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मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ में एक और हाथी की मौत, मां से बिछडने के बाद हो गया था बीमार

बांधवगढ़ मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ में एक और हाथी की मौत हो गई। कुछ दिनों पहले पथपना में एक छोटा हाथी मां से बिछड़ गया था, इसके बाद वह बीमार हो गया था। वन विभाग ने हाथी को उसके झुंड से अलग करके उसका रेस्क्यू किया और उसका उपचार शुरू किया था। रेस्क्यू करने के बाद छोटे जंगली हाथी को बांधवगढ़ के ताला स्थित रामा कैंप पहुंचा दिया गया था। जहां उसे डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया। बीमार हाथी के बारे में यह जानकारी सामने आई थी कि वह अपनी मां से बिछड़ गया है और भूख के कारण बीमार हो गय। बीमार हाथी की आयु तीन से चार महीने की बताई गई है। ताला कैंप में रखकर की जा रही थी देखभाल उमरिया जिले के विश्वप्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगली हाथियों के ऊपर आपदा का क्रम थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार की सुबह पार्क प्रबंधन को पनपथा बफर इलाके के छतवा जमुनिहा के जंगल में जंगली हाथी शावक बीमार अवस्था में मिला था। बेहाल अवस्था में मिले जंगली हाथी को पार्क प्रबंधन ने रेस्क्यू कर अपने कब्जे में लिया है और उसका उपचार किया था। हाथी शावक को पार्क के ताला हाथी कैंप में रखकर देखभाल की जा रही थी। तेरह हाथियों का झुंड बताया गया था कि जिस झुंड का छोटा हाथी बीमार हुआ था, वह भी तेरह हाथियों का ही था। तेरह हाथियों में से बाकी के 12 हाथी स्वस्थ्य बताए जा रहे हैं। हालांकि उन पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि छोटा जंगली हाथी किसी वस्तु को खाने से बीमार हुआ है या फिर किसी और कारण से वह अस्वस्थ्य हुआ था। यह जानकारी जरूर सामने आ रही है कि बीमार हुए छोटे हाथी के शरीर में कंपन हो रहा था। उसने कई जगह लीद भी भी की थी। बीमार हुए जंगली हाथी की जानकरी मिलने के बाद जब वन प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और सबसे ज्यादा समय छोटे हाथी का रेस्क्यू करने में लगा था। दरअसल बीमार हाथी को उसके झुंड से अलग करना मुश्किल काम था।

प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान की होगी भरपाई, श्रीलंका को चीन ने दी 30 मिलियन रुपये की वित्तीय सहायता

कोलंबो. श्रीलंका में इस साल जनवरी से अक्तूबर तक प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई के लिए चीन ने 30 मिलियन रुपये की वित्तीय सहायता दी है। इसके साथ ही राष्ट्रपति के मीडिया विभाग (पीएमडी) के एक बयान में कहा गया कि चीन से 10 मिलियन युआन की सामग्री सहायता भी मिलने की उम्मीद है जो आपातकालीन मानवीय सहायता कार्यक्रम के तहत दी जाएगी। जानकारी के अनुसार इस साल श्रीलंका में दो बार भीषण बाढ़ आई, जिसमें दो दर्जन से अधिक लोगों की जान गई और 50,000 से ज्यादा लोग विस्थापित हो गए। इस मामले में पीएमडी ने कहा कि चीनी वित्तीय सहायता की राशि लगभग 30 मिलियन रुपये को सरकार के खजाने में भेज दी गई है। बता दें कि इससे पहले 30 अक्टूबर को श्रीलंका में चीनी दूतावास ने राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके को बाढ़ राहत के रूप में 1,00,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 30 मिलियन श्रीलंकाई रुपये) और 400 मिलियन श्रीलंकाई रुपये की राहत सामग्री दी थी। इसके अलावा, राष्ट्रीय बजट विभाग ने आपदाओं से प्रभावित घरों के पुनर्निर्माण के लिए रक्षा मंत्रालय को अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान की है। श्रीलंकाई सरकार का बयान वहीं इस मामले में सरकार ने बताया कि यह अतिरिक्त प्रावधान इसलिये जरूरी थे क्योंकि 2024 के बजट में आपदा पीड़ितों के लिए पर्याप्त धनराशि नहीं थी। सरकार ने यह भी कहा कि आपदा राहत और निगरानी परियोजना के तहत घरों और संपत्तियों की मरम्मत के लिए मुआवजा देने और पुनर्निर्माण के प्रयासों को तेज़ी से पूरा करने के कदम उठाए जा रहे हैं। विश्व बैंक के जलवायु परिवर्तन ज्ञान पोर्टल के अनुसार, श्रीलंका में सबसे आम प्राकृतिक आपदाएं सूखा, बाढ़, भूस्खलन, चक्रवात और तटीय कटाव हैं।

आयुष विश्वविद्यालय में खुलेगा 150 सीटों वाला मेडिकल कॉलेज

रायपुर पं. दीनदयाल उपाध्याय स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय में अब यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस प्रारंभ करने की तैयारी चल रही है. इसके लिए विश्वविद्यालय के समीप ही 50 एकड़ जमीन का चिन्हांकन किया गया है. जमीन का सर्वे एनआरडीए के अधिकारियों द्वारा कर लिया गया है. मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के साथ ही एमडी, एमएस तथा नर्सिंग के पाठ्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे. स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय में शिक्षण विभाग (यूटीडी) प्रारंभ करने का प्रस्ताव है. यहां एमबीबीएस एवं नर्सिंग पाठ्यक्रम संचालित होंगे. इसी परिप्रेक्ष्य में पिछले दिनों विश्वविद्यालय प्रबंधन बोर्ड की बैठक में यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस खोलने का निर्णय लिया गया. मेडिकल कॉलेज के लिए पूरा खाका तैयार कर लिया गया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार मेडिकल कॉलेज 150 सीट वाला होगा. यह कॉलेज स्ववित्तीय एवं राज्य शासन से प्राप्त अनुदान के आधार पर संचालित होगा. एमबीबीएस की 150 सीट के अलावा पीजी कोर्स एमडी, एमएस, सुपरस्पेशलिटी कोर्स एमसीएच तथा नर्सिंग के भी पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे. यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस हेतु विश्वविद्यालय के समीप ही 50 एकड़ जमीन का चिन्हांकन किया गया है. विश्वविद्यालय के प्रस्ताव पर कुछ दिनों पहले ही एनआरडीए के अधिकारियों ने स्थल निरीक्षण किया. माना जा रहा है कि एनआरडीए से जमीन मिलने में किसी तरह की दिक्कतें नहीं आएगी. इसके अलावा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पताल के लिए भी विवि के सामने 25 एकड़ जमीन की मांग का प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है. राज्य शासन से अनुमति का इंतजारः कुलपति मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार पात्रा ने कहा है कि यूनिवर्सिटी के समीप ही कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है. इसके लिए यूनिवर्सिटी स्तर पर तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं. यूनिवर्सिटी के समीप ही जमीन का चिन्हांकन कर लिया गया है. पिछले दिनों एनआरडीए के अधिकारियों ने जमीन का सर्वे भी कर लिया है. अब राज्य शासन से अनुमति (सर्टिफिकेट) मिलने का इंतजार है. शासन से हरी झंडी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया तेजी से प्रारंभ की जाएगी. वर्तमान में 10 सरकारी मेडिकल कॉलेज संचालित वर्तमान में प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज हैं. इनमें 10 सरकारी और 5 निजी मेडिकल कॉलेजों का संचालन हो रहा है. सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पं. जवाहर लाल नेहरू स्मृति मेडिकल कॉलेज रायपुर, सिम्स बिलासपुर (150), भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव, स्व. बलीराम कश्यप स्मृति मेडिकल कॉलेज जगदलपुर (125), राजमाता श्रीमती देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर, स्व. लखीराम अग्रवाल स्मृति मेडिकल कॉलेज रायगढ़, कांकेर कॉलेज (125), कोरबा मेडिकल कॉलेज (125), महासमुंद मेडिकल कॉलेज (125), चंदूलाल चन्द्राकर स्मृति मेडिकल कॉलेज दुर्ग.

सीजेआई चंद्रचूड़ ने सुनाया भावुक किस्सा, ‘पिता ने रिटायरमेंट तक पुणे का फ्लैट बेचने से किया था मना’

नई दिल्ली/पुणे. मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित किए गए विदाई समारोह में शिरकत की। इस दौरान सीजेआई ने अपने पिता से जुड़ा एक किस्सा सुनाया और बताया कि किस तरह से उनके पिता और देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश वाईवी चंद्रचूड़ ने उन्हें पुणे का एक फ्लैट रिटायरमेंट तक बेचने से मना किया था और इसकी वजह क्या थी। मुख्य न्यायाधीश ने विदाई समारोह के दौरान अपने संबोधन में उनके और उनके पिता के बीच हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि ‘उन्होंने (पिता वाईवी चंद्रचूड़) पुणे में एक छोटा सा फ्लैट खरीदा था। मैंने उनसे पूछा कि आपने पुणे में फ्लैट क्यों लिया? जबकि आप इसमें रहेंगे भी नहीं। इस पर उन्होंने मुझे कहा कि मुझे पता है कि मैं उसमें नहीं रह पाऊंगा और मुझे ये भी नहीं पता कि मैं कब तक तुम लोगों के साथ रहूंगा, लेकिन इस फ्लैट को तब तक अपने पास रखना, जब तक तुम बतौर जज सेवानिवृत्त न हो जाओ।’ सीजेआई ने कहा कि इस पर मैंने अपने पिता से इसकी वजह पूछी तो उन्होंने कहा कि ‘अगर तुम्हें कभी लगे कि तुम्हारी नैतिक और बौद्धिक ईमानदारी से समझौता हो रहा है। तो मैं चाहता हूं कि तुम्हें ये पता रहे कि तुम्हारे सिर पर एक छत है। कभी भी बतौर वकील या न्यायाधीश इसलिए समझौता मत करना कि तुम्हे लगे कि तुम्हारे पास रहने के लिए अपनी कोई जगह नहीं है।’

शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने का किया ऐलान, 25 को इंद्रावती से महानदी भवन तक पैदल मार्च

रायपुर छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने मोदी की गारंटी लागू करने की मांग को लेकर 11 नवंबर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने का ऐलान किया है. मोर्चा के पदाधिकारियों के अनुसार, वे 5 सूत्रीय मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन कर रहे हैं, जो कि पहले सामूहिक अवकाश के रूप में सामने आया था, और अब यह ज्ञापन देने के रूप में जारी रहेगा. शिक्षक संघ से मिली जानकारी के अनुसार कल यानि 11 नवंबर को वे राज्य के सभी 146 विकासखंडों में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे. इसके बाद, 12 से 24 नवंबर तक मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायकों को भी मांग पत्र सौंपे जाएंगे. मोर्चा के नेताओ ने कहा कि अगर इन कदमों के बाद भी सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं होती है, तो 25 नवंबर को इंद्रावती से महानदी भवन तक पैदल मार्च आयोजित किया जाएगा. शिक्षक संघ की प्रमुख मांगों में शामिल है: 1. पूर्व सेवा गणना को शामिल करते हुए समस्त शिक्षक एलबी संवर्ग की पुरानी पेंशन निर्धारित की जाए. 2. सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति को दूर कर उन्हें क्रमोन्नति और समयमान वेतनमान दिया जाए. 3. समतुल्य वेतनमान में सही वेतन निर्धारित किया जाए और 1.86 के गुणांक पर वेतन निर्धारण किया जाए. 4. केंद्र के समान 1 जुलाई 2024 से 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता लागू किया जाए. शिक्षक संघ का कहना है कि अगर सरकार इन मांगों को जल्द स्वीकार नहीं करती है, तो 25 नवंबर को पैदल मार्च के माध्यम से अपनी आवाज उठाई जाएगी.

उद्धव ठाकरे जी कांग्रेस के नेता राहुल गांधी से कह सकते हैं कि वह वीर सावरकर के लिए दो शब्द बोल दें?: अमित शाह

महाराष्ट्र महाराष्ट्र विधानसभा चुनवा को लेकर बीजेपी लगातार महा विकास अघाड़ी पर हमलावर है. इसी बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के लिए पार्टी का संकल्प पात्र जारी किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि आज यहां जिस संकल्प पत्र का विमोचन हुआ है, वह महाराष्ट्र की जनता की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी हमला बोला. राहुल गांधी को दी चुनौती कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा,”मैं उद्धव ठाकरे जी से पूछना चाहता हूं कि क्या वह कांग्रेस के नेता राहुल गांधी से कह सकते हैं कि वह वीर सावरकर के लिए दो शब्द बोल दें? क्या कांग्रेस का कोई नेता बाला साहब ठाकरे जी के सम्मान में दो वाक्य बोल सकता है? अंतर्विरोध के बीच में अघाड़ी की सरकार बनाने का स्वप्न लेकर जो लोग निकले हैं, उन्हें महाराष्ट्र की जनता जान ले तो अच्छा होगा.” उन्होंने आगे कहा,  “मैं उद्धव ठाकरे को कहना चाहता हूं कि आप को कहां बैठना है, ये आप को ही तय करना है. लेकिन मैं आप को याद दिलाना चाहता हूं कि आप 370 का विरोध करने वाले, रामजन्मी भूमि का विरोध और वक्फ बोर्ड में सुधार का विरोध करने वालों के साथ बैठे हो.” ‘जनता की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है’ संकल्प पत्र का विमोचन करते हुए अमित शाह ने कहा, “महाराष्ट्र एक प्रकार से कई युगों से हर क्षेत्र में देश का नेतृत्व कर रहा है. एक जमाने में जब जरूरत थी, तब भक्ति आंदोलन की शुरुआत भी महाराष्ट्र से हुई, गुलामी से मुक्ति का आंदोलन भी शिवाजी महाराज ने यहीं से शुरू हुआ, समाजिक क्रांति की शुरुआत भी यहीं से हुई है और महाराष्ट्र की जनता की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब हमारे संकल्प पत्र में दिखाई पड़ता है.”  केंद्रीय गृहमंत्री ने महा विकास अघाड़ी पर साधा निशाना  केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “अघाड़ी की सारी योजनाएं सत्ता की लालच में तुष्टिकरण की हैं, विचारधाराओं का अपमान करने वाली हैं और महाराष्ट्र की संस्कृति से छल करने वाली हैं. उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के संकल्प पत्थर की लकीर होते हैं. केंद्र हो या राज्य, जब हमारी सरकार बनती है, तो हम हमारे संकल्पों को सिद्ध करते हैं.  

धुंध की चादर में लिपटा ताजमहल, आगरा में आज सुबह वायु गुणवत्ता ‘संतोषजनक’ दर्ज, लोगों ने राहत की सांस ली

आगरा मोहब्बत की नगरी आगरा में आज रविवार (10 दिसंबर) की सुबह हल्की धुंध नजर आई. जिसमें मोहब्बत की निशानी कही जाने वाली ऐतिहासिक इमारत ताजमहल को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे उसने कोई सफेद रंग की पतली सी चादर ओढ़ ली है. हालांकि अच्छी बात ये रही है कि आज शहर में हवा की गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई है. जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है.   केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक आगरा में रविवार सुबह वायु गुणवत्ता ‘संतोषजनक’ दर्ज की गई जबकि शनिवार को  वायु में ‘मध्यम’ श्रेणी में प्रदूषण का स्तर का दर्ज किया गया था. सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, आगरा के मनोहरपुर इलाके में सुबह 8 बजे तक वायु गुणवत्ता सूचकांक 93 दर्ज किया गया, जिसे ‘संतोषजनक’ श्रेणी में रखा गया है, जबकि शाहजहां गार्डन में हवा का एक्यूआई लेवल 73 तक दर्ज किया गया. हल्की धुंध में हुए ताज के दीदार हवा में प्रदूषण का स्तर घटने से स्थानीय लोगों ने भी राहत की सांस ली है. मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी यूपी और पूर्वी यूपी के तराई वाले इलाकों में इन दिनों सुबह के समय हल्की धुंध देखने को मिलेगी. धुंध का असर आगरा में भी दिखाई दिया, जिससे ताजमहल घूमने आए पर्यटकों कोहरे की चादर में लिपटी मोहब्बत की निशानी के दीदार किए. ताजमहल देखने आए पर्यटक गौतम सिंह ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा कि वो दिल्ली से ताजमहल देखने आए हैं. वहां पर पराली की वजह से इन दिनों हवा में खासा प्रदूषण देखने को मिल रहा है. भविष्य में यहां पर भी हवा में प्रदूषण का असर देखने को मिल सकता है ऐसे में प्रदूषण पर गंभीरता से काम करने की ज़रूरत है. बता दें कि आगरा में पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. मौसम विभाग के मुताबिक़ अगले पाँच दिनों में फ़िलहाल तापमान में किसी तरह का बदलाव होने की संभावना नहीं है. हालांकि एक हफ्ते बाद प्रदेश में ठंडी हवाएं चल सकती है जिससे तापमान में गिरावट आएगी.

लोन की किस्त वसूलने गए एजेंटों के साथ मारपीट, मामला दर्ज

रायपुर टाटीबंध इलाके में लोन की किस्त वसूल करने पहुंचे यूको बैंक (UCO Bank) के जोन दफ्तर के अफसर-कर्मियों से मारपीट की गई. पुलिस ने मारपीट के आरोप में चार आरोपियों के खिलाफ जुर्म दर्ज किया गया है. जानकारी के अनुसार, कर्जदार के घर पर पहले मामूली विवाद हुआ तो बैंक वालों की टीम वहां से निकलकर टाटीबंध चौक पर पहुंच गई. एक बार के सामने खड़े होकर बैंक वाले बात कर रहे थे कि चार-पांच लोग उनका पीछा करते वहां पहुंच गए और मारपीट करने लगे. बैंक की ओर से रिकवरी कर्मी वशिष्ठ सिंह ने पुलिस में आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है. पुलिस ने प्रभजोत सिंग, शाबी चीमा, पवन सिंग एवं एक अन्य के खिलाफ धारा 115 (2), 296, 3 (5) 324 (4), 324 (5), 351 (2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध करके जांच शुरू कर दी है. पुलिस के मुताबिक, बैंक की ओर से वशिष्ठ सिंह के अलावा अधिकारी मनोज कुमार मोहंती, पलाश हलदर, वीएसएसआर मूर्ति, अरविंद यदु, संजय शुक्ला के अलावा कुछ और स्टाफ थे. ये लोग टाटीबंध में लोन लेने वाले मूर्ति सिंग के घर पहुंचे. वहां उनके पुत्र प्रभजोत सिंग और उसके साथियों ने विवाद करते हुए गाली-गलौज, धक्का-मुक्की की. सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई पूरी घटना रिपोर्ट के मुताबिक, घर में विवाद किए जाने पर टीम वहां से निकलकर हीरापुर रोड पर शालीमार बार के सामने खड़ी थी. रिपोर्टकर्ता ने पुलिस को बताया कि इस दौरान आरोपी वहां आ गए और पहले हाथ-मुक्के से उन्हें पीटा, फिर संजय शुक्ला को धक्का मारकर गिरा दिया गया. मोबाइल व हैड फोन तोड़ दिया गया. पुलिस को घटनास्थल पर सीसीटीवी कैमरे में सारी घटना की रिकार्डिंग मिली है.

वक्फ कानून के तहत किसानों को उन जमीनों पर खेती कर रहे उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए: मुख्यमंत्री सिद्धाररमैया

नई दिल्ली वक्फ मामले में कर्नाटक सरकार ने किसानों को नोटिस भेजने वाले अधिकारियों को कार्रवाई की चेतावनी दी है। भूमि स्वामित्व रिकॉर्ड में बदलाव करने और वक्फ कानून के तहत किसानों को जमीन खाली करने का नोटिस भेजने वाले अधिकारियों को चेताया गया है। राजस्व विभाग के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार कटारिया ने जिलों के सभी क्षेत्रीय आयुक्तों और उपायुक्तों पत्र लिखा है। इसमें कहा गया कि मुख्यमंत्री सिद्धाररमैया ने कुछ भू-संपत्तियां कर्नाटक वक्फ बोर्ड के पक्ष में किए जाने की शिकायतों के बाद हाल में बैठक की थी। पत्र के मुताबिक, बैठक में तय किया गया कि भूमि का स्वामित्व बदलने के लिए किसी भी सरकारी कार्यालय या प्राधिकारी की ओर से पूर्व में दिए गए सभी निर्देश वापस लिए जाते हैं। पूर्व में दिए गए सभी नोटिस भी वापस लिए गए हैं। उन जमीनों पर खेती कर रहे किसानों के खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए। पत्र में कहा गया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार किसानों और जमीन मालिकों को 7 नवंबर को भेजे पत्र व नोटिस वापस लिए जाते हैं। वक्फ बोर्ड ने इन जमीनों पर जताया अपना दावा राजेंद्र कुमार कटारिया ने अपने पत्र में कहा, ‘मुख्यमंत्री के निर्देश के बावजूद नोटिस भेजने वाले अधिकारियों को उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।’ कर्नाटक में 13 नवंबर को तीन अहम विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। उसके बीच यह निर्देश जारी किया गया है। उत्तर कर्नाटक में विजयपुरा के कुछ किसानों ने पिछले महीने आरोप लगाया था कि उन्हें जमीन खाली करने के नोटिस दिए गए हैं, क्योंकि वक्फ बोर्ड ने इन जमीनों पर अपना दावा जताया है। इसके बाद राज्य के कुछ अन्य हिस्सों से भी शिकायतें मिलने लगी थी। भाजपा के नेता तेजस्वी सूर्या ने 25 अक्टूबर को गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के वक्फ मंत्री बी जेड जमीर अहमद खान ने उपायुक्तों और राजस्व अधिकारियों को 15 दिन के भीतर वक्फ बोर्ड के पक्ष में जमीनें पंजीकृत करने का निर्देश दिया था, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। सूर्या के अनुरोध पर वक्फ (संशोधन) विधेयक पर संसद की संयुक्त समिति के अध्यक्ष जगदम्बिका पाल ने 7 नवंबर को कर्नाटक का दौरा किया। उन्होंने हुब्बली, विजयपुरा और बेलगावी जिलों के किसानों से मुलाकात की जिन्होंने आरोप लगाया कि उनकी जमीनों को वक्फ संपत्ति के तौर पर चिह्नित किया गया है।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में दवाओं की आपूर्ति और मरीजों के जांच सैंपल लेकर आएगा ड्रोन

कोंडागांव  नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा एक ऐसा मुद्दा है, जिसके लिए आदिवासी हमेशा संघर्ष करते रहे हैं. लेकिन अब ड्रोन के जरिए दूरस्थ अंचल में दवाओं की आपूर्ति कर एक क्रांतिकारी कदम उठाया गया है. इससे ब्लड और दवा जिला अस्पताल से सभी अस्पतालों में तुरंत पहुंचेगी, और लोगों को तुरंत स्वास्थ्य सेवा भी मिलने लगेगी. इस सुविधा की शुरुआत रविवार को जिला अस्पताल के बाहर रिमोट का बटन दबाकर ड्रोन उड़ाने के जरिए हुई. ड्रोन मर्दापाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक दवाएं लेकर जाएगा, साथ ही मरीजों के जांच सैंपल लेकर वापस लौटेगा. फिलहाल, यह पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है. आने वाले दिनों में इसे आस-पास के अस्पतालों के लिए भी शुरू किया जाएगा. दवाओं के अलावा सैंपल भी लाएगा ड्रोन सीएमएचओ डॉ आरके सिंह ने बताया कि इस ड्रोन सेवा को दूरस्थ इलाकों में मेडिकल फैसिलिटी को बढ़ाने के लिए शुरू किया गया है. ड्रोन ना सिर्फ दवाओं को लेकर जिला अस्पताल पहुंचेगा, बल्कि वहां से डॉक्टरों की टीम कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC) में पहुंचे हुए मरीजों के ब्लड और यूरिन जैसे सैंपल ड्रोन के सहारे वापस भेजेगी. बता दें कि ड्रोन सेवा की शुरुआत केंद्र सरकार की तरफ से की गई है. ये केंद्र सरकार के टीकाकरण सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए एक पहल है.

जबरवान के जंगल में चल रही मुठभेड़, सोपोर इलाके में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया

जम्मू-कश्मीर जम्मू-कश्मीर में बारामूला जिले के सोपोर इलाके में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। कश्मीर संभाग की पुलिस ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी पोस्ट में कहा, ‘बारामूला के रामपोरा सोपोर इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में खुफिया जानकारी मिली थी। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस और सुरक्षा बलों ने संयुक्त आतंकवाद विरोधी अभियान शुरू किया गया। तलाशी अभियान के दौरान गोलीबारी हुई।’ पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ की विस्तृत जानकारी का इंतजार है। हालांकि, एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने पहचान गुप्त रखते हुए बताया कि मुठभेड़ के दौरान एक आतंकवादी मारा गया है। उन्होंने बताया कि मारे गए दहशतगर्द और उसके संगठन का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। दूसरी ओर, श्रीनगर के बाहरी इलाके में जबरवान वन क्षेत्र में रविवार को आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि यह मुठभेड़ दाचीगाम और निशात क्षेत्र के ऊपरी इलाकों को जोड़ने वाले वन क्षेत्र में सुबह करीब 9 बजे शुरू हुई। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद इलाके की घेराबंदी कर तलाश अभियान शुरू किया था। मुठभेड़ में अभी तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। कठुआ में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा गौरतलब है कि सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में मौजूदा सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। पंजाब और हिमाचल प्रदेश की सीमा से लगे कठुआ में सेना प्रमुख का दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब जम्मू क्षेत्र में आतंकवाद निरोधक अभियान तेज हो गए हैं। यहां गुरुवार को किश्तवाड़ जिले में हुए हमले में आतंकवादियों ने 2 ग्राम रक्षा गार्ड का अपहरण करने के बाद उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। एडीजीपीआई ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, ‘सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कठुआ, जम्मू कश्मीर में तैनात राइजिंग स्टार कोर की अग्रिम इकाइयों का दौरा किया। उन्हें मौजूदा सुरक्षा स्थिति के बारे में जानकारी दी गई। सेना प्रमुख ने सैनिकों से भी बातचीत की और उनके पेशेवर रवैये व कर्तव्य के प्रति समर्पण के उच्च मानकों की सराहना की।’

डीवाई चंद्रचूड़ ने बताया फैसले लेने में कैसा होता है प्रेशर- जजों पर केवल राजनीतिक दबाव नहीं

नई दिल्ली जजों के ऊपर केवल राजनीतिक दबाव ही नहीं होता है। उनके ऊपर निजी हित समूहों का भी दबाव होता है। यह बात रिटायर्ड सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कही। उन्होंने कहाकि यह सोशल मीडिया का सहारा लेकर माहौल बनाते हैं। वह ऐसा प्रचारित करते हैं जिससे जज के ऊपर किसी खास तरह का फैसला करने का दबाव बन जाए। डीवाई चंद्रचूड़ ने कहाकि यहां तक इस तरह से दबाव बनाने के लिए ट्रोलिंग की जाती है। सोशल मीडिया के जरिए हमले किए जाते हैं। डीवाई चंद्रचूड़ ने यह भी कहाकि न्याय व्यवस्था की आजादी को मापने का सिर्फ यह पैमाना नहीं होना चाहिए कि कितने फैसले सरकार के खिलाफ दिए गए। वह एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से रिटायर होने वाले पूर्व सीजेआई ने इस दौरान अपने फैसलों पर भी बात की। उन्होंने कहाकि मुझे लगता है कि मैंने एक बैलेंस बनाने की कोशिश की है। डीवाई चंद्रचूड़ ने कहाकि मैंने हमेशा फैसले किसी खास विचार से प्रभावित होकर नहीं, बल्कि अपनी न्यायिक समझ के आधार पर ही दिया है। इस मौके पर जस्टिस चंद्रचूड़ ने यह भी कहाकि हालांकि सीजेआई और सभी हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को प्रशासनिक पक्ष में सरकार के साथ काम करने की जरूरत है। उन्होंने ज्यूडिशियल इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी फंड्स को लेकर किए गए अपने सुधारों को याद किया। इसके अलावा सरकारों से राय लेने में कोर्ट और एग्जीक्यूटिव्स के बीच मतभेदों को सुलझाने में अहम होता है। पूर्व सीजेआई ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम और सरकार के बीच उपजे मतभेद का हवाला दिया जो कई बार सुर्खियों में रहा। हालांकि उन्होंने यह भी कहाकि सभी मतभेद सुलझाए भी नहीं जा सकते। उन्होंने कहाकि इसका सबसे अच्छा उदाहरण है कि सरकार अभी भी वकील सौरभ किरपाल को हाई कोर्ट का जज बनाने को राजी नहीं है। डीवाई चंद्रचूड़ ने कहाकि किसी जज की सेक्सुअलिटी या उसके पार्टनर का विदेशी नागरिक होना उसके फैसलों पर असर नहीं डाल सकता। इसके साथ ही उन्होंने फैसलों में स्पष्टता की भी बात की। पूर्व सीजेआई ने कहाकि खराब ढंग से लिखे गए फैसले न्याय की आस रखने वालों को निराश करते हैं।

भारतीय महिला ने खरीदा FRIENDS फेम मैथ्‍यू पेरी का आलीशान घर

लॉस एंजिलिस अमेरिकी एक्‍टर मैथ्‍यू पेरी अब हमारे बीच नहीं हैं। बीते साल अक्‍टूबर में लॉस एंजिलिस के घर में हॉट टब में वह बेसुध पाए गए थे, जिसके बाद डॉक्‍टरों ने उन्‍हें मृत घोष‍ित कर दिया। 54 साल के मैथ्‍यू ने टीवी शो FRIENDS में चैंडलर बिंग का किरदार निभाया था। एक ऐसा रोल, जो आज भी होठों पर मुस्‍कान ला देता है। भारत में भी मैथ्‍यू की खूब पॉपुलैरिटी रही है। अब ताजा खबर ये है कि लॉस एंजिलिस के जिस घर में मैथ्‍यू पेरी की मौत हुई थी, उसे एक भारतीय ने ही खरीद लिया है। इस आलीशान घर की नई तस्‍वीरें और वीडियो वायरल हो रही हैं, जिसमें खरीदने के बाद पूजा और हवन करवाया गया है। रियल एस्टेट डवलपर और फिल्म मेकर अनीता वर्मा-ललियन ने इस साल अक्टूबर में मैथ्यू पेरी का पैसिफिक पैलिसेड्स स्‍थ‍ित यह आलीशान घर खरीदा है। अनीता ने इंस्टाग्राम पर इस घर की शानदार तस्वीरें और वीडियो शेयर किए हैं। बताया जाता है कि अनीता ने इस घर के लिए 8.55 मिलियन डॉलर यानी करीब 72 करोड़ रुपये में इसे खरीदा है। ‘जिस पल घर देखा, मुझे इससे प्‍यार हो गया’ अनीता ने लिखा है, ‘हमें यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि हमने इस महीने की शुरुआत में लॉस एंजिल्स में एक घर खरीदा है! हमारे एजेंट ने कहा कि उनके पास एक अद्भुत ‘ऑफ-मार्केट’ प्रॉपर्टी है। जिस पल मैं घर में दाखिल हुई, मुझे इसकी खूबियों से प्यार हो गया। खासकर घर से प्रशांत महासागर का नजारा यह एहसास दिलाता है कि असल में यह ‘एक’ ऐसी चीज है, जिसे खरीदना चाहिए।’ मैथ्‍यू पेरी नहीं, इस कारण खरीदा घर अनीता ने अपने इस नए घर में हिंदुस्‍तानी सभ्‍यता के मुताबिक, पूजा और हवन करवाया है। वह इस बात पर खास जोर देती हैं कि इस घर को खरीदने का उनका फैसला, इसकी खूबसूरती है। उन्‍हें इस बात से कोई लेना-देना नहीं है कि इसका पिछला मालिक कौन था। अनीता ने कहा- पूजा और हवन हमारी प्रथा है अनीता ने पोस्‍ट में आगे लिखा है, ‘एक रियल एस्टेट डवलपर के तौर पर मेरा मानना है कि हर प्रॉपर्टी का एक इतिहास होता है, लेकिन हर घर में एक एनर्जी भी होती है, जो उसका मालिक उसमें लाता है। मैं हिंदू हूं और जब भी आप कोई नया घर खरीदते हैं तो आशीर्वाद और प्रार्थना करना एक प्रथा है। हम बहुत भाग्यशाली थे कि एरिजोना से हमारे पंडितजी आशीर्वाद देने के लिए घर आए। हमने इस घर के पिछले मालिक के जीवन के सकारात्मक पहलुओं, उनकी प्रतिभा और लोगों को उनके द्वारा दी गई खुशी का सम्मान किया।’

ट्रंप इस राज्य और उसके 11 चुनावी वोटों को रिपब्लिकन की झोली में डालने में कामयाब रहे

वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल करने वाले डोनाल्ड ट्रंप कमाल करते दिख रहे हैं। उन्होंने एरिजोना में भी जीत हासिल कर ली। इस तरह 5 नवंबर को हुए चुनावों में सभी 7 स्विंग राज्यों में रिपब्लिकन ने विजय परचम लहरा दिया है। ट्रंप इस राज्य और उसके 11 चुनावी वोटों को रिपब्लिकन की झोली में डालने में कामयाब रहे। साल 2020 में डेमोक्रेटिक लीडर जो बाइडन की जीत के बाद भी उन्होंने अबकी बार यह कर दिखाया। 70 बरसों के बाद एरिजोना जीतने वाले बाइडन दूसरे डेमोक्रेट बने थे। ताजा आंकड़ों के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप को अब तक 312 इलेक्टोरल वोट मिल चुके हैं। ये व्हाइट हाउस की दौड़ जीतने के लिए जरूरी 270 से कहीं अधिक हैं। साल 2016 में जब ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव जीता तो उन्हें 304 चुनावी वोट मिले थे। अमेरिकी मीडिया 50 राज्यों में आधे से अधिक में ट्रंप को विजेता घोषित कर चुकी है। इनमें जॉर्जिया, पेंसिल्वेनिया, मिशिगन और विस्कॉन्सिन के स्विंग राज्य शामिल हैं, जिनमें से सभी ने पिछले चुनाव में डेमोक्रेटिक वोट दिया था। उन्होंने उत्तरी कैरोलिना और नेवादा के में भी जीत हासिल की है। नेवादा में भी ट्रंप ने लहराया विजय का परचम डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को नेवादा राज्य में विजय का परचम लहराया। पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के बाद से पहली बार यह राज्य और इसके 6 इलेक्टोरल वोट रिपब्लिकन पार्टी के पास लौटे हैं। इससे पहले 2004 में बुश ने इस राज्य से जीत हासिल की थी। ट्रंप और डेमोक्रेटिक पार्टी की राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी रहीं कमला हैरिस ने इस साल राज्य में कई बार प्रचार किया। नेवादा की ज्यादातर काउंटी ग्रामीण हैं और इसने 2020 में ट्रंप के लिए भारी मतदान किया था। मगर, डेमोक्रेट जो बाइडन ने उस समय दो सबसे घनी आबादी वाली काउंटी वैशू और क्लार्क से जीत हासिल की थी। एसोसिएटेड प्रेस ने ट्रंप के विजयी होने की जानकारी दी।

मध्य प्रदेश में बंदियों को अब जेलों में मिलेगा दूध, दही और सलाद भी, नए साल से लागू हो सकती है व्यवस्था

भोपाल मध्य प्रदेश की जेलों में बंदियों को अब दूध, दही, छाछ और सलाद भी मिल सकेगा। एक जनवरी 2025 से प्रभावी होने जा रहे ‘मध्य प्रदेश सुधारात्मक सेवाएं एवं बंदीगृह अधिनियम’ में इसका प्रविधान किया जा रहा है। बंदियों को मिलेगा बेहतर भोजन वित्त विभाग इस प्रस्ताव का परीक्षण कर रहा है। शासन से अनुमति मिलने के बाद अधिनियम प्रभावी होने के साथ ही खान-पान की व्यवस्थाएं और बेहतर हो जाएंगी। जेल में बंदी टीबी के मरीजों को पहले की तरह अंडा भी दिया जाएगा। इसके साथ ही राष्ट्रीय त्योहार और सप्ताहांत में मिष्ठान्न देने की व्यवस्था भी जारी रहेगी। पुराने कानून में व्यापक बदलाव अंग्रेजों के जमाने में बंदियों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता था, यह किसी से छिपा नहीं है। उन्हीं के जमाने का (वर्ष 1894) कानून भी अभी तक चलन में है। अब केंद्र और राज्य सरकार मिलकर जेलों में सुधारात्मक सेवाएं बढ़ाने के प्रयास में हैं। इसी कड़ी में पुराने कानून को बदला जा रहा है। प्रदेश में नए अधिनियम में लगभग एक हजार तरह के नियम शामिल किए गए हैं। प्रदेश में 45 हजार बंदी उल्लेखनीय है कि प्रदेश की जेलों में लगभग 45 हजार बंदी हैं। खतरनाक बंदियों को अलग अंडा सेल में रखा जा रहा है, लेकिन अब इसे नियम में भी उल्लेखित किया जाएगा। इसके साथ ही पुराने कई प्रविधान हटा दिए गए हैं, जो अब अप्रासंगिक हो गए हैं। जेल में खाना बनाने के लिए बंदियों को उनकी रुचि के अनुसार लगाया जाएगा। इस पर कोई बंदी आपत्ति नहीं कर सकेगा। अधिकारियों का कहना है के मप्र संभवत: पहला राज्य बन सकता है, जहां जेलों में बंदियों को दूध, दही और छाछ दिया जाएगा। बंदियों के खानपान की व्यवस्था बेहतर करने के लिए नियमों में कई प्रविधान किए जा रहे हैं। वित्त विभाग इसका अध्ययन कर रहा है कि खर्च कितना आएगा। सहमति मिलने पर व्यवस्था लागू होगी। – जीपी सिंह, जेल महानिदेशक, मप्र  

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