमुना एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण से संबंधित लंबी मुकदमेबाजी और सरकारी नीतियों में बदलाव है।   जेनसोल इंजीनियरिंग के निदेशक मंडल₨ ने कुलजीत सिंह पोपली को कंपनी का स्वतंत्र निदेशक किया नियुक्त जेनसोल इंजीनियरिंग के निदेशक मंडल ने कुलजीत सिंह पोपली को कंपनी के स्वतंत्र निदेशक के रूप में नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है। जेनसोल इंजीनियरिंग ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि पांच साल की अवधि के लिए स्वतंत्र निदेशक (गैर-कार्यकारी) के रूप में उनकी नियुक्ति कंपनी की आगामी आम बैठक में शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है। पोपली को ऊर्जा क्षेत्र में 40 से अधिक वर्षों का पेशेवर अनुभव है। वे क्लाइम फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक निदेशक हैं। इसके अलावा,निदेशक मंडल ने अली इमरान नकवी को पांच साल की अवधि के लिए कंपनी के अतिरिक्त निदेशक (कार्यकारी) के रूप में नियुक्त करने को भी मंजूरी दे दी है। उनकी नियुक्ति भी कंपनी की आगामी आम बैठक में शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है। नकवी के पास 14 साल से अधिक का पेशेवर अनुभव है। वह जेनसोल इंजीनियरिंग लिमिटेड, सोलर ईपीसी इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं।   कल्पतरु प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल के बोर्ड ने एनसीडी के जरिए 300 करोड़ रुपये जुटाने को मंजूरी दी  कल्पतरु प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल के निदेशक मंडल ने निजी निर्गम के आधार पर गैर-परिवर्तनीय ऋणपत्र (एनसीडी) जारी करके 300 करोड़ रुपये जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। बीएसई को दी गई सूचना के अनुसार, 1,00,000 रुपये अंकित मूल्य वाले कुल 30,000 एनसीडी जारी करने का प्रस्ताव है, जिनका कुल मूल्य 300 करोड़ रुपये होगा। सूचना के अनुसार, निदेशक मंडल की कार्यकारी समिति ने आयोजित अपनी बैठक में निजी निर्गम के आधार पर 300 करोड़ रुपये के असुरक्षित, रेटेड, सूचीबद्ध, प्रतिदेय, गैर-परिवर्तनीय ऋणपत्र जारी करने को मंजूरी दे दी है। एनसीडी को बीएसई लिमिटेड के थोक ऋण बाजार खंड में सूचीबद्ध किया जाएगा। आवंटन की अनुमानित तिथि 13 जून 2024 है, जबकि इसका अंतिम प्रतिदान (100 प्रतिशत) 11 जून 2027 तक किया जाएगा।  

पाकिस्तान आज कनाडा के खिलाफ मुकाबले में बड़ी जीत दर्ज करना चाहेगी

न्यूयॉर्क अमेरिका से उलटफेर का शिकार होने के बाद भारत के हाथों हार से आहत पाकिस्तानी टीम मंगलवार को यहां टी20 विश्व कप में ग्रुप चरण के मैच में कनाडा के खिलाफ मुकाबले में बड़ी जीत दर्ज करना चाहेगी क्योंकि उसके पास खेलने के लिए ज्यादा कुछ नहीं बचा है लेकिन गंवाने के लिए सबकुछ है। ग्रुप ए के शुरूआती मैच में सह मेजबान अमेरिका से सुपर ओवर में पराजित होने के बाद पाकिस्तान को रविवार को चिर प्रतिद्वंद्वी भारत से कम स्कोर वाले मुकाबले में छह रन की हार झेलनी पड़ी। पाकिस्तान का अब सुपर आठ में क्वालीफाई करने का मौका कनाडा और आयरलैंड के खिलाफ बड़ी जीत पर निर्भर करेगा, लेकिन इसके लिए उसे उम्मीद करनी होगी कि अमेरिकी टीम भारत और आयरलैंड के खिलाफ मुकाबलों में बुरी तरह हार जाये। इस हालत में दोनों टीमों के चार चार अंक होंगे और फैसला बेहतर नेट रन रेट से होगा। पाकिस्तान की टीम इस तरह आंकड़े अपने पक्ष में रहने की बस दुआ ही कर सकती है। अमेरिका का नेट रन रेट दो जीत के बाद +0.626 है और आयरलैंड के खिलाफ जीत उसके लिए काफी होगी। वहीं पाकिस्तान का नेट रन रेट -0.150 है जो निराशाजनक है जिससे उसे जीत नहीं बल्कि बड़े अंतर से जीत की दरकार होगी। अभी तक दोनों मैच में 2009 की चैम्पियन उस तरह की मजबूत नहीं दिखी है जिसके लिए वह कभी मशहूर हुआ करती थी। बाबर आजम की कप्तानी पर भी कोई स्पष्टता नहीं दिखती। टीम में दो गुट हैं जिसमें एक कप्तान की अगुआई में उनके करीबी मित्र मोहम्मद रिजवान और शादाब खान का है जबकि दूसरे में हाल में कप्तानी से हटाये गये शाहीन शाह अफरीदी शामिल हैं। अभी तक दोनों मैच में पाकिस्तान के लिए खेल के किसी भी विभाग में दम नहीं दिखाया और अगर उन्हें थोड़ी उम्मीद बरकरार रखनी है तो मिलकर एकजुट प्रयास करने होंगे। बाबर और शादाब खान की बदौलत पाकिस्तान ने अमेरिका के खिलाफ सात विकेट पर 159 रन का स्कोर बनाया लेकिन इस लक्ष्य का बचाव नहीं कर पाया और सुपर ओवर में हार गया। वहीं भारत के खिलाफ 120 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए कोई भी पाकिस्तानी बल्लेबाज उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका और 59 डॉट गेंद खेलकर सात विकेट पर महज 113 रन ही बना सका। आगे आने वाले मुकाबलों में पाकिस्तान की सबसे बड़ी चिंता उसके बल्लेबाजों का प्रदर्शन है जिसमें फखर जमां, इमाद वसीम, शादाब खान और इफ्तिखार अहमद ने भारत के खिलाफ ढीला शॉट खेलकर अपनी परेशानी बढ़ायी। इस मैच में मोहम्मद रिजवान ने 44 गेंद खेकर 31 रन बनाये जबकि वसीम ने 15 रन बनाने के लिए 23 गेंद खेलीं। रविवार को पाकिस्तान के लिए अच्छी चीज उसके गेंदबाजों का प्रदर्शन रहा जिसमें नसीम शाह ने 21 रन देकर तीन जबकि मोहम्मद आमिर ने 23 रन देकर दो विकेट झटके। लेकिन बचे हुए दो मैचों में उसके मुख्य तेज गेंदबाज शाहीन को और अधिक जिम्मेदारी से गेंदबाजी करनी होगी। वहीं कनाडा ग्रुप ए में दो मैच में एक जीत से तीसरे स्थान पर काबिज है। अमेरिका से सात विकेट की हार के बाद कनाडा ने शानदार वापसी करते हुए अगले मैच में आयरलैंड को 12 रन से मात दी। नवनीत धालीवाल के रूप में कनाडा के पास शीर्ष क्रम का अनुभवी बल्लेबाज मौजूद है। कनाडा ने अमेरिका के खिलाफ 194 रन का स्कोर खड़ा किया था, हालांकि उसे हार मिली थी लेकिन अपने बल्लेबाजों के प्रदर्शन से सकारात्मक होकर खेल सकती है। टीम: कनाडा: साद बिन जफर (कप्तान), आरोन जॉनसन, रविंदरपाल सिंह, नवनीत धालीवाल, कलीम सना, डिलोन हेलिगर, जेरेमी गोर्डन, निखिल दत्ता, परगट सिंह, निकोलस किरटन, रेयानखान पठान, जुनैद सिद्दीकी, दिलप्रीत बाजवा, श्रेयस मोव्वा और ऋषिव जोशी। पाकिस्तान: बाबर आजम (कप्तान), अबरार अहमद, आजम खान, फखर जमां, हारिस राऊफ, इफ्तिखार अहमद, इमाद वसीम, मोहम्मद अब्बास अफरीदी, मोहम्मद आमिर, मोहम्मद रिजवान, नसीम शाह, सैम अयूब, शादाब खान, शाहीन शाह अफरीदी, उस्मान खान। मैच भारतीय समयानुसार रात आठ बजे शुरू होगा।  

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