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प्रिंसिपल, दो शिक्षकों और वन विभाग के कर्मचारी ने 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा का किया रेप

मनेंद्रगढ़ जिला मुख्यालय से लगभग 110 किलोमीटर दूर जनकपुर क्षेत्र में शिक्षा जगत को शर्मसार करने का मामला सामने आया है. यहां एक प्रिंसिपल के साथ दो शिक्षकों ने मिलकर एक नाबालिग छात्रा को अपनी हवस का शिकार बनाया. वन विभाग का एक कर्मचारी भी इस मामले में शामिल रहा. प्रार्थी की शिकायत पर पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है. जानकारी के मुताबिक एक शासकीय स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा को प्रिंसिपल अशोक कुमार, शिक्षक कुशल सिंह परिहार, रावेन्द्र कुशवाहा एक वन कर्मी के साथ मिलकर किराए के मकान में ले गए. इसके बाद सभी ने बारी-बारी से नाबालिग को अपनी हवस का शिकार बनाया. जब पीड़िता ने इस बात की जानकारी लोगों को देने की बात कही तो आरोपियों ने उसका वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी. साथ ही यह भी कहा कि अगर इस बात की जानकारी किसी को दोगी तो जान से मार देंगे. डरी सहमी बालिका कुछ दिनों तक चुप रही, लेकिन उसके बाद उसने घटना की जानकारी पहले अपने परिजनों को दी. इसके बाद परिजन नाबालिग को लेकर जनकपुर थाना पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी. पुलिस ने मामले की गंभीरता समझते हुए उच्च अधिकारियों को घटना की पूरी जानकारी दी. तीनों आरोपी शिक्षकों को तत्काल हिरासत में लिया गया. आरोपियों से पूछताछ की जा रही है.

मोदी सरकार ने दी सौगात, MP रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी मजबूती, तीसरी और चौथी रेल लाइन को मंजूरी मिली

नई दिल्ली  नरेंद्र मोदी सरकार ने रेलवे के 3 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी. इन प्रोजेक्ट्स की अनुमानित लागत 7927 करोड़ रुपये है. यह परियोजनाएं महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के लिए मंजूर की गई हैं. यह 3 प्रोजेक्ट्स रेल मंत्रालय के अंतर्गत आएंगे और इनसे रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में 639 किलोमीटर का इजाफा होने की उम्मीद है. जिन 3 प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दिखाई गई है वह इस प्रकार हैं- जलगांव-मनमाड चौथी लाइन, बुसावल-खंडवा तीसरी और चौथी लाइन, प्रयागराज-माणिकपुर तीसरी लाइन. इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य कनेक्टिविटी को बेहतर और यात्रा को सुगम बनाने के साथ-साथ लॉजिस्टिक कॉस्ट को घटाना है. श्रद्धालुओं के लिए तोहफा केंद्र सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है, “इन प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स के तहत मुंबई-प्रयागराज-वाराणसी रूट पर अतिरिक्त ट्रेनों को चलाकर कनेक्टिविटी को बढ़ाया जाएगा. इससे नासिक में ज्योतिर्लिंग, खंडवा में ओमकारेश्वर और वाराणसी में काशी विश्वनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा होगी. इसके अलावा प्रयागराज, चित्रकूट, गया और शिरडी जाने वाले तीर्थ यात्रियों का सफर भी सुगम होगा.” सरकार का मानना है कि यह प्रोजेक्ट्स खजुराहो, अजंता एलोरा की गुफाएं, देवगिरी फोर्ट, असिरगढ़ फोर्ट, रेवा फोर्ट, यवल वाइल्डलाइफ सेंक्चुरी, क्योटी और पूर्वा फॉल्स जैसे टूरिस्ट अट्रेक्शन पर भी पर्यटन को बढ़ावा देंगे. व्यापार को बढ़ावा इन रूट्स पर कृषि उत्पाद, फर्टिलाइजर, कोयला, स्टील, सीमेंट और कंटेनर्स को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा जाएगा. सरकार ने कहा है कि यात्रा व ट्रांसपोर्ट के लिए रेलवे एक एनवायरमेंट फ्रेंडली साधन है जिससे लॉजिस्टिक कॉस्ट तो घटेगी ही पर्यावरण लक्ष्यों को पाने में मदद मिलेगी. कृषि प्रोजेक्ट को भी मंजूरी इस बीच, सरकार ने अगले दो वर्षों में ₹2,481 करोड़ के खर्च के साथ 7.5 लाख हेक्टेयर भूमि पर एक करोड़ किसानों के बीच प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रीय मिशन की घोषणा की है. ये परियोजनाएं हैं जलगांव-मनमाड चौथी लाइन (160 किमी) भुसावल-खंडवा तीसरी और चौथी लाइन (131 किमी) प्रयागराज (इरादतगंज)-मानिकपुर तीसरी लाइन (84 किमी) प्रस्तावित मल्टी-ट्रैक परियोजनाओं से परिचालन आसान होगा और भीड़भाड़ कम होगी, जिससे मुंबई और प्रयागराज के बीच सबसे व्यस्ततम खंडों पर आवश्यक अवसंरचना का विकास होगा. तीर्थयात्रियों को मिलेगा लाभ प्रस्तावित परियोजनाएं अतिरिक्त यात्री ट्रेनों के संचालन को सक्षम करके मुंबई-प्रयागराज-वाराणसी मार्ग पर परिवहन सुविधा बढ़ाएंगी, जिससे नासिक (त्र्यंबकेश्वर), खंडवा (ओंकारेश्वर) और वाराणसी (काशी विश्वनाथ) स्थित ज्योतिर्लिंगों के साथ-साथ प्रयागराज, चित्रकूट, गया और शिरडी जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को लाभ होगा. पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा इसके अतिरिक्त, परियोजनाएं खजुराहो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, अजंता और एलोरा गुफाएं यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, देवगिरी किला, असीरगढ़ किला, रीवा किला, यावल वन्यजीव अभयारण्य, केओटी जलप्रपात और पुरवा जलप्रपात जैसे विभिन्न आकर्षणों तक बेहतर पहुंच के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा देंगी. हो सकेगी अतिरिक्त माल ढुलाई ये कृषि उत्पादों, उर्वरक, कोयला, इस्पात, सीमेंट, कंटेनर जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए आवश्यक मार्ग हैं. क्षमता वृद्धि कार्यों के परिणामस्वरूप 51 एमटीपीए (मिलियन टन प्रति वर्ष) की अतिरिक्त माल ढुलाई होगी. रेलवे पर्यावरण-अनुकूल और ऊर्जा-कुशल परिवहन का साधन है, जिससे जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने, देश की लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने, तथा कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन (271 करोड़ किलोग्राम) को कम करने में मदद मिलेगी, जो 11 करोड़ पेड़ लगाने से पर्यावरण को होने वाले लाभ के बराबर है.

अब सफाई कर्मचारियों की मासिक सैलरी 16 हजार से बढ़कर 26 हजार हुई, दुर्घटना बीमा भी दिया जाएगा

हरियाणा हरियाणा सरकार ने सफाई कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत भरी घोषणा की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में सफाई कर्मचारियों के वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि की घोषणा की। अब सफाई कर्मचारियों की मासिक सैलरी 16,000-17,000 रुपये से बढ़ाकर 26,000-27,000 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है। इस वेतन वृद्धि के साथ ही सफाई कर्मचारियों को अतिरिक्त लाभ के रूप में दुर्घटना बीमा भी दिया जाएगा। यह फैसला सरकार के उन प्रयासों का हिस्सा है, जिसमें सफाई कर्मचारियों के योगदान को मान्यता देने और उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है। राजस्थान: बड़ी भर्तियों की तैयारी राजस्थान में सफाई कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया ने ध्यान आकर्षित किया है। राज्य के 185 नगरीय निकायों में 23,820 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए। यहां कर्मचारियों को शुरुआती वेतन 18,900 रुपये मिलेगा, जो स्थायी नियुक्ति के बाद 56,800 रुपये तक जा सकता है। चयन प्रक्रिया लॉटरी सिस्टम के माध्यम से पूरी की जाएगी। इस पहल को राज्य की स्वच्छता सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। मध्य प्रदेश: अस्थायी से स्थायी सफाई कर्मचारी मध्य प्रदेश सरकार ने भी सफाई कर्मचारियों के लिए सुधारात्मक कदम उठाए हैं। 2007 से 2016 तक काम करने वाले अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने की योजना बनाई गई है। वर्तमान में सफाई कर्मचारियों को 8,000 रुपये प्रति माह वेतन मिलता है, जो स्थायी होने पर 18,000 रुपये तक बढ़ जाएगा। इसके अलावा, गंभीर बीमारियों या नौकरी के दौरान मृत्यु की स्थिति में परिवार को अनुकंपा के आधार पर नौकरी का प्रावधान भी किया गया है।   बिहार: नई भर्तियों की संभावना बिहार में सफाई कर्मचारियों का वेतन 12,000 रुपये से 23,700 रुपये प्रति माह के बीच है। राज्य सरकार जल्द ही नगर निगमों में बड़े पैमाने पर भर्तियां करने की योजना बना रही है। यह कदम बिहार की सफाई सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश: वेतन वृद्धि की मांग और प्रदर्शन उत्तर प्रदेश में संविदा पर काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को वर्तमान में 14,000 रुपये प्रति माह वेतन मिलता है। हाल ही में कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाने और न्यूनतम दैनिक मजदूरी लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया है।   हर राज्य सफाई कर्मचारियों के मुद्दों को अपनी प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने की कोशिश कर रहा है। हरियाणा और राजस्थान में सुधारात्मक कदमों ने अन्य राज्यों के लिए उदाहरण पेश किया है। वहीं, उत्तर प्रदेश और बिहार में कर्मचारी अब भी अपनी समस्याओं के समाधान का इंतजार कर रहे हैं। यह स्पष्ट है कि सफाई कर्मचारियों की भूमिका को समझते हुए सरकारों को उनकी सुविधाओं और वेतन में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।

संदिग्ध परिस्थितियों में मिली युवती की लाश, सुसाइड नोट बरामद

कोरबा छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में लाश मिली है. युवती के शव के पास एक बैग मिला है, जिसमें एक चाकू, चांदी का लाकेट, एक मफलर और एक सुसाइड नोट भी मिला है. सुसाइड नोट में लिखा है कि मंजीत ने मुझे मार डाला… सॉरी मंजीत! सूचना पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्ट मॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गई है. पूरा मामला जिले के उरगा थाना अंतर्गत सिलियारी भांठा इलाके का है. जानकारी के मुताबिक, मृत युवती का नाम पूजा पटेल (18 वर्ष) है और वह स्पोर्ट्स और बी.ए. प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही थी. घटना के दौरान युवती के परिजन काम पर गए हुए थे और युवती घर पर अकेली थी. इसी दौरान पड़ोस की महिला ने एक नकाबपोश युवक को युवती के घर से बाहर भागते हुए देखा और उसने युवती के परिजनों को सूचना दी. सूचना मिलते ही परिजन घर पहुंचे तो युवती मृत अवस्था में मिली. वहीं शव के पास मिले नोट से परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है. फिलहाल पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है. युवती के शव के पास मिले नोट के अनुसार पुलिस इस मामले की लव एंगल से भी जांच कर रही है. परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ कर जारी है.

नए शाल से माता वैष्णोदेवी दर्शन होगा हाईटेक, मिलेंगी डिजिटल सुविधाएं, भक्तों की हुई मौज

नई दिल्ली नए साल से माता वैष्णो देवी जाने वाले भक्तों के लिए कई नई और लग्जरी सुविधाएँ शुरू की जा रही हैं। खासकर भैरव घाटी में नव विकास का एक विस्तृत प्लान तैयार किया गया है, जिसमें भैरव मंदिर में लंगर सेवा भी शुरू कर दी गई है। इसके अलावा, दर्शन में समय कम करने के लिए भीड़ प्रबंधन पर काम चल रहा है। जैसे ही रोपवे शुरू होगा, इस क्षेत्र में श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, जिसके लिए रास्ते को चौड़ा करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए सीमा सड़क संगठन का सहयोग लिया जाएगा। डिजिटल युग में डिजिटल सुविधाएं कटरा यात्रा के दौरान श्रद्धालु अब ऑनलाइन पंजीकरण, पूजा, आवास, चॉपर, बैटरी कार और रोपवे जैसी सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं। इसके अलावा, अब भक्तों को डिजिटल लॉकर की सुविधा भी मिल रही है, जिसमें वे अपनी ज़रूरी वस्तुएं रख सकते हैं। भवन पर स्थित तृप्ति भोजनालय में भी अब डिजिटल ऑर्डरिंग की सुविधा शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही, सभी प्रसाद दुकानों को इंटरनल नेटवर्किंग से जोड़ा जा रहा है ताकि समय और ऊर्जा की बचत हो सके और इसे अन्य परियोजनाओं में लगाया जा सके। वेबसाइट के माध्यम से श्रद्धालु किसी भी सुविधा का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं। भक्तों के लिए हेल्थ एटीएम और स्वास्थ्य सुविधाएं यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने विशेष प्रबंध किए हैं। पूरे मार्ग पर 8 औषधालय स्थापित किए गए हैं, जहाँ दिन-रात 30 लोग ड्यूटी पर रहते हैं। गंभीर मामलों के लिए, आधे घंटे के अंदर एम्बुलेंस द्वारा श्रद्धालु को भवन से कटरा पहुँचाने का प्रावधान है। इसके अलावा, कटरा और जम्मू के बीच मल्टीस्पेशल अस्पताल से अनुबंध किया गया है और ऑनलाइन परामर्श की सुविधा भी दी जा रही है। सबसे खास बात यह है कि इलाज के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता है और पंजीकरण के दौरान पांच लाख का बीमा कवर भी दिया जाता है, जो गंभीर इलाज के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। श्रद्धालुओं के लिए विशेष हेल्थ एटीएम की भी व्यवस्था की गई है, जहाँ 15 प्रकार के टेस्ट किए जा सकते हैं और यदि समस्या गंभीर हो, तो विशेषज्ञ डॉक्टर से ऑनलाइन परामर्श भी लिया जा सकता है। एलजी मनोज सिन्हा की तीखी नज़र श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के चेयरमैन और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा बोर्ड के कार्यों पर लगातार नजर रखते हैं। वे हर महीने एक बार श्री वैष्णो देवी दर्शन के लिए आते हैं और वहां चल रही परियोजनाओं का रिव्यू करते हैं। इस दौरान, वे श्रद्धालुओं से सीधे बात करते हैं और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी लेते हैं। इसके बाद, अगले महीने के एजेंडे का निर्धारण कर बोर्ड प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हैं। उन्होंने पुजारियों के मंत्रोच्चारण पर विशेष ध्यान दिया है। अटका आरती में मंत्रोच्चारण को शामिल करने का विचार भी उनका ही था। श्राइन बोर्ड ने एक गुरुकुल भी स्थापित किया है, जहां छात्रों को संस्कृत और वेदों की शिक्षा दी जाती है। इस गुरुकुल पर सालाना 6 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। अब इस गुरुकुल के छात्र पुजारियों के रूप में तैनात किए जा रहे हैं, ताकि मंत्रोच्चारण की पद्धति में किसी प्रकार का समझौता न हो।

एक परिवार की तीन पीढ़ी को मिल रहा महतारी वंदन योजना का लाभ

  परिवार ने की पांच बेटियों की शिक्षा से शादी तक की प्लानिंग राज्य की 70 लाख महिलाओं को दी जा चुकी है अब तक 5878 करोड़ 37 लाख की राशि रायपुर, छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और आर्थिक संबल का एक बड़ा जरिया बन गया है, छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में महतारी वंदन योजना से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बल मिल रहा है। कबीरधाम जिले के बोडला विकासखंड के ग्राम भोंदा निवासी मरार पटेल का संयुक्त परिवार आज हितग्राही परिवारों के लिए प्रेरणा है।इस परिवार में  श्री सदाराम पटेल, उनके छोटे भाई श्री रामकुमार पटेल सपत्नीक, बेटों, बहुओं और पोते-पोतियों के साथ रहते हैं। इस परिवार के तीन पीढ़ियों को सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। महतारी वंदन योजना से यह परिवार आर्थिक मजबूती हासिल कर बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए ठोस योजनाएं भी बना रहा है। संयुक्त परिवार की सशक्त कहानी श्री सदाराम पटेल और उनकी पत्नी श्रीमती सुखबती पटेल के दो बेटे और बहुएं हैं। बड़ी बहू श्रीमती दिलेश्वरी (पति श्री गीताराम) और उनके तीन बच्चे बरखा, अंजू और प्रभा। दूसरी बहु श्रीमती मनीषा (पति श्री जगियाराम) और उनका बेटा मिंताशु है।  श्री सदाराम के छोटे भाई श्री रामकुमार पटेल और उनकी पत्नी श्रीमती बीरझा बाई के भी दो बेटे और बहुएं हैं। बड़ी बहू  श्रीमती अनिता (पति श्री नरेन्द्र) जिनके दो बेटे और एक बेटी हैं। इसी तरह दूसरी बहु श्रीमती गनेशिया (पति श्री फगियाराम) और उनकी एक बेटी है। सुकन्या समृद्धि और ग्रामीण डाक जीवन बीमा योजना में निवेश के लिए मन बनाया परिवार की बहुओं और माताओं ने महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने योजना से मिलने वाली राशि को बेटियों की शिक्षा और शादी के लिए उपयोग करने का मन बनाया है। उन्होंने सुकन्या समृद्धि योजना और ग्रामीण डाक जीवन बीमा में लाभकारी योजना में  निवेश का निश्चय किया  है। उनका कहना है कि इस योजनाओं से बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सकेगा। योजनाएं 2039-40 तक उनके बच्चों के भविष्य के लिए आर्थिक रूप से सहायक साबित होंगी। पटेल परिवार की बहुएं श्रीमती सुखबती पटेल और श्रीमती बीरझा बाई ने बताया, “महतारी वंदन योजना ने हमें आत्मनिर्भर बनने और अपने बच्चों के बेहतर भविष्य की दिशा में काम करने का विश्वास दिया है। परिवार के भी का मिला कर हर माह 6 हजार रुपए की अतिरिक्त आय से हमारा जीवन स्तर बेहतर और खुशहाल होने लगा है। पांच साल में यह राशि 3.60 लाख तक पहुंच जाएगी।” हमे पूरा विश्वास है कि यह योजना आगे भी चलते रहेगी।     गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना का शुभारंभ एक मार्च 2024 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किया था, जिसका उद्देश्य महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक स्वावलंबन और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत 21 वर्ष से अधिक आयु की पात्र विवाहित महिलाओं को एक-एक हजार रूपए की मासिक आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।योजना के तहत अब तक राज्य की महिलाओं को कुल 5878 करोड़ 37 लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। महतारी वंदन योजना ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही उनके परिवारों को आर्थिक स्थिरता प्रदान की है। यह योजना न केवल वर्तमान की आवश्यकताओं को पूरा कर रही है, बल्कि भविष्य के लिए भी मजबूत आधार तैयार कर रही है।

मुंगेली व्यापार मेला 2024 का भव्य शुभारंभ करेंगे डिप्टी सीएम साव

मुंगेली छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में आज स्टार्स ऑफ टुमारो वेलफेयर सोसायटी की तरफ से आयोजित मुंगेली व्यापार मेला 2024 का भव्य शुभारंभ होने जा रहा है. यह आयोजन वीर शहीद धनंजय सिंह स्टेडियम में आयोजित किया गया है. इस आयोजन का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री अरुण साव शाम 5:30 बजे दीप प्रज्वलन के साथ करेंगे. इस आयोजन में छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति, और व्यावसायिक गतिविधियों का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा. छह दिवसीय आयोजन का मुख्य आकर्षण मुंगेली व्यापार मेला 26 नवंबर से 1 दिसंबर तक चलेगा. यह मेला हर साल लोगों के बीच लोकप्रियता का केंद्र रहता है और इसे “मुंगेली का त्यौहार” के नाम से भी जाना जाता है. इस बार मेले में 250 से अधिक स्टॉल लगने वाले हैं, जिनमें फिश टनल, फूड जोन, ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट, हैंडीक्राफ्ट, बस्तर आर्ट, महिला गृह उद्योग, और बच्चों के झूले शामिल हैं. शहर की प्रतिभाओं को मिलेगा मंच इस बार मेले में “मुंगेली गॉट टैलेंट” के माध्यम से स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा. आज शाम 6:00 बजे प्रतिभागी अपने कला कौशल से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे. कार्यक्रम के पहले दिन रात 9:00 बजे लोकप्रिय लोक गायिका अलका चंद्राकर अपनी टीम के साथ मंच पर प्रस्तुति देंगी. विशेष प्रतियोगिताओं का आयोजन     27 नवंबर: रंगोली प्रतियोगिता (दोपहर 2:00 बजे), विषय – “आजादी का अमृत महोत्सव”.     27 नवंबर: विद्यालयीन छात्रों का समूह नृत्य प्रतियोगिता (सायं 6:00 बजे). व्यापार मेले की खासियत यह मेला छोटे, मध्यम और लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है. मेले के संयोजक रामपाल सिंह ने बताया कि, “इस बार की तैयारी खास है. स्थानीय प्रतिभाओं को मंच पर लाने के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी ध्यान दिया गया है.” वहीं इस व्यापार मेला को लेकर शहरवासियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. मैदान में पहले ही चहल-पहल शुरू हो चुकी है. व्यापारियों और आयोजकों को विश्वास है कि यह मेला हर साल की तरह इस बार भी भव्य और सफल रहेगा. आयोजन समिति की सक्रिय भागीदारी मेले को सफल बनाने के लिए संस्था के सदस्य पूरी सक्रियता से जुटे हुए हैं. संयोजक रामपाल सिंह, अध्यक्ष महावीर सिंह, सचिव विनोद यादव सहित अन्य सदस्यों ने मेले की सफलता के लिए विशेष योगदान दिया है.

गृह मंत्री अमित शाह एलबीएस एकेडमी पहुंचेंगे 28 नवंबर को , मुख्य सचिव ने तैयारियों को लेकर की बैठक

देहरादून. मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने केंद्रीय गृह मंत्री के 28 नवंबर को लाल बहादुर शास्त्री प्रशासन अकादमी मसूरी के भ्रमण कार्यक्रम को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की तैयारियों की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने आयुक्त गढ़वाल मंडल, पुलिस उप महानिरीक्षक गढ़वाल रेंज, जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून समेत सभी संबंधित अधिकारीयों को समस्त व्यवस्थाएं पुख्ता करने के निर्देश दिए। इस मौके पर डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु,  एडीजी एपी अंशुमान समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

सीएम विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना, आशा को बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए मिली 20 लाख की आर्थिक सहायता

रायपुर, जब जीवन में हर तरफ अंधेरा दिखाई देने लगे तब  उम्मीद के एक छोटी सी रोशनी भी पूरे जीवन को प्रकाशवान कर जाती है। ऐसी ही कहानी है कुनकुरी विकासखण्ड के ग्राम पंचायत रेमते में रहने वाली 15 साल की आशा चक्रेश की। सिकलसेल से पीड़ित आशा के जीवन में कई उतार चढ़ाव आये पर कहीं भी उम्मीद की किरण दिखाई नहीं दे रही थी। यहां पर आशा के लिए मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना एक नई उम्मीद बन कर आई।              आशा को जन्म से ही सिकलीन की बीमारी है। यह जानकारी मजदूर माता पिता के लिए किसी सदमे से कम नहीं थी। चिकित्सकों ने बताया था कि आशा को  सिकलसेल की बीमारी का वह प्रकार है जो 10 लाख लोगों में एक व्यक्ति को होने वाली बीमारी है। इस संबंध में आशा की माता बिमला बाई चक्रेश ने बताया कि आशा के पिता स्व. मंगलराम चक्रेश उसके स्वास्थ्य और इलाज के लिए हमेशा चिंतित रहा करते थे। आशा के ईलाज के लिए दंपत्ति ने अपनी छोटी सी बचत और आयुष्मान भारत योजना की सहायता से कई अस्पतालों का चक्कर लगाया। रायपुर से लेकर इंदौर, मुंबई सभी जगह आशा की जांच कराने के बाद भी निराशा ही हाथ लगी थी। बचपन से हर महीने आशा को खून चढ़ाने अस्पताल का चक्कर लगाना ही पड़ता था और इसका खर्च भी वहन करना पड़ता था। ऐसे में एक दिन एक दुखद दुर्घटना में पिता मंगलराम का भी निधन हो गया। इस हालात में आशा का आगे का इलाज असंभव लगने लगा था। एक दिन जिला प्रशासन द्वारा मेडिकल कैम्प आयोजित किया गया था जहां जांच उपरांत चिकित्सकों ने बोन मैरो ट्रांसप्लांट कराने की सलाह दी। हमारे लिए इसका खर्च उठा पाना संभव नहीं था तब जिला प्रशासन से जांच हेतु 01 लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई, जिससे रायपुर जाकर जांच संभव हो सका। परन्तु महंगे ईलाज की समस्या अभी भी बनी हुई थी।   चिकित्सकों ने उन्हें मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना की जानकारी दी। जहां से स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवेदन को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कार्यालय भेजा गया। त्वरित कार्यवाही करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे स्वीकृति प्रदान करते हुए ईलाज के लिए 20 लाख रुपये प्रदान किया गया। जिसके बाद रायपुर के एक प्रतिष्ठित अस्पताल में बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए दाता की पहचान की गई। दाता का सैम्पल मैच होने पर आशा का बोन मैरो ट्रांसप्लांट का ऑपरेशन किया गया। जिसके बाद आशा को नया जीवन प्राप्त हुआ। इस नए जीवन के लिए आशा और उनकी माता ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिया और कहा कि यदि मुख्यमंत्री जी से सहायता ना मिलती तो शायद आशा का जीवन बचा पाना उनके लिए संभव नहीं होता।

चिन्मय दास की गिरफ्तारी पर MEA चिंतित, हिन्दुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करे बांग्लादेश, भारत की दो टूक

नई दिल्ली भारत ने मंगलवार को बांग्लादेश में हिंदू पुजारी चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी पर कड़ा रुख अपनाते हुए इसे गंभीर चिंता का विषय बताया। भारत के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि दास की गिरफ्तारी और उन्हें जमानत न दिए जाने की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि यह घटना ऐसे समय हो रही है जब बांग्लादेश में हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर हिंसक हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इनमें उनके घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को जलाने और लूटने, मूर्तियों और मंदिरों को अपवित्र करने के मामले सामने आए हैं। बांग्लादेश पुलिस ने हिंदू समूह सम्मिलित सनातनी जोत के नेता दास को ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा क्षेत्र से सोमवार को गिरफ्तार किया था। बांग्लादेश की एक अदालत ने मंगलवार को दास की जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उसने चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी और उन्हें जमानत नहीं मिलने का गहरी चिंता के साथ संज्ञान लिया है। मंत्रालय ने कहा, “यह घटना बांग्लादेश में चरमपंथी तत्वों द्वारा हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर कई हमले किए जाने के बाद हुई है।” विदेश मंत्रालय ने कहा कि अल्पसंख्यकों के घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में आगजनी और लूटपाट के साथ-साथ चोरी, तोड़फोड़ और देवी-देवताओं और मंदिरों को अपवित्र करने के कई मामले हुए हैं जो दस्तावेजों में दर्ज हैं। बयान में कहा गया, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इन घटनाओं के अपराधी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं, लेकिन शांतिपूर्ण सभाओं के माध्यम से वैध मांगें उठाने वाले एक धार्मिक नेता के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं।” विदेश मंत्रालय ने दास की गिरफ्तारी के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों पर भी चिंता जतायी। मंत्रालय ने कहा, “हम बांग्लादेश के प्राधिकारियों से हिंदुओं और सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं। हम शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र होने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के उनके अधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील करते हैं।”

सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते आंकड़े को लेकर जीवनसाथी को सगाई में अंगूठी के साथ पहनाया हेलमेट

राजनांदगांव सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। सड़क दुर्घटनाओं के रोकथाम के लिए युवा अलग-अलग माध्यम से अभियान भी चला रहे हैं। कई युवा अपने अलग-अलग अंदाज़ में समाज सेवा करते नजर आ रहे हैं। कोई सड़कों पर रेडियम पाइंट लगाता है तो कोई जानवरों को सड़कों से हटाता है। रविवार की रात करियाटोला में सगाई समारोह में युवक-युवती ने एक-दूसरे को अंगूठी पहनाने के साथ हेलमेट भी पहनाया। सगाई समारोह में यह द्श्य देख कुछ देर के लिए घराती-बाराती भी चौंक गए। लेकिन युवक-युवती ने एक-दूसरे को हेलमेट पहनाकर लोगों को वाहन चलाने के दौरान हेलमेट अनिवार्य का संदेश दिया। बता दें कि रविवार की रात डोंगरगढ़ ब्लाक के ग्राम जारवाही निवासी 26 वर्षीय बीरेंद्र साहू की सगाई डोंगरगांव क्षेत्र के ग्राम करियाटोला निवासी 24 वर्षीय ज्योति साहू के साथ हुई। सगाई रस्म के दौरान ही दोनों ने एक-दूसरे को हेलमेट पहनाकर जागरुकता का संदेश दिया। बता दें कि बीरेंद्र के पिता का सड़क दुर्घटना में निधन होने के बाद से परिवार के सदस्य लोगों को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक कर रहे हैं। बीरेंद्र साहू, नगर डोंगरगांव के समाजसेवक हेलमेट संगवारी धर्मेंद्र साहू के छोटे भाई हैं जो कि अपने पिता के सड़क दुर्घटना में निधन के बाद से हेलमेट लगाने को लेकर जागरूक करने के साथ साथ लोगों को हेलमेट दान भी करता है। धर्मेंद्र ने बताया कि पिताजी का निधन सिर में चोंट लगने के कारण हुआ था। उस समय वे हेलमेट नहीं पहने थे। तब से लोगों को हेलमेट पहनने जागरूक और हेलमेट दान करने में लगा है। उनके इस कार्य में पूरा परिवार सहयोग करता है। इसमें पत्नी त्रिवेणी, भाई मोहित साहू, बहू सरिता, मां कुमारी साहू भी लोगों को प्रेरित करने में सहयोग कर रही है। हेलमेट संगवारी के नाम से पहचान धर्मेंद्र साहू अब तक एक हज़ार से भी अधिक हेलमेट लोगों को दान कर चुके हैं। सड़क सुरक्षा अभियान या जागरूकता कार्यक्रमों में भी लोगों को हेलमेट भेंट कर चुके हैं। वहीं लोगों को हेलमेट का महत्व बताकर लगातार जागरूक कर रहे हैं। साहू की इस पहल को डोंगरगांव नगर के लोगों ने हेलमेट संगवारी का नाम दिया है। साथ ही इनकी इस पहल की प्रशासन के साथ समाज भी सराहना कर रहे हैं। सड़क दुर्घटना एक नजर वर्ष प्रकरण मृत्यु घायल 2020 804 299 751 2021 861 346 929 2022 493 190 418 2023 419 187 314 2024 249 110 203

अगर पार्टियां पंथ को देश से ऊपर रखती हैं तो हमारी स्वतंत्रता दूसरी बार खतरे में पड़ जाएगी: जगदीप धनखड़

नई दिल्ली उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर को याद करते हुए कहा कि अगर पार्टियां पंथ को देश से ऊपर रखती हैं तो हमारी स्वतंत्रता दूसरी बार खतरे में पड़ जाएगी। संविधान को अंगीकार किए जाने की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर साल भर चलने वाले समारोहों की शुरुआत के लिए पुराने संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने आगाह किया कि रणनीति के तहत व्यवधान पैदा करना लोकतंत्र के लिए खतरा है। धनखड़ ने कहा, ‘‘यह समय रचनात्मक संवाद, बहस और सार्थक चर्चा के माध्यम से हमारे लोकतांत्रिक मंदिरों की पवित्रता को बहाल करने का समय है ताकि हमारे लोगों की प्रभावी ढंग से सेवा की जा सके।’’ इस बात का उल्लेख करते हुए कि संविधान ने निपुणता से लोकतंत्र के तीन स्तंभों (विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका) को स्थापित किया है और प्रत्येक की एक परिभाषित भूमिका है, धनखड़ ने कहा, ‘‘लोकतंत्र का सबसे अच्छा पोषण तब होता है जब उसके संवैधानिक संस्थान अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों का पालन करते हुए समन्वय, तालमेल और एकजुटता से काम करें।’’ उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य के इन अंगों के कामकाज में, क्षेत्र विशिष्टता भारत को समृद्धि और समानता की अभूतपूर्व ऊंचाइयों की ओर ले जाने में इष्टतम योगदान देने का सबसे अच्छा साधन है। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा में सदन के नेता जे पी नड्डा, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे (राज्यसभा) और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू मंच पर मौजूद थे। इस अवसर पर भारत के संविधान को अपनाने की 75वीं वर्षगांठ को समर्पित एक स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी किया गया। साथ ही ‘भारत के संविधान का निर्माण: एक झलक’ और ‘भारत के संविधान का निर्माण और इसकी गौरवशाली यात्रा’ शीर्षक वाली पुस्तकों का विमोचन किया गया। राष्ट्रपति ने संविधान के संस्कृत और मैथिली अनुवादों का अनावरण किया। यह समारोह ‘हमारा संविधान, हमारा स्वाभिमान’ अभियान का हिस्सा है। इसका उद्देश्य संविधान में निहित मूल मूल्यों को दोहराते हुए संविधान के निर्माताओं के योगदान का सम्मान करना है।  

गेमिंग एप में लाभ दिलाने का झांसा देकर महिला से ठगे 17 लाख

अभनपुर गेमिंग एप में लाभ दिलाने का झांसा देकर शातिर ठग ने एक शिक्षिका महिला से 17 लाख 11 हजार 408 रुपए की ऑनलाइन ठगी की है. पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है. यह मामला गोबरा नवापारा का है. जानकारी के मुताबिक, ज्योति तेजवानी पति स्वर्गीय नामदेव तेजवानी (53 वर्ष) निवासी गंज रोड गोबरा नवापारा को 5 नवंबर 2024 की रात 8:15 बजे के करीब Heizberg diamonds के संचालक ने टेलीग्राम में लिंक भेजा. ग्रुप में जुड़कर गेमिंग एप में लाभ दिलाने का झांसा देकर अपने बताए अलग-अलग खाता नंबर और यूपीआई में कुल 17 लाख 11 हजार 408 रुपए जमा करा कर धोखाधड़ी कर ली. मामले में थाना गोबरा नवापारा ने प्रार्थिया की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 318-4 के तहत अपराध दर्ज किया है.

जांच के लिए SIT हुई गठित, पायलट बाबा आश्रम की संपत्ति पर कई संतों के खुर्द बुर्द करने का आरोप

हरिद्वार. हरिद्वार में पायलट बाबा आश्रम के साधु संतों पर उनके इलाज में लापरवाही बरतने और करोड़ों की धोखाधड़ी करने समेत कई आरोप लगे हैं। इस मामले में अब एसएसपी के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी साधु संतों के विरुद्ध लगे गंभीर आरोपों की जांच करेगी। बता दें कि शिष्य ब्रहमानन्द गिरी ने जगजीतपुर में पायलट बाबा आश्रम के अन्य साधू संतों के खिलाफ आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज की थी। जिसके बाद अब पुलिस जांच में जुटी है। एसआईटी में जूही मनराल क्षेत्राधिकारी नगर, मनोज नौटियाल थानाध्यक्ष कनखल, अमित नौटियाल थाना कनखल, पवन डिमरी सीआईयू हरिद्वार, जसवीर थाना कनखल और वसीम सीआईयू हरिद्वार को शामिल किया गया है।

कोई एक पार्टी यह नहीं तय कर सकती कि सुप्रीम कोर्ट को किस मामले की सुनवाई करनी चाहिए: डीवाई चंद्रचूड़

नई दिल्ली देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने शिवसेना (यूबीटी) की ओर से लगाए गए आरोपों पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि कोई एक पार्टी यह नहीं तय कर सकती कि सुप्रीम कोर्ट को किस मामले की सुनवाई करनी चाहिए। दरअसल, शिवसेना नेता संजय राउत ने बीते दिनों चंद्रचूड़ की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने महाराष्ट्र में दल-बदल करने वाले नेताओं के मन से कानून का डर खत्म कर दिया था। राउत ने दावा किया कि अयोग्यता याचिकाओं पर निर्णय नहीं करके चंद्रचूड़ ने दलबदल के लिए दरवाजे और खिड़कियां खुली रखीं। एएनआई को दिए इंटरव्यू में पूर्व सीजेआई ने शिवसेना के आरोपों पर कहा, ‘मेरा जवाब बहुत सरल है। पूरे साल हमने कई मौलिक संवैधानिक मामलों पर सुनवाई की। हम 9 न्यायाधीशों की पीठ के निर्णयों, 7 न्यायाधीशों की पीठ के निर्णयों और 5 जजों की पीठ के फैसलों से निपटते रहे। ऐसे में क्या किसी एक पक्ष या व्यक्ति को यह तय करना चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट को किस मामले की सुनवाई करनी चाहिए? माफ कीजिए, यह अधिकार मुख्य न्यायाधीश के पास होता है।’ हमारे पास सीमित जनशक्ति, बोले चंद्रचूड़ डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि 20 वर्षों से कई मामले सर्वोच्च न्यायालय में लंबित पड़े हैं। उन्होंने कहा, ‘अगर आप कहते हैं कि हमें जो समय दिया गया उसमें हमने एक मिनट भी काम नहीं किया तो ऐसी आलोचना जायज है। आप देखिए कि कई अहम संवैधानिक मामले 20 बरसों से सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग हैं। एससी इन 20 साल पुराने मामलों को क्यों नहीं ले रहा है और कुछ हालिया मुद्दों पर सुनवाई क्यों कर रहा है? इस बीच, अगर आप पुराने मामलों को लेते हैं तो आपको बताया जाएगा कि आपने इस विशेष केस को नहीं लिया। हमारे पास सीमित जनशक्ति है और न्यायाधीशों की निश्चित संख्या है। ऐसे में आपको संतुलन बनाना होता है।’ ‘हमने चुनावी बांड पर लिया फैसला’ शिवसेना मामले में फैसला देर से लेने के आरोपों पर भी पूर्व सीजेआई ने जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘देखिए, यही समस्या है। असली दिक्कत यह है कि राजनीति का एक निश्चित वर्ग सोचता है कि अगर उनके एजेंडे का पालन करते हैं तो हम स्वतंत्र हैं। हमने चुनावी बांड पर फैसला लिया। क्या यह कोई कम महत्वपूर्ण मामला था? हमने हाल ही में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय मामले में फैसला सुनाया, जिसमें इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के तहत मदरसों को बंद करने का मुद्दा शामिल रहा। हमने व्यक्तियों के विकलांगता अधिकारों से संबंधित मुद्दों पर सुनवाई की। क्या ये कम जरूरी मामले थे?’ शिवसेना यूबीटी का क्या है आरोप वर्ष 2022 में अविभाजित शिवसेना में विभाजन के बाद, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले पार्टी के गुट ने एकनाथ शिंदे के साथ दलबदल करने वाले पार्टी विधायकों की अयोग्यता पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। शीर्ष अदालत ने अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला करने का दायित्व विधानसभा अध्यक्ष पर छोड़ था। विधानसभा अध्यक्ष ने शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट को असली राजनीतिक दल घोषित किया था। राउत ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के नतीजे पहले से तय थे। उन्होंने कहा कि अगर तत्कालीन पूर्व न्यायाधीश ने अयोग्यता याचिकाओं पर समय पर फैसला किया होता, तो नतीजे अलग होते।

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