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PM मोदी ने चिमूर में कहा- हमने 370 को खत्म किया, कश्मीर को भारत और भारत के संविधान से पूरी तरह जोड़ा

महाराष्ट्र महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य में दोनों गठबंधन कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के चिमूर में जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा.  उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अघाड़ी वाले देश को पीछे करने का, देश को कमजोर करने का कोई मौका नहीं छोड़ते. उन्होंने कहा कि ये लोग वो काम कर रहे हैं जो पाकिस्तान चाहता है. धारा 370 को लेकर साधा निशाना PM मोदी ने कहा, “हमने 370 को खत्म किया.कश्मीर को भारत और भारत के संविधान से पूरी तरह जोड़ा.लेकिन कांग्रेस और उसके साथी कश्मीर में फिर से 370 लागू करने के लिए प्रस्ताव पास कर रहे हैं.ये लोग वो काम कर रहे हैं जो पाकिस्तान चाहता है.” उन्होंने आगे कहा, “हमारा जम्मू-कश्मीर दशकों तक अलगाववाद और आतंकवाद में जलता रहा.महाराष्ट्र के कितने ही वीर जवान मातृभूमि की रक्षा करते करते जम्मू-कश्मीर की धरती पर शहीद हो गए.जिस कानून की आड़ में, जिस धारा की आड़ में ये सब हुआ, वो धारा थी 370. ये धारा 370 कांग्रेस की देन थी. ‘नक्सलवाद पर लगाई लगाम’ कांग्रेस और उसके साथियों ने आपको सिर्फ और सिर्फ खूनी खेल दिए हैं. ये हमारी सरकार है जिसने नक्सलवाद पर लगाम लगाई है. आज ये पूरा क्षेत्र खुलकर सांस ले पा रहा है. अब चिमूर और गढ़ चिरौली के क्षेत्र में नए अवसर बन रहे हैं. इस क्षेत्र में नक्सलवाद फिर से हावी न हो जाए, इसके लिए आपको कांग्रेस और उसके साथियों को यहां फटकने भी नहीं देना है. उन्होंने आगे कहा, “हमारे चंद्रपुर के इस क्षेत्र ने भी दशकों तक नक्सलवाद की आग को झेला है. यहां नक्सलवाद के कुचक्र में कितने ही युवाओं का जीवन बर्बाद हो गया. हिंसा का खूनी खेल चलता रहा, औधोगिक संभावनाओं ने यहां दम तोड़ दिया. ‘आदिवासी समुदाय को बंटाना चाहती है कांग्रेस’ PM मोदी ने कहा,  “भाजपा और महायुति सरकार  ‘सबका साथ-सबका विकास’ के मंत्र को लेकर काम कर रही है. मैं गरीब के जीवन की मुश्किलों को समझता हूं, इसलिए आपका जीवन आसान बनाने के लिए मैं दिनरात काम करता हूं.” PM मोदी ने आगे कहा, “आज मैं आपको कांग्रेस और उसके साथियों की एक बड़ी साजिश से भी सावधान कर रहा हूं. हमारे देश में आदिवासी समाज की जनसंख्या करीब 10% के आसपास है. कांग्रेस अब आदिवासी समाज को जातियों में बांटकर कमजोर करना चाहती है. कांग्रेस चाहती है कि हमारे आदिवासी भाई ST के रूप में अपनी पहचान खो दें, उनकी ताकत से उनकी जो पहचान बनी है वो बिखर जाए.” ‘किसानों को बनाना है समृद्ध’ PM मोदी ने कहा,  “हमें महाराष्ट्र को समृद्ध बनाने के लिए हमारे किसानों को समृद्ध बनाना है. आज यहां किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का फायदा मिल रहा है. महायुति सरकार साथ में नमो शेतकरी योजना का डबल फायदा भी दे रही है.” आरक्षण से चिढ़ती है कांग्रेस PM मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “अगर आप एक नहीं रहे, आपकी एकजुटता टूटी, तो सबसे पहले कांग्रेस आपका आरक्षण छीन लेगी. कांग्रेस के शाही परिवार की हमेशा से मानसिकता रही है कि वो इस देश वे राज करने के लिए ही पैदा हुआ है. आजादी के बाद इसलिए ही कांग्रेस ने दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों को आगे नहीं बढ़ने दिया. कांग्रेस आरक्षण से चिढ़ती है. ‘हम एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे’ PM मोदी ने कहा, “आज मैं आपको कांग्रेस और उसके साथियों की एक बड़ी साजिश से भी सावधान कर रहा हूं. हमारे देश में आदिवासी समाज की जनसंख्या करीब 10% के आसपास है.कांग्रेस अब आदिवासी समाज को जातियों में बांटकर कमजोर करना चाहती है. कांग्रेस चाहती है कि हमारे आदिवासी भाई ST के रूप में अपनी पहचान खो दें, उनकी ताकत से उनकी जो पहचान बनी है वो बिखर जाए.” उन्होंने आगे कहा, “आपकी एकता टूट जाए, ये कांग्रेस का खतरनाक खेल है. आदिवासी समाज जातियों में बटेगा, तो उसकी पहचान और ताकत खत्म हो जाएगी.कांग्रेस के शहजादे विदेश में जाकर खुद ये ऐलान कर चुके हैं. इसलिए मैं कहता हूं कि हमें कांग्रेस के इस षड्यंत्र का शिकार नहीं होना है, हमें एकजुट रहना है. इसलिए मेरा आपसे आग्रह है: हम एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे.”  

वापसी का ऐलान, तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी हुए फिट, वह मैदान पर वापसी करने के लिए तैयार

नई दिल्ली बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से पहले टीम इंडिया के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी फिट हो गए हैं और वे मैदान पर वापसी करने के लिए तैयार हैं। करीब एक साल के बाद वे प्रोफेशनल मैच खेलते हुए नजर आएंगे। 19 नवंबर 2023 को उन्होंने आखिरी मुकाबला भारत के लिए खेला था। इसके बाद से वे कोई घरेलू मैच भी चोट के कारण नहीं खेल पाए। हालांकि, अब उनको रणजी ट्रॉफी में मौका मिलेगा और वे बुधवार 13 नवंबर को मैदान पर नजर आएंगे। इस बात का ऐलान बंगाल क्रिकेट संघ ने किया है। मोहम्मद शमी बुधवार से मध्य प्रदेश के खिलाफ रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप सी के मैच में इंदौर के मैदान पर अपना दमखम दिखाते नजर आएंगे। बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा, “यह इंडियन क्रिकेट और बंगाल रणजी ट्रॉफी के लिए अच्छी बात है कि मोहम्मद शमी अपना कमबैक करने जा रहे हैं। वे बुधवार से इंदौर में मेजबान मध्य प्रदेश के खिलाफ शुरू हो रहे रणजी मैच में खेलने वाले हैं। पिछले साल नवंबर में आखिरी मुकाबला भारत के लिए खेलने वाले शमी मध्य प्रदेश के खिलाफ टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण की बागडोर संभालेंगे।” बंगाल क्रिकेट संघ ने आगे कहा, “शमी का बंगाल की टीम में शामिल किया जाना टीम के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा। रणजी ट्रॉफी के दूसरे दौर में जगह बनाने के लिए बंगाल की टीम कोशिश कर रही है।” बंगाल की टीम अपने ग्रुप में इस समय चार मैचों के बाद 8 अंक हासिल करने के बाद पांचवें स्थान पर है। शमी के पास अपनी फिटनेस साबित करने का मौका है और वे अभी भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए टीम में चुने जा सकते हैं। अगर वे लगातार दो रणजी मैच खेलकर और लंबे-लंबे स्पैल डालकर अपनी फिटनेस और वर्कलोड को मैनेज कर लेते हैं तो फिर आखिरी के तीन मैचों में भी वे ऑस्ट्रेलिया में खेल सकते हैं।

नामजद मामला दर्ज, राजस्थान-चुरू में एकतरफा प्यार में पिस्तौल की नोंक पर नाबालिग से किया दुष्कर्म

चुरू. जिले की रतनगढ़ तहसील के एक गांव में पिस्तौल के नोंक पर नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। पीड़ित छात्रा ने रतनगढ़ थाने में नामजद मामला दर्ज करवाया है। पुलिस को जानकारी देते हुए पीड़िता ने बताया कि 11 जुलाई 2023 को परिचित होने के कारण गांव का ही एक लड़का दीपक परिवार वालों से मिलने उनके घर आया था। उसने पीड़िता को मोबाइल नंबर देकर उससे अकेले में मिलने की बात की साथ ही घर में किसी को यह बात नहीं बताने के लिए भी कहा। इसके बाद उसी दिन शाम को उसने फोन करके पीड़िता से कहा कि मैं तुमसे प्यार करता हूं। इस पर नाबालिग ने उसे मना करते हुए कहा कि दोबारा ऐसी बातें मत करना। इसके 10 दिन बाद आरोपी ने पीड़िता को अपने घर बुलाया। वह जब वहां पहुंची तो घर पर कोई नहीं था, जिसे देखकर वह वापस जाने लगी। इस पर आरोपी उसे हाथ पकड़कर कमरे में ले गया और विरोध करने पर मारपीट की और पिस्तौल तानकर जान से मारने की धमकी देते हुए उसके साथ दुष्कर्म किया और उसके वीडियो बना लिए। पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

जनसंख्या के लिहाज से देश का सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश 5वें स्थान पर है, जीडीपी में 8.40 फीसदी की हिस्सेदारी

नई दिल्ली केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साल की शुरुआत में कहा था कि 2027-28 तक भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। उन्होंने कहा था कि 5 ट्रिलियन डॉलर GDP यानी सकल घरेलू उत्पाद का लक्ष्य पाते करते ही देश यह उपलब्धि हासिल कर लेगा। अब राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की बढ़ती रफ्तार से इसकी संभावनाएं और बढ़ गई हैं। साथ ही अनुमान भी लगाया जाने लगा है कि 6 सालों में भारत का नॉमिनल जीडीपी दोगुने के करीब हो जाएगा। सबसे अमीर टॉप 5 राज्य इस लिस्ट में टॉप पर महाराष्ट्र है, जो देश की जीडीपी में 13.30 फीसदी का योगदान दे रहा है। इसके बाद 8.90 प्रतिशत का योगदान देने वाला तमिलनाडु है। तीसरे और चौथे स्थान पर कर्नाटक और गुजरात है, जो क्रमश: 8.20 फीसदी और 8.10 फीसदी का योगदान देते हैं। जनसंख्या के लिहाज से देश का सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश 5वें स्थान पर है, जिसकी देश की जीडीपी में 8.40 फीसदी की हिस्सेदारी है। अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, नई दिल्ली इस लिस्ट में 13वें स्थान पर है। यहां वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए GSDP का अनुमान 11.07 लाख करोड़ रुपये का है। वहीं, दिल्ली देश की अर्थव्यवस्था में 3.6 प्रतिशत का योगदान देता है। एसएंडपी ग्लोबल के अनुमानों के हवाले से बताया जा रहा है कि वित्तीय वर्ष 2030-31 तक भारत की नॉमिनल जीडीपी दोगुने के करीब होकर 7 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर लेगी। तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने की दौड़ में कई राज्य ऐसे उभर कर आए हैं, जो प्रति व्यक्ति GDSP यानी सकल राज्य घरेलू उत्पाद और जीडीपी के लिहाज से योगदान में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।

चार लोग घायल, राजस्थान-अलवर में खाना खाने गए चाचा-भतीजा को बदमाशों ने होटल से घर तक पीटा

अलवर. जिले के न्याना गांव में होटल पर खाना खाने के दौरान दो पक्षों के बीच विवाद हो गया, जिसके चलते हुई मारपीट में एक ही पक्ष के चार लोग घायल हो गए। पीड़ित पक्ष ने मामले की सूचना पुलिस को दे दी है, जिस पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। जिले के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम न्याना में होटल पर खाना खाने गए चाचा-भतीजे से गांव के लोगों का विवाद हो गया, जिसके चलते हमलावरों ने घर में आकर दोनों के साथ मारपीट की। इस दौरान बीच-बचाव करने में परिवार के अन्य लोग भी घायल हो गए। घायलों को गोविंदगढ़ से अलवर के जिला अस्पताल में रैफर किया गया है, जिनमें से दो जनों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि दो का इलाज जिला अस्पताल में जारी है। जिला अस्पताल में भर्ती पीड़ित कमल ने बताया वह अपने भतीजे दीपक के साथ अपने गांव के होटल में खाना खाने गया था, तभी वहां पर चेतराम, बुधराम, पवन व अन्य लोगों से उनका विवाद हो गया। इन लोगों ने वहां पर दीपक से मारपीट भी की। बाद में घर आने पर इन हमलावरों ने घर में घुसकर उन पर हमला कर दिया और लाठियों से बुरी तरह पीटा। बीच-बचाव के लिए आए परिवार वालों के साथ भी उन्होंने मारपीट की, जिसमें कमल, दीपक, रामकिशन और हरिराम घायल हुए हैं। झगड़ा किस बात को लेकर हुआ, इसका कोई पता नहीं चल पाया है क्योंकि घायल कमल का कहना है कि उनकी आपस में कोई दुश्मनी भी नहीं है। इसके बावजूद करीब सात-आठ लोगों ने घर में आकर उनसे बुरी तरह मारपीट कर दी, जिससे चार लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। झगड़े के बाद सभी हमलावर वहां से भाग खड़े हुए और सभी फरार बताए जा रहे हैं। फिलहाल पीड़ित पक्ष की ओर से इस बात की सूचना गोविंदगढ़ पुलिस को दे दी गई है। पुलिस ने हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है।

कैबिनेट बैठक :प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 के भारत की तर्ज पर 2047 का मध्य प्रदेश का विजन बनाया जाएगा

भोपाल मप्र सरकार की मंगलवार को कैबिनेट बैठक हुई। कैबिनेट बैठक में सीएम डॉ. यादव ने मंत्रियों से कहा कि वे जिलों के अधिक से अधिक दौरे करें और गुड गवर्नेंस के लिए काम करें। आम आदमी तक सरकार की पहुंच हो, इसके लिए सभी फोकस करें। एमपी स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की 2047 में विकसित भारत बनाने की कल्पना को साकार करने के लिए मध्य प्रदेश, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में एक कदम आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। मध्यप्रदेश 2047 में कैसा होगा, इसके लिए विजन डॉक्यूमेंट बनाकर पूरी तैयारियां की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि विजन डॉक्यूमेंट को पीएम नरेन्द्र मोदी की मंशा के मुताबिक तैयार किया जाए। कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि कैबिनेट में विकसित भारत 2047 को लेकर चर्चा हुई है। एमपी सरकार पीएम नरेंद्र मोदी के सपने पर काम सरकार कर रही है। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है, जो विजन डॉक्यूमेंट बनाने का काम करेगी। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि नवाचार और आधुनिक तकनीकी के इस्तेमाल में एमपी आगे बढ़े, इसके लिए सबको मिलकर काम करना है। विजन डॉक्यूमेंट की समीक्षा मंत्री करें। जब कैबिनेट में आए तो समग्र बातें शामिल हों। सीएम यादव ने कहा कि विजन डॉक्यूमेंट में पीएम मोदी के सपनों का मध्यप्रदेश दिखाई देना चाहिए। मोहन कैबिनेट बैठक के प्रमुख फैसले     प्रदेश में 30 जून और 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को एक वेतनवृद्धि का लाभ दिया जाएगा। इसके आधार पर ही उनकी पेंशन का निर्धारण भी होगा।     नर्मदापुरम के बाबई मोहासा में नवकरणीय ऊर्जा के लिए भूमि की आवंटित करने का निर्णय लिया गया।बाबई में पहले से एमपी सरकार सोलर पावर के लिए काम कर रही है, लगभग 214 एकड़ भूमि सरकार पहले भी दे चुकी थी, लेकिन मांग को देखते हुए सरकार ने 311.44 एकड़ भूमी और देने का प्रस्‍ताव कैबिनेट में पास किया है।       मुरैना में बनेगा सोलर एनर्जी स्टोरेज का प्लांट।     भोपाल के भंवरी में अतिरिक्त भूमि की आवंटित।     15 नवंबर को बिरसा मुंडा की जन्म जयंती पर धार और शहडोल में होंगे राज्य स्तरीय कार्यक्रम। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअली जुड़ेंगे।     भौरी में नवकरणीय ऊर्जा के लिए 21.4 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है।     आवास योजना के तहत सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों में 1.5 लाख रुपये और शहरी क्षेत्रों में 2.5 लाख रुपये का लाभ हितग्राहियों को प्रदान किया जाए।     सीएम डॉ यादव ने मंत्रियों से कहा कि गुड गवर्नेंस के लिए सभी मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि सभी लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जाए, जिससे आवास योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ सभी वर्गों तक समान रूप से पहुंचे। वे जिलों के अधिक से अधिक दौरे करें और गुड गवर्नेंस के लिए काम करें।     मुरैना में सोलर पावर स्टोरेज कैपेसिटी डेवलप की जाएगी।     नर्मदापुरम जिले के बाबई मे सोलर एनर्जी के लिए 214 एकड़ जमीन आरक्षित की गई है।     अब और 311.44 एकड़ जमीन आरक्षित की गई है।     इसके अलावा भोपाल जिले के भौंरी में भी सोलर एनर्जी के लिए 21.494 हेक्टेयर जमीन आरक्षित की गई है।     रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के पहले यह तैयारी की गई है। इसका भूमि पूजन सात दिसंबर को हो सकता है। पीएम आवास को मंजूरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट ने देश में तीन करोड़ नए आवास बनाने का फैसला किया है। इसमें एमपी को भी टारगेट मिला है। मंत्री उदय प्रताप ने बताया कि आज की कैबिनेट बैठक में इस पर चर्चा हुई है। एमपी में आने वाले समय में पीएम आवास योजना के अंतर्गत शहरी व ग्रामीण इलाकों में समान काम किया जाएगा। इसमें स्वयं की भूमि पर मकान बनाने वालों को शहरी इलाकों में करीब ढाई लाख रुपए और ग्रामीण इलाकों में डेढ़ लाख रुपए सरकार की ओर से दिए जाएंगे। गांवों में 3.50 लाख आवास बनेंगे पीएम आवास योजना 2.0 में एमपी के लिए ग्रामीण इलाकों में शुरुआती दौर में 3.50 लाख आवास बनाने का टारगेट दिया गया है। इसे कैबिनेट में मंजूरी मिली है। हालांकि पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अफसरों का कहना है कि एमपी के गांवों में 15 लाख ग्रामीणों को आवास चाहिए। पहले चरण में जो मंजूरी मिली है, उसके बाद अब आगामी स्टेज के लिए और टारगेट भेजे जाएंगे।

तुलसी-शालिग्राम विवाह कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी सम्मिलित हुए

भोपाल  देवउठनी ग्यारस के शुभ उपलक्ष्य में बीजेपी के विधायक रामेश्वर शर्मा ने युवा सदन कार्यालय पर तुलसी-शालिग्राम विवाह का आयोजन कराया। इस तुलसी-शालिग्राम विवाह कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी सम्मिलित हुए। उन्होंने तुलसी पूजन कर सभी को तुलसी विवाह की शुभकामनाएं दी। तुलसी विवाह के लिए युवा सदन कार्यालय को विवाह स्थल की तरह सजाया गया, जहां हुजूर सहित भोपाल के सैकड़ों लोग सम्मिलित होकर तुलसी-शालिग्राम विवाह के साक्षी बने। सीएम ने की रामेश्वर शर्मा की तारीफ, बताया समाज का गौरव मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा कि – आज का दिन हम सभी सनातनियों के लिए गौरव का दिन है। ऐसा माना जाता है कि आज ही के दिन देवोत्थान एकादशी पर भगवान श्रीहरि विष्णु जी नींद से जागकर संसार की व्यवस्था का कार्यभार भगवान शिव से अपने हाथों में लेते हैं। इसलिए आज के दिन को हरिहर मिलन के दिन के रूप में भी मनाया जाता है। इसलिए मैं इस शुभ घड़ी में सभी प्रदेश और देशवासियों को देवोत्थान एकदशी की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने आगे कहा कि – मेरे मित्र पूर्व प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा को बधाई, जिन्होंने तुलसी विवाह का इतना सुंदर आयोजन कराया और मुझे इसमें आमंत्रित कर तुलसी विवाह में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। रामेश्वर शर्मा हमारे सनातन धर्म के ध्वजवाहक हैं, ये राजधानी में हमारे सनातन धर्म के सभी आयोजनों में बढ़-चढ़कर सहभागिता करते हैं। मैं इसके लिए इन्हें बधाई देता हूं। रामेश्वर जी हमारे समाज के गौरव हैं। उपचुनाव पर बोले सीएम सीएम डॉ मोहन ने कहा कि ये हमारा परंपरागत त्योहार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनानी यज्ञ चल रहा है। ये मिलन का त्योहार है। वहीं एमपी उपचुनाव को लेकर कहा कि मैं सभी से अपील करता हूं कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार कदम से कदम मिलाकर चल रही है। सरकार विकास के लिए काम कर रही है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि उपचुनाव में हमारे दोनों प्रत्याशी को विजयी बनाएं। देवों के जागने के साथ मांगलिक कार्यों का शुभारंभ वहीं आयोजन को लेकर विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि – यह सनातन धर्म की महानता है। जहां हर पर्व लोक में खुशियों का संचार करता है। आज देवउठनी ग्यारस है, सभी देवों को हम सेवक निंद्रा से जगाते हैं। देवों के जागने के साथ ही आज से सभी मांगलिक कार्यों का शुभारंभ होता है। हम इन्हीं देवों को साक्षी मानकर, इन्हीं की आराधना कर के अपने जीवन के शुभ उपलक्ष्यों की शुरुआत करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने दी देवउठनी ग्यारस की शुभकामनाएं  हिंदू मान्यतानुसार, आषाढ़ शुक्ल एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी तक भगवान विष्णु योग-निद्रा में रहते हैं, जिसे ‘चतुर्मास’ कहा जाता है। इस अवधि के दौरान विवाह, शुभ कार्यों और मांगलिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध रहता है। देवउठनी ग्यारस पर भगवान विष्णु के जागने के साथ ही सभी शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। आज देवउठनी ग्यारस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी को शुभकामनाएँ दी है। वे विधायक रामेश्वर शर्मा के निवास पर तुलसी-शालिग्राम के विवाह कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। आज से बाद शादी-ब्याह, गृह-प्रवेश और अन्य सभी शुभ कार्य प्रारंभ हो जाएंगे। जनता से बीजेपी के पक्ष में वोट देने की अपील इसी के साथ मुख्यमंत्री ने विजयपुर और बुधनी विधानसभा सीटों पर भारी संख्या में मतदान की अपील की है। उन्होंने जनता से आह्नान किया कि वे बीजेपी को वोट करें। बता दें कि  दोनों सीटों पर 13 नवंबर को उपचुनाव होना है। बुधनी में बीजेपी के रमाकांत भार्गव और कांग्रेस के राजकुमार पटेल के बीच सीधी टक्कर है। इस सीट से कुल 20 उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच। बुधनी विधानसभा को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का गढ़ माना जाता है, इसलिए कांग्रेस के लिए यहां कड़ी चुनौती है। वहीं, विजयपुर में बीजेपी ने वन मंत्री रामनिवास रावत को उम्मीदवार बनाया है, जो कुछ समय पहले कांग्रेस से बीजेपी में आए थे। रावत के कांग्रेस छोड़ने के कारण ही यह सीट खाली हुई है, क्योंकि वे इसी सीट से कांग्रेस के विधायक थे। उनके सामने कांग्रेस की ओर से मुकेश मल्होत्रा चुनावी मैदान में हैं।  

समसामयिक और जरूरी चेतावनी है ‘बंटोगे तो कटोगे’, राजस्थान-जयपुर में जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने किया आगाह

जयपुर. जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने मंगलवार को राजधानी जयपुर में बड़ा बयान दिया। महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनावों में बीजेपी के जिस बंटोगे तो कटोगे नारे की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, उसे लेकर रामभद्राचार्य ने कहा कि ये बातें समसामयिक हैं और सत्य हैं। हमें बंटना नहीं है। चाहे पंथ अनेक हों, हम सब हिंदू एक हों। जब हम सब एक होकर रहेंगे, हमारा कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता। जैसे एक अंगुली एक होती है तो कोई भी तोड़ देता है, लेकिन जब ये मिलकर मुक्का बन जाती है तो तोड़ने वाले के दांत टूट जाते हैं। गौरतलब है कि बीते चार दिनों में रामभद्राचार्य ने पीओके, पाकिस्तान और कश्मीर को लेकर लगातार बयान दिए हैं। दो दिन पहले उन्होंने जयपुर में श्रीराम कथा के दौरान कश्मीर में धारा-370 और पाकिस्तान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि धारा-370 की बात मत करो, थोड़े दिन में ही पाक अधिकृत कश्मीर भी हमारा होगा। अब वह दिन दूर नहीं, जब विश्व के नक्शे से पाकिस्तान का नामो निशान मिट जाएगा। उन्होंने कहा, कश्मीर हमारा है। हमारे देश का अभिन्न अंग है। इसे देश से कोई अलग नहीं कर सकता। कश्मीर भारत का सिरमौर है। भारत माता आप चिंता मत करिए। जब तक जगदगुरु रामभद्राचार्य का यह त्रिदंड रहेगा। भारत की ओर कुदृष्टि रखने वालों की आंख निकाल कर रख दी जाएगी। उन्होंने कहा, भगवान राम ने देश को एक करने का काम किया था। पहले प्रधानमंत्री ने देश को बांटने का काम किया उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का नाम लिए बिना कहा, हमारे देश का दुर्भाग्य देखिए कि पहले प्रधानमंत्री ने देश को बांटने का काम कर दिया। जो कश्मीर हमारे भारत का मुकुट मणि है। ऋषि कश्यप की जन्मस्थली है। इस कश्मीर में भगवान शिव अमरनाथ के रूप में विराजित हैं। माता वैष्णो का जहां धाम है। उस कश्मीर को आधा कर दिया। कश्मीर का आधा हिस्सा पाकिस्तान को दे दिया, जो बचा उसमें धारा-370 लगवा दी।

रिपोर्ट आई सामने, चैंपियंस ट्रॉफी के लिए अगर पाकिस्तान नहीं हुआ राजी तो फिर इस देश में खेली जा सकती है

नई दिल्ली आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की मेजबानी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी के पास है। पीसीबी की मुश्किलें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने बढ़ा रखी हैं। बीसीसीआई ने आईसीसी के जरिए पाकिस्तान पर दबाव बनाया है कि फरवरी-मार्च में खेले जाने वाले इस टूर्नामेंट को हाइब्रिड मॉडल पर आयोजित किया जाए। भारतीय टीम अपने मैच दुबई में खेले और बाकी के मैच पाकिस्तान में आयोजित किए जाएं। हालांकि, पाकिस्तान इसके लिए फिलहाल राजी नहीं है। यहां तक कि रिपोर्ट्स आ रही हैं कि भारतीय टीम के पाकिस्तान नहीं आने पर पाकिस्तान टूर्नामेंट की मेजबानी करने से पीछे हट सकता है। अगर ऐसा होता है तो फिर एक नए देश को टूर्नामेंट की मेजबानी करने का मौका मिल सकता है। दरअसल, क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई ने ईमेल के जरिए आईसीसी को सूचित किया है कि भारतीय टीम चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान नहीं जाएगी। सुरक्षा कारणों से भारत सरकार भी इसके पक्ष में नहीं होगी। ऐसे में टूर्नामेंट हाइब्रिड मॉडल पर आयोजित किया जाए। आईसीसी ने ये ईमेल पीसीबी को भेज दिया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड इसके लिए तैयार नहीं है। उधर, पाकिस्तान सरकार ने पीसीबी पर दबाव डाला है। रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि पाकिस्तान सरकार ने बोर्ड से कहा है कि अगर भारतीय टीम पाकिस्तान नहीं आती है तो वे टूर्नामेंट की मेजबानी को छोड़ सकते हैं। सरकार की ओर से ये भी संकेत मिला है कि पाकिस्तान को हाइब्रिड मॉडल पर भी टूर्नामेंट को आयोजित करने के लिए राजी नहीं होना चाहिए। ऐसे में अगर पाकिस्तान टूर्नामेंट की मेजबानी करने से पीछे हटता है तो फिर पूरा टूर्नामेंट साउथ अफ्रीका में आयोजित हो सकता है। क्यों बन सकता है साउथ अफ्रीका मेजबान? अगर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी से पीछे हटा तो फिर साउथ अफ्रीका में इस टूर्नामेंट का आयोजन इसलिए भी हो सकता है, क्योंकि वही सभी के लिए एक अच्छा विकल्प होगा। फरवरी के पहले सप्ताह में वहां एसए20 लीग खत्म हो जाएगी और उसके बाद चैंपियंस ट्रॉफी वाली विंडो खाली होगी। इसके अलावा साउथ अफ्रीका में लंबे समय से कोई आईसीसी इवेंट आयोजित नहीं हुआ तो ये एक अच्छा विकल्प आईसीसी के लिए भी हो सकता है। हालांकि, 2027 के वनडे विश्व कप की संयुक्त मेजबानी साउथ अफ्रीका को जिम्बाब्वे के साथ मिलकर करनी है।

मतदान दल रवाना, राजस्थान-टोंक की देवली-उनियारा सीट के 3 लाख मतदाता डालेंगे वोट

टोंक. 11 नवंबर की शाम 6 बजते ही चुनावी शोर पूरी तरह से थम गया। अब प्रत्याशी मतदाताओं के घर-घर जाकर दर पर वोट की अपील कर रहे हैं। जिले की देवली-उनियारा विधानसभा सीट पर के लिए 13 नवंबर को मतदान होना है, जिसके लिए जिला निर्वाचन अधिकारी डॉक्टर सौम्या झा ने पूरी तैयारियां कर ली हैं। आज मतदान दलों को इस संबंध में पीजी कॉलेज में प्रशिक्षण दिया गया है। 13 नवंबर को होने वाले मतदान को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं भयमुक्त वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न करवाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. सौम्या झा ने राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मतदान दलों को दिए जाने वाले तृतीय प्रशिक्षण एवं मतदान केंद्रों पर रवानगी को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। देवली-उनियारा के मतदान दलों को तृतीय प्रशिक्षण के उपरांत राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय टोंक से मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया जा रहा है। तृतीय प्रशिक्षण के दौरान ईवीएम व मतदान से संबंधित अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई है। 13 नवंबर को 307 पोलिंग बूथों पर मतदान कराने के लिए 1472 मतदान कर्मियों को नियुक्त किया गया है। यहां करीब 3 लाख 2 हजार 743 मतदाता अपने मताधिकार उपयोग करेंगे, जिनमें 1 लाख 55 हजार 958 पुरुष, 1 लाख 46 हजार 784 महिला एवं एक ट्रांसजेंडर मतदाता अपना वोट डालेंगे। देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र में 10 आदर्श मतदान केंद्र बनाए गए हैं। साथ ही युवा, महिला एवं इको फ्रेंडली 8-8 एवं एक दिव्यांग मतदान केंद्र स्थापित किया गया है। वेब कास्टिंग के लिए 169 मतदान केंद्रों को चिन्हित किया गया है। एरिया व सेक्टर मजिस्ट्रेट रखेंगे निगरानी विधानसभा उपचुनाव-2024 को शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष रूप से संपन्न कराने के लिए 45 माइक्रो ऑब्जर्वर, 30 सेक्टर अधिकारी एवं 7 एरिया मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। 169 पोलिंग बूथों पर वेब कास्टिंग की जाएगी। इसके साथ ही क्रिटिकल मतदान केंद्रों पर रहेगी विशेष नजर, सुरक्षा की पूरी व्यवस्था रहेगी। जिले के चिन्हित 90 क्रिटिकल मतदान केंद्रों पर सुरक्षा की दृष्टि से सीएपीएफ की टीम के साथ-साथ पर्याप्त पुलिस जाप्ते की व्यवस्था भी की गई है।

ऑनलाइन फूड डिलीवरी में बड़ी लापरवाही,डिलीवरी में धारदार ब्लेड निकली

बड़वानी  ऑनलाइन फूड डिलीवरी के मामलों में अब तक आपने कीड़े-मकोड़े निकलने की घटनाएं ही सुनी होंगी, लेकिन तब क्या हो जब आपके खाने के पार्सल में धारदार ब्लेड निकल आए। जी हां! मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवा में एक होटल के पार्सल में शेविंग ब्लेड निकलने से हड़कंप मच गया है। अस्पताल में मंगाया था पार्सल दरअसल, कृषि उपज मंडी सेंधवा में कार्यरत कर्मचारी कल्पना गोयल ने पत्रकारों को बताया कि आज उन्होंने राजकमल होटल से दो पार्सल बुलवाए थे। उन्होंने बताया कि उनकी मां बीमार है और उन्हें देखने परिवार के अन्य सदस्य भी आए थे। इसलिए अस्पताल में ही दो पार्सल बुलवाए गए थे। एक पार्सल का खाना खाकर दूसरा खोला तो… उन्होंने आरोप लगाया कि एक पार्सल का भोजन समाप्त करने के बाद जब दूसरा पार्सल खोला गया तो चावल के डब्बे में शेविंग ब्लेड निकली। यह देखकर सभी घबरा गए और उन्होंने आगे का भोजन नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि होटलों में सफाई का ध्यान नहीं रखा जाता और इतनी खतरनाक चीज जानलेवा हो सकती थी। उन्होंने कहा कि अभी तक तो कीड़े मकोड़े ही निकल रहे थे। अब ये सब चीजें निकलने लगी हैं। होटल संचालक ने पेश की सफाई उधर इस पूरे मामले में होटल संचालक ने अपनी सफाई पेश की है। भोजनालय के संचालक योगेश जोशी ने बताया कि उन्हें समझ में नहीं आ रहा कि यह घटना कैसे हुई है। उन्होंने कहा कि चावल रखने का कंटेनर काफी छोटा था और चावल हाथ से ही भरे जाते थे। यदि ब्लेड होता तो यह रखने वाले के हाथ में भी लग जाता। फिर भी उन्होंने घटना पर खेद प्रकट किया है। फिलहाल मंडी कर्मचारी ने प्रशासन से मामले में कार्रवाई की मांग की है। हालांकि उन्होंने कहीं शिकायत नहीं की है।

आज से चमक इन राशियों की किस्मत

सृष्टि के रचयिता श्री हरि विष्णु की कृपा से जीवन में सुख और आनंद आता है। भगवान विष्णु की पूजा के लिए गुरुवार को एकादशी और चातुर्मास को महत्वपूर्ण माना जाता है। चातुर्मास वह अवधि है जब भगवान चार महीने तक योग निद्रा में रहते हैं। आज यानी देवउठनी एकादशी पर शश राजयोग और सर्वार्थ सिद्धि योग का सुंदर संयोग बना। यह एक अत्यंत दुर्लभ योग है जिसमें देवउठनी एकादशी पर शनि अपनी मूलत्रिकोण राशि कुंभ में गोचर करते हुए शश राजयोग बना रहे हैं। 4 दिन बाद शनि भी इसी राशि में मार्गी हो जाएंगे। इस शुभ संयोग से भगवान विष्णु चातुर्मास की योग निद्रा से जागते हैं। जो लोग नियमित रूप से भगवान विष्णु की पूजा करते हैं, उन पर हमेशा नारायण की कृपा बनी रहती है। हालांकि, कुछ राशियां ऐसी  भी हैं जिन पर भगवान विष्णु की कृपा हमेशा बनी रहती है । आइए जानते हैं कौन सी है श्री हरि विष्णु की प्रिय राशियां। वृषभ राशि इस राशि का स्वामी शुक्र ग्रह शुक्र है। इसलिए इस राशि के जातकों पर हमेशा भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है और वे जीवन में हर तरह की खुशियां हासिल कर सकते हैं। लेकिन इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आप महिलाओं का सम्मान करें और साफ-सफाई बनाए रखें। कर्क राशि कर्क राशि भगवान विष्णु की सबसे लोकप्रिय राशि है क्योंकि यह चंद्रमा की राशि है। भगवान विष्णु की राशि भी कर्क है।  इसलिए कर्क राशि सभी 12 राशियों में सबसे अच्छी राशि मानी जाती है और इस पर श्रीहरि का आशीर्वाद भी है। भगवान विष्णु की कृपा से इन्हें समाज में सम्मान और शिक्षा में सफलता मिलती है। सिंह राशि सिंह राशि के स्वामी ग्रह सूर्य हैं। वैदिक ज्योतिष में भगवान विष्णु को  अधिष्ठाता देवता सूर्य नारायण का बताया गया है। सूर्य सर्वोच्च सत्ता के रूप में विष्णु हैं और उपनिषदों में उन्हें सूर्य का निवासी आदित्य पुरुष कहा गया है। सूर्य से संबंधित होने के कारण सिंह राशि भी भगवान विष्णु के पसंदीदा नक्षत्रों में से एक है। श्रीहरि की कृपा से सिंह राशि के लोग अपने कार्यों में सफलता प्राप्त करते हैं और अपने प्रयासों से नई ऊंचाइयां हासिल करते हैं। तुला राशि तुला राशि का स्वामी ग्रह शुक्र है। शुक्र न केवल प्रेम का ग्रह है, बल्कि आध्यात्मिक ग्रह भी है। इसके अलावा इस ग्रह को भगवान विष्णु की पत्नी मां लक्ष्मी का घर भी माना जाता है। माता लक्ष्मी से संबंध होने के कारण तुला राशि को भगवान विष्णु की सबसे लोकप्रिय राशि माना जाता है। इस राशि के लोग अच्छे चरित्र वाले होते हैं और जीवन में सुख और सम्मान प्राप्त करते हैं।

आसमां में उड़ने का रखते हैं ख्वाब तो पायलट बन चमकाएं कॅरियर, मिलेगी अच्छी सैलरी

अक्सर आसमान में उड़ते हवाई जहाज को देखकर लोगों के मन में आसमान मापने का सपना होता है। अधिकतर लोग पायलट बनकर आसमान में ऊंची उड़ान भरने का सपना देखते हैं। हालांकि आज के समय में कॅरियर के लिहाज से युवाओं के पास कई तरह के ऑप्शन होते हैं। जिसमें वह डिग्री, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स कर आगे बढ़ सकते हैं। तो वहीं कई युवा ऐसे में हैं, जो पायलट बनने का ख्वाब देखते हैं। अगर आपका लक्ष्य क्लियर होता है, तो आपको सिर्फ इस ओर बढ़ने की जरूरत होती है। ऐसे में अगर आप भी पायलट बनकर अपना भविष्य चमकाना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस फील्ड में बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। वर्तमान समय में एविएशन इंडस्ट्री में तेजी से ग्रोथ हो रही है। साथ ही इस फील्ड में अवसरों की भरमार है। ऐसे करें पायलट बनने की तैयारी पायलट बनने के लिए आपको 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्य के साथ कम से कम 50 फीसदी अंको से पास होना चाहिए। जिसके बाद आपको किसी एविएशन संस्थान में एडमिशन के लिए एंट्रेंस एग्जाम पास करना होगा। फिर आपको इंटरव्यू औऱ मेडिकल टेस्ट में पास होना होता है। सभी प्रोसेस में सफल होने के बाद संस्थान में एडमिशन मिलता है। जहां पर आपको प्लेन से जुड़ी बारीकियां सिखाने के साथ प्लेन उड़ाने की पूरी ट्रेनिंग दी जाएगी। एयरफोर्स में बनें पायलट अगर आप इंडियन एयरफोर्स में पायलट बनने का ख्वाब देख रहे हैं, तो आपको 12वीं पास करने के बाद एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट, एनसीसी स्पेशल एंट्री स्कीम एग्जाम और यूपीएससी एनडीए एग्जाम क्लियर करना होगा। जिसके बाद इंडियन एयरफोर्स कैंडिडेट्स को ट्रेनिंग देती है। वहीं इंडियन एयरफोर्स में पायलट बनने के लिए आप कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज एग्जाम भी दे सकते हैं। हालांकि इस एग्जाम के लिए आपको साइंस स्ट्रीम से 12वीं या फिर बीई/बीटेक की डिग्री होनी चाहिए। कमर्शियल पायलट बता दें कि 12वीं की पढ़ाई के बाद आप एविएशन संस्थान से ट्रेनिंग लेकर बतौर कॉमर्शियल पायलट अपना कॅरियर बना सकते हैं। इसके लिए ट्रेनिंग पीरियड 18-24 महीने का होता है। फिर कमर्शियल पायलट के लिए आपको रिटेन एग्जाम और फिटनेस टेस्ट देना होता है। इन दोनों चीजों को क्लीयर करने के बाद आपको कमर्शियल पायलट बनने की योग्यता हासिल हो जाती है।  

4 महीने बाद आज से फिर शुरू होंगे मांगलिक कार्य, राजस्थान-केकड़ी में दो महीनों में होंगी 2000 शादियां

केकड़ी. जिले में मंगलवार को देवउठनी एकादशी से शादी वाले परिवारों में मांगलिक आयोजन शुरू हो चुके हैं। तुलसी विवाह के बाद से शादियों का शुभ मुहूर्त शुरू हो जाता है। विवाह आयोजन से पहले हल्दी, मेहंदी व कलश लाने की रस्में की जाती हैं। बाजार में कपड़े, बर्तन, जेवर, सजावट, खाद्य सामग्री, टेंट, फूल माला सहित अन्य की बिक्री बढ़ने से व्यापारी उत्साहित नजर आ रहे हैं। शहर के लोगों सहित ग्रामीण क्षेत्रों से सामान खरीदने आए लोगों से बाजारों में अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिल रही है। नवंबर-दिसंबर में 18 दिन शादी सहित अन्य मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त हैं। विवाहों के लिए केकड़ी शहर सहित जिले में 150 से भी ज्यादा समारोह स्थल व होटल रिसोर्ट आने वाले दो माह के लिए एडवांस में बुक हैं। वहीं पुष्कर के भी लगभग हर बड़े होटल-रिसोर्ट एडवांस बुक हैं। पुष्कर इन दिनों राजस्थान के हॉट वेडिंग डेस्टिनेशंस में शामिल है। गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, एमपी, यूपी ही नहीं बल्कि दूसरे देशों में रहने वाले अप्रवासी भारतीय भी यहां विवाह समारोह के लिए आ रहे हैं। बुकिंग्स को देखकर कहा जा सकता है कि पिछले सालों की तुलना में इस बार विवाह से जुड़े सेग्मेंट वाले बाजारों में 35 प्रतिशत तक इजाफे की उम्मीद है। इस बार विवाह के मुहूर्त पिछले साल से ज्यादा हैं। जिले में नवंबर-दिसंबर माह में ही करीब 2000 से ज्यादा शादियां होने का अनुमान है। क्षेत्र के सबसे बड़े मोदी टेंट हाउस के संचालक व शादी समारोहों के एनसाइक्लोपीडिया माने जाने वाले युवा कारोबारी व समाजसेवी निरंजन मोदी ने बताया कि लोगों ने नवरात्र के पहले से ही जगह बुक कराना शुरू कर दिया था। वहीं टेंट और कैटरिंग की भी एडवांस बुकिंग हो चुकी है। इवेंट मैनेजर्स का कहना है कि विवाह आयोजन के लिए इवेंट कंपनियां भी पहले से बुक हैं। 25 लाख से लेकर इससे ज्यादा तक के पैकेज इन इवेंट कंपनियों के पास हैं। उन्होंने बताया कि अब शादियों में दुल्हा-दुल्हन की एंट्री भी काफी यूनिक होने लगी है। इस बार भी परंपरागत तरीकों के अलावा कई दूल्हा-दुल्हन ने स्कूटर एंट्री, बुलेट एंट्री, डांस करते हुए एंट्री की प्लानिंग की है। मैरिज गार्डन में फूलों की सजावट, ट्रेवल, टेंट, मैरिज गार्डन, इवेंट, डेकोरेशन, कैटरिंग, गार्डन, होटल, हलवाई, लाइटिंग, घोड़ा, बैंड बाजा, ब्यूटी पार्लर, फोटोग्राफी, वीडियो शूटिंग, किराणा, ज्वैलरी, रेडीमेड कपड़े, क्रॉकरी, दूल्हा दुल्हन एंट्री सेटअप वाली अधिकतर व्यवस्थाएं बुक की जा चुकी हैं। शुभ मुहूर्त— पंडितों के अनुसार नवंबर-दिसंबर में शादियों के लिए देवउठनी एकादशी सहित 16, 17, 18, 22, 23, 24, 25, 26 नवंबर को और दिसंबर में 2, 3, 4, 5, 9, 10, 11, 13, 14 और 15 तारीख को शुभ मुहूर्त हैं।

मुस्लिम कानून के तहत, ससुर को अपने मृत बेटे की विधवा को गुजारा भत्ता देने की जरूरत नहीं – हाईकोर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक ससुर की याचिका पर सुनवाई करते हुए बड़ा फैसला सुनाया है और बड़ी टिप्पणी की है. मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर पीठ ने दोहराया है कि मुस्लिम कानून के तहत, ससुर को अपने मृत बेटे की विधवा को वित्तीय सहायता करने की जरूरत नहीं है. ऐसा करते हुए हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट और सत्र अदालतों के आदेशों को रद्द कर दिया, जिसमें याचिकाकर्ता ससुर को उसकी मृत्यु के बाद अपनी बहू को मासिक गुजारा भत्ता देने का निर्देश दिया गया था. शिवपुरी की अदालत ने ससुर के खिलाफ दिया था फैसला दरअसल, शिवपुरी की एक अदालत ने आदेश दिया था कि ससुर अपनी विधवा बहू को हर महीने 3000 रुपये का गुजारा भत्ता देंगे. पूरा मामला शरीफ बनाम इशरत बानो का है. इशरत की शादी साल 2011 में 14 जून को हुई थी. साल 2015 में 30 जून को शरीफ की मौत हो गई. इसके बाद इशरत ने अपने ससुर बशीर खान के खिलाफ शिवपुरी की मजिस्ट्रेट कोर्ट में घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया. बहू ने मांगे थे 40 हजार रुपए प्रतिमाह इशरत ने अपने ससुर से 40 हजार रुपये हर महीने गुजारा भत्ता देने की मांग की थी. साल 2021 में 9 फरवरी को मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अपने फैसले में बशीर खान को अपनी विधवा बहू को 3,000 रुपये हर महीने देने को कहा. इसके बाद बशीर खान ने एडीजे कोर्ट में अपील की, जहां 2022 में 21 जनवरी को निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा गया. इसके बशीर खान हाईकोर्ट पहुंचे. बशीर के वकील अक्षत जैन ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के मुताबिक एक पिता को अपने बेटे की विधवा को भरण-पोषण देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है. क्या कहता है हिंदू मैरिज एक्ट हालांकि हिंदू मैरिज एक्ट में यह कानून ठीक उलटा है. एक्ट के तहत विधवा बहू अपने ससुर से भरण-पोषण का दावा कर सकती है. लेकिन इसके लिए कुछ शर्त भी हैं. जैसे कि विधवा बहू अपनी कमाई या संपत्ति से अपना भरण-पोषण ना कर पाती हो. विधवा बहू के पास कोई संपत्ति ना हो. विधवा बहू के पति, पिता या माता की संपत्ति हो. विधवा बहू का कोई बेटा या बेटी हो. हिंदू महिला को दूसरी शादी के बाद भी संपत्ति का हक इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुताबिक अगर विधवा बहू अपने ससुराल में नहीं रहती है तो भी वह ससुर से भरण-पोषण का दावा कर सकती है. इसके अलावा आपको बता दें कि हिंदू विधवा महिला यदि दूसरी शादी भी कर लेती है तो उसका अपने पहले पति की संपत्ति का पूरा अधिकार होगा. कर्नाटक हाईकोर्ट ने यह फैसला सुनाया था. कोर्ट का कहना था कि अगर कोई विधवा महिला दोबारा शादी करती है तो अपने मृत पति के संपत्ति से उसका हक खत्म नहीं होगा.

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