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टी20 विश्व कप 2024 सुुपर-8: इंडिया आज तक कभी अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल मैच हारी नहीं

Fearless hunters are spreading current in the forest, investigation into death of young man with leopard

नई दिल्ली आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप सुुपर-8 में आज टीम इंडिया का मुकाबला अफगानिस्तान से होना है। इंडिया वर्सेस अफगानिस्तान मैच बारबाडोस के केंसिंगटन ओवल मैदान पर खेला जाना है। इंडिया वर्सेस अफगानिस्तान हेड टू हेड पर नजर डालें, तो टीम इंडिया आज तक कभी अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल मैच हारी नहीं है। दोनों टीमों के बीच कुल आठ मैच खेले गए हैं, जिसमें से टीम इंडिया ने छह मैच जीते, एक मैच का नतीजा नहीं निकला और एक मैच का रिजल्ट आने में दो-दो सुपर ओवर लग गए। हालांकि टाई हुए मैच में टीम इंडिया ने सुपर ओवर में जीत दर्ज कर ली थी, इससे टीम इंडिया ने अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए कुल आठ टी20 इंटरनेशनल मैचों में से सात मैच जीते हैं। अफगानिस्तान क्रिकेट टीम ने इस टी20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन किया है और उनकी गेंदबाजी तो कुछ अलग ही लेवल की रही है। लीग राउंड में वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच छोड़ दें, तो बाकी तीन टीमों को तो अफगानी गेंदबाजों ने 100 रनों का आंकड़ा भी नहीं छूने दिया था। चलिए एक नजर डालते हैं इंडिया वर्सेस अफगानिस्तान टी20 इंटरनेशनल में हेड टू हेड पर- ने स्मार्टवॉच जीती दोनों टीमों के बीच पहला टी20 इंटरनेशनल मैच 1 मई 2010 को खेला गया था, जिसे भारत ने आसानी से सात विकेट से अपने नाम कर लिया था। इसके बाद दोनों टीमें 2012 में आमने-सामने थीं, तब भारत ने 23 रनों से आसान जीत दर्ज की थी। इसके बाद दोनों टीमों के बीच 2021 तक कोई टी20 इंटरनेशनल मुकाबला खेला ही नहीं गया। 2021 टी20 वर्ल्ड कप में दोनों टीमें आमने-सामने आईं और भारत ने एकतरफा अंदाज में 66 रनों से मैच जीत लिया। 2022 में भारत ने अफगानिस्तान को 101 रनों के बड़े अंतर से हराया। इरफान पठान का दावा, सुपर-8 में देखने को मिलेगा विराट कोहली का असली रूप एशियन गेम्स में इंडिया वर्सेस अफगानिस्तान मैच का रिजल्ट नहीं आया था। इसके बाद अफगानिस्तान क्रिकेट टीम इस साल की शुरुआत में भारत दौरे पर आई थी और तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज खेली थी। भारत ने पहले दो मैच छह-छह विकेट से जीते, लेकिन तीसरा मैच टाई हुआ। इसके बाद दोनों टीमों के बीच पहला सुपर ओवर भी टाई हो गया। दूसरा सुपर ओवर जीतकर भारत ने सीरीज 3-0 से क्लीनस्वीप की।  

पूर्व भारतीय क्रिकेटर डेविड जॉनसन ने चौथे फ्लोर से छलांग लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली

Politicians expressed condolences on the demise of Chief Minister Dr. Yadav's father. ujjain mp

नई दिल्ली पूर्व भारतीय क्रिकेटर डेविड जॉनसन ने सुसाइड कर लिया। उन्होंने चौथे फ्लोर से छलांग लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। भारत के लिए डेविड जॉनसन ने दो टेस्ट मैच खेले थे। 1996 में उन्होंने भारत के लिए डेब्यू किया था और उसी साल वे अपना दूसरा टेस्ट मैच भी खेले थे। इसके बाद उनको मौका नहीं मिला। पूर्व भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर और टीम इंडिया के हेड कोच रहे महान गेंदबाज अनिल कुंबले समेत तमाम क्रिकेटरों के रिऐक्शन सामने आए हैं और इस पूर्व क्रिकेटर को उन्होंने श्रद्धांजलि दी है। भारत के लिए दो टेस्ट मैच खेलने के अलावा डेविड जॉनसन ने कर्नाटक के लिए लंबे समय तक रणजी क्रिकेट खेली है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो उन्होंने गुरुवार को एक निजी अपार्टमेंट में चौथे फ्लोर से छलांग लगाकर आत्महत्या की। वे डिप्रेशन का शिकार थे। सूत्रों ने रिपब्लिक वर्ल्ड को बताया कि जॉनसन ने अवसाद के ही कारण यह कदम उठाया है। सूचना मिलने पर कोथानूर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को क्रिसेंट अस्पताल ले जाया गया। डेविड जॉनसन के निधन की खबर आते ही सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि संदेशों की बाढ़ सी आ गई। जॉनसन के असामयिक निधन पर दुख व्यक्त करते हुए पूर्व भारतीय क्रिकेटर अनिल कुंबले ने एक्स पोस्ट करते हुए लिखा, “मेरे क्रिकेट साथी डेविड जॉनसन के निधन की खबर सुनकर दुख हुआ। उनके परिवार के प्रति हार्दिक संवेदना। बहुत जल्दी चले गए “बेनी”!” पूर्व भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर ने 52 वर्षीय डेविड जॉनसन के निधन पर एक्स पोस्ट करते हुए लिखा, “डेविड जॉनसन के निधन से दुखी हूं। भगवान उनके परिवार और प्रियजनों को शक्ति प्रदान करें।” डेविड जॉनसन तेज गेंदबाजी करते थे, लेकिन उनका करियर लंबा नहीं चला। अक्टूबर 1996 में उन्होंने पहला टेस्ट मैच भारत के लिए खेला और दिसंबर 1996 में उन्होंने दूसरा टेस्ट मैच टीम इंडिया के लिए खेला था, जो आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच उनके करियर का था।  

सेहत के लिए फायदेमंद है गन्ने का जूस पर जान ले पीने का राइट टाइम

गर्मी में ठंडक पाने के लिए ज्यादातर लोग ठंडी कोल्डड्रिंक पीना पसंद करते हैं। लेकिन ये सभी ड्रिंक सेहत के लिए हानिकारक होती हैं। हालांकि, इस मौसम में नेचुरल ड्रिंक्स पीने की सलाह दी जाती है। गन्ने का रस उनमें से एक है। ये एक नैचुरल ड्रिंक है। इसमें थोड़ा फैट, फाइबर और प्रोटीन की मात्रा होती है। गन्ने के रस में सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम और आयरन जैसी पोषक पाए जाते हैं। हालांकि, अगर कोई व्यक्ति इसे गलत समय पर पीता है तो नुकसान हो सकता है। क्या हाइड्रेशन  में मददगार? गर्मियों में गन्ने का रस पीना अच्छा माना जाता है। यह शरीर में गर्मी को कम करता है। इसके अलावा यह कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम, आयरन, मैंगनीज का एक अच्छा स्रोत है। इसे पीने से शरीर में खोए हुए इलेक्ट्रोलाइट्स को बहाल करने में मदद मिलती है। इसमें चीनी की मात्रा ज्यादा होती है, जिसकी वजह से तुरंत एनर्जी मिलती है। डायबिटीज पेशेंट करें अवॉइड यह डायबिटीज जैसे हाई ग्लूकोज लेवल के लिए सुरक्षित नहीं है, क्योंकि यह आपके ब्लड शुगर के लेवल को तेजी से बढ़ा सकता है। ऐसे में डायबिटीज पेशेंट को इसे अवॉइड करना चाहिए। किस समय पीएं गन्ने का रस दिन के समय में गन्ने का रस पीना सबसे अच्छा है। इसके अलावा फ्रेश गन्ने का रस ही पीएं। पैकेजिंग से बचें एक दिन में कितने ग्लास पीएं किसी भी चीज को बहुत ज्यादा खाना या पीना नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे में एक दिन में एक गिलास गन्ने के जूस तक सीमित रहें। इससे ज्यादा जूस नुकसानदायक हो सकता है। 

वेसाले सेरेवी भारतीय पुरूष, महिला रग्बी 7 टीमों के मुख्य कोच

Rahul Gandhi donated one month's salary for landslide victims in Wayanad, asked people to help too

नई दिल्ली विश्व रग्बी हाल आफ फेम में शामिल वेसाले सेरेवी को भारत की पुरूष और महिला रग्बी 7 टीमों का मुख्य कोच बनाया गया है। फीजी के सेरेवी क्लब और राष्ट्रीय स्तर पर 15 प्रति टीम रग्बी खेल चुके हैं। ‘किंग आफ सेवंस’ कहलाये जाने वाले सेरेवी ओलंपिक में रग्बी सेवंस को शामिल करने के लिये अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के समक्ष विश्व रग्बी के सलाहकार भी रह चुके हैं। रग्बी इंडिया के अध्यक्ष राहुल बोस ने कहा, ‘‘रग्बी इंडिया में हम सभी का लक्ष्य अतीत से बेहतर प्रदर्शन करना है। हम भारतीय राष्ट्रीय सेवंस टीमों के मुख्य कोच के तौर पर वेसाले सेरेवी का स्वागत करते हैं।’’ हांगकांग सेवंस जीत चुके सेरेवी ने 2005.06 में खिलाड़ी और कोच के तौर पर फीजी को पहला विश्व सीरिज खिताब दिलाया था। वह अमेरिकी राइनोज रग्बी, जमैका सेवंस टीम और रूस सेवंस टीम के कोच रह चुके हैं।  

जिम्बाब्वे क्रिकेट ने दक्षिण अफ्रीका के जस्टिन सैमंस को पुरूष टीम का मुख्य कोच हुए नियुक्त

हरारे जिम्बाब्वे क्रिकेट ने दक्षिण अफ्रीका के जस्टिन सैमंस को पुरूष टीम का मुख्य कोच बनाया है। सैमंस दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजी कोच रह चुके हैं। अमेरिका और वेस्टइंडीज में चल रहे टी20 विश्व कप के लिये जिम्बाब्वे के क्वालीफाई नहीं कर पाने के बाद डेव हॉटन ने कोच के पद से इस्तीफा दे दिया था। सैमंस का कार्यकाल छह जुलाई से हरारे में भारत के खिलाफ पांच मैचों की टी20 श्रृंखला के पहले मैच से शुरू होगा। जिम्बाब्वे के पूर्व बल्लेबाज डियोन इब्राहिम सहायक कोच होंगे। वह न्यूजीलैंड की सीनियर पुरूष टीम के सहयोगी स्टाफ का हिस्सा हैं। जिम्बाब्वे क्रिकेट के अध्यक्ष तावेंग्वा मुकुहलानी ने एक बयान में कहा, ‘‘हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि जस्टिन जिम्बाब्वे की सीनियर पुरूष टीम के मुख्य कोच होंगे। उनके पास कोचिंग का अपार अनुभव है और उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में कई युवा प्रतिभाओं को तलाशा और तराशा है।’’  

छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने सांसद बनने के बाद दिया इस्तीफा

MP Ghazab: Storytellers clash with each other to narrate the story to Jajman.

रायपुर. छत्तीसगढ़ में भाजपा के सीनियर नेता बृजमोहन अग्रवाल ने बुधवार को विष्णुदेव साय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। लोकसभा सदस्य निर्वाचित होने के बाद अग्रवाल ने दो दिनों पहले विधायक पद से इस्तीफा दिया था। अग्रवाल (64) ने सोमवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था। हाल में हुए लोकसभा चुनाव में अग्रवाल ने रायपुर सीट पर कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय को 5 लाख75 हजार 285 मतों से हराया था। अग्रवाल ने बुधवार शाम नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को अपना इस्तीफा सौंपा। अग्रवाल राज्य में स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, संसदीय कार्य, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के मंत्री थे। विधायक के साथ जीता सांसद का चुनाव आठ बार विधायक रह चुके अग्रवाल ने पिछले साल विधानसभा चुनाव में रायपुर शहर दक्षिण विधानसभा सीट पर कांग्रेस के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ सबसे अधिक 67,719 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी। अग्रवाल राज्य में भाजपा के प्रभावशाली नेताओं में से एक हैं। मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद ‘पीटीआई-वीडियो’ से बातचीत में अग्रवाल ने बताया कि बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल की अंतिम बैठक में भाग लेने के बाद उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। मंत्री पद त्यागने के साथ हुए भावुक अग्रवाल ने कहा कि मैं 35 साल तक विधायक रहा। मैंने अविभाजित मध्य प्रदेश में तीन साल और छत्तीसगढ़ में 16 साल मंत्री के रूप में लोगों की सेवा की। मैं अधिकारियों, कर्मचारियों, विधायकों और उन सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करना चाहता हूं, जिन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मेरे साथ काम किया और मेरा समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यदि मेरे कार्यकाल के दौरान किसी को मेरी वजह से ठेस पहुंची है तो मैं क्षमा चाहता हूं। सांसद के तौर पर शुरू करेंगे नई पारी अग्रवाल ने कहा ‘अब मैं सांसद के तौर पर नयी पारी शुरू करने जा रहा हूं। मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को भरोसा दिलाता हूं कि मैं उनके लिए काम करना और उनकी सेवा करना जारी रखूंगा।’ बता दें कि लोकसभा चुनाव में भाजपा ने राज्य की 11 लोकसभा सीटों में से 10 पर जीत हासिल की। इस चुनाव में कांग्रेस ने एक सीट पर जीत दर्ज की।

NEET पेपर लीक कांड में अब आय तेजस्वी के PS का नाम, मास्टरमाइंड सिकंदर के लिए बुक करवाया था कमरा

नईदिल्ली /पटना नीट पेपर लीक मामले में एक तरफ सुप्रीम कोर्ट लगातार याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है तो दूसरी तरफ इस लीक कांड में पकड़े गए आरोपियों द्वारा नए नए खुलासे किए जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने नीट यूजी 2024 को रद्द करने और मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित अनियमितताओं की अदालत की निगरानी में जांच की मांग वाली याचिकाओं पर केंद्र, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) और अन्य से जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) को नीट यूजी 2024 के संचालन में किसी भी लापरवाही की जिम्मेदारी लेने का आदेश दिया। इसके अलावा, एनटीए ने शिक्षा मंत्रालय को बताया है कि कथित अनियमितताओं से लाभ उठाने के लिए जांच के दायरे में आए पटना और गोधरा के परीक्षार्थियों को उनके अंकों के विश्लेषण के अनुसार कोई असामान्य लाभ नहीं मिला है। इस बीच, शीर्ष अदालत ने एनटीए को परीक्षा समय के नुकसान से प्रभावित 1563 उम्मीदवारों के लिए फिर से परीक्षा आयोजित करने का भी निर्देश दिया है। NEET UG 2024 रीटेस्ट के लिए नए एडमिट कार्ड संबंधित छात्रों को सीधे उनके पंजीकृत ईमेल पते पर भेजे जाएंगे। दूसरी तरफ पकड़े गए आरोपियों अनुराग यादव, सिकंदर यादव और लीक कांड के मास्टरमाइंड अमित आनंद के कबूलनामे से कई बड़े खुलासे हुए हैं। आरोपियों ने नीट परीक्षा से एक दिन पहले पेपर मिलने की बात को कबूल किया है। अगर आप ने या आपके परिवार में से किसी ने नीट एग्जाम दिया था. विजय सिन्हा ने तेजस्वी यादव का लिया नाम विजय सिन्हा ने बताया कि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव (Tejashwi Yadav) के निजी सचिव प्रीतम ने यादवेंदु के स्वजनों के लिए गेस्ट हाउस का कमरा बुक कराया था। मैं बार-बार कहता रहा हूं और एक बार फिर कह रहा हूं कि राजद की मानसिकता ही भ्रष्टाचार, परिवारवाद एवं घोटाले की रही है। उल्लेखनीय है कि नीट परीक्षा मामले में एनएचएआई के गेस्ट हाउस में छात्रों के ठहराने में एक मंत्री का नाम सामने आ रहा है। वहां ठहरे छात्र अनुराग यादव के नाम के आगे ब्रैकेट में ‘मंत्रीजी’ लिखा हुआ था। ‘मंत्रीजी’ के पत्र की चर्चा सामने आने के बाद विजय सिन्हा ने बड़ा दावा भी किया है। उन्होंने कहा है कि साल्वर गैंग के तार राजद से जुड़े हुए हैं। जो लोग पकड़े गए, वे तेजस्वी यादव से जुड़े हैं। अपराधियों को संरक्षण देना राजद की मानसिकता में है।

स्किल जनगणना कराई जाती है तो आंध्र प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य होगा

नई दिल्ली  नरेंद्र मोदी सरकार में शामिल आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायड ने हाल ही में अपने राज्य में स्किल सेंसस कराने की बात कही है। चंद्रबाबू नायडू ने इंडिया गठबंधन के एजेंडे की आलोचना करते हुए कहा कि जाति जनगणना के बजाय कौशल जनगणना की ज्यादा जरूरत है। अगर नायडू की यह योजना रंग लाती है तो इस तरह की जनगणना कराने वाला आंध्र प्रदेश देश का पहला राज्य होगा। यह जनगणना हमें हमारे वर्कफोर्स की कैपेसिटी और खामियों को उजागर कर सकेगी। माना जा रहा है कि नायडू की इस पहल से मानव संसाधान का भरपूर इस्तेमाल किया जा सकेगा। सोशल मीडिया पर नायडू की इस पहल का स्वागत किया जा रहा है। ज्यादातर लोग इसे पूरे भारत में लागू करने की बात कर रहे हैं। दरअसल, आज जब हर ओर जब जाति जनगणना, धर्म आधारित जनगणना की बात हो रही है तो ऐसे में नायडू की यह पहल बेहद क्रांतिकारी साबित हो सकती है। एक्सपर्ट के अनुसार, नायडू की यह पहल इतनी अच्छी है कि यह पूरे देश के लिए नजीर बन सकती है। भारत में डिग्रीधारी बहुत, मगर नौकरियों के लिए फिट नहीं कौशल के मामले में भारत में मिली-जुली स्थिति है। भारत में आधी से ज़्यादा आबादी 25 साल से कम उम्र की है। यह बहुत बड़ी संभावना है। हालांकि, भारतीय युवा बेरोजगारी और कम रोजगार के हाई रेट का सामना कर रहे हैं। बहुत से लोगों के पास डिग्री तो है, लेकिन उपलब्ध नौकरियों के लिए जरूरी कौशल की कमी है। आागे बढ़ने से पहले ग्राफिक से ये समझते हैं कि देश में बेरोजगारी की क्या स्थिति है। ग्रेजुएट करने वाले युवाओं में बेरोजगारी चरम पर पीरियड लेबर फोर्स सर्वे, 2022-23 के अनुसार, ग्रेजुएट करने वाले युवाओं में बेरोजगारी की दर काफी ज्यादा है। इनमें 24 फीसदी के साथ आंध्र प्रदेश नंबर वन पर है। वहीं, बीमारू राज्यों में बेरोजगारी दर 16.6 फीसदी के साथ बिहार, 11 फीसदी के साथ उत्तर प्रदेश, 9.3 फीसदी के साथ मध्य प्रदेश और 23.1 फीसदी के साथ राजस्थान है। जरूरत के मुताबिक लोगों को स्किल ट्रेनिंग स्किल सेंसस से हम सटीक रूप से पता लगा सकते हैं कि देश भर की अलग-अलग इंडस्ट्री में किस तरह के कौशल की कितनी कमी है। इसे हम ट्रेनिंग देकर पूरी कर सकते हैं। मान लीजिए- किसी इंडस्ट्री को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से ट्रेंड लोगों की जरूरत है। ऐसे में हम ज्यादा लोगों को एआई की ट्रेनिंग देकर उस इंडस्ट्री की जरूरत पूरी कर सकते हैं। आगे बढ़ने से पहले ये ग्राफिक देख लीजिए। वैश्विक कौशल की जरूरतों को पूरा करने में मददगार स्किल सेंसस से वैश्विक स्तर पर किन स्किल्स की डिमांड ज्यादा है, इसका पता लगाया जा सकता है। इससे कोई भी देश अपने वर्कफोर्स को ट्रेनिंग देकर इन्हें ज्यादा प्रतिस्पर्धी बना सकता है। दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर राजीव रंजन गिरि के अनुसार, नायडू की इस पहल का पूरे देश में स्वागत होना चाहिए। पीएम मोदी को भी इसे पूरे देश में लागू करना चाहिए, ताकि भारत को अपने मानव संसाधन के बारे में सटीक जानकारी हो। यह भी जानकारी हो पाएगी कि यह मानव संसाधन कितना स्किलफुल है। जो स्किल चाहिए, उसके लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम विकसित करना स्किल जनगणना से प्रभावी ट्रेनिंग प्रोग्राम डेवलप किया जा सकता है। ऐसे पाठ्यक्रम तैयार किए जा सकते हैं, जो जरूरी स्किल्स को पूरी कर सके। ऐसा तभी किया जा सकता है, जब स्किल सेंसस से इस बारे में पता लग सके कि कितने लोग स्किल से लैस हैं। दुनिया में फिनलैंड ज्यादा स्किल वाला देश वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की ह्मून कैपिटल इंडेक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में सबसे ज्यादा स्किल आबादी वाला देश फिनलैंड, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड हैं, जो पहले, दूसरे और तीसरे पायदान पर हैं। इन देशों में प्राइमरी स्कूलों की व्यवस्था काफी अच्छी है। युवाओं की साक्षरता बेहद अच्छी है और ऐसी पढ़ाई या ट्रेनिंग दी जाती है, जो उन्हें हर तरह की स्किल के लिए तैयार करती है। प्रोफेसर गिरि के अनुसार, भारत भी अगर स्किल सेंसस कराए और अपनी आबादी को इंडस्ट्री की जरूरत के हिसाब से तैयार करे तो यह स्विट्जरलैंड या नॉर्वे जैसा देश बन सकता है। जाति-धर्म आधारित जनगणना से जरूरी है स्किल सेंसस दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर राजीव रंजन गिरि कहते हैं कि आंध्र प्रदेश में स्किल सेंसस की पहल काफी अच्छी योजना है। इससे सिर्फ आंध्र ही नहीं, पूरे भारत की तस्वीर बदल सकती है। जब हमें यह पता होगा कि हमारा वर्कफोर्स कितनी तरह की स्किल से लैस है तो हम दुनिया के दूसरे देशों को मनमुताबिक मानव संसाधनों को लेकर तोल-मोल कर सकते हैं। तब यह वर्कफोर्स सिर्फ लेबर नहीं रह जाएगा। वह अपनी शर्तों पर काम कर पाएगा। पीएम मोदी को स्किल सेंसस पूरे भारत में करानी चाहिए। जो मौजूदा राजनीति में जाति-धर्म आधारित जनगणना से इतर एक अलग नजीर पेश करेगा। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से आगे की बात प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) को प्रधानमंत्री यूथ ट्रेनिंग प्रोग्राम के नाम से भी जाना जाता है। भारत सरकार ने इस योजना को जुलाई 2015 में शुरू किया गया था। इस योजना के तहत 2020 तक एक करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) देने की योजना बनाई गई थी। इस योजना का मकसद ऐसे लोगों को रोजगार मुहैया कराना है जो कम पढ़े-लिखे हैं या बीच में स्कूल छोड़ देते हैं। इस योजना में तीन महीने, छह महीने और एक साल के लिए रजिस्ट्रेशन होता है। कोर्स पूरा करने के बाद सर्टिफिकेट दिया जाता है। यह प्रमाणपत्र पूरे देश में मान्य होता है।  

धीरन शाह को कांग्रेस ने उम्मीदवार तय किया, आखिर कौन है इनवाती जिसके ऊपर पार्टी ने भरोसा जताया है

अमरवाड़ा मध्य प्रदेश की राजनीति की बात करें तो इस समय सबकी निगाहें अमरवाड़ा में होने वाले उपचुनाव पर टिकी हुई हैं. जहां से बीजेपी ने कमलेश शाह को अपना उम्मीदवार बनाया है. गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने भी अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी और अब आखिरकार कांग्रेस ने भी अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी है. धीरन शाह इनवाती को कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार तय किया है. लेकिन आखिर कौन है धीरन शाह इनवाती जिसके ऊपर कांग्रेस ने भरोसा जताया है.आइये जानते हैं. लोकसभा चुनाव में छिंदवाड़ा लोकसभा सीट बीजेपी के हाथ चली गई. जिसके बाद आई बारी अमरवाड़ा में होने वाले उपचुनाव की आपको बता दें कि अमरवाड़ा में होने वाले उपचुनाव जहां कांग्रेस वहीं कमलनाथ के लिए भी साख का विषय बन गए हैं. यहां से आपको बता दें कि युवा चेहरे धीरेंद्र शाह इबनाती को कांग्रेस ने चुनावी मैदान में उतारा है. आपको बता दें धीरेंद्र शाह इबनाती आंचल कुंड दरबार के सेवादार सुखराम दादा की बेटे हैं. सेल्समैन की नौकरी छोड़ लड़ रहे विधायकी का चुनाव धीरन शाह इनवाती एक फ्रेश युवा चेहरा हैं. जो बटका खापा सोसाइटी में सेल्समैन के पद पर कार्य कर रहे थे. बताया जा रहा है कि उन्होंने चुनाव लड़ने के लिए अपनी नौकरी से भी इस्तीफा दे दिया है. वहीं कांग्रेस ने धीरन शाह इनवाती के नाम पर मोहर लगा दी है. माना यह भी जा रहा है कि धीरन शाह इनवाती और किसी की नहीं बल्कि कमलनाथ की ही पसंद है. इसको लेकर कमलनाथ और नकुलनाथ दोनों ने ही अपने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट साझा की है. और साथ ही साथ इस घोषणा के बारे में बताया कि कांग्रेस ने धीरन शाह इनवाती को अपना प्रत्याशी बनाया है. कमलनाथ की पसंद पर लगी मुहर आपको बता दें कि कमलनाथ लगातार अमरवाड़ा से गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के साथ गठबंधन के प्रयास कर रहे थे. लेकिन वह बात नहीं बनी लेकिन फिलहाल यह माना जा रहा है. कि, एक बार फिर मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने कमलनाथ की पसंद पर ही मोहर लगाई है. धीरन शाह इनवाती कमलनाथ खेमे से आते हैं. कमलनाथ के करीबी बताए जा रहे हैं. ऐसे में कहीं ना कहीं विधानसभा और लोकसभा की हार के बावजूद भी कांग्रेस का पूरा भरोसा कमलनाथ के ऊपर कायम दिखाई पड़ता है. फिलहाल देखने वाली बात होगी कि धीरन शाह इनवाती जो कि युवा चेहरा हैं. यह जो एक्सपेरिमेंट कांग्रेस ने अमरवाड़ा में किया है. वह कांग्रेस के लिए कितना कामगार साबित होता है. कितनी कड़ी टक्कर कांग्रेस जो है वह बीजेपी और साथ ही साथ गुणवान गणतंत्र पार्टी को यहां से देते हुए दिखाई देती है.

न्यूजीलैंड के लिये तीनों प्रारूपों में खेलने के लिये उपलब्ध हैं : केन विलियमसन

Had you known the full form of DNA… Akhilesh Yadav took a jibe at Yogi's allegation?

वेलिंगटन केन विलियमसन ने कहा है कि अगले साल एसए 20 लीग खेलने के लिये उन्होंने न्यूजीलैंड का केंद्रीय अनुबंध ठुकराया लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि इस टी20 लीग से इतर वह न्यूजीलैंड के लिये तीनों प्रारूपों में खेलने के लिये उपलब्ध हैं। एसए 20 नौ जनवरी से आठ फरवरी 2025 के बीच खेली जायेगी और इसी दौरान न्यूजीलैंड में सुपर स्मैश भी होना है। न्यूजीलैंड के नियमों के अनुसार केंद्रीय अनुबंध वाले खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेलने की दशा में सुपर स्मैश में खेलना अनिवार्य है। विलियमसन ने टी20 विश्व कप के ग्रुप चरण से बाहर होने के बाद स्वदेश लौटने पर मीडिया से कहा, ‘‘मैं जब तक खेल सकता हूं, खेलना चाहता हूं। उस दौरान कई बेहतरीन टूर्नामेंट है लेकिन एसए 20 दिलचस्प लग रहा है। इसके लिये मुझे केंद्रीय अनुबंध ठुकराना होगा।’’ विलियमसन ने सीमित ओवरों की कप्तानी भी छोड़ दी है लेकिन यह कहा कि अभी उनका अंतरराष्ट्रीय कैरियर खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी प्राथमिकता न्यूजीलैंड के लिये खेलना है। तीन सप्ताह के दौरान मैं कुछ मैचों से बाहर रह सकता हूं।’’ इसके मायने हैं कि वह जनवरी में श्रीलंका के खिलाफ वनडे और टी20 श्रृंखला नहीं खेलेंगे। वह हालांकि सितंबर में अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट के लिये उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही भारत और श्रीलंका के खिलाफ डब्ल्यूटीसी टेस्ट और इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की श्रृंखला खेलेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मैने न्यूजीलैंड की कप्तानी का पूरा मजा लिया है। मैं काफी उत्सुक हूं कि आने वाले समय में टीम नये कप्तान के साथ कैसा करती है और मैं भी उसका हिस्सा बना रहूंगा।’’ 33 बरस के विलियमसन ने अपने कैरियर को लेकर कोई समय सीमा तय करने से इनकार करते हुए कहा, ‘‘अभी कहना मुश्किल होगा। मैं फिट और फॉर्म में रहना चाहता हूं, प्रदर्शन में सुधार करते रहना चाहता हूं। जब तक मैं योगदान दे सकता हूं, इस टीम का हिस्सा बने रहना चाहूंगा।’’  

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, दिल्ली आदि राज्यों में हार की पड़ताल की शुरू

 भोपाल लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन वाले राज्यों को लेकर कांग्रेस आलाकमान एक्शन मोड में आ चुका है.  यह एक्शन अब नजर भी आने लग गया है. यही कारण है कि कांग्रेस द्वारा कमेटी बना दी गई है. मध्य प्रदेश को लेकर भी कमेटी बनाई गई है. इस कमेटी में तीन लोगों को रखा गया है. जिनमें दो प्रमुख नाम हैं. आपको बता रहा हूं महाराष्ट्र से आने वाले पृथ्वीराज चौहान साथ ही सात गुजरात से आने वाले जिग्नेश मेवानी इसके अलावा सपतागिरी उल्का को इस कमेटी में रखा गया है. ये कमेटी मध्य प्रदेश में कांग्रेस करारी हार की वजहों का पता लगाएगी. आपको बता दें की मध्य प्रदेश में कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए माना जा रहा था कि आला कमान मध्य प्रदेश की हार को लेकर कुछ एक्शन ले सकता है. अब ठीक वैसा नजर आ रहा है. कई और राज्यों के लिए भी कमेटी बनाई गई है. लेकिन, मध्य प्रदेश के लिए आला कमान का यह संकेत है. जीतू पटवारी पद पर रहेंगे या जाएंगे? यह सोचने वाली बात होगी. वो इसलिए क्योंकि मध्य प्रदेश में 29 में से एक सीट भी कांग्रेस हासिल नहीं कर पाई है. जीतू पटवारी बचा पाएंगे अपना पद? आपको बता दें मध्य प्रदेश में कांग्रेस को इस बार पिछले चुनाव के मुकाबले ज्यादा उम्मीद नजर आ रही थी. लेकिन, यहां चुनाव के पहले कई कांग्रेसियों ने बीजेपी का दामन थाम लिया था. जिसका असर चुनाव में भी देखने को मिला है. यहां कांग्रेस कोई खाता तक नहीं खोल पाई है. अब यही वजह है कि आला कमान कमेटी बनाकर यह संदेश दे रहा है कि अगर कमेटी की रिपोर्ट में प्रदेश अध्यक्ष का काम ठीक नहीं निकला तो क्या आलाकमान प्रदेश अध्यक्ष यानि की जीतू पटवारी को हटाया? क्योंकि उसके संकेत भी मिल रहे हैं. कि जिन राज्यों में कांग्रेस का प्रदर्शन बहुत खराब रहा है. लोकसभा चुनाव में वहां पर आला कमान बदलाव के मूड में है. माना जा रहा है कि और सूत्र बताते हैं कि रिपोर्ट के आधार पर ही आगे फैसला लिया जाएगा. क्या बदलाव के मूड में है आलाकमान? मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को राहुल गांधी का बेहद नजदीकी माना जाता है. लेकिन, अब आला कमान ने कमेटी बना दी और कमेटी का जो उद्देश्य है. हार की समीक्षा में जाहिर सी बात है. जीतू पटवारी पहले ही कह चुके थे. हार के बाद के नैतिक तौर पर उनकी जिम्मेदारी है. लेकिन, सवाल यही उठेगा कि अंतर्विरोध से जूझ रहे जीतू पटवारी के सामने अब यह कमेटी भी जब अपनी रिपोर्ट देगी तो क्या उसके बाद आला कमान जीतू पटवारी को आगे तक जारी रखेगा का अध्यक्ष के तौर पर या बदलाव भी कर सकता है? लोकसभा चुनाव में देश के कई राज्यों में कांग्रेस को जबरदस्त हार का सामना करना पड़ा है। दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश आदि राज्य तो ऐसे हैं, जहां कांग्रेस का खाता तक नहीं खुल सका। यही कारण है कि कांग्रेस ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक व तेलंगाना जैसे राज्यों में मिली हार का कारण ढूंढना शुरू कर दिया है। इन राज्यों में मिली हार के कारण ढूंढने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अलग-अलग फैक्ट फाइंडिंग कमेटियों का गठन किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को कुल 6 फैक्ट फाइंडिंग कमेटियों के गठन को मंजूरी दी है। ये सभी कमेटियां इन राज्यों में हार के कारणों का पता लगाएंगी। इस प्रक्रिया में स्थानीय कांग्रेस नेताओं से भी उनकी राय ली जाएगी। सभी से बात करने के उपरांत हार के कारणों की रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष को सौंपी जाएगी। मध्य प्रदेश में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा था। पार्टी यहां लोकसभा की सभी 29 सीटों पर चुनाव हार गई। यहां हार के कारण जानने के लिए तीन सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चौहान, सप्तगिरि उलका और जगदीश मेवानी शामिल हैं। छत्तीसगढ़ में मिली हार के कारणों का पता लगाने के लिए वीरप्पा मोइली और हरीश चौधरी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ओडिशा में भी कांग्रेस चुनाव बुरी तरह हार गई। यहां हार के कारणों का पता लगाने की जिम्मेदारी अजय माकन और तारिक अनवर को सौंपी गई है। तीन और राज्य ऐसे हैं, जहां कांग्रेस पार्टी का खाता भी नहीं खुल पाया। इनमें दिल्ली, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश शामिल हैं। इन तीनों राज्यों के लिए भी एक फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया और रजनी पाटिल शामिल हैं। कांग्रेस के नेता इन राज्यों में हार के कारणों का पता लगाकर आलाकमान को रिपोर्ट सौंपेंगे। कर्नाटक में भी कांग्रेस पार्टी को उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिल पाए, यही कारण है कि यहां हुई हार के लिए भी तीन सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी में मधुसूदन मिस्त्री, गौरव गोगोई और हीबी ईडन शामिल हैं। वहीं, तेलंगाना में पीजे कुरियन, रकिबुल हुसैन और प्रगट सिंह की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी उम्मीद के मुताबिक नतीजे न मिलने के कारणों का पता लगाएगी। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को केवल 99 सीटें ही मिल सकी थी। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के इंडिया गठबंधन को कुल 234 सीटें मिली हैं। चुनाव नतीजों से पहले कांग्रेस ने इंडिया गठबंधन को 295 सीटें मिलने का अनुमान लगाया था। कांग्रेस पार्टी ने हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए रोडमैप बनाने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी है। कांग्रेस अभी से विधानसभा चुनाव की तैयारी में भी जुट जाना चाहती है। यही कारण है कि पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रत्येक विधानसभावार प्रभारी नियुक्त करने का सुझाव दिया है।

हॉकी इंडिया ने 21 जून से 8 जुलाई तक ओलंपिक पूर्व शिविर के लिए 27 खिलाड़ियों का चयन किया

बेंगलुरु हॉकी इंडिया ने 21 जून से 8 जुलाई तक यहां भारतीय खेल प्राधिकारण (साइ) परिसर में लगाए जाने वाले ओलंपिक पूर्व राष्ट्रीय शिविर के लिए गुरुवार को 27 सदस्यीय पुरुष टीम की घोषणा की। भारत को ओलंपिक में पूल बी में रखा गया है जहां उसका सामना बेल्जियम, अर्जेंटीना, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और आयरलैंड से होगा। तोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता भारतीय टीम ओलंपिक में अपने अभियान की शुरुआत 27 जुलाई को न्यूजीलैंड के खिलाफ करेगी। भारतीय टीम एफआईएच हॉकी प्रो लीग में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद शिविर में वापसी करेगी। प्रो लीग में भारत 16 मैच में 24 अंक के साथ अभी चौथे स्थान पर है। स्ट्राइकर दिलप्रीत सिंह को शिविर के लिए चुनी गई टीम में जगह नहीं मिली है। भारतीय पुरुष हॉकी टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन का मानना है कि दुनिया की शीर्ष टीमों के खिलाफ प्रो लीग मैच खेलना उनकी टीम के लिए शानदार अनुभव रहा है। उन्होंने कहा,‘‘यह शिविर हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है और हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि हम पेरिस ओलंपिक से पहले अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में रहे। खिलाड़ियों को हॉकी प्रो लीग में खेलने से काफी कुछ सीखने को मिला।’’ फुल्टन ने कहा,‘‘इससे हमें यह पता करने का मौका मिला कि हमें किन क्षेत्रों में सुधार करने की जरूरत है। इन क्षेत्रों में सुधार करने के लिए हमारे पास अभी काफी समय है। हमारे पास बहुत अच्छे खिलाड़ी हैं जो किसी भी प्रतियोगिता को जीतने की योग्यता रखते हैं।’’ ओलंपिक पूर्व शिविर के लिए चुनी गई भारतीय पुरुष हॉकी टीम इस प्रकार है: गोलकीपर: कृष्ण बहादुर पाठक, पीआर श्रीजेश, सूरज करकेरा डिफेंडर: हरमनप्रीत सिंह, जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय, आमिर अली मिडफील्डर: मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, विवेक सागर प्रसाद, सुमित, शमशेर सिंह, नीलकांत शर्मा, राजकुमार पाल, विष्णुकांत सिंह, आकाशदीप सिंह, मोहम्मद राहील मौसीन फॉरवर्ड: मनदीप सिंह, ललित कुमार उपाध्याय, अभिषेक, दिलप्रीत सिंह, सुखजीत सिंह, गुरजंत सिंह, बॉबी सिंह धामी, अराइजीत सिंह हुंदल।  

मोहन सरकार की सोम डिसलरी पर बड़ी कार्रवाई, बाल मजदूरी मामले में लाइसेंस निलंबित

Big success for security forces, 9 Naxalites killed in encounter, huge quantity of weapons recovered

भोपाल नाबालिगों से शराब बनवाने के मामले में शराब कंपनी सोम डिस्टलरी पर मोहन सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। सरकार ने कंपनी का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। बता दें कि पंजाब केसरी ने इस खबर को प्रमुखता से उठाया था। जिसके बाद रायसेन में शराब कंपनी में छापेमारी के दौरान 59 बच्चे शराब बनाते मिले थे। सीएम डॉक्टर मोहन यादव की नाराजगी के बाद जिला आबकारी अधिकारी, तीन आबकारी SI, एक श्रम निरीक्षक नप चुके हैं। यह कार्रवाई अबतक की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक है। शराब बनाने वाली कंपनी सोम डिस्टलरी का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। हाल ही में सोम डिस्टलरीज की शराब फैक्ट्री में छापा मारने वाले राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने पंजाब केसरी से बात करते हुए कई चौंकाने वाले खुलासे किए थे। प्रियंक कानूनगो ने बताया कि जब टीम ने सोम फैक्ट्री पर छापा मारा उस वक्त फैक्ट्री में मौजूद जिला आबकारी अधिकारी कन्हैया लाल अतुलकर खुद शराब के नशे में चूर थे और लगातार बाल संरक्षण आयोग की टीम को ही धमकाने का प्रयास कर रहे थे। कानूनगों ने बताया कि बाल आयोग के छापे में जब नाबालिगों को शराब फैक्ट्री में काम करते हुए पकड़ा गया उसके बावजूद जिला आबकारी अधिकारी ने कलेक्टर को जो पत्र लिखकर जानकारी दी उसमें साफ तौर पर सभी आरोप को झुठलाते हुए जिला आबकारी अधिकारी ने बताया की जो बच्चे पकड़े गए वह अपने माता-पिता के लिए खाना लेकर फैक्टरी पहुंचे थे।

दुनियाभर में कल मनाया जाएगा 10वां योग दिवस, जोरों पर है तैयारी

खरगोन देशभर में शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। हर साल 21 जून को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश के निमाड़ अंचल में भी तैयारियां की जा रही हैं। योग दिवस के अवसर पर प्रदेश के खरगोन जिले के सभी विद्यालयों और शिक्षण संस्थाओं में सामूहिक योग दिवस का आयोजन शुक्रवार सुबह 6 बजे से शुरू होकर 07:50 बजे तक किया जाएगा। खरगोन के जिला शिक्षा अधिकारी एसके कानुड़े ने बताया कि शहर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन कृषि उपज मंडी में किया जाएगा। इस आयोजन में करीब 1500 से अधिक विद्यार्थी अपनी सहभागिता करेंगे। इस दौरान योग दिवस के अवसर पर लोकसभा क्षेत्र से नव निर्वाचित सांसद, विधायक और कलेक्टर सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी और जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिकों के साथ आमजन भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे । कैसे हुई योग दिवस को मनाने की शुरुआत अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर योग दिवस को मनाने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को जाता है. 27 सितंबर 2014 में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त महासभा में दुनिया के तमाम देशों से योग दिवस को मनाने का आह्वान किया. पीएम मोदी के इस प्रस्‍ताव को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने स्‍वीकार कर लिया और तीन माह के अंदर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन का ऐलान कर दिया. इसके बाद पहली बार 21 जून 2015 को पहला अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस मनाया गया. योग दिवस की थीम हर साल योग दिवस के लिए एक अलग थीम निर्धारित की जाती है. साल 2024 की थीम है- ‘स्वयं और समाज के लिए योग’ (Yoga for Self and Society). बता दें कि इस साल भारत समेत दुनियाभर में दसवें योग दिवस का आयोजन किया जाएगा. इस दिन को मनाने का उद्देश्‍य लोगों को योग के जरिए स्‍वस्‍थ और निरोगी जीवन के प्रति जागरुक करना है. 21 जून की तारीख ही क्‍यों? योग दिवस मनाने के लिए 21 जून की तारीख को ही क्यों चुना गया, ये सवाल तमाम लोगों के मन में होगा.  योग दिवस की तारीख को तय करने के पीछे खास वजह है. दरअसल 21 जून को साल का सबसे लंबा दिन माना जाता है. इसे ग्रीष्म संक्रांति भी कहते हैं. इसके बाद सूर्य धीरे-धीरे दक्षिणायन होने लगता है. इस दिन को योग और अध्यात्म के लिए बेहद खास माना जाता है. यही वजह है कि 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का फैसला लिया गया.  

अडाणी समूह ऊर्जा बदलाव परियोजनाओं में 100 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगा- अडाणी

Fire breaks out in ICU of Trauma Center, one dead due to suffocation, condition of 7 critical

ऊर्जा बदलाव में 100 अरब डॉलर का निवेश करेगा अडाणी समूह : गौतम अडाणी अडाणी समूह ऊर्जा बदलाव परियोजनाओं में 100 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगा- अडाणी ऊर्जा बदलाव सूचकांक में भारत 63वें स्थान पर, स्वीडन सबसे आगे : डब्ल्यूईएफ नई दिल्ली  अडाणी समूह ऊर्जा बदलाव परियोजनाओं और विनिर्माण क्षमता में 100 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश करेगा। समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी ने यह जानकारी दी। समूह का मकसद हरित ऊर्जा उत्पादन के लिए जरूरी सभी प्रमुख कलपुर्जों का विनिर्माण करना है। सूर्य की रोशनी से बिजली का उत्पादन करने के लिए सौर पार्क और पवन फार्म बनाने के अलावा समूह हरित हाइड्रोजन, पवन ऊर्जा टर्बाइन और सौर पैनल बनाने के लिए इलेक्ट्रोलाइजर विनिर्माण सुविधाएं स्थापित कर रहा है। हरित हाइड्रोजन को स्वच्छ ऊर्जा द्वारा संचालित इलेक्ट्रोलाइजर की मदद से पानी से हाइड्रोजन को विभाजित करके बनाया जाता है। इसे उद्योग के साथ-साथ परिवहन क्षेत्र को कॉर्बन-मुक्त करने के लिए एक संभावित उपाय के रूप में देखा जा रहा है। क्रिसिल द्वारा आयोजित ‘‘बुनियादी ढांचा-भारत के भविष्य के लिए उत्प्रेरक’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अडाणी ने कहा कि ऊर्जा बदलाव और डिजिटल बुनियादी ढांचा अरबों डॉलर के अवसर हैं जो भारत को स्थानीय और वैश्विक स्तर पर बदल देंगे। उन्होंने कहा, ‘‘अगले दशक में हम ऊर्जा बदलाव के क्षेत्र में 100 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करेंगे और अपनी एकीकृत नवीकरणीय ऊर्जा मूल्य श्रृंखला का और विस्तार करेंगे। हमारी मूल्य श्रृंखला में पहले से प्रत्येक प्रमुख कलपुर्जें का विनिर्माण शामिल है। कोयले-से-बंदरगाह क्षेत्र में कार्यरत समूह ‘दुनिया का सबसे कम महंगे हरित इलेक्ट्रॉन’ का उत्पादन करना चाहता है जो कई क्षेत्रों के लिए ‘फीडस्टॉक’ का काम करेगा। अडाणी ने कहा, ‘‘और ऐसा करने के लिए हम पहले से ही कच्छ जिले (गुजरात में) के खावड़ा में दुनिया का सबसे बड़ा एकल-स्थल नवीकरणीय ऊर्जा पार्क बना रहे हैं। केवल इस एकल स्थान से 30 गीगावाट बिजली पैदा होगी, जिससे हमारी कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 2030 तक 50 गीगावाट पर पहुंच जाएगी।’’ अडाणी ने कहा कि ऊर्जा बदलाव का क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य को हमेशा के लिए मौलिक रूप से बदल देगा। उन्होंने कहा कि 2023 में वैश्विक ऊर्जा बदलाव बाजार का मूल्य लगभग 3,000 अरब डॉलर था, जिसके बढ़कर 2030 तक 6,000 अरब डॉलर पर पहुंचने का अनुमान है। उसके बाद 2050 तक यह हर 10 साल में दोगुना हो जाएगा। ऊर्जा बदलाव सूचकांक में भारत 63वें स्थान पर, स्वीडन सबसे आगे : डब्ल्यूईएफ  विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) द्वारा जारी वैश्विक ऊर्जा बदलाव सूचकांक में भारत दुनिया में 63वें स्थान पर है। डब्ल्यूईएफ ने कहा है कि भारत ने ऊर्जा समानता, सुरक्षा और स्थिरता के मामले में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। इस सूचकांक में यूरोपीय देशों का दबदबा है। स्वीडन सूचकांक में शीर्ष पर है। इसके बाद डेनमार्क, फिनलैंड, स्विटजरलैंड और फ्रांस शीर्ष पांच देशों में शामिल हैं। चीन का स्थान 20वां है। डब्ल्यूईएफ ने कहा कि भारत और कुछ अन्य विकासशील देशों मसलन चीन तथा ब्राजील द्वारा दिखाया गया सुधार महत्वपूर्ण है, क्योंकि 83 प्रतिशत देश तीन ऊर्जा प्रणाली प्रदर्शन आयाम – सुरक्षा, समानता और स्थिरता – में से कम-से-कम एक में पिछले साल की तुलना में पिछड़ गए हैं। भारत द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों का उल्लेख करते हुए डब्ल्यूईएफ ने कहा कि देश ऐसे नतीजे देने में अग्रणी रहा है जिन्हें अन्य स्थानों पर दोहराया जा सकता है। इसमें कहा गया है कि सरकारें जागरूकता पैदा करने और नीतिगत हस्तक्षेप पर भी विचार कर सकती हैं। इसमें ऊर्जा-दक्ष निर्मित बुनियादी ढांचे के लिए दिशानिर्देश और रेट्रोफिटिंग के लिए प्रोत्साहन शामिल है। इसमें कहा गया, ‘‘विकासशील दुनिया के पास नियमों को फिर से लिखने और ऊर्जा मांग को सफलतापूर्वक बदलने का रास्ता दिखाने का अवसर है।’ चीन और भारत की भूमिका पर डब्ल्यूईएफ ने कहा कि वैश्विक आबादी की लगभग एक-तिहाई के साथ ये दोनों देश आगे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। डब्ल्यूईएफ ने कहा कि दोनों ही देशों ने नवीकरणनीय ऊर्जा उत्पादन, ऊर्जा पहुंच में सुधार और ऊर्जा सुरक्षा के मामले में प्रगति की है। इसके अलावा ये देश हरित प्रौद्योगिकी विनिर्माण के लिए भी मजबूत स्थिति में हैं।  

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