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आयुक्त लोक शिक्षण राज्य स्तरीय बैण्ड प्रतियोगिता में हुई शामिल

भोपाल बैण्ड गतिविधियां, विद्यार्थियों में लयबध्द संगीत के साथ अनुशासन और टीम भावना विकसित करती है । स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहना चाहिए। इससे उनका समग्र रूप से विकास होता है। मध्यप्रदेश के स्कूलों ने राष्ट्रीय स्तर की बैण्ड प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन कर देश भर में अपने राज्य का नाम रौशन किया है। उन्होंने कहा कि बैण्ड गतिविधियों का अधिक से अधिक विद्यालयों में विस्तार किया जायेगा। आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता राजधानी भोपाल के अरेरा कॉलोनी स्थित केम्पियन स्कूल में राज्य स्तरीय बैंड प्रतियोगिता के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रही थी। उन्होंने गुब्बारे उड़ाकर बैण्ड प्रतियोगिता के शुभारंभ की उद्घोषणा की। आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती गुप्ता ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के गुणात्मक सुधार के साथ साहित्यिक, गीत-संगीत, खेलकूद और योग से जुड़ी गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है। मैदान में उपस्थित दर्शकों ने प्रदेश के सभी से संभागों से शामिल हो रहे ब्रास बैंड और पाइप बैंड की 19 विजेता टीमों के सहभागी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर संचालक लोक शिक्षण डी.एस. कुशवाहा भी मौजूद थे। प्रतियोगिता में ब्रास बैंड और पाइप बैंड श्रेणियों की विजेता टीमों के द्वारा राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सेदारी की जायेगी। राष्ट्रीय स्तर की विजेता और उप विजेता टीम को नई दिल्ली में आयोजित होने वाली वर्ष 2025 की गणतंत्र दिवस परेड में सहभागिता करने का अवसर मिलेगा। उल्लेखनीय है कि पिछले दो वर्षों से मध्यप्रदेश की बैण्ड टीम को गणतंत्र दिवस परेड में सहभागिता का अवसर मिल रहा है। प्रदेश में इस वर्ष स्कूल बैण्ड प्रतियोगिता संभागीय स्तर और इसके बाद राज्य स्तर पर आयोजित की जा रही है। वर्ष 2023 में वेस्टर्न जोन बैण्ड प्रतियोगिता का आयोजन शिव छत्रपति स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पुणे में आयोजित किया गया था। प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश से बालिका ब्रास बैण्ड प्रतियोगिता में भोपाल के कार्मल कॉन्वेन्ट स्कूल बीएचईएल और मॉडल स्कूल टीटी नगर, बालक पाइप बैण्ड प्रतियोगिता में ओलम्पस स्कूल विदिशा, ब्रास बैण्ड बाल प्रतियोगिता में सेंट जोसफ कॉन्वेंट स्कूल इटारसी ने श्रेष्ठ प्रदर्शन किया था।  

मंत्री तोमर ने अस्पताल में व्याप्त गंदगी और ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों की गैर मौजूदगी पर गहरी नाराजगी की व्यक्त

करैना करैना सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती मरीज रात में अचानक अपने बीच शिवपुरी जिले के प्रभारी और ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को देखकर अचंभित हो गये। उन्होंने आश्चर्यचकित भाव से प्रभारी मंत्री को अपनी बीमारी के संबंध में जानकारी दी। तोमर ने अस्पताल में व्याप्त गंदगी और ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों की गैर मौजूदगी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं में जल्द सुधार नहीं किया तो सम्बन्धित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी। प्रभारी मंत्री तोमर ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने करैरा कृषि उपज मंडी पहुंचकर किसानों को खाद वितरण में आ रही समस्याओं पर तुरंत संज्ञान लिया और किसानों को सुचारू एवं बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। तोमर ने किसानों को भरोसा दिलाया कि आपकी हर समस्या का समाधान आपके सेवक की पहली प्राथमिकता है। तोमर ने करैरा शहर में मोटर साइकिल से भ्रमण कर सफ़ाई व्यवस्था का निरीक्षण किया और जन समस्याएँ सुनीं। साथ ही पीने के पानी की आपूर्ति के लिये संचालित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण कर अधिकारियों को सुधार के लिए आवश्यक निर्देश दिए। जिला प्रशासन, पुलिस तथा स्थानीय निकाय और विद्युत वितरण कम्पनी के अधिकारी भी ऊर्जा मंत्री के निरीक्षण के दौरान उपस्थित रहे।  

महाकुंभ में गैर-ह‍िंदुओं के प्रवेश पर द‍िए गए बयान को आनंद महाराज ने बताया सही

सीहोर मध्य प्रदेश में सीहोर बढियाखेड़ी स्थित श्रीराम जानकी अधिकारी मंदिर अन्नकूट महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें संयुक्त राष्ट्रीय महामंत्री अखिल भारतीय संत समिति के महामंडलेश्वर श्री राधे राधे बाबा शामिल हुए। इस दौरान श्री राधे राधे बाबा ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के महाकुंभ में गैर-ह‍िंदुओं के प्रवेश पर द‍िए गए बयान को सही बताया है। उन्होंने कहा महाकुंभ में गैर-ह‍िंदुओं पर रोक लगनी चाहिए। कार्यक्रम में कार्यकारीअध्यक्ष म.प्र.अ.भा. संत समिति स्वामी अनिल आनंद महाराज ने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के महाकुंभ में गैर-ह‍िंदुओं के प्रवेश पर द‍िए गए बयान को लेकर कहा कि पवित्र नगरी में पवित्र कुंभ लगाया जाता है। पूरे साधु संत उसमें मौजूद रहते हैं, अगर सिंहस्थ में गैर-ह‍िंदुओं पर वेन नहीं लगते तो आप भी हमें मक्का मदीना जाने की आजादी दीजिए। हमारे हिंदुओं को वहां जाने नहीं दिया जाता। तो संत समाज यहां मुस्लिमों का प्रवेश वर्जित कर रहा है। कार्यकारी अध्यक्ष, मध्य प्रदेश अखिल भारतीय संत समिति सनातन धर्म के प्रखर वक्ता और आतंकवादियों पर खुलकर बयान देने वाले महामंडलेश्वर राधे राधे बाबा स्वामीअनिल आनंद जी हाल ही में इंदौर में पटाखे फोड़ने की बात पर हुए विवाद में पत्थरबाजी की घटना सहित अन्य मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रख चुके हैं। एक बार फिर उन्होंने कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री के दिए गए बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है उन्होंने कहा, धीरेंद्र शास्त्री सनातन धर्म के ध्वजवाहक हैं। उनके द्वारा दिया गया बयान उचित है। क्योंकि जब आप थूक-जिहाद कर सकते हो, बाथरूम करके आटा गूंधकर लोगों को रोटी खिला सकते हो, फलों में थूक थूक कर दे रहे हो, तो संत इसे स्वीकार नहीं कर सकते। उन्होंने कहा संतों ने बहुत अच्छा कदम उठाया है। गैर-ह‍िंदुओं को सिंहस्थ में प्रवेश से वर्जित किया जाना चाहिए, क्योंकि यह पवित्र नगरी है, और यहां पवित्र कुंभ आयोजन होता है। पूरे साधु-संत उसमें शामिल होते हैं। अगर हम सिंहस्थ में मुसलमानों पर प्रतिबंध नहीं लगाते, तो आप हमें मक्का-मदीना जाने की आजादी दीजिए, जहां हिंदुओं को वहां जाने की अनुमति नहीं मिलती। अगर संत समाज यहां मुसलमानों का प्रवेश वर्जित कर रहा है तो इसमें गलत क्या है? इसलिए मैं इस बात का समर्थन करता हूं, और धीरेंद्र शास्त्री जी ने जो कहा वह बिल्कुल सही है।

देवउठनी एकादशी: योग निद्रा से जागेंगे श्रीहरि विष्णु, जाने शुभ मुहूर्त

देवउठनी एकादशी को प्रबोधिनी एकादशी या देवोत्थान एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु अपनी योग निद्रा से जागते हैं। आइए जानते हैं कि इस वर्ष नवंबर में देवउठनी एकादशी कब है और इसका धार्मिक महत्व क्या है। सनातन धर्म में देवउठनी एकादशी का विशेष महत्व है। यह पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा से जागते हैं, जिससे चातुर्मास का समापन होता है। इसके बाद विवाह, सगाई, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य फिर से आरंभ हो जाते हैं और इस दिन से शुभ मुहूर्त भी देखे जाते हैं। देवउठनी एकादशी की तिथि वैदिक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 11 नवंबर को शाम 6:40 बजे से शुरू होगी और 12 नवंबर को शाम 4:04 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार, देवउठनी एकादशी का पर्व 12 नवंबर को मनाया जाएगा। देवउठनी एकादशी पूजा विधि देवउठनी एकादशी के इस पावन दिन पर भक्त ब्रह्म मुहूर्त में उठकर, सूर्योदय से पहले स्नान कर भगवान विष्णु के व्रत का संकल्प लेते हैं। इसके बाद घर के मंदिर की सफाई कर, भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का ध्यान करते हैं। भगवान को पंचामृत से स्नान कराकर हल्दी या गोपी चंदन का तिलक लगाते हैं। भगवान विष्णु को पीले फूलों की माला, मिठाई, फल और तुलसी के पत्ते अर्पित करते हैं। ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का श्रद्धा से जाप करते हैं और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करते हैं। दिनभर व्रत का पालन करते हुए रात में भजन-कीर्तन और जागरण किया जाता है, और अगले दिन सुबह पूजा के बाद व्रत का पारण किया जाता है। देवउठनी एकादशी के मंत्र – वन्दे विष्णुं भव भय हरं सर्वलोकैक नाथम्। – ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि, तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्। – ॐ नमो नारायणाय। – ॐ नमो भगवते वासुदेवाय। – मङ्गलम् भगवान विष्णुः मङ्गलम् गरुणध्वजः। मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः मङ्गलाय तनो हरिः॥ देवउठनी एकादशी का महत्व देवउठनी एकादशी के साथ शुभ कार्यों का आरंभ हो जाता है। इस दिन शालिग्राम और तुलसी का विवाह भी होता है, जो तुलसी पूजा के महत्व को बढ़ाता है। तुलसी और शालिग्राम की पूजा करने से पितृ दोष समाप्त होता है। इस व्रत से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति भी मजबूत होती है, जो मानसिक शांति और समृद्धि लाने में सहायक है।

सर्दियों में ऐसे रखें डायबिटिज नियंत्रित

अपनी सेहत को सर्दियों में बचाकर रखना पडता है। क्योंकि इस मौसम में रक्त में शर्करा (ब्लड शुगर) के स्तर पर मौसम सीधा असर डालता है। सर्दियों में रक्त गाढ़ा हो जाता है और इस वजह से ब्लड शुगर का स्तर बदलता रहता है। मधुमेह पीड़ितों को चिकित्सकों की सलाह है कि वे सर्दियों में खुद को गर्म रखें और पौष्टिक आहार लें। मौसम में ठंडक आ जाने से पसीने छुड़ा देने वाली गर्मी से तो राहत मिलती है, लेकिन जो लोग मधुमेह से पीड़ित हैं, उन्हें इस मौसम में अपना ध्यान ज्यादा रखना चाहिए। गर्मी और सर्दी दोनों मौसमों के शिखर पर मधुमेह पीड़ितों के ब्लड शुगर के स्तर में गंभीर उतार-चढ़ाव हो सकता है। सबसे अहम बात यह कि मौसम बदलने का शरीर की कार्यप्रणाली और इनसुलिन बनने की प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के महासचिव डॉ. के.के. अग्रवाल ने कहा, सर्दियां कैसे हमारे ब्लड ग्लूकोज लेवल पर असर करती हैं, इस बारे में लोगों में जागरूकता की बेहद कमी है। जब तापमान कम होता है तो शरीर को अच्छे से चलाए रखने के लिए अधिक इनसुलिन की जरूरत होती है। यह भी आम बात है कि जब सर्द मौसम के बाद का मौसम आता है तो शरीर में इंसुलिन की जरूरत कम हो जाती है। उन्होंने कहा कि इस बदलाव की वजह से शरीर में ग्लूकोज और फेरिफेरल टिशू (सतही उत्तकों) में इंसुलिन की मात्रा बढ़ जाती है। सर्दियों में लोग तनाव ज्यादा लेते हैं और अवसाद के शिकार हो जाते हैं। इस तनाव की प्रतिक्रिया में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है। जुकाम और फ्लू से बचें जुकाम और फलू का संक्रमण खतरनाक हो सकता है, अगर सही सावधानियां न बरतीं जाएं। मधुमेह के मरीज अपने डॉक्टर से सलाह लेकर फ्लू का वैक्सीन लगवा लें। हाथों को स्वच्छ रखें, शरीर को उचित आराम दें और सेहतमंद आहार लें। सुरक्षित रहने के लिए खुद को गर्म रखें कंपकंपा देने वाली ठंड के प्रतिकूल प्रभावों से बचने के लिए खुद को गर्म रखें। शरीर को गर्म और सूखा रखने के लिए उचित संख्या में कपड़े पहनें। अपने पैरों को भी अच्छे से ढककर गर्म रखें, खासकर ब्लड सकुर्लेशन से जुड़ी समस्या में। अपने ब्लड शुगर स्तर की नियमित जांच करते रहें। सेहतमंद आहार लें लोग सर्दियों में हाई कैलरी चीजें खाने लगते हैं। मधुमेह पीड़ितों को उचित मात्रा में फल और सब्जियां खानी चाहिए। अत्यधिक मीठे वाले फलों से परहेज करना चाहिए। इन महीनों में शराब का सेवन भी बढ़ जाता है, अच्छी सेहत के लिए उस पर भी सख्त नियंत्रण रखना चाहिए। एक्सरसाइज करें छोटे दिन और लंबी रातें व्यायाम न करने का बहाना हो सकती हैं, लेकिन मधुमेह पीड़ितों के लिए जरूरी है कि वह नियमित रूप से व्यायाम करें। आप नजदीकी शॉपिंग सेंटर या पार्क में सैर करने जा सकते हैं। जिम जाने से पहले या किसी भी किस्म के व्यायाम के बारे में जानकारी लेने के लिए अपने डॉक्टर से सलाह जरूर करें।  

मदरसा बोर्ड की परीक्षा के संबंध में सूचना

भोपाल मध्यप्रदेश मदरसा बोर्ड से मान्यता प्राप्त और राज्य शिक्षा केन्द्र से डाइस कोड प्राप्त मदरसों की वर्ष 2024-25 की वार्षिक एवं अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं पूर्व वर्ष की तरह इस वर्ष भी राज्य शिक्षा केन्द्र के दिशा-निर्देश एवं समय-सारणी अनुसार होगी। इसकी सूचना प्रदेश में संचालित सभी मदरसों को दी जा चुकी है। निर्देशों में कहा गया है कि अर्द्धवार्षिक परीक्षा के प्रश्न-पत्रों के बनाने का कार्य राज्य शिक्षा केन्द्र के ब्लूप्रिंट के अनुसार होगा करेगा। प्रत्येक विषय के प्रश्न-पत्रों की एक-एक प्रति बीआरसी कार्यालय में अनिवार्य रूप से जमा कराई जाये। इस संबंध में अन्य जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से भी प्राप्त की जा सकती है।  

जहरीली हुई हरियाणा के कई जिलों की हवा, प्रदूषण के कारण वातावरण में सुबह और शाम के समय स्मॉग छाया रहता है

हरियाणा हरियाणा में प्रदूषण की स्थिति कई दिनों से खराब बनी हुई है। खासकर दिल्ली से सटे एनसीआर के इलाकों में प्रदूषण बढ़ रहा है। प्रदूषण के कारण वातावरण में सुबह और शाम के समय स्मॉग छाया रहता है। जिससे लोगों को गले, नेत्र और फेफड़ों से संबंधित रोग हो रहे हैं। वहीं सरकार की तरफ से उठाए गए कदम नाकाफी साबित हो रहे हैं। प्रदूषण का स्तर 400 पार पहुंच गया है, मगर अभी तक ग्रैप 3 की पाबंदियां लागू नहीं की गई है। पिछली बार 23 दिसंबर को ग्रैप 3 की पाबंदियां लागू की गई थी। लेकिन इस बार स्थिति पिछली बार से भी ज्यादा खतरनाक है। वहीं हरियाणा में पराली जलाने के मामलों में कमी तो आई है, मगर अब भी किसान पराली जला रहे हैं। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को बहादुरगढ़ में AQI लेवल 500 तक दर्ज किया गया। वहीं बल्लभगढ़ में 422 और भिवानी में एक्यूआई लेवल 402 पर रहा। इसके अलावा सोनीपत में AQI 381, हिसार में 373, गुरुग्राम 369, जींद में 356, कुरुक्षेत्र में 352, धारूहेड़ा में 350 रहा और रोहतक में एक्यूआई 320, फतेहाबाद में 316, यमुनानगर में 314, मंडीखेड़ा में 307 और सिरसा में एक्यूआई लेवल 300 दर्ज किया गया।

उषा ठाकुर ने पंडित शास्त्री के पक्ष में दिग्विजय सिंह को दिया करारा जवाब

इंदौर पूर्व कैबिनेट मंत्री उषा ठाकुर ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बागेश्वरधाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को दी गई सलाह पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। हाल ही में, दिग्विजय ने कहा था कि जो लोग सनातन धर्म की बात करते हैं, उन्हें स्वामी प्रेमानंद जी के सनातन पर दिए गए व्याख्यान को पढ़ना चाहिए। इस पर ठाकुर ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री को दिग्विजय की सलाह की आवश्यकता नहीं है और बागेश्वर धाम के प्रति लोगों की अपनी आस्था है। ठाकुर ने स्पष्ट किया कि हर किसी की अपनी विचारधारा और कार्यशैली होती है, दिग्विजय बेशक कहता रहे की गोमांस खाओ यह गलत नहीं है। धीरेंद्र शास्त्री को अधिकार है कि यह जो हमारा कुंभ है इसमें कोई भी गैर हिंदू शामिल न हो, यह होना भी चाहिए। जिनकी हमारे आस्था में विश्वास नहीं वह क्यों आए कुंभ में, उन पर रोक लगनी चाहिए। मैं आज भी कड़े कदम उठा रही हूं मेरी सरकार मेरे साथ हैं और आने वाले समय में इस पर ध्यान दिया जाएगा और कड़े कदम उठाए जाएंगे। उषा ठाकुर ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री का यह सुझाव कि कुंभ से जुड़े धार्मिक आयोजनों में गैर-हिंदू लोगों की उपस्थिति पर रोक लगाई जाए। सख्त कदम उठाने की आवश्यकता उषा ठाकुर ने इसे एक सार्थक कदम बताते हुए कहा कि जिनकी आस्था नहीं है, उन्हें हमारी धार्मिक परंपराओं में भाग लेने का अधिकार नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रही है और आने वाले समय में धार्मिक आयोजनों में आस्था का सम्मान बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। ठाकुर ने इस बात पर जोर दिया कि धार्मिक आयोजनों में किसी भी प्रकार की आस्था के विपरीत गतिविधियों को रोका जाना चाहिए और इसके लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।

जस्टिस गौतम भादुड़ी हो रहे सेवानिवृत्त, विदाई समारोह का आयोजन आज

बिलासपुर हाई कोर्ट के सीनियर जस्टिस गौतम भादुड़ी 9 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. सीनियर जस्टिस के सम्मान में आज हाई कोर्ट के रूम वन में विदाई समारोह का आयोजन किया गया है. जहां उन्हें चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की मौजूदगी में विधिवत विदाई दी जाएगी. 10 नवंबर 1962 को रायपुर में जन्मे जस्टिस भादुड़ी ने रायपुर से एलएलबी की डिग्री लेने के बाद रायपुर सिविल कोर्ट से ही वकालत शुरुआत की. कुछ वर्ष बाद जबलपुर हाई कोर्ट चले गये. छत्तीसगढ़ के गठन के बाद बिलासपुर में अस्तित्व में आए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में वकालत शुरू की. करीब 13 साल तक काम करने के बाद उन्हें 16 सितंबर 2013 को हाई कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया. इसके बाद से वे न्यायदान करते चले आ रहे हैं. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के चेयरमैन रहते हुए उन्होंने नेशनल लोक अदालतों के बेहतर आयोजन में प्रमुख भूमिका निभाई.

विधानसभा चुनावों के साथ-साथ पार्टी में वैश्य अग्रवाल समुदाय को प्रतिनिधित्व का अभाव देखने को मिला: विजय बंसल

चंडीगढ़ हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में लगातार तीसरी बार कांग्रेस की हार के कारणों की जांच करने और हार का विश्लेषण करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने 3 सदस्य की एक समिति का गठन किया है। जो हरियाणा विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों और अन्य नेताओं से बात करेगी और सुझाव भी लेगी। इसी के मध्य नजर हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रदेश सचिव एवं पूर्व चेयरमैन हरियाणा सरकार विजय बंसल एडवोकेट ने कांग्रेस पार्टी की जांच कमेटी को पत्र लिखकर हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 के अप्रत्याशित परिणामों के संबंध में सुझाव दिए और अपनी प्रतिक्रिया भी दी गई कि कैसे कांग्रेस पार्टी विभिन्न कारणों से सरकार बनाने में सक्षम नहीं हो सकी। विजय बंसल एडवोकेट ने लिखा कि वे पुराने कांग्रेसी हैं जो 1982 से एनएसयूआई में शामिल हुए थे तभी से पार्टी में हैं और तब से एक सच्चे कांग्रेसी के रूप में पार्टी की सेवा कर रहे हैं और उन्होंने हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव और राज्य सरकार में चेयरमैन के रूप में भी काम किया है। विजय बंसल ने कहा लेकिन हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 के परिणामों ने मुझे झकझोर दिया है क्योंकि सत्ता विरोधी लहर के बावजूद यह परिणाम अप्रत्याशित हैं क्योंकि प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार के विरुद्ध लोगों का गुस्सा था और हर चुनाव सर्वेक्षण में हम पूर्ण बहुमत के साथ राज्य में सरकार बना रहे थे। बावजूद इसके हम हरियाणा में सरकार बनाने से वंचित रह गए इस विषय में मेरे विचार में कई कारण रहे हैं।   विजय बंसल ने लिखा कि विधानसभा चुनावों के साथ-साथ पार्टी में वैश्य अग्रवाल समुदाय को प्रतिनिधित्व का अभाव देखने को मिला। वैश्य अग्रवाल समुदाय हरियाणा की कुल आबादी का लगभग 8 प्रतिशत है जो पूरे राज्य में अग्रणी समुदाय है लेकिन इस तथ्य के बावजूद हमारी पार्टी ने अग्रवाल समुदाय के नेताओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं दिया। यह एक कड़वी सच्चाई है कि हरियाणा में जातिगत राजनीति और समुदाय के नेताओं को प्रतिनिधित्व एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है लेकिन यह बहुत चौंकाने वाला तथ्य है कि पूरे 90 विधानसभाओं में से केवल दो टिकट ही अग्रवालों को दिए गए हैं जींद और फरीदाबाद। यहां तक की मेरे जैसे पुराने नेताओं को भी नजरअंदाज कर दिया गया और 8 संसदीय क्षेत्रों में से लगभग 72 विधानसभा क्षेत्रों में अग्रवालों को एक भी टिकट नहीं दिया गया। इसके अलावा बाकी दो संसदीय क्षेत्रों में भी 18 विधानसभा क्षेत्रों से केवल दो टिकट दिए गए हैं और वह भी उन लोगों को जो पिछले विधानसभा चुनावों में हार गए थे। जबकि अंबाला लोकसभा में वैश्य अग्रवाल समुदाय की संख्या सबसे अधिक है पहले कांग्रेस पार्टी अंबाला लोकसभा की 2 विधानसभा से अग्रवाल समुदाय के दो लोगों को टिकट देती थी लेकिन इस बार इस समुदाय के एक भी व्यक्ति को टिकट नहीं दिया जबकि दूसरी ओर बीजेपी ने अंबाला लोकसभा की 2 विधानसभा क्षेत्र से वैश्य अग्रवाल के दो उम्मीदवार उतारे थे पिछली बार अंबाला से बीजेपी के दोनों उम्मीदवार जीते थे और दोनों को मंत्री भी बनाया गया था।

BJP का सराहनीय कदम, केवल सिंह ढिल्लों के प्रयासों से हलके के गांवों में किसानों तक डी.ए.पी. खाद पहुंचनी शुरू हो गई

बरनाला बरनाला विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार केवल सिंह ढिल्लों के प्रयासों से हलके के गांवों में किसानों तक डी.ए.पी. खाद पहुंचनी शुरू हो गई है। आज गांव नंगल व ठुल्लेवाल के किसानों ने डी.ए.पी. खाद उपलब्ध करवाने के लिए केवल सिंह ढिल्लों का धन्यवाद किया। इस मौके पर केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि पिछले दिनों गांवों में चुनाव प्रचार के दौरान किसानों ने डी.ए.पी. खाद की कमी का मुद्दा उनके ध्यान में लाया गया था जिसके बाद उन्होंने 5 नवंबर को खाद मंत्री और बी.जे.पी. के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर बरनाला के किसानों को खाद मुहैया कराने की मांग की थी। इसके अलावा पार्टी के प्रदेश प्रभारी विजय रूपाणी ने भी बरनाला में फोन पर जेपी नड्डा के ध्यान में यह मामला लाया गया जिसके बाद तुरंत बरनाला हलके की सहकारी समितियों में किसानों के लिए डी.ए.पी. खाद तुरंत पहुंचना शुरू हो गई है जिसके तहत बरनाला के विभिन्न गांवों की सहकारी समितियों में डी.ए.पी. खाद से भरे ट्रक पहुंचने शुरू हो गए हैं और किसानों की यह बड़ी समस्या हल हो गई है जिससे उनके किसान भाई समय पर गेहूं की बुआई कर सकेंगे। उन्होंने डी.ए.पी. खाद की व्यवस्था करने के लिए उर्वरक मंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और पंजाब भाजपा प्रभारी विजय रूपाणी का धन्यवाद किया। केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि वह हमेशा बरनाला के किसानों और सभी वर्गों के साथ खड़े हैं। पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने इस कठिन समय में उनके किसान भाइयों को दरकिनार कर दिया और समस्याओं का समाधान किए बिना भाग गई जिसके कारण केंद्र की भाजपा सरकार ने किसान भाइयों का हाथ थाम लिया है। उन्होंने कहा कि डी.ए.पी. खाद की एक और रैक जल्द ही बरनाला के लोगों तक पहुंच जाएगी, जिससे बरनाला के किसानों के लिए डी.ए.पी. खाद आम हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर पंजाब में भाजपा की सरकार बनी और जनता का जनादेश उनके पक्ष में आया तो फसलों की खरीद, डी.ए.पी. खाद समेत किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।

ग्रामीण अंचलों में स्कूली बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए सरकार ने किए थे लाखों रुपए खर्च, खंडहरों में तब्दील हुआ शिक्षक आवास

महासमुंद ग्रामीण अंचलों में स्कूली बच्चों को बेहतर शिक्षा व्यवस्था मिल सके इसके सरकार की तरफ से शिक्षकों के लिए भी जरूरी सुविधाएं उपब्ध कराई जाती है. महासमुंद जिले के दूरस्थ गांव बांजीबहाल में भी स्थित स्कूल के शिक्षकों को भी आने-जाने में परेशानी न हो और शिक्षक स्कूल के पास रह कर ही बेहतर शिक्षा दे सकें, इसके लिए 2 साल पहले 5 शिक्षक आवास बनाए गए थे, लेकिन अब तक किसी भी शिक्षक को आवास आवंटित नहीं हुआ. इसके चलते शिक्षक आवास अब धीरे-धीरे कबाड़ में तब्दील होता जा रहा है. बता दें, महासमुंद जिला आकांक्षी जिला होने के कारण मानव संसाधन विकास मंत्रालय (नई दिल्ली) की तरफ से समग्र शिक्षा योजना के तहत 2018-19 में बांजीबहाल में 31 लाख रुपये की लागत से पांच सिंगल BHK शिक्षक आवास बनवाए गए थे. ये आवास शासकीय पूर्व माध्यमिक सह हाई स्कूल से मात्र 200 मीटर की दूरी पर बने थे, ताकि दूरदराज के शिक्षक आसानी से स्कूल आ-जा सकें और बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान कर सकें. लेकिन दो साल बाद भी इन आवासों का कोई उपयोग नहीं हो सका है. आवास में बुनियादी सुविधाओं की कमी शिक्षक आवास का निर्माण लोक निर्माण विभाग (PWD) ने किया था, और यह विभाग ने दो साल पहले शिक्षा विभाग को हैंडओवर कर दिया था. लेकिन आवास में बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है. यहां पानी, बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है और कई जगहों पर पानी की टंकियां टूट चुकी हैं. अब यह क्षेत्र जंगल में तब्दील हो चुका है, और घरों के दरवाजे व पाइपलाइन भी टूट चुकी हैं. ग्रामीणों और सरपंच की चिंता गांव के सरपंच और ग्रामीणों का कहना है कि आज तक यहां कोई भी शिक्षक नहीं आया है. यहां तक कि पानी की कोई व्यवस्था नहीं है और टंकियां भी उड़ चुकी हैं. इसके बावजूद शिक्षा विभाग ने इस मामले पर अब तक कोई कदम नहीं उठाया. सरपंच सरोज प्रधान और ग्रामीण चिरुटी साहू ने इस मामले पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अगर शिक्षक आवास का सही तरीके से उपयोग किया गया होता, तो यह ग्रामीण बच्चों के लिए एक बड़ी मदद हो सकती थी. शिक्षा विभाग ने की जांच की बात वहीं इस पूरे मामले पर शिक्षा विभाग के सहायक संचालक सतीश नायर ने कहा कि उन्हें इस योजना के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. उन्होंने आगे कहा, “आपके माध्यम से इस मामले की जानकारी मिली है, जिसके बाद मैंने विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली है और इस पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी.” अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और इन खाली पड़े आवासों का सही उपयोग कैसे सुनिश्चित किया जाएगा. फिलहाल, यह मामला स्थानीय प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है.

बीजापुर में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी, दो नक्सली ढेर

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है. इसमें सुरक्षाबलों ने दो नक्सलियों को ढेर किया है. इन नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि बस्तर आईजी ने की है. ये मुठभेड़ जिले के उसूर-बासागुड़ा-पामेड़ क्षेत्र में हो रही है.   नक्सलियों के मौजूदगी की मिली थी सूचना बीजापुर के उसूर-बासागुड़ा-पामेड़ क्षेत्र में नक्सलियों के मौजूदगी की सूचना आपुलिस को मिली थी. इसके बाद इस इलाके में सर्चिंग अभियान पर संयुक्त पुलिस पार्टी भेजी गई. सर्चिंग के दौरान आज सुबह 11 बजे नक्सलियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी. जवानों ने भी इसका मुंहतोड़ जवाब दिया. इलाके में अब भी फायरिंग चल रही है. सुरक्षा बलों ने दो नक्सलियों को ढेर कर दिया है. सभी जवान सुरक्षित बताए जा रहे हैं. पीएलजीए बटालियन के सदस्य के साथ मुठभेड़ नक्सलियों की बटालियन से कोबरा 210 व डीआरजी के जवानों की मुठभेड़ हुई है, पामेड़ के रेखापल्ली के जंगलों में मुठभेड़ चल रही है. नक्सलियों की पीएलजीए बटालियन के सदस्य मौक़े पर मौजूद हैं. बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि इलाके में मुठभेड़ चल रही है.

सुबह जब कर्मचारी ड्यूटी पर आए तो विधानसभा में सांप देखकर उनके होश उड़े

हरियाणा विधानसभा में आज सुबह सांप मिलने से हड़कंप मच गया। सुबह जब कर्मचारी ड्यूटी पर आए तो विधानसभा में सांप देखकर उनके होश उड़ गए। कर्मचारियों ने तुरंत सीनियर अधिकारियों को फोन कर इसकी सूचना दी। इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई। वन विभाग ने स्नेक एक्सपर्ट को मौके पर भेजा और सांप को पकड़ लिया। इसके बाद कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। बता दें कि आगामी 13 नवंबर से विधानसभा सत्र शुरू हो रहा है। यह सांप खतरनाक प्रजाति का रसेल वाइपर है। यह दुनिया के सबसे खतरनाक सांपों में से एक माना जाता है। इसके जहर की एक बूंद भी कई लोगों की जान ले सकती है।

जहां अधिक फायदा मिले वहां फसल बेचे किसान, आने-जाने का खर्च देगी सरकारः शिवराज सिंह

भोपाल केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। फसल को सरकार समर्थन मूल्य पर खरीदकर खेती को लाभ का धंधा बनाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने ऐलान करते हुए कहा कि किसान भाइयों को जहां फसल का ज्यादा दाम मिले, वहां वे मंडी में जाकर बेच सकते हैं। उनके मंडी में आने-जाने का खर्च सरकार उठाएगी।  केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को बड़ा एलान किया है। उन्होंने कहा कि किसानों को जहां फसल का ज्यादा दाम मिले, वहां वे मंडी में जाकर बेच सकते हैं। किसानों के मंडी में आने-जाने का खर्च सरकार उठाएगी। उन्होंने ये भी कहा कि किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। बता दें कि शिवराज विजयपुर उपचुनाव के लिए बीजेपी प्रत्याशी के लिए प्रचार करने आए थे। विजयपुर मंडी प्रांगण में आयोजित चुनावी सभा के दौरान उन्होंने बड़ा एलान किया है। महिला आरक्षण पर भी बोले शिवराज केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान महिला आरक्षण को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि बहनों-बेटियों को शासकीय नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण देने का हमारा जो संकल्प था, उस पर अमल किया गया है। प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद प्रदेश पर लगातार बरस रहा है। विजयपुर में भी जनता को यह विश्वास है कि विकास होगा तो भाजपा की सरकार ही करेगी। कांग्रेस पर निशाना बीजेपी नेता ने मंच से कांग्रेस पर निशाना भी साधा। शिवराज ने कहा कि कांग्रेस फुस्सी बम है, हिमाचल और कर्नाटक में उनकी गारंटियां फेल हो गई हैं।     कांग्रेस की सरकार इतने समय तक रही, लेकिन बहनों के खाते में कभी एक रुपया नहीं डाला। भाजपा सरकार द्वारा बहनों के खाते में हर महीने 1250 रुपये डाले जा रहे हैं। शिवराज ने आगे कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) और कांग्रेस ने पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भी वादे किए थे। विपक्षी दलों ने एक भी वादे को पूरा नहीं किया। कांग्रेस ने आप लोगों से 344 वादे किए थे, लेकिन वो एक भी वादा पूरा नहीं कर पाए। वहीं, बीजेपी अपने सभी वादों को पूरा करती है। कांग्रेस फुस्सी बम उन्होंने कहा कि कांग्रेस फुस्सी बम है, हिमाचल और कर्नाटक में उनकी गारंटियां फेल हो गईं। कांग्रेस की सरकार इतने समय तक रही, लेकिन बहनों के खाते में कभी एक रुपया नहीं डाला। भाजपा सरकार द्वारा बहनों के खाते में हर महीने 1250 रुपये डाले जा रहे हैं। जनसभा में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी संबोधित किया। रेहटी में किया रोड शो केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार देर शाम बुधनी विधानसभा के रेहटी में पार्टी प्रत्याशी रमाकांत भार्गव के समर्थन में रोड शो कर जनता का आशीर्वाद मांगा। इस अवसर पर पार्टी प्रत्याशी रमाकांत भार्गव, विधायक घनश्याम चन्द्रवंशी, विजयपाल सिंह ठाकुर, पूर्व विधायक राजेन्द्र सिंह राजपूत, जिलाध्यक्ष रवि मालवीय उपस्थित रहे।  

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