LATEST NEWS

महाराष्ट्र में हिंसक हुई कोटे की लड़ाई, मराठा और OBC कार्यकर्ताओं में हाथापाई और गाली-गलौज हुई

पुणे महाराष्ट्र में आरक्षण की लड़ाई में एक बार फिर मराठा कार्यकर्ता और ओबीसी कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए हैं। इस बार मामला हिंसक हो चुका है और नौबत हाथापाई और गाली-गलौज तक पहुंच गई है। पुणे में मराठा समुदाय के सदस्यों ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) कार्यकर्ता लक्ष्मण हाके के साथ कथित तौर पर हाथापाई और गाली-गलौज की है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार रात को कोंढवा के निकट हुई इस घटना को लेकर 25 लोगों के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया है। सोशल मीडिया पर सामने आये एक वीडियो में मराठा समुदाय के लोग हाके के खिलाफ प्रदर्शन करते नजर आ रहे हैं। मराठा समुदाय के लोगों ने दावा किया कि हाके नशे में थे और उनमें से कुछ लोगों के साथ गाली-गलौज की। कोंढवा पुलिस थाने के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने ओबीसी कार्यकर्ता लक्ष्मण हाके के साथ दुर्व्यवहार और हाथापाई करने के लिए भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत 25 लोगों के खिलाफ एक मामला दर्ज किया है और मामले की जांच की जा रही है।’’ अधिकारी ने कहा कि प्रदर्शनकारी हाके को पुलिस थाने में लाये और उनके नशे में होने का आरोप लगाते हुए मांग की कि उनकी चिकित्सा जांच कराई जाये। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता को कल देर रात भारी सुरक्षा के बीच ससून जनरल अस्पताल ले जाया गया। अधिकारी ने कहा, ‘‘हाके जांच कराने के लिए तैयार थे क्योंकि वे अपने खिलाफ लगे आरोपों से मुक्त होना चाहते थे। जांच के नतीजे दो दिन में आ जाएंगे और उसके आधार पर हम आवश्यक कार्रवाई करेंगे।’’ इस बीच, हाके ने दावा किया कि उनकी हत्या की साजिश रची गई थी और कहा कि पुलिस उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। पिछले सप्ताह हाके और उनके साथी ओबीसी कार्यकर्ता नवनाथ वाघमारे ने मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे द्वारा अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल वापस लेने के बाद अन्य पिछड़ा वर्ग के वास्ते आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए जालना में शुरू किया गया अपना अनशन स्थगित कर दिया था। जरांगे मराठा समुदाय के लिए ओबीसी श्रेणी के तहत आरक्षण की मांग कर रहे हैं। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जब मराठा कार्यकर्ता और ओबीसी कार्यकर्ता आमने-सामने आए हैं। इसी साल जून महीने में भी मराठा आंदोलनकारी मनोज जरांगे और ओबीसी कार्यकर्ता लक्ष्मण हाके आमने-सामने आ गए थे। हाके ने तब कहा था कि ‘कुनबी’ और ‘मराठा’ समुदाय पूरी तरह से अलग-अलग हैं। हाके ने मराठों को कुनबी ओबीसी श्रेणी के तहत आरक्षण नहीं देने की वकालत और मांग की थी, जबकि मराठा कुनबी समुदाय के तहत ओबीसी आरक्षण की मांग कर रहे हैं। इधर मनोज जरांगे पाटिल ने आरक्षण की मांग पर फिर से अनशन शुरू किया था जो अब खत्म हो गया है। मराठा समुदाय के सदस्यों की अपील का हवाला देते हुए जरांगे ने 25 सितंबर को अपना अनशन खत्म कर दिया था। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत मराठा समुदाय को आरक्षण देने की मांग को लेकर जरांगे 17 सितंबर को भूख हड़ताल पर बैठे थे, जो एक साल में उनकी छठी हड़ताल थी। जरांगे ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महायुति सरकार को फिर से धमकी दी कि अगर वह ओबीसी समुदाय के नेताओं के दबाव में आकर मराठा कोटा के लिए अपने आश्वासन से पीछे हटती है, तो यह आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए महंगा साबित होगा। जरांगे ने गरीबों और जरूरतमंदों सहित लोगों से महाराष्ट्र में बीड जिले के नारायणगढ़ में आयोजित होने वाली दशहरा रैली में एकता दिखाने की अपील की है।

पुलिस ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन के दो कमांडरों को गिरफ्तार किया, एक मेड इन चाइना एके-47 और नौ कारतूस भी जब्त किए गए

लातेहार झारखंड के लातेहार जिले की पुलिस ने मंगलवार को प्रतिबंधित नक्सली संगठन झारखंड जनमुक्ति परिषद (जेजेएमपी) के दो कमांडरों को गिरफ्तार किया। इनके नाम खुर्शीद अंसारी और फेकू भुइयां उर्फ सर्वनाश हैं। इनके पास से एक मेड इन चाइना एके-47 और नौ कारतूस भी जब्त किए गए हैं। दोनों अपने साथियों के साथ मिलकर बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। लातेहार के एसपी कुमार गौरव ने बताया कि दोनों नक्सली संगठन में सब जोनल कमांडर के ओहदे पर थे। पुलिस को सूचना मिली कि सदर थाना क्षेत्र के नारायणपुर गांव के पास पहाड़ की तलहटी के निकट नक्सलियों का दस्ता बड़ी घटना अंजाम देने के इरादे से जुटा है। उन्होंने मामले में तत्काल एक्शन के लिए थाना प्रभारी प्रमोद कुमार सिन्हा के नेतृत्व में स्पेशल टीम गठित की, जिसने पहाड़ी के पास छापा मारकर दोनों को गिरफ्तार किया। पकड़ा गया खुर्शीद अंसारी लातेहार के पोचरा गांव का और फेकू भुइयां बालूमाथ के कुरियां गांव का रहने वाला है। फेंकू भुइयां पर लातेहार के अलावा आसपास के दूसरे जिलों में नौ और खुर्शीद अंसारी पर लातेहार के विभिन्न थाना क्षेत्र में सात नक्सली वारदात दर्ज हैं। नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन में सब इंस्पेक्टर रंजन कुमार पासवान, देवेंद्र कुमार, सुरेंद्र कुमार महतो, मनोज कुमार, भागीरथ पासवान सहित अन्य पुलिस अफसर शामिल रहे। इसके पहले 18 सितंबर को लातेहार जिले की पुलिस ने पांच लाख के इनामी नक्सली और 13 से ज्यादा नक्सली वारदातों में वांटेड शिवराज सिंह को दुबियाही गांव में फुटबॉल टूर्नामेंट के दौरान गिरफ्तार किया था। हाल के दिनों में नक्सलियों के खिलाफ अभियान में झारखंड में पुलिस को कई उल्लेखनीय सफलता मिली है। 29 सितंबर को गिरिडीह जिले में 10 लाख के इनामी भाकपा माओवादी नक्सली कमांडर रामदयाल महतो उर्फ बच्चन दा ने सरेंडर किया था। जबकि, रांची में 9 दिसंबर को 20 से भी ज्यादा नक्सली वारदातों में वांटेड मुनेश्वर गंझू उर्फ विक्रम और 2 सितंबर को प्रतिबंधित नक्सली संगठन टीएसपीसी (तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी) के एरिया कमांडर राहुल गंझू उर्फ खलील ने सरेंडर किया था।

बंगाल में गूंजा ‘कश्मीर मांगे आजादी’ का नारा, भारत विरोधी नारे लगाए जाने के बाद ऐक्शन में गृह मंत्रालय हरकत

कोलकाता रविवार को कोलकाता के जादवपुर इलाके में आरजी कर हॉस्पिटल में ट्रेनी डॉक्टर से रेप और हत्या के खिलाफ किए जा रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान भारत विरोधी नारे भी गूंजे। निकाले गए एक विरोध मार्च के दौरान ‘कश्मीर मांगे आजादी’ का नारा सुनाई दिया। इस सिलसिले में पहले अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया था। अब इस मामले में नया मोड़ सामने आया है। बताया जा रहा है कि भारत विरोधी नारे लगाए जाने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय हरकत में आ गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व वाले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने तुरंत इस मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को जांच के आदेश दिए। सोमवार को इस मामले पर शुरुआती रिपोर्ट दिल्ली भेजी गई है, जिसमें विरोध प्रदर्शन के आयोजकों की पहचान, नारे लगाने वाले व्यक्तियों का संबंध और इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की साजिश को लेकर तथ्य शामिल किए गए हैं। इस विरोध मार्च का आयोजन आरजी कर हॉस्पिटल की पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए किया गया था। अलग-अलग बैनरों के तहत प्रोटेस्ट कर रहे थे लेकिन अचानक से ‘कश्मीर मांगे आजादी’ जैसे नारे गूंजने लगे। इन नारों के चलते कोलकाता पुलिस ने पाटुली थाने में देशद्रोह का मामला दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि इस मामले में 15-20 लोगों को चिह्नित कर उनकी फोटो और विस्तृत जानकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी गई है। इन लोगों में कुछ जादवपुर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र भी शामिल हैं, जिन पर पहले भी पश्चिम बंगाल में देशविरोधी आंदोलनों में शामिल होने के आरोप लगे हैं। गृह मंत्रालय को आशंका है कि इस नारे के पीछे किसी बड़ी साजिश का हाथ हो सकता है। क्योंकि कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35ए के हटने के बाद पहली बार चुनाव हो रहे हैं और ऐसे में देश के एक सुदूर हिस्से से इस प्रकार के नारे लगने को लेकर सरकार गंभीर है। जांच के तहत यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इन नारों का संबंध कश्मीर में किसी संगठन से है, जो कि केंद्र के लिए चिंता का विषय बन चुका है। इसके अलावा, हाल ही में बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद से केंद्र पश्चिम बंगाल पर विशेष नजर बनाए हुए है। ऐसे में केंद्र सरकार किसी भी देशविरोधी तत्व को बंगाल में उभरने का मौका देने के मूड में नहीं है।

देशभर के जनजातीय बहुल गांवों का होगा कायाकल्प

रायपुर देशभर के जनजातीय बहुल गांवों में निवास करने वाले जनजातीय परिवारों को समग्र विकास के साथ-साथ बेहतर सुविधाएं देने के लिए आगामी 2 अक्टूबर से एक बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी झारखंड से प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान (धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान) की शुरूआत करने जा रहे हैं। अभियान के तहत गांव में बुनियादी ढांचे में सुधार, आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ शिक्षा और स्वास्थ्य के मानकों को भी शामिल किया गया है। यह योजना देश के 63 हजार जनजातीय बहुल गांवों में चलाई जाएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हाल में ही आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश के जनजातीय बहुल गांवों और आकांक्षी जिलों में जनजातीय परिवारों के लिए परिपूर्णता लक्ष्य को अपनाकर जनजातीय समुदायों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार हेतु प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान को मंजूरी दी गई है। इस मिशन में 79,156 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। यह योजना केन्द्र और राज्य सरकार के सहयोग से क्रियान्वित की जा रही है। छत्तीसगढ़ में लगभग 32 प्रतिशत जनजातीय जनसंख्या निवास करती है। इस अभियान के क्रियान्वयन के लिए 32 जिलों के 138 विकासखण्डो के 6691 आदिवासी बहुल गांव का चयन किया गया है। चयनित गांव में बुनियादी सुविधाओं के विकास के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक, उन्नति के कार्य किए जाएंगे। जनजातीय बहुल इलाकों को देश की मुख्य धारा से जोडने के लिए चलाए जा रहे इस महत्वाकांक्षी मिशन के क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ में संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 02 अक्टूबर को झारखण्ड़ के हजारीबाग में आयोजित समारोह में इस योजना का शुभारंभ करेंगे। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की लखपति दीदी मानकुंवर बाई और परिवारजन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से कार्यक्रम में मुलाकात करेंगी। श्री मोदी बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के राजपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को वर्चुअली सम्बोधित करेंगे। इस मौके पर राजपुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सहित अन्य अतिथिगण शामिल होंगे। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान का उद्देश्य भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सामाजिक बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका में महत्वपूर्ण अंतराल को भरना और पीएम जनमन की सीख और सफलता के आधार पर जनजातीय क्षेत्रों एवं समुदायों का समग्र और सतत विकास सुनिश्चित करना है। केन्द्रीय बजट में की गई घोषणा के अनुसार देश में आदिवासी बहुल क्षेत्रों के  63,000 गांव शामिल होंगे, जिससे 5 करोड़ से अधिक जनजातीय लोगों को लाभ होगा। इसमें 30 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों के जनजातीय बहुल 549 जिले और 2,740 ब्लॉक के गांव शामिल होंगे। इस मिशन में 25 कार्यक्रम शामिल हैं, जिन्हें 17 मंत्रालयों द्वारा कार्यान्वित किया जाएगा। प्रत्येक मंत्रालय-विभाग अनुसूचित जनजातियों के लिए विकास कार्य योजना के तहत उन्हें आवंटित धनराशि के माध्यम से अगले 5 वर्षों में समयबद्ध तरीके से योजना का क्रियान्वयन करेंगे। बुनियादी ढांचे का विकास मिशन के तहत पात्र अनुसूचित जनजाति परिवारों को पीएमएवाई (ग्रामीण) के तहत नल के पानी और बिजली आपूर्ति की उपलब्धता के साथ पक्के आवास मिलेंगे। इन परिवारों को आयुष्मान भारत कार्ड से भी जोड़ा जाएगा। जनजाति बहुल गांवों के लिए सभी मौसम में बेहतर सड़क संपर्क के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों का निर्माण कराया जाएगा।  भारत नेट परियोजना के अंतर्गत मोबाइल कनेक्टिविटी और इंटरनेट की सुविधा पहुचाई जाएगी। स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा में सुधार के लिए बुनियादी ढांचा सुनिश्चित किया जाएगा। आर्थिक सशक्तिकरण जनजाति समुदाय के छात्र-छात्राओं को हर साल 10वीं-12वीं कक्षा के बाद दीर्घकालिक कौशल पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण की व्यवस्था, इसके अलावा, जनजातीय बहुउद्देशीय विपणन केंद्र के माध्यम से विपणन सहायता, पर्यटक गृह प्रवास, एफआरए पट्टा धारकों को कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए सहायता प्रदान की जाएगी। शिक्षा और स्वास्थ्य स्कूल और उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात को राष्ट्रीय स्तर तक बढ़ाना और जिला, ब्लॉक स्तर पर स्कूलों में जनजातीय छात्रावासों की स्थापना करके जनजातीय छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को मिशन के तहत सुलभ बनाया जाएगा। जनजातीय परिवारों की गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करना, शिशु मृत्यु दर, मातृत्व मृत्यु दर में राष्ट्रीय मानकों को हासिल करना और उन स्थानों, जहां स्वास्थ्य उपकेंद्र मैदानी क्षेत्रों में 10 किमी से अधिक और पहाड़ी क्षेत्रों में 5 किमी से अधिक दूरी पर है, वहां मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से टीकाकरण की सुविधा दी जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- विधायक आगामी 4 वर्ष के विकास की कार्य योजना बनाकर दें प्रस्ताव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रत्येक जिले की भौगोलिक स्थिति अलग-अलग होने से आवश्यकताएं भी पृथक-पृथक होंगी। विधायक अपने-अपने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और आवश्यकता के अनुरूप आगामी चार-पांच वर्षों के लिए विकास कार्यों की कार्य योजना बनाकर प्रस्ताव दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम मध्यप्रदेश को देश का नंबर वन राज्य बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन में कांग्रेस विधायकों से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार के साथ 38 कांग्रेस के विधायक एवं प्रतिनिधियों ने भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अतिवृष्टि और बाढ़ प्रभावित फसलों के सर्वे कराने के निर्देश कलेक्टरों को दिए हैं। राजस्व अधिकारियों से राजस्व क्षति का आंकलन करेंगे। रिपोर्ट के आधार पर फसल, पशु एवं जन-धन की हानि का आंकलन के बाद क्षतिपूर्ति राशि सुनिश्चित कर भुगतान किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कलेक्टर का दायित्व है कि अपने जिले की समस्याओं का निराकरण करें। दूग्ध उत्पादन में प्रदेश होगा नम्बर वन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में गौ-धन को बढ़ावा देने और दुग्ध-उत्पादकों को प्रोत्साहन राशि देने के लिए बोनस दूध योजना प्रांरभ की जाएगी। निराश्रित गायों के संरक्षण एवं सुरक्षा के लिए गौ-शालाओं की व्यवस्थाओं को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए इन्दौर, उज्जैन, भोपाल और ग्वालियर नगर-निगम को वृहद गौ-शालाओं का निर्माण करने और रख-रखाव के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुग्ध-उत्पादन एवं दूध से बने उत्पादों के व्यवसाय की दृष्टि से मध्यप्रदेश देश का नम्बर वन राज्य बनेगा। राज्य परिसीमन आयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए अभियान चलाकर लंबित प्रकरणों का निराकरण कराया गया है। आम जनता और किसानों के अधिकतर प्रकरण राजस्व संबंधी होते हैं। जिलों की संभागीय कार्यालयों से दूरी के कारण आम जनता के समय और धन दोनों का अपव्यय होता है, इसलिए मध्यप्रदेश परिसीमन आयोग बनाया गया है, जो जिलों का पुनर्गठन का कार्य करेगा। लोक सेवा केन्द्र हेल्पलाईन के रूप में बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। जल-जीवन मिशन में हर घर में जल पहुँचाने का कार्य निरंतर जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी जन-प्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र के और अधिक विकास के लिए प्रयास कर रहे हैं। हम सभी की कोशिश है कि मध्यप्रदेश सबसे समृद्ध और विकसित राज्य बनें।  

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 8 साल की बच्ची से रेप के आरोपी को आजीवन कारावास की मिली थी सजा से बरी किया, रेप होता तो खेलने नहीं जाती

नागपुर बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने 64 साल के एक रेप को आरोपी को बरी कर दिया है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा है कि बच्ची अगर यौन उत्पीड़न का शिकार हुई होती तो वह डर जाती और सामान्य व्यवहार नहीं करती या खेलती नहीं। आरोपी को मार्च 2019 में आठ साल की बच्ची के साथ कथित रूप से बलात्कार करने के लिए पोक्सो अधिनियम और आईपीसी की धारा 376एबी के तहत 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी। विजय जवांजल नाम का यह शख्स अमरावती जिले के अचलपुर का रहने वाला है। जस्टिस गोविंदा सनप ने जवांजल को जेल से रिहा करने का आदेश देते हुए कहा, “यदि आरोपी ने बलात्कार किया था तो यह एक जघन्य कृत्य था। इस तरह के हादसे के बाद निस्संदेह बच्ची बहुत डर गई होती। इससे उसे बहुत दर्द और आघात पहुंचा होता। सामान्य परिस्थितियों में वह इस तरह के हादसे के बाद मौके से भागकर अपने घर चली जाती और अपनी मां को घटना के बारे में बताती।” बच्ची ने अगले दिन दी थी जानकारी वकील के मुताबिक तीसरी कक्षा की छात्रा, पीड़िता अपने घर के पास एक सामुदायिक मंदिर में खेलने गई थी। लेकिन कुछ समय तक बच्ची वहां नहीं दिखी। काफी देर बाद जब बच्ची लौटी तो मां ने उसे उसे स्कूल पहुंचा दिया। स्कूल से लौटने के बाद लड़की उदास और असहज लग रही थी। उसने अगले दिन अपनी मां को बताया कि आरोपी ने उसे मिठाई दी थी उसके प्राइवेट पार्ट को जबरदस्ती छुआ था और उसे दर्द हो रहा था। इसके बाद मां ने असेगांव पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। मां ने सिखाया था आरोपी का नाम- कोर्ट मां की गवाही का हवाला देते हुए जस्टिस सनप ने बताया कि जब वह अपनी बेटी को खोजने गई तो उसने देखा था कि आरोपी पास में बैठा था और लड़की खेल रही थी। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि अदालत को सतर्क रहना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बच्ची को किसी भी तरह से कुछ सिखाया ना जाए। जज ने कहा कि पीड़िता ने खुद बताया कि उसे आरोपी का नाम बताने के लिए उसकी मां ने सिखाया था। उन्होंने कहा, “लड़की ने कहा है कि उसकी मां ने उसे अदालत को यह बताने के लिए कहा था कि आरोपी कौन है नहीं तो उसे सजा दी जायेगी। उस दिन उसे लू लग गई थी। उसने कहा है कि उसके प्राइवेट पार्ट में दर्द और खुजली थी। उसकी मां ने नकली सबूत गढ़े।” आजीवन कारावास की मिली थी सजा सेशंस कोर्ट द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी ने हाईकोर्ट में फैसले को चुनौती दी थी। उसने तर्क दिया था कि उनका पोटेंसी टेस्ट नहीं कराया गया था क्योंकि उस समय उनकी उम्र 60 साल थी और मेडिकल रिपोर्ट से मामले का पता नहीं चल पाया था।

युवाओं के लिए खुशखबरी : दिल्ली में यूपीएससी तैयारी के लिए 135 सीटों की वृद्धि को वित्त से मंजूरी

रायपुर दिल्ली में रहकर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने के इच्छुक छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए खुशखबरी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के निर्देश पर वित्त विभाग ने युवा उत्थान योजना के तहत ट्राइबल यूथ हॉस्टल में 135 सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। युवा उत्थान योजना के तहत छत्तीसगढ़ राज्य के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभाशाली युवाओं को दिल्ली में रहकर नि:शुल्क यूपीएससी कोचिंग की सुविधा दी जाती है। युवाओं के रहने, खाने और पढ़ाई का खर्च भी सरकार उठाती है। पूर्व में ट्राइबल यूथ हॉस्टल में 50 नए और 15 रिपीटर बैच को यह सुविधा मिल रही थी। अब इस योजना में 135 सीटों की वृद्धि के बाद कुल 200 युवाओं को आवासीय सुविधा मिलेगी। ट्रायबल यूथ हॉस्टल के अलावा अभ्यर्थी अपनी इच्छानुसार कोचिंग संस्थाओं के निकट आवासीय व्यवस्था भी कर सकेंगे। कोचिंग शुल्क के तहत अंग्रेजी माध्यम के लिए 2 लाख रुपये और हिन्दी माध्यम के लिए 1.5 लाख रुपये निर्धारित है। इसके साथ ही, आवास, मेस और अन्य सुविधाओं के लिए प्रति विद्यार्थी प्रति माह 12 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। वर्तमान में ट्रायबल यूथ हॉस्टल में अधिकतम 65 अभ्यर्थियों के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध थी। अब इस पहल के साथ छत्तीसगढ़ के युवा सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में अधिक समर्थ बन सकेंगे।

कवच 4.0 को सभी नई परियोजनाओं में लगाया जाएगा

नई दिल्ली/बिलासपुर/रायपुर एटीपी प्रणाली रेल परिवहन में उपयोग की जाने वाली एक सुरक्षा प्रणाली है, जिसका उपयोग ट्रेनों को सुरक्षित गति से अधिक या खतरे में सिग्नल पास करने से रोकने के लिए किया जाता है। यह स्वचालित रूप से ट्रेन की गति को नियंत्रित करता है और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यदि आवश्यक हो तो ब्रेक लगा सकता है।दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में भी नागपुर से झारसुगुडा मेन लाइन पर कवच की तैनाती के लिए कार्य शुरू किए गए है । ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम (एटीपी) एटीपी प्रणाली आधुनिक रेलवे सिग्नलिंग सिस्टम का एक महत्वपूर्ण घटक है, जो मानवीय त्रुटि के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करता है और ट्रेनों के सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करता है। पूरे विश्व में तैनाती अमेरिका में पॉजिटिव ट्रेन कंट्रोल (पीटीसी) शुरूआत 1980 में हुई और लगभग 30 साल बाद 2010 में इसके तैनाती के लिए नियम बनाए गए। यूरोप में यूरोपियन ट्रेन कंट्रोल सिस्टम (ईटीसीएस) पर काम 1989 में शुरू हुआ था। और इसका पहला एमओयू 16 साल बाद 2005 में साइन हुआ। भारत में मुंबई सबरबन में 1986 में आॅक्जिलरी वार्निंग सिस्टम (एडब्ल्यूएस) लगाया गया था। दिल्ली आगरा चेन्नई और कोलकाता मेट्रो में ट्रेन प्रोटेक्शन वार्निंग सिस्टम लगाया गया। नॉर्थ फ्रंटियर रेलवे में में 1,736 रूट किलोमीटर पर एंटी कोलाइजन डिवाइस का पायलट प्रोजेक्ट जुलाई 2006 में शुरू हुआ। इन सभी सिस्टम्स में कई आॅपरेशनल और टेक्निकल समस्याएं थी  फरवरी 2012 में, काकोदर कमेटी ने रिकमेंड किया कि भारतीय रेलवे को अत्याधुनिक, डिजिटल रेडियो बेस्ड सिग्नलिंग और प्रोटेक्शन सिस्टम का लक्ष्य रखना चाहिए, जो कम से कम श्वञ्जष्टस् रु-2 की कार्यक्षमता के बराबर हो और पूरे भारतीय रेलवे में तैनात हो। ऐसे में एक वैकल्पिक, रेडियो बेस्ड ट्रेन कोलाइजन अवॉयडेंस सिस्टम ‘ कवचझ् के विकास की परिकल्पना एक स्वदेशी, मल्टी वेंडर, फेल सेफ सिस्टम के रूप में की गई थी। कवच का डिप्लॉयमेंट 2014-15: दक्षिण मध्य रेलवे पर 250 रूट किलोमीटर के पायलट प्रोजेक्ट सिस्टम पर इंस्टॉलेशन 7 2015-16: यात्री ट्रेनों पर पहला फील्ड परीक्षण। 2017-18: कवच स्पेसिफिकेशन वर्जन 3.2 को अंतिम रूप दिया गया। 2018-19: ढ्ढस््र के आधार पर आरडीएसओ ने तीन कंपनियां अप्रूव करीं। जुलाई 2020 में “कवच” को राष्ट्रीय एटीपी घोषित किया गया। मार्च 2022 तक: कवच को एक एक्सटेंडेड सेक्शन के रूप में 1200 रूट किलोमीटर पर स्थापित किया जाएगा। मार्च 2022 में विभिन्न यूज केसेस और स्टेकहोल्डर की प्रतिक्रिया के आधार पर कवच स्पेसिफिकेशन वर्जन 4.0 का विकास करने का निर्णय लिया गया। 16.07.24 को कवच वर्जन 4.0 स्पेसिफिकेशन स्वीकृत एवं जारी किए गये। भारतीय रेलवे पर मिक्सड ट्रैफिक स्पीड डिफरेंशियल, लोको की विविधता, कोचिंग और वैगन स्टॉक की विभिन्न चुनौतियों के बावजूद दस साल से कम समय में यह किया गया। कवच कार्य की वर्तमान स्थिति दक्षिण मध्य रेलवे पर वर्जन 3.2 के साथ 1,465 रूट किलोमीटर पर डिप्लॉय किया गया है। दिल्ली झ्र मुंबई और दिल्ली झ्र हावड़ा सेक्शन (93,000 रूट किलोमीटर) पर कार्य प्रगति पर है। मथुरा-पलवल सेक्शन: 160 कि .मी./घंटे पर परीक्षण और सर्टिफिकेशन चल रहा है। बोलियां (टेंडर)आमंत्रित की जा रही हैं महत्वपूर्ण ऑटोमैटिक सेक्शन पर (9 5,000 रूट किलोमीटर) आगामी योजना भारतीय रेलवे पर चरणबद्ध तैनाती फेस। अगले 4 वर्षों में सभी लोकोमोटिव में कवच।आर एफ आई डी के माध्यम से सीमित ब्लॉक सेक्शन पर कवच सुरक्षा  फेस ।। स्टेशन एवं यार्ड कवच इक्यूपमेंट का प्रावधान। पूर्ण कमीशनिंग कवच मुख्य विशेषताएं यदि लोको पायलट ब्रेक लगाने में विफल रहता है तो स्वचालित ब्रेक लगता है। कैब में लाइन साइड सिग्नल को दोहराता है। मूवमेंट अथॉरिटी का रेडियो आधारित निरंतर अपडेट करता है। लेवल क्रासिंग गेटों पर आॅटो सीटी बजाता है। डायरेक्ट लोको से लोको संचार द्वारा टकराव से बचाव । कवच के मुख्य अवयव: कवच एक अत्यंत टेक्नोलॉजी इंटेंसिव सिस्टम है, और इसमें निम्न चीजें शामिल हैं: स्टेशन कवच लोको कवच सिग्नलिंग सिस्टम से जानकारी प्राप्त करता है और लोकोमोटिव का मार्गदर्शन करता है। ट्रेन का लोकेशन और डायरेक्शन निर्धारित करने के लिए इसे 1किलोमीटर की दूरी पर पटरियों पर और प्रत्येक सिग्नल पर स्थापित किया गया है। लोको और स्टेशन के बीच सूचना के आदान-प्रदान के लिए ट्रैक के किनारे टावर और ओ एफ सी।  ब्रेकिंग सिस्टम के साथ इंटीग्रेटेड स्टेशन कवच के साथ संचार करता है और यदि ड्राइवर ब्रेक लगाने में विफल रहता है तो स्वचालित ब्रेकिंग लागू करता है। स्टेशन कवच सिग्नलिंग इनपुट और लोको इनपुट इकट्ठा करता है और मूवमेंट अथॉरिटी को लोको कवच तक पहुंचाता है। रेडियो- लोकोमोटिव के साथ संचार के लिए।

लोधेशवरधाम में दीपावली मिलन समारोह, वार्षिक सम्मेलन एवं स्मारिका का होगा विमोचन

रायपुर लोधेशवरधाम में लोधी क्षत्रिय समाज चंगोराभाठा रायपुर छत्तीसगढ के तत्वावधान में 24 नवंबर को दीपावली मिलन समारोह, युवक युवती परिचय सम्मेलन, वार्षिक सम्मेलन एवं स्मारिका का विमोचन किया जाएगा। यह कार्यक्रमअखिल भारतीय लोधी-लोधा-लोध राष्ट्रीय महासभा नई दिल्ली भारत के नेतृत्व में संपन्न होगा। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के अलावा महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, झारखंड, विदर्भ, राजस्थान, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, तेलगांना, गोवा एवं हरियाणा आदि राज्यों से पदाधिकारीगण शामिल होंगे। इस अवसर पर विगत 24 वर्षो से नियमित प्रकाशित रायपुर छत्तीसगढ ही नही अपितु हिन्दुस्तान के प्रथम स्मारिका का विमोचन भी होगा। सभी स्वजातीय बंधूओं और देश के सामाजिक संगठनों से आग्रह है कि स्मारिका 2024-25 के प्रकाशन के लिए अपना स्वलिखित आलेख एवं विवाह योग्य युवक – युवती का बायोडाटा भेजने की अपील लोधी क्षत्रिय समाज चंगोराभाठा रायपुर के द्वारा स्वाजतीय बंधुओं से किया गया है। स्मारिका में प्रकाशन के लिए अमर शहीद वीरांगना महारानी अवंती बाई लोधी की जीवनी, परम पूज्य स्वामी ब्रम्हानंद लोधी के अलावा लोधी समाज अन्य महान विभूतियो की जीवनी भी प्रकाशित होगी। समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं, व्यक्ति एवं महिलाओं द्वारा किये गये उल्लेखनीय कार्यो को विशेष स्थान दिया जायेगा।

वैभव सूर्यवंशी ने यूथ टेस्ट में सबसे कम उम्र में शतक जड़ा, तोड़ चुके हैं सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट के जूनियर स्तर पर भी कई प्लेयर अपनी धाक जमाने में कामयाब हो रहे हैं। भारतीय टीम इस समय ऑस्ट्रेलिया की अंडर 19 टीम के साथ यूथ टेस्ट खेल रही है। इसमें खेलते हुए भारत की ओर से महज 13 साल की उम्र में ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने शतक ठोक दिया है। वह यूथ टेस्ट में सबसे कम उम्र में शतक जड़ने वाले पहले प्लेयर बन गए हैं। उन्होंने चेन्नई के एम.ए.चिदंबरम स्टेडियम में यह उपलब्धि अपने नाम की। युवा खिलाड़ी ने 62 गेंदों में 104 रन बनाए जिससे भारतीय टीम दूसरी पारी में 62.4 ओवर में ही 296 रन बनाने में सफल रही। वैभव ने अपनी पारी के दौरान 14 चौके और 4 छक्के भी जड़े। वैभव ने इस शतक के साथ पाकिस्तान के नासिर जमशेद का रिकॉर्ड तोड़ा जिन्होंने 15 साल की उम्र में दोहरा शतक बना दिया था।   इसके अलावा, वह युवा टेस्ट प्रारूप में दूसरे सबसे तेज शतक लगाने वाले और इस प्रारूप में किसी भारतीय द्वारा सबसे तेज शतक लगाने वाले भी प्लेयर बन गए हैं। इंग्लैंड के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मोईन अली ने साल 2005 में यूथ टेस्ट खेलते हुए 56 गेंदों में शतक बनाया था। युवा प्रतिभाशाली खिलाड़ी पहले ही प्रथम श्रेणी प्रारूप में पदार्पण कर चुके हैं जहां उन्होंने दो मैचों के लिए बिहार का प्रतिनिधित्व किया था। तोड़ चुके हैं सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड एक साल पहले ही वैभव सूर्यवंशी 12 साल की उम्र में रणजी ट्रॉफी इतिहास में सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों की खास लिस्ट में शामिल हुए थे और महान सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा था। रणजी ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में डेब्यू करने का रिकॉर्ड पूर्व क्रिकेट अलीमुद्दीन के नाम दर्ज है जिन्होंने 12 साल 73 दिन की उम्र में रणजी डेब्यू किया था। वैभव सूर्यवंशी बिहार के समस्तीपुर से आते हैं। उन्होंने 5 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। इसके बाद पटना आकर ट्रेनिंग शुरू की और देखते-देखते अलग-अलग स्तर पर कुल 49 शतक जड़ चुके हैं।

इजरायली फौज ने लेबनानवासियों को अल्टीमेटम जारी किया, अब जमीनी हमला करने वाले है

लेबनान लेबनान में कहर बनकर टूट चुकी इजरायली फौज अब जमीनी हमला करने वाली है। मंगलवार को इजरायली फौज ने लेबनानवासियों को अल्टीमेटम जारी किया कि वे दक्षिणी हिस्से से तुरंत उत्तर की तरफ चले जाएं क्योंकि उनकी फौज जमीनी हमला करने वाली है। इस चेतावनी के साथ ही लेबनान का गाजा जैसा हाल होने का खतरा बढ़ गया है। लेबनान में अभी तक इजरायली हमलों में 1000 लोगों की मौत हो चुकी है, इसमें हिजबुल्लाह चीफ सैयद हसन नसरल्लाह समेत सैकड़ों हिजबुल्लाह आतंकी शामिल हैं। इससे पहले गाजा में इजरायली फौज ने कम से कम 44 हजार लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। दूसरी तरफ हिजबुल्लाह ने भी इजरायल को चुनौती देते हुए कहा है कि वे झुकेंगे नहीं और इजरायली फौज के खिलाफ आमने-सामने की लड़ाई को तैयार हैं। इजरायल द्वारा दक्षिणी लेबनान में सेना भेजने के कुछ घंटों बाद मंगलवार को यह अल्टीमेटम जारी किया। इजराइल की सेना के अरबी प्रवक्ता द्वारा सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किये गये आदेश में दक्षिणी लेबनान के 25 गांवों का जिक्र किया गया है और लोगों को सीमा से लगभग 60 किलोमीटर (36 मील) दूर, अवाली नदी के उत्तर में चले जाने को कहा गया है। इजराइल ने एक बड़े अभियान की योजना के तहत लेबनान की सीमा पर छोटे और सटीक हमले किए हैं। पिछले 10 दिन में इजराइली हमलों में हिजबुल्ला के शीर्ष सदस्य हसन नसरल्ला और छह शीर्ष कमांडर मारे गए हैं। इसके अलावा सैकड़ों की संख्या में आतंकी मारे गए हैं। सेना का कहना है कि लेबनान के बड़े हिस्से में हजारों आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया है। हिजबुल्लाह के प्रवक्ता ने कहा कि उसके लड़ाके इजरायल के सैनिकों के साथ ‘आमने-सामने की लड़ाई’ के लिए तैयार हैं।   इजरायल का अल्टीमेटम एक्स पर पोस्ट किए गए बयान में कहा गया है, “आईडीएफ आपको नुकसान नहीं पहुंचाना चाहती है और अपनी सुरक्षा के लिए आपको तुरंत अपने घर खाली करने होंगे। हिज़बुल्लाह द्वारा अपनी सैन्य जरूरतों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले किसी भी घर को हम छोड़ने वाले नहीं है। इसलिए सावधान रहें, आपको दक्षिण की ओर जाने की अनुमति नहीं है। दक्षिण की तरफ जाने से आपकी जान को ख़तरा हो सकता है। हम आपको बताएंगे कि आपके लिए घर लौटना कब सुरक्षित होगा।”

किसानों की छोटी-छोटी समस्याओं को सुलझाने से उनकी आय में 20 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है: कृषि मंत्री शिवराज

नई दिल्ली केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कहा कि किसानों की छोटी-छोटी समस्याओं को सुलझाने से उनकी आय में 20 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है। चौहान ने 24 सितंबर को शुरू हुई अपनी ‘सीधा संवाद’ पहल के तहत भारतीय किसान संघ (स्वतंत्र) के सदस्यों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कृषि क्षेत्र को प्रभावित करने वाली विभिन्न चुनौतियों पर चर्चा की। किसानों की सेवा को भगवान की पूजा बताते हुए चौहान ने कहा, ‘‘ये समस्याएं छोटी लग सकती हैं, लेकिन इनका समाधान करने से किसानों की आय में 10 से 20 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है।’’ एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि बैठक में भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों ने कारखाने के दूषित पानी और जले हुए ट्रांसफार्मर को कम समय में बदलने पर चर्चा की। चर्चा के दौरन फसल की लागत कम करने, उचित मूल्य सुनिश्चित करने और जलभराव को रोकने पर भी बात हुई। इसके अलावा, कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग, स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव और पीएम फसल बीमा योजना जैसी सरकारी योजनाओं तक पहुंच पर चर्चा की गई। चौहान ने विभिन्न चुनौतियों का समाधान करने के लिए हर मंगलवार को किसानों और कृषि संगठनों के प्रतिनिधियों से मिलने की प्रतिबद्धता जताई। संवाद पहल का उद्देश्य समस्या समाधान में तेजी लाने और कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए मंत्रालय और कृषक समुदायों के बीच सीधा संवाद कायम करना है।

उप मुख्यमंत्री साव ने छात्राओं को स्वच्छता की दिलाई शपथ, सफाई मित्र सुरक्षा शिविर का लिया जायजा

रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव आज रायपुर के जे.आर. दानी स्कूल में स्वच्छता की पाठशाला-सह-सफाई मित्र सुरक्षा शिविर में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में छात्राओं को स्वच्छता बनाए रखने और इसके बारे में लोगों को जागरूक करने की शपथ दिलाई। उन्होंने शहर के स्वच्छता कर्मियों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित शिविर का भी जायजा लिया। श्री साव ने कार्यक्रम में स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों की विजेता छात्राओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। उन्होंने सफाई कर्मियों को किट भी वितरित किए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, जिला प्रशासन और रायपुर नगर निगम द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल और विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, नगर निगम के सभापति प्रमोद दुबे भी शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने मुख्य अतिथि के रूप में स्वच्छता की पाठशाला-सह-सफाई मित्र सुरक्षा शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छता अभियान ने पिछले दस वर्षों में जन आंदोलन का रूप ले लिया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 15 अगस्त 2014 को लाल किले की प्राचीर से स्वच्छ भारत मिशन के आह्वान के बाद देश में स्वच्छता के प्रति काफी जागरूकता आई है। इससे हमारा परिवेश स्वच्छ और सुंदर होने के साथ ही बीमारियों में भी कमी आ रही है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि स्वच्छता परंपरागत रूप से हमारे स्वभाव और संस्कार में रहा है। विगत 17 सितम्बर से प्रारंभ स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के तहत स्वभाव स्वच्छता-संस्कार स्वच्छता की थीम पर साफ-सफाई के बारे में लोगों को जागरूक करने और जन भागीदारी बढ़ाने विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्कूली छात्र-छात्राओं, युवाओं, नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को स्वच्छता के कार्यों से जोड?े आज प्रदेशभर के 1800 स्कूलों, 105 कॉलेजों तथा 45 आईटीआई व इंजीनियरिंग कॉलेजों में करीब पांच लाख लोगों को शपथ दिलाई जा रही है। श्री साव ने आज कार्यक्रम स्थल में लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में अपनी चेस्ट की स्क्रीनिंग के साथ शुगर और बीपी की भी जांच कराई। नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक कुंदन कुमार, कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, नगर निगम के आयुक्त अबिनाश मिश्रा, सभापति प्रमोद दुबे, पार्षद सीमा कंदोई और सुडा के सीईओ शशांक पाण्डेय भी कार्यक्रम में मौजूद थे। सफाई मित्रों के सम्मान, उनके द्वारा किए गए कार्यों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनका मनोबल बढ़ाने स्वच्छता ही सेवापखवाड़ा के दौरान राज्य के सभी शहरों में 250 से अधिक सफाई मित्र सुरक्षा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इनके माध्यम से 30 हजार सफाई मित्रों और उनके परिजनों की स्वास्थ्य जांच कर राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। मोबाइल मेडिकल यूनिट और स्वास्थ्य शिविर में जांच, उपचार व नि:शुल्क दवाई के साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली कनेक्शन, पीएम सूर्य घर योजना, पीएम स्वनिधि, पीएम जनधन, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, उज्जवला योजना, नल कनेक्शन, श्रमिक कल्याण तथा राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन जैसी योजनाओं का लाभ इन शिविरों के माध्यम से सफाई मित्रों तक पहुंचाया जा रहा है। सफाई मित्र सुरक्षा शिविर में आज 1964 सफाई मित्र लाभान्वित रायपुर के जे.आर. दानी स्कूल परिसर से लगे बूढ़ा तालाब में आयोजित सफाई मित्र सुरक्षा शिविर में आज 1964 सफाई मित्र व उनके परिजन लाभान्वित हुए। शिविर में मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से 880 और स्वास्थ्य विभाग द्वारा 818 लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर आवश्यक परामर्श, उपचार व दवाईयां उपलब्ध कराई गईं। 120 लोगों के राशन कार्ड का नवीनीकरण और 18 परिवारों के लिए नए राशन कार्ड बनाए गए। 58 श्रमिकों के श्रमिक कार्ड बनाने के साथ ही 27 सफाई मित्रों को बीमा योजना, 14 सफाई मित्रों को प्रधानमंत्री आवास योजना और दस सफाई मित्रों को पीएम स्वनिधि योजना का लाभ प्रदान किया गया।

गुजरात में ट्रेन पलटने की साजिश, लूट की नीयत से पटरी के बीच रखा था लोहे का टुकड़ा, 2 अरेस्ट

बोटाद गुजरात के बोटाद में ट्रेन को पलटने की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। बोटाद में 25 सितंबर को कुंडली गांव के पास रेलवे ट्रैक के बीच लोहे का टुकड़ा रखा गया था जिससे पैसेंजर ट्रेन टकरा गई थी। पुलिस ने इसके पीछे बड़ा नुकसान पहुंचाने की साजिश की आशंका जताई थी। अब पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि ट्रेन को पटरी से उतारने की नीयत से इस लोहे के बोल्डर (रेल पटरी का टुकड़ा) को लगाया गया था। मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बोटाद एसपी किशोर बलोलिया ने बताया कि 25 सितंबर को कुंडली गांव के पास रेलवे ट्रैक के बीच लोहे का टुकड़ा रखकर पैसेंजर ट्रेन को पटरी से उतारने की कोशिश की गई थी। यह बेहद गंभीर घटना थी। बोटाद जिला पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल, एटीएस और केंद्र की विभिन्न एजेंसियों ने इस घटना की जांच की। घटना को अंजाम देने के आरोप में दो लोगों रमेश और जयेश को गिरफ्तार किया गया है। बोटाद एसपी किशोर बलोलिया ने बताया कि आरोपियों ने ट्रेन को पटरी से उतारने के बाद यात्रियों के पैसे और अन्य सामान लूटने की साजिश रची थी। मामले की जांच जारी है। बता दें कि बोटाद जिले के रानपुर पुलिस थाना क्षेत्र से गुजर रही ओखा-भावनगर पैसेंजर ट्रेन (19210) तड़के करीब तीन बजे पटरी पर रखे चार फुट लंबे लोहे के टुकड़े से टकरा गई थी। लोहे की पटरी के इस टुकड़े से टकराने के बाद पैसेंजर ट्रेन घंटों रुकी रही थी। यह घटना बोटाद से 12 किलोमीटर दूर कुंडली गांव से आगे हुई थी। बोटाद एसपी किशोर बलोलिया ने बताया कि बताया कि इन आरोपियों को घटनास्थल के समीप के गांव अड़ोव से पकड़ा है। आरोपियों की मंशा थी कि जब ट्रेन के डिब्बे डिरेल होकर पास के खेतों में गिर जाएं तो वे लूटपाट की घटना को अंजाम दे सकें। आरोपी घटनास्थल के पास भटकते रहते थे। ये पुलिस जांच को गुमराह करना चाहते थे। इन्होंने डिमार्केशन के लिए लगाए गए पटरी के टुकड़े को पास से ही उखाड़ कर पटरी के बीच में प्लांट किया था। आरोपियों से सघन पूछताछ जारी है।

मां की हत्या कर बेटा खा गया अंग-अंग मामले में HC ने नहीं की रहम, कहा- ये नरभक्षण केस, सजा-ए-मौत बरकरार

मुंबई बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपनी ही मां की हत्या कर उसके अंग खाने के मामले में एक अपराधी को दी गई मौत की सजा बरकरार रखते हुए कहा कि यह नरभक्षण का मामला है। सुनील कुचकोरवी नाम के अपराधी को कोल्हापुर की जिला अदालत ने 2017 में मां की जघन्य हत्या करने और उसके अंगों को कथित तौर पर खाने के मामले में दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी और कहा था कि यह नरभक्षण का मामला है। इस सजा के खिलाफ कुचकोरवी ने हाई कोर्ट में अपील की थी। जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और जस्टिस पृथ्वीराज चव्हाण की खंडपीठ ने फैसला सुनाया कि यह मामला ‘दुर्लभतम में से दुर्लभतम’ है, जिसमें दोषी के सुधार की कोई संभावना नहीं है। इसलिए उसकी मौत की सजा कम नहीं की जा सकती है। अदालती कार्यवाही के दौरान सात साल पहले हुए अपराध की खौफनाक कहानी भी कोर्टरूम में सुनाई गई, जिसमें बताया गया कि दोषी करार दिए गए कुचकोरवी ने न केवल अपनी 63 वर्षीय मां यल्लामा रामा कुचकोरवी की हत्या की, बल्कि उसने मां की लाश के टुकड़े-टुकड़े कर दिए और उसके मस्तिष्क, हृदय, यकृत, गुर्दे और आंतों सहित कई अंगों को पकाकर खाया था। कथित तौर पर दोषी को तब पकड़ा गया था, जब वह मां की लाश से दिल निकालकर उसे पकाने की तैयारी कर रहा था। अभियोजन पक्ष ने बताया कि जब सुनील कुचकोरवी की मां ने शराब खरीदने के लिए उसे पैसे देने से इनकार कर दिया था, तब उसने मां की खौफनाक तरीके से हत्या कर दी थी। मां की नृशंस हत्या और खौफनाक तरीके से लाश को टुकड़े-टुकड़े कर अंग खाने की कहानी जानकर हाई कोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि यह स्पष्ट रूप से दुर्लभतम श्रेणी में आता है। पीठ ने कहा कि दोषी ने न केवल अपनी मां की हत्या की है बल्कि उसके अंगों को पकाकर खाया भी है, जो जघन्य अपराध की श्रेणी में आता है। हाई कोर्ट ने कहा कि अपराधी की प्रवृतियों को देखते हुए नहीं लगता कि उसमें सुधार के कोई लक्षण हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर इसकी मौत की सजा कम कर आजीवन कारावास में तब्दील की जाती है, तब भी वह इसी तरह के अपराध कर सकता है। लॉ ट्रेंड की रिपोर्ट के मुताबिक, खंडपीठ ने दो-टूक लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस अपराधी को आजीवन कारावास की सजा दी जाती है तो यह जेल के अंदर भी इसी तरह का अपराध कर सकता है। फिलहाल कुचकोरवी पुणे की यरवदा जेल में बंद है। उसे वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया था।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet