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ईको सेवियर्स ने महापौर को ज्ञापन देकर की पेड़ों को कंक्रीटीकरण से बचाने की मांग

निविदा शर्तों में करें बदलाव ताकि पेड़ों का हो सके संरक्षण ईको सेवियर्स ने महापौर को ज्ञापन देकर की पेड़ों को कंक्रीटीकरण से बचाने की मांग सतना  ईको सेवियर्स संस्था की लीड मेंबर दान्या चौधरी के नेतृत्व में सतना महापौर योगेश ताम्रकार से मुलाकात कर शहर में पेड़ों को कंक्रीटीकरण के जाल से बचाने के संबंध में ज्ञापन के माध्यम से सुझाव दिए गए। संस्था ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि यदि सभी सिविल वर्क में इस बात को जोड़ा जाए कि जिस स्थान पर भी पौधे लगे हों वहां पर एक मीटर के दायरे में न तो कंक्रीट किया जाएगा और न ही टाइल्स लगाए जाएं। ईको सेवियर्स ने कहा कि यदि गुरूग्राम की तर्ज पर आगे के सभी सिविल कार्यों के लिए अपनी निविदा शर्तों को बदलाव किया जाए तो पौधों का संरक्षण किया जा सकता है। ठेकेदारों के लिए यह सुनिश्चित करना अनिवार्य किया जाए कि  पेड़ों के चारों ओर एक मीटर का दायरा बिना कंक्रीट के छोड़ दिया जाए। इस तरह के नीतिगत हस्तक्षेप और निविदा शर्तों में बदलाव को सतना नगर निगम द्वारा भी लागू किया जाना चाहिए। ज्ञापन दिए जाने के दौरान आर्यन मागो, फतेह जहान, , सान्वी सहगल, आर्यवीर, रुद्रवीर, आद्या शुक्ला, मेधांश शुक्ला, दिव्य सहित अन्य ईको सेवियर्स मौजूद रहे। ईको सेवियर्स को मिल चुका है सम्मान ईको-सेवियर्स पेड़ों के चारों ओर कंक्रीटीकरण के साथ जियोटैगिंग कर रहे हैं । कुछ मामलों में नगर निगम के अधिकारियों ने इसे हटाने के लिए कहा है और अन्य मामलों में संस्थाा अपने संसाधनों को एक साथ इक_ा किया है। मैन्युअल रूप से उक्त कंक्रीट को हटा दिया है। ईको-सेवियर्स के काम को महत्व देते हुए भारत के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री  ने इसे वैश्विक स्थिरता पुरस्कार -2023 से सम्मानित किया है। पर्यावरण-रक्षकों ने महसूस किया है कि यदि पेड़ों के आसपास कंक्रीटीकरण बेरोकटोक जारी रहता है तो यह एक कठिन लड़ाई साबित हो सकती है। ऐसे में अब यह प्रयास किया जा रहा है कि नई जगहों पर ऐसा न होने पाए। केवल पहले से बिछाए गए कंक्रीट को हटाने की दिशा में ही जद्दोजहद हो। छिद्रपूर्ण लगाएं टाइल्स पर्यावरण-रक्षकों ने जल पारगम्य फुटपाथों का उपयोग करने और फुटपाथों पर खाली स्थान या छिद्रपूर्ण सामग्री वाली टाइल्स बिछाने का आग्रह किया है ताकि पानी मिट्टी में रिस सके। उन्होंने बताया कि कुछ नगर पालिकाएं इन टाइल्सों का उपयोग कर रही हैं। हालांकि ईको-सेवियर्स द्वारा बिछाई जा रही उक्त टाइल्सों की ऑडिट से पता चला है कि कई जगहों पर कंक्रीट के ऊपर टाइल्स लगाई गई हैं, जिससे इसका उद्देश्य पूरा नहीं हो सकता।

मायावती कल चेन्नई जाएंगी, तमिलनाडु BSP अध्यक्ष को देंगी श्रद्धांजलि

चेन्नई तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में शुक्रवार शाम को बहुजन समाज पार्टी (BSP) के प्रदेश अध्यक्ष आर्मस्ट्रांग की सरेआम चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई. तीन बाइक पर सवार हत्यारों ने आर्मस्ट्रांग पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार किए और वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए जिन्हें बाद में अरेस्ट कर लिया गया. इस हत्या के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने ऐलान किया है कि वह रविवार को चेन्नई जाएंगी और मृतक के परिजनों से मुलाकात करेंगी. इस हत्या पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने सवाल खड़े करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग उठाई तो मुख्यमंत्री स्टालिन ने हमलावरों की गिरफ्तारी की जानकारी सोशल पर मीडिया दी। स्टालिन ने हत्या पर अफसोस जताते हुए हमलावरों के पकड़े जाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा, “बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आर्मस्ट्रॉन्ग की हत्या स्तब्धकारी एवं अत्यंत दुःखद है। पुलिस ने रातों रात हत्या में शामिल लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।” उन्होंने एक लंबे चौड़े पोस्ट में आगे लिखा, “इसके साथ ही मैं आर्मस्ट्रॉन्ग की शोक संतृप्त पार्टी, परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करना चाहता हूं… मैंने पुलिस अधिकारियों को मामले की शीघ्र तहकीकात कर दोषियों को कानून के अनुसार न्याय के कटघरे में लाने का आदेश दे दिया है।” इससे पहले बहुजन समाज पार्टी अध्यक्ष मायावती ने भी एक्स पर दुख जताते हुए नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था, “बसपा तमिलनाडु राज्य इकाई के अध्यक्ष के. आर्मस्ट्रॉन्ग की आज शाम (5 जुलाई) उनके चेन्नई आवास के बाहर की गई नृशंस हत्या अति-दुःखद व अति-निन्दनीय है। पेशे से वकील आर्मस्ट्रॉन्ग राज्य में दलितों की सशक्त आवाज़ के रूप में जाने जाते थे। सरकार दोषियों के खिलाफ अविलम्ब सख्त कार्रवाई करे।   बसपा सुप्रीमो ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, ‘तमिलनाडु में बीएसपी के कर्मठ एवं समर्पित नेता व स्टेट पार्टी यूनिट के अध्यक्ष श्री के. आर्मस्ट्रांग की कल शाम उनके चेन्नई आवास के बाहर की गयी जघन्य हत्या से पूरे समाज में दुःख व आक्रोश की लहर. सरकार को अविलम्ब सख्त/जरूरी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं को आगे रोका जा सके. इस अति-दुःखद व चिन्ताजनक घटना की गंभीरता आदि को देखते हुए कल सुबह मेरा चेन्नई जाकर श्री आर्मस्ट्रांग को श्रद्धा-सुमन अर्पित करने व उनके पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना देने का कार्यक्रम. सभी शान्ति व्यवस्था बनाए रखें, यह अपील.’ 8 आरोपी अरेस्ट इस हाई प्रोफाइल हत्या के बाद एक्टिव हुई चेन्नई पुलिस ने अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद एक बड़ा खुलासा हुआ है, गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों का कनेक्शन आर्कोट सुरेश गैंग के साथ जुड़ा बताया जा रहा है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक BSP प्रदेश अध्यक्ष आर्मस्ट्रांग की हत्या के मामले में शुरुआती जांच में कुछ तथ्य सामने आए हैं. यह हत्याकांड पुरानी रंजिश और बदले की भावना से जुड़ा लग रहा है. दरअसल, पिछले साल चेन्नई में आर्कोट सुरेश नामक हिस्ट्रीशीटर की हत्या हुई थी. आर्मस्ट्रांग की हत्या के सिलसिले में अब तक गिरफ्तार किए गए 8 आरोपी या तो आर्कोट सुरेश के रिश्तेदार हैं या फिर गिरोह के सदस्य हैं. इनमें से एक पोन्नई बाला जो अभी हिरासत में है, आर्कोट सुरेश का भाई है. हालांकि अभी तक यह साबित नही हो सका है कि यह आपसी रंजिश का मामला है या फिर इसमें कुछ और एंगल है. आरोपियों से पूछताछ के बाद हत्या के पीछे के मकसद का पता लगाया जा सकेगा. चेन्नई उत्तर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक असरा गर्ग ने एजेंसी को बताया कि जांच के लिए दस टीमें गठित की गई हैं. मर्डर में धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया है. दोस्त से बात कर रहे थे आर्मस्ट्रांग बता दें कि तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में 5 जून को शाम 7 बजे बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के प्रदेश अध्यक्ष की बेरहमी से हत्या कर दी गई. 47 साल के आर्मस्ट्रांग पेरम्बूर इलाके में अपने नवनिर्मित घर के पास दोस्त से बातचीत कर रहे थे. इसी दौरान शाम करीब 7 बजे हथियारों से लैस 3 बाइकों पर सवार बदमाशों ने आर्मस्ट्रांग पर हमला कर दिया. वारदात की जगह पर पड़ा मिला चाकू घटनास्थल पर एक बड़ा चाकू पड़ा मिला है, जहां आर्मस्ट्रांग की हत्या की गई. आर्मस्ट्रांग को घायल अवस्था में एक निजी अस्पताल ले जाया गया था, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. जांच में शामिल एक वरिष्ठ अधिकारी ने आजतक को बताया कि 6 लोगों में से 4 ने एक फूड डिलीवरी कंपनी की टी-शर्ट पहन रखी थी. स्टालिन के खिलाफ लड़ चुके हैं चुनाव पेशे के एक वकील और अंबेडकरवादी थे जो दलितों के हित के लिए काम करते थे. 52 वर्षीय आर्मस्ट्रांग कई सालों तक बसपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे. वह उत्तरी चेन्नई इलाके में काफी लोकप्रिय थे. खास कर उन युवाओं के बीच जिसकी उन्होंने पढ़ाई पूरी करने और नौकरियों के कई मामलों में मदद की थी. वह अपनी राजनीतिक सक्रियता और स्थानीय मध्यस्थता में भूमिका के लिए भी जाने जाते थे. आर्मस्ट्रांग ने 2006 के स्थानीय निकाय चुनावों में शहर के एक वार्ड में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल की थी. वे तब चर्चा में आए जब उन्होंने उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को आमंत्रित किया और चेन्नई के अमिनजिकरई में पुल्ला रेड्डी एवेन्यू में एक विशाल रैली और जनसभा आयोजित की. 2011 में आर्मस्ट्रांग ने विधानसभा चुनाव लड़ा था और कोलाथुर निर्वाचन क्षेत्र में डीएमके के एमके स्टालिन से हार गए. उनके परिवार में उनकी पत्नी और एक बेटी है.

मोदी सरकार का बजट 23 जुलाई को, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सातवीं बार पेश करेंगी

नई दिल्ली देश में 18वीं लोकसभा के गठन के बाद अब मोदी सरकार अपने तीसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश करने जा रही है. केंद्रीय बजट 2024 की तारीखों का ऐलान भी हो गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को संसद में बजट पेश करेंगी. दरअसल, 18वीं लोकसभा का पहला सत्र समाप्त हो चुका है. इसमें नवनिर्वाचित सांसदों का शपथ ग्रहण हुआ और लोकसभा व राज्यसभा की संयुक्त बैठक हुई थी, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संबोधित किया था. अब सबकी निगाहें बजट सत्र पर टिकी हैं. 22 जुलाई से 12 अगस्त तक संसद सत्र चलेगा. 1 फरवरी 2024 को पेश हुआ था अंतरिम बजट इस साल अप्रैल में लोकसभा चुनाव होने थे, लिहाजा सरकार ने 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश किया था। यह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का छठा बजट था। इसमें गरीब, महिला, युवा और अन्‍नदाता, यानी किसान फोकस में दिखे। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बजट सत्र की जानकारी अपने एक्स हैंडल पर दी. उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, “भारत सरकार की संस्तुति पर भारत की माननीय राष्ट्रपति ने बजट सत्र, 2024 के लिए संसद के दोनों सदनों को 22 जुलाई, 2024 से 12 अगस्त, 2024 तक बुलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है (संसदीय कार्य की अनिवार्यताओं के अधीन). केंद्रीय बजट 2024-25, 23 जुलाई, 2024 को लोकसभा में पेश किया जाएगा.” टैक्सपेयर्स को मिल सकती है राहत केंद्रीय बजट 2024 की तारीखें घोषित होने के साथ ही, इस बात की काफी उम्मीदें और अटकलें लगाई जा रही हैं कि वित्त मंत्री मोदी 3.0 सरकार के तहत टैक्सपेयर्स के लिए कुछ लाभों की घोषणा कर सकती हैं. वहीं समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने दो सरकारी अधिकारियों के हवाले से बताया कि केंद्र सरकार केंद्रीय बजट में ग्रामीण आवास के लिए राज्य सब्सिडी बढ़ाने की तैयारी कर रही है, जिसमें पिछले साल की तुलना में 50 प्रतिशत तक की वृद्धि होने की उम्मीद है, जो 6.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक हो जाएगी. निर्मला सीतारमण के नाम दर्ज होगा अनोखा रिकॉर्ड बता दें कि इस साल दो बार बजट पेश हो रहा है. 1 फरवरी 2024 को अंतरिम बजट पेश किया गया था. लेकिन अब नई सरकार का गठन होने के बाद पूर्ण केंद्रीय बजट पेश होने जा रहा है. इस बार बजट पेश करने के साथ ही वर्तमान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज हो जाएगा. कारण, ऐसा करके वह लगातार सात केंद्रीय बजट पेश करने वाली पहली वित्त मंत्री बन जाएंगी. इस मामले में वह मोरारजी देसाई को पीछे छोड़ देंगी. देसाई ने लगातार छह बजट पेश किए थे.   फुल और अंतरिम बजट होता क्या है? इनमें क्या अंतर है? केंद्रीय बजट देश का सालाना फाइनेंशियल लेखा-जोखा होता है। यूं कहें कि बजट किसी खास वर्ष के लिए सरकार की कमाई और खर्च का अनुमानित विवरण होता है। बजट के जरिए सरकार यह तय करने का प्रयास करती है कि आगामी वित्त वर्ष में वह अपनी कमाई की तुलना में किस हद तक खर्च कर सकती है। सरकार को हर वित्त वर्ष की शुरुआत में बजट पेश करना होता है। भारत में वित्त वर्ष का पीरियड 1 अप्रैल से 31 मार्च तक होता है। वहीं अंतरिम बजट सरकार को आम चुनावों का फैसला होने और नई सरकार बनने के बाद फुल बजट की घोषणा करने तक, देश को चलाने के लिए धन उपलब्ध कराता है। अंतरिम बजट शब्द आधिकारिक नहीं है। आधिकारिक तौर पर इसे वोट ऑन अकाउंट कहा जाता है।

हाईकोर्ट ने DDA के अतिक्रमण हटाओ अभियान का किया सपोर्ट, कहा दिल्ली अपनी जड़ों को खो रही

नई दिल्ली  दिल्ली हाईकोर्ट ने अवैध निर्माण करने वालों को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली अपनी जड़ों को खो रही। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में आने वाली बाढ़ मानव निर्मित है, क्योंकि यमुना के मैदानी इलाकों पर बड़ी संख्या में लोग अवैध निर्माण कर रहे हैं। इस वजह से पानी के निकलने का रास्ता बंद हो गया है और शहर में बाढ़ आ रही है। हाईकोर्ट मयूर विहार में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की ओर से अतिक्रमण हटाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि कृपया मगरमच्छ के आंसू न बहाएं। दिल्ली में बाढ़ को लेकर हाईकोर्ट सख्त अदालत ने कहा कि DDA ने दशकों पहले यमुना नदी के रास्ते को साफ करने और अतिक्रमण करने वालों को हटाने की मुहिम तेज की थी। हालांकि, अतिक्रमणकारी वहां से हटने को तैयार नहीं हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और जस्टिस तुषार राव गेड़ेला की पीठ ने कहा कि यह शहर अपनी जड़ों को ही खो रहा है। यह कैसे हो सकता है कि कोई विवेकशील व्यक्ति यमुना के मैदानों पर भी कब्जा कर ले। आखिर पानी कहां जाएगा? उसे तो जगह चाहिए। आज इस शहर के सभी नाले, जिनसे होकर पानी बहता है, अवैध निर्माण के कारण बंद हैं। इससे कानून का पालन करने वाला एक आम नागरिक ही परेशान हो रहा है। अतिक्रमण की वजह से डूब रहे घर- कोर्ट अदालत ने यमुना खादर स्लम यूनियन के वकील से कहा, ‘अतिक्रमण की वजह से उन लोगों के घर डूब रहे, जिन्होंने अधिकृत क्षेत्रों में निर्माण किया है। जिन्हें घर बनाने को लेकर सभी तरह की अनुमति मिली हैं। उनके घर डूब रहे हैं। ऐसा उन लोगों की वजह से हो रहा जिन्होंने कानून को अपने हाथ में ले लिया है और यमुना के पानी बहाव वाले एरिया पर कब्जा कर अवैध निर्माण किया है। मगरमच्छ के आंसू न बहाएं, कोर्ट की दो टूक यमुना खादर स्लम यूनियन के वकील ने दावा किया कि वे वैकल्पिक आवास की मांग कर रहे हैं। वो यमुना खादर पर रहने की अनुमति नहीं मांग रहे। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि उन्होंने पहले ही बेदखली के खिलाफ अंतरिम रोक हासिल कर ली है। पीठ ने कहा, ‘कृपया मगरमच्छ के आंसू न बहाएं। यह भूमि अधिग्रहण यमुना नदी के चैनलाइजेशन के लिए था। अब कानून का पालन करने वाले नागरिक पीड़ित हैं क्योंकि उनके घरों में बाढ़ आ गई है। आप एक कब्जाधारक हैं। अदालत पहले ही एक फैसला सुना चुकी है। कब्जाधारक अदालत में आ रहे हैं और छह साल के लिए रोक आदेश प्राप्त कर रहे हैं।’ अदालत ने इस दौरान एकल पीठ के उस आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया जिसने DDA अभियान के लिए रास्ता साफ कर दिया था। पीठ ने DDA की ओर से किए गए उस सैटेलाइट इमेजरी का जिक्र किया जिसमें अतिक्रमण दिखाया गया था। अदालत ने याचिकाकर्ताओं के वैकल्पिक भूमि पर पुनर्वास के तर्कों का जवाब देते हुए कहा कि यह दावा कि आपके मुवक्किल 1970 के दशक से वहां रह रहे हैं, बकवास है। यह सब कल्पना की उपज है, सब झूठ का पुलिंदा है। जब DUSIB पुनर्वास के लिए कॉलोनियों को मान्यता दे रहा है, तो वह आपकी कॉलोनी को क्यों छोड़ेगा? कोर्ट ने आदेश में क्या कहा याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और कहा था कि वे बेघर हैं और खादर क्षेत्र में रैन बसेरों और झुग्गियों में रह रहे। DDA ने कहा कि वे यमुना में बाढ़ के मैदान पर अवैध रूप से रह रहे हैं। सिंगल जज ने कहा था कि याचिकाकर्ताओं की ओर से दायर किए गए दस्तावेजों में 2006 की कटऑफ डेट्स से पहले स्लम और जेजे क्लस्टर्स के निरंतर अस्तित्व का पता नहीं चलता है। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि कुछ याचिकाकर्ताओं की ओर से दायर किए गए कुछ दस्तावेजों में स्लम और जेजे क्लस्टर्स का अस्तित्व नहीं दिखाया गया है जो उन्हें पुनर्वास के हकदार बनाते हैं। इसमें कहा गया है कि केवल वे ग्रुप जिन्हें दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड की ओर से पहचाना गया है, वे ही पुनर्वास के हकदार हैं।  

धार भोजशाला को जैन मंदिर बताने वाली याचिका हाईकोर्ट से वापस, पूजा करने की मांगी थी अनुमति, ASI की रिपोर्ट पर सबकी नजर

धार  भोजशाला-कमल मौला मस्जिद परिसर में जैन समुदाय के लिए पूजा करने के अधिकार की मांग वाली याचिका वापस ले ली गई। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में दायर यह रिट याचिका शुक्रवार को तकनीकी आधार पर वापस हुई। दिल्ली के सामाजिक कार्यकर्ता सलेकचंद जैन द्वारा दायर याचिका में दावा किया गया कि विवादित परिसर में एक बार एक जैन गुरुकुल और एक जैन मंदिर था जहां देवी अंबिका की मूर्तियां स्थापित की गई थीं। उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ के न्यायमूर्ति प्रणय वर्मा ने रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए मौखिक रूप से कहा कि याचिका न तो उचित प्रारूप में प्रस्तुत की गई है और न ही इसे दायर करने में देरी का कारण बताया गया है। इसके बाद जैन के वकीलों ने याचिका वापस ले ली और अदालत से निर्धारित प्रारूप में नया आवेदन दायर करने की अनुमति मांगी। बाद में एकल पीठ अदालत की मंजूरी मिलने के बाद याचिका वापस ले ली गई। इसमें (याचिका में) दावा किया गया कि भोजशाला परिसर में एक जैन गुरुकुल और जैन मंदिर हुआ करता था, जहां छात्रों को जैन भिक्षुओं और विद्वानों द्वारा शिक्षा दी जाती थी। इस परिसर में संस्कृत, प्राकृत और अन्य भाषाओं में ग्रंथों के अनुवाद का काम भी किया जाता था। इसलिए जैन समुदाय के लोगों को इस स्थान पर पूजा करने का अधिकार दिया जाना चाहिए। याचिका में यह भी दावा किया गया कि भोजशाला परिसर में जिस मूर्ति को हिंदू समुदाय वाग्देवी (देवी सरस्वती) की मूर्ति बता रहा है, वह वास्तव में जैन समुदाय की देवी अंबिका (जैन यक्षिणी) की मूर्ति है, जिसे धार के राजा भोज ने 1034 ई. में इस परिसर में स्थापित किया था। याचिका में मांग की गई थी कि लंदन के एक संग्रहालय में रखी गई प्रतिमा को भारत वापस लाया जाए और धार के भोजशाला परिसर में फिर से स्थापित किया जाए। हिंदू समुदाय भोजशाला को वाग्देवी (देवी सरस्वती) का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष 11वीं सदी के इस स्मारक को कमल मौला मस्जिद कहता है। यह परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित है। भोजशाला सर्वे मामले में हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक एएसआई को विवादित परिसर की पूरी सर्वे रिपोर्ट 15 जुलाई तक जमा करनी है।

स्कूल से लौटते समय नहाने के दौरान हादसा, राजस्थान-करौली के तालाब में डूबा बच्चा

करौली. करौली सदर थाने के अकोलपुरा गांव में बारिश के दौरान तालाब में नहाते समय 8 वर्षीय बालक की तालाब में डूबने से मौत हो गई। मृतक बालक कौशल का शव करौली हॉस्पिटल की मोर्चरी में पहुंचाया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। बालक स्कूल से घर लौटते समय बारिश में नहाने रुक गया था। करौली सदर थाना अधिकारी योगेंद्र शर्मा ने बताया कि अकोलपुरा गांव निवासी कौशल पुत्र मगन जागा उम्र 8 साल कक्षा 4 में एक निजी विद्यालय का छात्र था। शुक्रवार को तेज बारिश के कारण स्कूल वाहन नहीं आने के चलते बालक स्कूल से पैदल अपने घर लौट रहा था। रास्ते में बारिश आने के कारण दोस्तों के साथ तालाब में नहाने रुक गया। बाद में उसका साथी घर लौट गया, लेकिन बालक के घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने उसकी तलाश की। सब जगह तलाश करने के बाद भी बालक के नहीं मिलने पर परिजनों ने शनिवार सुबह करौली सदर थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना पर सदर थाना पुलिस अकोलपुरा गांव पहुंची और बालक की तलाश की। बालक का शव गांव के तालाब में मिला। मृतक का शव तालाब से निकालकर करौली हॉस्पिटल की मोर्चरी लाया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। बालक के एक बड़ा भाई भी है, जो मानसिक रूप से कमजोर बताया जा रहा है। सदर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पेरिस ओलंपिक 2024 में युगांडा का प्रतिनिधित्व करेंगे 20 एथलीट

कंपाला युगांडा एथलेटिक्स फेडरेशन (यूएएफ) ने 20 एथलीटों की एक टीम घोषित की है, जो पेरिस 2024 ओलंपिक खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करेगी।  फ्रांस में 26 जुलाई से 11 अगस्त तक होने वाले खेलों में दुनिया भर के 10,000 से ज़्यादा शीर्ष एथलीट हिस्सा लेंगे। शुक्रवार को ट्रैक और फ़ील्ड टीम की घोषणा करते हुए, यूएएफ के अध्यक्ष डोमिनिक ओटुचेट ने स्पष्ट किया कि टीम में अनुभवी एथलीट शामिल हैं, जो देश के लिए पदक जीतने की क्षमता रखते हैं।  ओटुचेट ने कहा, हमारे पास ऐसे एथलीट हैं, जो बड़े मंच पर सिद्ध और परखे हुए हैं। विश्व स्टार जोशुआ चेप्टेगी, जिन्होंने 2020 में टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण और रजत पदक जीता था, हाफ मैराथन विश्व रिकॉर्ड धारक जैकब किप्लिमो के साथ युगांडा की टीम का नेतृत्व करेंगे। दोनों 5,000 मीटर और 10,000 मीटर के फाइनल में भिड़ेंगे। किप्लिमो ने कहा, टोक्यो में पिछले ओलंपिक खेलों में कांस्य पदक जीतने के बाद, मेरा लक्ष्य अब सुधार करना और स्वर्ण पदक जीतना है। मुझे पता है कि इसे हासिल करने के लिए बहुत मेहनत करनी होगी और मैं पहले से ही कड़ी मेहनत कर रहा हूँ। महिला एथलीट पेरुथ चेमुताई, जिन्होंने महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज़ में स्वर्ण पदक जीता, वे भी युगांडा की टीम के लिए पदक की उम्मीद होंगी। टीम में 10 पुरुष और 10 महिला एथलीट हैं, जबकि दो अन्य, बेलिंडा चेमुताई और लोइस चेकवेमोई प्रतीक्षा सूची में हैं। ट्रैक और फील्ड एथलीटों के अलावा, युगांडा में दो तैराक, एक साइकिल चालक और रोइंग में एक महिला एथलीट भी शामिल होंगी। युगांडा की टीम इस प्रकार है: पुरुष: टार्सिस ग्रेशियस ओरोगोट (200 मीटर), टॉम ड्राड्रिगा (800 मीटर), जैकब किप्लिमो, जोशुआ चेप्टेगी (5,000 मीटर/10,000 मीटर), ऑस्कर चेलिमो (5,000 मीटर), मार्टिन मैगेंगो किप्रोटिच (10,000 मीटर), लियोनार्ड चेमुताई (3,000 मीटर एससी), विक्टर किपलांगट, स्टीफन किसा, एंड्रयू रोटिच क्वेमोई (मैराथन) महिला: हलीमा नकायी (800 मीटर), विनी नान्योंडो (1,500 मीटर), जॉय चेप्टोएक (5,000 मीटर/10,000 मीटर), एस्तेर चेबेट (5,000 मीटर), सारा चेलंगट, एनेट चेमेंगिच चेलंगट (10,000 मीटर), पेरुथ चेमुताई (3,000 मीटर एससी), स्टेला चेसांग, रेबेका चेप्टेगी, मर्सीलाइन चेलंगट (मैराथन)। प्रतीक्षा सूची: बेलिंडा चेमुताई (5,000 मीटर), लोइस चेकवेमोई (3,000 मीटर एससी)  

परफॉर्म करने वाले खिलाड़ी रिटायर हुए सीनियर प्लेयर्स को टी20 टीम में रिप्लेस कर सकते हैं: वीरेंद्र सहवाग

नई दिल्ली रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 में झंडा गाड़ दिया। रोहित ब्रिगेड ने लंबे समय से चला आ रहा खिताबी सूखा समाप्त किया और देशवासियों का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया। हालांकि, फैंस को उस वक्त थोड़ा झटका लगा जब ट्रॉफी जीतने के बाद ‘हिटमैन’ रोहित और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट ले लिया। ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा ने भी टी20आई से संन्यास की घोषण कर दी। टॉप ऑर्डर में खेलने वाले रोहित और कोहली को भारतीय टी20 टीम में कौन रिप्लेस करेगा? इसकी जमकर चर्चा हो रही है। भारत के पूर्व विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग ने रोहित-कोहली के रिप्लेसमेंट के अलावा टी20 वर्ल्ड कप 2026 के प्लान पर अपनी राय रखी है। बता दें कि शुभमन गिल की कप्तानी में फिलहाल युवा भारतीय टीम पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए जिम्बाब्वे दौरे पर है। पहला टी20 शनिवार को हरारे में खेला जाएगा। ‘कौन परफॉर्म करेगा, सिलेक्टर की नजर रहेगी’ जिम्बाब्वे दौरे पर कई ऐसे खिलाड़ी गए हैं, जिन्हें आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के आधार पर पहली बार भारतीय टीम में चुना गया है। क्रिकबज पर चर्चा के दौरान जब सहवाग से जिम्बाब्वे गए युवा खिलाड़ियों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ”डोमेस्टिक के बाद इंटरनेशनल का सिलेक्शन होता है। जिम्बाब्वे दौरा यही देखने के लिए है कि जिन खिलाड़ियों ने परफॉर्म किया है, क्या वे इंटरनेशनल लेवल पर भी वैसा खेल सकते हैं। किन-किन को मौका दिया जा सकता है। नाइंटीज में जिम्बाब्वे की टीम काफी मजबूत थी। वहां जीतना मुश्लित होता था। लेकिन 2010 के बाद से ऐसा हो गया है कि जिम्बाब्वे में भारत की कोई भी टीम जाए तो जीतकर ही आती है। शायद यह सीरीज भी जीतकर आएंगे। लेकिन वहां कौन परफॉर्म करेगा, उसपर सिलेक्टर की नजर रहेगी।” ‘टॉप-तीन में बदलाव होगा तो कौन आ सकता है’ सहवाग ने आगे कहा, ”परफॉर्म करने वाले खिलाड़ी नेक्स्ट लाइन में लग जाते हैं। अगला जो टी20 वर्ल्ड कप होगा तो उसके लिए सिलेक्टर ध्यान रखते हैं कि किस खिलाड़ी ने इंरनेशनल लेवल पर आकर छाप छोड़ी। जिम्बाब्वे, श्रीलंका और वेस्टइंडीज जैसे दौरों पर परफॉर्म करने वाले खिलाड़ी रिटायर हुए सीनियर प्लेयर्स को टी20 टीम में रिप्लेस कर सकते हैं। अगर सिलेक्टर के नजरिए से देखूं तो अगले टी20 वर्ल्ड कप के लिए ऋषभ पंत, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या और शिवम दुबे मिडिल ऑर्डर में होंगे। सिलेक्टर चेक कर रहे हैं कि टॉप-तीन में बदलाव होगा तो कौन आ सकता है। रोहित और कोहली के जाने के बाद कौन उनकी जगह लेगा, शायद यही सोचकर जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम का सिलेक्श किया गया है।”  

निगरानी बदमाशों पर पुलिस की कार्रवाई, छत्तीसगढ़-दुर्ग में हिस्ट्रीशीटर के अतिक्रमण पर चला बुलडोजर

दुर्ग. दुर्ग में जिला पुलिस ने निगरानी बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई की है। बीएसपी की टीम ने हिस्ट्रीशीटर पिंकी राय के ढाबे और दुकान पर बुलडोजर चलाया। इस कार्रवाई में बड़ी संख्या में पुलिस के अधिकारी और जवान मौजूद रहे। बीएसपी के प्रवर्तन विभाग की टीम के साथ मिलकर पुलिस लगातार निगरानी बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में नेवई थाना के हिस्ट्रीशीटर पिंकी राय का ढाबा और दुकान पीआर बुलडोजर चलाकर ध्वस्त किया गया। पिंकी राय दुर्ग जिले का एक हिस्ट्रीशीटर है जो बीएसपी के अवैध कब्जे पर कई सालों से कब्जा कर ढाबा संचालित कर रहा था। पिंकी राय को नोटिस देने के बाद पुलिस और बीएसपी की टीम ने उसके ढाबा और दुकान पर कार्रवाई की है। पिंकी राय के खिलाफ नेवई थाने में 14 से अधिक मामले दर्ज हैं। 23 मई 2024 को पिंकी राय और उसकी गैंग ने रिसाली नगर निगम के कर्मचारी विपिन का अपहरण किया था और अपने दुकान में लेकर जाकर विपिन के साथ मारपीट की थी। पिंकी राय, शैलेष निर्मलकर एवं ओम चौधरी ने कार में बिठाकर अपहरण किया जिसके बाद विपिन ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने पिंकी राय के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी हुई थी।

डॉ. श्यामाप्रसाद ने देश की एकता को और मजबूती दी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय ने दी पुष्पांजलि

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्र की अखंडता और समाज की उन्नति के लिए आजीवन कार्य करने वाले महान चिंतक  डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री साय ने  कैम्प कार्यालय बगिया में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के छायाचित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। साय ने कहा कि देश की एकता को और अधिक मजबूत करने की दिशा में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ‘अद्वितीय प्रयासों’ के लिए प्रत्येक भारतीय उनका ऋणी है। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत की प्रगति के लिए कड़ी मेहनत की और एक मजबूत तथा समृद्ध राष्ट्र का सपना देखा। हम उनके सपनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। डॉ. मुखर्जी ने भारतीय राजनीति और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने भारतीय राष्ट्रवाद और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को मजबूत किया। उनके विचार और आदर्श आज भी हमें प्रेरित करते हैं। उनके आदर्शों पर चलते हुए हम एक समृद्ध और सशक्त भारत के निर्माण के लिए संकल्पित हैं।

महाकाल-लोक की तर्ज पर अब दमोह के जागेश्वरनाथ धाम को विकसित करने का निर्णय लिया: डॉ. मोहन यादव

भोपाल बुंदेलखण्ड के दमोह जिले के बांदकपुर में स्थित जागेश्वरनाथ धाम अब महाकाल-लोक की तर्ज पर विकसित होगा। पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा अनुसार महाकाल-लोक की तर्ज पर अब दमोह के जागेश्वरनाथ धाम को विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में आज पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विधानसभा कक्ष में समीक्षा की गई। मंत्री श्री लोधी ने कहा कि बांदकपुर स्थित जागेश्वरनाथ धाम में विराजित शिवलिंग वर्षों से लोगों के श्रद्धा और आश्चर्य का केन्द्र बना हुआ है। यह शिवलिंग हर साल बढ़ता जा रहा है। इसके पीछे के कारण अब तक अज्ञात बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि जागेश्वरनाथ धाम में मंदिर परिसर का पुनर्विकास, एकात्म क्षेत्र, ध्यान और योग केन्द्र, उल्लास क्षेत्र तथा प्रवेश और निकास द्वार का निर्माण किया जायेगा। श्रद्धालु जागेश्वरनाथ लोक में भगवान शिव के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों की प्रतीकात्मक प्रतिमाओं एवं भगवान भोलेनाथ से जुड़े प्राचीन मंदिरों का चित्रों के माध्यम से दर्शन कर सकेंगे। साथ ही उनसे जुड़ी मान्यताओं एवं इतिहास संबंधी जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। मंत्री श्री लोधी ने कार्य-योजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को उत्तम इन्फ्रा-स्ट्रक्चर, पार्किंग व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा अनुसार सरल एवं सुगम दर्शन व्यवस्था, लाइट एण्ड साउण्ड-शो की प्लानिंग संबंधी निर्देश दिये। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाकाल-लोक की तर्ज पर दमोह के जागेश्वरनाथ धाम में भी एक लोक को विकसित करने का निर्णय लिया था। यह मध्य प्रदेश के अजूबों में से एक होने के साथ तीर्थ स्थल है। यहां विराजित शिवलिंग सालों से लोगों के लिए आश्चर्य का विषय बना हुआ है। इस तीर्थ स्थल की प्रसिद्धि देश के कोने-कोने में फैली हुई है। इसी के चलते चारों धाम की यात्रा करने वाले श्रद्धालु इस पवित्र तीर्थ पर दर्शन करने जरूर पहुंचते हैं। आश्चर्य है यहां का शिवलिंग बांदकपुर स्थित जागेश्वरनाथ धाम में विराजित जागृत शिवलिंग एक स्वयंभू शिवलिंग है। यह वर्षों से लाखों लोगों की श्रद्धा और आश्चर्य का केन्द्र रहा है। आश्चर्य की बात है कि यह रहस्यमयी शिवलिंग हर साल बढ़ता जा रहा है। इसके पीछे के कारण अब तक अज्ञात बने हुए हैं। यह विकास कार्य किये जाएंगे लाखों लोगों की आस्था के केंद्र जागेश्वरनाथ धाम में मंदिर परिसर का पुनर्विकास, एकात्म क्षेत्र, ध्यान और योग केन्द्र, उल्लास क्षेत्र तथा प्रवेश और निकास द्वार का निर्माण किया जायेगा। श्रद्धालु जागेश्वरनाथ लोक में भगवान शिव के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों की प्रतीकात्मक प्रतिमाओं एवं भगवान भोलेनाथ से जुड़े प्राचीन मंदिरों का चित्रों के माध्यम से दर्शन कर सकेंगे। सभी ज्योतिर्लिंगों की मिलेगी जानकारी इसके साथ ही भक्त सभी ज्योतिर्लिंगों से जुड़ी मान्यताओं एवं इतिहास संबंधी जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए यहां उत्तम इन्फ्रा-स्ट्रक्चर, पार्किंग व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा अनुसार सरल एवं सुगम दर्शन व्यवस्था, लाइट एण्ड साउण्ड-शो की प्लानिंग भी की जा रही है।  

अबतक150000 से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के किए दर्शन, सावन से पहले ही अदृश्य हुए बाबा बर्फानी

श्रीनगर कश्मीर में अमरनाथ मंदिर में पिछले सात दिनों में 1.50 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए। वहीं 5 हजार 871 यात्रियों का एक और जत्था शनिवार को कश्मीर के लिए रवाना हुआ।श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के अधिकारियों ने बताया कि सात दिनों में अब तक 1.50 लाख से अधिक तीर्थयात्री यात्रा कर चुके हैं। एसएएसबी के अधिकारियों ने बताया, “आज 5,871 यात्रियों का एक और जत्था दो सुरक्षा काफिलों के साथ जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से घाटी के लिए रवाना हुआ। इनमें से 2,112 यात्रियों का पहला जत्था 110 वाहनों में सवार होकर सुबह 2:50 बजे उत्तरी कश्मीर के बालटाल आधार शिविर के लिए रवाना हुआ, जबकि 3,759 यात्रियों को लेकर 134 वाहनों का दूसरा काफिला सुबह 3:50 बजे दक्षिण कश्मीर के नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप के लिए रवाना हुआ।” अधिकारियों ने कहा, “यात्रा 29 जून को शुरू होने के बाद से बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से चल रही है।” श्रद्धालु या तो 48 किलोमीटर लंबे पारंपरिक पहलगाम गुफा मंदिर मार्ग से यात्रा करते हैं या फिर 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से यात्रा करते हैं। पहलगाम मार्ग का उपयोग करने वालों को गुफा मंदिर तक पहुंचने में चार दिन लगते हैं, जबकि बालटाल मार्ग का उपयोग करने वाले लोग गुफा मंदिर के अंदर ‘दर्शन’ करने के बाद उसी दिन आधार शिविर लौट आते हैं। दोनों मार्गों पर और पारगमन शिविरों ताथ गुफा मंदिर में 124 से अधिक लंगर (सामुदायिक रसोई) बनाये गए हैं। इस साल की यात्रा के दौरान 7 हजार से ज्यादा सेवादार यात्रियों की सेवा कर रहे हैं। दोनों मार्गों पर यात्रियों के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं भी उपलब्ध हैं। पहली बार सातवें दिन ही अदृश्य हुए बाबा बर्फानी अमरनाथ गुफा मंदिर  में यात्रा शुरू होने के सातवें ही दिन बाबा बर्फानी अदृश्य हो गए हैं। इससे पहले भी बाबा बर्फानी अदृश्य हो चुके हैं। सावन के महीने में शिवलिंग पिघल जाती है। हालांकि, इस बार सावन का महीना शुरू होने के 16 दिन पहले ही बाबा बर्फानी अदृश्य हो गए हैं। ऐसा पहली बार हुआ है कि 7 दिनों में ही बाबा बर्फानी गायब हो गए हैं। अब अमरनाथ आने वाले श्रद्धालुओं को पवित्र गुफा के ही दर्शन होंगे। क्या रहा कारण? अमरनाथ गुफा मंदिर  में शिवलिंग पिघलने की वजह अधिकारियों ने गर्मी बताई है। रोकी गई अमरनाथ यात्रा अमरनाथ में एक तरफ बाबा बर्फानी के गायब होने की वजह से श्रद्धालु नाराज है, तो वहीं दूसरी तरफ बारिश के चलते अमरनाथ यात्रा रोक दी गई है। बता दें कि जम्मी-कश्मीर में भारी बारिश हो रही है। बारिश की वजह से अमरनाथ यात्रा को अस्‍थायी रूप से रोक दिया गया है। 29 जून को शुरू हुई थी यात्रा इस साल 29 जून 2024 से अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra 2024) की शुरुआत हुई थी। इस बार श्रद्धालु भारी संख्या में वहां पहुंचे हैं। बीते 6 दिनों में बाबा बर्फानी के दर्शन करने आए भक्तों का आंकड़ा 1 लाख को पार कर चुका है। श्राइन बोर्ड के अनुसार, यात्रा की शुरुआत के बाद से अब तक छह दिनों में 1 लाख 30 हजार 189 लोगों ने पवित्र गुफा बैठे बाबा बर्फानी के दर्शन किए। इस बार बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आई भक्तों की संख्या ने पिछले सारे रिकॉर्ड्स को ध्वस्त कर दिया है। पिछले 6 दिनों में 1 लाख से ज्यादा भक्तों ने अपनी यात्रा को पूरा कर लिया है। 7वें दिन कितने श्रद्धालु पहुंचे अमरनाथ? अमरनाथ गुफा मंदिर  में 7वें दिन 6 हजार से ज्यादा यात्री जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से अमरनाथ पवित्र गुफा की ओर रवाना हुए। एक अधिकारी के मुताबिक, गुरुवार को 259 वाहनों में सवार 6919 तीर्थयात्री जम्मू से कश्मीर घाटी की पहलगाम और बालटाल पहुंचे थे। 19 अगस्त को समाप्त होगी यात्रा इस बार 29 जून को अमरनाथ यात्रा की शुरुआत हुई थी, जो कि 19 अगस्त को समाप्त होगी। पहले भी अदृश्य हो चुके हैं बाबा अमरनाथ गुफा मंदिर (Amarnath Yatra 2024) में पिछले साल बाबा बर्फानी 14 दिन में अदृश्य हो गए थे। वहीं,  साल 2016 में 13 दिन बाद अदृश्य हुए थे। क्या है शिवलिंग पिघलने की वजह? अमरनाथ गुफा मंदिर (Amarnath Yatra 2024) में पिछले कई सालों से पवित्र हिम शिवलिंग पिघलकर गायब हो चुकी है। बीते कई सालों से शिवलिंग लगातार समय से पहले ही पिघल रही है। ये सिलसिला 2006 से जारी है। इसके पीछे की वजह ग्लोबल वार्मिंग बताई गई है। वैज्ञानिकों के मुताबिक अमरनाथ गुफा में समय से पहले शिवलिंग के पिघलने का कारण ग्लोबल वार्मिंग माना है। ऐसे होता है शिवलिंग का निर्माण बता दें कि अमरनाथ में ये पवित्र गुफा 90 फीट लंबी और 150 फीट ऊंची है। ऐसा माना जाता है कि गुफा में जल की बूंद टपकती है, उस वजह से ही शिवलिंग बनता है। उसके बाद चंद्रमा के घटने बढ़ने के साथ बर्फ से बने शिवलिंग के आकार में परिवर्तन होता है और अमावस्या तक शिवलिंग धीरे-धीरे छोटा होता जाता है।

कोहली और रोहित के बिना भारत एक नए युग की शुरुआत करने के लिए तैयार

हरारे भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज के पहले टी20 मैच से पहले शुक्रवार को भारतीय बल्लेबाजी क्रम की पुष्टि की है। पिछले हफ्ते बारबाडोस में टी20 विश्व कप जीतने वाली टीम से मौजूदा भारतीय टीम का स्वरूप बिल्कुल अलग होगा। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे धुरंधर बल्लेबाजों और बेहतरीन ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा के टी20 से संन्यास लेने के बाद, युवाओं के पास क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में अपनी जगह पक्की करने का मौका होगा। कोहली और रोहित के बिना भारत एक नए युग की शुरुआत करने के लिए तैयार है, उनके नए बल्लेबाजी सेट-अप में गिल और युवा अभिषेक शर्मा सलामी बल्लेबाज के रूप में शामिल होंगे, जबकि रुतुराज गायकवाड़ तीसरे स्थान पर होंगे। गिल ने प्री-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, अभिषेक शर्मा मेरे साथ ओपनिंग करेंगे और रुतुराज गायकवाड़ तीसरे नंबर पर खेलेंगे। जिम्बाब्वे के खिलाफ मेन इन ब्लू की सीरीज गिल का भारतीय कप्तान के रूप में पहला कार्यकाल होगा। इस साल की शुरुआत में, उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग में गुजरात टाइटन्स (जीटी) के कप्तान के रूप में अपनी शुरुआत की। जीटी ने आईपीएल 2024 में पांच जीत, सात हार और 12 अंकों के साथ आठवें स्थान पर रहते हुए -1.063 के नकारात्मक नेट रन रेट के साथ अपना अभियान समाप्त किया। गिल का मानना है कि उन्होंने इस कैश-रिच लीग में अपनी पहली कप्तानी में बहुत कुछ सीखा है। उन्होंने कहा, मैंने बहुत कुछ सीखा। जब मैंने पहली बार अपनी आईपीएल टीम के लिए कप्तानी की, तो मुझे अपने बारे में और नेतृत्व के दृष्टिकोण के बारे में बहुत कुछ पता चला। और मुझे लगा कि कप्तान के रूप में आपके सामने आने वाली अधिकांश चुनौतियाँ मानसिक होती हैं। हर्षित राणा, रियान पराग, तुषार देशपांडे और अभिषेक सहित भारतीय खिलाड़ियों को भारतीय टीम के लिए पदार्पण करने का अवसर मिलेगा। गिल को लगता है कि यह श्रृंखला युवाओं और पदार्पण करने वालों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव के साथ-साथ एक्सपोजर प्राप्त करने में मदद करेगी। गिल ने कहा, यह विश्व कप में खेलने वाली टीम से काफी अलग है। टीम में कई युवा खिलाड़ी हैं, जिनमें मैं भी शामिल हूं। इसलिए मुझे लगता है कि हम खिलाड़ियों को अनुभव देना चाहते हैं और उन्हें बताना चाहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलना कैसा होता है, क्योंकि कई खिलाड़ियों ने इतने मैच नहीं खेले हैं और कुछ खिलाड़ियों ने तो अपना डेब्यू भी नहीं किया है। इसलिए मुझे लगता है कि इस सीरीज के लिए हमारा लक्ष्य उन्हें अधिक अंतरराष्ट्रीय अनुभव देना है। भारत शनिवार शाम हरारे स्पोर्ट्स क्लब में टी20 सीरीज का पहला मैच खेलेगा।  

मनीष सिसोदिया को अदालत से नहीं मिली राहत, राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 15 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेजा

नई दिल्ली दिल्ली शराब घोटाले में तिहाड़ जेल में बंद आप नेता मनीष सिसोदिया को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत 15 जुलाई तक बढ़ा दी है। उनकी न्यायिक हिरासत सीबीआई के मामले में बढ़ाई गई है। आज यानी 6 जुलाई को उनकी न्यायिक हिरासत खत्म होने के बाद सीबीआई ने उन्हें कोर्ट में पेश किया था जिसके बाद कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत 15 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। सीबीआई की गिरफ्तारी के बाद मनीष सिसोदिया पिछले साल 26 फरवरी से हिरासत में है। इसके बाद ईडी ने भी उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। इससे पहले बुधवार को दिल्ली की एक कोर्ट ने मनीष सिसोदिया और बीआरएस नेता के कविता की न्यायिक हिरासत 25 जुलाई तक बढ़ा दी थी। इसी के साथ कोर्ट ने ईडी को आरोपी व्यक्तियों को दो दिनों के भीतर चार्जशीट और दस्तावेजों की कॉपियों उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। इससे पहले ईडी ने दिल्ली शराब घोटाले से मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नौवीं चार्जशीट दायर की थी और विनोद चौहान नाम के व्यक्ति को आरोपी बनाया था। ईडी ने जांच के तहत मई में चौहान को गिरफ्तार किया था। सूत्रों ने कहा कि यहां धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत में नई और नौवीं अभियोजन शिकायत (आरोपपत्र) दायर की गई जिसमें आरोपी का नाम विनोद चौहान है। इस मामले में ईडी द्वारा गिरफ्तार किया गया वह 18वां व्यक्ति है। एजेंसी ने इस मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह, बीआरएस नेता और तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता तथा कई शराब कारोबारियों और अन्य को भी हिरासत में लिया था।

क्रिस्टियानो रोनाल्डो का खिताब के साथ टूर्नामेंट से विदाई लेने का सपना तोड़ दिया

हैम्बर्ग (जर्मनी) फ्रांस ने पुर्तगाल को पेनल्टी शूटआउट में 5-3 से हराकर यूरोपीय फुटबाल चैंपियनशिप (यूरो 2024) के सेमीफाइनल में जगह बनाई और क्रिस्टियानो रोनाल्डो का खिताब के साथ टूर्नामेंट से विदाई लेने का सपना तोड़ दिया। इस मुकाबले को रोनाल्डो बनाम काइलियन एमबापे के बीच जंग के रूप में देखा जा रहा था लेकिन आखिर में फ्रांसीसी खिलाड़ी अपने आदर्श फुटबॉलर पर भारी पड़ा। दोनों टीम ने एक दूसरे को कड़ी चुनौती दी लेकिन अतिरिक्त समय तक भी कोई टीम गोल नहीं कर पाई। इसके बाद पेनल्टी शूटआउट का सहारा लिया गया जिसमें पुर्तगाल के जोआओ फेलिक्स का शॉट गोल पोस्ट से टकरा गया। इसके बाद थियो हर्नांडेज़ ने निर्णायक किक को गोल में बदलकर फ्रांस को सेमीफाइनल में पहुंचा दिया। फ्रांस को यूरो 2021 के अंतिम 16 में और विश्व कप 2022 के फाइनल में पेनल्टी शूटआउट में हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन यहां किस्मत उसके साथ थी। पुर्तगाल की इस हार से 39 वर्षीय रोनाल्डो ने यूरोपीय चैंपियनशिप से भी विदा ली। वह पहले ही घोषणा कर चुके थे कि वह आखिरी बार इस टूर्नामेंट में भाग ले रहे हैं। रोनाल्डो ने रिकॉर्ड छह बार यूरोपीय चैंपियनशिप में हिस्सा लिया। फ्रांस सेमीफाइनल में स्पेन से भिड़ेगा जिसने एक अन्य क्वार्टर फाइनल मैच में मेजबान जर्मनी को हराया।  

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