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नवंबर माह की शुरुआत भले गर्म, लेकिन अंत में चरम पर होगी ठंड: मौसम विभाग

भोपाल मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम के दो रंग देखने को मिल रहे हैं, जहां दिन के समय गर्मी लग रही है तो रात के समय हल्की सर्दी का एहसास हो रहा है. मौसम का अनुमान है कि 15 नवंबर से सर्दी में इजाफा होगा, जबकि महीने के आखिरी दिनों में दिन और रात के तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जाएगी. मौसम विभाग का अनुमान है कि 4 दिन बाद यानी 15 नवंबर से मौसम में बदलाव आएगा. इसके बाद दिन व रात के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज होना शुरू हो जाएगी. दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की जाएगी तो वहीं रात के तापमान में भी कमी आएगी. मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में भी ज्यादातर शहरों में रात का तापमान 20 डिग्री से नीचे लच रहा है. पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान सबसे कम 13.4 डिग्री दर्ज किया गया तो राजगढ़, भोपाल, सीहोर, मंडला, मलाजखंड, टीकमगढ़, रायसेन, नौगांव, रीवा और धार में भी पारा 17 डिग्री से नीचे रहा. पचमढ़ी की सबसे ठंडी रात मध्य प्रदेश के पचमढ़ी की सबसे ठंडी रातें हैं. शुक्रवार-शनिवार की रात पचमढ़ी में रात का तापमान 13.4 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि शाजापुर 13.7, अमरकंटक 13.9, भोपाल 15.2, राजगढ़ 15.2, मंडला 15.2, सीहोर 15.5, मलाजखंड 15.7, टीकमगढ़ 15.9, रायसेन 16.0, नौगांव 16.5, रीवा 16.6 एवं धार का न्यूनतम तापमान 16.6 दर्ज किया गया. माह के अंत में पड़ेगी सर्दी मौसम विभाग के अनुसार नवंबर महीने में ट्रेंड ही रहा है कि 15 नवंबर तक सर्दी धीरे-धीरे पड़ना शुरू होती है, जबकि माह के अंतिम दिनों सर्दी पूरी तरह से अपने शबाब पर आ जाती है. मौसम विभाग के अनुसार माह के आखिरी दिनों में दिन और रात के तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जाएगी, जिस तरह इस बार अच्छी बारिश हुई, ठीक वैसे ही इस बार सर्दी भी तेज पड़ने के आसार है.

मछली पकड़ते समय मौत, राजस्थान-सवाई माधोपुर की बनास नदी में डूबे चाचा-भतीजा

सवाई माधोपुर. जिले के मलारना स्टेशन निवासी दो लोग बनास नदी में मछली पकड़ते हुए गहरे पानी में डूब गए, जिससे दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाकर दोनों के शव निकाल लिए हैं। बताया जा रहा है कि कल दोपहर सलीम तथा उसका भतीजा अयान मछली पकड़ने के लिए नदी में गए थे लेकिन रात 9 बजे तक भी घर नहीं पहुंचे। परिवार वालों ने उन्हें ढूंढने का प्रयास किया, तब बनास नदी के किनारे उनकी चप्पल  तथा साइकिल मौके पर मिली। इसके बाद परिजनों ने घटना की सूचना जिला प्रशासन को भी दी। साथ ही अपने स्तर पर भी ढूंढने का प्रयास किया लेकिन किसी तरह की कोई सफलता हासिल नहीं हो सकी। सवेरे भी परिजनों ने मौके पर पहुंचकर नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया लेकिन कोई सफलता नहीं मिल पाई। इसके बाद पुलिस भी मय जाप्ते के मौके पर पहुंची और नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया, जिस पर बनास नदी में लगभग 500 मीटर दूर दोनों के शव पुलिस को मिल गए, जिन्हें परिजनों की सहायता से नदी से बाहर निकाला गया। बताया जा रहा है कि मृतक मछली बेचने का काम किया करते थे, जिसके चलते रोजाना नदी पर मछली पकड़ने आते थे लेकिन अचानक गहरे पानी में चले जाने के कारण दोनों की डूबने से मौत हो गई।

राहुल गांधी 100 करोड़ रुपये खर्च करके चुनाव में पार्टी को 100 सीट भी नहीं मिल रही तो ये उपलब्धि नहीं दुर्भाग्य है: संजय निरुपम

महाराष्ट्र महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की गहमागहमी के बीच एकनाथ शिंदे गुट के नेता संजय निरुपम ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है. संजय निरुपम ने कहा, “कांग्रेस का पतन तो होना ही है. अगर राहुल गांधी 100 करोड़ रुपये खर्च करके पूरे देश में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ कर रहे हैं और लोकसभा चुनाव में पार्टी को 100 सीट भी नहीं मिल रही तो ये कांग्रेस की उपलब्धि नहीं दुर्भाग्य है.” एबीपी न्यूज के सवाल अगर शिवसेना टूटी हुई नहीं होती और इसका नेतृत्व उद्धव ठाकरे कर रहे होते तो क्या संजय निरुपम वापस से शिवसेना में आते? इसका जवाब देते हुए संजय निरुपम ने कहा, “मुझे कांग्रेस छोड़ने की जरूरत ही नहीं पड़ती. साल 2019 में जब शिवसेना और कांग्रेस का गठबंधन हुआ तो पूरे देश में अकेला मैं था जिसने विरोध किया. मैंने मुखर होकर कहा था कि ये गठबंधन सही नहीं है. इसमें कांग्रेस और शिवसेना दोनों का नुकसान होगा. आखिर कांग्रेस का पतन हुआ.” उन्होंने कहा, “हालांकि, लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की कुछ सीटें बढ़ीं, लेकिन वो सीटें कांग्रेस के प्रताप से नहीं बढ़ी है. दरअसल, इस बार प्रचार छोटा था, बीजेपी का चुनाव प्रचार भी लो मूड में था, पीएम मोदी के खिलाफ फेक नैरेटिव चलाया गया और अल्पसंख्यक समाज ने इस बार जैसे वोट दिया वो पहले कभी नहीं हुआ था, लेकिन हमेशा वैसा ही वातावरण होगा ये जरूरी नहीं है. महाराष्ट्र और हरियाणा में लोकसभा चुनाव हारने के बाद बीजेपी ने अपने आप को सुधारने का जबरदस्त प्रयास किया, जिसके नतीजे दिख रहे हैं.” कांग्रेस का पतन तो होना ही है- संजय निरुपम वहीं आगे एक सवाल का जवाब देते हुए संजय निरुपम ने कहा, “अगर राहुल गांधी 100 करोड़ रुपये खर्च करके पूरे देश में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान चार हजार किलोमीटर पैदल चलते हैं और कहते हैं कि करोड़ों लोगों से उन्होंने सीधे बात की. इसके बावजूद अगर लोकसभा चुनाव में पार्टी को 100 सीट भी नहीं मिल रही तो ये कांग्रेस की उपलब्धि नहीं दुर्भाग्य है.” उन्होंने कहा, “इसके साथ ही कांग्रेस के नेताओं की कर्महीनता है, कि दो बार लगातार लोकसभा चुनाव हारने के बाद जब तीसरी बार हारते हैं तो चाहते हैं आपको नेता प्रतिपक्ष मिले. तीसरी बार भी आप विपक्ष में बैठने पर जश्न मना रहे हैं, दिवाली मना रहे हैं, फटाखे फोड़ हैं तो ये आपकी कर्महीनता है. इसे मैं कांग्रेस की उपलब्धि नहीं बोलूंगा. बस कांग्रेस के पतन की जो स्पीड थी वो थोड़ा स्लो हो गई है, लेकिन कांग्रेस का पतन तो होना ही है. कांग्रेस की अब कभी वापसी नहीं हो सकती है.”

उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने एक ही दिन शिवाजी पार्क में रैली करने के लिए BMC को आवेदन दिया, होंगे आमने-सामने

महाराष्ट्र उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने एक ही दिन शिवाजी पार्क में रैली करने के लिए BMC को आवेदन दिया है. हालांकि, अभी तक बीएमसी ने ठाकरे भाइयों को रैली की परमिशन नहीं दी है. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में इस बार उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे आमने-सामने हैं. ऐसे में अब मुंबई के शिवजी पार्क में एक ही दिन रैली करने को लेकर शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे चीफ राज ठाकरे के बीच ठन गई है. उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने आगामी 17 नवंबर को शिवाजी पार्क में रैली करने के लिए बीएमसी को आवेदन दिया है. हालांकि, अभी तक बीएमसी ने ठाकरे भाइयों को रैली की परमिशन नहीं दी है. बता दें, 18 नवंबर को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार करने का आखिरी दिन है. ऐसे में ठाकरे बंधु 17 नवंबर को शिवाजी पार्क में रैली कर आखिरी बार जनता को साधने की कोशिश करेंगे. वहीं 17 नवंबर को बालासाहेब ठाकरे की पुण्यतिथि भी है, इसलिए उद्धव ठाकरे की शिवसेना रैली शिवाजी पार्क में ही करना चाहती है.

विशेष अभियानों ने स्क्रैप के निपटान के जरिए 2,364 करोड़ रुपये का राजस्व पैदा किया है, पीएम मोदी ने की सराहना

नई दिल्ली कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 31 अक्टूबर, 2024 को समाप्त हुए विशेष अभियान 4.0 के कार्यान्वयन चरण के सफल समापन की घोषणा की। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा 2021-24 तक चलाए गए विशेष अभियानों ने स्क्रैप के निपटान के जरिए 2,364 करोड़ रुपये का राजस्व पैदा किया है। पीएम मोदी ने भी इन नतीजों की सराहना की है। जितेंद्र सिंह ने बताया कि विशेष अभियान 4.0 स्वच्छता को संस्थागत बनाने और सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों को कम करने के लिए देश का सबसे बड़ा अभियान था और इसने कई बेहतरीन प्रथाएं और उपलब्धियां देखी हैं। प्रधानमंत्री मोदी के निर्देशों से प्रेरित होकर, स्वच्छता और लंबित मामलों को कम करने के लिए ‘विशेष अभियान 4.0’ में संतृप्ति दृष्टिकोण को अपनाया गया और देश के दूरदराज के हिस्सों में 5.97 लाख से अधिक कार्यालयों को कवर किया गया। जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए भी जानकारी दी, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, विशेष अभियान 4.0, जो कि अपने प्रकार का भारत का सबसे बड़ा अभियान है, ने कई महत्वपूर्ण परिणाम हासिल किए हैं। 2021 से कबाड़ को हटाकर राज्य कोष में लगभग 2,364 करोड़ रुपये जोड़े गए हैं।” पीएम मोदी ने इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “सही प्रबंधन और सक्रिय कदमों पर ध्यान देकर इस प्रयास ने बेहतरीन नतीजे हासिल किए हैं। यह दिखाता है कि मिलकर किए गए प्रयास स्थायी परिणाम दे सकते हैं, जिससे साफ-सफाई और आर्थिक बचत दोनों को बढ़ावा मिलता है।” जितेंद्र सिंह ने बताया कि विशेष अभियान 4.0 ने 2-31 अक्टूबर, 2024 की अवधि में 650 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया। विशेष अभियान 4.0 के तहत 5.97 लाख से अधिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान चलाया गया और इसके परिणामस्वरूप कार्यालय उपयोग के लिए 190 लाख वर्ग फुट जगह खाली हुई। हर साल के साथ विशेष अभियान का आकार और पैमाना बढ़ता जा रहा है। विशेष अभियान 4.0 की समीक्षा कैबिनेट मंत्रियों, राज्य मंत्रियों और केन्द्र सरकार के सचिवों द्वारा की गई और इन्होंने कार्यान्वयन के मामले में नेतृत्व और मार्गदर्शन प्रदान किया गया। पोर्टल पर मंत्रालयों द्वारा रिपोर्ट किये गए अभियान के अंतिम आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान के परिणाम निम्नलिखित हैं: स्वच्छता अभियान स्थल (लाख में)- 5.97 अर्जित राजस्व (करोड़ रुपए में)- 650.10 मुक्त स्थान (लाख वर्ग फीट)- 190 रिकॉर्ड प्रबंधन फाइलों की समीक्षा की गई (भौतिक फाइलें + ई-फाइलें) (लाखों में)- 45.10 रिकॉर्ड प्रबंधन (भौतिक फाइलें हटाई गईं + ई-फाइलें बंद की गईं) (लाखों में)- 25.19 लोक शिकायतें + निपटाई गई अपीलें (लाखों में)- 5.55

तलाश में जुटी पुलिस, छत्तीसगढ़-कोंडागांव में एक महीने के बच्चे को मां ने सड़क पर फेंका

कोंडागांव. कोंडागांव जिले के केशकाल थाना क्षेत्र के बहिगाव और गुडरीपारा के बीच सड़क पर बीती रात एक मासूम बच्चा सड़क पर मिला। जिसे देखने के बाद आसपास के लोगों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। जहां पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित हॉस्पिटल तक पहुंचाया। वही बच्चे के परिजनों को खोजने में पुलिस जुट गई है। मामले की जानकारी देते हुए केशकाल थाना प्रभारी विकास बघेल ने बताया कि शनिवार की रात को कुछ लोगों ने पुलिस को सूचना दिया कि बहिगांव और गुडरीपारा के बीच सड़क पर एक नवजात लड़के को सड़क किनारे फेंक कर परिजन भाग गए हैं। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोगों ने देखा और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच बच्चे को पहले हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां बच्चा अभी पूरी तरह से सुरक्षित है। वहीं, पुलिस ने इस मामले में अज्ञात माता-पिता के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए उनकी खोजबीन शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि बच्चा अभी पूरी तरह से ठीक है। वहीं, परिजनों के खोजबीन में जुट गई है।

थाईलैंड टूरिज्म के ब्रांड एंबेसडर बने अभिनेता सोनू सूद, बोले- उत्साहित हूं

मुंबई, इंडियन फिल्म इंडस्ट्री के जाने माने कलाकार और आम लोगों के बीच ‘मसीहा’ नाम से प्रसिद्ध सोनू सूद के खाते में एक और उपलब्धि आई है। उन्हें थाइलैंड सरकार ने ये सम्मान दिया है। उन्हें थाइलैंड टूरिज्म का ब्रांड एंबेसडर चुना गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपनी फोटो वाली न्यूज पेपर की एक कटिंग शेयर कर सोनू सूद ने कैप्शन में दिल की बात लिखी। अभिनेता ने लिखा “थाईलैंड में पर्यटन के लिए ब्रांड एंबेसडर और सलाहकार के रूप में नियुक्त होने पर सम्मानित महसूस कर रहा हूं और इसे विनम्रता से स्वीकार करता हूं।“ यही नहीं अभिनेता ने बताया कि फैमिली के साथ पहली विदेश यात्रा थाइलैंड की ही थी। सूद ने लिखा “मेरी पहली अंतरराष्ट्रीय यात्रा मेरे परिवार के साथ इस खूबसूरत देश में थी और अपनी नई भूमिका को लेकर खासा उत्साहित हूं। खुश हूं कि इस देश के रोमांचकरी लोकेशन्स और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के बारे में सलाह देने का मौका मिला है।” अभिनेता ने पोस्ट के अंत में सभी को धन्यवाद देते हुए लिखा “आप सभी के प्यार और शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद।“ इस बीच सोनू सूद के वर्कफ्रंट की बात करें तो अभिनेता एक्शन एंटरटेनर “फतेह” में दिखेंगे। इस फिल्म में उनके साथ “किक” अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज नजर आएंगी। शक्ति सागर प्रोडक्शंस और जी स्टूडियो द्वारा निर्मित फिल्म साइबर अपराध की जटिलताओं और चुनौतियों के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में कुछ एक्शन सीक्वेंस भी दिखाए जाएंगे, जिन्हें हॉलीवुड स्टंट विशेषज्ञ ली व्हिटेकर की देखरेख में किया गया है। सोनू सूद हिंदी के साथ ही तेलुगू और तमिल फिल्मों में भी शानदार काम कर चुके हैं। सोनू को दर्शक उनकी कई फिल्मों में निभाए गए नकारात्मक भूमिका को भी काफी पसंद किए। साल 2009 में रिलीज हुई ‘अरुंधति’ में सूद को सर्वश्रेष्ठ खलनायक के लिए आंध्र प्रदेश राज्य नंदी पुरस्कार दिया गया। यही नहीं सलमान खान और सोनाक्षी सिन्हा स्टारर फिल्म दबंग में भी सूद खलनायक की धांसू भूमिका निभा चुके हैं। दबंग 2010 में आई थी, जिसके लिए उन्हें आईफा पुरस्कार से नवाजा गया। सोनू सूद सोशल वर्कर भी हैं, उन्होंने कोविड-19 के दौरान लोगों की काफी मदद की और उन्हें कई तरह से लाभ पहुंचाया। सोनू सूद फिल्म इंडस्ट्री को युवा, अथाडु, आशिक बनाया आपने, जोधा अकबर, शूटआउट एट वडाला जैसी बॉक्स ऑफिस पर सफल फिल्में दे चुके हैं। आर राजकुमार, हैप्पी न्यू ईयर में भी काम किया है। अभिनेता और सोशल वर्कर सोनू सूद ने जुलाई 2016 में प्रोडक्शन हाउस शक्ति सागर प्रोडक्शंस की स्थापना की।

हैवान पिता ने ढाई साल की बेटी को पीट-पीटकर मार डाला, वजह जान कर रह जाएंगे दंग

मुंबई मुंबई में एक व्यक्ति ने हैवानियत की हदें पार करते हुए अपनी ढाई साल की बेटी की निर्ममता से हत्या कर दी. 24 वर्षीय आरोपी इस बच्ची का सौतेला पिता है. यह घटना मानखुर्द इलाके के अन्नाभाऊ साठे नगर में हुई है. मानखुर्द पुलिस ने हत्या और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया, कोर्ट ने उसे तीन दिनों के लिए पुलिस कस्टडी में भेज दिया है.  मानखुर्द पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक बच्ची के पिता ने उसकी मां को छोड़ दिया था. इसके बाद इस महिला ने आरोपी व्यक्ति से शादी कर ली थी. यह शादी छह महीने पहले ही हुई थी. दोनों अन्नाभाऊ साठे नगर इलाके में रहते थे. पत्नी की गैरमौजूदगी में की बच्ची की हत्या पुलिस के मुताबिक आरोपी टेम्पो चालक है जबकि बच्ची की मां दूसरों के घरों में घरेलू सहायिका के रूप में काम करती है. अभी तक की पुलिस पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है कि सौतेली बेटी होने की वजह से वह उसे पसंद नहीं करता था. पत्नी की गैरमौजूदगी में 8 नवंबर की रात को उसने बेटी की पीट-पीटकर हत्या कर दी. महिला काम के सिलसिले में घर से बाहर थी. जब घर लौटी तो बेटी को मरा हुआ पाया और उसने पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई. बच्ची के रोने की आवाज सुनकर हुआ नाराज, कर दी हत्या महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया और आरोपी को हिरासत में ले लिया. पूछताछ में आरोपी ने बताया कि जब वह टेम्पो चलाकर घर लौटता था तो उसकी सौतेली बेटी रोती थी, और आरोपी को ही घर पर बेटी को संभालना होता था और इसी सब से परेशान हो गया था.रोज की तरह 8 नवंबर की रात भी उसे गुस्सा आया और उसने हाथ और लात से उसकी पिटाई कर दी. बच्ची को देखकर हैरान रह गई मां पीड़ित की मां जब घर पहुंची तो उसे लगा कि बेटी सोई हुई है. बेटी को जब आवाज देकर उठाया तो वह नहीं उठी तो उसे शक हुआ. जिसके बाद वह उसे नजदीकी हॉस्पिटल लेकर पहुंची जहां डॉक्टर ने चेक करते ही उसे मृत घोषित कर दिया. 

महाराष्ट्र में जातिगत राजनीति के पीछे शरद पवार ही हैं. इतना ही नहीं, राज ठाकरे ने बोला तीखा हमला

महाराष्ट्र महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बीच मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने एनसीपी (एसपी) नेता शरद पवार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में जातिगत राजनीति के पीछे शरद पवार ही हैं. इतना ही नहीं, राज ठाकरे ने शरद पवार पर राजनीतिक लाभ के लिए 1999 से महाराष्ट्र में जाति की राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महज 10 दिन बचे हैं. इस बीच राज ठाकरे ने पुणे में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि जातिवादी राजनीति के नए संस्करण में मराठा अब ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) के खिलाफ खड़े हैं. उन्होंने कहा, ‘‘शरद पवार ने महाराष्ट्र में जाति की राजनीति शुरू की. राजनीतिक लाभ के लिए समाज में नफरत फैलाई गई. पहले ब्राह्मणों और मराठा समुदाय के बीच जातिगत तनाव पैदा किया गया. अब मराठा समुदायों और ओबीसी के बीच जातिवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है.” ‘शरद पवार ने किया जाति-पाति का जहर घोलने का काम’ मनसे चीफ राज ठाकरे ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बीच कहा कि राज्य को आज जाति-पाति में उलझा दिया गया है. महाराष्ट्र के पास महान नेताओं और साधु-संतों की विरासत है, लेकिन मौजूदा समय में एक ऐसा संत है, जिसने जाति-पाति का जहर घोलने का काम किया है. वह संत और कोई नहीं बल्कि शरद पवार हैं. इतना ही नहीं, राज ठाकरे ने जनता से कहा कि जाति में न उलझते हुए सोच समझ कर वोट करें, यह महाराष्ट्र के विकास के लिए बहुत जरूरी है. लाडली बहन योजना का भी किया जिक्र मनसे प्रमुख ने कहा कि लाडली बहन योजना महायुति सरकार ने शुरू की है, जिसका फायदा कुछ महिलाओं को मिला है. हालांकि, कुछ महिलाएं इस योजना से अब भी वंचित हैं. महिलाओं को मुफ्त में कुछ देने के बजाय उनको काम देकर मजबूत करने पर जोर देना चाहिए.

ऑस्ट्रेलिया ने पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मैच के लिए 13 सदस्यीय टीम का ऐलान किया

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया ने भारत के खिलाफ 22 नवंबर से पर्थ में होने वाली पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मैच के लिए 13 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। इसमें रोहित एंड कंपनी के लिए कई सरप्राइज पैकेज हैं, जो टीम इंडिया की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया ने भारत के खिलाफ चुनी टीम में दो नए खिलाड़ियों को मौका दिया है, जिनमें से एक का टेस्ट डेब्यू होना तय माना जा रहा है। फिलहाल, ऑस्ट्रेलिया ने सिर्फ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मैच के लिए टीम का ऐलान किया है। नाथन मैक्स्वीनी और जोश इंगलिस को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया है। 13 सदस्यीय टीम में ये दोनों ही नए चेहरे हैं। कप्तान पैट कमिंस, जोश हेजलवुड और मिचेल स्टार्क के साथ तेज गेंदबाजी की अगुवाई करेंगे जबकि तेज गेंदबाजों में स्कॉट बोलैंड टीम में जगह बना पाने में कामयाब रहे हैं। 25 साल के बल्लेबाज नाथन मैक्स्वीनी ओपनिंग की रेस में सबसे आगे चल रहे थे। उनके चुने जाने की पूरी उम्मीद थी, उन्होंने इंडिया ए के खिलाफ दूसरे दावेदारों के मुकाबले कहीं अधिक बेहतर प्रदर्शन किया था। नाथन लियोन टीम में एकमात्र विशेषज्ञ स्पिन विकल्प हैं, जबकि मार्नस लाबुशेन और ट्रेविस हेड जैसे खिलाड़ी अन्य स्पिन गेंदबाजी विकल्प के रूप में टीम में मौजूद हैं। एलेक्स कैरी पहली पसंद के विकेटकीपर बने हुए हैं और दक्षिण ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी शेफील्ड शील्ड में बल्ले से भी शानदार फॉर्म में हैं, जहां वह वर्तमान में छह पारियों में दो शतक और एक अर्धशतक के साथ रन-चार्ट में शीर्ष पर हैं। जोश इंग्लिस का चयन सिर्फ बैकअप विकेटकीपर के तौर पर नहीं, बल्कि रिजर्व बल्लेबाज के तौर पर किया गया है, क्योंकि उनकी दोहरी क्षमताएं उन्हें एक्स-फैक्टर बनाती हैं। वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के इस खिलाड़ी ने घरेलू क्रिकेट में भी रन बनाए हैं, और वर्तमान में शील्ड सीजन में वह शानदार फॉर्म में हैं। पर्थ टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम : पैट कमिंस (कप्तान), मिचेल स्टार्क, ट्रैविस हेड, उस्मान ख्वाजा, स्टीव स्मिथ, एलेक्स कैरी, मार्नस लाबुशेन, स्कॉट बोलैंड, नाथन लियोन, मिचेल मार्श, नाथन मैक्स्वीनी, जोश इंग्लिस, जॉश हेजलवुड  

गॉफ ने रोमांचक मुकाबले में झेंग को हराकर डब्ल्यूटीए फाइनल्स का खिताब जीता

रियाद कोको गॉफ ने शानदार वापसी करते हुए चीन की झेंग किनवेन को 3-6, 6-4, 7-6(2) से हराकर डब्ल्यूटीए फाइनल्स का खिताब अपने नाम कर लिया। यह उनके करियर का पहला साल का आखिरी चैंपियनशिप खिताब है। रियाद में इस जीत के साथ गॉफ को 48,05,000 अमेरिकी डॉलर का इनाम मिलेगा, जो डब्ल्यूटीए टूर इवेंट का सबसे बड़ा पुरस्कार है। इसके साथ ही, अमेरिकी खिलाड़ी ने लगातार दूसरे साल सीजन के अंत में वर्ल्ड नंबर 3 रैंकिंग हासिल की है। तीसरी बार डब्ल्यूटीए फाइनल्स में खेलते हुए गॉफ को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। दूसरे सेट में वह पिछड़ रही थीं, और तीसरे सेट में भी दो बार ब्रेक डाउन में थीं, जहां झेंग 5-4 पर मैच जीतने के करीब थीं। लेकिन गॉफ ने हर मौके पर संघर्ष करके बाधाओं को पार किया और अपने करियर का 9वां डब्ल्यूटीए टूर सिंगल्स खिताब जीता। 1972 में डब्ल्यूटीए फाइनल्स शुरू होने के बाद से, गॉफ 21 वर्ष से कम उम्र में यह टूर्नामेंट जीतने वाली चौथी अमेरिकी खिलाड़ी बन गई हैं। इससे पहले क्रिस एवर्ट, ट्रेसी ऑस्टिन और सेरेना विलियम्स ने यह उपलब्धि हासिल की थी। इसके अलावा, गॉफ 1990 के बाद पहली अमेरिकी हैं जिन्होंने एक ही टूर्नामेंट में चार टॉप-10 खिलाड़ियों को हराया है। इससे पहले 1996 ओलंपिक में लिंडसे डेवनपोर्ट ने यह कारनामा किया था। गॉफ ने इस साल का शानदार अंत रियाध में जीत के साथ किया। यूएस ओपन में हार के बाद, उन्होंने अपने पिछले 14 मैचों में से 12 मैच जीतकर इस साल को खत्म किया। झेंग का भी सीजन शानदार रहा। विंबलडन के बाद से, इस साल की ओलंपिक गोल्ड मेडल विजेता झेंग ने 31-6 का जीत-हार का रिकॉर्ड बनाया।  

खेत में जुताई करते समय हादसा, छत्तीसगढ़-रायगढ़ में रोटावेटर की चपेट में आए नाबालिग की मौत

रायगढ़. रायगढ़ जिले में खेत की जुताई के समय चलते ट्रैक्टर में चढ़ने के चक्कर में एक नाबालिग रोटावेटर के अन्दर घुस गया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मामला धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र का है। इस मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। इस संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के तहत आने वाले दुर्गापुर गांव में  जय मंडल पिता रविंन्द्र मंडल 13 साल खेत की जुताई करने के लिये ट्रैक्टर चालक के साथ दुर्गापुर गांव पहुंचा था। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर चालक जब खेत की जुताई कर रहा था तभी ट्रैक्टर में पीछे से चढ़ने के दौरान पैर फिसल जाने की वजह से ट्रैक्टर मालिक का लडका जय मंडल रोटावेटर के अन्दर घुस गया जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। अचानक इस घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। वहीं इस घटना में जय मंडल की मौत हो जाने के बाद परिजनों में मातम पसर गया। रविवार की सुबह इस घटना की जानकारी मिलते ही घटनास्थल पहुंची पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिये अस्पताल भेजते हुए आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

शुभकरण की मौत मामले में पंजाब-हरियाणा सरकार को नोटिस, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर

हरियाणा किसान आंदोलन में खनौरी बॉर्डर पर गोली लगने से 21 फरवरी को बठिंडा के युवा किसान शुभकरण सिंह की मौत हो गई थी। इस मामले में शुभकरण सिंह का परिवार सीबीआई जांच करवाना चाहता है। इसी मांग को लेकर मृतक के पिता चरनजीत सिंह ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच करवाने का मुद्दा उठाया है। इस पर अदालत ने पंजाब और हरियाणा सरकार से जवाब तलब किया है। गोली लगने से हुई थी मौत शुभकरण किसान आंदोलन में शामिल होने गया था उस दौरान उसकी गोली लगने से मौत हो गई। जिस गोली से शुभकरण की मौत हुई थी, वह हरियाणा पुलिस की तरफ से चलाई गई थी। पहले यह मामला पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा था। फिर इस मामले की जांच करने के लिए पहले उच्च अदालत ने रिटायर जज की अगुआई में कमेटी गठित की थी। परिवार की दलील है कि इस मामले में कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई है। हालांकि इस संबंधी पातड़ा थाने में केस दर्ज जरूर हुआ था। इससे पहले 7 अगस्त को इस मामले की जांच कर रहे हरियाणा पुलिस के अधिकारी बी सतीश बालन ने हाईकोर्ट में अपनी सीलबंद रिपोर्ट दाखिल की थी। उस समय यह बात सामने आई थी कि शुभकरण के सिर पर शॉटगन का निशान लगता है लेकिन सरकारी वकील ने कहा था हरियाणा पुलिस द्वारा शॉटगन प्रयोग नहीं की जाती है।

योगी आदित्यनाथ रैलियों में ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ का नारा देते आ रहे हैं, लेकिन कुछ इसका समर्थन कर रहे कुछ विरोध

महाराष्ट्र महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य में सियासी हलचल मची हुई है. इसी बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अमरावती में रैली के दौरान बंटेंगे तो कटेंगे का नारा दिया है. देश में यह नारा चर्चा का विषय बना हुआ है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस नारे का कुछ नेता समर्थन कर रहे हैं तो कुछ इसके खिलाफ में नजर आ रहे हैं. इसी कड़ी में एनसीपी चीफ अजित पवार ने भी इस बयान का विरोध किया है. अजित पवार ने किया विरोध महाराष्ट्र चुनाव में प्रचार के दौरान PM मोदी ने ‘एक हैं तो सेफ हैं’ का नारा दिया था. वहीं, योगी आदित्यनाथ भी लगातार अपनी रैलियों में ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ का नारा देते आ रहे हैं. लेकिन अब महायुति के ही साथी अजित पवार ही इस पर लगातार सवाल उठा रहे हैं. इससे पहले अजित पवार ने कहा था कि महाराष्ट्र शिवाजी, आंबेडकर, शाहू जी महाराज की धरती है. इस बयान महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा,”राज्य में बाहर के लोग आकर ऐसी बातें बोल जाते हैं.  दूसरे राज्यों के बीजेपी सीएम तय करें कि उन्हें क्या बोलना है. हम भले ही महायुति में एक साथ काम कर रहे हैं, लेकिन हमारी पार्टियों की विचारधारा अलग-अलग है. हो सकता है ये दूसरों में चलता हो, लेकिन महाराष्ट्र में ये काम नहीं करता.” संजय निरूपम ने किया समर्थन इसी कड़ी में शिवसेना (शिंदे गुट) नेता संजय निरूपम ने योगी आदित्यनाथ के बयान का समर्थन किया है. उन्होंने कहा, “योगी आदित्यनाथ कह रहे हैं कि अगर आप बिखर जाओगे तो आप कमजोर हो जाओगे. अगर आप एक रहेंगे तो मजबूत रहेंगे.  उन्होंने आगे कहा, “अजित दादा अभी समझ नहीं रहे हैं,आगे समझ जाएंगे. ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ ये लाइन महाराष्ट्र में बिल्कुल चलेगी. अजित दादा को समझना पड़ेगा. सीएम योगी कोई गलत बात नहीं कर रहे हैं, इसे समझने में कुछ लोगों को समय लग सकता है. JDU ने भी उठाए सवाल जेडीयू के एमएलसी गुलाम गौस ने भी इस नारे को लेकर सवाल उठाया था. उन्होंने कहा था “देश को अब इस तरह के नारे की जरूरत नहीं है. हम लोग तो एकजुट हैं. इस नारे की जरूरत उन लोगों को हैं, जिन्हें  एक संप्रदाय के नाम पर वोट चाहिए.  जब देश का प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, गृह मंत्री सब हिन्दू हैं, तो फिर हिन्दू कैसे असुरक्षित हो गए? यह जवाब बीजेपी दे.  

12वीं के बाद आप बन सकते हैं साइबर सिक्यूरिटी एक्सपर्ट्स

बैंकिंग खातों और सरकारी निजी पोर्टल्स की सेंधमारी से आगे बढ़ते हुए हैकर्स अब सोशल मीडिया को भी निशाना बनाने लगे हैं। इजराइली कंपनी एनएसओ के स्पाईवेयर पेगासस के जरिए भारत के 1400 से ज्यादा लोगों के वाट्सएप की जासूसी का खुलासा होने के बाद यह मामला एक बार फिर गरमा गया है। ऑनलाइन ठगी करने वालों से आजकल आम आदमी और कारोबारी से लेकर सरकारें तक परेशान हैं। वॉट्सएप के जरिए जासूसी किए जाने की इन दिनों दुनिया भर में चर्चा है। माना जा रहा है कि स्पाईवेयर पेगासस से करीब 20 देशों के लोग जासूसी के शिकार हुए हैं। इसी तरह, अभी कुछ माह पहले ही अमेरिका में एक बड़ी डेटा सेंधमारी की घटना सामने आई। 33 वर्षीय एक महिला हैकर पेज थॉम्पसन ने अमेरिका की क्रेडिट कार्ड जारी करने वाली कंपनी कैपिटल वन के सर्वर को हैक करके करीब 10 करोड़ यूजर्स का डाटा चुरा लिया था। वैसे, ऐसी घटनाएं अब आम बात हैं। रोज ही अपने आसपास साइबर फ्रॉड की घटनाएं देखने-सुनने को मिल रही हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में भी साइबर हमले लगातार बढ़ रहे हैं। स्मार्टफोन और इंटरनेट पर निर्भरता बढ़ने से भारत में कोई भी ऐसा दिन नहीं गुजरता, जब किसी न किसी तरीके से सैकड़ों लोगों के खातों से साइबर हमले के जरिए लाखों की रकम नहीं निकाली जाती हो। हैकर्स द्वारा आए दिन ऑनलाइन नुकसान पहुंचाने की घटनाओं को देखते हुए आजकल सभी कंपनियों के आइटी विभाग में साइबर सिक्युरिटी एक्सपट्र्स की भारी जरूरत देखी जा रही है। बढ़ रही सर्विलांस इकोनॉमी: ऑनलाइन फ्रॉड यानी इंटरनेट के जरिए होने वाला फ्रॉड। जो लोग इस तरह के फ्रॉड को अंजाम देते हैं, उन्हें हैकर्स या साइबर क्रिमिनल्स कहा जाता है। हैकर अपराधी किस्म के एक अति कुशल कंप्यूटर प्रोफेशनल होते हैं, जो अपने ट्रिक्स और तकनीकी ज्ञान के जरिए किसी दूसरे कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल यूजर के डाटा सिक्युरिटी में बिना उसकी जानकारी के सेंध लगाकर नुकसान पहुंचाते हैं, जानकारियां चोरी करते हैं या फिर कोई अन्य साइबर अपराध करते हैं। हाल फिलहाल के वर्षों में बढ़ते साइबर अपराध की इन घटनाओं से निपटने के लिए वाइट हैट प्रोफेशनल्स यानी एथिकल हैकर्स की काफी डिमांड देखी जा रही है, जो हैकिंग और इसके खतरों को अच्छी तरह समझते हैं। ये लोग हैकिंग के सारे दांवपेच जानने के कारण साइबर के खतरों का मुकाबला करने में काफी कुशल होते हैं। इसके अलावा, हैकिंग के अंदेशों को भांपते हुए सर्वर की सिक्युरिटी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी इन्हीं पर होती है। इस फील्ड में संभावनाएं बहुत हैं, क्योंकि भारत सहित दुनियाभर में सर्विलांस इकोनॉमी बढ़ रही है। कंपनियों के अलावा हर सरकार साइबर डिफेंस को गंभीरता से ले रही है, अपनी क्षमताएं बढ़ा रही है। साइबर क्षेत्र के स्टार्टअप्स में निवेश किया जा रहा है। सीईआरटी-इन नाम से इसके लिए देश में बकायदा एक सरकारी एजेंसी भी है, जो साइबर सिक्युरिटी के लिए काम करती है। इसके अलावा, गृह मंत्रालय के अपने फोरेंसिक लैब्स हैं। साथ ही, फेस रिकग्निशन से लेकर स्पाईवेयर सॉफ्टवेयर्स की इन दिनों काफी डिमांड है। जाहिर है इस फील्ड में प्राइवेट सेक्टर के साथ-साथ सरकारी सेक्टर में भी कुशल साइबर सिक्युरिटी एक्सपट्र्स के लिए काफी मौके हैं। कोर्स एवं योग्यता: एथिकल हैकिंग या साइबर सिक्युरिटी का कोर्स आप 12वीं के बाद कर सकते हैं। देश के कई संस्थानों में यह कोर्स संचालित हो रहे हैं। ये कोर्स छह माह से लेकर एक साल की अवधि के हैं। इसी फील्ड में एडवांस कोर्स भी कर सकते हैं। जॉब्स के अवसर: साइबर सिक्युरिटी प्रोफेशनल्स की इन दिनों सबसे ज्यादा मांग आइटी कंपनियों और आइटी विभागों में है। खास तौर से आइटी सिक्युरिटी सर्टिफिकेशन सेवा देने वाली कंपनियों और आइटी फम्र्स में ऐसे प्रोफेशनल्स की काफी डिमांड देखी जा रही है। इसके अलावा, बैंक, टेलीकॉम कंपनीज, जांच एजेंसीज सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों में भी आजकल साइबर एक्सपर्ट की सेवाएं ली जा रही हैं। पेटीएम, भीम जैसी डिजिटल पेमेंट तकनीक को सुरक्षित करने के लिए भी इन्हीं प्रोफेशनल्स की मदद ली जा रही है। इस फील्ड में अपना स्टार्टअप या कंसल्टेंसी सर्विस शुरू करके भी अच्छा पैसा कमाया जा सकता है। खुद को पहचानें: साइबर एक्सपर्ट बनने के लिए कंप्यूटर का समुचित नॉलेज होना सबसे ज्यादा जरूरी है। इसके लिए कंप्यूटर के कंपोनेंट्स से लेकर इसके कॉन्फिगरेशन और वर्किंग मेथड के बारे में जानना जरूरी होता है, क्योंकि कंप्यूटर के बेसिक्स के बारे में अच्छी समझ से ही आप एक अच्छे एथिकल हैकर बन सकते हैं। लाखों में कमाई: साइबर सिक्युरिटी एक्सपर्ट लाखों में कमाई करते हैं। इन्हें शुरुआत में ही 30 से 40 हजार रुपये तक की सैलरी आसानी से मिलती है, जो अनुभव व विशेषज्ञता के आधार पर लाखों तक हो सकती है।  

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