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‘मैं PM मोदी और CM योगी का दुश्मन हूं’, ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ पर भड़के अकबरुद्दीन ओवैसी

महाराष्ट्र महाराष्ट्र के संभाजीनगर में AIMIM के प्रमुख असद्दुदीन ओवैसी के छोटे भाई अकबरुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ के नारे “बंटेंगे तो कटेंगे” पर कड़ा पलटवार किया है। अकबरुद्दीन ने इस नारे के मुकाबले इत्तेहाद (एकता) का नारा दिया और मुस्लिम समुदाय से एकजुट होकर उनकी पार्टी AIMIM को समर्थन देने की अपील की।   “बंटेंगे तो कटेंगे” पर अकबरुद्दीन का पलटवार अकबरुद्दीन ओवैसी ने योगी आदित्यनाथ के “बंटेंगे तो कटेंगे” के नारे को चुनौती दी। उन्होंने कहा, “आप लोग बीफ, मॉब लिंचिंग, घर वापसी, टोपी और दाढ़ी के नाम पर देश में नफरत फैला रहे हैं। क्या इससे देश कमजोर नहीं हो रहा?” उन्होंने कहा कि ये हरकतें केवल हिंदू-मुसलमान के बीच दरार डालने का काम कर रही हैं। अकबरुद्दीन ने यह भी जोड़ा कि मुसलमानों और हिंदुओं को आपस में लड़ाकर देश को बांटना सही नहीं है।   ‘हिंदुस्तान मेरा भी है’… अकबरुद्दीन ने जनता से कहा, “नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ, हिंदुस्तान जितना आपका है, उतना ही मेरा भी है।” उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वह एक मुसलमान हैं, और इसलिए मुसलमानों की आवाज उठाते हैं। अकबरुद्दीन का यह बयान धार्मिक और सांप्रदायिक सौहार्द को बढ़ावा देने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है, जबकि बीजेपी और उनके समर्थकों द्वारा आरोप लगाए गए हैं कि वे देश में धर्म के आधार पर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने आगे लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मैं तो खुला बोल रहा हूं कि मैं मोदी-योगी का दुश्मन हूं।   ओवैसी का विवादित बयान: ‘अभी 15 मिनट बाकी है’ अकबरुद्दीन ओवैसी ने अपने भाषण के दौरान एक बार फिर “15 मिनट” का संदर्भ दिया, जो कि कुछ साल पहले उनके द्वारा दिए गए विवादित बयान से जुड़ा हुआ था। उन्होंने लोगों से कहा कि “कैंपेनिंग का टाइम 10 बजे, अभी 15 मिनट बाकी है”, यह इशारा उस बयान की ओर था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि 15 मिनट में वह देश के हालात बदल सकते हैं। ओवैसी ने इस अवसर पर भी योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उनकी नीतियों को नकारात्मक बताया। मतदान को लेकर AIMIM का चुनावी अभियान तेज अकबरुद्दीन ओवैसी ने यह भी दावा किया कि 20 नवंबर को महाराष्ट्र में वोटिंग के दौरान आसमान में केवल पतंग ही नजर आएगी। यह बात उन्होंने AIMIM के चुनावी चिह्न ‘पतंग’ के संदर्भ में कही, जो पार्टी का प्रतीक है। साथ ही उन्होंने 23 नवंबर को होने वाली वोटों की गिनती के दिन भी अपनी पार्टी की जीत का दावा किया।    मुसलमानों की एकजुटता का आह्वान अकबरुद्दीन ओवैसी के इस बयान ने एक बार फिर धार्मिक राजनीति और सांप्रदायिक एकता के बीच बढ़ते तनाव को उजागर किया। उनका इत्तेहाद का नारा इस बात की ओर इशारा करता है कि मुस्लिम समुदाय को एकजुट होकर अपनी राजनीतिक ताकत दिखानी चाहिए। ओवैसी का यह कदम भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों की आलोचना करने का एक तरीका था, जबकि वह अपनी पार्टी की मुस्लिम समुदाय के बीच स्थिति को मजबूत करने की कोशिश कर रहे  

वाशिम विधानसभा क्षेत्र में उमड़ा यह अपार जन सिंधु महाराष्ट्र में भाजपा की विजय गाथा लिखने जा रहा है: सीएम योगी

महाराष्ट्र उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को महाराष्ट्र के वाशिम में एक चुनावी रैली को संबोधित किया। इस दौरान सीएम योगी ने कांग्रेस और महाविकास अघाड़ी पर जमकर निशाना साधा। सीएम योगी ने चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि वाशिम विधानसभा क्षेत्र में उमड़ा यह अपार जन सिंधु महाराष्ट्र में भाजपा की विजय गाथा लिखने जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने जिस दुष्ट अफजल को मार गिराया था उसके नाम पर औरंगाबाद का नाम होना, याद करना इसको हटना ही चाहिए था, इसे संभाजीनगर के रूप में पहचान मिलनी ही थी। छत्रपति शिवाजी महाराज का संघर्ष हो या संभाजी महाराज का, हमें नई प्रेरणा देता है। छत्रपति शिवाजी महाराज हम सबको एकजुट करके लेकर गए थे। हर भारतवासी को अपने साथ जोड़े थे। अपनी सेना का हिस्सा बनाए थे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र चुनाव में दो महा गठबंधन चुनाव लड़ रहे हैं। एक तरफ महायुति गठबंधन है और दूसरी और महा अघाड़ी के रूप में ‘महाअनाड़ी’ गठबंधन है। मैं अनाड़ी इसलिए कहता हूं जिसे राष्ट्र की चिंता नहीं हो, वह अनाड़ी ही होगा। एक समय था जब आतंकवादी देश में घुसकर विस्फोट करते थे, आज पीएम मोदी के नेतृत्व में कोई सीमा पर अतिक्रमण करता है तो उसका राम नाम सत्य हो जाता है। सीएम योगी ने वाशिम में शिवाजी बनाम औरंगजेब का वैचारिक मुद्दा उठाकर हिन्दुत्व को तेज धार देने वाली स्पीच दी। योगी ने कहा कि जिस तरह से वाशिम विधानसभा क्षेत्र में लोग उमड़े हैं, यह महाराष्ट्र में भाजपा की विजय गाथा लिखने जा रहा है। उन्होंने कहा कि सत्ताएं तो आएंगी-जाएंगी, लेकिन हमारा ‘भारत’ रहना चाहिए और ‘भारत’ दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बनना चाहिए। विपक्षी कहते थे राम हुए नहीं, कृष्ण हुए नहीं, आज भले ये चुनाव में कह रहे हो लेकिन इन पर भरोसा मत करिएगा। राम हमारी रग-रग में हैं, कण-कण में हैं। इसके अलावा सीएम योगी ने आगे कहा कि बंटिए मत! क्योंकि जब भी बंटे थे तो कटे थे। एक हैं तो नेक हैं, एक हैं तो सेफ हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खनिज विभाग की प्रदर्शनी का किया अवलोकन

रायपुर, छत्तीसगढ़ में पाए जाने वाले महत्वपूर्ण और सामरिक महत्व के खनिजों की आकर्षक प्रदर्शनी नवा रायपुर अटल स्थित राज्योत्सव मेला ग्राउंड में लगाई गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 5 नवंबर को प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में सामरिक महत्व के खनिजों की प्रदर्शनी के साथ ही इसके महत्व और उपयोग की जानकारी भी प्रदर्शित की गई है। इस मौके पर मुख्यमंत्री के सचिव एवं खनिज विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद और खनिज विभाग के संचालक श्री सुनील जैन भी उनके साथ थे। खनिज विभाग के स्टॉल में आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने में, छत्तीसगढ़ प्रदेश में उपलब्ध महत्वपूर्ण एवं सामरिक महत्व के खनिजों के योगदान को दर्शाया गया है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के लिए क्रिटिकल एवं स्ट्रैटेजिक मिनरल्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। इन मिनरल्स में लिथियम, टाईटेनियम, निकल ग्रेफाईट, ग्लुकोनाईट, टिन आदि शामिल है, इन मिनरल्स का उपयोग रक्षा, उर्जा, संचार, अतरिक्ष और परमाणु उद्योगों में किया जाता है। जो देश की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए अति महत्वपूर्ण है। खनिज विभाग द्वारा वर्ष 2024-25 में 39 मुख्य खनिज ब्लॉकों का ई-नीलामी के माध्यम से आबंटन की योजना है। देश में महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉको का ई-नीलामी के माध्यम से सफलतापूर्वक आबंटन हेतु खनिज विभाग द्वारा किये गये प्रयास एवं उत्कृष्ट उपलब्धियों को भारत सरकार द्वारा 02 राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा गया है। खनिज विभाग द्वारा विभिन्न प्रकार के किटिकल एवं स्ट्रेटजिक मिनरल्स के 07 ब्लॉकों की नीलामी की जा चुकी है। छत्तीसगढ़ राज्य देश का प्रथम राज्य है, जहाँ लिथियम मिनरल्स का जिला कोरबा स्थित कटघोरा लिथियम ब्लॉक की ई-नीलामी के माध्यम से आबंटन किया गया। है। इन मिनरल्स की खनम् और प्रसस्करण का छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान रहेगा और देश की प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में छत्तसगढ़ एक महत्वपूर्ण राज्य होगा। वर्ष 2015 में भारत सरकार द्वारा खनिज अधिनियमों एवं नियमों में किये गये व्यापक बदलाव के फलस्वरूप खनिज ब्लॉकों का ईनीलामी के माध्यम से आबंटन का मार्ग प्रशस्त हुआ है जिसके फलस्वरूप अब तक राज्य में कुल 37 मुख्य खनिज ब्लाकों को सफलतापूर्वक नीलाम किया गया है। सफलतापूर्वक आबंटित इन ब्लॉकों में से लौह अयस्क, चूनापत्थर एवं बाक्साईट जैसे बल्क खनिजों के अलावा क्रिटिकल, स्ट्रेटजिक एवं डीपसीटेड मिनरल्स जैसे ग्रेफाईट, ग्लूकोनाईट, निकल क्रोमियम पीजीई एवं गोल्ड के 09 खनिज ब्लॉक्स का सफलतापूर्वक आबंटन किया गया है। छत्तीसगढ़, देश में पहला राज्य है जहां सर्वप्रथम चूनापत्थर खनिज ब्लॉक का आबंटन ई-नीलामी के माध्यम से किया गया एवं इसी प्रकार देश में पहला लीथियम ब्लॉक का आबंटन भी छत्तीसगढ़ में हुआ है। प्रदेश में नीलामी के माध्यम से अब तक आबंटित 37 मुख्य खनिज ब्लॉकों से राज्य को रायल्टी, डीएमएफ एवं एनएमईटी के अतिरिक्त, खदान अवधि में, लगभग एक लाख 25 हजार करोड़ से अधिक की राशि बतौर ऑक्शन प्रीमियम प्राप्त होगा।  

सागर के संपूर्ण विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे : उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि सागर के संपूर्ण विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि खाद , उर्वरक के वितरण में किसान भाइयों को कोई असुविधा न हो इसका विशेष ध्यान रखा जावे। सागर का बहु प्रतीक्षित सागर बाईपास का कार्य शीघ्र प्रारंभ होगा। सागर से भोपाल फोरलेन सड़क का कार्य भी शीघ्र प्रारंभ होगा यहां 2100 करोड़ रुपए की लागत से सागर-दमोह फोरलेन भी बनेगा। उप मुख्यमंत्री एवं सागर ज़िले के प्रभारी मंत्री श्री शुक्ल ने सागर कलेक्टर कार्यालय में जिला योजना समिति की बैठक में विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की। राइट टू हेल्थ के साथ-साथ राइट टू स्क्रीनिंग पर भी ज़ोर दें उप मुख्यमन्त्री ने कहा कि राइट टू हेल्थ के साथ-साथ राइट टू स्क्रीनिंग पर भी ज़ोर दें ताकि संपूर्ण जिले वासियों की हेल्थ प्रोफाइलिंग की जा सके। सभी नागरिकों की स्वास्थ्य जाँच की व्यवस्था की जाये। आईपीएचएस-12 (इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड्स -12) के अनुसार स्वास्थ्य विभाग में मैनपावर की कमी जल्द पूरी होगी। साथ ही जिला चिकित्सालय और बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के मर्जर के बाद डॉक्टरों की कमी भी पूरी होगी तथा अन्य विभाग भी शुरू होंगे। उन्होंने निर्देश दिये कि इंदिरा नेत्र चिकित्सालय में गैप एनालिसिस करें जिससे अस्पताल के अंडर यूटिलाइजेशन से संबंधित मुद्दों पर कार्य किया जा सके। जल जीवन मिशन में पानी की गुणवत्ता का रखें विशेष ध्यान उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत किए गए कार्यों में पानी की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जावे एवं रेस्टोरेशन कराएं। जल जीवन मिशन के अंतर्गत 1792 ग्रामों के 3 लाख 31 हज़ार 958 परिवारों को पानी प्रदान किया जाना है। उन्होंने जल निगम के माध्यम से जिले में चल रही विभिन्न परियोजनाओं की भी समीक्षा की और निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं का कार्य समय सीमा में किया जावे जिससे कि समय पर शुद्ध पेयजल प्रदान किया जा सके और सिंचाई भी की जा सके। उपमुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं शहरी की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिले की जिन विधानसभा क्षेत्रों के व्यक्तियों के नाम आवास सूची से छूटे हुए हैं उनका पुनः परीक्षण कराएं और मैपिंग की कार्रवाई शुरू करें जिससे कि छूटे हुए पात्र व्यक्तियों को भी शीघ्रता से आवास प्रदान किया जा सके। उन्होंने कहा कि सभी कार्य शीघ्रता से पूरे करें। सागर-दमोह फोरलेन का कार्य समयसीमा में पूर्ण करें उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि सागर जिले की बहु प्रतीक्षित सागर बाईपास का वर्क आर्डर जारी होने के साथ ही शीघ्रता से कार्य पूर्ण किया जाए। 2100 करोड रुपए की लागत से बनने वाली सागर-दमोह फोरलेन के कार्य के संबंध में जानकारी प्राप्त की एवं निर्देश दिए कि वर्क आर्डर जारी होते ही कार्य प्रारंभ करें और भू अर्जन के कार्य भी शुरू करें। सागर भोपाल फोरलेन सड़क के संबंध में निर्देश दिए कि बेलखेड़ी सड़क से ग्यारसपुर विदिशा रायसेन होते हुए जो फोरलेन सड़क बन रही है, उसे बेरखेड़ी सड़क से सागर तक जोड़ा जाए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने एनएचएआई के अंतर्गत जिले में चल रहे कार्यों की समीक्षा की और निर्देश दिए कि जो कार्य स्वीकृत हुए हैं उनका डीपीआर तैयार करें और विभाग को प्रेषित करें, जिससे कि राशि स्वीकृत कर आगे की कार्रवाई की जा सके। उन्होंने तिलीचौराहा- गिरधारीपुरम रोड का काम शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिये। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज का होगा विस्तार उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्यों और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि तिलीमाफी में बन रहे छात्रावास का कार्य गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण करें जिससे कि बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज परिसर में बने छात्रावासों के स्थान पर अस्पताल का विस्तार किया जा सके। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय का बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में मर्जर होने के बाद डॉक्टर की कमी पूरी होगी एवं बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में सीटें बढ़ाने की परेशानी भी खत्म होगी। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के लिए जो भी वित्तीय आवश्यकता है उसका एक विस्तृत प्रारूप तैयार कर प्रस्तुत करें जिससे सभी कार्य समय सीमा में कराये जा सकें।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने यमुना नदी के गंभीर प्रदूषण का हवाला देते हुए कोई भी निर्देश जारी करने से इनकार कर दिया

नई दिल्ली यमुना नदी के तट पर छठ पूजा करने की अनुमति मांगने के लिए एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई, जिसमें इस अनुष्ठान पर प्रतिबंध को चुनौती दी गई। हालांकि, दिल्ली उच्च न्यायालय ने यमुना नदी के गंभीर प्रदूषण का हवाला देते हुए कोई भी निर्देश जारी करने से इनकार कर दिया। दिल्ली के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि लोगों को नदी में पूजा करने की अनुमति देने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने हाल ही में हुए एक मामले का हवाला दिया जिसमें एक व्यक्ति प्रदूषित पानी में डुबकी लगाने के बाद बीमार पड़ गया था और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अदालत ने यह भी बताया कि पूजा के लिए करीब 1,000 वैकल्पिक स्थान निर्धारित किए गए थे, तथा उत्सव के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई थी। परिणामस्वरूप, याचिका खारिज कर दी गई। न्यायालय ने कहा कि अन्य घाट और निर्दिष्ट क्षेत्र हैं जहां लोग सुरक्षित रूप से पूजा कर सकते हैं। लोग बीमार पड़ सकते हैं- कोर्ट अदालत ने कहा कि यह प्रतिबंध संभवतः यमुना नदी में प्रदूषण के उच्च स्तर के कारण लगाया गया है, तथा चेतावनी दी कि ऐसे जहरीले पानी में नहाने से लोग बीमार पड़ सकते हैं। न्यायालय पूर्वांचल नव निर्माण संस्थान द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें यमुना नदी के तट पर छठ पूजा करने की अनुमति मांगी गई थी। याचिकाकर्ता का तर्क है कि पहले कोविड-19 महामारी के दौरान अनुमति नहीं दी गई थी और अब प्रतिबंध फिर से लगा दिए गए हैं, जिससे लोगों को दिल्ली में पारंपरिक तरीके से पूजा करने से रोका जा रहा है। दिल्ली सरकार के वकील ने अदालत को बताया कि लोगों के लिए अन्य स्थानों पर अनुष्ठान करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। जहरीले झाग ने भक्ति को फीका कर दिया मंगलवार को पारंपरिक ‘नहाय खाय’ के साथ चार दिवसीय छठ पर्व शुरू हुआ, लेकिन दिल्ली में कालिंदी कुंज के पास यमुना नदी के तट पर एक भयावह दृश्य ने धार्मिक भावना को बाधित कर दिया। हाल ही में श्रद्धालु बड़ी संख्या में एकत्र हुए थे और उन्होंने पूजा-अर्चना की तथा पवित्र स्नान किया, जो सूर्य देव को समर्पित त्यौहार का एक अभिन्न अंग है। हालांकि, नदी की सतह पर तैरते जहरीले झाग के दृश्य ने उनकी भक्ति को फीका कर दिया, जो शहर के चल रहे प्रदूषण संकट की भयावह याद दिलाता है।

भोपाल कलेक्टोरेट गाइडलाइन पर पहले जन-प्रतिनिधियों से चर्चा करें : उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने भोपाल कलेक्टर गाइडलाइन के संबंध में सभी जन-प्रतिनिधियों से चर्चा करने के बाद अंतिम निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा के निवास पर आज यहां कलेक्टर गाइडलाइन के संबंध में भोपाल सांसद श्री आलोक शर्मा, विधायक सर्वश्री रामेश्वर शर्मा और भगवानदास सबनानी ने सुझाव पत्र सौंपा। श्री देवड़ा ने प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर, महानिरीक्षक पंजीयन, कलेक्टर भोपाल और संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों से इस संबंध में चर्चा कर कहा कि वे पहले जन-प्रतिनिधियों से प्रत्येक बिंदु पर चर्चा कर उनका मत और सुझाव लें। इसके बाद अग्रिम कार्यवाही करें।  

स्व-सहायता समूह ने बदली मंजूलता की ज़िन्दगी, जैविक खेती से बढ़ाई आय

भोपाल मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन महिलाओं को स्व-सहायता समूह से जोड़कर उनकी क्षमतावृद्धि कर रहा है। मिशन में महिलाओं को आर्थिक मदद देकर आयमूलक गतिविधियों से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में कटनी जिले के ग्राम बण्डाट की मंजूलता हल्दकार भी हैं, जो आज समूह से जुडकर खुशहाल रूप में जीवन यापन कर रही है। मंजूलता कहती हैं कि वे स्वयं सहायता समूह से जुडने पूर्व मजदूरी करके जीवन यापन करती थी। आय का सशक्त साधन न होनें के कारण, यदि उन्हें अचानक किसी कार्य के लिए पैसों की जरूरत पड़ जाती थी, तो उसकी व्यवस्था करनें में काफी परेशानी उठानी पड़ती थी। यदि कहीं से पैसे ब्याज पर मिलते भी थे तो उसकी ब्याज दर ज्यादा होने के कारण उसे चुका पाना संभव नहीं था। स्व-सहायता समूह से जुड़ने के फायदों को समझकर मंजूलता ने भी अपने आर्थिक स्तर की 14 महिलाओं को जोडकर “जागृति स्व-सहायता समूह” बनाया। समूह की सदस्य बनी सभी महिलाओं ने प्रत्येक सप्ताह 10 रूपये से बचत करना प्रारंभ किया। प्रथम ग्रेडिंग के रूप में प्राप्त 14 हजार रुपये एवं उसके पश्चात् समूह को सीआईएफ राशि 50 हजार ग्राम संगठन से प्राप्त हुई। प्राप्त राशि की मदद लेकर मंजूलता ने कृषि कार्य को बढ़ावा दिया। साथ ही उन्होंने मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से सब्जी उत्पादन का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया। मंजूलता ने खेत में टमाटर, बैगन, मिर्च, लौकी, खीरा, हल्दी और अदरक की व्यावसायिक खेती करना शुरू किया। सब्जी लगाकर उन्होंने अच्छी फसल उगाई जिससे उनके परिवार की आय में वृद्धि होने लगी है। आज मंजूलता आपने साथ ग्राम के अन्य लोगों को भी सब्जी उत्पादन की समझाईश देती हैं।

योगी सरकार ने छठ महापर्व पर घाटों की स्वच्छता और सौंदर्यीकरण के लिए बढ़ाए कदम

लखनऊ छठ महापर्व के अवसर पर योगी सरकार प्रदेश में स्वच्छ घाट प्रतियोगिता 2.0 का आयोजन कर रही है। 8 नवंबर 2024 तक आयोजित इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य घाटों पर स्वच्छता, सौंदर्यीकरण, और प्लास्टिक मुक्त परिवेश सुनिश्चित करना है। विभिन्न निकायों के बीच इस प्रतियोगिता को बढ़ावा देने के लिए अनेक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया है। प्रतियोगिता के अंतर्गत घाटों पर साफ-सफाई बनाए रखने हेतु अर्पण कलश स्थापित किए गए हैं, जिससे लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके। इसके साथ ही, घाटों को नो प्लास्टिक जोन घोषित किया गया है ताकि प्लास्टिक और थर्माकोल के उपयोग को प्रतिबंधित किया जा सके। प्रतियोगिता के दौरान घाटों पर शौचालयों और स्नान घरों की स्थापना की जा रही है। इन सुविधाओं का नियमित रखरखाव भी सुनिश्चित किया जा रहा है। स्वच्छ सारथी क्लब, स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, एनजीओ और अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं की भागीदारी से इन सुविधाओं को सुदृढ़ बनाया जा रहा है। घाटों का सौंदर्यीकरण और पूर्ण रूप से बदलाव लाने के लिए नवाचार गतिविधियों का आयोजन किया गया है। कूड़े के उचित निपटान हेतु डस्टबिन की व्यवस्था की गई है ताकि घाट क्षेत्र हमेशा साफ-सुथरा बना रहे। साथ ही, घाटों की स्वच्छता में अधिकतम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इस स्वच्छता अभियान में एनजीओ, सीएसओ और अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग प्राप्त हो रहा है। इन संगठनों द्वारा घाटों पर सफाई अभियान चलाया जा रहा है और लोगों को स्वच्छता का महत्व समझाया जा रहा है।  

भारत और चीन के सैनिक पूर्वी लद्दाख के डेपसांग में गश्त के बारे में बनी आम सहमति का पालन कर रहे हैं : सेना

नई दिल्ली सेना ने बुधवार को स्पष्ट किया कि भारत और चीन के सैनिक पूर्वी लद्दाख के डेपसांग में गश्त के बारे में बनी आम सहमति का पालन कर रहे हैं और किसी भी पक्ष की ओर से इसमें बाधा उत्पन्न नहीं की जा रही है। सेना ने एक अंग्रेजी दैनिक में ‘ डेपसांग में गश्त बहाल करने पर बातचीत बाधित हुई’ शीर्षक से प्रकाशित समाचार पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि गत 21 अक्टूबर को बनी सर्वसम्मति के आधार पर, दोनों पक्षों ने प्रभावी ढंग से सैनिकों को पीछे हटाया है । भारतीय पक्ष ने अपने पारंपरिक गश्त वाले क्षेत्रों में गश्त फिर से शुरू कर दी है। दोनों पक्ष आम सहमति का पालन कर रहे हैं और किसी भी पक्ष द्वारा कोई बाधा उत्पन्न नहीं की गई है। सेना ने कहा है कि यह स्पष्ट किया जाता है कि इस अंग्रेजी दैनिक में बुधवार को प्रकाशित लेख काल्पनिक और तथ्यों से परे है। सेना ने मीडिया से अनुरोध किया है कि वह ऐसे संवेदनशील लेख प्रकाशित करने से पहले तथ्यों को सत्यापित कर लें। उल्लेखनीय है की अंग्रेजी दैनिक में प्रकाशित खबर में कहा गया है कि गश्त के तौर तरीकों को लेकर भारत और चीन के सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत में गतिरोध उत्पन्न हो गया है। उल्लेखनीय है कि भारत और चीन के बीच करीब साढ़े चार वर्षों के गतिरोध के बाद 21 अक्टूबर को गश्त व्यवस्था को लेकर आम सहमति बनी थी, जिसके बाद दोनों पक्षों ने अपने-अपने सैनिकों को पीछे हटाया था और डेपसांग तथा डेमचोक दोनों क्षेत्रों में अगस्त शुरू हो गई थी।  

प्रधानमंत्री जनमन योजना में अब तक 11 हजार 826 से अधिक जनजातीय घर हुए रोशन

भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्य एवं पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा “प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान” (प्रधानमंत्री जनमन योजना) आरडीएसएस के तहत जनजातीय बहुल जिलों में अब तक 11 हजार 826 घरों को रोशन किया गया है। गौरतलब है कि योजना में ग्वालियर, विदिशा, अशोकनगर, श्योपुर, दतिया, गुना, शिवपुरी, रायसेन, भिण्ड, अनूपपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडोरी, मंडला, नरसिंहपुर, शहडोल, सीधी, कटनी, जबलपुर, उमरिया और सिंगरौली जिले शामिल हैं। इस योजना में जनजातीय बहुल गावों एवं मजरा-टोलों को ऊर्जीकृत किया जा रहा है।  

अचल संपत्ति के बाजार मूल्य गाइड लाइन के अनुमोदन के लिए हुई केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक

भोपाल मध्यप्रदेश बाजार मूल्य मार्गदर्शक सिद्धांतों का बनाया जाना और उनका पुनरीक्षण नियम, 2018 के नियम-9 के तहत वर्ष 2024-25 की शेष अवधि के लिये अचल संपत्ति के बाजार मूल्य गाइड लाइन के अनुमोदन के लिये केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक हुई। अध्यक्ष, केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड/महानिरीक्षक पंजीयन, मध्यप्रदेश ने बैठक की अध्यक्षता की। केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड के समक्ष राजधानी भोपाल के लिए उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री को संबोधित पत्र में उल्लेखित जिला मूल्यांकन समिति भोपाल के प्रस्ताव को संबंधितों से चर्चा किये जाने के बाद पुनः प्रस्ताव प्रेषित किये जाने का निर्णय लिया गया। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लागू विधानसभा चुनाव आदर्श आचार संहिता के कारण श्योपुर एवं सीहोर जिले को छोड़कर शेष समस्त समितियों द्वारा प्रेषित प्रस्ताव का परीक्षण किया गया। वर्ष 2024-25 की शेष अवधि के लिए गाइडलाइन तैयार करते समय ऐसी समस्त लोकेशन जहां गाइडलाइन दरें वास्तविक दरों से काफी कम हैं एवं जहां गाइडलाइन मूल्य से अधिक मूल्यों पर दस्तावेज पंजीबद्ध हो रहे हैं, ऐसी लोकेशनों का विभिन्न मापदण्डों जैसे टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के नवीन ले-आउट,अकृषिक प्रयोजन हेतु व्यपवर्तन की जानकारी,उपलब्ध डाटा के आधार पर डाटा एनालिटिक्स, ए.आई. एवं जिले के स्थानीय सर्वे आदि के विश्लेषण उपरांत जिलों से प्राप्त प्रस्तावों का केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा अनुमोदित किया गया। उक्त अनुक्रम में प्रदेश की लगभग 1.12 लाख गाइडलाइन लोकेशन में से मात्र 3 प्रतिशत लोकेशन पर 0.94 प्रतिशत की वृद्धि की अनुमति दी गई। पहली बार केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा जिला मूल्यांकन समितियों से प्राप्त गाइडलाइन प्रस्तावों को वर्ष 2024-25 की शेष अवधि हेतु अनुमोदन के बाद प्रभावशील किये जाने के संबंध में निर्देश/परामर्श हेतु शासन को प्रस्ताव प्रेषित किये जाने का भी निर्णय लिया गया।  

सायबर धोखाधड़ी से लोगों को बचाने के लिए सघन जागरूकता अभियान चले, राज्यस्तरीय कॉल सेंटर बनेगा: मुख्यमंत्री

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के दुरुपयोग से बचने के लिए पुलिस को सतर्क रहने के लिए कहा है। मंत्रालय में गृह विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश पुलिस को ‘फ्यूचर रेडी’ यानी भविष्य के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है। इसके लिए सूचना प्रौद्योगिकी की अद्यतन तकनीकों का उपयोग किया जाए। प्रत्येक थाने में सायबर डेस्क, हर जिले में सायबर थाना और राज्य स्तर पर कॉल सेंटर बनाया जाए। सायबर धोखाधड़ी से लोगों को बचाने के लिए सघन जागरूकता अभियान चले। हाल ही में बांधवगढ़ में 10 हाथियों की मौत के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में वन्य पशुओं की गतिविधियों से जन जीवन प्रभावित होने या जन हानि की आशंका है वहां वन विभाग से समन्वय और सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हुए पुलिस सक्रिय रहे। पुलिस सोशल मीडिया पर निगरानी रखे मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस सोशल मीडिया पर चलने वाली गतिविधियों और मैसेज आदि पर निगरानी रखे। भ्रामक, गलत खबर फैलाने वालों पर त्वरित कार्रवाई करें। कानून-व्यवस्था के साथ अन्य भ्रामक खबरों के बारे में संबंधित विभाग को तथ्यों की जांच करने के लिए कहें जिससे वस्तुस्थिति पता चल सके। नए क्रिमिनल कोड के संबंध में प्रशिक्षण दें। प्रत्येक प्रकरण की जांच और चालान प्रस्तुत करने के लिए आवश्यकतानुसार पेन ड्राइव, टेबलेट इत्यादि पुलिस स्टाफ को उपलब्ध कराने विभागीय स्तर पर बजट प्रविधान किया जाए। प्रत्येक संभाग में एफएसएल लैब बने। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन व अन्य अधिकारी उपस्थित थे। ये भी दिए निर्देश एडीजी स्तर के अधिकारी नियमित रूप से संभाग स्तर पर दौरे और अपराधों की समीक्षा करें। उज्जैन में महाकाल मंदिर क्षेत्र के प्रबंधन के लिए मंदिर क्षेत्र में थाना स्थापित करें। महिला अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष प्रयास और महिला सशक्तीकरण पर केंद्रित गतिविधियां चलाएं। नाबालिग बालिकाओं के साथ दुष्कर्म के आरोपितों को कठोरतम दंड दिलाना सुनिश्चित करें। गुम बालिकाओं की बरामदगी के लिए विशेष अभियान चले। संदिग्ध हुक्काबार, नाइट क्लब आदि पर भी निगरानी बढ़ाएं। नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए पड़ोसी राज्यों से समन्वय कर अंतरराज्यीय गिरोहों के विरुद्ध अभियान चलाएं। नशे के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कड़ी निगरानी की जाए। पुलिसकर्मी और अधिकारी को स्वयं का आवास निर्मित करने के लिए विभाग की ओर से दी जाने वाली अनुमति और ऋण व्यवस्था की प्रक्रिया सरल बनाएं। समयबद्ध पदोन्नति हो। गौ-तस्करों पर भी कठोर कार्रवाई की जाए। मार्च 2026 तक नक्सली गतिविधियों को पूरी तरह से खत्म करें बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नक्सल विरोधी अभियान संबंधी बैठक में मार्च-2026 तक नक्सल गतिविधियों को पूर्णत: समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। इस लक्ष्य को पाने के लिए प्रदेश के संभावित नक्सल क्षेत्र में सघन आपरेशन चलाया जाए। आवश्यकतानुसार हाकफोर्स की भर्ती की जाए।

छठ पूजा का पर्व सूर्य देवता की उपासना और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का महान अवसर: मंत्री देवांगन

रायपुर नगर विधायक व वाणिज्य, उद्योग और श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने जिले व प्रदेशवासियों को छठ पूजा की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान भास्कर व छठी मइया सबकी मनोकामना पूर्ण करें। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि छठ पूजा का पर्व सूर्य देवता की उपासना और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का महान अवसर है। यह पर्व प्रकृति और मानव के बीच के प्रेम को दशार्ता है। सूर्य देवता की आराधना से हम जीवन के हर पहलू में सकारात्मकता और नई ऊर्जा का अनुभव करते हैं। उन्होंने कहा कि छठ पूजा का महत्व सिर्फ धार्मिक आस्था में नहीं, बल्कि हमारे समाज की सांस्कृतिक, एकता और सौहार्द्र में भी निहित है। यह पर्व हमें एकजुट कर हमें अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को सही तरीके से निभाने की प्रेरणा देता है। इसके साथ ही मंत्री श्री देवांगन ने नगर निगम और पुलिस प्रशासन से छठ पूजा के दौरान सभी प्रमुख छठ घाटें में पर्याप्त लाइट, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

छत्तीसगढ़ के 36 अलंकरण से विभूतियों एवं संस्थाओं को उप राष्ट्रपति धनखड़ ने किया सम्मानित

रायपुर उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड ने आज छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के राज्य अलंकरण समारोह में छत्तीसगढ़ के 36 अलंकरण से विभिन्न क्षेत्रों से उत्कृष्ट योगदान देने वाले 37 विभूतियों एवं 4 संस्थाओं को सम्मानित किया। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने समारोह की अध्यक्षता की। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह उपस्थित रहे।    राजधानी नवा रायपुर में राज्योत्सव के तीसरे दिन राज्य की महान विभूतियों के नाम से अलंकरण प्रदान करने समारोह का आयोजन किया गया। राज्य अलंकरण समारोह में उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा आदिवासी पिछड़ा वर्ग के उत्थान के लिए शहीद वीरनारायण सिंह पुरस्कार श्री बुटलू राम माथरा को प्रदान किया। इसी प्रकार सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दिया जाने वाला अहिंसा एवं गौ-रक्षा के क्षेत्र में यति यतनलाल सम्मान मनोहर गौशाला खैरागढ़, खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए गुण्डाधूर सम्मान सुश्री छोटी मेहरा, खेल (तीरंदाजी) के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव सम्मान श्री विकास कुमार को प्रदान किया गया। इसी प्रकार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिला उत्थान के क्षेत्र में मिनीमाता सम्मान के लिए सतनामी महिला समिति कोहका जिला दुर्ग को, महिलाओं में वीरता, शौर्य, साहस तथा आत्मबल को सशक्त बनाने के लिए वीरांगना रानी अवंतिबाई लोधी स्मृति पुरस्कार श्रीमती अदिती कश्यप और महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष, नारी उत्थान के लिए माता बहादुर कलारिन सम्मान कुमारी चित्ररेखा सिन्हा, आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा सामाजिक चेतना और दलित उत्थान के क्षेत्र में गुरू घासीदास सम्मान श्री राजेन्द्र रंगीला (गिलहरे), सहकारिता विभाग द्वारा सहकारिता के क्षेत्र में ठाकुर प्यारेलाल सम्मान श्री शशिकांत द्विवेदी को प्रदान किया गया। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए पंडित रविशंकर शुक्ल सम्मान अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम जशपुरनगर, जिला जशपुर, संस्कृति विभाग द्वारा हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए पंडित सुन्दरलाल शर्मा सम्मान डॉ. सत्यभामा आडिल, संस्कृति विभाग द्वारा संगीत एवं कला के क्षेत्र में चक्रधर सम्मान पं. श्री सुधाकर रामभाऊ शेवलीकर को प्रदान उप राष्ट्रपति श्री धनखड़ ने प्रदान किया। संस्कृति विभाग द्वारा लोककला एवं शिल्प के क्षेत्र में दिया जाने वाला दाऊ मंदराजी सम्मान श्री पंडीराम मंडावी को प्रदान किया गया। संस्कृति विभाग द्वारा ही छत्तीसगढ़ी लोकगीत के लिए लक्ष्मण मस्तुरिया सम्मान श्रीमती निर्मला ठाकुर (बेलचंदन) और छत्तीसगढ़ी लोक संगीत के लिए खुमान साव सम्मान श्री दुष्यंत कुमार हरमुख, कृषि विभाग द्वारा कृषि के क्षेत्र में डॉ. खूबचंद बघेल सम्मान संयुक्त रूप से श्री शिवकुमार चंद्रवंशी और श्री खेमराज पटेल को प्रदान किया गया। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सामाजिक समरसता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए महाराजा अग्रसेन सम्मान श्री सियाराम अग्रवाल, समाज कल्याण विभाग द्वारा दानशीलता, सौहार्द्र एवं अनुकरणीय सहायता के क्षेत्र में दानवीर भामाशाह सम्मान श्री सुभाष चंद अग्रवाल, मत्स्य विभाग द्वारा मछली पालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए श्रीमती बिलासाबाई केंवटीन मत्स्य विकास पुरस्कार श्री विनोद दास को उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने प्रदान किया।   आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा आदिवासियों की सेवा और उत्थान के क्षेत्र में दिया जाने वाला भंवर सिंह पोर्ते सम्मान छत्तीसगढ़ आदिवासी कल्याण संस्थान अनुपम नगर रायपुर को प्रदान किया गया। श्रम विभाग द्वारा श्रम के क्षेत्र में महाराजा रामानुज प्रताप सिंहदेव पुरस्कार संयुक्त रूप से सुरेन्द्र कुमार राठौर, श्री शोभा सिंह एवं श्री ललित कुमार नायक को प्रदान किया गया। गृह (पुलिस) विभाग द्वारा अपराध अनुसंधान क्षेत्र में पंडित लखन लाल मिश्र सम्मान श्री रामनरेयश यादव, ग्रामोद्योग विभाग द्वारा बुनकर क्षेत्र में बिसाहूदास महंत पुरस्कार संयुक्त रूप से श्री पन्नालाल देवांगन और श्री बहोरी लाल देवांगन को उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने प्रदाय किया। ग्रामोद्योग विभाग द्वारा बुनकर के क्षेत्र में राजराजेश्वरी करूणामाता हाथकरघा प्रोत्साहन पुरस्कार संयुक्त रूप से श्री सत्यनारायण देवांगन एवं श्री अरूण मेहर को प्रदान किया गया। संस्कृति विभाग द्वारा प्रदर्शनकारी लोककला क्षेत्र में देवदास बंजारे स्मृति पुरस्कार श्री भगत गुलेरी, संस्कृति विभाग द्वारा लोक शैली पंथी नृत्य प्रदर्शनकारी कला क्षेत्र में देवदास स्मृति पंथी नृत्य पुरस्कार श्री साधे लाल रात्रे, संस्कृति विभाग द्वारा हिन्दी-छत्तीसगढ़ी सिनेमा में रचनात्मक लेखन, निर्देशन, अभिनय, पटकथा, निर्माण के क्षेत्र में किशोर साहू सम्मान श्री प्रकाश अवस्थी, संस्कृति विभाग द्वारा ही हिन्दी-छत्तीसगढ़ी सिनेमा में निर्देशन के लिए दिया जाने वाला किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरण श्री सतीश जैन को प्रदान किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा तथा शोध एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए धनवन्तरि सम्मान डॉ. मनोहर लाल लहेजा को प्रदान किया गया। विधि एवं विधायी विभाग द्वारा विधि के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हेतु बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल सम्मान संयुक्त रूप से श्री सुरेन्द्र तिवारी और श्री प्रकाश चंद्र पंत को, संस्कृति विभाग द्वारा देश के बाहर सामाजिक कल्याण, मानव संसाधन विकास, कला, साहित्य अथवा आर्थिक योगदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए छत्तीसगढ़ अप्रवासी भारतीय सम्मान श्री आनंद कुमार पांडे, संस्कृति विभाग द्वारा साहित्य, आंचलिक साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कार डॉ. पीसी लाल यादव को उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने प्रदान किया। जनसंपर्क विभाग द्वारा पत्रकरिता प्रिंट मीडिया हिन्दी के क्षेत्र में चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार श्री भोलाराम सिन्हा, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (हिन्दी) के क्षेत्र में श्री मोहन तिवारी, प्रिंट मीडिया (अंग्रेजी) के क्षेत्र में मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार श्री मुकेश एस. सिंह, रचनात्मक लेखन और हिन्दी भाषा क्षेत्र में प्रदाय किए जाने वाले पंडित माधवराव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान श्री अतुल जैन को प्रदान किया गया।

एलएमवी लाइसेंस धारक 7500 किलोग्राम से कम वजन वाली गाड़ी चलाने का हकदार: उच्चतम न्यायालय

नई दिल्ली उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि हल्का मोटर वाहन (एलएमवी) लाइसेंस धारक 7500 किलोग्राम से कम वजन वाले माल या सवारी गाड़ी भी चला सकते हैं। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय, न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा, न्यायमूर्ति पंकज मिथल और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने यह ‌फैसला सुनाते हुए कहा कि इससे उन हल्के मोटर वाहन धारकों को अपने बीमा दावा करने में मदद मिलेगी, जो 7500 किलोग्राम से कम वजन वाले वाहन को चलाते हुए पाये जाते हैं। पीठ ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि इस दलील के विपरीत कोई आंकड़ा नहीं पेश नहीं किया गया है। पीठ की ओर से फैसले के अंश पढ़ते हुए न्यायमूर्ति रॉय ने कहा कि लाइसेंसिंग व्यवस्था हमेशा एक जैसी नहीं रह सकती, क्योंकि उसे (पीठ को) उम्मीद है कि मौजूदा खामियों को दूर करने के लिए कानून में उपयुक्त संशोधन किए जाएंगे। शीर्ष अदालत ने सड़क सुरक्षा को वैश्विक स्तर पर एक गंभीर सार्वजनिक मुद्दा बताते हुए कहा कि भारत में सड़क दुर्घटनाओं की वजह से 1.7 लाख लोग मारे गए हैं। पीठ ने अपने फैसले में सीट बेल्ट नियमों का पालन न करने, मोबाइल का उपयोग करने, नशे में होने आदि जैसे कारणों का जिक्र करते हुए यह भी बताया कि वाहन चलाने के लिए विशेष कौशल की आवश्यकता होती है, लेकिन ‘यह कहना कि यह (दुर्घटना) हल्के मोटर वाहन चालकों के कारण हुआ, निराधार है।” पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि सड़क सुरक्षा को कानून के सामाजिक उद्देश्य के साथ संतुलित किया जाना चाहिए और वह संविधान पीठ में सामाजिक नीति के मुद्दों पर फैसला नहीं कर सकती है। इस परिप्रेक्ष्य में अदालत ने केंद्र से पूछा कि क्या इस कानूनी सवाल पर कानून में बदलाव की आवश्यकता है कि क्या हल्के मोटर वाहन (एलएमवी) ड्राइविंग लाइसेंस रखने वाला व्यक्ति किसी विशेष वजन के परिवहन वाहन को चलाने का हकदार है।  

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