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परिवहन विभाग जारी कर रहा है ऑनलाइन प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र, पिछले 6 महीनों में एक लाख से अधिक वाहनों की हुई जांच

भोपाल प्रदेश में वाहनों से उत्सर्जित होने वाली हानिकारक गैसों पर नियंत्रण के लिये परिवहन विभाग ने वाहन प्रदूषण जांच केन्द्रों की व्यवस्था की है। विभाग ने प्रदेश में संचालित 288 जांच केन्द्रों को एनआईसी के पीयूसीसी पोर्टल के साथ इंटीग्रेट किया है। इस व्यवस्था से पारदर्शी तरीके से वाहनों के उत्सर्जन मानकों की जांच की जाकर वाहन मालिकों को ऑनलाइन प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र जारी किये जा रहे हैं। परिवहन विभाग की इस व्यवस्था से ऑनलाइन पीयूसीसी जारी होने से डाटा, वाहन पोर्टल पर सीधे प्रदर्शित होने लगा है। इस व्यवस्था से वाहन मालिकों को सुविधा मिली है। चेकिंग अधिकारी द्वारा प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र की मांग किये जाने पर वाहन मालिकों द्वारा प्रमाण-पत्र ऑनलाइन दिखाए जा रहे हैं। इस वर्ष एक मई 2024 से 31 अक्टूबर 2024 तक 6 महीनों में एक लाख 8 हजार से अधिक वाहनों की जांच की गई है। इसमें 3 हजार 789 वाहन प्रदूषण के मामले में दोषी पाये गये हैं। मोटरयान अधिनियम में शासकीय एवं व्यवसायिक वाहन सहित प्रत्येक वाहन को प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र प्राप्त करना आवश्यक है। प्रदेश में परिवहन एवं यातायात पुलिस के सक्षम अधिकारियों द्वारा इसकी नियमित रूप से जांच की जा रही है। रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रेपिंग फेसिलिटी परिवहन विभाग ने पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से समस्त सरकारी वाहनों को 15 वर्ष के बाद रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रेपिंग फेसिलिटी (आरव्हीएसएफ) के माध्यम से स्क्रेप कराया जाना अनिवार्य किया है। परिवहन विभाग द्वारा आरव्हीएसएफ के माध्यम से नागरिकों द्वारा अपने निजी वाहन स्क्रेप किये जाने पर और उसके बाद नवीन वाहन क्रय करने पर 15 प्रतिशत और गैर परिवहन वाहन के लिये 25 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है। प्रदेश में भोपाल जिले में 3, इंदौर और ग्वालियर जिले में 1-1 कुल 5 रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रेपिंग फेसिलिटी केन्द्र काम कर रहे हैं।  

मानवता के कल्याण के लिए शिक्षा अहम: उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मानवता के कल्याण के लिए शिक्षा अहम है। उपयुक्त, संस्कारयुक्त शिक्षा और समुचित उपचार की सुविधा, विकास को सार्थक बनाती है। विश्व के कल्याण के लिए सभी को एकजुट होकर सशक्त प्रयास करने होंगे। इस प्रयास में शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के गौरवशाली नेतृत्व में भारत “वसुधैव कुटुंबकम्” की अवधारणा से कार्य कर रहा है। सभी सुखी हों, सभी निरोगी हों, सभी का कल्याण हो इसी मूलमंत्र से प्रयास ज़ारी हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल एसोसिएशन ऑफ़ यूनिवर्सिटीज एशिया एंड पैसिफिक (AUAP) के 17 वें सामान्य सभा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने रोजगारपरक शिक्षा पर ज़ोर दिया है। शैक्षणिक सामग्री और विभिन्न पाठ्यक्रम में वैश्विक आवश्यकतानुसार योग्यताओं को शामिल करने पर कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत आज सबसे तेज गति से बढ़ती अर्थव्यवस्था है, वर्ष 2047 तक भारत शीर्ष में होगा। इस कार्य के लिए सभी का प्रयास ज़रूरी है, सही शिक्षा, सही कुशलता ज़रूरी है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि चिकित्सा सेवाओं को सशक्त करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा 75 हज़ार एमबीबीएस सीटों की वृद्धि की जाने की घोषणा की गयी है। मध्यप्रदेश में वर्तमान में शासकीय एवं निजी चिकित्सा शिक्षा संस्थानों में 5 हज़ार एमबीबीएस सीट और 2250 पीजी सीट हैं। इन्हें आगामी 5 वर्षों में 8 हज़ार एमबीबीएस सीट और 5000 पीजी सीट तक ले जाने का लक्ष्य है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने एसोसिएशन ऑफ़ यूनिवर्सिटीज एशिया एंड पैसिफिक (AUAP) के सफल आयोजन के लिए वाईस प्रेसिडेंट AUAP श्री हरिमोहन गुप्त और आयोजकों को शुभकामनाएँ दीं। उल्लेखनीय है कि एयूएपी का पहली बार सम्मेलन भारत में आयोजित हुआ है। सम्मेलन में 35 देशों के विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

आरटीडीसी ने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के निर्देशों के बाद सोमवार को यह आदेश जारी किया

जयपुर राजस्थान सरकार ने अजमेर में राज्य पर्यटन निगम के प्रसिद्ध होटल खदीम का नाम बदलकर ‘अजयमेरू’ रख दिया है। एक आधिकारिक आदेश में यह जानकारी देते हुए बताया गया कि शहर की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के उद्देश्य से यह बदलाव किया गया। राजस्थान पर्यटन विकास निगम (आरटीडीसी) ने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के निर्देशों के बाद सोमवार को यह आदेश जारी किया। अजमेर के रहने वाले वासुदेव देवनानी अजमेर उत्तर सीट से विधायक हैं। अजमेर को ऐतिहासिक रूप से ‘अजयमेरू’ नाम से जाना जाता था और प्राचीन भारतीय शास्त्रों और ऐतिहासिक ग्रंथों में इस नाम का इस्तेमाल किया गया है। अजमेर सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के लिए प्रसिद्ध है और ‘खादिम’ नाम इसी से जुड़ा है। दरगाह के मौलवियों को ‘खादिम’ कहा जाता है। अधिकारियों ने बताया कि देवनानी ने इससे पहले आरटीडीसी को जिला कलेक्ट्रेट के सामने स्थित होटल का नाम बदलने का निर्देश दिया था। उन्होंने कहा कि होटल का नाम अजमेर के समृद्ध सांस्कृतिक इतिहास, विरासत और पहचान को प्रतिबिंबित करना चाहिए। यह होटल पर्यटकों, अधिकारियों और स्थानीय लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय है। अधिकारियों के अनुसार, देवनानी ने अजमेर स्थित किंग एडवर्ड मेमोरियल का नाम बदलकर हिंदू दार्शनिक स्वामी दयानंद सरस्वती के नाम पर रखने का भी सुझाव दिया है। आरटीडीसी की एमडी सुषमा अरोड़ा ने निगम के निदेशक मंडल की बैठक करने के बाद होटल खादिम का नाम बदलकर ‘अजयमेरु’ रखने का आदेश दिया था। ‘अजयमेरु’ नाम का संबंध 7वीं शताब्दी से है, जब महाराजा अजयराज चौहान ने इस शहर की स्थापना की थी। इतिहासकारों के अनुसार, इस नाम का इस्तेमाल प्राचीन ऐतिहासिक अभिलेखों और भौगोलिक संदर्भों में भी किया गया है।  

दूध का अधिक संग्रहण करें और किसानों को अधिक लाभ दें: मंत्री श्री पटेल

भोपाल पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल ने कहा है कि सांची दुग्ध संघ दुग्ध उत्पादक किसानों से अधिक से अधिक मात्रा में दूध का संग्रहण करें और उन्हें अधिक से अधिक लाभ दे। सांची के उत्पादों का विक्रय राज्य से बाहर भी किया जाए। सांची के सभी उत्पाद सभी दुग्ध संघों में उपलब्ध रहें और आवश्यकता अनुसार एक दूसरे संघ को विक्रय के लिए भिजवाए जाएं। मंत्री श्री पटेल ने आज मंत्रालय में सांची दुग्ध संघ के कार्यों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में प्रमुख सचिव पशुपालन श्री उमाकांत उमराव, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, बुंदेलखंड, जबलपुर और ग्वालियर दुग्ध संघ के अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि सांची के उत्पाद अच्छी गुणवत्ता और वाजिब दामों पर ग्राहकों को उपलब्ध होते हैं। इनकी मार्केटिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए। सभी जिलों में कलेक्टर कार्यालय और अस्पतालों में सांची पार्लर बनाए जाए। महिला स्व-सहायता समूह को भी सांची के उत्पाद विक्रय से जोड़ा जाए। लाभ की राशि सीधे किसानों के खातों में अंतरित की जाए। प्रमुख सचिव श्री उमाकांत उमराव ने बताया कि सभी जिला मुख्यालय पर सांची एक्सक्लूसिव आउटलेट बनाए जा रहे हैं, जिन पर सांची के सभी उत्पाद उपलब्ध रहेंगे। दुग्ध संघ के गेट पार्लर को भी सांची एक्सक्लूसिव पार्लर के रूप में विकसित किया जा रहा है। सांची दुग्ध संघ अब अन्य उत्पादों के साथ कुकीज, आइसक्रीम, सांची नीर, साबूदाना खीर, नमकीन और फ्रोजन मटर भी उपलब्ध कराएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि सांची उत्पादों की बिक्री के लिए अभियान चलाकर कार्य किया जाए। ऑफेंसिव मार्केटिंग तकनीक का उपयोग किया जाए। विभाग आगामी 1 वर्ष के लिए कार्य-योजना बनाकर तदनुसार कार्रवाई करे। सांची नीर की बिक्री पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। भोपाल दुग्ध संघ के सीईओ श्री आर.पी. तिवारी ने बताया कि भोपाल दुग्ध संघ द्वारा हाल ही में लॉन्च किए गए सांची नारियल पानी का भी अच्छा विक्रय हो रहा है। दुग्ध संघ द्वारा ब्रेड, चिप्स नमकीन, इत्यादि निर्मित करवाने हेतु निविदा जारी की गई है। जबलपुर दुग्ध संघ फ्रोजन मटर बाजार में लाने की तैयारी कर रहा है। कोदो-कुटकी के बिस्किट भी तैयार किए जा रहे हैं। इंदौर दुग्ध संघ के कुकीज की अच्छी बिक्री है। टेट्रा पैक में दुग्ध प्रदाय के लिए निजी भागीदारी से संयंत्र स्थापना के संबंध में भी कार्रवाई की जा रही है। बैठक में बताया गया कि चालू वित्त वर्ष में अक्टूबर माह तक सभी दुग्ध संघ द्वारा 10 लाख 54 हजार 460 किलोग्राम प्रतिदिन दुग्ध संकलन के लक्ष्य के विरुद्ध 08 लाख 21 हजार 126 किलोग्राम प्रतिदिन दुग्ध का संकलन किया गया। दीपावली त्यौहार के अवसर पर दुग्ध संघ द्वारा 1 लाख 14 हजार किलो सांची मिठाइयों का विक्रय किया गया। इंदौर, उज्जैन, बुंदेलखंड और जबलपुर दुग्ध संघ द्वारा इस वर्ष अभी तक 96 हजार 179 लीटर प्रति दिन औसत बल्क दूध का विक्रय किया गया।  

सहायक प्रोग्रामरों का कम्प्यूटर प्रशिक्षण शुरू, 22 नवम्बर तक चलेगा प्रशिक्षण

भोपाल विभागीय प्रोग्रामर एवं सहायक प्रोग्रा मरों का बेसिक कंप्यूटर आपरेशन्स के अंतर्गत एम. एस. ऑफिस 2021 प्रोफेशनल’ विषय पर क्रिस्प संस्था श्यामला हिल्स भोपाल में प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। यह 18 नवम्बर को प्रारंभ हो गया है। आयुक्त आर्थिक एवं सांख्यिकी ने बताया है कि विभाग के सभी स्तर के अधिकारी एवं कर्मचारियों को क्रिस्प सस्थान में संवर्ग अनुसार अलग अलग बैचों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण आगामी 22 नवम्बर तक चलेगा। विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों के लिये यह प्रशिक्षण अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।  

पीएम सूर्य घर योजना में मिलेगी मुफ्त बिजली : ऊर्जा मंत्री श्री तोमर

भोपाल   ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि केंद्र सरकार द्वारा लोगों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएम सूर्य घर योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना में एक किलोवाट का सोलर संयंत्र लगाने पर 30 हजार रूपये, दो किलोवाट का सोलर संयंत्र लगाने पर 60 हजार रुपए तथा तीन किलोवाट या उससे ऊपर 10 किलोवॉट तक के सोलर संयंत्र स्थापना पर 78 हजार रुपए की सब्सिडी केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही है। इसके लिए देशभर के उपभोक्ताओं को इस योजना में शामिल करके पीएम सूर्य घर योजना से जोड़ने का लक्ष्य केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया गया है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा अपने क्षेत्रान्तर्गत पीएम सूर्य घर योजना के शुभारंभ दिवस 13 फरवरी 2024 से अब तक 6 हजार 377 से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ा गया है। आवेदन के लिए पीएम सूर्य घर योजना की वेबसाइट https://www.pmsuryaghar.gov.in पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा अधिक जानकारी के लिए कंपनी की वेबसाइट www.portal.mpcz.in अथवा उपाय एप, वॉट्सएप चेटबॉट व टोल फ्री नं, 1912 पर भी संपर्क किया जा सकता है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में ऑनलाइन आवेदन करने का तरीका पोर्टल pmsuryaghar.gov.in पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन /पंजीयन करें। राज्‍य का चुनाव करके विद्युत वितरण कंपनी चुनें। फिर उपभोक्ता क्रमांक दर्ज करें। इसके बाद अपना मोबाइल नंबर और मेल आईडी डालें। उपभोक्ता नंबर और मोबाइल नंबर से लॉगिन कर रूफटाप सोलर के लिए आवेदन करें। अनुमोदन अर्थात अप्रूवल के लिए थोड़ा इंतजार करें। बिजली वितरण कंपनी में पंजीकृत वेंडर से ही सौर संयंत्र लगवाएं। एक बार इंस्टॉलेशन पूरा हो जाने पर प्लांट का विवरण जमा करें। नेट मीटर की स्थापना और डिस्काम द्वारा निरीक्षण के बाद पोर्टल से प्रमाण पत्र दिया जाएगा। कमीशनिंग रिपोर्ट प्राप्त कर आप अपना बैंक खाता विवरण तथा एक निरस्‍त चेक पोर्टल के माध्यम से जमा करें। तत्पश्चात 45 दिनों में आपको केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित सब्सिडी प्राप्त हो जाएगी।  

20 ट्रेनें रहेगी निरस्त, बिलासपुर रेल मंडल के नौराजाबाद स्टेशन में तीसरी लाइन जोडऩे का कार्य होगा

बिलासपुर बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस एवं जबलपुर-अंबिकापुर इंटरसिटी सहित 20 ट्रेनें 21 नवंबर से 30 नवंबर के मध्य निरस्त की गई है। इस दौरान बिलासपुर रेल मंडल के नौराजाबाद स्टेशन में तीसरे रेल लाइन जोडऩे का कार्य होगा। इस दौरान बिलासपुर-शहडोल-कटनी होकर चलने वाली बरौनी-गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस (15231/32) परिवर्तित मार्ग से संचालित होगी। 23 से 29 नवंबर के मध्य ट्रेन को गोंदिया-नैनपुर-जबलपुर-कटनी होकर चलाया जाएगा। विवाह कार्यक्रमों के लिए कई यात्रियों ने पहले से सीट आरक्षित कराया था। वैवाहिक तिथियों के दौरान ही ट्रेनों का परिचालन निरस्त होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। रेलवे की ओर से अचानक ट्रेन निरस्त किए जाने से यात्रियों को झटका लगा है। पश्चिम मध्य रेल की ओर से यात्रियों को असुविधा से बचने के लिए रेलवे पूछताछ सेवा एनटीईएस /139 रेल मदद से ट्रेनों के परिचालन की स्थिति की जानकारी लेकर यात्रा आरंभ करने का परामर्श जारी किया गया है। पश्चिम मध्य रेल की यह गाडिय़ां निरस्त…    23 नवंबर से दो दिसंबर – 18235 भोपाल-बिलासपुर एक्सप्रेस। 21 से 30 नवंबर – 18236 बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस 23 से 30 नवंबर – 11265 जबलपुर-अंबिकापुर एक्सप्रेस 24 नवंबर से एक दिसंबर – 11266 अंबिकापुर-जबलपुर एक्सप्रेस 22 से 30 नंवबर – 18247 बिलासपुर-रीवा एक्सप्रेस 23 नवंबर से एक दिसंबर – 18248 रीवा-बिलासपुर एक्सप्रेस 25, 27 एवं 29 नवंबर – 11751 रीवा-चिरमिरी एक्सप्रेस 26, 28 एवं 30 नवंबर -11752 चिरमिरी-रीवा एक्सप्रेस 23 से 30 नवंबर – 06617 कटनी-चिरमिरी एक्सप्रेस 24 नवंबर से एक दिसंबर – 06618 चिरमिरी-कटनी एक्सप्रेस इन ट्रेनों का परिचालन भी रहेगा प्रभावित… 23 नवंबर से एक दिसंबर – 18233 इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस 22 से 30 नवंबर – 18234 बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस 25 एवं 28 नवंबर – 12535 लखनऊ-रायपुर गरीबरथ एक्सप्रेस 26 एवं 29 नवंबर – 12536 रायपुर-लखनऊ गरीबरथ एक्सप्रेस 26 एवं 29 नवंबर – 22867 दुर्ग-नजमुद्दीन एक्सप्रेस 27 एवं 30 नवंबर – 22868 निजामुद्दीन-दुर्ग एक्सप्रेस 24 एवं 26 नवंबर – 18203 दुर्ग-कानपूर एक्सप्रेस 25 एवं 27 नवंबर – 18204 कानपूर-दुर्ग एक्सप्रेस 24 नवंबर – 18213 दुर्ग-अजमेर एक्सप्रेस 25 नवंबर – 18214 अजमेर-दुर्ग एक्सप्रेस

महंत ने राज्यपाल को पत्र लिखा कर सत्रावधि 18 दिसंबर के पश्चात किए जाने का अनुरोध

रायपुर  छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने राज्यपाल रमेन डेका को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि छत्तीसगढ़ की छटवीं विधानसभा का चतुर्थ सत्र 16 दिसंबर से 20  दिसंबर 2024 तक आहुत किया गया है, सत्रावधि के मध्य में 18 दिसंबर 2024 को बाबा गुरूघासीदास की जयंती है, यद्यपि इस तिथि को अवकाश है, किंतु गुरु घासीदास की जयंती के व्यापक कार्यक्रमों की दृष्टि से प्रदेश के अधिकतर विधानसभा सदस्यों को अपने-अपने क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रमों में उपस्थित होने में असुविधा होगी जिसके कारण सत्रावधि की तिथी में संशोधन कर 18 दिसंबर के पश्चात किए जाने का अनुरोध है। डॉ. महंत ने राज्यपाल महोदय से विधानसभा सत्रावधि की तिथी में संसोधन करने पर विचार करने की बात कही है।

वन विहार में पक्षी अवलोकन एवं नेचर कैम्प शुरू

भोपाल मध्यप्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड के सहयोग से वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में पक्षी अवलोकन एवं नेचर कैम्प का आयोजन किया गया। नेचर कैम्प में छात्र-छात्राओं में वन, वन्य-प्राणियों एवं पर्यावरण के प्रति जागरूकता तथा प्रकृति संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने की दृष्टि से भोपाल शहर एवं उसके आसपास के ग्रामों के शासकीय विद्यालयों के लिये कैम्प आयोजित किया गया। कैम्प में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालक, स्टेशन भोपाल के 41 छात्रों एवं 3 शिक्षकों ने भाग लिया। कैम्प में सम्मिलित प्रतिभागी छात्रों के साथ वन्य-प्राणी संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण एवं वनों की रक्षा के संबंध में विचार साझा कर जागरूकता की समझाईश दी गयी। कैम्प में विषय-विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को पक्षी दर्शन, तितली, वन्य-प्राणी और विद्यमान वानिकी गतिविधियों की जानकारी दी गयी। साथ ही वन, वन्य-प्राणी और पर्यावरण से संबंधित रोचक गतिविधियाँ करायी गयीं और उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया गया। इसके अलावा बाघ, तेंदुआ, भालू, मगर, घड़ियाल, चीतल, सांभर, नीलगाय वन्य-प्राणियों का अवलोकन भी कराया गया। कॉर्पोरेट, जकाना, कूट, ओपन बिल, स्टॉर्क, वुलीनेक स्टॉर्क, किंगफिशर जैसे पक्षी एवं नीडम क्षेत्र में कृत्रिम घोंसले और पक्षियों के पुतले भी दिखाये गये। मिशन लाइफ अंतर्गत पर्यावरण को बचाने के लिये प्रतिभागियों द्वारा शपथ भी ली गयी। प्रतिभागी छात्रों को विहार वीथिका स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में वन्य-प्राणियों से संबंधित एनिमेशन फिल्म भी दिखायी गयी। कार्यक्रम में स्रोत व्यक्ति के रूप में डॉ. एस.आर. वाघमारे, सेवानिवृत्त उप वन संरक्षक, श्री विजय नंदवंशी, सहायक संचालक वन विहार श्री एस.के. सिन्हा और इकाई प्रभारी पर्यटन श्री रविकांत जैन उपस्थित रहे।  

साबर डेयरी के पशु आहार संयंत्र और पुलिस विज्ञान कांग्रेस का अमित शाह करेंगे उद्घाटन

गांधीनगर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने गुजरात दौरे के दौरान कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और करोड़ों रुपयों की सौगात प्रदेश को देंगे। मंगलवार को अमित शाह गांधीनगर में महात्मा मंदिर में एक डाक टिकट प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। उसके बाद गांधीनगर में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में 50वें अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान सम्मेलन में भाग लेंगे। इस सम्मेलन में पुलिसिंग और सार्वजनिक सुरक्षा में प्रगति पर चर्चा की जाएगी। उसके बाद अमित शाह साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर कस्बे के निकट साबर डेयरी के पशु आहार संयंत्र का उद्घाटन करेंगे। जिसकी उत्पादन क्षमता 800 मीट्रिक टन है। उद्घाटन गुजरात के कृषि और डेयरी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होगा। इस संयंत्र से अरवल्ली और साबरकांठा जिले के पशुपालकों को बड़े पैमाने पर लाभ मिलने की उम्मीद है। इसे 210 करोड़ रुपये की लागत से बनाकर तैयार किया गया है। मंगलवार शाम को अमित शाह अहमदाबाद शहर के बाहरी इलाके में शेला गांव के पास एक नव-विकसित झील का लोकार्पण करेंगे। गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर अहमदाबाद पहुंचे अमित शाह ने विश्वास जताया कि भाजपा और उसके सहयोगी दल महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव जीतेंगे। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को मणिपुर में सुरक्षा स्थिति का आकलन करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। जिसमें सुरक्षा समेत तमाम मुद्दों पर चर्चा की गई। वहीं गुजरात के गोधरा कांड पर बनी फिल्म ‘द साबरमती रिपोर्ट’ की भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तारीफ की थी। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट पर उन्होंने लिखा था “कोई भी शक्तिशाली इकोसिस्टम चाहे कितनी भी कोशिश कर ले, वह सच्चाई को हमेशा के लिए अंधेरे में नहीं छिपा सकता। फिल्म ‘द साबरमती रिपोर्ट’ इकोसिस्टम को चुनौती देती है और दुर्भाग्यपूर्ण घटना के पीछे की सच्चाई को उजागर करती है।”  

एसपी कार्यालय के पास दिनदहाड़े अज्ञात आरोपी वाहन से ले उड़े एक लाख नगदी और खाता-बही

बलरामपुर एसपी कार्यालय के पास स्थित व्यस्त बाजार से दिनदहाड़े उठाईगिरी का मामला सामने आया है. एक व्यापारी साप्ताहिक बाजार जाने के लिए अपनी इको वाहन से निकला. इस दौरान एक किराना दुकान के पास सामान लेने के लिए वह रुका तभी अज्ञात आरोपियों ने वाहन से नगदी एक लाख रुपये ले उड़े. इसके साथ ही आरोपी खाता-बही भी ले गए है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई है. वहीं पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है. जानकारी के अनुसार, यह घटना आज सुबह करीब 11 बजे तब हुई, जब रामानुजगंज का व्यापारी आनंद केसरी अपनी इको वाहन में साप्ताहिक बाजार जाने के लिए निकला था. वह रास्ते में बलरामपुर स्थित भोला किराना के पास सामान लेने के लिए रुका. इसी दौरान अज्ञात बदमाशों ने 10 मिनट के अंदर उसकी वाहन से एक लाख रुपये और खाता-बही ले उड़े. घटना के बाद व्यापारी ने तुरंत कोतवाली थाने में इसकी सूचना दी. मामले की सूचना के बाद पुलिस तुरंत जांच शुरू कर दी और घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज को खंगालने में जुटी हुई है. फिलहाल, आरोपियों का अब तक पता नहीं चल पाया है, पुलिस जांच में जुटी हुई है. मामले में कोतवाली प्रभारी भापेंद्र साहू से बताया कि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है. पीड़ित व्यक्ति से भी पूछताछ की जा रही है. आस पास के सीसीटीवी का भी सहारा पुलिस ले रही है. अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा.

सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने नरेला प्रस्तावित सिविल अस्पताल के निर्माण स्थल का निरीक्षण किया

भोपाल सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को नरेला प्रस्तावित सिविल अस्पताल के निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ नगर निगम, पीडब्लूडी, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ निर्माण स्थल का निरीक्षण कर तय समयावधि में गुणवत्तापूर्ण निर्माण करने हेतु निर्देशित किया। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि सुभाष नगर में प्रस्तावित अस्पताल के निर्माण के लिए प्लान तैयार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह 30 बिस्तरीय सिविल अस्पताल अत्याधुनिक जांच सुविधाओं से युक्त होगा। इससे नरेला क्षेत्र के करीब 5 लाख नागरिकों को लाभ मिलेगा। प्रथम चरण में 20 हजार वर्गफीट में बनेगा 30 बिस्तरीय अस्पताल मंत्री श्री सारंग ने कहा कि सुभाष नगर में 20 हजार वर्ग फीट में अस्पताल भवन का निर्माण किया जायेगा। इसमें ओ.पी.डी. , सोनोग्राफी, एक्स-रे, ड्रेसिंग रूम, प्लास्टर रूम, ओ.टी. रूम, लेबर रूम, नर्स रूम, स्टोर रूम, टेक्निशियन रूम, पैथोलॉजी लैब, एन.बी.एस.आई रूम सहित 30 बिस्तर वार्ड की सुविधाएं प्रदान की जायेगी। उन्होंने कहा कि यह सिविल अस्पताल लगभग 1 वर्ष में जनता के लिये बनकर तैयार हो जायेगा। साथ ही अगले 3 वर्षों में अस्पताल की क्षमता को बढ़ाकर 100 बिस्तरीय करने के प्लान पर भी काम किया जायेगा। 5 लाख लोग होंगे लाभान्वित मंत्री श्री सारंग ने कहा कि नरेला विधानसभा में नागरिकों के स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर विशेष कार्य किया गया है। इसके तहत क्षेत्र के सभी 17 वार्डों में संजीवनी क्लीनिक का निर्माण किया गया है। वहीं अब क्षेत्रवासियों की आवश्यता को दृष्टिगत रखते हुए सुभाष नगर में 30 बिस्तरीय सिविल अस्पताल की सौगात रहवासियों को मिलेगी। जहां सभी प्रकार की जांचें व इलाज नागरिकों को निःशुल्क उपलब्ध होगा।  

उडुपी में एएनएफ के जवानों ने नक्सल कमांडर विक्रम गौड़ा को मार गिराने में सफलता हासिल की

उडुपी नक्सली कमांडर विक्रम गौड़ा कर्नाटक के उडुपी जिले स्थित हेब्री कबीनाले में एक नक्सल विरोधी अभियान के दौरान मुठभेड़ में मारा गया। एंटी नक्सल फोर्स (एएनएफ) के जवानों ने नक्सल कमांडर विक्रम गौड़ा को मार गिराने में सफलता हासिल की है। यह मुठभेड़ क्षेत्र में नक्सली गतिविधि के बारे में पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर एएनएफ द्वारा चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान हुई। सूत्रों के अनुसार अभियान के दौरान एएनएफ टीम ने पांच नक्सलियों के एक समूह को देखा गया। एएनएफ के जवानों को देख नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद एएनएफ ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें विक्रम गौड़ा मारा गया। बताया जा रहा है कि बाकी नक्सली घने जंगल में भाग गए। नक्सली गतिविधियों के बारे में विश्वसनीय और गुप्त सूचना मिलने के बाद एएनएफ ने इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया था। गौड़ा हाल के दिनों में श्रृंगेरी, नरसिंहराजपुरा, करकला और उडुपी क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम कर रहा था। इन क्षेत्रों में नक्सली गतिविधियां बढ़ गई हैं, जिसके कारण नक्सल विरोधी बलों द्वारा सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। कब्बीनाले निवासी विक्रम गौड़ा नक्सली आंदोलन की नेत्रावती इकाई का कमांडर था। जांच एजेंसियों के मुताबिक वो कई नक्सली अभियानों में शामिल था। उडुपी जिले में आखिरी नक्सली मुठभेड़ 13 साल पहले करकला तालुक के ईडू गांव में हुई थी। इस घटना को क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक संसाधनों और संपदा से संपन्न राज्य है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक संसाधनों और संपदा से संपन्न राज्य है। प्रदेश की हर काल और युग में विशेष सांस्कृतिक पहचान रही है। आधुनिक काल में औद्योगिक समृद्धि के आधार पर देश का नंबर वन राज्य बनाने के संकल्प के साथ प्रदेश में रोजगारपरक उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश की समृद्ध प्राचीन संस्कृति और कलात्मक धरोहर को संजोए रखते हुए जन-कल्याणकारी नीतियों के माध्यम से उद्योग अनुकूल वातावरण तैयार कर प्रदेश में व्यापार, उद्योग और सेवा क्षेत्रों का वृहद विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को दिल्ली स्थित भारत मंडपम में चल रहे 43वें भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में मध्यप्रदेश दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में दो ज्योतिर्लिंग स्थित है। यह नदियों का मायका है, जहां पावन नर्मदा और शिप्रा नदियां बहती हैं। प्रदेश वन्य-जीव से संपन्न एकमात्र टाइगर स्टेट, तेंदुआ स्टेट और चीता स्टेट राज्य है। प्रदेश में खनिज संपदा भी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है और यह एकमात्र हीरा उत्पादक राज्य है। इसके अलावा प्रदेश की सदियों से कला, संस्कृति और सभ्यता की विशेष पहचान रही है। इसका 5 हजार साल पुराना समृद्ध इतिहास रहा है और यह भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम की कर्मभूमि और तपोभूमि रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐतिहासिक काल से ही प्रदेश की व्यापार और व्यावसायिक समृद्धि की भी विशेष पहचान रही है। इसी क्रम में वर्तमान में मध्यप्रदेश सरकार संभागीय स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और औद्योगिक केंद्रों में रोड-शो कर प्रदेश में उद्योगपतियों को निवेश के लिए आमंत्रित कर रहा है। प्रदेश में ‘एक जिला-एक उत्पाद’ योजना के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूह को भी प्रोत्साहित किया जा रही है। प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के साथ भारी उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश को सबसे तेज गति से बढ़ने वाला राज्य बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। मध्यप्रदेश की सकल घरेलू उत्पाद को अगले 5 साल में दोगुना करने के लिए प्रदेश सरकार संकल्पित है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि विकसित भारत की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तत्परता के परिणामस्वरुप मध्यप्रदेश औद्योगीकीकरण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की परिकल्पना से रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के आयोजन के माध्यम से हर जिले में युवा उद्यमी आगे बढ़ रहे है। प्रमुख उद्योगपतियों को आमंत्रित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. यादव विदेश यात्रा पर भी जाने वाले हैं। विकसित मध्यप्रदेश बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेले में मध्यप्रदेश मंडप का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। उन्होंने मध्यप्रदेश मंडप में लगे विभिन्न स्टॉल का अवलोकन भी किया और शिल्पकारों का मनोबल बढ़ाया। मंडप को ‘विकसित भारत@2047’ की थीम पर विकसित किया गया है, जिसमें प्रदेश की धरोहर के साथ स्टार्ट-अप्स और उद्यमों का कलात्मक प्रदर्शन किया गया है। मंडप में युवा, गरीब, नारी और किसान कल्याण के मिशन को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कार भी वितरित किए। मध्यप्रदेश मंडप में बेस्ट स्टॉल डिस्प्ले के लिए पर्यटन विभाग और हस्तकला के लिए मध्यप्रदेश माटीकला बोर्ड को पुरस्कृत किया गया। मंडप में सर्वश्रेष्ठ सजीव कला प्रदर्शन के लिए श्री मोहम्मद यूसुफ खत्री को सम्मानित किया गया। साथ ही मध्यप्रदेश मंडप के अन्य प्रतिभागियों को भी श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। मध्यप्रदेश दिवस समारोह में प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक कार्यक्रम की झलक देखने को मिली। डॉ. शिप्रा सुल्लेरे के संगीत निर्देशन और श्री दविंदर सिंह ग्रोवर के संयोजन में जबलपुर के श्री जानकी बैंड की प्रस्तुति दी गई। सुश्री पूजा श्रीवास्तव के निर्देशन में बुंदेलखंड के अखाड़ा लोक नृत्य की भी मनमोहक प्रस्तुति हुई। कार्यक्रम में केंद्रीय महिला बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी और मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम के प्रबंध संचालक श्री दिलीप कुमार भी उपस्थित थे।  

मंत्री श्री पटेल ने बरमान में नर्मदा नदी तट पर स्वच्छता के लिए किया श्रमदान

भोपाल विश्व शौचालय दिवस पर नरसिंहपुर जिले की ग्राम पंचायत बरमानकलां में पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने स्वच्छता के लिए श्रमदान किया। साथ ही स्वच्छता मित्र/ स्वच्छता कर्मियों का संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि माँ नर्मदा हमारे प्रदेश की जीवनरेखा है। हम सब उसे माँ का दर्जा देते हैं। हमारा भी फ़र्ज़ है कि हम उनके पुत्र/ पुत्री बनकर उनके साथ अच्छा बर्ताव करें। श्रद्धालु नर्मदा नदी में दूषित सामग्री या पूजन सामग्री को प्रवाहित न करें,ना ही नर्मदा नदी के तटों में कूड़ा करकट और अनुपयोगी सामग्री डालें। नर्मदा नदी के तटों को हमेशा साफ व स्वच्छ रखें। आज हमने यहाँ लगभग दो घंटे स्वच्छता के लिए श्रमदान किया है। माँ नर्मदा के तट से यह संकल्प लेकर जाये कि जिस प्रकार हम अपने घरों को साफ़- स्वच्छ और सुंदर रखते है। ठीक उसी तरह नदी तटों, तालाबों, अन्य जल स्त्रोतों को साफ- सुथरा व स्वच्छ बनाये रखेंगे। व्यक्तिगत शौचालयों एवं सामुदायिक शौचालयों में स्वच्छता के लिए जल व मल की निकासी होना बहुत ज़रूरी है। अपने भीतर के सामर्थ्य को पहचानें और बग़ैर फल की चिंता किए बिना समाज के प्रति अपनी नैतिक ज़िम्मेदारी को निभायें। हमारे आसपास स्वच्छता के लिए नये सिरे से सोचने की आवश्यकता है। स्वच्छता ही अच्छे स्वास्थ्य का आधार है। इसे अपनी आदत बनाकर अपने स्वभाव में निरंतरता प्रदान करनी होगी। केवल कचरे की साफ- सफाई ही नहीं उसका प्रबंधन करना भी नितांत आवश्यक है। सामुदायिक स्वच्छता परिसर, सार्वजनिक सुलभ कॉम्प्लेक्स का इस्तेमाल हो, यह न केवल स्वच्छता का जरिया है, बल्कि किसी व्यक्ति को रोजगार देने का काम भी करते हैं। मंत्री श्री पटेल ने कहा की बरमान घाट स्वच्छता समिति यह सुनिश्चित करें कि यहाँ गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना लगाया जाए। जुर्माने की कुछ राशि यहाँ सफाई कार्य में लगे स्वच्छता वॉलंटियर्स को दी जाये। 15 दिन के भीतर यह व्यवस्था बनाई जाए। ज़िले में प्रवाहित होने वाली नर्मदा नदी की स्वच्छता की ज़िम्मेदारी हमें लेनी होगी। मुझे पूरा यक़ीन है कि घाटों पर खारी विसर्जन करने आये लोग भी अगर थोड़ा वक़्त यहाँ श्रमदान में दें तो इसकी तस्वीर बदल जाएगी। स्वच्छता में सभी का सहयोग ज़रूरी है। जन आंदोलन के बिना यह संभव नहीं है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के जीवन से जुड़ा क़िस्सा बताते हुए मंत्री श्री पटेल ने कहा कि उनका प्रातः साफ़- सफ़ाई का समय निर्धारित था। एक व्यक्ति उनसे मिलने आया तो महात्मा गांधी ने अपने काम को रोके बिना उस व्यक्ति से बातचीत की। जब एक यह हमें सीख देता है कि हमें अपने काम में नि:स्वार्थ भाव से लगे रहना चाहिये। स्वच्छता मित्र और स्वच्छताकर्मियों का किया सम्मान मंत्री श्री पटेल ने मां नर्मदा के तटों पर साफ- सफाई का बीड़ा उठाकर उसको प्रदूषण मुक्त करने का संकल्प लेने वाले स्वच्छता मित्रों और स्वच्छताकर्मियों को सम्मानित किया। विदित है कि नर्मदा तटों पर लगातार श्रद्धालुओं की संख्या अमावस्या, पूर्णिमा, बसंत पंचमी सहित अन्य धार्मिक पर्वों पर बढ़ जाती है। स्वच्छता मित्र यहां नर्मदा तट से कचरा, पॉलीथिन, अगरबत्तियों आदि को एकत्रित करते हैं। साथ ही वे श्रद्धालुओं को माँ नर्मदा को प्रदूषण से बचाने के लिए प्रेरित करते हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ज्योति नीलेश काकोड़िया, कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी- कर्मचारी और नागरिक मौजूद थे।  

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