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ग्वालियर सेंट्रल जेल की बढ़ी चिंता! सेंट्रल जेल से दो बंदी पैरोल पर बाहर जाने के बाद वापस नहीं लौटे, फरार बंदियों की तलाश शुरू

ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले की सेंट्रल जेल से बंदियों के फरार होने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में दो बंदी जो हत्या जैसे गंभीर अपराधों में सजा काट रहे थे, पैरोल पर बाहर जाने के बाद वापस नहीं लौटे और फरार हो गए। जेल प्रशासन ने इस मामले में पुलिस से शिकायत की है और फरार बंदियों की तलाश शुरू कर दी है। क्या है पूरा मामला? ग्वालियर सेंट्रल जेल के अधिकारियों ने बहोड़ापुर थाना पुलिस से शिकायत की है कि दो बंदी पैरोल पर बाहर गए थे, लेकिन वे अपनी तय तारीख पर जेल नहीं लौटे। जेल प्रशासन ने बताया कि ग्वालियर जिले के भितरवार निवासी कमलेश पुत्र पन्नालाल बाथम हत्या और आर्म्स एक्ट के मामले में सजा काट रहा था। पैरोल पर बाहर जाने के बाद वह निर्धारित तारीख पर वापस नहीं लौटा। वहीं जेल प्रशासन ने जब कमलेश के वापस न लौटने की जानकारी दी, तो पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, कमलेश के खिलाफ बहोड़ापुर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है और अब उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। बंदियों की तलाश जारी ग्वालियर सेंट्रल जेल से फरार इन बंदियों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कदम उठाए हैं। जेल प्रबंधन और पुलिस का कहना है कि फरार बंदियों की तलाश के लिए विशेष टीम बनाई गई है और जल्दी ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा। अंत में बता दें कि ग्वालियर जेल से फरार होने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जिससे जेल सुरक्षा और पैरोल प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस अब इन मामलों को गंभीरता से ले रही है और फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।  

विश्व पर्यटन मानचित्र में बस्तर के धुड़मारास गांव ने बनाई अपनी जगह

रायपुर छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के छोटे से गांव धुड़मारास ने देश और दुनिया में अपनी अनोखी पहचान बनाई है। बस्तर जिले के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव के उन्नयन कार्यक्रम के लिए चयनित किया गया है। संयुक्त राष्ट्र के पर्यटन ग्राम उन्नयन कार्यक्रम के लिए 60 देशों से चयनित 20 गांवों में भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के धुड़मारास ने भी अपनी जगह बनाई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि के लिए पर्यटन विभाग की टीम के साथ ही बस्तर जिला प्रशासन तथा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के अधिकारियों व कर्मचारियों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धुड़मारास की सफलता का मुख्य श्रेय यहां के स्थानीय निवासियों को जाता है, जिन्होंने अपने पारंपरिक ज्ञान और संसाधनों को संरक्षित रखते हुए इसे आकर्षक पर्यटक स्थल में बदल दिया है। धुड़मारास प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। बस्तर के अदभुत आदिवासी जीवनशैली, पारम्परिक व्यंजन, हरियाली और जैव विविधता से समृद्ध यह गांव पर्यटकों के लिए एक आकर्षक ही नहीं बल्कि रोमांचक स्थल है। धुड़मारास गांव दुनिया भर के उन 20 गांवों में से एक है जिसे सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव उन्नयन कार्यक्रम में भाग लेने के लिए चुना गया है। धुड़मारास को इसकी अनूठी सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता और सतत पर्यटन विकास की क्षमता के कारण चुना गया है। उन्नयन कार्यक्रम में शामिल होने से गांव को उन संसाधनों तक पहुंंच प्राप्त होगी जो इसके पर्यटन बुनियादी ढांचे को बढ़ाने, सांस्कृतिक संपत्तियों को बढ़ावा देने और ग्रामवासियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार में मदद करेंगे। विश्व स्तर पर पर्यटन गांव के रूप में इस गांव की पहचान स्थापित होने का तात्पर्य यह भी है कि लंबे समय के बाद बस्तर में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है। उल्लेखनीय है कि धुड़मारास तथा बस्तर के ही चित्रकोट गांव को इस वर्ष 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव का पुरस्कार मिला था।      प्रकृति की गोद में बसा धुड़मारास गांव घने जंगलों से घिरा हुआ है। गांव के बीच से बहती कांगेर नदी इसे मनमोहक बना देती है। बस्तर के लोग मेहमाननवाजी के लिए जाने जाते हैं। यही वजह है कि स्थानीय लोग अपने घरों को पर्यटकों के लिए उपलब्ध करवा रहे हैं, ठहरने की सुविधा उपलब्ध करवाने से उन्हें रोजगार मिल रहा है। गांव के युवा पर्यटकों को आसपास के क्षेत्रों की सैर कराते हैं। स्थानीय खानपान के अंतर्गत पर्यटकों को बस्तर के पारम्परिक व्यंजन परोसे जाते हैं।    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर में पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नए ट्रैकिंग ट्रेल और कैंपिंग साइट विकसित करने सहित होम-स्टे की सुलभता हेतु पहल कर रही है। साथ ही स्थानीय शिल्पकारों और कलाकारों को प्रोत्साहन दे रही है, जिससे ईलाके के रहवासी ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार की उपलब्धता होने के साथ आय संवृद्धि हो सके। राज्य सरकार पर्यटकों को आकर्षित करने हेतु क्षेत्र में सड़कों और परिवहन सुविधाओं का विकास पर भी ध्यान दे रही है। बस्तर के पर्यटन स्थलों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में देश के पर्यटकों सहित अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए व्यापक प्रचार- प्रसार किया जा रहा है। वहीं स्थानीय हस्तशिल्प और कला को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।     छत्तीसगढ़ सरकार के वन एवं पर्यटन विभाग ने धुड़मारास को ईको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब जिले के नागलसर और नेतानार में भी स्थानीय युवाओं की ईको पर्यटन विकास समिति द्वारा गांव में बहने वाली शबरी एवं कांगेर नदी में कयाकिंग एवं बम्बू राफ्टिंग की सुविधा पर्यटकों को मुहैया कराई जा रही है। साथ ही स्थानीय व्यंजन से पर्यटकों को बस्तर के पारम्परिक खान-पान का स्वाद मिल रहा है।     गांव के युवाओं की ईको पर्यटन विकास समिति कांगेर नदी में कयाकिंग और बम्बू राफ्टिंग की सुविधाएं पर्यटकों को उपलब्ध करवाती है, जिससे इस समिति को अच्छी आमदनी हो रही है। यह पर्यटन समिति अब अपनी आय से गांव में पर्यटकों के लिए प्रतीक्षालय और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित कर रहे हैं।      बेस्ट टूरिज्म विलेज धुड़मारास की कहानी यह साबित करती है कि जब सामुदायिक भागीदारी और शासन का सहयोग मिलता है, तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी आर्थिक और सांस्कृतिक विकास संभव है। यह गांव अब बस्तर के अन्य गांवों के लिए प्रेरणा बन गया है। यही वजह है कि कांगेर घाटी नेशनल पार्क के नागलसर और नेतानार में भी ईको-टूरिज्म को बढ़ावा मिल रहा है।

रिपोर्ट में खुलासा-भारत के इक्विटी बाजार ने 2000 के बाद से चीन के बाजारों को बेहतर प्रदर्शन किया

नई दिल्ली डॉयचे बैंक की एक नई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि भारत के इक्विटी बाजार ने 2000 के बाद से चीन के बाजारों को बेहतर प्रदर्शन किया है। रिपोर्ट के अनुसार, चीन के तेज़ आर्थिक विकास के बावजूद, उसके इक्विटी बाजार का प्रदर्शन औसत ही रहा, जहाँ वास्तविक रिटर्न केवल 4 प्रतिशत प्रति वर्ष था। वहीं, भारत ने इस अवधि के दौरान उच्चतम वास्तविक इक्विटी रिटर्न प्रदान किया, जो 6.9 प्रतिशत प्रति वर्ष था। रिपोर्ट में बताया गया कि भारत ने उभरते और विकसित दोनों प्रकार के बाजारों में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। 2000 से 2024 तक भारत का इक्विटी रिटर्न दुनिया भर के प्रमुख बाजारों में सबसे अधिक था। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि भारत और अमेरिका दोनों ही बाजार 2024 तक रिकॉर्ड-उच्च CAPE अनुपात के पास व्यापार कर रहे हैं। CAPE (चक्रीय रूप से समायोजित मूल्य-से-आय) अनुपात एक वित्तीय मीट्रिक है, जो 10 वर्षों की अवधि में आय के आधार पर बाजार का मूल्यांकन करता है। यह बाजार में चक्रीय उतार-चढ़ाव को सुसंगत करता है, लेकिन संरचनात्मक बदलावों को पूरी तरह से कैद नहीं कर पाता है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका का तकनीकी प्रभुत्व, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) में प्रगति और आय अपेक्षाओं में बदलाव अमेरिकी बाजारों में उच्च मूल्यांकन को सही ठहराने में मदद करते हैं। वहीं, भारत का मजबूत विकास दृष्टिकोण और वैश्विक बाजारों में एक प्रमुख खिलाड़ी बनने की क्षमता निवेशकों को भारत में निवेश करने के लिए प्रेरित कर रही है, जिससे यहां भी उच्च मूल्यांकन देखा जा रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत और अमेरिका दोनों ही आने वाले दशकों (2025-2049) के लिए तैयार हैं, हालांकि इन दोनों देशों के बाजारों के मूल्यांकन कुछ अन्य बाज़ारों से अधिक हैं। इन दोनों देशों के विकास की दिशा उनके संरचनात्मक बल और भविष्य की क्षमता पर निर्भर करेगी, और यही कारण है कि निवेशक इनके लिए अधिक प्रीमियम भुगतान करने को तैयार हैं।

हवाला घोटाले में गिरफ्तार दो बांग्लादेशी नागरिकों के बैंक खातों की भी ईडी अधिकारी जांच कर रहे

कोलकाता पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) हवाला मामले में उसके द्वारा गिरफ्तार किए गए दो बांग्लादेशी नागरिकों रोनी मोंडल और समीर चौधरी के बैंक खातों की जांच कर रहा है। उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर में रहने वाले मंडल के बहन, बहनोई और भतीजे के बैंक खातों की भी ईडी अधिकारी जांच कर रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि जांच अधिकारियों का मानना है कि मंडल के पास उच्च स्तरीय प्रभावशाली राजनीतिक संपर्क हैं, जिसके कारण वह बांग्लादेशी नागरिक होने के बावजूद स्थानीय बैरकपुर नगर पालिका से शहरी नागरिक निकाय के लिए अनुबंध कार्य करने हेतु व्यापार लाइसेंस प्राप्त करने में सक्षम हो गया। जांच अधिकारियों का मानना है कि मंडल इलाके में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की विभिन्न जनसभाओं में मौजूद था। सूत्रों ने बताया कि उनके बैंक खातों की जांच से अधिकारियों को पैसे के लेनदेन के बारे में स्पष्ट जानकारी मिलेगी, जिससे समय के साथ प्रभावशाली लोगों की पहचान हो सकेगी। मंडल और चौधरी के अलावा ईडी अधिकारियों ने हवाला घोटाले के सिलसिले में पिंटू हलदर और पिंकी बसु नामक दो नागरिकों को भी गिरफ्तार किया था। मंगलवार को ईडी के अधिकारियों ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) कर्मियों के साथ पश्चिम बंगाल और झारखंड में फैले हवाला घोटाले के सिलसिले में पश्चिम बंगाल में 12 स्थानों पर छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया। इस घोटाले का संबंध बांग्लादेश से भी है। इन 12 स्थानों में उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में एक महिला का घर भी शामिल है, जिसके खिलाफ रांची में मामला दर्ज किया गया था। संबंधित महिला ने बांग्लादेश से अन्य महिलाओं को रोजगार का झांसा देकर अवैध रूप से पश्चिम बंगाल में प्रवास करवाया और फिर उन्हें अंतर-राज्यीय हवाला रैकेट में शामिल किया, जिसमें मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल और झारखंड शामिल थे। इन बांग्लादेशी महिलाओं को हिंदू नामों वाले आधार कार्ड जैसे फर्जी दस्तावेज भी दिए गए। सूत्रों ने बताया कि इनमें से कुछ बांग्लादेशी महिलाएं रांची भागने में सफल रहीं और वहां के एक स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। चूंकि, हवाला कारोबार धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के दायरे में आता है, इसलिए प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज करने के बाद ईडी ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मामले को अपने हाथ में ले लिया। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि हवाला के जरिए आए धन का एक हिस्सा परिवहन व्यवसाय में भी निवेश किया गया था।  

नल-जल योजना में अब नई गड़बड़ी सामने आई, पाइप लिया नहीं और ठेकेदारों को कर दिया भुगतान

ग्वालियर नल जल योजना से जनता को पानी मिले न मिले ठेकेदार और अफसरों की चांदी होना तय है। इस योजना में अब नई गड़बड़ी सामने आई है। जिसमें माल का भुगतान तो हो गया, लेकिन माल विभाग ने लिया ही नहीं। यही नहीं बाद में इसी माल को खुर्द-बुर्द भी कर दिया गया। फर्जी सीपेट सर्टिफिकेट के मामले में फंसी मुरैना की दोनों फर्मों ने भी ऐसा ही किया है। मुख्य अभियंता कार्यालय ने जब जांच कराई तो इनकी साइट पर ही पाइप रखे मिले हैं। जिसके फोटो भी अफसरों को मिल चुके हैं। इसके बाद इस संबंध में सभी कार्यपालन यंत्रियों को पत्र भी जारी किया गया है। दरअसल मुरैना में मां हरसिद्धी कंस्ट्रक्शन कंपनी और मैसर्स मीरा धाकड़ फर्म ने फर्जी सीपेट रिपोर्ट लगाकर भुगतान प्राप्त किया था। इस मामले के सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। इधर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्य अभियंता आरएलएस मौर्य ने इस प्रकार के फर्जीवाड़े की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। जिसने स्पाट से फोटो लेकर भेज दिए हैं। जिससे पता चला कि विभाग द्वारा भुगतान करने के बाद भी पाइप अब तक दोनों फर्मों की साइट पर ही रखे हुए हैं। विभाग ने जब पड़ताल की तो पता चला कि इस प्रकार की स्थिति केवल मुरैना ही नहीं बल्कि कई अन्य जिलों में भी है। जहां भुगतान करने के बाद भी सामान को ग्रामीण पीएचई के अफसरों ने अपनी कस्टडी में नहीं लिया है। ये मिली शिकायतें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय को शिकायत मिली है कि ठेकेदारों के द्वारा योजनाओं के तहत खरीदे गए पाइपों का 60 प्रतिशत भुगतान प्राप्त किया गया है। इसके बाद पाइप विभाग की संपत्ति हो जाती है, लेकिन ठेकेदार इन पाइपों को अपने पास ही रखते हैं। इसमें यह भी शामिल है कि भुगतान प्राप्त करने के बाद ठेकेदार इस सामग्री को वहां से खुर्द-बुर्द कर देते हैं। इसके बाद ही गोपनीय रूप से पड़ताल कराई गई थी कि कहां पर उपयंत्रियों के रिकार्ड में सामग्री नहीं है। पता चला कि इस प्रकार की स्थिति अंचल के कई जिलों में है। यह है नियम: बताया जाता है कि नल जल योजना में जो भी सामान खरीदा जाता है, उसका 60 प्रतिशत भुगतान ग्रामीण पीएचई विभाग द्वारा किया जाता है। इसके बाद यह सामान विभाग को अपनी कस्टडी में ही रखना होता है। जबकि जांच में सामने आया कि ठेकेदारों ने विभाग से भुगतान ले लिया और पाइप व अन्य सामान भी अपने पास ही रखे रहे। अब क्या: मुख्य अभियंता कार्यालय ने जिन ठेकेदारों के द्वारा पाइप खरीदने के बाद भुगतान प्राप्त कर लिया गया है, ऐसे सभी पाइपों की मात्रा योजनावार एमएएस अकाउंट में संबंधित उपयंत्री से मंगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इस योजना में पाइप की खरीदी और कस्टडी से लेकर तमाम जानकारी भी कार्यालय में भेजने के निर्देश दिए गए हैं। मुरैना की जिन फर्माें ने फर्जी सीपेट सर्टिफिकेट लगाए हैं, उन्हाेंने भुगतान ताे प्राप्त किया, लेकिन पाइप अब भी साइट पर ही रखे हुए हैं। इसी प्रकार की शिकायत अन्य जिलाें में भी मिली है। जब विभाग राशि का भुगतान कर चुका है ताे संपत्ति विभाग के पास हाेना चाहिए। इस मामले में हमने पूरी जानकारी सभी कार्यपालन यंत्रियाें से मंगाई है। इस प्रकार की गड़बड़ी में जाे भी दाेषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरएलएस मौर्य, मुख्य अभियंता लाेक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग

पूजा हेगड़े ने सूर्या 44 के बारे में रोमांचक जानकारी दी

  मुंबई, बॉलीवुड अभिनेत्री पूजा हेगड़े ने अपनी आने वाली फ़िल्म सूर्या 44 के बारे में रोमांचक जानकारी दी है। पूजा हेगड़े जल्द ही कुछ बेहतरीन प्रोजेक्ट्स के साथ धमाल मचाने के लिए तैयार हैं और प्रशंसक यह देखने के लिए बेताब हैं कि उनके पास क्या है। हाल ही में इंस्टाग्राम पर आस्क मी एनीथिंग सेशन के दौरान, पूजा हेगड़े ने अपने फॉलोअर्स को अपनी बहुप्रतीक्षित पैन-इंडिया फिल्म, सूर्या 44 के बारे में एक झलक दिखाई। जब एक प्रशंसक ने अपडेट के लिए पूछा, तो पूजा ने ऐसा जवाब दिया जिसने सभी को उत्सुक कर दिया। उन्होंने कहा, “यदि कार्तिक सुब्बाराज को कोई प्रेम कहानी लिखनी पड़े, तो वह कैसी होगी? वह सूर्या 44 होगी।” दिलचस्प लग रहा है, है न? कार्तिक सुब्बाराज की सिग्नेचर स्टोरीटेलिंग और सूर्या की मुख्य भूमिका के साथ, यह पहले से ही काफी चर्चा बटोर रही है! एक अन्य प्रशंसक ने पूछा कि पूजा आगे किस तरह की फ़िल्में करना चाहती हैं। उनका जवाब? वह जीवन के उतार-चढ़ाव वाली कहानियाँ, आने वाले समय के नाटक, रोमांटिक कॉमेडी और रिश्तों पर आधारित फ़िल्में करना पसंद करेंगी। सूर्या 44 के अलावा, पूजा एक्शन से भरपूर देवा और बहुप्रतीक्षित थलपति 69 पर भी काम कर रही हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 21 नवंबर को उज्जैन में शासकीय मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए पूजन करेंगे

उज्जैन मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में लंबे समय से शासकीय मेडिकल कॉलेज की मांग उठ रही थी, लेकिन यह इंतजार अब खत्म होने वाला है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 21 नवंबर को उज्जैन में शासकीय मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए पूजन करेंगे. यह कॉलेज सिंहस्थ के पहले शुरू हो जाएगा. उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि भूमि पूजन कार्यक्रम में शहर की जनता, युवा, विद्यार्थी और विभिन्न वर्गों को सम्मिलित करने के प्रयास किए जा रहे है. सभी स्वास्थ्य संस्थाओं को कार्यक्रम के निमंत्रण पत्र भेजे गए हैं. साथ ही शहर के प्रमुख स्थानों पर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से संदेश का प्रसारण करवाया जाएगा. हो रही हैं ये तैयारियां इसके अलावा भूमि पूजन कार्यक्रम के पहले विभिन्न संगोष्ठियां आयोजित की जाएंगी. साथ ही नर्सिंग महाविद्यालय और स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा रैलियों का आयोजन भी किया जाएगा. आगामी 20 नंवबर को बाइक रैली के आयोजन की भी तैयारी की जा रही है. बता दें मेडिकल कॉलेज खोले जाने को लेकर उज्जैन को लंबे समय से आश्वासन मिल रहा था, लेकिन मेडिकल कॉलेज की सौगात नहीं मिल पा रही थी.मेडिकल कॉलेज की घोषणा होने के बाद भूमि को लेकर प्रश्न चिन्ह लग गया था. ऐसे में अब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने स्पष्ट कहा है कि सिंहस्थ 2028 के पहले मेडिकल कॉलेज शुरू हो जाएगा. वर्तमान में उज्जैन में एक निजी मेडिकल कॉलेज है. मिलेंगी ये सुविधाएं इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार की ओर से 592.33 करोड़ रूपए दिए गए हैं. इसमें 600 बेड की आधुनिक बिल्डिंग जिसमें जी 13 मंजिल होंगी. यह सभी मॉडर्न उपकरणों से लैस होगी. मेडिकल से संबंधित सभी आवश्यक सुविधाएं और विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा रोगियों का इलाज किया जाएगा. इसमें टेली मेडिसिन की सुविधा से अंतर्राष्ट्रीय डॉक्टरों की सुविधा भी मिल सकेगी. आपात स्थिति में भी विशेष स्वास्थ्य सुविधाएं 24 घंटे उपलब्ध रहेगी. शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय का निर्माण जिला चिकित्सालय परिसर और राजे परिसर के पुराने भवनों को तोड़कर किया जाए‌गा. महाविद्यालय में 150 सीटों का 9 मंजिला कॉलेज भवन, 605 बिस्तरों का 10 मंजिला चिकित्सालय भवन के साथ संख्या राजे परिसर में बालक और बालिका छात्रावास, नर्स छात्रावास और रेसिडेंट डॉक्टर्स के लिए छात्रावास और तीन 13 मंजिला भवन और दो 10 मंजिला भवन का निर्माण किया जाना है.

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा- कुश्ती को दो साल से बाधित किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण

गोंडा भारतीय पहलवान बजरंग पूनिया द्वारा ‘भारतीय कुश्ती संघ’ (डब्ल्यूएफआई) के प्रबंधन और नियंत्रण संबंधी याचिका कोर्ट में दायर की गई है। इसको लेकर ‘डब्ल्यूएफआई’ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। बजरंग पूनिया द्वारा दायर याचिका को लेकर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि यह कुश्ती का दुर्भाग्य है और दो साल से ये लोग लगातार कुश्ती को बाधित कर रहे हैं। जब ये लोग धरने पर बैठे तो बोल रहे थे कि कुश्ती को बचाने के लिए धरना कर रहे हैं। अब यह लगातार देखने को मिल रहा है कि ये लोग कोई ना कोई याचिका हाईकोर्ट में डालते हैं और खेल को रोकने की बात करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि अभी बजरंग पूनिया की तरफ से याचिका डाली गई, उसके पहले सत्यव्रत की तरफ याचिका डाली गई थी। जिस टीम ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में भाग लिया था और लड़के मेडल लेकर आए, उस टीम को सत्यव्रत के माध्यम से याचिका डालकर रोकने का प्रयास किया गया। लेकिन रास्ता निकाला गया और वर्ल्ड चैंपियनशिप में टीम गई और कई बच्चे मेडल लाए। बृजभूषण शरण सिंह ने आगे कहा कि अब नेशनल गेम होना है, जो एक सतत प्रक्रिया है। जो भी बच्चे नेशनल में भाग लेते हैं, उसका सर्टिफिकेट उनको नौकरी में भी काम आता है। करीब 700 से 800 बच्चे इसमें भाग लेते हैं, जो राष्ट्रीय खिलाड़ी कहे जाते हैं। इसको रोकने के लिए उनकी तरफ से एक याचिका दाखिल की गई कि जो वर्तमान कमेटी है, जिसके अध्यक्ष संजय सिंह हैं, वो नेशनल नहीं करा सकते। उन्होंने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय संगठन यूडब्ल्यूडब्ल्यू सरकार के हस्तक्षेप को नहीं मानता है, वो फेडरेशन को मानता है। फेडरेशन ही नेशनल और ट्रायल करा सकती है। वे लोग इसको लेकर हाईकोर्ट में गए। कोर्ट ने उनको अगले महीने की तारीख दे दी और प्रतिबंध नहीं लगाया। ऐसे में इन लोगों ने हमेशा कुश्ती को रोकने का प्रयास किया। जबकि दो साल से लड़कों और लड़कियों के कैंप नहीं चल रहे हैं, उनको इसके लिए प्रयास करना चाहिए। ये ऐसी हरकत करके पूरे देश की कुश्ती को खत्म करना चाहते हैं।  

नक्सलियों ने पुलिस पार्टी पर किया हमला, एक जवान घायल

बालाघाट जिले के रूपझर थाना के पुलिस चौकी सोनगुड्डा के तहत कुंदुल जंगल में 17 नवंबर रविवार को 11 से 12 बजे के बीच पुलिस सर्चिंग पार्टी व नक्सलियों के बीच आपसी हुई मुठभेड़ में हाकफोर्स का एक आरक्षक शिवकुमार शर्मा घायल हो गया है। जिसे प्राथमिक उपचार दिए जाने के बाद उसे बेहतर उपचार के लिए महाराष्ट्र राज्य के गोंदिया रेफर किया गया हैं। स्पेशल ऑपरेशन के दौरान हमला जानकारी के अनुसार, हाकफोर्स की टीमों के द्वारा नक्सल विरोधी अभियान के तहत रविवार को सूचना के आधार पर स्पेशल आपरेशन चलाया जा रहा था। स्पेशल ऑपरेशन के दौरान पुलिस पार्टी हाकफोर्स एसओजी उकवा पर कुंदुल पहाड़ी जंगल क्षेत्र में जवानों का आमना सामना 12 से 15 सशस्त्र वर्दीधारी नक्सलियों से हुआ। नक्सलियों ने पुलिस को देखकर फायरिंग की। सुरक्षा बलों ने नक्सलियों पर जवाबी फायरिंग की। पुलिस व नक्सली मुठभेड़ में हाकफोर्स के आरक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए है। पुलिस की जवाबी कार्रवाई से नक्सली घने जंगल का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग गए। घटना पर थाना रूपझर में नक्सलियों के विरूद्ध विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। मौके से भागे हुए नक्सलियों की धरपकड़ के लिए भारी सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में सघन सर्चिंग अभियान शुरू कर दिया है। मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए पुलिस अधीक्षक नगेंद्र सिंह ने बताया कि आरक्षक का बेहतर उपचार किया जा रहा है और चिकित्सकों से भी चर्चा की जा रही है, जल्द ही आरक्षक की रिकवरी हो जाएगी। उन्होंने बताया कि 12 से 15 नक्सलियों ने अचानक ही सर्चिंग पार्टी पर हमला कर दिया था। बताया जा रहा है कि पुलिस की 10 पार्टियां नक्सलियों को तलाशने के लिए जंगल में सर्चिंग में जुट गई है।

मजदूर पिता की बेटी रितिका के जज्बे को मुख्यमंत्री ने सराहा

रायपुर धमतरी की रहने वाली मजदूर पिता की बैडमिंटन प्लेयर बेटी रितिका ध्रुव ने कभी नहीं सोचा था कि उसका अपने खेल के प्रति जुनून एक दिन उसे मुख्यमंत्री से रूबरू करवा देगा। आज जब रितिका को मोबाइल पर वीडियो कॉल में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का स्नेहमयी चेहरा नजर आया तो उसे विश्वास नहीं हुआ कि उसकी बात प्रदेश की मुखिया से हो रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने रितिका से बात करते हुए उसके बैडमिंटन के हुनर को सराहा और उसका हौसला बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप इसी तरह अपने बैडमिंटन के हुनर को निखारिये। खूब आगे बढिय़े और अपने माता-पिता के साथ पूरे छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाइये। हम आपके साथ हैं, आपको बैडमिंटन के लिए जो भी सहायता व सुविधाएं चाहिए उसे हम आपको देंगे। मुख्यमंत्री की ये बात सुनकर रितिका का चेहरा खिल उठा। मुख्यमंत्री श्री साय ने रितिका से वीडियो-कॉल में बड़ी आत्मीयता से बात की और उसके बैकग्राउंड के विषय में जाना। रितिका ने बताया कि उसके पिता जीवनयापन के लिए मजदूरी का कार्य करते हैं और माता आंगनबाड़ी सहायिका हैं। उसे बचपन से ही बैडमिंटन के खेल में रुचि थी। समय के साथ उसका ये शौक जुनून में बदल गया और वह पूरे तरह से इस खेल के प्रति समर्पित हो गयी। मगर परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि बड़े स्तर के टूनार्मेंट के लिए वह अपने टैलेंट को तराश सके। मुख्यमंत्री ने संघर्षों के बावजूद बैडमिंटन में शानदार प्रदर्शन के लिए रितिका की खूब सराहना की। मुख्यमंत्री श्री साय को रितिका ने वीडियो कॉल पर बताया कि उसने बंगलुरू में खेलो-इंडिया यूनवर्सिटी लेवल गेम्स और हाल ही में ओडीसा में नेशनल टूनार्मेंट में हिस्सा लिया है। वह आगे नेशनल-इंटरनेशनल स्तर पर खेलना चाहती है और ओलम्पिक में मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करना चाहती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने रितिका से कहा कि आपका ओलम्पिक का सपना भी पूरा होगा। मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ वे राज्य ओलंपिक संघ के अध्यक्ष भी हैं। आपकी तरह छत्तीसगढ़ की बेटियां जो अपने खेल में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं, उन्हें सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा। मुख्यमंत्री को रितिका ने बताया कि वो अभी बीए अंतिम वर्ष में पढ़ाई भी कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने रितिका को खेल के साथ अपनी पढ़ाई भी पूरे मन से करने प्रोत्साहित किया। उन्होंने बिटिया को खूब आशीर्वाद देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री से बात कर के रितिका के चेहरे पर खुशी की मुस्कान छा गयी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री साय लगातार प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं। उनका प्रयास है कि राज्य में खेल का मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर बनने के साथ-साथ यहां के टैलेंट को आगे बढऩे का पूरा मौका मिले। इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने विगत दिनों छत्तीसगढ़ की पर्वतारोही निशा को किलिमंजारो पर्वत फतह करने कॉल कर पूरी मदद का आश्वासन दिया था। आज जब मुख्यमंत्री ने रितिका के संघर्ष और उसकी बैडमिंटन की प्रतिभा को जाना तो वीडियो कॉल पर बिटिया का हौसला बढ़ाया।

भाजपा नेता कमलजीत सहरावत ने कहा- ‘आप’ हर स्तर पर प्रदूषण रोकने में विफल रही

नई दिल्ली पश्चिमी दिल्ली से लोकसभा सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी की दिग्गज नेता कमलजीत सहरावत ने दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि लोग बीमार हैं लेकिन आप सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने एक्यूआई लेवल को लेकर सरकार की निंदा की। कहा, दिल्ली का एक्यूआई लेवल आज 450 हो गया है और शहर एक गैस चैंबर में तब्दील हो चुका है। हर घर में कोई न कोई बीमार है और डॉक्टर के यहां लाइन लगी हुई है। लेकिन इसके बावजूद दिल्ली सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। ठोस कदम उठाने के लिए एक लंबी प्लानिंग की आवश्यकता होती है, जो सरकार के पास नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली के अंदर मेट्रो रूट को बढ़ाया नहीं गया है। जो बसें चल रही हैं अगर उनको रूट प्लान करके चलाया जाता तो लोग निजी वाहन लेकर सड़कों पर नहीं निकलते। अगर दिल्ली सरकार ठीक से काम करती तो यहां पर जाम नहीं लगते। यहां पर गलियां और नालियां बनी होती तो पीएम पार्टिकल 2.5 नहीं होता। कुल मिलाकर दिल्ली सरकार हर स्तर पर प्रदूषण को रोकने में फेल रही है और अब ये ड्रामा कर रहे हैं, जिससे कुछ होने वाला नहीं है। दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा है कि भाजपा शासित राज्यों से आने वाली बसें, दिल्ली में प्रदूषण फैला रही हैं। इस पर भाजपा सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार ने ईस्टर्न पेरिफेरल और वेस्टर्न पेरिफेरल, द्वारका, एक्सप्रेस-वे की की सौगात दी है। अगर यह नहीं बना होता तो कम से कम एक लाख ट्रक दिल्ली से होकर गुजरते। अब यह यूपी और पंजाब की बसों को रोकेंगे और बसों में सफर करने वाली जनता को परेशान करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि गोपाल राय अपनी विफलता को दूसरे के ऊपर डालना चाह रहे हैं, अगर उनकी सरकार ने 10 साल सही से काम किया होता तो ऐसे हालात का सामना नहीं करना पड़ता अरविंद केजरीवाल की पदयात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए कमलजीत सहरावत ने कहा कि उनकी सभा में किसी ने कहा कि पानी का बिल बहुत आ रहा है, इस पर केजरीवाल कहते हैं कि मेरी सरकार आएगी तो इसको माफ कर दूंगा। ऐसे में वो 10 साल तक किसकी सरकार समझ रहे थे। उनकी यह आदत मजाक बन चुकी है और जनता भी इसको समझ चुकी है। उन्होंने आगे कहा कि केजरीवाल ने बच्चों की कसम खाई थी कि घर नहीं लूंगा और अब 42 करोड़ का घर छोड़ने में तकलीफ हो रही है। पहले ये सवाल उठाते थे कि शीला दीक्षित टैक्स पेयर के पैसे से 10 एसी कैसे चलाती हैं, पर आज वो 75 एसी चला रहे हैं। यह अभी से पूर्व मुख्यमंत्री हो चुके हैं और आने वाले विधानसभा चुनाव में दिल्ली की जनता इनको सबक सिखाएगी।  

किसना डायमंड और गोल्ड ज्वेलरी ने भोपाल में अपना तीसरा एक्सक्लूसिव शोरूम लॉन्च किया

भोपाल, किसना डायमंड और गोल्ड ज्वेलरी ने भोपाल के अरेरा कॉलोनी, 10 नंबर मार्केट में अपने तीसरे एक्सक्लूसिव शोरूम का भव्य उद्घाटन किया। यह किसना का मध्य प्रदेश में 7वां और भारत में 55वां एक्सक्लूसिव शोरूम है। इस कार्यक्रम में हरि कृष्णा ग्रुप के संस्थापक और प्रबंध निदेशक श्री घनश्याम ढोलकिया और किसना डायमंड और गोल्ड ज्वेलरी के निदेशक श्री पराग शाह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे साथ ही ,मालती राय महापौर भोपाल , कृष्णा गौर राज्यमंत्री भोपाल, रामेश्वर शर्मा विधायक भोपाल मुख्य अतिथि के रूप मे उपस्थित रहें । भव्य उद्घाटन के उपलक्ष्य में, किसना डायमंड ज्वेलरी के मेकिंग चार्जेज पर 100% तक की छूट और गोल्ड ज्वेलरी पर 20% तक की छूट की पेशकश कर रहा है। इसके साथ ही किसना के #अबकी_बार_आपके_लिए “शॉप एंड विन ए कार” अभियान के तहत ग्राहकों को 100 से अधिक कार जीतने का मौका मिलेगा। ग्राहक ₹20,000 या उससे अधिक की डायमंड, प्लेटिनम या सोलिटेयर ज्वेलरी और ₹50,000 या उससे अधिक की गोल्ड ज्वेलरी खरीदकर इस अभियान में भाग ले सकते हैं। हरि कृष्णा ग्रुप के संस्थापक और प्रबंध निदेशक, श्री घनश्याम ढोलकिया ने इस मौके पर कहा: “भोपाल ने हमारे शानदार कलेक्शन्स को खूब सराहा है, और इस विस्तारित शोरूम के साथ शहर में अपने ग्राहकों के पास आना हमारे लिए गर्व की बात है। यह विस्तार हमारे विजन ‘हर घर किसना’ के अनुरूप है, जिसमें हम भारत के सबसे तेज़ी से बढ़ते ज्वेलरी ब्रांड बनने का लक्ष्य रखते हैं।” किसना डायमंड और गोल्ड ज्वेलरी के निदेशक, श्री पराग शाह ने कहा: “हम अपने 55वें शोरूम तक पहुंचने पर गर्व महसूस कर रहे हैं और उपभोक्ताओं को बेहतरीन ज्वेलरी और उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भोपाल में नया शोरूम किसना की भारत में बढ़ती उपस्थिति का प्रमाण है।” फ्रेंचाइजी पार्टनर, श्री सुमित अग्रवाल ने अपनी खुशी साझा करते हुए कहा: “भोपाल में इस एक्सक्लूसिव शोरूम के माध्यम से, हम शहर के निवासियों को किसना की शानदार डायमंड और गोल्ड ज्वेलरी कलेक्शन के साथ गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद सेवाएं प्रदान करेंगे।” किसना ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए इस लॉन्च इवेंट के तहत वृक्षारोपण अभियान, रक्तदान शिविर, और जरूरतमंदों के लिए भोजन वितरण का आयोजन भी किया।

मुडा मामले में याचिकाकर्ता के खिलाफ शिकायत दर्ज, पुलिस से उन पर गुंडा एक्ट लगाने और उन्हें निर्वासित करने की मांग की

बेंगलुरु कर्नाटक कांग्रेस प्रवक्ता एम. लक्ष्मण ने मैसूरु शहरी विकास प्राधिकरण (मुडा) मामले में याचिकाकर्ता स्नेहमयी कृष्णा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस से उन पर गुंडा एक्ट लगाने और उन्हें निर्वासित करने की मांग की। मैसूरु के लक्ष्मीपुरम पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई शिकायत में लक्ष्मण ने स्नेहमयी कृष्णा को गुंडा बताते हुए कहा कि उसके खिलाफ 10 साल में 17 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन पर कार्रवाई नहीं की, जबकि वह प्रमुख हस्तियों को ब्लैकमेल करने में शामिल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उसकी धमकी के कारण एक महिला ने आत्महत्या कर ली और उससे संबंध होने का दावा करने वाले दो अजनबियों ने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया से संबंधित मामले के संबंध में बड़ी फिरौती की मांग की। लक्ष्मण ने इससे पहले मुख्यमंत्री को बदनाम करने के लिए स्नेहमयी कृष्णा के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। इस बीच, स्नेहमयी कृष्णा ने मैसूरु के पुलिस आयुक्त के समक्ष जवाबी शिकायत दर्ज कराते हुए झूठे आरोप लगाने और झूठी शिकायतें दर्ज कराने के लिए कांग्रेस नेता लक्ष्मण पर कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि मुडा मामले में उनकी शिकायत के बाद मुख्यमंत्री ने अप्रत्यक्ष रूप से अपना अपराध स्वीकार कर लिया है और 60 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 14 साइटें वापस कर दी हैं। उन्होंने कहा कि सिद्दारमैया ने साइट इसलिए वापस नहीं की है, क्योंकि मैं एक उपद्रवी व्यक्ति हूं, बल्कि इसलिए कि मैं कानूनी लड़ाई लड़ रहा हूं। अदालत ने माना है कि मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता हूं और यह भी कहा है कि पुलिस अधिकारियों ने नफरत से भरे झूठे मामले दर्ज किए हैं। घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि सिद्दारमैया कथित तौर पर सामाजिक कार्यकर्ता स्नेहमयी कृष्णा के खिलाफ धमकाने की रणनीति का सहारा ले रहे हैं, जो अदालत में लड़ रहे हैं। झूठी शिकायतें दर्ज करने के लिए अपने अनुयायियों को तैनात करके, वह कार्यकर्ता को चुप कराने का प्रयास कर रहे हैं।  

होम्बले फिल्म्स ने जारी किया ‘महावतार नरसिम्हा’ का पोस्टर

मुंबई, होम्बले फिल्म्स ने फ़िल्म ‘महावतार नरसिम्हा’ का पोस्टर रिलीज़ कर दिया है। होम्बले फिल्म्स ने ग्रामीण भारत की कहानी पर आधारित सुपरहिट फिल्म कंतारा पेश की थी। एक ऐसी कहानी जिसने सभी के दिलों को छू लिया। अब, सभी के इंतजार को खत्म करते हुए मेकर्स ने अपने नए मेगा प्रोजेक्ट महावतार नरसिम्हा का मोशन पोस्टर जारी कर दिया है, जो एक एनिमेशन फिल्म होने वाली है। अपने सोशल मीडिया पर होम्बेल फिल्म्स ने एक दिलचस्प मोशन पोस्टर के साथ अपने नेक्स्ट प्रोजेक्ट की घोषणा की है। साथ ही कैप्शन में लिखा है:”जब आस्था को चुनौती दी जाती है, तो वे प्रकट होते हैं।अंधकार और अराजकता से त्रस्त दुनिया में… किंवदंती, अर्ध-मानव, अर्ध-सिंह अवतार-भगवान विष्णु के सबसे शक्तिशाली अवतार के प्रकट होने के साक्षी बनें। अच्छाई और बुराई के बीच महाकाव्य युद्ध का 3डी में अनुभव करें।जल्द ही आपके नज़दीकी सिनेमाघरों में आ रहा है! निर्माता विजय किरागंदूर ने कहा, “महावतार नरसिंह का हिस्सा बनकर हमें बहुत गर्व है। इस एनिमेटेड फिल्म को बहुत दिल, आस्था और मूल्यों के साथ बनाया गया है, जिन पर हम दृढ़ता से विश्वास करते हैं। हमें लगता है कि यह एक महत्वपूर्ण कहानी है जिसे साझा किया जाना चाहिए। हिंदू शास्त्र विशाल हैं और अद्भुत कहानियों से भरे हुए हैं। हम भगवान विष्णु के चौथे अवतार भगवान नरसिंह की कहानी को एनीमेशन के माध्यम से लाने के लिए सम्मानित हैं। ये वो कहानियाँ हैं जो भारत का प्रतिनिधित्व करती हैं, और हमारा मानना है कि हर किसी को इनसे जुड़ने का मौका मिलना चाहिए।”

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