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गर्भवती महिलाओं को भी मोबाइल का यूज कम करना चाहिए, ये है वजह

इसमें कोई शक नहीं कि मोबाइल फोन जो अब स्मार्टफोन बन चुका है हमारी जिंदगी का ऐसा अहम हिस्सा बन चुका है जिसे हम अपनी जिंदगी से अब अलग नहीं कर सकते। मोबाइल के बिना अपनी लाइफ की कल्पना करना भी शायद मुश्किल ही लगे। टॉडलर्स यानी छोटे बच्चों से लेकर टीनएजर्स और बुजुर्गों तक… हर किसी के हाथ में स्मार्टफोन रहता है और बड़ी संख्या में लोगों की इसकी लत भी लग चुकी है। इस लिस्ट में गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। लेकिन मोबाइल के एक्सेस यूज का न सिर्फ आप पर बल्कि गर्भ के अंदर पल रहे बच्चे पर भी बुरा असर पड़ता है। कैसे, यहां जानें… बच्चे में बिहेवियर से जुड़ी दिक्कतें मोबाइल फोन की स्क्रीन और उससे निकल रही ब्राइट ब्लू लाइट को लंबे समय तक देखते रहने से न सिर्फ आपकी आंखों को नुकसान होता है। बल्कि हाल ही में हुई एक स्टडी की मानें तो अगर प्रेग्नेंट महिला लंबे समय तक मोबाइल फोन यूज करे तो होने वाले बच्चे में बिहेवियर से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं। वैज्ञानिकों ने डेनमार्क में इसको लेकर एक स्टडी की जिसमें प्रसव पूर्व और प्रसव के बाद मोबाइल फोन यूज करने का बच्चे के व्यवहार और इससे जुड़ी समस्याओं के बीच क्या लिंक ये जानने की कोशिश की गई। हाइपरऐक्टिविटी और बिहेवियरल इशू का शिकार इस स्टडी में ऐसी महिलाओं को शामिल किया गया जिनके बच्चे 7 साल के थे। स्टडी के दौरान महिलाओं को एक क्वेश्चेनेयर दिया गया था जिसमें उनके बच्चे की हेल्थ और बिहेवियर के साथ-साथ वे खुद फोन का कितना इस्तेमाल करती हैं, इससे जुड़े सवालों के जवाब देने थे। स्टडी के आखिर में यह बात सामने आयी कि जिन महिलाओं के बच्चे प्रसव से पूर्व और प्रसव के बाद स्मार्टफोन के प्रति एक्सपोज थे यानी जिन मांओं ने प्रेग्नेंसी के दौरान और डिलिवरी के बाद भी मोबाइल यूज ज्यादा किया उनके बच्चे हाइपरऐक्टिविटी और बिहेवियरल इशूज का शिकार थे। प्रेग्नेंट महिलाएं इन बातों का रखें ध्यान -मोबाइल फोन पर बहुत ज्यादा बात करने की बजाए टेक्स्ट भेजें या लैंडलाइन का उपयोग करें -प्रेग्नेंसी के दौरान बहुत ज्यादा सोशल मीडिया को स्क्रॉल न करें -जहां तक संभव हो हैंड्स फ्री किट यूज करें ताकरि सिर और शरीर के नजदीक रेडिएशन को कम किया जा सके।  

जम्मू-कश्मीर में मौसम की स्थिति में सुधार होगा, प्रसिद्ध स्की रिसॉर्ट गुलमर्ग और गुरेज घाटी में आज बर्फबारी हुई

श्रीनगर उत्तरी कश्मीर में प्रसिद्ध स्की रिसॉर्ट गुलमर्ग और गुरेज घाटी में आज सुबह ताजा बर्फबारी हुई है, जबकि मौसम विभाग ने दोपहर से मौसम में सुधार की भविष्यवाणी की है। एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि सुबह से गुलमर्ग में एक इंच बर्फबारी हुई है, जबकि गुरेज घाटी में भी बर्फबारी हुई है। मौसम विभाग के निदेशक डॉ. मुख्तार अहमद ने कहा कि दोपहर से जम्मू-कश्मीर में मौसम की स्थिति में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि 17 से 23 नवंबर तक आमतौर पर मौसम शुष्क रहने की संभावना है, जबकि 24 नवंबर को ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। मौसम विभाग ने एक एडवाइजरी भी जारी की है, जिसमें पर्यटकों, ट्रेकर्स और यात्रियों से इसी के अनुसार योजना बनाने को कहा गया है।

प्रधानमंत्री ने किया जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का शुभारंभ, राजस्थान-मंत्री जोराराम ने आवास लाभार्थियों को सौंपी चाबियां

जयपुर। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार के जमुई से धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का शुभारंभ किया। इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके नाम पर एक डाक टिकट और विशेष स्मारक सिक्का भी जारी किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने लगभग 6600 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने जिला स्तरीय कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।   बारां जिले में इस अभियान का जिला स्तरीय समारोह बारां जिला परिषद सभागार में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बारां-अटरू विधायक राधेश्याम बैरवा, किशनगंज विधायक ललित मीणा, जिला कलक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर, पूर्व जिला प्रमुख नंदलाल सुमन, उप जिला प्रमुख छीतरलाल परालिया, बारां प्रधान मोरपाल सुमन सहित जनप्रतिनिधियों एवं आमजन ने भाग लिया। आदिवासी समाज के विकास को मिलेगी गति— समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री जोराराम कुमावत ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को गौरव दिवस के रूप में मनाने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य आदिवासी समाज के विकास को गति देना है। इसमें 80 हजार करोड़ की योजना के तहत छोटे गांवों और ढाणियों में सड़क निर्माण, पानी की पाइपलाइन, और चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार शामिल है। जिन क्षेत्रों में अभी तक बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं, वहां मोबाईल चिकित्सालय, गैस कनेक्शन, शौचालय, और अन्य आवश्यक सेवाएं प्रदान की जाएंगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जनजातीय परिवारों के विकास के लिए सभी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। आदिवासी समाज की सांस्कृतिक धरोहर को सम्मान— विधायक राधेश्याम बैरवा ने आदिवासी समाज के योगदान को सराहा, जिन्होंने भारत की संस्कृति और आजादी की रक्षा के लिए सदियों तक संघर्ष किया। उन्होंने आदिवासियों को प्रकृति रक्षक बताते हुए उनकी पुरातन चिकित्सा पद्धतियों की प्रशंसा की। इसी क्रम में विधायक ललित मीणा ने बिरसा मुंडा के संघर्ष और उनके आदर्शों को जनजातीय गौरव के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया। विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को वितरित किए स्वीकृति पत्र एवं मिनी किट जनजातीय गौरव दिवस के जिला स्तरीय कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र एवं मिनी किट का वितरण किया गया। इस दौरान ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग की प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 15 लाभार्थियों को आवास की चाबियां, 15 स्वीकृति पत्र, मनरेगा की अपना खेत अपना काम योजना के स्वीकृति पत्र, स्वास्थ्य विभाग की ओर से लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड, कृषि विभाग की ओर से कृषकों को तारबंदी के स्वीकृति पत्र एवं मिनी किट (चना 16 किलो) का वितरण मंत्री महोदय सहित अन्य अतिथियों के द्वारा किया गया। जिला परिषद् के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरीश्चंद मीणा ने कहा कि अभियान के तहत जिले के जनजातीय समुदाय के लोगों को अधिक से अधिक सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा। कार्यक्रम में मंत्री कुमावत ने जिला परिषद परिसर में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई स्टॉल्स पर सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के बारें में फीड़बैक लिया। उन्होंने वहां उपस्थित लाभार्थियों से संवाद भी किया। जिला कलक्टर ने पीएम जन मन के तहत हुए कार्यो पर बनी कॉफी टेबल बुक तथा भगवान बिरसा मुण्डा का चित्र मंत्री श्री जोराराम कुमावत को भेंट किए। कार्यक्रम में पीडब्ल्यूडी एसई डी.आर. क्षत्रिय, जेवीवीएनएल एसई एन.एम. बिलौटिया, पीएचईडी एसई प्रमोद झालानी, सीएमएचओ डॉ सम्पतराज नागर सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

गांधी चौक में चाकूबाजी: नशे की हालत में विवाद, एक युवक को मार चाकू, आरोपी गिरफ्तार

राजनांदगांव छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के गांधी चौक में बीती रात एक युवक को बदमाश ने चाकू मार दिया. घटना को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गया. वहीं इस घटना में युवक बुरी तरह घायल हो गया. घायल युवक को तत्काल उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया. फिलहाल वह खतरे से बाहर है. वहीं सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले में तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू की और महज कुछ ही घंटों में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. जानकारी के मुताबिक, पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह पता चला है कि घटना के समय सन्नी और आरोपी दोनों ही नशे में थे. इस दौरान दोनों के बीच कहासुनी हुई और विवाद बढ़ने पर आरोपी ने सन्नी पर चाकू से हमला कर दिया. पिछले एक साल में चाकूबाजी की घटनाओं में इजाफा बीते एक साल में राजनांदगांव जिले में चाकूबाजी की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है. 1 अक्टूबर 2023 से 1 अक्टूबर 2024 तक जिले में कुल 15 चाकूबाजी की घटनाएं हुई थीं. 1 अक्टूबर से 16 नवंबर के बीच दो चाकूबाजी की घटनाएं सामने आ गई हैं. यह घटना इस आंकड़े को बढ़ाकर 16 कर देती है. इस मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग ने चाकूबाजी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कड़े कदम उठाने का आश्वासन दिया है. शहर में गश्त बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं. पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें और सार्वजनिक स्थलों पर शांति बनाए रखने में सहयोग करें. एसपी मोहित गर्ग ने कहा कि चाकूबाजी की घटनाएं केवल अपराध नहीं, बल्कि समाज में बढ़ते तनाव और नशे की लत की ओर भी इशारा करती हैं. प्रशासन और नागरिकों को मिलकर इन घटनाओं पर नियंत्रण पाने की जरूरत है.

मुठभेड़ में दोनों ओर से चल रही गोलीबारी, छत्तीसगढ़-बीजापुर में नक्सलियों के गढ़ में घुसे जवान

बीजापुर. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ जारी है। पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के उसूर-बासागुड़ा-पामेड़ क्षेत्र में माओवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर सुरक्षाबलों के संयुक्त दल को नक्सल विरोधी अभियान के लिए भेजा गया था। उन्होंने बताया कि दल जब आज पूर्वाह्र 11 बजे क्षेत्र में था तब माओवादियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में मुठभेड़ जारी है तथा दोनों ओर से रूक रूककर गोलीबारी हो रही है। उन्होंने बताया कि अभी तक सभी जवानों के सुरक्षित होने की जानकारी मिली है। वहीं, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जवानों के साथ मुठभेड़ में दो नक्सली मारे गए हैं। हालांकि फायरिंग रुकने के बाद मौके पर सर्च अभियान चलाया जाएगा जिसके बाद स्थिति साफ होगी। सभी जवान नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं। बड़ी संख्या में नक्सली होने की सूचना शुरुआती जानकारी के अनुसार, पुलिस और सुरक्षाबल के जवानों को सूचना मिली थी कि बीजापुर जिले के उसूर-बासागुड़ा-पामेड़ इलाके में भारी संख्या में नक्सली मौजूद हैं। इसी सूचना के आधार पर जवानों को ऑपरेशन के लिए रवाना किया गया था। शुक्रवार की सुबह करीब 11 बजे से नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। नक्सलियों के गोलीबारी का जवान लगातार जवाब दे रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि नक्सलियों को कितना नुकसान हुआ है ये अभी क्लियर नहीं है। अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि ऑपरेशन में शामिल सभी जवान पूरी तरह से सुरक्षित हैं। छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ अभियान चल रहा है। सुरक्षाबल के जवान लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नक्सलवाद को खत्म करने की डेटलाइन तय की है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि देश से मार्च 2026 तक नक्सलवाद को खत्म कर दिया जाएगा।

सशक्त और कमजोर पक्ष को जानने का माध्यम है खेल: डाॅ. रश्मि, राजस्थान-29वीं कर्मचारी खेलकूद प्रतियोगिता शुरू

जयपुर। आयोजन समिति के संयोजक एवं मुख्य अभियंता-प्रथम श्री अमित अग्रवाल द्वारा समारोह की मुख्य अतिथि डाॅ. रश्मि शर्मा, आवासन आयुक्त महोदया का शाॅल ओढ़ाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। श्रीमती मीनाक्षी पाठक, वरिष्ठ लेखाधिकारी द्वारा मुख्य अतिथि महोदय के बैज लगाया गया। डाॅ. रश्मि शर्मा द्वारा नीरजा मोदी स्कूल मानसरोवर, जयपुर के खेल मैदान में गुब्बारे हवा में उड़ाकर एवं फुटबाॅल के कीक लगाकर 29वीं राजस्थान आवासन मण्डल कर्मचारी खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। डाॅ. रश्मि  शर्मा ने सभी खिलाड़ियों से परिचय किया। श्री प्रतीक श्रीवास्तव, आयोजन समिति अध्यक्ष एवं अतिरिक्त मुख्य अभियंता-प्रथम द्वारा समारोह अध्यक्ष श्री प्रवीण अग्रवाल को माल्यार्पण एवं साफा पहनाकर स्वागत किया गया। श्री संजय शर्मा, आयोजन सचिव द्वारा समारोह अध्यक्ष के बैज लगाया गया। श्री संजय शर्मा, आयोजन सचिव द्वारा आयोजन समिति के संयोजक मुख्य अभियंता श्री अमित अग्रवाल एवं राजस्थान आवासन बोर्ड कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री दशरथ कुमार का माल्यार्पण एवं बैज लगाकर स्वागत किया। श्री संजय शर्मा, आयोजन सचिव द्वारा केन्द्रीय खेलकूद संचालन समिति के संयोजक श्री दारा सिंह एवं अन्य सदस्यों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर डाॅ. रश्मि शर्मा ने कहा कि खेल प्रतियोगिताओं से एक दूसरे खिलाड़ियों के सशक्त और कमजोर पक्ष को जानने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि आज कि तनावग्रस्त समय में बहुत से लोग विभिन्न शारीरिक एवं मानसिक व्याधियों के शिकार हो जाते हैं उससे बचने के लिए इस प्रकार की खेल प्रतियोगिताओं में सहभागिता निभाना एक कारगर उपाय हैं। इससे हमारी शारीरिक, मानसिक एवं व्यावसायिक कार्य क्षमता का भी विस्तार होता है। उन्होंने खिलाड़ियों का अभिनन्दन करते हुए कहा कि इन प्रतियोगिताओं से समूह समुदाय के साथ जुड़ाव के साथ ही बन्धुत्व एवं सद्भाव की भावना भी बलवती होती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री प्रवीण अग्रवाल, मुख्य सम्पदा प्रबन्धक, राजस्थान आवासन मण्डल ने कहा कि खेलों से शारीरिक मजबूती के साथ ही टीम भावना एवं राजनैतिक कौशल का भी विकास होता हैं। उन्होंने कहा कि खेलों की प्रत्येक प्रतियोगिता में हार-जीत होती है जो हमें और बेहतर प्रयास करने के लिए प्रेरित करती है। खेलकूद के प्रथम दिवस पर मुख्यालय टीम 100 मी., 200 मी. एवं 400 मी. दौड़ प्रतियोगिता में प्रथम रही। प्रथम दिवस में दौड़ के अलावा फुटबाॅल, क्रिकेट, बाॅलीवाॅल, बास्केटबाॅल, कैरम आदि के लीग मैच आयोजित किये गये। इस अवसर पर मुख्य अभियंता श्री टी.एस.मीणा, वित्तीय सलाहकार श्री रोहताष यादव, अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री प्रतीक श्रीवास्तव, उप आवासन आयुक्त श्री संजय शर्मा, राजस्थान आवासन बोर्ड केन्द्रीय खेलकूद संचालक समिति के संयोजक श्री दारा सिंह, कर्मचारी संघ के कार्यकारी अध्यक्ष श्री भगवती प्रसाद, महामंत्री श्री प्रदीप शर्मा, संयुक्त महामंत्री श्री रमेश चन्द शर्मा एवं श्री गोविन्द नाटाणी सहित वरिष्ठ अधिकारी व प्रदेश के सभी कार्यालय से आये कर्मचारी एवं अधिकारी उपस्थित रहे। —————

उप मुख्यमंत्री साव ने स्वयं हितग्राहियों के घर पहुंचकर किया सर्वेक्षण

रायपुर  प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 अंतर्गत हितग्राही सर्वेक्षण कार्य आज से शुरू हो गया है। इसके तहत प्रदेश के शहरी आवासहीनों का स्वयं का पक्का आवास मिलेगा। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जिला मुख्यालय मुगेली स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल दाऊपारा मुंगेली में प्रदेशव्यापी सर्वेक्षण कार्य का शुभारंभ किया। इससे पहले उन्होंने जिला मुख्यालय मुंगेली के वार्ड क्रमांक 16 में धन्नू निर्मलकर और सुजीत पतरस के घर पहुंचकर हितग्राही सर्वेक्षण किया और पीएम आवास के लिए उनका फार्म भरवाया। कार्यक्रम की शुरूआत मॉ सरस्वती की छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया।        इस अवसर डिप्टी सीएम साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस है, गुरु नानक जयंती है, देव दीपावली है और कार्तिक पूर्णिमा भी है और आज पहले चरण में आवास से वंचित लोगों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 का शुभारंभ किया गया। इसके लिए मैं आप सबको बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति आवास योजना से वंचित नहीं होगा। शहरी गरीबों के पक्के मकान का सपना अब पूरा होगा। उन्होंने कहा कि एक गरीब मां का बेटा जब देश का प्रधानमंत्री बनता है, तो उन्हें गरीबों की कैसी चिंता होती है, इसका प्रधानमंत्री आवास योजना से बड़ा कोई उदाहरण नहीं हो सकता है। हर एक व्यक्ति का सपना होता है कि उसका खुद का पक्का मकान हो। परिवार के साथ पक्का मकान में सम्मानपूर्वक जीवन बिता सके। गरीब के इस सपना को साकार करने का बीड़ा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उठाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सांय-सांय विकास के कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को शहरी क्षेत्र के हितग्राहियों का सर्वेक्षण कार्य गंभीरतापूर्वक करने के निर्देश दिए। साथ ही हितग्राहियों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इस योजना का लाभ उठाने और पक्के आवास के अपने सपने को साकार करने की अपील की।         कलेक्टर राहुल देव ने कहा कि न सिर्फ प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी, बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का भी जिले में बेहतर कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप जो व्यक्ति आवास योजना से वंचित है, उनका नाम भी जोड़ने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन की पूरी टीम हर गरीब के सपने को साकार करेगी। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 का प्रदेशव्यापी शुभारंभ जिले से होना सौभाग्य की बात है। उन्होंने योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आश्वस्त किया। कार्यक्रम को नगर पालिका अध्यक्ष संतूलाल सोनकर और उपाध्यक्ष मोहन मल्लाह ने भी संबोधित किया।         सूडा के सीईओ शशांक पाण्डेय ने बताया कि रैपिड असेसमेंट सर्वे अन्तर्गत प्रथम चरण में निकाय में पीएम आवास योजना शहरी अन्तर्गत विगत 02 वर्षों में प्राप्त ऐसे लाभार्थियों के आवेदन, जिन्हें आवास योजना का लाभ नहीं मिला है, उन लाभार्थियों से संपर्क कर उनका विवरण यूनिफाईड वेब पोर्टल पर दर्ज किया जावेगा। प्रथम चरण की समाप्ति उपरान्त द्वितीय चरण में शहर के प्रमुख स्थानों पर शिविर आयोजित कर इच्छुक लाभार्थियों से आवेदन प्राप्त कर उनका विवरण पोर्टल पर दर्ज किया जावेगा। प्रथम एवं द्वितीय चरण उपरान्त निकाय क्षेत्र अन्तर्गत सघन डोर-टू-डोर सर्वे किया जावेगा। नवीन आवासों के लिए ऑनलाइन वेबसाइट Https://pmaymis.gov.in/PMAYMIS2_2024/OpenN/EligiblityCheck.aspx और क्यूआर कोड लिंक के जरिए आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए संबंधित नगरी निकाय के प्रधानमंत्री आवास योजना कार्यालय से भी संपर्क किया जा सकता है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, वनमंडलाधिकारी संजय यादव, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय, गणमान्य नागरिक गिरीश शुक्ला, शैलेश पाठक, प्रेम आर्य सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण और बड़ी में संख्या में आम लोग मौजूद रहे। डिप्टी सीएम ने पीएम आवास पूर्ण हितग्राहियों को सौंपी चाबी, स्कूली विद्यार्थियों को किया सम्मानित      डिप्टी सीएम साव ने प्रधानमंत्री आवास योजना के पहले चरण अंतर्गत आवास निर्माण कार्य पूर्ण होने पर कुंती यादव, दुर्गा निर्मलकर, कांति यादव, निर्मला यादव और निशा सारथी को चाबी सौंपी और उन्हें बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने जनजातीय गौरव दिवस अंतर्गत 14 नवंबर को आयोजित निबंध प्रतियोगिता में प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यालय के प्रतिभागियों को सम्मानित किया, इनमें कु. स्वीटी पाटले, काजल पात्रे, दीपाली राजपूत और आर्यन कुलमित्र शामिल है।

धामपुर के देहरादून नैनीताल नेशनल हाईवे पर एक तेज रफ्तार कार द्वारा थ्री व्हीलर से टक्कर, 7 लोगों की मौत

बिजनौर बिजनौर के धामपुर क्षेत्र में शनिवार सुबह घने कोहरे के कारण सड़क हादसे में सात लोगों की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए। यह हादसा धामपुर के देहरादून नैनीताल नेशनल हाईवे पर एक तेज रफ्तार कार द्वारा थ्री व्हीलर को पीछे से टक्कर मारने के कारण हुआ। हादसे में थ्री व्हीलर के चालक सहित सात लोगों की मौत हो गई। हादसे में सभी मृतक झारखंड में शादी कर वापस अपने गांव तिबड़ी आ रहे थे। जानकारी के अनुसार, एक ही परिवार के 6 लोग थे और यह यह शादी विशाल नाम के युवक की थी। ये लोग ट्रेन से मुरादाबाद आए और फिर एक थ्री व्हीलर कर अर्धरात्रि के समय गांव जा रहे थे। जब वह धामपुर नगीना मार्ग पर फायर स्टेशन के पास पहुंचे तो पीछे से क्रेटा कार ने टक्कर मार दी। इन सभी 6 लोगों की उपचार के लिए अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। मृतकों में खुर्शीद 65, उनका बेटा विशाल 25, पुत्रवधू खुशी 22 के अलावा मुमताज, रूबी और पुत्री 10 वर्षीय बुशरा भी शामिल हैं। परिवार के 6 लोगों के अलावा थ्री व्हीलर चालक की भी इलाज के लिए बिजनौर ले जाते हुए मौत हो गई। हादसे में घायल क्रेटा सवार शेरकोट निवासी सोहेल अल्वी व अमन को चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। एसपी अभिषेक झा ने दुर्घटना की जानकारी देते हुए कहा, “थाना धामपुर क्षेत्र में तड़के सुबह यह जानकारी प्राप्त हुई कि एक क्रेटा गाड़ी और एक ऑटो के बीच टक्कर हुई है। क्रेटा किसी अन्य वाहन को ओवरटेक कर रही थी और उसने अचानक अपना प्लेन चेंज किया और तेज स्पीड के साथ ऑटो को टक्कर मारी। ऑटो में सवार सात व्यक्ति थाना धामपुर क्षेत्र के ही रहने वाले हैं और मुरादाबाद रेलवे स्टेशन से लौट रहे थे। उनमें से छह व्यक्तियों की उसी समय मृत्यु हो गई थी और ऑटो चालक की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। लोगों के परिजनों को सूचना दे दी गई है और सभी शवों का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है और परिजनों को यथासंभव सहायता प्रदान की जा रही है।”

मेहसाणा में 4.2 तीव्रता का भूकंप, भूकंप की हलचल महसूस होने के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल आए

मेहसाणा (गुजरात) गुजरात के मेहसाणा जिले में 4.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप विज्ञान अनुसंधान संस्थान (आईएसआर) ने यह जानकारी दी। गांधीनगर स्थित राज्य नियंत्रण कक्ष के अधिकारियों ने बताया कि भूकंप की हलचल महसूस होने के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल आए, लेकिन इलाके में किसी प्रकार के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है। गांधीनगर स्थित आईएसआर ने बताया कि भूकंप रात 10:15 बजे दर्ज किया गया और इसका केंद्र पाटन से 13 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित था। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप का केंद्र मेहसाणा क्षेत्र में अक्षांश 23.71 एन और देशांतर 72.30 ई पर 10 किमी की गहराई पर था। यह स्थान गुजरात के राजकोट से लगभग 219 किमी उत्तर-पूर्व में था। इसका केंद्र भी पाटन से 13 किमी दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में स्थित था। बनासकांठा, पाटन, साबरकांठा और मेहसाणा के उत्तरी जिलों से मिली जानकारी के अनुसार भूकंप के झटके दो से तीन सेकंड तक महसूस किये गये। बता दें कि गुजरात राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (जीएसडीएमए) द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले 200 वर्षों में राज्य को नौ बड़े भूकंपों का सामना करना पड़ा है, जिसमें कच्छ जिले में 26 जनवरी, 2001 का विनाशकारी भूकंप भी शामिल है। गुजरात के कच्छ जिले में भी इस महीने की शुरुआत में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। तब 3 नवंबर को सुबह 3.4 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र लखपत से 53 किलोमीटर उत्तर-उत्तर पूर्व में था। इससे कुछ दिन पहले 27 अक्टूबर को राज्य के सौराष्ट्र क्षेत्र के अमरेली जिले में 3.7 तीव्रता का भूकंप आया था। दोनों ही मामलों में भूकंपीय गतिविधि के कारण किसी तरह की जान-माल की हानि की खबर नहीं आई। गुजरात में भूकंप के झटके अक्सर आते रहते हैं और राज्य में भूकंप का जोखिम हमेशा बना रहता है। तटीय राज्य में 2001 में 6.9 तीव्रता का भूकंप आया था। जिसमें हजारों लोग मारे गए थे और पूरा क्षेत्र प्रभावित हुआ था। जीएसडीएमए के आंकड़ों के अनुसार, इसमें करीब 13,800 लोग मारे गए थे और 1.67 लाख लोग घायल हुए थे।

प्रट्रोल-डीज़ल के दामों से लोगो जल्द मिल सकती है राहत, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी

नई दिल्ली पेट्रोल और डीजल की कीमतों में जल्द ही लोगों को राहत मिलने वाली है, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 2 फीसदी से अधिक घटकर 71 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गई, जबकि डब्लूटीआई 2 फीसदी गिरकर 67 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। इस हफ्ते के दौरान ब्रेंट क्रूड 4 फीसदी और डब्लूटीआई 5 फीसदी गिरा है। यह गिरावट उस वक्त आई है जब ओपेक प्लस देशों ने लगातार दूसरी बार उत्पादन में कटौती की समयसीमा बढ़ाई है, यानी उत्पादन में कटौती के बावजूद तेल की कीमतों में गिरावट आई है। इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जीत और पॉलिसी से संबंधित अनिश्चितताओं के कारण डॉलर में मजबूती आई है, वहीं अगले साल तेल सप्लाई में सरप्लस की संभावना है, जिससे तेल की कीमतों पर दबाव और बढ़ने का अनुमान है। इन सब घटनाक्रमों के बीच, घरेलू रिटेल प्राइस में कटौती की उम्मीदें भी बढ़ी हैं। सितंबर में जब कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल के करीब थीं, तब पेट्रोलियम सचिव ने कहा था कि अगर ये स्तर बने रहते हैं, तो खुदरा कीमतों में कटौती की जा सकती है। हालांकि, बाद में मध्य-पूर्व संकट के कारण कीमतें फिर बढ़ गईं, लेकिन ब्रेंट क्रूड की कीमत कभी भी 82 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर नहीं पहुंची। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि अगले साल तेल सप्लाई में सरप्लस की स्थिति रह सकती है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी की मासिक रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका में उत्पादन बढ़ने के कारण, 2025 में डिमांड के मुकाबले सप्लाई 10 लाख बैरल प्रति दिन अधिक हो सकती है। इस संकेत और चीन में डिमांड घटने की आशंका के बीच, यूबीएस ने अगले साल के लिए ब्रेंट क्रूड का औसत अनुमान 87 डॉलर प्रति बैरल से घटाकर 80 डॉलर प्रति बैरल कर दिया है। 

थाना बड़ामलहरा पुलिस ने क्षमता से अधिक पशु भरकर परिवहन कर रहे कंटेनर ट्रक को किया जप्त

थाना बड़ामलहरा पुलिस ने क्षमता से अधिक पशु भरकर परिवहन कर रहे कंटेनर ट्रक को किया जप्त पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम के तहत हुआ अपराध पंजीबद्ध, 25 नग भैंसों को संरक्षण हेतु स्थानीय व्यक्ति को किया सुपुर्द  बड़ामलहरा आज थाना बड़ामलहरा पुलिस को ग्राम विक्रमपुर के पास एक कंटेनर में क्षमता से अधिक पशु भरकर परिवहन कर रहे ट्रक कंटेनर की सूचना प्राप्त हुई, पुलिस टीम त्वरित कार्यवाही करते हुए ग्राम विक्रमपुर पहुंची। वहां पर एक ट्रक कंटेनर खड़ा हुआ था, ट्रक कंटेनर के अंदर 25 नग भैंस रस्सी से बंधी भरी हुई थी। पुलिस टीम ने सर्वप्रथम भैंसों को ट्रक से उतार कर चारा पानी की व्यवस्था करते हुए संरक्षण हेतु स्थानीय व्यक्ति की स्वेच्छा से सुपुर्द किया। तत्पश्चात ट्रक कंटेनर को जप्त करते हुए थाना बड़ा मलहरा में पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। ट्रक के रजिस्ट्रेशन नंबर एवं एकत्रित साक्ष्य के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है। विवेचना कार्यवाही जारी है। उक्त कार्यवाही में एसडीओपी बड़ा मलहरा श्री रोहित अलावा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बड़ा मलहरा निरीक्षक जितेंद्र वर्मा, उप निरीक्षक रणबहादुर सिंह, प्रधान आरक्षक संजय सिंह, आरक्षक सतीश एवं रघुनाथ की भूमिका रही।

रायपुर में सर्दी की दस्तक, दिन कड़ी धूप, रात के तापमान में गिरावट जारी

रायपुर छत्तीसगढ़ में सर्दी ने अब पूरी तरह से अपनी दस्तक दे दी है, और इसके साथ ही तापमान में लगातार गिरावट आ रही है। शुक्रवार को राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान दो डिग्री बढ़कर 32.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जबकि रात का न्यूनतम तापमान 18.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के विशेषज्ञ एचपी चंद्रा के अनुसार, 16 नवंबर के बाद राजधानी रायपुर में रात का तापमान और भी गिर सकता है, और सर्दी में इजाफा होने की संभावना है। इस वक्त प्रदेश के वातावरण में नमी का स्तर घट रहा है, जिससे ठंड बढ़ने लगी है। सर्दी का असर आने वाले दिनों में और ज्यादा महसूस होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, दिसंबर के पहले हफ्ते से ठंड का असर तेज़ हो सकता है, और तब लोगों को सर्दियों का पूरा अनुभव होने लगेगा। राजधानी रायपुर सहित अन्य प्रमुख शहरों का मौसम शुक्रवार के मौसम आंकड़े बताते हैं कि रायपुर में अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस था, जबकि न्यूनतम तापमान 18.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। इसके अलावा, प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों का तापमान भी उल्लेखनीय रूप से गिरा।     बिलासपुर में अधिकतम तापमान 30.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।     पेण्ड्रारोड में अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16.6 डिग्री था।     अंबिकापुर में अधिकतम तापमान 27.9 डिग्री और न्यूनतम 10.4 डिग्री सेल्सियस था।     जगदलपुर में अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री और न्यूनतम 19.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।     दुर्ग में अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री और न्यूनतम 16.2 डिग्री सेल्सियस था।     राजनांदगांव में अधिकतम तापमान 31.0 डिग्री और न्यूनतम 16.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन और रात के तापमान में गिरावट का प्रभाव प्रदेश में बादल छंटने के बाद ठंड का असर तेजी से बढ़ा है। रायपुर समेत राज्य के सभी जिलों में दिन और रात के तापमान में गिरावट देखी जा रही है। खासतौर से रात में ठिठुरन बढ़ गई है। इसके पीछे मुख्य कारण द्रोणिका का प्रभाव है, जिसके कारण हवा में नमी की मात्रा में कमी आई है, और इसका प्रभाव तापमान में गिरावट के रूप में देखा जा रहा है। मौसम विभाग के विशेषज्ञों के मुताबिक, अगले तीन से चार दिनों के भीतर तापमान में और 5 से 6 डिग्री की गिरावट आने की संभावना है। इसके परिणामस्वरूप, प्रदेश के अधिकतर क्षेत्रों में ठंड का असर और भी बढ़ सकता है। दिसंबर के पहले हफ्ते से सर्दी का असर और तेज होगा वर्तमान समय में प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। दिन में सूर्य की तेज़ धूप के बावजूद, सुबह और रात के समय हल्की ठंड का अहसास हो रहा है। इस बदलाव के परिणामस्वरूप, प्रदेश के उत्तरी इलाकों में अब कोहरे की शुरुआत हो चुकी है। रायपुर और आसपास के इलाकों में सुबह के समय हल्का कोहरा देखने को मिल रहा है, जो ठंड के संकेत दे रहा है। हालांकि, दिन के वक्त धूप काफी तीव्र रहती है, जिससे तापमान में थोड़ी सी राहत महसूस होती है, लेकिन सुबह और शाम के समय ठंडक में इजाफा हो रहा है। मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि आने वाले दिनों में ठंड में और तेज़ी आ सकती है, जिससे लोगों को सर्दी का पूरा अनुभव होने लगेगा।

ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर एवं सरोवर परिक्रमा मार्ग पर चर्चा, राजस्थान-उप मुख्यमंत्री ने ली अधिकारियों की बैठक

जयपुर। पुष्कर की अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान बनाने के लिए उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने शुक्रवार को जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत, मसूदा विधायक श्री विरेन्द्र सिंह कानावत, अधिकारियों एवं विशेषज्ञों के साथ विस्तारपूर्वक चर्चा की। ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर एवं सरोवर परिक्रमा मार्ग के निर्माण, सौन्यदर्यकरण एवं सुदृढ़ीकरण करने के बारे में विभिन्न प्रस्तावों पर विचार विमर्श हुआ। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि पुष्कर की पौराणिकता को केन्द्र में रखकर ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर एवं सरोवर परिक्रमा मार्ग का निर्माण, सौन्दर्यीकरण एवं सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इस कार्य में मौलिकता पर विशेष जोर रहेगा। जगतपिता ब्रह्माजी की गरिमा के अनुरूप पूरे शोध के साथ विकास कार्य करवाने होंगे। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाले विकास कार्य करवाए जाएंगे। श्री पुष्कर पशु मेले के महत्व की अभिवृद्धि करने की दिशा में भी कार्य करने के बारे में चर्चा हुई। पर्यटन के विभिन्न घटकों के अनुसार थीम आधारित कार्य भी होने चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए पुष्कर एक अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का धार्मिक केन्द्र होना चाहिए। पर्यटक वर्ष भर यहां आकर कम से कम दो दिन रूकने का विचार करें। सरकार की बजट घोषणा के अनुसार पर्याप्त बजट उपलब्ध है। पुष्कर के नाम के अनुरूप देश में अलग विशेषता लिए निर्माण कार्य होंगे। त्रेतायुग में भगवान श्री राम के द्वारा पुष्कर में अपने पिता राजा दशरथ का श्राद्ध करने के समय के पुष्कर के वैभव को पुनः स्थापित करने की दिशा में कार्य होना चाहिए। पुष्कर की पौराणिक प्रकृति के संरक्षण के साथ ही विकास कार्य होंगे। बैठक में घाटों के सौन्दर्यकरण और पर्यटन के विकास के विभिन्न सुझावों एवं प्रस्तावों पर चर्चा हुई।

पाकिस्तान की हवा हुई जहरीली होने के कारण पंजाब के 2 शहरों में लगा कंप्लीट लॉकडाउन

नई दिल्ली भारत के साथ-साथ पाकिस्तान की हवा भी जहरीली हो गई है। इसे देखते हुए वहां कि पंजाब सरकार ने लाहौर और मुल्तान में कंप्लीट लॉकडाउन लगाने की घोषणा की है। यह शुक्रवार से रविवार तक प्रभावी रहेगा। यह निर्णय इन दोनों शहरों में वायु प्रदूषण के स्तर के अत्यधिक बढ़ने के कारण लिया गया है। पिछले कुछ हफ्तों से, पंजाब के कई शहरों में घना स्मॉग फैल गया है। लाहौर तथा मुल्तान सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। मुल्तान में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) पहले ही 2,000 को पार कर चुका है, जिससे वायु प्रदूषण का नया रिकॉर्ड बना है। पंजाब की मंत्री मरियम औरंगजेब ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हम लाहौर और मुल्तान में स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर रहे हैं।” उन्होंने बताया कि इन दोनों शहरों में शुक्रवार से रविवार तक पूर्ण लॉकडाउन लागू किया जाएगा। लाहौर और मुल्तान में निर्माण कार्यों को अगले 10 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है। निर्माण सामग्री से लदी गाड़ियों को शहरों में प्रवेश करने से रोका जाएगा। इसके अलावा स्कूलें भी बंद हैं। कॉलेज और विश्वविद्यालय ऑनलाइन कक्षाएं चलाएंगे। सरकारी और निजी दफ्तरों में कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कहा गया है। रेस्तरां केवल 4 बजे तक खुलेंगे और 8 बजे तक टेकअवे सेवा दी जाएगी। मरियम औरंगजेब ने यह भी कहा कि इस स्मॉग सीजन के दौरान शादियों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जा रहा है। मरियम औरंगजेब ने यह भी बताया कि लाहौर में केवल 3 प्रतिशत हरियाली है, जबकि यहां 36 प्रतिशत हरियाली होनी चाहिए थी। इसके मद्देनज़र सरकार ने शहरभर में वृक्षारोपण अभियान शुरू करने की योजना बनाई है। इसके अलावा, कृषि विभाग ने किसानों को उनके पराली जलाने की बजाय उसे नष्ट करने के लिए 1,000 सुपर सीडर्स दिए हैं। 800 ईंट भट्टों को नष्ट किया गया है। लाहौर के वनों को बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं।

पर्यटन “कल्चरल डायरीज श्रृंखला” का आगाज, राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी की पहल

जयपुर। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी की अभिनव पहल और निर्देशों पर राजस्थान पर्यटन विभाग की ओर से लोक कला और कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए और उनको आजीविका के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए  “कल्चरल डायरीज श्रृंखला” के तहत दो दिवसीय (15 व 16 नवम्बर ) सांस्कृतिक संध्या के पहले दिन शुक्रवार को रामनिवास बाग स्थित अल्बर्ट हॉल में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राजस्थान की लोक कला एवं संस्कृति को वैश्विक पटल पर प्रस्तुत करने, लोक कलाकारों को नया मंच प्रदान की दृष्टि से उक्त सांस्कृतिक संध्या का शुभारम्भ वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ। जिसके पश्चात शेखावाटी अंचल के प्रसिद्ध कच्छी घोड़ी नृत्य की प्रस्तुति दी गई। तत्पश्चात राजस्थान मयूर नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। इसके पश्चात राधा कृष्ण ने फूलों की होली खेली जिससे प्रदेश के उत्तर-पूर्व में स्थित ब्रज अंचल की कला-संस्कृति भव्य रूप में साकार हुई। श्रीकृष्ण-राधा की प्रेमरसमयी और लठमार होली के रंगों व फूलों से साराबोर नृत्य की प्रस्तुति देख दर्शक भी थिरकने लगे। ब्रज के लोक कलाकारों ने उक्त प्रस्तुति में भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के निर्मल प्रेम को साकार किया। इस दौरान ग्रामीण भवाई नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी गई। जिसमें नृत्य की विभिन्न मुद्राओं का अद्भुत संतुलन प्रदर्शित किया गया। ब्रज क्षेत्र के कर्णप्रिय और मन को लुभाने वाले भक्तिभाव से परिपूर्ण लोक संगीत सहित सांस्कृतिक संध्या में दी गई मोहक प्रस्तुतियों ने जयपुरवासियों और देशी-विदेशी पावणों को आनंद विभोर कर दिया। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी तथा पर्यटन सचिव श्री रवि जैन के निर्देशों की पालना में पर्यटन विभाग की ओर से लोक कला और कलाकारों को प्रोत्साहित करने और उनको नियमित रूप से आजीविका का अवसर दिलाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की पहल की गई है। इस हेतु पर्यटन विभाग की ओर से कल्चरल डायरीज श्रृंखला शुरू की गई है। जिससे राजस्थान की कला व संस्कृति से पूरी दुनिया परिचित होगी।  इसी श्रृंखला में आयोजित सांस्कृतिक संध्या के दूसरे दिन  शनिवार, 16 नवम्बर को अल्बर्ट हॉल पर ही बाड़मेर-जैसलमेर क्षेत्र के प्रसिद्ध लंगा-मांगणियार कलाकारों की गायन-वादन की प्रस्तुतियां होंगी। इस अवसर पर निदेशक पुरातत्व एवं संग्रहालय श्री पंकज धरेन्द्र तथा पर्यटन विभाग की संयुक्त निदेशक श्रीमती पुनीता सिंह एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहें।

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