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जनजातीय विद्यार्थियों के आय, जाति प्रमाण-पत्र और बायोमेट्रिक ई-केवाईसी समग्र के लिए जारी है विशेष अभियान

भोपाल जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डा. कुंवर विजय शाह की संवेदनशील पहल पर जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों के हित में गत तीन अक्टूबर से एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। प्रमुख सचिव, जनजातीय कार्य विभाग डा. ई. रमेश कुमार ने बताया कि मंत्री डा. शाह के निर्देश पर प्रदेश के 89 जनजातीय विकासखंडों में इस वर्ग के सभी विद्यार्थियों के आय, जाति प्रमाण-पत्र, बायोमेट्रिक ई-केवाईसी बनवाने, इन्हें समग्र पोर्टल पर अपडेशन के लिए जनजातीय विकासखंडों में संकुल स्तर पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान में संकुल स्तर पर एमपी ऑनलाइन की सेवायें ली जा रही हैं। एमपी आनलाइन के वेंडर की ओर से नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा विद्यार्थियों के जरूरी प्रमाण-पत्रों के अपडेशन करने या नया प्रमाण-पत्र बनाने के लिये प्रक्रिया की जा रही है। शुल्क की राशि जनजातीय कार्य विभाग द्वारा वहन की जा रही है प्रमुख सचिव ने बताया कि विद्यार्थियों के आय एवं जाति प्रमाण-पत्र बनाने के लिए जरूरी शुल्क राशि जनजातीय कार्य विभाग की ओर से वहन की जा रही है। इससे प्रदेश के जनजातीय वर्ग के सभी विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति एवं अन्य लाभ प्राप्त हो सकेंगे। विशेष अभियान की तेज प्रगति विशेष अभियान तीन अक्टूबर से चलाया जा रहा है। इसमें तेज प्रगति दर्ज की गई है। अबतक 30 हजार से ज्यादा जनजातीय विद्यार्थियों के बायोमैट्रिक ई-केवाईसी पूर्ण कर लिये गये हैं। साथ ही 6000 से अधिक विद्यार्थियों के समग्र डेटाबेस के कास्ट कालम में जाति अंकित कराई जा चुकी है। इसके अलावा 700 से अधिक विद्यार्थियों के आय प्रमाण-पत्र बनाकर इनका भी डेटाबेस तैयार कर लिया गया है। सामान्य विकासखंडों में भी ऐसा ही विशेष अभियान चलाने की तैयारी सभी 89 जनजातीय विकासखंडों में इस विशेष अभियान की सफलता से प्रेरित होकर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा भी सामान्य विकासखंडों में ऐसा ही अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है। स्कूल शिक्षा विभाग ने जनजातीय कार्य विभाग से प्रदेश के सभी सामान्य विकासखंडों में पढ़ रहे विद्यार्थियों की सुविधा के लिये इसी पैटर्न पर विशेष अभियान चलाने का सहयोग मांगा है।  

पन्ना जिले में सकरिया हवाई पट्टी का हुआ शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में विकास के निरंतर नये कीर्तिमान रचे जा रहे है। प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति देने के लिये हवाई सेवाओं में निरंतर वृद्धि की जा रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार पन्ना जिले के सकरिया स्थित नवनिर्मित हवाई पट्टी का गुरूवार को औपचारिक शुभारंभ किया गया। हवाई पट्टी के लोकार्पण से अब पन्ना में भी हवाई सेवा की सुविधा मिल सकेगी। फॉल्कन एविएशन अकादमी द्वारा यहां पायलट प्रशिक्षण केन्द्र संचालित किया जाएगा। हवाई पट्टी सकरिया की रूद्रगढ़ के नाम से अलग पहचान भी स्थापित होगी। शुभारंभ अवसर पर उपस्थित पूर्व मंत्री एवं विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि पन्ना में हवाई पट्टी के बेहतर स्वरूप में संचालन से क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। एविएशन क्षेत्र में कैरियर निर्माण के लिए उत्सुक युवाओं को पायलट प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि पन्ना प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है। स्थानीय स्तर पर एविएशन सहित अन्य क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसरों की व्यापक संभावना है। पन्ना नेशनल पार्क में बाघ की मौजूदगी ने विश्वभर के पर्यटकों को आकर्षित किया है। धार्मिक नगरी पन्ना के मंदिरों की अलग पहचान है। हवाई पट्टी से निर्माण धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यहां वेलनेस सेन्टर का भी अच्छा स्कोप है। उन्होंने उम्मीद की कि फ्लाइट कनेक्टिविटि मिलने से पन्ना अन्य शहरों से सुगमतापूर्वक जुड़ सकेगा। कार्यक्रम में जन-प्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।  

पुलिस ने दावा किया कि सलमान खान को मारने की साजिश रची गई थी, 25 लाख रुपये में कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था

नई दिल्ली बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की हत्या की साजिश रचने के मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस ने गुरुवार को दावा किया कि सलमान खान को महाराष्ट्र के पनवेल स्थित उनके फार्महाउस के पास मारने की साजिश रची गई थी। इसके लिए 25 लाख रुपये में कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था। यह सुपारी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने दी थी। इस केस में पुलिस ने 5 लोगों के नाम चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस का कहना है कि आरोपी घटना को अंजाम देने के लिए एके-47, एके-92 और एम-16 जैसे खतरनाक हथियार पाकिस्तान से लेने की तैयारी में थे। इसके अलावा तुर्की मेड जिगना पिस्तौल भी इन लोगों के पास थी, जिसका इस्तेमाल पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के मर्डर में किया गया था। पुलिस का कहना है कि इस मामले में आरोपी ने 18 साल से भी कम के कई लड़कों को हायर किया था। ये लोग पुणे, रायगड़, नवी मुंबई, ठाणे और गुजरात में छिपे हैं। पुलिस ने दावा किया है कि सलमान खान पर 60 से 70 लोग नजर रख रहे थे। बांद्रा हाउस, पनवेल फार्म हाउस से लेकर गोरेगांव फिल्म सिटी तक में उनकी मूवमेंट पर नजर रखी जा रही थी। चार्जशीट के अनुसार सलमान खान की हत्या की साजिश अगस्त 2023 से अप्रैल 2024 के दौरान रची गई। इस केस में गुरुवार को ही पुलिस ने इस केस में सुक्खा को पानीपत से अरेस्ट किया है, जो लॉरेंस बिश्नोई गैंग का शूटर बताया जा रहा है। उसने ही शूटर अजय कश्यप उर्फ एके और 4 अन्य लोगों को सलमान खान को मारने की सुपारी दी थी। इसके बाद कश्यप और उसकी टीम ने सलमान खान की रेकी की थी। इन लोगों ने तय किया था कि सलमान खान की सुरक्षा टाइट रहती है। बुलेटप्रूफ वाहन भी उनके साथ रहते हैं। ऐसे में उनकी हत्या के लिए मारक क्षमता वाले हथियारों की जरूरत होगी। इसके चलते ये लोग हाई रेंज वाली बंदूकों की तलाश में जुट गए थे। पुलिस का कहना है कि इन हथियारों की तलाश में सुक्खा ने पाकिस्तान के हथियार तस्कर डोगर से संपर्क किया था। उससे वीडियो कॉल पर बात की थी। इस दौरान पाकिस्तान के तस्कर ने एके-47 समेत कई हथियार दिखाए थे और डील पर बात की थी। डोगर ने हथियारों की सप्लाई पर सहमति जताई थी। इसके लिए सुक्खा ने 50 पर्सेंट एडवांस देने को कहा था। इसके अलावा बाकी पेमेंट हथियारों की भारत में डिलिवरी होने के बाद देने को कहा था। पुलिस का कहना है कि ये आरोपी आगे के ऐक्शन के लिए कनाडा में बसे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और लॉरेंस के भाई अनमोल बिश्नोई से ऑर्डर का इंतजार कर रहे थे।

सिंहस्थ के वैश्विक आयोजन के लिये अभी से करें तैयारियाँ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सनातन धर्म की सभी सन्यासी परम्पराओं के सभी वैष्णव और शैव संत 12 साल में सिंहस्थ में आते हैं और भविष्य में सनातन धर्म की दिशा, आचरण, स्वरूप तय करते है। मानवता की स्थापना के लिये सर्वोच्च सिंहस्थ मेला-2028 में पुन: होने वाला है। सिंहस्थ की तैयारियाँ अभी से प्रारंभ की जा चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैश्विक आयोजन सिंहस्थ के माध्यम से भारत दुनिया का नेतृत्व करेगा। इसकी समुचित तैयारियां की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकाल ज्योर्तिलिंग उज्जैन के महाकाल लोक और दूसरे ज्योर्तिलिंग ओंकारेश्वर में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। मध्यप्रदेश की पहचान धार्मिक नगरी उज्जयिनी में हर 12 वर्ष में होने वाले सिंहस्थ के रूप में होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दृष्टि से सिंहस्थ प्रदेश के साथ ही राष्ट्र के लिये एक महत्वपूर्ण आयोजन है। पूरे विश्व में इसकी गूंज होती है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अधिक से अधिक सुविधाएँ देने के लिए नये निर्माण कार्य भी कराये जा रहे हैं। साथ ही वर्तमान सुविधाओं का उन्नयन भी किया जा रहा है। सिंहस्थ की सफलता के लिये अभी से तैयारियाँ शुरू करनी होगी। इन सभी कार्यों को शासकीय विभागों और अन्य उपक्रमों तालमेल के साथ पूर्ण करने के लिये जुटना होगा। उन्होंने कहा कि ऐसी योजना तैयार की जाये कि क्षिप्रा नदी हर हाल में पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त हो और क्षिप्रा नदी में निरंतर शुद्ध जल का अविरल प्रवाह हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-महाकुंभ में दुनिया भर से करीब 15 करोड़ लोगों के शामिल होने की संभावना है। इस वजह से उज्जैन में ट्रैफिक व्यवस्था बनाये रखना बड़ी चुनौतीपूर्ण होगा। सिंहस्थ-2028 के 19 कार्यों के लिये 5 हजार 882 करोड़ रूपये की मंजूरी दी गई है। यह मंजूरी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्री-मंडलीय की पहली बैठक में दी गई। बैठक में जल संसाधन, नगरीय प्रशासन एवं विकास, ऊर्जा, लोक निर्माण, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के कार्यों को मंजूरी दी गई है। मंत्री-मंडलीय समिति ने जिन कार्यों को स्वीकृति दी है, उनमें 778 करोड़ 91 लाख रूपये के 29.21 किलोमीटर घाट निर्माण, 1024 करोड़ 95 लाख रूपये का 30.15 किलोमीटर कान्ह नदी का डायवर्सन, 614 करोड़ 53 लाख रूपये के सिंहस्थ के लिये क्षिप्रा नदी में जल निरंतर प्रवाह योजना (सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी बांध) का निर्माण, 74 करोड़ 67 लाख रूपये के क्षिप्रा नदी पर प्रस्तावित 14 बैराजों का निर्माण, 43 करोड़ 51 लाख रूपये के कान्ह नदी पर प्रस्तावित 11 बैराजों का निर्माण, 198 करोड़ रूपये से उज्जैन शहर की सीवरेज परियोजना, 250 करोड़ रूपये से अति. उच्च दाब से संबंधित कार्य के नवीन ईएचवी उपकेन्द्र का निर्माण, 16 करोड़ 80 लाख रूपये से अति. उच्चदाब केन्द्र क्षमतावृद्धि का निर्माण, 29 करोड़ 83 लाख रूपये का नवीन 33/11 के.व्ही. का निर्माण, 4 करोड़ 50 लाख रूपये से 33 के.व्ही. लाईन एवं इन्टर कनेक्शन एवं नवीन उपकेन्द्र से संबंधित कार्य (10 किलोमीटर), 18 करोड़ 36 लाख रूपये से के.व्ही. लाईन एवं इन्टर कनेक्शन एवं नवीन उपकेन्द्र से संबंधित (80 किलोमीटर) का निर्माण और 10 करोड़ 8 लाख रूपये का भूमिगत केबल कार्य (ओंकारेश्वर बजट) का निर्माण शामिल है। इसी तरह 18 करोड़ रूपये का शंकराचार्य चौराहा से दत्त अखाड़ा, भूखीमाता, उजड़खेड़ा हनुमान से उज्जैन बड़नगर मार्ग का निर्माण, 18 करोड़ रूपये का खाक-चौक, वीर सावरकर चौराहा, गढ़कालिका, भर्तहरीगुफा से रंजीत हनुमान तक मार्ग एवं क्षिप्रा नदी पर पुल का निर्माण, 40 करोड़ रूपये से सिद्धवरकूट से कैलाश खोह तक सस्पेंशन ब्रिज पहुँच मार्ग प्रोटेक्शन कार्य सहित (ओंकारेश्वर में कावेरी नदी पर पैदल पुल सहित ओंकारेश्वर घाट से सिद्धवरकूट तक पहुँच मार्ग का निर्माण), 1692 करोड़ रूपये से इंदौर उज्जैन विद्यमान 4 लेन मार्ग का 6 लेन मय पेव्हड शोल्डर मे हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल अंतर्गत उन्नयन एवं निर्माण, 950 करोड़ रूपये से इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड 4 लेन परियोजना का हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर निर्माण कार्य, 75 करोड़ रूपये से महाकाल लोक कॉरीडोर में स्थित फाइबर की प्रतिमाओं के स्थान पर पाषाण प्रतिमाओं का निर्माण, स्थापना एवं आवश्यक विकास कार्य और कुम्भ संग्रहालय, काल गणना शोध केन्द्र उज्जैन का अनुरक्षण एवं विकास कार्य शामिल है। सिंहस्थ के लिये 568 कार्यों के प्रस्ताव प्राप्त अपर मुख्य सचिव नगरीय प्रशासन एवं आवास श्री नीरज मंडलोई ने बताया कि अभी तक सिंहस्थ-2028 के लिये 18 विभागों के 568 कार्यों के प्रस्ताव प्राप्त हुए है, जिनकी अनुमानित लागत 15 हजार 567 करोड़ रूपये है। इन कार्यों में विभागीय, सिंहस्थ मद और बीओटी आदि के कार्य शामिल है। मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कार्पोरेशन ने जानकारी दी कि इंदौर में लव-कुश चौराहे से उज्जैन तक नवीन मेट्रो लाईन बिछाये जाने का सर्वेक्षण कार्य दिल्ली रेल मेट्रो कार्पोरेशन को सौंपा गया है।  

हरख मालू बोले- पूरे देश में हॉलमार्क जेवर की बिक्री अनिवार्य की जाए

रायपुर आज से तीन साल पहले भारत सरकार ने सोने के जेवरों के विक्रय के लिए हॉलमार्क की अनिवार्यता तय की थी। लेकिन विडंबना यह है कि हालमार्किंग ज्वेलरी की बिक्री देश में अनिवार्य रूप से नहीं हो रही है। एक देश एक व्यापार की तर्ज पर जब यह नियम बना है तो पालन कराने की जिम्मेदारी भी सरकार की है अत: संबंधित विभागों को दिशानिर्देश जारी किया जाए कि यह अनिवार्य रुप से पालन करें। इस संबंध में रायपुर सराफा एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरख मालू ने केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखा है। संदर्भित विषय पर रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल को भी इसी पत्र की कापी भेंजकर इसके क्रियान्वयन के लिए सहयोग की अपेक्षा जताई है। श्री मालू ने भेजे पत्र में उल्लेखित किया है कि देश की सभी जेवर निर्माण इकाइयों को यह निर्देश दिया जाना उचित प्रतीत होता है कि केवल हॉलमार्किंग ज्वेलरी का ही निर्माण करें। हमारा आपसे अनुरोध है कि भारतीय मानक ब्यूरो के अधिकारी सेम्पल जांच के लिए सराफा बाजार जाते हैं निश्चित तौर पर यह उचित कदम है किंतु अधिकारियों को यह स्पष्ट दिशा निर्देश दिया जाना चाहिए कि वह व्यापारी पर अनावश्यक कार्रवाई या दबाव ना बनाएं इससे विभाग की छवि धूमिल होती है। व्यापारी भारतीय मानक ब्यूरो को पूर्ण सहयोग के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमें पूर्ण विश्वास है कि आप हमारी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करेंगे।

भोपाल में दो दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव का हुआ शुभारंभ, देश-विदेश के निवेशक हुए शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए की जा रही रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के साथ पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने आईएटीओ का अधिवेशन हुआ। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर भोपाल में दो दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कॉन्क्लेव में प्रदेश की खनिज संपदा की विस्तार से जानकारी दी जाकर उद्योगपतियों को आमंत्रित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि प्रदेश में खनिज की प्रचुर मात्रा होने और राज्य सरकार की उद्योग नीति, निवेशकों को आकर्षित कर रही है। निवेश के मुख्य आकर्षण आगामी 200 वर्ष के लिए कोयल का रिजर्व भंडार सरप्लस बिजली और पानी वाला राज्य बेहतर कनेक्टीविटी के लिए सड़कों का जाल ईज ऑफ डूईंग बिजनेस में अग्रणी श्रम कानून इंडस्ट्रीज फ्रेंडली प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता निवेशकों के लिए सिंगल विन्डो सिस्टम उद्योगों में नो मैन डे लॉस ट्रांसपेरेंट ऑक्शन रिजीम लोक सेवाओं की गारंटी के लिए अधिनियम लागू मैगनीज एवं कॉपर अयस्क उत्पादन में देश में प्रथम रॉक फॉस्फेट में देश में दूसरे स्थान पर चूना पत्थर में तीसरे और कोयला उत्पादन में चौथे स्थान पर देश के मध्य में होने से यहाँ पहुँचना आसान भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में गुरूवार को 2 दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव का शुभारंभ मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने किया। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश का तेजी से विकसित होता राज्य है। प्रदेश मिनरल रिसोर्सेस में तो नम्बर वन है ही, यहां पानी, कोयला एवं अन्य प्राकृतिक संसाधनों की भी प्रचुरता है। ईज ऑफ डूईंग बिजनेस में हमारी सरकार निवेशक को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराती है। एक फार्म में जानकारी भरने पर वह सभी संबंधित विभागों तक को चली जाती है और आसानी से उद्योग की अनुमति प्राप्त हो जाती है। मध्यप्रदेश में निवेश करें और प्रदेश एवं देश की विकास यात्रा में सहभागी बनें। कन्वेंशन परिसर में प्रदेश की खनिज सम्पदा पर केन्द्रित प्रदर्शनी का उद्घाटन भी मुख्य सचिव ने किया। इस अवसर पर माईनिंग कार्पोरेशन के एमडी श्री अनुराग चौधरी, विभिन्न हितधारकों, उद्योग के नेताओं, शिक्षाविदों एवं प्रमुख खनिज कम्पनियों के प्रतिनिधि और खनिज विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि मध्यप्रदेश विकास के क्षेत्र में देश में अग्रणी है। प्रदेश माईनिंग के क्षेत्र में बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में बिजली उपलब्धता के क्षेत्र में गुजरात के बाद मध्यप्रदेश नम्बर दो पर है। मध्यप्रदेश में वर्ष 2007 से निरंतर इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है परंतु इस बार मध्यप्रदेश में पहली बार पृथक से माईनिंग कॉन्क्लेव का आयोजन हो रहा है। यह कॉन्क्लेव निश्चित रूप से मील का पत्थर साबित होगी। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि मध्यप्रदेश एक समावेशी राज्य है। यहां के लोग बहुत सरल और सहज है। मध्यप्रदेश में जो भी आकर बसता है, वह मध्यप्रदेश का हो जाता है। मध्यप्रदेश वह राज्य है जहां उद्योगों में “नो मेन डे लॉस” है। यहां के श्रम कानून इंडस्ट्रीज फ्रेंडली हैं। मध्यप्रदेश के सहज प्रशासनिक अधिकारियों और राजनेताओं की सोच सकरात्मक एवं सहयोगी है। यहां पर देश में सबसे पहले लोकसेवाओं के प्रदाय की गारंटी के लिए अधिनियम लागू किया गया, जिसे बाद में अन्य राज्यों ने भी अपनाया। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि मध्यप्रदेश में खनिज की अपार संपदा है। मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां हीरे का उत्पादन होता है। मध्यप्रदेश मैंगनीज और कॉपर अयस्क उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर, रॉक फॉस्फेट में दूसरे, चूना पत्थर में तीसरे और कोयला उत्पादन में चौथे स्थान पर है। मध्यप्रदेश में आगामी 200 वर्ष के लिये कोयले का रिजर्व भण्डार है। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि इस बार देश में सर्वाधिक कोल-ब्लॉक्स मध्यप्रदेश में नीलाम हुए। मध्यप्रदेश में ट्रांसपेरेंट ऑक्शन रिजीम है। अगले कुछ वर्षों में कोयला उत्पादन में मध्यप्रदेश काफी आगे होगा। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि प्रदेश में जल की प्रचुरता है। यहाँ पर नर्मदा नदी है जिसको प्रदेश की जीवनदायिनी कहते है। ऋगवेद में कहा गया है कि यमुना नदी में 7 बार स्नान करने से, गंगा नदी में एक बार स्नान करने से और नर्मदा नदी के केवल दर्शन मात्र से ही पाप नष्ट हो जाते है। नर्मदा नदी में वर्ष भर पर्याप्त जल रहता है। मध्यप्रदेश नवाचारों में अग्रणी है। रीवा में स्थापित अल्ट्रा सोलर प्लांट अद्भुत है। यहाँ अन्य राज्यों से कम कीमत पर बिजली बनती है। मध्यप्रदेश एनर्जी सरप्लस स्टेट है। प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह ने कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं के बारे में प्रेजेंटेशन दिया। श्री सिंह ने मध्यप्रदेश की विशेषताओं की जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश वन सम्पदा में भरपूर है और भारत में इसका 8वां नम्बर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश कृषि क्षेत्र में भी अग्रणी है। प्रदेश 7 बार कृषि कर्मण अवार्ड से सम्मानित हो चुका है। स्वच्छता के क्षेत्र में प्रदेश का इंदौर शहर देश में सबसे स्वच्छतम शहर है। श्री सिंह ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में मध्यप्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान है। 

ठेकेदारों की बैठक लेकर मिशन के शेष कार्यों को पूर्ण गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा करने के दिए निर्देश

रायपुर जल जीवन मिशन के संचालक डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने मुंगेली जिले के लोरमी विकासखण्ड के विभिन्न गांवों का दौरा कर मिशन के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा कर नल जल योजना से पेयजल आपूर्ति की जानकारी ली। उन्होंने जल जीवन मिशन के ठेकेदारों की बैठक लेकर मिशन के शेष कार्यों को पूर्ण गुणवत्ता के साथ जल्दी पूर्ण करने के निर्देश दिए। जल जीवन मिशन के संचालक डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने मुंगेली जिले के घोरबंधा, गोडखाम्ही और तेलीखाम्ही का दौरा कर मिशन के कार्यों का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से चर्चा कर स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने तीनों गांवों में जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति, हितग्राहियों की संख्या, उपलब्ध कराए गए नल कनेक्शन, पानी टंकी की क्षमता इत्यादि की जानकारी ली और अधिकारियों को प्रत्येक घर में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सरपंचों से गांव की समस्याओं और उनके निराकरण के बारे में भी चर्चा की। मिशन संचालक डॉ. भुरे ने लोरमी रेस्ट हाउस में जल जीवन मिशन के ठेकेदारों की बैठक लेकर मिशन के शेष बचे हुए कार्यों को पूर्ण गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भी पूरी सक्रियता से कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन शासन की महत्वपूर्ण योजना है। इसके तहत हर घर में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुंगेली जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभाकर पाण्डेय, लोरमी के एसडीएम श्री अजीत पुजारी और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री कुंदन राणा सहित विभागीय अधिकारी भी इस दौरान मौजूद थे।

किसानों से खेती पर गंभीरता से चर्चा हुई, कृषि को लाभकारी बनाने पर जोर: शिवराज सिंह चौहान

नई दिल्ली केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को कहा कि छोटे किसानों के लिए कृषि को लाभकारी बनाने पर जोर दिया जाएगा। श्री सिंह ने यहां किसान और किसान संगठनों से मुलाकात के अपनी साप्ताहिक कार्यक्रम के बाद कहा कि किसानों से खेती से संबंधित कई विषयों पर गंभीरता से चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि किसानों ने एक-दो या ढाई एकड़ ज़मीन वाले किसानों को लाभकारी खेती के लिए मॉडल कृषि फार्मिंग के प्रशिक्षण पर ज़ोर दिया है। श्री चौहान ने कहा कि किसानों के सुझावों पर गंभीरता से विचार कर उनके समाधान का प्रयास किया जायेगा। इनमें से राज्यों को संबंधित विषय भेजेंगे और केंद्र सरकार के विषयों पर विभाग कार्रवाई करेंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों से संवाद बहुत उपयोगी‌ है और‌ इससे मूल समस्याओं की जानकारी मिल रही है। साथ ही सरकारी योजनाण्ं भी किसानों तक पहुंच रही हैं। संवाद में शामिल किसान अलग-अलग संगठनों और राज्यों से थे। श्री चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किये गये सभी प्रयासों सहित पिछले कल रबी की एमएसपी बढ़ाने की जानकारी किसानों को दी गयी। संवाद के दौरान किसानों ने एक एकड़ वाले खेत में ही लाभकारी खेती कर रहे किसानों के उदाहरण भी दिये। उन्होंने पानी पहुँचाने, उर्वरकों के प्रयोग, मिट्टी को स्वस्थ बनाना, प्राकृतिक आपदा में हुए नुकसान के कारण परेशानियां, चीनी मिलों के बंद होने और आवारा पशुओं की समस्याओं आदि को लेकर चर्चा की। किसानों ने श्रीअन्न को बढ़ावा देने को लेकर भी सुझाव दिये।

प्रधानमंत्री कुसुम योजना से किसानों को प्राथमिकता के साथ जोड़े : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महा-अभियान (पीएम कुसुम योजना) से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि “पीएम कुसुम” किसान हितैषी योजना है। इसमें किसान स्वयं की अनुपयोगी एवं बंजर कृषि भूमि पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर नियमित आय प्राप्त कर सकेंगे। योजना में शामिल किसानों द्वारा उत्पादित विद्युत को राज्य शासन द्वारा 3.25 रूपये प्रति यूनिट की दर से क्रय की जायेगी। इसके साथ ही किसानों को सिंचाई के लिये निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिये बनाये गये कृषि फीडरों को सौर ऊर्जीकृत भी किया जाना है। कृषि फीडरों के सौर ऊर्जीकृत हो जाने से सरकार की मंशानुसार किसानों को नियमित रूप से 10 घंटे विद्युत की आपूर्ति की जाना संभव होगा। पीएम कुसुम योजना में किसानों को लाभांवित कर सिंचाई के लिये आवश्यक बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही किसानों को आय का नवीन स्रोत भी उपलब्ध कराना है। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा पीएम कुसुम योजना “A” में कृषकों द्वारा स्वयं की अनुपयोगी एवं बंजर कृषि भूमि पर 500 किलोवाट से 2 मेगावाट तक क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किये जा सकेंगे। वर्तमान में परियेाजना से उत्पादित विद्युत को शासन द्वारा 25 वर्षों के अनुबंध पर किसानों से 3 रूपये 25 पैसे प्रति यूनिट पर विद्युत क्रय की जायेगी। यह किसानों की नियमित आय का स्रोत होगा। इस स्कीम का लाभ आवंटन पोर्टल से वॉक इन पद्धति द्वारा मिलेगा। पीएम कुसुम योजना “C” योजना का लक्ष्य कृषि फीडरों का सौर ऊर्जीकरण करना है। प्रदेश में सिंचाई के लिये सतत बिजली आपूर्ति के लिये 8 हजार समर्पित कृषि फीडर स्थापित किये गये हैं, जिनका निरंतर विस्तार प्रक्रियाधीन है। पीएम कुसुम “C” में सोलर संयंत्र की स्थापना के लिये 1.5 करोड़ रूपये प्रति मेगावाट केन्द्रीय सहायता राशि दिये जाने का प्रावधान है। मध्यप्रदेश में इस योजना में 2000 मेगावाट क्षमता के संयंत्र स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। योजना में प्रस्ताव देने वालों को निविदा से 500 मेगावाट क्षमता आवंटित भी की जा चुकी है। अभी भी 1500 मेगावाट की क्षमता की विद्युत उत्पादन का लाभ दिया जाना है। योजना का लाभ लेने के लिये प्रति मेगावाट ऊर्जा उत्पादन के लिये 2 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होती है। परियोजना पर 4 करोड़ रूपये प्रति मेगावाट की अनुमानित राशि व्यय होती है। इसमें 70 प्रतिशत तक बैंक ऋण उपलब्ध हो सकता है। इस ऋण राशि में 2 करोड़ रूपये की राशि तक एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड में प्रचलित ब्याज पर 3 प्रतिशत की छूट का प्रावधान भी है।  

छत्‍तीसगढ़ में पांच IPS अधिकारियों का ट्रांसफर

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने पुलिस विभाग में एक बार फिर फेरबदल किया है। गृह विभाग ने पांच आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया है। ये तबादले राज्य के विभिन्न बटालियनों और पुलिस विभाग में प्रशासनिक सुधार और संचालन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किए गए हैं। गृह विभाग द्वारा गुरुवार को तबादला आदेश जारी कर दिया गया है। यहां देखिए किसको कहां की मिली जिम्मेदारी – अरविंद कुजूर को पुलिस मुख्यालय (PHQ) रायपुर में भेजा गया है। इससे पहले अरविंद कुजूर तीसरी वाहिनी छसबल अमलेश्‍वर, दुर्ग पर कार्यरत थे। अब रायपुर मुख्यालय में उनकी जिम्मेदारी बढ़ गई है और वे राज्य स्तर पर कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों की देखरेख करेंगे। – धमेंद्र सिंह छवई छसबल की 15वीं बटालियन बीजापुर भेजा गया है। बीजापुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण वहां की सुरक्षा और प्रशासनिक प्रबंधन बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। धर्मेंद्र सिंह वहां की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करेंगे। इससे पहले वे सहायक पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्‍यालय रायपुर की जिम्‍मेदार संभाल रहे थे। – श्वेता राजमणि को छसबल की 19वीं बटालियन बस्तर भेजा गया है। बस्तर भी नक्सली गतिविधियों के लिए संवेदनशील क्षेत्र है, और श्वेता राजमणि की नियुक्ति वहां की सुरक्षा और रणनीतिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए की गई है। इससे पहले श्‍वेता सेनानी 17वीं बटालियन छसबल कबीरधाम की जिम्‍मेदारी संभाल रही थी। – उदयकिरण को छसबल की 9वीं बटालियन दंतेवाड़ा भेजे गए हैं। दंतेवाड़ा में सुरक्षा की चुनौतियां हमेशा से रही हैं, और उदयकिरण की तैनाती से क्षेत्र में सुरक्षा तंत्र को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है। इससे पहले उदयकिरण रायपुर पुलिस मुख्‍यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक के पद पर कार्यरत थे। – मनोज खिलारी को छसबल की दूसरी बटालियन बिलासपुर भेजा गया है। बिलासपुर क्षेत्र का प्रशासनिक नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए मनोज खिलारी की नियुक्ति की गई है। इससे पहले मनोज खिलारी वीआईपी सुरक्षा वाहिनी माना की जिम्‍मेदारी संभाल रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी और केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी का माना आभार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी द्वारा मध्यप्रदेश को विकास पथ की अमूल सौंगात देने पर उनका आभार माना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यपेदश सरकार बढ़ती रोड कनेक्टिविटी के माध्यम से विकास का नया अध्याय लिख रही है। भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के 4-लेन में अपग्रेडेशन से इस क्षेत्र के आर्थिकक विकास को गति मिलेगी, यातायात सुगमता के साथ ही सड़क दुर्घटना में भी कमी आयेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को मिली इस सौंगात के लिये प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री और केन्द्रीय मंत्री का आभार माना है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी द्वारा मध्यप्रदेश में भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर को 4-लेन में अपग्रेड करने के लिए भोपाल से विदिशा, विदिशा से ग्यारसपुर, सताईघाट से चौका और चौका से कैमाहा पैकेजों के लिए 3589.4 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। इस अपग्रेडेशन से क्षेत्र में यातायात सुगम होगा और यात्रा के समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसी के साथ मंडला-नैनपुर मार्ग के लिए भी 592 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। मध्यप्रदेश सरकार ने अपने संकल्प पत्र के तहत बुंदेलखंड विकास पथ की घोषणा की थी, जो राज्य की राजधानी भोपाल को बुंदेलखंड के सागर और छतरपुर जिलों से जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण 4-लेन सड़क परियोजना है। इस परियोजना का उद्देश्य भोपाल से सागर होते हुए छतरपुर और उत्तर प्रदेश बॉर्डर तक की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है, जिससे क्षेत्रीय व्यापार और यातायात सुगमता में वृद्धि होगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा इस मार्ग को 4-लेन में विस्तारित करने की प्रक्रिया पहले से जारी थी, लेकिन कुछ हिस्सों के लिए मंजूरी लंबित थी। आज नई दिल्ली में आयोजित बैठक में भोपाल से सागर और छतरपुर से उत्तर प्रदेश बॉर्डर तक इस मार्ग को 4-लेन में अपग्रेड करने की अनुमति दी गई है। इस परियोजना की कुल लागत 3589.4 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है। इस स्वीकृति से बुंदेलखंड विकास पथ के निर्माण में तेजी आएगी और सरकार के संकल्प को सिद्धि की ओर ले जायेगी। यह पथ न केवल कनेक्टिविटी को सुधारने में सहायक होगा, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक विकास और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा। इसी के साथ मंडला से नैनपुर तक 46 किलोमीटर लंबे मार्ग को अपग्रेड करने के लिए भी 592 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। इस मार्ग के अपग्रेड होने से क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित और कुशल बनाया जाएगा। इन परियोजनाओं से राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास के साथ रोजगार सृजन और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही परियोजनाओं के पूरे होने पर न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई ऊंचाई मिलेगी।  

50 लाख रुपये की एमडी ड्रग्स के साथ दो आरोपित गिरफ्तार, इंदौर पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान चलाया

इंदौर इंदौर पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान चलाया हुआ है। इसी कड़ी में सराफा पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके पास से आधा किलो एमडी ड्रग्स बरामद की है। इस ड्रग्स की कीमत 50 लाख रुपये बताई जा रही है। पकड़े गए आरोपितों के नाम पारस और रिंकू हैं। पुलिस दोनों से पूछताछ कर पता चलाने की कोशिश कर रही है कि वे यह ड्रग्स कहा से लाए थे और किसे सप्लाई कर रहे थे। भोपाल और झाबुआ में ड्रग्स की फैक्ट्री पकड़े जाने के बाद से प्रदेशभर में पुलिस जगह-जगह कार्रवाई कर ड्रग्स बेचने वालों को गिरफ्तार कर रही है।    

नारायणपुर-कस्तुरमेटा मार्ग का काम जल्द प्रारंभ करने कहा

रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने लोक निर्माण विभाग और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों की बैठक लेकर राज्य में निमार्णाधीन और प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्गों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर के नवीन विश्राम भवन में हुई बैठक में निमार्णाधीन कार्यों में तेजी लाने तथा प्रस्तावित कार्यों की बाधाओं को दूर कर शीघ्र कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-130डी नारायणपुर से कस्तुरमेटा मार्ग का काम जल्दी प्रारंभ करने को कहा। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग के सभी स्वीकृत एवं निमार्णाधीन कार्यों के भू-अर्जन के भुगतान और वन-व्यपवर्तन की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण कर समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री साव को बैठक में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि केशकाल बायपास का प्राक्कलन स्वीकृति के लिए केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, नई दिल्ली को भेजा गया है। साव ने केंद्र सरकार से इसकी शीघ्र मंजूरी प्राप्त कर काम प्रारंभ करने के लिए यथाशीघ्र निविदा आमंत्रित करने के निर्देश दिए। उन्होंने रायपुर से सारंगढ़ मार्ग के फोरलेन कार्य का डीपीआर जल्दी पूर्ण कर इस साल दिसम्बर माह तक केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजने को कहा। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह और प्रमुख अभियंता के.के. पीपरी सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

उच्च माध्यमिक शिक्षक वर्ग-1 2023 के पात्र अभ्यर्थियों को जारी होंगे नियुक्ति पत्र, मिली राहत

भोपाल उच्च माध्यमिक शिक्षक (वर्ग-1) 2023 के पात्र अभ्यर्थियों को राहत मिल गई है। अब इनकी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होगी। स्कूल शिक्षा विभाग नियुक्ति पत्र जारी करने की तैयारी में भी जुट गया है। इससे करीब प्रदेश के चार हजार पात्र अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी। उच्च न्यायालय ने उच्च माध्यमिक शिक्षकों के ईडब्ल्यूएस के पात्र अभ्यर्थियों की याचिका पर उनके पक्ष में निर्णय सुनाया है। 12 नवंबर से विभाग नियुक्ति पत्र जारी करना शुरू कर देगा। अभी उच्च माध्यमिक शिक्षक 2023 की भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई थी। आठ हजार 720 पदों पर भर्ती होनी है। यह पद स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग में हैं। ये है पूरा मामला स्कूल शिक्षा विभाग ने वर्ष 2018 में उच्च माध्यमिक शिक्षक यानी वर्ग-1 के अभ्यर्थियों की नियुक्ति के लिए परीक्षा कराई थी। 29 सितंबर 2022 को नियुक्ति प्रक्रिया को नई भर्ती बताकर ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों की नियुक्ति रोक दी गई। इससे 848 ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिल सकी, जबकि इस भर्ती को भी वर्ष 2018 के परीक्षा परिणाम के आधार पर ही की गई थी। इस पर ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों ने उच्च न्यायालय में याचिका लगा दी। इस कारण नई भर्ती पर रोक लगा दी गई। उच्च न्यायालय ने 848 अभ्यर्थियों को 45 दिन में नियुक्ति देने का आदेश दिया है। पदवृद्धि की भी उम्मीद स्कूल शिक्षा विभाग अभी उच्च माध्यमिक शिक्षक 2023 भर्ती के लिए पहली काउंसलिंग ही कर रहा है। भर्ती से जुड़े अभ्यर्थी लंबे समय से पदवृद्धि की मांग कर रहे हैं, इसे लेकर विभाग ने विषयवार खाली पदों पर भर्ती के लिए वित्त विभाग से परामर्श भी ले लिया है। बीएड प्रथम वर्ष में अध्ययनरत करीब 300 अभ्यर्थी परेशान उच्च माध्यमिक शिक्षक 2023 पात्रता और चयन परीक्षा की नियमावली में स्कूल शिक्षा ने एनसीटीई (राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद) के नियमों का पालन नहीं किया। इसमें बीएड के प्रथम वर्ष में प्रवेशित पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी जा रही है। भर्ती के समय यह उल्लेख किया गया था कि दस्तावेज सत्यापन या काउंसलिंग के समय डिग्री पूरी होनी चाहिए। पात्र अभ्यर्थी लक्ष्मण सिंह राठौर का कहना है कि अब बीएड कर चुके करीब 300 पात्र अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के बाद नियुक्ति पत्र देने से इंकार कर दिया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड में नियमों में संशोधन करते हुए बीएड प्रथम वर्ष में अध्ययनरत अभ्यर्थियों को वर्ग-1 में नियुक्ति के लिए पात्र माना गया है।  

रामविचार नेताम बोले- वन अधिकार अधिनियम के उचित अनुपालन में यह एमओयू मील का पत्थर होगा साबित

रायपुर छत्तीसगढ़ में वन अधिकार अधिनियम-2006 के बेहतर कियान्वयन हेतु आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विभाग और स्वयं सेवी संस्था अशोका ट्रस्ट फॉर रिसर्च इन इकोलॉजी एण्ड एनवायरोमेंट (एटीआरईई) के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) हुआ है। विभागीय मंत्री रामविचार नेताम एवं विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की उपस्थिति में एटीआरईई के प्रतिनिधि डॉ. शरतचंद्र लेले एवं विभाग की ओर से सचिव सह आयुक्त नरेन्द्र कुमार दुग्गा ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। एमओयू का कार्यक्रम मंत्रालय महानदी भवन में सम्पन्न हुआ। इस मौके पर मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि यह समझौता वन अधिकार अधिनियम-2006 के उचित अनुपालन में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (सीएफआरआर), सीएफआर प्रबंधन एवं वन अधिकार पत्रों के आनॅलाइन डिजिटाइजेशन के संबंध में जमीनी स्तर पर अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अब इस समझौते के माध्यम से एफआरए अधिनियम के उचित क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि वन अधिकार अधिनियम केन्द्र एवं राज्य शासन की एक महत्वाकांक्षी योजना है। अत: इसके उचित कियान्वयन में सबका समन्वित प्रयास अत्यंत आवश्यक है। इस समझौते के माध्यम से सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (सीएफआरआर) प्रकरणों में त्रुटियों की पहचान और समाधान करने के लिए विभाग को जमीनी स्तर के अनुभव के आधार पर सलाह प्रदाय करेगा। इसके अलावा विभाग द्वारा विकसित किये जाने वाले एफआरए एटलस के लिए एटीआरईई के द्वारा जिला स्तरीय सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (सीएफआरआर) संभावित ग्रामों का मानचित्र एवं डाटा भी प्रदाय किया जाएगा। साथ ही विभाग द्वारा (सीएफआरआर) के अंतर्गत परंपरागत सीमा के संबंध में विकसित किये जा रहे भौगोलिक सूचना प्रणाली (वेबजीआईएस) के पोर्टल के लिए आवश्यकतानुसार तकनीकी सलाह भी प्रदाय करेगा। इसके अलावा सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन और गौण वनोपज आधारित आजीविका वृद्धि की सुविधा के लिए नीतियों और कार्यक्रमों में सुधार पर विभाग को सुझाव देगा। साथ ही अन्य राज्यों के क्षेत्रीय अनुभव और उत्तम पहल के आधार पर सीआरएफ प्रबंधन के क्रियान्वयन के लिए संस्थागत व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने के उपायो के संबंध में भी विभाग को सुझाव प्रदान करेगा।

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