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केंद्रीय कैबिनेट ने लिया बड़ा फैसला, डीए में 3 प्रतिशत बढ़ोतरी का ऐलान

नई दिल्ली केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशन धारकों को सरकार की ओर से दीपावली का तोहफा मिलने जा रहा है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को हुई अपनी बैठक के दौरान महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को अपनी मंजूरी दे दी है। इस बढ़ोतरी के बाद डीए मूल वेतन का 50 प्रतिशत से बढ़कर 53 प्रतिशत हो गया है। केंद्र सरकार के इस फैसले का लाखों सरकारी कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। महंगाई भत्ते की गणना अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर की जाती है। डीए को लेकर हर 6 महीने में संशोधन होता है। महंगाई राहत सेवानिवृत्त केंद्र सरकार के कर्मचारियों को दी जाती है। डीए में बढ़ोतरी के बाद जनवरी और जुलाई में एडजस्टमेंट प्रभावी होता है। डीए को लेकर मार्च और सितंबर में घोषणा की जाती है। जनवरी में डीए में बढ़ोतरी की घोषणा मार्च तक जाती है। इसी तरह जुलाई में डीए में बढ़ोतरी की घोषणा दीपावली तक जाती है। तीन प्रतिशत डीए बढ़ोतरी के बाद एंट्री लेवल सरकारी कर्मचारी के मूल वेतन में मासिक आधार पर 540 रुपये की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। सरकार के इस फैसले से करीब एक करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशन धारकों को राहत मिलेगी। कर्मचारियों को जुलाई, अगस्त और सितंबर का एरियर मिलने की भी उम्मीद की जा रही है। 9 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद डीए में बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही थी। हालांकि, केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशन धारकों को इस संशोधन के लिए कुछ लंबा इंतजार करना पड़ा। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को घोषणा की कि दीपावली और त्योहारी सीजन से पहले राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) में 4% की बढ़ोतरी की जाएगी। जिससे यह मूल वेतन का 50% हो जाएगा। यह वृद्धि 1 अक्टूबर से लागू होगी।

प्रदेश के विकास के लिए बैंक एवं शासकीय विभाग मिलकर कार्य करें : मुख्य सचिव श्री जैन

भोपाल मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में 191वीं राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी की बैठक हुई। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि योजनाओं में समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए कार्य किया जाये। जिन बैंकों ने लक्ष्य पूरे नहीं किये है उन्हें ज्यादा प्रयास करने की आवश्यकता है। स्व-सहायता समूहों को इस तरह गतिशील करें कि लोगों की जिंदगी में बदलाव आ सके। प्रदेश में तरक्की लाने के लिए बैंक एवं शासकीय विभाग मिलकर काम करें। लंबित प्रकरणों का निराकरण प्राथमिकता से किया जाये। लोगों की दक्षता एवं कार्यकुशला को देखते हुए माइक्रो प्लान बनाया जाये। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक किसानों को निर्बाध रूप से विद्युत प्रदाय हो सके। इसके लिए सौर ऊर्जा के क्षेत्र में कृषि, ऊर्जा एवं बैंक मिलकर अभियान चलायें। दुर्घटना बीमा योजना की जानकारी ग्रामों में जाकर दी जाये। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक ब्रांच का विस्तार किया जाये। बैंको की ऋण वसूली के लिए राजस्व अधिकारियों का भी सहयोग लिया जाये। मुख्य सचिव ने एमएसएमई, स्व सहायता समूह, सोलर एनर्जी, स्टाम्प ड्यूटी एवं बैंको से संबंधित समस्याओं का निराकरण करने के समितियां गठित कर एक माह में प्रतिवेदन देने के निर्देश भी दिये। बैठक में 11 जुलाई, 2024 को आयोजित 189वीं और 190वीं एसएलबीसी बैठक के कार्यवृत की पुष्टि की गयी। बैठक में वार्षिक ऋण योजना वित्त वर्ष 2024-25, सरकार प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत प्रगति की समीक्षा की गयी। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के प्रदर्शन, ट्रेड्स और एमएसएमई क्लस्टरों को बढ़ावा देना, ऊर्जा विभाग एवं संस्थागत वित्त की प्रस्तुति पर विस्तृत चर्चा की गई। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, पीएम स्वनिधि योजना, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, पीएम सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम, कृषि अवसरंचना निधि, पीएम विश्कर्मा योजना, सीएम ग्रामीण आवास, पीएम स्वनिधि, सीएम ग्रामीण स्ट्रीट वेंडर, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंको में एक समान बैंकिंग समय, सरकारी योजनाओं में स्टाम्प शुल्क, कृषि भूमि का हस्तांतरण/अधिग्रहण, बैंक प्रभार के साथ, पीएम कुसुम-ए और पीएम कुसुम-सी योजनाओं के विषय में चर्चा की गयी। समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव, सामान्य प्रशासन श्री संजय दुबे, नगरीय विकास एवं आवास श्री नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरूण शमी, वित्त श्री मनीष रस्तोगी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती दीपाली रस्तोगी, सचिव स्कूल शिक्षा श्री संजय गोयल, सचिव तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार श्री एम. रघुराज एवं भारतीय रिजर्वं बैंक, नाबार्ड, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, केनरा बैंक, इंडियन बैंक, ओवरसीज बैंक, पंजाब एवं सिंध बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय निदेशक, महाप्रबंधक, क्षेत्रीय प्रमुख और मुख्य प्रबंधक उपस्थित थे।  

विशेष पिछड़ी जनजाति के लिये बेहतर बन रहे प्रदेश के आंगनवाड़ी केन्द्र

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि महिलाओं और बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के लिए संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों की व्यवस्थाएं बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास हो रहे हैं। प्रदेश में सहरिया, बैगा और भारिया विशेष पिछड़ी जनजातियां निवास करती हैं। इन क्षेत्रों के लिए आंगनवाड़ी केन्द्रों के भवनों की डिजाइन को केन्द्र सरकार ने सर्वश्रेष्ठ माना है। मध्यप्रदेश में केन्द्र सरकार के मापदंडों के अनुरूप पीएम-जनमन के अंतर्गत प्रत्येक 100 विशेष पिछड़ी जनजाति आबादी पर एक आंगनवाड़ी केन्द्र खोला जाएगा। केन्द्र सरकार ने इस वर्ष मध्यप्रदेश के लिए इस चालू वर्ष में 355 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्र भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की है। जबकि बीते साल 194 नए आंगनवाड़ी केन्द्र की मंजूरी केन्द्र ने दी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आंगनवाड़ी केन्द्रों को अधिक उपयोगी और सक्षम बनाने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने आंगनवाड़ी केन्द्रों के संचालन की जानकारी प्राप्त करते हुए जनसहयोग से नवाचार करने के निर्देश भी दिये हैं। उन्होंने कहा है कि आंगनवाड़ी केन्द्र न सिर्फ बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा महत्वपूर्ण भूमिका निभाते बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण और परिवारों की भलाई के लिये भी अहम है। प्रदेश में आंगनवाड़ी केन्द्रों की सुविधाओं को बेहतर किया जा रहा है। इससे बच्चों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके। मध्यप्रदेश में कुल 97 हजार 329 आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित हैं। इनमें 12 हजार 670 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र हैं। इनमें से 79 हजार 910 भवनों में विद्युत सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। प्रदेश में 8 हजार 692 भवनों में विद्युत सुविधा उपलब्ध करवाने का कार्य प्रगति पर है। शेष 8 हजार 727 केन्द्रों में भी यह सुविधा आगामी वित्त वर्ष में उपलब्ध करवाई जाएगी। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 199.94 करोड़ की राशि से 1782 नए आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। जिन केन्द्रों में बाउंड्रीवॉल है वहां पोषण वाटिका स्थापित की जा रही हैं। प्रदेश में 21 हजार 534 केन्द्रों में पोषण वाटिकाएं स्थापित की गई हैं। प्रदेश में 51 हजार 63 आंगनवाड़ी केन्द्र विभागीय भवनों में चल रहे हैं। अन्य शासकीय भवनों में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों की संख्या 20 हजार 727 और किराए के भवनों में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों की संख्या 25 हजार 539 है। वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन)के अंतर्गत प्रदेश में 194 नए आंगनवाड़ी केन्द्र खुले हैं। केन्द्र सरकार से मिल रहा है भरपूर सहयोग उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार ने नवीन आंगनवाड़ी केन्द्र के लिए जनसंख्या मापदंड निर्धारित किए हैं। इसके अनुसार आदिवासी क्षेत्र/परियोजना में 300 से 800 की जनसंख्या पर 01 आंगनवाड़ी केन्द्र खोलने का प्रावधान है। ग्रामीण एवं शहरी परियोजना में 400 से 800 की जनसंख्या पर 01 आगंनवाड़ी केन्द्र एवं तत्पश्चात प्रत्येक 800 के गुणांक पर 01 आंगनवाड़ी केन्द्र खोलने का प्रावधान है। इसी प्रकार पीएम जनमन के अंतर्गत कुल 549 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्र एवं 572 भवन निर्माण की स्वीकृति भारत सरकार द्वारा प्रदान की गई है। पीएम-जनमन के अंतर्गत भवन‍निर्माण के लिए 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। प्रति भवन 12 लाख रूपए की राशि के मान से मध्यप्रदेश के लिए 68.64 करोड़ रूपए राशि का प्रावधान किया गया है। सक्षम आंगनवाड़ी केन्द्र आंगनवाड़ी केन्द्रों के सुदृढ़ीकरण का कार्य निरंतर चल रहा है। विद्युत सुविधा के साथ ही जन सहयोग से अन्य सुविधाएं भी केन्द्रों में उपलब्ध करवाई जा रही हैं। प्रदेश में गत दो वित्त वर्ष में कुल 11 हजार 706 आंगनवाड़ी केन्द्रों को सक्षम आंगनवाड़ी केन्द्र के रूप में उन्नयन का लाभ मिला है।

हरियाणा में तीसरी बार सरकार बनने पर बोले अमित शाह, भाजपा के खिलाफ भ्रांति फैलाई गई थी कि किसानों से अन्याय हो रहा है

हरियाणा हरियाणा में भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है। पार्टी की विधायक दल की मीटिंग में बुधवार को नायब सिंह सैनी को नेता चुन लिया गया। अब वह सरकार गठन का दावा करेंगे और गुरुग्राम को पंचकूला में शपथ लेंगे। नायब सैनी को नेता चुने जाने की जानकारी अमित शाह ने दी और कहा कि भाजपा के खिलाफ भ्रांति फैलाई गई थी कि किसानों से अन्याय हो रहा है। अमित शाह ने कहा, ‘यह भ्रांति फैलाई गई कि किसानों से अन्याय हुआ। मैं आज विपक्ष से कहना चाहता हूं कि पूरे देश में यदि कोई राज्य 24 फसलों को एमएसपी पर खरीदता है तो वह भाजपा के शासन वाला हरियाणा है।’ गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में बनी केंद्र की यह ऐसी पहली सरकार है, जिसने एमएसपी पर सबसे ज्यादा फसलों की खरीद की है। एक बात और स्पष्ट कर दूं कि यह सरकार अग्निवीरों के जरिए युवाओं पर अन्याय करने वाली नहीं है बल्कि अग्निवीर के माध्यम से सेना को युवा बनाने वाली है। उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि बीते 10 साल जैसे भाजपा की सरकार ने काम किए हैं। उसी तरह से नायब सिंह सैनी की सरकार भी काम करती रहेगी। विपक्ष ने लोगों को भड़काने में कोई कमी नहीं छोड़ी। हमारा वादा है कि अग्निवीर से लौटा हुआ एक-एक जवान भारत और हरियाणा की सरकार में पेंशन वाली नौकरी पाएगा। उन्होंने कहा कि हमने अपनी प्राथमिकता में रखा है कि जवानों और किसानों के हितों की रक्षा की जाए। अमित शाह ने कहा कि यह पीएम नरेंद्र मोदी के विकास की नैरेटिव की जीत है। वह पूरे देश में विकास के मुद्दे को लेकर ही आगे बढ़ रहे हैं। अमित शाह ने कहा कि यह भाजपा की नीतियों की भी जीत है। 1980 के बाद से अब तक ऐसा कहीं नहीं हुआ कि लगातार तीन बार किसी पार्टी को जीत मिली हो, ऐसा भाजपा के साथ ही हरियाणा में हुआ है। सीएम नायब सिंह सैनी गुरुवार को पंचकूला के दशहरा ग्राउंड में सुबह 10 बजे सीएम पद की शपथ लेंगे। उनके साथ कुछ और मंत्री भी शपथ ले सकते हैं, जिनमें वरिष्ठ नेता अनिल विज, राव नरबीर, आरती सिंह राव, मुकेश शर्मा, शक्ति रानी शर्मा आदि शामिल हो सकते हैं। इस शपथ ग्रहण समारोह को भाजपा शक्ति प्रदर्शन के तौर पर पेश करना चाहती है। इसमें पीएम मोदी, अमित शाह, डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह मौजूद रहेंगे। इसके अलावा एनडीए शासित देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम भी मौजूद रहेंगे।

पश्चिमी देश भारत से रिश्ते मजबूत करने पर अड़े, वही जस्टिन ट्रूडो को अपनों ने दिखा दी औकात, जमकर हो रही खूब किरकिरी

नई दिल्ली भारत के साथ रिश्ते बिगाड़ चुके जस्टिन ट्रूडो के करीबी देशों ने भी अब उन्हें औकात दिखा दी है। पश्चिमी देशों के समर्थन पर खूब उछल रहे कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बावजूद अमेरिका और ब्रिटेन ने मोदी सरकार के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने का इरादा जाहिर किया है। पहले ट्रूडो ने दावा किया था कि भारतीय राजनयिकों ने कनाडा में रहने वाले सिख अलगाववादियों पर निगरानी रखी और उन्हें धमकाया, ब्लैकमेल किया या मार डाला। हालांकि, ट्रूडो के इन दावों की खिल्ली उड़ गई है, भारत बार-बार इस बेतुके बयानों के बारे में सबूत मांगता रहा है मगर कनाडा सरकार इस बारे में पुख्ता जानकारी मुहैया नहीं करा पाई है। और बढ़ी भारत-कनाडा के बीच रिश्तों की खाई यह विवाद पिछले साल उस समय शुरू हुआ जब ट्रूडो ने भारत पर ब्रिटिश कोलंबिया में एक सिख आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था। अब कनाडा ने आरोप लगाया है कि भारतीय अधिकारियों ने कनाडा की जमीन पर और भी कई अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया। सोमवार को कनाडा ने छह भारतीय राजनयिकों को निष्कासित कर दिया, क्योंकि भारत ने उनकी राजनयिक छूट हटाने से इनकार कर दिया। इसके जवाब में भारत ने भी छह कनाडाई राजनयिकों को वापस भेज दिया। ट्रूडो को अपनों ने ही दिखाई औकात ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रूडो के इन आरोपों से पश्चिमी देशों के भारत के साथ संबंधों को लेकर प्रश्न उठ रहे थे लेकिन अमेरिका और ब्रिटेन ने मंगलवार को जो बयान जारी किए कि उनके दृष्टिकोण में कोई बड़ा बदलाव नहीं है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा, “हमने साफ किया है कि ये आरोप बेहद गंभीर हैं और इन्हें गंभीरता से लिया जाना चाहिए।” हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भारत अमेरिका का अत्यंत मजबूत साझेदार है और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक प्रमुख भूमिका निभाता है। इस बीच ट्रूडो ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से फोन पर बातचीत की लेकिन उनके बयान में भारत का नाम नहीं लिया गया। दोनों की बातचीत के बारे में कहा गया कि दोनों नेताओं ने कानून के शासन के महत्व पर सहमति जताई और जांच पूरी होने तक संपर्क में रहने की बात कही। पश्चिमी देशों के लिए भारत क्यों अहम पश्चिमी देश हाल के वर्षों में भारत को एक महत्त्वपूर्ण सामरिक साझेदार के रूप में देख रहे हैं, खासकर चीन के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ पश्चिमी देशों ने भारत को खास अहमियत दी। जबकि ब्रिटेन भारत के साथ एक मुक्त व्यापार समझौते पर काम कर रहा है, वहीं अमेरिका रक्षा, स्वच्छ प्रौद्योगिकी और ऊर्जा के क्षेत्रों में भारत के साथ सहयोग कर रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- प्रदेश सौर ऊर्जा में लंग्स ऑफ इन्क्रेडिबल इण्डिया के विज़न पर अग्रसर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश अपनी विशेष पहचान बना रहा है। सोलर प्रोजेक्ट की स्थापना के लिये मध्यप्रदेश उद्योगपतियों की पहली पसंद बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि गाँधी नगर में आयोजित चौथे ग्लोबल मीट रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टर मीट में उद्योगपतियों ने मध्यप्रदेश में अपने प्रोजेक्ट लगाने में रुचि दिखाई। मध्यप्रदेश में संचालित होने वाले सोलर प्रोजेक्ट्स की बदौलत “हॉर्ट ऑफ इन्क्रेडिबल इण्डिया’’ नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में काम करते हुए “लंग्स ऑफ इन्क्रेडिबल इण्डिया’’ बनने के विज़न की ओर अग्रसर है। मध्यप्रदेश में रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में निरंतर उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। ओंकारेश्वर में विश्व का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट तैयार हो रहा है। रीवा का 1590 हेक्टेयर में स्थापित सोलर प्रोजेक्ट विश्व के सबसे बड़े सिंगल साइड सोलर प्लांट में से एक है। अब प्रदेश ने एक और नई पहल की है। मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में पीपीपी मोड में 8 हजार मेगावॉट सोलर एनर्जी जनरेशन के ज्वाइंट एडवेंचर संबंधी परियोजना पर सहमति बन गई है। इसमें मुरैना, शिवपुरी, सागर और धार में सोलर प्रोजेक्ट लगेंगे, जिनसे जनरेट होने वाली बिजली का उपयोग दोनों राज्यों में सिंचाई के लिये किया जा सकेगा। मध्यप्रदेश में आज 7 हजार मेगावॉट सोलर एनर्जी जनरेट की जा रही है। कुल ऊर्जा क्षमता में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी 21 प्रतिशत हो गई है। वर्ष 2012 में मात्र 500 मेगावॉट सोलर एनर्जी की क्षमता थी। प्रदेश ने मात्र 12 वर्ष की अवधि में सोलर एनर्जी के क्षेत्र में 14 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। राज्य सरकार वर्ष 2030 तक इसे बढ़ाकर 20 हजार मेगावॉट के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। गाँधी नगर में हुई चौथी ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टर समिट में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ उद्योगपतियों ने वन-टू-वन चर्चा की। अवाडा ग्रुप ने प्रदेश में 5 हजार करोड़ रुपये के निवेश संबंधी प्रस्ताव दिये। रिन्यू पॉवर ने भी प्रदेश में 6 हजार करोड़ रुपये निवेश करने की रुचि दिखाई। वन-टू-वन चर्चा में विण्ड पॉवर एसोसिएशन, हीरो फ्यूचर एनर्जी, टोरेंट पॉवर, शक्ति पम्प्स, सिंगापुर की सेम्बकॉर्प, वारी एनर्जी, सेरेंटिका, शेल ग्रुप सुजलान, वेलस्पन, वेना एनर्जी, ब्ल्यू लीफ बोरोसिल ग्रुप, स्टेट क्रॉफ्ट के मुखियाओं ने मध्यप्रदेश में रुचि दर्शाई है।  

नायब सिंह सैनी को नेता चुन लिया, अब अनिल विज ने कहा, पार्टी चौकीदार भी बना दे तो निष्ठा से काम करूंगा

चंडीगढ़ हरियाणा में भाजपा विधायक दल का नेता नायब सिंह सैनी को चुन लिया गया है। इसके साथ ही उनका फिर से सीएम बनने का रास्ता साफ हो गया है। वह गुरुवार को सुबह 10 बजे पंचकूला के दशहरा ग्राउंड में सीएम पद की शपथ लेंगे। उनके नाम का प्रस्ताव पार्टी के सीनियर नेता अनिल विज ने ही किया, जो चुनाव के बीच खुद को सीएम पद का दावेदार बता रहे थे। अब उनसे फिर यह सवाल पूछा गया तो अनिल विज ने कहा कि मेरी तो ऐसी कोई इच्छा ही नहीं थी। अनिल विज ने कहा, ‘कभी मैंने मन में रखा भी नहीं। पार्टी की ओर से कोई जिम्मेदारी मिलने पर अनिल विज ने कहा कि पार्टी मुझे चौकीदार बना देगी तो उस काम को भी मैं पूरी निष्ठा के साथ करूंगा।’ अनिल विज ने ही बुधवार को भाजपा विधायक दल की मीटिंग में नायब सिंह सैनी के नाम का प्रस्ताव रखा। अनिल विज के अलावा कृष्ण बेदी ने भी नायब सैनी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिस पर विधायकों ने ध्वनिमत से मुहर लगा दी। यह दृश्य दिलचस्प था क्योंकि अनिल विज ने चुनाव के बीच कहा था कि यदि भाजपा जीती तो इलेक्शन के बाद मुख्यमंत्री के तौर पर ही मुलाकात होगी। इसके बाद अब भाजपा नेतृत्व ने जब उनसे ही सैनी के नाम का प्रस्ताव रखवाया तो यह रोचक था। अनिल विज लगातार 7वीं बार अंबाला कैंट विधानसभा से चुने गए हैं। वह लंबे समय से खुद को सीएम पद का दावेदार बताते रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साढ़े 9 साल के कार्यकाल में वह होम मिनिस्टर थे और ताकतवर थे। इसके बाद भी उनके खट्टर से रिश्ते सहज नहीं थे। वहीं जब सैनी को सीएम बनाया गया तो वह मंत्री पद की शपथ लेने ही नहीं पहुंचे। इसे उनकी नाराजगी के तौर पर देखा गया था, लेकिन बाद में उनके सुर थोड़े नरम पड़े थे। यही वजह थी कि वह पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े। हालांकि इलेक्शन कैंपेन के बीच ही उन्होंने खुद को सीएम का दावेदार बताकर हलचल पैदा कर दी थी।

मध्यप्रदेश माइनिंग कॉन्क्लेव-2024 17-18 अक्टूबर को, खनन क्षेत्र में निवेश को मिलेगा बढ़ावा

भोपाल खनन क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने और आधुनिकतम तकनीकों का समावेश कर राज्य की खनिज संपदा का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश सरकार द्वारा “मध्यप्रदेश माइनिंग कॉन्क्लेव-2024” का आयोजन किया जा रहा है। दो दिवसीय कॉनक्लेव 17 और 18 अक्टूबर 2024 को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में होगी। मध्यप्रदेश माइनिंग कॉन्क्लेव-2024 का उद्देश्य राज्य की खनन क्षमता को तकनीकी नवाचारों और सतत निवेश के माध्यम से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन कॉन्क्लेव में की-नोट संबोधन देंगे और मध्यप्रदेश के खनिज संसाधन पर केन्द्रित प्रदर्शनी का शुभारंभ करेंगे। कॉन्क्लेव के प्रारंभिक सत्र में खनिज संसाधन, निवेश के अवसरों, पेट्रोलियम और हाइड्रोकार्बन क्षेत्र की संभावनाओं पर प्रस्तुति दी जाएगी। इसके बाद तकनीकी-सत्रों में खनन सुरक्षा, स्मार्ट तकनीक, डिजिटलाइजेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) के उपयोग पर चर्चाएं होंगी। ड्रोन तकनीक और खदानों के डिजिटल समाधान पर भी विशेषज्ञों द्वारा चर्चा की जाएगी। रणनीतिक-सत्रों में कोयला, ऊर्जा, चूना पत्थर, सीमेंट उद्योग, मिनरल-बेनेफ़िकेशन और एम-सैंड जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा। प्रारंभिक सत्र में प्रमुख सचिव, खनिज संसाधन श्री संजय कुमार शुक्ला “मध्यप्रदेश माइनिंग कॉन्क्लेव 2024” पर शुभारंभ संबोधन देंगे। प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह द्वारा मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों पर प्रस्तुति दी जाएगी। हाइड्रोकार्बन महानिदेशक, भारत सरकार, डॉ. पल्लवी जैन गोविल, पेट्रोलियम और हाइड्रोकार्बन क्षेत्र की संभावनाओं पर चर्चा करेंगी। डेलॉयट के पार्टनर श्री रजिब मैत्रा मध्यप्रदेश में खनिज क्षमता के उपयोग पर अपनी प्रस्तुति देंगे। तकनीकी-सत्रों में आईआईटी हैदराबाद के श्री विक्रम केवाई स्मार्ट तकनीक और माइन सेफ्टी पर चर्चा करेंगे। खनन क्षेत्र में डिजिटलाइजेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) के उपयोग पर विमर्श किया जायेगा। ड्रोन तकनीक, रिमोट मॉनिटरिंग, माइनिंग टेक्नोलॉजी में स्टार्ट-अप के लिये अवसर तथा खुली और भूमिगत खदानों के लिए डिजिटल समाधान पर विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण प्रस्तुति होगी। रणनीतिक और तकनीकी-सत्रों में कोयला और ऊर्जा, चूना पत्थर और सीमेंट उद्योग, खनिज लाभकारीकरण (मिनरल बेनेफिशिएशन) और एम-सैंड एवं रेडी-मिक्स कंक्रीट जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। साथ ही राज्य सरकार की पहल और भारत में महत्वपूर्ण खनिज अन्वेषण परिदृश्य पर जानकारी प्रदान की जायेगी। ऊर्जा और हाइड्रोकार्बन क्षेत्र की संभावनाओं और चुनौतियों पर विचार-विमर्श होगा। बायर-सेलर मीट से खनिज क्षेत्र में अवसरों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जायेगा।  

बेटे को मिली सीएम पद की कुर्सी को कांटों भरा ताज बताया : फारूक अब्दुल्ला

श्रीनगर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ 6 अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ली है। कुछ निर्दलियों को साथ लेकर लगभग अपने दम पर ही नेशनल कॉन्फ्रेंस ने यह सरकार बनाई है। फिर भी उमर अब्दुल्ला की शपथ के बाद उनके पिता फारूक अब्दुल्ला का बयान आया है। उन्होंने बेटे को मिली सीएम पद की कुर्सी को कांटों भरा ताज बताया है। उन्होंने कहा कि यह ‘कांटों का ताज’ है और अल्लाह लोगों की उम्मीदों को पूरा करने में उनकी मदद करे। अपने दादा से प्रेरणा लेते हुए उमर अब्दुल्ला के बेटे जहीर अब्दुल्ला ने कहा कि नई सरकार की पहली प्राथमिकता राज्य का दर्जा बहाल करना है। फारूक अब्दुल्ला ने शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में शपथ ग्रहण समारोह के बाद कहा, ‘राज्य चुनौतियों से भरा है और मुझे उम्मीद है कि यह सरकार वही करेगी जो उसने चुनाव घोषणापत्र में वादा किया था। यह कांटों का ताज है और अल्लाह उन्हें (उमर को) सफलता दिलाए और वह लोगों की उम्मीदों को पूरा करें। यह मेरा संदेश है।’ जहीर अब्दुल्ला ने कहा, ‘राज्य का दर्जा मिलने के बाद, अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए हमारा असली संघर्ष शुरू होगा। अनुच्छेद 370 हमेशा हमारी प्राथमिकता रहेगी।’ उमर अब्दुल्ला 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद से जम्मू-कश्मीर में पहली निर्वाचित सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। 2019 में तत्कालीन राज्य को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया था। बता दें कि इस शपथ समारोह में जहीर अब्दुल्ला भी नजर आए और मीडिया से भी बात की। यह पहला मौका था, जब अब्दुल्ला परिवार की चौथी पीढ़ी ने मीडिया से इस तरह खुलकर बात की। बता दें कि अब्दुल्ला परिवार से अब तक तीन लोग सीएम बन चुके हैं। फारूक अब्दुल्ला, शेख अब्दुल्ला भी मुख्यमंत्री रहे हैं।

प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक के पद पर शीघ्र पदोन्नति करने के लिए डीईओ को सौपा ज्ञापन

रायपुर छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा सहायक शिक्षक से प्राथमिक शाला प्रधानपाठक पदोन्नति करने हेतु जिला संचालक द्वय ओमप्रकाश सोनकला एवं भानुप्रताप डहरिया के नेतृत्व में जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर डॉ.विजय कुमार खंडेलवाल से मिलकर प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक के पद पर शीघ्र पदोन्नति करने के लिए ज्ञापन  सौपा गया। जिस पर डीईओ द्वारा 15/10/2024 को अंतिम दावा आपत्ति पश्चात दीपावली पूर्व पदोन्नति के लिए काउंसिलिंग के माध्यम से पदस्थापना करने का आश्वस्त किया गया। अनुकंपा नियुक्ति शिक्षाकर्मी वर्ग 3 इंद्रकुमार देवांगन को विगत 10 माह का लंबित वेतन भुगतान हेतु बात रखी गई जिस पर डीईओ द्वारा आवेदन लेकर उच्च कार्यालय को अवगत कराकर अतिशीघ्र वेतन दीपावली पूर्व भुगतान कराने की बात कही।डीईओ से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा से ओमप्रकाश सोनकला, भानुप्रताप डहरिया, आयुष पिल्ले,जीतेन्द्र मिश्रा, अब्दुल आसिफ खान, कन्हैया कंसारी, अतुल शर्मा, गोपाल वर्मा, बुद्धेश्वर बघेल, रविंद्र सॉन्ग सुरतान, मनोज मुछावड, मदन वर्मा, कृष्ण कुमार जांगड़े, प्रफुल्ल मांझी, संतोष सोनवानी, जितेंद्र निषाद, इंद्रकुमार देवांगन, वर्षा दुबे सहित पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

वेस्टर्न आउटफिट पहने कमाल की दिखीं मोनालिसा, कातिलाना अदाएं देखकर घायल हुए फैंस

मुंबई, भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा आए दिन अपनी लेटेस्ट फोटोशूट की तस्वीरें इंस्टाग्राम पर पोस्ट करती रहती हैं। उनका बोल्ड और स्टनिंग अंदाज इंटरनेट पर आते ही तेजी से वायरल होने लगता है। अब हाल ही में एक्ट्रेस ने अपनी बेहद ही ग्लैमरस तस्वीरें फैंस के बीच साझा की हैं। इन फोटोज में उनका बोल्ड और हॉट अवतार देखकर फैंस बेकाबू हो गए हैं। एक्ट्रेस मोनालिसा हमेशा अपने लेटेस्ट लुक्स की फोटोज इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर फैंस का सारा ध्यान अपनी ओर खींच लेती हैं।उनका बोल्ड लुक सोशल मीडिया पर पोस्ट होते ही फैंस के बीच छा जाता है। अब हाल ही में एक्ट्रेस ने अपने लेटेस्ट फोटोशूट की तस्वीरें इंस्टाग्राम पर पोस्ट की हैं।इन फोटोज में आप देख सकते हैं एक्ट्रेस मोनालिसा ने रेड कलर की बेहद ही सेक्सी ड्रेस पहनी हुई है, जिसमें वो एक से बढ़कर एक कैमरे के सामने किलर पोज दे रही हैं।बालों की पोनी बांधकर और लाइट मेकअप कर के एक्ट्रेस मोनालिसा ने अपने आउटलुक को कंप्लीट किया है। उनका ये लुक देखकर फैंस अपनी नजरें उन पर से हटा नहीं पा रहे हैं।इंडियन हो या फिर वेस्टर्न लुक मोनालिसा अपने हर एक लुक में काफी जबरदस्त लगती हैं। उनका कातिलाना लुक इंस्टा पर पोस्ट होते ही लोगों के बीच ट्रेंड करने लगता है।मोनालिसा सोशल मीडिया स्टार हैं, इंस्टाग्राम पर उनके चाहने वालों की लिस्ट भी काफी लंबी है। उनका हर एक लुक इंटरनेट पर आते ही लोगों के होश उड़ा देता है।

मैंने डीजी को निर्देश दिया कि लोगों को होने वाली असुविधा को कम-से-कम किया जाए: उमर अब्दुल्ला

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर का मुख्यमंत्री बनने के बाद उमर अब्दुल्ला ने तुरंत बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस को निर्देश दिया है कि उनकी वजह से आम लोगों को होने वाली असुविधा को कम से कम किया जाए। साथ ही, जब भी वह किसी सड़क मार्ग से जाएं तो वहां कोई भी ग्रीन कॉरिडोर न बनाया जाए। अगस्त, 2019 को रद्द किए गए आर्टिकल-370 के बाद उमर अब्दुल्ला जम्मू कश्मीर के पहले मुख्यमंत्री बने हैं। उन्होंने बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। साथ ही, पांच अन्य मंत्रियों को भी उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने शपथ दिलाई। सीएम बनने के बाद उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”मैं जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजी से बात की है कि जब मैं सड़क मार्ग से कहीं जाऊं तो कोई ग्रीन कॉरिडोर या यातायात अवरोध न हो। मैंने उन्हें निर्देश दिया है कि लोगों को होने वाली असुविधा को कम-से-कम किया जाए और सायरन का इस्तेमाल कम-से-कम किया जाए। किसी भी तरह की लाठी लहराने या आक्रामक हरकतों से पूरी तरह बचना चाहिए। मैं अपने कैबिनेट सहयोगियों से भी यही उदाहरण अपनाने को कह रहा हूं। हर चीज में हमारा व्यवहार लोगों के अनुकूल होना चाहिए। हम लोगों की सेवा करने के लिए हैं, उन्हें असुविधा पहुंचाने के लिए नहीं।” ‘जल्द ही पूर्ण राज्य का दर्जा मिलेगा’ मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी सरकार का पहला काम लोगों की आवाज बनना होगा और उम्मीद जताई कि जम्मू-कश्मीर लंबे समय तक केंद्र शासित प्रदेश नहीं रहेगा और जल्द ही पूर्ण राज्य का दर्जा हासिल कर लेगा। शपथ लेने से कुछ घंटे पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता ने पीटीआई वीडियोज से कहा कि गठबंधन सहयोगी कांग्रेस के साथ उनका सब कुछ ठीक है और उनकी पार्टी मंत्री पदों को भरने के लिए कांग्रेस और अपनी टीम के साथ बातचीत कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार की लोगों के प्रति जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “हमें लोगों से जनादेश मिला है कि हम उनकी समस्याओं को हल करने के लिए काम करें और यही हमारा लक्ष्य पहले दिन से है।” नेशनल कॉन्फ्रेंस और उसके गठबंधन सहयोगी कांग्रेस के बीच दरार की अटकलों पर उमर ने चुटकी लेते हुए कहा, “नहीं, सब कुछ ठीक क्यों नहीं है। अगर सब कुछ ठीक नहीं है, तो (मल्लिकार्जुन) खरगे (कांग्रेस अध्यक्ष), राहुल (गांधी) और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता यहां क्यों आ रहे हैं। यहां उनकी मौजूदगी इस बात का संकेत है कि गठबंधन मजबूत है और हम (जम्मू-कश्मीर के) लोगों के लिए काम करेंगे।”

सरकार द्वारा किसानों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि, फसलों की पराली जलाने से रोकने जागरुकता अभियान चलाया जा रहा

फतेहाबाद हरियाणा के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी  है।  सरकार द्वारा किसानों को 1 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि बांटी जाएगी। किसानों को फसलों की अवशेष और पराली जलाने से रोकने के लिए प्रशासन द्वारा ये जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। फतेहाबाद DC ने जागरुकता वाहन को किसानों के जाकर जागरूक करने के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस जागरुकता वाहन द्वारा किसानों को गांव-गांव जाकर जागरुक किया जाएगा। वहीं रेड और येलो जोन से ग्रीन जोन में आने वाली ग्राम पंचायतों को 1 लाख और 50 हजार की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। DC ने किसानों से की अपील कि पर्यावरण सुरक्षा में अपना योगदान दें। पराली न जलाकर उसका उचित प्रबंधन करें। धान के अवशेष यानि पराली हर साल शासन और प्रशासन के लिए परेशानी का सबब बन जाती है। किसान पराली न जलाएं इसके लिए सरकार और प्रशासन किसानों से अपील के साथ-साथ सख्ती भी बरत रहा है। मगर पराली का जलना बददस्तूर जारी है।

रीढ़ की समस्याओं को लेकर जन जागरूकता फैलाना आवश्यकः महेन्द्र सिंह मरपच्ची

मनेन्द्रगढ़ आप सभी भली भाँती जानते होंगे की आज विश्व रीढ़ दिवस  (World Spine Day)  है और इसको हर वर्ष 16 अक्टूबर को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य रीढ़ की हड्डी और इससे जुड़ी समस्याओं के प्रति जागरूकता फैलाना रहता है। रीढ़ हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो न केवल हमें सहारा देता है बल्कि पूरे शरीर की संरचना और संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। आधुनिक जीवनशैली, तनावपूर्ण दिनचर्या और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण रीढ़ से जुड़ी समस्याएं आज आम हो गई हैं। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य रीढ़ से संबंधित समस्याओं की रोकथाम, इलाज और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है। इस विश्व रीढ़ दिवस की शुरुआत 2008 में हुई थी, जब वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ चिरोप्रैक्टिक (World Federation of Chiropractic)  ने पहली बार इसे मनाने की पहल की। इसका उद्देश्य रीढ़ से जुड़ी बीमारियों और विकारों, जैसे पीठ दर्द, गर्दन दर्द, साइटिका आदि के प्रति जागरूकता फैलाना है । 2012 में इसे बोन एंड जॉइंट डिकेड  (Bone and Joint Decade)   की एक पहल के रूप में अपनाया गया और आधिकारिक रूप से इसे हर साल मनाया जाने लगा। इसका मुख्य उद्देश्य रीढ़ की हड्डी से संबंधित विकारों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और लोगों को इन विकारों से निपटने के लिए सही उपचार और रोकथाम के तरीके सिखाना है। इस दिवस के माध्यम से स्वास्थ्य विशेषज्ञ और संगठनों का लक्ष्य यह है कि लोग रीढ़ की सेहत के महत्व को समझें और अपनी दिनचर्या में इसे प्राथमिकता दें। रीढ़ की देखभाल करना न केवल व्यक्तिगत स्तर पर आवश्यक है, बल्कि यह समाज के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि रीढ़ से जुड़ी समस्याओं के कारण कई लोग अपनी दैनिक गतिविधियों में कठिनाई का सामना करते हैं। रीढ़ की हड्डी शरीर की आधारशिला है। यह हमारे शरीर के ढांचे को बनाए रखने में मदद करती है और तंत्रिका तंत्र  (nervous system)  का एक मुख्य भाग है। यह न केवल हमारे शरीर को लचीलापन और गतिशीलता प्रदान करती है, बल्कि मस्तिष्क से संदेशों को शरीर के अन्य हिस्सों तक पहुंचाने का काम भी करती है। रीढ़ की हड्डी 33 कशेरुकाओं (vertebrae) से बनी होती है, जिनमें से प्रत्येक का अपना कार्य और महत्व होता है। रीढ़ की हड्डी पूरे शरीर का समर्थन करती है और खड़े होने, बैठने और झुकने जैसे कार्यों में मदद करती है। यह हमारी शारीरिक संरचना को संतुलन और स्थिरता प्रदान करती है। रीढ़ के भीतर की स्पाइनल कॉर्ड (spinal cord)  तंत्रिका तंत्र का एक प्रमुख हिस्सा है, जो मस्तिष्क से शरीर के विभिन्न हिस्सों तक संदेश पहुंचाती है। यह संचार प्रणाली हमारे शरीर के सभी अंगों को मस्तिष्क से जोड़ने में मदद करती है। रीढ़ की हड्डी हमारे शरीर को झुकने, मुड़ने और अन्य विभिन्न प्रकार की गतियों को करने में सक्षम बनाती है। इसके बिना हम चलने-फिरने और शारीरिक गतिविधियों को ठीक से नहीं कर सकते। यह रीढ़ की संरचना को प्रभावित कर सकता है और स्लिप डिस्क, पीठ दर्द, गर्दन दर्द जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है। जो लोग दिन भर बैठे रहते हैं या जिनकी शारीरिक गतिविधि कम होती है, उनमें रीढ़ की समस्याएं अधिक देखने को मिलती हैं। शारीरिक गतिविधियों की कमी से मांसपेशियों और जोड़ों में कमजोरी आ जाती है, जिससे रीढ़ पर अनावश्यक दबाव पड़ता है और यह दर्दनाक हो सकता है। अधिक वजन होने से रीढ़ की हड्डी पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। मोटापे के कारण रीढ़ और उसके आसपास की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे पीठ दर्द, डिस्क की समस्याएं और अन्य रीढ़ संबंधी विकार हो सकते हैं। आप जानते होंगे की स्कोलियोसिस (scoliosis) जैसी विकार से रीढ़ की हड्डी एक तरफ मुड़ जाती है, और उनके इलाज में विशेष ध्यान देना पड़ता है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, रीढ़ की हड्डियों में प्राकृतिक रूप से कमजोरी आने लगती है। उम्र के साथ, रीढ़ की डिस्क्स में पानी की मात्रा कम होने लगती है, जिससे उनकी लचीलापन और कुशनिंग क्षमता कम हो जाती है। इससे पीठ दर्द, हर्निएटेड डिस्क, और साइटिका जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जिससे स्लिप डिस्क और अन्य रीढ़ संबंधी विकार हो सकते हैं। खासकर जब बिना सही तकनीक के भारी वस्तुएं उठाई जाती हैं, तो रीढ़ को अत्यधिक दबाव सहन करना पड़ता है। रीढ़ की हड्डी के कमजोर होने के कुछ प्रमुख लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैंरू जिसमें पीठ दर्द  (Back Pain) यह सबसे सामान्य लक्षण है, जो रीढ़ की हड्डी की समस्याओं की ओर संकेत करता है। यह दर्द हल्के से लेकर गंभीर हो सकता है और लंबे समय तक बना रह सकता है। मांसपेशियों में कमजोरी  (Muscle Weakness) रीढ़ की हड्डी की कमजोरी से शरीर के विभिन्न हिस्सों में मांसपेशियों में कमजोरी महसूस हो सकती है, खासकर पीठ और पैरों में। झनझनाहट और सुन्नता  (Tingling and Numbness) रीढ़ की समस्याओं के कारण तंत्रिकाओं पर दबाव पड़ सकता है, जिससे हाथों और पैरों में झनझनाहट या सुन्नता हो सकती है। संतुलन में कठिनाई (Difficulty in Balance) रीढ़ की हड्डी में कमजोरी या दर्द होने पर चलने, खड़े होने या अन्य गतिविधियों में असंतुलन महसूस हो सकता है। रीढ़ की हड्डी को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाए जा सकते हैं जैसेः- सही तरीके से बैठना, खड़ा होना और सोना रीढ़ की हड्डी की सेहत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठे रहने से बचें और समय-समय पर अपनी स्थिति बदलें। कंप्यूटर के सामने बैठते समय रीढ़ को सीधा रखें और अपनी कुर्सी का इस्तेमाल सही तरीके से करें। नियमित रूप से व्यायाम करना रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है। स्ट्रेचिंग, योग, और तैराकी जैसी गतिविधियाँ रीढ़ की लचीलापन और मांसपेशियों की मजबूती को बढ़ाती हैं। इससे रीढ़ पर दबाव कम होता है और दर्द से राहत मिलती है। 

एक बार फिर से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ के राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय होने के आसार जताये जा रहे

भोपाल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ बीते कुछ समय से राजनीतिक तौर पर कम सक्रिय हैं मगर अब उनके फिर से राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय होने के आसार बन रहे हैं। यह अनुमान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से उनकी दिल्ली में हुई मुलाकात के आधार पर लगाए जा रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने वर्ष 2018 में राष्ट्रीय राजनीति से मध्य प्रदेश की ओर रुख किया था। उन्हें पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था और उसके बाद हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सत्ता हासिल की थी। कांग्रेस सत्ता में महज 15 माह रही, आपसी खींचतान के चलते सत्ता हाथ से खिसक गई और भाजपा की फिर सत्ता में वापसी हो गई। उसके बाद से कमलनाथ का दायरा लगातार सिमटता गया और वर्तमान में उनकी ज्यादा सक्रियता छिंदवाड़ा तक सीमित है। कमलनाथ के पुत्र नकुलनाथ छिंदवाड़ा से लोकसभा का चुनाव हार चुके हैं, वहीं उनके करीबी अमरवाड़ा से विधायक रहे कमलेश शाह ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। अभी हाल ही में हुए हरियाणा और जम्मू कश्मीर विधानसभा के चुनाव में पार्टी ने कमलनाथ का राजनीतिक तौर पर कोई उपयोग नहीं किया। आगामी समय में महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा के अलावा उप चुनाव भी होने वाले हैं। मध्य प्रदेश के दो विधानसभा क्षेत्र बुधनी और विजयपुर में उपचुनाव होना है। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कमलनाथ के दिल्ली स्थित आवास पर पहुंचकर उनसे न केवल मुलाकात की बल्कि दो घंटे तक दोनों साथ भी रहे। इस मुलाकात को राजनीतिक तौर पर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीति के जानकारों का मानना है कि कमलनाथ का छिंदवाड़ा संसदीय क्षेत्र महाराष्ट्र की सीमा से लगा हुआ है और वहां के कई इलाकों में कमलनाथ का प्रभाव है और सियासी तौर पर दखलअंदाजी भी है। इतना ही नहीं महाराष्ट्र के औद्योगिक घरानों से भी कमलनाथ की नजदीकियां है। कांग्रेस महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में कमलनाथ के प्रभाव का उपयोग करना चाहती है और इसलिए राहुल गांधी ने उनसे लंबी चर्चा की है। राहुल गांधी और कमलनाथ की इस मुलाकात ने सियासी हलकों में हलचल पैदा कर दी है। साथ ही यह कयास लगाए जाने लगे हैं कि कमलनाथ की राष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर सक्रियता बढ़ेगी और आगामी चुनाव में वह बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश से ही नाता रखने वाले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को पार्टी ने पूरी तरह किनारे कर दिया है और उनका न तो जम्मू कश्मीर व हरियाणा के चुनाव में कोई उपयोग किया गया और अब संभावना यही है कि झारखंड और महाराष्ट्र के चुनाव में भी पार्टी उन्हें दूर ही रखने वाली है।  

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