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शादी समारोह में खाना खाने के बाद लोगों उल्टी और दस्त, अस्पताल में भर्ती

बालोद छत्‍तीसगढ़ के बालोद जिले के गुंडरदेही ब्लॉक के ग्राम खुटेरी में एक शादी समारोह में भोजन करना मेहमानों को भारी पड़ गया। शादी समारोह में खाना खाने के बाद मेहमान फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। गांव के 110 से अधिक लोग उल्टी और दस्त की समस्या से पीड़ित हो गए और वे सभी अपना अस्‍पताल में इलाज करा रहे हैं। इतनी बड़ी संख्‍या में लोगों की तबीयत बिगड़ने से गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्थिति को देखते हुए गांव के पंचायत भवन और सामुदायिक भवन में अस्थाई मेडिकल कैंप लगाया है, जहां मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इसके अलावा, कुछ गंभीर मरीजों को गुंडरदेही सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत में सुधार देखा जा रहा है। खाना खाने के बाद बिगड़ी लोगों की तबीयत जानकारी के अनुसार, बीते शनिवार को गांव में एक शादी समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भोजन किया था। इसी के बाद से लोगों में उल्टी और दस्त की शिकायतें शुरू हो गईं। मामले की जांच में जुटे सीएमएचओ का कहना है कि सभी बीमार ग्रामीणों की स्थिति अब बेहतर है और सभी का इलाज किया जा रहा है। शादी समारोह में परोसे गए खाने के सैंपल की जांच स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात के तौर पर पूरे गांव में जागरूकता फैलाने और संभावित कारणों का पता लगाने के लिए टीम को सक्रिय कर दिया है। फिलहाल, शादी समारोह में परोसे गए खाने के सैंपल की जांच की जा रही है ताकि फूड प्वाइजनिंग की असल वजह का पता लगाया जा सके।

मध्यप्रदेश बनेगा देश का लॉजिस्टिक्स हब : उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा

भोपाल उप मुख्यमंत्री एवं योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी मंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने मध्यप्रदेश के समग्र विकास के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में हो रहे कार्यों को अभूतपूर्व बताया है। उन्होंने कहा कि राज्य नीति आयोग द्वारा भी विकास के लिये सतत नवाचार किये जा रहे है। नीति आयोग एक नवीन पहल कर प्रदेश को लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने नीति आयोग को इसके लिये की जा रही वर्कशॉप के लिये बधाई और शुभकामनाएँ दी। सोमवार को नीति आयोग ने आवश्यक रणनीति तैयार करने के लिये एक कार्यशाला की। कार्यशाला का विषय “मध्यप्रदेश को लॉजिस्टिक्स हब: चुनौतियाँ और समाधान” था। कार्यशाला में बताया गया कि मध्यप्रदेश को लॉजिस्टिक्स हब बनाने के लिये एकीकृत रणनीति बनेगी। मल्टी-मॉडल परिवहन के लिए बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ बनाया जाएगा। इंदौर में राज्य का पहला मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, एमएलएलपी स्थापित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग की कार्यशाला में राज्य लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के सामने आने वाली चुनौतियों को समझने, नीति-निर्माण में सुधार के लिए विचार-विमर्श किया गया। इसमें लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को सुदृढ़ बनाने पर भी चर्चा हुई। कार्यशाला में केंद्रीय और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, नीति विशेषज्ञ, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और विभिन्न हितधारकों ने भाग लिया। मध्यप्रदेश देश के मध्य में स्थित होने के कारण लॉजिस्टिक्स के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। हालांकि, राज्य को लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में कुशल इनलैंड कंटेनर डिपो, वेयरहाउसिंग सुविधाओं, मल्टी-मॉडल परिवहन और एमएसएमई की आवश्यकताओं को पूरा करने में कई बाधाओं का सामना करना पड़ता है। इस नीति संवाद का उद्देश्य इन चुनौतियों का समाधान खोजना और आधुनिक, टिकाऊ और किफायती लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम विकसित करना था। मुख्य कार्यपपालक अधिकारी राज्य नीति आयोग श्री ऋषि गर्ग ने कहा कि यह संवाद सरकारी विभागों, हितधारकों और निजी क्षेत्र के लिए विचारों और समस्याओं को साझा करने का एक प्रभावी मंच है। इसके माध्यम से बेहतर नीतियाँ और कार्य योजनाएँ तैयार की जा सकेंगी। श्री संजीव खन्ना मुख्य परिचालन अधिकारी, पतंजलि फूड्स ने कहा कि इस तरह के संवाद और आयोजन उद्योगों और निवेशकों में सकारात्मक दृष्टिकोण उत्पन्न करते हैं। इससे राज्य में कुशल और किफायती लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम विकसित होगा। श्री संजीव पाटिल मुख्य परिचालन अधिकारी नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स ने मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (एमएलएलपी) की अवधारणा पर जोर दिया और बताया कि इंदौर में राज्य का पहला एमएलएलपी स्थापित किया जा रहा है। अन्य पार्क भी पाइपलाइन में हैं। श्री अभिषेक अग्रवाल वरिष्ठ विशेषज्ञ नीति आयोग ने मध्यप्रदेश को लॉजिस्टिक्स हब बनाने के लिए एकीकृत रणनीति और मल्टी-मॉडल परिवहन के लिए बुनियादी ढांचे और सेवाओं के विकास पर ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। श्री राकेश कुमार मीना निदेशक डीपीआईआईटी, भारत सरकार ने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए केंद्र सरकार का उद्देश्य एक तकनीकी रूप से सक्षम, सस्ता, और टिकाऊ लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम तैयार करना है। नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी 2022, पीएम गतिशक्ति और ULIP जैसी डिजिटल पहल इस दिशा में क्रांतिकारी कदम हैं। श्री प्रमोद राजेंद्रन पार्टनरशिप मैनेजर स्मार्ट फ्रेट सेंटर, इंडिया चैप्टर ने ग्रीन लॉजिस्टिक्स और शून्य उत्सर्जन ट्रकों के उपयोग की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। श्री अभ्युदय झा सीनियर मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग ने मध्यप्रदेश में लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत किया। इंडस्ट्री डेलीगेट्स श्री मुकेश पंजवानी, हर्ष एक्सप्रेस श्री संजीव कुमार मुदालियर, सी एशिया से उपस्थित रहे। इन विषयो पर हुई चर्चा कार्यशाला में औद्योगिक परिप्रेक्ष्य: एमएसएमई, परिवहन और वेयरहाउसिंग में सुधार के उपाय, डिजिटल एवं ग्रीन लॉजिस्टिक्स: डिजिटल प्लेटफॉर्म और शून्य उत्सर्जन आधारित समाधान, नीति निर्माण और क्रियान्वयन, सार्वजनिक-निजी भागीदारी को प्रोत्साहन और लॉजिस्टिक्स नीति के निर्माण पर चर्चा हुई। श्रीमती पूर्णिमा शर्मा प्रशासनिक अधिकारी मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग ने धन्यवाद ज्ञापित किया।  

हल्द्वानी: ब‍िजली व‍िभाग ने 24 घरों के क्‍यों काटे कनेक्शन?

हल्द्वानी. बिजली जलाकर बिल नहीं भरने वालों के विरुद्ध ऊर्जा निगम की कार्रवाई रविवार को भी जारी रही। इस दौरान टीम ने हल्द्वानी में 24 बकाएदारों के कनेक्शन काटे, जबकि कैंप के माध्यम से 18 लाख रुपये की रिकवरी भी की। बकाएदारों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए ऊर्जा निगम अब सीधे उनका कनेक्शन काट रहा है। इस दौरान वितरण खंडों में विभिन्न इलाकों में कैंप लगाकर बकाएदारों से वसूली भी की जा रही है।  रविवार को ऊर्जा निगम ने शहरी क्षेत्र के बनभूलपुरा व तीनपानी आदि क्षेत्र में कैंप लगाकर दो लाख रुपये की वसूली की। साथ ही 11 बकाएदारों के कनेक्शन काटे। 20 हजार से ऊपर बकायेदारों के खि‍लाफ कार्रवाई ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता प्रदीप कुमार बिष्ट ने बताया कि वसूली के साथ ही 20 हजार से ऊपर बकाएदारों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। फिर बाद में 10 हजार से ऊपर के बकाएदारों पर कार्रवाई की जाएगी। बताया कि सोमवार को नवाबी रोड स्थित कुल्यालपुरा, गौलापार स्थित लक्ष्मपुर चौराहा, बद्रीपुरा स्थित प्राइमरी स्कूल के पास कैंप लगाया जाएगा, जो भी बकाएदार है वह कैंप में आकर बिजली बिल के रुपये दे सकता है। वहीं ऊर्जा निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता वेगराज सिंह ने बताया कि ग्रामीण वितरण खंड में 13 बकाएदारों के कनेक्शन काटे हैं, जबकि 15.5 लाख की वसूली उपभोक्ताओं से की गई है।

मुठभेड़ में मारे गए पांच नक्सलियों की हुई पहचान, 40 लाख का इनामी भी ढेर

कांकेर छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ के  जंगल में बीते 16 नवंबर को नक्सल-पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान पांच नक्सली मारे गए थे और शव बरामद किए गए थे। अब इन सभी की पहचान हो चुकी है। पुलिस ने मुठभेड़ में मारे गए पांचों नक्सलियों की शिनाख्त की है। इसमें 40 लाख के इनामी नक्सलियों को सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया है। सभी नक्सलियों आठ-आठ लाख का इनाम घोषित था। डीवीसीएम कमांडर वनोचा कराम समेत कंपनी नंबर 10 के नक्सली ढेर हैं। आज साेमवार काे पुलिस मामले का खुलासा करेगी। मारे गए नक्सलियों में- वनोजा मिचा कराम: महिला नक्सली, उम्र 42 साल। भैरमगढ़ बीजापुर की रहने वाली थी। उत्तर दक्षिण डिवीजन प्रेस टीम में डीवीसीएम कमांडर थी। महिला नक्सली पर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था।अपने साथ इंसास रायफल रखती थी। संतोष कोरचामी: पुरुष नक्सली, उम्र लगभग 35 साल,  धनोरा थाना के चिरपोली के शिवगट्टा गांव का रहने वाला था।डिवीजन स्टॉप टीम में पीएम पद पर था। अपने साथ सिंकल शॉट हथियार रखता था और 8 लाख का इनामी था। मनेष ऊर्फ काजू सैनू पद्धा: पुरुष नक्सली, उम्र लगभग 35 साल. गढ़चिरौली जिले के गोंडावाही का निवासी. पीएलजीए कंपनी नंबर 10 में पीएम सदस्य. 12 बोर की बंदूक रखता था। 8 लाख रुपये का इनाम । सुरेश उर्फ नागेश गावड़े: पुरुष नक्सली, उम्र लगभग 30 साल. ये भी गढ़चिरौली महाराष्ट्र के नैनेर गांव का रहने वाला था. उत्तर दक्षिण डिवीजन में पीएम पद पर था। 12 बोर की बंदूक रखता था. 8 लाख रुपये का इनाम। पुनिता: महिला नक्सली, उम्र 21 साल,  बस्तर की रहने वाली थी. पीएम पद पर थी, एसबीएल हथियार अपने साथ रखती थी. 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

वाणिज्यिक हानियों को कम करने के साथ ही राजस्व संग्रहण बढ़ायें : एसीएस ऊर्जा मंडलोई

भोपाल अपर मुख्य सचिव ऊर्जा नीरज मंडलोई ने सोमवार को मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सकल तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों को कम करने के साथ ही राजस्व संग्रहण बढ़ाने के उपायों को अमल में लाते हुए बिजली चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने पर जोर दिया। एसीएस ऊर्जा श्री मंडलोई ने कहा कि प्रदेश में सभी श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं को व्यवधान रहित और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ ही उपभोक्ता सुविधाएं प्रदान करना राज्य शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करें कि अंतिम छोर के विद्युत उपभोक्ता तक पर्याप्त वोल्टेज पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति हो। एसीएस श्री मंडलोई ने कंपनी कार्यक्षेत्र में सभी श्रेणी के विद्युत उपभोक्ताओं को की जा रही विद्युत आपूर्ति की समीक्षा के साथ ही कंपनी अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और जरूरी निर्देश दिये। श्री मंडलोई ने गोविन्दपुरा स्थित कंपनी के डिस्कॉम कंट्रोल सेन्टर का निरीक्षण किया एवं डिस्कॉम कंट्रोल सेन्टर द्वारा विद्युत आपूर्ति की नियंत्रण प्रणाली को देखा। बैठक में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

शराब घोटाले में घिरे त्रिपाठी के खिलाफ CBI करेगी जांच, राज्‍य सरकार ने दी मंजूरी

रायपुर छत्तीसगढ़ में शराब घोटाला मामले की जांच अब केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) करेगी. साय सरकार ने इस मामले में घिरे भारतीय दूर संचार सेवा (आईटीएस) के अफसर अरुण पति त्रिपाठी के खिलाफ सीबीआई जांच को मंजूरी दे दी है. बता दें कि त्रिपाठी भारतीय दूर संचार सेवा के अफसर हैं और छत्‍तीसगढ़ में प्रति‍नियुक्ति पर सेवाएं दे रहे थे. यहां आबकारी विभाग में विशेष सचिव रहने के दौरान उन पर बड़े पैमाने पर भ्रष्‍टाचार करने का आरोप है. त्रिपाठी के खिलाफ ईडी और एसीबी की जांच चल रही है. त्रिपाठी के खिलाफ झारखंड में भी शराब घोटाला का आरोप लगा है. वे अभी जगदलपुर जेल में बंद है. क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है. ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है. दर्ज FIR में 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है. ED ने अपनी जांच में पाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के अवैध सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था. ED की ओर से दर्ज कराई गई FIR की जांच एसीबी कर रही है. जानकारी के अनुसार साल 2019 से 2022 तक सरकारी शराब दुकानों से अवैध शराब डुप्लीकेट होलोग्राम लगाकर बेची गई थी, जिससे शासन को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हुआ है.

नक्सल विरोधी अभियान में तैनात सीआरपीएफ जवानों से सीएम साय करेंगे मुलाकात, बढ़ाएंगे हौसला

रायपुर बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक लेने सीएम विष्णुदेव साय आज बस्तर दौरे पर हैं. इस दौरान सीएम साय बस्तर के सीआरपीएफ कैंप में नक्सल विरोधी अभियान में तैनात सीआरपीएफ जवानों से मुलाकात करेंगे और उनका हौसला बढ़ाएंगे. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज चित्रकोट में बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक शुरू हुई. मुख्यमंत्री साय ने एनएमडीसी के रवैये पर नाराजगी व्यक्त की. मुख्यमंत्री ने सीएसआर मद में प्रेषित प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृत करने प्रबंधन को निर्देश दिए. उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के साथ मिलकर समस्याओं के समाधान के दिए निर्देश दिए.

उत्तराखंड में हाईवे पर रूकी वाहनों की रफ्तार, NH के पास भूस्खलन जारी

अल्मोड़ा. यहां क्वारब की पहाड़ी पर हो रहे भूस्खलन से अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे पर शनिवार दोपहर से यातायात ठप है। इससे मैदानी क्षेत्रों से पहाड़ और पहाड़ से मैदान की ओर जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बंद हो चुके हाईवे को खोलने में प्रशासन और लोनिवि लाचार नजर आ रहे हैं। क्वारब की पहाड़ी से लगातार पत्थर और मलबा गिरने का क्रम जारी है। लगातार दरक रही पहाड़ी के चलते हाइवे पर आए मलबे को साफ करना बहुत जोखिम भरा हो गया है। तीन जिलों का है मुख्य मार्ग अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग यहां अल्मोड़ा समेत बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले का मुख्य मार्ग है। लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग पर नैनीताल और अल्मोड़ा जिले की सीमा पर क्वारब के समीप तीन महीनों से पहाड़ी दरक रही है। जिससे यहां से वाहनों का आवागमन करना खतरे से खाली नहीं है। इधर शनिवार दोपहर को पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर गिर गया। पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरकने से यहां भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर एनएच पर गिर गए। इधर रविवार को भी पहाड़ी से लगातार पत्थर और मलबा गिरता रहा। मलबे और बोल्डर की बौछार के बीच एनएच पर गिरे मलबे को साफ करना विभाग के लिए मुश्किल भरा हो गया है। इधर मलबा नहीं हटने के कारण मार्ग पर शनिवार से ही पूरी तरह यातायात ठप है। इससे यात्रियों को हल्द्वानी पहुंचने के लिए लमगड़ा और रानीखेत मार्ग से अतिरिक्त फेरा लगा कर पहुंचना पड़ रहा है। इस कारण लोगों की जेब पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। वाहन चलाना तो दूर, पैदल चलना भी दूभर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जहां पर पहाड़ी दरक रही है, उस स्थान पर वाहनों का चलना तो दूर पैदल चलना भी दूभर हो गया है। पहाड़ी से गिरते पत्थर वहां खतरा बने हुए हैं। तत्काल ट्रीटमेंट के नाम पर शुरू किया गया है कार्य, खतरा बढ़ा बीते दिनों दरकती पहाड़ी के लिए ट्रीटमेंट कार्य शुरू किया गया, लेकिन यहां अब और खतरा बढ़ गया है। जिस स्थान पर ट्रीटमेंट कार्य किया जा रहा है। उसी के बगल से पूरी पहाड़ी दरकते हुए नीचे खिसक रही है। इस बीच लोडर मशीन के आपरेटर अपनी जान जोखिम में डालकर मलबा हटाने का कार्य कर रहे हैं। पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर गिर रहे हैं। जिससे वहां पर काम करने में मजदूरों को दिक्कत हो रही है। मार्ग पर यातायात सुचारू करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। -जेसी पांडे, एई राष्ट्रीय राजमार्ग।

चित्रकोट में आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक का विरोध कर रहे कांग्रेसी, पुलिस ने थाने में किया नजरबंद

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्थित चित्रकोट में आज बस्तर आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक जारी है. इस दौरान बैठक का विरोध कर रहे कांग्रेसियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. यह सभी कांग्रेस भवन से निकल कर चित्रकोट की तरफ आ रहे थे. इसी बीच अनुपमा चौक के पास पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार हुए कांग्रेसियों में जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य, पूर्व विधायक रेखचंद जैन के साथ कई पार्षद और कार्यकर्ता शामिल हैं. इन सभी को पुलिस ने बोधघाट थाने में नजर बंद कर दिया है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक है. जिसमें साय सरकार बस्तर में शांति, सुरक्षा और समृद्धि लाने विकास कार्यों को लेकर चर्चा कर रही है. इसके लिए सीएम साय स्वीकृत कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं.

नर्सिंग इंस्टीट्यूट के हॉस्टल में घुसा युवक, छात्राओं के साथ बदसलूकी, आरोपी को पकड़ कर किया पुलिस हवाले

कोंडागांव छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में जिला मुख्यालय में जीएनएम (GNM) नर्सिंग इंस्टीट्यूट के हॉस्टल में रविवार रात सुरक्षा व्यवस्था की कमी के चलते एक बड़ा हादसा होते-होते टला. देर रात 12 बजे एक युवक छत से कूदकर छात्राओं के हॉस्टल में घुस आया और छात्राओं के कमरे खटखटाने लगा. आरोपी ने छात्राओं के साथ बदसलूकी और हाथापाई भी की जिससे उन्हे चोट भी आई है. आरोपी ने छात्राओं के निजी कपड़े भी अपनी जेब में रख लिए थे. वहीं इस घटना में छात्राओं ने हिम्मत और दिमाग से काम लिया और आरोपी को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया. फिलहाल पुलिस घटना की जांच में जुटी हुई है. जानकारी के मुताबिक, कोंडागांव जिला मुख्यालय में संचालित हो रहे  जीएनएम (GNM) इंस्टीट्यूट में रविवार रात 12 बजे छत से कूदकर   एक युवक नर्सिग छात्रों के हॉस्टल के अंदर घुस आया और वह छात्राओं के कमरे खटखटाने लगा. इससे छात्राएं गई और जोर-जोर से चिल्लाने लगी. की. इतना ही नहीं आरोपी ने लड़कियों के अंडर गारमेंट इनर अपनी पॉकेट में रख लिए थे. इसके बाद आरोपी युवक ने छात्राओं के साथ बदतमीजी और हाथापाई भी की, जिसके चलते कुछ छात्राओं को चोट भी आई है. लेकिन छात्राओं ने हिम्मत और विवेक से काम लेते हुए पुलिस को तत्काल सूचना दी और  आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया. इस घटना में सबसे अधिक हैरानी की बात है कि आऱोपी ने गिरफ्तारी के वक्त लड़कियों से कहा कि मैं फिर आऊंगा और देख लूंगा… इस घटना के बाद से हॉस्टल की छात्राओं में डर बना हुआ है. वहीं इस घटना की खबर मिलते ही छात्राओं के परिजन भी हॉस्टल पहुंचकर बच्चों की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं. साथ ही नर्सिंग छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं परिजनों का कहना है कि  छात्रावास में 85 से ज्यादा छात्राएं रह रही हैं. लेकिन वहां कोई वार्डन की तैनाती ही नहीं है, जो रात में इन छात्रों का ख्याल रख सके. इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर केवल एक चौकीदार के भरोसे छात्राएं यहां निवासरत हैं. वही कमरों में अंदर से कुण्डी तक नहीं लगती. इससे कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है. हॉस्टल की छात्राओं ने बताया कि वहां किसी भी कमरे के अंदर लगे दरवाजे की कुंडी नहीं लगती. रात में कोई महिला वार्डन भी साथ नहीं रहती. इसकी शिकायत हमने कई बार की है. लेकिन अब तक समाधान कोई समाधान नहीं किया गया. इस हादसे से हम सभी लोग डरे सहने से हैं. हॉस्टल की सुरक्षा बढ़ाई जाने की जरूरत है. वहीं इस पूरे मामले पर थाना प्रभारी सौरभ उपाध्याय ने बताया कि युवक राहुल नेम को गिरफ्तार कर लिया गया है, फिलहाल उससे पूछताछ जारी है. नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर की प्राचार्य अनीता सोनी ने बताया कि यहां पर कल वार्डन भी छुट्टी पर थी और वार्डन को भी यहां अटैच किया गया है. इसके अलावा हमने भी कई बार लिखित शिकायत ऊपर अधिकारियों को दी है.

मुख्यमंत्री ने किया बस्तर हाट की थीम पर आधारित एक्सपीरियंस जोन और स्टाल्स का अवलोकन

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आज बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में शामिल होने चित्रकोट पहुंचने पर बस्तरिया अंदाज में स्वागत हुआ| उनके स्वागत में जनजातीय लोक नर्तक दलों ने आकर्षक प्रस्तुति दी| जनप्रतिनिधियों ने पारंपरिक गौर सिंग मुकुट पहनाकर उनका अभिनन्दन किया| प्रसिद्ध पर्यटन स्थल चित्रकोट में बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक के आयोजन हेतु विशेष तैयारियां की गई थीं| इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर हाट की थीम पर आधारित एक्सपीरियंस जोन एवं विभिन्न विभागीय स्टालों का अवलोकन किया। प्राधिकरण के  बैठक स्थल पर संभाग के सात जिलों बस्तर, कोण्डागांव, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर, सुकमा और बीजापुर की विकास योजनाओं और उपलब्धियों को स्टॉल के जरिए साझा किया गया। इन स्टालों में विकास और नवाचार की विस्तृत झलक दिखी|   ‘बस्तर कॉफी’ के सफर की दिखी झलक बस्तर जिले के स्टाल में ‘बस्तर कॉफी’  की प्रक्रिया और उसके प्रसार को रोचक ढंग से दिखाया  गया है। प्रदर्शनी में कॉफी उत्पादन, ताजा चेरी उत्पादन से लेकर कॉफी की धुलाई, भुनाई, पिसाई और पाउडर पैकेजिंग तक की पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया है। ‘बस्तर कैफे’ की पहल से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया गया है। बस्तर कॉफी ब्रांड को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास भी जारी है। कला और नवाचार का संगम कोण्डागांव जिले ने स्टाल के माध्यम से अपनी पारंपरिक शिल्पकला और आधुनिक विकास परियोजनाओं को सामने रखा है। झिटकू मिटकी आर्टिसन प्रोड्यूसर ने बेल मेटल कला से अयोध्या के श्री राम मंदिर के स्थापत्य को प्रदर्शित किया। इस दौरान जिले में हो रहे पर्यटन विकास, रोजगार के अवसर बढ़ाने गारमेंट फैक्ट्री, एनीमिया मुक्त कोण्डागांव अभियान स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने, ‘मावा कोण्डानार’ मोबाइल ऐप: पारदर्शी प्रशासन और नागरिक सुविधाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जानकारी दी गई। शिक्षा और बाल विकास में नवाचार दंतेवाड़ा जिले ने शिक्षा और बाल कल्याण के क्षेत्र में किए गए नवाचारों को साझा किया। बाल मित्र कार्यक्रम के माध्यम से स्कूल से बाहर और अप्रवेशी बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए पहल शुरू की गई है । बाल मित्र पुस्तकालय एवं पंचायत के जरिए बच्चों को नेतृत्व और निर्णय लेने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह कार्यक्रम शिक्षा के साथ-साथ समग्र विकास के लिए भी अहम साबित हो रहा है। लघु वनोपज से बढ़ती आजीविका कांकेर जिले में लघुवनोपज आधारित परियोजनाओं और उद्यानिकी विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। फ्रेश सीताफल परियोजना स्थानीय किसानों  सहित स्वसहायता समूह की दीदियों के लिए आय का प्रमुख स्रोत बनी है। पोषण और रोजगार, लघु धान के मछली पालन, कड़कनाथ मुर्गी पालन में रोजगार के नए अवसर और आजीविका संवर्धन की जानकारी दी गई है।  महिला सशक्तिकरण का उदाहरण नारायणपुर जिले में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रयास किए गए हैं। स्वसहायता समूहों की दीदियों ने हर्बल गुलाल, मशरूम उत्पादन, कड़कनाथ पालन और बटेर पालन जैसी गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई है। इन गतिविधियों से महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता मिली है।पोषण आहार और एकीकृत कृषि, कृषि में नवीन तकनीकों के समावेश का प्रदर्शन किया गया है। यातायात और आवासीय योजनाओं की प्रगति सुकमा जिले के स्टाल में आधारभूत संरचना और ग्रामीण विकास पर जोर दिया गया है। हक्कुम मेल अंतर्गत यातायात सुविधा को बेहतर बनाने की दिशा में हो रहे कार्य, प्रधानमंत्री आवास योजना,आवासीय परियोजनाओं से सकारात्मक बदलाव,  लखपति दीदी योजना मरईगुड़ा (वन) पंचायत, महिला स्वसहायता समूहों को आर्थिक सशक्तिकरण में हो रहे सकारात्मक परिणामों को प्रदर्शित किया गया। ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के सकारात्मक परिणाम बीजापुर जिले में प्रदेश सरकार द्वारा माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में संचालित ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के माध्यम से समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसमें ग्रामीणों के लिए बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, रोजगार के नए अवसर प्रदान करने के लिए तकनीकी और स्थानीय संसाधनों का उपयोग, जिले के प्राकृतिक सौंदर्य को पर्यटन के माध्यम से दुनिया के पटल पर रखने के प्रयासों की जानकारी दी गई है।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा अधिकारी की संवेदनशीलता, प्रशासन की सफलता का आधार होती

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि अधिकारी की संवेदनशीलता, प्रशासन की सफलता का आधार होती है। संवेदनशील अधिकारी, समाज और राष्ट्र के सच्चें सेवक होते है। वे अपने कार्यों से समाज और राष्ट्र को बहुत कुछ दे सकते है। इसीलिए अपने कार्य व्यवहार में अधिकारियों को संवेदनशीलता के भाव को सदैव सर्वोपरि रखना चाहिए। राज्यपाल पटेल भारतीय पुलिस सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में निदेशक, मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी श्रीमती सोनाली मिश्रा मौजूद थी। राज्यपाल पटेल ने अधिकारियों से कहा कि इस पद तक पहुँचाने में आपके माता-पिता और गुरुजनों की विशेष भूमिका है। समाज के हर व्यक्ति का भी प्रत्यक्ष और परोक्ष योगदान है। उन सबके प्रति कृतज्ञता के भाव को जीवन में हमेशा याद रखे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि आप सभी युवा अधिकारी, विकसित भारत निर्माण के लिए संकल्पित अमृत पीढ़ी के प्रतिनिधि है। विकसित भारत के लिए ऐसी कार्य संस्कृति बनाने की पहल करे, जिसमें जनता कानून लागू करने वालों से नहीं डरे, बल्कि कानून का सम्मान करे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि आम आदमी आई.पी.एस. अधिकारियों को कानून व्यवस्था के संरक्षक और न्याय दिलाने में मदद करने वाले अधिकारी मानते है। उनके विश्वास पर खरा उतरना ही आपके कार्य की सफलता की कसौटी होगी। अपनी शक्तियों का उपयोग, समाज के अंतिम पंक्ति और कमजोर व्यक्ति को सशक्त बनाने में करे। साइबर क्राइम के बदलते स्वरूपों के लिए जागरूकता जरूरी राज्यपाल पटेल ने कहा कि पुलिस बल की संवेदनशील और पेशेवर पहचान बनाने में आपकी मेधा और ज्ञान महत्वपूर्ण है। बिना भय, विलम्ब और पक्षपात के कार्य कर स्वयं के उदाहरण से पुलिस बल को प्रेरित करे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि वर्तमान समय की बड़ी चुनौती, साइबर क्राईम और इसके बदलते स्वरूपों के प्रति जागरूकता और नवाचार बहुत जरुरी है। आमजनों और विशेष कर वंचित वर्गों को नवीनतम साईबर खतरों जैसे- डिजिटल अरेस्ट आदि विषयों के प्रति जागरूक करने के लिए नवाचारों के साथ प्रयास करे। राज्यपाल पटेल का स्वागत, प्रशिक्षु अधिकारी सुउर्वशी ने किया। राज्यपाल पटेल का मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी की निदेशक, श्रीमती मिश्रा ने स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया और स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में वर्ष 2022 और 2023 बैच के मध्यप्रदेश कैडर के कुल 11 प्रशिक्षु अधिकारी शामिल है। आभार प्रदर्शन अकादमी के उपनिदेशक मलय जैन ने माना। कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, राजभवन के अन्य अधिकारी और संबंधित उपस्थित थे।  

मणिपुर में स्कूल-कॉलेज बंद, 5000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात, भेजी जाएंगी CAPF की 50 और कंपनियां

इंफाल  भारत का उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर एक बार फिर हिंसा की आग में सुलग रहा है। केंद्र ने पूर्वोत्तर राज्य में सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति के मद्देनजर 5,000 से ज्यादा कर्मियों वाली सीएपीएफ की 50 कंपनियां भेजने का फैसला किया है। इनमें से 35 यूनिट केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) से और बाकी बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) से होंगी। सीआरपीएफ के डायरेक्टर जनरल ए.डी. सिंह और अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के वरिष्ठ अधिकारी भी राज्य में मौजूद हैं। इसी बीच, मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह ने सोमवार को 6 बजे एनडीए के मंत्रियों और विधायकों की एक मीटिंग बुलाई है। अधिकारियों ने कहा कि यह मीटिंग इसलिए बुलाई गई है ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की जा सके। यह पूरा का पूरा घटनाक्रम ऐसे टाइम में हो रहा है जब एनपीपी के सात विधायकों ने बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। एनपीपी ने दावा किया कि राज्य की बीरेन सिंह सरकार पूर्वोत्तर राज्य में समस्या को हल करने में पूरी तरह से नाकामयाब साबित हुई है। एनपीपी के बीजपी से समर्थन वापस लेने से भी बीजेपी पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। बीजेपी के पास अपने 32 विधायकों के साथ बहुमत हासिल है। एन बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार को नगा पीपुल्स फ्रंट के पांच विधायकों और जेडीयू के छह विधायकों का भी समर्थन हासिल है। इस बीच, मुख्यमंत्री के सचिव निंगथौजम ज्योफ्रे ने मणिपुर अखंडता पर समन्वय समिति को लिखे पत्र में इंफाल घाटी में शक्तिशाली निकाय से आग्रह किया कि वह इस जरूरी मोड़ पर किसी भी तरह के हिंसक आंदोलन से बचे। COCOMI ने सरकारी ऑफिस बंद रखने का किया था आह्वान COCOMI ने पहले कहा था कि कुकी-हमार उग्रवादियों द्वारा हमलों और हत्याओं से लोगों की जिंदगी और संपत्तियों की सुरक्षा करने में केंद्र विफल रहा है और इसके विरोध में सभी सरकारी ऑफिस को बंद रखेंगे। इस बीच, पुलिस ने कहा कि जिरीबाम जिले में संपत्ति को नुकसान पहुंचा रही भीड़ और सुरक्षा बलों के बीच झड़प के दौरान गोलीबारी में एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई। पुलिस ने पुष्टि की कि गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई, लेकिन कहा कि यह तुरंत साफ नहीं है कि किसने गोली चलाई, जबकि चश्मदीदों ने दावा किया कि गोलीबारी सुरक्षा बलों की दिशा से हुई थी। यह घटना रविवार देर रात हुई जब उग्रवादियों द्वारा अगवा की गई महिलाओं और बच्चों की हत्या के विरोध में आंदोलनकारी जिरीबाम पुलिस स्टेशन क्षेत्र के बाबूपारा में संपत्तियों को नुकसान पहुंचा रहे थे। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि गोलीबारी में एक शख्स की मौत हो गई है। यह तुरंत साफ नहीं है कि किसने गोली चलाई। उन्होंने कहा कि मरने वाले की पहचान के अथौबा के तौर पर हुई है। यह करीब 20 साल का था। कांग्रेस और बीजेपी के ऑफिस और जिरीबाम के निर्दलीय विधायक के घर में प्रदर्शनकारियों के एक ग्रुप ने तोड़फोड़ की। अधिकारियों ने कहा कि वह संपत्तियों से फर्नीचर, कागज और अन्य चीजें बाहर ले आए और इमारत के सामने उनमें आग लगा दी। पांच लोगों के शवों का हुआ पोस्टमार्टम समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, एक सूत्र ने कहा कि असम के सिलचर कस्बे में एक सरकारी अस्पताल में जिरीबाम जिले से लापता हुए पांच लोगों के शवों का पोस्टमार्टम पूरा हो गया है। 11 नवंबर को सुरक्षा बलों और कुकी-जो उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ के बाद जिरीबाम से लापता हुए छह लोगों में से पांच के शव पिछले कुछ दिनों में असम के कछार में जिरी नदी और बराक नदी में पाए गए और उन्हें सिलचर मेडिकल कॉलेज लाया गया। इतना ही नहीं एक सूत्र ने पीटीआई को बताया कि एसएमसीएच में सभी पांच शवों का पोस्टमार्टम किया गया है। संबंधित डॉक्टर रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में हैं। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी मणिपुर प्रदेश एससी मोर्चा के उपाध्यक्ष के ऋषिकांत ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया है। 15 नवंबर को बीजेपी के जिरीबाम मंडल के पदाधिकारियों और कार्यकारी सदस्यों ने भी जिरीबाम और पूरे मणिपुर में की अशांति का हवाला देते हुए राज्य अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। क्या है मणिपुर विधानसभा की तस्वीर 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा में भाजपा के पास 37 सीटें हैं। एनपीपी, जिसके सात विधायक हैं, ने पहले बीरेन सिंह सरकार को बाहरी समर्थन दिया था क्योंकि वह एनडीए का हिस्सा है। गौरतलब है कि एनपीपी के समर्थन वापस लेने से एन बीरेन सिंह सरकार को फिलहाल कोई खतरा नहीं है।   इंफाल में स्कूल-कॉलेज बंद   इंफाल पश्चिम और इंफाल पूर्व में कर्फ्यू लगाए जाने के बीच, मणिपुर सरकार ने कई जिलों में राज्य विश्वविद्यालयों सहित संस्थानों, कॉलेजों को बंद करने की घोषणा की । इंफाल में सभी स्कूल, कॉलेज 19 नवंबर तक बंद रहेंगे। 

राज्यपाल का यूनिट साइटेशन पुरस्कार सेना की 97 फील्ड रेजिमेंट को मिला

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मध्यप्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव के वीरतापूर्ण साहसी प्रयासों के लिए सेना की 97 फील्ड रेजिमेंट को यूनिट साइटेशन पुरस्कार प्रदान किया। राज्यपाल पटेल ने राजभवन में आयोजित गरिमामय समारोह में “सेवा परमो धर्म” के आदर्श वाक्य के प्रति सेना की प्रतिबद्धता को स्थापित करने में 97 फील्ड रेजिमेंट के योगदान की सराहना की। इकाई के कमान अधिकारी कर्नल देवमाल्या मुखर्जी और सूबेदार मेजर देवेन्द्र कुमार को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने 97 फील्ड रेजिमेंट की यूनिट के दतिया और ग्वालियर जिलों में बाढ़ राहत और बचाव कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए “राज्यपाल का प्रशस्ति पत्र” प्रदान किया है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के दतिया और ग्वालियर जिलों में बाढ़ राहत कार्यों में 97 फील्ड रेजीमेन्ट ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। रेजिमेंट ने नदी की तेज़ धाराओं को पार करते हुए साहसिक रात्रि ऑपरेशन किए। काली सिंध, पार्वती और नौन नदियों में डूबे घरों में फंसे नागरिकों को बचाने के लिए अभियान चलाया। इस दौरान 70 से अधिक नागरिकों को सुरक्षित रूप से बचाया। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित 100 नागरिकों को स्थानांतरित किया। बचाव दल ने तीन दिनों की अवधि के दौरान, संसाधनों के कुशल आवंटन और अथक कार्यों से नुन्हारी, इंदरगढ़ और पवाया गांवों के ग्रामीणों को बचाने में सफलता प्राप्त की। इसी तरह झील के टूटने और पानी के उफान पर होने के बावजूद,  संकट ग्रस्त दतिया की अमन कॉलोनी के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। सेना की 97 फील्ड रेजिमेंट यूनिट के जवानों ने लोगों की जान बचाने के साथ ही आपदा से तबाह हुए लोगों में उम्मीद की किरण भी जगाई। यूनिट की सफलता ने आपदा राहत कार्यों में सेना की महत्वपूर्ण भूमिका की एक शक्तिशाली मिसाल बनाई है।  

कृषि कार्यक्रम में बोले सीएम योगी बोले – किसानों को खेती के लिए नई तकनीकें अपनानी चाहिए

लखनऊ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  कहा कि किसानों को प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए नई तकनीकों को अपनाना चाहिए. लखनऊ में आयोजित कृषि भारत 2024 कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि,’हमारा ध्यान उन्नत प्रौद्योगिकी के साथ कृषि क्षेत्र को आगे बढ़ाने पर होना चाहिए. देश में कई कृषि-जलवायु क्षेत्रों को देखते हुए, प्रत्येक राज्य अलग अनुभव लाता है. हम एक दूसरे से बहुत कुछ सीख सकते हैं.’ एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक योगी सरकार ने चार दिवसीय कृषि और तकनीकी कार्यक्रम में किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती को बिजनेस के साथ इंटीग्रेट करने और आधुनिक तकनीक को नियोजित करने के महत्व पर प्रकाश डाला गया. बिना कोल्ड स्टोरेज के 6 महीने तक सुरक्षित रहेंगे खाद्यान्न  कृषि भारत 2024 कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने गामा रेडिशन प्लांट के बारे में जानकारी ली.उन्होंने जाना कि कैसे खाद्यान्न और फल बिना किसी कोल्ड स्टोरेज के 6 महीने से अधिक समय तक सुरक्षित रहेंगे. कृषि मंत्री ने बताया कि पीओसीटी ग्रुप ने यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 में किये गये 500 करोड़ के एमओयू के आधार पर प्रथम चरण में 200 करोड़ का निवेश करते हुए लखनऊ में गामा रेडियेशन प्लान्ट की स्थापना की है. जल्दी ही इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे.   कैमिकल फर्टिलाइजर पर डिपेंडेंसी को कम करने का सुझाव मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि राज्य में भारत की आबादी का 17 प्रतिशत (25 करोड़) और देश की खेती योग्य भूमि का केवल 11 प्रतिशत हिस्सा है, लेकिन यह कुल कृषि उत्पादन में 20 प्रतिशत का योगदान देता है.उन्होंने कहा, यह उपलब्धि राज्य के प्रचुर जल संसाधनों और उपजाऊ भूमि को दर्शाती है और इसका उपयोग प्रोडक्शन को तीन से चार गुना बढ़ाने के लिए किया जा सकता है. योगी ने कृषि लागत कैमिकल फर्टिलाइजर पर डिपेंडेंसी को कम करने और उन्हें प्राकृतिक संसाधनों से रिप्लेस करनी की आवश्यकता पर भी जोर दिया. कार्यक्रम से पहले, सीएम ने नीदरलैंड के कृषि उप मंत्री जान-कीस गोएट और भारत में राजदूत मारिसा जेरार्ड्स के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और देश के साथ दो समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए. एक-एक समझौता सरकार-से-सरकार और व्यवसाय-से-व्यवसाय सहयोग का था. बयान में कहा गया है कि इस आयोजन के लिए सीआईआई के साथ साझेदारी करते हुए, नीदरलैंड एक आधिकारिक भागीदार देश है, जबकि कृषि विशेषज्ञों और हितधारकों के साथ ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, युगांडा, स्पेन और यूके जैसे देश भी भाग ले रहे हैं. इधर, गोएट ने कहा, ‘भारत का कृषि क्षेत्र उपलब्धियों और अपार संभावनाओं से भरा है, जिसमें भाग लेना हमारे लिए गर्व की बात है. दुनिया भर में जलवायु परिवर्तन सहित कई चुनौतियां हैं जिनके समाधान की आवश्यकता है. हम अपनी विशेषज्ञता  भी साझा कर रहे हैं और भारत के अनुभव से बहुत कुछ सीख रहे हैं.’ सीआईआई अध्यक्ष और आईटीसी लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक संजीव पुरी ने यूपी को कृषि का पावरहाउस बताया. उन्होंने कहा,’सीएम योगी ने कृषि को एक नई दिशा दिखाई है. भारत के कृषि क्षेत्र में काफी प्रगति हुई है… भारत आज 250 मिलियन टन से बढ़कर 330 मिलियन टन का उत्पादन कर रहा है, लेकिन अभी भी विकास की अधिक संभावनाएं हैं.’

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