‘एक बात तो साफ है कि प्रश्न-पत्र लीक हुआ’, नीट-यूजी में धांधली को लेकर ‘सुप्रीम’ टिप्पणी
‘One thing is clear that the question paper was leaked’, ‘Supreme’ comments on rigging in NEET-UG
‘One thing is clear that the question paper was leaked’, ‘Supreme’ comments on rigging in NEET-UG
बड़वानी नर्मदा किनारे डूब क्षेत्र के समीप मोहीपुरा गांव में तेंदुए का एक शावक मिला। लोगों ने उसका वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित किया है। वनरक्षक अनिल चोंगड़े ने बताया कि नर्मदा के किनारे झाड़ियों के बीच लगभग 4-5 दिन का तेंदुए का शावक नजर आया है, जिसकी सूचना वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई है। मादा तेंदुए का इंतजार मादा तेंदुए को लेकर रेस्क्यू जारी रहा। वनकर्मी दिनभर मादा तेंदुए का इंतजार करते रहे। रेंजर गुलाबसिंह बर्डे के अनुसार तेंदुए के शावक की वेनकर्मी निगरानी कर रहे हैं। मादा तेंदुए का इंतजार है। यदि एक दो दिन में मादा तेंदुआ शावक को उठाकर नहीं ले जाती है तो फिर इंदौर रालामंडल की टीम को अवगत कराकर रेस्क्यू के लिए बुलाया जाएगा, ताकि शावक को रालामंडल पहुंचाया जा सके। बड़वानी में मानसून भी मेहरबान बीते मार्च माह से लेकर जून माह की अवधि में चार माह तक भीषण गर्मी से निमाड़-अंचल का जनजीवन काफी बेहाल रहा। विशेषकर मई व जून में तो गर्मी ने बीते कई वर्षों का रिकार्ड तोड़ते हुए क्षेत्र में लगातार तीन दिन तक अधिकतम तापमान 46 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया। वहीं अब जुलाई माह के पहले सप्ताह में जिले में मानसून मेहरबान होने लगा है। पहाड़ों पर हरियाली छाने लगी है। मानसून के सीजन के पहले रविवार को पहाड़ों की हरियाली और प्रकृति के नजारों को निहारने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटन जिले के पर्यटन स्थलों पर पहुंचे। बावनगजा, बंधान, आमल्यापानी, राजघाट सहित अन्य स्थलों पर रविवार को पर्यटकों का जमावड़ा रहा। लोगों ने प्रकृति के नजारों के साथ सेल्फी ली और परिवार संग पिकनिक मनाई। रिमझिम व रुक-रुककर होने वाली वर्षा से शहर व क्षेत्र के आसपास पहाड़ियों पर हरियाली छाने लगी है। वहीं आसमान से लेकर पहाड़ों पर बादल उतरने के दृश्य सुकून देने लगे है। कृषि विज्ञान केंद्र के अनुसार शुक्रवार का अधिकतम तापमान 30.6 और 27.7 डिग्री दर्ज किया गया। बता दें कि इस वर्ष फरवरी माह में ही 30 डिग्री तक दिन का तापमान रहा था। इसके बाद मार्च से लेकर जून माह तक दिन का तापमान 35 से 46 डिग्री के बीच रहा। इससे जनजीवन भीषण गर्मी से जूझा। गत जून के आखिरी दिनों में तापमान में कमी आई। वहीं अब जुलाई में मानसून के सक्रिय होने पर तापमान लुढ़कने लगा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जिले में अभी मानसून सक्रिय है, रुक-रुककर अलग-अलग स्थानों पर का दौर जारी रहेगा।
भोपाल उप-मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल से मध्यप्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों के अधिष्ठाताओ ने भोपाल के निवास कार्यालय में सौजन्य भेंट की। अधिष्ठाताओं ने पे-प्रोटेक्शन, लीव-प्रोटेक्शन, सर्विस-प्रोटेक्शन और नॉन-प्रैक्टिसिंग एलाउंस के बारे में उप-मुख्यमंत्री श्री शुक्ल द्धारा किये जा रहे प्रयासों के लिये आभार व्यक्त किया। उप-मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देश दिये कि चिकित्सा महाविद्यालयों में छात्रों की शिक्षा बेहतर करने के लिये प्रयास करें। समस्त अधिष्ठाता अस्पताल के अधीक्षकों के साथ समन्वय कर मरीजों को सहज और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सकीय सेवाओं के प्रदाय के लिए व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करें। उप-मुख्यमंत्री श्री शुक्ल को अधिष्ठाताओं ने महाविद्यालय के संचालन, अधोसंरचणात्मक विकास एवं उन्नयन, प्रशासनिक व्यवस्था, वित्तीय आवश्यकता और मेंटेनेंस सहित अन्य महत्वपूर्ण आवश्यकताओं के संबंध में अवगत कराया। उप-मुख्यमंत्री ने शीघ्र आवश्यक सहयोग मुहैया कराने की बात कही। मेडिकल कॉलेज में प्रशासकीय अधिकारी (वित्त) की नियुक्ति, महाविद्यालयों के उन्नयन, हॉस्टल और अस्पतालों के सिविल और इलेक्ट्रिक उपकरणों के मेंटेनेंस, लेक्चर हॉल और प्रदर्शक रूम को स्मार्ट क्लास में विकसित करने के लिये बजट उपलब्ध कराने का अधिष्ठाताओं ने अनुरोध किया। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में सहभागिता के लिये नीति बनाने का अनुरोध किया ताकि चिकित्सा शिक्षक और छात्र अपनी रिसर्च को विश्वस्तरीय प्लेटफार्म पर प्रस्तुत कर सकें। बैठक में डॉ प्रमेंद्र सिंह ठाकुर अधिष्ठाता बीएमसी सागर, डॉ. कविता सिंह अधिष्ठाता जीएमसी भोपाल, डॉ. धाकड अधिष्ठाता ग्वालियर,डॉ सुनील अग्रवाल अधिष्ठाता रीवा, डॉ. परमहंस अधिष्ठाता शिवपुरी, डॉ. मनीष निगम अधिष्ठाता विदिशा और डॉ मरावी अधिष्ठाता दतिया शामिल हुए।
वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर जैसे-जैसे समय नजदीक आ रहा है, राजनीतिक बयानबाजी चरम पर पहुंचने लगे हैं। एक तरफ रिपब्लिक उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप सातवें आसमान पर हैं और अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। उनके समर्थक भी हालिया डिबेट में ट्रंप के जो बाइडेन पर भारी पड़ने के बाद उनकी जीत के सपने देख रहे हैं। दूसरी तरफ बाइडेन को लेकर डेमोक्रेटिंग पार्टी में ही दो फाड़ हो गए हैं। पार्टी के कई नेता मांग कर रहे हैं कि बाइडेन को राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी से अपना नाम वापस ले लेना चाहिए। बाइडेन की बढ़ती उम्र और डिबेट में सो जाने की घटना वाले वीडियो ने उनकी मुश्किल बढ़ा दी है। इसके उलट बाइडेन खुद को पूरी तरह फिट बता रहे हैं। उनका कहना है कि अब केवल सर्वशक्तिमान भगवान ही नीचे आकर कहे तो चुनाव न लड़ने की जिद छोड़ सकता हूं। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने बयान दिया है कि उनका लक्ष्य अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को हराना है। उन्होंने कहा कि केवल “सर्वशक्तिमान भगवान” ही उन्हें राष्ट्रपति की दौड़ से हटने के लिए मना सकते हैं। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब डेमोक्रेटिंग पार्टी के एक वर्ग ने 27 जून की राष्ट्रपति पद की बहस में खराब प्रदर्शन के बाद 81 वर्षीय बाइडेन से खुद को दौड़ से बाहर करने की मांग की थी, डिबेट के दौरान बाइडेन पर आरोप लगे थे कि वे डिबेट के बीच ही सो गए थे। बाइडेन अमेरिकी इतिहास में उम्रदराज़ अमेरिकी राष्ट्रपति हैं। साथ ही वो लगातार अपने मानसिक स्वास्थ्य और उम्र संबंधी परेशानियों को लेकर सवालों के घेरे में रहते हैं। उनकी पार्टी के नेता भी सवाल उठाते रहे हैं कि बाइडेन अगले चार साल के कार्यकाल के लिए बिल्कुल भी उपयुक्त नहीं हैं। जबकि, बाइडेन का दावा है कि वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं और उनका लक्ष्य ट्रंप को हराना है। एक साक्षात्कार में, बाइडेन ने कहा, “देखो। मेरा मतलब है, अगर सर्वशक्तिमान भगवान नीचे आए और कहे कि जो बाइडेन दौड़ से बाहर हो जाओ, तो मैं दौड़ से बाहर हो जाऊंगा। उन्होंने आगे कहा, “सर्वशक्तिमान प्रभु नीचे नहीं आ रहे हैं।” उन्होंने राष्ट्रपति पद की बहस में अपने निराशाजनक प्रदर्शन की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि जो कुछ हुआ उसकी जिम्मेदारी मेरी है। उन्होंने कहा, “वो रात बहुत ख़राब रही। मुझे नहीं पता क्यों।”
नई दिल्ली Budget 2024: आतिथ्य क्षेत्र की कंपनियां चाहती हैं कि सरकार आगामी आम बजट में होटल क्षेत्र को बुनियादी ढांचा क्षेत्र का दर्जा प्रदान करे, इससे नई संपत्तियों में निवेश अधिक आकर्षक बन सकेगा। उनका कहना है कि होटल क्षेत्र देश की वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और इसे ‘लक्जरी’ के रूप में वर्गीकृत नहीं किया जाना चाहिए। इको-फ्रेंडली होटल्स को मिले सब्सिडी इसके अलावा यह उद्योग चाहता है कि सरकार को आतिथ्य क्षेत्र को टिकाऊ और पर्यावरणनुकूल व्यवहार को अपनाने के लिए कर छूट या सब्सिडी के रूप में प्रोत्साहन देने पर पर विचार करना चाहिए। आतिथ्य क्षेत्र की कंपनियां चाहती हैं कि सरकार आगामी बजट में पर्यटन एजेंडा में तेजी लाने पर ध्यान दे क्योंकि यह देश के आतिथ्य क्षेत्र को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में योगदान देने का महत्वपूर्ण ‘इंजन’ और रोजगार सृजन का जरिया बनाने का बड़ा अवसर है। ये है प्रमुख मांगे भारतीय होटल संघ (एचएआई) के अध्यक्ष के बी काचरू ने कहा, ‘‘यह क्षेत्र ऊंचे कराधान के बोझ से दबा है। इसके अलावा लाइसेंस, मंजूरी और अनुपालन की प्रक्रिया भी काफी महंगी बैठती है। होटल के परिचालन की लागत काफी ऊंची है।’’ उन्होंने कहा कि इन वजहों से होटल में निवेश जोखिम भरा हो जाता है। काचरू ने कहा कि निवेश की बेहतर दर के साथ होटल निवेश को और अधिक आकर्षक बनाने और कारोबार सुगमता को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि आगामी आम बजट में होटल को विलासिता, विशिष्ट या ‘नुकसान’ वाले उत्पाद के रूप में वर्गीकृत करने की नीति में बदलाव होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के दृष्टिकोण-2047 को हासिल करने के लिए यह आतिथ्य क्षेत्र की क्षमता का लाभ उठाने का अवसर है। काचरू ने कहा कि बजट के लिए एचएआई की प्रमुख नीतिगत सिफारिश यह है कि सरकार होटल क्षेत्र को बुनियादी ढांचे का दर्जा दे। इसी तरह के विचार व्यक्त करते हुए इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पुनीत छटवाल ने कहा, ‘‘क्षेत्र को बुनियादी ढांचे का दर्जा मिलने से निवेश बेहतर हो सकेगा। इससे क्षेत्र देश को 2027 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे पाएगा।’’
3 new FIRs registered against IAS Ranu, Sameer and Soumya in coal scam
नई दिल्ली भारतीय रेलवे अपने यात्रियों के लिए जल्द ही एक और खुशखबरी देने वाली है। इस कदम से केरल के यात्रियों को काफी फायदा हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे बोर्ड राज्य को 2 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें आवंटित करने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। कोचुवेली से बेंगलुरु और कन्याकुमारी से श्रीनगर के बीच इन ट्रेनों को चलाने का प्लान है। श्रीनगर वंदे भारत कोंकण रूट से होकर जाएगी। जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के पास बडगन स्टेशन तक इसे हफ्ते में 3 बार चलाई जा सकती है। यात्रियों की सुविधा को ध्यान रखते हुए नई ट्रेनें चलाने को लेकर काम जारी है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल दिसंबर में उधमपुर श्रीनगर बारामूला रेलवे ट्रैक चालू होने वाला है। इसके बाद कन्याकुमारी से श्रीनगर के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सर्विस शुरू की जा सकती है। मालूम हो कि वंदे भारत स्लीपर कोच का निर्माण फिलहाल बेंगलुरु में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) कारखाने में चल रहा है। बताया जा रहा है कि 10 रेक पर काम दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनों की तरह वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के सभी डिब्बे एसी वाले होंगे। ऐसे में यात्री अपने सफर को काफी सुविधाजनक तरीके से पूरा कर सकते हैं। बारिश के चलते ट्रेनों की आवाजाही पर असर देश के कई हिस्सों में बीते कुछ दिनों से लगातार मध्यम से तेज बारिश हो रही है। इसके चलते ट्रेनों की आवाजाही पर असर पड़ा है। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में कसारा और टिटवाला स्टेशन के बीच लोकल ट्रेन सर्विस भारी बारिश और पेड़ गिरने के कारण रविवार सुबह बाधित हो गई। अधिकारियों ने बताया कि सुबह करीब साढ़े 6 बजे भारी बारिश के कारण आटगांव और तानशेट स्टेशन के बीच पटरियों पर मिट्टी आ गई। वाशिंद स्टेशन के पास एक पेड़ गिरने से पटरियां अवरुद्ध हो गईं, जिससे कल्याण-कसारा मार्ग पर रेल यातायात अवरूद्ध हो गया। मध्य रेलवे के एक प्रवक्ता ने कहा कि कसारा और टिटवाला के बीच ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं।
नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट आज नीट-यूजी परीक्षा को रद्द करने समेत उससे जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर प्रकाशित कॉज लिस्ट के अनुसार, सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच सोमवार को मामले की सुनवाई करेगी। केंद्र ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में नीट-यूजी परीक्षा रद्द करने का विरोध किया था। साथ ही कहा था कि पूरी परीक्षा रद्द करने से उन लाखों ईमानदार स्टूडेंट को नुकसान होगा, जिन्होंने इस वर्ष 5 मई को आयोजित परीक्षा में हिस्सा लिया था। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से दायर हलफनामे में कहा गया, “अखिल भारतीय परीक्षा में किसी बड़ी गड़बड़ी के सबूत के अभाव में पूरी परीक्षा और पहले से घोषित परिणाम को रद्द करना तर्कसंगत नहीं होगा। बड़ी संख्या में छात्रों के हितों को भी खतरे में नहीं डाला जाना चाहिए, जिन्होंने बिना किसी कथित अनुचित साधन को अपनाए परीक्षा दी है।” हलफनामे में कहा गया है कि धोखाधड़ी और कदाचार समेत अनियमितताओं के कथित मामलों के संबंध में सीबीआई जांच कर रही है। सीबीआई ने विभिन्न राज्यों में दर्ज मामलों को अपने हाथ में ले लिया है। केंद्र ने कहा कि वह सभी प्रतियोगी परीक्षाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यदि कुछ आपराधिक तत्वों के इशारे पर प्रतियोगी परीक्षा की गोपनीयता भंग की गई है, तो उनके साथ सख्ती से निपटा जाना चाहिए। केंद्र सरकार ने कहा, “सरकार परीक्षाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से करने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। परीक्षा में पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए संसद ने 12 फरवरी 2024 को पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024 पारित किया। यह अधिनियम 21 जून 2024 को लागू किया गया है। अधिनियम के तहत पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) नियम, 2024 को भी 23 जून को अधिसूचित किया गया है।” हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एक कोचिंग संस्थान की ओर से नीट-यूजी परीक्षा के आयोजन में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए रिट याचिका दायर करने पर आपत्ति जताई थी।
पेरू पेरू में पुरातत्वविदों ने जमीन के नीचे चार हजार साल पुराने मंदिर की खोज की है। यह मंदिर उत्तरी पेरू के इलाके में मौजूद था। खोजबीन के दौरान पुरातत्वविदों को मंदिर के पास इंसान के कंकाल भी मिले हैं, जिससे पता चलता है कि हो सकता हो कि मंदिर में उस समय बलि भी दी जाती रही होगी। मंदिर की खोज पेरू के जाना इलाके में हुई है, जोकि पूरा रेतीला इलाका है। पेरू के पॉन्टिफिशियल कैथोलिक यूनिवर्सिटी के पुरातत्वविद लुईस मुरो का कहना है कि यह मंदिर लगभग चार हजार साल पुराना प्रतीत होता है। हालांकि, रेडियोकार्बन डेटिंग की मदद से मंदिर की वास्तविक उम्र का पता चल जाएगा। यह खोज उस थ्योरी को भी सपोर्ट करता है, जिसमें अतीत में कहा जाता रहा है कि उत्तरी पेरू के इलाके में बड़ी संख्या में मंदिर मौजूद हुआ करते थे। खोज के दौरान वहां मिले मानव कंकाल धार्मिक अनुष्ठान से जुड़े हो सकते हैं। उन्होंने आगे कहा, ”पुरातत्वविदों की टीम को तीन अडल्ट्स के कंकाल मिले हैं, जोकि मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग में नीचे थे। इसमें से एक कंकाल तो कपड़े में लपेटा हुआ था।” मंदिर की एक दीवार पर एक पौराणिक आकृति का एक उच्च-उभरा हुआ चित्र भी था, जिसमें एक मानव शरीर और एक पक्षी का सिर है। यह एक ऐसा डिजाइन था, जिसके बारे में मुरो ने कहा कि यह प्री-हिस्पैनिक चैविन संस्कृति से पहले का है, जो लगभग 900 ईसा पूर्व से मध्य पेरू के तट पर आधी सहस्राब्दी से अधिक समय तक बसा हुआ था। इसके अलावा, मुरो ने पास में एक और मंदिर के संभावित अवशेष मिलने की भी सूचना दी, जो लेट मोचे संस्कृति से संबंधित है जो 1,400 साल पहले पेरू के उत्तरी तट पर पनपी थी। विशेष रूप से उत्तरी पेरू का एक समृद्ध इतिहास है, जो हजारों साल पुराने समारोह परिसरों के खंडहरों में स्पष्ट है, जिसमें कैरल का पवित्र शहर भी शामिल है जो लगभग 5,000 साल पुराना है। वहीं, दक्षिणी पेरू के इका क्षेत्र में नाजका रेखाएं हैं, जो 1,500 साल से भी पहले रेगिस्तान में उकेरी गई रहस्यमयी भू-आकृति हैं।
नई दिल्ली Budget 2024: केंद्र सरकार अपनी प्रमुख आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के लाभार्थियों की संख्या आगामी तीन साल के दौरान दोगुना करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। सरकार शुरुआत में 70 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को इसके दायरे में लाने और बीमा कवरेज को बढ़ाकर 10 लाख रुपये प्रति वर्ष करने पर मंथन कर रही है। क्या है डिटेल आधिकारिक सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि यदि प्रस्तावों को मंजूरी दी जाती है तो राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के अनुमान के अनुसार, सरकारी खजाने पर प्रति वर्ष 12,076 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा। सूत्रों ने कहा, ‘‘अगले तीन वर्षों में एबी-पीएमजेएवाई के तहत लाभार्थियों की संख्या दोगुना करने पर चर्चा हो रही है, जिसे लागू किया गया तो देश की दो-तिहाई से अधिक आबादी को स्वास्थ्य कवर मिलेगा। परिवारों को कर्ज के दलदल में धकेलने वाले कुछ सबसे बड़े कारणों में चिकित्सा व्यय भी एक है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कवरेज राशि की सीमा को मौजूदा पांच लाख रुपये से दोगुना कर 10 लाख रुपये करने के प्रस्ताव को अंतिम रूप देने पर भी विचार-विमर्श चल रहा है।’’ बजट में हो सकता है ऐलान इस महीने के अंत में पेश होने वाले केंद्रीय बजट में इन प्रस्तावों या इसके कुछ हिस्सों की घोषणा होने की उम्मीद है। अंतरिम बजट 2024 में सरकार ने ‘एबी-पीएमजेएवाई’ के लिए आवंटन बढ़ाकर 7,200 करोड़ रुपये कर दिया जो 12 करोड़ परिवारों को माध्यमिक और तृतीयक देखभाल अस्पताल में भर्ती के लिए प्रति वर्ष पांच लाख रुपये प्रति परिवार का स्वास्थ्य कवर प्रदान करता है। आयुष्मान भारत हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) के लिए 646 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 27 जून को संसद की संयुक्त बैठक में अपने अभिभाषण में कहा था कि 70 वर्ष से अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों को भी अब आयुष्मान भारत योजना के तहत कवर किया जाएगा और मुफ्त इलाज का लाभ मिलेगा। वहीं, एक अन्य सूत्र ने कहा कि 70 वर्ष से अधिक उम्र वालों को मिलाकर इस योजना के लाभार्थियों की संख्या लगभग चार-पांच करोड़ बढ़ जाएगी। क्या है मकसद एबी-पीएमजेएवाई के लिए पांच लाख रुपये की सीमा 2018 में तय की गई थी। कवर राशि को दोगुना करने का उद्देश्य उच्च लागत वाले उपचार जैसे प्रतिरोपण, कैंसर आदि के मामले में परिवारों को राहत प्रदान करना है। नीति आयोग ने अक्टूबर 2021 में प्रकाशित ‘भारत के लापता मध्य के लिए स्वास्थ्य बीमा’ शीर्षक वाली अपनी रिपोर्ट में इस योजना का विस्तार करने का सुझाव दिया था। इसमें कहा गया था कि लगभग 30 प्रतिशत आबादी स्वास्थ्य बीमा से वंचित है, जो भारतीय आबादी में स्वास्थ्य बीमा कवरेज में अंतर को उजागर करती है। लगभग 20 प्रतिशत आबादी सामाजिक स्वास्थ्य बीमा और निजी स्वैच्छिक स्वास्थ्य बीमा के माध्यम से कवर की जाती है, जो मुख्य रूप से उच्च आय समूहों के लिए तैयार की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि शेष 30 प्रतिशत आबादी स्वास्थ्य बीमा से वंचित है, पीएमजेएवाई में मौजूदा कवरेज अंतराल और योजनाओं के बीच व्याप्ति (ओवरलैप) के कारण स्वास्थ्य कवर से वंचित वास्तविक आबादी अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि स्वास्थ्य कवर से वंचित इस आबादी को ‘लापता मध्य’ (मिसिंग मिडल) कहा जाता है।
Hemant Soren proved majority in the assembly
नई दिल्ली निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को देश का बजट पेश करेंगी। 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी अपने दम पर बहुमत हासिल करने में असफल रही। एनडीए सरकार की निर्भरता चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी और नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू पर अधिक है। यही कारण है कि इस साल के बजट में बिहार और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों पर केंद्र सरकार मेहरबानी दिखा सकती है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों ही राज्यों ने 2024 के केंद्रीय बजट से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि मांगी है। रॉयटर्स और एक सूत्र द्वारा समीक्षा किए गए दस्तावेजों के अनुसार, भाजपा के दो प्रमुख सहयोगियों ने चालू वित्त वर्ष के लिए फंड के अलावा बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए उधार लेने की सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया है। 16 सांसदों वाली टीडीपी और 12 सांसदों वाली जेडीयू ने हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनावों में भाजपा को केंद्र में सरकार बनाने में मदद की थी। इसके बाद से लगातार उम्मीद की जा रही थी कि नायडू और नीतीश भाजपा के लिए किंगमेकर की भूमिका निभाने के बदले में अपने राज्यों के लिए अतिरिक्त धनराशि की मांग करेंगे। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, नायडू ने अकेले ही 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता मांगी है। टीडीपी सुप्रीमो ने इस सप्ताह की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की थी। सूत्रों का कहना है कि इस दौरान उन्होंने अपनी मांगों पर जोर दिया। मनीकंट्रोल ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि आंध्र प्रदेश ने अपनी राजधानी अमरावती के विकास के लिए धन मांगा है। इसके अलावा पोलावरम सिंचाई परियोजना के लिए भी राशि की मांग की गई है। तमिलनाडु ने रखी डिमांड नायडू विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम और अमरावती में मेट्रो परियोजनाओं, एक लाइट रेल परियोजना और विजयवाड़ा से मुंबई और नई दिल्ली तक वंदे भारत ट्रेन के लिए भी धन चाहते हैं। इसके अलावा, उन्होंने पिछड़े जिलों के लिए अनुदान और रामायपटनम बंदरगाह और कडप्पा में एक एकीकृत इस्पात संयंत्र जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए समर्थन मांगा है। बिहार को चाहिए 9 नए एयरपोर्ट एक रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार नौ नए हवाई अड्डों, दो बिजली परियोजनाओं, दो नदी जल कार्यक्रमों और सात मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए धन मांग रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों राज्य यह भी चाहते हैं कि केंद्र सरकार द्वारा सभी राज्यों को बुनियादी ढांचे पर खर्च के लिए दिए जाने वाले बिना शर्त दीर्घकालिक ऋण को लगभग दोगुना करके 1 लाख करोड़ रुपये कर दिया जाए। अंतरिम बजट में केंद्र ने जीडीपी के 5.1% के राजकोषीय घाटे का लक्ष्य रखा। 6 जुलाई को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने घोषणा की कि संसद का बजट सत्र 22 जुलाई से 12 अगस्त के बीच आयोजित किया जाएगा, जबकि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को बजट पेश करेंगी।
मुंबई टीम इंडिया ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 का खिताब 29 जून को बारबाडोस में जीता था, इस जीत की भविष्यवाणी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई के सचिव जय शाह ने कुछ महीने पहले ही राजकोट में कर दी थी। इसी कड़ी में अब जय शाह ने दो और भविष्यवाणी की है। बीसीसीआई सचिव का कहना है कि भारत दो आगामी आईसीसी ट्रॉफी -वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप और चैंपियंस ट्रॉफी- रोहित शर्मा की अगुवाई में जीतेगा। बता दें, भारत ने 11 साल का सूखा खत्म कर यह टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता है। टीम पिछले 12 महीनों में 3 बार आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची जिसमें दो में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। जय शाह ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 की जीत कैप्टन रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविंद्र जडेजा को डेडिकेट की। यह इन चारो का आखिरी टी20 वर्ल्ड कप था। राहुल द्रविड़ का बतौर कोच यह आखिरी टूर्नामेंट था। वहीं कोहली, रोहित और जडेजा ने खिताब जीतने के बाद इस फॉर्मेट से रिटायरमेंट ले ली है। बीसीसीआई सचिव जय शाह ने कहा, “टीम इंडिया को इस ऐतिहासिक जीत के लिए बहुत-बहुत बधाई। इस जीत को मैं कोच राहुल द्रविड़, कैप्टन रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविंद्र जडेजा को डेडिकेट करना चाहता हूं। बीते एक साल में ये हमारा तीसरा फाइनल था। जून 2023 में हम डब्ल्यूटीसी फाइनल में हारे, नवंबर 2023 में 10 जीत के बाद हमने दिल जीते, मगर हम कप नहीं जीत पाए। मैंने राजकोट में बोला था कि जून 2024 में हम दिल भी जीतेंगे, कप भी जीतेंगे और भारत का झंडा गाड़ेंगे और हमारे कप्तान ने झंडा गाड़ दिया है।” जय शाह ने आखिरी 5 ओवर में मैच बदलने के लिए जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पांड्या और अर्शदीप सिंह के साथ सूर्यकुमार यादव का शुक्रियादा किया। आखिरी 5 ओवर में साउथ अफ्रीका को जीत के लिए मात्र 30 रनों की दरकार थी, तब इन तीन भारतीय गेंदबाजों ने किफायती गेंदबाजी कर विपक्षी टीम पर दबाव बनाया। हार्दिक पांड्या ने हेनरिक क्लासेन और डेविड मिलर के महत्वपूर्ण विकेट लिए, वहीं सूर्यकुमार यादव ने आखिरी ओवर में शानदार कैच पकड़ा। जय शाह बोले, “इस जीत में आखिरी 5 ओवर का बहुत बड़ा योगदान था। इस योगदान के लिए मैं सूर्यकुमार यादव, (जसप्रीत) बुमराह, अर्शदीप सिंह और हार्दिक पांड्या का बहुत-बहुत धन्यवाद करना चाहता हूं।” आगामी आईसीसी टूर्नामेंट को लेकर बीसीसीआई सचिव बोले, “इस जीत के बाद अगला पड़ाव है डब्ल्यूटीसी फाइनल और चैंपियंस ट्रॉफी, मेरे को पूरा भरोसा है कि रोहित शर्मा की कप्तानी में हम इन दोनों टूर्नामेंट में चैंपियन बनेंगे। फिर से आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद। जह हिंद, जय भारत, वन्दे मातरम्।”
भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने जा रहे हैं। आज सुबह 9 बजे राजभवन में रामनिवास रावत मंत्री पद की शपथ लेंगे। रामनिवास रावत लोकसभा चुनाव के पहले 30 अप्रैल को कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए थे। वह श्योपुर जिले की विजयपुर सीट से छठवीं बार विधायक चुने गए हैं। वह प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष भी रहे हैं। ग्वालियर-चंबल में पार्टी को मिली मजबूती रामनिवास रावत के भाजपा में आने से ग्वालियर-चंबल में पार्टी को मजबूती मिली है। यही वजह है कि प्रदेश से लेकर केंद्रीय नेतृत्व तक रामनिवास रावत के नाम पर पहले ही स्वीकृति दे चुका है। राज्यपाल को इसकी सूचना देने के बाद राजभवन में शपथ समारोह की तैयारी की गई है। रामनिवास रावत के अलावा दो और लोगों को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने पर विचार-विमर्श हो रहा है। अधिकतम 34 मंत्री हो सकते हैं इनमें कांग्रेस से भाजपा में आए और अमरवाड़ा विधानसभा सीट से विधायक पद छोड़कर उपचुनाव लड़ रहे कमलेश शाह और बीना से विधायक निर्मला सप्रे शामिल हैं। हालांकि, अब तक इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। बता दें, मंत्रिमंडल में चार अन्य मंत्रियों के लिए जगह है। फिलहाल 30 मंत्री हैं और अधिकतम 34 मंत्री हो सकते हैं।