LATEST NEWS

आयकर विभाग की पैन 2.0 परियोजना को मंजूरी मिली, परियोजना के लिए 1,435 करोड़ रुपये का खर्च तय किया गया

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने आयकर विभाग की पैन 2.0 परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के लिए 1,435 करोड़ रुपये का खर्च तय किया गया है। पैन 2.0 परियोजना का उद्देश्य टैक्सपेयर रजिस्ट्रेशन सर्विस में टेक्नोलॉजी बेस्ड बदलाव लाना है और इसके कई महत्वपूर्ण लाभ हैं। परियोजना के साथ बेहतर गुणवत्ता के साथ आसान पहुंच और सर्विस की तेज डिलिवरी सुनिश्चित होगी। इसके अलावा, यह डेटा और सत्यापन का सिंगल सोर्स होगा। यह परियोजना पैन कार्ड के इको-फ्रेंडली प्रॉसेस और कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन के साथ सिक्योरिटी को लेकर महत्वपूर्ण है। कैबिनेट विज्ञप्ति के अनुसार, “यह टैक्सपेयर रजिस्ट्रेशन सर्विस के बिजनेस प्रॉसेस को दोबारा से तैयार करने के लिए एक ई-गवर्नेंस प्रोजेक्ट है, जो कि पैन और टैन सर्विस के टेक्नोलॉजी-ड्रिवन ट्रांसफॉर्मेशन से जुड़ा है। इसका उद्देश्य टैक्सपेयर के डिजिटल एक्सपीरियंस को बेहतर बनाना है। यह मौजूदा पैन/टैन 1.0 इकोसिस्टम का अपग्रेड होगा, जो कि मुख्य और गैर-मुख्य पैन/टैन एक्टिविटीज के साथ-साथ पैन वेरिफिकेशन सर्विस से जुड़ा होगा।” सीसीईए ने आगे कहा कि पैन 2.0 परियोजना सरकारी एजेंसियों के सभी डिजिटल सिस्टम के लिए एक सामान्य पहचानकर्ता के रूप में पैन के इस्तेमाल को आसान बनाना है, जो कि सरकार के डिजिटल इंडिया विजन को लेकर महत्वपूर्ण है। इस बीच, आयकर विभाग को चालू वित्त वर्ष के लिए केंद्रीय बजट में निर्धारित 22.07 लाख करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष कर संग्रह लक्ष्य को पार करने की उम्मीद है। सीबीडीटी के लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, “चालू वित्त वर्ष के दौरान 1 अप्रैल से 10 नवंबर तक भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह, जिसमें कॉरपोरेट कर और व्यक्तिगत आयकर शामिल हैं, 15.4 प्रतिशत बढ़कर 12.1 लाख करोड़ रुपये हो गया।” चालू वित्त वर्ष के दौरान सरकार ने 22.07 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है, जिसमें 10.20 लाख करोड़ रुपये कॉरपोरेट कर से और 11.87 लाख करोड़ रुपये व्यक्तिगत आयकर, गैर-कॉरपोरेट कर और अन्य करों से जुटाए जाएंगे।

आईबीडी कॉलोनी के रोड का होगा चौड़ीकरण : राज्यमंत्री श्रीमती गौर

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने आईबीडी कॉलोनी की सड़क के चौड़ीकारण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निवास कार्यालय पर हुई बैठक के दौरान कहा कि रायसेन रोड पटेल नगर इस्कॉन मंदिर से खजूरीकलां तक जाने वाली सड़क है। यह सड़क आईबीडी कॉलोनी को रायसेन रोड पटेल नगर से जोड़ती है। इस सड़क पर कॉलोनी की ढाई हजार से अधिक आबादी को आवागमन में समस्या हो रही है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने समस्या के निराकरण के लिए सड़क से अतिक्रमण को हटाकर सड़क चौड़ीकरण के आदेश दिए हैं। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने एसडीएम को सड़क का सीमांकन कर अतिक्रमण हटाने के लिए कहा। उन्होंने संबंधित सभी पक्षों और अधिकारियों के साथ मीटिंग में चर्चा कर रहवासियों की समस्याओं का निराकरण किया। उन्होंने कहा कि ओरिएंटल कॉलेज के द्वारा अपनी बसों को सड़क पर पार्क करने से आवागमन बाधित करना गंभीर बात है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि रायसेन रोड से प्रारंभ होकर आईबीडी कॉलोनी होते हुए खजूरीकलां को जोड़ने वाले रोड की चौड़ाई जितना संभव होगा बढ़ाई जाएगी। यह सड़क मास्टर प्लान की सड़क है। सड़क पर किसी को भी अतिक्रमण नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क पर कॉलेज के स्वीमिंग पूल का पानी सड़क पर आता है, इससे सड़क जल्दी उखड़ जाती है। इस समस्या को भी पाइप-लाइन डालकर दुरुस्त किया जाएगा। बैठक में एसडीएम श्री के.एल. खरे, सुनीता सिंह, नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मौजूद रहे।  

धीरेंद्र शास्त्री ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों का जिक्र किया, कहा-एकजुट हो जाओ वरना मंदिर मस्जिद बन जाएंगे

मऊरानीपुर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हिंदू एकता यात्रा का मंगलवार को छठा दिन है। यात्रा झांसी के मऊरानीपुर से घुघसी गांव तक पहुंची। यात्रा में बढ़ते हुए भक्तों का उत्साह और जोश साफ दिखाई दे रहा है। इस दौरान शास्त्री ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर अपने विचार रखे, जिनमें संभल हिंसा, चिन्मय दास मामले और बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर चर्चा की। बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार धीरेंद्र शास्त्री ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर लगातार हमले हो रहे हैं और वहां की स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब हो रही है। इस संदर्भ में उन्होंने भारत के हिंदुओं से अपील की और कहा, “हम अपने लिए नहीं मर रहे हैं, अगर हम नहीं जागे तो एक-एक करके आपके मंदिर और मस्जिद में बदल जाएंगे।” हिंदुओं से आवाज उठाने की अपील बांग्लादेश में इस्कॉन पुंडरीक धाम के अध्यक्ष चिन्मय कृष्णन दास (चिन्मय प्रभु) को ढाका पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। चिन्मय प्रभु ने शेख हसीना की सरकार के खिलाफ और हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ लगातार आवाज उठाई थी। पिछले शुक्रवार को उन्होंने रंगपुर में एक विरोध रैली भी की थी, जिसमें बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने का आरोप था। बांग्लादेश पुलिस ने चिन्मय प्रभु को गिरफ्तार किया है। शास्त्री का बयान चिन्मय प्रभु की गिरफ्तारी के बाद, धीरेंद्र शास्त्री ने इस मामले पर कहा, “बांग्लादेश के हिंदू अगर कायर होंगे तो उन्हें कोई नहीं छुड़वा पाएगा। अगर हमारी बात बांग्लादेश के हिंदुओं तक पहुंचे, तो जैसे यहां भारत में पदयात्रा हो रही है, वैसे ही वे भी सड़कों पर उतरकर अपनी संस्कृति के रक्षक को बचाएं। अगर बांग्लादेश के हिंदू इस मामले में नहीं उठेंगे, तो उनके मंदिर एक-एक कर मस्जिदों में बदल जाएंगे, और उनकी बहन-बेटियां या तो धर्म परिवर्तन करेंगी या फिर मारी जाएंगी।” भारत के हिंदुओं को चेतावनी धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा कि भारत के हिंदुओं को बांग्लादेश के हालात को समझना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम अपने लिए नहीं मर रहे हैं। हम 100 करोड़ हिंदुओं की सुरक्षा और एकता के लिए इस यात्रा को कर रहे हैं। हम बांग्लादेश के हिंदुओं के साथ खड़े हैं, और हमें उनका समर्थन करना चाहिए। अगर हम चुप रहे तो भविष्य में कोई हमारे लिए आवाज नहीं उठाएगा।”   भारत के हिंदुओं को एकजुट होने की अपील शास्त्री ने यह भी कहा कि हिंदू समाज को जात-पात की बेड़ियों से बाहर निकलकर एकजुट होना होगा। उन्होंने कहा, “हम सड़कों पर, गांव-गांव, गली-गली में हिंदू समुदाय को जागरूक कर रहे हैं। हमारी यह यात्रा केवल भारत में हिंदू एकता के लिए नहीं, बल्कि बांग्लादेश के हिंदुओं के लिए भी है। हम बांग्लादेश के हिंदुओं के साथ खड़े हैं और उनकी मदद करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।” धीरेंद्र शास्त्री की हिंदू एकता यात्रा में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का मुद्दा प्रमुख रूप से उभर कर सामने आया। उन्होंने भारतीय हिंदुओं से अपील की कि वे एकजुट होकर अपनी संस्कृति और धर्म की रक्षा के लिए आगे आएं। यात्रा के दौरान, शास्त्री ने यह भी कहा कि अगर बांग्लादेश में हिंदू आवाज नहीं उठाएंगे तो वहां की स्थिति और भी बिगड़ सकती है।  

सोशल मीडिया जानकारी का सबसे प्रभावी माध्यम, सत्यता की पुष्टि के बाद ही खबर प्रसारित करें: संचालक जनसम्पर्क श्री गुप्ता

भोपाल समय में सोशल मीडिया जानकारी का सबसे प्रभावी माध्यम बन गया है। लेकिन इसके साथ हमारी जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। खबर की सत्यता की पुष्टि के बाद ही सोशल मीडिया पर खबर प्रसारित करें। पोस्ट बनाते समय डीपीडीटी अधिनियम का पालन करना, पाठकों की रुचि और समझ का ध्यान रखना और सामग्री को सरल और प्रभावी बनाना आवश्यक है। संचालक, जनसम्पर्क श्री अंशुल गुप्ता ने कहा कि यह ध्यान रखना चाहिए कि सोशल मीडिया पर साझा की गई सामग्री सकारात्मक और पाठकों के लिए उपयोगी हो। जनता हमारे लिखे और बोले पर भरोसा करती है, इसलिए फैक्ट अवश्य चैक करें। खबर तथ्यपरक और सही होने से जनता में हमारा भरोसा बढ़ता है। संचालक श्री गुप्ता आज संभागीय जनसम्पर्क कार्यालय, भोपाल द्वारा आयोजित “सोशल मीडिया एवं न्यू एज मीडिया” विषय पर संभागीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में डिजिटल मार्केटिंग, वीडियो एडिटिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग और स्क्रिप्ट राइटिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई। कार्यशाला में इन्फ्लुएंसर्स को आधुनिक डिजिटल टूल्स और नवीनतम तकनीकों से परिचित कराया गया। साथ ही उन्हें प्रशासनिक और सामुदायिक कार्यक्रमों में अधिक प्रभावी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। वर्कशॉप में डिजिटल मीडिया के प्रभाव, ब्रांड प्रमोशन की रणनीतियों और प्रभावी संवाद कौशल पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञ वक्ताओं ने डिजिटल मार्केटिंग के नवीनतम ट्रेंड्स, प्रभावी कहानी, कहने की कला और रचनात्मक कौशल विकसित करने के तरीकों को सरल और व्यावहारिक तरीके से समझाया। प्रतिभागियों ने सत्रों के दौरान तकनीकी और रचनात्मक पक्ष से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं को सीखा, जिसमें वीडियो शूटिंग के दौरान रोशनी और फ्रेमिंग की तकनीकें, ग्राफिक डिजाइनिंग के मूल सिद्धांत और कहानी को प्रभावी ढंग से लिखने की विधियां शामिल थीं। प्रतिभागियों ने आधुनिक तकनीक और कौशल के साथ डिजिटल युग में अपनी जिम्मेदारियों को और प्रभावी तरीके से निभाने की प्रेरणा ली। अपर संचालक जनसंपर्क श्री संजय जैन, श्री जी. एस. वाधवा भी उपस्थित थे। कार्यशाला का संचालन संयुक्त संचालक जनसम्पर्क श्री पंकज मित्तल ने एवं आभार प्रदर्शन उप संचालक श्री अरूण शर्मा ने किया। कार्यशाला में सोशल मीडिया विशेषज्ञ श्री आर्यन चतुर्वेदी, श्री सर्वेश पंचोली, श्री इरशाद अहमद जैदी, श्री सतीश कुशवाह ने जानकारी दी। कार्यशाला में भोपाल संभाग के सभी जिलों के जनसंपर्क अधिकारी, सोशल मीडिया हैण्डलर एवं सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसरों ने भाग लिया।  

ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने किया साबरमती आश्रम अहमदाबाद का भ्रमण

भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मंगलवार को अपने तीन दिवसीय दौरे के अंतिम दिन अहमदाबाद में साबरमती आश्रम का भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि यहाँ के शांतिपूर्ण और ऐतिहासिक वातावरण ने मन को गहराई तक छू लिया। यह स्थान महात्मा गांधी के सिद्धांतों और उनके संघर्षों की गवाही देता है। आश्रम की सादगी और सौंदर्य ने हर किसी को प्रेरित किया। मंत्री श्री तोमर ने कहा कि साबरमती आश्रम भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का एक प्रमुख केंद्र रहा है और आज भी यह अहिंसा व सत्य के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य कर रहा है। इस दौरे से न केवल ऐतिहासिक जानकारी मिली, बल्कि एक अद्वितीय मानसिक शांति का अनुभव भी हुआ। उन्होंने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि साबरमती आश्रम हमेशा से अतुलनीय ऊर्जा का जीवंत केंद्र रहा है और हम अपने आप में बापू की प्रेरणा को महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि साबरमती आश्रम देश की ही नहीं, बल्कि मानव जाति की ऐतिहासिक धरोहर है। यहां आकर मन को शांति मिलती है। उन्होंने साबरमती आश्रम आकर गांधी जी के जीवन और सिद्धांतों के सम्बन्ध में जानकारी हासिल की। इसके बाद आश्रम में मगन निवास, उपासना मंदिर, हृदयकुंज, विनोबा-मीरा कुटीर, नंदिनी, उद्योग मंदिर, सोमनाथ छात्रालय का भ्रमण किया। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने आश्रम में विजिटर्स बुक में अपने विचार लिखे तथा बापू का चरखा भी चलाया। उन्होंने खादी से बना कुर्ता और कुछ महत्वपूर्ण किताबें खरीदते हुए कहा कि यह न केवल महात्मा गांधी जी के विचारों को नमन है, बल्कि स्वदेशी और आत्म निर्भर भारत की दिशा में एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण कदम भी है। खादी हमारे स्वाभिमान और आत्म निर्भरता का प्रतीक है। आइए स्वदेशी अपनाएं और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें। उन्होंने आश्रम में आए युवा पर्यटकों से भी बातचीत कर अनुभव साझा किए।

आगामी संसद सत्र में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन के लिए नया बिल पेश किया जाएगा, विवादों का बढ़ता सिलसिला

नई दिल्ली वर्तमान समय में वक्फ संपत्तियां देशभर में विवादों का कारण बनी हुई हैं। इनमें से कुछ विवाद बेहद जटिल हो गए हैं, जहां वक्फ बोर्ड ने कई संपत्तियों पर दावा किया है, जिन पर पहले से ही दूसरे संस्थाओं का कब्जा था। इन संपत्तियों को लेकर कानूनी लड़ाइयाँ जारी हैं, और इस स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने वक्फ प्रबंधन कानून में संशोधन करने का निर्णय लिया है। आगामी संसद सत्र में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन के लिए नया बिल पेश किया जाएगा, जो मौजूदा कानून की खामियों को दूर करने का दावा करता है। वक्फ की संपत्तियां और विवाद वक्फ बोर्ड द्वारा संचालित संपत्तियां इस्लाम के नाम पर दान की जाती हैं और इनका कोई वारिस नहीं होता। यह संपत्तियां समाज के लाभ के लिए होती हैं, लेकिन इन्हीं संपत्तियों को लेकर देशभर में कई विवाद सामने आए हैं। सुप्रीम कोर्ट के 1998 के फैसले के अनुसार, एक बार जो संपत्ति वक्फ के रूप में घोषित हो जाती है, वह हमेशा के लिए वक्फ बनी रहती है। हालांकि, वक्फ की संपत्तियां अक्सर विवादों का शिकार हो जाती हैं, क्योंकि इन पर कोई स्पष्ट मालिकाना हक नहीं होता। हाल ही में एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ था कि दिल्ली में 200 से अधिक संपत्तियों को वक्फ की संपत्ति घोषित किया गया है, जबकि ये संपत्तियां पहले से ही विभिन्न सरकारी संस्थाओं के नियंत्रण में थीं। इनमें से 108 संपत्तियां दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के पास और 138 संपत्तियां दिल्ली के लैंड एंड डेवेलपमेंट ऑफिस (L&DO) के पास थीं।  इसके अलावा, केरल, कर्नाटक, और गुजरात जैसे राज्यों में भी वक्फ की संपत्तियों को लेकर विवाद गहराते जा रहे हैं। इन विवादों के कारण लोग कानूनी लड़ाइयाँ लड़ रहे हैं और वक्फ बोर्ड के खिलाफ मुकदमे दायर कर रहे हैं। वक्फ संपत्तियों पर बड़े विवाद वक्फ संपत्तियों से संबंधित 5 प्रमुख विवादों ने हाल ही में काफी ध्यान आकर्षित किया है: 1. तिरुचेंतुरई गांव, तमिलनाडु    तमिलनाडु के तिरुचेंतुरई गांव की पूरी भूमि को वक्फ संपत्ति घोषित किया गया है। यह दावा 1956 में नवाब अनवरदीन खान द्वारा दान की गई जमीन पर किया गया था। वक्फ बोर्ड ने इस जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने के लिए इसे “जीरो वैल्यू” के रूप में रजिस्टर करने की मांग की थी, जिससे जमीन का कोई भी अवैध लेन-देन रोका जा सके। 2. ईदगाह ग्राउंड, बेंगलुरु      बेंगलुरु के ईदगाह ग्राउंड पर वक्फ बोर्ड का दावा है कि यह भूमि 1850 से वक्फ की संपत्ति है, जबकि सरकार का कहना है कि यह भूमि कभी भी वक्फ को नहीं दी गई थी। इस मामले में दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया है। 3. सूरत नगर निगम की बिल्डिंग, गुजरात    गुजरात वक्फ बोर्ड ने सूरत नगर निगम की बिल्डिंग पर दावा किया है। बोर्ड का कहना है कि मुग़ल काल में यह एक सराय हुआ करता था, जिसका उपयोग हज यात्रा के दौरान होता था। ब्रिटिश शासन के दौरान यह संपत्ति अंग्रेजों के पास चली गई थी, लेकिन स्वतंत्रता के बाद इसे भारत सरकार के अधीन कर दिया गया। 4. बेट द्वारका के द्वीप, गुजरात      गुजरात वक्फ बोर्ड ने द्वारका के बेट द्वारका के दो द्वीपों पर दावा किया था, लेकिन हाईकोर्ट ने इसे यह कहते हुए खारिज कर दिया कि वक्फ बोर्ड कृष्ण नगरी द्वारका की जमीन पर दावा नहीं कर सकता। 5. शिव सोसायटी, सूरत    सूरत की एक हाउसिंग सोसाइटी में एक व्यक्ति ने अपनी संपत्ति को वक्फ बोर्ड को दे दिया, जिसके बाद यहां नमाज पढ़ी जाने लगी। इस प्रकार की घटनाओं से सोसायटी में तनाव बढ़ गया है, क्योंकि कोई व्यक्ति अपनी मंजूरी के बिना किसी स्थान को वक्फ बोर्ड को दान कर सकता है और उस पर मस्जिद बनाई जा सकती है। वक्फ संपत्तियां और विवादित क्षेत्र भारत में वक्फ संपत्तियों की कुल संख्या 8.72 लाख से अधिक है, जिनमें मस्जिदें, कब्रिस्तान, कृषि भूमि, और अन्य धार्मिक स्थल शामिल हैं। इनमें से लगभग 73,000 संपत्तियां ऐसी हैं, जिन पर विवाद है। जिन संपत्तियों पर मुकदमे चल रहे हैं या जो अतिक्रमण की स्थिति में हैं, उन्हें विवादित संपत्ति माना जाता है। वक्फ संपत्तियों के विवाद सबसे ज्यादा पंजाब, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश में हैं। पंजाब में वक्फ की लगभग 56% संपत्तियां विवादित हैं। सरकार का वक्फ कानून में बदलाव का प्रस्ताव वर्तमान वक्फ कानून, जिसे 1954 में पेश किया गया था, में कई बार संशोधन हुए हैं। अब सरकार ने एक नया बिल लाने का प्रस्ताव किया है, जो वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार करेगा। प्रस्तावित बिल के अनुसार, अब वक्फ संपत्तियों का सर्वे जिला कलेक्टर या डिप्टी कमिश्नर करेंगे। इसके अलावा, वक्फ बोर्ड के सभी सदस्य सरकारी द्वारा नामित किए जाएंगे, जिसमें दो सदस्य गैर-मुस्लिम होंगे। वक्फ ट्रिब्यूनल में भी बदलाव होगा, और अब यह तीन के बजाय दो सदस्यीय होगा, और फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी जा सकेगी। इसके अतिरिक्त, यदि वक्फ बोर्ड ने किसी संपत्ति पर कब्जा किया है तो वह संपत्ति उसके वास्तविक मालिक को वापस की जाएगी। इस बदलाव का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। वक्फ संपत्ति: एक कानूनी और धार्मिक दृष्टिकोण वक्फ वह संपत्ति होती है, जो किसी व्यक्ति द्वारा इस्लामिक धर्म के प्रचार और जरूरतमंदों की मदद के लिए अल्लाह के नाम पर दान की जाती है। इसे न तो खरीदा जा सकता है और न ही बेचा जा सकता है। 

दृष्टिकोण और लक्ष्यों को एकीकृत करने हुई विज़न एमपी@2047 कार्यशाला

भोपाल  “शिक्षा और कौशल विकास” पर केंद्रित एक उच्च स्तरीय कार्यशाला मंगलवार को भोपाल के वल्लभ भवन में विज़न एमपी@2047 पहल के तहत किया गया। उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव श्री अनुपम राजन की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और विभिन्न हितधारकों ने मध्यप्रदेश में शिक्षा और कौशल विकास के ढांचे को सशक्त बनाने के लिए बदलावकारी रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया। महिला एवं बाल विकास के प्रमुख सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शमी, सचिव तकनीकी शिक्षा, श्री रघुराम राजेंद्रन, सचिव स्कूल शिक्षा, श्री संजय गोयल, आयुक्त उच्च शिक्षा श्री निशांत वरवड़े और आयुक्त आदिवासी विकास श्री श्रीमन शुक्ला सहित राज्य नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री ऋषि गर्ग, राज्य नीति आयोग और BCG के अधिकारी उपस्थित थे। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षा और कौशल विकास के लिए विज़न एमपी@2047 के तहत दृष्टिकोण और लक्ष्यों को एकीकृत करना है। चर्चा की थीम विभिन्न शैक्षणिक स्तरों पर सकल नामांकन अनुपात (GER) में मौजूदा महत्वपूर्ण अंतर को पाटने और जनजातीय एवं ग्रामीण आबादी थी। प्रतिभागियों ने स्कूलों और उच्च शिक्षा संस्थानों में कौशल-आधारित शिक्षा को एकीकृत करने और मिशन अंकुर और सीएम राइज़ स्कूल जैसी पहलों के माध्यम से बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता को बढ़ावा देने के लिए रणनीतियों पर भी चर्चा की। विज़न एमपी@2047 के तहत मध्य प्रदेश को नवाचार और समृद्धि के केंद्र में बदलने पर जोर दिया जाना है। इसका लक्ष्य स्कूलों में सर्वोच्च सकल नामांकन अनुपात (GER) हासिल करना, विश्वस्तरीय अनुसंधान और नवाचार सुविधाएं विकसित करना, और समाज के सभी वर्गों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित करना है। प्रदेश में प्रौद्योगिकी का लाभ उठाकर शिक्षा की डिलीवरी को डिजिटाइज़ करने, और व्यक्तिगत एवं सुलभ शिक्षण अनुभव प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। विजन एमपी@2047 में विभागों को 2 दिसंबर 2024 तक अपनी प्राथमिकताएं और सुझाव साझा करने के लिए आमंत्रित किया गया है। अगली कार्यशाला में हस्तक्षेपों को प्राथमिकता देने और इन लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए कार्यान्वयन की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाएगा।  

संविधान के 75 वर्ष पूर्ण होने पर भोपाल में निकली संविधान दिवस पदयात्रा

भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि हमारे देश का संविधान ही धर्मग्रन्थ है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का साधुवाद करते हुए कहा कि सम्पूर्ण देश में आज संविधान दिवस पर पद यात्रा का आयोजन कर हम सबको प्रेरणा दी है कि लोकतंत्र में आज हम आजाद हिन्दुस्तानी के नाते जी रहे है। मंत्री श्री सारंग शौर्य स्मारक में संविधान दिवस पद यात्रा के शुभारंभ अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। शक्तिशाली हिन्दुस्तान बनाने का संकल्प मंत्री श्री सारंग ने कहा कि वर्षों की गुलामी के बाद हजारों क्रांतिकारियों की कुर्बानी के बाद से हमें आजादी मिली है। आजादी के बाद किस व्यवस्था के तहत कार्य होगा। हमारा संविधान, नियम, कायदें क्या होंगे इसको लेकर गहन चिंतन हुआ और बाबा साहेब के नेतृत्व में संविधान सभा में संविधान बनाया गया। मंत्री श्री सारंग ने बाबा साहेब के प्रति कृतज्ञता और नमन करते हुए कहा कि उन्होंने सबसे बड़े लोकतंत्र का संविधान बनाया। आज के ही दिन वर्ष 1949 में यह संविधान बनकर तैयार हुआ और 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। आज हम सब संविधान भावनाओं को संकल्प के रूम में ग्रहण करके आजाद हिन्दुस्तान को शक्तिशाली हिन्दुस्तान बनाने के संकल्प के साथ पद यात्रा में शामिल हो रहे है। यह शौर्य स्मारक शूरवीर की शाहदत का प्रतीक है। बाबा साहेब के विचारों को करें आत्मसात मंत्री श्री सारंग ने बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात करने को कहा। उन्होंने क्रांतिकारियों को नमन किया, जिन्होंने देश की आजादी के लिये अपना सर्वस्व निछावर किया। मंत्री श्री सारंग ने युवाओं का आहवान किया कि भारत माता के लिये पूरी सिद्दत के साथ उन्हीं के लिये जीएंगे और जरूरत पड़ने पर तैयार रहेंगे। यह हिन्दुस्तान एक बार फिर विश्वगुरू के रूप में स्थापित हो। यहीं हमारा कर्त्तव्य ओर संकल्प है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संदेश कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का रिकार्डेड संदेश भी सुनवाया गया। साथ ही संविधान की प्रस्तावना का वाचन और राष्ट्रगान भी हुआ। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा और भगवानदास सबनानी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरूआत में अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर, भारत माता एवं सरदार वल्लभ भाई पटेल के चित्र पर पुष्पाजंलि अर्पित की। संविधान की प्रतिकृति को नमन कर संविधान दिवस पदयात्रा की शुरूआत की गई। संविधान दिवस पदयात्रा शौर्य स्मारक से आरंभ होकर बोर्ड ऑफिस चौराहे पर अंबेडकर जी की प्रतिमा की परिक्रमा और नमन के साथ माल्यार्पण कर पुन: शौर्य स्मारक पर आगमन के साथ समाप्त हुई। यह रहे आकर्षण का केन्द्र देश के संविधान की प्रतिकृति वाहन में पद यात्रा के दौरान साथ रहीं। पुलिस बैंड की धुन पर पदयात्रा अग्रसर होती रही। पारम्परिक वेशभूषा में संस्कृति की झलक दिखलाते हुए स्कूली बच्चें भी पद यात्रा में शामिल हुए। इस भव्य आयोजन में खिलाड़ी कपिल परमार, ऐश्वर्य प्रताप सिंह, आर्शी चौकसे, साक्षी भारद्वाज, पर्वतारोही भगवान सिंह, ज्योति रात्रे भी शामिल हुई। पदयात्रा शुरू होने के दौरान पदयात्रा रोककर एम्बुलेंस को प्राथमिकता देकर निकलवाया गया। पद यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा की गई। पद यात्रा वन्दे मातरम्, हमारा संविधान-हमारी शान, भारत माता के जयकारों के साथ पूर्ण अनुशासन में निकाली गई। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव खेल एवं युवा कल्याण श्री मनु श्रीवास्तव, खेल संचालक श्री रवि कुमार गुप्ता, संयुक्त संचालक श्री बीएल यादव, ओलम्पिक खिलाड़ी सहित पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ी और 15 हजार से अधिक युवा शामिल हुए। खेल और युवा कल्याण विभाग के तत्वावधान में यह पदयात्रा विभिन्न विभागों के सहयोग से की निकाली गई। इसमें खेल, स्कूल, उच्च, तनकीनी शिक्षा, आदिम जाति कल्याण विभाग राष्ट्रीय सेवा योजना और नेहरू युवा केंद्र जैसे संगठनों ने भी भागीदारी की। अंत में संयुक्त संचालक खेल श्री बीएल यादव ने आभार माना।  

संस्कृति, परंपराओं और शौर्य की भावना को आत्मसात करने के लिए प्रेरित करेगा गौर संग्रहालय : उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि गौर संग्रहालय कला, संस्कृति और शौर्य का अद्वितीय समन्वय है। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय न केवल डॉ. हरीसिंह गौर के जीवन, उनके विचारों और उनके द्वारा किए गए योगदान को प्रदर्शित करता है, बल्कि बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश की समृद्ध विरासत को को संजोए हुए है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर में शौर्य, संस्कृति एवं कला संग्रहालय का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री ने इसे क्षेत्र के लिए गर्व का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह संग्रहालय नई पीढ़ी को न केवल अतीत से परिचित कराएगा, बल्कि उन्हें अपनी संस्कृति, परंपराओं और शौर्य की भावना को आत्मसात करने के लिए प्रेरित करेगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने सभी को गौर संग्रहालय का भ्रमण करने और इसे व्यापक स्तर पर प्रचारित करने का आह्वान किया। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, विधायक सागर श्री शैलेन्द्र जैन, कुलाधिपति श्री कन्हैया लाल बेरवाल, और कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता भी उपस्थित रहे। संग्रहालय की विशेषताएं डॉ. गौर से संबंधित सामग्री: संग्रहालय में डॉ. हरीसिंह गौर से संबंधित साहित्य, उनके जीवन से जुड़ी दुर्लभ जानकारियां और सामग्री प्रदर्शित की गई है। जनजातीय संस्कृति: जनजातीय समाज की अनूठी संस्कृति, उनकी परंपराओं और उनके संघर्षों से संबंधित सामग्री प्रदर्शित है। शौर्य गाथाएं: बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश के वीर सेनानियों के पोर्ट्रेट और उनकी वीरगाथाएं संग्रहालय का हिस्सा हैं। जैव विविधता और भूगर्भशास्त्र: मध्यप्रदेश की जैव विविधता और भूगर्भशास्त्रीय जानकारियां भी संग्रहालय में प्रदर्शित हैं। एनसीसी प्रदर्शनियां: राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) से संबंधित सामग्री और जानकारी भी संग्रहालय में प्रदर्शित की गई है। लोक कला और परंपराएं: बुंदेलखंड की लोक कला, पारंपरिक वाद्य यंत्र, और देशज परंपराओं को संग्रहालय में प्रमुखता से स्थान दिया गया है। आजादी के नायक: भारत की आजादी में बुंदेलखंड के योगदान को रेखांकित करते हुए स्थानीय जननायकों की कहानियां और गाथाएं भी संग्रहालय में प्रदर्शित की गई हैं।  

प्रयागराज में महाकुंभ 13 जनवरी से 26 फरवरी तक चलेगा, स्वच्छ कुंभ के साथ डिजिटल कुंभ के भी दर्शन होंगे: योगी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि प्रयागराज में अगले साल जनवरी में शुरु होने वाले महाकुंभ में श्रद्धालुओं को स्वच्छ कुंभ के साथ डिजिटल कुंभ के भी दर्शन होंगे। योगी ने कहा कि पहले कुंभ मेले के प्रभारी मंत्री का दायित्व ऐसे लोगों को मिलता था, जिनके भीतर श्रद्धा तक नहीं थी। हम सबने कुंभ को गंदगी, भगदड़ व अव्यवस्था का पर्याय बना दिया था। कुंभ मेले के प्रभारी मंत्री का दायित्व भी ऐसे लोगों को दिया जाता था, जिन लोगों में श्रद्धा, परंपरा, संस्कृति व विरासत के प्रति का सम्मान नहीं था, लेकिन हमने विरासत के प्रति सम्मान, श्रद्धा का भाव रखा। प्रयागराज कुंभ की व्यवस्था को देखकर 2019 में यूनेस्को ने मानवता के अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के रूप में कुंभ को मान्यता दी है।         13 जनवरी से 26 फरवरी तक चलेगा महाकुंभः योगी   सीएम योगी ने बताया कि प्रयागराज में महाकुंभ 13 जनवरी से 26 फरवरी तक चलेगा। 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा का स्नान होगा। 14 जनवरी को मकर संक्रांति का शाही स्नान होगा। 29 जनवरी को मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी 3 फरवरी, 12 फरवरी को माघ पूर्णिमा व 26 फरवरी को महाशिवरात्रि का स्नान होगा। दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक, आध्यात्मिक व सांस्कृतिक आयोजन में से एक प्रयागराज कुंभ का आयोजन इस बार 45 दिन का होगा। योगी ने विकास, विरासत व महाकुंभ को लेकर हो रहे मीडिया समूह के इस कार्यक्रम को सकारात्मक सोच का परिचायक बताया। उन्होंने महाकुंभ-2025 को लेकर सरकार की तैयारियों पर भी प्रकाश डाला। केंद्र व राज्य सरकार मिलकर कार्य कर रही है। 2019 कुंभ में 23-24 करोड़ श्रद्धालु आए थे। इस बार 45 दिन में 35-40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। वायु, रेल के साथ ही सड़क मार्ग के जरिए प्रयागराज फोर व सिक्स लेन से जुड़ सके। इसकी तैयारी भी युद्ध स्तर पर चल रही है। कुंभ के क्षेत्रफल में भी विस्तार किया गया है। महाकुंभ का क्षेत्रफल 4000 हेक्टेयर में होगाः योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि 2019 कुंभ का क्षेत्रफल 3200 हेक्टेयर था, 2025 महाकुंभ का क्षेत्रफल 4000 हेक्टेयर में होगा। इसे 25 सेक्टर में विभाजित किया है। इसके अलावा पाकिर्ंग की भी सुविधा होगी। सरकार इंतजाम कर रही है कि संगम तट तक पहुंचने के लिए डेढ़-दो किमी. से अधिक की यात्रा न करनी पड़े। सरकार ने अलग-अलग रूट पर 1850 हेक्टेयर से अधिक में पाकिर्ंग स्थल चिन्हित किया है। यह स्थल संगम तट से दो से पांच किमी. के दायरे में होंगे। वहां से इलेक्ट्रॉनिक, परिवहन निगम के 7000 बस से कुंभ स्थल तक लाने की व्यवस्था होगी। 2019 कुंभ में 9 रोड फ्लाईओवर व 6 अंडरपास बनाए गए थे। इस बार 14 रोड ओवरब्रिज का निर्माण हो रहा है। गत कुंभ में चार पक्के घाट थे, महाकुंभ में 9 पक्के स्नान घाट बनाए जा रहे हैं। इन पर युद्ध स्तर पर कार्य चल रहा है। 30 नवंबर तक इन कार्यों को संपन्न कर लिया जाएगा। रिवर फ्रंट का भी निर्माण हो रहा है। इस बार 550 शटल बस लगाई जाएंगी। बस स्टैंड भी सात स्थान पर बनाए गए हैं। सड़क चौड़ीकरण के द्दष्दिगत सिंगल लेन को डबल लेन, टू लेन की सड़क फोर, फोर लेन को सिक्स लेन बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है।     

आईटी के क्षेत्र में आत्म-निर्भर हो रहा है मध्यप्रदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश आईटी क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है। राज्य सरकार ने आईटी क्षेत्र में विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिये प्रमुख शहरों- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में आईटी पार्क की स्थापना की है। इन पार्कों में अत्याधनिक सुविधाओं और कंपनियों को प्रोत्साहन देकर रोजगार के नये अवसर पैदा किये जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में 5 आईटी स्पेशल इकॉनॉमिक जोन स्थापित हैं और 15 से ज्यादा आईटी पार्क बनाये गये हैं। इससे 1.5 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। आईटी पार्क, भोपाल भोपाल के ग्राम बड़वई में 204 एकड़ भूमि पर आईटी पार्क स्थापित है जिसमें 78 कंपनियों को 109 भूखंड आवंटित किए गए हैं। इनमें से 12 इकाइयों ने उत्पादन शुरू कर दिया है और 48 कंपनियों ने निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया है। अब तक लगभग 1200 रोजगार सृजित हुए हैं। आईटी पार्क, परदेशीपुरा (इंदौर) इंदौर के परदेशीपुरा में 5 एकड़ भूमि पर निर्मित 2 भवनों में 16 कंपनियां कार्यरत हैं, जिससे 600 नागरिकों को रोजगार मिला है। यहां इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा 48 करोड़ रुपये की लागत से आईटी भवन का विस्तार किया गया, जिससे 2500 नागरिकों को रोजगार मिला है। इससे भविष्य में 1000 और रोजगार के अवसर बनने की संभावना है। आईटी पार्क, सिंहासा (इंदौर) सिंहासा, इंदौर में 112 एकड़ भूमि पर विकसित आईटी पार्क में 32 कंपनियों को भूमि आवंटित की गई है। यहां 5 एकड़ भूखंड पर निर्मित 80 हजार वर्गफीट भवन से 2000 रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। आईटी पार्क, ग्वालियर ग्वालियर के मालनपुर में 20.76 एकड़ भूमि पर विकसित आईटी पार्क में 73 हजार वर्गफीट भवन बनाया गया है, जिसमें 250 लोगों को रोजगार मिला है। साथ ही, 75 एकड़ भूमि पर एक नए आईटी पार्क के विकास का प्रस्ताव है। आईटी पार्क, जबलपुर जबलपुर के ग्राम पुरवा में 63 एकड़ भूमि पर विकसित आईटी पार्क में 87 कंपनियों को 101 भूखंड आवंटित किए गए हैं। यहां 22 इकाइयों ने उत्पादन शुरू कर दिया है, जिससे लगभग 1700 नागरिकों को रोजगार मिला है। इन आईटी पार्कों के जरिए मध्यप्रदेश तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने के साथ ही रोजगार सृजन और निवेश को प्रोत्साहन देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।  

रेलवे लाईन के विस्तार से प्रदेश के नागरिकों को सुविधा और पर्यटन को मिलेगा प्रोत्साहन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा रेल मंत्रालय की 7 हजार 927 करोड़ रुपये लागत की 3 मल्टी ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान करने पर प्रधानमंत्री श्री मोदी और केन्द्रीय कैबिनेट का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में रेलवे के बढ़ते नेटवर्क से प्रदेश विकास पथ पर तीव्र गति से अग्रसर है, प्रदेशवासियों के लिए आवागमन भी तीव्र गति से सुगम हुआ है। प्रदेश को मिल रही नित नई सौगातों के लिए प्रदेशवासी प्रधानमंत्री श्री मोदी और रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि रेल लाइन के विस्तार से धार्मिक, सांस्कृतिक एवं इको पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा। इस पहल से प्रदेश में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग (खंडवा), खजुराहो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, असीरगढ़ किला और रीवा किला जैसे विभिन्न आकर्षणों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा मिलेगी। मध्यप्रदेश सहित महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश के 7 जिलें होंगे कवर उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्री-मंडल ने रेल मंत्रालय की 3 परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनकी लागत 7 हजार 927 करोड़ रुपये है। इनमें जलगांव-मनमाड चौथी लाइन (160 किमी), भुसावल-खंडवा तीसरी और चौथी लाइन (131 किमी) तथा प्रयागराज (इरादतगंज) मानिकपुर तीसरी लाइन (84 किमी) शामिल हैं। ये परियोजनाएँ 3 राज्यों अर्थात महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के 7 जिलों को कवर करेंगी। इससे भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 639 किलोमीटर की वृद्धि होगी। निर्माण अवधि के दौरान लगभग एक लाख मानव-दिनों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न होंगे। इससे कोयला परिवहन और यात्री ट्रेनों के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी और मालगाड़ी के यात्रा समय में कमी करने में भी मदद मिलेगी। तीर्थ यात्रियों, प्रकृति प्रेमियों को मिलेगा लाभ स्वीकृत परियोजना खंडवा और चित्रकूट जैसे 2 आकांक्षी जिलों में कनेक्टिविटी बढ़ाएगी, जिससे लगभग एक हजार 319 गांवों और लगभग 38 लाख आबादी को सेवा मिलेगी। मुंबई-प्रयागराज-वाराणसी रूट पर अतिरिक्त यात्री ट्रेनों के संचालन को सक्षम करके कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा। नासिक (त्र्यंबकेश्वर) और वाराणसी (काशी विश्वनाथ) के ज्योतिर्लिंग के साथ प्रयागराज, चित्रकूट, गया और शिरडी जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को लाभ होगा। अजंता और एलोरा गुफाएँ यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, देवगिरी किला, यावल वन्यजीव अभयारण्य, केवटी फॉल्स और पुरवा फॉल्स आदि जैसे विभिन्न आकर्षणों तक बेहतर पहुँच के माध्यम से प्रकृति प्रेमियों और इतिहास में रूचि रखने वाले पर्यटकों को भी सुविधा होगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

भारत की एकजुटता को बनाए रखने में बाबा साहेब अंबेडकर का योगदान महत्वपूर्ण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संविधान दिवस पर लंदन स्थित डॉ. बी.आर. अंबेडकर हाउस में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यहाँ भारतीय संविधान की प्रति लेकर पहुंचे और उनके साथ प्रवास पर गए दल के सदस्यों के साथ संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विजिटर्स बुक में अपने विचार अंकित किए तथा संग्रहालय का अवलोकन भी किया। उल्लेखनीय है कि डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने अध्ययन के लिए लंदन आने पर इस भवन में वर्ष 1921-1922 में निवास किया था। डॉ. अंबेडकर, अपनी क्षमता और योग्यता के बल पर आगे बढ़ने के श्रेष्ठतम उदाहरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत यदि आज एकजुट है, तो इसमें बड़ा योगदान श्रद्धेय बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का है, जिन्होंने समय रहते उस बीमारी को पहचाना, जिसके कारण समाज में फूट या अलगाव उत्पन्न होने की संभावना थी। विभिन्न कठिनाइयों के बावजूद, व्यक्ति अपनी क्षमता और योग्यता के बल पर कैसे आगे बढ़ सकता है, डॉ. अंबेडकर इसके सर्वश्रेष्ठ उदाहरण हैं। उन्होंने जातिगत भिन्नता और विषमता से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों को भांपकर देश की एकजुटता बनाए रखने के प्रयास किए। 26 नवंबर को होती है संविधान सभा के सदस्य डॉ. गौर की जयंती मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के संदर्भ में 26 नवंबर संविधान दिवस का विशेष महत्व इस कारण भी है, क्योंकि सागर विश्वविद्यालय के संस्थापक और संविधान सभा के सदस्य डॉ. हरिसिंह गौर की आज ही जयंती भी है। डॉ. गौर ने अपनी संपूर्ण सम्पत्ति सागर विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए दान दी थी। सागर विश्वविद्यालय ने बुंदेलखंड क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाकर क्षेत्रवासियों की प्रगति का पथ प्रशस्त किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अंबेडकर के जीवन से जुड़े स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा साहेब अंबेडकर के जीवन से जुड़े स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा‍कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की इस पहल से जनसामान्य को बाबा साहेब अंबेडकर के जीवन और विचारों को जानने-समझने और देखने का अवसर प्राप्त हुआ है। संविधान में बताए मार्ग पर चलने से ही संविधान की आत्मा के साथ होगा न्याय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि संविधान की मूल भावना से प्रदेशवासियों को अवगत कराने के उद्देश्य से वर्षभर विभिन्न कार्यक्रम किए जाएंगे। जन-सामान्य को संविधान के संबंध में जानकारी प्राप्त करने का अवसर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर उपलब्ध हो रहा है। संविधान की आत्मा के साथ न्याय तब होगा जब हम देश भक्ति से सराबोर होकर संविधान में बताए मार्ग पर चलेंगे। “हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान” की थीम पर वर्षभर प्रदेश में कार्यक्रम होंगे। गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने देशवासियों से संविधान दिवस पर संविधान की शपथ लेने और संपूर्ण वर्ष इससे संबंधित उत्सव मनाने का आहवान किया है। संविधान की महिमा को उत्सव के रूप में मनाया जाएगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संविधान से संबंधित कार्यक्रम चार स्तंभों पर आयोजित किए जाएंगे। संविधान की प्रस्तावना को समझने के लिए लोग सक्षम बनें, अपने संविधान को लोग जाने, संविधान का‍निर्माण होने में जो परिश्रम, विचार-विमर्श हुआ, जो कठिनाई आयी, यह भी सभी के सामने आना चाहिए। हमारा संविधान केवल भाषा या विचार ही नहीं है, इसमें चित्रों का संग्रह भी है। यह संविधान की महिमा को उत्सव के रूप में मनाने का प्रयास है। संविधान दिवस पर लंदन के अंबेडकर हाउस आना सुखद संयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में फरवरी माह में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में निवेशकों और उद्योग समूहों को आमंत्रित करने के उद्देश्य से लंदन यात्रा के दौरान यह सुखद संयोग निर्मित हुआ कि संविधान दिवस पर उस भवन में आने का अवसर प्राप्त हुआ, जहां बाबा साहेब अंबेडकर लंदन प्रवास के दौरान रहे थे।  

साय कैबिनेट की बैठक में लिए गए कई फैसले, हाउसिंग बोर्ड के फ्री-होल्ड किए गए आवासीय भूखंडों पर नहीं लगेगा शुल्क

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. मंत्रिपरिषद की उप समिति द्वारा अनुशंसित 54 राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित प्रकरणों को न्यायालय से वापस लेने के लिए आगामी कार्यवाही करने का फैसला लिया गया. छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा फ्री-होल्ड किए गए आवासीय भूखण्डों के लिए व्यपवर्तन शुल्क एवं अर्थदण्ड से छूट प्रदान करने का भी निर्णय लिया गया. मंत्रिपरिषद ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को वितरण के लिए नागरिक आपूर्ति निगम को आवश्यक चना उपार्जन NeML ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए जाने की अनुमति दी है. खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में राज्य में मक्का फसल तथा प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान अंतर्गत दलहन-तिलहन और रबी विपणन मौसम 2025-26 में चना, मसूर एवं सरसों के उपार्जन के लिए नेफेड एवं एनसीसीएफ को प्रोक्योरमेंट एजेंसी नियुक्त करने का निर्णय लिया गया. छत्तीसगढ़ के किसानों को नवीन उन्नत किस्म के बीजों की उपलब्धता उचित मूल्य पर सुनिश्चित करने के लिए मंत्रिपरिषद ने आज महत्वपूर्ण फैसला लिया. इसके तहत भारत सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं में इम्पैनल्ड सेंट्रल नोडल सीड एजेंसी से आवश्यकतानुसार सीधे बीज क्रय किया जा सकेगा. इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम को छत्तीसगढ़ राज्य भंडार क्रय नियम 2002 के नियम 4 में छूट देने का निर्णय लिया गया. मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य जल विद्युत परियोजना (पम्प स्टोरेज आधारित) स्थापना नीति 2023 में परियोजना विकासकर्ता को वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने की तिथि से प्रथम पांच वर्षाें के लिए प्रति वर्ष 01 लाख रूपए प्रति मेगावाट की दर से लिए जाने वाले हरित ऊर्जा विकास शुल्क को समाप्त करने का निर्णय लिया. हरित ऊर्जा शुल्क में प्रत्येक पांच साल के बाद 25 प्रतिशत की वृद्धि का भी प्रावधान था, इसे भी समाप्त कर दिया गया है. इससे राज्य में जल विद्युत परियोजनाओं एवं ग्रीन एनर्जी के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा. मंत्रिपरिषद ने कक्षा 5वीं एवं 8वीं की परीक्षाओं को केन्द्रीकृत किये जाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग को अधिकृत किया है. मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य में हाउसिंग एण्ड अर्बन डेवलपमेंट कार्पाेरेशन लिमिटेड (हुडको) से आवास, नगरीय विकास एवं अन्य क्षेत्रों में सहायता प्राप्त करने समझौता ज्ञापन (MoU) के प्रारूप का अनुमोदन किया. गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य को हुडको द्वारा आगामी 5 वर्षों में एक लाख करोड़ रुपए तक की वित्तीय सहायता, परामर्श, क्षमता विकास सेवाएं प्रदान करने का प्रस्ताव दिया गया है. कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल अब तक तथा भविष्य में प्राप्त होने वाली भूमि को आवासीय प्रयोजन में व्यपवर्तित करने पर राज्य शासन द्वारा लागू व्यपवर्तन शुल्क प्रीमियम, अर्थदण्ड एवं भू-राजस्व के पुनः निर्धारण से छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया. इससे हाउसिंग बोर्ड के मकान क्रेताओं को लाभ होगा. मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा फ्री-होल्ड किए गए आवासीय भूखण्डों के लिए व्यपवर्तन शुल्क एवं अर्थदण्ड से छूट प्रदान करने का निर्णय लिया है.  

PM की अध्यक्षता में कैबिनेट: किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस योजना पर कुल 2481 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की एक अहम बैठक में देश के किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए कई बड़े फैसले लिए गए। इस बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तहत एक महत्वपूर्ण योजना को मंजूरी दी गई जिसका नाम राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन है। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस योजना पर कुल 2481 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे जिनमें 1584 करोड़ रुपये केंद्र सरकार खर्च करेगी और बारी के 897 करोड़ रुपये राज्य सरकारें खर्च करेंगी। इस मिशन का उद्देश्य देशभर में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना है जिससे किसानों को बेहतर लाभ हो सके। कुल 2481 करोड़ रुपये खर्च होंगे इस योजना पर कुल 2481 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इनमें से 1584 करोड़ रुपये केंद्र सरकार खर्च करेगी जबकि 897 करोड़ रुपये राज्य सरकारों द्वारा खर्च किए जाएंगे। इस मिशन के तहत सरकार किसानों को प्राकृतिक खेती के तरीके से लाभ पहुंचाने के लिए पूरे देश में विशेष कदम उठाएगी। सरकार देशभर में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए इस योजना को मिशन मोड में चलाने जा रही है। कृषि मंत्रालय के अनुसार इस मिशन के तहत पूरे देश में 15,000 क्लस्टरों में इसे लागू किया जाएगा। योजना के जरिए 1 करोड़ किसानों को शामिल किया जाएगा और 7.5 लाख हेक्टेयर जमीन क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। विशेष ध्यान उन क्षेत्रों पर होगा जहां पहले से प्राकृतिक खेती की जाती है जैसे एसआरएलएम/पीएसीएस/एफपीओ आदि के प्रचलित क्षेत्रों में। 10,000 जैव-इनपुट संसाधन केंद्र स्थापित होंगे इस मिशन के तहत, किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए 10,000 जैव-इनपुट संसाधन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा करीब 2000 कृषि विज्ञान केंद्र, कृषि विश्वविद्यालय और किसानों के खेतों में नेचुरल फार्मिंग मॉडल प्रदर्शन फार्म बनाए जाएंगे ताकि किसान प्राकृतिक खेती के लाभ और तरीकों को सही तरीके से समझ सकें। किसानों के उत्पादों को बाजार में लाना भी होगा आसान मिशन के तहत किसानों को उनके प्राकृतिक कृषि उत्पादों के लिए आसान प्रमाणन प्रणाली और समर्पित सामान्य ब्रांडिंग प्रदान की जाएगी ताकि किसानों के उत्पाद को बाजार में अच्छी पहचान मिल सके और उन्हें बेहतर मूल्य मिल सके। इस मिशन के जरिए सरकार का उद्देश्य प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाना और कृषि क्षेत्र को अधिक पर्यावरण मित्र बनाना है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet