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माहौल बिगाड़ने कीं मूर्तियां खंडित, राजस्थान-उदयपुर के रजवाडिया समाज के मंदिर में तोड़फोड़

उदयपुर. बीते कुछ महीनों से उदयपुर क्षेत्र से लगातार सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की खबरें सामने आ रही हैं। पिछले दिनों जहां भीलवाड़ा में एक धार्मिक स्थल के बाहर पशुओं अवशेष मिलने से माहौल बिगड़ गया था, वहीं अब उदयपुर के एक देवरे ( मंदिर) पर तोड़फोड़ करने का मामला सामने आया है। यह देवरा उदयपुर के स्वरूप सागर झील के पास स्थित है, जो रजवाडिया समाज का बताया जा रहा है। मंदिर में तोड़फोड़ किए जाने की बात पता चलते ही समाज के लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया। सूचना मिलने के बाद हाथीपोल थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। धार्मिक स्थल पर तोड़फोड़ की रजवाडिया समाज ने कड़ी निंदा की है और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। तोड़फोड़ कब और किसने की अब तक इस बात की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। खबर अपडेट की जा रही है।

धरना देकर एसपी व सीईओ को सौंपा ज्ञापन, राजस्थान-करौली में ग्राम विकास अधिकारी से मारपीट का विरोध

करौली. ग्राम विकास अधिकारी से मारपीट के आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ का जिला मुख्यालय पर पंचायत समिति में अनिश्चितकालीन धरना 21वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान राजकीय दायित्वों के क्रियान्वयन एवं अभियान का भी पूर्ण बहिष्कार किया। ग्राम विकास अधिकारियों ने सीईओ एवं एसपी को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जिला अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने बताया कि ग्राम विकास अधिकारी आनंद सिंह अलीपुरा 10 सितंबर की शाम भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केंद्र अलीपुरा ग्राम पनवेडे होते हुए ग्राम सिकंदरपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के आवेदन व स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत ब्लैक स्पॉट के फोटो लेने जा रहा था। इस दौरान सिकंदरपुर श्मशान के पास उदयराज मीणा निवासी सिकंदरपुर ने आनंद सिंह को रोककर मारपीट की और राजकीय दस्तावेज छीनकर नष्ट कर दिए। साथ ही सोने की चेन व घड़ी लूटकर ले गया। पीड़ित ने सदर थाना हिंडौन में एफआईआर दर्ज कराई है। ग्राम विकास अधिकारियों की ओर से प्रशासन को ज्ञापन भी दिया गया लेकिन 21 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, इससे ग्राम विकास अधिकारियों में रोष व्याप्त है। उन्होंने बताया कि आरोपी पीड़ित को वीडियो के माध्यम से लगातार धमकियां भी दे रहा है। जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होगी तब तक अनिचितकालीन धरना जारी रहेगा।

संगीत के माध्यम से हमेशा अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति के साथ न्याय करने की कोशिश की: आयुष्मान खुराना

मुंबई,  बॉलीवुड के जानेमाने अभिनेता और गायक आयुष्मान खुराना ने कहा है कि उन्होंने अपने संगीत के माध्यम से हमेशा अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति के साथ न्याय करने की कोशिश की है और उन्हें खुशी है कि लोगों ने इसे स्वीकार किया है और उन्हें इतना प्यार दिया है। आयुष्मान खुराना ने इंटरनेशनल म्यूजिक डे पर कहा कि मेरी फिल्मों की तरह मेरा म्यूजिक भी किसी फॉर्मूले में बंधा नहीं है। मेरी फि‍ल्में और मेरा संगीत हमेशा इस विश्वास को बनाए रखेंगी जो मैं खुद के लिए रखता हूं। मैं एक कलाकार होने के नाते कोई खास रूल फॉलो नहीं करता और न ही कभी करना चाहता हूं। आयुष्मान खुराना ने कहा कि हर बार कुछ नया बनाना, दूसरों की तरह न करना, किसी ट्रेंड को फॉलो करने के जाल में न फंसना, मेरे लिए बेहद ही रोमांचक चीज है। यदि संभव हो तो मैं एक ट्रेंड सेट करना चाहूंगा। आयुष्मान जल्दा ही “जचदी” ट्रैक में नजर आएंगे। उन्होंने कहा कि इस गाने के लिए वह अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकले हैं।मैं अपने आप को बेहद भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे फिल्मों और अपने संगीत के लिए दर्शकों का बेहद प्यालर मिला है। मेरे प्रयासों में निरंतर सहयोग देने के लिए मैं सभी का शुक्रिया अदा करता हूं।मेरे जीवन के उतार-चढ़ाव में संगीत हमेशा से मेरा साथी रहा है। ये वो चीज है, जिससे मैं हर रोज गुजरता हूं। मैंने ‘जचदी’ में अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकलकर काम किया है। इसमें पंजाबी धुनों को गरबा बीट्स के साथ मिलाना बेहद खास है। मैं आगे भी अलग-अलग चीजें करता रहूंगा।

मध्याह्न भोजन खाने के बाद सात और बच्चे बीमार पड़े, अब तक अस्पताल में भर्ती कराए बच्चों की संख्या 45 हुई

ठाणे (महाराष्ट्र) महाराष्ट्र में ठाणे शहर के समीप एक निजी स्कूल में मध्याह्न भोजन खाने के बाद संदिग्ध रूप से खाद्य विषाक्तता के कारण सात और बच्चे बीमार पड़ गए हैं, जिससे अभी तक अस्पताल में भर्ती कराए बच्चों की संख्या 45 हो गयी है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अस्पताल के चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, आठ से 11 वर्ष की आयु के इन बच्चों को मंगलवार को दोपहर के भोजन के बाद चक्कर आने, मितली, सिरदर्द और पेट में दर्द की शिकायत के बाद कलवा शहर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुरुआत में मंगलवार को 38 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। देर रात सात और बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी डॉ. अनिरुद्ध मलगांवकर ने बताया कि बच्चों के स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है और अगर उनकी स्थिति ठीक पायी जाती है तो उन्हें बुधवार दोपहर तक छुट्टी दे दी जाएगी। ठाणे नगर निगम (टीएमसी) के अतिरिक्त आयुक्त संदीप मालवी ने मंगलवार को बताया कि सभी बच्चों की हालत खतरे से बाहर है और उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। उन्होंने पुष्टि की कि बच्चों ने निजी स्कूल में मध्याह्न भोजन किया था। एक अन्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि बच्चों को भोजन में चावल और मोठ की सब्जी परोसी गयी थी। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों ने छात्रों को परोसे गए भोजन के नमूने एकत्रित किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, शुरुआत में पांच छात्रों ने बेचैनी की शिकायत की और धीरे-धीरे उनकी संख्या बढ़ती गई। उन्होंने बताया, ‘‘स्कूल प्रशासन ने एम्बुलेंस बुलाई और छात्रों को अस्पताल पहुंचाया।’’ बच्चों के परिजन भी अस्पताल में मौजूद हैं।  

संभागीय आयुक्त राजेंद्र विजय के ठिकानों पर चल रही तलाशी, राजस्थान-कोटा में एसीबी का छापा

कोटा/जयपुर. कोटा के राजस्थान में कोटा के संभागीय आयुक्त राजेंद्र विजय के ठिकानों पर एसीबी ने छापे मारे है। राजेंद्र विजय के जयपुर स्थित आवास पर छापामारी की गई है। एसीबी जयपुर स्थित आवास पर सर्च कर रही है। बता दें राजेंद्र विजय प्रमोटी आईएएस है।एसीबी से जुड़े सूत्रों के अनुसार आय से अधिक संपत्ति के मामले में दौसा और जयपुर सहित पांच जगहों पर छापेमारी चल रही है। दौसा एसीबी उपाधीक्षक नवल मीणा अपनी टीम के साथ कार्रवाई में जुटी है। IAS राजेंद्र विजय मूल रूप से दौसा जिले के दुब्बी गांव के रहने वाले हैं। दुब्बी स्थित आवास पर ना तो राजेंद्र विजय और ना ही उनके परिजन मिले। आईएएस राजेंद्र के आवास पर रहने वाला गार्ड तक नहीं मिला। घर में कोई सदस्य मौजूद नहीं होने के कारण एसीबी ने घर के अंदर सर्च नहीं किया। एसीबी ने राजेंद्र विजय के अन्य आवासों पर भी छापेमारी की है। एसीबी द्वारा यह छापेमारी आय से अधिक संपत्ति के मामले में की जा रही है। राजेंद्र विजय कोटा के संभागीय आयुक्त है। उल्लेखनीय है कि राजेंद्र विजय ने 7 दिन पहले ही कोटा के डिविजनल कमिश्नर का पदभार ग्रहण किया था। इसके बाद वे सरकारी आवास में शिफ्ट नहीं हुए थे। वर्तमान में राजेंद्र विजय कोटा में ही हैं और सर्किट हाउस में ठहरे हैं। कोटा के सर्किट हाउस पर भी एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा टीम के साथ पहुंचे। जिस समय एसीबी की टीमों ने उनके ठिकानों पर दबिश दी, तब वो कोटा सर्किट हाउस में ही थे। उन्हें सुबह 8 बजे गांधी जयंती के अवसर पर चंबल गार्डन में पुष्पांजलि कार्यक्रम में जाना था। उसके लिए उन्होंने जिले के एक प्रशासनिक अधिकारी को सुबह 7 बजकर 45 मिनट पर बुलाया था, लेकिन बाद में सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए। उन्होंने किसी से भी मिलने से इनकार कर दिया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो मुख्यालय के अनुसार उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में शिकायत मिली थी। इस मामले में न्यायालय के जरिए सर्च वारंट लिया गया था। इसके आधार पर आज जांच शुरू की गई है। इसके लिए पहले ही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने पूरा फीडबैक ले लिया था, जिसके बाद सुबह 6 बजे कार्रवाई को अंजाम दिया। इसकी मॉनिटरिंग खुद एसीबी के डीजी रवि प्रकाश मेहरड़ा कर रहे हैं। सभी टीमों को एक दिन पहले ही ब्रीफ कर दिया गया था और सुबह होते ही छापेमारी की कार्रवाई की गई है। कांग्रेस शासन में राजेंद्र विजय 1 साल तक बारां जिले के कलेक्टर पद पर रहे। 7 दिन पहले ही जॉइन किया था कार्यभार आईएएस राजेंद्र विजय प्रमोटी आईएएस हैं। उन्हें वर्ष 2010 का बैच मिला है। 7 दिन पहले ही 25 सितंबर को उन्होंने कोटा संभागीय आयुक्त का पदभार ग्रहण किया था। 17 दिन पहले उनका ट्रांसफर राजस्थान शहरी पेयजल सीवरेज एवं अवसंरचना निगम लिमिटेड में कार्यकारी निदेशक के पद पर किया गया था लेकिन 22 सितंबर को जारी ट्रांसफर लिस्ट में उन्हें कोटा का संभागीय आयुक्त बना दिया था। इससे पहले वे करीब 8 महीने तक नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग में स्पेशल सेक्रेटरी रहे

राज्य में पंचायत चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से करवाने के लिए महत्वपूर्ण फैसला, पंजाब में 15 अक्टूबर तक सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द

चंडीगढ़ पंजाब पुलिस ने आगामी 15 अक्टूबर तक सभी पुलिस कर्मचारियों व अधिकारियों की छुट्टियां पर रोक लगा कर दी है। राज्य में पंचायत चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से करवाने के लिए यह फैसला लिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक सिर्फ विशेष हालात में ही छुट्टी मंजूर की जाएगी। इसे लेकर आदेश जारी कर दिए गए है। राज्य में 13937 गांव पंचायत है। जिन में चुनाव करवाए जाने है। 96 हजार पुलिसकर्मियों की होगी तैनाती चुनाव में 1 करोड़ 33 लाख मतदाता अपने मत का इस्तेमाल करेंगे। 96 हजार पुलिस कर्मचारियों की चुनाव ड्यूटी में तैनाती की जाएगी। चुनाव में माहौल खराब न हो इसके लिए सरकार अपने स्तर पर प्रयास कर रही है। इस बार पंचायत चुनाव पार्टी चुनाव निशान पर नहीं होंगे। यह कोशिश की जा रही है कि सर्वसम्मति से चुनाव संपन्न हो। लेकिन इसके बावजूद राज्य में कहीं न कहीं से हिंसा की खबरें आ रही है। लोगों के लिए स्पेशल नंबर शुरू किया गया चुनाव को लेकर सेक्टर 17 चुनाव कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। लोगों के लिए एक स्पेशल नंबर शुरू किया गया है जहां पर सुबह 8 से रात 9 बजे तक शिकायतों को सुना जाएगा। उधर डीजीपी गौरव यादव ने निर्देश दिए है कि सब डिवीजन स्तर पर तैनात डीएसपी हर सप्ताह एसएसपी और सीपी के साथ बैठक करेंगे। किस जिले में कितनी आपराधिक वारदातें हुई कितने अपराधियों को पकड़ा गया इस का फीडबैक दिया जाएगा। हर महीने डीजीपी स्तर के अधिकारी राज्य के पूरे क्राइम को लेकर चर्चा करेंगे। वहीं त्यौहारों के लिए सीजन में पार्किंग व अन्य लोगों की सुरक्षा को सही करने के लिए सभी एसएसपी और सीपी को प्लान तैयार करने के लिए कहा गया है ताकि लोगों को दिक्कत का सामना न करना पडे़।

ब्लू लाइन पर यात्रियों को हुई परेशानी, अब समस्या का समाधान हुआ यात्रियों को समय पर ट्रेन मिली

नई दिल्ली दिल्ली मेट्रो के यात्रियों को बुधवार को ब्लू लाइन पर यात्रा करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, अब समस्या का समाधान हो गया और यात्रियों को समय पर ट्रेन मिल रही है। डीएमआरसी (DMRC) ने एक्स पर पोस्ट करके इस संबंध में जानकारी दी थी। द्वारका सेक्टर 21 से नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी/वैशाली के लिए जाने वाली मेट्रो सेवाओं में देरी हो रही थी। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) ने एक्स पर अपनी पोस्ट में यह भी जानकारी दी है कि अन्य लाइनों पर सर्विस सामान्य है। बता दें कि इस दौरान यात्रियों को समस्या का सामना पड़ा। कुछ यात्री स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे, जबकि कुछ यात्री अन्य वाहन जैसे बस या कैब से अपने स्थान की ओर चले गए।  

सीएम योगी ने कहा- हर जिले में, गांव हो या नगरीय क्षेत्र, सड़कें अच्छी होनी चाहिए, धन की कोई कमी नहीं

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनप्रतिनिधियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया। इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि हर जिले में, गांव हो या नगरीय क्षेत्र, सड़कें अच्छी होनी चाहिए, इसके लिए सांसदों और विधायकों को भी प्रयास करना होगा। दरअसल, हर ग्राम पंचायत, कस्बे, टाउन एरिया, नगर और महानगर में बेहतरीन रोड कनेक्टिविटी के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मिशन मोड में आ गए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी सांसदों, विधायकों से अपने क्षेत्र में नई सड़क, बाईपास, अथवा पुल-पुलिया के निर्माण और पुराने की मरम्मत के लिए 15 दिन में प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। उन्होंने कहा कि सड़कों के लिए धन की कोई कमी नहीं है। ऐसे में सभी जनप्रतिनिधि अपने जिले के प्रभारी मंत्री की उपस्थिति में कोर कमेटी के साथ बातचीत कर जिला प्रशासन के साथ मिलकर प्रस्ताव तैयार करें। सीएम योगी ने कहा कि जहां कहीं भी नई सड़क की जरूरत हो, पुरानी की मरम्मत करानी हो, सेतु निर्माण, रिंग रोड/बाईपास, प्रमुख/अन्य जिला मार्ग अथवा सर्विस लेन आदि की आवश्यकता हो, जनप्रतिनिधिगण प्रस्ताव भेजें, शासन स्तर से तत्काल निर्णय होगा। अगर किसी मजरे में कम से कम 250 लोगों की आबादी है, तो भी वहां पक्की सड़क की सुविधा मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में बाईपास मार्ग नहीं है, वहां के जनप्रतिनिधि आवश्यकतानुसार प्रस्ताव तैयार करें। धार्मिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक अथवा पौराणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए भी पर्याप्त बजट रखा गया है। पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए ऐसे क्षेत्रों की सड़कों का चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण किया जाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक/लॉजिस्टिक पार्क/चीनी मिल परिक्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी आवश्यक है। इसी तरह, यदि कहीं भी तहसील और ब्लॉक मुख्यालय दो लेन सड़क से नहीं जुड़ें हैं, तो तत्काल सूचना देनी चाहिए। इंटरस्टेट अथवा इंटरनेशनल कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए कार्य जारी है। सीमा पर ‘मैत्री द्वार’ भी तैयार कराए जाने हैं। जनप्रतिनिधियों को इस संबंध में भी अपने प्रस्ताव देने चाहिए। बैठक में, मुख्यमंत्री ने वर्तमान में जारी सड़कों की मरम्मत, गड्ढामुक्ति के प्रदेशव्यापी अभियान को पहले चरण में 10 अक्टूबर तक सम्पन्न करने के भी निर्देश दिए। भारी वाहनों की ओवरलोडिंग के विरुद्ध कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री ने ‘जीरो पॉइंट’ पर एक्टिव रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क पर सामान्य आवागमन बाधित कर जांच करने की बजाय, जहां से वाहन चलना प्रारंभ किया है, वहीं कार्रवाई करें। बैठक में सभी ज़ोन, मंडलों, रेंज, जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों की भी उपस्थिति रही।  

छात्रों ने भजन गाकर गांधीगिरी से चलाया हस्ताक्षर अभियान, छत्तीसगढ़-गरियाबंद में महाविद्यालय की मांग

गरियाबंद. अमलीपदर हायर सेकेंडरी के छात्रों ने कॉलेज की मांग को लेकर ‘गांधी गिरी’ शुरू कर दी है. छात्रों का एक समूह ‘रघुपति राघव राजा राम’ भजन गाते हुए समर्थन जुटा रहा है. अब तक 700 लोगों से हस्ताक्षर करवा कर समर्थन प्राप्त कर चुके हैं, और उनका लक्ष्य 1,000 हस्ताक्षर जुटाने का है. एक हजार हस्ताक्षर पूरे होते ही छात्र कोलेक्टोरेट जाकर अपनी मांग को लेकर ज्ञापन देंगे. छात्रों ने बताया कि वे तब तक अभियान जारी रखेंगे जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती. अभियान का नेतृत्व कर रहे छात्र अतुल ताम्रकार, शाहिल मिर्जा, और विशाल मिश्रा ने कहा कि स्थानीय क्षेत्र में प्रति वर्ष 300 से अधिक छात्र कॉलेज की पढ़ाई के लिए निकलते हैं, लेकिन महाविद्यालय की अनुपस्थिति के कारण उन्हें आगे की पढ़ाई में कठिनाई का सामना करना पड़ता है. लंबे समय से हो रही है महाविद्यालय की मांग – अमलीपदर में महाविद्यालय की मांग को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि भी लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं. क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण, बारिश के दौरान 50 गांव अक्सर टापू में तब्दील हो जाते हैं. भाजपा और कांग्रेस सरकारों ने अपने-अपने कार्यकाल में केवल आश्वासन दिए हैं, लेकिन महाविद्यालय की स्थापना अन्यत्र की गई है. जब स्थानीय जनप्रतिनिधियों की आवाज को अनसुना किया गया, तो छात्रों ने अब मोर्चा खोल दिया है. 16 अगस्त को छात्रों ने एक विशाल रैली निकालकर तहसीलदार योगेश सिंह ठाकुर को ज्ञापन सौंपा था. सुनवाई न होने पर उन्होंने गांधी गिरी की राह अपनाई. पूर्व छात्रों का दर्द — अमलीपदर निवासी त्रिभुवन ताम्रकार, मुकेश मांझी और बहरापारा निवासी रुकमन यादव ने 2021 के बाद 12वीं पास की, लेकिन दूरी के कारण वे आगे की पढ़ाई नहीं कर सके. 10 साल पहले 12वीं पास करने वाले अविनाश भोसले ने बताया कि उनकी उच्च शिक्षा की इच्छा थी, लेकिन कॉलेज की दूरी के कारण उन्हें प्राइवेट पढ़ाई करनी पड़ी. पूर्व छात्र और कांग्रेस नेता अनुराग वाघे ने छात्रों की गांधी गिरी का समर्थन करते हुए कहा कि महाविद्यालय की मांग को लेकर पूर्व में किए गए प्रयासों का कोई परिणाम नहीं निकला. तहसीलदार योगेश सिंह राजपूत ने बताया कि ज्ञापन को उच्च कार्यालय भेज दिया गया है. मांग के संबंध में जैसे ही कोई पत्राचार होगा, ज्ञापन दाताओं को सूचित किया जाएगा.

सामान्य से 58.5% अधिक वर्षा, राजस्थान में बारिश थमते ही चढ़ा पारा

जयपुर. मानसून सीजन खत्म होने के साथ मौसम में बदलाव शुरू हो गया। अब दिन-रात के तापमान में अंतर बढ़ना शुरू हो गया है। अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। अक्टूबर में गर्मी के प्रभाव को देखते हुए इस बार स्कूलों ने शीतकालीन कैलेंडर में भी बदलाव किया गया है। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने अक्टूबर में सामान्य ज्यादा तापमान रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। बीते 24 घंटों में राजस्थान के सभी शहरों में मौसम साफ रहा और धूप निकली। जयपुर, पिलानी, सीकर, कोटा, चित्तौड़गढ़, बाड़मेर, जैसलमेर, चूरू, जोधपुर, फलोदी, बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, धौलपुर, बारां, डूंगरपुर, करौली, जालौर और अजमेर में दिन का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हुआ। इस मानसून सीजन में हुई बारिश की बात करें तो यह सामान्य से 58.5 प्रतिशत अधिक रही है। सामान्य तौर पर प्रदेश में सामान्य वर्षा का स्तर 417.46 एमएम माना जाता है जबकि इस सीजन में प्रदेश में 662.78 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। हालांकि पोस्ट मानसून भी पूर्वी राजस्थान के पहले सप्ताह में कहीं-कहीं हल्की तथा मध्यम बारिश की संभावना जताई जा रही है। करौली में सबसे ज्यादा वर्षा – पूरे सीजन की बात करें तो करौली में सबसे ज्यादा वर्षा दर्ज की गई है, यहां 1931 एमएम वर्षा हुई है। एक ही दिन में सर्वाधिक वर्षा का रिकॉर्ड भी करौली जिले के ही नाम रहा। यहां एक दिन में सर्वाधिक 380 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई।  प्रदेश के बांधों की स्थिति – प्रदेश के बांधों में पानी की आवक जोरदार रही। मानसून सीजन के शुरू होने पर प्रदेश में सिर्फ 5 बांध ही पूरी तरह भरे हुए थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 405 हो चुकी है। इसके अलावा 169 बांधों में भी आंशिक रूप से पानी आया है। इन 27 जिलों में सामान्य से अत्यधिक वर्षा – जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में इस सीजन में 27 जिलों में सामान्य से अत्यधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। वहीं 15 जिलों में सामान्य से अधिक तथा 8 जिलों में सामान्य वर्षा हुई है। जिन जिलों में सामान्य से अत्यधिक वर्षा हुई है। उनमें अजमेर, अलवर, अनूपगढ़, ब्यावर, भरतपुर, बीकानेर, दौसा, डीग, डीडवाना-कुचामन, धौलपुर, दूदू, गंगापुर सिटी, जयपुर, जयपुर ग्रामीण, करौली, केकड़ी, खैरतल, तिजारा, नागौर, सवाई माधोपुर, टोंक, कोटपूतली-बहरोड़, बालोतरा, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर ग्रामीण, फलौदी और बूंदी शामिल हैं।

ओला इलेक्ट्रिक के मार्केट शेयर में लगातार गिरावट, ओला इलेक्ट्रिक के ईवी स्कूटर की बिक्री घटी

नई दिल्ली ओला इलेक्ट्रिक के मार्केट शेयर में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है और सितंबर में यह गिरकर 27 प्रतिशत हो गया है। इसकी वजह दोपहिया ईवी क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा का बढ़ना और कंपनी के ईवी स्कूटर में लगातार ग्राहकों को समस्या का सामना करना है। सरकारी पोर्टल वाहन से मिली जानकारी के अनुसार, कंपनी द्वारा पिछले महीने 24,665 इलेक्ट्रिक स्कूटर की बिक्री की गई है। अगस्त में यह आंकड़ा 27,587 यूनिट्स का था। इस दौरान कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 31 प्रतिशत थी। ओला इलेक्ट्रिक का मार्केट शेयर गिरने की वजह बाजार में प्रतिस्पर्धा का बढ़ना है। बड़ी ऑटो कंपनियां जैसे टीवीएस मोटर्स और बजाज ऑटो भी इलेक्ट्रिक दोपहिया सेक्टर में अपने पांव जमाने की कोशिश कर रही है। आंकड़ों के मुताबिक, बजाज ऑटो के इलेक्ट्रिक स्कूटर की बिक्री सितंबर में बढ़कर 19,103 यूनिट्स हो गई है, जो अगस्त में 16,789 यूनिट्स थी। टीवीएस मोटर्स की ओर से बीते महीने 18,084 यूनिट्स इलेक्ट्रिक स्कूटर बेचे गए थे। अगस्त में यह आंकड़ा 17,649 यूनिट्स पर था। एक अन्य इलेक्ट्रिक दोपहिया कंपनी एथर एनर्जी की बिक्री भी सितंबर में बढ़कर 12,676 यूनिट्स हो गई है। अगस्त में कंपनी द्वारा 10,980 यूनिट्स बेचे गए थे। ओला इलेक्ट्रिक की कम होती बिक्री का असर उसके शेयर पर भी देखने को मिल रहा है। शेयर अपने ऑल-टाइम हाई लेवल 157.40 रुपये से करीब 38 प्रतिशत फिसल चुका है। ओला इलेक्ट्रिक का शेयर 100 रुपये के आसपास है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओला इलेक्ट्रिक के ईवी में ग्राहकों को कई सारी परेशानियों का सामना करना पड़ा है, जिसमें सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर और सर्विस सेंटर से जुड़ी समस्याएं हैं।

नोएडा अथॉरिटी की बोर्ड बैठक में नए नियम के साथ अब बिल्डर नहीं कर पाएंगे बायर्स के साथ धोखाधड़ी

नोएडा नोएडा अथॉरिटी की बोर्ड बैठक में जल्द ही नया नियम बनाने की तैयारी की जा रही है, जिसके बाद बिल्डर बायर्स के साथ धोखाधड़ी नहीं कर पाएंगे और उन्हें फ्लैट की बुकिंग करने के साथ-साथ उसकी रजिस्ट्री भी करवानी होगी। इसके चलते सरकार को राजस्व का नुकसान भी नहीं होगा। अक्सर देखा गया कि बिल्डर मुनाफा कमाने के लिए एक ही फ्लैट कई लोगों को बेच देता है। वो अपना तो मुनाफा कमा लेता है, लेकिन इससे राजस्व की बड़ी हानि होती है। नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ वंदना त्रिपाठी ने बताया कि क्योंकि नोएडा में त्री पक्षीय रजिस्ट्री होती है। यहां जितनी बार भी फ्लैट बिकेगा प्राधिकरण को ट्रांसफर चार्ज देना होगा। जिसे तकनीकी रूप से ट्रांसफर ऑफ मेमोरेंडम कहते है। बिल्डर अब ये चालाकी नहीं कर सकेगा। नए नियम के तहत बिल्डर को एग्रीमेंट टू सेल करने के साथ ही बायर्स की रजिस्ट्री करानी होगी। जिससे बायर्स को मालिकाना हक मिलेगा। ऐसा करने से बायर्स का पूरा रिकॉर्ड प्राधिकरण में अपडेट हो जाएगा। इससे बिल्डर किसी दूसरे को फ्लैट नहीं बेच सकेगा। यदि ऐसा करता है तो बायर्स को प्राधिकरण से टीएम कराना होगा और चार्ज देना होगा। दूसरा बायर्स को समय से फ्लैट मिलेगा। अब तक ये व्यवस्था लागू नहीं थी। ऐसे में बिल्डर धोखे से एक ही फ्लैट को कई बार बेचकर मुनाफा कमाता था। साथ ही बायर्स के साथ भी धोखाधड़ी होती थी। ऐसे कई मामले रेरा और नोएडा के थानों में दर्ज है। जिसमें बिल्डर ने बायर्स से धोखाधड़ी करके एक ही फ्लैट कई लोगों को बेचा और सभी से टीएम के नाम पर पैसे लिए। नए नियम के तहत कोई बायर्स बिल्डर से फ्लैट खरीदने जाता है। बुकिंग के समय 10 प्रतिशत राशि देकर बिल्डर उसके पक्ष में एग्रीमेंट टू सेल एक्सक्यूट करेगा। साथ ही इस प्रॉपर्टी की वैल्यू के अनुसार स्टॉप ड्यूटी देते हुए इसे रजिस्टर कराना होगा। निर्माण पूरा होने के बाद पजेशन देते समय 100 रुपए के स्टांप पेपर पर पजेशन डीड रजिस्टर किया जा सकता है। नोएडा में सबसे बड़ी समस्या रजिस्ट्री नहीं होना है। यहां बिल्डरों ने प्राधिकरण का पैसा जमा नहीं किया। जिसके एवज में प्राधिकरण ने रजिस्ट्री रोक दी है। अमिताभ कांत सिफारिश के बाद बिल्डर से 25 प्रतिशत राशि लेकर रजिस्ट्री की जा रही है। नए नियम के तहत ऐसा कुछ नहीं होगा। जैसे ही बायर्स फ्लैट की राशि 10 प्रतिशत देकर बुकिंग कराएगा, उसी समय बिल्डर बायर्स के पक्ष में एग्रीमेंट टू सेल करते हुए कुल वैल्यू की स्टांप ड्यूटी देते हुए रजिस्ट्री कराएगा। एक बार रजिस्ट्री होने से बायर्स को मालिकाना हक मिलेगा। साथ ही डर समाप्त हो जाएगा कि उसका फ्लैट कही और नहीं बिका है। प्राधिकरण या सरकार को राजस्व मिलेगा। साथ ही बिल्डर की ओर से की जाने वाली हेराफेरी समाप्त होगी। इससे संबंधित एक पत्र नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना विकास प्राधिकरण को अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की ओर से भेजा गया है। यमुना प्राधिकरण ने बोर्ड में प्रस्ताव लाकर इसे अपने यहां लागू कर दिया है। वहीं नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक भी जल्द होने जा रही है। इस प्रस्ताव को बोर्ड में लाया जाएगा। वहां से अप्रूवल मिलते ही इसे लागू कर दिया जाएगा  

हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर किया तलब, छत्तीसगढ़-बिलासपुर में घायल युवक के इलाज में लापरवाही

बिलासपुर। एक दुर्घटनाग्रस्त युवक के इलाज में हुई लापरवाही को लेकर मीडिया में आई खबर पर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है और जनहित याचिका के रूप में सुनवाई शुरू की है. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जवाब मांगा है. मामले की अगली सुनवाई 4 अक्टूबर को निर्धारित की गई है. दरअसल, 21 वर्षीय जगमीत सिंह बिलासपुर के दयालबंद इलाके में सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे. घायल युवक को रात करीब साढ़े ग्यारह बजे कुछ युवकों ने जिला अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल पहुंचने के बाद से जगमीत दर्द से कराहता रहा, लेकिन उसके इलाज के लिए कोई डॉक्टर या वार्ड ब्वाय नहीं आया. घटना की जानकारी पाकर पहुंचे जगमीत के 60 वर्षीय पिता अस्पताल में बेटे की हालत देखकर घबरा गए. घायल युवक फर्श पर तड़पता रहा, अस्पताल के स्टाफ ने उसकी ओर ध्यान नहीं दिया, फिर उसका प्राथमिक इलाज कर सिम्स रेफर कर दिया गया. जिला अस्पताल की अव्यवस्था और लापरवाही को लेकर मीडिया की खबरों पर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जवाब मांगा है. जिस पर राज्य की ओर से महाधिवक्ता प्रफुल्ल भारत और उप महाधिवक्ता शशांक ठाकुर ने मामले की जानकारी पेश की और कोर्ट से समय मांगा, ताकि आवश्यक निर्देश प्राप्त किए जा सके.

सिरौली के कल्याणपुर गांवमें अचानक हुए धमाके, तीन-चार मकान गिरे, हादसे में दो की मौत

बरेली सिरौली के कल्याणपुर गांव अचानक से विस्फोट हो गया। हादसे में तीन-चार मकान गिर गए। मौके पर ही दो लोगों की मौत हो गई। करीब पांच से छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए है। सूचना पर पहुंची पुलिस भी अभी तक विस्फोट की स्पष्ट जानकारी नहीं बता पा रही है। हालांकि, पटाखों के भी कुछ ट्रेस मिले हैं। संभावना अन्य किसी चीज से धमाके की भी आ रही है। पीएचसी रामनगर के चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील कुमार के अनुसार पीएचसी पर अभी तक छह लोग पहुंच चुके हैं। इसमें से दो की मृत्यु हो गई, जबकि फातिमा और सितारा दो महिलाएं गंभीर रूप से झुलस भी गई है। कुछ लोग मलबे में भी दब गए हैं। पुलिस उन्हें निकालने का काम कर रही है।

जींद विधानसभा से गिल ने कहा किसान की शहादत पर और सरपंचों पर हुई लाठीचार्ज पर बीजेपी विधायक एक शब्द नहीं बोला

जींद हरियाणा विधानसभा चुनाव के प्रचार लिए अब सिर्फ 30 घंटे ही बचे हैं ऐसे में चाहे निर्दल प्रत्याशी हो या किसी पार्टी का प्रचार में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता है। इसी कड़ी में जींद विधानसभा से निर्दलीय प्रत्याशी प्रदीप गिल ने जींद में एक चुनावी रैली की। इस दौरान गिन ने बीजेपी जमकर जुबानी हमला बोला। गिल ने कहा किसान की शहादत पर और सरपंचों पर हुई लाठीचार्ज पर बीजेपी विधायक एक शब्द नहीं बोला। जनता को संबोधित करते हुए जींद विधानसभा से निर्दलीय प्रत्याशी प्रदीप गिल ने कहा डॉक्टर कृष्ण मिड्ढा जी को सहानुभूति मिली। जींद की जनता ने पलकों पर बिठाने का काम किया। एक बार नहीं एक बार-बार इलेक्शन में और दोबारा से आप लोगों ने विधानसभा पहुंचने का काम किया, लेकिन उम्मीद क्या थी ? उम्मीद ये थी जिस किसान, कमेरे मजदूर, पिछड़े, नौजवान ने झंडे और डंडे लगा कर के ढोल नगाड़े  बजा-बजा करके इन्हें बनाने का काम किया। लेकिन उसे भी भूल गए ? उन्होंने कहा कि जब 700 किसानों की शहादत हुई तो एक शब्द नहीं बोला । 36 बिरादरी की  हमारी आंगनवाड़ी  वर्कर पीटी गई  एक शब्द नहीं बोला। आशा वर्कर को पीटा गया। एक शब्द नहीं बोला, ये याद कीजिए 36 बिरादरी के चुने हुए सरपंचों को उनकी कमर पर लाठियों से डण्डे मार- मार करके पीटा गया। स्वाभिमान होता है सरपंच चुना हुआ प्रतिनिधि। जो राजनीति में सबसे पहले खड़े होकर सरपंच मैं बताना चाहता हूं उन भाइयों की बेइज्जती करने का काम किया एक शब्द नहीं बोला। उन्होंने कहा कि उल्टा हमें हमारे पर नमक छिड़कने का काम किया है। कहा किसान मजदूर ओछी मानसिकता का व्यक्ति है। पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान मैंने ललकारा था उसे  मैंने कहा था आदरणीय विधायक जी  हमारे लोग हमें अपशब्द बोलने की अनुमति नहीं देते हमारे बुजुर्गों ने किसी का अपमान करना सिखाया नहीं, आप जो हमारे लिए  अपशब्द बोल रहे हैं। आप हमारी किसानी और मजदूरी को आप दिव्य दिखाने का काम कर रहे हैं। मैंने बताया था इसी किसान ने मजदूर भाइयों ने किसान भाइयों ने आपको चंडीगढ़ का रास्ता दिखाया था, अगर ये उस गद्दी पर बिठा सकते हैं तो गद्दी पर से खींच भी सकते हैं।  

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