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युवराज का रिकॉर्ड तोड़ चर्चा में आया रतलाम का यह क्रिकेटर, IPL में दिल्ली ने बरसाए करोड़ों

रतलाम रतलाम के प्रतिभावान खिलाड़ी आशुतोष शर्मा को आईपीएल ऑक्शन 2025 में दिल्ली कैपिटल्स ने 3.80 करोड़ में खरीदा है. आशुतोष अपने आक्रामक खेल की बदौलत 20 लाख की प्राइस मनी से 3.80 करोड़ की एक्शन वैल्यू तक पहुंचे हैं. एमपी के छोटे शहर रतलाम के आशुतोष ने पंजाब किंग्स की तरफ से पहला आईपीएल खेलते हुए 11 मैचों में 189 रन बनाए थे. आशुतोष का स्ट्राइक रेट 167 था. आशुतोष शर्मा के भाई अनिल शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया “आशुतोष वर्तमान में रेलवे की टीम से खेलते हैं. पूर्व में वह मध्य प्रदेश रणजी टीम के साथ भी खेल चुके हैं. आईपीएल ऑक्शन में आशुतोष को अच्छी प्राइज मनी मिलने की उम्मीद थी. दिल्ली कैपिटल द्वारा खरीदे जाने के बाद आशुतोष के परिवार के लोग काफी खुश हैं.” आशुतोष ने आईपीएल 2024 में पंजाब किंग्स टीम से किया था डेब्यू गौरतलब है कि आशुतोष का चयन आईपीएल 2024 के लिए पंजाब किंग्स टीम ने किया था. पंजाब किंग्स ने आशुतोष को बेस प्राइस 20 लाख रुपये में अपनी टीम में लिया था. इसके बाद गुजरात टाइटंस के खिलाफ आशुतोष ने डेब्यू मैच खेलते हुए 17 गेंद में 31 रन बनाकर अपनी प्रतिभा का परिचय आईपीएल के बड़े मंच पर दिया था. इसके बाद मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेली गई अर्धशतकीय पारी के बाद आशुतोष ने अपने विस्फोटक खेल से सभी का ध्यान आकर्षित किया था. रतलाम और उज्जैन संभाग से आईपीएल खेलने वाले पहले खिलाड़ी आशुतोष शर्मा ने रतलाम के रेलवे ग्राउंड और आरपीएफ ग्राउंड पर क्रिकेट खेलना शुरू किया. क्रिकेट कोच भूपेंद्र सिंह चौहान और लोकपाल सिंह सिसोदिया की कोचिंग में खेलते हुए उन्होंने एमपी की रणजी टीम और रेलवे की टीम में जगह बनाई. अपनी आक्रामक पारियों की बदौलत आशुतोष ने आईपीएल 2024 में सभी टीमों का ध्यान आकर्षित किया. इस साल होने वाले आईपीएल ऑक्शन के लिए हर टीम ने उन्हें अपनी टीम में खरीदे जाने वाले खिलाड़ियों की सूची में शामिल किया था. इसके बाद दिल्ली कैपिटल्स ने 3 करोड़ 80 लाख रुपये की बोली लगाकर आशुतोष को अपनी टीम में शामिल किया है. रतलाम के आशुतोष शर्मा अब दिल्ली कैपिटल्स की टीम से 2025 आईपीएल में धमाकेदार प्रदर्शन करते नजर आएंगे.  

मुख्यमंत्री साय बोले – संविधान भारत की सदियों पुरानी संस्कृति, इतिहास और परंपराओं का आइना

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज प्रातः संविधान दिवस पदयात्रा कार्यक्रम में शामिल हुए।  संविधान दिवस पदयात्रा पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय सभागृह से प्रारंभ होकर अंबेडकर चौक पर समाप्त हुई। मुख्यमंत्री ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस पदयात्रा में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक, विधायकगण श्री इंद्र कुमार साहू, गुरु खुशवंत साहेब, श्री अनुज शर्मा, महिला आयोग की सदस्य श्रीमती लक्ष्मी वर्मा और युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्वजीत तोमर शामिल थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय सभागृह में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा संविधान भारत की सदियों पुरानी संस्कृति, इतिहास और परंपराओं का आइना है। यह संविधान हमारे सदियों के संघर्ष, अनुभव और उपलब्धियों का प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज के दिन 26 नवंबर से  संविधान दिवस 2024 के आयोजन की शुरूआत हुई है। आज भारत के संविधान को आत्मसात किए 75 वर्ष पूरे हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे संविधान निर्माताओं ने जहां पर मौलिक अधिकारों की बात लिखी है, वहां भगवान श्रीराम, माता सीता और भइया लक्ष्मण की तस्वीर अंकित की है। उन्होंने कहा कि यह तस्वीर तब की है जब भगवान श्रीराम लंका विजय के बाद अयोध्या लौट रहे थे। हमें इस बात को समझना होगा कि हमारे संविधान निर्माताओं ने इस तस्वीर के माध्यम से हमें क्या संदेश दिया है। संविधान में ऐसे ही अनेक चित्र और संकेत हैं, जिनके माध्यम से संविधान निर्माताओं ने इंगित किया है कि हमें भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों के साथ लोकतंत्र को आगे बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भी हमारे संविधान की एक बड़ी विशेषता है कि इसमें परिवर्तनशील समय के अनुरूप आवश्यकता पड़ने पर संशोधन का भी प्रावधान है। हमारे संविधान निर्माताओं ने देश पर अपनी इच्छाओं और विचारों को लादा नहीं, बल्कि अपनी दूरदर्शिता से भावी पीढ़ी के लिए यह गुंजाइश छोड़ी कि वह अपने समय की परिस्थितियों, अपने समय के ज्ञान, अपने समय की आवश्यकताओं के अनुसार इसमें संशोधन कर सकें। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि संविधान दिवस के इस गौरवशाली पल में हमें लोगों को संविधान प्रदत्त अधिकारों एवं हमारे मौलिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना है। संविधान सभा ने दो वर्ष 11 माह 18 दिन में संविधान का निर्माण किया। भारत का यह संविधान पूरे विश्व के लिए आदर्श है। संविधान केवल किताब ही नही, अपितु लोकतंत्र के जीवन का दर्शन है। संविधान  कर्तव्यों और अधिकारों का निर्धारण करता है। यह देश की एकता और अंखडता का सूचक है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि भारत के संविधान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने संविधान दिवस मनाने का आह्वान किया है। दुनिया के सबसे बड़े संविधान ने वनांचल की बेटी को देश के सर्वोच्च राष्ट्रपति के पद पर आसीन होने का अवसर दिया। दलितों को आगे बढ़ाने का यदि कोई साधन है तो वह है भारत का संविधान। लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए देश के सभी लोगों को संविधान में दिए गए कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहना  होगा। भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर को युगों-युगों तक याद रखा जाएगा। विधायक श्री धरम लाल कौशिक ने कहा कि देश की आजादी के बाद लोकतंत्र को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए संविधान का निर्माण हुआ।  संविधान दिवस संविधान निर्माताओं को नमन करने का दिन है। आज के दिन सभी को कर्तव्यों की जवाबदेही पर संकल्प लेना चाहिए। संविधान के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए यह आयोजन किया जा रहा है, जो सालभर चलेगा। इसके लिए ’’हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान’’ टैगलाइन तय की गई है। इस अवसर पर खेल विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, निगम आयुक्त श्री अविनाश मिश्रा, जिला पंचायत के सीईओ श्री विश्वदीप, खेल विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम सहित अन्य अधिकारीगण और स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी: गौतम गंभीर फैमिली इमरजेंसी के कारण ऑस्ट्रेलिया से भारत आ रहे

नई दिल्ली टीम इंडिया ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 की शुरुआत दमदार अंदाज में की और पर्थ में पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला जीत लिया। भारतीय टीम सीरीज में 1-0 से आगे है और अब दूसरा टेस्ट 6 दिसंबर से एडिलेड में खेला जाना है। इससे पहले खबर है कि टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर भारत लौट रहे हैं। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के बीच में मुख्य कोच का भारत लौटना चौंकाने वाला है। हालांकि, अच्छी बात ये है कि वे दूसरे टेस्ट मैच से पहले फिर से टीम के साथ जुड़ जाएंगे। रिपोर्ट की मानें तो गौतम गंभीर फैमिली इमरजेंसी के कारण ऑस्ट्रेलिया से भारत आ रहे हैं। हालांकि, एडिलेड में पिंक बॉल से खेले जाने वाले दूसरे टेस्ट मैच से पहले वे फिर से ऑस्ट्रेलिया पहुंच जाएंगे। पर्थ के ऑप्टस में भारत की ऐतिहासिक जीत का गवाह बने गौतम गंभीर बुधवार को कैनबरा पहुंचने वाले हैं, जहां दो दिवसीय प्रैक्टिस मैच पिंक बॉल से भारत को खेलना है। हालांकि, इस प्रैक्टिस मैच में भारतीय टीम को अपने हेड कोच का साथ नहीं मिलेगा, क्योंकि गंभीर उस समय भारत में होंगे। शनिवार 30 नवंबर से कैनबरा में दो दिवसीय प्रैक्टिस मैच प्राइम मिनिस्टर इलेवन के खिलाफ इंडिया को खेलना है। एक दिन टीम बल्लेबाजी करेगी और एक दिन टीम फील्डिंग करेगी। पिंक बॉल टेस्ट काफी कठिन है और इसकी तैयारियों के देखते हुए पहले और दूसरे टेस्ट मैच के बीच में काफी अंतर रखा गया है। थोड़ा सा गैप है तो गौतम गंभीर फैमिली इमरजेंसी के कारण अपने परिवार को समय दे सकते हैं और फिर एडिलेड टेस्ट मैच से पहले फिर से टीम को जॉइन कर सकते हैं। प्लेइंग इलेवन का सिरदर्द जिस तरह पहले टेस्ट मैच के लिए प्लेइंग इलेवन चुनने का सिरदर्द भारतीय मैनेजमेंट के सामने था। उसी तरह का सिरदर्द भारतीय टीम मैनेजमेंट को दूसरे टेस्ट मैच में भी झेलना होगा। इस बार रोहित शर्मा और शुभमन गिल की वापसी हो रही है। ऐसे में किसे टीम से बाहर किया जाए और किसे किस नंबर पर खिलाया जाए, ये एक समस्या होगी। रोहित शर्मा ओपन करेंगे, लेकिन केएल राहुल फिर कहां खेलेंगे, क्योंकि अगर रोहित ओपन करते हैं तो यशस्वी उनके साथ होंगे। केएल नंबर तीन पर जा नहीं सकते, क्योंकि वहां शुभमन गिल खेलते हैं। ऐसे में केएल को शायद फिर से मिडिल ऑर्डर में जाना पड़ सकता है और ध्रुव जुरेल की जगह उनको मौका मिल सकता है।

तकनीकी खराबी की वजह से ट्रेन संख्या 20171 वंदे भारत एक्सप्रेस को अपने निर्धारित समय से 11 घंटे की देरी से रवाना हुई

 भोपाल  जिस ट्रेन की रफ्तार, तकनीक और वैभव को बदलते रेलवे का चेहरा बताया जाता है, उसने सोमवार को धोखा दे दिया। तकनीकी खराबी की वजह से भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन से हजरत निजामुद्दीन जाने वाली ट्रेन संख्या 20171 वंदे भारत एक्सप्रेस को अपने निर्धारित समय से 11 घंटे की देरी से रवाना किया जा सका। इसकी वजह से सोमवार शाम दिल्ली से भोपाल आने वाली और मंगलवार की सुबह भोपाल से दिल्ली को जाने वाली वंदेभारत एक्सप्रेस का रद्द कर दिया गया है। आई तकनीकी खराबी यह पहली बार है, जब किसी तकनीकी खराबी के कारण वंदे भारत एक्सप्रेस को निरस्त करना पड़ा है। बताया जा रहा है कि रविवार रात ट्रेन संख्या 20172, हजरत निजामुद्दीन-रानी कमलापति वंदेभारत के भोपाल पहुंचने के बाद पता चला कि उसके सी-11 कोच की स्प्रिंग टूट गई है। यही ट्रेन सुबह 5.40 बजे हजरत निजामुद्दीन के लिए रवाना होने वाली थी। यात्रियों ने किया हंगामा तकनीकी खराबी ठीक नहीं हुई तो रात तीन बजे यात्रियों को इसके देरी से रवाना होने की सूचना भेजी गई। अधिकांश यात्री सुबह 9.30 बजे तक स्टेशन पहुंच गए। वहां उन्हें ट्रेन नहीं मिली तो हंगामा होने लगा। दोपहर तक ट्रेन का कोई पता नहीं चला तो बहुत से यात्री रेलवे ट्रैक पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। कई यात्रियों ने स्टेशन मास्टर के कक्ष में जाकर हंगामा किया। रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल नाराज यात्रियों ने शताब्दी एक्सप्रेस में चढ़ने की भी कोशिश की, लेकिन रेलवे सुरक्षा बल के जवानों ने उन्हें बल पूर्वक बाहर निकाल दिया। यात्रियों का कहना था कि रेलवे से स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही थी, जिससे उनकी परेशानी बढ़ गई। इस घटना ने रेलवे के सूचना प्रबंधन और यात्री सुविधा प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ट्रेन की तकनीकी खराबी दूर करने में रेलवे को 17 घंटे का समय लग गया। इस ट्रेन को शाम 4.28 पर रवाना किया गया, तब तक इसके तय समय से 11 घंटे की देर हो चुकी थी। हजरत निजामुद्दीन से भोपाल ट्रेन निरस्त हुई अधिकारियों ने बताया कि देर से रवाना किए जाने की वजह से सोमवार शाम हजरत निजामुद्दीन से चलकर रानी कमलापति आने वाली वंदे भारत ट्रेन को निरस्त कर दिया गया है। यह रैक नहीं आएगा तो मंगलवार सुबह रानी कमलापति से चलकर हजरत निजामुद्दीन तक जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस भी रद्द रहेगी।

रेलवे की भर्ती परीक्षा के लिए कोटा से ग्वालियर के बीच स्पेशल ट्रेन, यहां पर देखें समय सारणी

कोटा  रेलवे की भर्ती परीक्षाएं कोटा में आयोजित होने वाली हैं. इसी की तैयारी को लेकर रेलवे ने अब विशेष ट्रेन चलाई है. यह ट्रेन कोटा से ग्वालियर के बीच आने और जाने का एक-एक फेरा करेगी. कोटा रेल मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक रोहित मालवीय ने बताया कि 25 नवंबर को कोटा से 09801 कोटा ग्वालियर ट्रेन रवाना होगी. वहीं वापसी में यह ट्रेन 09802 ग्वालियर से कोटा के बीच 26 नवंबर मंगलवार को रवाना होगी. इसी तरह से कोटा से 27 नवम्बर को 09803 ग्वालियर जाएगी, जबकि वापसी में 28 नवम्बर को 0904 आएगी. इस ट्रेन में 6 स्लीपर, चार सामान्य, एक एसएलआर और एक जनरेटर कोच होगा. यह ट्रेन कोटा से बीना होते हुए झांसी और ग्वालियर जाएगी. कोटा और ग्वालियर को मिलकर 9 स्टेशनों पर इसका ठहराव होगा. कोटा से ग्वालियर ट्रेन की समय सारणी:     कोटा से रवानगी – रात 9:25     बारां – रात 10:13     छबड़ा गुगोर – रात 23:00     रुठियाई – रात 12:05     गुना – रात12:30     अशोकनगर – रात 1:30     बीना – रात 3:40     वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई झांसी- सुबह 07:05     ग्वालियर – सुबह 9:25 ग्वालियर से कोटा ट्रेन की समय सारणी     ग्वालियर से रवानगी – सुबह 10:25     वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई (झांसी) – दोपहर 13.20     बीना – शाम 6:00     अशोक नगर – शाम 7:45     गुना – रात 09:05     रूठियाई – रात 09:50     छबड़ा गुगोर – रात 10:31     बारां – रात 11:43     कोटा – रात 02:00 रेलवे भर्ती परीक्षार्थियों के लिए उक्त ट्रेनें कोटा-ग्वालियर के बीच बारां, छबरा गुगोर, रूठियाई, गुना, अशोकनगर, बीना एवं वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई (झांसी) स्टेशनों पर रुकेंगी। दोनों परीक्षा स्पेशल ट्रेनें कोटा से रात 21.25 बजे प्रस्थान कर बारां 22.13 बजे आगमन, छबरा गुगोर 23.00 बजे आगमन, रूठियाई 00.05 बजे आगमन, गुना 00.30 बजे आगमन, अशोकनगर 01.30 बजे आगमन, बीना 03.40 बजे आगमन एवं वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई(झांसी) 07.05 बजे आगमन कर अगले दिन सुबह 09.25 बजे ग्वालियर पहुंचेंगी। वापसी में ग्वालियर से सुबह 10.25 बजे प्रस्थान कर वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई (झांसी) दोपहर 13.20 बजे, बीना 18.00 बजे, अशोकनगर 19.45 बजे, गुना 21.05 बजे, रूठियाई 21.50 बजे, छबरा गुगोर 22.31 बजे बारां 22.43 बजे आगमन कर रात 02.00 बजे कोटा पहुंचेंगी। कोटा से ग्वालियर के बीच चलने वाली परीक्षा स्पेशल ट्रेनों के एसी कोच पूरी तरह से लॉक रहेंगे। इस बारे में संबधित स्टेशनों को जानकारी दे दी गई है। यात्रियों से अनुरोध है कि ट्रेन की सटीक जानकारी स्टेशन, एनटीईएस अथवा रेल मदद 139 से प्राप्त करें।

पर्थ टेस्ट मैच के बाद रवि शास्त्री समेत 9 दिग्गजों की भविष्यवाणी फेल

नई दिल्ली बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 से पहले कई दिग्गजो ने इस पांच मैचों की टेस्ट सीरीज को लेकर भविष्यवाणी की थी। उन्होंने बताया था कि इंडिया और ऑस्ट्रेलिया में से कौन सी टीम कहां पर मुकाबला जीतने वाली है। हालांकि, पर्थ टेस्ट मैच के बाद रवि शास्त्री समेत 9 दिग्गजों की भविष्यवाणी फेल हो गई। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के सिर्फ दो ही ऐसे कमेंटेटर थे, जिन्होंने पर्थ टेस्ट मैच को लेकर सबसे सटीक भविष्यवाणी की। हालांकि, किसी ने भी ये नहीं कहा था कि ये मैच ड्रॉ होगा। दो कमेंटेटर्स ने भारत की जीत और 9 कमेंटेटर्स ने ऑस्ट्रेलिया की जीत की भविष्यवाणी पर्थ टेस्ट को लेकर की थी। ऑस्ट्रेलिया में खेली जा रही बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के आधिकारिक ब्रॉडकास्टर्स के कमेंटेटर्स इसमें शामिल हुए थे कि कौन सी कब और कहां मुकाबला जीत सकती है। इसमें फॉक्स क्रिकेट, 7 क्रिकेट, एबीसी स्पोर्ट और स्टार स्पोर्ट्स के 11 कमेंटेटर्स ने भाग लिया। यहां तक कि फोक्स क्रिकेट के लिए कमेंट्री कर रहे रवि शास्त्री ने भी पर्थ टेस्ट मैच में मेजबान ऑस्ट्रेलिया की जीत की भविष्यवाणी की थी, लेकिन उनका ये प्रिडिक्शन फेल रहा। उनके अलावा ग्रेग बेलवेट, ट्रेंट कोपलैंड, एरोन फिंच, डैमियन फ्लेमिंग, माइक हसी, ब्रेंडन जूलियन, साइमन कैटिच और ग्लेन मैकग्रा की भविष्यवाणी फेल रही। वहीं, चैनल 7 की कमेंटेटर कैटी मार्टिन और स्टार स्पोर्ट्स इंडिया के कमेंटेटर जतिन सप्रू ने ही पर्थ में भारतीय टीम के जीतने की भविष्यवाणी की थी। इन्हीं दो कमेंटेटर्स का प्रिडिक्शन सटीक रहा। भारत ने पर्थ में 295 रनों से विशाल जीत दर्ज की। आपको बता दें, इन सभी कमेंटेटर्स ने एडिलेड में पिंक बॉल टेस्ट मैच के लिए भी भविष्यवाणी की है और कहा कि ये मुकाबला सिर्फ और सिर्फ ऑस्ट्रेलिया की टीम जीतने वाली है। अगर भारत इस मुकाबले को जीतने में सफल हो जाता है तो इस बार 11 के 11 कमेंटेटर्स का प्रिडिक्शन फेल हो जाएगा। ड्रॉ होने पर भी इनकी भविष्यवाणी धरी की धरी रह जाएगी।

मुंबई को हिलाकर रख देने वाले हमले को आज हुए 16 साल, एक हमलावर अजमल कसाब को पड़ा गया था जिंदा

मुंबई  आज से ठीक 16 साल पहले, साल 2008 को मुंबई में एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। यह दिन भारत में आतंकवाद के सबसे बड़े हमलों में से एक के रूप में याद किया जाता है, इसे 26/11 के नाम से जानते हैं। इन हमलों ने मुंबई को 59 घंटे तक आतंकित किया और इन 59 घंटे में हुई घटनाओं ने पूरे देश को दहला दिया था। दरअसल, 26 नवंबर 2008 को पाकिस्तान के 10 आतंकवादी समुद्र मार्ग से मुंबई में प्रवेश किये। इन आतंकवादियों ने समुद्र के रास्ते मुंबई के प्रमुख स्थलों पर हमला करने की योजना बनाई थी। उन्होंने भीड़-भाड़ वाले इलाकों को अपने निशाने पर रखा था। रात के अंधेरे में यह आतंकवादी नौका के जरिए मुंबई के कोलाबा क्षेत्र के पास ताज होटल, ओबेरॉय ट्राइडेंट होटल, सीएसटी रेलवे स्टेशन और नरीमन हाउस में घुस गए थे। आतंकवादियों ने मुंबई में पहले ताज होटल और ओबेरॉय ट्राइडेंट होटल पर कब्जा किया, जहां उन्होंने होटल के कर्मचारियों और मेहमानों को बंधक बना लिया। इसके बाद, उन्होंने कोलाबा इलाके के सीएसटी रेलवे स्टेशन पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, जिसमें कई निर्दोष मारे गए। इसी दौरान, नरीमन हाउस में भी आतंकवादियों ने घुसकर कई लोगों को बंधक बना लिया। आतंकवादियों के इन हमलों का उद्देश्य भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर आतंक फैलाना था, आतंकवादी पूरी तरह से प्रशिक्षित थे। वह आम नागरिकों को निशाना बनाने के साथ-साथ विदेशी नागरिकों को भी अपना शिकार बना रहे थे। इसी बीच, मुंबई पुलिस, एनएसजी (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड), एनसीटीसी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने एक साथ आकर आतंकवादियों से लोहा लेना शुरू किया। हेमंत करकरे, विजय सालस्कर और अशोक कामटे जैसे मुंबई पुलिस के बहादुर जवान इस हमले में शहीद हो गए। एनएसजी की विशेष कमांडो टीम ने होटल्स और अन्य ठिकानों पर हमलावरों के खिलाफ ऑपरेशन शुरू किया। इस ऑपरेशन में कुल 9 आतंकवादी मारे गए और एक आतंकवादी अजमल कसाब को जिंदा पकड़ा गया। कसाब को मुंबई पुलिस ने पकड़ने के बाद अदालत में पेश किया और 2012 में उसे फांसी दी गई। आंकड़ों के अनुसार इस हमले में 164 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 300 से अधिक लोग घायल हो गए थे। मारे गए लोगों में भारतीय नागरिकों के अलावा कई विदेशी नागरिक भी थे। इस हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति को और कड़ा किया। मुंबई हमलों ने देश को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की आवश्यकता का एहसास दिलाया। भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाने की कोशिश की और कई आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। तब से हर साल 26 नवंबर को मुंबई हमलों के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है। इस दिन को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई की याद में मनाया जाता है और उन बहादुर लोगों की शहादत को सलाम किया जाता है जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर इस हमले को रोकने की कोशिश की।  भारत ने मुंबई आतंकी हमले के बाद पाकिस्‍तान पर क्‍यों नहीं किया था अटैक  मुंबई में साल 2008 में 26 नवंबर को पाकिस्तान के आतंकी समूह लश्कर-ए-तैयबा के लोगों ने हमला किया था। ये लोग समुद्र के रास्ते से आए थे और ताज होटल और छत्रपति शिवाजी रेलवे टर्मिनल जैसे स्थानों पर हमला किया था। आतंकियों ने मुंबई को दहलाते हुए 175 लोगों को मार डाला था और कम से कम 300 को घायल किया था। सुरक्षाबलों ने अजमल आमिर कसाब को जिंदा पकड़ा था और बाकी आतंकियों को मार गिराया था। कसाब को 2012 में फांसी दे दी गई थी। कसाब की गवाही और खुफिया जानकारी से साफ हो गया था कि हमलों के पीछे पाकिस्तान का हाथ था। कसाब के अलावा जकीउर्रहमान लखवी और हाफिज सईद के इसके पीछे होने की बात सामने आई थी। उस समय काफी बहस के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान पर जवाबी सैन्य कार्रवाई नहीं करने का फैसला लिया था। इस फैसले पर विवाद रहा है और फैसले के विरोधी लोगों ने इसे कमजोरी की तरह देखा है। भारत ने क्यों नहीं किया पाक पर हमला! पूर्व विदेश सचिव शिवशंकर मेनन लश्कर तैयबा या पाकिस्तान पर हमला ना करने के भारत सरकार के उस समय के फैसले के तीन प्रमुख कारण मानते हैं। इसमें सबसे पहला है- अंतरराष्ट्रीय सहानुभूति। मेनन का कहना है कि हमलों के बाद भारत को वैश्विक सहानुभूति मिली। भारत ने लश्कर-ए-तैयबा खिलाफ सैन्य हमले किए होते तो फिर दुनिया इसे भारत-पाक संघर्ष की एक और कड़ी के रूप में देखती। लश्कर-ए-तैयबा के शिविरों पर हमलों में नागरिक भी हताहत होते और भारत की छवि धूमिल होती। मेनन इसकी दूसरी वजह पाकिस्तानी राजनीति को कहते हैं। मेनन के मुताबिक, उस समय पाकिस्तान ने नई नागरिक सरकार चुनी गई थी। आसिफ अली जरदारी के नेतृत्व वाली नई सरकार भारत के साथ बेहतर संबंध चाहती थी। भारत का हमला पाक सेना के पीछे देश को एकजुट करता और नागरिक सरकार कमजोर पड़ जाती। इससे भारत और पाकिस्तान के संबंधों को नुकसान होता। अर्थव्यवस्था पर भी होता असर मेनन का यह भी तर्क है कि लश्कर-ए-तैयबा के शिविरों पर सीमित सैन्य हमले का बहुत कम प्रभाव पड़ता। लश्कर के कैंप कोई विशाल इमारते नहीं बल्कि टिन शेड की झोपड़ियां थीं। वह इन्हें आसानी से दोबारा बना लेते लेकिन पाकिस्तान के साथ युद्ध भारतीय अर्थव्यवस्था को पीछे धकेल देता। यही वजह रही कि भारत ने 26/11 के बाद पाकिस्तान पर हमला नहीं किया। मेनन ने ये भी कहा कि कोई भी भारतीय सरकार दोबारा वही विकल्प नहीं चुन सकेगी मुंबई हमले के लिए उस वक्त की विपक्षी पार्टी भाजपा ने सत्तारूढ़ कांग्रेस पर सवाल उठाए थे। विपक्ष ही नहीं कांग्रेस नेता मंत्री मनीष तिवारी ने भी उस फैसले की आलोचना की। तिवारी ने भारत से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में लश्कर के शिविरों पर हमले को विचार जाहिर किया। उन्होंने इस बात को भी खारिज किया कि इससे भारत को विश्व स्तर पर सहानुभूति नहीं मिलती। पाकिस्तान को संदेश देना जरूरी था मनीष तिवारी का तर्क है कि भारत के हमले से पाकिस्तान और दुनिया दोनों को एक संदेश जाता। वहीं देश में भी हमले से इनकार करके सरकार का आतंक पर नरम रुख … Read more

एस्सार ग्रुप के को-फाउंडर शशिकांत रुइया का निधन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया शोक

नईदिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एस्सार समूह के सह-संस्थापक शशिकांत रुइया (शशि रुइया) के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि श्री रुइया के दूरदर्शी नेतृत्व और उत्कृष्टता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता ने भारत के व्यापार परिदृश्य को बदल दिया। श्री मोदी ने मंगलवार को सोशल नेटवर्किंग साइट ‘एक्स’ पर अपने पोस्ट में कहा, “श्री शशिकांत रुइया जी उद्योग जगत में एक महान हस्ती थे। उनके दूरदर्शी नेतृत्व और उत्कृष्टता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता ने भारत के व्यापार परिदृश्य को बदल दिया। उन्होंने नवाचार और विकास के लिए उच्च मानक भी स्थापित किए। वे हमेशा विचारों से भरे रहते थे, हमेशा इस बात पर चर्चा करते थे कि हम अपने देश को कैसे बेहतर बना सकते हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा, “शशि जी का निधन बेहद दुखद है। इस दुख की घड़ी में उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ओम शांति।” एस्सार ग्रुप की स्थापना शशि रुइया ने अपने भाई रवि रुइया के साथ 1969 में एस्सार ग्रुप की स्थापना की थी। उसे मद्रास पोर्ट ट्रस्ट से बंदरगाह में बाहरी ब्रेकवाटर के निर्माण के लिए 2.5 करोड़ रुपये का ऑर्डर प्राप्त हुआ था। शुरुआती वर्षों में एस्सार ग्रुप ने कंस्ट्रक्शन और इंजीनियरिंग पर फोकस किया। उसने देश में कई पुलों, बांधों और बिजली संयंत्रों सहित कई प्रमुख इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स का निर्माण किया। 1980 के दशक में ग्रुप ने एस्सार ने कई तेल और गैस सेक्टर में विस्तार किया और 1990 के दशक में स्टील और टेलिकॉम में भी कदम रखा। एस्सार ने हचिसन के साथ मिलकर भारत की दूसरा सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी बनाई। लेकिन अब यह ग्रुप टेलिकॉम बिजनस से निकल चुका है। साथ ही उसने अपनी तेल रिफाइनरी रूस की रोजनेफ्ट के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम को बेच दी। ग्रुप का स्टील प्लांट भी इनसॉल्वेंसी प्रॉसीडिंग में आर्सेलर मित्तल के पास चला गया। रुइया कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय निकायों और उद्योग संघों में शामिल थे। वह फिक्की की प्रबंध समिति में थे। साथ ही वह प्रतिष्ठित इंडो-यूएस जॉइंट बिजनस काउंसिल और इंडियन नेशनल शिपऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रहे। रुइया प्रधानमंत्री के इंडो-यूएस सीईओ फोरम और भारत-जापान बिजनेस काउंसिल के सदस्य भी थे। प्रधानमंत्री ने जताया शोक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शशि रुइया ने निधन पर शोक जताया है। मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘श्री शशिकांत रुइया जी उद्योग जगत की एक महान हस्ती थे। उनके दूरदर्शी नेतृत्व और उत्कृष्टता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता ने भारत के कारोबारी परिदृश्य को बदल दिया। उन्होंने इनोवेशन और विकास के लिए उच्च मानक भी स्थापित किए। वे हमेशा विचारों से ओतप्रोत रहते थे। हमेशा इस बात पर चर्चा करते थे कि हम अपने देश को कैसे बेहतर बना सकते हैं। शशि जी का निधन बेहद दुखद है। इस दुख की घड़ी में उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ओम शांति।’

मैहर में दर्दनाक सड़क हादसा, डिवाइडर से टकराई कार, 4 लोगों की दर्दनाक मौत

मैहर मध्यप्रदेश में रफ्तार का कहर थम नहीं रहा है। तेज रफ्तार वाहनों के अनियंत्रित होने से लोगों की जान जा रही है। ताजा मामला मैहर जिले का है जहां एक सड़क हादसे में चार लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई है। सभी मृतक एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। सड़क हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और कार में फंसे शवों को किसी तरह बाहर निकाला। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। दरअसल मैहर के NH 30 घुंसडू नदी के पास तेज रफ़्तार बलेनो कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। डिवाइडर से टकरा कर कार सड़क के नीचे गिर गई। हादसे में कार सवार चार लोगों की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की सूचना पर मैहर पुलिस मौके पर पहुंची और मृतकों को कार का शीशा तोड़ बाहर निकाला गया। घटना सुबह 3 बजे के आसपास की है। कार सवार सभी लोग कटनी में परिवार की शादी से मैहर आ रहे थे, सभी मृतक देवेन्द्रनगर सेमरी गांव के निवासी है। कटनी में शादी के बाद सभी लोग रात एक बजे निकले थे। मृतकों में 1- सुखविधान सिंह 2- दामोदर सिंह 3- शिवराज सिंह 4- अरविंद सिंह सिमरी शामिल है। मैहर में भीषण सड़क हादसा, काल बनकर आई रफ्तार इसी वर्ष सितंबर में भी इसी तरह का यात्रियों से भरी तेज रफ्तार बस हाईवा से टकरा गई थी। हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 23 से ज्यादा यात्री घायल हो गए थे। तेज रफ्तार बस एक हाईवा से टकरा गई। शव रेस्क्यू ऑपरेशन कर बाहर निकाला बस के अंदर फंसे मृतकों का शव रेस्क्यू ऑपरेशन कर बाहर निकाला था। घायलों और मृतकों में ज्यादातर लोग उत्तर प्रदेश के बताए जा रहे हैं। बता दें बस प्रयागराज से नागपुर जा रही थी।

कलेक्टर ने अधिकारियों को दिये सख्त निर्देश, राजस्थान-जयपुर में पुनर्वास कर बनेगा भिक्षावृत्ति मुक्त

जयपुर। जयपुर जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने जिले को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने के लिए विभागीय अधिकारियों को आपसी सहयोग एवं समन्वय से हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिये हैं।  उन्होंने भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों का प्रभावी पुनर्वास सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया ताकि ऐसे व्यक्ति भिक्षावृत्ति को छोड़कर अपने कौशल और मेहनत के दम पर सम्मानजनक जीवन शुरू करें। जिला कलेक्टर ने सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों के पुनर्वास को लेकर बैठक ली। जयपुर में आगामी 9 दिसंबर से 11 दिसंबर तक राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इंवेस्टमेंट समिट का आयोजन होगा। इस विश्व स्तरीय आयोजन में जयपुर की गौरवशाली परंपरा एवं छवि धूमिल न हो, इसके लिए भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों का जल्द से जल्द पुनर्वास सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में पुलिस एवं यातायात पुलिस के अधिकारियों को भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों की सूचना जिला प्रशासन एवं मानव सेवा संस्थान जयपुर द्वारा संचालित हेल्पलाइन नम्बर 9929902320 को देकर रेस्क्यू में सहयोग प्रदान करने साथ ही आपराधिक गतिविधियों में लिप्त भिखारियों  के विरूद्ध निरोधात्मक एवं कठोर कानूनी कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया। जिला कलेक्टर ने  नगर निगम के अधिकारियों को चिन्हित पुनर्वास गृहों की साफ-सफाई, शौचालयों की मरम्मत, पुनर्वास गृहों में भिखारियों के लिए आधारभूत सेवाओं की व्यवस्था करने, चिन्हित पुनर्वास गृहों को श्नी अन्नपूर्णा रसोई योजना से लिंक करते हुए योजना के माध्यम से भिखारियों के लिए पर्याप्त मात्रा में भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के साथ-साथ मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना में पंजीकृत कर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों का नि:शुल्क उपचार, टी.बी., एच.आई.वी एवं अन्य जांच कर उपचार करने, चिन्हित पुनर्वास गृहों में चिकित्सा एवं जांच सुविधा उपलब्ध करने प्रत्येक पुनर्वास गृह को निकटतम राजकीय चिकित्सालय से जोड़ते हुए भिखारियों की जांच एवं उपचार व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। बैठक में जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारियों को भिक्षावृति में लिप्त बच्चों सूची बनाकर शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराने, विभाग द्वारा संचालित बाल गृहों, निराश्रित गृहों में प्रवेश दिलाकर शिक्षा के अधिकार के तहत शिक्षा से जोड़ने के लिए स्थानीय वि़द्यालयों में प्रवेश दिलाने, बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश कर विभागीय गृहों में प्रवेश दिलवाने के  निर्देश दिये गए। जिला कलेक्टर ने  सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को पुलिस एवं स्वयं सेवी संस्थाओं एवं अन्य विभागों से समन्वय एवं सामंजस्य स्थापित करने, स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से भिक्षावृति में लिप्त व्यक्तियों को सर्वे उपरान्त चिन्हित कर पात्रता अनुसार बाल गृह, महिला गृह, मानसिक विमंदित गृह, वृद्धाश्रम अथवा पुनर्वास गृह आदि में प्रवेश दिलाकर देखभाल करवाने, स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से भिक्षावृति में लिप्त चिन्हित व्यक्तियों के आधार कार्ड/जनाधार कार्ड आदि तैयार कर प्राथमिकता से सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के लिए  निर्देश दिये गए। जिला कलक्टर ने राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम के अधिकारियों को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा चिन्हित भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों की सूची के अनुसार 25 व्यक्तियों का एक बैच बनाकर आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने, प्रशिक्षित व्यक्तियों को विभागों द्वारा संचालित एवं बैंकों द्वारा उपलब्ध ऋण अथवा अनुदान एवं अन्य योजनाओं से जोडकर नियोजित करने के साथ-साथ फॉलो अप कार्यक्रम के द्वारा उनके पुनर्वास को सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गए। बैठक में मानव सेवा संस्थान, मेरी पहल संस्था, सक्षम सामाजिक उत्थान एवं विकास संस्थान, सुजस सांस्कृतिक सेवा संस्थान के पदाधिकारियों को चयनित आश्रय स्थल पर विभागीय निर्देशों के अनुसार आवश्यक व्यवस्था तथा परामर्शी सेवाएँ सुनिश्चित कराने के लिए निर्देशित किया गया। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री मुकेश मूंड सहित नगर निगम, जयपुर विकास प्राधिकरण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति के पदाधिकारियों सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं मानव सेवा संस्थान, मेरी पहल संस्था, सक्षम सामाजिक उत्थान एवं विकास संस्थान, सुजस सांस्कृतिक सेवा संस्थान के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

मंदिर की 100 करोड की सरकारी जमीन कराई मुक्त, ग्वालियर में अवैध अतिक्रमण पर चला बुलडोजर

ग्वालियर ग्वालियर शहर के मध्य स्थित तारागंज कोटा लश्कर में श्री रामजानकी मंदिर ट्रस्ट की लगभग पौने नौ बीघा सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। इस जमीन की कीमत करीब 100 करोड़ रुपये बताई जा रही है। जमीन पर बनी बाउंड्रीवॉल और अन्य अतिक्रमण को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। 18 नवंबर को कलेक्टर रुचिका चौहान ने इस जमीन का निरीक्षण किया था। उन्होंने ट्रस्ट की जमीन पर पाई गई बाउंड्रीवॉल के मामले में प्रकरण दर्ज कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। एसडीएम लश्कर, नरेंद्र बाबू यादव के नेतृत्व में श्री रामजानकी मंदिर ट्रस्ट की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। उन्होंने बताया कि इस जमीन पर मनोहरलाल भल्ला ने अवैध रूप से बाउंड्रीवॉल बना ली थी और प्लॉट बेचने की तैयारी कर रहा था। जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई कर न केवल इस बेशकीमती सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया, बल्कि लोगों को प्लॉट की जालसाजी में फंसने से भी बचा लिया। भू-माफियाओं ने मंदिर की इस जमीन पर बाउंड्री वॉल खड़ी कर दी थी. इसी के साथ बड़े गेट लगाकर अपने कब्जे में ले लिया था. प्रशासन को जानकारी मिली थी कि माफिया इस जमीन पर प्लॉट काटकर बेचने की तैयार कर रहे हैं. जानकारी मिलते ही प्रशासन ने मामले की जांच की. इसके बाद ग्वालियर कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए. इसको लेकर एसडीएम नरेंद्र यादव के नेतृत्व में नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर से बाउंड्री वॉल और गेट को ध्वस्त कर दिया. जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए पूरी भूमि को माफिया के कब्जे से मुक्त कराया. आरोप है कि भू-माफिया ने यहां कॉलोनी बसाने की तैयारी कर रखी थी. इस कार्रवाई के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम मौजूद थी. कार्रवाई के दौरान जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के साथ ही भू-माफिया के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है. प्रशासन ने इस भूमि को फिर से मंदिर ट्रस्ट को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. पूरे मामले को लेकर क्या बोले एडीएम? एसडीएम नरेंद्र यादव ने कहा कि ‘तारागंज में राम जानकी मंदिर की 9 बीघा जमीन पर भू-माफियाओं ने कब्जा कर लिया था. यहां कॉलोनी काटने की योजना बनाई जा रही थी. कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई कर अतिक्रमण हटाया गया है.’ प्रशासन द्वारा मुक्त कराई गई यह जमीन 100 करोड़ रुपये की बताई जा रही है. जिला प्रशासन का यह भू-माफियाओं के खिलाफ बड़ा एक्शन है. सरकारी संपत्तियों पर कब्जे को लेकर प्रशासन सख्त नजर आ रहा है.

महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं, एकनाथ शिंदे ने दिया इस्तीफा

मुंबई महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। खबर है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और दोनों उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार राजभवन पहुंच रहे हैं। सीएम शिंदे ने पद से इस्तीफा दे दिया हैं। इसी बीच शिंदे की एक पोस्ट ने भी चर्चाएं बढ़ा दी हैं। दरअसल, शिंदे ने अपने समर्थकों से आवास के बाहर जश्न नहीं मनाने की अपील की है। कहा जा रहा है कि महायुति की जीत के बाद सीएम पद की रेस में सबसे आगे फडणवीस चल रहे हैं। इधर, शिवसेना भी शिंदे का नाम आगे बढ़ा रही है। शिंदे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘महायुति गठबंधन की बड़ी जीत के बाद राज्य में एक बार फिर हमारी सरकार बनेगी। हमने एक महागठबंधन के रूप में मिलकर चुनाव लड़ा और हम आज भी साथ हैं।’ उन्होंने अपने समर्थकों से ‘वर्षा’ के बाहर या उनके समर्थन में किसी अन्य स्थान पर इकट्ठा नहीं होने की अपील की। शिंदे ने कहा, ‘मेरे प्रति प्रेम के कारण कुछ लोगों ने सभी से मुंबई आने और एकत्र होने की अपील की है। मैं आपके प्यार के लिए बहुत आभारी हूं लेकिन मैं अपील करता हूं कि कोई भी मेरे समर्थन में इस तरह से एकत्र नहीं हो।’ नहीं बनी सहमति 23 नवंबर शनिवार को नतीजों के ऐलान के बाद महायुति ने 288 में से 230 सीटें जीतकर सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया था। तब 132 सीटें जीतकर भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ा दल बनकर उभरी थी। वहीं, शिवसेना को 57 और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी या NCP ने 41 सीटें अपने नाम की थीं। फडणवीस दिल्ली पहुंचे फडणवीस अपनी पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक के लिए सोमवार देर रात राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे। फडणवीस यहां एक होटल में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की बेटी अंजलि के विवाह से संबंधित प्रीति भोज में शामिल हुए। फडणवीस के साथ महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर भी मौजूद थे। महाराष्ट्र में अगली सरकार के गठन की रूपरेखा पर चर्चा के लिए फडणवीस गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात कर सकते हैं।

हिंदू एकता यात्रा के दौरान धीरेंद्र शास्‍त्री पर हमला, मोबाइल फेंक कर मारा, गाल पर लगी चोट

झांसी एक दिन पहले मध्य प्रदेश से झांसी पहुंची सनातन हिंदू एकता पदयात्रा मंगलवार को आगे बढ़ी. बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री पर यात्रा के दौरान ही किसी ने मोबाइल फेंक दिया. इस पर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हिंदू सड़क पर हैं, लेकिन किसी पर पत्थर नहीं फेंक रहे हैं. ऐसी हिंदू यात्राएं देश को गृह युद्ध में जाने से रोकेंगी. बाबा बागेश्वर पर झांसी में फेंका गया मोबाइल बागेश्वर धाम से शुरू हुई यात्रा: पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 160 किलोमीटर लंबी ‘सनातन हिंदू एकता’ पदयात्रा निकाल रहे हैं. 21 नवंबर को यह पदयात्रा बागेश्वर धाम से शुरू हुई थी, जो 29 नवंबर को मध्य प्रदेश के ओरछा धाम पहुंचेगी. यहां पर यात्रा का समापन हो जाएगा. झांसी में सोमवार को हिंदू एकता यात्रा में अभिनेता संजय दत्त और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की जुगलबंदी देखने को मिली थी. यात्रा में अभिनेता संजय दत्त शामिल हुए थे. यहां संजय दत्त और पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हाथ में हाथ मिलाए, कंधे पर हाथ रखकर साथ-साथ चलते दिखाई दिए. झांसी में संजय दत्त के साथ धीरेंद्र शास्त्री. संजय दत्त भी हुए थे शामिल: संजय दत्त ने कहा था कि बाबा मेरे गुरु और छोटे भाई हैं. मैं उनके साथ हमेशा हूं. वो जहां ले चलेंगे मैं उनके साथ जाऊंगा. यहां तक कि ऊपर भी साथ जाऊंगा. इससे पहले बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने संभल जामा मस्जिद सर्वे को लेकर कहा कि जो सच है, वो सामने आना चाहिए. ऐसे उपद्रवियों को रोकने के लिए ऐसी यात्राएं होती हैं. झांसी में यात्रा में शामिल हुए खली. शास्त्री बोले- हिंदू सड़क पर, लेकिन पत्थर नहीं फेंक रहे: धीरेंद्र शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पदयात्रा का यूपी में आज दूसरा दिन है. सनातन हिंदू एकता’ पदयात्रा मंगलवार को 17km चलेगी. सुबह 9 बजे धीरेंद्र शास्त्री ने एक बार फिर अपने लाखों अनुयाइयों के साथ यात्रा शुरू की. यात्रा की शुरुआत राष्ट्र ध्वज फैरा कर राष्ट्रगान के साथ हुई. यात्रा के दौरान झांसी में किसी ने फूलों के साथ मोबाइल फेंककर हमला किया. फेंके मोबाइल को हाथ में लेकर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जिसने भी फूलों के साथ इसे मुझ पर फेंका है, वह मोबाइल अब मेरे हाथ में है. हिंदू सड़क पर हैं, लेकिन किसी पर पत्थर नहीं फेंक रहे हैं. ऐसी हिंदू यात्राएं देश को गृह युद्ध में जाने से रोकेंगी. कहा कि कई राज्यों में तो आगामी समय में गृहयुद्ध से काफी नुकसान होने वाला है. 100 करोड़ हिंदुओं की यात्रा: इस यात्रा से अगर किसी को दर्द हो रहा है तो होने दो. उनकी यात्रा देश के 100 करोड़ हिंदुओं की यात्रा है. जिसमें वह अपने हिन्दू भाइयों को संस्कृति से जोड़ने और सनातन धर्म के साथ चलने का आग्रह करने के लिए सड़क पर निकले हैं. ऐसी यात्राएं नहीं होंगी तो देश में हालत और बिगड़ते जाएंगे और हमारी संस्कृति पर हमला होता रहेगा. बुलडोजर से बरसाए गए फूल: शाम तक यह पद यात्रा झांसी के घुघसी गांव में पहुंचेगी. यहीं वह रात्रि विश्राम रहेगा. सोमवार को बागेश्वर धाम धीरेंद्र शास्त्री द्वारा निकाली जा रही सनातन हिंदू एकता पद यात्रा में लाखों लोग शामिल हुए थे. बुलडोजर पर सवार होकर लोगों ने फूल बरसाए थे. यात्रा में फिल्म अभिनेता संजय दत्त, द ग्रेट खली ने शामिल होकर हिंदू राष्ट्र बनाने का समर्थन किया था.

इंटरनेशनल एमी अवार्ड्स 2024 : ‘द नाइट मैनेजर’ चूकी

न्यूयॉर्क इंटरनेशनल एमी अवार्ड्स 2024 की घोषणा हो गई है। सोमवार रात न्यूयॉर्क में आयोजित इस अवॉर्ड सेरेमनी में भारत की ओर से नॉमिनेटेड एकमात्र वेब सीरीज ‘द नाइट मैनेजर’ कोई सम्‍मान नहीं मिला है। आदित्‍य रॉय कपूर और अनिल कपूर की इस सीरीज को बेस्ट ड्रामा सीरीज कैटेगरी में नॉमिनेशन मिला था। इस कैटेगरी में फ्रेंच-अमेरिकन-जैपनीज सीरीज ‘लेस गौटेस डे डियू’ को पुरस्‍कार मिला है। टीवी सीरीज Les Gouttes de Dieu का हिंदी अनुवाद ईश्‍वर की बूंद है, इसे रॉटन टोमाटोज पर 100% रेटिंग मिली है और यह Apple TV+ पर रिलीज हुई थी। ‘डिज्‍नी प्‍लस हॉटस्‍टार’ पर रिलीज ‘द नाइट मैनेजर’ इसी नाम की सुपरहिट हॉलीवुड सीरीज का रीमेक है, जिसमें टॉम हिडलेस्टन लीड रोल में थे। वीर दास ने होस्‍ट किया इंटरनेशनल एमी अवॉर्ड्स 2024 52वें इंटरनेशनल एमी अवार्ड्स 2024 की शाम को भारतीय एक्‍टर और कॉमेडियन वीर दास ने होस्‍ट किया। वह इस तरह के कार्यक्रम की मेजबानी करने वाले पहले भारतीय हैं। इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ टेलीविजन आर्ट्स एंड साइंसेज (IATAS) की ओर से दिए जाने वाले इस अवॉर्ड में साल 2023 में रिलीज और अमेरिका के बाहर बने वेब सीरीज और टीवी शोज को अवॉर्ड दिया गया।   अवॉर्ड कैटेगरी विनर का नाम Best Performance by an Actress Award Aokbab-Chutimon Chuengcharoensukying (Hunger) Best Performance by an Actor Timothy Spall (The Sixth Commandment) Best Drama Series Les Gouttes de Dieu [Drops of God] Non-Scripted Entertainment Restaurant Misverstand Season 2 Best Sports Documentary Brawn: The Impossible Formula 1 Story Best Short-Form Series Punt de no retorn (Point of no return) Best Kids: Live-Action En af Drengene (One of the Boys) Best Kids: Factual & Entertainment La Vida Secreta de tu Mente (The secret life of your mind) Best Kids: Animation Tabby McTat Best TV Movie/Mini-Series Liebes Kind (Dear Child) Best Comedy División Palermo Telenovela La Promesa (The Vow) Best Documentary Otto Baxter: Not A F***ing Horror Story Arts Programming award Pianoforte  

उत्पन्ना एकादशी का व्रत रखकर इस प्रकार से करें पूजन, छूमंतर हो जाएगें रोग

प्राचीन काल में ऋषि-महर्षियों को शरीर को निरोगी रखने का रहस्य पता था, इसलिए उन्होंने कुछ ऐसे विधान बनाए, जिनका पालन अगर मनुष्य श्रद्धा-विश्वास के साथ बिना तर्क, वितर्क, कुतर्क किए करे, तो ऐसे में उसे लाभ ही लाभ मिलना है। इन विधानों का पालन करने से कभी भी कोई नुकसान नहीं होता है। आज जानेंगे, उत्पन्ना एकादशी के महत्व के बारे में जो शरीर को रोगों से लड़ने की अद्भुत शक्ति उत्पन्न करती है। आज के समय में जीवन शैली के परिवर्तन से डाइबिटीज़, कैंसर जैसी बीमारियों का बोलबाला है, जिसके कारण दवाओं पर अत्यधिक व्यय होता है, परन्तु अगर हम प्राचीन नियम, विधि-विधानों का पालन करें, एकादशी आदि का व्रत हर पक्ष में रखें, तो उसका चमत्मकारिक परिणाम देखने को मिलता है। वैज्ञानिकों के शोध के अनुसार जब हम हर पंद्रह दिन में व्रत रखते हैं और उस दौरान कुछ नहीं खाते हैं, तो ऐसे में शरीर के अन्दर स्थित कैंसर आदि सेल्स अपने आप ही मरने लग जाते हैं। गरिष्ठ भोजन का त्याग और एकादशी के दिन आवश्यक रूप से व्रत है वरदान – पद्म, स्कंद और विष्णु धर्मोत्तर पुराण का कहना है कि एकादशी व्रत में अन्न नहीं खाना चाहिए। आयुर्वेद के अनुसार समस्त बीमारियां वात, पित्त, कफ त्रिदोष असंतुलन के कारण होती हैं एकादशी के दिन उपवास त्रिदोषों के संतुलन में सहायक होता है। एकादशी व्रत रखने से शरीर स्वस्थ होता है, मन प्रसन्न होता है जिससे सकारात्मक चिंतन व्यक्ति को सफलता दिलाता है। पूजन विधि-विधान – उत्पन्ना एकादशी का व्रत, पूजन मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को किया जाता है। इस दिन भगवान श्रीहरि एवं भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है। एकादशी के दिन प्रातःकाल उठकर भगवान का पुष्प, जल, धूप, अक्षत से पूजन करना चाहिए। भगवान को केवल फलों का ही भोग लगाने का विधान है। व्रत रखने वालों को दशमी के दिन रात्रि में भोजन नहीं करना चाहिए। जीवन में शनि दुख और गुरू ज्ञान को दर्शाता है। इस वर्ष उत्पन्ना एकादशी के दिन शनि की स्वराशि तथा गुरु की वृष राशि की स्थिति में किया गया निःस्वार्थ दान-पुण्य, सेवा कार्य व्रतकर्ता का भाग्योदय सुनिश्चिित करेगा। कल्याण के लिए एकादशी के दिन विष्णु भगवान का पूजन, पितृ तर्पण, पीपल के वृक्ष में जल अर्पण अवश्य करें। उत्पन्ना एकादशी का व्रत विधि-विधानपूर्वक रखने से सर्व प्रकार के मनोरथ पूर्ण होते हैं। ऐसा माना जाता है कि स्वयं श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को उत्पन्ना एकादशी के महत्व, विधि-विधान एवं एकादशी माता के जन्म की कथा सुनाई थी।

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