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मुख्यमंत्री साय ने राज्योत्सव में मांदर बजाकर बढ़ाया वादकों का उत्साह

रायपुर  छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के अवसर पर नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का अनोखा अंदाज देखने को मिला। यहां राज्य की संस्कृति को संजोने और उनका प्रचार-प्रसार करने के लिए छत्तीसगढ़ के वाद्ययंत्रों की प्रदर्शनी लगाई गई थी, जिसे देखने के लिए CM साय भी पहुंचे। इस मौके पर कलाकार रिखी क्षत्रीय ने मुख्यमंत्री साय को मांदर भेंट किया, जिसे उन्होंने बजाकर वादकों का उत्साह वर्धन किया। CM साय ने प्रदर्शनी में मौजूद परंपरागत वाद्ययंत्रों को भी सुना और राज्य की सांस्कृतिक धरोहर की सराहना की। बता दें कि कलाकार रिखी ने इस दौरान मुख्यमंत्री को छत्तीसगढ के वाद्ययंत्रों सारंगी, नगाड़ा, मृदुल, चिकारा, कोंडोडका, खनखना, कुतुर्गी, खेती, मुंडाबाजा, हुलकी, मोहरी, तुर्रा, रुंजू, तुरही, मांदरी मांदर, तोड़ी, चरहे, तम्बुरा, बांसबाजा, सींगबाजा, गतका, माडिया ढोल, दमउ, खर्रा, चरहे, चटका, झंडी डंडा, खल्लर, छडी, कोटेला, खडका , सिलफिली, खरताल, अलगोजा, गुदुम बाजा, झुनझुना, डफरा, टिमकी की जानकारी दी। साथ ही छत्तीसगढ़ के परंपरागत वाद्ययंत्रों का उपयोग किए जाने और उसकी उपयोगिता से भी परिचित करायाl

महाराष्ट्र में मतदान से 15 दिन पहले शरद पवार ने कर दिया बड़ा ऐला, अब मै भविष्य में चुनाव नहीं लड़ना चाहता

बारामती कद्दावर नेता और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) (एसपी) के प्रमुख शरद पवार ने घोषणा की कि वह भविष्य में कोई भी चुनाव नहीं लड़ना चाहते। उनकी यह घोषणा ऐसे समय आई है जब महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव होने हैं। बता दें राज्यसभा में उनका कार्यकाल भी समाप्ति की ओर है। गौरतलब है कि शरद पवार तीन बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। पवार ने यह बात बारामती में अपनी चुनावी यात्रा के दौरान जनता को संबोधित करते हुए कही जहां वे अपने पोते युगेंद्र पवार के चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे थे। शरद पवार का ऐलान- नई पीढ़ी को सौंपेंगे जिम्मेदारी पवार ने जनता को संबोधित करते हुए कहा, “मैं अब लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ूंगा। अब तक मैंने 14 चुनाव लड़े हैं, और आप लोगों ने हर बार मुझे विजयी बनाया। अब समय आ गया है कि नई पीढ़ी को मौका दिया जाए। मैं सामाजिक कार्य जारी रखूंगा, खासकर ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के लिए। इस काम के लिए मुझे किसी चुनाव में जीतने की जरूरत नहीं है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 2026 में राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद वह सोचेंगे कि क्या उन्हें पद से अलग होना चाहिए। शरद पवार का केंद्र सरकार पर करारा प्रहार चुनावी सभा को संबोधित करते हुए शरद पवार ने इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बड़े प्रोजेक्ट्स, जो महाराष्ट्र में आने चाहिए थे उन्हें गुजरात शिफ्ट कर दिया गया। उन्होंने कहा, “जब मैं सत्ता में था, तो मैंने पुणे के विकास पर जोर दिया। पर आज की सरकार सिर्फ एक राज्य के लिए काम कर रही है। टाटा एयरबस का कारखाना जो नागपुर में लगना था, उसे गुजरात भेज दिया गया। इसी तरह वेदांता-फॉक्सकॉन का सेमीकंडक्टर प्लांट भी गुजरात चला गया। अगर आप केवल एक राज्य के लिए काम करेंगे, तो प्रधानमंत्री बनने का क्या मतलब है?” परिवार में फिर जंग का गवाह बनेगी बारामती की सीट बारामती में पवार परिवार के बीच एक बार फिर चुनावी मुकाबला देखने को मिलेगा। इस बार विधानसभा चुनावों में अजित पवार और उनके भतीजे योगेंद्र पवार आमने-सामने होंगे। इससे पहले लोकसभा चुनाव में अजित पवार ने अपनी पत्नी सुनेत्रा पवार को अपनी ननद सुप्रिया सुले के खिलाफ खड़ा किया था। बारामती की सीट पर चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं, और यह सीट एक बार फिर पवार परिवार के भीतर ही संघर्ष का गवाह बनेगी।

ईओडब्ल्यू ने नान घोटाले में टुटेजा, शुक्ला, वर्मा पर करवाई नई एफआईआर

रायपुर छत्तीसगढ़ के नान (नागरिक आपूर्ति निगम) घोटाले में ईओडब्ल्यू की ओर से सोमवार को नई एफआईआर दर्ज की गई है। घोटाले में रिटायर्ड आईएएस अफसर अनिल टुटेजा और आलोक शुक्ला और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के पूर्व महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। ईओडब्ल्यू का आरोप है कि तीनों ने गवाह पर दबाव बनाया, बयान बदलवाने का प्रयास किया। बता दें कि, सतीश चंद्र वर्मा सहित दोनों आईएएस अधिकारियों पर पद का दुरुपयोग करते हुए गंभीर गड़बड़ी करने का आरोप लगाया गया है। ईओडब्ल्यू की एफआईआर में यह बताया गया है कि 2019-20 में हाईकोर्ट में दूषित तरीके से अग्रिम जमानत भी हासिल की गई थी, जिसके सबूत, जिसमें वाट्सएप चैट भी शामिल हैं। ईओडब्ल्यू के पास उपलब्ध हैं।

योगी आदित्यनाथ बोले- जातियों में ना बंटिए, ऐसा करने पर पत्थरबाज झाड़ू लगाते हुए दिखाई देंगे

झारखंड उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को झारखंड में ताबड़तोड़ रैलियां कीं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदावरों के लिए वोट मांगा। बरकागांव विधानसभा क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने जातियों में ना बंटने की अपील करते हुए जनता से अपनी ताकत का अहसास कराने को कहा। उन्होंने कहा कि ऐसा करने पर पत्थरबाज झाड़ू लगाते हुए दिखाई देंगे। यूपी के मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में जिस तरह डेमोग्राफी बदली जा रही है, आने वाले समय में लोग अपने घर में शंख और घंटी नहीं बजा पाएंगे। योगी ने कहा कि पत्थरबाज पहले कश्मीर में भी थे। याद करना आज सभी पत्थरबाज राम नाम सत्य है की यात्रा में जा चुके हैं। 2017 के पहले ये यूपी में भी थे। इनका आका उत्तर प्रदेश को लूटते थे, कोई खनन माफिया के रूप में कोई भूमाफिया के रूप में, कोई संगठित माफिया के रूप में लूट मचाते थे। ये पर्व त्योहारों में विघ्न-बाधा डालते थे। पत्थरबाज या तो यूपी छोड़ चुके हैं या जहन्नुम की यात्रा चुके हैं। अन्याय और अत्याचार को जन्नत कहां मिलेगा, उसके लिए तो जहन्नुम की यात्रा ही होनी है। अब उत्तर प्रदेश में पर्व त्योहार में कोई विघ्न बाधा नहीं होती है। योगी ने कहा, ‘ताकत का अहसास कराइए और ताकत का अहसास कराएंगे तो ये पत्थरबाज आपके लिए सड़कों पर झाड़ू लगाकर रास्ता साफ करते हुए दिखाई देंगे। यह बजरंगी पताखा हर घर में दिखाई देगी। इस ताकत का अहसास कराने के लिए ही यह चुनाव आपके पास है। बंटिए मत जातियों में। जाति के नाम पर बांटने वाले लोग वही हैं जो आपको जाति, क्षेत्र और भाषा के रूप में बाटेंगे और जब आप पर संकट आएगा तो कोई आपके साथ खड़ा नहीं होगा। यही कांग्रेस करती आई है लगातार 1947 से, यही कांग्रेस ने देश को जख्म दिए। यह आरजेड़ी ने बिहार और झारखंड मुक्ति मोर्चा झारखंड के साथ कर रही है।’ यूपी के सीएम ने ‘कटेंगे तो बटेंगे’ नारे को समझाते हुए एक रहने की अपील की तो बांग्लादेशी घुसपैठ से डेमोग्राफी में बदलाव को लेकर सतर्क भी किया। उन्होंने कहा, ‘जिस तरह झारखंड में घुसपैठ करा रहे हैं और इसी तरह डेमोग्राफी चेंज होती रही। आज ये लोग यात्रा रोक रहे हैं, आने वाले समय में घरों में घंटी और शंख भी नहीं बजाने देंगे। इसलिए आवश्यकता है कि भाजपा को लाइए। एक रहिए और नेक रहिए। मैं तो बार-बार कहता हूं देश का इतिहास गवाह है, जब भी जाति, क्षेत्र, भाषा के नाम पर बंटे हैं तो निर्ममता से कटे भी हैं। हम बार-बार इस बात को कहते हैं कि जातियों के नाम पर मत बंटिए। ये बांटने वाले लोग देश को धोखा दे रहे हैं।’ योगी ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार में बेटी और बहन सुरक्षित नहीं है। माफिया हर जगह हावी हैं। कहीं बांग्लादेशी घुसपैठ कहीं रोहिंग्या घुसपैठ। दुस्साहस की पाराकाष्ठा तब होती है जब पर्व और त्योहार में पथराव किया जाता है। उन्होंने कहा कि पहले यूपी में भी ऐसा होता था लेकिन अब ना कर्फ्यू ना दंगा, यूपी में सब चंगा।

सामान्य प्रेक्षक जी. रेखा रानी व राजनैतिक दलों की उपस्थिति में ईवीएम एवं वीवी पैट का हुआ द्वितीय रेण्डमाईजेशन

रायपुर रायपुर दक्षिण विधानसभा उपनिर्वाचन 2024 के लिए सामान्य प्रेक्षक श्रीमती जी. रेखा रानी के समक्ष एवं राजनैतिक दलों की उपस्थिति में ईवीएम एवं वीवी पैट मशीनों का रेडक्रॉस सभाकक्ष में द्वितीय रेण्डमाईजेशन किया गया। रेण्डमाईजेशन के पश्चात फाईनालाईज्ड कए गये ईवीएम बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट, वीवी पैट मशीन में उल्लेख आईडी नंबर सहित सूची राजनैतिक दल के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई गई। रेण्डमाईजेशन की प्रक्रिया में रायपुर दक्षिण विधानसभा उपनिर्वाचन 2024 अंतर्गत बीयू 719, सीयू 379 एवं वीवीपैट 425 का द्वितीय रेण्डमाईजेशन किया गया। इस अवसर पर रिटर्निंग आॅफिसर श्री पुष्पेंद्र शर्मा, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री उमाशंकर बंदे, सहायक कलेक्टर सुश्री अनुपमा आनंद उपस्थित थे।

सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35% आरक्षण का निर्णय सराहनीय कदम है : नेहा बग्गा

भोपाल महिलाओं के सामाजिक आर्थिक एवं राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अनेकों महत्वपूर्ण निर्णय लिये है। सदैव महिलाओं को उनका उचित अधिकार दिलाने का काम भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने किया है… मध्य प्रदेश में पुलिस, शिक्षा, वन, आंगनवाड़ी से लेकर विभिन्न दायित्वों पर महिलाओं का आरक्षण सुनिश्चित कर भाजपा की सरकार ने महिलाओं के पक्ष में सदैव निर्णय किया… आज के निर्णय से युवतिओ में खुशी की लहर है, वे जानती है कि  कांग्रेस महिलाओं आइटम, सजावटी वस्तु समझती है वहीं अगर उनके हक में कोई निर्णय ले सकता था, ले रहा है तो केवल भारतीय जनता पार्टी है

एकता मर्डर केस में नए खुलासे-मर्डर वाले दिन कातिल जिम ट्रेनर विमल सोनी ने एकता को 9 बार कॉल किया था

कानपुर कानपुर के एकता गुप्ता मर्डर केस में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। अब जानकारी मिली है कि मर्डर वाले दिन कातिल जिम ट्रेनर विमल सोनी ने एकता को 9 बार कॉल किया था। ये कॉल उसने तड़के 4 से 6 बजे के बीच किए थे। कॉल डिटेल चेक करने पर पता चला है कि विमल सोनी से उस दिन एकता ने बात नहीं की थी। उसने विमल का फोन ही रिसीव नहीं किया था, लेकिन यह भी माना जा रहा है कि उसके कॉल्स के दबाव में ही वह जिम पहुंची थी। वह उस दिन तब भी जिम गई, जबकि एकता के पति और बच्चों ने मना किया था। फिलहाल पुलिस विमल सोनी से पूछताछ के लिए सीडीआर के आधार पर भी सवाल तैयार कर रही है। इस बीच पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया है कि एकता गुप्ता की हत्या से पहले विमल सोनी ने उसे जोरदार मुक्के भी जड़े थे। उसने एकता के चेहरे पर ऐसे वार किए थे कि नाक से जबड़े के बीच ही 20 फ्रैक्चर हो गए। इसके बाद गला दबाकर उसकी जान ही ले ली। इस तरह विमल सोनी का दावा गलत साबित होता दिख रहा है, जिसका कहना था कि उसने एक मुक्का मारा था, जो एकता के गले पर लगा था। इसी के चलते उसकी जान चली गई। विमल सोनी उस जिम में ट्रेनर था, जहां एकता गुप्ता एक्सरसाइज के लिए जाती थी। इसी दौरान दोनों के बीच अवैध संबंध पनप गया था। फिर जब विमल की शादी तय हुई तो एकता इसका विरोध कर रही थी। विमल सोनी का दावा है कि एकता चाहती थी कि दोनों का रिलेशन चलता रहे और वह शादी भी न करे। इसी के चलते वह छुटकारा पाना चाहता था और अंत में गुस्से में कत्ल ही कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जानकारी रखने वाले दो अधिकारियों ने कहा, ‘यह पता चला है कि उसके नाक के पास कई बार वार किया जाए। इसके चलते नाक से लेकर जबड़े तक उसकी हड्डियों में 20 फ्रैक्चर हैं।’ अब एकता गुप्ता के शव के अंशों को डीएनए रिपोर्ट के लिए भेजने की तैयारी है। इसके अलावा विमल सोनी की पुलिस हिरासत भी अदालत से मांगी जाएगी। पुलिस ने तैयार किए 50 सवाल, रिमांड में पूछे जाएंगे पुलिस ने विमल सोनी को रिमांड में लेकर पूछताछ का पूरा प्लान तैयार कर लिया है। कुल 50 सवाल विमल सोनी से पूछे जाएंगे। राहुल गुप्ता की पत्नी एकता 24 जून के बाद से ही लापता थी, जो ग्रीन पार्क स्टेडियम में स्थित जिम में गई थी। वहां से निकलने के बाद वह घर नहीं पहुंची थी। उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पति राहुल ने दर्ज करा दी थी, जिसकी लंबी पड़ताल चली। अंत में 26 अक्टूबर को सोनी ने कबूला की उसने ही एकता को मारा था। फिर उसके ही कहने पर पुलिस ने शव को ऑफिसर्स क्लब के पास एक प्लॉट से बरामद किया, जिसे उसने गाड़ दिया था।

महादेव सट्टा एप से जुड़े मामले में जशपुर पुलिस डोंगरगढ़ के दो युवकों से कर रही पूछताछ

राजनांदगांव महादेव सट्टा एप से जुड़े एक मामले में जशपुर पुलिस डोंगरगढ़ के दो युवकों से पूछताछ कर रही है। जानकारी के अनुसार, इन दोनों युवकों के एकाउंट नंबरों में करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है, जिसे पुलिस महादेव सट्टा एप से जोड़कर देख रही है। सोमवार को जशपुर पुलिस ने दोनों युवकों को बैंकों में ले जाकर उनके खातों की डिटेल की जांच की। मंगलवार को जांच पूरी करके पुलिस वापस लौट गई। जांच के नतीजों के आधार पर यह पता चलेगा कि इन युवकों के खातों में कितनी राशि का लेनदेन हुआ है और यह लेनदेन महादेव सट्टा एप से कितना जुड़ा हुआ है। महादेव सट्टा एप कनेक्‍शन में युवक की हुई थी गिरफ्तारी कुछ माह पहले डोंगरगढ़ में महादेव सट्टा एप के संबंध में एक युवक की गिरफ्तारी हुई थी, जो किसी राजनीतिक दल से संबंधित था और वर्तमान में जमानत पर है। उस युवक की गिरफ्तारी के बाद से नगर में चर्चा का माहौल गर्म है, और तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं कि यह मामला अब भी चल रहा है। पुलिस की गुप्त कार्रवाई के कारण डोंगरगढ़ में हड़कंप मच गया है। युवकों का लिंक महादेव सट्टा एप से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है, जिससे स्थानीय पुलिस के अधिकारियों ने अभी तक कुछ भी बताने से इंकार किया है। जशपुर पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है, जिससे आने वाले समय में सचाई सामने आ सकेगी। स्थानीय लोग इस मामले को लेकर चिंतित हैं और पुलिस की कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।     “जशपुर की टीम जांच के लिए डोंगरगढ़ आई थी और संदिग्ध खाता नंबरों में हुए लेनदेन की जांच की जा रही है। मामला महादेव सट्टा एप से भी जुड़ा हो सकता है, लेकिन इस संबंध में मैं ज्यादा जानकारी नहीं दे सकता।” आशीष कुंजाम डोंगरगढ़ एसडीओपी

आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ जारी, इस बीच एक आतंकवादी को मर गिराया

बांदीपुरा उत्तरी कश्मीर के बांदीपुरा जिले के केट्सन इलाके में मंगलवार को आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हो रही है। इस दौरान एक आतंकवादी के मारे जाने की सूचना मिली है। जानकारी के अनुसार एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बताया कि बांदीपुरा के केट्सन जंगल में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई। इसके बाद मुठभेड़ दौरान सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया है। फिलहाल मुठभेड़ अभी भी जारी है। बता दें कि पिछले सप्ताह की शुरुआत में पन्नार में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई थी, जिसके बाद आतंकवादी भागने में सफल रहे थे।

बदल रहा है मौसम, आंखों का रखें खास ख्याल

इन दिनों मौसम में बदलाव हो रहा है। इस परिवर्तन के साथ ही आंखों से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। आम तौर पर प्रदूषण और तनाव से आंखों पर निगेटिव असर पड़ता है लेकिन बदलते मौसम में आपकी सेंसिटिव आंखें जल्दी एडजस्ट नहीं कर पाती। ऐसे में आपकी आंखों को खास देखभाल की जरूरत है। यहां जानिए कुछ टिप्स जिन्हें अपनाकर आप अपनी आंखों की सही देखभाल कर सकते हैं। थकान से बचें: आंखों में खिंचाव, थकान या कोई अन्य तकलीफ न हो इसके लिए कम्प्यूटर या मोबाइल पर काम करते समय पलकों को लगातार झपकाते रहें। कम्प्यूटर के मॉनिटर को अधिक समय तक लगातार नहीं देखें बीच-बीच में काम को रोक दें और आंखों को आराम दें। खुद न बनें डॉक्टर: लोग दुकान पर ही आंखें टेस्ट करवाकर चश्मा बनवा लेते हैं। यह ठीक नहीं है। आंखों का परीक्षण किसी नेत्र विशेषज्ञ से करवाकर ही चश्मा बनवाना चाहिए। खूब पानी पीएं: अक्सर सर्दियों में लोग पानी का सेवन कम मात्रा में करते हैं लेकिन सेहत के लिहाज से यह सही नहीं है। इस कारण शरीर में तरल की कमी होने से कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। शरीर में नमी बनाए रखने के लिए दिन में कम से कम 5 लीटर पानी पीना चाहिए। कंप्यूटर के सामने बैठने का सही तरीका: कंप्यूटर पर यदि अधिक काम करना पड़ता है तो पॉश्चर सही रखना भी जरूरी है। इसके अलावा काम के वक्त पर्याप्त रोशनी का विशेष खयाल रखें। मोबाइल इस्तेमाल करने की गलत आदत: मोबाइल का प्रयोग लेटकर न करें साथ ही अंधेरे में मोबाइल स्क्रीन किसी भी स्थिति में नहीं देखें। ई-बुक के बजाय सीधे बैठकर पुस्तक पढ़ने की आदत डालें।  

वीआईटी विश्वविद्यालय द्वारा नियम उल्लंघन करने वाले छात्रों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई

भोपाल दीपावली अवकाश के उपरांत विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधि पुनः प्रारंभ हुई है। विश्वविद्यालय में सभी कार्य सामान्य व सुचारू रूप से प्रारंभ हो चुके हैं तथा दिनांक 06 नवंबर 2024 से विश्वविद्यालय में सेमेस्टर परीक्षाएं आरंभ होगी जिन्हें शांतिपूर्वक संचालित करने हेतु विश्वविद्यालय प्रबंधन पूर्णतः तैयार है। वी.आई.टी. भोपाल विश्वविद्यालय में उन सभी छात्रों के विरूद्ध आवश्यक अनुशासनात्मक कार्यवाही की है जिन्होंने विश्वविद्यालय के नियमों का उल्लंघन किया था तथा इन सभी छात्रों व उनके अभिभावकों ने विश्वविद्यालय में प्रवेश के समय इस प्रकार की कार्यवाही को बिना किसी शर्त के लिखित में स्वीकार किया था। पूर्व में भी, उल्लंघनकर्ता छात्रों के विरूद्ध इसी प्रकार की कार्यवाही की गई थी तथा इस नियम में किसी भी प्रकार का कोई अपवाद नहीं हो सकता है। यह स्मरण योग्य है कि, वी.आई.टी. भोपाल विश्वविद्यालय एक स्वतंत्र स्वशासी संस्था है, जिसका गठन, म.प्र. निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) अधिनियम 2007 के प्रावधानों के अंतर्गत किया गया है तथा जो कि म.प्र. राजपत्र दिनांक 04 अगस्त 2017 में जारी व प्रकाशित “ऑर्डिनेंस” से शासित होती है तथा “ऑर्डिनेंस-03” स्पष्ट रूप से छात्रों द्वारा अनुशासन बनाए रखने तथा छात्रों द्वारा विश्वविद्यालय के नियमों व विनियमों का उल्लंघन करने पर, बिना किसी अपवाद के, उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही किए जाने के संबंध में स्पष्ट प्रावधान करता है। इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय को अपनी स्वयं की “अनुशासनात्मक समिति तथा “शिकायत निवारण समिति विधि अनुसार गठित की गई है तथा इस हेतु कोई भी बाहरी हस्तक्षेप ना तो विश्वविद्यालय द्वारा स्वीकार या अनुमत ही किया जा सकता है और ना ही विश्वविद्यालय पर अधिरोपित ही किया जा सकता है। विश्वविद्यालय से बाहर के कुछ छात्र समूहों ने विश्वविद्यालय द्वारा अपने उन छात्रों जिनके द्वारा अशोभनीय व साथी छात्रों के साथ सोशल मीडिया के माध्यम से उत्पीड़नपूर्ण कृत्य किए गए थे, के विरूद्ध की गई कार्यवाही को वापस लेने को मांग के संबंध में, विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का प्रयास किया था, जिन्हें विश्वविद्यालय में तत्समय उपस्थित अधिकारियों व डीन छात्र कल्याण, द्वारा समस्त वास्तविक स्थिति से अवगत करा दिया गया था।ऐसा प्रतीत होता है कि विश्वविद्यालय से बाहर के कुछ व्यक्ति अपनी छात्र राजनीति के नाम पर, विश्वविद्यालय में अप्रिय स्थिति निर्मित करने का प्रयास कर रहे हैं. जिसे विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्र समुदाय से किसी प्रकार का कोई समर्थन प्राप्त नहीं हुआ है। कतिपय पूर्णतः असंगत घटनाओं व पूर्णतः बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किए गए अतिश्योक्तिपूर्ण तथ्यों को विश्वविद्यालय के विरूद्ध सनसनीखेज रूप देने के लिए, अनावश्यक रूप से बल दिया जा रहा है जो कि घोर निदंनीय है। यह महत्वपूर्ण है कि वी.आई.टी. भोपाल विश्वविद्यालय में, देश में अग्रणि विश्वविद्यालय के रूप में विशेष नाम व ख्याति अर्जित की है तथा अपने भविष्य लक्षीय पाठ्यक्रमों के कारण देशभर के छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय की ओर आकर्षित होते हैं। वर्तमान में अनेक प्रतिष्ठित संस्थाएँ विश्वविद्यालय कैम्पस में छात्रों के कैम्पस भर्ती के लिए आ रही हैं। इस समय पर विश्वविद्यालय में शांति व सामान्य स्थिति बनी रहना आवश्यक है अन्यथा छात्रों व उनके भविष्य को अपूर्णीय क्षति कारित होगी।वी.आई.टी. भोपाल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अपने छात्रों के साथ कथित अनुचित आचरण व दुर्व्यवहार से संबंधित असत्य व भ्रामक चित्रण प्रस्तुत किया गया है। उक्त कहानी पूर्णतः असत्य व शरारतपूर्ण है तथा विश्वविद्यालय को बदनाम करने के आशय से गढ़ी गई है।

केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने खनन मामले की जांच कर रहे एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को धमकाया, केस दर्ज

बेंगलूरो केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी पर पुलिसकर्मी को धमकाने के आरोप लगे हैं। खबर है कि इसे लेकर पुलिस ने उनके खिलाफ केस भी दर्ज कर लिया है। आरोप हैं कि उन्होंने उनके खिलाफ खनन मामले की जांच कर रहे एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को धमकाया है। फिलहाल, इस मामले में जांच चल रही है। पुलिस महानिरीक्षक एम चंद्रशेखर की शिकायत के आधार पर सोमवार को मामला दर्ज किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कुमारस्वामी ने एक सरकारी कर्मचारी को उसके कर्तव्यों का निर्वहन करने से रोकने के लिए उसे धमकाया था। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह एक खनन मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल का नेतृत्व कर रहे थे, जिसमें कुमारस्वामी आरोपी हैं। कुमारस्वामी के खिलाफ जांच इन आरोपों से संबंधित है कि उन्होंने 2006 से 2008 तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान कानून का उल्लंघन करते हुए बेल्लारी जिले में ‘श्री साई वेंकटेश्वर मिनरल्स’ (एसएसवीएम) को 550 एकड़ के खनन पट्टे की अवैध रूप से मंजूरी दी थी। चंद्रशेखर ने संजय नगर पुलिस थाने में दर्ज अपनी शिकायत में कहा, “एसआईटी (विशेष जांच दल) ने जांच रिपोर्ट तैयार करने और आरोपी (कुमारस्वामी) पर मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत और सामग्री मिलने के बाद, कर्नाटक के राज्यपाल से 21 नवंबर 2023 को पत्र लिख कर कुमारस्वामी पर मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी थी।’’

प्रेम प्रसंग के चलते बदायूं की नर्स का अपहरण, पीटने के बाद आरोपियों ने कार से फेंका, पुलिस ने की रिपोर्ट दर्ज

बरेली एक मेडिकल कॉलेज में तैनात नर्स के साथ चलती कार में उसके प्रेमी ने दोस्त के साथ मिलकर पहले पीटा फिर रस्सी से गला दबाकर उसकी हत्या करने की कोशिश की। जब नर्स ने विरोध किया तो टोल प्लाजा के आगे चलती कार से उसे नीचे फेंक दिया…आरोपी मौके से फरार हो गया है। नर्स को गंभीर चोटें आई हैं, जिनका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। वहीं नर्स की बहन की शिकायत पर पुलिस ने प्रेमी और दोस्त के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। पूरे मामले की जांच पड़ताल शुरू की है। बता दें कि बदायूं के उझानी क्षेत्र की रहने वाली नर्स बरेली के इज्जत नगर  क्षेत्र में एक किराए के कमरे में बहन के साथ रहती है। पीड़िता भोजीपुरा क्षेत्र में एक मेडिकल कॉलेज में नर्स है। नर्स का पिछले 6 साल से बदायूं के ही कादरचौक के रहने वाले अभय प्रताप से प्रेम प्रसंग चल रहा था। अभय ने शादी का वादा कर नर्स के साथ कई बार शारीरिक संबंध भी बनाए। वही देर रात अभय प्रताप अपने दोस्त मीनू के साथ कार में उससे मिलने के लिए मेडिकल कॉलेज के पास पहुंचा था। जिसके बाद आरोपी ने पीड़िता को जबरन अपनी कार में बिठा लिया इसके बाद भोजीपुरा टोल प्लाजा के आगे ले जाकर उसके साथ जमकर मारपीट की। विरोध करने पर नर्स को गंदी-गंदी गालियां दीं। इतना ही नहीं रस्सी से उसका गला दबाकर हत्या की कोशिश की। जब नर्स ने विरोध किया तो चलती कार से उसे नीचे फेंक दिया। नर्स को गंभीर चोटें आई हैं और वह बेहोश हो गई। राहगीरों ने घायल हालत में पड़ा देख पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे एक निजी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है। जहां उसका इलाज चल रहा है।

MUDA की ओर से जमीन आवंटन करने संबंधी मामले को CBI को स्थानांतरित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया

कर्नाटक कर्नाटक हाई कोर्ट ने मंगलवार को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और अन्य को नोटिस जारी किया। सूचना का अधिकार (RTI) कार्यकर्ता स्नेहमयी कृष्णा की ओर से दायर रिट याचिका पर यह ऐक्शन लिया गया। इसमें मैसुरु शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) की ओर से जमीन आवंटन करने संबंधी मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को स्थानांतरित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। जस्टिस एम. नागप्रसन्ना ने सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती बीएम, उनके रिश्तेदार मल्लिकार्जुन स्वामी, भारत संघ, राज्य सरकार, सीबीआई और लोकायुक्त को भी नोटिस जारी किया। साथ ही, लोकायुक्त को मामले में अब तक की गई जांच को रिकॉर्ड में पेश करने का निर्देश दिया। अदालत अब मामले में अगली सुनवाई 26 नवंबर को करेगी। इस बीच, लोकायुक्त पुलिस ने मामले में आरोपी संख्या एक सिद्धारमैया को 6 नवंबर को पूछताछ के लिए बुलाया है। सिद्धारमैया की पत्नी से भी हुई थी पूछताछ लोकायुक्त पुलिस ने 25 अक्टूबर को सिद्धारमैया की पत्नी से पूछताछ की थी, जो इस मामले में आरोपी संख्या 2 हैं। मुख्यमंत्री एमयूडीए की ओर से उनकी पत्नी को 14 स्थलों के आवंटन में अनियमितताओं के आरोपों का सामना कर रहे हैं। सिद्धारमैया, उनकी पत्नी, स्वामी और देवराजू (जिनसे स्वामी ने जमीन खरीदकर पार्वती को उपहार में दी थी) और अन्य का नाम प्राथमिकी में शामिल है। मैसुरु स्थित लोकायुक्त पुलिस की ओर से 27 सितंबर को यह शिकायत दर्ज कराई थी। स्वामी और देवराजू ने लोकायुक्त पुलिस के समक्ष भी गवाही दी है।

हनुमान मंदिर में नवग्रह की मूर्तियों से तोड़फोड़, फूटा लोगों का गुस्सा, पुलिस मौके पर पहुंची किया केस दर्ज, मामले की जांच शुरू

तेलंगाना तेलंगाना में शमशाबाद के एयरपोर्ट कॉलोनी में हनुमान मंदिर में नवग्रह की मूर्तियों को अज्ञात बदमाशों ने खंडित कर दिया। यह घटना मंगलवार सुबह करीब 6 बजे सामने आई, जब मंदिर के पुजारी और भक्त मंदिर पहुंचे। यहां आने पर उन्हें घटना के बारे में पता चला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। इसके बाद स्थानीय निवासी मंदिर में एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। स्थानीय लोगों के हंगामे को देखते हुए पुलिस ने मंदिर के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा तैनात की। शमशाबाद के डीसीपी बी राजेश ने कहा, ‘एयरपोर्ट कॉलोनी में हनुमान मंदिर की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है। इसे देखते हुए हमने अपनी अपराध टीम को तैनात कर दिया है। स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची हुई है। यहां के लोगों का कहना है कि एक अज्ञात व्यक्ति यहां आया था। उसी ने मंदिर की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। हमने उसे हिरासत में ले लिया है। क्षतिग्रस्त संपत्ति की बहाली को लेकर मंदिर समिति के सदस्यों से बात चल रही है।’ ‘वोट बैंक को खुश करने में लगी कांग्रेस’ भाजपा की तेलंगाना इकाई की ओर से घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी गई। एक्स पर पोस्ट करके कहा गया, ‘एक और दुखद दिन। कांग्रेस शासन के तहत तेलंगाना में एक और पवित्र हिंदू मंदिर को अपवित्र किया गया है। कांग्रेस सरकार अपने वोट बैंक को खुश करना चाहती है और इसने आंखें मूंद ली हैं। जिन लोगों ने ऐसी घटनाओं में हमारे पवित्र मंदिरों को अपवित्र किया, उन लोगों को दंडित करने से इनकार कर दिया गया। नफरत से भरे इन हमलावरों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। ऐसे में वे और भी अधिक ‘आजादी’ से ऐसे कामों को अंजाम दे रहे हैं।’

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