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ज्यादातर जिलों में आज भी बरसेंगे बदरा, छत्तीसगढ़ में भारी बारिश छह जुलाई से

रायपुर. छत्तीसगढ़ में इन दिनों ज्यादातर जिलों में बारिश हो रही है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में आज सुबह से ही बारिश हो रही है। इससे मौसम ठंडा हो गया है। कई जगहों पर गरज चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। कई जगहों पर रुक-रुक बारिश हो रही है। लगातार बारिश होने की वजह से कई जिलों के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान माना में दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ के उत्तर और मध्य क्षेत्र में 6 जुलाई तक बारिश की गतिविधि में हल्की कमी रहने की संभावना है। इसके बाद फिर से बारिश की गतिविधि बढ़ेगी। गरज चमक के साथ तेज हवाएं और भारी बारिश की संभावना है। हालांकि इस बीच में बारिश की गतिविधि जारी रहेगी। मानसून सक्रिय होने से प्रदेशभर में गरज चमक के साथ भारी बारिश के आसार हैं। साथ ही तेज हवाएं भी चल सकती है। मौसम एक्सपर्ट के अनुसार, एक द्रोणिका उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश से उत्तरी छत्तीसगढ़ और झारखंड होते हुए मणिपुर तक समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर ऊपर स्थित है। एक चक्रवती परिसंचरण बांग्लादेश के ऊपर समुद्र तल से 1.5 और 7.6 किलोमीटर ऊपर स्थित है जो ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ है। इसके प्रभाव से प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ है वहीं बारिश की गतिविधि बनी हुई है। आज प्रदेश के कई इलाकों में गलत चमक के साथ तेज हवाएं और बारिश की संभावना है। बुधवार को प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान माना में 33.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस नारायणपुर में दर्ज किया गया। राजधानी रायपुर में 32.9, बिलासपुर, राजनांदगांव में 32, दुर्ग में 31.6, जगदलपुर में 30.2, अंबिकापुर में 28.5 और 15 रोड में 29.5 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया है।

हाथरस हादसे के पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

हाथरस हाथरस जनपद के सिकंदराराऊ अंतर्गत फुलरई, मुगलगढ़ी पर 2 जुलाई को साकार हरि बाबा के सत्संग के बाद हुए हादसे से पहले का वीडियो सामने आया है। वीडियो से दो बातें निकल कर आ रही हैं कि एक तो अनुयायी-सेवादारों की इतनी भीड़ थी कि वहां पर भगदड़ होने पर बड़ा हादसा होना लाजमी था, दूसरी प्रमुख बात यह कि साकार हरि बाबा का कार्यक्रम जिस खेत में हुआ, वह पहले से ही गीला था, वह भी इतने बड़े हादसे का सबब बना है। हाथरस हादसे के पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जो 1 मिनट 13 सेकंड का है। वीडियो चलती हुई बस में से कोई यात्री रिकोर्ड कर कर रहा था। इतनी अधिक भीड़ देखकर वीडियो बनाने वाला भी आश्चर्य चकित था। वीडियो उसी जगह का है, जहां पर साकार हरि बाबा का सत्संग रखा गया। वीडियो में शुरू से लेकर अंत तक जितनी भीड़ दिख रही है, उससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वहां बड़े हादसे को अंजाम देने का पूरा इंतजाम था। पहले से गीले खेत में रखा गया कार्यक्रम वीडियो में एक जगह पर वीडियो बनाने वाला अपने किसी साथी से बात करते हुए कह रहा है कि गीले खेत में लगा रखा है … । इन शब्दों से साफ हो रहा है 2 जुलाई को साकार हरि बाबा के सत्संग वाला खेत पहले से गीला था। उसके बाबजूद वहां पर अनुयायियों को इतनी तादात में इकट्ठा किया गया। वहां पर गीले खेत में फिसलन की स्थिति रही होगी। आयोजकों ने गीले खेत में ही बाबा का सत्संग करा दिया। यह सवाल उठ रहा है कि आयोजकों ने साकार हरि बाबा को कार्यक्रम स्थल गीले होने की सूचना दी या नहीं, दी गई तो फिर क्यों सत्संग आयोजित किया गया ? इस बिन्दु को भी जांच  में शामिल किया जाना चाहिए।

भाजपा जिला अध्यक्ष दिलीप पांडे,पतंजलि योगपीठ में इलाज के नाम 2 लाख रुपये से ज्यादा की हुई ठगी

उमरिया  पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट में इलाज के नाम धोखाधड़ी कर भाजपा जिला अध्यक्ष उमरिया दिलीप पांडे के साथ 2 लाख रुपये से ज्यादा की ऑनलाइन की ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले की शिकायत भाजपा जिला अध्यक्ष के द्वारा पुलिस से की गई है। दरअसल वर्तमान समय में ऑनलाइन ठगी का शिकार होना कोई नई बात नहीं है जाल साज और इस काम में माहिर लोगों के द्वारा तमाम प्रकार के हथकंडे अपनाकर लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। इसी तरीके भाजपा जिला अध्यक्ष उमरिया दिलीप पांडे के साथ भी ऑनलाइन फ्रॉड करके 2 लाख 19 हजार 235 की धोखाधड़ी इलाज के नाम पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट के नाम से की गई है। भाजपा जिला अध्यक्ष के द्वारा स्थानीय  पुलिस थाना पाली में शिकायत दर्ज कराते हुए पुलिस को बताया कि वह अपने बुजुर्ग माता-पिता के इलाज के लिए पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट की वेबसाइट से मोबाइल नंबर निकाला जिसमे अनुराग गौतम नामक व्यक्ति से उनके माता पिता के इलाज के लिए बातचीत की जाने लगी। जबकि वेबसाइट से मिले नंबर का व्यक्ति अपने को वाल्मीकि आचार्य अनुराग गौतम बताता रहा। इस दौरान बातचीत में भाजपा जिला अध्यक्ष श्री पांडे के द्वारा अपने माता-पिता के इलाज के लिए बात की गई। जिसमें वह पतंजलि के नाम अकाउंट नंबर देकर खाते में 60 हजार 600 रुपये डलवाये। इस तरह धीरे-धीरे उसने कुल 2 लाख 19 हजार 235 खाते में डलवाए हैं। लेकिन जब भाजपा जिला अध्यक्ष  पांडे के माता-पिता हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ केंद्र पहुंचे तब पतंजलि आश्रम में अनुराग गौतम के द्वारा दिए गए गेट पास को फर्जी बताकर वापस लौटा दिया गया। इस तरीके से भाजपा जिला अध्यक्ष के साथ पतंजलि योगपीठ के नाम ऑनलाइन धोखाधड़ी कर 2,19,235 रुपए की ठगी की गई है। हरिद्वार से लौट के बाद भाजपा जिला अध्यक्ष ने स्थानीय पुलिस थाना पाली में इस पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई है।

अनंत अंबानी-राधिका मर्चेंट शादी में जस्टिन बीबर

12 जुलाई, 2024 को होने वाली अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की शादी एक बड़ा इवेंट है, जिसमें शादी से पहले कई तरह के फंक्शन हुए। जैसा कि अंबानी की साड़ियों की शादी में होता है, उनके छोटे बेटे की शादी में भी ऐसा ही कुछ धमाका होने वाला है। इस शादी से पहले पॉप आइकन जस्टिन बीबर अपने प्री-वेडिंग फंक्शन में लगेंगे और इसके लिए वो भारत आ चुके हैं। 4 जुलाई, 2024 की सुबह, अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की आगामी प्री-वेडिंग पार्टी के लिए उतरते ही मुंबई ने जस्टिन बीबर का स्वागत किया। 5 जुलाई को पॉप आइकन की बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है और लोग इस शानदार म्यूजिक नाइट को एंजॉय करने का इंतजार कर रहे हैं। अनंत-राधिका की शादी के लिए आए जस्टिन बीबर अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट का संगीत समारोह 5 जुलाई, 2024 को होगा और परिवार इसके लिए तैयारी कर रहा है। जस्टिन बीबर के अलावा, बादशाह और करण औजला की भी इस बड़ी रात में प्रदर्शन करने की संभावना है। अनत अंबानी और राधाकृष्ण मर्चेंट के दोस्त एक संगीत का नाटक भी पेश करेंगे जिसमें वे कपल की प्रेम कहानी दिखाएंगे। जस्टिन बीबर की फीस कितनी है? जस्टिन बीबर फोरमेन की सबसे मशहूर वेबसाइट में से एक हैं और उनके कॉन्सर्ट में शामिल होने के लिए फैन्स लाखों-करोड़ों रुपये खर्च करते हैं। तो, एक निजी शो के लिए, कोई केवल कल्पना ही कर सकता है कि यह कितना महंगा होगा, लेकिन अंबानी ने ऐसा कर दिखाया है। जस्टिन की फीस रिपोर्ट के अनुसार, 50 करोड़ तक है लेकिन अंबानी के मामले में, यह और भी अधिक होने की संभावना है क्योंकि वे खाना, यात्रा, रहना और बाकी खर्चों का भी भुगतान कर रहे हैं। इनके भी प्रदर्शन की संभावना पहले से ही दो प्री वेडिंग के साथ, यह साफ है कि अंबानी परिवार को फॉरेन के पॉप सिंगर्स का शौक है। इसलिए, इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि शादी में सितारों का उलझाव होने की उम्मीद है। खबरें ये भी फैल रही हैं कि एडेल, ड्रेक और लाना डेल रे को 12-14 जुलाई, 2024 के बीच होने वाले कार्यक्रम में परफॉर्म करने के लिए इनवाइट किया जा रहा है।

राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए प्रदेश में 6 से 20 जुलाई तक राजस्व पखवाड़े का किया आयोजन

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा है कि राजस्व विभाग का कार्य आम लोगों से जुड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के द्वारा बेहतर और पारदर्शी प्रशासन के लक्ष्य के अनुरूप लोगोंं के राजस्व संबंधी कार्य पूरी सजगता और संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए प्रदेश में 6 से 20 जुलाई तक राजस्व पखवाड़े का आयोजन किया जा रहा है। सभी राजस्व अधिकारी इस पखवाड़े के दौरान लंबित राजस्व प्रकरणों का अनिवार्य रूप से त्वरित निराकरण करें। वर्मा कलेक्टोरेट बलौदाबाजार में जिला स्तरीय विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। समीक्षा बैठक में राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा की राजस्व विभाग में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन जैसे बहुत ही छोटे -छोटे कार्य होते है जो हर किसी से जुडा होता है। इन कामों का निपटारा समय पर कर दिया जाए तो लोगों में राजस्व विभाग के प्रति जो नजरिया है वह सकारात्मक हो सकता है। पहले एक गांव को चिन्हांकित कर राजस्व विवादमुक्त ग्राम बनाएं। ऐसे ग्राम के पटवारी आरआई को सम्मानित भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बरसात में जिले के नदी- नालों में बाढ़ की स्थिति निर्मित हो सकती है। इससे निपटने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित होनी चाहिए। मंत्री  वर्मा ने कहा कि किसानों को खाद-बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो। खेत में पानी भरने से धान खराब होने पर किसानों को नि:शुल्क बीज प्रदाय करें। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से वंचित सभी किसानों को पंजीकृत कर लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने बड़े सीमेंट सयंत्रों एवं खदानों में स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलबध कराने के लिए रोजगार मूलक प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए। इसी प्रकार सयंत्रो के द्वारा संचालित खनन इकाईयों में भी युवाओं को नियोजित कराएं। उन्होने अग्निवीर भर्ती में अधिक से अधिक युवाओं को शामिल होने के लिए प्रेरित करने तथा कैरियर मार्गदर्शन एवं कोचिंग की व्यवस्था करने कहा। उन्होंने कहा कि जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत निर्मित कुछ सड़कें बहुत जल्द खराब होने की बात सामने आ रही है, ऐसे सड़को के निर्माणकर्ता ठेकेदारों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। विभिन्न निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर कोई समझौता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बलौदाबाजार बाई पास निर्माण कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही स्कूल भवनों के जीर्णोद्धार, अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए शेष स्कूलों का चिन्हांकन कर प्रस्ताव  विभाग को भेजनें तथा एकल शिक्षकीय स्कूलों में शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित करने कहा। बैठक में राजस्व मंत्री ने एजेंडा अनुसार विभिन्न विभागों के कार्यो का विस्तार से समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर श्री दीपक सोनी ने राजस्व मंत्री द्वारा दिए गए निदेर्शों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश सभी विभाग के अधिकारियो को दिए। उन्होने विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के भी निर्देश दिए।

यामिनी पांडेय बनीं खेल संयुक्त संचालक, छत्तीसगढ़ प्रशासनिक सेवा के 19 अधिकारियों का तबादला

रायपुर। राज्य सरकार ने 19 राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का तबादला किया है। इसका आदेश सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी कर दिया। आदेश के मुताबिक, शैलाभ कुमार साहू व लवीना पांडेय को मंत्रालय के उपसचिव बनाए गए हैं। यामिनी पांडेय संयुक्त संचालक खेल, उमाशंकर अग्रवाल अपर आयुक्त नगर-निगम रायपुर, पदुमलाल यादव उपायुक्त राजस्व दुर्ग, उमेश पटेल अवर सचिव मंत्रालय, अरुण कुमार वर्मा, रजिस्ट्रार रेरा बनाए गए हैं। अन्य अधिकारियों में सुनील कुमार शर्मा रजिस्ट्रार कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विवि, सुमन राज संयुक्त कलेक्टर खैरागढ़ छुईखदान, सुमन राज- संयुक्त कलेक्टर, खैरागढ़-छुईखदान- गंडई, प्रदीप कुमार बैद्य- संयुक्त कलेक्टर, उत्तर बस्तर कांकेर, कैलाश प्रसाद वर्मा- प्रबंधक, नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण, शीतल बंसल- संयुक्त कलेक्टर, राजनांदगांव, बहादुर सिंह मरकाम- डिप्टी कलेक्टर, धमतरी, हितेश पिस्दा- डिप्टी कलेक्टर, दुर्ग तरूण साहू- अवर सचिव, मंत्रालय, रानू मैथ्यूज- डिप्टी कलेक्टर, उत्तर बस्तर कांकेर, रश्मि वर्मा- उप संचालक, छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी निमोरा, रायपुर,अरविंद शर्मा- उपायुक्त, भू-अभिलेख नवा रायपुर, महेश शर्मा- डिप्टी कलेक्टर, बिलासपुर शामिल हैं।

हाई ब्लड प्रेशर: पहले लक्षण और बचाव के उपाय

भारत में युवा पुरुषों में उच्च रक्तचाप एक व्यापक लेकिन अक्सर होने वाली समस्या है जिस पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है। यह एक साइलेंट बीमारी है, लेकिन अगर इसका समय पर इलाज न किया जाए तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है। यह स्टोर उच्च रक्तचाप के प्रारंभिक पता लगाने और नियंत्रण के महत्व पर बल देता है ताकि युवा पुरुषों के लिए इष्टतम भविष्य सुनिश्चित किया जा सके। उच्च रक्तचाप एक ऐसी स्थिति है जो समय के साथ हृदय, नसों, गुर्दे और अन्य महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचा सकती है। डॉक्टर इसे अक्सर ‘साइलेंट किलर’ कहते हैं क्योंकि तब तक कोई खास लक्षण सामने नहीं आते, जब तक कि शरीर को काफी नुकसान नहीं पहुंच जाता। आजकल तनाव और व्यस्त जीवनशैली को देखते हुए, युवा पुरुषों में हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ रहा है। आंकड़ों की कहानी रूबी हॉल क्लिनिक (पुणे) में कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सुनील साठे ने बताया कि भारत में उच्च रक्तचाप खासकर युवा पुरुषों के लिए एक बढ़ती हुई सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता है। 2019-2021 के एक राष्ट्रीय सर्वेक्षण अध्ययन में 1.7 मिलियन (17 मिलियन) लोगों को शामिल किया गया था। अध्ययन में पाया गया कि 28.1% लोगों को उच्च रक्तचाप था, जिनमें से केवल 36.9% को ही इसका पता चला। जिन लोगों को इसका पता चला उनमें से 44.7% ने दवा ली (उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों का 17.7%) और इलाज कराने वालों में से केवल 52.5% (कुल उच्च रक्तचाप वालों का 8.5%) ही अपने रक्तचाप नियंत्रण में रखा वल. एक हालिया अध्ययन के अनुसार, 35% भारतीयों का रक्तचाप उच्च है। प्रारंभिक पता लगाने का महत्व उच्च रक्तचाप का प्रारंभिक पता लगाना बहुत जरूरी है। भले ही लक्षण न हों, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण से रक्तचाप के उच्च स्तर का शीघ्र पता लगाया जा सकता है। खासकर युवा पुरुषों को अपने रक्तचाप की निगरानी के प्रति सतर्क रहना चाहिए। प्रारंभिक उपचार उच्च रक्तचाप को बढ़ने से रोक सकता है और दिल की बीमारी, स्ट्रोक और गुर्दे खराब होने जैसी समस्याओं के खतरे को कम कर सकता है। अगर उच्च रक्तचाप को नजरअंदाज किया जाए तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। लंबे समय तक उच्च रक्तचाप के कारण न तो सख्त और न ही मोटा हो सकता है, जिससे एथेरोस्क्लेरोसिस नामक स्थिति पैदा हो सकती है। इससे दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। यह गुर्दे को भी नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे क्रोनिक किडनी रोग हो सकता है और आंखों को भी प्रभावित कर सकता है, जिससे संभावित रूप से दृष्टि समस्या या अंधापन हो सकता है। इसके अलावा, अनुपचारित उच्च रक्तचाप समय के साथ मस्तिष्क क्षीणता (ब्रेन एट्रोफी) और मनोभ्रंश (डिमेटिया) में भी योगदान कर सकता है।

SCO शिखर सम्मेलन में चीनी विदेश मंत्री को एस जयशंकर की दो टूक, कहा-LAC का सम्मान जरूरी

नई दिल्ली वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर जारी गतिरोध के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को अस्ताना में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों ही मंत्रियों ने सीमा क्षेत्रों में बाकी मुद्दों के शीघ्र समाधान के लिए प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दोनों पक्ष सीमा मुद्दों को हल करने के लिए कूटनीतिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से प्रयास बढ़ाने पर सहमत हुए। एस जयशंकर ने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा का सम्मान करना और सीमा क्षेत्रों में शांति सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी सम्मान के तीन सिद्धांत भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों का मार्गदर्शन करेंगे। एलएसी को लेकर हुई दोनों देशों के बीच बात विदेश मंत्रालय के मुताबिक दोनों मंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई कि बॉर्डर में मौजूदा स्थिति का लंबा खिंचना दोनों पक्षों के हित में नहीं है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईस्टर्न लद्दाख के उन एरिया में भी पूरी तरह डिसइंगेजमेंट पर जोर दिया जहां अभी भी भारत और चीन के सैनिक आमने सामने हैं। बातचीत में कहा गया कि पूरी तरह डिसइंगेजमेटं और सीमा पर सीमा पर शांति और स्थिरता बहाल करने के प्रयासों में और तेजी लानी होगी ताकि द्विपक्षीय संबंध जल्द सामान्य हो सकें। उन्होंने इस पर भी जोर दिया कि दोनों सरकारों के बीच हुए द्विपक्षीय समझौतों, प्रोटोकॉल और समझौतों का पूरी तरह पालन अहम है। लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल का सम्मान किया जाना चाहिए और बॉर्डर एरिया में हमेशा शांति और स्थिरता सुनिश्चित की जानी चाहिए। सैन्य अधिकारियों की मीटिंग्स को जारी रखने पर सहमति दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने अपने कूटनीतिक और सैन्य अधिकारियों की मीटिंग्स को जारी रखने पर सहमति व्यक्त की ताकि बचे हुए मुद्दों को जल्द से जल्द हल किया जा सके। इसके लिए WMCC यानी वर्किंग मेकेनिजम फॉर कंसल्टेशन एंड कॉर्डिनेशन की मीटिंग जल्द बुलाने पर भी सहमति जताई। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत-चीन संबंध आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हितों का पालन करने से मजबूत हो सकते हैं। दोनों मंत्रियों ने वैश्विक स्थिति पर भी बातचीत की। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अगले साल चीन की SCO की अध्यक्षता के लिए भारत का समर्थन भी व्यक्त किया। मई 2020 में हुआ था दोनों देशों के बीच तनाव मई 2020 में ईस्टर्न लद्दाख में एलएसी पर भारत और चीन के बीच तनाव शुरु हुआ था, जब चीनी सैनिक कई जगहों पर काफी आगे आ गए थे। तब से अब तक गतिरोध खत्म करने के लिए WMCC की दो दर्जन से ज्यादा मीटिंग हो चुकी हैं और कोर कमांडर स्तर की 21 राउंड मीटिंग हो चुकी हैं। हर मीटिंग के बाद दोनों तरफ से बयान जारी कर कहा गया कि दोनों पक्ष गतिरोध को बातचीत के जरिए सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और लगातार बातचीत जारी रहेगी साथ ही दोनों पक्ष जमीनी स्तर पर शांति बनाए रखने पर राजी हैं। चार जगहों पर आगे आ गई थी चीनी सेना ईस्टर्न लद्दाख में जब तनाव शुरू हुआ तो चीनी सैनिक चार जगहों पर आगे आ गए थे, जिसके बाद भारतीय सेना ने भी अपनी तैनाती बढ़ाई और चीनी और भारतीय सैनिक एकदम आमने सामने डटे हुए थे। दोनों देशों के बीच कोर कमांडर स्तर की बातचीत के बाद उन सभी चार जगहों से दोनों देशों के सैनिक पीछे हो गए। यानी वह अब वहां पर आमने सामने नहीं हैं। सबसे पहले पैंगोंग एरिया यानी फिंगर एरिया और गलवान में पीपी-14 में डिसइंगेजमेंट हुआ यानी दोनों देशों के सैनिक आमने सामने से हटकर पीछे गए। फिर गोगरा में पीपी-17 से सैनिक हटे और फिर गोगरा-हॉट स्प्रिंग एरिया में पीपी-15 से सैनिक हटे। जिन जगहों पर डिसइंगेजमेंट हुआ वहां पर नो-पेट्रोलिंग जोन बने हैं। यानी जब तक दोनों देश मिलकर कुछ रास्ता नहीं निकाल लेते तब तक इन चारों जगहों पर 1 किलोमीटर से लेकर 3 किलोमीटर तक का एरिया नो-पेट्रोलिंग जोन है यानी यहां कोई पेट्रोलिंग (गश्ती) नहीं करेगा। इन चारों जगहों पर जहां दोनों देशों के सैनिक आमने सामने थे वह कुछ किलोमीटर पीछे गए, इसे डिसइंगेजमेंट कहा जाता है यानी वे फिलहाल ऐसी स्थिति में नहीं है कि तुरंत झड़प की नौबत आ जाए। हालांकि दोनों देशों के सैनिक अपने अपने इलाके में पीछे की तरफ बढ़ी संख्या में तैनात हैं। डेपसांग और डेमचॉक दो ऐसे पॉइंट हैं जहां अब भी विवाद बना हुआ है। हर मीटिंग में इन दो पॉइंट को लेकर बातचीत हो रही है। हर मीटिंग में भारत की तरफ से यहां पर पहले की तरह स्थिति बहाल करने को कहा जाता रहा है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “आज सुबह अस्ताना में सीपीसी पोलित ब्यूरो के सदस्य और विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। सीमा क्षेत्रों में शेष मुद्दों के शीघ्र समाधान पर चर्चा की। उस लक्ष्य के लिए कूटनीतिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से प्रयासों को दोगुना करने पर सहमति हुई। एलएसी का सम्मान करना और सीमा क्षेत्रों में शांति सुनिश्चित करना आवश्यक है। आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हित हमारे द्विपक्षीय संबंधों का मार्गदर्शन करेंगे।”  

गुजरात में 24700 शिक्षकों की भर्ती जल्द होगी शुरू, 13 साल पहले TET पास वाले भी कर सकेंगे आवेदन

 अहमदाबाद  शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे योग्य उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है. लंबे आंदोलन के बाद गुजरात सरकार ने राज्य में 24700 शिक्षकों की भर्ती को मंजूरी दे दी है. गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के सरकारी प्राइमरी, सहायता प्राप्त सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी स्कूलों में विभिन्न स्तरों पर शिक्षकों की भर्ती कैलेंडर तैयार किया गया है. इस प्रस्तावित भर्ती कैलेंडर के मुताबिक, राज्य सरकार अलग-अलग स्तर पर 24,700 से अधिक शिक्षकों की भर्ती का नोटिफिकेशन जारी करके भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगी. ये भर्तियां अगस्त 2024 से दिसंबर 2024 तक विभिन्न संभावित तिथियों में आयोजित की जाएंगी. 3400 पदों पर भर्ती प्रक्रिया 1 अगस्त से होगी शुरू सरकार के प्रवक्ता मंत्री ऋषिकेष पटेल ने इस संबंध में कहा कि भर्ती प्रक्रिया के प्रस्तावित कैलेंडर के अनुसार, अनुदान प्राप्त विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों (HMAT PASS अभ्यर्थियों) के अनुमानित 1200 पदों और पुराने शिक्षकों के 2200 पदों को भरने के लिए संभावित विज्ञापन की तिथि 1 अगस्त तय की गई है. सितंबर में भरी जाएंगी करीब 4000 रिक्तियां सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों और अनुदानित उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षण सहायकों (TET उच्च माध्यमिक पास उम्मीदवारों) के लिए लगभग 4000 रिक्तियां हैं, जिनमें सरकारी उच्चतर माध्यमिक शिक्षा सहायकों के लिए 750 पद और अनुदानित उच्चतर माध्यमिक शिक्षा सहायकों के लिए 3250 पद शामिल हैं. इसकी संभावित घोषणा तिथि 01/09/2024 होगी. अक्टूबर में 3500 पदों के लिए जारी होगा भर्ती नोटिफिकेशन इसके अलावा, सरकारी और अनुदानित माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षण सहायक के कुल 3500 पदों के लिए विज्ञापन 01/10/2024 को होगा जिसमें सरकारी माध्यमिक शिक्षण सहायक (TAT माध्यमिक पास उम्मीदवार) के 500 पद और अनुदानित माध्यमिक शिक्षण सहायक (TAT) के 3000 पद होंगे. नवंबर में 7000 और दिसंबर में 6000 से ज्यादा वैकेंसी निकलेगी सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गुजराती माध्यम में शिक्षण सहायक के रूप में TET-2 पास अभ्यर्थियों के लिए लगभग 7000 पदों के लिए संभावित भर्ती विज्ञापन की तिथि 01/11/2024 होगी. विद्यासहायक (अन्य माध्यम) सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 600 पदों के लिए TET-2 पास अभ्यर्थी की घोषणा 01/11/2024 को की जाएगी. वहीं सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में गुजराती माध्यम में शिक्षण सहायक के रूप में TET-1 पास उम्मीदवारों के लिए लगभग 5000 पदों और सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में अन्य माध्यम में शिक्षण सहायक के रूप में TET-1 पास उम्मीदवारों के लिए लगभग 1200 पदों पर भर्ती की घोषणा 01/12/2024 को की जाएगी. 2011 में TET-2 और 2012 में TET-1 पास भी कर सकते हैं आवेदन मंत्री ऋषिकेष पटेल ने कहा कि राज्य कैबिनेट की बैठक में TET-1 और TET-2 अभ्यर्थियों के संबंधित परीक्षा प्रमाणपत्र की वैधता अवधि के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं. उन्होंने बताया कि इन निर्णयों के अनुसार घोषित भर्ती में भर्ती नियमों के प्रावधानों के अनुसार वर्ष 2012 से 2023 तक TET-1 में पास सभी अभ्यर्थी और 2011 से 2023 तक TET-2 में पास सभी अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे. इस भर्ती के बाद 2023 में TET-1 और TET-2 पास करने वाले अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र की वैधता की अवधि प्रमाणपत्र जारी होने की तिथि या राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत एनसीटीई द्वारा घोषित नई संरचना से 5 वर्ष होगी. साल 2023 से पहले TET-1 और TET-2 पास करने वाले अभ्यर्थियों का शिक्षक पात्रता परीक्षा प्रमाणपत्र इस भर्ती प्रक्रिया के लिए वैध माना जाएगा. 29 अप्रैल 2023 के अनुसार केवल TET-माध्यमिक और TET-उच्च माध्यमिक अभ्यर्थियों के लिए वर्ष 2023 में आयोजित दो स्तरीय शिक्षक योग्यता परीक्षा के परिणाम ही सरकारी और सहायता प्राप्त माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में भर्ती के लिए विचार किए जाएंगे. सरकार के इस फैसले से इस भर्ती के माध्यम से राज्य के स्कूलों में पर्याप्त संख्या में शिक्षक उपलब्ध होंगे और उपयुक्त उम्मीदवारों को मौका मिलेगा.  

शहरों के साथ-साथ गांवों के भी स्कूल अब बनते जा रहे आकर्षक

रायपुर शहरों के साथ-साथ गांवों के भी स्कूल अब आकर्षक बनते जा रहे हैं। नए शिक्षा सत्र शुरू होने के साथ नौनिहालों को बेहतर शैक्षणिक परिवेश दिलाने स्कूलों का कायाकल्प किया जा रहा है। महासमुंद, कांकेर, सरगुजा और राजनांदगांव जिले में एक हजार 991 स्कूलों का जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण किया जा चुका है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हाल ही में शिक्षा विभाग के समीक्षा बैठक के दौरान सभी कलेक्टरों को अपने जिलों में स्कूलों की मरम्मत और जीर्णोद्धार के कार्य जल्द पूर्ण कराने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश के बाद सभी जिलों में स्कूलों की मरम्मत और जीर्णोद्धार के कार्य में तेजी आई है। स्कूलों को आकर्षक ढंग से भी सजाया जा रहा है। मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के अंतर्गत किए जा रहे जीर्णोद्धार में प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूलों में पक्की छत, कक्षाओं में टाईल्स और शाला परिसर में पेवर ब्लॉक के साथ रंगरोगन का कार्य किए जा रहे है। इन स्कूलों में ज्ञानवर्धक और कलात्मक चित्रकारी भी की जा रही है। स्कूलों में आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कक्ष आदि बनाए जा रहे हैं। नए शिक्षा सत्र प्रारंभ होने के साथ ही स्कूलों में शाला प्रवेश उत्सव भी मनाएं जा रहें हैं। शालाओं में मरम्मत और जीर्णोद्धार होने से छात्रों एवं पालकों का रूझान भी इन विद्यालयों के प्रति बढ़ा है। विद्यालयों का कायाकल्प करने व आकर्षक बनाने की वजह से पालक अपने बच्चों को इन स्कूलों में दाखिला करा रहे हैं। मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के अंतर्गत महासमुंद जिले में स्कूलों में जीर्णोद्धार के 333, सरगुजा में 1104, राजनांदगांव में 280, कांकेर में 374 कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं।

AE को 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते लोकायुक्त ने रंगे हाथ पकड़ा, ठेकेदार की शिकायत पर एक्शन

उज्जैन मध्य प्रदेश लोकायुक्त के अधिकारियों ने  लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग में तैनात एक महिला सहायक अभियंता (Assistant Engineer) को उसके कार्यालय में एक ठेकेदार से 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा. लोकायुक्त के पुलिस उपाधीक्षक (DSP) राजेश पाठक ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी के पुलिसकर्मियों ने जाल बिछाया और असिस्टेंट इंजीनियर निधि मिश्रा को उस समय पकड़ लिया, जब वह ठेकेदार से उसकी फर्म के लंबित बिलों को मंजूरी देने के लिए रिश्वत ले रही थी. डीएसपी ने बताया कि आरोपी ने साल 2020 में जल जीवन मिशन के तहत किए गए काम के बिलों को मंजूरी देने के लिए अवैध रिश्वत की मांग की और उसे स्वीकार भी किया. पाठक ने बताया कि काम तय समय से चार महीने देरी से पूरा हुआ और उस अवधि को समायोजित करने के लिए असिस्टेंट इंजीनियर ने अपने और अपने वरिष्ठों की ओर से रिश्वत की मांग की, लेकिन फंस गई. उन्होंने बताया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है. अक्षय ने कहा कि उनकी फर्म ने कुल 80 लाख रुपये का काम किया था, काम छह माह में होना था लेकिन कोरोना के चलते दस माह में पूरा किया था इसलिए अधिकारियों ने उसका अंतिम भुगतान दस लाख रुपये रोक दिया था। अक्षय पाटीदार तीन साल से भुगतान के लिए परेशान हो रहा था तो उसने सीएम हेल्प लाइन पर भी शिकायत कर दी थी। लेवल चार पर शिकायत पहुंचने पर अधिकारी ठेकेदार का भुगतान करने को तैयार हुए थे। मगर पीएचई की सहायक यंत्री निधि मिश्रा ने भुगतान के एवज में रिश्वत की मांग की थी। लोकायुक्त ने रिश्वत लेते महिला AE को रंगे हाथ पकड़ा  रिश्वत मांगे जाने से परेशान पाटीदार ने एक जुलाई को एसपी लोकायुक्त को शिकायत कर दी। शिकायत का सत्यापन डीएसपी लोकायुक्त राजेश पाठक ने किया। शिकायत सही पाए जाने पर बुधवार को लोकायुक्त ने ट्रेप की प्लानिंग की और सहायक यंत्री को रिश्वत लेते हुए उनके सरकारी कार्यालय में रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार AE का कहना उसने SE के कहने पर ली रिश्वत, लोकायुक्त कर रही जाँच  उधर गिरफ्तार महिला अधिकारी ने  लोकायुक्त से कहा कि उसने ये रिश्वत अपने अधिकारी अधीक्षण यंत्री के कहने पर ली है, जिसके जवाब में डीएसपी पाठक ने कहा कि महिला अधिकारी ने जिस अधिकारी का नाम लिया है उसकी जाँच के बाद यदि दोषी निकले तो उनपर भी एक्शन होगा।    

एंड्रॉयड फोन में Noise Cancellation

स्मार्टफोन के नीचे मौजूद छोटा सा छेद, जिसे अक्सर लोग माइक्रोफोन समझ लेते हैं, प्रेरित “माइक्रोफोन ग्रिल” होता है। यह छेद “नॉइज़ कैंसिलेशन माइक्रोफोन” को ढकता है, जो कॉल के दौरान आस-पास के शोर को कम करने में मदद करता है। यह मुख्य माइक्रोफोन (जो आमतौर पर फोन के सामने या ऊपर होता है) के साथ मिलकर काम करता है। जब आप कॉल करते हैं, तो न्यूज़ीलैंड चैनलाइज़ेशन माइक्रोफोन को आस-पास के शोर को खोलता है, और फिर मुख्य माइक्रोफोन द्वारा लिए गए भाषण से इसे अलग करने के लिए विशेष सुविधाओं का उपयोग किया जाता है। यह तकनीक आपको स्पष्ट और शोर-मुक्त कॉल करने में मदद करती है, खासकर व्यस्त या शोरगुल वाली जगह पर। यदि आप नॉरिज़ कैंसिलेशन माइक्रोफोन ग्रिल को हटा देते हैं, तो आपके कॉल की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। आसपास के शोर कॉल में अधिक स्पष्ट रूप से उत्तर दिया जाएगा, जिससे बातचीत करना मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा, कुछ मामलों में, नॉइज़ कैंसिलेशन माइक्रोफोन को फोन से हटाने के अन्य कार्य, जैसे कि वॉयस असिस्टेंट का उपयोग करने में भी समस्या हो सकती है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि सभी स्मार्टफोन में नॉरिज़ कैशनमोबाइल नहीं होता है। यदि आप सुनिश्चित नहीं हैं कि आपके फोन में यह है या नहीं, तो आप अपने फोन के मैनुअल या निर्माता की वेबसाइट की जांच कर सकते हैं। संक्षेप में: स्मार्टफोन के नीचे का छोटा सा छेद नॉइज़ कैंसिलेशन माइक्रोफोन को ढलता है। यह माइक्रोफोन कॉल के दौरान आस-पास के शोर को कम करने में मदद करता है। यदि आप इसे हटा देते हैं, तो आपके कॉल की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। सभी स्मार्टफोन में नॉरिज़ कैंसिलेशनफ़ोन नहीं होता है.

ग्वालियर में भोले बाबा के आश्रम के बाहर तैनात की गई थी पुलिस, हलचल तेज, यहां होते थे बाबा के सत्संग

 ग्वालियर उत्तर प्रदेश के हाथरस में भोले बाबा का सत्संग सुनने गए 123 लोगों की मौत हो गई। भगदड़ मचने के कारण हुए इस हादसे का अब एमपी कनेक्शन सामने आया है।दरअसल नारायण हरि साकार उर्फ भोले बाबा ग्वालियर सत्संग के लिए आते थे। यहां उनका एक आलीशान आश्रम बना हुआ है। 10 मई तक बाबा इस आश्रम में रहे थे। आश्रम से हटाया बाबा का नाम भोले बाबा का आलीशान आश्रम ग्वालियर के तिघरा रोड स्थित झंडा का पुरा गांव में है। यहां हरि विहार में बाबा ने एक घर को आश्रम बनाया हुआ है। सत्संग के लिए पीछे स्टेज बना हुआ है। यहां बाबा के सत्संग होते हैं। फिलहाल इस आश्रम की दीवार पर लिखे बाबा के नाम को मिटा दिया गया है। नाम के ऊपर सफेद रंग से पोतकर इसे मिटाया गया है। फिलहाल यह आश्रम भी बंद है। हाथरस हादसे के बाद पुलिस ने ग्वालियर स्थित बाबा के इस आश्रम की भी तलाशी ली है। घर के तलघर की भी जांच की गई है। 12 मार्च को हुआ था आखिरी सत्संग ग्वालियर की जिस बिल्डिंग में भोले बाबा ने आश्रम बना रखा था उसके मालिक राम अवतार कुशवाहा है। इस आश्रम में 12 मार्च 2024 को बाबा ने आखिरी सत्संग किया था। इसके बाद 10 मई तक बाबा इस आश्रम में रहे। बाद में इसे खाली करके  चले गए। बिल्डिंग के मालिक ने बताया कि अब वे स्कूल को यह इमारत देंगे। उन्होंने बाबा को भी यह जगह किराए पर दी थी। मालिक ने कहा कि उनकी जमीन पर कोई गलत काम नहीं होगा। भगदड़ में ग्वालियर की महिला की मौत 2 जुलाई को उत्तर प्रदेश के हाथरस में भोले बाबा के सत्संग के बाद भगदड़ मच गई। इस हादसे में अभी करीब 123 लोगों की मौत की जानकारी सामने आ रही है। इसमें मध्य प्रदेश के ग्वालियर की भी एक महिला शामिल है। ग्वालियर के जगजीवन नगर की 50 वर्षीय रामश्री अन्य महिलाओं के साथ सत्संग सुनने गई थी। अचानक भगदड़ मचने से वह अपने साथियों से बिछड़ गई। इसी भगदड़ में कुचले जाने से उनकी मौत हो गई। बिल्डिंग को खाली करा लिया, अब स्कूल को देंगे जिस बिल्डिंग को बाबा ने आश्रम बना रखा था, उसके मालिक राम अवतार कुशवाहा ने बताया कि हमने बिल्डिंग को खाली करा लिया है। बाबा के सत्संग के अध्यक्ष राम सेवक सुमन को इसे किराए पर दे रखा था। अब इसे स्कूल को देंगे। हमने पहले ही कहा था कि यहां कोई गलत काम नहीं होगा। भोले बाबा के सत्संग में मची थी भगदड़ उत्तर प्रदेश के हाथरस में भोले बाबा के सत्संग के बाद भगदड़ मच गई। कुचलने से 122 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं हैं। कई लोगों की हालत गंभीर है। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। हादसा हाथरस जिले से 47 किमी दूर फुलरई गांव में मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे हुआ।    

जनदर्शन में होगा समाधान, छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री निवास पर सीएम विष्णुदेव साय सुनेंगे लोगों की समस्याएं

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री निवास में प्रत्येक गुरुवार को जनदर्शन लगेगा। आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का दूसरा जनदर्शन कार्यक्रम है। इस दौरान सीएम विष्णुदेव साय जनता की समस्या सुनेंगे। समस्याओं का निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को कार्यवाही के निर्देश देंगे। पहली जनदर्शन कार्यक्रम में काशी ठाकुर अपनी बेटी की आंख के इलाज के लिए सहायता मांगने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता से एक सप्ताह के भीतर पांच वर्षीय नूतन की आंख का इलाज हुआ। पांच वर्षीय नूतन ठाकुर की आंख का इलाज एक सप्ताह के भीतर हो गया है। नूतन की आंख में खेल-खेल में चोट लग गई थी, जिससे रेटिना खराब हो गया था। उसके पिता काशी ठाकुर मुख्यमंत्री निवास में 27 जून को आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के पास पहुंचे और उनसे नूतन की आंख का इलाज करने के लिए सहायता प्रदान करने का आग्रह किया। जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल अधिकारियों को नूतन का बेहतर से बेहतर इलाज करने के निर्देश दिए। काशी ठाकुर आज अपनी बेटी को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। मुख्यमंत्री ने नूतन को  दुलार, नाम पूछा और नूतन को अपना आशीर्वाद प्रदान किए। उन्होंने नूतन से कहा अच्छे से पढ़ाई करना। नूतन ने मुख्यमंत्री को बाल सुलभ सहजता के साथ गुलाब का फूल भेंट किया। काशी ठाकुर भी बेटी के इलाज के लिए मिली त्वरित सहायता के लिए मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद देते नहीं थकते। नूतन के पिता दुर्ग के बोरसीभाटा में रहते हैं, वे माली का काम करते हैं। नूतन का इलाज दुर्गा के शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज में चल रहा था । आंख की स्थिति देखकर डॉक्टरों ने बताया की आंख में कोई इंप्लांट नहीं हो सकता, इसलिए नकली आंख लगानी पड़ेगी। मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर सरकारी खर्च पर नूतन की दाई आंख में पत्थर की आंख लगाइए गई है। नूतन के इलाज के लिए दुर्ग सीएमएचओ द्वारा 25 हजार रुपए की राशि रायपुर के जीईरोड स्थित आर्ट आई सेंटर को उपलब्ध कराई गई। यह प्रोस्थेटिक सेंटर है, जहां कृत्रिम अंग बनाए जाते हैं। यहां नूतन की दाईं आंख में पत्थर की आंख लगाई गई है।

राजस्थान भजनलाल शर्मा सरकार को आज बड़ा झटका लगा, कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने दिया इस्तीफा

जयपुर  राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार को गुरुवार को बड़ा झटका लगा है। मंत्री मंडल के वरिष्ठ सदस्य डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। डॉ. मीणा के इस्तीफे से भाजपा में खलबली मच गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. किरोड़ीलाल मीणा को पिछले कई दिनों से मनाने की कोशिश कर रहे थे क्योंकि डॉ. मीणा पहले ही कह चुके थे कि वे इस्तीफा देंगे। कई नेताओं ने सोचा था कि यह केवल बयानबाजी है लेकिन मंत्री पद से इस्तीफा देकर डॉ. मीणा ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को भी चौंका दिया है। यह भी बताया गया है कि डॉ. मीणा ने सरकार को अपना इस्तीफा 20 जून को ही सौंप दिया था। इसी वजह से वो पिछले दिनों हुई सरकार की अहम बैठकों में भी शामिल नहीं हुए। लोकसभा चुनाव में पूर्व राजस्थान में हुई हार की ली जिम्मेदारी हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में पूर्व राजस्थान में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। डॉ. किरोड़ीलाल को पूर्व राजस्थान की सात लोकसभा सीटों की जिम्मेदारी पीएम नरेंद्र मोदी ने दी थी। इन सात सीटों में से तीन सीटों पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। दौसा और टोंक लोकसभा क्षेत्र में उनका बड़ा प्रभाव है। चुनाव के दौरान उन्होंने दावा किया था कि दौसा और टोंक में भाजपा प्रत्याशियों की भारी मतों से जीत होगी। अगर भाजपा के प्रत्याशी जीत नहीं पाते हैं तो वे अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। भाजपा के प्रत्याशी दोनों ही सीटों पर हार गए। बताया जा रहा है डॉ. किरोड़ी लाल मीणा दो दिन पहले ही मंत्री पद से इस्तीफा दे चुके थे। किरोड़ीलाल मीणा का 4 जून वाला ट्वीट। लोकसभा चुनाव का परिणाम आने के दिन 4 जून की दोपहर को जब रिजल्ट आने शुरू हुए तो पता चल गया था कि दौसा और टोंक सीट से भाजपा के प्रत्याशी चुनाव हारने वाले हैं। इस स्थिति को देखते हुए डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने ट्वीट किया जिसमें लिखा कि ‘प्राण जाय पर वचन ना जाए।’ डॉ. मीणा के इस ट्वीट से भी भाजपा में खलबली मच गई थी। पार्टी के वरिष्ठ नेता उन्हें मनाने की कोशिशें करते रहे। मीडिया के सामने डॉ. मीणा ने चुप्पी साध ली थी और अब उन्होंने अपना वचन निभाते हुए मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। सरकारी सुविधाएं पहले ही छोड़ चुके डॉ. मीणा लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के दौरान मंत्रियों को सरकारी वाहन नहीं मिला था। चुनाव परिणाम आने के बाद यानी आचार संहिता हटने के बाद सभी मंत्रियों ने सरकारी वाहन और अन्य सुविधाओं का उपयोग शुरू कर दिया था लेकिन डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने ना तो सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया और ना ही अन्य कोई सरकारी सुविधाएं ली। डॉ. मीणा ने सचिवालय स्थित कृषि विभाग के दफ्तर भी जाना छोड़ दिया था। भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में हुई समीक्षा बैठकों में डॉ. मीणा शामिल नहीं हुए। यहां तक कि भाजपा विधायक दल की बैठक और बजट की तैयारी के लिए हुई मंत्रिमंडल और कैबिनेट की बैठकों से भी दूरी बना ली थी। किरोड़ी के इस्तीफे पर विपक्ष लगातार रहा हमलावर लोकसभा चुनाव में दौसा और टोंक सहित अन्य सीटों पर हुई हार के बाद कांग्रेस के नेता डॉ. किरोड़ी लाल मीणा पर लगातार हमलावर रहे। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा सहित कई नेता बार बार डॉ. किरोड़ी लाल मीणा को उनका वचन याद दिलाते रहे। ‘रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाय पर बचन न जाय’ के वादे को निभाने को लेकर बयान देते रहे। डोटासरा ने तो यहां तक कि कहा था कि डॉ. मीणा अपने वचन के पक्के हैं। उन्हें इस बार भी बचन निभाना चाहिए। वहीं हुआ, डॉ. मीणा 20 जून को ही अपना इस्तीफा दे चुके। मुख्यमंत्री को इस्तीफा सौंपने के बाद वे दिल्ली भी गए और दिल्ली में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात भी कर चुके।  

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