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आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने अयोध्या के राम मंदिर को दी धमकी, अलर्ट जारी

अयोध्या अयोध्या के नवनिर्मित राम मंदिर को उड़ाने की एक बार फिर धमकी मिली है। इस बार धमकी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने दी है। इसका एक ऑडियो वायरल होने के बाद यूपी की योगी सरकार ने अलर्ट जारी कर दिया है। राम नगरी में तैनात सुरक्षा बलों को सतर्क कर दिया गया है। अलर्ट के बाद अयोध्या में रामकोट के सभी बैरियरों पर सघन चेकिंग अभियान के साथ जांच शुरू कर दी गई है। रामलला के दर्शन मार्ग पर भी श्रद्धालुओं की निगरानी बढ़ा दी गई है। बताया जाता है कि धमकी वाले ऑडियो में आमिर नामक जैश-ए-मोहम्मद आतंकी को कहते सुना जा रहा है कि हमारी मस्जिद को हटाकर मंदिर बनाया गया है। अब इसे बम से उड़ा दिया जाएगा। आतंकी कह रहा है कि हमारे तीन साथी कुर्बान हुए हैं और अब इस मंदिर को गिराना ही होगा। अलर्ट के साथ ही सुरक्षा एजेंसियां ऑडियो की जांच कर रही हैं। राज्य सरकार की तरफ से निर्देश के बाद केंद्र और प्रदेश सरकार की सभी एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। अयोध्या के राम मंदिर पर हमले की धमकी इससे पहले भी दो तीन बार मिल चुकी है। पिछले साल भी धमकी मिली थी। हालांकि तब फर्जी निकली थी। इससे पहले 2005 में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने यहां हमला भी किया था। अब एक बार फिर जैश-ए-मोहम्मद के नाम से अयोध्या में आतंकी हमले का ऑडियो वायरल हुआ तो सतर्कता तत्काल बढ़ा दी गई है। अलर्ट के बाद अयोध्या में सतर्कता बढ़ा दी गई है। मंदिर परिसर और आसपास के साथ ही बैरिकेडिंग आदि पर चेकिंग भी बढ़ाई गई है। रामपथ के साथ यहां जगह जगह मौजूद श्रद्धालुओं पर निगरानी बढ़ाने के साथ ही संदिग्ध वस्तुओं और गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट के आसपास भी सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी हो रही है। बस अड्डे पर भी संदिग्ध वस्तुओं की जांच हो रही है।  

मध्य प्रदेश में अब खनन की गतिविधियां पर निगरानी के लिए ड्रोन और सैटेलाइट सर्वे का उपयोग किया जाएगा

भोपाल  मध्य प्रदेश में राजस्व बढ़ाने के लिए नवाचार अपनाएं। अन्य राज्यों के अच्छे प्रयासों को अपनाने के साथ राज्य की परिस्थितियों के अनुसार अधिक प्रभावी कार्ययोजना बनाने के लिए विषय-विशेषज्ञों की सलाह ली जाए। राजस्व प्राप्तियां बढ़ाने के लिए ईमानदारी से काम हो। यह भी देखा जाए कि भूमि के वास्तविक मूल्य और जिस दर पर रजिस्ट्री हो रही है, उसमें अधिक अंतर न हो। प्रदेश के जिन स्थानों पर दरों में अधिक असमानता है, वहां दरों को समायोजित किया। यह निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजस्व से संबंधित विभागों के अधिकारियों की मुख्यमंत्री आवास स्थित कार्यालय में हुई बैठक में दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आबकारी से जुड़ी गतिविधियों में जो राजस्व की हानि होती है उसे रोकने और नियमानुसार सामग्री का विक्रय सुनिश्चित करने के लिए आकस्मिक निरीक्षण बढ़ाए जाएं। राजस्व, धर्मस्व सहित अन्य विभागों की भूमियों पर अतिक्रमण न हो और ऐसी भूमियों के महत्व अनुसार राजस्व प्राप्तियों में वृद्धि की दृष्टि से उनका उपयोग सुनिश्चित किया जाए। मध्य प्रदेश से निकलने वाले खनिज की निगरानी के लिए नई तकनीक का उपयोग करते हुए प्रदेश में नाकों की संख्या बढ़ाएं। खनन की गतिविधियां पर निगरानी के लिए ड्रोन और सैटेलाइट सर्वे का उपयोग किया जाए। खनिज व्यवसाय में प्रदेश के व्यवसायियों को प्रोत्साहित करने के साथ प्रदेश में खनिज आधारित उद्योगों को बढ़ाने के लिए नीति भी बनाई जाए। वन संपदा और लकड़ी पर आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करें। देश में जिन स्थानों पर लकड़ी की मांग अधिक है, वहां प्रदेश की श्रेष्ठ लकड़ी की नीलामी की व्यवस्था विकसित की जाए। बैठक में वैट, जीएसटी, पंजीयन एवं मुद्रांक, खनिज साधन, आबकारी, राजस्व, परिवहन, ऊर्जा, वन और सिंचाई क्षेत्र से प्राप्त होने वाले राजस्व के लक्ष्य, वर्तमान स्थिति और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की गई। इस दौरान मुख्य सचिव वीरा राणा, अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया, एनएन मिश्रा, डा. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त मनीष सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

गीता उपदेश: भाग्य और कठिन परिश्रम का जीवन में महत्व

Annagiri becomes the new president of IFS Association

धन, जीवनसाथी, संतान, बंगला, मोटर, मोक्ष, धर्म इत्यादि अनेक वस्तुओं को प्राप्त करने की उसकी उत्कृष्ठ इच्छा व कामना होती है। अर्थ, धर्म, काम, मोक्ष, इन चारों पदार्थों को मनुष्य को अपने बुद्धि, बल, विवेक से प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिये। धर्म से अर्थ (धन) प्राप्त करे, क्योंकि अधर्म से प्राप्त किया हुआ अर्थ अनर्थ बन जाता है। धर्म और अर्थ से प्राप्त काम के तृप्त हो जाने पर जीवन का अंतिम ध्येय मोक्ष प्राप्त करना होना चाहिये। इन चार पदार्थों में से धर्म और मोक्ष के लिए मनुष्य को सतत पुरुषार्थ करना चाहिये, उन्हें कदापि प्रारब्ध यानि भाग्य पर नहीं छोड़ना चाहिये। जबकि अर्थ और काम प्राप्त करने में मनुष्य को प्रारब्ध के ऊपर छोड़ देना चाहिये। उनके लिए पुरुषार्थ करने की आवश्यकता ही नहीं है। परंतु कलियुग के प्रभाव के कारण अधिकांश मनुष्य उससे उल्टी ही दिशा में चक्कर काट रहे हैं। अर्थ और काम को प्रारब्ध के ऊपर छोड़ देने के बदले उनके लिए मनुष्य सतत रात-दिन पुरुषार्थ करता है और अंत में प्रारब्ध के आगे ढीला पड़ जाता है। जबकि धर्म और मोक्ष जिनके लिए मनुष्य को सदा सर्वदा जाग्रत रहकर पुरुषार्थ करना चाहिये उन्हें बिल्कुल प्रारब्ध के ऊपर छोड़ देता है और इस प्रकार वह दोनों तरफ ही गोता खा जाता है। गीता के चार स्पष्ट आदेश – भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन के माध्यम से हमें चार स्पष्ट आदेश दिये हैं, कर्मण्येवाधिकारस्ते -तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने में ही है, जिसमें तुम पूर्णतया स्वतंत्र हो; मा फलेषु कदाचन – फल पर तुम्हारा कोई अधिकार नहीं, फल भोगने में तुम परतंत्र हो; मा कर्मफलहेतुर्भू – तुम कर्म के फल का हेतु मत बनो; और मा ते संगोऽस्तु अकर्मणि – तुम अकर्म में भी रत मत होओ। एक सनातन सत्य – महाभारत में महर्षि व्यास ने कहा है कि, ‘‘ऊर्ध्व बाहुः प्रवक्ष्यामि न च कश्चित् श्रुणोति मे।” ‘‘दोनों हाथ ऊंचा करके मैं सारे जगत को चेता रहा हूं पर कोई मेरी सुनता ही नहीं। अर्थ और काम का मैं शत्रु नहीं हूं। अर्थ और काम की बेशक उपासना करो पर धर्म की आड़ में रहकर तथा मोक्ष की प्राप्ति के लिए”। इस एक सनातन सत्य को मानवमात्र को बताने के लिए ऐतिहासिक दृष्टांत के रूप में उपयोग करके महर्षि व्यास ने सारी महाभारत रच डाली। आप भी प्राचीन ग्रंथों का अध्ययन अवश्य करें।

जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सागरताल पर जनप्रतिनिधियों के साथ सीएम यादव करेंगे श्रमदान

ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 15 जून को ग्वालियर आएंगे। ग्वालियर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव शहर के ऐतिहासिक सागरताल के सौंदर्यीकरण व जीर्णोद्धार कार्य में जनप्रतिनिधियों के साथ सामूहिक श्रमदान कर जिलेवासियों को “जल गंगा संवर्धन अभियान” में सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश देंगे। साथ ही शहर में नवनिर्मित शंकरपुर क्रिकेट स्टेडियम में IPL की तर्ज पर आयोजित होने जा रही MPL– 2024 (मध्यप्रदेश लीग-सिंधिया कप) के उदघाटन कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रस्तावित ग्वालियर यात्रा की तैयारी के सिलसिले में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह व जिला भाजपा अध्यक्ष अभय चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं संभाग आयुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस महानिरीक्षक अरविंद सक्सेना, कलेक्टर रुचिका चौहान एवं पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने कार्यक्रम स्थलों पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त हर्ष सिंह, जिला पंचायत सीईओ विवेक कुमार व अपर कलेक्टर अंजू अरुण कुमार व श्री टी एन सिंह सहित जिला प्रशासन, नगर निगम व पुलिस के अन्य अधिकारी मौजूद थे। ऊर्जा मंत्री तोमर व सांसद कुशवाह एवं संभाग आयुक्त डॉ. खाड़े ने कहा कि व्यवस्थायें ऐसी हों, जिससे सागरताल पर आम नागरिक आसानी से पहुंच सकें। साथ ही शहर का आवागमन भी प्रभावित न हो। जनप्रतिनिधिगणों एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने सागरताल एवं शंकरपुर स्थित नवनिर्मित क्रिकेट स्टेडियम पहुंचकर व्यवस्थायें देखीं। साथ ही यहाँ की व्यवस्थाओं से जुड़े अधिकारियों से चर्चा की। संभाग आयुक्त एवं कलेक्टर ने सागरताल के समीप स्थापित किए गए वाटर हार्वेस्टिंग के नमूने का जायजा भी लिया।

नीट पेपर लीक केस में SC ने खारिज की NTA की CBI जांच वाली याचिका, केंद्र सरकार को भेजा नोटिस

नई दिल्ली नीट-यूजी परीक्षा में ‘पेपर लीक’ के आरोपों की सीबीआई जांच की मांग वाली अर्जी सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई। शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को इसके समेत 7 अर्जियों पर सुनवाई करते हुए एनटीए और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इसके साथ ही अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 8 जुलाई तय कर दी है। कुल 7 अर्जियों में से एक में कहा गया था कि पेपर लीक के आरोप की सीबीआई से जांच करानी चाहिए। इस पर अदालत ने एनटीए और केंद्र को नोटिस जारी किया है। यही नहीं अदालत ने कहा कि हम इन अर्जियों पर भी अन्य लंबित याचिकाओं के साथ ही 8 जुलाई को सुनवाई करेंगे। बता दें कि पहले ही इस मामले में कई अर्जियां कोर्ट में हैं। इन पर ही सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत में सरकार ने गुरुवार को बताया था कि नीट परीक्षा में 1563 छात्रों को ग्रेस मार्क्स मिले थे, जिन्हें रद्द किया जा रहा है। अब इन छात्रों के लिए 23 जून को फिर से परीक्षा की जाएगी। जो भी छात्र उसमें हिस्सा लेना चाहते हैं, वह बैठ सकते हैं। इसके अलावा जो छात्र दोबारा परीक्षा में नहीं बैठेंगे, उनकी मेरिट बिना ग्रेस मार्क्स के साथ ही बनेगी। परीक्षा देने वालों की मेरिट नए रिजल्ट के साथ तैयार की जाएगी। दोबारा होने वाली परीक्षा का परिणाम 30 जून को आएगा। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने अलग-अलग हाई कोर्ट्स में दाखिल अर्जियों को ट्रांसफर करने की मांग पर भी नोटिस जारी किया है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की अवकाशकालीन पीठ ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के वकील की इस दलील का संज्ञान लिया कि विभिन्न उच्च न्यायालयों में अनेक याचिकाएं लंबित हैं। इनमें ‘राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक’ (नीट-यूजी), 2024 को प्रश्नपत्र लीक होने और अन्य गड़बड़ियों के आरोपों में निरस्त करने की मांग की गई है। पीठ ने नोटिस जारी करने का आदेश देते हुए कहा कि आठ जुलाई को इस पर सुनवाई होगी। इस बीच एनटीए ने कहा कि वह मामलों को उच्च न्यायालयों से उच्चतम न्यायालय में हस्तांतरित करने के अनुरोध वाली तीन अन्य याचिकाओं को वापस लेना चाहती है। वे पांच मई को परीक्षा के दौरान समय बर्बाद होने के आधार पर 1,563 उम्मीदवारों को कृपांक दिए जाने से संबंधित हैं। एनटीए के वकील ने कहा कि मुद्दे का निपटारा हो गया है और वह 1,563 अभ्यर्थियों को दिए गए कृपांक को निरस्त करने के 13 जून के शीर्ष अदालत के आदेश के बारे में उच्च न्यायालय को सूचित कर देंगे।  

चंद्रबाबू नायडू की दर्शन के बाद शपथ, कहा- हिंदू धर्म की रक्षा करेंगे, तिरुपति मंदिर की होगी शुद्धि

A group of Shiva devotees left for Amarnath darshan, will pray for the prosperity of the area.

नई दिल्ली आंध्र प्रदेश के नए सीएम चंद्रबाबू नायडू तिरुपति मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे। परिवार समेत भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन के बाद चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि हम मंदिर का शुद्धिकरण करेंगे और जो गलत चीजें शुरू हुई हैं, उन्हें दूर किया जाएगा। नायाडू ने कहा कि हम हिंदू आस्था की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि तिरुमला तिरुपति देवस्थानम के ट्रस्ट में काफी गड़बड़ियां हैं। इन्हें दूर किया जाएगा। उनका इशारा जगन मोहन रेड्डी सरकार के दौर में हुए बदलावों की ओर था। उन्होंने कहा कि मैं तिरुमला में करप्शन को खत्म करने और हिंदू आस्था की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हूं। इस दौरान नायडू ने सीधे तौर पर पूर्व की जगनमोहन रेड्डी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तिरुपति तिरुमला देवस्थानम में जगनमोहन सरकार ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। अब हम उसे दूर करेंगे। उन्होंने कहा कि हम राज्य में सफाई अभियान की शुरुआत तिरुमला से करेंगे। उन्होंने कहा, ‘तिरुमला में कुछ और नहीं सिर्फ गोविंदा का नाम ही गूंजेगा। पवित्र तिरुमला को खराब करना सही नहीं है। आप जब तिरुपति आते हैं तो यहां बैकुंठ जैसा महसूस होना चाहिए। यहां ओम नमो वेंकटेशाय के अलावा कोई और नारा नहीं गूंजना चाहिए।’ रेड्डा सरकार पर बरसते हुए नायडू ने कहा कि बीते 5 सालों में यहां की व्यवस्था बहुत खराब हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने तो इस मंदिर को बाजार के हवाले कर दिया था। उन्होंने कहा कि यहां प्रसाद अच्छी क्वॉलिटी का होना चाहिए। रेट नहीं बढ़ना चाहिए। इसके अलावा दर्शन के लिए ब्लैक मार्केट में टिकट की बिक्री होना भी गलत है। उन्होंने कहा कि आस्था के इस सच्चे केंद्र को जगनमोहन सरकार ने गांजा, शराब और नॉन-वेज खाने का केंद्र बना दिया था। बता दें कि तिरुमला को लेकर एक विवाद बीते साल भी हुआ था, जब जगन सरकार ने तिरुपति से वाईएसआर कांग्रेस के विधायक करुणाकर रेड्डी को ट्रस्ट का अध्यक्ष बना दिया था। इसे लेकर टीडीपी ने निशाना साधा था। उसका कहना था कि करुणाकर को अध्यक्ष बनाना गलत है क्योंकि उनका हिंदू धर्म से ताल्लुक ही नहीं है और वह ईसाई मत को मानते हैं। टीडीपी के सचिव बुची राम प्रसाद ने कहा था, ‘उनका तो हिंदुत्व में कोई यकीन ही नहीं है। उनके ईसाई कनेक्शंस के बारे में कोई नहीं जानता।’  

रायपुर में स्टील कारोबारी से 43 लाख की ठगी, फर्जी बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करवाए रुपए

रायपुर राजधानी रायपुर में एक ठग ने खुद को स्टील कंपनी का एजेंट बताकर कारोबारी से 43 लाख रुपए की ठगी कर ली है। ठग इतना शातिर था कि उसने रकम वसूलने के लिए फर्जी बिल भी बनवाए। फिर पैसों को फर्जी अकाउंट नंबर पर ट्रांसफर करवा लिए। जब कारोबारी ने स्टील कंपनी के अकाउंटेंट से बात की तो ठगी के पूरे मामले का पता चला। फिलहाल इस मामले में मोवा पुलिस FIR दर्ज कर ठग की तलाश कर रही है। रायपुर के स्टील कारोबारी किशोर राजदेव ने FIR में पुलिस को बताया कि उसकी राजदेव स्टील प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कंपनी है। 25 मई को संजय सिंह नाम के एक व्यक्ति का उनके पास फोन आया। उसने खुद को दुर्गापुर के पारसनाथ रोलिंग मिल्स लिमिटेड का एजेंट बताया। संजय सिंह ने उसे फर्म में रखे लोहे का कच्चा माल(बिलेट) बेचने की बात कही। दोनों के बीच 130 मैट्रिक टन का सौदा हुआ। किशोर ने ट्रांसपोर्ट के लिए फैक्ट्री में गाड़ियां भेज दी। फर्जी बैंक खाते में पैसे वसूले दूसरी ओर ठग ने किशोर के पत्नी के व्हाट्सएप पर फर्जी बिल भेज दिए। फिर उन्हें अपने लिए बैंक खाते में पैसे भेजने के लिए कहा। किशोर में संजय सिंह के दिए बैंक अकाउंट में 43 लाख 23 हजार रुपए डलवा दिए। इस बीच बिल में दी गई रकम में कारोबारी को शक हुआ तो उन्होंने कंपनी के अकाउंटेंट को संपर्क किया। पता चला कि ठग ने किसी फर्जी सुषमा कुमारी के अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करवाए लिए है। जिसके बाद पूरा मामला मोवा पुलिस थाने पहुंचा।

शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा की बढ़ी मुश्किलें, धोखाधड़ी के आरोप पर कोर्ट ने दिए जांच के आदेश

BS Yediyurappa gave money to the victim to keep her mouth shut… CID

मुंबई मुंबई की एक अदालत ने पुलिस को फिल्म अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी कुंद्रा, उनके पति राज कुंद्रा (Shilpa Shetty and Raj Kundra) और अन्य के खिलाफ ‘स्वर्ण निवेश योजना’ में एक निवेशक के साथ धोखाधड़ी की शिकायत की जांच करने का निर्देश दिया है. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एनपी मेहता ने मंगलवार को पारित आदेश में कहा कि कुंद्रा दंपती, उनके द्वारा स्थापित कंपनी सतयुग गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड तथा कंपनी के दो निदेशकों एवं एक कर्मचारी के खिलाफ प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध बनता है. इसके साथ ही अदालत ने बीकेसी पुलिस थाने को ऋद्धि सिद्धि बुलियंस के प्रबंध निदेशक पृथ्वीराज कोठारी की तरफ से की गई शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया. न्यायाधीश ने पुलिस को कहा कि यदि आरोपियों का कोई संज्ञेय अपराध पाया जाता है तो धोखाधड़ी एवं आपराधिक विश्वासघात के लिए भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए. कोठारी ने अपने वकीलों के जरिये दर्ज की गई शिकायत में कहा है कि कुंद्रा दंपती ने 2014 में एक योजना शुरू की थी. इसमें निवेश के इच्छुक व्यक्ति को योजना के लिए आवेदन करते समय रियायती दर पर सोने का अग्रिम भुगतान करने की बात कही गई थी. परिपक्वता पर उसे तय मात्रा में सोना दिया जाना था. शिकायत के मुताबिक, आरोपी व्यक्तियों की तरफ से किए गए दावों के आधार पर कोठारी ने पांच साल की योजना के तहत 90,38,600 रुपये का निवेश इस आश्वासन पर किया कि उसे दो अप्रैल, 2019 को 5,000 ग्राम 24 कैरेट सोना दिया जाएगा। हालांकि उसे वादे के अनुरूप कभी भी उक्त सोने की मात्रा नहीं दी गई.  शिकायत में कहा गया है कि इस तरह आरोपियों ने एक पूरी तरह से फर्जी योजना बनाकर साजिश रची और एक साथ मिलकर आईपीसी धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत दंडनीय अपराध किया है.

EPFO के करोडो सब्सक्राइबर्स नहीं उठा पाएंगे इस सुविधा फायदा

नई दिल्ली  प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों के लिए जरूरी खबर है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने कोविड-19 एडवांस फैसिलिटी को तत्काल प्रभाव से बंद करने की घोषणा की है। कोरोना महामारी की पहली लहर के दौरान ईपीएफ सदस्यों को नॉन-रिफंडेबल एडवां की सुविधा दी गई थी। इसके बाद महामारी की दूसरी लहर के मद्देनजर 31 मई, 2021 से एक और एडवांस की अनुमति भी दी गई थी। ईपीएफओ ने 12 जून, 2024 को जारी एक सर्कुलर में इस सुविधा को बंद करने की घोषणा की है। उसका कहना है कि अब कोविड-19 महामारी नहीं रह गई है, इसलिए तत्काल प्रभाव से एडवांस फैसिलिटी को बंद करने का निर्णय लिया है। यह फैसला छूट प्राप्त ट्रस्टों पर भी लागू होगा। निजी क्षेत्र में काम करने वाले वर्कर्स की बेसिक सैलरी पर 12% की कटौती ईपीएफ अकाउंट के लिए की जाती है। साथ ही कंपनी भी इतना ही पैसा कर्मचारी के पीएफ खाते में जमा करती है। ईपीएफ खातों से पैसे निकालने का प्रावधान पहली बार मार्च 2020 में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (PMGKY) के तहत घोषित किया गया था। जून 2021 में श्रम मंत्रालय ने घोषणा की कि ईपीएफ सदस्य अपने ईपीएफ अकाउंट्स से दूसरा नॉन-रिफंडेबल एडवांस प्राप्त कर सकते हैं। इससे पहले ईपीएफ सदस्यों के लिए केवल वन-टाइम एडवांस की सुविधा थी। ईपीएफओ अपने सदस्यों को तीन महीने के मूल वेतन और महंगाई भत्ते या ईपीएफ खाते में उपलब्ध राशि का 75%, जो भी कम हो, नॉन-रिफंडेबल विड्रॉल की अनुमति देता है। हालांकि, सदस्य कम राशि के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। मकान, विवाह और शिक्षा से संबंधित एडवांस क्लेम के लिए EPFO ने ऑटो-मोड सेटलमेंट लागू किया है। कोविड एडवांस फैसिलिटी कोविड एडवांस के रूप में ईपीएफ सब्सक्राइबर तीन महीने के मूल वेतन और महंगाई भत्ते के बराबर या अकाउंट में शेष राशि का 75 प्रतिशत तक, जो भी कम हो, नॉन-रिफंडेबल विड्रॉल कर सकते थे। इसके लिए सदस्य या एम्प्लॉयर को कोई प्रमाण पत्र या दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं थी। यदि कोई कर्मचारी, उसके माता-पिता, जीवनसाथी या बच्चे कोविड के कारण बीमार हो जाते तो सदस्य को पैसा निकालने की सुविधा थी। इस प्रकार की ईपीएफ निकासी में कोई लॉक-इन अवधि या न्यूनतम सेवा आवश्यकता नहीं थी। आंकड़ों के मुताबिक कुल 2.2 करोड़ सब्सक्राइबर्स ने कोरोना एडवांस सुविधा का लाभ उठाया जो ईपीएफओ के कुल सदस्यों की संख्या का एक तिहाई से ज्यादा है। यह सुविधा 2020-21 में शुरू हुई थी और तीन साल तक रही। इस दौरान पीएफ सब्सक्राइबर्स ने कोरोना एडवांस के रूप में 48,075.75 करोड़ रुपये निकाले। ईपीएफओ की ड्राफ्ट एन्युअल रिपोर्ट 2022-23 में यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक ईपीएफओ ने 2020-21 में 17,106.17 करोड़ रुपये वितरित किए जिससे 69.2 लाख सब्सक्राइबर्स को फायदा हुआ। साल 2021-22 में 91.6 लाख सब्सक्राइबर्स ने इस सुविधा का लाभ उठाया और 19,126.29 लाख करोड़ रुपये निकाले।

समाजवादी पार्टी को यूपी विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष का पद वापस मिला

While discussing NEET paper, Rahul Gandhi's mic was switched off again in Parliament

लखनऊ समाजवादी पार्टी के लिए फिलहाल यूपी में ‘अच्छे दिन’ चल रहे हैं। लोकसभा चुनाव में सबसे बड़ी जीत हासिल करने के बाद अब उसे एक और कुर्सी मिलने जा रही है। दो साल पहले विधान परिषद में जो उसने नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी गंवाई थी, जुलाई में होने वाले विधानमंडल सत्र में उसे वह वापस मिल जाएगी। क्योंकि, सदस्य संख्या के कोरम को उसने पूरा कर लिया है। अब दोनों सदनों में ही उसके पास नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी होगी। वहीं, कांग्रेस के बाद बसपा भी आधिकारिक तौर पर परिषद में शून्य हो चुकी है। 6 जुलाई 2022 के पहले विधान परिषद में सपा ने लाल बहादुर यादव को पार्टी ने नेता प्रतिपक्ष बनाया था। 6 जुलाई को परिषद के 12 सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो गया। इनका चुनाव विधायक करते हैं। विधानसभा में सदस्य संख्या के आधार पर सपा के 3 ही सदस्य ही चुनकर आ पाए। इससे उसके पास 9 ही सदस्य रह गए। नेता प्रतिपक्ष के लिए 10% सदस्य होने आवश्यक हैं। सपा से नेता प्रतिपक्ष का दर्जा छीन लिया गया। वहीं, स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी सपा के एमएलसी पद से इस्तीफा दे दिया था। परिषद के 13 सदस्यों का कार्यकाल मई के पहले हफ्ते में खत्म हो गया था। इसमें सपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल भी शामिल थे। ऐसे में सपा के 7 सदस्य ही रह गए थे। मार्च में 13 सीटों पर हुए चुनाव में सपा को 3 सीटें मिली हैं। शुक्रवार को शपथ ग्रहण के बाद सपा की सदस्य संख्या अब 10 हो गई है। पार्टी जल्द ही नेता प्रतिपक्ष के लिए नाम का चयन कर सभापति के पास भेजेगी। भाजपा के पास अब 78 सदस्य, सुभासपा भी पहली बार उच्च सदन में मई में हुए चुनाव में NDA के खाते में परिषद की 10 सीटें आई थीं। इसमें 7 भाजपा, 1 अपना दल (एस), 1 रालोद और 1 सुभासपा को मिली थी। विधान परिषद में भाजपा के अभी 71 सदस्य हैं। शुक्रवार को 7 और सदस्यों के शपथ लेने के बाद यह संख्या बढ़कर 78 हो जाएगी। वहीं, 6 साल बाद विधान परिषद में फिर रालोद की वापसी होगी। 5 मई 2018 को उसके एकमात्र सदस्य चौधरी मुश्ताक अहमद का कार्यकाल खत्म हो गया था। इसके बाद रालोद के पास परिषद में पहुंचने लायक सदस्य संख्या ही नहीं रही। इस बार भाजपा के सहयोग से पार्टी की फिर उच्च सदन में वापसी हुई है। वहीं, ओम प्रकाश राजभर की पार्टी सुभासपा की भी परिषद में एंट्री हो गई है। बिच्छेलाल राजभर सुभासपा की अगुआई करेंगे। जबकि, यह पहली बार होगा कि यूपी में राजनीति करने वाली दो राष्ट्रीय पार्टियों कांग्रेस व बसपा का कोई प्रतिनिधि परिषद में नहीं होगा। कांग्रेस जुलाई 2022 में जीरो हो गई थी और बसपा 4 मई के बाद शून्य हो चुकी है। दो सीटें अब भी खाली विधान परिषद में दो सीटें अब भी खाली हैं। इसमें एक सीट तो हाल में ही पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद के पीलीभीत से सांसद चुने जाने के बाद खाली हुई है। वह नामित कोटे में एमएलसी थे। इस पर सरकार की संस्तुति पर राज्यपाल सदस्य मनोनीत करते हैं। इसलिए, यह सीट फिर से भाजपा के खाते में जानी तय है। वहीं, स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफा दिए जाने के चलते भी एक सीट खाली है, जिस पर उपचुनाव होना है। उनका कार्यकाल जुलाई 2028 तक था। इसलिए, बची अवधि के लिए नया चेहरा चुना जाएगा। सदस्य संख्या के आधार पर उपचुनाव में यह सीट भी सत्ता पक्ष के खाते में ही जाएगी।  

बढ़ती उम्र का हवाला देते हुए दिग्गज फुटबॉलर ने कहा कि अब वो समय नहीं रहा कि वह हर टूर्नामेंट में खेल सकें : मेसी

नई दिल्ली अर्जेंटीना के विश्वकप विजेता फुटबॉलर लियोनल मेसी क्या अगले ओलंपिक में खेलते दिखाई देंगे? इस सवाल का जवाब मिल गया है। खुद मेसी ने स्पष्ट किया है कि वह इस ओलंपिक में नहीं खेलेंगे। बढ़ती उम्र का हवाला देते हुए दिग्गज फुटबॉलर ने कहा कि अब वो समय नहीं रहा कि वह हर टूर्नामेंट में खेल सकें। उन्होंने कहा कि अपने वर्कलोड को बहुत सावधानी के साथ मैनेज करने की जरूरत है। आठ बार बैलन डि ओर विजेता फिलहाल कोपा अमेरिका टूर्नामेंट के लिए तैयारियों में जुटे हुए हैं। अर्जेंटीनी टीम कोपा अमेरिका विजेता है और इस बार उसकी नजरें फिर से टूर्नामेंट में जीतने पर होंगी। कोपा अमेरिका टूर्नामेंट यूएस में 20 जून से 14 जुलाई तक खेला जाएगा। अब वो उम्र नहीं रही लियोनेल मेसी 2008 के बीजिंग ओलंपिक्स में अर्जेंटीना के लिए गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। उस वक्त उनके साथ अंडर 23 के कोच जेवियर मैस्केरानो उनके साथी थे। अब जेवियर ने मेसी को खासतौर पर ओलंपिक के लिए टीम से जुड़ने का न्यौता भेजा था। असल में ओलंपिक के लिए टीमों को तीन ओवरएज खिलाड़ियों को अपने साथ रखने की इजाजत है। इसको देखते हुए जेवियर ने मेसी के सामने यह बात रखी थी। ईएसपीएन से बातीचत में में मेसी ने कहा कि मैंने मैस्केरानो से इसे बारे में बात की है। सच्चाई यह है कि हम दोनों की हालात को समझते हैं। उन्होंने कहा कि अभी तो ओलंपिक के बारे में सोचना भी कठिन है। हम कोपा अमेरिका में हैं। कम से दो से तीन महीने क्लब से दूर रहना होगा। फिर अब वो उम्र भी नहीं रही, कि मैं हर टूर्नामेंट में खेलता नजर आऊं। कहा-मैं खुशनसीब हूं मेसी ने आगे कहा कि मैं बहुत खुशनसीब हूं कि मुझे ओलंपिक्स में खेलने का मौका मिला है। यहां पर मैंने मैस्केरानो के साथ मिलकर जीत भी हासिल की है। ओलंपिक्स और अंडर 20 की यादें बेहद खास हैं। मेसी अमेरिका में अपनी राष्ट्रीय टीम के साथ कोपा अमेरिका की तैयारी कर रहे हैं। अर्जेंटीना इस टूर्नामेंट का पिछला चैंपियन है। मेसी की अगुवाई में अर्जेंटीना ने 2022 में कतर में विश्व कप जीता था। बार्सिलोना के पूर्व स्टार मेसी का इंटर मियामी के साथ अनुबंध 2025 के सत्र के समापन तक है। उन्होंने कहा कि यूरोप से यहां आने का फैसला मुश्किल था। विश्व चैंपियन बनने से बहुत मदद मिली, और चीजों को अलग तरह से देखने का मौका भी मिला। लेकिन मैं इस बारे में नहीं सोचता। मैं खेल का आनंद लेने का प्रयास करता हूं।  

टी20 विश्वकप में न्यूजीलैंड टीम ग्रुप स्टेज से बाहर, 1987 के बाद पहली बार हुआ ऐसा

नई दिल्ली  टी20 विश्वकप में न्यूजीलैंड की टीम ग्रुप स्टेज से बाहर हो गई है। लंबे अरसे बाद ऐसा हुआ है जब कीवी टीम को इस शर्मनाक स्थिति का सामना करना पड़ा। इससे पहले साल 1987 में न्यूजीलैंड की टीम को जल्दी बाहर होना पड़ा था। तब से अब तक यह पहली बार हुआ है जब न्यूजीलैंड की टीम किसी विश्वकप में ग्रुप स्टेज से ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है। न्यूजीलैंड की टीम ग्रुप सी में और पांच टीमों में सबसे फिसड्डी साबित हुई है। वह अपने दोनों शुरुआती मुकाबले हार चुकी है। इस तरह न्यूजीलैंड की उम्मीदों का करारा झटका लगा है। वर्ल्ड कप में अच्छा रहा है प्रदर्शन पिछले कुछ अरसे से आईसीसी इवेंट्स में न्यूजीलैंड की टीम का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। खासतौर पर विश्वकप में कीवी टीम की परफॉर्मेंस में निरंतरता रही है। वह पिछले तीन वनडे विश्व कप और तीन टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचा था। लेकिन इस साल न्यूजीलैंड की किस्मत पहले ही मैच से रूठ गई। अफगानिस्तान के खिलाफ पहले मैच में न्यूजीलैंड के बल्लेबाज नहीं चल पाए। उसकी पूरी टीम 15.2 ओवर में 75 रन पर आउट हो गई जिससे उसे 84 रन से हार का सामना करना पड़ा। इससे उसका नेट रन रेट भी गड़बड़ा गया। एक से बढ़कर एक शानदार फील्डर्स से भरी न्यूजीलैंड की टीम ने इस मैच में कैचेज भी खूब टपकाए। उलटा पड़ा विलियमसन का दांव पहले मैच में हार के बाद न्यूजीलैंड का अगला मुकाबला मेजबान वेस्टइंडीज से था। टूर्नामेंट में बने रहने के लिए कीवी टीम को यह मैच जीतना जरूरी था। लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ तेज गेंदबाजों का जल्दी इस्तेमाल करने का केन विलियमसन का दांव उनकी टीम के लिए उलटा पड़ गया। मैच के 18वें ओवर तक ट्रेंट बोल्ट (चार ओवर में 16 रन पर तीन विकेट) और लॉकी फर्ग्यूसन (चार ओवर में 27 रन पर दो विकेट) के ओवर खत्म हो गए और विलियमसन को आखिरी दो ओवरों के लिए मध्यम तेज गेंदबाज डेरिल मिचेल और बाएं हाथ के स्पिनर मिचेल सैंटनर पर निर्भर रहना पड़ा। वेस्टइंडीज के बल्लेबाज शेरफेन रदरफोर्ड ने इसका फायदा उठाते हुए 39 गेंदों में नाबाद 68 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने आखिरी दो ओवर मे चार छक्कों सहित 37 रन बनाए। मैच के नतीजे पर पड़ा असर इससे टी20 वर्ल्ड मैच के नतीजे पर भी काफी फर्क पड़ा, क्योंकि वेस्टइंडीज ने नौ विकेट पर 112 रन से नौ विकेट पर 149 रन बनाए और फिर कीवी टीम को नौ विकेट पर 136 रन पर रोक दिया। विलियमसन ने मैच के बाद इसको लेकर अफसोस भी जताया। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि मिचेल और सैंटनर ने जो भी ओवर फेंके, उस पर रन बनने वाले थे। आपको इस तरह की चीजों से निपटना होता है। उन्होंने आगे कहा कि मुझे लगता है कि टी20 क्रिकेट में आजकल जो टीमें काफी गहराई तक बल्लेबाजी कर रही हैं…आप हमेशा बिल्ली और चूहे का खेल खेलने की कोशिश कर रहे हैं।  

कच्‍चा स्‍प्राउट्स खाना हेल्‍थ के लिए होता है नुकसानदायक

    यद‍ि आप एक हेल्‍दी डायट फॉलो करते हैं, तो आपकी थाली में नियमित रूप से स्‍प्रोउट्स मौजूद होते होंगे। इन छोटे अंकुरित बीजों में उच्च विटामिन और खनिज की भरमार होती है, जो इसे न्‍यूट्रिशन का पावरहाउस बनाता है। यह कैलोरी में कम, प्रोटीन, फोलेट, मैग्नीशियम, फास्फोरस, मैंगनीज और विटामिन सी और के से भरपूर होते हैं। स्‍प्राउट्स को जिस प्रकार से तैयार किया जाता है, वह इसे और भी ज्‍यादा पौष्‍टिक बना देता है। इसलिए यह फिटनेस और वजन घटाने वालों के बीच अत्यधिक पसंदीदा स्नैक आइटम है। इन्‍हें खाने से पाचन में सुधार, ब्‍लड शुगर लेवल कंट्रोल करने में मदद मिलती है। हालांकि, कच्चे स्प्राउट्स खाने को अक्सर फूड पॉइजनिंग के मामलों से जोड़ा जाता है। जिन लोगों के मन में अक्‍सर यह सवाल आता है कि स्‍प्राउट्स को कच्‍चा खाएं या पकाकर, तो आज हम इसी बात को लेकर चर्चा करेंगे। कच्चा स्प्राउट्स दे सकता है फूड पॉइजनिंग कच्चे स्प्राउट्स ज्यादातर ई-कोलाई और साल्मोनेला जैसे हानिकारक बैक्टीरिया की उपस्थिति के कारण फूड पॉइजनिंग से जुड़े होते हैं। बींस और सीड्स ज्यादातर गर्म और नम स्थितियों में अंकुरित होते हैं, जो ऐसे बैक्‍टीरिया के विकास के लिए एकदम सही है। ज्यादातर लोग स्प्राउट्स खाने के 12-72 घंटे बाद दस्त,पेट में ऐंठन और उल्टी जैसे फूड पॉइजनिंग के लक्षण अनुभव करते हैं। ये लक्षण शायद ही कभी घातक होते हैं, लेकिन बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के मामले में गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकते हैं। पाचने में होगी मुश्‍किल विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे स्प्राउट्स पके हुए स्‍प्राउट्स की तुलना में पचाने में मुश्किल होते हैं। आपका शरीर बीज और फलियों के सभी पोषक तत्वों को कच्चे रूप में अवशोषित नहीं कर सकता है। स्प्राउट्स को थोड़ा पकाने से पोषक तत्व शरीर में आसानी से समा जाते हैं। किडनी से जुड़ी बीमारियां ज्यादा मात्रा में कच्चा स्प्राउट्स खाने से इसमें मौजूद लिस्टीरिया नामक बैक्टीरिया किडनी पर बुरा असर डाल सकता है। इससे किडनी की परेशानी की आशंका बढ़ जाती है। स्प्राउट्स खाने का सही तरीका बहुत से लोग रोजाना कच्चे स्प्राउट्स का सेवन करते हैं और फिर भी उन्हें कभी किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है। हालांकि, आपकी सुरक्षा के लिए, पैन में थोड़ा सा तेल डालें और स्प्राउट्स के बैक्टीरिया को मारने के लिए थोड़ी देर के लिए हिलाएं या फिर नमक के पानी में 5-10 मिनट तक उबालें। इस तरह पका कर खाने से आपके पाचन तंत्र और पोषक तत्वों के अवशोषण के लिए और भी बेहतर है। यदि आपका इम्‍यून सिस्‍टम हेल्‍दी है और कच्चे स्प्राउट्स के सेवन से आपको कभी कोई समस्या नहीं हुई है, तो आपको इसे जारी रखना चाहिए। यदि आप अपने पेट को लेकर अक्‍सर परेशान रहते हैं, तो अच्‍छा होगा कि इसे थोड़ा पकाकर ही खाएं।

इंद्रेश कुमार ने सत्तारूढ़ बीजेपी को ‘अहंकारी’ और विपक्षी इंडिया ब्लॉक को ‘राम विरोधी’ करार दिया

Kansotiya removed from forest department due to PP mode, Varnwal got command for the second time

जयपुर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नेता इंद्रेश कुमार ने लोकसभा चुनाव के नतीजे पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने सत्तारूढ़ बीजेपी को ‘अहंकारी’ और विपक्षी इंडिया ब्लॉक को ‘राम विरोधी’ करार दिया है. इंद्रेश कुमार ने कहा, राम सबके साथ न्याय करते हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव को ही देख लीजिए. जिन्होंने राम की भक्ति की, लेकिन उनमें धीरे-धीरे अंहकार आ गया. उस पार्टी को सबसे बड़ी पार्टी बना दिया. लेकिन जो उसको पूर्ण हक मिलना चाहिए, जो शक्ति मिलनी चाहिए थी, वो भगवान ने अहंकार के कारण रोक दी. इंद्रेश कुमार ने आगे कहा, जिन्होंने राम का विरोध किया, उन्हें बिल्कुल भी शक्ति नहीं दी. उनमें से किसी को भी शक्ति नहीं दी. सब मिलकर भी नंबर-1 नहीं बने. नंबर-2 पर खड़े रह गए. इसलिए प्रभु का न्याय विचित्र नहीं है. सत्य है. बड़ा आनंददायक है. गुरुवार को इंद्रेश कुमार जयपुर के पास कानोता में ‘रामरथ अयोध्या यात्रा दर्शन पूजन समारोह’ को संबोधित कर रहे थे. इंद्रेश आरएसएस के राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य भी हैं. हालांकि, उन्होंने अपने बयान में किसी पार्टी का नाम नहीं लिया. लेकिन उनका इशारा साफ तौर पर पक्ष-विपक्ष की तरफ संकेत दे रहा था. लोकतंत्र में राम राज्य का विधान देखिए… इंद्रेश ने बीजेपी के संदर्भ में कहा, जिस पार्टी ने (भगवान राम की) भक्ति की, लेकिन अहंकारी हो गई, उसे 241 पर रोक दिया गया, लेकिन उसे सबसे बड़ी पार्टी बना दिया गया. उन्होंने स्पष्ट रूप से इंडिया ब्लॉक का जिक्र करते हुए कहा, और जिनकी राम में कोई आस्था नहीं थी, उन्हें एक साथ 234 पर रोक दिया गया. उन्होंने आगे कहा, लोकतंत्र में रामराज्य का विधान देखिए, जिन्होंने राम की भक्ति की लेकिन धीरे-धीरे अहंकारी हो गए, वो पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन जो वोट और ताकत मिलनी चाहिए थी, वो भगवान ने उनके अहंकार के कारण रोक दी. जिन्होंने राम का विरोध किया, उनमें किसी को सत्ता नहीं दी उन्होंने कहा, जिन्होंने राम का विरोध किया, उनमें से किसी को भी सत्ता नहीं दी गई. यहां तक ​​कि उन सभी को एक साथ नंबर दो बना दिया गया. भगवान का न्याय सच्चा और आनंद दायक है. उन्होंने कहा, जो लोग राम की पूजा करते हैं उन्हें विनम्र होना चाहिए और जो राम का विरोध करते हैं, भगवान स्वयं उनसे निपटते हैं. भगवान राम भेदभाव नहीं करते हैं उन्होंने कहा कि भगवान राम भेदभाव नहीं करते और दंड नहीं देते. राम किसी को विलाप नहीं कराते. राम सबको न्याय देते हैं. वो देते हैं और देते रहेंगे. भगवान राम हमेशा न्यायप्रिय हैं और न्यायप्रिय रहेंगे. इंद्रेश ने यह भी कहा, भगवान राम ने लोगों की रक्षा की और रावण का भी भला किया. मोहन भागवत ने क्या कहा था? इंद्रेश कुमार की यह टिप्पणी आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान के कुछ दिन बाद आई है. मोहन भागवत ने कहा था कि एक सच्चे ‘सेवक’ में अहंकार नहीं होता और वो ‘गरिमा’ बनाए रखते हुए लोगों की सेवा करता है. नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में मोहन भागवत ने आगे कहा था, जो सच्चे सेवक हैं, जिसे वास्तविक सेवक कहा जा सकता है, वो मर्यादा से चलता है. उस मर्यादा का पालन करके जो चलता है, वो कर्म करता है लेकिन कर्मों में लिपटा नहीं होता. उसमें अहंकार नहीं आता कि मैंने किया. वही सेवक कहने का अधिकारी रहता है. एक सच्चा ‘सेवक’ गरिमा बनाए रखता है. वो काम करते समय मर्यादा का पालन करता है. उसे यह कहने का अहंकार नहीं है कि ‘मैंने यह काम किया’. सिर्फ उस व्यक्ति को सच्चा ‘सेवक’ कहा जा सकता है.  

हाईकोर्ट की सख्ती के बाद भी बिलासपुर में नहीं लगा पा रही अवैध उत्खनन करने वालों पर लगाम

बिलासपुर हाईकोर्ट की सख्ती के बाद भी बिलासपुर में जिला प्रशासन के अफसर अवैध उत्खनन करने वालों पर लगाम नहीं लगा पा रहे हैं। यही वजह है कि अरपा नदी सहित आसपास के इलाकों में धड़ल्ले से अवैध रेत उत्खनन चल रहा है। इधर, खनिज विभाग के अफसर अवैध उत्खनन पर प्रतिबंध लगाने का दावा कर रहे हैं। पिछले दो दिनों में 15 रेत घाटों में छापेमारी कर सात हाईवा समेत 13 वाहनों की जब्ती बनाई गई है, जिसमें वाहन मालिकों पर खनिज अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। दरअसल, अरपा नदी में अवैध उत्खनन रोकने पर हाईकोर्ट ने प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है, जिसके बाद भी तोरवा के दोमुहानी से लेकर दयालबंद, सरकंडा, कोनी, तुर्काडीह, सेंदरी सहित घुटकू व आसपास के इलाकों में अवैध उत्खनन कर रेत चोरी किया जा रहा है। इसके साथ ही सीपत, मस्तूरी और कोटा क्षेत्र के गांवों में भी बेधड़क होकर रेत माफिया अवैध उत्खनन कर रहे हैं। खनिज विभाग का दावा- अवैध उत्खनन पर सख्ती से हो रही कार्रवाई खनिज विभाग के अफसरों का दावा है कि अवैध उत्खनन और परिवहन पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। विभाग की टीम ने बीती रात ग्राम लोधीपारा, कोनी, सेंदरी, कछार, लोफंदी, मंगला, धुरीपारा, लोखंडी, निरतू, घुटकू, लमेर, नेवरा, कोटा बोड़सरा, सिरगिट्टी क्षेत्र मे रेत खदान एवं खनिज परिवहन कर रहे वाहनों की सघन जांच की गई। इस दौरान सेंदरी क्षेत्र में चार हाइवा व लोधीपारा क्षेत्र में दो ट्रैक्टर को खनिज रेत का अवैध परिवहन करते पाये जाने पर पुलिस थाना कोनी की अभिरक्षा में रखा गया है। नेवरा क्षेत्र में तीन हाइवा, एक जेसीबी, एक चेन माउंटेड मशीन को खनिज मिट्टी, मुरुम का अवैध उत्खनन एवं कोटा क्षेत्र में दो ट्रैक्टर को खनिज रेत का अवैध परिवहन करते पाए जाने पर चैन माउंटेड मशीन को सुपुर्दगी में देते हुए अन्य सभी वाहनों को पुलिस थाना कोटा की अभिरक्षा में रखा गया है। रायल्टी पर्ची के बिना खनिजों का उत्खनन और परिवहन करने वाले सभी 13 वाहन चालकों व मालिकों पर छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम 71 खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम की धारा 21 के तहत खनिज के अवैध परिवहन का प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस भी नहीं करती कार्रवाई हाईकोर्ट ने अवैध उत्खनन पर रोक लगाने जिला प्रशासन को सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही दोषियों के खिलाफ केवल जुर्माना वसूली करने के बजाय FIR कराने के लिए भी कहा है। लेकिन, खनिज विभाग की टीम के साथ ही पुलिस भी जब रेत परिवहन करते हुए वाहनों को जब्त करती है, तो FIR दर्ज करने के बजाय केस को खनिज विभाग को सौंप दिया जाता है।

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