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कुशल व्यवहार और प्रबंधन कौशल से जनसंपर्क में हासिल की कामयाबी : अशोक मनवानी

70 वे जन्म दिवस पर विशेष- संक्षिप्त जीवन परिचय ताहिर अली, जन्म दिनांक 3 अक्टूबर 1954     कुशल व्यवहार और प्रबंधन कौशल से जनसंपर्क में हासिल की कामयाबी : अशोक मनवानी    भोपाल                 ताहिर अली मुझसे आयु में लगभग 10 वर्ष बड़े हैं। मेरी उनकी पहली मुलाकात वर्ष 1990 में हुई। तब हम लोग जिलों में पदस्थ थे। मुख्यालय की एक बैठक में हम मिले थे। पहली ही भेंट में ताहिर भाई की जिस बात ने मुझे प्रभावित किया वह था उनका सौम्य और सरल व्यवहार।  जनसंपर्क मुख्यालय सहित विभिन्न वरिष्ठ मंत्रियों के साथ प्रचार का दायित्व कुशलता पूर्वक संभालने वाले ताहिर अली संपर्क के मामले में तत्पर रहते हैं।दूरभाष के उपकरण का उन्होंने उसे युग में अधिकतम उपयोग किया जब यह उपकरण बहुत कम लोगों के पास होता था और मोबाइल नहीं हुआ करते थे। मोबाइल आने के बाद तो गत दो दशक में उन्होंने सफलता के नए झंडे ही गाड़ दिए। इसमें सहयोग सिर्फ मोबाइल उपकरण का नहीं है। अपितु व्यक्ति की सजगता और अपने आसपास के वातावरण के प्रति चौकन्ना बने रहने और प्रासंगिक रहकर समाचार माध्यमों से जुड़ाव रखना  मायने  रखता है। क्तिगत संबंधों को महत्व देने जैसे कई पहलू ताहिर भाई को सबसे अलग बनाते हैं। उन्होंने एक पढ़े लिखे परिवार की पृष्ठभूमि का भी लाभ लिया और उच्च शिक्षा के पिता के अनुभवों को स्वयं आत्मसात करते हुए अपने व्यक्तित्व का विकास किया। अध्ययनशीलता में एक बार कुछ कमी रह जाए तो चल जाता है लेकिन व्यवहारिक जीवन में सक्रिय रहकर जनसंपर्क के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करना सरल हो जाता है। ताहिर भाई ने संबंधों को तरजीह दी। इसलिए जो 30 या 35 वर्ष पूर्व उनके साथ काम कर चुके हैं आज भी उनसे जुड़े हुए हैं। इन मित्रवत संबंधों के लिए व्यक्ति को समय देना होता है। यदि किसी की रुचि फिल्में देखने और खेल के मैदान में समय बिताने में है तो वह इन संबंधों के निर्वहन में कुछ पीछे रह सकता है। लेकिन ताहिर मियां पुराने शहर में रहते हुए भी नए भोपाल शहर से उसी तरह जुड़े होते हैं जैसे उस घटना या व्यक्ति से मुलाकात के स्वयं साक्षी हों।अनेक अवसरों पर उनकी इस कुशलता को मैंने अनुभव किया है।प्रचार प्रसार के लिए अखबारों के साथ रेडियो, दूरदर्शन और टीवी चैनलों के उपयोग में वे माहिर हैं इसलिए कहा जाता है कि वे सिर्फ ताहिर नहीं बल्कि माहिर भी हैं। मेरे कुछ मित्र उन्हें ताहिर अली की जगह इंतजाम अली भी कहते हैं। यह बात हास्य व्यंग्य की नहीं बल्कि  उनकी वास्तविक प्रशंसा की प्रतीक भी है। मुझे याद है एक बार किसी वीआईपी को फ्लाइट कैच करनी थी और उनकी बैठक अभी लंबी चलनी थी। ताहिर अली ने एक अतिरिक्त वाहन का प्रबंध किया और भोपाल के लालघाटी क्षेत्र में रेलवे क्रॉसिंग की दूसरी ओर एअरपोर्ट मार्ग पर उसे खड़ा कर दिया था। वी आई पी महोदय मंत्रालय से बैठक खत्म कर एयरपोर्ट रवाना हुए, तब लालघाटी के पास फ्लाय ओवर का निर्माण नहीं हुआ था, इसलिए कई बार लोगों की फ्लाइट छूट जाया करती थी। रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंचने पर फाटक बंद था। तब ताहिर अली ने जो उस वी आई पी  को एस्कॉर्ट कर रहे थे रेलवे ट्रैक क्रॉस करवारकर गेट के उस तरफ खड़े वाहन तक ले गए। वी आई पी  महोदय हतप्रभ रह गए और उन्हें समय पर फ्लाइट मिल गई। यह एक उदाहरण सिद्ध करता है कि व्यक्ति जीवन में कहाँ-कहाँ किस-किस तरह से प्रबंधन कर सकता है।  ताहिर भाई की जन्म वर्षगांठ पर हार्दिक बधाई। उनके लिए आज इतना ही । उनके गुणों की चर्चा एक विस्तृत आलेख में की जा सकती है। वे  दीर्घायु शतायु हों। हार्दिक शुभकामनाएं। * अशोक मनवानी * ⁠संयुक्त संचालक , जनसंपर्क

इंदौर एयरपोर्ट पर पिछले नौ महीने में यात्रियों की संख्या 28 लाख के पार पहुंची

 इंदौर  देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से विंटर सीजन (शीत ऋतु) में पुणे और जयपुर के लिए सीधी उड़ानें शुरू होने वाली हैं। जयपुर उड़ान की शुरुआत 27 अक्टूबर से होगी। इसके बाद जयपुर के लिए तीन सीधी उडानें हो जाएंगी। वहीं पुणे उड़ान का संचालन 28 सितंबर से शुरू होगा। यह उड़ान सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को संचालित होगी। इसके बाद पुणे के लिए इंदौर से दो उड़ानें हो जाएंगी। यह उड़ान इंदौर से दिन में संचालित होने से यात्रियों को पुणे जाने के लिए बेहतर विकल्प मिलेगा। अभी जो उड़ान संचालित होती है, वह रात्रि में संचालित होती है। समय में किया गया बदलाव नई उड़ानों को चलाने के लिए पहले से संचालित उड़ानों के समय में बदलाव किया गया है। पुणे से रात्रि 1.40 बजे उड़ान भरकर रात्रि 2.50 बजे इंदौर पहुंचने वाली उड़ान 27 अक्टूबर से सुबह संचालित होगी। यह उड़ान पुणे से सुबह पांच बजे रवाना होकर 6.10 बजे इंदौर पहुंचेगी। नवंबर से रनवे का सुधार कार्य रात्रि में किया जाएगा। इसके लिए रात्रि 12 बजे बाद की उड़ानों को री-शेड्यूल किया जा रहा है। यह रहेगा शेड्यूल     इंदौर से पुणे – फ्लाइट 6ई 6192 इंदौर से सुबह 11.55 बजे रवाना होगी और दोपहर एक बजे पुणे पहुंचेगी।     पुणे से इंदौर – फ्लाइट 6ई 6191 पुणे से दोपहर 1.55 बजे रवाना होगी और दोपहर 3.05 बजे इंदौर पहुंचेगी। (नोट यह उड़ान सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को संचालित होगी)     इंदौर से जयपुर – फ्लाइट 6ई 7109 इंदौर से शाम 4.10 बजे रवाना होगी और शाम 5.30 बजे जयपुर पहुंचेगी।     जयपुर से इंदौर – फ्लाइट 6ई 7154 जयपुर से सुबह 11.20 बजे रवाना होगी और दोपहर 12.50 बजे इंदौर पहुंचेगी। इंदौर एयरपोर्ट से हर महीने तीन लाख से अधिक यात्री भर रहे उड़ान देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से इस वर्ष प्रत्येक माह तीन लाख से अधिक यात्री सफर कर रहे है। नौ माह में यात्रियों की संख्या 28 लाख के पार पहुंच चुकी है। इसके अनुसार इस साल विगत वर्ष सर्वाधिक यात्रियों की संख्या का रिकॉर्ड भी टूट सकता है। सितंबर माह में भी तीन लाख से अधिक यात्रियों ने हवाई सफर पूरा किया। इसके लिए 2526 के करीब उड़ाने संचालित हुई। इंदौर से हवाई सफर करने वाले यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। तीन लाख से अधिक यात्री प्रतिमाह इंदौर एयरपोर्ट से उड़ान भर रहे है। 27 अक्टूबर से विंटर शुड्यूल शुरू होने वाला है। ऐसे में उड़ानों की संख्या में बढोतरी होगी और इसका असर यात्रियों की संख्या पर भी दिखेगा। अक्टूबर-नवंबर में दीपावली का त्योहार और दिसंबर में छुट्टियों के कारण हवाई यात्रियों की संख्या में इजाफा होगा। इस वजह से इस साल सर्वाधिक यात्रियों की संख्या का विगत वर्ष 35 लाख का रिकार्ड टूट सकता है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने एक्स पर लिखा, देश के सभी नागरिकों की ओर से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं

नई दिल्ली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर श्रद्धांजलि अर्पित की है। राष्ट्रपति मुर्मू ने एक्स पर लिखा, “महात्मा गांधी की 155वीं जयंती पर मैं देश के सभी नागरिकों की ओर से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं। सत्य और अहिंसा के प्रबल अनुयायी बापू का जीवन संपूर्ण मानवता के लिए एक अनूठा संदेश है। उन्होंने हमें शांति और सहयोग के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। गांधीजी ने अस्पृश्यता, अशिक्षा, अस्वच्छता और अन्य सामाजिक बुराइयों को मिटाने के लिए अभियान चलाया और महिला सशक्तिकरण के लिए अथक प्रयास किए।” उन्होंने आगे लिखा, “गांधीजी शाश्वत नैतिक सिद्धांतों के प्रतीक थे और उन्होंने नैतिकता आधारित आचरण का उपदेश दिया। उनका संघर्ष सबसे कमजोर को मजबूत करने पर केंद्रित था। उनके विचारों ने दुनिया के कई महान व्यक्तियों को प्रभावित किया, जिन्होंने गांधीजी के आदर्शों को अपने तरीकों में अपनाया। इस पावन अवसर पर, आइए हम सत्य, अहिंसा, प्रेम और पवित्रता के मूल्यों को आत्मसात करने का संकल्प लें और गांधीजी के सपनों के भारत की कल्पना के साथ देश और समाज के विकास को निरंतर आगे बढ़ाने का प्रयास करें।” राष्ट्रपति मुर्मू ने लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने एक्स पर लिखा, “पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर, मैं उनको विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं। शास्त्री जी ने आजीवन सादगी, ईमानदारी और देशभक्ति के उच्चतम आदर्श प्रस्तुत किए। उनके सुदृढ़ नेतृत्व में भारत ने आर्थिक, सामरिक एवं अन्य सफलता प्राप्त की। आइए, उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए हम सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प लें।” राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई नेताओं ने भी महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी।  

कार्यों में अनियमितता पर कार्रवाई, राजस्थान-दौसा की महवा नगर पालिका अध्यक्षा निलंबित

दौसा. दौसा जिले कि महवा पालिका क्षेत्र मे नगर पालिका महवा में करवाये गये अनेक कार्यों में की गई अनियमितता की शिकायत के चलते महवा नगर पालिका की अध्यक्ष नर्मदा देवी गुर्जर को निलंबित कर दिया है। महुआ नगर पालिका क्षेत्र में हुए कार्यों की जांच उप निदेशक (क्षेत्रीय) स्थानीय निकाय जयपुर की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी का गठन कर कई शिकायती मामलों की जांच करवाई गई थी। जिसके चलते जांच कमेटी ने जब अपनी जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया प्रकरण में अनियमितताएं एवं पद का दुरूपयोग किया जाना पाया। अनियमितताएं एवं पद का दुरूपयोग पाने पर उक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर नर्मदा देवी गुर्जर, अध्यक्ष, नगर पालिका महवा को सुनवाई का अवसर देते हुए राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 39 (1) के तहत विभाग द्वारा स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया। इधर महवा नगर पालिका अध्यक्ष अध्यक्ष नर्मदा देवी गुर्जर के द्वारा स्पष्टीकरण नोटिस का जवाब दिया गया, लेकिन नर्मदा देवी गुर्जर के जवाब विभाग को संतोषजनक नही लगा। जिस से नर्मदा देवी गुर्जर के आचरण और व्यवहार नगर पालिका की अध्यक्षा एव सदस्य की पद का का दुरूपयोग मानते हुए राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 के तहत कर्तव्यों के निर्वहन में अवचार एवं पद के अन्यथा दुरूपयोग तथा उसके व्यवहार की श्रेणी में माना है। उधर, राज्य सरकार द्वारा राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 39 (3) के तहत उपरोक्त प्रकरण की न्यायिक जांच करवाने का निर्णय लिया गया। इस मामले की न्यायिक जांच के लिए विधि विभाग को भी भेजा गया है। नर्मदा देवी गुर्जर, अध्यक्ष, नगर पालिका महवा (दौसा) के पद पर बने रहने से विचाराधीन न्यायिक जांच को प्रभावित करने की संभावना है। स्वायत शासन विभाग जयपुर को प्राप्त रिपोर्ट एवं संबंधित और नर्मदा देवी गुर्जर के अध्यक्षा के पद पर बने रहने से विचाराधीन न्यायिक जांच को प्रभावित करने की संभावना को ध्यान में रख कर राजस्थान नगर पालिका अधिनियम अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार नर्मदा देवी गुर्जर अध्यक्ष, नगर पालिका को पद से तुरन्त प्रभाव से निलंबित किया गया।

मोहन यादव सरकार ने सीताराम आदिवासी को सहरिया विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त करते हुए राज्यमंत्री का दर्जा दे दिया

श्योपुर मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए बीजेपी अपने रास्ते आसान करती दिख रही है. हालांकि, यहां उपचुनाव की तारीख का भले ही ऐलान न हुआ हो. लेकिन बीजेपी यहां से कांग्रेस छोड़कर आए रामनिवास रावत को चुनाव लड़वाने वाली है. उनके सामने सीताराम आदिवासी एक बड़ी चुनौती थे. लेकिन BJP सरकार ने सीताराम आदिवासी को राज्यमंत्री का दर्जा दे दिया है, जिससे रामनिवास रावत ने अब राहत की सांस ली है. मंगलवार शाम को जारी आदेश में मोहन यादव सरकार ने सीताराम आदिवासी को सहरिया विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त करते हुए राज्यमंत्री का दर्जा दे दिया. इसके बाद सीताराम ने ऐलान कर दिया कि वह विजयपुर विधानसभा से उपचुनाव नहीं लड़ेंगे. बता दें कि मंगलवार को ही सीताराम आदिवासी ने भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की थी. सीताराम के राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त होने से वनमंत्री रामनिवास रावत ने रहत की सांस ली है. दरअसल, रामनिवास रावत जब कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए थे तो विजयपुर से पूर्व बीजेपी विधायक सीताराम आदिवासी ने इसका विरोध किया था और बगावती तेवर दिखाते हुए रामनिवास रावत के सामने उपचुनाव लड़ने की बात भी की थी. सीताराम आदिवासी न केवल पूर्व विधायक रह चुके हैं, बल्कि इलाके के आदिवासी वोटबैंक पर उनकी अच्छी पकड़ है, इसलिए बीजेपी में रामनिवास रावत के जाने के बाद कांग्रेस की कोशिश थी कि वो उनके सामने विजयपुर से सीताराम आदिवासी को टिकट दे, लेकिन सीताराम के राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त होते ही कांग्रेस की मुश्किलें यहां होने वाले उपचुनाव में बढ़ गई हैं, तो वहीं बीजेपी और रामनिवास रावत के लिए उपचुनाव की राह आसान होती दिख रही है.  

सोचकर सीना चौड़ा हो जाता है कि महात्मा गांधी भारत में पैदा हुए थे, हम गांधी के वंशज हैं यह हमारा सौभाग्य है: राघव चड्ढा

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने गांधी जयंती के अवसर पर महात्मा गांधी को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। राघव चड्ढा ने एक वीडियो संदेश के जरिए कहा कि यह सोचकर सीना चौड़ा हो जाता है कि महात्मा गांधी भारत में पैदा हुए थे। हम गांधी के वंशज हैं यह हमारा सौभाग्य है। कितने खुशनसीब थे वह लोग जिन्होंने गांधी को देखा होगा। वह जितने मन से साहसी थे उतने ही मुलायम भी थे। अपनों के लिए लड़ते हुए भी दुश्मनों के प्रति नफरत ना रखने वाले गांधी का दिल इतना बड़ा था कि उन्होंने उसे भी माफ कर दिया जिसने उनको यातनाएं दीं, मारने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की सत्य और हिंसा की ताकत ने दुनिया की सारी ताकतों को बौना कर दिया। गांधी के बारे में अल्बर्ट आइंस्टीन कहा करते थे कि आने वाली नस्लें इस बात पर यकीन नहीं कर पाएंगी कि हाड़ मांस का कोई पुतला ऐसा भी था जिसके करिश्मे के सामने दुनिया की सारी शक्तियां नतमस्तक हो गई। दक्षिण अफ़्रीका में पिछड़ों, शोषितों और अन्य वर्गों के अधिकार के लिए लड़ाई लड़ने वाले गांधी अपने देश के लोगों की गरीबी से अधीर होकर आधी धोती में पूरा जीवन गुजारने वाले थे। उन्होंने शक्तिशाली ब्रिटिश क्राउन की आंख में आंख डालकर उसकी तानाशाही का विरोध किया। गांधी केवल व्यक्तित्व नहीं थे, वह स्वयं में एक युग हैं। ऐसा युग जिसमें न्याय की लड़ाई है, ऐसा युग जिसमें अधिकारों के लिए संघर्ष है, ऐसा युग जिसमें इंसानियत और दूसरे का दुख महसूस करने का साहस है। उन्होंने कहा कि ऐसा युग जिसमें राम सिर्फ नाम नहीं, मर्यादा और कर्तव्य हैं। शायद यही कारण है कि गांधी के जाने के 76 साल बाद भी अमेरिका से लेकर यूरोप तक, अफ्रीका से लेकर ऑस्ट्रेलिया की गलियों तक आपको गांधी दिख जाएंगे। उनका कद कितना बड़ा है, उनका ओहदा कितना ऊंचा है। यह उनकी मूर्ति के सामने झुके हुए लोगों से पता चलता है। आज जब कोई हिंदुस्तानी भारत से बाहर किसी दूसरे देश में जाता है, तो वहां उसकी इज्जत इसलिए भी होती है क्योंकि वह गांधी के देश से आया है। रंगभेद से लड़ने वाले नेल्सन मंडेला जेल में लगभग तीन दशक गुजारने के बाद जब जेल से बाहर निकले तो मुस्कुराए, जिस पर पत्रकारों ने उनसे पूछा इतनी मुश्किल के बावजूद भी आप मुस्कुरा रहे हैं, तो मंडेला ने कहा, ‘मैंने गांधी को पढ़ा है।’ यह है गांधी की ताकत। सारी दुनिया में अहिंसात्मक आंदोलनों के प्रेरणा स्रोत हैं गांधी। राघव चड्ढा ने आगे कहा कि देश की आजादी के लिए गोली बंदूक, तोप और गोलों के खतरनाक अंजाम से बेफिक्र होकर गांधी निहत्थे लड़ते रहे। मार्टिन लूथर किंग ने गांधी जी के सिद्धांतों पर चलकर अपने देश में अफ्रीकी अमेरिकी को समानता का अधिकार दिलाया। जिस चार्ली चैपलिन के पीछे दुनिया दीवानी थी, वह चार्ली चैपलिन गांधी से मिलने के लिए बेताब रहते थे। आज दुनिया के सैकड़ों देशों में अनगिनत शहरों में आपको पतले दुबले लाठी टेके गांधी की प्रतिमा दिख जाएगी। जहां दुनिया की नामचीन विभूतियां झुक-झुक कर फूल अर्पित करती, फूल चढ़ाती नजर आएंगी। आज जब हम गांधी को याद करते हैं तो अपने इतिहास के गौरव को जिंदा करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि जब बापू का नाम लेते हैं तो हिंदुस्तान की असली ताकत का एहसास करते हैं। गांधी भले इस दुनिया में नहीं, मगर दुनिया के दिलों में गांधी हैं। गांधी मोहब्बत की परंपरा बनकर हिंदुस्तान के सीने में धड़कते हैं। आज भी सत्य की पगडंडियों पर चलते हुए गांधी मिल जाएंगे आप बस उनको दिल से याद तो कीजिए।  

नवरात्रि मेले में दुकान लगाने वाले व्यापारियों को बोर्ड पर अपने नाम के साथ दुकान चलाने वाले का नाम भी लिखना होगा

रतलाम रतलाम नगर निगम इन दिनों उत्तर प्रदेश सरकार की राह पर है। निगम ने आदेश पारित किया है कि इस बार नवरात्रि मेले में दुकान लगाने वाले व्यापारियों को बोर्ड पर अपने नाम के साथ दुकान चलाने वाले का नाम भी लिखना होगा। दरअसल, रतलाम के कालिका माता मंदिर में नवरात्रि पर 9 दिवसीय गरबा रास होता है। यहां बड़ी संख्या में लोग आते हैं। इस बार मंदिर में 3 से 12 अक्टूबर तक दस दिवसीय नवरात्रि मेला लगेगा। मध्यप्रदेश ही नहीं, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात के व्यापारी यहां दुकान लगाते रहे हैं। ऐसा पहली बार है कि दुकानदारों के लिए अपने नाम का बोर्ड लगाना अनिवार्य किया गया है। शहर काजी बोले-ये तुगलकी फरमान, सुप्रीम कोर्ट जाएंगे नगर निगम के इस फैसले को शहर काजी सैयद आसिफ ने तुगलकी फरमान बताया है। उन्होंने कहा, ‘ऐसा फैसला यूपी में योगी सरकार ने भी लिया था। इसे सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया था। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत रतलाम नगर निगम से ऑर्डर कॉपी मांगी गई है। इसके मिलते ही एसोसिएशन ऑफ प्रोटेक्शन फॉर सिविल राइट्स, दिल्ली की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी।’ शहर काजी ने यह भी कहा कि फैसले के विरोध की कलेक्टर को भी जानकारी दे दी गई है। मेले में बोर्ड लगाने के दौरान अगर कोई हंगामा या विरोध होता है तो इसकी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की रहेगी। निगम का तर्क-हमारा मकसद बिचौलियों पर रोक लगाना रतलाम नगर निगम के राजस्व समिति प्रभारी दिलीप गांधी का कहना है, ‘मेले में रतलाम के अलावा बाहर से कई लोग दुकान लगाने के लिए आते हैं। यह निर्णय इसलिए लेना पड़ा क्योंकि कोई बिचौलिया नहीं आए, वास्तविक व्यापारी को ही दुकान मिले। टेंडर होने के बाद एक स्वीकृति पत्र दिया जा रहा है, जो दुकान पर आधार कार्ड के साथ रखना होगा। जब भी कोई जांच करने आता है तो दुकानदार को यह दिखाना होगा।’ गांधी ने कहा, ‘हमारी मंशा यह है कि जिस व्यक्ति के नाम से दुकान का टेंडर हुआ है, उसी को दुकान मिलनी चाहिए। उत्तर प्रदेश का निर्णय प्रदेश स्तर पर था। हमने केवल कालिका माता मंदिर मेला ग्राउंड तक की बात की है। जिस किसी के नाम का टेंडर खुले, वह अपना रजिस्ट्रेशन अपने पास रखे और बोर्ड पर प्रोपराइटर का नाम जरूर लिखे।’

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ड्रग्स तस्करी करने वाला अंतरराष्ट्रीय गैंग का खुलासा, 2000 करोड़ की 500 KG कोकीन बरामद

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने ड्रग्स की एक बहुत बड़ी खेप बरामद की है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने करीब 2 हजार करोड़ रुपये की कोकीन बरामद की है. एक बरामदगी दक्षिण दिल्ली में एक छापे के बाद हुई है. दिल्ली पुलिस के अनुसार स्पेशल सेल ने करीब 565 किलो से ज्यादा कोकीन बरामद की है. इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इस ड्रग्स की कीमत 2000 करोड़ रुपये आंकी गई है. पुलिस गिरफ्तार लोगों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है और ये ड्रग्स राजधानी में किसके लिए गए थे, इसकी डिलीवरी किसको होनी थी, इस गिरोह के साथ कौन कौन से लोग जुड़े हैं. इन सवालों का जवाब तलाश रही है. दिल्ली पुलिस के अनुसार ये राजधानी अबतक की सबसे बड़ी ड्रग्स बरामदगी है. पुलिस इसे बड़ी कामयाबी मान रही है. रिपोर्ट के मुताबिक इस सप्लाई के पीछे इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट काम कर रहा है. पुलिस अब इसकी जानकारी हासिल कर रही है. ये दिल्ली में कोकीन का अब तक का सबसे बड़ा सीजर है. कोकीन हाई प्रोफाइल पार्टी में इस्तेमाल होने वाला ड्रग्स है. पुलिस के अनुसार, यह गैंग काफी समय से दिल्ली और आस-पास के इलाकों में नशे की तस्करी कर रहा था और त्योहारों के अवसर पर भारी मात्रा में नशीले पदार्थों को बाजार में लाने की योजना बना रहा था। इस बड़ी खेप को पकड़कर दिल्ली पुलिस ने न केवल नशे की लत में फंसे लोगों की जिंदगी बचाई है, बल्कि ड्रग्स के खिलाफ अपनी कड़ी कार्रवाई का एक और उदाहरण पेश किया है। पकड़ी गई कोकीन की खेप की मात्रा और उसकी बाजार में कीमत ने पुलिस और प्रशासन को सकते में डाल दिया है। स्पेशल सेल के अनुसार, इस मामले में नार्को-टेरर एंगल की भी जांच की जा रही है। इसका मतलब है कि तस्करी से मिले पैसों का उपयोग आतंकवादी गतिविधियों में होने की आशंका भी है। इसलिए, इस मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने अपनी जांच का दायरा और व्यापक कर दिया है और नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और अन्य संबंधित एजेंसियों की भी मदद ली जा रही है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए चार लोगों से पूछताछ के बाद यह जानकारी मिली है कि इस गैंग के तार कई देशों से जुड़े हुए हैं। यह अंतरराष्ट्रीय तस्कर नेटवर्क था जो विभिन्न देशों से ड्रग्स की तस्करी कर भारत में उन्हें बेचने की योजना बना रहा था। पुलिस को इस बात का भी अंदेशा है कि इसमें कई और लोग शामिल हो सकते हैं और जांच के जरिए इस पूरी तस्करी श्रृंखला का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। स्पेशल सेल की इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि तस्करी के इस गिरोह का नेटवर्क न केवल दिल्ली बल्कि देश के अन्य हिस्सों तक भी फैला हुआ था। गिरफ्तार किए गए तस्करों में से कुछ विदेशियों के संपर्क में थे, जो ड्रग्स की आपूर्ति करते थे। इस मामले में पुलिस ने कई संदिग्ध लोगों की पहचान की है और उन्हें पकड़ने के लिए छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा, पुलिस उन स्थानों की भी जांच कर रही है जहां तस्करों ने कोकीन की खेप को छुपाने का प्रयास किया था। पुलिस की यह कार्रवाई एक बड़े अभियान का हिस्सा थी, जिसमें राजधानी में तस्करी के माध्यम से नशे के पदार्थों को फैलाने की कोशिश को नाकाम किया गया है। त्योहारों का समय होता है जब नशे का कारोबार तेजी से बढ़ता है और नशीले पदार्थों की मांग भी बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाने के लिए यह अंतरराष्ट्रीय गिरोह इतनी बड़ी खेप दिल्ली लाया था, जिसे पुलिस ने समय रहते पकड़ लिया। स्पेशल सेल के वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है कि पकड़ी गई कोकीन की क्वालिटी बहुत उच्च स्तर की है और इसे विभिन्न देशों से लाया गया था। गिरोह के सदस्यों से पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि उनके पास कई फर्जी दस्तावेज थे, जिनकी मदद से वे आसानी से ड्रग्स की तस्करी कर रहे थे। पुलिस अब इन फर्जी दस्तावेजों के नेटवर्क को भी ध्वस्त करने की कोशिश कर रही है, ताकि भविष्य में ऐसे तस्करों को पकड़ा जा सके। इस पूरे मामले में सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि ड्रग्स की तस्करी का पैसा आतंकवादी गतिविधियों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसलिए, दिल्ली पुलिस इस मामले में नार्को-टेरर एंगल से भी जांच कर रही है। इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि तस्करी के माध्यम से जुटाए गए पैसे का उपयोग देश की सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए हो सकता है। दिल्ली पुलिस की इस बड़ी सफलता को देखते हुए केंद्रीय एजेंसियों ने भी इस मामले में दिलचस्पी दिखाई है और आगे की जांच में सहयोग कर रही हैं। नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो भी इस जांच में शामिल हो चुका है और ड्रग्स की तस्करी के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने इस बात के संकेत दिए हैं कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि पकड़े गए तस्करों से मिली जानकारी के आधार पर कुछ और लोगों की पहचान हुई है। ड्रग्स की तस्करी का यह मामला दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अपने साहसिक और सूझबूझ भरे काम से न सिर्फ दिल्ली बल्कि देश के युवाओं को एक बड़ी मुसीबत से बचा लिया है। दिल्ली पुलिस का यह कदम नशे के खिलाफ एक महत्वपूर्ण संदेश देता है और ड्रग तस्करों को यह चेतावनी है कि कानून के हाथ लंबे हैं और वे कहीं भी छुप नहीं सकते। ड्रग्स की तस्करी समाज के लिए एक बड़ी चुनौती है, और यह घटना इस बात का प्रमाण है कि नशे के कारोबारी किस तरह से समाज को जकड़ने का प्रयास कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल तस्करों के हौसले पस्त हुए हैं, बल्कि यह उन लोगों के लिए भी एक संदेश है जो नशे के इस अवैध कारोबार में शामिल हैं। पुलिस प्रशासन … Read more

मुख्यमंत्री योगी ने कहा- राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में चला आजादी का आंदोलन उनके सूर्य को अस्त करने में सफल रहा

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी आजादी के महानायक थे। महात्मा गांधी द्वारा राष्ट्र और मानवता के लिए किए गए योगदान के प्रति देश कृतज्ञता ज्ञापित कर रहा है। मान्यता थी कि ब्रिटिश साम्राज्य का सूर्य कभी अस्त नहीं होता था, लेकिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में चला आजादी का आंदोलन उनके सूर्य को अस्त करने में सफल रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महात्मा गांधी की जयंती पर क्षेत्रीय गांधी आश्रम में अपने विचार रखे। यहां उन्होंने चरखा चलाया और भजनों का आनंद लिया। सीएम ने यहां खादी के वस्त्रों की खरीदारी भी की। फिर ऑनलाइन पेमेंट भी किया। सीएम योगी ने कहा कि स्वदेशी जब तक भारत की आजादी का मंत्र नहीं बना था, तब तक आजादी की लड़ाई एकजुट होकर नहीं दिख रही थी। भारत की आजादी के आंदोलन के साथ महात्मा गांधी का जुड़ना और उसे स्वदेशी के साथ जोड़ने का जो अभियान रहा, इससे आजादी के लिए हर नागरिक के मन में गौरव व स्वावलंबन का भाव जागृत हुआ। खादी उसका प्रतीक बना। सीएम योगी ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वच्छता के प्रति उन अभियानों को ऊंचाई देना है, जिनकी प्रासंगिकता न केवल 100 वर्ष पहले, बल्कि आज भी उसी रूप में बनी है। जिस मिशन को पीएम मोदी ने दस वर्ष पहले प्रारंभ किया था, वह आज भी नई ऊंचाई को प्राप्त करता हुआ दिखाई दे रहा है। देश में 12 करोड़ से अधिक घरों में शौचालयों का निर्माण न केवल स्वच्छता के प्रति उनके आग्रह, बल्कि नारी गरिमा के गौरव को बढ़ाने का अभियान भी है। नारी सशक्तिकरण के बिना समाज को स्वावलंबी नहीं बना सकते। स्वच्छता, नारी सशक्तिकरण, स्वदेशी व स्वावलंबन के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के वचनों की प्रासंगिकता आज भी बनी है। सीएम योगी ने कहा कि जो भी देश शक्तिशाली व सामर्थ्यवान बने हैं, उन्होंने सर्वप्रथम आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त किया। अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, जापान ने अपनी उद्यमिता को बढ़ाया है। वहीं देश में पीएम मोदी का ‘वोकल फॉर लोकल’ भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वदेशी अभियान को नई ऊंचाई प्रदान करने का कार्यक्रम है। सीएम योगी ने कहा कि नया भारत महात्मा गांधी के मूल्यों व आदर्शों से प्रेरणा प्राप्त करते हुए निरंतर बढ़ रहा है। विश्वकर्मा जयंती व पीएम मोदी के जन्मदिन (17 सितंबर) से प्रारंभ हुए सेवा पखवाड़ा के तहत अनेक कार्यक्रम हुए हैं। सीएम योगी ने कहा कि खादी हमारे जीवन का हिस्सा बनें। उन्होंने बताया कि गांधी आश्रम में 108 दिन तक खादी के उत्पादों पर 25 फीसदी छूट दी जाएगी। सीएम ने आह्वान किया कि इस अवधि में खादी की कोई वस्तु अवश्य खरीदें। स्वदेशी वस्तुओं को उपहार स्वरूप भेंट करें। स्वदेशी वस्तुओं के इस्तेमाल के लिए लोगों को प्रेरित करें। इससे अधिक से अधिक रोजगार का सृजन होगा और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को भी साकार करने में मदद मिलेगी। यह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के अभियान के स्वरूप विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में मदद करेगा। सीएम ने अपील की कि पर्व-त्योहार में विदेशी वस्तुओं की बजाय स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर जीपीओ स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। यहां स्कूली बच्चों ने नारायण-नारायण जय गोविंद हरे, नारायण-नारायण जय गोपाल हरे, वह शक्ति हमें दो दयानिधे, रघुपति राघव राजाराम आदि गीतों से भावांजलि दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले बच्चों की भी हौसला अफजाई की। सीएम योगी आदित्यनाथ ने क्षेत्रीय गांधी आश्रम में चरखा भी चलाया। जीपीओ में कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़कों पर झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश भी दिया। सीएम के साथ अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी झाड़ू लगाया। सीएम योगी ने खादी आश्रम में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी राष्ट्रपिता के अनन्य भक्त व अनुयायी थे। वे गांधी जी के आह्वान पर देश के आजादी के आंदोलन में जुड़े थे। उन्हें 1964 में प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा का अवसर प्राप्त हुआ। देश खाद्यान्न सुरक्षा के मामले में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त कर सके, उसका परिणाम शास्त्री जी के छोटे कार्यकाल के दौरान भी देखने को मिला। सीएम योगी ने कहा कि 1965 में दुश्मन देश द्वारा थोपे गए युद्ध का जवाब भारत ने तेजस्विता के साथ दिया था। यह देश के उस स्वरूप को दिखाता है कि विश्व मानवता के कल्याण के लिए कार्य करेंगे, लेकिन हमारी सीमाओं पर कोई अतिक्रमण करेगा तो उसका मुंहतोड़ जवाब भी देंगे। शास्त्री जी के नेतृत्व में उस समय भारत ने भी अपने पराक्रम का परिचय दुश्मन देश को कराया और विश्व के सामने भारत को वैश्विक ताकत के रूप में स्थापित करने में योगदान दिया।  

जावेद अख्तर ने शक्ति के लिए मेरे नाम की सिफारिश की थी : अनिल कपूर

मुंबई, बॉलीवुड के मिस्टर इंडिया अनिल कपूर का कहना है कि फ़िल्म शक्ति के लिए जावेद अख्तर ने उनके नाम सिफारिश निर्माता-निर्देशक से की थी। वर्ष 1982 में प्रदर्शित रमेश सिप्पी निर्देशित फ़िल्म शक्ति में अभिनय सम्राट दिलीप कुमार और सुपर स्टार अमिताभ बच्चन ने मुख्य भूमिका निभाई थी। फ़िल्म शक्ति 01 अक्टूबर 1982 को प्रदर्शित हुई थी। इस फ़िल्म को प्रदर्शित हुए 42 साल हो गए हैं। फ़िल्म शक्ति में अनिल कपूर ने भी काम किया था।अनिल कपूर ने फिल्म ‘शक्ति’ के 42 साल पूरे होने खुशी जताते हुए सोशल मीडिया प्लेिटफॉर्म एक्स पर फिल्म  से जुड़ी कुछ तस्वी रें शेयर करते हुए लिखा, फिल्म  शक्ति ने अपने 42 साल पूरे कर लिए हैं। इस बेहतरीन और सुपरहिट फिल्म के लिए मेरा नाम सुझाने के लिए मैं जावेद साहब का आभारी हूं। मैं एक होटल में काफी दूर रुका हुआ था। स्मिता जी ने अपना दयालुपन दिखाते हुए कहा कि मैं वहां से कमरा खाली कर पास आ जाऊं। यहां तक कि उन्हों ने मुझे अपने कमरे में रहने के लिए भी कहा, जिससे मुझे परिवार जैसा महसूस हुआ। फिल्म शक्ति में दिलीप कुमार, अमिताभ बच्चन, राखी गुलजार, स्मिता पाटिल, कुलभूषण खरबंदा और अमरीश पुरी ने भी अहम भूमिका निभाई थी।  

ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और भारत ने आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2024 में अपने-अपने अभ्यास मैचों में जीत दर्ज की

दुबई ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और भारत ने आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2024 में अपने-अपने अभ्यास मैचों में जीत दर्ज की। मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने बेहतरीन गेंदबाजी की और वेस्टइंडीज के अंतिम नौ विकेट 17 रन पर चटकाए और अभ्यास मैचों में अजेय रहा। इंग्लैंड ने लॉरेन बेल और सारा ग्लेन की बेहतरीन गेंदबाजी की बदौलत न्यूजीलैंड को 127 रन पर रोका और फिर आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया। वहीं, दीप्ति शर्मा ने नाबाद 35 रन बनाए और दो रन देकर एक विकेट लिया जिससे भारत ने दक्षिण अफ्रीका को हराया। ऑस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज को 35 रन से हराया एनाबेल सदरलैंड और एश्ले गार्डनर के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज को 35 रन से हराया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम के शीर्ष छह में से चार बल्लेबाज दहाई के अंकों को भी नहीं छू सके, लेकिन गार्डनर ने रन बनाए, उन्होंने और सदरलैंड ने छठे विकेट के लिए 56 रन जोड़े, जिसमें सदरलैंड 38 रन बनाकर आउट हुईं। गार्डनर (31) अंतिम विकेट के रूप में आउट हुईं, वहीं, अलाना किंग ने 13 गेंदों पर 21 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया ने 20 ओवर में आठ विकेट पर 144 रन बनाए। जवाब में, हेले मैथ्यूज और कियाना जोसेफ ने पहले विकेट के लिए 68 रन बनाए, जबकि मैथ्यूज (42) और शेमेन कैम्पबेल ने दूसरे विकेट के लिए 24 रन जोड़े। हालांकि इसके बाद, वेस्टइंडीज की पारी लड़खड़ा गई,और अंतिम पांच ओवरों में से चार में 8 विकेट गिरे। किंग ने 30 रन देकर चार विकेट लिए। केर की अर्धशतकीय पारी बेकार गई ओपनर एमिलिया केर की नाबाद 64 रन की पारी न्यूजीलैंड के लिए व्यर्थ साबित हुई, क्योंकि उनकी टीम इंग्लैंड से पांच विकेट से हार गई। न्यूजीलैंड ने केर और इज़ी गेज (नाबाद 26) के पारी की बदौलत 127 रन का स्कोर खड़ा किया। जवाब में, इंग्लैंड ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए, लेकिन डैनी वायट-हॉज और नेट साइवर-ब्रंट की जोड़ी ने सहजता से रन बनाए। साइवर ब्रंट ने डेनी गिब्सन के साथ मिलकर 24 रन बनाए और तीन ओवर शेष रहते टीम को जीत दिलाई। दीप्ति शर्मा के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 28 रन से हराया अयाबोंगा खाका ने दक्षिण अफ्रीका के लिए शानदार गेंदबाजी की, लेकिन भारत के खिलाफ 28 रन की हार को रोक नहीं सकीं। खाका ने पांच विकेट चटकाए, जिससे दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 20 ओवर में 144/7 पर रोक दिया। इस तेज गेंदबाज ने शैफाली वर्मा को शून्य पर आउट किया, साथ ही खतरनाक हरमनप्रीत कौर (10) और ऋचा घोषको भी आउट किया। घोष ने 25 गेंदों में 36 रन बनाए। खाका ने भारत को डेथ ओवरों में फायदा उठाने का मौका नहीं दिया, केवल दीप्ति शर्मा ही टिक सकीं, जिन्होंने नाबाद 35 रन बनाए। हालांकि, दक्षिण अफ्रीका ने जवाब में सतर्कता बरती और 10 ओवर में 56 रन बना लिए, इसके बाद लॉरा वोल्वार्ड्ट 11वें ओवर में 29 रन बनाकर आउट हो गईं। शर्मा ने अपने दो ओवरों में सिर्फ दो रन दिए, इसके बाद क्लो ट्रायन और एनेरी डर्कसेन ने क्रमश: 24 और नाबाद 21 रन बनाकर कुछ उम्मीद जगाई, लेकिन भारत को 28 रन से जीतने से नहीं रोक सकीं।  

दो महिलाओं सहित 7 आरोपी गिरफ्तार, राजस्थान-सीकर में पकड़ा हनी ट्रैप गिरोह

सीकर. सीकर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हनी ट्रैप करने वाले ग्रहों का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरोह में शामिल सभी लोग महिलाओं को आगे करके वारदात को अंजाम देते थे और शिकार को हनी ट्रैप में फंसाकर लाखों रुपये लूट लेते थे। हनी ट्रैप में फंसे परिवादी बरकत अली निवासी मुंडवाड़ा ने सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई की 31 अगस्त को सांवली सर्किल पर उन्हें दो लड़कियां मिलीं। जिन्होंने उनसे लिफ्ट मांगी तो सहानुभूति के तौर पर उन्होंने दोनों लड़कियों को अपनी गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद दोनों ने गाड़ी को किराए पर ले लिया और गाड़ी को कुंडलपुर की तरफ ले जाने को कहा। जैसे ही गाड़ी आगे पहुंची तो दोनों लड़कियों के साथी पांच पुरुष और एक अन्य महिला साथी वहां आए। जिन्होंने बरकत के साथ मारपीट की इसके बाद बरकत को दूसरी गाड़ी में डालकर कोछोर के रास्ते खंडेला में धर्मपूरा गांव की तरफ ले गए। इसके बाद बदमाशों ने गाड़ी के डॉक्यूमेंट सहित अन्य दस्तावेज भी छीन लिए। गैंग से जुड़े लोगों ने बरकत से 10 लाख रुपये मांगे। पैसे नहीं देने पर रेप जैसे केस में फंसाने की धमकी और जान से मारने की धमकी दी। बदमाशों के द्वारा डराने और धमकाने के बाद 26 हजार रुपये बरकत ने ट्रांसफर किए। इसके बाद बदमाश बरकत की गाड़ी को खराब होने पर खंडेला के पास ही छोड़कर चले गए। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू की। पुलिस के पास इस केस में कोई भी क्लू नहीं था। जिससे कि पुलिस सीधे आरोपियों तक पहुंच सके। ऐसे में पुलिस ने ह्यूमन इंटेलिजेंस के जरिए और परिवादी के मोबाइल नंबरों के आधार पर एक आरोपी की पहचान की। फिर पुलिस थाने के कांस्टेबल बाबूलाल को बोगस ग्राहक बनाया गया। पहचान किए अपराधी के द्वारा कांस्टेबल बाबूलाल के नंबर गैंग की महिला के पास पहुंचाए गए। गैंग की महिला ने कांस्टेबल बाबूलाल को मिलने के लिए खाटू मोड़ पर बुलाया। गैंग से जुड़े लोगों को शक नहीं हो इसके लिए कांस्टेबल ने मिलने में कई बार आना कानी की और गैंग के बारे में अन्य जानकारी जुटाई। जब गैंग की महिला को विश्वास हुआ तो कांस्टेबल बाबूलाल सहित अन्य टीम को गिरफ्तारी के लिए भेजा गया। गैंग की महिला ने कांस्टेबल को मिलने के लिए खाटू मोड़ पर बुलाया। 25 सितंबर को मिलना तय हुआ तो गैंग की महिला ने पहले खाटू मोड़ पर मिलने के लिए बुलाया लेकिन यहां भीड़ ज्यादा होने के चलते बाईपास पर मिलने की बात कही। जैसे ही कांस्टेबल बाबूलाल बाईपास पहुंचा तो गैंग की महिला उसकी गाड़ी में आकर बैठ गई और गाड़ी को खंडेला रोड की तरफ ले चलने के लिए कहा। गाड़ी करीब 1 किलोमीटर चली इसके बाद एक स्विफ्ट गाड़ी में तीन युवक और एक महिला आए और बोगस ग्राहक बने कांस्टेबल को गाड़ी से नीचे उतारने का प्रयास किया। इसी बीच कांस्टेबल के साथ मौजूद टीम के लोग वहां पहुंच गए। जिन्होंने गैंग की दोनों महिलाओं को पकड़ लिया लेकिन गैंग से जुड़े तीन बदमाश वहां से फरार हो गए। इन बदमाशों की गाड़ी का करीब 10 किलोमीटर बाद में टायर भी फट गया लेकिन वह फसल में छुपकर फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने दोनों महिलाओं से पूछताछ की। इसके साथ ही महिलाओं को परिवादी बरकत के नंबर उपलब्ध करवाने वाले आरोपी शंकरलाल बावरिया निवासी मुंडवाड़ा को गिरफ्तार किया। आज पुलिस को सूचना मिली कि गैंग से जुड़े रामकरण, कृष्ण उर्फ टमका, गणेश बावरिया और अजीत कुमार किसी घटना को अंजाम देने की इराक में रींगस के पास जालपाली मोड पर घूम रहे हैं। ऐसे में पुलिस वहां पहुंची जहां से चारों को गिरफ्तार कर लिया। इस तरह मामले में कुल सात आरोपी शंकरलाल बावरिया (22) निवासी मुंडवाड़ा, ममता बावरिया (25) निवासी नीमकाथाना, बबली बावरिया (19) निवासी कोटपूतली, अजीत कुमार बावरिया (21), गणेश उर्फ डूंगरिया बावरिया (38) रामकरण बावरिया (19), कृष्ण उर्फ टमका(20) को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया की गैंग से जुड़े सभी लोग आपस में रिश्तेदार और परिचित है। जो अलग-अलग इलाकों में रहने वाले अपने रिश्तेदारों से कांटेक्ट करके उन्हीं के परिचित लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। इनका रिश्तेदार ही गैंग को नंबर प्रोवाइड करवाता है। इसके बाद गैंग से जुड़ी महिलाएं उनसे बातचीत करके अपने जाल में फंसाती है और फिर उन्हें मिलने के लिए खाटूश्यामजी के पास बुलाती है। जब गैंग की महिला पीड़ित के साथ बैठती है तो गैंग से जुड़े अन्य लोग वहां आते हैं और मारपीट करके उन्हें लूट लेते हैं। इसके बाद उन्हें डरा धमकाकर पैसे भी वसूलते हैं। यहां तक कि गैंग के लोग अपने शिकार की गाड़ी और अन्य डॉक्यूमेंट भी साथ ले जाते हैं और उन्हें वापस देने के बदले भी रुपए वसूलते हैं। पुलिस पूछताछ में इस गैंग के द्वारा सीकर के अलावा नीमकाथाना, जयपुर,कोटपूतली और दौसा में भी इसी तरह की वारदात करना कबूला गया है। वहीं पुलिस सब गिरफ्त में आए सारे आरोपियों से कड़ी पूछताछ करने में जुटी है।

हाईकोर्ट ने कहा कोविड से मौत पर नहीं मिला परिवार को क्लेम, सरकार ने निगम के सहायक दरोगा को अपात्र बताया, ब्याज समेत मुआवजा देने के आदेश

इंदौर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने कोविड के दौरान नगर निगम में कार्यरत कर्मचारी की मृत्यु के मामले में उसकी पत्नी को मुख्यमंत्री कोविड 19 योद्धा कल्याण योजना का लाभ देने का आदेश दिया है। योजना के अंतर्गत मिलने वाली राशि पर शासन को बैंक दर से ब्याज भी देना होगा। मामला निगमकर्मी जगदीश करोसिया का है। 10 जुलाई 2020 को नगर निगम ने उन्हें सुपरवाइजर के रूप में नियुक्ति दी थी। उनके जिम्मे कोरोना संक्रमित क्षेत्र में सैनिटाइजर इत्यादि से छिड़काव करवाने की जिम्मेदारी थी। काम के दौरान 29 अगस्त 2020 को उनकी कोरोना से मृत्यु हो गई। यह भी पढ़ें जगदीश की पत्नी अलका ने शासन को आदेश देकर मुख्यमंत्री कोविड 19 योद्धा कल्याण योजना का लाभ दिए जाने की गुहार लगाई, लेकिन डिप्टी रिलीफ कमिश्नर ने नियमों का हवाला देते हुए इस आवेदन को निरस्त कर दिया। उनका कहना था कि वे योजना के लिए पात्र नहीं हैं। इस पर एडवोकेट आयुष अग्रवाल के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई। याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर ने शासन को आदेश दिया कि वह जगदीश की पत्नी को योजना का लाभ दे। कोर्ट ने योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि पर बैंक दर से ब्याज भी दिलवाया है। कर्बला मैदान मामले में हाई कोर्ट में दायर हुई अपील कर्बला मैदान मामले में 13 सितंबर को आए जिला न्यायालय के फैसले को चुनौती देते हुए मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में अपील दायर हुई है। यह अपील पंच मुसलमान कर्बला मैदान कमेटी लालबाग रोड इंदौर की ओर से दायर हुई है। अपील में निगमायुक्त, मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड भोपाल और अन्य को पक्षकार बनाया गया है। गौरतलब है कि 13 सितंबर को पंद्रहवें जिला न्यायाधीश नरसिंह बघेल ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि नगर निगम इंदौर कर्बला मैदान की खसरा नंबर 1041 की 6.70 एकड़ जमीन का स्वामी है। उक्त अपील इसी फैसले को चुनौती देते हुए दायर की गई है।

बागडे और भजनलाल ने बापू की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनके जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि “सभी देशवासियों की ओर से पूज्य बापू को उनकी जन्म-जयंती पर शत-शत नमन। सत्य, सद्भाव और समानता पर आधारित उनका जीवन और आदर्श देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणापुंज बना रहेगा।” अगले पोस्ट में श्री मोदी ने कहा कि “देश के जवान, किसान और स्वाभिमान के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी को उनकी जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि।” वही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी तथा पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जयंती पर आज नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री गांधी पार्टी के अन्य नेताओं के साथ सुबह बापू की समाधि स्थल राजघाट गए और उनकी समाधि पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री खरगे ने कहा “सत्य, अहिंसा व सत्याग्रह जैसे उच्चतम मूल्य से संपूर्ण विश्व को शांति का मार्ग दिखाने वाले, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सूत्रधार, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के विचार व उनके आदर्श हमारे लिए सदैव प्रेरणादायी हैं। आज उनके विचारों को जो चुनौती मिल रही है, इसका मुक़ाबला हम बापू के सिद्धांतों पर चलकर कर रहें हैं। सभी देशवासियों को गांधी जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं।” श्री गांधी ने कहा “बापू ने ही मुझे सिखाया है, जीना है तो डरे बिना जीना है – सत्य, प्रेम, करुणा और सौहार्द के रास्ते पर सबको जोड़ते हुए चलना है। गांधी जी एक व्यक्ति नहीं, जीने और सोचने का तरीका हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन।” राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने बुधवार को यहां गांधी जयंती पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। श्री बागडे एवं श्री शर्मा ने गांधी सर्किल स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प चढ़ाकर यह श्रद्धांजलि अर्पित की। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने बाद में मौन रहकर श्रद्धा निवेदित की तथा वहां रामधुन और भक्ति संगीत भी सुना। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, राज्य मंत्री ओटाराम देवासी आदि ने भी गांधीजी को पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धा दी। गहलोत ने गांधी जयंती पर किए श्रद्धासुमन अर्पित राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर बुधवार को यहां गांधीजी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री गहलोत ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा ” दुनिया के सबके बड़े ब्रिटिश साम्राज्य को अहिंसा के बल पर भारत छोड़ने पर मजबूर करने वाले, आधुनिक दुनिया को सत्याग्रह की ताकत समझाने वाले एवं विश्वभर में पूजनीय भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी जयंती पर नमन करता हूं।” इस मौके पर पूर्व मंत्री महेश जोशी एवं प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी महात्मा गांधी को श्रद्धासुमन अर्पित किए।  

सर्गेई मकारोव को भाला फेंक खिलाड़ियों का नया मुख्य कोच एएफआई ने किया नियुक्त, साई की मंजूरी का इंतजार

नई दिल्ली भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने पूर्व विश्व चैंपियन और ओलंपिक पदक विजेता सर्गेई मकारोव को भाला फेंक खिलाड़ियों का नया मुख्य कोच नियुक्त किया है। हालांकि अभी भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) की मंजूरी बाकी है। भाला फेंक कोच लाने का फैसला डॉ. क्लॉस बार्टोनिट्ज़ के उस बयान के तुरंत बाद आया है, जिसमें उन्होंने संकेत दिया था कि वे अगले ओलंपिक चक्र के लिए उस भूमिका में बने नहीं रहेंगे। बार्टोनिट्ज़ दो बार के ओलंपिक पदक विजेता और विश्व चैंपियन नीरज चोपड़ा के दीर्घकालिक कोच हैं। 75 वर्षीय बार्टोनिट्ज़ को नीरज की कोहनी की गंभीर चोट से वापसी का श्रेय दिया जाता है और फिर उन्हें लंबे समय तक कमर की चोट से उबरने में मदद की, जबकि उन्होंने इतनी निरंतरता बनाए रखी कि वे विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण और रजत पदक जीतने में सफल रहे, साथ ही उन्होंने अपने दो ओलंपिक पदक भी जीते। मकारोव के पास भाला फेंकने का अच्छा अनुभव है। वह दो बार ओलंपिक पदक विजेता हैं, जिन्होंने 2000 और 2004 ओलंपिक खेलों में कांस्य पदक जीता है। वह 2003 के विश्व चैंपियन और 2005 के विश्व चैम्पियनशिप के कांस्य पदक विजेता भी हैं। रूसी खिलाड़ी का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 92.61 मीटर है, जो उन्हें सर्वकालिक सूची में आठवें स्थान पर रखता है। यह देखना अभी बाकी है कि नीरज मकारोव के साथ काम करेंगे या व्यक्तिगत ध्यान के लिए कोई दूसरा कोच चुनेंगे। हालांकि, बार्टोनिट्ज़ ने भी नीरज के साथ विशेष रूप से काम करने से पहले भारत में अपना कार्यकाल कई एथलीटों के साथ काम करके शुरू किया था।  

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