LATEST NEWS

दिवाली पर दिल्ली में डबल मर्डर की पूरी कहानी, मिठाई लेकर आया, फिर पैर छूकर बरसा दीं गोलियां

नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली के शाहदरा के फर्श बाजार इलाके में दो हथियारबंद लोगों ने गुरुवार शाम अपने घर के बाहर दिवाली मना रहे एक चाचा-भतीजे की गोली मारकर हत्या कर दी। वहीं, एक बच्चा घायल हो गया। इस घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी अब सामने आ गया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, आरोपी ने 17 दिन पहले ही हत्या की योजना बना ली थी। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि घटना में आकाश शर्मा उर्फ ​​छोटू (40) और उसके भतीजे ऋषभ शर्मा (16) की मौत हो गई, जबकि कृष शर्मा (10) गोली लगने से घायल हो गया। उन्होंने बताया कि पीड़ित शाहदरा के फर्श बाजार इलाके में अपने घर के बाहर दिवाली मना रहे थे, तभी रात लगभग 8 बजे उन पर हमला हुआ। यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई थी। दिल्ली पुलिस ने बताया कि आरोपी ने 17 दिन पहले ही हत्या की योजना बना ली थी। हिरासत में लिए गए नाबालिग और मृतक आकाश और उसके परिवार के खिलाफ पहले भी मामले दर्ज हैं। जांच के अनुसार मृतक और आरोपी के बीच पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। प्रारंभिक जांच में आपसी रंजिश का मामला सामने आया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया, पूछताछ जारी है। मिठाई देने के बहाने आया हत्यारा मृतक आकाश की मां ने कहा, “लक्ष्य नाम का एक लड़का पिछले 3-4 दिनों से हमारी गली में चक्कर लगा रहा था। कल वह मिठाई का डिब्बा लेकर हमारे घर आया और मुझसे कहा कि मैं वो डिब्बा ले लूं। जिस समय मेरा बेटा पटाखे फोड़ने की तैयारी कर रहा था, उसी समय लक्ष्य सहित दो लोग आए और फिर मैंने गोलियां चलने की आवाज सुनी। इसके बाद मैंने देखा कि मेरे बेटे को गोली मार दी गई।” अधिकारी ने बताया, ‘‘रात लगभग साढ़े 8 बजे पीसीआर कॉल आने पर पुलिस की एक टीम भेजी गई। टीम को घटनास्थल पर खून के धब्बे मिले।’’ प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने आकाश शर्मा पर गोली चलाने से पहले उसके पैर छुए थे। सभी पीड़ितों को अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने बताया कि पास में खड़े आकाश शर्मा के बेटे कृष और भतीजे ऋषभ को भी गोलियां लगीं। अधिकारी ने बताया कि आकाश शर्मा और ऋषभ शर्मा को अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि कृष शर्मा का इलाज चल रहा है। सीसीटीवी वीडियो में आकाश शर्मा, अपने भतीजे ऋषभ शर्मा (16) और बेटे कृष शर्मा (10) अपने घर के बाहर पतली सी सड़क पर पटाखे फोड़ते नजर आ रहे हैं। इसके बाद एक व्यक्ति दोपहिया वाहन पर आता है और आकाश शर्मा के पैर छूता है, जबकि दूसरा वहीं खड़ा रहता है। कुछ सेकेंड बाद, दूसरा व्यक्ति आकाश पर करीब पांच राउंड गोलियां चलाता है, जिससे उसकी मौत हो जाती है और उनका बेटा घायल हो जाता है। जब आकाश का भतीजा हमलावरों के पीछे भागा, तो बदमाशों ने उसे भी गोली मार दी। पुलिस ने बताया कि प्रथमदृष्टया यह आपसी दुश्मनी का मामला लगता है। रिपोर्ट के अनुसार, आकाश की पत्नी ने कहा कि वह हमलावरों को जानती है और उनके बीच कई सालों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस ने बताया कि पीड़ित परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जाएंगे और इस संबंध में जांच जारी है।

मध्य प्रदेश के डिंडोरी में जमीनी विवाद में 3 लोगों की हत्या

डिंडोरी मध्य प्रदेश के डिंडोरी में जमीनी विवाद में एक पक्ष ने 3 लोगों की हत्या कर दी। मृतक खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान कुछ लोग पहुंचे और कुल्हाड़ी से वार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। दो लोगों के शव खेत में मिले, वहीं एक शख्स ने अस्पताल पहुंचने से पहले दम तोड़ दिया। मामला गाड़ासरई थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि लालपुर गांव में रहने वाले परिवार का दूसरे पक्ष से जमीन को लेकर काफी लंबे समय से विवाद चल रहा था। दिवाली पर वे फसल काटने खेत में पहुंचा था। इसी दौरान कुछ लोग वहां पहुंचकर उनसे विवाद करने लगे। इस दौरान आरोपियों ने आक्रोश में आकर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर दिया और मौके से फरार हो गए। इस हमले में दो लोगों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। एक शख्स को ग्रामीण अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

बिना प्रीमियम, 1.5 लाख का कैशलेस इलाज, जानिए क्या है नई स्कीम

नई दिल्ली हर साल सड़क हादसों में घायल ना जाने कितने लोग महज इसलिए अपनी जान गंवा देते हैं, क्योंकि उन्हें समय पर सही इलाज नहीं मिल पाता। ऐसे हादसों में अक्सर अस्पतालों का महंगा खर्च भी लोगों से उनके अपनों को छीन लेता है। साल 2022 के आंकड़ों को ही अगर देखें तो सड़क हादसों में लगभग 1.68 लाख लोगों की जान गई थी। केंद्र सरकार अब इस तरह के मामलों के लिए एक ऐसी स्कीम लेकर आई है, जिसमें सड़क हादसे के पीड़ित को 1.5 लाख रुपए का कैशलेस इलाज दिया जाएगा। ये स्कीम अभी पायलट प्रोग्राम के तौर पर केवल चंडीगढ़ में लागू की गई है और इसके परिणाम को देखते हुए बाद में इसे देशभर में लागू किया जाएगा। क्या है ये पूरी स्कीम ? केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने गुरुवार को कैशलेस इलाज के इस पायलट प्रोग्राम को लॉन्च किया। इसके तहत किसी भी तरह के सड़क हादसे में घायल को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा और उसे 1.5 लाख रुपए का कैशलेस इलाज मिलेगा। पीड़ित को इसके तहत 7 दिनों तक कैशलेस इलाज दिया जाएगा। मंत्रालय के मुताबिक, इस प्रोग्राम का मकसद एक ऐसा सिस्टम तैयार करना है, जिसमें समय रहते पीड़ित को इलाज मिले। खासकर शुरुआती एक घंटे के भीतर, जो उसकी जिंदगी बचाने के लिए सबसे ज्यादा अहम समय है। सड़क पर होने वाली मौतों को रोकना है मकसद सूत्रों के मुताबिक, सड़क परिवहन मंत्रालय ने इस बात को माना है कि सड़क हादसों के करीब 97 फीसदी मामलों में औसत मेडिकल खर्च लगभग 60 हजार रुपए तक आता है। बहुत कम मामले ऐसे होते हैं, जहां घायल को लंबे इलाज या आईसीयू केयर की जरूरत पड़ती है। साथ ही सड़क हादसों को लेकर हुई कई रिसर्च में ये भी पता चला है कि एक्सीडेंट के शुरुआती एक घंटे के भीतर अगर पीड़ित को तुरंत इलाज मिल जाए, तो सड़क पर होने वाली करीब आधी मौतों को रोका जा सकता है। इस पायलट प्रोग्राम को पुलिस, अस्पतालों और स्टेट हेल्थ एजेंसी के साथ मिलकर नेशनल हेल्थ अथॉरिटी लागू करेगी। किस तरह के हादसों में मिलेगा कैशलेस इलाज इस पायलट प्रोग्राम के तहत सभी तरह की सड़कों पर गाड़ियों की वजह से होने वाले रोड एक्सीडेंट को कवर किया जाएगा। अगर केस ट्रॉमा या पॉली ट्रॉमा का है, तो आयुष्मान भारत पैकेज भी इस योजना में शामिल होगा। वहीं, योजना से सरकार के खजाने पर किसी तरह का बोझ नहीं पड़ेगा, क्योंकि घायल के इलाज का पूरा खर्च इंश्योरेंस कंपनियों से आएगा। दरअसल इंश्योरेंस कंपनियां वाहन मालिक से जो प्रीमियम लेती हैं, ये खर्च उसी प्रीमियम का छोटा सा हिस्सा होगा। सड़क हादसे में घायल पीड़ित को तुरंत इलाज देने से मौतों की संख्या में कमी आएगी और मुआवजे का खर्च घटने से आखिरकार इसका फायदा इंश्योरेंस कंपनी को ही मिलेगा। पीड़ित का इलाज करने के बाद अस्पताल को इलाज की रकम मोटर व्हीकल एक्सीडेंट फंड के जरिए वापस दी जाएगी।

नगर निगम आयुक्त ने सफाई मित्रो के साथ मनाई दिवाली, सफाई मित्रो को दी शुभकानाएं वितरित किये मिष्ठान

सिंगरौली नगर पालिक निगम सिंगरौली के आयुक्त श्री डी.के शर्मा ने आज निगम के सभी जोनो मोरवा, नवजीवन विहार, ग्रामीण एवं बैढ़न जो संलग्न सफाई मित्रो के बीच पहुचकर उनके साथ दीपावली त्योहार की खुशियां बाटी साथ ही निगमायुक्त के द्वारा सफाई मित्रो को मिष्ठान के पैकेट, दिया एवं बाती का वितरण कर सफाई मित्रो को रोशनी के त्योहार दीपावली की शुभकामना प्रेषित की।   इस अवसर पर निगमयुक्त ने सफाई मित्रो को संबोधित करते हुये कहा कि  किसी भी नगर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में सफाईकर्मी नींव के पत्थर होते हैं। किसी भी नगर को सुन्दर बनाने का सर्वाधिक श्रेय स्वच्छता के वाहक सफाई मित्रो को ही जाता है। आप सब के अभिवन प्रयासो का ही परिणाम है कि हमारा नगर साफ एवं सुन्दर दिखता है। आज हम सब रोशनी के पर्व दीपावली पर एक साथ सकल्प ले कि आगे भी अपने नगर को स्वच्छ सुन्दर बनाने के लिए वर्ष भर पूरी कर्तव्य निष्ठा से अपने दायित्वों का निर्वहन करेगे।  इस अवसर पर नगर निगम के उपायुक्त आरपी बैस, स्वक्षता निरीक्षक संतोष तिवारी, राजीव सिंह, रामदरश पाण्डे, कैलाश शाह सफाई दरोगा लखमीचंद, छोटू, रामशरण, अशोक त्रिपाठी, राजू, कमलेश भंडारी, दिनेश, रामप्रकाश आईसीमैनेजर आशीष शुक्ला एवं रोहित चौरसिया तथा सफाई मित्र उपस्थित रहे।

हनीमून के नए अंदाज और नई जगहें

अक्सर नवविवाहित जोड़े चाहते हैं कि उन्हें अकेले में वक्त बिताने का समय मिले और हनीमून के लिए भी जगह ऐसी हो जहां भीड़ न हो, शहर के शोर से कहीं दूर और बस वो दोनों और प्यार ही प्यार हो। गोवा, पेरिस, स्विट्जरलैंड, डिज्नी वल्र्ड ये सब पुराने हनीमून ट्रिप हो गए लेकिन अपने पार्टनर के साथ पहली ट्रिप के लिए आप अलग सी जगहें जा सकते हैं। कोस्टा रिका व बेलिज इन्हें दुनिया में सबसे तेजी से उभरते हनीमून स्थलों के रूप में बताया जा रहा है। चूंकि नए जोड़े अब बीच पर मस्ती के अलावा भी कुछ तलाश रहे हैं इसलिए मध्य अमेरिका में स्थित कोस्टा रिका व बेलिज तमाम तरह की गुंजाइश उपलब्ध कराते हैं। चाहे वह घने जंगल में पेड़ की सबसे ऊंची डाल पर मचान से नीचे लटकने का आनंद हो या फिर झरने में नहाने का या माया सभ्यता के अवशेषों को देखने का। बीच तो खैर यहां एक से बढ़कर एक हैं ही। यहां आपको चार सौ डॉलर रोजाना की दर में हनीमून कॉटेज मिल सकती है। ट र्क्स एंड काइकोस अमेरिका में मियामी से एक छोटी सी उड़ान आपको यहां ले जाती है। सैलानियों के लिए यह जगह अपेक्षाकृत नई है। यहां के सफेद महीन रेत वाले बीच आपको ज्यादा सुकूनभरे लगेंगे। यहां के पानी के भीतर की कोरल रीफ भी आपको ज्यादा छेड़छाड़-मुक्त मिलेगी। यहां का पैरट के रिसॉर्ट तमाम सेलेब्रिटीज की पसंद है। यहां आपको 315 डॉलर प्रतिदिन की दर से कमरे मिल जाएंगे। यहां शैम्पेन की मस्ती के बीच गुलाब की पंखुड़ियां पर आप हनीमून मना सकते हैं। यह जगह सुकून से कुछ दिन बिताने के लिए उपयुक्त है। क्रोएशिया इसे हमेशा से यूरोप के सबसे खूबसूरत इलाकों में माना जाता रहा है। नब्बे के दशक में युद्ध ने इसे उजाड़ बना दिया था। लेकिन अब सैलानी फिर से एड्रियाटिक तट पर स्थित इस देश का रुख कर रहे हैं। इसका लंबा तट ही इसकी सबसे बड़ी खूबसूरती है। यहां आपको साइक्लिंग, गोल्फ, कैंपिंग, घुड़सवारी, क्लाइंबिंग, डाइविंग, फिशिंग, राफ्टिंग, कयाकिंग, एडवेंचर रेसिंग, गुब्बारे में उड़ान, आदि के लिए पूरा अवसर मिलेगा। धार्मिक पर्यटन और हेल्थ पर्यटन के भी यहां बड़ी संख्या में सैलानी आते हैं। सेंट लूसिया कैरेबियाई समुद्र के सबसे खूबसूरत इलाकों में से एक। पिछले कुछ समय से यह पसंदीदा टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में रहा है लेकिन सैलानियों की संख्या अभी इतनी नहीं हुई है कि यहां की शक्लो-सूरत बदल दे। दरअसल अब भी यहां केले का व्यवसाय पर्यटन से बड़ा माना जाता है। यहां लोग सिर्फ और सिर्फ सुकून के लिए आते हैं। आपको ऐसे रिसॉर्ट मिल जाएंगे जिनमें न फोन है, न रेडियो और न ही टीवी। जेड माउंटेन रिसॉर्ट के कमरों में तो केवल तीन दीवारें हैं और चैथी दिशा में कमरा आपके निजी अंतहीन पूल में खुलता है जो आपको बेरोकटोक नजारा देता है। ऐसे कमरे आपको कई अन्य रिसॉर्ट में भी मिल जाएंगे। बोरा बोरा प्रशांत महासागर में स्थित फ्रांसीसी आधिपत्य वाला यह द्वीप कई दशकों से एक पसंदीदा हनीमून डेस्टिनेशन रहा है। इसे सबसे लोकप्रिय द्वीप के तौर पर भी माना जाता है। यहां आने पर जन्नत का सा अहसास होता है। लैगून में पानी के बीच में बने बंगले बोरा-बोरा के ज्यादातर रिसॉर्ट की खासियत हैं। यहां से मिलने वाला नजारा और यहां की प्राइवेसी, दोनों ही दुर्लभ हैं। इस द्वीप की कुल आबादी नौ हजार से भी कम है। जाहिर है कि यहां के तमाम रिसॉर्ट में हनीमून पर आए जोड़ों को सहूलियतें देने की होड़ सी रहती है। कोई नाव से मुफ्त में लाने-ले जाने की सुविधा देता है तो कोई शैम्पेन के साथ कैंडललाइट डिनर। कोई क्रूज का आकर्षण पेश करता है तो कोई जोड़े के लिए बॉडी ट्रीटमेंट का। लेकिन सुविधाओं की कीमत भी है। आपकी सारी चीजें चाहिए तो तीन रात का पैकेज चार हजार डॉलर तक आपकी जेब हल्की कर सकता है। थाईलैंड यूं तो थाईलैंड अपने तटों के लिए दुनियाभर में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है। खास तौर पर फुकेट द्वीप में सैलानी उमड़े पड़े रहते हैं। लेकिन जो लोग समुद्र तट से उकता चुके हों, उनके लिए भी थाईलैंड में काफी कुछ हैं। जैसे कि गोल्डन ट्राइएंगल इलाका जहां थाईलैंड, बर्मा व लाओस मिलते हैं। यहां बीच भले ही न हो लेकिन जोड़े यहां नाव पर बैठकर नदी के रास्ते रिसॉर्ट में पहुंचते हैं, पूल व स्पा का मजा ले सकते हैं, मेकोंग नदी में क्रूज कर सकते हैं, पिकनिक मना सकते हैं या हाथियों के साथ खेल सकते हैं। रात में नदी किनारे कैम्पफायर करते-करते डिनर कर सकते हैं। यहां पुराने शहर हैं, प्राचीन मंदिर हैं, शॉपिंग के लिए बर्मा जाया जा सकता है। यहां के कई रिसॉर्ट में टेंटनुमा स्यूट का किराया प्रतिदिन हजार डॉलर से शुरू होता है। न्यूजीलैंड न्यूजीलैंड आकार-प्रकार में ब्रिटेन व जापान सरीखा भले ही हो लेकिन इसकी आबादी महज चालीस लाख है। इस लिहाज से इसे दुनिया के सबसे कम भीड़-भाड़ वाले देशों में माना जा सकता है। लेकिन प्रकृति व संस्कृति के मामले में यह अपार है। ऐसी जगह, जहां आप साल में कभी-भी मौज-मस्ती के लिए जा सकते हैं, आपको चाहे सुकून भरे पल चाहिए हों या फिर रोमांचकारी रोमांस। यहां कई द्वीप ऐसे हैं जो आपको ऐसी प्राइवेसी देते हैं जो आपको शायद कहीं न मिले। बानगी देखिए कि बे ऑफ आईलैंड्स में एक रिसॉर्ट में केवल चार विला हैं और हर विला अपने आपमें एक मिनी होटल सरीखा है जहां किसी और को आने-जाने की इजाजत नहीं है। रोजाना 650 डॉलर में आपको अपना अलग पूल, जैक्वेजी, और चारों तरफ कांच लगा स्नानघर मिलेगा। स्कॉटलैंड अगर आप ठेठ अंदाज और महलों-किलों के शौकीन है तो आपके हनीमून के लिए स्कॉटलैंड से बेहतर जगह कुछ नहीं.. खास तौर पर यदि आपको वहां के कुछ चुनिंदा कैसल यानी पुराने महलों में टिकने की जगह मिल जाए जो अब होटलों में तब्दील हो चुके हैं। इनके किराये प्रति रात 600 डालर से शुरू होते हैं। स्कॉटिश हाईलैंड्स में स्कीबो कैसल में तो मैडोना व गाय रिची ने शादी रचाई थी। यह कैसल इतना खास है कि इसमें महज 21 बेडरूम हैं और कोई मेहमान इनमें से किसी एक बेडरूम में जीवनकाल में … Read more

कलेक्टर ने नागरिकों को दी दीपावली और गोवर्धन पूजा की बधाई

सिंगरौली कलेक्टर  श्री चन्द्रशेखर शुक्ला जिले के सभी निवासियों को दीपोत्सव और गोवर्धन पूजा की बधाई और शुभकामनाएं दी है । अपने बधाई संदेश में श्री शुक्ला ने नागरिकों के सुखी और समृद्ध जीवन की कामना करते हुये कहा कि रोशनी का यह पर्व सभी के जीवन को ज्ञान, ऊर्जा और आरोग्य से आलोकित करे।आप सबको मेरी एवं जिला प्रशासन की ओर से दीपोत्सव एवं गोवर्धन पूजा की हार्दिक शुभकामनए।

विवेक रामास्वामी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया स्वरूप सड़क पर कचरा उठाया, दिखाई एकजुटता

न्यूयॉर्क फार्मास्युटिकल उद्योगपति और रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया स्वरूप सड़क पर कचरा उठाया। बाइडेन ने अपने बयान में ट्रंप समर्थकों को “कचरा” कहा था, जिसे लेकर रामास्वामी ने विरोध जताया। उन्होंने उत्तरी कैरोलिना के शार्लोट में एक ट्रंप अभियान कार्यक्रम से पहले कचरा ट्रक के कर्मचारियों के साथ मिलकर सड़कों की सफाई की। रामास्वामी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक तस्वीर साझा की जिसमें उन्होंने लिखा, “हम कचरा नहीं हैं, हम वो देशभक्त हैं जो अमेरिकी सपने को फिर से संवार रहे हैं।” उन्होंने कचरा कलेक्टर की जैकेट पहनी और कचरा ट्रक कर्मचारियों से काम के बारे में सीखा। रामास्वामी, जो राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार थे और अब ट्रंप का समर्थन कर रहे हैं, ने बाइडेन की टिप्पणी की तुलना 2016 में हिलेरी क्लिंटन की टिप्पणी से की, जिसमें उन्होंने ट्रंप समर्थकों को “असभ्य” कहा था। यह टिप्पणी डेमोक्रेटिक पार्टी के खिलाफ कामकाजी वर्ग के गुस्से का कारण बनी थी। उप राष्ट्रपति कमला हैरिस ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह किसी भी मतदाता को निशाना बनाए जाने के विचार से असहमत हैं।

Govardhan Puja 2024: गोवर्धन पूजा के दिन करें मथुरा-वृंदावन के मंदिरों में दर्शन

दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। इस दिन को कुछ जगहों पर अन्नकूट के नाम से भी जाना जाता है। गोवर्धन पूजा में गोवर्धन यानी की गायों के गोबर या गोधन की पूजा की जाती है। हिंदू धर्म में गायों को पूजनीय माना गया है। इस साल गोवर्धन पूजा 2 नवंबर को मनाई जा रही है। इस दिन महिलाएं गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाती हैं। गोवर्धन का त्योहार श्री कृष्ण से जुड़ा है और इस दिन लोग गोवर्धन पर्वत की पूजा करते हैं। गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करते हैं और ऐसी मान्यता है कि गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करने से उनकी मनोकामना पूरी होती है। ये भी माना जाता है कि गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करने से चार धाम यात्रा करने जितना पुण्य प्राप्त होता है। अगर आप भी इस गोवर्धन पूजा के लिए गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करने की योजना बना रहे हैं तो मथुरा वृंदावन की सैर करें। आइए जानते हैं इस गोवर्धन पूजा पर कैसे मथुरा-वृंदावन की बजट यात्रा कर सकते हैं। गोवर्धन पूजा के दिन करें मथुरा वृंदावन के दर्शन श्रीकृष्ण की नगरी की यात्रा की शुरुआत मथुरा से करें। दिल्ली से मथुरा की दूरी लगभग 162 किमी है। सफर तय करने में 3 घंटे का समय लग सकता है। देर रात या भोर के वक्त निकलेंगे तो सुबह की आरती के वक्त मथुरा पहुंच जाएंगे। मथुरा दर्शन के बाद वृंदावन और गोकुल बरसाना की यात्रा कर सकते हैं। इसके अलावा यमुना घाट पर स्नान के लिए जा सकते हैं। मथुरा वृंदावन में घूमने की जगह मथुरा में आप श्री कृष्ण जन्मभूमि के दर्शन के लिए जा सकते हैं। इसके अलावा द्वारिकाधीश मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। वृंदावन में श्री राधारमण, श्री राधा दामोदर, राधा श्याम सुंदर ,रंगनाथ जी का मंदिर, प्रेम मंदिर, श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर, अक्षय पात्र, वैष्णो देवी मंदिर के भी दर्शन करें। निधिवन ,श्री रामबाग मंदिर, गोपीनाथ, गोकुलेश, श्री कृष्ण बलराम मंदिर के भी दर्शन कर सकते हैं। यहां आप गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा जरूर करें और गोवर्धन पर्वत की पूजा करें और यहां  दानघाटी मंदिर के दर्शन जरूर करें। मथुरा वृंदावन का बजट ट्रिप मथुरा वृंदावन की यात्रा के लिए दिल्ली से बस का किराया लगभग 300 रुपये हो सकता है। इसके अलावा अगर आप निजी टैक्सी बुक करते हैं तो 3000 से 5000 रुपये में यात्रा पर जा सकते हैं। यहां रहने के लिए 1000-1200 तक होटल में कमरा मिल जाएगा। स्थानीय जगहों की सैर के लिए ऑटो रिक्शा बुक करें।  से प्रतिदिन लगभग 400-500 रुपए में कई मंदिरों की सैर का मौका मिल जाएगा। टैक्सी से सफर का मजा ले रहे हैं तो यहां लगभग 1500-1800 रुपए में पूरा शहर घूम सकते हैं। वहीं अगर आप टूर पैकेज ले रहे हैं तो आपको लगभग 7000 रुपए / व्यक्ति(2 रात 3 दिन ) का मिल सकता है।

लोमड़ी का आतंक: बच्चों और बुजुर्ग समेत 6 लोगों पर हमला कर किया घायल

कोरबा जिले में एक बार फिर लोमड़ी का आतंक देखने को मिला है। इस बार विकासखंड पाली के ग्राम बतरा और पोड़ी में लोमड़ी ने 6 लोगों पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया है, जिनमें बच्चे, महिला और वृद्ध शामिल हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। वहीं, लोमड़ी के हमले से दोनों गांवों के ग्रामीणों में वन विभाग को लेकर काफी नाराजगी है। उनका कहना है कि विभाग उत्पाती लोमड़ी को पकड़ नहीं पा रहा है। बता दें कि ताजा मामला गुरुवार रात का है। पोड़ी निवासी गीता बाई जंगल की ओर गई थीं, जहां उन पर अचानक लोमड़ी ने हमला कर दिया। इसी तरह अलग-अलग घटनाओं में अब तक 5 अन्य लोग भी घायल हुए हैं, जिनमें नगराहीपारा निवासी योगेश कुमार राज (11), अंश वीर मरावी (11) और बुजुर्ग लाला राम मरावी (75) पर लोमड़ी ने हमला किया। सोनसरी में नदी किनारे राजेंद्र कुमार टेकाम (13) और रितु कुमारी (11) पर भी हमला हुआ। इस घटना से ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति नाराजगी है, जो लोमड़ी को पकड़ने में अब तक असमर्थ रहा है। इससे पहले लोमड़ी के हमले में 17 लोग हुए थे घायल गौरतलब है कि इससे पहले कुछ हफ्तों से जंगल से बस्ती के नजदीक नर्सरी में लोमड़ी विचरण कर रही है, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत है। बिलासपुर, मुंगेली और कोरबा के राजीव नगर में लोमड़ी के हमलों में अब तक कुल 17 लोग घायल हो चुके हैं और अब एक बार फिर कोरबा में एक साथ 6 लोगों पर लोमड़ी के हमले का मामला सामने आया है।

प्रदेश में धार्मिक स्थलों में खुलेंगे वृद्धाश्रम, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुजुर्गों संग मनाई दिवाली

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को दीपावली के पावन पर्व पर राजधानी के शिवाजी नगर में स्थित सेवा भारती आनंद धाम पहुंचकर वृद्धजनों के साथ दीपोत्सव का जश्न मनाया। सीएम ने बुजुर्गों को दीपावली की बधाई दी और उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने बुजुर्गों के साथ फुलझड़ी भी जलाई और उन्हें मिष्ठान एवं उपहार भेंट कर दीप-पर्व की खुशियां बांटी। इस अवसर पर अनेक बच्चों के साथ-साथ अनेक समाजसेवी भी उपस्थित थे। इस दौरान बुजुर्गों ने सुरीले भजन भी गाए। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कि ईश्वर के पश्चात माता-पिता का स्थान होता है। हमारी प्राचीन संस्कृति श्रवण कुमार वाली संस्कृति है। मेरे माता-पिता देवलोक गमन कर चुके हैं। लेकिन आज आनंद धाम में आकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि अपने माता-पिता के बीच में आया हूं। मध्य प्रदेश सरकार सबको साथ लेकर चल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एमपी में डबल इंजन की सरकार है। बुजुर्गों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराएगी सरकार इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के धार्मिक महत्व के स्थान पर इस तरह के धाम और आश्रम प्रारंभ किए जाएंगे। इससे बुजुर्गजन इन कार्यक्रमों से जुड़ सकेंगे। इसके साथ ही वृद्धजन की सहायता और उपचार में मदद के लिए विशेष पहल की जाएगी। जिन बुजुर्गों के बच्चे विदेश में नौकरी कर रहे, उन्हें यहां आनंद धाम या वृद्धाश्रम में रहने पर यदि स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत होती है तो उनके लिए व्यवस्था की जाएगी। ऐसे बुजुर्गों को अस्पताल में दाखिल करवाया जा सके, इसके लिए अस्पताल में बेड भी आरक्षित किए जाएंगे। इन जगहों पर खुलेंगे वृद्धाश्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के आयुक्त को उज्जैन, ओरछा, ओंकारेश्वर एवं चित्रकूट में वृद्धजन के लिये वृद्धश्रम संचालित करने तथा उनमें वृद्धजन के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। 80 से ज्यादा वृद्धाश्रम चला रहा विभाग यहां पर यह बता दें कि सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा प्रदेश में 83 वृद्धाश्रमों का संचालन किया जा रहा है। इन वृद्धाश्रमों में वृद्धजन को आवास, भरण-पोषण, मनोरंजन, स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। वृद्धजन के लिये प्रदेश में 11 नवीन 50 सीटर वृद्धाश्रम भवन बैतूल, गुना, झाबुआ, मुरैना, सिंगरौली, उमरिया, सतना, जबलपुर, खरगौन, टीकमगढ़ एवं सीधी में संचालित हैं। उज्जैन के कुष्ठ धाम भी पहुंचे सीएम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने गृहनगर उज्जैन में कुष्ठ धाममें आयोजित दीपावली उत्सव कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया और दीपोत्सव मनाया। उन्होंने कहा कि नर सेवा ही नारायण सेवा है। वृद्धजनों की मुस्कराहट और उनके आशीर्वाद ने आज दीपोत्सव के पावन पर्व दीपावली का आनंद दोगुना कर दिया।

34 शब्दों के एक तार के बाद भोपाल बना भारत का हिस्सा, घुटने टेकने को मजबूर हुए नवाब

भोपाल  भारत की आजादी के दौरान कई रियासत ऐसी थी, जिनका पाकिस्‍तानी प्रेम उफान मार रहा था और वे भारत में शामिल नहीं होना चाहती थी। हालांकि कुछ रियासतें स्वतंत्र रहने के पक्ष में थी। भोपाल भी इनमें से ही एक ऐसी रियासत थी, जो भारत में शामिल होने के पक्ष में नहीं थी। हालांकि तत्कालीन उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल के हस्तक्षेप और भोपाल के लोगों के विरोध के बाद 1 जून 1949 को भोपाल का भारत में विलय हुआ। ऐसा चला था घटनाक्रम दरअसल, भोपाल के नवाब हमीदुल्लाह खान पाकिस्तान के समर्थक थे, ऐसे में वे भारत में शामिल होने के पक्ष में नहीं थे और हैदराबाद की तरह ही भोपाल रियासत को स्वतंत्र रखना चाहते थे। हालांकि लार्ड माउंटबेटन ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया और 14 अगस्त 1947 तक इसको लेकर कोई फैसला नहीं हो पाया। नवाब जिन्‍ना और नेहरु के थे दोस्त पंडित जवाहल लाल नेहरु और जिन्‍ना नवाब के अच्‍छे दोस्‍त थे। जिन्‍ना ने नवाब को प्रस्‍ताव दिया कि वे पाकिस्‍तान आते हैं तो उन्‍हें वहां सेक्रेटरी जनरल पद दिया जाएगा। नवाब इसके लिए तैयार भी थे और इसके लिए उन्‍होंने बेटी आबिदा को भोपाल रियासत का शासक बनने के लिए कहा, लेकिन आबिदा ने इंकार कर दिया। भोपाल में भड़का विरोध मार्च 1948 में नवाब द्वारा भोपाल को स्वतंत्र रियासत घोषित करने और मई 1948 में भोपाल मंत्रिमंडल के गइन के बाद सियासत में विरोध भड़क गया। जिसे देखते हुए भोपाल मंत्रिमंडल में प्रधानमंत्री चतुरनारायाण मालवीय भी नवाब के विरोध में खड़े हो गए। दिसंबर 1948 के दौरान डा शंकरदयाल शर्मा, भाई रतन कुमार गुप्ता जैसे नेताओं के नेतृत्व में भोपाल के भारत में विलय के लिए ‘विलीनीकरण आंदोलन’ की शुरुआत हुई। जिसके बाद कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं जनवरी 1949 में डा शंकर दयाल शर्मा को भी जेल भेज दिया गया। सरकार पटेल के पास पहुंचा तार विरोध के बीच सकर संक्रांति के मेले में गोलीकांड हो गया जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद कांग्रेस के प्रांतीय सदस्य बालकृष्ण गुप्ता ने सरदार पटेल को एक तार भेजकर हस्‍पक्षेप करने का अुनरोध किया। उन्‍होने तार में लिखा-     ‘भोपाल राज्य के बोरास घाट में संक्रांति मेले में 14 जनवरी को गोली चली। 10 की मृत्यु हुई। 250 घायल हुए। कई लापता हैं। सशस्त्र पुलिस मृतकों के शव नहीं सौंप रही है। तत्काल हस्तक्षेप किया जाए। जांच बिठाई जाए, क्योंकि यहां जीवन असुरक्षित है।’ -बालकृष्ण गुप्ता, प्रांतीय कांग्रेस सदस्य भोपाल में चल रहे प्रदर्शन और गिरफ्तारियों के साथ तार मिलने के बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सख्त रुख अपनाया और नवाब को संदेश भेजा कि भोपाल स्‍वतंत्र नहीं बन सकता और इसे मध्य भारत का हिस्सा बनना होगा। फिर भारत में मिला भोपाल इन विरोध प्रदर्शनों के बावजूद नवाब नहीं माना और 29 जनवरी 1949 को नवाब ने मंत्रिमंडल को बर्खास्त कर सारे अधिकार अपने हाथ में ले लिए। हालांकि भोपाल में हो रहे प्रदर्शन और सरदार पटेल के दबाव के बाद नवाब हमीदुल्लाह खान ने 30 अप्रैल 1949 को विलीनीकरण के पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए और 1 जून 1949 को भोपाल भारत का अंग बन गया।

NCPCR की मांग, मदरसों को राज्यों से मिलने वाला पैसा बंद हो, जाने कारण

नई दिल्ली राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मदरसों को मिलने वाली सरकारी फंडिंग बंद करने और मदरसा बोर्ड को बंद करने की सिफारिश की है। आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और प्रशासकों को निर्देश जारी किया है। यह निर्देश ‘धर्म के संरक्षक या अधिकारों के उत्पीड़क बच्चों के संवैधानिक अधिकार बनाम मदरसे’ शीर्षक वाली रिपोर्ट से जुड़ा है। रिपोर्ट में मदरसों द्वारा बच्चों के शैक्षिक अधिकारों पर पड़ने वाले प्रभाव और उनकी ऐतिहासिक भूमिका पर चर्चा की गई है। मदरसा बोर्ड को बंद करने की सिफारिश इस रिपोर्ट में 11 अध्याय हैं। यह रिपोर्ट मदरसों की ऐतिहासिक भूमिका और बच्चों के शैक्षिक अधिकारों पर उनके प्रभाव पर चर्चा करती है। NCPCR ने सिफारिश की है कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मदरसों को मिलने वाली सरकारी फंडिंग बंद कर दी जाए। मदरसा बोर्ड को भी बंद कर देना चाहिए। आरटीआई एक्ट के महत्व पर जोर NCPCR प्रमुख, प्रियांक कानूनगो ने शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009 के तहत समावेशी शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009, इस विश्वास पर आधारित है कि समानता, सामाजिक न्याय और लोकतंत्र जैसे मूल्यों को प्राप्त करना सभी के लिए समावेशी शिक्षा के प्रावधान के माध्यम से ही संभव है। हालांकि, बच्चों के मौलिक अधिकार और अल्पता समुदायों के अधिकार के बीच एक विरोधाभासी तस्वीर बनाई गई है।’ सभी बच्चों को मिले औपचारिक शिक्षा रिपोर्ट में कहा गया है कि आरटीआई एक्ट के तहत सभी बच्चों को औपचारिक शिक्षा मिले, यह सुनिश्चित करना राज्य का कर्तव्य है। एनसीपीसीआर ने इस बात पर जोर दिया कि केवल बोर्ड या यूडाइस कोड होने का मतलब यह नहीं है कि मदरसे आरटीआई एक्ट का पालन करते हैं। ‘सरकारी फंडिंग बंद करनी चाहिए’ एनसीपीसीआर ने सिफारिश की है कि मदरसों और मदरसा बोर्ड को मिलने वाली सरकारी फंडिंग बंद कर दी जाए। उत्तर प्रदेश के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अधीन इन बोर्डों को बंद कर देना चाहिए। आयोग ने यह भी सिफारिश की कि गैर-मुस्लिम बच्चों को मदरसों से निकालकर आरटीआई एक्ट के अनुसार औपचारिक स्कूलों में दाखिला कराया जाए। इसमें यह भी सुझाव दिया गया है कि फिलहाल मदरसों में पढ़ रहे मुस्लिम बच्चों को औपचारिक स्कूलों में दाखिला दिलाया जाए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उन्हें निर्धारित शिक्षा और पाठ्यक्रम मिले।

कनाडा में सिंगर एपी ढिल्लों के घर पर फायरिंग करने वाला दूसरा आरोपी फरार

मैनिटोबा. कनाडा में सिंगर एपी ढिल्लों के घर पर फायरिंग करने के एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। ढिल्लों के ब्रिटिश कोलंबिया के वैनकूवर स्थित आवास के घर के बाहर फायरिंग की गई थी। वहीं इस घटना की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली थी। पुलिस ने 30 अक्टूबर को एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान कनाडा के ही मैनिटोबा में रहने वाले अबजीत किंगरा के रूप में हुई है। उसपर कुछ वाहनों में आग लगाने का भी आरोप है। वहीं पुलिस का कहना है कि इस मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश की जा रही है। जानकारी के मुताबिक अबजीत किंगरा को ओंटारियो से गिरफ्तार किया गया है। दरअसल एपी ढिल्लों के घर पर 1 सितंबर 2024 को फायरिंग की गई थी। इसके बाद सोशल मीडिया पोस्ट करके लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी। पोस्ट में कहा गया था, विक्टोरिया आइलैंड वाला घर एपी ढिल्लों का है। ये बड़ी फीलिंग ले रहा है। सलमान खाने को गाने में लेकर आया था। जिस अंडरवर्लड लाइफ की तुम लोग कॉपी कर रहे हो, हम लोग वास्तविकता में जी रहे हैं। औकात में रहो नहीं तो कुत्ते की मौत मरोगे। पुलिस ने 23 साल के विक्रम शर्मा के खिलाफ अरेस्ट वॉरंट जारी किया है। कनाडा का मानना है कि वह भारत में है। कनाडा पुलिस का कहना है कि उसके पास विक्रम की कोई तस्वीर नहीं है। हालांकि कुछ पहचान के निशान जारी किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक वह दक्षिण एशियाई शख्स है और उसकी हाइट 5 फीट 9 इंच के करीब है। वजन करीब 200 पाउंड यानी 90 किलो के आसपास है। उसकी आंखें भूरी हैं और बाल काले हैं। बता दें कि एपी ढिल्लों के घर पर फायरिंग के बाद पास खड़े वाहन में भी आग लगा दी गई थी। पुलिस अधीक्षक टॉड प्रेस्टन ने कहा, जांच के साथ ही मुख्य संदिग्धों की तलाश जारी रहेगी। उन्हें गिरफ्तार जरूर किया जाएगा।

प्रमुख धार्मिक स्थलों में संचालित किए जाएंगे वृद्धाश्रम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रमुख धार्मिक स्थलों में संचालित किए जाएंगे वृद्धाश्रम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जिन बुजुर्गों के बच्चे विदेश में हैं, उनके लिए अस्पतालों में बेड आरक्षित करेंगे मुख्यमंत्री ने आनंद धाम में बुजुर्गों के साथ मनाई दीपावली भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिवाजी नगर भोपाल में सामाजिक न्याय और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा संचालित आनंद धाम आश्रम में बुजुर्गों के साथ दीपावली मनाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन, ओरछा, ओंकारेश्वर एवं चित्रकूट में वृद्धजन के लिये वृद्धश्रम संचालित करने तथा उनमें वृद्धजन के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश आयुक्त सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण को दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुजुर्गों को दीपावली की बधाई दी और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुजुर्गों के साथ फुलझड़ी भी जलाई और उन्हें मिष्ठान एवं उपहार भेंट कर दीपावली मनाई। इस अवसर पर अनेक समाजसेवी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आनंद धाम की गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ईश्वर के पश्चात माता-पिता का स्थान होता है। मेरे माता-पिता देवलोक गमन कर चुके हैं। लेकिन आज आनंद धाम में आकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि अपने माता-पिता के बीच में आया हूं। बुजुर्ग जन से भेंट और चर्चा के पश्चात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आनंद धाम के पदाधिकारी गण से चर्चा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के धार्मिक महत्व के स्थान पर इस तरह के धाम और आश्रम प्रारंभ किए जाएंगे। इससे बुजुर्ग जन इन कार्यक्रमों से जुड़ सकेंगे। इसके साथ ही बुजुर्ग जन की सहायता और उपचार में मदद के लिए विशेष पहल की जाएगी। जिन बुजुर्गों के बच्चे विदेश में नौकरी कर रहे, उन्हें यहां आनंद धाम या वृद्धाश्रम में रहने पर यदि स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत होती है तो उनके लिए व्यवस्था की जाएगी। ऐसे बुजुर्गों को अस्पताल में दाखिल करवाया जा सके, इसके लिए अस्पताल में बेड भी आरक्षित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अपने बीच पाकर बुजुर्ग महिलाएं और पुरुष काफी प्रसन्न हुए। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को आनंद धाम आने के लिए धन्यवाद देते हुए आशीर्वाद भी दिया। आनंद धाम आश्रम में बुजुर्ग जन ने बड़ी देर भई नंदलाला.. और अन्य भजन गाकर भी सुनाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा आनंद धाम में बुजुर्गजन से आशीर्वाद प्राप्त करने और उनसे आत्मीय भेंट एवं चर्चा के अवसर पर सेवा भारती संस्था के पदाधिकारी उपस्थित थे। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा प्रदेश में वरिष्ठजन के समग्र कल्याण एवं पुनर्वास के लिये 83 वृद्धाश्रमों का संचालन किया जा रहा है। वृद्धाश्रमों में वृद्धजन को आवास, भरण-पोषण, मनोरंजन, स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। वृद्धजन के लिये प्रदेश में 11 नवीन 50 सीटर, वृद्धाश्रम भवन बैतूल, गुना, झाबुआ, मुरैना, सिंगरौली, उमरिया, सतना, जबलपुर, खरगौन, टीकमगढ़ एवं सीधी में संचालित हैं।  

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पुलिस ने एक टोपीबाज गिरोह का किया पर्दाफाश, 5 सदस्यों को गिरफ्तार

जशपुर छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पुलिस ने एक टोपीबाज गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो जमीन विवाद के समाधान के लिए पूजा-पाठ कराने का बहाना बनाकर लोगों से पैसे वसूलने का कार्य करता था. बगीचा पुलिस ने इस गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने एक युवक और उसके दोस्त से 2200 रुपये लूटने का काम किया. गिरफ्तार आरोपियों में राजू उर्फ विनोद कुमार चौहान (32), मानेष्वर मरकाम (52), इन्द्र कुमार उर्फ मंगल मरावी (31), प्रदीप राम (46) और किशन कुमार महंत (44) शामिल हैं. पुलिस ने घटना में प्रयुक्त दो कारें भी जब्त की हैं, जिनमें मारूती कार (CG 13 V 8823) और टाटा नेक्सन (CG 14 MS 3264) शामिल हैं. यह है पूरा मामला प्रार्थी गंगा राम (36 उम्र) ने 30 अक्टूबर 2024 को थाना बगीचा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने बताया कि उनका और उनके मित्र अनिल का जमीन संबंधी मामला चल रहा है. इन्द्र कुमार उर्फ मंगल मरावी ने उन्हें बताया कि यदि वे पूजा-पाठ कराते हैं, तो वे केस जीत सकते हैं। इसके बाद, प्रार्थी और अनिल को बुलाकर मंगल ने उन्हें ग्राम महादेवडांड़ ले गए, जहां पहले से मौजूद एक कथित पुजारी ने उन्हें पूजा कराने के लिए जंगल में ले जाने की बात कही. जंगल में पहुंचने पर गिरोह के अन्य सदस्य प्रार्थी और उनके दोस्त को धमकाते हुए उन्हें मारपीट करने लगे और पैसे की मांग की. उन्होंने जान से मारने की धमकी देते हुए मुर्गा और बकरी के साथ वीडियो बनाने की कोशिश की और अंत में प्रार्थी से 2200 रुपये वसूल कर लिए. कुछ देर बाद दोनों किसी तरह से पीछा छुड़ाकर वहां से भाग गए. मामले की शिकायत पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया. जिसके बाद पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पुलिस टीम ने आरोपियों के ठिकाने पर छापेमारी की और सभी 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया. पूछताछ में उन्होंने अपने अपराध को स्वीकार किया और पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है.

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet