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विश्व पटल पर देश को गौरवान्वित कर रहे हैं हमारे वैज्ञानिक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भविष्य को आकार देने में विज्ञान की अहम भूमिका है। भारत को विश्व पटल और अंतरिक्ष तक गौरवान्वित कर रहे, देश के वैज्ञानिक और विज्ञान प्रतिभाओं पर हम सभी को गर्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व विज्ञान दिवस पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि विश्व विज्ञान दिवस की जनसामान्य को शांति, मानव-कल्याण और अत्याधुनिक तकनीक से प्रगति के लिए विज्ञान की अनिवार्यता और स्वीकार्यता के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका है।  

फुलंबरी में स्थित इस दुकान में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग भड़क उठी, तीन लोगों की मौत

छत्रपति संभाजीनगर छत्रपति संभाजीनगर के फुलंबरी इलाके में देर रात एक भयानक हादसा हुआ, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई। यह घटना बीती रात करीब एक बजे की है, जब एक प्लास्टिक की दुकान में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। जानकारी के अनुसार, फुलंबरी में स्थित इस दुकान में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग भड़क उठी। आग की चपेट में आने से दुकान खोलने आए तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान नितिन नागरे, गजानन वाघ, और सलीम शेख के रूप में हुई है। उल्लेखनीय है कि बिजली के शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटनाएं आमतौर पर तेज और अनियंत्रित होती हैं, खासकर जब दुकान में प्लास्टिक जैसे ज्वलनशील पदार्थ मौजूद हों। इस घटना ने एक बार फिर से दुकानों और अन्य व्यावसायिक स्थानों में सुरक्षा उपायों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी तरह से कुछ दिन पहले गाजियाबाद के मोदीनगर इलाके में केमिकल फैक्ट्री में 4 नवंबर की रात को भीषण आग लग गई थी। जिसके बाद इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग काफी ज्यादा फैल चुकी थी। जिसको देखते हुए अलग अलग स्टेशन से फायर ब्रिगेड की और गाड़ियों को बुलाया गया। फायर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक आग पैराबोलिक लाइफ साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड नामक केमिकल फैक्ट्री में लगी हुई थी।  

हाथी शावक की इलाज के दौरान मृत्यु

भोपाल. उमरिया जिले के बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व के वन परिक्षेत्र पनपथा बफर के बीट खारीबड़ी टोला के कक्ष क्रमांक-आर.एफ.-179 पटपरहा हार में 8 नवम्बर को एक हाथी शावक झुण्ड से बिछड़कर अकेला अस्वस्थ एवं अचेत अवस्था में मिला था। उपचार के दौरान 10 नवम्बर को प्रात: 6:06 बजे शावक की मृत्यु हो गयी। अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री एल. कृष्णमूर्ति ने बताया कि वन्य-प्राणी चिकित्सा दल द्वारा मौके पर पहुँचकर शावक का उपचार किया गया। उपचार के बाद हाथी शावक को परिक्षेत्र ताला के रामा हाथी कैम्प लाया गया। चिकित्सीय दल द्वारा कैम्पिंग कर लगातार उपचार किया गया। उपचार के दौरान ही उसकी मृत्यु हो गयी। एस.ओ.पी. के अनुसार पोस्टमार्टम कर वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हाथी शावक के शव का निपटान किया गया।

नुसरत भरूचा ने खुद को दिया नया शॉर्ट नेम ‘कोल’, वजह भी बताई

मुंबई,  एक्ट्रेस नुसरत भरूचा ने खुद को नया नाम ‘कोल’ दिया है। ऐसा उन्होंने क्यों किया है ये भी समझाया है। नुसरत ने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह गोवा में एक परफॉरमेंस के लिए मेकअप करवा रही हैं। क्लिप में वह कहती हुई सुनाई दे रही हैं, “मैं रोना चाहती हूं.. मैं 48 घंटों से सोई नहीं हूं और मैं यहां गोवा में हूं और मुझे लगा कि मैं झपकी ले पाऊंगी और तैयार होने से पहले सो पाऊंगी, लेकिन नहीं, अब इवेंट को प्रीपोंड (तय समय से पहले) कर दिया गया है।” उन्होंने कहा, “मुझे अपने कॉल टाइम से 2 घंटे पहले परफॉर्म करना है। इसलिए मैंने खाना भी नहीं खाया है और मैं तैयार हो रही हूं…मैं यह नहीं कर सकती। मैं सोना चाहती हूं।” उन्होंने क्लिप को कैप्शन दिया, “मेरा नया पर्सनल शॉर्ट नेम ‘कोल क्राइंग ऑउट लाउड!!” पिछले सप्ताह, एक्ट्रेस ने दीपावली मनाते हुए एक हेल्थ अपडेट पोस्ट शेयर किया और कहा कि वह अस्वस्थ हैं क्योंकि उन्हें बुखार, शरीर में दर्द और “आंखों में संक्रमण है।” नुसरत ने इंस्टाग्राम पर एक कार सेल्फी शेयर की और बताया कि बीमार होने के बावजूद वह खुद को ‘घसीटकर’ मीटिंग में ले गईं। कैप्शन में लिखा था, “दीपावली के बाद की स्थिति, सर्दी, बुखार, खांसी, शरीर में दर्द और.. कुछ आंखों का संक्रमण! फिर भी किसी तरह खुद को मीटिंग में ले जा रही हूं!” नुसरत के बारे में बात करें तो, 2002 के टेलीविजन शो ‘किट्टी पार्टी’ से एक्टिंग शुरू की। उन्हें 2006 में ‘जय संतोषी मां’ से बॉलीवुड में ब्रेक मिला। वह ‘कल किसने देखा’, ‘ताज महल’, ‘लव सेक्स और धोखा’ जैसी फिल्मों का हिस्सा रही हैं। इसके बाद नुसरत लव रंजन द्वारा लिखित और निर्देशित रोमांटिक कॉमेडी बडी फिल्म ‘प्यार का पंचनामा’ में दिखाई दीं। इस फिल्म में कार्तिक आर्यन, दिव्येंदु शर्मा, रायो एस बखिरता, सोनाली सहगल और इशिता ने एक्टिंग की थी। उन्होंने ‘आकाश वाणी’, ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’, ‘ड्रीम गर्ल’, ‘छलांग’, ‘अजीब दास्तां’, ‘छोरी’, ‘हुड़दंग’, ‘राम सेतु’, ‘सेल्फी’, ‘छत्रपति’ में काम किया है। 39 वर्षीय एक्ट्रेस को आखिरी बार प्रणय मेश्राम द्वारा निर्देशित एक्शन थ्रिलर ‘अकेली’ में देखा गया था। उनकी अगली फिल्म विशाल फुरिया की हॉरर-थ्रिलर फिल्म ‘छोरी 2’ है। फिल्म की शुरुआत वहीं से होती है, जहां 2021 में रिलीज हुई पहली किस्त खत्म हुई थी। हॉरर सीक्वल की कास्ट में अभिनेत्री सोहा अली खान भी शामिल हो गई हैं। ‘छोरी’ मराठी भाषा की 2017 की फिल्म ‘लपाछपी’ की रीमेक थी। इसमें मीता वशिष्ठ, राजेश जैस और सौरभ गोयल भी हैं।  

उपचुनाव में मतदान केन्द्र और निर्वाचन प्रक्रिया होगी इको-फ्रेंडली, बताया कि इसके लिए एक कार्ययोजना तैयार की गई है

जयपुर राजस्थान में तेरह नवंबर को सात विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनाव के दौरान पूरी मतदान प्रक्रिया पर्यावरण के अनुकूल (इको-फ्रेंडली) होगी। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि इसके लिए एक कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत चुनाव के दौरान क्रियान्वित होने वाली विभिन्न गतिविधियों को पर्यावरणीय अनुकूलता के मापदंडों के अनुरूप संपन्न कराया जाएगा। इसमें मतदान दलों को दी जाने वाली चुनावी सामग्री की पैकेजिंग प्लास्टिक-फ्री मैटेरियल से की जाएगी। साथ ही खाने-नाश्ते के लिए कागज के पैकेट एवं दोने-पत्तल, पेयजल के लिए प्लास्टिक बोतल की जगह घड़े से पानी और चाय आदि के लिए केतली एवं कुल्हड़ का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निर्वाचन विभाग उपचुनाव के दौरान निष्पक्ष, निर्भीक एवं पारदर्शी चुनाव के लिए वेबकास्ट प्रक्रिया का अधिक विस्तार करेगा। इस क्रम में मतदान कक्ष से मतदान प्रक्रिया की सीसीटीवी फीड के साथ ही कक्ष के बाहर से भी लाइव कवरेज की मदद से मतदाताओं की कतार और क़ानून-व्यवस्था का प्रबंधन किया जाएगा। साथ ही पूरी मतदान पक्रिया को इको-फ्रेंडली बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। श्री महाजन ने बताया कि इस नवाचार के लिए मतदान केन्द्रों पर अतिरिक्त कैमरा स्थापित किए जाएंगे और वेबकास्ट कवरेज के लाइव स्ट्रीमिंग पर निगरानी और विश्लेषण के लिए निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, रिटर्निंग अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी, जिलों के अभय कमांड केसेंटर, मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय और निर्वाचन आयोग के स्तर तक सतत निगरानी के लिए विशेष टीवी स्क्रीन लगाए जाएंगे। इन टीवी स्क्रीन पर लाइव वीडियो कवरेज में मतदान कक्ष के बाहर मतदाताओं की कतारों पर नजर रखी जाएगी। मतदाताओं की कम संख्या या अनुपस्तिथि वाले मतदान केन्द्रों की पहचान कर स्थानीय स्वीप टीम को सूचना भेजी जाएगी, जिससे हेला टोली के माध्यम से मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित किया जा सकेगा। कतार लम्बी होने, धीमी गति से मतदान होने, मतदान केन्द्र पर अधिक भीड़ जमा होने या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका पर बेहतर निगरानी कर उसका प्रबंधन भी अविलंब किया जा सकेगा। श्री महाजन ने कहा कि इको-फ्रेंडली चुनाव के तहत आवश्यकता होने पर पोस्टर-बैनर आदि की छपाई कागज पर की जाएगी। मतदान दलों के रवानगी केन्द्रों, मतदान और मतगणना केन्द्रों आदि को ‘क्लीन एवं ग्रीन’ तथा तम्बाकू-मुक्त क्षेत्र घोषित किया जाएगा, जिसके तहत यहां बीड़ी-सिगरेट, गुटखा, पान-मसाला आदि के उपयोग पर प्रतिबन्ध रहेगा। इससे इन स्थानों पर खाली पाऊच आदि के कचरे से बचाव हो सकेगा. मतदान केन्द्र आदि को ‘क्लीन एवं ग्रीन’ रखने के लिए कचरा प्रबंधन पर फोकस करते हुए यहां गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग डस्टबिन का उपयोग होगा. डाक मतपत्रों की गणना के लिए रियूजेबल ट्रे और कंटेनर का उपयोग होगा। उन्होंने बताया कि मतदान दलों के पास वाहनों के नम्बर, लोकेशन, ड्राइवर एवं सेक्टर अधिकारी आदि का विवरण फोन पर उपलब्ध होगा, जिससे कागज के अनावश्यक उपयोग से बचा जा सकेगा. मतदान केन्द्रों पर प्लास्टिक-फ्री सेल्फी-पॉइंट तैयार किए जाएंगे और मतदान केन्द्र परिसर में विशेष मतदाताओं, जैसे बुजुर्ग, दिव्यांग, नवमतदाता आदि से पौधारोपण करवाया जाएगा। इन पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी बीएलओ की होगी। श्री महाजन ने बताया कि पर्यावरण के अनुकूल चुनाव प्रबंधन के तहत उम्मीदवारों और राजनैतिक दलों के साथ भी प्लास्टिक-मुक्त प्रचार सामग्री के उपयोग के लिए समझाइश की जानी चाहिए। साथ ही, उम्मीदवारों के यहां जलपान, खाने अथवा पानी के लिए एकल उपयोग प्लास्टिक का उपयोग अनुमत नहीं करने पर भी विचार किया जा सकता है. निर्वाचन विभाग द्वारा विभिन्न स्तर पर चुनावी प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षण सामग्री सॉफ्ट कॉपी में साझा किया जाए। सेक्टर अधिकारी एवं मतदान दल को प्रशिक्षण के दौरान ही ग्रीन एवं क्लीन पोलिंग बूथ की संकल्पना की जानकारी दी जाए तथा इसे साकार करने के लिए स्थानीय एनजीओ, सेल्फ हेल्प ग्रुप, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं विधार्थियों के माध्यम से जागरूकता और इको-फ्रेंडली मतदान के लिए प्रचार-प्रसार किया जाए। उपचुनाव के दौरान लाइव वेबकास्ट के विस्तार की योजना और पर्यावरण के अनुकूल चुनाव प्रबंधन के लिए सभी सम्बंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। भारत निर्वाचन आयोग को भी इस बारे में रिपोर्ट भेजी गई है। आयोग ने राजस्थान में की जा रही पहलों को अन्य राज्यों में अपनाने के क्रम में इन नवाचारों की कार्य योजनाएं साझा करने को कहा है। निर्वाचन विभाग ने इस विषय में आयोग के साथ विस्तृत जानकारी साझा कर दी है।  

स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने विकास कार्यों का किया भूमि-पूजन/लोकार्पण

भोपाल. स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को बुनियादी सुविधाएँ आसानी से मिल सकें, इसके लिये राज्य सरकार ने अधोसंरचना से जुड़े कामों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि बिजली सुधार के लिये क्षेत्र में कराये जा रहे कार्यों में तेजी लायी जायेगी। मंत्री सिंह आज नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा क्षेत्र में विकास कार्यों के भूमि-पूजन और लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने ग्राम पंचायत बम्होरीकला में 38.54 लाख रुपये लागत के सामुदायिक भवन का भूमि-पूजन और ग्राम पंचायत कजरौटा में 7.80 लाख रुपये लागत के आँगनवाड़ी भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बिजली सुधार के लिये 3 सब-स्टेशन बनाने के प्रस्ताव दिये गये हैं। मंत्री सिंह ने कहाकि क्षेत्र के प्रत्येक बड़े गाँव में सामुदायिक भवन का निर्माण कराया जायेगा। उन्होंने एकीकृत माध्यमिक शाला में फर्नीचर के लिये 2 लाख रुपये, पेयजल व्यवस्था के लिये 50 हजार रुपये और सांस्कृतिक मंच निर्माण के लिये 50 हजार रुपये राशि देने की घोषणा की। इस मौके पर स्थानीय जन-प्रतिनिधि मौजूद थे।

रीवा में तीन ग्रीन एनर्जी प्लांट लगाने के लिए सरलता से मिलेगी पराली : उप मुख्यमंत्री

भोपाल कमिश्नर कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि रीवा, सतना और मऊगंज जिलों में बाणसागर बाध की नहरों से सिंचाई के बाद धान और गेंहू का विपुल उत्पादन हो रहा है। ग्रीन एनर्जी प्लांट में धान के पैरे (पराली) से बिजली और जैविक खाद बनायी जायेगी। रीवा जिले में तीन ग्रीन एनर्जी प्लांट लगाने के लिए पराली पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। गुढ़ में प्रस्तावित ग्रीन एनर्जी प्लांट का कार्य तत्काल शुरू करें। इस प्लांट के लिए कच्चा माल पराली और कम उपजाऊ क्षेत्र में नेवियर घास उगाकर आसानी से उपलब्ध हो जायेगा। ग्रीन एनर्जी प्लांट स्थापित होने से किसानों की कम उपजाऊ और परती जमीनों से भी लाखों की आय होगी। कंपनी सर्वे का कार्य शीघ्र पूरा करके वास्तविक निर्माण कार्य शुरू करायें। इस प्लांट की स्थापना से जिले में नरवाई जलाने और पराली के समस्या का भी समाधान होगा। किसान के लिए अब धान के साथ-साथ उसका पैरा भी आमदनी देगा। मऊगंज जिले में प्लांट के लिए एक हजार हेक्टेयर की जमीन उपलब्ध है। जमीन प्राप्त करने तथा प्लांट के लिए 7 दिन में आवेदन करें। गुढ़ में दो और सिरमौर में एक प्लांट लगाने की कार्य योजना को मूर्त रूप दें। बैठक में कलेक्टर मऊगंज ने बताया कि ग्रीन एनर्जी प्लांट के लिए बदवार सीतापुर रोड में एक हजार हेक्टेयर जमीन उपलब्ध है। इसमें से 95 प्रतिशत जमीन निजी भूमि है। किसान अच्छी आय प्राप्त होने पर सरलता से दे देगें। किसानों से अनुबंध के आधार पर जमीनें मिल जायेगी। बैठक में कलेक्टर रीवा श्रीमती प्रतिभा पाल ने बताया कि तीन प्लांट लगाने के लिए पर्याप्त पराली उपलब्ध है। गेंहू के फसल अवशेष तथा वनों से प्राप्त अनुपयोगी पौधों का भी ग्रीन एनर्जी प्लांट में उपयोग किया जा सकता है। गुढ़ प्लांट को सीधी जिले के धान उत्पादक चुरहट और रामपुर नैकिन क्षेत्र के रीवा से जुड़े हुए गांव से भी पराली मिल जायेगी। कलेक्टर सतना अनुराग वर्मा ने बताया कि नगौद में ग्रीन एनर्जी प्लांट का कार्य जारी है। बैठक में रिलायंस ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट के प्रतिनिधि अशोक खरे तथा विजित झा ने बताया कि हमारी कंपनी रीवा और सतना जिले में दस ग्रीन एनर्जी प्लांट स्थापित करना चाहती है इसके लिए सर्वे किया जा रहा है। इस प्लांट में कच्चे माल के रूप में गेंहू और धान के फसल अवशेष पराली का उपयोग किया जायेगा। एक प्लांट के लिए 22 हजार मैट्रिक टन पराली की आवश्यकता होगी। पराली के साथ परती तथा अनुपयोगी जमीन पर आसानी से उगने वाली नेपियर घास का भी कच्चे माल के रूप में उपयोग किया जायेगा। ग्रीन एनर्जी प्लांट से कम्प्रेस, बायोगैस, हाइड्रोजन तथा मैथेलान का उत्पादन होगा। साथ ही इससे जैविक खाद का भी बड़े पैमाने पर उत्पादन होगा। किसानों की पराली को कम्प्रेस करके कच्चा माल के रूप में बनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशिक्षित युवाओं की आवश्यकता होगी। इससे रोजगार का सृजन होगा। किसानों की परती और कम उपजाऊ जमीन भी अच्छा लाभ देगी। किसानों से अनुबंध के आधार पर नेपियर घास की खेती करायी जायेगी। ग्रीन एनर्जी प्लांट ऊर्जा उत्पादन के साथ किसानों की तकदीर भी बदल देगा। बैठक में कमिश्नर बीएस जामोद, डिप्टी कलेक्टर श्रेयस गोखले, उप संचालक पशुपालन डॉ. राजेश मिश्रा, क्षेत्रीय प्रबंधक औद्योगिक विकास निगम यूके तिवारी, परियोजना अधिकारी जिला पंचायत संजय सिंह तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

सतत एवं निर्वाध विद्युत आपूर्ति ही हमारा ध्येय: प्रद्युम्न सिंह तोमर

भोपाल. प्रदेश के हर बिजली उपभोक्ता को सतत एवं निर्वाध विद्युत आपूर्ति ही हमारी सरकार का ध्येय है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल मार्गदर्शन में हमारा विभाग लगातार उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने के साथ ही उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण भी कर रहा है। इसी का परिणाम है कि सीएम हेल्पलाइन पोर्टल में प्राप्त शिकायतों के निराकरण में ऊर्जा विभाग अव्वल है। प्रदेश के घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को विगत वर्षों की तरह वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिये लागू टैरिफ दरों में राहत देने के लिये बिजली कंपनियों को अनुमानित 24 हजार 420 करोड़ 8 लाख रूपये की सब्सिडी देने का निर्णय राज्य शासन द्वारा लिया गया है। यह सब्सिडी अटल गृह ज्योति योजना, अटल कृषि ज्योति योजना, टैरिफ सब्सिडी और नि:शुल्क विद्युत प्रदाय योजना में दी जायेगी। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के ताप विद्युत गृहों द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में अब तक का सर्वाधिक 28627 मिलि‍यन यूनिट विद्युत उत्पादन कर नया रिकार्ड बनाया गया है। यह पावर जनरेटिंग कंपनी के इतिहास का सर्वाधि‍क ताप विद्युत उत्पादन है। ताप विद्युत गृहों द्वारा विभिन्न मापदंडों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया गया। ताप विद्युत गृहों का इस दौरान प्लांट लोड फेक्टर (पीएलएफ) 60.3 प्रतिशत रहा, जो वर्ष 2019-20 के पश्चात् सर्वाधिक है। वित्तीय वर्ष 23-24 के दौरान 13 थर्मल इकाइयों ने लगातार 100 दिनों एवं अधिक सतत् व निर्बाध विद्युत उत्पादन किया, जिनमें से दो इकाइयों ने 200 दिनों से अधिक समय तक विद्युत उत्पादन किया। राज्य शासन के निर्णयानुसार मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा अब उपभोक्ताओं को एक ही परिसर में पृथक-पृथक रहने पर एक से अधिक बिजली कनेक्शन प्रदान करने की सुविधा कुछ शर्तों के आधार पर कराई जा रही है। ऐसे आवेदक जो एक ही परिसर में निवास कर रहे हैं लेकिन अलग-अलग रहते हैं, तो उनके द्वारा अलग बिजली कनेक्शन का आवेदन करने पर उन्हें नवीन कनेक्शन दिया जा रहा है। प्रदेश में बिजली अधोसंरचना का लगातार विकास हो रहा है। वर्तमान में 33 के. वी. लाइंस 61 हजार 162 किलोमीटर हो गई है। 33 के.वी. लाइंस वर्ष 2003 में 29 हजार 70 किलोमीटर, वर्ष 2008 में 33 हजार 913 , वर्ष 2011 में 38 हजार 867, वर्ष 2013 में 41 हजार 528, वर्ष 2014 में 43 हजार 910 और वर्ष 2024 में 61 हजार 162 किलोमीटर हो गई है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में मार्च 2024 तक 3165 किलोमीटर 11 केव्ही लाइन का विस्तार किया गया है। यह क्रम लगातार जारी है। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई के अभियंताओं व कार्मिकों के समर्पण, कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता ने 210 मेगावाट स्थापित क्षमता की यूनिट को लगातार 300 दिन तक संचालित करने में सफलता हासिल की है। यह विद्युत यूनिट की स्थापना के बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इसी तरह सिंगाजी ताप विद्युत गृह दोंगलिया (एसएसटीपीपी खंडवा) के अभियंताओं व कार्मिकों ने एक बार फिर कमाल दिखाते हुए 660 मेगावाट स्थापित क्षमता की यूनिट नंबर 3 को 200 दिन तक संचालित करने में सफलता हासिल की है। बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिये अधोसंरचना निर्माण के उल्लेखनीय कार्य किये गये हैं। ट्रांसमिशन व्यवस्था मजबूत करने के लिये वित्तीय वर्ष 2023-24 में 14 अति उच्चदाब उप केन्द्रों की स्थापना की गई है। साथ ही 26 अति उच्चदाब पॉवर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत किये गये हैं। कुल 818.170 सर्किट किलोमीटर अति उच्चदाब लाइन का निर्माण भी किया गया है। यही नहीं 25 अतिरिक्त अति उच्चदाब पॉवर ट्रांसफार्मर की स्थापना एवं 40 अति उच्चदाब पॉवर ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि कर अति उच्चदाब उप केन्द्रों की क्षमता में 4630 एमव्हीए की वृद्धि भी की गई है। किसानों को शीघ्र स्थायी सिंचाई पंप कनेक्शन दिये जाने के उद्देश्य से स्वयं का ट्रांसफार्मर लगाये जाने की योजना लागू की गई है। योजना में किसान स्वयं अथवा समूह में निर्धारित मापदंड के अनुसार ट्रांसफार्मर स्थापित कर सकते हैं। योजना में वर्ष 2023-24 में एक लाख 30 हजार 303 ट्रांसफार्मर स्थापित किये जा चुके हैं। ऊर्जा विभाग की महत्वाकांक्षी योजना अटल गृह ज्योति योजना में एक करोड़ से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को और 26 लाख 59 हजार उपभोक्ताओं को अटल कृषि ज्योति योजना में लाभान्वित किया जा रहा है। अटल गृह ज्योति योजना में प्रदेश के ऐसे सभी घरेलू उपभोक्ताओं को योजना का लाभ दिया जा रहा है, जिनकी मासिक खपत 150 यूनिट तक है। अटल कृषि ज्योति योजना में 10 हार्स पॉवर तक के मीटर रहित स्थाई कृषि पंप कनेक्शनों को 750 रूपये प्रति हार्स पॉवर प्रतिवर्ष एवं 10 हार्स पॉवर से अधिक के मीटर रहित स्थाई कृषि पंप कनेक्शनों को 1500 रूपये प्रति हार्स पॉवर प्रतिवर्ष की फ्लेट दर से बिजली दी जा रही है। साथ ही 10 हार्स पॉवर तक के मीटरयुक्त स्थाई कृषि पंप कनेक्शन एवं अस्थाई कृषि पंप कनेक्शनों को भी ऊर्जा प्रभार में रियायत दी गई है। विद्युत संबंधी विषयों के त्वरित निराकरण के लिए विभिन्न विभागों से समन्वय के लिये राज्य स्तरीय विद्युत अंतर्विभागीय समिति का गठन किया गया है। समिति उपभोक्ताओं द्वारा विद्युत उपभोग की प्रवृत्ति में सकारात्मक परिवर्तन करने और प्रभावी राजस्व प्रबंधन में सहयोग करेगी। इसके अतिरिक्त समिति विद्युत उपभोक्ताओं के संबंध में पृथक-पृथक शासकीय विभागों द्वारा संधारित जानकारी एकत्रित करेगी, जिसमें डाटा एनालिसिस के आधार पर सक्षम व समर्थ उपभोक्ताओं की पहचान की जा सकेगी। जिनके द्वारा जानबूझकर विद्युत बकाया का भुगतान नहीं किया जा रहा है अथवा अन्य पद्धतियों से विद्युत बिल अनियमित तरीके से कम किया जा रहा है, की पहचान करेगी। विद्युत चोरी पकडने एवं बकाया राशि की वसूली के दौरान विद्युत कार्मिकों के साथ अभद्र व्यवहार की स्थिति में त्वरित वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित कर सुरक्षा प्रदान करने में सहयोग करेगी। समिति शासकीय विभागों व शासकीय अधिकारियों/कर्मचारियों पर विद्युत कंपनी की बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित करेगी। समिति अवैध कॉलोनियों सहित अन्य रहवासी क्षेत्रों में विद्युत चोरी की रोकथाम के लिये जागरूकता अभियान तथा विद्युत अधोसंरचना के विकास के लिये प्रभावी कार्रवाई भी करेगी। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाई संबंधी, जले/खराब ट्रांसफार्मरों व विद्युत लाइन अवरोधों एवं गलत देयकों की शिकायतों को दर्ज कर समय-सीमा में निराकरण किया गया। जबलपुर, भोपाल एवं इन्दौर में स्थापित केन्द्रीयकृत 1912 कॉल सेंटर सेवा को सुदृढ़ किया गया है। जनवरी 2019 से मार्च 2024 तक विद्युत प्रदाय संबंधी 1 … Read more

‘आर्थिक राष्ट्रवाद’ का सिद्धांत कुछ व्यक्तियों के वित्तीय लाभ से अधिक महत्वपूर्ण: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़

नई दिल्ली उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने रविवार को कहा कि वाणिज्य और व्यवसाय से जुड़े लोगों पर व्यवस्था की मार नहीं पड़नी चाहिए, क्योंकि वे ही नौकरी और संपत्ति के सृजनकर्ता हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ‘आर्थिक राष्ट्रवाद’ का सिद्धांत कुछ व्यक्तियों के वित्तीय लाभ से अधिक महत्वपूर्ण है। धनखड़ ने यहां एक निजी शैक्षणिक संस्थान के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ”उन्होंने हमेशा इस बात की वकालत की है कि व्यापार, वाणिज्य, उद्योग से जुड़े लोगों पर व्यवस्था की मार नहीं पड़नी चाहिए। उन्हें समाज में सम्मान मिलना चाहिए।” उपराष्ट्रपति का मानना है कि यह वर्ग नौकरी और संपत्ति का सृजन करता है और सामाजिक सद्भाव में योगदान देता है। उन्होंने कहा, ”वे अर्थव्यवस्था के चालक हैं… उन्होंने इस देश में समाज को कुछ वापस देने की कला सीखी है।” उन्होंने कहा कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में भी उद्यमियों का योगदान रहा है। उपराष्ट्रपति ने आर्थिक राष्ट्रवाद के सिद्धांतों का पालन करने की जरूरत पर भी जोर दिया, और कहा कि अनावश्यक आयात पर अंकुश लगाना चाहिए।  

राष्ट्रवादी ठेंगड़ी के श्रमिक-कृषक वर्ग के उत्थान के प्रयास अनुकरणीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय मजदूर संघ, स्वदेशी जागरण मंच एवं भारतीय किसान संघ के संस्थापक दत्तोपंत ठेंगड़ी की जयंती पर नमन किया। उन्होंने अपने संदेश में लिखा है कि राष्ट्र पुनर्निर्माण में ठेंगड़ी का क्रांतिकारी योगदान अविस्मरणीय हैं। देश के वंचित, श्रमिक-कृषक वर्ग के उत्थान और कल्याण के उनके प्रयास अनुकरणीय हैं।

पिकअप गाड़ी में जोरदार टक्कर, हादसे में 3 लोगों की मौत, 5 लोग घायल

झज्जर हरियाणा के झज्जर में दर्दनाक हादसा देखने को मिला जहां सांपला रोड पर ट्रैक्टर और पिकअप गाड़ी में टक्कर हो गई। इस हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई जबकि 5 लोग घायल बताए जा रहे हैं। सूचना मिलने ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। वहीं शवों को सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया है। जानकारी के अनुसार आज सुबह उत्तर प्रदेश की तरफ से आ रही पिकअप गाड़ी की ट्रैक्टर से टक्कर हो गई। ट्रैक्टर ट्रॉली में लोहे के सरिए भरे हुए थे।टक्कर के बाद पिकअप पलट गई। पिकअप में 21 लोग सवार थे, जो यूपी से जहाजगढ़ माजरा जा रहे थे। इनमें से 3 की कुचलने से मौत हो गई। घायलों को इलाज के लिए झज्जर के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है l

उद्योगों के साथ रोजगार के अवसरों के सृजन के लिए लगातार जारी है प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के संतुलित औद्योगिक विकास और रोजगार संवर्धन के लिए संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और प्रदेश के बाहर महानगरों में निवेश के लिये हुए रोड-शो से देशभर से सकारात्मक परिणाम मिले हैं। फरवरी 2025 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट तक यह क्रम जारी रहेगा। आगामी 7 दिसम्बर को नर्मदापुरम में संभाग स्तरीय इंडस्ट्री कॉन्क्लेव होगी, जिसमें निवेशकों को नर्मदापुरम क्षेत्र की संभावनाओं से जोड़ते हुए, प्रदेश की आर्थिक बेहतरी के लिए गतिविधियां प्रस्तावित हैं। कॉन्क्लेव में सभी सेक्टर्स के उद्योगपतियों को आमंत्रित किया गया है, जिससे आईटी, हेल्थ, एजुकेशन, टूरिज्म, भारी उद्योग, एमएसएमई, लघु कुटीर उद्योग सहित सभी प्रकार के उद्योग धंधों के माध्यम से राज्य के लोगों के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर सृजित किए जा सकें। राज्य सरकार के इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में निवेश को बढ़ाने के लिये इसी माह हम विदेश भी जाने वाले हैं। जहाँ विदेशी उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने के लिये राज्य सरकार की नीतियों और यहाँ के औद्योगिक वातावरण से अवगत करा कर आमंत्रित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रदेश में बेहतर आर्थिक वातावरण बने, लोगों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलें, युवाओं को अपनी बौद्धिक क्षमता के अनुरूप स्थानीय स्तर पर काम मिलें, उन्हें रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़े, इस दिशा में सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास से मीडिया को जारी संदेश में यह बात कही। निवेशकों के लिये उद्योग मित्र नीतियाँ मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि सरकार ने उद्योग क्षेत्र के लिये वर्ष 2024-25 में 4 हजार 190 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है। औद्योगिक निवेश को प्रोत्सहन देने के लिये प्रदेश में सिंगल विंडो सिस्टम, निवेश प्रोत्सहन और कस्टमाइज पैकेज जैसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं। नये निवेशकों को उद्योग मित्र नीतियों के साथ सरल और सुगम निवेश प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये प्रदेश के प्रत्येक जिले में इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। कई जिलों में शुरू भी हो चुके हैं। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये इन सेंटर में जिला कलेक्टर्स को नोडल अधिकारी बनाया गया है। मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन के लिये पिछले 8 माह में जो प्रयास हुए, उसमें उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव एवं मुंबई, कोयंबटूर, बैंगलुरू और कोलकाता में हुए रोड-शो के साथ हुए इंटरेक्टिव सेशन के काफी सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं। इनमें विभिन्न सेक्टर्स में 2 लाख 76 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे 3 लाख 28 हजार 670 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाएगा। इस वर्ष 7-8 फरवरी 2025 को भोपाल में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होगा। निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है म.प्र. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश न सिर्फ औद्योगिक हब बन रहा है बल्कि हर क्षेत्र में उन्नति का मार्ग भी प्रशस्त कर रहा है। प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी, उद्योग अनुकूल नीतियों और मजबूत अधोसंरचना से मध्यप्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है।

एमएसपी पर धान, ज्वार एवं बाजरा की उपार्जन नीति जारी : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल. खरीफ विपणन वर्ष 2024- 25 में केंद्र सरकार द्वारा समय – समय पर घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर औसत अच्छी गुणवत्ता की धान, ज्वार एवं बाजरा का उपार्जन किसानों से किया जाएगा। राज्य शासन ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा की उपार्जन नीति घोषित कर दी है। समर्थन मूल्य पर ज्वार एवं बाजरा की 22 नवम्बर और धान की खरीदी 2 दिसम्बर से की जायेगी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश के समस्त कलेक्टर्स, नागरिक आपूर्ति निगम तथा वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि उपार्जन नीति का अक्षरशः पालन सुनिश्चित कराएं, जिससे किसानों को लाभ पहुंचाने की सरकार की मंशा पूरी हो सके। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर उपार्जन कार्य से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि निर्धारित अवधि में उपार्जन किया जाएगा। उपार्जन मात्रा का निर्धारण विगत तीन वर्षों में धान, ज्वार एवं बाजरा की उपार्जन मात्रा में औसत वृद्धि तथा बोए गए रकबे के आधार पर किया जाएगा। समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा के उपार्जन के लिए मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज़ कार्पोरेशन नोडल एजेंसी होगी। इसके अलावा विभाग द्वारा केन्द्र एवं राज्य सरकार की अन्य एजेन्सी अथवा उनके द्वारा अधिकृत संस्था को भी उपार्जन एजेन्सी घोषित किया जा सकेगा। जबकि उपार्जित खाद्यान्न के भण्डारण एवं रखरखाव के लिए मध्यप्रदेश वेअरहाऊसिंग एवं लाजिस्टिक कार्पोरेशन नोडल राज्य समन्वयक एजेन्सी होगी। किसानों की सुविधा अनुसार होगा उपार्जन केन्द्रों का निर्धारण मंत्री राजपूत ने बताया कि उपार्जन केन्द्र के स्थान का निर्धारण किसानों की सुविधा अनुसार किया जाएगा। उपार्जन केन्द्र प्राथमिकता से गोदाम/केप परिसर में स्थापित किए जाएंगे। गोदाम/केप उपलब्ध न होने पर समिति एवं अन्य स्तर पर उपार्जन केन्द्र स्थापित किए जा सकेंगे। जिले में उपार्जन केन्द्रों की संख्या का निर्धारण किसान पंजीयन, पंजीयन में दर्ज बोया गया रकबा एवं विगत वर्ष निर्धारित उपार्जन केन्द्रों के आधार पर राज्य उपार्जन समिति द्वारा किया जाएगा। यह होंगी उपार्जन करने वाली संस्थाएँ उपार्जन कार्य सहकारी समितियां, बहुउद्देश्यीय प्राथमिक कृषि सहकारी संस्थाएँ, ब्लाक स्तरीय विपणन सहकारी संस्थाएँ, जिला थोक उपभोक्ता भण्डार, महिला स्व-सहायता समूह एवं क्लस्टर लेवल फेडरेशन, उपार्जन कार्य करने के लिए सहमति देने वाली अन्य संस्थाओं को दिया जा सकेगा। संस्थाओं की पात्रता का निर्धारण विभाग द्वारा किया जाएगा। बारदाना व्यवस्था समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिये 46 प्रतिशत पुराने और 54 प्रतिशत नवीन जूट बारदाने उपयोग किये जायेंगे। बारदानों की व्यवस्था उपार्जन एजेंसी द्वारा की जायेगी। ज्वार एवं बाजरे का उपार्जन नवीन जूट बारदानों में किया जायेगा। केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा धान, ज्वार एवं बाजरा के समर्थन मूल्य पर उपार्जन के लिये निर्धारित यूनिफार्म स्पेसिफिकेशन्स के अनुसार एवं समय-समय पर इसमें दी गई शिथिलता के अनुसार उपार्जन किया जायेगा। गुणवत्ता परीक्षण का दायित्व उपार्जन केन्द्र में उपार्जन करने वाली संस्था और भण्डारण स्थल पर उपार्जन एजेंसी का होगा। कृषि उपज मण्डियों में एफएक्यू मानक की धान, ज्वार एवं बाजरा की खरीदी समर्थन मूल्य से कम पर क्रय नहीं किया जायेगा। नॉन एफएक्यू उपज का सैम्पल कृषि उपज मण्डी द्वारा संधारित किया जायेगा। किसान पंजीयन में दर्ज फसल के रकबे एवं राजस्व विभाग द्वारा तहसीलवार निर्धारित उत्पादकता के आधार पर कृषक द्वारा खाद्यान्न की विक्रय योग्य अधिकतम मात्रा का निर्धारण किया जायेगा। कृषक द्वारा उपज बेचने के लिये उपार्जन केन्द्र एवं विक्रय दिनांक के चयन के लिये www.mpeuparjan.nic.in पर स्लॉट बुकिंग करानी होगी। उपार्जित खाद्यान्न का उपार्जन केन्द्र से गोदाम तक परिवहन का दायित्व उपार्जन एजेंसी का और धान को उपार्जन केन्द्र/गोदाम से सीधे मिलर्स तक परिवहन का दायित्व मिलर्स का होगा।  

वार्ड39 व जैतपुर उचित मूल्य दुकान से हितग्राही परेशान

सिंगरौली नगर निगम के वार्ड क्रमांक 39 तथा जैतपुर में शासकीय उचित मूल्य की दुकान का संचालन लाल बाबू शाह द्वारा किया जाता है। लम्बे समय से दो जगह दुकान संचालित करने के कारण राषन वितरण में घोर अनियमितताएं बरती जा रही हैं। हितग्राहियों ने बताया कि कोटेदार द्वारा अंगुठा लगाने के बावजूद राशन नहीं दिया जाता है। जब राशन भी दिया जाता है तो वह पूरा नहीं दिया जाता है। कोटेदार की मनमानी का यह आलम है कि महीने में अधिकांष दिन राषन की दुकान नहीं खुलती है। महीने में एक दो दिन दुकान खुलती भी है तो भारी भीड़ के बीच मात्र कुछ लोगों का अंगुठा लगवा लिया जाता और राषन बाद में देने की बात कहकर उन्हें वहां से हटा दिया जाता है। हितग्राहियों ने बताया कि कई बार अंगुठा लगने के बावजूद उन्हें राशन नहीं मिल पाता। हितग्राहियों ने कोटेदार के  उक्त कृत्यों की जांच करने की मांग की है।

मजदूर देर शाम को वह अचानक वाटर टैंक में गिर गया और मौके पर ही उसकी मौत हुई, परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल

गोहाना गोहाना के गांव सैनीपुरा में कल देर शाम निर्माणाधीन मकान के वाटर टैंक में गिरने से मजदूर की मौत हो गई। मृतक की पहचान अंकित 20 वर्षीय निवासी गांव उरलाना कला के रूप में हुई है। अंकित अपने मां-बाप का इकलौता बेटा था। वह मजदूरी का काम कर रहा था, देर शाम को वह अचानक वाटर टैंक में गिर गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। अंकित की मौत के बाद परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल है। परिजनों ने मकान मालिक पर लगाए लापरवाही के आरोप ठेकेदार ने बताया कि वह शाम को पेशाब करने की बात कह कर गया, मगर काफी देर नहीं लौटा तो उसने उसे वहां ढूंढा तो पाया वह मकान के वाटर टैंक में मृत हालात में गिरा हुआ मिला। उधर मृतक के परिजनों ने मकान मालिक पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मकान मालिक की लापरवाही से चलते ही यह हादसा हुआ है। वहीं मामले की जांच कर रहे जांच अधिकारी संजय ने भी बताया कि हमें सूचना मिली थी कि एक मजदूर की मौत पानी के टैंक में गिरने से हुई है। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकाल कर गोहाना के नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए लाया गया। जहां आज मृतक अंकित जो गांव उरलाना कला का रहने वाला उसका पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। अभी जांच की जाएगी, उसी अनुसार कार्यवाही की जाएगी।

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